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कलेक्टर श्री ध्रुव ने मोरगा जलाशय का मुआयना किया

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर कलेक्टर श्री पी.एस. ध्रुव ने आज जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ मोरगा जलाशय, महाराजपुर जलाशय, बेलबहरा जलाशय नहर मरम्मत एवं सीसी चैनल निर्माण कार्य का मुआयाना किया। कलेक्टर ने मोरगा जलाशय के क्षतिग्रस्त स्लूस बैरल की मरम्मत के लिए कार्यपालन अभियंता को तत्काल प्राक्कलन तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि स्लूस बैरल की मरम्मत का काम बरसात से पहले पूरा कर लिया जाना चाहिए ताकि खरीफ सीजन में किसानों को सिंचाई के लिए जलाशय से जलापूर्ति हो सके। इस अवसर पर मुख्य अभियंता विपिन खलखो, अधीक्षण अभियंता श्री राजीव वर्मा, क्वालिटी कंट्रोल प्रभारी श्री एस. के. चौकसे उनके साथ थे।

गौरबलत है कि मोरगा जलाशय से कुल 348 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई होती है। इस जलाशय के फुटब्रिज का एक पियर बीते वर्ष सितम्बर माह में स्लूस बैरल में धस गया जिसकी वजह से जलाशय का स्लूस बैरल क्षतिग्रस्त हो गया है। जलाशय का अपस्ट्रीम बांध को भी नुकसान हुआ है। इस जलाशय के जल भराव क्षमता 1.288 मिलियन घन मीटर है। बांध के क्षतिग्रस्त होने की वजह से बीते खरीफ सीजन में किसानों को पानी नहीं मिल सका था।
कलेक्टर ने आगामी खरीफ सीजन में किसानों को निर्धारित क्षमता के अनुसार सिंचाई के लिए जलापूर्ति की सके। इसको देखते हुए कार्यपालन अभियंता श्री ए. टोप्पो को इसकी मरम्मत कराई जाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मरम्मत कार्य के लिए राशि स्वीकृति हेतु तत्काल प्राक्कलन प्रस्तुत करने को कहा।
कलेक्टर ने इसके पश्चात बेलबहरा जलाशय की योजना की नहर मरम्मत एवं सीसी चैनल निर्माण कार्य का मुआयना किया और अधिकारियों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए।
 

 
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विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत ने भगवान श्री राजीव लोचन की पूजा-अर्चना कर प्रदेश के खुशहाली की कामना की

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत आज राजिम के पवित्र त्रिवेणी संगम पर आयोजित राजिम माघी पुन्नी मेला के संत समागम समारोह में पहुंचे। उन्होंने भगवान श्री राजीव लोचन मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद लक्ष्मण झूला से पैदल होते हुए श्री कुलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे और वहां पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। विधानसभा अध्यक्ष ने महानदी की आरती भी की। इस अवसर पर धर्मस्व एवं पर्यटन मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, राजिम विधायक श्री अमितेश शुक्ल, अभनपुर विधायक श्री धनेन्द्र साहू, सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी धु्रव, राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. राजेश्री महंत रामसुंदर दास महाराज, पूर्व विधायक श्री गुरूमुख सिंह होरा आदि उपस्थित थे।
 क्रमांक-6944/चतुर्वेदी/पोषण

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बस्तर की जनजातीय संस्कृति को विश्व पटल पर पहुंचाने छत्तीसगढ़ शासन प्रतिबद्ध : मंत्री श्री लखमा

   रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर भारत की नियाग्रा कहे जाने वाले विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के तट पर मंगलवार 14 फरवरी को तीन दिवसीय चित्रकोट महोत्सव का रंगारंग शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, मां दंतेश्वरी और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा ने इस भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि चित्रकोट और बस्तर एक दूसरे के पर्याय बन गए हैं। देश-विदेश में लोग बस्तर को चित्रकोट जैसे अद्भुत जलप्रपात के कारण पहचानते हैं। चित्रकोट में आयोजित यह महोत्सव बस्तर की जनजातीय संस्कृति को विश्व पटल पर पहुंचाने का एक सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि बस्तर की लोक संस्कृति सहज और सरल होने के साथ ही अत्यंत आकर्षक भी है, जिससे पूरे विश्व को परिचित कराने की आवश्यकता है। इस दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बहुत ही सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता उत्सवप्रिय है। छत्तीसगढ़ शासन की नीतियों के कारण किसान, वनोपज संग्राहक, पुजारी, गायता, भूमिहीन कृषि मजदूर, स्व-सहायता समूह की महिलाओं में खुशी है। यही कारण है कि मेला-मंड़ई में लोगों की संख्या में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सांसद श्री दीपक बैज ने कहा की चित्रकोट महोत्सव बस्तर में लगातार तीन दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही विभिन्न खेलकूद भी आयोजित की जाएंगी। इसमें पूरे संभाग के प्रतिभागी शामिल होंगे। महोत्सव के माध्यम से हमारी लोक-संस्कृति, परंपरा का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही यहां शासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रदर्शन भी होगा। उन्होंने कहा कि बस्तर प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। यहां चित्रकोट के साथ तीरथगढ़, तामड़ा घूमर, मेंदरी घूमर, बीजाकसा, चित्रधारा, मंडवा जैसे कई जलप्रपात हैं। चित्रकोट इन सभी जलप्रपातों का सिरमौर है। यही कारण है कि यहां पर्यटकों की संख्या में साल दर साल वृद्धि देखी जा रही है। पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए ही अब लामड़ागुड़ा में भी जिला प्रशासन द्वारा नया रिजॉर्ट तैयार किया गया है, जिसका संचालन स्थानीय महिलाएं कर रही हैं। बस्तर में पर्यटन के विकास का मूल उद्देश्य ही यह है कि स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार प्राप्त हो। संस्कृति के संरक्षण के लिए देवगुड़ी और घोटुलों के संरक्षण का कार्य भी छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया जा रहा है। यहां महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर लगने वाले मेले में जहां अपने परिचितों और नाते रिश्तेदारों से मिलने का अवसर मिलता है वहीं यहां की स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद उठाने का सौभाग्य भी प्राप्त होता है, इसलिए ऐसे सुअवसर का भरपूर आनंद उठाना चाहिए। चित्रकोट विधायक श्री राजमन बेंजाम ने कहा कि चित्रकोट महोत्सव में बस्तर की विशिष्ट संस्कृति की झलक दिखाई देती है और इसके माध्यम से हमारी लोक संस्कृति का प्रसार हो रहा है। छत्तीसगढ़ शासन पर्यटन के विकास के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने लोगों से यहां आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेलकूद का आनंद लेने की अपील की। इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री राजीव शर्मा ने बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच चित्रकोट जलप्रपात के सौंदर्य को अद्भूत बताया।

कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन कलेक्टर श्री चंदन कुमार द्वारा दिया गया तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रकाश सर्वे द्वारा आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री महेश कश्यप, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल के सदस्य श्री बलराम मौर्य, कमिश्नर श्री श्याम धावड़े, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुंदरराज पी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार मीणा सहित जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
महोत्सव के पहले दिन नारायणपुर के मांदरी नर्तक दल, जोड़ा तराई गीदम के पुनेम सुंदरी नर्तक दल, बस्तानार के गौर सिंग नर्तक, दरभा के लेजा परब नर्तक, लेकर के गेड़ी नर्तक, आंजर के ढोल नर्तक, नैननार के गौर सिंग नर्तक, कोमेडियन रविंद्र जानी द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

 
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स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने निर्माणाधीन सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का किया निरीक्षण

  रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज अपने जगदलपुर प्रवास के दौरान डिमरापाल में निर्माणाधीन सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन अस्पताल भवन का ले-आउट ड्राइंग देखकर वहां प्रस्तावित सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री  प्रसन्ना आर., चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. विष्णु दत्त, बस्तर जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और जगदलपुर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पैकरा भी इस दौरान मौजूद थे।

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किसान, मजदूर और व्यापारी, हर वर्ग के लोगों में खुशी का माहौल: मुख्यमंत्री श्री बघेल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज शाम राजधानी स्थित उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ सिन्धी पंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को इस दौरान प्रतिनिधिमंडल द्वारा भगवान श्री झूलेलाल सांई के जन्मोत्सव कार्यक्रम ‘चंड्र जी रात’ में मुख्य अतिथि के बतौर शामिल होने का आमंत्रण दिया। यह कार्यक्रम 22 मार्च 2023 को रात्रि 9 बजे से राजधानी के शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउण्ड में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने भगवान श्री झूलेलाल सांई के जन्मोत्सव कार्यक्रम में आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल को धन्यवाद दिया।

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार हर वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। यहां उनके हित में संचालित जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के परिणाम स्वरूप किसान, मजदूर और व्यापारी, हर वर्ग के लोगों में खुशी का माहौल बना हुआ है। उन्होंने आगे बताया कि छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू होने के बाद हर साल धान का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। पिछले साल 98 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी और अब इस साल सभी पिछली रिकार्ड तोड़ते हुए 107 लाख मीट्रिक टन से अधिक की खरीदी की गई है।

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अवगत कराया कि राज्य में धान खरीदी का कार्य सफलता पूर्वक संचालित हुआ।  इसके लिए शासन-प्रशासन की ओर से बेहतर प्रबंध किए गए थे, जिससे किसानों को धान बेचने में काफी सहूलियत हुई। इस तरह राज्य में धान खरीदी सुव्यस्थित ढंग से संपन्न कर किसानों को इस साल 22 हजार करोड़ रूपए से अधिक राशि का भुगतान किया गया है। इस साल देश भर में धान बेचने वाले किसानों में छत्तीसगढ़ के किसानों की संख्या सबसे ज्यादा रही, जो एक कीर्तिमान है। 

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आगे कहा कि राज्य में किसानों के साथ-साथ राइस मिलर्स और व्यापारी वर्ग के हित में भी अहम निर्णय लिए गए। हमें अपने वादे को पूरा करते हुए कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि 40 रूपए से बढ़ाकर 120 रूपए कर दी हैं। इससे धान के उठाव सहित कस्टम मिलिंग में काफी तेजी आई है। कस्टम मिलिंग की प्रक्रिया के सुचारू रूप से संचालन की वजह से ही धान खरीदी और प्रोसेसिंग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इस साल राज्य में  249 नई राईस मिले स्थापित हुई है, जिसके तहत राज्य में कस्टम मिलिंग करने के लिए पंजीकृत मिलर्स की संख्या 2035 से बढ़कर अब 2284 हो गई है। राज्य में इस तरह किसान, मजदूर और व्यापारी सहित हर वर्ग के लोगों में खुशी का माहौल बना हुआ है।

    इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के पदाधिकारी श्री श्रीचंद सुंदरानी, श्री इंद्रकुमार डोडवानी, श्री रमेश मिरघानी, श्री किशोर आहूजा आदि शामिल थे।

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राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से मुख्यमंत्री श्री बघेल ने की सौजन्य भेंट, मणिपुर का राज्यपाल बनाये जाने पर दी बधाई

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राजभवन पहुंच कर सौजन्य मुलाकात की और उन्हें मणिपुर का राज्यपाल बनाए जाने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने राज्य के संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल के रूप में छत्तीसगढ़ प्रदेश के विकास में सहयोग के लिए सुश्री अनुसुईया उइके के प्रति आभार प्रकट किया।

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मंत्री श्री कवासी लखमा ने भैरमबंद गौठान के गोबर पेंट यूनिट का किया निरीक्षण

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश के वाणिज्य कर आबकारी एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री कवासी लखमा ने अपने दंतेवाड़ा प्रवास के दूसरे दिन भैरमबंद गौठान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गौठान में स्थापित गोबर पेंट यूनिट, मुर्गी पालन केंद्र, केंचुआ खाद निर्माण इकाई और बाड़ी सहित गांव के स्कूल, आंगनबाड़ी का भी अवलोकन किया और गौठान की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान मंत्री श्री लखमा ने गौठान में काम कर रही समूह की महिलाओं से बातचीत की और गौठान में उत्पादित गोबर पेंट, खाद, सब्जी आदि के विक्रय हेतु बाजार की उपलब्धता, होने वाली आय आदि के बारे में पूछा।
मंत्री श्री लखमा ने निर्देशित करते हुए कहा कि गौठान में अन्य आय मूलक गतिविधियां संचालित करें, जिससे इन महिलाओं की आय में वृद्धि हो सके। इस मौके पर अधिकारियों ने बताया कि शासन की मंशानुरूप समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करने जिला प्रशासन द्वारा गोबर पेंट यूनिट स्थापित की गयी है। इस यूनिट में समूह की 35 महिलाएं प्रतिदिन काम कर अब तक लगभग 1300 लीटर गोबर पेंट तैयार कर चुकी हैं। इस पेंट का उपयोग सरकारी भवनों के रंग-रोगन में किया जायेगा। इसके लिए कलेक्टर के निर्देश पर विभाग अपनी-अपनी आवश्यकतानुसार मांगपत्र भी दे रहें है। मंत्री श्री लखमा ने गौठान को और व्यवस्थित और साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिये। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि गण सहित सीईओ जिला पंचायत श्री ललितादित्य नीलम, अपर कलेक्टर श्री संजय कन्नौजे, एसडीएम श्री कुमार बिश्वरंजन के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

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समोदा बनेगी उप-तहसील : नगर पंचायत समोदा में नवीन महाविद्यालय भवन का होगा निर्माण

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के लिए आज आरंग विधानसभा के ग्राम समोदा पहुंचे। उन्होंने भेंट-मुलाकात को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बनते ही सबसे पहले हमने ऋण माफी का फैसला किया, 19 लाख किसानों का साढ़े 9 हजार करोड़ रूपए का ऋण माफ हुआ। जिन किसानों ने धान बेचा था और जिनका कर्ज पटा दिया गया था, उनकी राशि वापस लौटाई गई। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की, किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना में इनपुट सब्सिडी दी। इस योजना की 3 क़िस्त की राशि किसानों के खाते में आ गई है। योजना की आखिरी और चौथी क़िस्त 31 मार्च को दी जाएगी। श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं से किसानों के जीवन में काफी परिवर्तन आया है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारी मंशा है सबको राशन मिले, हमने सबका राशन कार्ड बनाया। उन्होंने राशन कार्ड के हितग्राहियों से बातचीत कर योजना का फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने लोगों से पूछा किनका-किनका कर्ज माफ हुआ है। इस पर बड़ी संख्या में लोगों ने हाथ उठाकर बताया कि उनका कर्ज माफ हुआ है। नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया भी इस अवसर पर उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भेंट-मुलाकात के दौरान अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि समोदा को उप-तहसील का दर्जा दिया जायेगा, नगर पंचायत समोदा में नवीन महाविद्यालय भवन का निर्माण कराया जायेगा, समोदा में जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक की शाखा खोली जायेगी, उप-स्वास्थ्य केन्द्र समोदा का उन्नयन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में किया जायेगा, ग्राम अमोदी में उप-स्वास्थ्य केन्द्र खोला जायेगा, बनरसी व भण्डारपुरी में उप-स्वास्थ्य केन्द्र हेतु नवीन भवनों का निर्माण कराया जायेगा, कोरासी व चपरीद में शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल हेतु नवीन भवनों का निर्माण कराया जायेगा, भैंसा में पुलिस चौकी जल्द ही प्रारंभ की जायेगी, मजिठा से परसवानी तक सड़क मार्ग का निर्माण कराया जायेगा, ग्राम परसवानी में ढोड़की नाला में पुलिया का निर्माण कराया जायेगा, बोरिद से चण्डी मंदिर तक सड़क निर्माण कराया जायेगा, समोदा में बालक छात्रावास निर्माण करवाया जायेगा।
 
गोपाल ने खेती की अतिरिक्त आय से खरीदा थ्रेसर और एक बुलेट 

ग्राम अमोदी के किसान गोपाल साहू ने बताया कि वो 12 एकड़ में रबी फसल और 32 एकड़ में खरीफ फसल लेते हैं। ऋण माफी के तहत साढ़े तीन लाख रुपए का ऋण माफ हुआ है। समर्थन मूल्य पर धान भी बेच रहे हैं। अतिरिक्त आय से थ्रेसर और एक बुलेट खरीदी है। उन्होंने बताया कि बिजली बिल हाफ योजना के तहत तीस हजार रुपए का बिजली बिल माफ हुआ है। टेमीन साहू ग्राम-चपरिद ने बताया कि उन्हें 35 किलो चावल, नमक फ्री में मिलता है। शक्कर 17 रुपए प्रति किलो में मिलता है।

वीरेंद्र कुमार ने खरीदा ट्रेक्टर

मुख्यमंत्री से बात करते हुए वीरेंद्र कुमार बघेल ने बताया कि 2 लाख 54 हजार रुपए का कर्ज माफ हुआ है। अतिरिक्त पैसे से ट्रेक्टर का सारा क़िस्त चुका दिया है और अन्य खर्चे किए हैं। किसान दयालु राम साहू ने बताया कि उनकी 7 एकड़ जमीन है, ऋण माफी के तहत 85 हजार रुपए का ऋण माफ हुआ है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना का क़िस्त समय-समय में मिल जाता है। धान बेचकर जमीन खरीदी है।

वर्मी कम्पोस्ट से समूह की महिलाओं को 45-45 हजार रूपए की आय 
 
भेंट-मुलाकात में ग्राम रानीसागर निवासी प्रेमबाई साहू ने बताया कि 1300 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट बेचा है। समूह की महिलाओं ने 45-45 हजार कमाए हैं। प्रेमबाई ने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि इससे कई महिलाओं को रोजगार मिला है, महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। उन्होंने पैरा एकत्रित करने वाली मशीन की मांग की, उनकी मांग पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाएं गोबर से बिजली और पेंट बनाने का भी काम कर रही हैं। देवकी साहू ने बताया कि उनके समूह में 11 सदस्य है। वर्मी कम्पोस्ट बनाती हैं। 1225 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट बेच चुके हैं, इससे 4 लाख 50 हजार रुपए की आमदनी हुई है, इस पैसे को समूह के सदस्यों के बीच बांट चुके हैं। टीकम यादव, ग्राम रानी सागर की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि इनके पास 15 से 20 गाय हैं, 70 हजार का गोबर बेचा है और गोबर बेचकर मिले पैसे से और गाय खरीदी हैं, इस पैसे से घर भी चलाती हैं। 

राजीव युवा मितान क्लब ने गांव में चलाया सफाई अभियान 

भेंट-मुलाकात में राजीव युवा मितान क्लब के सदस्य थानेश्वर साहू, ग्राम कुसमुड़ी ने बताया कि क्लब के जरिए गांव में सफाई अभियान चलाया और ग्रामीणों को स्वच्छता के लिए जागरूक किया, वृक्षारोपण भी किए हैं। छत्तीसगढ़ ओलंपिक में भी बहुत से लोगों ने हिस्सा लिया था, सभी आयोजनों में बहुत मजा आया। मुख्यमंत्री से बात करते हुए कमला बाई साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में ग्रामीण स्तर में आयोजित बिलल्स खेल में अव्वल आयी हूं, 40 वर्ष की उम्र है, मुख्यमंत्री ने उन्हें शुभकामना दी। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन श्रमिक न्याय योजना से लाभान्वित रवि शंकर सोनवानी ने बताया उनके पास जमीन नहीं है। इस योजना के तहत 3 क़िस्त मिला है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण बेरोजगारो के लिए रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना की गई है, जिसमे युवा स्व-रोजगार स्थापित कर सकते हैं। मुख्यमंत्री से बात करते हुए रामशरण ध्रुव ने बताया कि अब जाति प्रमाणपत्र और दूसरे दस्तावेज बनवाने में कोई दिक्कत नहीं होती है, कम समय में प्रमाणपत्र बनकर मिल जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सभी शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री से बात करते हुए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यमिक स्कूल की छात्रा ने स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में बात की। मुख्यमंत्री ने लैब के बारे में भी जानकारी ली, छात्रा ने बताया कि पहले प्राइवेट स्कूल में पढ़ती थी, वहां 25 हजार रुपए लगता था, अब फ्री में पढ़ाई होती है। भेंट-मुलाकात समोदा में मुख्यमंत्री से मिलने स्थानीय जनप्रतिनिधि पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री बघेल का हल देकर एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। 

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ग्राम उफरा में छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज धमधा राज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने भिंभौरी ने महाविद्यालय खोलने और उफरा में सामाजिक भवन के निर्माण की घोषणा की

उफरा में हाईस्कूल का आहता और सायकल शेड निर्माण की घोषणा

उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन बनेगा

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज बेमेतरा जिले के बेरला विकासखंड के ग्राम उफरा में छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज धमधा राज के 77वां वार्षिक राज अधिवेशन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ महतारी, स्वामी आत्मानंद सहित अन्य महापुरुषों के शैलचित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि बेमेतरा जिला से मेरा पुराना और गहरा नाता रहा है। प्रदेश में सामाजिक कार्यक्रम लगातार चल रहा है। मुख्यमंत्री ने पाटन राज में आयोजित होने वाले केंद्रीय अधिवेशन में समाज को आमंत्रित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जन-आकांक्षाओं के अनुरुप ग्राम भिंभौरी में महाविद्यालय खोलने, उफरा में सामाजिक भवन के लिए 20 लाख रूपए दिए जाने तथा उफरा में स्कूल के लिए आहता निर्माण एवं साइकिल शेड निर्माण कराये जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन निर्माण कराये जाने की भी मंजूरी दी। कार्यक्रम में गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, वन पर्यावरण और आवास मंत्री श्री मोहम्मद अकबर एवं बेमेतरा विधायक श्री आशीष छाबड़ा उपस्थित थे।


        मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि इस वर्ष किसानों से सर्वाधिक धान का उत्पादन किया है और इस वर्ष सरकार ने 107 लाख 53 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी की है। इससे 22 हजार करोड़ रुपया सीधा किसानों के खाता में गया है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत तीन किस्त की राशि दे दी गई है, चौथे किस्त की राशि 31 मार्च को किसानों के खाते में डाल दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में कोदो, कुटकी और रागी की भी समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। इस वर्ष मूंग, उड़द, अरहर को भी समर्थन मूल्य में खरीद रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बेमेतरा शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। यहां केे महापुरुषों ने समाज में शिक्षा का अलख जगाया है। मुख्यमंत्री ने उनका पुण्य स्मरण करते हुए नमन किया। उन्होंने कहा कि बहुत बड़े दानवीर श्री पूनाराम परगनिहा ने 51 गांव को दान में दिया था। जिससे आज स्कूल का संचालित हो रहा है। इस अवसर पर केन्द्रीय अध्यक्ष श्री चोवा राम वर्मा, चंद्रशेखर परगनिहा, शिवा चंद्रवंशी, पोषण वर्मा, रोहित वर्मा, नरोत्तम वर्मा, तोरण नायक, प्रकाश वर्मा, अरुण परगनिहा, प्रेमलाल वर्मा सहित समाजित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थिति थे।

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सद्गुरु कबीर संत समागम समारोह दामाखेड़ा मेला में पहुँचे मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

दामाखेड़ा के 10 किलोमीटर के दायरे में नही लगेगा कोई भी स्पंज आयरन उद्योग

पर्यटकों के लिए सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला बनाने की घोषणा

22 करोड़ रूपये से अधिक लागत से बनने वाले कबीर सागर के निर्माण कार्य मे तेजी लाने के निर्देश

युग कोई भी हो संत कबीरदास जी को भुलाया नहीं जा सकता: मुख्यमंत्री 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के दामाखेड़ा में माघपूर्णिमा के अवसर पर आयोजित सद्गुरू कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर दामाखेड़ा के 10 किलोमीटर के दायरे में कोई भी स्पंज आयरन उद्योग नहीं लगाने एवं पर्यटकों के लिए सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला का निर्माण कराये जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने 22 करोड़ रूपये से अधिक लागत से बनने वाले कबीर सागर के निर्माण कार्य मे तेजी लाने और प्राथमिक शाला भवन का जीर्णोंद्धार कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।


समारोह में मुख्यमंत्री ने पंथश्री हुजूर प्रकाश मुनि नाम साहेब का स्वागत करते हुए उनसे छत्तीसगढ़ की तरक्की और खुशहाली के लिए आशीर्वाद लिया। गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, भाटापारा विधायक श्री शिवरतन शर्मा, बेमेतरा विधायक श्री आशीष छाबड़ा ने भी गुरू का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। धर्मगुरू पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहेब ने मुख्यमंत्री के रूप में तीसरी बार दामाखेड़ा आगमन पर श्री भूपेश बघेल का कबीरपंथी समाज की ओर से आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल दिल से कबीरपंथी हैं। संत कबीरदास के सिद्धांत और उपदेश का अनुसरण करते हैं। बीते 22 सालों से मेरा उनसे गहरा नाता है। उन्होंने संत समागम में पहुंचकर दामाखेड़ा का गौरव बढ़ाया है। साथ ही दामाखेड़ा के आसपास स्थापित हो रहे उद्योगों खासकर स्पंज आयरन एवं बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण पर अपनी चिंता व्यक्त की।


कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव है। इसलिए यहां के लोग शांतिप्रिय है और छत्तीसगढ़ पूरे देश में शांति का टापू बना हुआ है। युग चाहे कोई भी हो संत कबीरदास जी को भुलाया नहीं जा सकता, उनके जीवन दर्शन अनमोल है। मैं जब भी प्रकाश मुनि नाम साहेब से मिलता हूं, तो हर बार कुछ नया जानने को मिलता है। कुछ दिन पहले बेमेतरा में मुलाकत हुई तो हमें साहेब बंदगी साहेब के अर्थों के बारे में जानकारी मिली। आज भी कबीर के बहुआयामी दर्शन योग, तप, ध्यान एवं अनुराग के बारे में जानकारी मिली। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि कबीर दास जी का कहना है कि व्यक्ति को सरल होना चाहिए, परंतु आज के समय में सबसे कठिन है सरल होना। सरल होना है, तो गुरु के पास आना ही होगा। गुरूकृपा से ही जीवन धन्य हो सकता है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा धर्मनगर दामाखेड़ा कबीरपंथियों की आस्था का एक प्रमुख केन्द्र है। राज्य सरकार यहां के प्राचीन तालाब सहित संपूर्ण दामाखेड़ा के विकास के लिए वचनबद्ध है, ताकि यहां दर्शन के लिए आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालु दामाखेड़ा की मधुर स्मृति लेकर वापस जाएं।


गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि प्रकाश मुनि नाम साहेब के गद्दी संभालने के बाद देश-विदेश में कबीरपंथ का प्रचार-प्रसार हुआ है। कबीरपंथ सादगीपूर्ण जीवन जीने का एक रास्ता है, जिसमें सभी जाति और समाज के लोग शामिल हैं। उन्होंने कबीर सरोवर के निर्माण के सभी तकनीकी पहलुओं का निराकरण कर लिया गया है। इसका निर्माण तेजी से कराया जाएगा। वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने अपने उद्बोधन में कहा कि दामाखेड़ा मेला में देश-विदेश के लोग एकत्र होते हैं। गुरूओं का  आशीर्वाद इस दौरान उन्हें मिलता है। आज के समय मे नागरिकों को धर्म एवं जाति के नाम पर लड़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कबीर पंथ हमें सामाजिक सद्भाव और सौहार्द्र का रास्ता बताता है, जो एक ईश्वर को मानते हैं एवं सबको साथ मे लेकर चलते हैं।


समारोह को क्षेत्रीय विधायक श्री शिवरतन शर्मा ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर नवोदित वंशाचार्य श्री उदित मुनि साहेब, गुरूगोसांई श्री भानुप्रताप साहब, विधायक श्री आशीष छाबड़ा, दामाखेड़ा के सरपंच पूर्णिमा पूरन देवांगन, पूर्व सरपंच कमलेश साहू, कलेक्टर रजत बंसल, पुलिस अधीक्षक दीपक झा, डीएफओ मयंक अग्रवाल, अपर कलेक्टर राजेंद्र गुप्ता सहित जनप्रतिनिधिगण एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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शुक्रवार को इन पर मेहरबान रहेंगी लक्ष्मी माता, पढ़ें राशिफल

 वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का वर्णन किया गया है। हर राशि का स्वामी ग्रह होता है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल से राशिफल का आकंलन किया जाता है। 3 फरवरी 2023 को शुक्रवार है। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित होता है। इस दिन विधि- विधान से माता लक्ष्मी की पूजा- अर्चना की जाती है। 

 

मेष राशि- संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध एवं वाद-विवाद से बचें। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी।

वृष राशि- नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर मिलेंगे, परन्तु स्थान परिवर्तन हो सकता है। आय में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र बढ़ेगा। परिवार का साथ मिलेगा।

मिथुन राशि- मन प्रसन्न तो रहेगा, परन्तु व्यर्थ के झगड़े एवं विवादों से भी बचें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। अफसरों का सहयोग मिलेगा।

कर्क राशि- आत्मविश्वास में कमी रहेगी। आत्मसंयत रहें। धैर्यशीलता बनाये रखने के प्रयास करें। नौकरी में विदेश जाने के योग बन रहे हैं। परिवार से दूर रहना पड़ सकता है।

सिंह राशि- आशा-निराशा के भाव मन में आ सकते हैं। कला या संगीत के प्रति रुझान बढ़ सकता है। भवन सुख में वृद्धि हो सकती है। परिवार में धार्मिक कार्य भी होंगे। 

कन्या राशि- मानसिक शान्ति के लिए प्रयास करें। कुछ पुराने मित्रों से भेंट हो सकती है। मित्रों के साथ यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। सुस्वादु खानपान में रुचि बढ़ सकती है।

तुला राशि- कला या संगीत में रुचि बढ़ सकती है। कारोबार में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। किसी दूसरे स्थान पर भी जा सकते हैं। परिवार से दूर रहना पड़ सकता है।

वृश्चिक राशि- शैक्षिक कार्यों में मन लगेगा। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। किसी मित्र के सहयोग से रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। परिश्रम अधिक रहेगा। आय बढ़ेगी। 

धनु राशि- मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। कारोबारी कार्यों में मन लगेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। कारोबार के लिए विदेश जा सकते हैं। विदेश यात्रा लाभप्रद रहेगी। सेहत का ध्यान रखें।

 

मकर राशि- मन परेशान रहेगा। नौकरी में परिवर्तन हो सकता है, परन्तु किसी दूसरे स्थान पर जाना हो सकता है। परिवार की समस्या परेशान कर सकती है। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है

 

कुंभ राशि- मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। माता का सानिध्य मिलेगा। भवन सुख में वृद्धि होगी। पिता का सहयोग मिलेगा। धार्मिक संगीत में रुचि बढ़ सकती है।

 

मीन राशि- पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। कारोबार में सुधार आयेगा। परन्तु भागदौड़ अधिक रहेगी। यात्रा खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

 

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’विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2023’

  रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पारिस्थितिकी तंत्र की बेहतरी और जलवायु परिवर्तन की समस्याओं से बचाव के लिए आर्द्रभूमि (वेटलैण्ड) के संरक्षण और लोगों में इसके प्रति जागरूकता की महती आवश्यकता है। इसे देखते हुए 02 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के महासमुंद वन प्रभाग ने ग्रीन क्लब और कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर के सहयोग से वन चेतना केन्द्र, कोडर बांध, पटवा, महासमुंद में जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्व विद्यालय और स्कूली छात्रों ने सफाई अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश लोगों को दिया। उन्होंने लगभग 285 किलोग्राम कचरा एकत्र कर उचित निपटान के लिए नगर पालिका में जमा किया। 


उल्लेखनीय है कि आर्द्रभूमि के संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए हर साल 02 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है। आर्द्रभूमि में झीलों, दलदलों, मैंग्रोव, नमक पैन, ज्वारीय फ्लैट और जलाशयों जैसे प्राकृतिक और मानव निर्मित दोनों स्थल शामिल हैं। इस वर्ष के विश्व आर्द्रभूमि दिवस का विषय ’आर्द्रभूमि बहाली’ है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आर्द्रभूमि ठीक से काम कर सके और पर्यावरणीय स्थिरता को बनाए रखा जा सके। वेटलैण्ड (आर्द्रभूमि) को पारिस्थितिकीय तथा स्वस्थ्य पर्यावरण के लिए बहुत उपयुक्त माना जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर वेटलैण्डों के विकास के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्ययोजना बनाई जा रही है। छत्तीसगढ़ में कुल 35 हजार 534 वेटलैण्ड हैं। वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के कुशल मार्गदर्शन में इन वेटलैण्डों में आने वाले प्रवासी, स्थानीय पक्षियों के रहवास विकास को देखते हुए छत्तीसगढ़ के  27 वेटलैण्ड में सर्वे कराया जा रहा है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर श्री नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर और विशिष्ट अतिथि कलिंग विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. श्रीधर ने छात्रों को स्वस्थ भविष्य के लिए जल निकायों के महत्व के बारे में बताया और उन्हें संरक्षण के लिए प्रेरित किया। श्री नीलेशकुमार ने समाज की भलाई के लिए इस तरह की पहल करने के लिए श्री पंकज राजपूत, प्रभागीय वन अधिकारी, महासमुंद के प्रयासों की सराहना की। 

कार्यक्रम में भोपाल, मध्य प्रदेश के गिद्ध विशेषज्ञ श्री दिलशेर खान ने छात्रों के मध्य खेल के माध्यम से अपनी बातें रखीं। इसके बाद स्थानीय लोगों के साथ संवाद सत्र की आयोजित किया गया और छात्रों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर नवा रायपुर के कलिंग विश्वविद्यालय, महासमुंद के श्याम विद्या मंदिर, श्याम बालाजी कॉलेज, मां गायत्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ज्ञानंजली पब्लिक स्कूल और एकलव्य रेजीडेंसी स्कूल, भोरिंग के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ने सिलतरा इलाके में राखड़ खुदाई के दौरान तीन लोगों की मृत्यु पर दुःख प्रकट किया

  रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राजधानी रायपुर के सिलतरा इलाके में राखड़ खुदाई करते वक्त तीन लोगों की मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में घायलों को त्वरित और बेहतर उपचार के साथ ही अन्य जरूरी मदद उपलब्ध कराने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। राखड़ खुदाई के समय मलबे में 5 लोग दब गए थे, जिसमें 3 की मृत्यु हो गई है और 2 लोग घायल हैं, जिनका उपचार जारी है।

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नक्सल क्षेत्र की बदली तस्वीर : हरे बस्तर में हो रही नीली क्रांति

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बस्तर के हरे-भरे क्षेत्र में नीली क्रांति से अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। प्रदेश के कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के तस्वीर बदलने लगी है। इस विकासखण्ड का पखांजूर क्षेत्र मत्स्य उत्पादन के नाम से देश में अपनी एक नई जगह बना रहा हैं। अब यह क्षेत्र देश में मछली पालन के नक्शे पर जाना पहचाना नाम है। यहां क्लस्टर एप्रोच पर मछली पालन किया जा रहा है। यह संभव हुआ है कि कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के पंखाजूर क्षेत्र के किसानों की मेहनत और शासन की योजनाओं के मदद के फलस्वरूप। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में बीते 4 वर्षों में छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में उत्तरोत्तर प्रगति कर रहा है और पूरे देश में छत्तीसगढ़ की एक नई पहचान स्थापित हो रही है।

पखांजूर इलाके में मछली पालन से लगभग पांच हजार से अधिक मत्स्य पालक किसान जुड़े हैं। यहां मछली पालन किस वृहद तौर पर किया जा रहा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इन किसानों के द्वारा मछली बीज, मछलियों के उत्पादन और परिवहन आदि में औसत वार्षिक टर्न ओवर 500 करोड़ रूपए से अधिक का है। इस क्षेत्र में लगभग 19,700 तालाबों, इनमें लगभग 99 प्रतिशत तालाबों में मछली पालन किया जा रहा है।

इस क्षेत्र के किसानों ने अपनी मेहनत और हुनर तथा शासन की योजनाओं के फलस्वरूप इस क्षेत्र में क्रांति ला दी। इन परिवारों ने स्थानीय कृषकों की मदद से मछली पालन के काम को आगे बढ़ाया। अब यह कार्य पखांजूर विकासखण्ड के आसपास के गांवों में फैल चुका है। यहां मछली उत्पादन के साथ-साथ मत्स्य बीज का भी उत्पादन हो रहा है। यहां से महाराष्ट्र, उड़ीसा, आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में मछली बीज की सप्लाई की जाती है। अकेले मछली बीज से ही किसानों को करीब 125 करोड़ रूपए की आय होती है।

 

पखांजूर के बड़ेकापसी गांव की कहानी और भी उत्साहवर्धक है, आसपास के 5 गांवों में किसान मछली की सामूहिक खेती कर रहे हैं। इन गांवों में मछली पालन के लिए 1700 तालाब बनाए गए हैं। जिनमें 30 हजार मीट्रिक टन मछली का उत्पादन होता है। गांव के लोग बताते हैं कि अब वे परंपरागत खेती-किसानी का काम छोड़कर लोग अब मछली पालन व्यवसाय की ओर बढ़ रहे हैं, क्योकि कम लागत में अधिक मुनाफे का धंधा है। गांवों के उनके कई खेत अब मछली की खेती के लिए तालाब में बदल गए हैं।

पखांजूर क्षेत्र में क्लस्टर एप्रोच में मछली पालन की यह तकनीक किसानों में लगातार लोकप्रिय होते जा रही है। इन गांवों में लगभग 12 हजार 500 हेक्टेयर का जल क्षेत्र मछली पालन के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा यहां 27 हेचरी, 45 प्राक्षेत्र, 1623 पोखर, 1132 हेचरी संवर्धन पोखर उपलब्ध हैं। यहां 72 करोड़ मछली बीज का उत्पादन हो रहा है। इनमें से 64 करोड़ मछली बीज देश के विभिन्न राज्यों को भेजा जाता है।

पखांजूर क्षेत्र में आधुनिक तकनीक से मछली पालन करने से यहां लगभग 51000 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन हो रहा है। यहां प्रति हेक्टेयर जल क्षेत्र मत्स्य उत्पादन 8000 में 12000 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन लिया जा रहा है। इसके अलावा यहां 8 करोड़ पगेसियस मत्स्य बीज का उत्पादन भी हो रहा है। पगेसियस मत्स्य बीज केज कल्चर के जरिए मत्स्य पालन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जाता है।

शासन की विभिन्न योजनाओं से मछली पालन ने पकड़ी रफ्तार

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन एवं केंद्र शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और नीली क्रांति, मत्स्य पालन प्रसार योजना से किसानों को बड़ी मदद मिली और मार्गदर्शन भी मिला, जिससे पखांजूर क्षेत्र में मत्स्य पालन के व्यवसाय को रफ्तार मिली। इस कार्य अभी 5 हजार से अधिक मत्स्य कृषक सीधे जुड़े है। किसान बताते है कि नीली क्रांति योजना से मछुवारों को बहुत लाभ हुआ। तकनीकी सहायता के साथ उन्नत तकनीक से मछली पालन के लिए ऋण अनुदान मिलने से मछली पालन का व्यवसाय अब यहां वृहद् आकार ले चुका है।
 
मछली पालन को कृषि का दर्जा

छत्तीसगढ़ शासन के मछली पालन विभाग द्वारा मत्स्य पालक किसानों को केजकल्चर बायोफ्लोक जैसा अत्याधुनिक तकनीक के जरिए मछली पालन के लिए ऋण अनुदान उपलब्ध कराने के साथ ही तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। मत्स्य पालन को राज्य में खेती का दर्जा भी दिया गया है। इससे किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, कृषि के समान ही रियायती दर पर विद्युत एवं अन्य सुविधाएं मिल रही हैं। कृषि का दर्जा मिलने से किसानों में उत्साह है।

मछली उत्पादन में छठवें पर और मछली बीज उत्पादन में पांचवें स्थान पर है छत्तीसगढ़

गौरतलब है कि मछली उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शुमार है। मछली बीज उत्पादन में पांचवें और मछली उत्पादन में छत्तीसगढ़ का स्थान देश में छठवां है। पिछले चार वर्षों में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से 09 चाइनीज हेचरी तथा 364.92 हेक्टेयर में संवर्धन क्षेत्र निर्मित किया गया है। मत्स्य बीज उत्पादन में 20 प्रतिशत बढ़कर 302 करोड़ स्टेर्ण्डड फ्राई इसी प्रकार मत्स्य उत्पादन 29 प्रतिशत बढ़कर 5.91 लाख टन हो गया है। मछली पालन के लिए 4200 केज जलाशयों में स्थापित किए गए है और मत्स्य कृषकों की भूमि पर 2410 हेक्टेयर में तालाब विकसित किए गए। इसके अलावा 6 फीड मील स्थापित किए गए हैं।

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पावर कंपनी से ईडी श्री श्रीवास एवं श्री गुप्ता की भावभीनी विदाई

  रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी से सेवानिवृत्त कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री आर.के.श्रीवास एवं मुख्य अभियंता(परियोजना) श्री हेमंत श्रीधर कंपनी मुख्यालय विद्युत सेवाभवन में भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम में पाॅवर ट्रांसमिशन कंपनी की एमडी श्रीमती उज्ज्वला बघेल, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एमडी श्री मनोज खरे, जनरेशन कंपनी के एमडी श्री एस.के.कटियार ने उन्हें प्रमाण पत्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। श्रीमती बघेल ने कहा कि सेवानिवृत हो रहे अभियंताओं ने कठिनाईयों और चुनौतियों का सामना करते हुए हर विषय की गहराई पर जाकर समाधान निकाला। यह उनके सकारात्मक नजरिये को दर्शाता है। हर किसी को मनपंसद काम नहीं मिलता लेकिन हर काम को मनपंसद बना लेना सफलता की कुंजी है।  

इस अवसर पर सेवानिवृत्त ईडी श्री श्रीवास, सीई श्री श्रीधर ने अपने कार्य अनुभव बताते हुए अपनी सफलता का श्रेय टीमवर्क को दिया तथा सेवायात्रा के दौरान अधिकारी-कर्मचारियों से मिले सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।
इसी प्रकार ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (संचारण-संधारण) बिलासपुर श्री संदीप गुप्ता एवं अधीक्षण अभियंता (भंडार एवं क्रय) श्री ए.आर.बुनकर को भी सेवाभवन में भावभीनी विदाई दी गई। ट्रांसमिशन कंपनी की एमडी श्रीमती उज्ज्वला बघेल ने उन्हें सेवा प्रमाण-पत्र व प्रतीक चिन्ह भेंट किया। प्रबंध निदेशकगणों ने  सेवानिवृत्त अभियंताओं की सेवाओं को प्रदेश के विद्युत विकास के लिए महत्वपूर्ण निरूपित करते हुए उनके द्वारा विद्युत मंडल एवं कंपनी में किये गये योगदान की सराहना की तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविन्द पटेल ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर संक्षेप में प्रकाश डाला। इस अवसर पर पॉवर कंपनीज के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही सेवानिवृत्त अधिकारियों के परिवारजन भी उपस्थित थे। 
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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अवैध निर्माण के नियमितिकरण के प्रकरणों के निराकरण में विलंब पर जताई गहरी नाराजगी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अवैध निर्माण के नियमितिकरण के प्रकरणों के निराकरण में विलंब पर गहरी नाराजगी प्रकट की है। उन्होंने कलेक्टरों को प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए यह नियम लाया गया है, राज्य सरकार ने लोगों को अवैध निर्माण के नियमितिकरण कराने का मौका दिया है, इसका लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि इसका जनता के बीच व्यापक प्रचार प्रसार करें। मुख्यमंत्री ने इस कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता से करने के निर्देश देते हुए कहा है कि वे स्वयं प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने अवैध निर्माण के नियमितीकरण के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने और कैंम्प लगाने के निर्देश दिए हैं। अपर संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवासीय एवं गैर आवासीय अनधिकृत निर्माण के नियमितिकरण हेतु छŸाीसगढ़ राज्य शासन के द्वारा प्रदेश में 14 जुलाई से छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण संशोधन अधिनियम 2022 एवं नियम 2022 प्रभावशील किया गया था। जिसमें 14 जुलाई तक अस्तित्व में आये आवासीय एवं गैर आवासीय तथा भूमि उपयोग का परिवर्तन कर किये गये, अनधिकृत निर्माण का नियमितिकरण किया जाना है। छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम-64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ अनधिकृत निर्माण के नियमितिकरण (संशोधन) विधेयक 2022 को 04 जनवरी 2023 को पुर्नस्थापित किया गया।
प्रकरण के निराकरण हेतु जिला नियमितिकरण प्राधिकारी का गठन किया गया है। जिसमें कलेक्टर रायपुर को अध्यक्ष एवं सदस्यों में जिला पुलिस अधीक्षक, संबंधित नगरीय निकाय, जिनके क्षेत्र का प्रकरण होगा या आयुक्त, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, संबंधित विकास प्राधिकरण, जिनके क्षेत्र का होगा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के प्रभारी अधिकारी को सदस्य सचिव नियुक्ति किया गया है।
इस अधिनियम नियम के तहत अनधिकृत विकास करने वाले व्यक्तियों से निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों के साथ 14 जुलाई 2023 तक 01 वर्ष के लिये नियमितिकरण हेतु आवेदन पत्र प्राप्त किये जायेगें। इस अवधि में 30 दिन की वृद्धि करने का अधिकार जिला कलेक्टर को दिये गये है। आवेदन पत्र की प्राप्ति हेतु नगर पालिक निगम, नगर पालिका परिषद् एवं नगर पंचायत क्षेत्र में मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा निवेश क्षेत्र के भीतर किन्तु स्थानीय निकाय के बाहर संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय रायपुर अधिकृत किये गये है। नगरीय निकाय क्षेत्र के अंतर्गत स्थानीय निकाय के द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों को निर्धारित आवक पंजी में दर्ज कर, स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन, शास्ति की गणना, कर्मकार शुल्क की गणना की जाकर संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के माध्यम से नियमितिकरण प्राधिकारियों की गठित समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाकर निराकरण किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक रायपुर निवेश  क्षेत्रांतर्गत कुल 549 आवेदन प्राप्त किये गय है, जिसमें 396 आवासीय एवं 153 गैर आवासीय प्रकरण है। नियमितिकरण प्राधिकारियों की गठित समिति द्वारा अब तक 2 बैठक संचालित की गई है। कुल प्राप्त आवेदनों में से 35 प्रकरणों में मांग पत्र जारी किये जा चुके है, जिसके अनुसार 10 प्रकरणों में शास्ति राशि प्राप्त होने उपरांत कुल 27 प्रकरणों को स्वीकृति प्रदान की गई है। कुल 549 प्रकरणों में अनुमानित शास्ति अधिरोपित राशि 4,28,46,696.33 रूपए (चार करोड़ अट्ठाईस लाख छियालिस हजार छह सौ छियान्वे रूपए) मात्र है, जिसमें से दिनांक 17 जनवरी 2023 की स्थिति में शास्ति जमा राशि 27,46,522.85 रूपए (सत्ताईस लाख छियालिस हजार पांच सौ बाईस रूपए) मात्र प्राप्त की गई है।
प्रकरणों के निराकरण हेतु मापदंड निर्धारित है। इनमें आवासीय प्रयोजन हेतु अनधिकृत निर्माण में 120 वर्गमीटर क्षेत्रफल के भूखंड पर निर्मित भवनों पर कोई शास्ति शमन शुल्क नहीं लिया जायेगा, किन्तु 120 वर्गमीटर से 240 वर्गमीटर क्षेत्रफल के भूखण्डों पर 125/- रू. प्रति वर्गमीटर, 240 से 360 वर्गमीटर तक क्षेत्रफल के भूखण्डों पर 200 रू. प्रति वर्गमीटर तथा 350 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल के भूखण्डों पर 300 रू. प्रति वर्गमीटर की दर से शास्ति की गणना की जायेगी। व्यावसायिक तथा अन्य गैर आवासीय प्रयोजनों हेतु निर्मित अनधिकृत निर्माण के लिये मापदंड 100 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु शास्ति भवन अनुज्ञा शुल्क का 16 गुणा शास्ति देय होगी। 100 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 200 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 21 गुणा शास्ति देय होगी। 200 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 300 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 26 गुणा शास्ति देय होगी। 300 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 400 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 31 गुणा शास्ति देय होगी। 400 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 500 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 36 गुणा शास्ति देय होगी। 500 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 600 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 41 गुणा शास्ति देय होगी। 600 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 700 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 46 गुणा शास्ति देय होगी। 700 वर्गमीटर से अधिक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 51 गुणा शास्ति देय होगी। भवन अनुज्ञा शुल्क से तात्पर्य भूमि विकास नियम 1984 में निर्धारित शुल्क से है। निर्धारित प्रयोजन से भिन्न भूमि उपयोग परिवर्तन करने पर उस क्षेत्र की भूमि के लिये वर्तमान में प्रचलित कलेक्टर गाईड लाईन दर का 5 प्रतिशत अतिरिक्त शास्ति देय होगी।
यदि अनधिकृत विकास, निर्धारित पार्किंग हेतु आरक्षित भूखंड स्थल पर किया गया हो तो नियमितिकरण की अनुमति तभी दी जायेगी, जब आवेदक द्वारा पार्किंग की कमी हेतु निर्धारित अतिरिक्त शास्ति राशि का भुगतान कर दिया गया हो। 1 जनवरी 2011 के पूर्व अस्तित्व में आये अनधिकृत विकास/निर्माण जिनकी भवन अनुज्ञा/विकास अनुज्ञा स्वीकृत हो, अथवा ऐसी अनधिकृत भवन जिसके लिए संबंधित स्थानीय निकाय में शासन द्वारा निर्धारित दर से सम्पत्ति कर का भुगतान किया जा रहा हो, ऐसे भवनों में यदि छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 अथवा संबंधित विकास योजना के अनुरूप पार्किंग उपलब्ध नहीं है तो 25 प्रतिशत तक पार्किंग हेतु देय शास्ति प्रत्येक कार स्थान हेतु 50 हजार रूपये, 25 प्रतिशत से अधिक एवं 50 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु 1 लाख रूपये, 50 प्रतिशत से अधिक एवं 100 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु 2 लाख रूपये शास्ति देय होगा। 1 जनवरी 2011 अथवा उसके पश्चात् अस्तित्व में आये अनधिकृत विकास/निर्माण जिनकी भवन अनुज्ञा/विकास अनुज्ञा स्वीकृत हो, अथवा ऐसी अनधिकृत भवन जिसके लिए संबंधित स्थानीय निकाय में शासन द्वारा निर्धारित दर से सम्पत्ति कर का भुगतान किया जा रहा हो, ऐसे भवनों में यदि छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 अथवा संबंधित विकास योजना के अनुरूप पार्किंग उपलब्ध नहीं है तो 25 प्रतिशत तक पार्किंग हेतु देय शास्ति प्रत्येक कार स्थान हेतु 50 हजार रूपये, 25 प्रतिशत से अधिक एवं 50 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु 1 लाख रूपये शास्ति देय होगा। 50 प्रतिशत से अधिक एवं 75 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु 2 लाख रूपये शास्ति देय होगा।  
शमन योग्य पार्किंग आवासीय अधिभोग में 500 वर्गमीटर तक निर्मित क्षेत्र में पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यूनतम क्षेत्रफल निरंक, 500 वर्गमीटर से अधिक निर्मित क्षेत्र में पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यूनतम क्षेत्रफल 50 प्रतिशत होगा, इसी प्रकार गैर आवासीय अधिभोग में 500 वर्गमीटर तक निर्मित क्षेत्र में पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यूनतम क्षेत्रफल निरंक, 500 वर्गमीटर से अधिक निर्मित क्षेत्र में पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यूनतम क्षेत्रफल 50 प्रतिशत होगा। गैर लाभ अर्जन करने वाली सामाजिक संस्थाएं जो लाभ अर्जन के उद्देश्य से स्थापित न की गई हो के अनधिकृत विकास के प्रत्येक प्रकरण में शास्ति प्राक्कलित राशि के 50 प्रतिशत की दर से देय होगा। छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 के नियम 39 में निर्धारित प्रावधानोंनुसार मार्ग की चौडाई उपलब्ध नहीं होने के कारण स्थल में विद्यमान गतिविधियों में किसी प्रकार का लोकहित प्रभावित न होने की स्थिति में नियमितिकरण किया जा सकेगा। आवेदन पत्र का प्रारूप संलग्न दस्तावेज इत्यादि की जानकारी स्थानीय निकाय एवं कार्यालय संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर एवं विभागीय वेबसाईड www.tcp.cg.gov.inसे प्राप्त की जा सकती है।

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आरडीए का बड़ा फैसला : सरचार्ज राशि के एक मुश्त भुगतान पर मिलेगी 50 फीसदी छूट...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर विकास प्राधिकरण संचालक मंडल ने सोमवार को आयोजित बैठक में जनहित के ढेर सारे निर्णय लिए। इनमें बकाया सरचार्ज राशि का एक मुश्त भुगतान पर आवासीय में 50 प्रतिशत व व्यावसायिक पर 30 प्रतिशत की छूट दी गई। 15 प्रतिशत की चक्रवृध्दि दर से ली जाने वाली सरचार्ज राशि को घटा कर साधारण ब्याज पर 12 प्रतिशत करने, कमल विहार सेक्टर 4 के 768 ईडब्लूएस फ्लैट्स के आवंटितियों को 84 हजार की सबसिडी राशि देने और संपत्तियों की रजिस्ट्री के पहले संबंधियों का नाम जोड़ने व हटाने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इन फैसलों से आवंटितियों को काफी राहत मिलेगी। संचालक मंडल की बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष सुभाष धुप्पड़ ने की तथा बैठक का संचालन संचालक मंडल के सदस्य सचिव व मुख्य कार्यपालन अधिकारी धर्मेश कुमार साहू ने की। बैठक में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष द्वय सूर्यमणि मिश्रा व शिव सिंह ठाकुर, संचालक मंडल के सदस्य राजेन्द्र पप्पू बंजारे, श्रीमती ममता रॉय, मुकेश साहू, और श्रीमती चन्द्रवती साहू उपस्थित थी।

बकाया राशि का भुगतान पर आवासीय में 50 प्रतिशत, व्यावसायिक में 30 प्रतिशत सरचार्ज की छूट
संचालक मंडल ने जनहित में एक बड़ी राहत देते हुए बकाया राशि का एक मुश्त भुगतान करने पर आवासीय संपत्तियों में 50 प्रतिशत की छूट तथा व्यावसायिक संपत्तियों में 30 प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया है। यह छूट 31 मार्च 2023 तक की अवधि के लिए दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि रायपुर विकास प्राधिकरण की पुरानी योजनाओं में 41.25 करोड़ रुपए की राशि बकाया है जिसमें से 13.35 करोड़ रुपए की सरचार्ज राशि शामिल है।

सरचार्ज 15 प्रतिशत से घटा कर 12 प्रतिशत किया गया
रायपुर विकास प्राधिकरण के आवंटितियों से देर से किए जाने वाले भुगतान पर 15 प्रतिशत सरचार्ज राशि को कम कर अब 12 प्रतिशत कर दिया गया है। संचालक मंडल ने आम जनता की मांग पर यह पाया कि पहले सरचार्ज की राशि चक्रवृध्दि ब्याज के रुप में ली जा रही है। इससे लोगों पर काफी आर्थिक भार पड़ता था। 1990 में प्राधिकरण व्दारा 18 प्रतिशत सरचार्ज तथा 2004 से 15 प्रतिशत सरचार्ज लिया जाने लगा। तत्समय बैंको की प्रचलित दर 12 प्रतिशत थी जिसमें तीन या चार प्रतिशत अर्थदंड के रुप में अधिरोपित कर 15 प्रतिशत की राशि सरचार्ज के रुप में ली जाती थी। वर्तमान में वाणिज्यिक बैंकों व्दारा ब्याज दर 8 प्रतिशत साधारण ब्याज के रुप में ली जा रही है। इसे देखते हुए संचालक मंडल ने चर्चा कर 1 अप्रैल 2023 से 12 प्रतिशत सरचार्ज लेने का निर्णय लिया किन्तु पूर्व में अधिरोपित हो चुका राशि यथावत रहेगी।

कमल विहार सेक्टर 4 के 768 ईडब्लूएस के आवंटितियों को मिलेगी 84 हजार की सब्सिडी
बैठक में संचालक मंडल को बताया गया कि ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कमल विहार के सेक्टर 4 में निर्माणाधीन 768 ईडब्लूएस फ्लैट्स के आवंटितियों को केन्द्र सरकार से प्राप्त सब्सिडी की राशि सूडा के माध्यम से प्राधिकरण को प्राप्त हुई है। यह राशि प्रति आवंटिति को 84 हजार रुपए दी जाएगी। जिस बैठक में स्वीकृति दी।  
 
आवटितियों के संबंधियों का नाम रजिस्ट्री के पहले जोड़ा जा सकेगा
प्राधिकरण की संपत्तियों के क्रय करने के लिए आवेदक फ्लैट, भूखंड व मकान के लिए आवेदन प्रस्तुत करता है। इसके बाद आवेदक को नियमानुसार आवंटन किया जाता है। आवेदक व्दारा आवंटन पत्र आदेश के अनुसार पूर्ण राशि जमा करने के बाद संपत्ति के दस्तावेजों का पंजीयन रायपुर के पंजीयन कार्यालय (रजिस्ट्री) कराता है। वर्तमान में कई हितग्राहियों व्दारा पारिवारिक परेशानियों के कारण सह आवंटितियों का नाम जोड़ने व विलोपित किए जाने की मांग की जा रही थी। अतः संचालक मंडल ने यह निर्णय लिया कि अब पंजीयन (रजिस्ट्री) के पहले आवंटिति अपने संबंधियों जिसमें पिता, माता, पुत्र, पुत्री, पति और पत्नी का नाम सह आवंटिति के रुप में जोड़ा और हटाया जा सकेगा।

कमल विहार सेक्टर 13 के एलआईजी की बुकिंग राशि घटा कर अब 50 हजार की गई
कमल विहार के सेक्टर 13 में प्रस्तावित सर्व सुविधायुक्त 288 एलआईजी फ्लैट्स की बुकिंग के लिए धरोहर राशि कमल विहार के अन्य सेक्टर में प्रधानमंत्री आवास योजना के विक्रय किए जा रहे फ्लैट्स की तर्ज पर कम कर दी गई है। पहले फ्लैट्स की पंजीयन राशि 10 प्रतिशत अर्थात 1.90 लाख रुपए रखी गई थी। जनता की मांग पर इसे घटा कर अप 50 हजार रुपए कर दिया गया है। जिन्होनें इन फ्लैट्स की बुकिंग कराई है उन्हें किस्तों का देरी से भुगतान करने पर अब सरचार्ज नहीं लिया जाएगा। ऐसे आवंटितियों को किस्त भुगतान के लिए समयवधि में बदलाव किया जाएगा। साथ ही इसके निर्माण के लिए शीघ्र ही निविदा की जाएगी।

पुरानी योजनाओं के भूखंड-भवनों अतिरिक्त भूमि का आवंटन वर्तमान दर पर होगा
संचालक मंडल ने यह भी निर्णय लिया कि प्राधिकरण की पुरानी योजनाओं में आवंटित भूखंडों में पीछे या कार्नर पर आवंटन योग्य भूमि होने पर उसे वर्तमान में प्रचलित गाईड लाईन दर से आवंटित किया जाएगा। प्राधिकरण में भूखंड - भवनों के लीज नवीनीकरण, उत्तराधिकारी नामांतरण, हस्तांतरण एवं फ्री-होल्ड किये जाने हेतु प्राप्त आवेदन में कई संपत्तियों में अतिरिक्त भूमि आवंटन के लिए उपलब्ध होती है।

आर्थिक अपराध ब्यूरों में जब्त फाईलों के प्रकरणों में नामांतरण, निर्माण एनओसी दी जाएगी
प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में आवंटित विभिन्न संपत्तियों के मूल फाईलें राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो व्दारा नवंबर 1997 में शिकायत के आधार पर कुल 277 प्रकरणों की फाईलें जांच के लिए जप्त की थी। ऐसे आवेदकों की मांग पर प्राधिकरण संचालक मंडल ने मृत्यु उपरांत नामांतरण, भवन निर्माण अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं लीज नवीनीकरण हेतु प्राप्त आवेदनों पर स्वयं की जोखिम पर नो क्लेम एग्रीमेन्ट व जांच के उपरांत जो भी आदेश होगें उन्हें मान्य होने की शर्त पर अनुमति दी जाएगी। इस हेतु राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो का निर्णय मान्य होने संबंधी शपथ पत्र भी लिया जाएगा।  

रायपुर विकास प्राधिकरण की संचालक मंडल की आज की बैठक में विशेष सचिव वित्त विभाग की श्रीमती शीतल सारस्वत वर्मा, उप सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग सी. तिर्की, अतिरिक्त कलेक्टर बी.सी.साहू, नगर पालिक निगम रायपुर के उपायुक्त अरविंद शर्मा, वन विभाग वृत रायपुर के उप वनसंरक्षक जी.के.मेहर, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी से कार्यपालन अभियंता विनय चन्द्राकर, प्राधिकरण के अतिरिक्त सीईओ नवीन कुमार ठाकुर उपस्थित थे। बैठक के अंत में जनहित में लिए निर्णयों के लिए अध्यक्ष सुभाष धुप्पड़ ने सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 31 जनवरी तक

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जवाहर नवोदय विद्यालय सलोरा में शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए 29 अप्रेल 2023 को चयन परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। चयन परीक्षा में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन जारी है। अभ्यर्थीगण 31 जनवरी 2023 तक ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाइट पर नि:शुल्क भरे जा सकते हैं। 

प्राचार्य जवाहर नवोदय विद्यालय ने बताया कि कोरबा जिले में मान्यता प्राप्त विद्यालय में सत्र 2022-23 में कक्षा पांचवी में पूर्ण सत्र अध्ययनरत् व कक्षा तीसरी व चैथी पूर्ण शैक्षणिक वर्ष मान्यता प्राप्त विद्यालय से अध्ययन किए हुए विद्यार्थी चयन परीक्षा के लिए पात्र होंगे। अभ्यर्थी को कोरबा जिला का वास्तविक निवासी होना चाहिए। ऐसे अभ्यर्थी कोरबा जिले के लिए कक्षा छठवीं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अभ्यर्थी की जन्मतिथि 01 मई 2011 से 30 अप्रेल 2013 के मध्य होना चाहिए। एक अभ्यर्थी को केवल एक बार जेएनव्हीएसटी के लिए आवेदन करने की अनुमति है। विस्तृत जानकारी के लिए नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाइट का अवलोकन किया जा सकता है।

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