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टमाटर गोभी और सब्जी के आड़ में तस्करी, ढ़ाई क्विंटल गांजा जब्त

 पुलिस ने भटली के पास वाहन को पकड़ा जानकारी के मुताबिक सरिया पुलिस नियमित जांच के सिलसिले में थाना क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रही थी। इस बीच भटली चौक में गोभी सब्जी के आड़ में एक युवक ने उड़ीसा से गांजा तस्करी करते समय सरिया पुलिस के हत्थे चढ़ा।

पुलिस को देखते ही आरोपित युवक गाड़ी छोड़कर भागने का प्रयास किया। लेकिन सरिया पुलिस ने धर दबोचा। सरिया थाना प्रभारी प्रमोद यादव ने बताया कि ओडिसा से माजदा मेटाडोर गाड़ी में सब्जी के आड़ में करीब ढाई क्विंटल गांजा लाते समय पकड़ा गया है।

आरोपित युवक मध्य प्रदेश के दमोह जिले का बताया जा रहा है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि ओड़िसा से गांजा ला रहा था । और मध्य प्रदेश में ले जा रहा था। माजदा गाड़ी बिलासपुर का बताया जा रहा है। जिसे आरोपित युवक ने किराए में लेकर गांजा परिवहन कर रहा था।

वही वाहन में टमाटर के कैरेट तथा बोरी में पत्ता गोभी भरा हुआ था। इसके बीच मे शातिराना तरीके से पुलिस को चकमा देने के उद्देश्य से गांजा छिपाया था।

थाना प्रभारी प्रमोद यादव के बताए अनुसार ढाई क्विंटल गांजा की कीमत लगभग 25 लाख रुपए एवं माजदा गाड़ी की कीमत 5 लाख रुपये तथा आरोपित के कब्जे से एक मोबाइल जप्त किया गया। इस मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है ।

 

 

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रोंजे गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 7 मवेशियों की मौत

मानसून की एंट्री के बाद पहली बार बस्तर में लगातार 2 दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने दंतेवाड़ा जिले में सबसे अधिक 87 MM बारिश दर्ज की है। दंतेवाड़ा के रोंजे गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 6 से 7 मवेशियों की मौत हो गई है।  बुधवार की शाम 3 से 4 बजे के बीच दंतेवाड़ा, जगदलपुर, बीजापुर समेत अन्य इलाकों में बारिश शुरू हुई थी।

रातभर जमकर बदरा बरसे। वहीं गुरुवार की सुबह कुछ देर के लिए मौसम खुला था, लेकिन दोपहर बाद फिर से बारिश शुरू हो गई। रात में भी मौसम की झमाझम हुई। इधर, बस्तर में बारिश की वजह से पारा भी लुढ़का है, लेकिन 34 डिग्री के साथ कांकेर सबसे ज्यादा गर्म रहा, जबकि नारायणपुर में सबसे कम 27.7 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है।

इसके अलावा बीजापुर में 30.5 डिग्री, दंतेवाड़ा में 29.7 डिग्री, बस्तर में 31.4 डिग्री अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है। इसके अलावा बस्तर में 61.2 MM, नारायणपुर में 7.3 MM, कांकेर में 27.3 MM, कोंडागांव में 68.2 MM, बीजापुर में 10 और सुकमा में 50.1 MM बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आज भी बस्तर संभाग के जिलों में बारिश हो सकती है।

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गांजा बेचने वाली महिला तस्कर गिरफ्तार

थाना सरस्वती नगर पुलिस को सूचना मिली की आमनाका कुकुरबेड़ा ओवर ब्रिज के नीचे सैलून के पीछे गुमटी के पास एक महिला सफेद रंग के झोला मे मादक पदार्थ गांजा बिक्री करने रखे हुये हैं मुखबिर के बताये अनुसार उक्त महिला को घेराबंदी कर पकड़ा गया नाम पता पूछने पर अपना नाम ज्योति देवार पति चिन्ना देवार उम्र 35 साल देवार बस्ती कुकुर बेड़ा थाना सरस्वती नगर रायपुर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से अवैध रूप से रखे मादक पदार्थ गांजा 700 ग्राम कीमती 5000 रुपये जप्त कर आरोपिया के विरुद्ध थाना सरस्वती नगर में अप. क्र.176/ 24 धारा 20 बी NDPS एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही किया।

 

 

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ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

 प्रार्थी कमलेश जैन उम्र 51 साल निवासी जशपुर नगर के द्वारा दिनांक 27 मार्च 2024 को भूमि स्वामी की भूमि का रजिस्ट्री कराने या दिये गये रूपये वापस करने बाबत शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय जशपुर में प्रस्तुत किया गया था, आवेदक के द्वारा प्रस्तुत शिकायत आवेदन-पत्र की जांच कराई गयी। जांच पर अनावेदक अंकित ताम्रकार निवासी सन्ना रोड जशपुर द्वारा आवेदक कमलेश जैन के साथ भूमि का सौदा की बात को लेकर लाखों रूपये लेकर धोखाधड़ी कर ठगी करना पाये जाने से अंकित ताम्रकार निवासी सन्ना रोड जशपुर एवं उसके साथी करन सिंह के विरूद्ध प्रथम दृष्टिया धारा 420 भा.द.वि. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आवेदक, गवाहों के कथन एवं आवेदक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का अवलोकन एवं विश्लेषण से पाया गया कि प्रार्थी और अभियुक्त अंकित ताम्रकार के मध्य भूमि क्रय-विक्रय की बातचीत हुई है।

बातचीत में प्रार्थी द्वारा अंकित ताम्रकार से भूमि क्रय करने की ईच्छा व्यक्त करने पर अभियुक्त अंकित ताम्रकार ने मनबोध महतो भूमि स्वामी की भूमि खसरा नबंर 613/1 की भूमि प्रार्थी को विक्रय किये जाने का सौदा किया गया।  उक्त भूमि में प्रार्थी को आरोपी द्वारा दिखाई गई भूमि विक्रय हेतु प्रस्तावित स्थान से भिन्न भूमि है यह तथ्य प्रार्थी को जमीन सबंधित दस्तावेजों में पाई गई है। करन सिंह एवं अंकित ताम्रकार ने मिलकर भूमि के ऋण पुस्तिका एवं अन्य मूल्यवान दस्तावेज में कूटरचना कर असल के रूप में इस्तेमाल करते हुये फर्जी तरीके से दस्तावेज को तैयार कराया गया है। करन सिंह का उपरोक्त कृत्य अपराध धारा 467, 468, 471, 120 (बी) भा.द.वि. का भी अपराध घटित करना सबूत पाये जाने से प्रकरण में उक्त धारा जोड़ी गई है।

प्रकरण के मुख्य अभियुक्त अंकित ताम्रकार को दिनांक 26 जून 2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक जशपुर श्री शशि मोहन सिंह द्वारा निरीक्षक रविशंकर तिवारी को सहअभियुक्त करन सिंह की पतासाजी कर गिरफ्तारी के निर्देश दिये गये थे, विवेचना के दौरान मुखबीर लगाकर दबिश देकर करन सिंह को अभिरक्षा में लिया गया एवं पूछताछ करने पर अपने साथी अंकित ताम्रकार का उपरोक्त अपराध में साथ देना स्वीकार किया है। अभियुक्त करन सिंह उम्र 27 साल निवासी सन्ना रोड जशपुर नगर के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने पर उसे दिनांक 26 जून 2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

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छत्तीसगढ़ को अगले महीने मिलेगा नया DGP

 छत्तीसगढ़ को नया पुलिस कप्तान भी मिलने जा रहा हैं। दरअसल अगले महीने 21 जुलाई को मौजूदा पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा रिटायर हो रहे हैं। 1989 बैच के आईपीएस अफसर अशोक जुनेजा 11 नवंबर, 2021 को डीजीपी बनाए गए थे। तत्कालीन कांग्रेस की सरकार ने इनका कार्यकाल दो साल के लिए बढ़ाया था।

इन नामों की चर्चा तेज

नए डीजीपी की तो प्रदेश में फिलहाल 1992 बैच के एडीजी अरुण देव गौतम और एसआरपी कल्लूरी इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। अरुण देव गौतम सितंबर 2027 में रिटायर होंगे तो वहीं 1994 बैच के एसआरपी कल्लूरी की सेवानिवृत्ति वर्ष 2031 में है। एसआरपी कल्लूरी पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के दौरान बस्तर में तैनात थे लेकिन पिछली भूपेश सरकार ने उन्हें लूप लाइन पर भेज दिया। ऐसे में इस बार उन्हें सम्मानजनक ओहदा दिए जाने के कयास लगा जा रहे है।

 

 

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मुख्यमंत्री जनदर्शन की व्यवस्था देख गदगद हुए महंत अनुसुइया दास

 जनदर्शन में पहुंचे महंत स्वामी अनुसुइया दास  जनदर्शन की व्यवस्था देखकर गदगद हुए । उन्होंने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि वर्षों बाद शुरू हुआ मुख्यमंत्री का जनदर्शन व्यवस्थित ढंग से आयोजित किया गया है। पहली बार पानी के साथ चाय और बिस्कुट की व्यवस्था भी आम जनता के लिए की गई है। क्रमबद्ध लोग एक एक कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिलकर अपनी समस्या बता रहे हैं और आवेदन दे रहे हैं। सहज सरल मुख्यमंत्री लोगों से आत्मीयता से मिलते हैं, धैर्य के साथ समस्या सुनते हैं और समस्या के यथा संभव समाधान के लिए प्रयास करने का भरोसा दिलाते हैं। आम जनता से मिलने वाले आवेदनों की कंप्यूटर में एंट्री कर करवाई के लिए संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। लोगों को आवेदन पर की जाने वाली कार्यवाही की जानकारी घर बैठे ऑनलाइन जनदर्शन पोर्टल https://jandarshan.cg.nic.in पर  टोकन नंबर से मिल सकेगी।


महंत स्वामी अनुसुइया दास ने बताया कि वे लोगों के बीच बैठे अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, इस दौरान बातचीत में लगा कि लोग व्यवस्था से संतुष्ट हैं। महंत स्वामी दास गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के पेंड्रा में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री दिलीप सिंह जूदेव की स्मृति में वनवासी संस्कृत विद्यालय का संचालन कर रहे हैं। वे विद्यालय में एक सांस्कृतिक मंच के निर्माण के लिए सहायता हेतु आए थे। उन्होंने अपना आवेदन मुख्यमंत्री को मिलकर सौंपा।

गौरतलब हर कि मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन में आगंतुकों के लिए चाय, बिस्कुट, पानी के दो स्टाल लगाए गए हैं । एक हेल्थ का स्टाल भी लगाया गया है। जहां बीपी, शुगर की निःशुल्क जांच की सुविधा भी उपलब्ध है।

 

 

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दिव्यांग बच्चे को लेकर आए पिता, मुख्यमंत्री ने तुरंत कराया भर्ती...

 धरमजयगढ़ ब्लॉक से आए विजेंद्र राठिया का बेटा  हेमराज बचपन से ही बहु विकलांगता ग्रस्त है। वे गुरुवार को अपने बेटे को लेकर मुख्यमंत्री जनदर्शन में आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे की पढ़ाई और इलाज दोनों की व्यवस्था माना स्थित दिव्यांग विशेष गृह में हो सकती है। इसके लिए बच्चे को तुरंत माना भेज दें।

पिता ने इलाज के लिए सहमति जताई और मौके से ही बच्चे को माना स्थित केंद्र में भर्ती के लिए भेज दिया गया। विजेंद्र ने बताया कि बच्चे की समस्या आज हल हो गई है। अब यहां पर  इसका इलाज भी हो सकेगा और उसकी पढ़ाई लिखाई की व्यवस्था भी हो पाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के तुरंत पश्चात स्वास्थ्य विभाग के अमले ने हेमराज को माना में भर्ती करा दिया।

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मुख्यमंत्री ने आपातकाल स्मृति दिवस पर अपने निवास पर लोकतंत्र सेनानियों को किया सम्मानित

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोकतंत्र सेनानियों का त्याग-तपस्या और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्हें सम्मान देने के लिए राज्य सरकार द्वारा सम्मान निधि देना फिर से शुरू कर दिया गया है और पिछले पांच वर्षाें की रोकी गई सम्मान निधि की राशि सेनानियों को एकमुश्त दी जा चुकी है। पिछली सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान निधि को बंद कर दिया था। 


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अपने निवास कार्यालय में आपातकाल की 49वीं वर्षगांठ आपातकाल स्मृति दिवस पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों (मीसाबंदियों) के सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय श्री बलीराम कश्यप और स्व. श्री नरहरि साय सहित अनेक सेनानियों का स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों को शाल, श्रीफल देकर सम्मानित किया। इस मौके पर लोकतंत्र सेनानियों ने मुख्यमंत्री श्री साय को चांदी का मुकुट और गजमाला पहनाकर सम्मान निधि पुनः प्रारंभ करने और पिछले पांच वर्षाें की राशि देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों को मुख्यमंत्री निवास में सपरिवार आमंत्रित किया गया। 

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव और श्री विजय शर्मा, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, श्री धरमलाल कौशिक, मध्य क्षेत्र के क्षेत्र संघचालक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना, प्रांत संघचालक श्री टोपलाल वर्मा, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने, प्रदेश अध्यक्ष श्री दिवाकर तिवारी, श्री रामप्रताप सिंह,  भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र को बचाने के लिए लोकतंत्र सेनानियों (मीसाबंदियों) ने काफी कष्ट उठाया, लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने परिवारों की परवाह न करते हुए जेल गए, जहां उनके साथ बर्बरता की गई, उनके परिवारजनों ने भी काफी कष्ट सहे। कई घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया था। जिन परिवारों में कमाने वाले जेल गए ऐसे कई परिवार बरबाद हो गए। देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए इन सेनानियों ने और उनके परिवारों ने अतुलनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लगा था, विपक्षी नेताओं को जेल में बंदकर दिया गया था। मीडिया का अधिकार छीन लिया गया था, लोगों को प्रताड़ित किया गया। इसी की याद में 25 जून को काला दिवस के रूप में मनाते हैं। 

उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने बड़े कष्ट सहे। जो जेल गए उन्होंने जेल में और उनके परिवारों ने जेल के बाहर यातनाएं सही। उनका त्याग बहुत बड़ा है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने घर का अमन-चैन त्यागकर लोकतंत्र के लिए लड़ाई लड़ी। उनका यह अभियान वंदनीय है। मध्य क्षेत्र के क्षेत्र संघचालक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने कहा कि लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए हमें लोकतंत्र सेनानियों के संघर्षाें को याद रखने की जरूरत है। हमारा यह दायित्व है कि एक पीढ़ी की कुर्बानी और संघर्ष की कहानी का क्रम अगली पीढ़ी तक बना रहे। 

लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने ने अपने सम्बोधन में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों के संघर्षाें की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जब हम सड़कों पर निकलते थे, तो लोग मुंह फेर लेते थे। लोग बात करने से कतराते थे। उस काल की प्रताड़ना और कष्टों से कई परिवार बर्बाद हो गए। आज भी उनकी स्थिति नहीं सुधरी है। लोकतंत्र सेनानियों की भावी पीढ़ी को किसी न किसी रूप में संगठित कर अच्छे काम में लगाने के उद्देश्य से लोकतंत्र प्रहरी संगठन की कल्पना की गई है। कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों के साथ अधिवक्ता श्रीमती सुप्रिया उपासने दुबे को संघ की ओर से कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तथा श्री संतोष कुमार शर्मा को भी संगठन के कार्याें के लिए सम्मानित किया गया।
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सहायक उपकरण पाकर दिव्यांगों के चेहरे खिले

 मुख्यमंत्री निवास में आज से प्रारंभ हुए साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से निःशक्तजनों ने भी मुलाकात की और अपनी समस्या से अवगत कराते हुए अपने लिए सहायक उपकरण की मांग की। मुख्यमंत्री ने न केवल उनकी समस्याओं को सुना बल्कि संवेदनशीलता दिखाते हुए दिव्यांगजन को मौके पर ही व्हीलचेयर, मोटराइज्ड ट्रायसायकल, कृत्रिम पैर, बैटरी चलित सायकल सहित अन्य सहायक उपकरण वितरित किए। सहायक उपकरण पाकर दिव्यांगों के चेहरे खिल गए, उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया।


जनदर्शन कार्यक्रम में तहसील लोरमी, जिला मुंगेली निवासी दिव्यांग अजय सिंह राजपूत ने मुख्यमंत्री श्री साय को अपनी समस्या बताते हुए कहा कि मेरा एक पैर कट जाने के कारण कृत्रिम पैर लगाया गया था, जो अब खराब हो गया है। मुझे एक नया कृत्रिम पैर की जरूरत है। मुख्यमंत्री द्वारा उनकी समस्या का तत्काल समाधान किया गया, उनके निर्देश पर दिव्यांग अजय सिंह राजपूत के पैर का माप लिया गया। कृत्रिम पैर बनने के बाद उन्हें  कृत्रिम पैर प्रदान किया जाएगा।

जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे रायपुर शैलेन्द्र नगर निवासी कु. केसर चंदवानी के अभिभावक ने बताया कि मेरी पुत्री कु. केसर चंदवानी जिसकी उम्र 11 वर्ष है, जो गंभीर बीमारी से पीड़ित है। मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। मेरी पुत्री के ईलाज के लिए आर्थिक मदद दी जाए, साथ ही निःशक्त पुत्री के लिए व्हीलचेयर भी प्रदाय किया जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने संवेदनशीलता के साथ उनकी समस्या को सुनते हुए कु. केसर चंदवानी के लिए तत्काल व्हीलचेयर प्रदान किया। बाद में उन्हें मोटिफाइड व्हीलचेयर प्रदान किया जाएगा।

जनदर्शन कार्यक्रम में बेमेतरा जिले से पहुंचे रोहित मारकंडे, आरंग के ग्राम जावा से आए बलराम वर्मा को मोटराइज्ड ट्रायसायकल और साजा निवासी बलराम को बैटरी चलित ट्रायसाइकल प्रदान किया गया। रामसागर पारा निवासी 67 वर्षीय देवानंद साहू को श्रवण यंत्र की जरूरत थी, उनकी समस्या सुनकर तुरंत जांच करवाकर मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने हाथों से विश्वनाथ कुमार एवं दो अन्य दिव्यांग को भी श्रवण यंत्र प्रदान किए ।
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मुख्यमंत्री स्वयं आम जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं की कर रहे हैं सुनवाई

 छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार का पहला जनदर्शन कार्यक्रम आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आए नागरिकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का तत्परता के साथ निराकरण किया जाएगा। 


आम नागरिकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार को बने छह माह हुए हैं। इस दौरान लोगों से लगातार मुलाकातें हुई है, सभी से मिलने की मैं कोशिश करता रहा हूं, लेकिन फिर भी ऐसे कार्यक्रम शुरू करने की आवश्यकता महसूस होती रही, जो केवल आम नागरिकों से मुलाकात के लिए हो। पूर्व में डॉ. रमन सिंह की सरकार के समय जनदर्शन कार्यक्रम आयोजित होता था। अब उसी कार्यक्रम को हमारी सरकार ने आज फिर से शुरू किया है। जनदर्शन कार्यक्रम प्रत्येक गुरूवार को आयोजित होगा। जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सचिव श्री पी. दयानंद, जनसम्पर्क आयुक्त श्री मयंक श्रीवास्तव सहित सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी, रायपुर जिले के कलेक्टर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री जनदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से प्रत्येक गुरूवार को पूर्वान्ह 11 बजे से मध्यान्ह 1 बजे तक आम नागरिक से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याओं एवं अपेक्षाओं की सुनवाई करेंगे। जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जाने वाली समस्याओं, अपेक्षाओं, आवेदनों को पंजीबद्ध करने के साथ ही इसे जनदर्शन पोर्टल में अपलोड किया जाएगा। इस पोर्टल में दर्ज आवेदनों की मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री करेंगे। आम जनता से मिले आवेदनों को संबंधित विभाग द्वारा समय-सीमा में निराकृत कर इसकी जानकारी आवेदक को देंगे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को जनदर्शन कार्यक्रम में मुलाकात के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं भी आई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को प्रदेश में महतारी वंदन योजना शुरू करने के लिए बधाई दी और कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि से उन्हें अपने जरूरी कामों पूरा करने में मदद मिलने लगी है। इससे उनका सम्मान बढ़ा है और स्वाभिमान मजबूत हुआ है। अब वे खुद को आत्मनिर्भर महसूस करने लगी है। 
 
 महिलाओं ने कहा कि आपकी सरकार ने हमारी जरूरतों को समझा है। हमें उम्मीद है कि आपकी सरकार आगे भी इसी तरह की संवेदनशीलता के साथ काम करती रहेगी। जनदर्शन में एक महिला अपने पति श्री रमेश शुक्ला की समस्या लेकर आई थी। पत्नी ने बताया कि उनके पति श्री शुक्ला कैंसर की बीमारी के एडवांस ट्रीटमेंट की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने महिला को संबल देते हुए कहा कि हमारी सरकार के लिए स्वास्थ्य सबसे सर्वाेपरि है। आपके पति को सभी संभव सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री ने मौके पर ही स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री की सहृदयता पर श्रीमती शुक्ला ने आभार जताते हुए कहा कि हम लोग जनदर्शन में बहुत उम्मीद लेकर आए थे। आप से मिलकर, मुझे अपने पति के जल्द और गुणवत्तापूर्ण इलाज का भरोसा मिला है आज मेरे लिए बहुत बड़ा दिन है। श्रीमती शुक्ला ने बताया कि उन्हें 2 दिन पूर्व जनदर्शन की जानकारी मिली। मुख्यमंत्री के बारे में पढ़ा था कि सांसद और मंत्री रहते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ के बहुत से लोगों का इलाज कराया है। जनदर्शन में इसका मौका मिला तो मैं आई। मेरा यहां आना सफल हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के जन दर्शन में आज रायपुर के श्याम नगर निवासी महाविद्यालय की छात्रा आयुषी द्विवेदी आई। आयुषी ने बताया कि मेरा सपना आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना है। सपने में आर्थिक स्थिति बाधा है। मेरे पिता चाहते थे कि मैं सिविल सर्वेंट बनूं और इसके लिए उन्होंने मुझे खूब प्रेरित किया। दुर्भाग्य से कोरोना आया और उनका निधन हो गया। अब मेरा दो सपना है। एक तो मेरे पिता का सपना पूरा करना और दूसरा मेरे खुद का सपना पूरा करना। मुख्यमंत्री जी आप अगर मेरी सहायता करें तो मेरी रास्ते की बाधा दूर हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने आयुषी की तैयारी के लिए अधिकारियों को आवश्यक सुविधा एवं सहायता दिलाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से अनेक दिव्यांगजनों से की भेंट। मुख्यमंत्री ने एक छोटे से दिव्यांग बच्चे को दुलारा, उसकी समस्या जानी। उसके परिजनों से बात की। स्वास्थ्य कियोस्क कर्मचारी संगठन ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर अपनी बातें रखीं। जीएनएम प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले नर्सिंग प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इसी प्रकार बीएड प्रशिक्षण लेने वाले छात्रों और बस्तर संभाग से आए शिक्षकों ने भी भेंट की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से जनदर्शन कार्यक्रम में महाविद्यालय अतिथि व्याख्याताओं के प्रतिनिधि मण्डल ने मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ी छात्र संगठन, अनियमित कर्मचारी महासंघ ने भी ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को जनदर्शन कार्यक्रम में रायपुर शहर के शांति नगर निवासियों की समितियों ने राखड से होने वाले दिक्कतों के बारे अवगत कराते हुए इस समस्या से मुक्ति दिलाने और स्वच्छता निरीक्षक के प्रतिनिधि मण्डल ने स्वच्छता निरीक्षकों की भर्ती की मांग की। धोबी महासंघ ने भी मुलाकात कर सौंपा ज्ञापन। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को जनदर्शन कार्यक्रम में किसानों ने फसल नष्ट होने के संबंध में ज्ञापन दिया। मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। इसी प्रकार लोगों ने अनुचित कब्जा हटाने, बीमारी के इलाज के संबंध में मुख्यमंत्री को आवेदन सौंपा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को जनदर्शन कार्यक्रम में एक युवक ने आवेदन के माध्यम से तक्षशिला में प्रवेश दिलाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने रायपुर कलेक्टर को प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए।
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राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत कोटपा एक्ट 2003 के तहत की गई चालानी कार्यवाही

  कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस. सिंह एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. प्रिंस जायसवाल के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कोटपा अधिनियम 2003 के अंतर्गत जिला सूरजपुर में आज विकासखण्ड प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, बस स्टैण्ड एवं अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में अधिनियम के तहत चालानी कार्यवाही की गई। चालानी कार्यवाही करते हुए दुकानदारों को कोटपा अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अनुपालन हेतु समझाइश दी गई साथ ही कोटपा अधिनियम 2003 का उल्लंघन करने वालो पर चालान काटा गया तथा तम्बाकू से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में आमजनो को जागरूक भी किया गया।

चालानी कार्यवाही के अंतर्गत विकासखण्ड प्रतापपुर में आज 15 चालान काटी गई जिसमें कुल राशि 3000 रूपये का चालान काटा गया। इस चालानी कार्यवाही में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, खाद्य एवं औषधि विभाग साथ ही साथ पुलिस विभाग थाना प्रतापपुर की सक्रिय भूमिका रही। जिला स्तर एवं विकास खण्ड टीम जिसमें जिला सलाहकार, डॉ. जसवंत कुमार दास, जिला  औषधि  निरीक्षक, जयप्रकाश शर्मा एवं थाना प्रभारी प्रतापपुर लक्ष्मण सिंह के द्वारा चालानी कार्यवाही किया गया। उक्त प्रकार की चालानी कार्यवाहियां संपूर्ण जिले में निरंतर रूप से की जा रही हैै।

 
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अघोषित बिजली कटौती समेत कई मुद्दों को लेकर आमरण अनशन पर बैठेगी विधायक चातुरी नंद

 सरायपाली नगर में निर्माणाधीन गौरव पथ निर्माण में की जा रही। गुणवत्ताहीन कार्य, अधूरे निर्माण से हो रही राहगीरों और नगरवासियों को हो रही दिक्कतों, क्षेत्र में हो रही अघोषित बिजली कटौती समेत कई मांगों को लेकर क्षेत्रीय विधायक चातुरी नंद 28 जून को एक दिवसीय आमरण अनशन पर बैठेगी।

इस संबंध में जानकारी देते हुए विधायक चातुरी नंद ने बताया कि निर्माणाधीन गौरव पथ में ठेकेदार द्वारा नगर पालिका के अधिकारियों के मिलीभगत से भारी अनियमितता बरती जा रही है, नाली नहीं ढकने से राहगीर और नगरवासी आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रही है।
 इतना ही नहीं इस्टीमेट को धता बताते हुए डिवाइडर की ऊंचाई कम कर दी गई है। नगर के व्यापारी और आम जन की समस्याओं से सीएमओ, इंजीनियर और ठेकेदार को कोई फिक्र नहीं है।

मैंने इसकी शिकायत कलेक्टर, नगरीय निकाय विभाग के सचिव विभागीय मंत्री समेत मुख्यमंत्री से भी की पंरतु आज तक कोई जांच नहीं की गई मजबूरन मुझे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की राह पर चलते हुए आमरण अनशन पर बैठना पड़ रहा है।

उन्होंने आगे कहा राज्य में जब से भाजपा की सरकार आई है तब से क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। सरायपाली अंचल के कई गांवों में हफ्ते भर से अधिक समय से बिजली बंद है परंतु बिजली विभाग के अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सोए हुए है। समस्या का निराकरण करना तो दूर अधिकारी आम जन का फोन उठाना भी जरूरी नहीं समझते। गांव तो गांव नगर में भी प्रतिदिन बिजली कटौती की जा रही है।

विधायक नंद ने कहा कि इसी तरह पूर्व में हमारी कांग्रेस सरकार ने क्षेत्र की पेयजल संकट को दूर करने अमृत जल जीवन मिशन के तहत 126 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है परंतु शासन प्रशासन की उदासीनता के चलते अब तक काम शुरू नहीं हो सका है जिससे इसका लाभ क्षेत्र की जनता को नहीं मिल पा रहा और सरायपाली नगर समेत पूरे अंचल में पेयजल संकट से आम जनता त्राहि माम होती रही लेकिन अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।

विधायक चातुरी नंद ने कहा कि अधिकारियों को बार बार लिखित और मौखिक रूप से बोलने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने से मैं अनशन करने पर मजबूर हूं। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों को लेकर मैं सड़क से लेकर सदन तक की लड़ाई लड़ते रहूंगी।

उन्होंने आम जनता और क्षेत्र के सामाजिक, व्यापारिक और अन्य संगठनों से भी जनहित के इस मुद्दे पर समर्थन देने की अपील की है।
 बता दें कि विधायक चातुरी नंद जनहित के मुद्दों और आमजन की समस्याओं को लेकर विधानसभा में भी मुखर होकर आवाज उठाती है। विधायक बनने के बाद उनका यह पहला आमरण अनशन है जिसका आम जन भी समर्थन कर रहे है।

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रामलला के दर्शन करने 850 तीर्थयात्री दुर्ग से अयोध्या धाम के लिए रवाना

  अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर के निर्माण के पश्चात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भांचा राम के दर्शन के लिए अयोध्या धाम ले जाने रामलला दर्शन योजना की शुरूआत की। बुधवार को इस योजना के अंतर्गत दुर्ग संभाग और बस्तर संभाग के 850 यात्री दुर्ग स्टेशन से रवाना हुए। छत्तीसगढ़ के भांचा राम जय सियाराम जय सियाराम की सुमधुर ध्वनि से पूरा दुर्ग स्टेशन गुंजायमान हो गया।


तीर्थयात्रियों ने रामलला दर्शन योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन की बहुत अच्छी योजना है। हम सब इस दिव्य क्षण की बरसों से प्रतीक्षा कर रहे थे। आज यह इंतजार पूरा हुआ। ननिहाल वासियों को अपने भांजे के दर्शन का अवसर सुलभ हुआ है। हम रामलला से छत्तीसगढ़ की सुख समृद्धि की कामना करेंगे। उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व रायपुर एवं बिलासपुर संभाग के यात्री भी अयोध्याधााम के दर्शन कर चुके है। लोकसभा चुनाव में लगी आचार संहिता के उपरांत आज तीर्थयात्रा का पुनः शुभारंभ हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अयोध्याधाम जा रहे तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं दी है।

आज दुर्ग रेल्वे स्टेशन के प्लेटफार्म नं. 1 से इस स्पेशल ट्रेन को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप और विधायक सर्व डोमनलाल कोरसेवाड़ा, ललित चंद्राकर, गजेन्द्र यादव व रिकेश सेन ने हरी झण्डी दिखाकर गंतव्य के लिए रवाना किया। तीर्थयात्रा में शामिल श्रद्धालुजन काफी उत्साहित थे। प्लेटफार्म नं. 1 पर राम-लक्ष्मण एवं हनुमान जी की झांकी और पंथी नृतक दलों की करतल ध्वनि के साथ छत्तीसगढ़ के भांचा राम, जय सियाराम-जय सियाराम की ध्वनि गुंजायमान हो रही थी।


 
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है। आप सभी रामलला के दर्शन हेतु अयोध्या धाम जा रहे हैं। सभी श्रद्धालुगण छत्तीसगढ़ के विकास के लिए भगवान श्रीराम से आशीर्वाद लेकर आएंगे। उन्होेंने तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी को छत्तीसगढ़ की साय सरकार सबका साथ सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के ध्येय वाक्य के साथ पूरा करने जा रही है। उपमुख्यमंत्री तथा दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या धाम में रामलला का मंदिर बना है। केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति से यह कार्य हुआ है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के प्रति वनवासियों में अगाध श्रद्धा भाव है।



इससे पूर्व अतिथियों ने तीर्थयात्रियों से मुलाकात कर उनके कुशल क्षेम पूछा तथा ट्रेन को हरी झण्डी दिखाई। पहली बार अयोध्या धाम की यात्रा कर रहे बालोद जिले के 77 वर्षीय जय श्रीवास्तव एवं 70 वर्षीय श्रीमती जामुल बाई ने मुख्यमंत्री साय के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कहा कि हमारी आस अयोध्या धाम देखने में लगी थी। मुख्यमंत्री साय ने यह अच्छी योजना लाकर हमारी सपने को साकार कर दिया। राजनांदगांव जिले के 55 वर्षीय दौलत साहू ने बताया कि स्पेशल ट्रेन में यात्रा करने का आनंद और भी अनूठा है क्योंकि सारे यात्री भगवान राम के असीम भक्त हैं और पूरी ट्रेन उत्साह में है। कवर्धा से श्रीमती सकुन बाई ने बताया कि मुख्यमंत्री साय के प्रति बहुत आभार व्यक्त करती हूं। भगवान राम का दर्शन बहुत सौभाग्य की बात है।

इस अवसर पर दुर्ग संभाग के आयुक्त सत्यनारायण राठौर, आईजी आर.जी. गर्ग, कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी, एसपी जितेन्द्र शुक्ला एवं अन्य अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और नगरवासी मौजूद थे।

 

 

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ग्राम पंचायत सचिव की पत्नी बेदमति को एक माह के भीतर मिली अनुकंपा नियुक्ति

  गरियाबंद जिले के ग्राम पंचायत सचिव धानेन्द्र प्रताप ध्रुव के आकस्मिक निधन के फलस्वरूप उनकी पत्नी को एक माह के भीतर ही त्वरित कार्यवाही करते हुए ग्राम पंचायत सचिव के पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान किया गया। दिवंगत धानेन्द्र प्रताप ध्रुव, जनपद पंचायत गरियाबंद अंतर्गत ग्राम पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत थे, जिनका 03 जून 2024 को आकस्मिक निधन होने के कारण उनके परिवार के आश्रित सदस्यों से अनुकंपा नियुक्ति हेतु आवेदन दिया गया था। 19 जून 2024 को उनकी पत्नी बेदमति ध्रुव द्वारा कार्यालय जनपद पंचायत गरियाबंद में आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसे जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती पदमिनी हरदेल द्वारा अनुकंपा नियुक्ति की कार्यवाही के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रीता यादव के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जिला पंचायत सीईओ रीता यादव द्वारा प्राप्त आवेदन में त्वरित कार्यवाही करते हुए 01 माह के भीतर ही आवेदन के परीक्षण उपरांत 26 जून 2024 को दिवंगत सचिव की धर्मपत्नी बेदमति ध्रुव को ग्राम पंचायत सचिव के पद पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए आदेश जारी कर जनपद पंचायत गरियाबंद अंतर्गत ग्राम पंचायत मालगांव (प्रशासनिक) में पदस्थ किया गया है। श्रीमती बेदमति ध्रुव ने एक माह के भीतर अनुकंपा नियुक्ति के आदेश मिलने पर जिला पंचायत का आभार व्यक्त किया है।

 

 

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कलेक्टर ने शिक्षक परिवार को सौंपी 15 लाख रूपये की अनुग्रह राशि

  विधानसभा निर्वाचन-2023 के दौरान विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-44-कसडोल के अंतर्गत मतदान दल क्रमंाक 252, मतदान केन्द्र क्रमांक 298, सुन्दरी में निर्वाचन कर्तव्य के दौरान शासकीय प्राथमिक शाला रामभाठा पुटपुरा में पदस्थ पद्मभूषण पैकरा शिक्षक ई(एल.बी) मतदान अधिकारी-02 का मृत्यु हों गई थी। मृतक की धर्मपत्नी अम्बेश्वरी पैकरा को 15 लाख रूपये की अनुग्रह सहायता राशि कलेक्टर दीपक सोनी ने सौंपी है। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी आर आर दुबे सहित परिवार के अन्य सदस्य गण उपस्थित रहे।

 

 

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रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार हुआ एएसआई और उसका साथी

  एसीबी ने रामानुजनगर थाने में पदस्थ एएसआई माधव सिंह को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। दो पक्षों में जमीन विवाद को लेकर मारपीट हुई थी। जिसके बाद एएसआई ने एक पक्ष के खिलाफ धारा बढ़ाने को लेकर 30 हजार रुपए की मांग की थी।लेकिन बाद में यह सौदा 10 हजार रुपये में तय हुआ था।


मिली जानकारी के अनुसार, रामानुजनगर थाने के अंतर्गत ग्राम सुरता में जमीन विवाद को लेकर ग्रामीणों के बीच कुछ दिनों पहले विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ा कि, जनपद सदस्य शिवमंगल सिंह के भाई पर ग्रामीणों ने कुल्हाड़ी से हमला कर उसे घायल कर दिया था। जिसके बाद यह मामला थाने पहुंचा और उनकी शिकायत पर पुलिस ने सामान्य मारपीट और गाली-गलौज की धाराएं लगाई थी। इस मामले को लेकर जनपद सदस्य शिवमंगल सिंह ने थाने पहुंचे।

धारा जोड़ने के लिए मांगी रिश्वत
थाने में पदस्थ एएसआई माधव सिंह ने मामले में धारा 307 जोड़ने के लिए 30 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। पैसे को लेकर शिवमंगल सिंह ने एसीबी से शिकायत कर दी। जिसके बाद एसीबी की टीम ने फोन पर बात कर रिश्वत मांगने की पुष्टि कराई थी। जिस पर एएसआई पैसे लेकर धारा बढ़ाने के लिए तैयार हो गए। शिकायत मिलने पर अंबिकापुर से एसीबी डीएसपी प्रमोद कुमार खेस की टीम बुधवार दोपहर रामानुजनगर पहुंची।

एसीबी ने शिवमंगल सिंह को केमिकल लगे 10 हजार रुपए लेकर थाने भेजा गया। एएसआई माधव सिंह ने सहयोगी मोहमुद्दीन के हाथों रिश्वत की रकम 10 हजार रुपए ले लिया। जैसे ही उसने एएसआई को रिश्वत के पैसे दिए, वैसे ही एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथों धर दबोचा। इस मामले में एसीबी ने एएसआई माधव सिंह और सहयोगी मोहमुद्दीन को भी गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 12 के तहत केस दर्ज किया गया है। अब दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

 

 

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लोकतंत्र और भारतीय संविधान पर विश्वास नहीं रखती कांग्रेस : बृजमोहन

 कांग्रेस पार्टी, लोकतंत्र और भारतीय संविधान पर विश्वास नहीं रखती है इसका सबसे बड़ा उदाहरण है 1975 का आपातकाल,  जब 25 जून की सुबह तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए देश में इमरजेंसी की घोषणा की थी। यह कहना है रायपुर से भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल का।

बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के सांसदों के साथ संसद परिसर में  विरोध प्रदर्शन किया और कांग्रेस व राहुल गांधी से इंदिरा गांधी के कृत्यों पर माफी मांगने की मांग की। सांसद अग्रवाल ने कहा कि 1975 में इंदिरा गांधी ने पूरे देश को जेल बना दिया था। संविधान और लोकतंत्र की हत्या कर दी थी। विपक्ष के नेताओं को जेल में डाल दिया गया था। हजारों परिवारों को बेघर कर दिया गया। इतना ही नहीं बड़ी संख्या में लोगों की मौत भी हो गई थी।

उन्होंने कहा कि, आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला विशेष निंदा प्रस्ताव लाए और पीड़ितों के सम्मान में सदन में 2 मिनट का मौन रखा। जिसका कांग्रेस विरोध कर रही है।  इसका मतलब साफ है कि कांग्रेस इमरजेंसी का समर्थन करती है। कांग्रेस बात तो संविधान की रक्षा की करती है। लेकिन संविधान की हत्या करने वालों के साथ है। जिसके विरोध में भाजपा प्रदर्शन कर रही है।

बता दें कि 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी लगा दी थी इस दौरान भारत के नागरिकों के अधिकारों को नष्ट कर दिया गया था। नागरिकों से उनकी आजादी छीन ली गई थी। यह वह दौर था जब विपक्ष के नेताओं को जेलों में बंद कर दिया गया था। पूरे देश को जेल बना दिया गया था।

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लंबे समय से नदारद शिक्षकों पर गिरी गाज, डीईओ ने 5 को किया बर्खास्त...

 स्कूलों में लंबे समय से अनुपस्थित 5 शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं जिला शिक्षा कार्यालय से इतर नियोक्ता वाले 11 शिक्षकों के विरूद्ध सेवा समाप्ति की अनुशंसा की गई है। नौ शिक्षकों के विरूद्ध विभागीय जांच भी की जायेगी। कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने बर्खास्तगी के आदेश जारी किए है। वहीं अन्य नियोक्ता वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अनुशंसा की गई है। गौरतलब है कि राज्य शासन ने अपने कर्तव्य से अनुपस्थित सरकारी कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए है। आदेश पर अमल करते हुए अकेले शिक्षा विभाग में लंबे समय से अनुपस्थित 25 शिक्षक और कर्मचारियों की पहचान की गई। और तत्परतापूर्वक उनके विरूद्ध कार्रवाई की गई।


जिला शिक्षा अधिकारी टीआर साहू ने बताया कि तीन वर्ष से ज्यादा समय से अनुपस्थित रहने वालों की सेवा समाप्ति एवं तीन साल से कम अवधि वालों के विरूद्ध विभागीय जांच की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि  डीईओ कार्यालय द्वारा बर्खास्त किए गए शिक्षकों एवं कर्मचारियों में श्रीमती मनोरमा तिवारी प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला रिसदा, श्रीमती किरण यादव, सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला सफेद खदान, बसंत कुमार लकड़ा, सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला ओखर एवं मेघा यादव, सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला परसापानी एवं स्टेनली मार्क एक्का भृत्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला तिफरा शामिल है।    

उन्होंने बताया कि डीईओ कार्यालय के अलावा अन्य नियोक्ता वाले 11 शिक्षकों की सेवा समाप्ति की अनुशंसा की गई है। इनमें जिनकी कार्रवाई डीपीआई स्तर से कार्रवाई होनी है, उनमें श्रीमती अल्का महतो, व्याख्याता शासकीय हाई स्कूल फरहदा एवं हरीराम पटेल, व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला भटचौरा शामिल हैं। संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा विभाग को भेजे गये नामों में श्रीमती रेणुका राय, शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मटियारी एवं दिव्यनारायण रात्रे शिक्षक एलबी शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला जुनवानी शामिल हैं। इसी प्रकार जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों को भेजे गये नामों में श्रीमती शारदा सिंह, व्याख्याता, शासकीय हाई स्कूल मोढ़े, बत्तीलाल मीना, शिक्षक पंचायत, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बिल्लीबंद, श्रीमती नलिनी अग्रवाल, शिक्षक पंचायत, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दर्रीघाट, अंकिता सिंह, सहायक शिक्षक पंचायत, शासकीय प्राथमिक शाला सेंदरी, श्रीमती रितु लोधी, सहायक शिक्षक पंचायत, शासकीय प्राथमिक शाला फोकटपारा बिल्हा, कृष्ण शरण तिवारी, सहायक शिक्षक पंचायत, शासकीय प्राथमिक शाला गोदईया, श्रीमती प्रेमलता पाण्डेय, सहायक शिक्षक पंचायत, शासकीय प्राथमिक शाला सोनसाय नवागांव कोटा एवं राकेश पाण्डेय, सहायक शिक्षक पंचायत, शासकीय प्राथमिक शाला मनवा शामिल है।  

जिन नौ शिक्षकों के विरूद्ध विभागीय जांच की गई है, उनमें डीईओ कार्यालय से संबद्ध यशवंत कुमार साहू सहायक शिक्षक एलबी प्राथमिक स्कूल डण्डासागर कोटा, मदनलाल श्यामले सहायक शिक्षक एलबी प्राथमिक शाला कुआंजति, शशिकांत यादव भृत्य माध्यमिक शाला सीस विकासखण्ड कोटा, राकेश मिश्रा सहायक शिक्षक एलबी प्राथमिक शाला बेलसरा एवं अमन गिरी भृत्य पूर्व माध्यमिक शाला लावर शामिल हैं। इसी प्रकार विभागीय जांच के लिए जिनकी अनुशंसा की गई है उनके डीपीआई नियोक्ता से जुड़े शिव कुमार व्याख्याता एलबी हाई स्कूल बछालीखुर्द कोटा, संयुक्त संचालक नियोक्ता से संबद्ध श्याम सुंदर तिवारी शिक्षक एलबी पूर्व माध्यमिक शाला सीपत, मस्तुरी, श्रीमती केकती कौशिक शिक्षक एलबी पूर्व माध्यमिक शाला महमंद तथा जनपद बिल्हा की स्थापना के अंतर्गत अंकिता सिंह सहायक शिक्षक पंचायत प्राथमिक शाला सेंदरी शामिल है।

 

 

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