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शासन के महत्वपूर्ण अंग हैं कोटवार, पटेल और होमगार्ड : भूपेश बघेल

मानदेय मिलने से उत्साहित और खुश है सदस्य, जताया मुख्यमंत्री का आभार

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सामने बुधवार को प्रदेश भर से आए कोटवार, होमगार्ड के जवान और ग्राम पटेलों स्वावलंबी गौठान समिति के अध्यक्ष-सदस्यों ने खुलकर अपने दिल की बात रखी और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को गज माला पहनाकर उनका सम्मान किया। सभी ने कहा कि बघेल ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने हमारे तकलीफ को समझा और मानदेय बढ़ाकर हमें बड़ी सौगात दी है।कार्यक्रम में गौठान संचालन समिति के अध्यक्ष और सदस्यों ने भी मानदेय मिलने की शुरुआत होने पर खुशी जताई और गोबर पेंट से बनी मुख्यमंत्री की पेंटिंग भेंटकर और खुमरी पहनाकर उनका आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्वावलंबी गौठान संचालन समिति के अध्यक्ष-सदस्यों को 01 करोड़ 56 लाख रूपए की राशि और गोधन न्याय योजना के तहत गोबर 09 करोड़ 80 लाख रूपए की राशि अंतरित की, इसमें गोबर विक्रेताओं के लिए 3 करोड़ 80 लाख तथा गौठान समिति एवं स्व-सहायता समूहों के लिए 6 करोड़ रूपए शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किया जाए कि गांवों में निरंतर गोबर की खरीदी हो और गांवों में एकत्रित होने वाले गोबर में से 50 प्रतिशत गोबर की खरीदी हो, इससे हमारे पशुपालक समृद्ध होंगे और गोबर पेंट और बिजली बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में गोबर उपलब्ध हो। जिन गौठानों में प्रतिदिन 5 क्विंटल की खरीदी होगी, वहां पर उद्योगपतियों को गोबर से बिजली बनाने का संयंत्र लगाने की सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम शासन के महत्वपूर्ण अंग पटेल, कोटवार, होम गार्ड और गौठान समिति के अध्यक्ष-सदस्यों से भी रू-ब-रू हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनके बिना सुचारू रूप से प्रशासन के संचालन की कल्पना नहीं कर सकते हैं। अब एक नये संगठन के रूप में गौठान समिति की बड़ी भूमिका भी सामने आई है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोटवार, पटेल शासन के आंख और कान है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने में वे पुलिस और प्रशासन का सहयोग करते हैं। गांव और शासन-प्रशासन के मध्य एक कड़ी के रूप में कार्य करते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमारी सरकार बनी, तो उस समय महसूस किया कि गांव में कृषि यंत्रों के उपयोग से लागत बढ़ रही थी, रकबा कम हो रहा था। पशुओं के अनियंत्रित चराई की समस्या से भी हमारे गांव जूझ रहे थे। तब हमने गौठान की संकल्पना की शुरूआत की, ताकि गांव में पशु एक-दूसरे के खेतों में प्रवेश न करें और उनका सदुपयोग हो। उन्होंने कहा कि इसके लिए गांवों में उन्हीं भूमि का चयन किया गया, जो अविवादित थी। हमने पंचायतों में गौठान बनाना शुरू किया। आज 10 हजार से अधिक गौठान बन गए हैं, जिसमें 5 हजार से अधिक गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं। इन गौठानों में गोबर खरीदी हो रही है। वर्मी कम्पोस्ट बन रहे है और साथ ही अन्य गतिविधियों के साथ यहां गोबर पेंट और बिजली बनाने के काम हो रहा है।राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि होमगार्ड के जवानों के लिए 6300 रूपए से बढ़ाकर 6420 रूपए प्रति माह वृद्धि की है। साथ ही कोटवार, पटेल के मानदेय में भी बढ़ोत्तरी की है। प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण की दृष्टि से भी शासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिये। अब राज्य में 33 जिले और 112 अनुविभाग और 233 तहसील हो गए हैं। इससे हम प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की ओर आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन भी तेजी से हो रहा है। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि हमने छत्तीसगढ की 98 प्रतिशत जनता को सम्मान करने के लिए 01 मई को बोरे-बासी दिवस मनाया। उन्होंने कहा कि हमने पटेल और कोटवारों को सम्मान दिया है और गांव के समितियों में पटेल को शामिल करने का निर्देश दिया गया है।कार्यक्रम में विधायक सत्यनारायण शर्मा, कुलदीप जुनेजा, महापौर एजाज ढेबर, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुभाष धुप्पड़, पूर्व सांसद नंदकुमार साय, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

 
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आईपीएस ने युवा कांग्रेसी को मारी लात, थाने पहुंचे नेता से हाथापाई, कार्रवाई की मांग

जगदलपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। थाना कोतवाली में मंगलवार को किसी काम से पहुंचे युवा कांग्रेस कार्यकर्ता महेश द्विवेदी पर चेंबर में गुटखा खाकर जाने पर टीआई के चेंबर में मौजूद सीएसपी प्रशिक्षु आईपीएस विकास कुमार भड़क उठे। कथित तौर पर उन्होंने महेश को लात मार दिया।

इसके बाद महेश ने प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी सुशील मौर्य को वहां बुलवा लिया। सुशील और विकास कुमार के बीच थाने के भीतर ही हाथापाई हो गई। इसकी खबर फैलते ही काफी संख्या में यूथ कांग्रेस के लोग कोतवाली थाने पहुंच गए और थाने का घेराव कर दिया।

स्थानीय विधायक व इंविप्रा उपाध्यक्ष समेत वरिष्ठ कांग्रेसी भी मामले को लेकर एसपी दफ्तर पहुंचे और कार्रवाई की मांग की है। वहीं एसपी ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। वहीं सीएम भूपेश बघेल ने इस मामले पर विधायक रेखचंद जैन को फोन कर घटना की जानकारी ली हैं।

मिली जानकारी के अनुसार शाम करीब साढे चार बजे युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता महेश द्विवेदी किसी काम को लेकर कोतवाली थाने गए थे। इस दौरान वहां टीआई के चेंबर में सीएसपी विकास कुमार भी मौजूद थे। बताया जाता है कि महेश उस वक्त गुटखा खाए हुए थे।

इस बात पर सीएसपी कुमार नाराज हो गए। बकौल महेश द्विवेदी उन्होंने महेश को लात मार दिया और बाहर जाने को कहा। इसके बाद महेश ने इसकी सूचना सांसद प्रतिनिधि व प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी सुशील मौर्य को मोबाइल के माध्यम से दी। कुछ देर में सुशील भी वहां पहुंच गए। सीएसपी और उनके बीच बहस के दौरान दोनों के बीच हाथापाई हो गई।

इसकी खबर लगते ही थोड़े ही देर में एनएसयूआई, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंच गए। नारेबाजी करते हुए थाने का घेराव किया।

इस दौरान काफी संख्या में थाने में बल तैनात कर दिया गया। घटना की जानकारी लगते ही संसदीय सचिव रेखचंद जैन, इंद्रावती विकास प्राधकिरण अध्यक्ष व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेसी व पूर्व महापौर जतिन जायसवाल तथा मलकीत सिंह गैदू एसपी दफ्तर पहुंचे।

देर शाम तक डीआईजी जितेंद्र सिंह मीणा केे साथ हुई बैठक में घटना की निष्पक्ष जांच कर तीन दिन के भीतर कार्रवाई की मांग की गई।

मंगलवार शाम छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संसदीय सचिव व जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन से चर्चा कर पुलिस तथा कांग्रेस नेताओं के मध्य उत्पन्न हुए विवाद व घटनाक्रम की जानकारी ली। रेखचंद जैन बड़े कवाली की जलनी माता मड़ई में शामिल होकर लौट रहे थे तभी मुख्यमंत्री ने उनसे जानकारी ली।

जैन ने उन्हें बिन्दुवार जानकारी देते उचित समाधान करने का आग्रह किया। ज्ञात हो कि मंगलवार दोपहर को सिटी कोतवाली में कांग्रेस नेताओं की पुलिस से कहा- सुनी हो गई थी। इन नेताओं के द्वारा जैन को फोन पर घटना के बारे में बताया गया था।

जैन ने दोपहर में ही पुलिस के आला अधिकारियों से चर्चा की थी। शाम लगभग चार बजे बड़े कवाली से जैन सीधे ही एसपी कार्यालय पहुंचे थे।

उन्होने अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ एसपी तथा अन्य अधिकारियों से बात कर इस विवाद को सुलझाने में अहम भूमिका अदा की थी।

एडिशनल एसपी निवेदिता पाल का कहना है कि मामले में सुशील मौर्य की ओर से सीएसपी के विरूद्ध मारपीट की शिकायत मिली है। थाने में मौजूद सीसीटीव फुटेज के अवलोकन समेत सूक्ष्मतापूर्वक जांज की जाएगी।

संसदीय सचिव विधायक रेेखचंद जैन का कहना है कि मेरे द्वारा एसएसपी को इस मामले के निष्पक्ष जांच कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उनसे मुलाकात कर घटनाक्रम की जानकारी ली गई है।

उन्होंने आश्वत किया है कि एएसपी के अध्यक्षता में जांच दल का गठन किया गया है। बारीक जांच करने का आश्वासन दिया है।

 

 

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तीन महीने पहले लिखी जा चुकी थी साय के कांग्रेस प्रवेश की पटकथा

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा के आदिवासी नेता नंदकुमार साय के कांग्रेस प्रवेश की पटकथा तीन महीने पहले ही लिखी जा चुकी थी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की साय से राजधानी में गोपनीय मुलाकात हुई। इस मुलाकात में बस्तर के एक आदिवासी सांसद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सीएम बघेल से मुलाकात से पहले साय ने दिल्ली में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा के केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की थी।

सूत्र बताते हैं कि इस मुलाकात में साय ने प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी दी थी। साथ ही अपने साथ हो रहे षड़यंत्र के बारे में भी बताया था।

उस समय साय काे प्रदेश प्रभारी ओम माथुर से मिलकर अपनी बात रखने की सलाह दी गई। साय जब छत्तीसगढ़ पहुंचे तो उनकी बात न को ओम माथुर सुनने को तैयार थे, न ही प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव। इसके बाद ही साय ने भाजपा को छोड़ने का फैसला किया।

राजीव भवन में साय के कांग्रेस प्रवेश के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी कहा कि नंदकुमार साय के कांग्रेस में शामिल होने की बातचीत पहले से चल रही थी।

लेकिन रविवार रात में साय ने कांग्रेस में शामिल होने का मन बनाया। साय ने एक पत्र प्रदेश प्रभारी कुमारी सेलजा को भेजा। इसके बाद कुमारी सेलजा ने यह जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को दी।

केंद्रीय नेतृत्व ने भी साय के पार्टी प्रवेश की अनुमति दी, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने सोमवार को सदस्यता दिलाई।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को इस्तीफा देने के बाद संगठन के नंदकुमार साय को मनाने पहुंचे। रायपुर में साय के देवेंद्र नगर आवास पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय और संगठन महामंत्री पवन साय पहुंचे।

करीब दो घंटे तक भाजपा नेताओं ने साय से संवाद स्थापित करने की कोशिश की। जब साय से बात नहीं हुई, तो भाजपा नेता उल्टे पांव वापस लौट गए।

भाजपा नेताओं के घर से बाहर निकलने के दस मिनट बाद साय ने ट्वीट किया कि धूमिल नहीं है लक्ष्य मेरा, अंबर समान यह साफ है, उम्र नहीं है बाधा मेरी, मेरे रक्त में अब भी ताप है। सहस्त्र पाप मेरे नाम हो जाएं, चाहे बिसरे मेरे काम हो जाएं, मेरे तन-मन का हर एक कण, इस माटी को समर्पित है। मेरे जीवन का हर एक क्षण, जन-सेवा में अर्पित है। अंत में साय ने लिखा कि आदिवासी समाज का हित सर्वोपरि।

कांग्रेस की ओर से सोमवार सुबह एक बयान जारी हुआ कि साढ़े दस बजे एक वरिष्ठ भाजपा नेता का कांग्रेस प्रवेश होगा। साय का इस्तीफा रविवार रात से ही इंटरनेट मीडिया पर तैर रहा था। इसके बाद राजीव भवन में मीडिया का जमावड़ा लग गया।

करीब 11 बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम राजीव भवन पहुंचे, उनके आधे घंटे बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचे। मीडिया ने जब सीएम से बाइट लेने की कोशिश की तो वह मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर राजीव भवन के अंदर चले गए।

सीएम के आने के बाद हलचल तेज हुई और 11 बजकर 45 मिनट पर नंदकुमार साय रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर की गाड़ी में राजीव भवन पहुंचे। उनका ढोल नगाड़ों से स्वागत किया गया।

कांग्रेस नेताओं ने साय को सूत की माला पहनाई और अंदर ले गए। जहां उन्होंने कांग्रेस प्रवेश की औपचारिकता पूरी की।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि नंदकुमार साय के कांग्रेस प्रवेश से यह साबित हो गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फेस वेल्यू देश में अब गिर रही है। यही कारण है कि भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक साय जैसा वरिष्ठ नेता भाजपा छोड़कर कांग्रेस प्रवेश कर रहे हैं।

मरकाम ने कहा कि भाजपा आदतन आदिवासी विरोधी है। भाजपा के अंदर आदिवासी नेताओं को प्रताड़ित और शोषित किया जाता है। विश्व आदिवासी दिवस के दिन आदिवासी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय को पद से हटाकर भाजपा ने आदिवासी समाज के प्रति अपने रवैय्ये को प्रदर्शित किया था।

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने एकात्म परिसर में आयोजित पत्रकारवार्ता में कहा कि जिस कांग्रेस ने पूरे देश और छत्तीसगढ़ को ठगा, वह नंदकुमार साय के साथ क्या न्याय करेगी।

कांग्रेस ने आदिवासियों का हमेशा अपमान किया, वहां साय कैसे सहज रहेंगे? क्या नंदकुमार साय पर कोई अनुचित दबाव तो कांग्रेस ने नहीं डाला है? विष्णुदेव ने कहा कि भाजपा का भरोसा साय पर हमेशा रहा है।

नंदकुमार साय ने किसी दबाव में आकर ऐसा कदम उठाया होगा, तो भाजपा के लिए उनके दरवाजे खुले हैं।

 

 

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गरियाबंद में मिला तेंदुए का शावक

गरियाबंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के ग्राम गनियारी में तेंदुआ का शावक मिला है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शावक को अपने कब्जे में ले लिया है।

वन विभाग के अधिकारियों ने मादा तेंदुआ के आसपास होने की आशंका जताई है।

यह मामला फिंगेश्वर वन परिक्षेत्र के ग्राम गनियारी का है। जानकारी के अनुसार रोजगार गारंटी के तहत ग्राम गनियारी में कुछ मजदूर काम रहे थे।

इसी दौरान मंगलवार को मजदूरों ने वहां एक तेंदुए के शावक को देखा। इसके बाद इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी। इसके बाद सरपंच इसकी सूचना वन विभाग के अमले को दी।

मौके पर पहुंचे वन अमले ने तेंदुए के शावक का रेस्क्यू किया। वन विभाग के अधिकारी ने कहा कि मादा तेंदुआ आसपास ही मौजूद हो सकती है। इसलिए तेंदुए के शावक को ग्रामीणों से अलग रखकर अभी वाच किया जा रहा है।

शावक को मादा तेंदुुए से मिलाने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि शावक की तलाश में मादा तेंदुआ गांव की ओर रुख करेगी। ऐसे में गांव वालाें को अलर्ट किया गया है।

 

 

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पेड़ से टकराई बाइक, युवक की मौत

जशपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र में स्टेट हाइवे पर गलत दिशा से आ रहे वाहन से बचने के प्रयास में बाइक सवार युवक पेड़ से टकरा गया। हादसे में युवक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस पहुंच गई। मामले की जांच की जा रही है।

घटना नारायणपुर थाना इलाके की है। नीलेश सिंह सेंदरीमुंडा ढोढ़ी लोंगरा का रहने वाला था। राईडांड़ व सेन्द्रीमुंडा के बीच चराईडाड़ बगीचा स्टेट हाइवे पर यह हादसा हुआ।

ग्रामीणों ने बताया कि नारायणपुर की ओर गलत दिशा से जा रहे अज्ञात चार पहिया वाहन से बचते के प्रयास में बाइक सवार नीलेश महुआ पेड़ से टकरा गया। इससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मौके पर नारायणपुर पुलिस पहुंची गई है। पुलिस शव पंचनामा व पोस्टमार्टम की तैयारी कर रही है।

 

 

 

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छत्तीसगढ़ में अनोखी शादी: दूल्हा-दुल्हन ने बरसते पानी में लिए फेरे

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) इंटरनेट मीडिया में अनोखी शादी का एक मजेदार वीडियो सामने आया है जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। इस वायरल वीडियो में दूल्‍हा-दुल्‍हन भारी बारिश के बीच छाता ओढ़कर फेरे लेते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं वीडियो में आसपास मौजूद लोगों के हंसने और जल्‍दी-जल्‍दी फेरे लगाने की आवाज आ रही है।

बताया जा रहा है कि यह वीडियो छत्‍तीसगढ़ के कवर्धा जिले के पंडरिया इलाके का है। अब इस अनोखी शादी का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लोग भी इसे काफी पसंद कर रहे हैं। कुछ लोग इस वीडियो को मुंगेली जिले का बता रहे हैं। हालांकि यह वीडियो किस जगह का है, इसकी स्‍पष्‍ट जानकारी नहीं है।

दरअसल, मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ है। गर्मी के सीजन में मानसून जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। पिछले पांच दिनों से प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इसी बीच एक अनोखी शादी का यह वीडियो सामने आया। इस शादी में भारी बारिश के बीच दूल्‍हा-दुल्‍हन ने छाता ओढ़कर फेरे लिए।

वीडियो में आ रही आवाज के अनुसार मंडप के आसपास बैठे लोग तालियां बजा रहे हैं। कुछ लोग दूल्‍हा-दुल्‍हन को देखकर हंस रहे हैं। दरअसल, मंडप के ऊपर पत्तियां बिछाई जाती हैं। लेकिन ऐसा नहीं होने की वजह से बारिश का पानी नीचे आ रहा था। ऐसे में दूल्‍हा-दुल्‍हन को बारिश के बीच छाता ओढ़कर फेरे लेने पड़े।

वायरल वीडियो को लेकर यह कहा जा रहा है कि शादी की रस्में पूरी हो गई थीं। मगर फेरे नहीं हो पाए थे। इस वजह से घर के लोगों ने इस तरह से बरसते पानी में फेरे करवाने का फैसला किया था।

 
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छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिन रहेगी गर्मी से राहत, भारी वर्षा की चेतावनी

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिन और गर्मी से थोड़ी राहत बनी रहेगी।

मौसम विभाग ने मंगलवार को भी प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में अंधड़ चलने, वर्षा व बिजली गिरने की संभावना जताई है। प्रदेश भर में अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट आइ है।

मौसम विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आरेंज व यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। अधिकतम तापमान में थोड़ी वृद्धि संभावित है,लेकिन प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा व अंधड़ चलने के भी आसार है। चार मई के बाद से गर्मी में बढ़ोतरी शुरू होने की संभावना है।

इस वर्ष बीते दस वर्षों में देखा जाए तो अप्रैल का महीना सबसे कम तपा है और अप्रैल के अधिकतम तापमान में भी औसतन तीन डिग्री तक की गिरावट आइ है।

विशेषकर अप्रैल महीने का आखिरी दिन यानि 30 अप्रैल तो बीते पचास वर्षों में रिकार्ड वाला बन गया। 30 अप्रैल को रायपुर का अधिकतम तापमान सामान्य से 16 डिग्री सेल्सियस कम रहा। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान भी गिरा।

इधर, मई के पहले भी रायपुर सहित प्रदेश भर में मौसम राहत भरा रहा और अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियसदर्ज किया,जो सामान्य से 11डिग्री नीचे और न्यूनतम तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया,जो सामान्य से सात डिग्री नीचे रहा।

मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश में अभी बंगाल की खाड़ी से नम हवाएं आ रही है और इसके चलते ही ठंडकता बनी हुई है। अभी कुछ दिन प्रदेश में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।

इन क्षेत्रों में आरेंज व यलो अलर्ट

मौसम विभाग ने रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर, बेमेतरा, मुंगेली, कोरबा, बिलासपुर, कबीरधाम, राजनांदगांव आदि जिलो में आरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, सरगुजा, रायगढ़, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर, बस्तर ,कोंडागांव, बीजापुर, सुकमा आदि जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।

 

 

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गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने बोरे-बासी खाकर श्रमिकों को दिया सम्मान

 (छत्तीसगढ़ दर्पण) गृह, जेल, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर आज श्रमिकों के सम्मान में बोरे बासी खाकर दिन की शुरूआत की। उन्होंने बोरे बासी के साथ पारंपरिक तौर पर खाए जाने वाली पाताल चटनी, प्याज और बड़ी का भी स्वाद लिया।
मंत्री श्री साहू ने सभी प्रदेशवासियों एवं श्रमिकों को अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा कि श्रमिकों ने अपने कठिन श्रम से देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस योगदान को सम्मान देने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने श्रमिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए बोरे-बासी तिहार की शुरूआत की है।  
श्री साहू ने कहा कि आज का दिन सही मायनों में श्रमिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है। उन्होंने कहा कि बोरे-बासी हमारी छत्तीसगढ़िया संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसमें पौष्टिक तत्वों का समावेश होने से यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभप्रद है।

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राज्य और देश के नवनिर्माण में श्रमिकों का योगदान महत्वपूर्ण: संसदीय सचिव श्री चंद्राकर

महासमुन्द में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी श्रमिकों के साथ

मनाया बोरे-बासी तिहार

रायपुर, 1 मई 2023

 (छत्तीसगढ़ दर्पण) अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस पर महासमुन्द जिले में बोरे-बासी तिहार मनाया गया, इस त्यौहार में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारियों ने श्रमिकों के साथ सामूहिक रूप से हिस्सा लेकर श्रमिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। संसदीय सचिव एवं विधायक श्री विनोद चन्द्राकर ने कहा कि आज मजदूरों के सम्मान का दिन है। राज्य और देश के नवनिर्माण में श्रमिकों का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने निवास पर ही बोरे-बासी का स्वाद लिया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर राज्य में मजदूर दिवस के दिन श्रमिकों के प्रति सम्मान का भाव प्रकट करने के लिए बोरे-बासी तिहार का आयोजन किया जा रहा है।
महासमुन्द जिले में आयोजित बोरे-बासी तिहार में जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारी, श्रमिक बंधुओं, पत्रकारगण व आम नागरिकों ने बोरे-बासी खाकर श्रमिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उषा पटेल, सिरपुर विशेष क्षेत्र प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सतीश जग्गी ने भी बोरे बासी खाया। वहीं कलेक्टर श्री निलेशकुमार क्षीरसागर और जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक ने वन प्रबंधन समिति ग्राम कुहरी के पदाधिकारियों, तेंदूपत्ता श्रमिकों व यहां कार्य करने वाले मजदूरों के साथ बोरे-बासी खाकर श्रमिकों का सम्मान किया। कलेक्टर महासमुन्द ने इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि श्रमिकों के परिश्रम से देश में तरक्की और खुशहाली आती है। श्रमिक समाज के अभिन्न अंग हैं। समाज और देश के विकास में उनका अमूल्य योगदान है। पुलिस अधीक्षक श्री धमेन्द्र सिंह ने भी सामूहिक रूप से बोरे बासी तिहार में हिस्सा लिया।  

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1100 दीपों से हुई भगवान परशुराम की महाआरती

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन एवम् सर्व युवा ब्राह्मण परिषद के तत्वावधान में भगवान परशुराम की 11 सौ दीपों से महाआरती अम्बा मंदिर परिसर सत्तीबाजार में सम्पन्न हुई। कार्यक्रम में एक हजार से ज्यादा विप्रजन उपस्थित हुए। सभा स्थल जय-जय परशुराम के घोष से गूंज उठा। भजन, धुमाल, चंदन टीका, भगवा झण्डा वातावरण को सनातनी पहचान दे रहे थे। बच्चे नेट जंपिंग एवम् मिक्की माउस झूलों का आनंद ले रहे थे। प्रात: निशुल्क स्वास्थ शिविर एवम् सायं भजन का कार्यक्रम भी रखा गया था।

सभा को संबोधित करते हुए धरसीवां विधायक श्रीमती अनिता शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम धर्म की रक्षा एवम् असुरी शक्तियों के नाश का संदेश देते हैं। नगर निगम के पूर्व महापौर एवं सभापति प्रमोद दुबे ने भगवान परशुराम के जीवन के कुछ प्रसंगों का उल्लेख करते हुए ब्राह्मणों के सर्वजन हिताय, उदारतापूर्ण दानशीलता की भावना एवम् अधर्म के खिलाफ सतत् संघर्षरत रहने की बात कही। पूर्व क्रेडा अध्यक्ष पुरन्दर मिश्रा ब्राह्मण एकता का संदेश दिया।

योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने प्रतिवर्ष भव्य आयोजन व बड़े सामाजिक आयोजन करने के लिये आयोजकों की सराहना की।

भवन सन्निर्माण एवम् कर्मकार मंडल के अध्यक्ष सुशील सन्नी अग्रवाल ने कहा कि ब्राह्मण कल भी सम्मानीय थे, आज भी सम्मानीय हैं। ब्राह्मणों की पहचान उनके ज्ञान, बुद्धि कौशल, कर्मशीलता, धार्मिक कार्यों में अग्रणी होने के कारण सम्पूर्ण समाज में श्रेष्ठ मानी जाती है। पार्षद मृत्युंजय दुबे ने भगवान परशुराम के पिता-माता के प्रति भक्ति, पराक्रम पर अपने विचार व्यक्त किये। पार्षद अध्यक्ष अरविंद ओझा ने ब्राह्मणों की बढ़ती एकता, शक्ति के लिये सभी उपस्थितजनों की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्रवाद की करो विदाई ब्राह्मण-ब्राह्मण भाई-भाई। कार्यक्रम संयोजक नितिन कुमार झा ने कहा कि भगवान परशुराम भगवान विष्णु के षष्ठम अवतार हैं जिनसे माता लक्ष्मी ने स्वयंवर किया था। अत: भगवान परशुराम की पूजा-आरती करने से घर में सुख, शांति समृद्धि आती है। महिला अध्यक्ष नमिता शर्मा ने महाआरती आयोजन में महिलाओं के बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने, जिम्मेदारी निभाने पर उनकी सराहना की।


सभा को सरयूपारिणी ब्राह्मण समाज के पूर्व अध्यक्ष दशरथ प्रसाद शुक्ला, गौड़ ब्राह्मण समाज अध्यक्ष प्रहलाद मिश्रा, अखण्ड ब्राह्मण समाज अध्यक्ष योगेश तिवारी, पंजाबी ब्राह्मण समाज अध्यक्ष राजकुमार शर्मा, विप्र वाहिनी अध्यक्ष दिनेश शुक्ला ने भी सम्बोधित  किया। कार्यक्रम में प्रमुख रुप से  अध्यक्ष अरविंद ओझा, संयोजक नितिन कुमार झा, महिला अध्यक्ष नमिता शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गुणनिधि मिश्रा, महासचिव सुरेश मिश्रा, प्रांतीय महासचिव सुनील ओझा, प्रांतीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश मिश्रा, यशवंत पुरोहित, विनय पाण्डेय, महिला महासचिव सुमन मिश्रा, सलाहकार रज्जन अग्निहोत्री, त्रिभुवननाथ तिवारी, युवा अध्यक्ष अविनय दुबे, डॉ। दिलीप-गीतिका झा, प्रीति त्रिभुवन मिश्रा, राजेन्द्र-मृणालिका ओझा, विजयशंकर पाण्डेय, मित्रेश दुबे, सुरेन्द्र तिवारी, शैलेष शर्मा धन्नू, ममता शुक्ला, राघवेन्द्र मिश्रा, साधना शर्मा, अनुराधा दुबे, राघवेंद्र पाठक, सतीश शर्मा, उमेश शर्मा, नितिन शर्मा, अमित शर्मा, बबीता मिश्रा, वीणा मिश्रा, लक्ष्मी राव,  वसुधा- राकेश तिवारी, सुनीता शर्मा, सुरभि शर्मा, अभिलाषा रमाकांत दुबे, कल्पना- पुनित मिश्रा, सुलभा पाण्डेय, रंजना दीवान, आभा शर्मा, अर्चना वोरा, निवेदिता शर्मा, राधा तिवारी, सुमन पाण्डेय, अर्चना तिवारी, डॉ। विकास पाठक, सुनील शुक्ला, वीणा ठाकुर, निकिता तिवारी, सुमन बाजपेई, साधना उपाध्याय, पल्लवी नरहरि होता, सुनील बजारी, डा। विकास पाठक, नागेन्द्र वोरा, प्रमोद गौतम, शिवांजल शर्मा, वसुधा तिवारी, बलौदाबाजार से रमेश मिश्रा, तुलसी तिवारी, हथबंध से अखिलेश्वरी शुक्ला, बेमेतरा से उमा तिवारी, कनकलता मिश्रा आदि बहुतायत संख्या में विप्रजन उपस्थित थे। मंच संचालन नमिता शर्मा एवम् आरती गायन सुमन मिश्रा ने किया।

 

 

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नंदकुमार साय ने थामा कांग्रेस का दामन, मुख्यमंत्री ने दिलाई सदस्यता

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) पूर्व सांसद और आदिवासी नेता नंदकुमार साय सोमवार को कांग्रेस में शामिल हो गए है। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साय ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता दिलाई।  इस दौरान पीसीसी चीफ मोहन मरकाम और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि साय दो बार के लोकसभा सांसद और तीन बार के विधायक साय पूर्व में छत्तीसगढ़ और अविभाजित मध्य प्रदेश दोनों में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। साय ने अपने त्यागपत्र में आरोप लगाया कि उनके सहयोगी साजिश रच रहे थे। और उनकी छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगा रहे थे। जिससे उन्हें बहुत दुख हुआ।

बीजेपी के प्रमुख आदिवासी चेहरा एवं उत्तरी छत्तीसगढ़ से ताल्लुक रखने वाले साय पहली बार 1977 में मध्य प्रदेश में तपकरा सीट (अब जशपुर जिले में) से जनता पार्टी के विधायक चुने गए थे। वह 1980 में भाजपा की रायगढ़ जिला इकाई के प्रमुख चुने गए। और 1985 में तपकरा से भाजपा विधायक चुने गए।

1989, 1996 और 2004 में रायगढ़ से लोकसभा सदस्य और 2009 और 2010 में राज्यसभा सदस्य चुने गए। साय 2003-05 तक छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष और 1997 से 2000 तक मध्य प्रदेश भाजपा प्रमुख रहे।नवंबर 2000 में मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद वे छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के पहले नेता बने। साय 2017 में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) के अध्यक्ष बने।

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मजदूर दिवस-आइए गर्व से खाएं बोरे बासी

सुकमा (छत्तीसगढ़ दर्पण) राज्य शासन की मंशानुरूप 01 मई 2023 को विश्व मजदूर दिवस के अवसर पर सोमवार को प्रातः 09 बजे पुराना कलेक्ट्रेट सुकमा में ''बोरे बासी भोज कार्यक्रम'' का आयोजन किया गया है।

इस कार्यक्रम में जिला पंचायत, नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, सर्व समाज प्रमुख, समाजसेवी, पत्रकारगण, प्रतिष्ठित नागरिक आदि को आमंत्रित किया गया है। 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्रमिक दिवस के अवसर पर राज्य वासियों से बोरे बासी खाने की अपील की है। इसी तारतम्य में उन्होंने कहा कि बोरे बासी छत्तीसगढ़ राज्य का पारंपरिक भोज है। 1 मई को श्रमिक दिवस भी मनाया जाता है। जैसा की विदित है कि राज्य के विकास में श्रमिकों का योगदान महत्वपूर्ण है।

बोरे बासी भी पौष्टिकता से भरपूर और स्वास्थ्य के लिए हित कारक हैं। उन्होंने 1 मई मजदूर दिवस  के अवसर पर श्रमिकों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारी कर्मचारियों से बोरे बासी खाने अपील की है। उन्होंने कहा कि आइए गर्व से खाएं बोरे बासी।

 

 

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छत्तीसगढ़ में बारिश का सिलसिला बरक़रार, यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ में मौसम ने ऐसी करवट बदली कि सभी जगह हलचल मच गई। गर्मी के दिनों में छत्तीसगढ़ बारिश की बौछार से तरबतर हो गया है।

मौसम विभाग के अनुसार बारिश का सोमवार और मंगलवार दोनों ही दिन प्रभावी रहने की संभावना जताई जा रही है। इस दौरान प्रदेश के सभी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। जिसमें सभी जिलों के एक से दो स्थानों पर बारिश होने के साथ ही अंधड़ चलने की संभावना जताई जा रही है।

इस वर्ष का अप्रैल माहभर का तापमान पिछले वर्षों की तुलना में मानसून जैसा ही रहा। जहां वैशाख मास यानी कि अप्रैल में तेज धूप के साथ लू चलने लगती है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ है।

गर्मी के सीजन में ही मानसून सा नजारा देखने मिल रहा है। रविवार को भी दिन भर धूप नहीं निकली और सुबह से ही तेज हवाओं ने लोगों को ठंडक पहुंचाई।

आसमान पर काली घटाएं घिर आई और इसके बाद बादलों की गडगड़हाट के साथ झमाझम वर्षा होने लगी। रायपुर सहित आस-पास के क्षेत्र में आधे घंटे तक घुमड़-घुमड़ कर वर्षा होती रही। कई इलाकों में हुई तेज बारिश का पानी सड़कों पर भी भरा रहा। मौसम विभाग के अनुसार रविवार की शाम से रात तक 21.7 मिलीमीटर वर्षा रायपुर में दर्ज की गई।

वहीं, मार्च, अप्रैल के दौरान एक इंच से ज्यादा वर्षा हो चुकी है। रायपुर सहित प्रदेश में दो मई तक इसी तरह वर्षा होने की संभावना है। रविवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान भी लुड़क गया, जो कि 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम पारा सामान्य से 16 डिग्री कम रहा।

मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में चक्रवाती सर्कुलेश बना हुआ है। जहां से लेकर दक्षिणी छत्तीसगढ़ तक एक ट्रफ लाइन है। एक द्रोणिका विदर्भ से तमिलनाडु तक स्थित है। उसके प्रभाव की वजह से प्रदेश में वर्षा हो रही है, दो मई तक रायपुर सहित सभी संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा जारी रहने की संभावना है। इसके बाद तीन मई के बाद मौसम धूप, बादल और वर्षा होने की संभावना है। बहरहाल मौसम में बदलाव के चलते गर्मी का असर बेहद कम हो गया है।

इन जिलों में आरेंज अलर्ट
रायगढ़, रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, दुर्ग, राजनांदगांव, बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर एवं इनसे लगे आसपास के जिलों के लिए आरेंज अलर्ट।

इन जिलों के लिए यलो अलर्ट
बिलासपुर, मुंगेली, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, बस्तर, सुकमा सहित इनके आसपास लगे हुए जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

 

 

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छत्तीसगढ़ में मिले केवल 71 कोरोना मरीज

रायपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ में बीते 24 घंटे में केवल 71 मरीज मिले हैं हांलाकि बीते दिनों की अपेक्षा टेस्टिंग की भी संख्या कम हुई है।

प्रदेशभर में केवल 1046 टेस्ट किए गए, हांलाकि राहत की बात ये है कि कोरना से किसी की मौत नहीं हुई है।

बीते दो दिनों में कोरोना के मरीज ज्यादा थे 29 अप्रैल को 307 मरीज मिले थे और 28 अप्रैल को 369 मरीजों की पुष्टि हुई थी।

ऐसे में नए आंकड़े राहत देने वाले जरूर है लेकिन टेस्टिंग की भी संख्या कम हुई है और इसलिए मरीजों की संख्या भी घटी है।

प्रदेश के मौसम में भी उतार-चढ़ाव की वजह से लोग कोरोना को भी सामान्य सर्दी-खांसी मानकर जांच कराने नहीं जा रहे हैं।

प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना के लक्षण वाले मरीजों की ज्यादा से ज्यादा सैंपल जांच के निर्देश दिए हैं।

देश में सबसे ज्यादा बलौदा बाजार जिले से 22 मरीज मिले हैं,इसके बाद बिलासपुर से 8 मरीजों की पुष्टि हुई है।

रायपुर और सरगुजा में मरीजों की संख्या 6-6 है, जबकि राजनांदगांव से भी 6 मरीजों की पुष्टि हुई है,इसी तरह धमतरी और बालोद से 4-4 मरीज, बीजापुर से भी 4 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। दंतेवाड़ा से 2,दुर्ग से 1, कांकेर से 1, कोरिया से 1, कोरबा से 1, बलरामपुर से 1, जांजगीर से 1, बेमेतरा से 1, जशपुर से 1 और महासमुंद से भी 1 मरीज की पुष्टि हुई है।

 

 

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न भाजपा का, न कांग्रेस का, मैं स्टार प्रचारक हूं शिव शम्भू का : पं. प्रदीप मिश्रा

कहा : राजनीति में नही जाउंगा, सीएम बघेल की गोधन योजना की जमकर प्रशंसा

भिलाई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इस्पात नगरी की पावन धरा पर देवाधिदेव महादेव की कथा सुनाने पहुंचे अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने छत्तीसगढ़ में लागू गोधन न्याय योजना की सराहना की। शनिवार को पंडित प्रदीप मिश्रा ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान एक सवाल के जवाब में यह बात कही। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गोधन न्याय योजना के माध्यम से भला काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रायपुर में कथा के दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने बताया कि वे नंदी को गोठान में सुरक्षित रख रहे हैं। संसार में कोई भी यदि जीव हित का काम करता है वह सराहनीय कार्य होता है। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जो भी धर्म के साथ जीव की रक्षा करता है वह श्रेष्ठ काम होता है।पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपने कथा जीवन की शुरुआत के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सबसे पहले 1999 में कथा की थी और उसके बाद यह क्रम निरंतर जारी है। इस दौरान शिवतत्व पर उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हम सभी में शिव तत्व मौजूद है। वर्तमान समय में शिव भक्ति व धर्म के प्रति आस्था जगी है जो आने वाले समय के लिए अच्छा है। कोरोना के समय में लोगों में सेवा का भाव जगा है। लोगों में आध्यात्म के प्रति जागरुकता आई है और इसका परिणाम है कि कथा स्थल पर लोग लाखों की संख्या में पहुंचते हैं। कथा स्थल पर आने वाले लोगों को बुलाया नहीं जाता बल्कि वे स्वयं के खर्च पर कथा स्थल पहुंचते हैं और शिव तत्व में सम्मिलित हो जाते हैं।एक सवाल के जवाब में उन्होंने कुबेरेश्वर धाम को लेकर भी बातें कही। उन्होंने बताया कि कुबरेश्वर में रोज हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन बनाया जाता है जो कि नि:शुल्क है। धाम में आने वाले भक्तों के रहने की व्यवस्था भी की जाती है। यहां के गोशाला में गोवंश की सेवा की जाती है। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा नि:शुल्क एंबुलेंस चलाई जाती है। यहां चिकित्सालय हैं जहां नि:शुल्क इलाज किया जाता है ओर दवाइयां भी मुफ्त में दिया जाता है। गोशाला में उतनी ही गायों को रखा जाता है जितने की सेवा की जा सके। कुबेरेश्वर धाम से कुछ दूरी पर बड़ी गोशाला का निर्माण किया जा रहा है।पंडित प्रदीप मिश्रान इस दौरान धर्मांतरण पर भी बात की। उन्होंने कि देश में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण हो रहा है जो चिंता जनक है। यदि कोई धर्मांतरण करता है इसमें हमारी भी उतनी ही गलती है। जरूरत है हमें संगठित होने की और दूसरों के प्रति सेवा भाव रखने की। आप यदि सनातन धर्म के हैं तो अपने धर्म को श्रेष्ठ मानें। पैसे लेकर कथा करने के आरोपों पर प्रदीप मिश्रा ने कहा कि उन्होंने कभी कथा के लिए रुपए नहीं मांगे। पंडित मिश्रा ने टोटकों को लेकर किए गए सवाल पर कहा कि वे जो भी बताते हैं उनका वर्णन शिव पुराण है। शिवलिंग को बेलपत्र अर्पण करना, बेल पत्र में शहद लगाना यह कोई टोटका नहीं है।

औषधि का काम कर रहा है बेलपत्र
पंडित मिश्रा ने कहा कि समस्या ग्रस्त लोगों को वे उपाय बताते हैं और वह वैज्ञानिक आधार पर होता है। आज मंदिरों में जो बेलपत्र चढ़ाते हैं वे पहले फेंक देते थे। आज उसे औषधि की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। बेलपत्र में ऐसा तत्व छिपा है जिससे बीपी, शुगर व थाईराइड जैसी बीमारियों का निवारण हो रहा है। कथा स्थल पर महंगे समान की बिक्री पर उन्होंने कहा कि जो भी धर्म की जगह पर ऊंची कीमतों पर बेचते हैं तो वह गलत करते हैं। यहां लिया गया पैसा कहीं न कहीं व्यर्थ ही होगा।

संविधान बदलने कभी नहीं कहा
पंडित मिश्रा ने अपने भजनों में संविधान बदलने की बात कही है और उस पर हुए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वे कभी यह नहीं कहते कि संविधान बदलना चाहिए। वह शब्द केवल उनके भजन का हिस्सा है और उसे कहने का तात्पर्य भी अलग है। हमारे व्यास पीठ से यह कभी नहीं कहा गया कि संविधान बदलिए। हमारे भजन की लाइन है संविधान को बदलो, हमें हिन्दू राष्ट्र बनाना है। यदि कोई भजन की लाइन को कैच करता है तो यह सही नहीं है। हिन्दू राष्ट्र को लेकर भी पंडित मिश्रा ने कहा कि भारत देश हमेशा हिन्दू राष्ट्र रहा है और आगे भी रहेगा। यहां रहने वाले हर धर्म के लोग हिन्दू राष्ट्र का ही हिस्सा हैं।

गुलामी देने के लिए बने हैं कॉन्वेंट स्कूल
पंडित मिश्रा ने बच्चों को स्कूल न भेजने के सवाल पर कहा कि वे कॉन्वेंट स्कूल के खिलाफ हैं। अंग्रेजों ने जो कान्वेंट स्कूल बनाएं हैं वे गुलाम बनाने के लिए हैं। भारत में गुरुकुल होते हैं जो राज सिंहासन पर बैठाना सिखाते हैं। राजगद्दी तक पहुंचाने का रास्ता हमारे गुरुकुल हैं। छत्तीसगढ़ की नक्सल समस्या को लेकर उन्होंने कहा कि यह लोग जो काम कर रहे हैं वह तोड़ने का काम है। हमारे सैनिक व पुलिस कर्मी यदि इनके निशाने पर हैं तो इनके पीछे पूरा परिवार है तो इसका खामियाजा भुगतता है। यही प्रयास करना चाहिए कि अपने जीवन को अच्छा बनाएं।

 

 

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सूरजपुर में जिसे पकड़ाया था, अचानकमार टाइगर रिजर्व में छोड़ा

सीएम बघेल ने शेयर किया वीडियो

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) सूरजपुर में पकड़ी गई बाघिन को अचानकमार टाइगर रिजर्व में छोड़ दिया गया। इसकी जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने इसका वीडियो भी शेयर किया है। उन्होंने लिखा- 'शनिवार सुबह सूरजपुर वनमण्डल से 28 मार्च को रेस्क्यू की गई मादा बाघ को पूर्णतः स्वस्थ्य होने के पश्चात् राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण की स्थापित मानक प्रचालन प्रक्रिया के तहत अचानकमार टाइगर रिजर्व के उपयुक्त रहवास में छोड़ा गया है। इस मादा बाघिन के अचानकमार में रहने से यहां बाघों की संख्या में वृद्धि होने के लिए विभाग आशान्वित है।'

 
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तरुण छत्तीसगढ़ ने मनाया मूक-बधिर बच्चों के बीच स्थापना दिवस

इनसे मिलकर अपूर्व शांति मिलती है: संकल्प मिश्रा

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सांध्य दैनिक समाचार पत्र तरुण छत्तीसगढ़ ने अपना 39वां स्थापना दिवस अर्पण दिव्यांग पब्लिक स्कूल के मूक-बधिर बच्चों के बीच मनाया। इस अवसर पर बच्चों को पानी बोतल, कम्पास बाक्स सहित पाठ्य सामग्रियां वितरित की गई।ज्ञात हो कि तरुण छत्तीसगढ़ का स्थापना दिवस 30 मार्च को था। स्थापना दिवस पर तरुण छत्तीसगढ़ परिवार आज मूक-बधिर बच्चों के बीच पहुंचा।सेक्टर एक, न्यू राजेन्द्र नगर, कटोरा तालाब में अर्पण कल्याण समिति द्वारा संचालित अर्पण दिव्यांग स्कूल में बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने तरुण छत्तीसगढ़ के प्रधान संपादक कौशल किशोर मिश्रा की प्रेरणा से उनके पुत्र एनएसयूआई के प्रदेश मीडिया प्रभारी संकल्प मिश्रा ने स्कूल परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया। इसी महीने संकल्प का जन्म दिन भी था।कार्यक्रम के सभापति व पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि यह पहली बार है जब कोई समाचार पत्र अपना स्थापना दिवस मूक बधिर बच्चों के बीच मना रहा है। आम जनता तक सच्ची व ताजी खबरें पहुंचाने के साथ ही तरुण छत्तीसगढ़ का दिव्यांग बच्चों व समाज की सेवा करना अत्यंत ही सराहनीय कार्य है। यह अखबार 'आम आदमी का अपना अखबारÓ के ध्येय वाक्य को पूरी जिम्मेदारी से वर्षों से निभा रहा है। सेवा के क्षेत्र में समाचार पत्र का एक नया चेहरा आज सामने आया है।प्रमोद दुबे ने कहा कि इस समाचार पत्र के प्रधान संपादक कौशल किशोर मिश्र ने अपनी पत्रकारिता के जरिए हमें राजनीति का ककहरा सिखाया है। कौशल भैया ही सही मायने में हमारे राजनीतिक गुरु हैं। वे अपने अखबारों में हमें स्थान नहीं देते तो हम राजनीति में आगे नहीं बढ़ पाते।तरुण छत्तीसगढ़ के प्रधान संपादक कौशल किशोर मिश्र ने इस अवसर पर प्रेषित अपने संदेश में स्कूल की उतरोत्तर प्रगति तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा है कि ये दिव्यांग बच्चे भगवान के रूप हैं। इनकी सेवा से शांति के मार्ग प्रशस्त होते हैं।संकल्प मिश्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि तरुण छत्तीसगढ़ ने हमेशा दलित, शोषित व आम लोगों की समस्याओं को उठाया है। संकल्प मिश्र ने कहा जब मैं पहली बार इस स्कूल में आया था तभी से मैंने इन बच्चों से आत्मिक रूप से जुड़ गया था। इन बच्चों के बीच आकर हम तनाव मुक्त हो जाते हैं। इन्हें गले लगाने से हमें परम आनंद की अनुभूति होती है।मिश्र ने कहा कि हममें इतनी सामथ्र्य नहीं है कि दिव्यांग बच्चों को हम कुछ दे पाएं, हम तो इनसे कुछ लेकर ही जाते हैं। ये भले ही बोल-सुन नहीं सकते लेकिन इनकी समझ व दिमाग बेहद तेज है। तरुण छत्तीसगढ़ सदा इनके साथ है।समिति के अध्यक्ष प्रकाश शर्मा ने स्कूल की पूरी जानकारी दी। संकल्प मिश्र ने इस अवसर पर बच्चों के काम आने वाली पानी की बोतल, कम्पास बाक्स व पाठ्य सामग्रियों का वितरण किया तथा उनके साथ बैठकर जलपान ग्रहण किया।इस अवसर पर युवक कांग्रेस के शहर जिला अध्यक्ष विनोद कश्यप, लाखेनगर मंडल अध्यक्ष आकाश शर्मा, संस्था के कोषाध्यक्ष वीरेन्द्र शर्मा, प्राचार्य कमलेश शुक्ला, तरुण छत्तीसगढ़ के व्यवस्थापक नरेन्द्र चौहान, छायाकार जावेद खान, समिति के दिनेश शुक्ला, शिक्षक विशाल, शहाना आदि मौजूद थे।कार्यक्रम का संचालन मृत्युंजय शुक्ला व आभार प्रदर्शन सीमा छाबड़ा ने किया।

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आंधी तूफान और बारिश से रात में उजड़ा शिव कथा पंडाल

भिलाई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सिहोर वाले पंडित प्रदीप मिश्रा के शिव महापुराण कथा वाचन स्थल में बिती रात्रि आये आंधी तूफान और बारिश में वहां का पंडाल उजड़ गया, जिसके कारण बल सुबह से ही उसे ठीक करने मशक्कत करनी पड़ी लेकिन कथा वाचन के पहले ही डोम शेड के बाहर बने इतना बड़ा पंडाल ठीक कर लिया गया। चार घंटा चले आंधी तूफान में कोई जनहानि नही होना और उतना बड़ा पंडाल को कथा वाचन सुनने भक्तों के आन से पहले ही पूरा ठीक कर लिया जाना चमत्कारिक माना जा रहा है।

मौसम के करवट लेने से बीती रात इस्पात नगरी में तेज हवाएं चलने के साथ ही लगभग 4 घंटे तक बारिश हुई। इसके चलते सिविक सेंटर इलाके में जयंती स्टेडियम मैदान पर शिव महापुराण कथा स्थल पर लगाए गए पंडाल में अव्यवस्था से वहां ठहरे शिव भक्तों में अफरा तफरी मच गई। मौसम की मार से शिव कथा स्थल पर बनाए गए तीनों डोम शेड तो सुरक्षित रहे। लेकिन लोगों की उमड़ रही भीड़ के मद्देनजर डोम शेड के बाहर बने पंडाल हवा और बारिश में ध्वस्त होने लगा। ऐसे में वहां बाहर से आकर रात्रि विश्राम कर रहे भक्तों में हड़कंप सी मच गई। लोगों ने व्यास गद्दी के पास बने पंडाल में आकर शरण लिया। इस दौरान पंडाल में हर हर महादेव का उद्घोष लगातार गूंजता रहा। शिव भक्तों ने रात भर हर.हर महादेव के जयकारे लगाकर पंडाल में ही डटे रहे।

गौरतलब रहे कि भिलाई सिविक सेंटर जयंती स्टेडियम मैदान बहुत बड़ा पंडाल और डोम का निर्माण कथा श्रोताओं के लिए किया गया है। जहां पर 25 अप्रैल से 1 मई तक शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के पहले 23 अप्रैल को आंधीए तूफान और बारिश से पंडाल गिर गया था। फिर मेहनत कर उससे कहीं ज्यादा अच्छा पंडाल का भव्य निर्माण किया गया। कथा स्थल पर  सुबह फिर मेले जैसा चहल-पहल और रोज की तरह भंडारा प्रसादी का वितरण शुरू किया गया।

 

 

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