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पारंपरिक खेलों के आयोजन से भावी पीढ़ी को पारंपरिक खेलों को मिल रही जानकारी : बेनहूर रावतिया

 बीजापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नगरपालिका बीजापुर क्षेत्र में छत्तीसगढिया ओलंपिक में खिलाडिय़ों को उत्साहवर्धन करते हुए नगरपालिका के अध्यक्ष बेनहूर रावतिया ने छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक के आयोजन पर मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि अपनी परंपरा व संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से अभिनव पहल की जा रही है। जिसमें लोगों में उत्साह का माहौल है। वहीं भावी पीढ़ी को हम अपने परंपरागत खेलो से अवगत करा सकेंगे। छत्तीसगढ़ की विभिन्न परंपरागत खेलो के आयोजन से लोगों में उत्साह का संचार हो रहा है। महिलाएं भी सभी खेलों में अपना दम-खम दिखा रही है।

छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से आयोजित छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक का आयोजन ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में देखा जा रहा है। जिसमें लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। आज कोकड़ापारा स्टैडियम में अध्यक्ष बेनहूर रावतिया ने खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन किया। 11 अक्टूबर तक राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर आयोजित होगी। उसके बाद जोन स्तरीय आयोजन जिसमें 8 क्लब मिलाकर एक जोन होगा। जोन स्तरीय आयोजन के पश्चात विकासखंड, विकासखंड के बाद जिला स्तर, जिला स्तर के बाद संभाग व राज्य स्तरीय खेल का आयोजन होगा। जिसमें कुल 14 पारंपरिक खेलों का आयोजन किया जाएगा जिसमें एकल व दलीय खेल शामिल है। जिसमें गिल्ली डण्डा ,पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी, जाटी (कंचा ), बिल्लस फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड, लम्बी कूद, इस प्रतियोगिता में महिला व पुरूष दोनों वर्ग के प्रतिभागी शामिल होंगे जिसके लिए तीन आयु समूह निर्धारित की गई है, जिसमें सभी वर्ग के लोग अपनी सहभागिता दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी क्लब स्तर पर खेल का आयोजन हो रहा है। जिसमें चेरपाल, पदेड़ा, दुगोली में महिलाओं द्वारा उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन की जा रही है।

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36वें नेशनल गेम : फाइनल में पहुंची छत्तीसगढ़ सॉफ्टबाल पुरूष टीम

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 36वें नेशनल गेम में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन जारी है। छत्तीसगढ़ की टीम अब तक हुए मुकाबले में 2 गोल्ड सहित 11 पदक जीत चुकी है। अपने उम्दा प्रदर्शन को जारी रखते हुए सोमवार को राज्य की सॉफ्टबॉल पुरुष टीम ने पिछले बार के विजेता महाराष्ट्र की टीम को 9-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया है। छत्तीसगढ़ की सॉफ्टबॉल पुरुष टीम अपने पूल के सभी टीमों को हराकर टॉप पर है। फाइनल मुकाबला कल खेला जाएगा।

आज सॉफ्टबॉल पुरुष टीम का पहला मैच चंडीगढ़ के साथ हुआ। प्रारंभ  में चंडीगढ़  ने मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन मानस केसरवानी एवं दीपक कंवर की जोरदार पिचिंग के आगे चंडीगढ़ के बैटर ने घुटने टेक दिए। छत्तीसगढ़ टीम की बैटिंग में सौरव यादव और वी मोहन राव ने बाउंड्री के बाहर तक हिट मारकर 2 होम रन बना लिए। आर्यन ताम्रकार और सोनू गुप्ता ने जोरदार बैटिंग की तथा छत्तीसगढ़ ने चंडीगढ़ को एक तरफा 8-0 से हराकर मैच अपने नाम कर लिया।

इसके बाद छत्तीसगढ़ सॉफ्टबॉल पुरुष टीम का मुकाबला पिछले बार के विजेता टीम महाराष्ट्र के साथ हुआ। छत्तीसगढ़ की टीम ने पहले इनिंग से जोरदार शुरुआत करते हुए महाराष्ट्र को 7-0 से पीछे कर दिया। छत्तीसगढ़ के आर्यन ताम्रकार ने होम रन बनाया जिसके कारण निखिल नायक, सोनू गुप्ता और आर्यन ताम्रकार ने मिलकर एक साथ 3 रन बना लिए। इसके बाद वी मोहनराव, मानस केसरवानी, किशन महानद, और सुनील राज ने एक-एक रन बनाया और पहली इनिंग में छत्तीसगढ़ 7-0 से आगे हो गई। दूसरी इनिंग में महाराष्ट्र ने जोरदार मुकाबला किया और छत्तीसगढ़ को रन बनाने का मौका नहीं दिया। दूसरी इनिंग में भी छत्तीसगढ़ 7-0 से आगे थी।  तीसरी इनिंग में फिर से आर्यन ताम्रकार ने होम रन मारा और वी मोहन राव ने दौड़कर एक रन बनाया। इस प्रकार तीसरी इनिंग में छत्तीसगढ़ 9-0 से आगे हो गई। चौथी इनिंग में फिर दोनों ही टीमें कोई रन नहीं बना सकी और मैच 9-0 पर खत्म हो गया। इस प्रकार छत्तीसगढ़ सॉफ्टबॉल पुरुष  टीम फाइनल में पहुंच गई है। फाइनल में छत्तीसगढ़ का मुकाबला, महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश के मैच में जो टीम जीतेगी उसके साथ कल खेला जाएगा।

 वहीं छत्तीसगढ़ की सॉफ्टबॉल महिला टीम का मुकाबला आज दिल्ली और पंजाब से हुआ। पहले मुकाबले में दिल्ली ने 5 इनिंग तक छत्तीसगढ़ को एक भी रन बनाने का मौका नहीं दिया, लेकिन छत्तीसगढ़ के टीम ने भी बेहतरीन फील्डिंग और पीचिंग का प्रदर्शन किया। बरखा यादव, अंजू तांडी, कविता सिन्हा, गंगा सोना और जानकी साहू ने असंभव से लगने वाले कैच पकड़े, जिसके कारण दिल्ली की टीम 5 इनिंग तक कोई भी रन नहीं बना सकी। इसके बाद ट्राई ब्रेकर राउंड खेल गया। छठे इनिंग में दिल्ली ने अपने तीन बेस लोड कर लिए, और मैच को रोमांचक स्थिति पर पहुंच गया। मैच में अंजू तांडी की जोरदार पिचिंग की वजह से दिल्ली की टीम एक बार फिर शून्य रन पर आउट हो गई। मैच जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा था और रोमांचक होता जा रहा था। इसके बाद दिल्ली ने भी छत्तीसगढ़ को शून्य पर आउट कर दिया। सातवीं  इनिंग में दिल्ली ने छत्तीसगढ़ के विरुद्ध 2 रन बना लिए। लेकिन छत्तीसगढ़ के बैटर सोनाली साव, बरखा यादव, कविता सिन्हा एवं जानकी साहू की जोरदार बैटिंग तथा अरुणा पुनेम, कविता सिन्हा और जानकी साहू के बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ के खाते में 3 रन जोड़ दिए। इस प्रकार 3-2 रन से छत्तीसगढ़ की टीम दिल्ली को हराकर पूल टॉपर बन गई।

इसके बाद छत्तीसगढ़ महिला सॉफ्टबॉल टीम का मैच पंजाब के साथ हुआ, लेकिन पंजाब से छत्तीसगढ़ की महिला सॉफ्टबॉल टीम 7-0 से पीछे रह गई। छत्तीसगढ़ की सॉफ्टबॉल महिला टीम पूल की टॉपर होने के कारण प्रतियोगिता में बनी हुई है। कल छत्तीसगढ़ महिला टीम का मैच एक बार फिर से केरल के साथ होगा। छत्तीसगढ़ और केरल के मैच में जो भी टीम जीतेगी वह फाइनल खेलेगी तथा हारने वाली टीम को कांस्य पदक मिलेगा।

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हर्षदा गरुड ने एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप में महिलाओं के 45 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारोत्तोलन में जूनियर विश्व चैंपियन हर्षदा गरुड ने बहरीन में मनामा में चल रही एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप में महिलाओं के 45 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता है। कल 18 वर्षीया हर्षदा ने स्नैच में 68 किलोग्राम और क्लीन एण्ड जर्क में 84 किलोग्राम सहित कुल 152 किलोग्राम वजन उठाया।

प्रतियोगिता में वियतनाम की खोंग मी फुंग ने स्वर्ण और इंडोनेशिया की एस.नफीसातुल हरिरो ने रजत पदक जीता। प्रतियोगिता 16 अक्तूबर तक चलेगी। 

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पंकज आडवाणी ने विश्व स्तर पर पच्चीसवां स्वर्ण पदक हासिल किया

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पंकज आडवाणी ने क्वालालम्पुर में आई.बी.एस.एफ. विश्व बिलियर्ड्स प्रतियोगिता का खिताब जीतकर विश्व स्तर पर पच्चीसवां स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने फाइनल में सौरभ कोठारी को चार-शून्य से मात देकर लगातार पांचवीं बार खिताब पर कब्ज़ा किया।

पिछले वर्ष पंकज आडवाणी ने क़तर में आई.बी.एस.एफ. 6 - रेड स्नूकर विश्वकप जीता था। पच्चीसवां खिताब हासिल करने के साथ ही आडवाणी सभी खेलों की विश्व चैम्पियनशिप में सर्वाधिक स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय हो गए हैं।

 

 

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नटराज ने पुरूषों की एक सौ मीटर फ्री स्टाइल तैराकी स्‍पर्धा में छठा स्‍वर्ण पदक हासिल किया

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गुजरात में 36वें राष्‍ट्रीय खेलों में ओलिम्पियन श्रीहरि नटराज ने पुरूषों की एक सौ मीटर फ्री स्टाइल तैराकी स्‍पर्धा जीतकर अपना छठां स्‍वर्ण पदक हासिल किया। राजकोट में सरदार पटेल एक्‍वेटिक्‍स परिसर में कर्नाटक के श्रीहरि नटराज ने 50 दशमलव चार-एक सेकेंड का समय निकालकर नया राष्‍ट्रीय खेल रिकॉर्ड बनाया। राष्‍ट्रीय खेलों में तैराकी फ्री-स्‍टाइल स्‍पर्धाओं में श्रीहरि का यह दूसरा स्‍वर्ण पदक है। उन्‍होंने बैकस्‍ट्रोक स्‍पर्धाओं में भी दो स्‍वर्ण और रिले स्‍पर्धाओं में भी दो स्‍वर्ण पदक जीते।

केरल के साजन प्रकाश एक सौ मीटर फ्री-स्‍टाइल में सातवें स्‍थान रहे। प्रकाश ने इस बार राष्‍ट्रीय खेलों में पांच स्‍वर्ण, दो रजत और एक कास्‍यं पदक जीता है। सेना के एस.पी. लिख‍ित ने एक सौ मीटर ब्रेस्‍टस्‍ट्रोक स्‍पर्धा में स्‍वर्ण पदक जीता।

अहमदाबाद में पुरूषों के सॉफ्ट टेनिस के फाइनल में गुजरात ने मध्‍य प्रदेश को दो-शून्‍य से हराकर स्‍वर्ण पदक जीता। गांधी नगर में दिल्‍ली के मोहित सहरावत ने जुडो में पुरूषों के 81 किलो भार वर्ग में स्‍वर्ण पदक जीता। मोहित ने दाहिना कंधा उतर जाने के बावजूद सेमीफाइनल और फाइनल में जीत दर्ज की। वाटर पोलो में सेना ने पुरूष वर्ग में स्‍वर्ण पदक जीता, जबकि महिला वर्ग का स्‍वर्ण पदक महाराष्ट्र के खाते में गया। तमिलनाडु की वैष्‍णवी ने कलात्‍मक योगाशन में स्‍वर्ण पदक जीता। महाराष्‍ट्र की छकुली बंसीलाल सेलोकर ने रजत और महाराष्‍ट्र की ही पूर्वा श्रीराम किनारे ने कांस्‍य पदक जीता।

राजकोट में पुरूषों की हॉकी प्रतियोगिता में कर्नाटक ने गुजरात को 11-2 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में कर्नाटक का मुकाबला हरियाणा से होगा। हरियाणा ने तमिलनाडु को तीन-शून्‍य से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। दूसरे सेमीफाइनल में उत्‍तर प्रदेश का मुकाबला महराष्‍ट्र से होगा। क्‍वार्टर फाइनल में उत्‍तर प्रदेश ने बंगाल को और महाराष्‍ट्र ने झारखंड को हराया।

पदक तालिका में 45 स्‍वर्ण सहित एक सौ चार पदक जीतकर सेना का दबदबा बना हुआ है। तीस स्‍वर्ण पदकों के साथ हरियाणा दूसरे स्‍थान पर है। महाराष्‍ट्र तीसरे स्‍थान पर है। उसने अब तक 28 स्‍वर्ण पदक जीते हैं। कर्नाटक चौथे और तमिलनाडु पांचवें स्‍थान पर है।

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36वें राष्ट्रीय खेल में छत्तीसगढ़ को मिला एक और पदक

महिला सॉफ्ट टेनिस की टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 36वें राष्ट्रीय खेल के दौरान छत्तीसगढ़ के हिस्से एक और पदक आया। शनिवार को सॉफ्ट टेनिस स्पर्धा के महिला वर्ग में छत्तीसगढ़ को कांस्य पदक मिला है। 36वें राष्ट्रीय खेल के दौरान सॉफ्ट टेनिस स्पर्धा में मिली इस सफलता पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल ने टीम को बधाई दी है।

गौरतलब है कि आज सॉफ्ट टेनिस स्पर्धा के अंतर्गत महिला वर्ग का सेमीफाइनल मैच खेला गया। यह पूरा मैच दोनों ही टीमों के लिए संघर्षपूर्ण रहा। जिसमें पहला डबल्स का मुकाबला छत्तीसगढ़ की मेघा बंजारे और संजना टांक ने गुजरात की ऋत्वि और पुनरवा को टाई ब्रेक में 4-4 (7-5) से हराकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। दूसरे सिंगल में छत्तीसगढ़ की त्रिवेणी सौनकर और गुजरात की हेतवी चौधरी के बीच हुए मैच में त्रिवेणी 2-4 से पीछे रह गई, जिससे स्कोर 1-1 हो गया। तीसरे डबल्स मैच में छत्तीसगढ़ की उर्वशी बंजारे और निधि डोंगरे ने गुजरात की आयशा और निशा के विरुद्ध कड़ा संघर्ष करते हुए एक समय में 4-3 की बढ़त बना ली, लेकिन बाद में गुजरात की टीम ने वापसी करते हुए मैच टाई ब्रेक में 4-4 (7-2) से जीत लिया और फायनल पहुंच गई, जिससे छत्तीसगढ़ के हिस्से कांस्य पदक आया। इस सफलता के लिए खिलाड़ियों को सॉफ्ट टेनिस संघ के अध्यक्ष अनिल पुसदकर, महासचिव प्रमोद ठाकुर, टीम के कोच संजय शुक्ल, मैनेजर अनीसा लकरा, सीडीएम अतुल शुक्ला, डिप्टी सीडीएम रूपेंद्र सिंह चौहान ने बधाई एवं शुभकामनाए दी हैं।

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36वां राष्ट्रीय खेल : महिला मल्लखंब खिलाड़ियों ने जीता कांस्य

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गुजरात में आयोजित हो रहे 36वें राष्ट्रीय खेल में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का बेहतरीन प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ की महिला मल्लखंब टीम ने आज सेमीफायनल मुकाबले में कांस्य पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ महिला मल्लखंब टीम ने 80.1 अंक अर्जित किए। इस टीम में मोनिका पोटाई, सरिता पोयाम, संतय पोटाई, दुर्गेश्वरी कुमेटी, जयंती कचलाम, डिम्पी सिंह शामिल थे। छत्तीसगढ़ की महिला मल्लखंब टीम की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ राज्य के मल्लखंब खेल में बालक वर्ग के खिलाड़ी 123.7 प्वाइंट के साथ कांस्य पदक अपने नाम कर चुके हैं। खिलाड़ियों की सफलता पर छत्तीसगढ़ मल्लखंब संघ के अध्यक्ष प्रेमचंद शुक्ला, कोच मनोज प्रसाद एवं श्रीमती पूनम प्रसाद, तकनीकी अधिकारी डॉ. राजकुमार शर्मा, सौरभ पाल ने भी बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की है।

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PAK vs NZ: भारत के खिलाफ मैच से पहले बाबर आजम ने कर ली कोहली की बराबरी, बना डाला ये बड़ा रिकॉर्ड

 

Babar Azam scripts unique T20I record (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने भारत के खिलाफ टी-20 वर्ल्ड कप मैच से पहले अपना फॉर्म वापस पा लिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्राई-सीरीज में शानदार बल्लेबाजी के दम पर बाबर आजम ने पाकिस्तान को जीत दिलाई। इस जीत के साथ ही उन्होंने अपने नाम भी एक बड़ा रिकॉर्ड बना लिया है। बाबर आजम अपनी बल्लेबाजी से एक बार फिर सुर्खियों में छाये हुए हैं।  

ऐसा कर बाबर ने कर ली कोहली की बराबरी
ट्राई सीरीज में बाबर आजम ने दूसरे मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद 79 रनों की पारी खेली। अपनी पारी के दौरान उन्होंने टी-20 करियर का 28वां अर्धशतक लगाया। टी-20 में 28 अर्धशतक बनाने के लिए उन्होंने 84 पारियों का समय लिया। पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी टी-20 फॉर्मेट 84 पारियों के दौरान ही 28वां अर्धशतक लगाया था। लिहाजा बाबर आजम ने अर्धशतक जड़कर कोहली की इस रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

बतौर ओपनर हासिल किया ये बड़ा मुकाम
बाबर आजम ने बतौर ओपनर इस मुकाबले में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। टी20 मैचों में बतौर ओपनर सबसे ज्यादा बार 50 रनों से अधिक की पारी खेलने के मामले में बाबर आजम ने डेविड वॉर्नर को पीछे छोड़ दिया है। वह ओपनिंग करते हुए 24 बार 50 या उससे अधिक रन बनाने में सफल रहे हैं। जबकि वॉर्नर ऐसा 23 बार कर चुके हैं। इस मामले में नंबर एक पर भारतीय कप्तान रोहित शर्मा मौजूद हैं। रोहित बतौर ओपनर अब तक 27 बार 50 प्लस रनों की पारी खेल चुके हैं। आने वाले समय में वह इस नंबर को और आगे बढ़ाना चाहेंगे।

पाकिस्तान ने छह विकेट से जीता मुकाबला
बाबर आजम की शानदार पारी की बदौलत न्यूजालैंड के खिलाफ पाकिस्तान ने इस मुकाबले को आसानी से अपने नाम कर लिया। 148 रनों का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने दस गेंद रहते ही छह विकेट से इस मैच को जीतने में सफलता हासिल की। बाबर आजम के अलावा शादाब खान और मोहम्मद नवाज ने टीम के लिए छोटी-छोटी लेकिन अहम पारियां खेली। भारत के खिलाफ वर्ल्ड कप से पहले बाबर आजम का फॉर्म में आना पाकिस्तान को बड़ी राहत देने का काम करेगा।
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जिले में राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा का हुआ शुभारंभ

 उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांकेर जिले को इस बार 22वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के मेजबानी का अवसर मिला है, आज से जिला मुख्यालय कांकेर में यह प्रतियोगिता प्रांरभ हो गया है। इस प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह का मुख्य अतिथि जिला पंचायत के अध्यक्ष  हेमन्त ध्रुव थे तथा अध्यक्षता जिला पंचायत के उपाध्यक्ष  हेमनारायण गजबल्ला द्वारा की गई। बस्तर विकास प्राधिकरण के सदस्य  बिरेश ठाकुर,  जनपद पंचायत कांकेर अध्यक्ष  रामचरण कोर्राम एवं उपाध्यक्ष  रोमनाथ जैन तथा जिला पंचायत सदस्य नरोत्तम पड़ोटी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे।

शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष  हेमन्त ध्रुव ने कहा कि कोरोना काल में पिछले दो वर्षों में खेल गतिविधयां रूक गई थी। इस वर्ष खेल गतिविधियां प्रारंभ हुई है तथा हमारे जिले को 22वीं शालेय क्रीडा प्रतियोगिता के आयोजन का सौभाग्य मिला है। इस प्रतियोगिता में सभी पांच संभाग सरगुजा, बिलासपुर, दूर्ग, रायपुर एवं बस्तर संभाग के खिलाड़ी अपने खेल का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में भाग ले रहे सभी खिलाड़ी खेल भावना का परिचय देते हुए अपने खेल का प्रदर्शन करें। खिलाड़ियों को अपने प्रतिद्वन्दी का सम्मान करना चाहिए। एक अच्छा खिलाड़ी वही होता है, जो  अपने प्रतिद्वन्दी का सम्मान करता है, उन्होंने इसके लिए टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर एवं राफेल नडाल का उदाहरण दिया। जिला पंचायत के अध्यक्ष  ध्रुव ने मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल द्वारा शुरू की गई छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे गांवों में उत्साह का माहौल बना है, 18 से 40 वर्ष के महिला-पुरुष ग्रामीण खेल-कूद प्रतियोगिता गिल्ली, डंडा, भौरा, फुगड़ी, रस्सा-कस्सी, खो-खो, कबड्डी इत्यादि खेल में बढ़चढ़ कर भाग ले रहे हैं। जिला मुख्यालय कांकेर में 22वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीडा प्रतियोगिता के आयोजन पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्होंने इसका विधिवत उद्घाटन की घोषणा की ।  

उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत के उपाध्यक्ष  हेमनारायण गजबल्ला ने कहा कि सभी खिलाड़ी अपने खेल का अच्छा प्रदर्शन करें। मौका बार-बार नहीं मिलता। खेल भावना के साथ खेलें और अपने गांव एवं जिले का नाम रौशन करें। बस्तर विकास प्राधिकरण के सदस्य  बिरेश ठाकुर ने प्रतियोगिता में भाग लेने आये खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि कांकेर जिले को प्रतियोगिता के आयोजन का अवसर मिला है, जो हमारे लिए गर्व की बात है। आप लोग खेल भावना का परिचय देते हुए अपने खेल का प्रदर्शन करें तथा अपने मुकाम को हासिल करें और अपने माता-पिता, गांव तथा जिले का नाम रौशन करें।

उद्घाटन समारोह के अवसर पर खिलाड़ियों द्वारा मार्चपास्ट का आयोजन किया गया तथा राष्ट्रीय स्तर के फुटबाल खिलाड़ी बस्तर जोन के कुमारी मीना कश्यप द्वारा खिलाड़ियों को शपथ दिलाया गया।  जिला शिक्षा अधिकारी  भुवन जैन ने अपने प्रतिवेदन में बताया कि शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए पांच खेल जोन बनाया गया है, जिसमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा एवं बस्तर जोन के लगभग 450 खिलाड़ी भाग ले रहे है। क्रीडा प्रतियोगिता के अंतर्गत हैण्डबाल 14 वर्ष बालक-बालिका, खो-खो 17 वर्ष एवं फुटबॉल 19 वर्ष बालक-बालिका भाग लेंगे। हैण्डबाल एवं खो-खो की प्रतियोगिता पंडित विष्णु प्रसाद शर्मा उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय गोविन्दपुर में तथा बालक वर्ग की फुटबॉल प्रतियोगिता शासकीय नरहरदेव उत्कृष्ट विद्यालय कांकेर एवं बालिका वर्ग फुटबॉल प्रतियोगिता सेन्ट माइकल स्कूल के क्रीड़ांगन में आयोजित की जायेगी। राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए स्वागत समिति, मंच व्यवस्था समिति, आवास समिति, अभिलेख एवं योग्यता प्रमाण पत्र जांच समिति, ज्यूरी ऑफ अपील, वाहन प्रभारी, पेयजल, स्वच्छता, विद्युत आदि विभिन्न समितियों का गठन किया गया है।

कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये। इस अवसर पर राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला समन्वयक आर.पी. मिरे, सहायक संचालक शिक्षा लक्षमण कावड़े एवं नवीन सिन्हा, खेल प्रभारी संजीत श्रीवास्तव सहित समिति के सदस्यगण, शिक्षक-शिक्षिकाएं, व्यायाम शिक्षक, जोनल प्रभारी सहित सभी पांच जोन के खिलाड़ी उपस्थित थे। मंच संचालन सुरेश चंद श्रीवास्तव द्वारा किया गया।

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जिले में छत्तीसगढिया ओलंपिक की धूम

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की धूम है। लोग उत्साह से पारंपरिक खेलों में भाग ले रहे है। ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर छत्तीसगढिया ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है जिसमें लोग पारंपरिक खेल कबड्डी खो-खो फुगड़ी, पिट्ठुल, रस्साकशी, बांटी, लंबी-कूद, ऊंची कूद, लंगड़ी दौड़ आदि में भाग ले रहे हैं। ग्राम पंचायत गोरता में शुक्रवार को राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर छतीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन किया गया।

विजयी खिलाड़ियों को खेल के अनुसार ट्राफी एवं मेडल प्रदान किया गया। इस अवसर पर जनपद सदस्य  प्रमिला राजवाड़े, ग्राम पंचायत गोरता के सरपंच सहोदरी उईके, उप-सरपंच  मुकेश सिंह,  रणविजय सिंहदेव, सचिव  दीनूदास सहित राजीव युवा मितान क्लब के सदस्य व ग्रामवासी उपस्थित  रहे ।

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IND vs SA: पहले वनडे की तरह क्या दूसरे मैच पर भी रहेगा बारिश का खतरा, जानिए रांची के मौसम का हाल


रांची (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत और दक्षिण अफ्रिका (India vs South Africa) के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाना है। पहले मैच में 9 रनों से हार झेलने के बाद भारतीय टीम की कोशिश दूसरे मुकाबले को जीतकर सीरीज में बराबरी करने की होगी। भारतीय टीम के टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों ने खासतौर पर कप्तान शिखर धवन ने पहले मुकाबले में बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया था।

जानिए कैसा रहेगा रांची का मौसम
पहले वनडे मैच में बारिश के कारण खेल को छोटा किया गया था। पहला मुकाबला 40-40 ओवरों का खेला गया था, ऐसे में फैंस के मन में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा कि क्या दूसरे मैच में भी बारिश खेल बिगाड़ सकती है। मौसम विभाग की मानें तो 9 अक्टूबर यानी रविवार के दिन मैच के दूसरे हाफ में बारिश की थोड़ी-बहुत संभावनाएं हैं। लेकिन इससे मुकाबले पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। भले ही कम ओवर का ही सही पर फैंस को यह मैच देखने का भरपूर मौका मिलेगा।

टॉस फिर होगा अहम
इस मुकाबले में टॉस का महत्व काफी होगा। क्योंकि रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम गेंदबाजी की मददगार पिच मानी जाती है। तेज गेंदबाजों को इस पिच से खास फायदा मिल सकता है। दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज इसका पूरा फायदा उठाना चाहेंगे। टॉस जीतने वाली टीम यहां पहले गेंदबाजी कर सामने वाली टीम को कम से कम स्कोर पर रोकने का प्रयास करेगी।

बल्लेबाजों को करनी होगी वापसी
शिखर धवन, शुभमन गिल, ऋतुराज गायकवाड़ और इशान किशन जैसे बल्लेबाजों को दूसरे मुकाबले में रन बनाने होंगे। पहले मैच में संजू सैमसन ने अकेले दम पर मैच को आखिरी तक ले जाने का काम किया था। लेकिन वह टीम को जीत दिलाने से चूक गए। वहीं श्रेयस अय्यर ने भी टीम के लिए अर्धशतक जड़ा था। जबकि शार्दुल ठाकुर के बल्ले से भी टीम के लिए अहम रन निकले थे।

ऐसी हो सकती है दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन
भारत: शिखर धवन (कप्तान), शुभमन गिल, रुतुराज गायकवाड़, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), शार्दुल ठाकुर, कुलदीप यादव, रवि बिश्नोई, मोहम्मद सिराज, अवेश खान।

दक्षिण अफ्रीका: जेनमैन मालन, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), टेम्बा बावुमा (कप्तान), एडेन मार्कराम, हेनरिक क्लासेन, डेविड मिलर, वेन पार्नेल, केशव महाराज, कैगिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी, तबरेज़ शम्सी।
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छत्तीसगढ़िया ओलंपिक : परम्परागत खेलों से जुड़ते लोग

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक पूरे राज्य में शुरू हो गया है। त्यौहारों के इस खुशनुमा माहौल में युवा से लेकर बुजुर्ग इन खेलों में उत्साह से हिस्सा ले रहे हैं। एक तरफ प्रकृति की हरियाली वहीं दूसरी ओर फसल के रूप में प्रकृति का उपहार इस उत्साह को कई गुना बढ़ा रहा है। पहली बार छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहे इन खेलों में लोगों का जुड़ाव स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। छत्तीसगढ़ में इन खेलों के प्रति रूचि इस बात से पता चल रही है कि इन खेलों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को अपना बचपन और युवावस्था फिर से याद आने लगा है।  

हमारी संस्कृति में परम्परागत खेल रचे बसे हैं। यहां के लोक जीवन में ये खेल न केवल मनोरंजन का जरिया हैं बल्कि ये शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही हमें ताजगी और स्फूर्ति भी देते हैं। पिट्टुल, गिल्ली -डंडा, खो-खो, कबडडी जैसे खेल यहां गांव-गांव खेले जाते हैं। इनमें खो-खो और कबड्डी के खेल में खिलाड़ियों की चुश्ती और फुर्ती देखते ही बनती है। वहीं बालिकाओं और महिलाओं में फुगड़ी का खेल अत्यंत लोकप्रिय है।

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में उन खेलों को शामिल किया गया है जो यहां परम्परागत रूप से गांवों-और शहरों में खेले जाते हैं। लोक रूचि के इन खेलों को नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर इस खेल प्रतियोगिता की रूप रेखा तैयार की गई। कैबिनेट की मंजूरी के साथ ही इन खेलों के आयोजन का किया जा रहा है। इस आयोजन में लोक रूचि के 14 परंपरागत खेलों को शामिल किया गया है।

पूरे तीन महीने यानी 6 अक्टूबर से 6 जनवरी 2023 तक गांव से लेकर शहर तक पूरा छत्तीसगढ़ खेल मय रहेगा। परम्परागत खेलों के आयोजन से यहां नई खेल संस्कृति भी विकसित होगी। इस आयोजन से जहां खेल के प्रति जगरूकता आएगी वहीं खेल के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलेगा। लोक रूचि और लोक महत्व के इस आयोजन से छत्तीसगढ़ देश में एक नई खेल ताकत के रूप में उभर कर सामने आएगा।

छत्तीसगढ़ में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेलबो-जीतबो गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का नारा भी दिया गया है। छत्तीसगढ़ नई खेल क्रांति की ओर बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में यह प्रदेश को खेल गढ़ के रूप में नई पहचान मिलेगी इसकी शुरूआत हो चुकी है। गुजरात में चल रहे 36वें नेशनल गेम में आकर्षी कश्यप गोल्ड मेडल जीत कर यहां के बेडमिंटन खिलाडियों को नई पहचान दी है। गुजरात में आयोजित 36 वीं राष्ट्रीय खेल में पहला गोल्ड मैडल स्केटिंग स्पर्धा में अमितेष मिश्रा ने जीता है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी अब तक 7 मेडल जीत चुके हैं। जिसमें दो गोल्ड, 3 सिल्वर और दो कांस्य पदक शामिल है।

छः चरणों में होने जा रहा छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के हर चरण में उम्मीद है कि लोगों का जुनून देखने को मिलेगा। इस प्रतियोगिता का अंतिम चरण राज्य स्तरीय होगा। राजीव गांधी युवा मितान क्लब स्तर पर चल रही इस खेल प्रतियोगिता में हार-जीत से बढ़कर खेल भावना भी दिख रही है। कई वाकया ऐसे भी नजर आए कि दो सगे भाई और दो मितान एक दूसरे के खिलाफ खेले और खेल समाप्त होते ही गले मिल कर एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में लगातार खेल सुविधाओं में इजाफा हो रहा है। नई-नई अकादमियां प्रारंभ हो रही हैं वहीं नई अधोसंरचना पर भी काम हो रहा है। तीरंदाजी, हॉकी, बेडमिटन की अकादमी सभी के लिए पहल की गई है। यहां न सिर्फ खेल सुविधाएं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही है। हाल में ही बेडमिटन और शतरंज की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई जिसमें देश के खिलाडियों के साथ ही अंतराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने भी भाग लिया। इसके साथ यहां क्रिकेट की रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।

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छात्रों ने राष्ट्रीय किक बाक्सिंग स्पर्धा में जीते मेडल

 बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जयपुर में आयोजित किक बॉक्सिंग की नेशनल चैम्पियनशीप में बिलासपुर जिले के कोटा के दो छात्रों ने गोल्ड एवं कांस्य मेडल जीते हैं। कोटा के डीकेपी स्कूल के छात्र अजय सिंह ठाकुर ने 45 किलोग्राम के अंतर्गत किक लाइट फाइट में स्वर्ण पदक एवं डोमेन्द्र प्रताप सिंह बांधी किक लाइट की 60 किलोग्राम में कांस्य पदक जीते हैं। पदक जीतकर लौटने के बाद दोनों खिलाड़ी छात्रों ने आज जिला कलेक्टर  सौरभकुमार से सौजन्य मुलाकात की और उन्हें जीते गये पदक एवं प्रशस्ति पत्र दिखाए। कलेक्टर ने पदक जीतकर बिलासपुर एवं छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने के लिए दोनों छात्रों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। प्रतियोगिता का आयोजन 26 से 29 सितम्बर तक जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में संपन्न हुआ। देश भर के लगभग 1200 खिलाड़ी एवं अधिकारियों ने इसमें हिस्सा लिया। छात्रों ने प्रतियोगिता में भागीदारी के लिए जिला प्रशासन से मिले आर्थिक सहयोग के लिए कलेक्टर  सौरभकुमार को धन्यवाद भी दिया।

 

 

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छत्तीसगढिय़ा ओलम्पिक : दूसरे दिन भी छत्तीसगढिय़ा पारम्परिक खेलों का हुआ आयोजन

 महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महासमुंद सहित सभी ब्लॉक और ग्राम पंचायतों में छत्तीसगढिय़ां ओलम्पिक 2022-23 का आज दूसरे दिन पूरे उत्साह और उमंग के साथ विभिन्न छत्तीसगढ़ पारम्परिक खेलों में प्रतिभगियों ने हिस्सा लिया। 

महासमुंद के मिनी स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढिय़ा ओलम्पिक 2022-23 में राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर विभिन्न खेलों का आयोजन किया गया। जिसमें गिल्ली डंडा, पिट्टूल, फुगड़ी, भौंरा व 100 मीटर दौड़ की प्रतियोगिताएं तीन आयु वर्ग में आयोजित की गई। इसमें 18 वर्ष तक, 18 से 40 आयु वर्ग की महिला व पुरूष प्रतिभागी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं ने पूरे जोश खरोश के साथ भौंरा, फुगड़ी खेल खेला तो वही राजीव युवा मितान क्लब के सदस्यों ने पिट्टूल व 100 मीटर दौड़ में हिस्सा लिया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी  आशीष तिवारी सहित पार्षद  महेन्द्र जैन, महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं व खेल प्रेमियों ने उत्साहवर्धन किया।

 

 
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IND vs SA: मिलर और क्लासेन ने खेली आतिशी पारी, भारत को जीत के लिए बनाने होंगे 250 रन


IND vs SA, 1st ODI, South Africa tour of India, 2022 (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हेनरिक क्लासेन और डेविड मिलर की अर्धशतकीय पारी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने पहले वनडे मैच में भारत के सामने 250 रनों का लक्ष्य रखा है। टी-20 के बाद वनडे में भी डेविड मिलर ने कमाल की बल्लेबाजी की। उन्होंने नाबाद 75 रन बनाए। क्लासेन ने भी नाबाद 74 रन बनाए। दोनों खिलाड़ियों के बीच पांचवें विकेट के लिए 106 गेंदों में 139 रनों की साझेदारी हुई। दक्षिण अफ्रीका ने बारिश से प्रभावित 40 ओवर के इस मुकाबले में 4 विकेट खोकर 249 रन बनाए। भारत को इस मैच को जीतने के लिए अब 250 रन बनाने होंगे।

मालन और डी कॉक के बीच 49 रनों की साझेदारी

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत अच्छी रही। जनमन मालन और क्विंटन डी कॉक ने पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़े। जनमन मालन शार्दुल ठाकुर की गेंद पर बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में श्रेयस अय्यर को अपना कैच थमा बैठे। उन्होंने इस मैच में 22 रन बनाए। भारतीय कप्तान शिखर धवन ने इस मुकाबले में टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया था।

एक बार फिर फ्लॉप रहे टेम्बा बावुमा

दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा टी-20 सीरीज के बाद वनडे में भी फ्लॉप रहे। पहले मुकाबले में वह सिर्फ 8 रन बना सके। टेम्बा बावुमा को शार्दुल ठाकुर ने अपनी शानदार गेंद पर क्लीन बोल्ड कर दिया। वहीं एडेन मार्कराम अपना खाता भी नहीं खोल सके और स्पिनर कुलदीप यादव की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। जबकि क्विंटन डी कॉक अपना अर्धशतक बनाने से चूक गए और 48 के स्कोर पर रवि विश्नोई की गेंद पर एलबीडब्लयू आउट हो गए।

दोनों टीमों में शामिल हैं ये खिलाड़ी

भारत: शिखर धवन (कप्तान), शुभमन गिल, ऋतुराज गायकवाड़, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), शार्दुल ठाकुर, आवेश खान, कुलदीप यादव, रवि बिश्नोई, मोहम्मद सिराज।

दक्षिण अफ्रीका: जनमन मालन, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), टेम्बा बावुमा (कप्तान), एडेन मार्कराम, हेनरिक क्लासेन, डेविड मिलर, वेन पार्नेल, केशव महाराज, कैगिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी, तबरेज़ शम्सी

 

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36 वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ की आकर्षी ने जीता गोल्ड...

 मुख्यमंत्री बघेल और खेल मंत्री पटेल ने दी बधाई 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ की उभरती बैडमिंटन खिलाड़ी आकर्षी कश्यप् ने गुजरात में चल रहें 36 वे नेशनल गेम में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ को गोल्ड मैडल दिलाया। मुख्यमंत्री बघेल ने इस स्वर्णीम उपलब्धि के लिए आकर्षी कश्यप को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि आकर्षी ने छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री पटेल ने भी आकर्षी को बधाई देते हुए कहा कि आकर्षी ने संघर्षपूर्ण फाइनल मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ को गोल्ड मैडल दिलाया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और खेल मंत्री उमेश पटेल ने आकर्षी कश्यप के उज्जवल भविष्य की कामना की है।


सूरत के दीनदयाल उपाध्याय स्टेडियम में चल रही बैडमिंटन की वुमेंस सिंगल्स के फायनल मुकाबले में आकर्षी ने पहली वरीयता प्राप्त महाराष्ट्र की मालविका बंसोड़ को 44 मिनट के संघर्ष में हराकर विजेता का खिताब हासिल की। आकर्षी ने पहला सेट आसानी से 21-8 से जीत लिया। दूसरे सेट में हुए संघर्षपूर्ण  मुक़ाबले मे आकर्षी ने 22-20 से जीतकर छत्तीसगढ़ को दूसरा गोल्ड मेडल दिलाने में कामयाब रही। इससे पहले सेमीफाइनल मुकाबले में आकर्षी ने कर्नाटक की तान्या हेमंत को 21-13, 21-15 से हराकर जीत हासिल की थी।

गुजरात में आयोजित 36 वीं राष्ट्रीय खेल में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी अब तक 7 मेडल जीत चुके हैं। जिसमें दो गोल्ड, 3 सिल्वर और दो कांस्य पदक शामिल है। गौरतलब है कि इस प्रतियोगिता में आकर्षी कश्यप से पहले स्केटिंग स्पर्धा में अमितेष मिश्रा गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। आकर्षी के गोल्ड मैडल जीतने पर राज्य बैडमिंटन संघ के समस्त पदाधिकारियों एवं खेल संचालक श्रीमती श्वेता सिन्हा ने भी बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। आकर्षी ने अपनी इस विजय के पश्चात आकर्षी ने छग शासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छग ओलंपिक संघ, छग बैडमिंटन संघ को आभार व्यक्त किया है।

 

 

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जिले के सभी ग्रामीण व नगरीय निकायों में छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक खेलों की शुरूआत

 जशपुरनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेलों को वैश्विक पहचान दिलाने और लोगों में खेल के प्रति जागरूकता लाने के लिए छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक की शुरूआत की गई है। छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक आयोजन से ग्रामीण अंचलों का खेल अब गांवों से निकलकर शहरों तक पहुंचेगा।

राज्य में आज से प्रारंभ हुए इस प्रतियोगिता में जिले के सभी ग्रामीण व नगरीय निकायों में छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक खेलों की शुरूआत की गई। खेलों में भाग लेने के लिए गांव के बच्चों से लेकर बड़ों में उत्साह नजर आया। जिले के गांव-गांव में छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक के माध्यम से पारंपरिक खेल गिल्ली डंडा, दौड़, पि_ूल, रस्साकसी, फुगड़ी भौंरा खो-खो सहित अन्य खेलों का आयोजन किया गया है। जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों व ग्रामीणों ने प्रतियोगिता में भाग लेकर ग्रामीणों के उत्साह को दुगना किया है। जिले के जशपुर, मनोरा, कुनकुरी, फरसाबहार, पत्थलगांव, कांसाबेल, बगीचा व नगरीय निकाय के कोतबा सहित अन्य नगरीय क्षेत्रों में युवा मितान क्लब स्तरीय प्रतियोगिता का शुरूआत किया गया। जिसमें गांव के युवाओं बच्चों महिलाओं सहित बुजुर्गो ने उत्साह पूर्वक हिस्सा लिया।

छत्तीसगढिय़ा ओलम्पिक की शुरूआत राजीव युवा मितान क्लब स्तर से शुरू हुई है। इसके बाद बाद जोन स्तरीय, फिर विकासखंड, नगरीय क्लस्टर स्तर, जिला, संभाग और अंतिम में राज्य स्तर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इस प्रतियोगिता में युवा से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हो सकते हैं। यह प्रतियोगिता 6 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 6 जनवरी 2023 तक आयोजित होगी। पुरूषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग स्पर्धा के साथ ही टीम व एकल स्तर पर प्रतियोगिताएं होगी। छत्तीसगढिय़ा ओलम्पिक में पारम्परिक खेल प्रतियोगिताएं दो श्रेणी में होंगी। इसमें दलीय श्रेणी गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी और बांटी (कंचा) जैसी खेल विधाएं शामिल की गई हैं। वहीं एकल श्रेणी की खेल विधा में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़ व लम्बी कूद शामिल है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति व सभ्यता की विशिष्ट पहचान यहां की ग्रामीण परंपराओं और रीति रीवाजों से है। जिनमें पारंपरिक खेलों का विशेष महत्व है। छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक के आयोजन से खेलों को चिरस्थायी रखने व आने वाली पीढ़ी को इन खेलों की महता याद दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान निभाएंगी।

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छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों की मची धूम : शहर से लेकर गांव तक प्रतियोगिता में भाग लेने बच्चों,युवाओं, महिलाओं सहित बुजुर्गो में दिखा जबर्दस्त उत्साह

 गिल्ली डंडा, भौंरा, रस्साकसी, खो-खो, फुगड़ी, कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों में खिलाड़ियों ने दिखाए जौहर

जगदलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेलों को वैश्विक पहचान दिलाने और लोगों में खेल के प्रति जागरूकता लाने शुरु की गई छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरुआत आज क्लब स्तरीय प्रतियोगिताओं के साथ हो गई। राज्य में आज से प्रारंभ हुए इस प्रतियोगिता के साथ ही जिले के सभी ग्रामीण एवं नगरीय निकायों में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों की शुरूआत की गई। खेलों में भाग लेने के लिए गांव के बच्चों से लेकर बड़ों में जबर्दस्त उत्साह नजर आया। छत्तीसगढ़ी ओलंपिक के माध्यम से गांव-गांव में पारंपरिक खेल जैसे गिल्ली डंडा, दौड़, पिट्ठूल, रस्साकसी, फुगड़ी भौंरा खो-खो सहित अन्य खेलों का आयोजन किया गया।

छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक की शुरूआत राजीव युवा मितान क्लब स्तर से शुरू हुई है। इसके बाद बाद जोन स्तरीय, फिर विकासखंड, नगरीय क्लस्टर स्तर, जिला, संभाग और अंतिम में राज्य स्तर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इस प्रतियोगिता में आयु वर्ग का बंधन नहीं होने के कारण बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह देखा गया। यह प्रतियोगिता 6 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 6 जनवरी 2023 तक आयोजित होगी। पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग स्पर्धा के साथ ही टीम एवं एकल स्तर पर प्रतियोगिताएं होगी। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में पारम्परिक खेल प्रतियोगिताएं दो श्रेणी में होंगी। इसमें दलीय श्रेणी गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी और बांटी (कंचा) जैसी खेल विधाएं शामिल की गई हैं। वहीं एकल श्रेणी की खेल विधा में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़ एवं लम्बी कूद शामिल है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति व सभ्यता की विशिष्ट पहचान यहां की ग्रामीण परंपराओं और रीति रीवाजों से है, जिनमें पारंपरिक खेलों का भी विशेष महत्व है। इन पारंपरित खेलों को चिरस्थायी रखने एवं आने वाली पीढ़ी को इन खेलों के महत्व को बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरुआत की गई।

 

 

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