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तारा एयरलाइन हादसा : विमान में सवार 22 यात्रियों में से 14 के शव बरामद…

 

काठमांडू (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नेपाल की सेना ने सोमवार को उस स्थान का पता लगा लिया है, जहां रविवार को एक नेपाली निजी एयरलाइंस का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। नेपाली सेना के अनुसार 14 लोगों के शव बरामद कर लिये गए हैं, हालांकि कुछ लोगों के शवों की पहचान अभी नहीं हो पा रही है। बता दें कि तारा एयर का 9 NAET जुड़वां इंजन वाला विमान, जिसमें चार भारतीयों सहित 22 लोग सवार थे, रविवार की सुबह पहाड़ी जिले में लापता होने के कुछ घंटे बाद मस्टैंग जिले के कोवांग गांव में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

शवों की नहीं हो रही पहचान

पुलिस निरीक्षक राज कुमार तमांग के नेतृत्व में एक टीम हवाई मार्ग से दुर्घटनास्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों के कुछ शवों की पहचान अभी नहीं हो पा रही है। फिलहाल, पुलिस अवशेष इकट्ठा कर रही है।

सोमवार सुबह फिर शुरू हुआ तलाशी अभियान

इससे पहले आज नेपाल की सेना ने बताया कि तारा एयर के विमान की तलाश के लिए बचाव प्रयास फिर से शुरू किया गया है। रविवार को मस्टैंग जिले में बर्फबारी के बाद दुर्घटनाग्रस्त विमान की तलाश में तैनात सभी हेलीकाप्टरों को बंद कर दिया गया था।

चार भारतीय भी थे विमान में सवार
स्थानीय लोगों द्वारा नेपाल सेना को दी गई जानकारी के अनुसार तारा एयर का विमान मनापति हिमाल के भूस्खलन के चलते लामचे नदी के मुहाने पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. 19 सीटर के इस विमान में 4 भारतीय, 3 विदेशी और 13 नेपाली नागरिक सवार थे। सूत्रों के अनुसार, सेना के अधिकारियों को दूर से धुआं उठते हुए दिखा, जिसके बाद विमान का सुराग लगा।

खराब मौसम के चलते रेस्क्यू करने में हुई परेशानी

सेना के प्रवक्ता नारायण सिलवाल ने बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा नेपाल सेना को दी गई जानकारी के अनुसार तारा एयर का विमान भूस्खलन के चलते लामचे नदी के मुहाने पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। नेपाल की सेना को खराब मौसम के चलते रेस्क्यू करने में मुश्किल हो रही थी।

रविवार सुबह विमान ने भरी थी उड़ान

नेपाल में तारा एयर के एक विमान ने रविवार सुबह उड़ान भरी थी। एयरपोर्ट के अधिकारियों के मुताबिक, तारा एयर के डबल इंजन विमान ने सुबह पोखरा से जोमसोम के लिए उड़ान भरी थी। आखिरी बार विमान से सुबह 9 बजकर 55 मिनट पर संपर्क हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि विमान केवल 15 मिनट की उड़ान के लिए गया था और इसमें 22 यात्री सवार थे। विमान के 5 घंटे के बाद भी कोई सुराग न मिलने पर क्रैश होने की आशंका जताई गई थी।

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विमान का एयरपोर्ट से टूटा संपर्क, फ्लाइट में 4 भारतीय समेत 22 यात्री है सवार, अनहोनी की आशंका

 

नई दिल्ली (छ.ग. दर्पण)। नेपाल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है।  यहां एक बड़े विमान हादसे की आशंका जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नेपाल के तारा एयर का एयरपोर्ट से संपर्क टूट गया है। बताया जा रहा है कि इस फ्लाइट में  चालक दल सहित कुल 22 यात्री सवार हैं। इनमे से 4 भारतीय नागरिक  है।  ये फ्लाइट पोखरा से जॉमसम जा रही थी।

नेपाली मीडिया के मुताबिक इस विमान ने आज सुबह 9 बजकर 55 मिनट पर  पोखरा से उड़ान भरी थी।  इसे 10 बजकर 20 मिनट पर लैंड करना था। लेकिन 11 बजे के बाद से अब तक इस विमान से संपर्क नहीं हो पाया है। बताया जा रहा है कि ये ट्विन इंजन एयरक्राफ्ट है।  फ़िलहाल विमान से संपर्क साधने की पूरी कोशिश की जा रही है।  लेकिन विमान का कहीं पता नहीं चल सका है।  

 

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लापता विमान में 4 भारतीय और 3 जापानी नागरिक है।  वहीं बाकी लोग नेपाल के ही बताए जा रहे हैं।

 

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हिंदी साहित्य को केंद्र में लाने के लिए सतत प्रयासों की आवश्यकता: गीतांजलि श्री

 लंदन (छ.ग. दर्पण)।  किसी हिंदी उपन्यास के लिए अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय लेखिका गीतांजलि श्री के लिए इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को पाने से पहले का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। श्री के मूल उपन्यास का नाम ‘रेत समाधि’ है और इसका अंग्रेजी संस्करण है ‘टॉम्ब ऑफ सैंड’। इसका अनुवाद डेजी रॉकवेल ने किया है। पुरस्कार की घोषणा होने के बाद से श्री और रॉकवेल को दुनिया भर से बधाई संदेश मिल रहे हैं और दोनों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। इस पुरस्कार के बाद से हिंदी साहित्य भी चर्चा के केंद्र में बना हुआ है, लेकिन लेखिका का मानना है कि इस लय को बनाए रखने के लिए कुछ गंभीर प्रयासों की आवश्यकता होगी।

श्री ने कहा, इसके (पुरस्कार की घोषणा के) तत्काल बाद से हिंदी साहित्य की लोकप्रियता बढ़ाने में निश्चित ही मदद मिली है। इसमें रुचि और उत्सुकता पैदा हुई है। उन्होंने कहा, बहरहाल, हिंदी को केंद्र में लाने के लिए अधिक गंभीरता से सतत एवं संगठित प्रयास करने की आवश्यकता है। इसमें प्रकाशकों को, खासकर इस प्रकार के साहित्य का अच्छा अनुवाद मुहैया कराने में अहम भूमिका निभानी होगी। मैं इस बात पर जोर देना चाहती हूं कि यह बात केवल हिंदी ही नहीं, बल्कि सभी दक्षिण एशियाई भाषाओं पर लागू होती है। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें इस बात का डर है कि भारत में अंग्रेजी किसी तरह से हिंदी पर हावी हो सकती है, लेखिका ने कहा कि किसी एक का चुनाव करने का सवाल नहीं होना चाहिए, क्योंकि भाषाओं में एक दूसरे को समृद्ध बनाने की क्षमता है।

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महामारी के दौरान भारत, अमेरिका ने एक दूसरे का सहयोग किया : संधू

वाशिंगटन (छ.ग. दर्पण)।  अमेरिका में भारत के शीर्ष राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत और अमेरिका ने एक दूसरे का सहयोग करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इंडियानापोलिस में ‘इंडियाना इकोनॉमिक समिट’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान के कारण एक जबरदस्त चुनौती रही है और अमेरिका की तरह, भारत भी इससे प्रभावित हुआ है।

संधू ने इस सप्ताह कहा, हालांकि सही नीतियों और अपनी क्षमताओं के पुनर्निर्माण पर पूरा ध्यान देने के कारण वे महामारी से भी मजबूती से उभरने में सफल रहे हैं। भारतीय राजदूत ने कहा, इस अवधि के दौरान भारत और अमेरिका ने एक दूसरे का सहयोग करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संधू ने कहा कि यह सहयोग विशेष रूप से स्वास्थ्य आपूर्ति श्रृंखलाओं में था, जहां भारत ने 2020 में अमेरिका को जरूरी दवाओं और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों की आपूर्ति की थी।

उन्होंने कहा, हमने फिलाडेल्फिया को लगभग 20 लाख मास्क की आपूर्ति की। अमेरिका ने 2021 में भारत में संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान टीकों ,औषधि तत्वों के साथ सहायता की। भारत ने दिखाया कि वह कठिन परिस्थितियों में भी अमेरिका के लिए एक विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला भागीदार बना रहा।

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स्वतंत्र और समावेशी हिंद-प्रशांत क्वाड का साझा लक्ष्य : प्रधानमंत्री मोदी

 टोक्यो/नई दिल्ली (छ.ग. दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोक्यो में क्वाड शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन ने कम समय में दुनिया में अहम जगह बना ली है। आज क्वाड का दायरा व्यापक हो गया है, इसका रूप प्रभावी है। क्वाड के माध्यम से और हमारे आपसी सहयोग से, एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी एशिया-प्रशांत क्षेत्र को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह हम सभी का साझा लक्ष्य है।

क्वाड नेताओं की इस शिखर बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन व जापान के पीएम फुमिओ किशिदा ने रूस का मुद्दा उठाया। क्वाड नेताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारा आपसी विश्वास और हमारा संकल्प लोकतांत्रिक शक्तियों को नई ऊर्जा और उत्साह दे रहा है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि कोविड महामारी के कारण उत्पन्न प्रतिकूल स्थितियों के बावजूद हमने वैक्सीन वितरण, आपूर्ति श्रृंखला का लचीला बनाने, जलवायु और आपदा प्रबंधन, आर्थिक सहयोग तथा अन्य क्षेत्रों के लिए अपना समन्वय बढ़ाया है। इसने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति, समृद्धि और स्थिरता सुनिश्चित की है।

ऑस्ट्रेलिया के नवनिर्वाचित पीएम को बधाई दी

प्रधानमंत्री ने संबोधन की शुरुआत में सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मोदी ने कहा कि पीएम पद की शपथ लेने के 24 घंटे बाद ही हमारे बीच आपकी उपस्थिति क्वाड दोस्ती की ताकत और इसके प्रति आपकी वचनबद्धता को प्रकट करती है।

टोक्यो क्वाड बैठक में पीएम मोदी के अलावा संगठन के सदस्य देशों के चारों शीर्ष नेता-अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, ऑस्ट्रेलिया के एंथनी अल्बनीस, जापान के फुमिओ किशिदा भाग ले रहे हैं।

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अल्बानीस बने ऑस्ट्रेलिया के नए प्रधानमंत्री

नई दिल्ली/सिडनी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। लेबर पार्टी के नेता एंथनी अल्बानीस ऑस्ट्रेलिया के नए प्रधानमंत्री चुने गए हैं। अल्बानीस ने उन्हें देश का 31वां प्रधानमंत्री बनाने के लिए मतदाताओं का कैंपरडाउन उपनगर में आभार व्यक्त किया और सिडनी में अपनी परवरिश का उल्लेख किया।

अल्बानीस ने अपने समर्थकों से कहा, ‘‘यह हमारे महान देश के बारे में बहुत कुछ कहता है कि एक पेंशनभोगी अकेली मां का बेटा जो कैंपरडाउन में सार्वजनिक आवास में पला-बढ़ा, वह आज रात ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के रूप में आपके सामने खड़ा हो सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हर माता-पिता अगली पीढ़ी के लिए ज्यादा चाहते हैं। मेरी मां ने मेरे लिए एक बेहतर जिंदगी का सपना देखा था और मुझे उम्मीद है कि मेरी यात्रा ऑस्ट्रेलियाई लोगों को सितारों की बुलंदियों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेगी।’’ हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि अल्बानीस की पार्टी बहुमत की सरकार बना सकती है या उसे निर्दलीय अथवा अन्य छोटे दलों के निर्वाचित सांसदों का समर्थन चाहिए होगा।
 
डाक मतपत्रों की गिनती अभी चल रही है,जिससे कई दिनों तक मतगणना चलने की संभावना है और इसे देखते हुए अल्बानीस संभवतः रविवार को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं,ताकि वह तोक्यो में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, जापान के प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंगलवार के क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग ले सकें। विश्लेषकों का मानना है कि मॉरिसन और उनकी टीम की जलवायु, कोविड-19 सहित अपने तीन साल के कार्यकाल में महिलाओं के अधिकार, राजनीतिक अखंडता और प्राकृतिक आपदाएं जैसे कई मुद्दों से निपटने में नाकामी चुनाव में हार का कारण बनी।
 
 
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फ्रांस के राष्‍ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने एलिसाबेथ बोर्न को प्रधानमंत्री नामित किया

 फ्रांस (छत्तीसगढ़ दर्पण)। फ्रांस के राष्‍ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने एलिसाबेथ बोर्न को देश का नया प्रधानमंत्री नामित किया है। 61 वर्षीय बोर्न परिवहन, पारिस्‍थि‍तिकी और श्रम मंत्री रह चुकी हैं। एडिथ क्रिशन के बाद इस पद को संभालने वाली वे दूसरी महिला हैं। वे ज्‍यां कास्‍टेक्‍स का स्‍थान लेंगी जिन्‍होंने जुलाई 2020 से फ्रांस के केबिनेट का नेतृत्‍व किया और कल  इस्‍तीफा दे दिया। सुश्री बोर्न सोशलिस्‍ट पार्टी की लंबे समय तक सदस्‍य रही हैं और 2017 राष्‍ट्रपति पद के लिए मैक्रों का समर्थन किया था। बाद में वे लॉ रिपब्‍लिक इन मार्शे पार्टी में शामिल हो गयी थीं।
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श्रीलंका संकट: इस हफ्ते नए PM और कैबिनेट का ऐलान

 कोलंबो (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पड़ोसी देश श्रीलंका आर्थिक संकट के साथ-साथ राजनीतिक संकट से भी गुजर रहा है। आजादी के बाद से अब तक के सबसे बुरे हालातों का सामना कर रहा श्रीलंका पूरी तरह से चरमरा गया है। सरकार के खिलाफ जहां एक तरफ वहां की जनता सड़क पर हिंसक प्रदर्शन कर रही है तो दूसरी तरफ उपद्रवी जमकर ताडंव मचा रहे हैं। ऐसे हालातों के बीच श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने कहा है कि वे इस हफ्ते एक नए प्रधानमंत्री और कैबिनेट को नियुक्त करेंगे।

श्रीलंका की न्यूज एजेंसी न्यूजवायर के मुताबिक राष्ट्रपति ने यह भी कहा है कि देश के स्थिर होने पर वह कार्यकारी राष्ट्रपति के पद को समाप्त करने के लिए तैयार हैं। श्रीलंका के राष्ट्रपति ने बुधवार को घोषणा करते हुए कहा कि वह नई सरकार के गठन के संबंध में विपक्ष के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करने के बाद कार्यकारी राष्ट्रपति पद को समाप्त करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह 19वें संशोधन को वापस लाकर संसद को सशक्त करेंगे।

उनका यह बयान यूएनपी नेता रानिल विक्रमसिंघे और राष्ट्रपति राजपक्षे के बीच हुई बैठक के बाद आया है। श्रीलंका के समागी जन बालवेगया (एसजेबी) के संसदीय समूह ने पिछले महीने 20वें संशोधन को रद्द करने और कार्यकारी राष्ट्रपति पद की शक्तियों को हटाने के लिए एक निजी सदस्य विधेयक पेश किया था। श्रीलंकाई सांसद हर्षना राजकरुणा ने कहा था कि राष्ट्रपति की शक्तियों को खत्म करने के लिए एक संवैधानिक संशोधन लाया जाएगा। देश के सेंट्रल बैंक के गवर्नर नंदलाल वीरसिंघे ने बुधवार को चेतावनी दी कि अगर राजनीतिक स्थिरता हासिल नहीं हुई तो श्रीलंका की आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी क्योंकि वहां बड़े पैमाने पर हिंसा जारी है। राजधानी कोलंबो में एक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए वीरसिंघे ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और अन्य राजनीतिक नेताओं को बता दिया है कि अगर आने वाले हफ्तों में मौजूदा राजनीतिक संकट का समाधान नहीं हुआ तो वह पद से हट जाएंगे।

केंद्रीय बैंक के प्रमुख ने कहा कि ऐसे देश में अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करना चुनौतीपूर्ण है, जहां कानून और व्यवस्था बनाए नहीं रखी गई। इधर, देश में हिंसा भड़कने के बाद श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। सोमवार को सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के साथ सरकार समर्थक समूहों की झड़प के बाद देश में कई हिंसक घटनाएं हुई हैं, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक लोग घायल हो गए।


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