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अंतरिक्ष केंद्र बनेगी युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला : मुख्यमंत्री श्री साय

अंतरिक्ष केंद्र युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला बनेगी। यह केंद्र प्रदेश के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव है और पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के राखी में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के तहत आयोजित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला के साथ छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का विधिवत शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।


 मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को विस्तार देते हुए सभी जिलों में अंतरिक्ष केंद्र खोले जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. शुभांशु शुक्ला जैसे व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा के   प्रतीक हैं, जिनकी अंतरिक्ष यात्रा ने देश को गौरवान्वित किया है। 

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि आज से उनके सपनों को पंख मिल रहे हैं और उनका आकाश और भी बड़ा हो गया है। यह अंतरिक्ष केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है, जहां वे विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान के माध्यम से समझ सकेंगे। उन्होंने जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उदाहरण बताता है कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित अवसर की होती है, जिसे यह केंद्र उपलब्ध कराएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अब केवल जिज्ञासा का विषय नहीं, बल्कि रोजगार और करियर का बड़ा क्षेत्र बन चुका है। इसरो की वैश्विक विश्वसनीयता के कारण भारत आज अंतरिक्ष की दुनिया में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह केंद्र बच्चों को सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान, क्लाउड मैपिंग जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देगा। उन्होंने कहा कि इस अंतरिक्ष केंद्र से किसानों को सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिलेगी, जिससे कृषि को सीधा लाभ होगा। साथ ही, तकनीक आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का महानगरों की ओर पलायन रुकेगा। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सैटेलाइट तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य में इस क्षेत्र में स्पेस साइंस का महत्व और बढ़ेगा।

ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब रॉकेट लॉन्च होता है, तो उसमें अत्यधिक ऊर्जा लगती है और कुछ ही समय में शून्य से लगभग 30 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरिक्ष तक पहुंचा जाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को ऊर्जावान प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां के बच्चों में अपार क्षमता और जिज्ञासा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ बच्चों को स्पेस साइंस से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि क्लीन स्टेशन के उद्घाटन के दौरान मैंने देखा कि मुख्यमंत्री स्टेशन में प्रवेश से पहले स्वयं विशेष ड्रेस व कैप को पहन रहे थे। मुझे यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि राज्य का मुखिया जब स्वयं ऐसी रुचि दिखाता है, तो यह बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर उनकी स्पष्ट और भविष्योन्मुखी सोच को दर्शाता है।

अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 5 सितंबर 2025 को प्रदेश के विद्यार्थियों से हुए ऑनलाइन संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान छत्तीसगढ़ के एक बच्चे ने उनसे पूछा था कि आपने सब कुछ बताया, लेकिन यह बताइए कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया होमवर्क आपने पूरा किया या नहीं। उन्होंने कहा कि यह प्रश्न बच्चों की तीक्ष्ण बुद्धि और बारीक नजर को दर्शाता है।

गु्रप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष मिशन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब आप रॉकेट पर बैठते हैं, तो आपको लगता है कि आप पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन जैसे ही रॉकेट इग्नाइट होता है, वह क्षण इतना शक्तिशाली होता है कि सारी तैयारी एक पल के लिए भूल जाते हैं। उन्होंने इसकी तुलना परीक्षा से करते हुए कहा कि जैसे पढ़ाई पूरी होने के बाद भी परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्र सामने आते ही कुछ क्षणों के लिए सब कुछ खाली लगने लगता है, ठीक वैसी ही अनुभूति अंतरिक्ष यात्रा के समय होती है। ऐसे समय में संयम रखना और अपनी मेहनत पर भरोसा करना सबसे जरूरी होता है, क्योंकि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।

ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा कि 41 वर्षों के बाद भारत ने दोबारा अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की और यह यात्रा केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे भारत की यात्रा थी। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में 20 दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। अंत में उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार परिश्रम करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. शुभांशु शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बच्चों से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, विज्ञान से दोस्ती करें और छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में रोशन करें। कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला को अपने बीच पाकर सभी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने देश के युवाओं को नई दिशा दी है और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है। 

वन एवं संसदीय कार्य मंत्री व जिला के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल सरकार की दूरदर्शी सोच का परिचायक है, जो आने वाली पीढ़ी को भविष्य की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी के भीतर असीम क्षमता और शक्ति है, जो आपके सपनों को साकार करेगी। अंतरिक्ष विज्ञान जैसे जटिल विषय को सरल और सहज तरीके से समझाने के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। मंत्री श्री कश्यप ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच को भी प्रोत्साहित करते हैं। श्री शुक्ला को डीपीएस, सैनिक स्कूल राजनांदगांव के बच्चों ने पोर्टरेट भेंट किया।

कार्यक्रम में विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चें मौजूद रहे।
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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के यांत्रिक विभाग का उत्कृष्ट प्रदर्शन

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के यांत्रिक विभाग ने जनवरी 2026 तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं । बेहतर योजना, तकनीकी उन्नयन और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप वैगन अनुरक्षण, मरम्मत एवं कोच ओवरहॉलिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं ।


रायपुर मंडल के भिलाई वैगन कॉम्प्लेक्स ने जनवरी 2026 में 1,311 वैगनों का अनुरक्षण कर दिसंबर 2025 के 1,301 वैगनों के पूर्व रिकॉर्ड को पार किया । इसी क्रम में जनवरी 2026 में 1,591 वैगनों का सर्वाधिक मासिक रूटीन ओवरहालिंग (आरओएच) आउटटर्न दर्ज किया गया, जो 37.18 प्रतिशत की संचयी वृद्धि को दर्शाता है ।

रायपुर वैगन रिपेयर शॉप द्वारा जनवरी 2026 में 537 वैगनों का अब तक का सर्वाधिक मासिक पीरियोडिकल ओवरहालिंग (पीओएच) आउटटर्न प्राप्त किया गया। वहीं, मोतिबाग कार्यशाला ने कोच पीरियोडिकल ओवरहालिंग (पीओएच) में 38.32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्य से 24 प्रतिशत अधिक प्रदर्शन किया।

वर्ष-दर-वर्ष उल्लेखनीय वृद्धि

(वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26)

रूटीन ओवरहालिंग (आरओएच) वैगन आउटटर्न: 11,178 से बढ़कर 15,334 वैगन

वैगन पीरियोडिकल ओवरहालिंग (पीओएच) (रायपुर): 4,400 से बढ़कर 4,733 वैगन

 कोच पीरियोडिकल ओवरहालिंग (पीओएच) (नागपुर): 287 से बढ़कर 397 कोच

तकनीकी उन्नयन में अग्रणी भिलाई वैगन कॉम्प्लेक्स

रायपुर मंडल के रूटीन ओवरहालिंग (आरओएच) डिपो, पीपी यार्ड, भिलाई वैगन कॉम्प्लेक्स में अत्याधुनिक तकनीकी प्रणालियाँ स्थापित की गई हैं, जिनमें कम्प्यूटरीकृत सिंगल वैगन टेस्ट रिग, कम्प्यूटरीकृत रेक टेस्ट रिग, कम्प्यूटरीकृत डीवी टेस्ट बेंच, मोटराइज्ड बोगी एवं बोल्स्टर मैनिपुलेटर तथा एआईआधारित वैगन निरीक्षण प्रणाली शामिल हैं।
इन नवाचारों से परीक्षण समय में कमी, एयर ब्रेक परीक्षण में उच्च सटीकता, मानवीय त्रुटियों में न्यूनता तथा भौतिक रिकॉर्ड के रख-रखाव में उल्लेखनीय कमी आई है।

संरक्षा नवाचार एवं कर्मचारी कल्याण

कर्मचारियों की संरक्षा सुनिश्चित करने हेतु परीक्षण यार्ड में पर्यावरण-अनुकूल बाँस से निर्मित “बाहुबली फेंसिंग” स्थापित की गई है, जिससे रनिंग लाइन से स्पष्ट पृथक्करण सुनिश्चित हुआ है।
इसके अतिरिक्त, मालगाड़ी गार्डों की सुविधा के लिए ब्रेक वैन उन्नयन कार्य प्रगति पर है, जिसमें आधुनिक बैठने की व्यवस्था एवं आवश्यक सुविधाएँ आरडीएसओ के दिशानिर्देशों के अनुसार उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उच्च वैगन आउटटर्न के परिणामस्वरूप लोडिंग के लिए वैगनों की उपलब्धता में वृद्धि हुई है, जिससे राजस्व सृजन में सुधार तथा परिचालन दक्षता के नए मानक स्थापित हुए हैं। यह उपलब्धि यांत्रिक विभाग के समर्पित प्रयासों और कर्मचारियों की टीम भावना का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिससे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की आय एवं प्रतिष्ठा में निरंतर वृद्धि हो रही है।
 
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महाराष्ट्र की प्रथम महिला उपमुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएँ

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महाराष्ट्र की प्रथम महिला उपमुख्यमंत्री श्रीमती सुनेत्रा अजित पवार के शपथ ग्रहण पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के कुशल नेतृत्व में श्रीमती सुनेत्रा अजित पवार महाराष्ट्र की विकास यात्रा को नई दिशा और गति प्रदान करेंगी।
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छत्तीसगढ़ के एग्रोक्लाइमेट के अनुरूप बनाएंगे विशेष नीति: केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान

केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को कृषि के क्षेत्र में उन्नत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों और राज्य सरकार के अधिकारियों की टीम अगले एक हफ्ते में छत्तीसगढ़ के एग्रोक्लाइमेट के अनुरूप विशेष नीति बनाएंगे। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त व सचिव श्रीमती शहला निगार, सहित केन्द्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। 


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय महानदी भवन में कृषि विभाग के कामकाज की उच्च स्तरीय समीक्षा उपरांत अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में फसल विविधिकरण को बढ़ावा देना है ताकि किसानों की आय बढ़े। साथ ही छोटी जोत के किसानों को कृषि से इतर पशुपालन, मत्स्यपालन, वानिकी जैसे सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

केंद्रीय मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में रिसर्च की समस्या, वैरायटी की समस्या को दूर किया जाएगा और फसलों के वैविध्य पर काम किया जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बेहतर समन्वय के साथ काम हो रहा है, और बेहतर करने की अनंत संभावनाएं हैं। अलग-अलग प्रयोग कर कृषि को और सशक्त बनाएंगे। उन्होंने कहा कि अनुसंधान ऐसा होना चाहिए, जिससे सीधे किसानों को लाभ मिले। उन्होंने फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन को मजबूत करने संबंधी योजना, कृषि यंत्रों के वितरण के फिजिकल वेरिफिकेशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य जिला योजना की समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ के कृषि अधिकारियों और सहयोगियों से संवाद कर टीम वर्क के साथ नवाचार पर ज़ोर दिया और कहा कि अच्छा काम करने वालों को सम्मान मिलेगा।



मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में कृषि विकास एवं किसानों के सशक्तिकरण को लेकर केन्द्र एवं राज्य सरकार के योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि विविध फसलों के लिए छत्तीसगढ़ में उपयुक्त जलवायु क्षेत्र है। उन्होंने फसल विविधिकरण पर जोर देते हुए यहां के जलवायु के अनुरूप अलग-अलग जिलों व क्षेत्रों में अलग-अलग फसलों को बढ़ावा देने की बात कही।

केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों के आय को बढ़ाने की दिशा में निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि उपकरणों एवं कृषि तकनीकों को अपनाकर नवाचार के साथ खेती करने से फसलों के उत्पादन में वृद्धि होगी, किसान सशक्त होंगे और देश समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में बेहतर कार्य हो रहा है ।

केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना, कृषि सिंचाई योजना, मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेस योजना, कृषि उन्नति, प्रधानमंत्री जनधन योजना, बागवानी मिशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पीएम सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को शत-प्रतिशत लाभ मिले यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंन पॉम ऑयल और मखाना की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में केन्द्र सरकार की ओर से तत्परता से मिलने वाले सहायोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को उम्मीद से अधिक मद्द केन्द्र सरकार से मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से राज्य में ग्रामीण विकास एवं कृषि के क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए मिले दिशा-निर्देश से इन क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी।
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मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच मंथन

नवा रायपुर में आज हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की 17 वीं बैठक में परिषद के सदस्य राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच चारों राज्यों में सामाजिक- आर्थिक विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित विषयों के निराकरण और बेहतर समन्वय के लिए 50 बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान मध्य क्षेत्र के इन चारों राज्यों से संबंधित प्रशासनिक, आर्थिक एवं सामाजिक मुद्दों का समाधान निकालने तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। बैठक में मौजूद अधिकारी चारों राज्यों के नवाचारों और बेस्ट प्रेस्टिसेस से भी रू-ब-रू हुए। 


            मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की इस बैठक का विशेष महत्व है क्योंकि इसमें मध्य क्षेत्रीय परिषद की मुख्य बैठक से पहले एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाता है, इसमें लिए गए निर्णय और सिफारिशें परिषद की आगामी बैठक में प्रस्तुत किए जाते हैं। बैठक में परिषद के सदस्य राज्यों के लंबित अंतर्राज्यीय मामलों के समाधान, नीतिगत समन्वय को सुदृढ़ करने तथा विकास परियोजनाओं में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर किया जाता है।

          मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील, केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव श्री आशीष श्रीवास्तव, अतिरिक्त सचिव श्रीमती शुभा ठाकुर, मध्यप्रदेश की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शामी, उत्तरप्रदेश के अपर मुख्य सचिव श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा और उत्तराखंड के प्रमुख सचिव श्री रमेश कुमार सुंधाशु सहित केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी तथा चारों राज्यों के संबंधित विभागों के अधिकारी बैठक में शामिल हुए।

          मुख्य सचिव श्री विकास शील ने मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में कहा कि आज चारों राज्यों एवं केंद्र सरकार के अधिकारियों के बीच राज्य सरकारों और भारत सरकार से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर रचनात्मक और उपयोगी चर्चा हुई है। निरंतर संवाद और अंतर्राज्यीय सहयोग के जरिए मध्य क्षेत्र के राज्यों के साझा हितों को प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव श्री आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि आज हुई चर्चा के निष्कर्षों के अनुरूप चारों राज्य तत्काल कार्यवाही प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि चारों राज्यों और केंद्र सरकार के बीच विचार-विमर्श से आपसी संवाद बेहतर होंगे। केंद्र सरकार एवं मध्य क्षेत्रों के राज्यों की साझा समस्याओं के समाधान के लिए ठोस व व्यावहारिक निर्णय लेने में इससे मदद मिलेगी।

इन मंत्रालयों एवं विभागों से जुड़े विषयों पर हुई चर्चा

     मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ ही केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, गृह मंत्रालय, सहकारिता मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय, आवास और शहरी विकास मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, रेल मंत्रालय, खान मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, जल जीवन मिशन, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अभिकरण, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, वित्त सेवा विभाग, डाक विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, वाणिज्य विभाग तथा मछली पालन विभाग से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। 

चारों राज्यों के बेस्ट प्रेक्टिसेस से रू-ब-रू हुए अधिकारी

      मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में अंतर्राज्यीय समन्वय, विकास और सुशासन के साथ-साथ चारों राज्यों द्वारा अपनाई गई बेस्ट प्रेक्टिसेस की भी प्रस्तुति हुई। इस दौरान छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड एवं उत्तरप्रदेश के अधिकारियों ने अपने-अपने राज्यों के नवाचारों और प्रभावी योजनाओं की जानकारी साझा की।

       छत्तीसगढ़ द्वारा वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 की प्रस्तुति दी गई, जिसे जुलाई 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा लॉन्च किया गया है। यह उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म 16 विभागों की 136 से अधिक सेवाओं को एकीकृत करता है, जिससे औद्योगिक निवेश, भूमि प्रबंधन, पर्यावरणीय स्वीकृति और सब्सिडी प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है। इसके साथ ही दंतेवाड़ा मॉडल के तहत ब्लॉक-चेन आधारित सुरक्षित भूमि अभिलेख प्रणाली और एआई-आधारित विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) को शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की अभिनव पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

        मध्यप्रदेश ने ग्रामीण पर्यटन विकास को अपनी प्रमुख बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में प्रस्तुत किया। इसके तहत 125 गांवों में होम-स्टे और स्थानीय संस्कृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही ऊर्जा बचत एवं नवीकरणीय ऊर्जा नीति- 2025 के माध्यम से 2030 तक 50 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त करने के लक्ष्य तथा पीएम श्री टूरिज्म हेली सर्विस के जरिए पर्यटन एवं क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाने की पहल की जानकारी दी गई।

उत्तराखंड द्वारा किसान-से- आईटीबीपी आपूर्ति श्रृंखला योजना के माध्यम से सीमावर्ती किसानों की आय वृद्धि, डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम से प्लास्टिक कचरा प्रबंधन तथा स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी (SARA) द्वारा जल स्रोतों के पुनर्जीवन की पहलों का प्रस्तुतीकरण किया गया। उत्तरप्रदेश के अधिकारियों ने शहरी क्षेत्रों में आवासीय सुधारों की नई पहलों, श्रम न्याय सेतु पोर्टल तथा सेवा मित्र जैसे नवाचारों पर प्रस्तुतिकरण दिया।
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महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री श्री अजित पवार के आकस्मिक निधन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा शोक

महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री अजित पवार  सहित अन्य लोगों के आकस्मिक निधन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस घटना को अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक बताया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री अजित पवार जी का सम्पूर्ण जीवन कृषक कल्याण, जनसेवा और देश के विकास के लिए समर्पित रहा। उनका असमय देहावसान न केवल उनके परिजनों और समर्थकों के लिए, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रभु श्री राम से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
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कर्तव्य पथ पर गूंजा छत्तीसगढ़ के जनजातीय शौर्य का इतिहास

 26 जनवरी 2026- 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की गौरवगाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती नजर आई।


राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रियों और विशिष्ट अतिथियों ने झांकी को उत्सुकता के साथ देखा और तालियां बजाकर सराहना की। दर्शक दीर्घा में मौजूद लाखों लोगों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ छत्तीसगढ़ की झांकी का स्वागत किया। झांकी के समक्ष छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोक नृत्य ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

झांकी में नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाई गई, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से संरक्षित किया गया है। इस ऐतिहासिक संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर किया था।

झांकी के अग्र भाग में वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दर्शाया गया। धुर्वा समाज के इस महान योद्धा ने अन्यायपूर्ण अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित किया। विद्रोह के प्रतीक के रूप में आम की टहनियां और सूखी मिर्च को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। विद्रोह की तीव्रता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि अंग्रेजों को नागपुर से सेना बुलानी पड़ी, फिर भी वे वीर गुंडाधुर को पकड़ने में असफल रहे।

झांकी के पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए दर्शाया गया। उन्होंने अकाल के समय गरीबों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई।
पूरी झांकी जनजातीय समाज के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति की भावना को सशक्त रूप में अभिव्यक्त करती रही और गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की गौरवपूर्ण पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से राज्यसभा के उप सभापति श्री हरिवंश ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्यसभा के उप सभापति श्री हरिवंश ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शॉल और प्रतीक चिन्ह नंदी भेंट कर श्री हरिवंश का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा उपस्थित थे।


          उल्लेखनीय है कि श्री हरिवंश आज पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
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जम्मू-कश्मीर के डोडा में सेना वाहन दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में गिरने से 10 वीर जवानों के शहीद होने को अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक बताते हुए इस दुःखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत वीर सैनिकों की आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को इस असह्य दुःख को सहन करने की असीम शक्ति दें। उन्होंने हादसे में घायल सभी जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र इन वीर सपूतों के सर्वोच्च बलिदान को सदैव स्मरण रखेगा और संकट की इस घड़ी में देश उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है।
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मेडिसिटी विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि: चार माह में जमीन लीज और रजिस्ट्री पूरी, ₹680 करोड़ की लागत से बनेगा 300 बिस्तरों का बॉम्बे हॉस्पिटल

नवा रायपुर को देश के प्रमुख हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में देश के प्रतिष्ठित बॉम्बे हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर और नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मध्य 15 एकड़ भूमि के लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नवा रायपुर में प्रस्तावित मेडिसिटी के विकास को नई गति देगा।


यह परियोजना न केवल राज्य के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करेगी, बल्कि निवेश के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की तेज़ और भरोसेमंद प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी उदाहरण बनेगी। राज्य सरकार द्वारा 24 सितंबर 2025 को निवेश आमंत्रण जारी किए जाने के बाद मात्र चार माह के भीतर भूमि चिन्हांकन, आवश्यक स्वीकृतियां और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जो अपने आप में एक नया बेंचमार्क है।

नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आबंटित 15 एकड़ भूमि पर बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा लगभग ₹680 करोड़ की लागत से 300 बिस्तरों का अत्याधुनिक मल्टी सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। यह अस्पताल ट्रस्ट का देश में चौथा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा। इससे पूर्व मुंबई, इंदौर और जयपुर में ट्रस्ट के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।

बॉम्बे हॉस्पिटल के माध्यम से कार्डियक साइंसेज, कैंसर उपचार, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, क्रिटिकल केयर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट सहित कई उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।

इस परियोजना से 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिनमें डॉक्टर, सर्जन, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और मेडिकल टेक्नीशियन शामिल होंगे। इसके साथ ही हेल्थकेयर सप्लाई चेन, सेवाओं और सहयोगी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल की स्थापना से नवा रायपुर में मेडिसिटी का सपना साकार होने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के नागरिकों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के निरंतर विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। बॉम्बे हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का नवा रायपुर में निवेश करना राज्य की नीतिगत स्थिरता, तेज़ निर्णय क्षमता और निवेशक-अनुकूल वातावरण पर विश्वास का प्रमाण है।

यह परियोजना छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्वास्थ्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहनों और समयबद्ध क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है। इससे नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया के प्रमुख हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री चंदन कुमार, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं चेयरमैन श्री भरत तापड़िया, सचिव श्री श्याम जी सहित ट्रस्ट एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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“दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को यात्री शिकायत निवारण में उत्कृष्टता के लिए “रेल मदद शील्ड का रायपुर स्टेशन पर भव्य स्वागत

रेलवे, सूचना और प्रसारण, तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, श्री अश्विनी वैष्णव, चयनित रेलवे कर्मचारियों को 70वां अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार प्रदान किया। अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार-2025 के अंतर्गत

इसी प्रकार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को 
रेल मदद शील्ड प्राप्त होने पर रायपुर स्टेशन पर इसका भव्य स्वागत किया गया। रेल मदद शिल्ड दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक श्री प्रवीण पांडेय जी द्वारा नई दिल्ली बिलासपुर राजधानी एक्सप्रेस से लाई जा रही थी। जिसका रायपुर स्टेशन पर वाणिज्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। 
 इस अवसर पर रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 05 पर शील्ड का भव्य स्वागत किया गया। प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (पीसीसीएम) श्री प्रवीण पांडेय जी मैं रायपुर रेल मंडल द्वारा रेल मदद में एक्सीलेंट उपलब्धियां दर्ज करने पर कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया एवं आगे भी निरंतर इसी तरह यात्रियों की मदद के लिए तत्पर रहने की बात कही। इस अवसर पर बिलासपुर जोन के वाणिज्य विभाग के अधिकारी एवं रायपुर रेल मंडल के वाणिज्य विभाग के अधिकारी  रायपुर स्टेशन पर कार्यरत स्टाफ, टिकट चेकिंग स्टाफ, स्काउट गाइड, वाणिज्य निरीक्षक, प्रचार निरीक्षक, पुलिस बैंड, सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

 रेलवे, सूचना और प्रसारण, तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, श्री अश्विनी वैष्णव के द्वारा रेल मदद शील्ड दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश एवं प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक श्री प्रवीण पांडेय ने प्राप्त की। 

भारतीय रेल के सभी जोनों में रेल मदद प्लेटफॉर्म के माध्यम से दर्ज यात्रियों की शिकायतों के प्रभावी, त्वरित और संतोषजनक निपटान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है । तीनों मंडलों में रायपुर नागपुर बिलासपुर के संयुक्त प्रयासों विशेष तौर पर रायपुर रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अवधेश कुमार त्रिवेदी द्वारा स्वयं रेल मदद की मॉनिटरिंग एवं  उनके नेतृत्व में वाणिज्य कंट्रोल विभाग की सक्रिय टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई।

रेल मदद भारतीय रेल का एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो शिकायत निवारण, पूछताछ और यात्री सहायता के लिए बनाया गया है । इस एक ही प्लेटफॉर्म के माध्यम से यात्री स्वच्छता, सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, खानपान एवं अन्य सेवाओं से संबंधित शिकायतें दर्ज कर सकते हैं, उनकी स्थिति ट्रैक कर सकते हैं तथा मोबाइल ऐप, वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर 139 के माध्यम से फीडबैक भी दे सकते हैं । यह प्रणाली यात्रियों की समस्याओं के त्वरित, समन्वित और प्रभावी समाधान को सुनिश्चित करती है, जिससे यात्रा अनुभव में उल्लेखनीय सुधार होता है ।

यह पुरस्कार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के निरंतर प्रयासों, प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था और यात्री-केंद्रित दृष्टिकोण को मान्यता देता है, जो समयबद्ध और प्रभावशाली ढंग से शिकायतों के समाधान में परिलक्षित होता है । यह उपलब्धि रेलवे की सेवा उत्कृष्टता के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है ।

यह सफलता डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग के माध्यम से यात्री संतुष्टि बढ़ाने तथा उत्तरदायी, विश्वसनीय और उच्च गुणवत्ता वाली रेल सेवाएं प्रदान करने की दिशा में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है ।

इस उपलब्धि पर श्री प्रवीण पांडेय, प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक, ने वाणिज्य विभाग के सभी कर्मचारियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया । उन्होंने यात्रियों की समस्याओं को सक्रिय रूप से उठाने और त्वरित कार्रवाई करने में कर्मचारियों की भूमिका की सराहना की । विशेष रूप से उन्होंने यात्रियों को प्रदान की गई उत्कृष्ट चिकित्सा सहायता तथा अनधिकृत यात्रियों की पहचान कर उन्हें उतारने (डिट्रेनिंग) की प्रभावी कार्रवाई की प्रशंसा की। भविष्य की प्राथमिकताओं पर जोर देते हुए उन्होंने ई-कैटरिंग के माध्यम से स्वस्थ एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने तथा ऑटोमैटिक वेंडिंग मशीन (AVM) के जरिए सेवाओं को और बेहतर बनाने की बात कही, ताकि यात्रियों के आराम और संतुष्टि में निरंतर वृद्धि हो सके ।
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रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के कर-कमलों से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर मंडल के श्री सांध्य प्रदीप चौबे स्टेशन अधीक्षक को ‘अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025’ से सम्मानित किया गया

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के श्री सांध्य प्रदीप चौबे स्टेशन अधीक्षक को रेल सेवाओं के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट एवं परिणामोन्मुखी योगदान के लिए दिनांक 09 जनवरी 2026 को माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के कर-कमलों से “अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025” से सम्मानित किया गया। श्री सांध्य प्रदीप चौबे ने नया रायपुर में एचपीसीएल गति शक्ति कोचिंग टर्मिनल की कमीशनिंग को प्राथमिकता देते हुए परामर्शदाता और रेल विभाग के सभी हितधारकों के साथ समन्वय करके दृढ़ नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। गति शक्ति कोचिंग टर्मिनल को न्यूनतम व्यवधान के साथ कमीशन किया गया। इन्होंने ब्लॉक के दौरान मालगाड़ी संचालन की व्यवस्था करके 4 दिन में 12 अतिरिक्त फ्रेट सेवाएँ उपलब्ध कराई। कई रेलखंडों में स्वचालित सिगनल प्रणाली कमीशन की तथा तीन ब्रिजों के पुनर्निर्माण कार्य की देखरेख की, जिससे ट्रेन परिचालन में सुधार हुआ।

           केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में 101 रेल अधिकारियों को 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार तथा विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 26 जोन को शील्ड प्रदान की। इस समारोह में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ श्री सतीश कुमार, रेलवे बोर्ड के सदस्य तथा विभिन्न रेल मंडलों एवं उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधक उपस्थित रहे ।
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लोकसंस्कृति, जनजातीय गौरव और राष्ट्रबोध का संगम बना आदि लोकोत्सव: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज गोवा के आदर्श ग्राम अमोन, पोंगुइनिम, गोवा में आयोजित 'आदि लोकोत्सव' पर्व–2025 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकोत्सव को संबोधित करते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर उपस्थित थे। 


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 'आदि लोकोत्सव' के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह लोकोत्सव देश की आदिम संस्कृति से जुड़ने का एक जीवंत उत्सव है, जो भारत की लोक-सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। 

उन्होंने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांव हमारी आत्मा हैं। गांवों की संस्कृति ही देश की संस्कृति है, जिसे लोकगीतों, लोकनृत्यों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और परंपराओं के माध्यम से जीवंत रखना अत्यंत आवश्यक है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवा सरकार पिछले 25 वर्षों से इस सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखने का कार्य कर रही है, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में आदि लोकोत्सव और भी भव्य तथा व्यापक स्वरूप में आयोजित होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि जनजातीय इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। भगवान बिरसा मुंडा ने महज 25 वर्ष की अल्पायु में अंग्रेजों को चुनौती दी और अपने अदम्य साहस से इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के अनेक महापुरुष ऐसे हैं, जिन्हें देश के इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय सेनानियों को देशभर में सम्मान और पहचान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रानी दुर्गावती के बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि वे जनजातीय समाज की महान वीरांगना थीं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उनके गौरव को स्थायी स्वरूप देते हुए मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक भव्य संग्रहालय का निर्माण कराया है, जो उनके शौर्य और बलिदान की अमिट स्मृति है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय सेनानियों के योगदान को विशेष रूप से स्मरण किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 32 प्रतिशत जनजातीय आबादी निवास करती है और यहां के 14 जनजातीय महापुरुषों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधुर, गेंद सिंह जैसे महापुरुषों ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष कर देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया। शहीद वीर नारायण सिंह को अंग्रेजों ने राजधानी रायपुर के जय स्तंभ चौक में फांसी दी थी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन जनजातीय नायकों की स्मृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक उनके बलिदान की गाथा पहुंचाने के उद्देश्य से नया रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का निर्माण किया गया है। यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जिसका उद्घाटन छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने आदि लोकोत्सव में उपस्थित सभी लोगों को छत्तीसगढ़ आकर इस डिजिटल संग्रहालय को देखने का आमंत्रण भी दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज के लिए इससे बड़ा गौरव क्या हो सकता है कि आज देश के सर्वोच्च पद महामहिम राष्ट्रपति के रूप में भी जनजातीय समाज की बेटी सुशोभित हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में आदिवासी समाज का मुख्यमंत्री बनना प्रधानमंत्री श्री मोदी की समावेशी सोच का प्रमाण है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना जैसी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धेय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदानों का स्मरण किया और कहा कि उनके कार्यकाल में ही पहली बार देश में आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ, जिसके माध्यम से आज 12 करोड़ से अधिक जनजातीय नागरिकों के विकास के लिए बड़े पैमाने पर बजट और योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के पहले कार्यकाल में उन्हें उनके साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान पहले नक्सल प्रभावित राज्य के रूप में होती थी, लेकिन आज वह तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और राज्य अब शांति, विकास और निवेश के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन क्षेत्रों में पहले निवेश नहीं आते थे, वहां अब उद्योग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को प्राप्त हो चुके हैं, जो राज्य के आर्थिक भविष्य की नई दिशा तय कर रहे हैं।
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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने ‘जशक्राफ्ट’ एवं जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति के कौशल की सराहना की

 भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने  गुमला (झारखंड) में आयोजित अंतर्राज्यीय जन-सांस्कृतिक समागम ‘कार्तिक जतरा’ कार्यक्रम में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी जनजातीय महिलाओं के कार्यों, कौशल और आत्मनिर्भरता की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद महिला सशक्तिकरण के सशक्त उदाहरण हैं।


राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने जशपुर वनमंडल अंतर्गत वन प्रबंधन समिति शब्दमुंडा, ग्राम कोटानपानी के स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को जनजातीय सृजनशीलता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रेरक प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल आजीविका के साधन बढ़ाते हैं, बल्कि परंपरागत कला और हस्तशिल्प को नई पहचान भी दिलाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति, विशेषकर ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के कौशल और स्वावलंबन की प्रशंसा पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम कोटानपानी की स्व-सहायता समूह की बहनों द्वारा तैयार आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और महिलाओं की मेहनत व सृजनात्मकता के जीवंत प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का यह स्नेहपूर्ण आशीर्वाद और प्रोत्साहन जनजातीय मातृशक्ति के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प तथा “वोकल फॉर लोकल” की भावना को और अधिक सशक्त करेगा। उन्होंने जशपुर की समस्त जनजातीय बहनों की ओर से राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान जनजातीय हस्तशिल्प, पारंपरिक लोककला तथा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि दल ने जशपुर जिले की विशिष्ट शिल्प परंपरा और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर जनजातीय सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को जनजातीय समुदायों की परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। अपनी जनजातीय विरासत और पहचान को सुरक्षित रखते हुए हमारे युवाओं को आधुनिक विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजातीय समुदाय के सभी सदस्य अपनी धरोहर को संजोए रखते हुए प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि  मांझाटोली (झारखंड) में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम - कार्तिक यात्रा  का आयोजन हुआ है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है, बल्कि जनजातीय समाज को जोड़ने वाला सेतु भी है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए गर्व और आस्था दोनों का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण देश भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाता है।भगवान बिरसा मुंडा केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि जंगल, जल और जमीन की रक्षा के प्रतीक हैं। उनकी प्रेरणा ने आदिवासी समाज में आत्मगौरव की भावना को सशक्त किया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंकजराज साहेब कार्तिक उरांव जैसे जननायकों ने भी शिक्षा, सामाजिक एकता और जनजातीय पहचान के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद ने विकास के रास्ते रोक रखे थे। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं वहां तक नहीं पहुंच पाती थीं लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण अब स्थितियाँ बदल रही हैं। बस्तर में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और शासन व्यवस्था गांव-गांव तक पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। 400 से अधिक गांव नक्सली प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं और लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगी है। आज उन इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, राशन, चिकित्सा सुविधाएं और शिक्षा के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। बस्तर के लोग लंबे समय से शांति और विकास चाहते थे, और अब उनका यह सपना धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह भी हर्ष का विषय है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का गठन संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि आज इन राज्यों की जनता अपने अलग पहचान और तेज़ी से प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि तीनों राज्यों का यह सांस्कृतिक संगम आगे भी शांति, प्रगति और समृद्धि का संदेश देता रहेगा तथा नक्सलवाद पर निर्णायक विजय का अध्याय आने वाले समय में पूरा होगा।
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कर्तव्य पथ पर दिखेगा जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश का पहला डिजिटल संग्रहालय

 आगामी गणतंत्र दिवस समारोह में नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। इस वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी में जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की अद्भुत झलक प्रदर्शित की जाएगी। रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति द्वारा गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह के लिए छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन किया गया है।


उल्लेखनीय है कि यह डिजिटल संग्रहालय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर में लोकार्पित किया जा चुका है। 

गणतंत्र दिवस समारोह हेतु झांकी के चयन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की झांकी के माध्यम से देशभर के नागरिकों को आदिवासी समाज की अटूट देशभक्ति, अनुपम वीरता और अपने सिद्धांतों के लिए बलिदान की गौरवशाली परंपरा को देखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इसे पूरे राज्य के लिए गर्व और उत्साह का विषय बताया।

जनसंपर्क विभाग के सचिव श्री रोहित यादव ने बताया कि सभी राज्यों द्वारा अपनी झांकियों के प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को भेजे गए थे। लगभग चार महीने तक चली विस्तृत और कठोर चयन प्रक्रिया के बाद 17 राज्यों की झांकियों को अंतिम रूप से चयनित किया गया है, जिनमें छत्तीसगढ़ की झांकी भी शामिल है। विशेषज्ञ समिति ने छत्तीसगढ़ की झांकी की विषयवस्तु, प्रस्तुति शैली और अभिनव डिज़ाइन की विशेष सराहना की।

जनसंपर्क आयुक्त श्री रवि मित्तल ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ की झांकी भारत सरकार की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ पर आधारित है। झांकी में उन जनजातीय वीर नायकों के अद्वितीय बलिदान और संघर्ष को दर्शाया गया है, जिनके सम्मान में देश का पहला डिजिटल संग्रहालय स्थापित किया गया है। यह संग्रहालय जनजातीय आंदोलनों और विद्रोहों की वीरगाथाओं को रोचक, इंटरैक्टिव और प्रेरणादायक रूप में नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्त्वपूर्ण कार्य कर रहा है। यह चयन न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का राष्ट्रीय मंच पर गौरवपूर्ण प्रतिनिधित्व है, बल्कि आदिवासी समाज के योगदान को उचित सम्मान देने का भी सशक्त माध्यम है।

"गणतंत्र दिवस की परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय है। झांकी के माध्यम से देश के पहले डिजिटल संग्रहालय में जनजातीय वीर नायकों की अमर गाथाओं, उनकी देशभक्ति, अदम्य साहस और बलिदान की परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। यह झांकी केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के योगदान के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक है, जो नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
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ख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनप्रतिनिधियों संग ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 129वीं कड़ी का श्रवण

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में जनप्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 129वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, विधायक श्री प्रबोध मिंज एवं विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष के अंतिम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी अपनाने, देश में निर्मित उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से बचने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्र को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री निरंतर जनभागीदारी, नवाचार, आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सशक्त बनाते हैं।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2025 को भारत के लिए उपलब्धियों से भरा गौरवशाली वर्ष बताया। उन्होंने देश की सुरक्षा, खेल, विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक सफलताओं का उल्लेख किया। उन्होंने खिलाड़ियों और पैरा-एथलीटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा युवाओं के नवाचारों और ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन’ जैसे मंचों की सकारात्मक भूमिका को भी रेखांकित किया।

मन की बात में प्रधानमंत्री ने मणिपुर के युवा मोइरांगथेम सेठ के सौर ऊर्जा से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का उल्लेख किया। साथ ही ओडिशा की स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि के योगदान को नमन करते हुए उन्होंने समाज सेवा और त्याग के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में आईसीएमआर की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने एंटीबायोटिक दवाओं के अनियंत्रित उपयोग पर चिंता व्यक्त की और नागरिकों से चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही दवा लेने की अपील की। 

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के तहत स्वास्थ्यप्रद जीवनशैली अपनाने का संदेश देते हुए सभी देशवासियों को वर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ देश को जोड़ने वाला और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला कार्यक्रम है, जिसकी प्रत्येक कड़ी प्रेरणा, जागरूकता और जनभागीदारी की नई भावना का संचार करती है और जिसका सभी नागरिकों को बेसब्री से इंतजार रहता है।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी जयंती के अवसर पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहा। लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण, सुशासन की स्थापना और जनकल्याण के व्यापक दृष्टिकोण के कारण वे देशवासियों के हृदय में सदैव अमर रहेंगे। वे केवल महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी राजनेता और करुणा से भरे जननायक थे, जिन्होंने राजनीति को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी के नेतृत्व में देश ने विकास, पारदर्शिता और सुशासन की नई दिशा प्राप्त की।  उनका समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने का संकल्प आज भी हमारी शासन-नीति का केंद्रीय आधार है। यही भावना छत्तीसगढ़ सरकार के प्रत्येक कार्यक्रम, योजना और निर्णय का मार्गदर्शन करती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को सशक्त बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाओं की आपूर्ति और जनविश्वास की पुनर्स्थापना के प्रयास लगातार जारी हैं। यह यात्रा अटलजी के विचारों, आदर्शों और प्रेरणा से ऊर्जा प्राप्त करती है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों—ईमानदारी, संवेदनशीलता, संवाद और समावेशी विकास—को अपने जीवन और कार्य में अपनाएँ तथा विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।

इस अवसर पर विधायक श्री किरण सिंह देव उपस्थित थे।
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अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सुशासन दिवस: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया नमन

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस 25 दिसंबर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी विचारक और जनकल्याण को सर्वाेपरि रखने वाले प्रधानमंत्री थे। उनके नेतृत्व में देश ने सुशासन, पारदर्शिता और विकास की नई दिशा प्राप्त की। “अंत्योदय” की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का उनका दृष्टिकोण आज भी हमारी शासन-नीति का आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाएं और जनविश्वास की पुनर्स्थापना, ये सभी प्रयास अटलजी के विचारों से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प दिवस भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों को अपने जीवन और कार्यशैली में आत्मसात करें तथा राष्ट्र और प्रदेश के समावेशी विकास में सहभागी बनें।
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