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ईडी की छापेमारी में अब तक 7 करोड़ कैश बरामद, गिनती जारी...

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शिक्षक घोटाला, पशु तस्करी और कोयला घोटाला मामले में सीबीआई के अलावा ईडी और सीआईडी पिछले कुछ दिनों से पश्चिम बंगाल में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। इसी कड़ी में शनिवार (10 सितंबर) सुबह ईडी की टीम ने कोलकाता में चार जगह छापेमारी की। माना जा रहा है कि यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर की गई।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कोलकाता के पार्क स्ट्रीट, मैकलियॉड स्ट्रीट, गार्डेनरीच और मोमिनपुर में ईडी की अलग-अलग टीमें सुबह से ही छापेमारी कर रही हैं। भारी मात्रा में केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों के साथ ये टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं। उल्लेखनीय है कि बंगाल में पिछले दिनों से शिक्षक घोटाला, पशु तस्करी, कोयला तस्करी के साथ ही चिटफंड मामले में केंद्रीय एजेंसियां लगातार छापेमारी कर रही हैं।

जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम ने शनिवार सुबह सबसे पहले पार्क स्ट्रीट से सटे मैकलियॉड स्ट्रीट पर दो आवासों की तलाशी ली। इसके बाद ईडी के अधिकारी 36/1 मैकलियॉड स्ट्रीट गए। बताया जा रहा है कि ईडी की टीम किसी वाहिद रहमान नामक शख्स की तलाश कर रही है। इसके बाद टीम 34/ए मैकलियॉड स्ट्रीट स्थित आवास पर भी गई।

बताया जा रहा है कि इस दौरान टीम ने घर पर मौजूद लोगों से बातचीत की। साथ ही, आसपास के लोगों से भी जानकारी लेने की कोशिश की। ईडी के अधिकारियों ने पेशे से वकील पिता-पुत्र के आवास की भी तलाशी ली। जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीमों ने कुल छह ठिकानों पर छापेमारी की और काफी रुपये बरामद किए, जिनमें सात करोड़ रुपये की गिनती हो चुकी है। वहीं, बाकी रकम गिनी जा रही है।

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दिल्ली-राजस्थान समेत देशभर में 100 जगहों पर आयकर विभाग ने मारा छापा...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आयकर विभाग की टीम बुधवार सुबह देश के कई जगहों पर छापेमारी कर रही है। गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के खिलाफ यह छापेमारी की जा रही है। आईटी डिपार्टमेंट की यह छापेमारी दिल्ली, राजस्थान समेत देश के कई राज्यों में चल रही है। इन गैर मान्यता प्राप्त राजनीतित दलों (RUPP )के खिलाफ कर चोरी का मामला है। इसके चलते आयकर विभाग की टीम छापेमारी कर रही है।

सूत्रों ने बताया कि गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा समेत देश के कुछ अन्य राज्यों में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आयकर विभाग द्वारा गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल व उनसे जुड़ी संस्थाओं, ऑपरेटरों और अन्य के खिलाफ एक समन्वित कार्रवाई शुरू की गई है। चुनाव आयोग ने कई राजनीतिक दलों के 87 संस्थाओं को RUPP से था हटाया

ऐसा माना जाता है कि चुनाव आयोग (EC) की सिफारिश पर आयकर विभाग द्वारा यह कार्रवाई की गई है। चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में हुए सत्यापन के दौरान कई राजनीतिक दलों के 87 संस्थाओं को आरयूपीपी की सूची से हटा दिया गया था।

चुनाव आयोग ने राजनीतिक पार्टियों के रजिस्ट्रेशन में पाई थी धांधली
चुनाव आयोग ने घोषणा की थी कि वह 2100 से अधिक पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। जो नियमों और चुनावी कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने इन राजनीतिक पार्टियों और संस्थाओं पर मौद्रिक योगदान दाखिल करने से संबंधित और उनके पते और पदाधिकारियों के नाम को अपडेट करने में विफल रहने का आरोप तय किया था। साथ ही चुनाव आयोग ने कहा था कि इनमें से कुछ पार्टियां गंभीर वित्तीय अनियमितता में शामिल थीं।

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छत्तीसगढ़ समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें अपने राज्य का हाल...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई राज्यों एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग ने 18 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ की स्थिति बनीं हुई है। IMD के मुताबिक बुधवार को छत्तीसगढ़, केरल, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश के आसार है।

मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी और उड़ीसा में एक निम्न दाब का क्षेत्र तैयार हो रहा है। जिसके कारण मध्य भारत और उत्तर पूर्व भारत में भारी बारिश का दौर देखा जाएगा जबकि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में बारिश का आरेंज येलो अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली व आसपास के इलाकों की बात करें तो आज आसमान में बादल छाए रहेंगे। हालांकि बारिश की संभावना से पूरी तरह से इंकार कर दिया गया है।

इन राज्यों में होगी भारी बारिश
मौसम विभाग ने कई राज्य में बारिश बारिश की चेतावनी जताई है। केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, तेलंगना में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया। केरल और कर्नाटक में भारी बारिश के मद्देनजर स्कूल-कालेज आज बंद रहेंगे। मध्य प्रदेश की बात करें तो आज राजधानी भोपाल में बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा उत्तराखंड के देहरादून में आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जबकि हिमाचल प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी रहेगा।

दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ जगह पर बूंदाबादी देखने को मिल सकती है हालांकि बारिश की संभावना से इनकार किया गया है। न्यूनतम तापमान 26 डिग्री जबकि अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना जताई गई है।

यूपी के कुछ जिलों में बूंदाबादी की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक ट्रफ सामान्य अवस्था में उत्तर पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। जिसके कारण उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना से इनकार किया गया है।  मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना से पूरी तरह से इनकार कर दिया है। जबकि पश्चिमी यूपी के 10 जिलों में बूंदाबादी का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार में भारी बारिश का अलर्ट

बिहार में बुधवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। दरअसल कई इलाकों में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है। वही बिहार के 30 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम विभाग की माने तो बिहार की राजधानी पटना समेत 30 जिलों में बुधवार को मौसम के करवट लेने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही वज्रपात को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी समेत प्रदेश के सुपौल, अररिया, किशनगंज ,मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, अरवल, गया, नालंदा ,शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर एवं खगड़िया जिले को लेकर मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से अलर्ट जारी किया गया है।

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राजधानी में नहीं बिकेंगे पटाखे, पर्यावरण मंत्री ने लगाई रोक...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश के कई राज्यों में लगातार बढ़ते प्रदुषण स्तर के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने पटाखों की ज़्बिक्री पर रोक लगा दी है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि, पटाखों की ऑनलाइन बिक्री और डिलीवरी पर रोक लगा दी है।

यह रोक 1 जनवरी 2023 तक जारी रहेगा। उन्होंने ट्वीट में लिखा है, 'दिल्ली में लोगों को प्रदूषण के खतरे से बचाने के लिए पिछले साल की तरह ही इस बार भी सभी तरह के पटाखों के प्रोडक्शन, स्टोरेज, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह बैन लगाया जा रहा है, ताकि लोगों की जिंदगी बचाई जा सके।'

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भारत जोड़ो यात्रा : 5 महीने तक कंटेनर में सोएंगे राहुल, टेंट में बैठकर खाएंगे खाना...

12 राज्यों से गुजरते हुए 3,570 किलोमीटर की यात्रा करेंगे

 कन्याकुमारी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। तमिलनाडु के कन्याकुमारी से बुधवार को 'भारत जोड़ो यात्रा' शुरू करने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी का सफर मुश्किल भरा रहने वाला है। इस दौरान राहुल 12 राज्यों से गुजरकर  3,570 किलोमीटर लंबी दूरी तय करने वाले हैं। यह यात्रा पांच महीनों तक चलेगी। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी आर्थिक विषमताओं, सामाजिक ध्रुवीकरण, राजनीतिक केंद्रीकरण की समस्याओं और  विचारधाराओं की लड़ाई के रूप में यह रैली कर रहे हैं। पदयात्रा दो बैचों में चलेगी, एक सुबह 7-10:30 बजे से और दूसरी दोपहर 3:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक। जहां सुबह के सत्र में कम संख्या में प्रतिभागी शामिल होंगे, वहीं शाम के सत्र में सामूहिक लामबंदी होगी। औसतन रोजाना लगभग 22-23 किमी चलने की योजना है।

राहुल गांधी अगले 150 दिनों तक कंटेनर में सोने वाले हैं। कुछ कंटेनरों में स्लीपिंग बेड, शौचालय और एयर-कंडीशनर भी लगाए गए हैं। यात्रा के दौरान कई क्षेत्रों में तापमान और वातावरण में अंतर होगा। स्थान परिवर्तन के साथ भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए व्यवस्था की गई है। लगभग 60 ऐसे कंटेनर तैयार किए गए हैं जहां एक गांव स्थापित किया गया है। रात्रि विश्राम के लिए कंटेनर को गांव के आकार में प्रतिदिन नई जगह पर खड़ा किया जाएगा। राहुल गांधी के साथ रहने वाले पूर्णकालिक यात्री एक साथ भोजन करेंगे। सूत्रों ने आगे कहा कि राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा यात्रा को आम लोगों से जुड़ने का जरिया मानते हैं। इसलिए वह इस पूरी यात्रा को चकाचौंध और ग्लैमर से दूर एक सरल तरीके से पूरा करना चाहते हैं। राहुल गांधी इसे एक यात्रा कहते हैं लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे 2024 की तैयारी मानते हैं।

राहुल गांधी किसी होटल में नहीं रुकेंगे। टेंट में पार्टी नेताओं के साथ खाना खाएंगे और यह खाना सभी नेता मिलकर ही बनाएंगे। हालांकि कुछ जगहों पर राज्य कांग्रेस की इकाइयां भी यात्रा में शामिल कांग्रेस नेताओं के लिए खाने-पीने का इंतजाम करेंगी।

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राजपथ अब जाना जाएगा 'कर्तव्यपथ' के नाम से, एनडीएमसी ने पारित किया प्रस्ताव

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक राजपथ नाम से मशहूर सड़क का नाम अब कर्तव्यपथ होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने राजपथ के साथ ही नवनिर्मित सेंट्रल विस्टा लान का नाम बदलने का भी निर्णय लिया है। बुधवार को नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) की बैठक में राजपथ का नाम बदलकर 'कार्तव्य पथ' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। लोकसभा सांसद और एनडीएमसी सदस्य मीनाक्षी लेखी ने कहा कि एनडीएमसी परिषद की विशेष बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

मीनाक्षी लेखी ने यह भी कहा कि हमने आज विशेष परिषद की बैठक में राजपथ का नाम कार्तव्य पथ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बता दें कि प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से पांच प्रण की घोषणा की थी।

इनमें एक प्रण गुलामी के प्रतीकों को खत्म करने का भी था। माना जा रहा है कि इसी क्रम में राजपथ व सेंट्रल विस्टा लान का नाम कर्तव्यपथ रखा जाएगा। इंडिया गेट के पास नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा से लेकर राष्ट्रपति भवन तक की सड़क कर्तव्यपथ के नाम से जानी जाएगी।

इससे पूर्व पीएम आवास तक जाने वाली सड़क का नाम रेसकोर्स रोड से बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया गया था। बता दें, बिटिश काल में राजपथ किंग्सवे के नाम से जाना जाता था।

आजादी के बाद वर्ष 1955 में केंद्र सरकार ने इसका नाम किंग्सवे से बदलकर राजपथ कर दिया था और इसके नजदीक से जो सड़क होकर गुजरती है, उसका नाम जनपथ है।

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बिना कागज़ के होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, जस्टिस ने वकीलों को दिया ये आदेश...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्र और दिल्ली सरकार की शक्तियों के दायरे के विवादास्पद मुद्दे पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ 27 सितंबर को समय सीमा तय करेगी। संविधान पीठ हार्ड कॉपी के बजाय याचिकाओं और दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी का उपयोग करके मामले को सूचीबद्ध करेगी।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई ग्रीन बेंच की तरह होगी। कोई भी फाइलों या पेपर की हार्ड कॉपी न लाएं। इस संबंध में वकीलों को रजिस्ट्री दो दिन की ट्रेनिंग भी देगी। बता दें कि अदालतों की कार्यप्रणाली को पेपरलेस बनाने की दिशा में इस कदम को पर्यावरण सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इतना ही नहीं इस प्रक्रिया से पूर्ण पारदर्शिता भी बनी रहेगी। इसके अलावा प्राकृतिक संसाधनों की भारी बचत भी होगी।

अक्टूबर के मध्य तक दिल्ली मामले पर हो सकती है सुनवाई: पीठ
पीठ में जस्टिस चंद्रचूड़ के अलावा एमआर शाह, कृष्ण मुरारी, हेमा कोहली और पीएस नरसिम्हा भी शामिल हैं। पीठ ने कहा कि वह अक्टूबर के मध्य तक केंद्र और दिल्ली सरकार की विधायी और कार्यकारी शक्तियों के दायरे से संबंधित मामले की सुनवाई अस्थायी रूप से शुरू करेगी।

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सदियों पुराना है भारत-उज्बेकिस्तान संबंध : प्रो. रजनीश शुक्ल

 वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के अनुवाद अध्ययन विभाग द्वारा उज्बेकिस्तान के प्रतिभागियों के लिए संचालित ‘अल्पावधि हिंदी-अंग्रेजी-हिंदी भाषांतरण कार्यक्रम’ (1 अगस्त से 3 सितंबर) के संपूर्ति समारोह (3 सितंबर) में अध्यक्षीय उद्बोधन के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने कहा कि भारत-उज्बेकिस्तान का संबंध नया नहीं है, बल्कि यह सदियों पुराना है और भाषाओं व संस्कृतियों के अध्ययन के माध्यम से इस संबंध को जाना-समझा और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का एक मात्र ऐसा देश है जहाँ आज भी पुरानी फारसी; जिसे जिंद आवेस्ता की भाषा से भी जाना जाता है, पढ़ाई जाती है। वैदिक संस्कृत और पुरानी फारसी के तुलनात्मक अध्ययन से इस संबंध को और करीब से समझा जा सकता है। भारत सरकार की वर्तमान नीतियाँ भी संबंध को और बल प्रदान करती हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारत सरकार की वर्तमान नीतियों के कारण अब यह संभव हो पाया है कि हम सीधे अल्पावधि के कार्यक्रमों के अतिरिक्त समझौता ज्ञापन के द्वारा उपाधि कार्यक्रमों को भी संचालित कर सकते हैं। अनुवाद, तुलनात्मक अध्ययन और भाषा के अध्यापकों व शिक्षार्थियों को इस दिशा में विचार करने व कार्य करने की आवश्यकता है।


उज्बेकिस्तान के डॉ. सिराजुद्दीन नुर्मातोव ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि हम सभी लोग भाषांतरण कार्यक्रम से काफी लाभान्वित हुए हैं और भविष्य में इस प्रकार के अध्ययन कार्यक्रमों को संचालित करने हेतु इस विश्वविद्यालय और ताशकंद राजकीय प्राच्यविद्या विश्वविद्यालय, उज्बेकिस्तान के साथ समझौता ज्ञापन की आवश्यकता अनुभव करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम सभी ने हिंदी की आजीवन सेवा का व्रत लिया है और अपनी आखिरी साँस तक हम हिंदी की सेवा करते रहेंगे। कार्यक्रम की प्रस्तावना और स्वागत वक्तव्य में प्रतिकुलपति प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्ल ने कहा कि यह भाषांतरण कार्यक्रम सितंबर में होने वाले संघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे बाते कि यहाँ भाषांतरण की प्रक्रिया को सीखने और अभ्यास करने आए सभी उज्बेकी प्रशिक्षु आगामी शिखर सम्मेलन में दुभाषिए के रूप में कार्य करेंगे।

भाषांतरण कार्यक्रम के समापन समारोह में उज्बेकिस्तान से प्रतिभागी के रूप में उज्बेकिस्तान से पधारे श्रीमती मकतुबा मुर्तजाखोजाएवा, श्रीमती निलुफर खोजाएवा, श्रीमती मामुरा सुलैमानोवा, श्रीमती निलुफर नोरोवा, डॉ. सिराजुद्दीन नुर्मातोव एवं काबिलजान खाजियेव, विश्वविद्यालय से कुलसचिव कादर नवाज खान, साहित्य विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार, विधि विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. चतुर्भुज नाथ तिवारी, शिक्षा विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. गोपाल कृष्ण ठाकुर, आवासीय लेखक डॉ. रामजी तिवारी, अनुवाद अध्ययन विभाग से डॉ. रामप्रकाश यादव, डॉ. श्रीनिकेत कुमार मिश्र, ऋचा कुशवाहा, डॉ. मीरा निचले, डॉ. जीतेन्द्र, और प्रवासन एवं डायस्पोरा अध्ययन विभाग से डॉ. राजीव रंजन राय उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रीनिकेत कुमार मिश्र ने किया तथा अनुवाद एवं निर्वचन विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. कृष्ण कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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राष्ट्रपति भवन पहुंचीं शेख हसीना, पीएम मोदी ने किया स्वागत

 

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं। मंगलवार को शेख हसीना का राष्ट्रपति भवन में जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर मौजदू रहे। राष्ट्रपति भवन में पीएम मोदी ने शेख हसीना से मुलाकात की।

राष्ट्रपति भवन में जोरदार स्वागत के बाद बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने कहा कि भारत हमारा मित्र है। जब भी मैं भारत आती हूं, तो यह मेरे लिए खुशी की बात होती है। खासकर इसलिए कि हम हमेशा अपने मुक्ति संग्राम के दौरान भारत के योगदान को याद करते हैं। हमारे बीच मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, हम एक दूसरे के साथ सहयोग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य ध्यान गरीबी उन्मूलन और अर्थव्यवस्था को विकसित करना है। इन सभी मुद्दों के साथ मुझे लगता है कि हमारे दो देश एक साथ काम करते हैं ताकि न केवल भारत और बांग्लादेश में बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में लोगों को बेहतर जीवन मिल सके। यही हमारा मुख्य फोकस है।

इसके साथ ही शेख हसीना ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच बहुत ही उपयोगी चर्चा होगी। हमारा मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से विकसित होना और हमारे लोगों की बुनियादी जरूरतों को भी पूरा करना है, जो हम कर पाएंगे। दोस्ती से आप किसी भी समस्या का समाधान निकाल सकते हैं। इसलिए हम हमेशा ऐसा करते हैं।

बता दें कि शेख हसीना और पीएम मोदी के बीच मंगलवार को अलग से बैठक होगी। साथ ही शेख हसीना आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से भी मुलाकात करने वाली हैं।

शेख हसीना सोमवार को ही भारत आईं हैं। बांग्लादेश भारत का 'पड़ोसी पहले' नीति के तहत एक महत्वपूर्ण भागीदार है। दोनों देशों के संबंधों को लेकर यह यात्रा बेहद खास है।

इसके पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शेख हसीना के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और बांग्लादेश के बीच कई अहम समझौते हुए हैं। इनमें भूमि और समुद्री सीमा सीमांकन, सुरक्षा, संपर्क, विकास सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, बिजली और ऊर्जा, व्यापार और वाणिज्य, अर्थव्यवस्था, रक्षा सहित कई क्षेत्रों में ठोस परिणाम प्राप्त हुए हैं।

वहीं, इस बार के दौरे में दोनों देशों के बीच शामिल एजेंडे में रक्षा सहयोग को बढ़ावा, क्षेत्रीय संपर्क पहल का विस्तार और दक्षिण एशिया में स्थिरता स्थापित करना प्रमुख रूप से शामिल है। भारत और बांग्लादेश ने पिछले कुछ सालों में कई कनेक्टिविटी पहलों को पुनर्जीवित करने के अलावा क्षेत्रीय सहयोग के लिए एक मॉडल बनाने की मांग की है। अखौरा-अगरतला रेल लिंक जल्द ही फिर से खुल जाएगा। साथ ही यह अनुमान है कि अगरतला और चटगांव कुछ हफ्तों में हवाई मार्ग से जुड़ जाएगा।

शेख हसीना ने सोमवार को विदेश मंत्री से की थी मुलाकात
बता दें कि सोमवार को नई दिल्ली पहुंचने के तुरंत बाद बांग्लादेश के प्रधानमंत्री ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों के बीच द्विपक्षीय हित के मुद्दों पर खास चर्चा हुई। सोमवार को ही उन्होंने निजामुद्दीन औलिया दरगाह का भी दौरा किया। यह दरगाह दिल्ली में एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में प्रसिद्ध है।

प्रधानमंत्री हसीना के सोमवार को यहां पहुंचने पर नई दिल्ली हवाई अड्डे में कपड़ा और रेल राज्य मंत्री दर्शन जरदोश ने उनका स्वागत किया। शेख हसीना की यात्रा महत्वपूर्ण है और इससे भारत और बांग्लादेश के बीच बहुआयामी संबंधों को और मजबूती मिलेगी।

गौरतलब है कि 2021 में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के 50वें वर्ष को छूने के बाद यह उनकी पहली यात्रा है। पिछले साल बांग्लादेश की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ और राष्ट्र के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान की 100वीं जयंती भी मनाई गई थी।

 

 

 

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भाजपा विधायक अरविंद गिरि का निधन, मुख्यमंत्री ने जताया शोक...

 लखीमपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। यूपी के लखीमपुर खीरी जिले के गोला गोकर्ण नाथ सीट से पांचवीं बार जीत दर्ज करने वाले भाजपा विधायक अरविंद गिरि की मंगलवार सुबह आर्ट अटैक से मौत हो गई। खास बात यह है कि वह पूरी तरह से स्वस्थ थे और लखीमपुर से लखनऊ जा रहे थे। अरविंद गिरि मंगलवार की सुबह करीब छह बजे अपने गोला स्थित आवास से लखनऊ के लिए रवाना हुए थे। विधायक की गाड़ी अटरिया के पास पहुंची थी, तभी उनकी तबीयत अचानक खराब होने लगी।

विधायक के सीने में तेज दर्द शुरू हो गया था। उन्होंने ड्राइवर को अपनी तबियत के बारे में अवगत कराया। ड्राइवर ने तत्काल किसी को जानकारी दी। लेकिन, जब तक अरविंद गिरि को अस्पताल पहुंचाया जाता तब तक उनकी सांस थम चुकी थी।  यह सूचना पूरे जिले में सनसनी की तरह फैल गई। लोगों का हुजूम विधायक निवास पहुंचने लगा। अभी  एक दिन पहले ही गोला की छोटी काशी के कारिडोर बनने को लेकर विधायक अरविंद गिरि बहुत उत्साहित दिख रहे थे। इस कार्य के लिए उन्होंने शासन-प्रशासन को भी आभार जताया था। बताया जाता है कि वह छोटी काशी के कारिडोर के सिलसिले में ही लखनऊ जा रहे थे, लेकिन उससे पहले ही विधायक का सफर खत्म हो गया। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अरविंद गिरि की मौत पर दुख व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा विधायक अरविंद गिरि के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने इसको लेकर एक ट्वीट भी किया है। उन्होंने कहा है कि लखीमपुर खीरी जनपद की गोला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक अरविन्द गिरि का निधन अत्यंत दु:खद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। प्रभु राम दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें। शांति।

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2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक में शामिल होने राजनाथ, जयशंकर जाएंगे जापान...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर 7 से 10 सितंबर तक दूसरी भारत-जापान 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक के लिए जापान की आधिकारिक यात्रा करेंगे। भारत-जापान 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक कल यानि (बुधवार) से शुरू हो रही है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यात्रा के दौरान दोनों मंत्री अपने समकक्षों के साथ रक्षा मंत्री स्तरीय बैठक और विदेश मंत्रियों की रणनीतिक वार्ता भी करेंगे।

भारत-जापान संबंधों को मजबूती देंगे दोनों मंत्री
इस यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह अपने जापानी समकक्ष यासुकाजू हमदा से मुलाकात करेंगे। जबकि जयशंकर यात्रा के दौरान जापान के विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी से मुलाकात करेंगे। भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन के सम्मान के साझा मूल्यों पर आधारित है। यात्रा के दौरान भारत और जापान साझेदारी को मजबूत करने के लिए नई पहल की तलाश करेंगे।

2019 में हुई थी भारत-जापान के बीच बैठक
बता दें कि भारत-जापान 2+2 दोनों देशों के बीच इस तरह की दूसरी बैठक होगी। इससे पहले भारत-जापान विदेश और रक्षा मंत्रिस्तरीय वार्ता (2+2) की उद्घाटन बैठक 30 नवंबर, 2019 को नई दिल्ली में हुई थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जापान के तत्कालीन विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्सु और जापान के तत्कालीन रक्षा मंत्री कोनो तारो से मुलाकात की थी।

कई मुद्दों पर हुई थी बैठक में चर्चा
इस बैठक के बारे में मंत्रियों ने बताया था कि यह वार्ता द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग की रणनीतिक गहराई को और बढ़ाएगी। चुनौतियों को स्वीकार करते हुए मंत्रियों ने सुरक्षा सहयोग पर 2008 की संयुक्त घोषणा और सुरक्षा सहयोग के लिए 2009 की कार्य योजना के आधार पर द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।

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पाकिस्तानी रेंजर्स ने किया संघर्षविराम का उल्लंघन, बीएसएफ ने भी दिया जवाब...

 अरनिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जम्मू के अरनिया सेक्टर में करीब आठ महीने बाद मंगलवार को पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया है। अरनिया में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चिनाज पोस्ट पर पाकिस्तानी रेंजर्स ने बीएसएफ के जवानों पर फायरिंग की। यह फायरिंग तब की गई जब भारतीय जवान बाड़ लगाने का काम कर रहे थे। बीएसएफ ने भी पाकिस्तानी सेना को इसका जवाब दिया है। इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

इससे पहले जनवरी 2022 पाकिस्तान की ओर से अरनिया सेक्टर में संघर्षविराम का उल्लंघन किया गया था। तब सीमा प्रहरियों ने पच्चास बर्षीय एक पाक घुसपैठिया को ढेर कर दिया था। घुसपैठिया भारतीय सीमा में घुसने का असफल प्रयास कर रहा था।

पांच सितंबर को पुंछ में पाकिस्तान को सौंपा था आतंकी का शव
वहीं, पांच सितंबर, सोमवार को पाकिस्तान को पुंछ में आतंकी का शव सौंपा गया। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के तीन दशक में पहली बार पाकिस्तान ने किसी प्रशिक्षित आतंकी को अपना नागरिक मानते हुए शव वापस ले लिया। इससे पूर्व पाकिस्तानी सेना और एजेंसियां दहशतगर्द के शव को वापस लेने से इन्कार करते रहे हैं। सोमवार को आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े तबारक हुसैन (32) के शव को पुंछ जिले में चकां दा बाग स्थित राह-ए-मिलन पोस्ट से पाकिस्तानी सेना को सोमवार सुबह 11.10 बजे सौंपा गया।

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आगे ही नहीं, कार में पीछे बैठने वालों के लिए भी सीट बेल्ट जरुरी : नितिन गडकरी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।जाने-माने उद्योगपति और टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की मौत के बाद रोड सेफ्टी फीचर्स को लेकर कई सवाल खड़े हुए हो रहे हैं। मिस्त्री की मौत एक सड़क हादसे में हो गई थी। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि वह पीछे की सीट पर बैठे थे और उन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से देश में होने वाले सड़क हादसों को लेकर सवाल पूछा गया। गडकरी ने कहा कि देश के लोगों को सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए मानसिकता बदलने की जरूरत है।

गडकरी ने इस दौरान चार मुख्यमंत्रियों के साथ कार में सफर का किस्सा भी सुनाया। गडकरी ने बताया कि कैसे सीट बेल्ट ना लगाने पर उन्होंने कार ड्राइवर को डांट लगाई थी। गडकरी कहते हैं, 'आम लोगों को तो भूल जाओ। मैं एक बार चार मुख्यमंत्रियों के साथ उनकी कार से जा रहा था... नाम मत पूछिये। मैं फ्रंट सीट पर बैठा था, मैंने देखा कि सीट बेल्ट की जगह पर क्लिप लगी थी, जिससे सीट बेल्ट न लगाने पर भी अलार्म की आवाज न आए। मैंने ड्राइवर को डांटा और सुनिश्चित किया कि कार चलने से पहले सीट बेल्ट लगा लूं।' गडकरी ने बताया कि मैंने इस तरह के क्लिप के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।

मैंने भी जवानी में तोड़े हैं नियम
गडकरी ने कहा, जवानी में मैंने भी बहुत नियम तोड़े हैं, लेकिन तब इसका अहसास नहीं था कि यह कितना खतरनाक है। उन्होंने कहा, कॉलेज के दिनों में चुनाव के टाइम पर वे एक स्कूटर पर चार लोग बैठकर घूमते थे। नंबर प्लेट को हाथ से छिपा लेते थे, जिससे चालान न हो। उन्होंने कहा, हमें अपनी मानसिकता को बदलना होगा और नियमों का पालन करना ही होगा।

पीछे बैठने वालों को भी सीट बेल्ट लगाने की जरूरत :
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, 'पीछे वाली सीट पर बैठे लोगों को लगता है कि उन्हें सीट बेल्ट लगाने की जरूरत नहीं है। ये समस्या है। मैं किसी हादसे पर टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं, लेकिन आगे और पीछे की सीट पर बैठने वाले सभी लोगों को सीट बेल्ट पहनने की जरूरत है।'

बता दें कि गडकरी आईएए के ग्लोबल समिट- Nations As Brands कार्यक्रम में बोल रहे थे। गडकरी ने कहा कि सरकार सभी कारों में 6 एयरबैग्स अनिवार्य करने पर भी विचार कर रही है। गडकरी ने कहा, 'जब देश से गाड़ी एक्सपोर्ट की जाती है तो उसमें 6 एयरबैग्स होते हैं। तो फिर भारतीय कारों में चार एयरबैग ही क्यों होते हैं। क्या भारतीयों की जान की कीमत नहीं है? जब बड़ी संख्या में एयर बैग का निर्माण होगा तो इसकी कीमत घटकर 900 रुपये रह जाएगी।'

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आबकारी नीति मामले में ईडी की ताबड़तोड़ कार्रवाई, एक साथ 30 स्थानों पर छापेमारी...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली सरकार की शराब नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना समेत महाराष्ट्र में ईडी के अधिकारियों का तलाशी अभियान जारी है।  

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति सवालों के घेरे में है। भारतीय जनता पार्टी ने इसको लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर घोटाले का आरोप लगाया है। इसको लेकर सीबीआई पहले ही मनीष सिसोदिया के घर व बैंक लॉकर की तलाशी ले चुकी है। अब इस मामले में ईडी ने कार्रवाई की है। ईडी ने सीबीआई से मामले से जुड़े दस्तावेज मांगे थे।

30 स्थानों पर चल रही छापेमारी
ईडी के अधिकारियों ने बताया, आबकारी नीति में कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पांच राज्यों की 30 लोकेशन पर तलाशी अभियान जारी है। अधिकारियों के अनुसार, यह छापेमारी मामले में नामजद लोगों पर की जा रही है। इसमें मनीष सिसोदिया या अन्य किसी सरकारी कर्मचारी से जुडे परिसरों में ईडी के अधिकारी नहीं पहुंचे हैं। दरअसल, ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत मामले में जांच शुरू की है,  जिसमें सिसोदिया और 14 अन्य का नाम है। ईडी इस बात की जांच कर रही है कि क्या पिछले साल नवंबर में लाई गई दिल्ली आबकारी नीति के निर्माण और क्रियान्वयन में कथित अनियमितताएं की गई थीं।


यह है मामला
दरअसल एलजी ने दिल्ली के सचिव की एक रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। 8 जुलाई को यह रिपोर्ट भेजी गई थी। जिसमें पिछले साल लागू की गई आबकारी नीति पर सवाल उठाए गए थे। जिसमें आबकारी नीति (2021-22) बनाने और उसे लागू करने में लापरवाही बरतने के साथ ही नियमों की अनदेखी और नीति के कार्यान्वयन में गंभीर चूक के आरोप हैं। इसमें अन्य बातों के साथ-साथ निविदा को अंतिम रूप देने में अनियमितताएं और चुनिंदा विक्रेताओं को टेंडर के बाद लाभ पहुंचाना भी शामिल है। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि शराब बेचने की वालों की लाइसेंस फीस माफ करने से सरकार को 144 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आबकारी मंत्री के तौर पर मनीष सिसोदिया ने इन प्रावधानों की अनदेखी की है।

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वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन का राष्ट्रीय कार्यकारिणी सम्मेलन नई दिल्ली में सम्पन्न

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन द्वारा 4 सितंबर को एनडीएमसी कन्वेंशन सेन्टर, नई दिल्ली में आयोजित एक दिन का राष्ट्रीय सम्मेलन पंडित मांगे राम शर्मा (बाबू जी) चेयरमैन, पं. के सी पांडे राष्ट्रीय अध्यक्ष, पं. आर एस गोस्वामी वाइस चेयरमैन, पं. शशिकांत शर्मा राष्ट्रीय महासचिव, पं. शैलेश मेहता (एमएलए, गुजरात), पं. के पी शर्मा (जम्मू कश्मीर), पं. सुखबीर शर्मा, पं. (डाॅ) राधे श्याम शर्मा, पं. प्रदीप शर्मा, पं. एच एच पीवीएसएन सिम्हाया स्वामी, पीठ अद्वैत मंत्र राजम पीतम तिरुपति इत्यादि ने दीप प्रज्ज्वलित व श्रीनिवास संस्कृत विद्यापीठ के छात्रों द्वारा स्वस्ति वाचन कर, धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, विश्व का कल्याण हो, के उद्घोष से शुभारंभ किया।

वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन चेयरमैन पंडित मांगेराम शर्मा ने कहा कि यह गंभीरता से चिंतन करने का विषय है कि ब्राह्मणों की क्या गति हो रही है ?  ब्राह्मण कभी हारा नहीं, न ही उसे पछाडा जा सकता है, क्योंकि उसके पास वेद हैं। यह मंथन करें कि वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन के क्रियाकलापों को विस्तार देकर किस प्रकार ब्राह्मणों का भला किया जा सकता है ? यह निर्णय लेकर असहाय व अभाव ग्रस्त ब्राह्मणों का उद्धार करें।

वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. के सी पांडे ने देश-विदेश में गठित सभी इकाइयों के उपस्थित पदाधिकारियों का परिचय कराया तथा कार्यकारिणी बैठक के एजेंडे तथा संगठन की नीतियों, उद्देश्यो, क्रियाकलापो व भविष्य की योजनाओं पर सारगर्भित प्रकाश डाला गया।

पं. के सी पांडे द्वारा अवगत कराया कि चेयरमेन मांगेराम शर्मा द्वारा किए गए प्रयासों की बदोलत, अभी तक देश के नौ प्रदेशों में ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की स्थापना हो चुकी है।

आयोजन के इस अवसर पर, पं (डाॅ) राधेश्याम शर्मा, पं. आर एस गोस्वामी, पं शशिकांत शर्मा, पं. शैलेश मेहता (विधायक, गुजरात), पं. के पी शर्मा, पं. सुखबीर शर्मा, पं. प्रदीप शर्मा इत्यादि संगठन पदाधिकारियों द्वारा भी संगठन के क्रियाकलापो को विस्तार व गति देने पर विचार व्यक्त किए गए ।

वक्ताओ द्वारा देश की संसद व विधानसभाओ से आरक्षण को समाप्त करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में लंबित रिट याचिकाओ के बारे में अवगत कराया गया। न्याय मिलने में देरी होने पर, क्षोभ व्यक्त किया गया। पंचायत से लेकर संसद तक देश के सभी ब्राह्मणों को एकजुट होकर, अपनी शक्ति प्रदर्शन का आहवान किया गया। देश के गरीब ब्राह्मणों की सामाजिक सुरक्षा के लिए, कोष बनाने पर बल दिया गया।

उद्घघाटन सत्र समाप्ति के पश्चात देश के विभिन्न प्रांतों के मंचासीन प्रांताध्यक्षों, पं. सुनील कुमार गोस्वामी (असम), पं. जिले सिंह पिछोलिया (हरियाणा), पं. अरविन्द ओझा (छत्तीसगढ़), पं राजीव कुमार (झारखंड), पं. के के शर्मा (पंजाब), पं कृष्ण मूर्ति (आंध्र प्रदेश), पं. आर के पांडे (ब्रज नगरी), पं बलवीर शर्मा (दिल्ली) इत्यादि इत्यादि द्वारा, अपने-अपने राज्यो में संगठन व ब्राह्मणों के हितार्थ किए जा रहे कार्यो व भविष्य की योजनाओ पर प्रकाश डाला गया।
इस राष्ट्रीय कार्यकारणी बैठक में छत्तीसगढ़ की ओर से प्रांताध्यक्ष अरविन्द ओझा के साथ, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गुणानिधि मिश्रा एवं महासचिव सुनील ओझा भी उपस्थित रहे। प्रांताध्यक्ष अरविन्द ओझा ने अपने उद्बोधन में छत्तीसगढ़ ईकाई के वर्तमान  कार्यकलाप व भविष्य को योजनाओं को विस्तार से बताया तथा राष्ट्रीय चेयरमेन मांगेराम शर्मा सहित राष्ट्रीय पदाधिकारियों को छत्तीसगढ़ के आगामी आयोजन हेतु आमंत्रित किया ।

आयोजन के युवा सत्र में ‘यूथ विंग’ राष्ट्रीय अध्यक्ष, प.अंबर स्वामी व राष्ट्रीय महासचिव पं. मनोज गौतम के साथ-साथ, अन्य प्रांत के युवा अध्यक्षों में पं. राहुल भारद्वाज, पं. (डाॅ ) अनिल भारद्वाज,  पं. कल्याण शर्मा, पं. कुमार दक्षीस, पं. जयंत शर्मा, पं. नेहा शर्मा, पं. गौरव शर्मा, पं. राजीव शर्मा, पं. संदीप मुद्गल, पं. संदीप तिवारी, पं. श्याम कोशिक इत्यादि द्वारा राष्ट्रीय फलक पर संगठन को मजबूत दिशा देने हेतु गहन मंथन किया गया। संगठन के उद्देश्यो, क्रियाकलापो व भविष्य की योजनाओं को बढ़-चढ़ कर आगे बढ़ाने पर युवा वक्ताओ द्वारा राय प्रकट की गई।

कार्यसमिति समापन से पूर्व, पं के सी पांडे द्वारा, राष्ट्रीय फलक पर ब्राह्मणों का परचम लहराने का आहवान किया गया एवं आयोजित विभिन्न सत्रों पर निष्कर्ष व्यक्त किया गया।

आयोजित विभिन्न सत्रों के बीच- बीच मे ‘भगवान परशुराम की जय’ तथा ‘जो ब्राह्मण का सम्मान करेगा, वो देश में राज करेगा’ का उदघोष गूंजता रहा। पं. मांगेराम शर्मा (बाबू जी), पं. के सी पांडे सहित सभी राष्ट्रीय कार्यकारिणी पदाधिकारियों का, देश के विभिन्न राज्य संगठनों द्वारा अंगवस्त्र ओढ़ा कर, पुष्प गुच्छ व भगवान परशुराम का परसा भेंट कर, सम्मानित किया गया ।

मंच संचालन पं. रवीश जी, पं. शशिकांत शर्मा, पं. के पी शर्मा द्वारा प्रभावशाली अंदाज में किया गया।

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शिक्षक की भूमिका है मनुष्‍य निर्माण : प्रो. रजनीश शुक्‍ल

 वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शिक्षकों का दायित्व श्रेष्ठ मनुष्यों का निर्माण करना है। इसका मापन अकादमिक उपलब्धि या शिक्षोपरांत आय से नहीं हो सकता है। हमें अपने विद्यार्थियों को सर्जनात्मक कल्पना की क्षमता से युक्त एवं स्वावलंबी बनाना है, यही मनुष्य के निर्माण की प्रक्रिया है।

उक्‍त उद्बोधन कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने व्‍यक्‍त किये। वे महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय, वर्धा में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह की अध्‍यक्षता करते हुए बोल रहे थे। शिक्षक दिवस समारोह के अवसर पर दर्शन एवं संस्‍कृति अध्‍ययन विभाग के अध्‍यक्ष डॉ. जयन्‍त उपाध्‍याय और शिक्षा विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. शिल्‍पी कुमारी को शिक्षक सम्‍मान, 2022 से सम्‍मानित किया गया।

कुलपति प्रो. शुक्‍ल ने कहा कि हमने अपने जीवन में किसी न किसी शिक्षक को देख कर सीखा है। किसी न किसी शिक्षक के पढ़ाए जाने वाले तरीकों, उसके द्वारा दी जाने वाली सामग्री, उसके द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली शिक्षा, उसके द्वारा की गई व्याख्या आज भी अभिप्रेरित करती है। हमें ध्यान रखना है कि हम उसी शिक्षक की परंपरा के उत्तराधिकारी बनें। एक शिक्षक के रूप में जब हम कुछ करने और सीखने का मन बनाएंगे तो एक सक्षम, कौशल सम्पन्न, ज्ञान संपन्‍न और जिम्मेदार नागरिक बना सकेंगे।

मुख्‍य अतिथि के रूप में दत्ता मेघे इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, डीम्‍ड यूनिवर्सिटी, सावंगी के कुलपति डॉ. राजीव एम. बोरले ने कहा कि शिक्षक का अर्थ उपाध्‍याय, आचार्य, पंडित, दृष्‍टा, गुरु आदि रूपों में है। गुरु वह है जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए। उन्‍होंने कहा कि गुरु का कर्तव्‍य है कि वह विद्यार्थी की भांति ‘लाइफटाइम लर्नर’ बने ताकि जिज्ञासु विद्यार्थियों के प्रश्‍नों का समाधान कर सके। गुरु विद्यार्थी के दिमाग में न केवल तथ्‍यों को ठूंसे अपितु उसे उस लायक बना दे कि वह हर कठिन परिस्थितियों का मुकाबला कर सके। उन्‍होंने कहा कि अगर शिक्षक अपने विद्यार्थियों से यह अपेक्षा करता है कि वह एकलव्‍य जैसा हो तो शिक्षक को भी द्रोणाचार्य जैसा बनना पड़ेगा। उन्‍होंने कहा कि हर सुशिक्षित व्‍यक्ति को सुसंस्‍कृत कर योग्‍य नागरिक बनाना शिक्षक का दायित्‍व है और इस दायित्‍व का निर्वहन उन्‍हें अपने बच्‍चे की भांति करनी चाहिए।  

स्‍वागत वक्‍तव्‍य में प्रतिकुलपति प्रो. चंद्रकांत एस. रागीट ने कहा कि आज का दिन सभी शिक्षकों के लिए आत्‍मपरीक्षण करने का दिन होता है। अनुवाद एवं निर्वचन विद्यापीठ के अधिष्‍ठाता प्रो. कृष्‍ण कुमार सिंह ने प्रास्‍ताविक वक्‍तव्‍य दिया। तुलनात्‍मक साहित्‍य विभागके अध्‍यक्ष डॉ. रामानुज अस्‍थाना ने संचालन तथा कुलसचिव क़ादर नवाज़ ख़ान ने आभार व्‍यक्‍त किया। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप दीपन, कुलगीत एवं डॉ. जगदीश नारायण तिवारी द्वारा प्रस्‍तुत मंगलाचरण से किया गया। अतिथि का स्‍वागत सूतमाला, अंगवस्‍त्र, श्रीफल एवं विश्‍वविद्यालय का प्रतीक चिह्न प्रदान कर किया गया। समारोह में प्रतिकुलपति प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्‍ल, आवासीय लेखक प्रो. रामजी सिंह, प्रो. मनोज कुमार, प्रो. कृपाशंकर चौबे, प्रो. गोपालकृष्‍ण ठाकुर सहित बड़ी संख्‍या में अध्‍यापक, कर्मी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे ।

 

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'परिवर्तन संकल्प' को सम्बोधित करेंगे राहुल गांधी, देशभर के युवा कांग्रेसियों में भरेंगे जोश...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी कांग्रेस के युथ कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए साबरमती रिवर फ्रंट पर उन्हें संबोधित करेंगे। इसे परिवर्तन संकल्प का नाम दिया गया है। इसके बाद राहुल गांधी साबरमती आश्रम पहुंचेंगे वहां प्रार्थना सभा में भाग लेंगे।

गुजरात चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज होती दिखाई दे रही है। सत्तारूढ़ भाजपा और आम आदमी पार्टी लगातार गुजरात में चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटी हुई है। इन सब के बीच अब कांग्रेस भी सक्रिय होती नजर आ रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी आज गुजरात दौरे पर जाने वाले हैं। गुजरात दौरे के दौरान वह पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी साबरमती आश्रम में एक प्रार्थना सभा में भी शामिल होंगे।

 
 
 

आपको बता दें कि इस साल के आखिर में गुजरात विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। सभी पार्टियां गुजरात के चुनावी दंगल में उतरने की तैयारी कर रही हैं। अब तक के चुनाव को देखें तो कहीं ना कहीं मुकाबला दो तरफा रहा है। एक ओर भारतीय जनता पार्टी रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस रही है। भाजपा लगभग पिछले 27 सालों से गुजरात में सत्ता में है। 

कांग्रेस के हवाले से जो खबर मिल रही है उसके मुताबिक राहुल गांधी साबरमती रिवर फ्रंट पर कांग्रेस के युथ कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए उन्हें संबोधित करेंगे। इसे परिवर्तन संकल्प का नाम दिया गया है। इसके बाद राहुल गांधी साबरमती आश्रम पहुंचेंगे वहां प्रार्थना सभा में भाग लेंगे। साथ ही साथ भारत जोड़ो यात्रा से पहले महात्मा गांधी की आशीर्वाद लेंगे। इससे पहले राहुल गांधी 10 मई को गुजरात दौरे पर आए थे। उस दौरान उन्होंने आदिवासी समुदाय के लोगों को संबोधित किया था।

 
 
 

गुजरात चुनाव को लेकर राहुल गांधी पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह भरने की कोशिश कर रहे हैं। गुजरात में लंबे समय से कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभा रही है। इस चुनाव में कांग्रेस को अच्छी सफलता जरूर मिली थी। लेकिन बाद में पार्टी के कई नेताओं ने साथ छोड़ दिया। पिछले दिनों हार्दिक पटेल ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया था। 

राहुल गांधी ने चार सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महंगाई के खिलाफ हल्ला बोल रैली को संबोधित किया था। इसके बाद कांग्रेस अपनी जमीनी पकड़ को मजबूत करने के लिए 7 सितंबर से भारत जोड़ो यात्रा शुरू कर रही है। 2024 चुनाव को लेकर कांग्रेस की सक्रियता साफ तौर पर देखने को मिल रही है।

 
 
 

पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा 12 राज्य और 2 केंद्र शासित प्रदेशों से गुजरेगी। 150 दिनों की पैदल यात्रा होगी जिसमें 3500 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। गुजरात दौरे के दौरान राहुल गांधी आगामी दिनों के लिए पार्टी की रणनीति को भी तैयार करेंगे। पार्टी के लिए चुनाव प्रचार किस तरीके से करना है, इसकी भी तैयारी में वह हिस्सा लेंगे। खबर के मुताबिक गुजरात विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की पार्टी के स्टार प्रचारक होंगे।

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बांग्‍लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना आज से भारत की चार दिन की यात्रा पर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बांग्‍लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत की चार दिन की यात्रा पर आज नई दिल्‍ली आ रही हैं। इस दौरान वे राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात करेंगे। श्रीमती हसीना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ कल द्विपक्षीय विचार विमर्श करेंगी। विदेशमंत्री डॉक्टर एस. जयशंकर आज शाम उनसे मुलाकात करेंगे।

बंगलादेश की प्रधानमंत्री पिछली बार अक्तूबर, 2019 में भारत आई थीं। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों देशों नें हाल के वर्षों में कई स्तरों पर लगातार संपर्क बनाए रखा है।बांग्‍लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी यात्रा से पहले भारत को परखा हुआ मित्र बताया और कहा कि वह जरुरत के समय हमेशा बांग्‍लादेश के साथ खड़ा रहा है। साक्षात्‍कार में प्रधानमंत्री हसीना ने कहा कि भारत ने न केवल मुक्ति संग्राम में, बल्कि बाद में भी बांग्‍लादेश का साथ दिया। भारत को सबसे करीबी पडोसी देश बताते हुए बांग्‍लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा कि वह हमेशा पडोसी राष्‍ट्रों के साथ मित्रता को महत्‍व और प्राथमिकता देती हैं।

जमीनी और समुद्री सीमा से संबंधित समझौतों, शरणार्थियों की वापसी और अन्‍य मामलों की चर्चा करते हुए श्रीमती हसीना ने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेदों का समाधान बातचीत और चर्चा के माध्‍यम से किया गया है। सभी से मित्रता और किसी के प्रति द्वेष नहीं रखने के बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान द्वारा स्‍थापित बांग्‍लादेश की विदेश नीति के मूल सिद्धांत को रेखांकित करते हुए श्रीमती हसीना ने कहा कि बांग्‍लादेश का उद्देश्‍य अन्‍य राष्‍ट्रों के साथ मित्रतापूर्ण संबंधों के जरि‍ए अपनी जनता की खुशहाली सुनिश्चित करना है।      

श्रीमती हसीना ने कोविड महामारी के दौरान भारत की ओर से मिले सहयोग की सराहना की। उन्‍होंने कहा कि पूर्व राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने बांग्‍लादेश की स्‍वतंत्रता की स्‍वर्ण जयंती और बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की जन्‍म शताब्‍दी समारोहों के दौरान अपनी यात्रा में सकारात्‍मक रूख प्रकट किए। उन्‍होंने यूक्रेन में संघर्ष शुरू होने पर वहां फंसे बांग्‍लादेश और अन्‍य पडोसी देशों के नागरिकों की वापसी में मदद के लिए भी भारत की सराहना की।

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