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पीएम मोदी का पंजाब-हरियाणा दौरा 24 को, इन कार्यक्रमों में होंगे शामिल...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 अगस्त को हरियाणा और पंजाब का दौरा करेंगे। दो दिनों के दौरान प्रधानमंत्री दो महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन/लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री लगभग 11 बजे दिन में हरियाणा के फरीदाबाद में अमृता अस्पताल का उद्घाटन करेंगे। उसके बाद प्रधानमंत्री मोहाली जायेंगे और वहां मुल्लानपुर, न्यू चंडीगढ़, साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर जिला (मोहाली) में लगभग 02:15 बजे ‘होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र’ का लोकार्पण करेंगे।

हरियाणा में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा फरीदाबाद में अमृता अस्पताल के उद्घाटन के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा अवसंरचना उपलब्ध हो जायेगी। इस अस्पताल का प्रबंधन माता अमृतानन्दमयी मठ द्वारा किया जायेगा। यह सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल 2600 बिस्तरों का है। अस्पताल की निर्माण लागत अनुमानतः 6000 करोड़ रुपये है और यहां फरीदाबाद तथा पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लोगों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

 
 



प्रधानमंत्री पंजाब और पड़ोसी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के निवासियों को विश्वस्तरीय कैंसर सुविधा व उपचार उपलब्ध कराने वाले मुल्लानपुर, न्यू चंडीगढ़, साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर जिला (मोहाली) स्थित ‘होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र’ का लोकार्पण करेंगे। इस अस्पताल को 660 करोड़ रुपये की लागत से टाटा मेमोरियल सेंटर ने निर्मित किया है, जो भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत सहायता-प्राप्त संस्थान है।

 
 



यह कैंसर अस्पताल तृतीयक स्तर का अस्पताल है, जिसकी 300 बिस्तरों की क्षमता है। अस्पताल कैंसर के सभी प्रकारों के उपचार के लिये हर आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां सर्जरी, रेडियोथेरेपी और मेडिकल ऑन्कोलॉजी– कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध होगी।

 
 



यह अस्पताल पूरे क्षेत्र में कैंसर सुविधा और उपचार के लिये “केंद्र” के रूप में और संगरूर में 100 बिस्तरों वाला अस्पताल इसकी “शाखा” के रूप में कार्य करेगा।

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राज्य सरकार के साथ मिलकर नक्सल समस्या को समाप्त करने केंद्र कटिबद्ध : अमित शाह

 भोपाल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 22 अगस्त को भोपाल में मध्‍य क्षेत्रीय परिषद की 23वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए जबकि उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वर्चुअल माध्‍यम से बैठक में शामिल हुए। बैठक में सदस्य राज्यों के वरिष्ठ मं‍त्री, केंद्रीय गृह सचिव, अंतर्राज्य परिषद सचिवालय की सचिव, सदस्य राज्यों के मुख्य सचिव और राज्य सरकारों तथा केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

अपने सम्बोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मध्‍य परिषद में शा‍मिल मध्‍य प्रदेश, उत्‍तर प्रदेश, उत्‍तराखण्‍ड़ और छत्‍तीसगढ़ राज्‍य अपनी भौगोलिक स्थिति, जीडीपी में योगदान और देश के विकास के लिए महत्‍वपूर्ण है। पहले इन चारों राज्‍यों को बीमारू राज्‍य माना जाता था, लेकिन अब ये सभी राज्‍य इससे बाहर निकलकर विकास के मार्ग पर अग्रसर हैं। उन्‍होंने कहा कि मध्‍य क्षेत्रीय परिषद राज्‍य देश में अनाज उत्‍पादन का प्रमुख केन्‍द्र हैं और परिषद में शामिल चारों राज्‍यों ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के टीम इंडिया के कॉंसेप्‍ट को जमीन पर उतारा हैं।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करने का काम किया है। नरेन्‍द्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले 8 साल में पूरे देश में टीम इंडिया की अवधारणा को सामने रख इसे चरितार्थ किया है। नरेन्‍द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद क्षेत्रीय परिषद की बैठकों की संख्‍या में हुई बढोत्‍तरी के आंकडे देते हुए शाह ने बताया कि 1957 से 2013 की तुलना में 2014 से अब तक क्षेत्रीय परिषद की बैठकों की फ़्रीक्वेंसी में तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्‍होने कहा कि कोविड के बावजूद बैठको की संख्‍या में बढोत्‍तरी प्रधानमंत्री के टीम इंडिया के कॉसेप्‍ट को उद्घोषित करती हैं। अमित शाह ने यह भी कहा कि 2019 के बाद क्षेत्रीय परिषद की बैठकों में मुद्दों को हल करने में 27 प्रतिशत की बढोत्‍तरी हुई है जो एक बहुत बडी उपलब्धि है।

केन्‍द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हालांकि क्षेत्रीय परिषद की बैठकों की भूमिका सलाहकारी होती है, लेकिन गृह मंत्री के तौर पर तीन साल के अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूं कि परिषद और इसकी स्‍थायी समि‍ति की बैठकों को महत्‍व देकर हमने अनेक मुद्दों को हल करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभायी है। मध्‍य क्षेत्रीय परिषद की पिछली बैठक में 30 मुद्दो पर चर्चा हुई थी, जिसमें से 26 मुद्दों को हल कर लिया गया है, जबकि 17 जनवरी, 2022 को हुई स्‍थायी समिति की 14वीं बैठक में 54 में से 36 मुद्दो को पहले ही हल कर लिया गया। आज की बैठक में कुल 18 मुद्दों पर चर्चा हुई जिनमें से 15 का समाधान निकाल लिया गया, उन्‍होने कहा कियह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। शाह ने कहा कि परिषद की बैठकों की गति बढने के साथ ही राज्‍यों के बीच गुड प्रैक्टिसेस का आदान-प्रदान हो रहा है। इससे अन्‍य राज्‍यों को प्रेरणा तो मिलती ही है साथ ही केन्‍द्र व राज्‍यों के बीच बेहतर और स्‍वस्‍थ संबंध बनते हैं, राज्‍यों के बीच अनेक मुद्दों का संवाद के जरिए हल होता है और राज्‍यों के बीच परस्पर सहयोग की भावना भी मजबूत होती है।

केन्‍द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में सरकार बनने के बाद मध्‍य क्षेत्रीय परिषद में शामिल नक्‍सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्‍सलवाद की समस्‍या से सख्‍ती से निपटने के साथ-साथ इन क्षेत्रों मे विकास के लिए अनेक महत्‍वपूर्ण कदम उठाये गए है। उन्‍होंने कहा कि इसके अच्‍छे परिणाम निकले है जब 2009 में वामपंथी उग्रवादी हिंसा (Left Wing Extremism) चरम पर था तब वामपंथी उग्रवादी हिंसक घटनाओं की संख्‍या 2258 थी जो 2021 में घटकर 509 हो गई। उन्‍होने कहा कि 2019 से वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में बहुत तेजी से कमी आई है। 2009 में वामपंथी उग्रवादी हिंसा में 1005 लोगों की मृत्‍यु हुई थी जबकि 2021 में 147 लोगों की जान गई। शाह ने कहा कि इस दौरान पुलिस थानों पर वामपंथी उग्रवादी हिंसा में भी कमी आई है, 2009 में ऐसी 96 घटनाएं हुई थी जोकि 2021 में कम होकर 46 हो गई। उन्‍होने कहा कि केन्‍द्र सरकार वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलो को और मजबूत करने और गैप्‍स कम कर रही है इसी के अंतर्गत पिछले तीन साल में 40 नए सुरक्षा कैम्‍प खोले गए हैं तथा 15 और खोले जाने है। गृह मंत्री ने कहा कि हालांकि यह एक बहुत बडी उपलब्धि है लेकिन भारत सरकार राज्‍यो के साथ मिलकर वामपंथी उग्रवाद की समस्‍या को शत प्रतिशत समाप्‍त करने के लिए कटिबद्ध है।

 

 

अमित शाह ने कहा कि सरकार द्वारा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में पिछले 3 सालों में पोस्टल बैंकिंग सुविधा के साथ करीब पॉंच हजार पोस्‍ट ऑफिस और 1200 से अधिक बैंक शाखायें खोले जा रहे हैं। साथ ही दूरसंचार सेवाओं को गति देने के लिए पहले चरण में 2300 से अधिक मोबाईल टॉवर और दूसरे चरण में 2500 मोबाईल टॉवर लगाये जा रहे हैं। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में राज्‍य सरकारों की भी कई विकास योजनांए है और राज्‍यों को इन्‍हे प्राथमिकता देते हुए इन योजनाओं का शत प्रतिशत परिणाम का लक्ष्‍य रखना चाहिए। उन्‍होने कहा कि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में जितना अधिक विकास होगा वामपंथी उग्रवादियों में भर्ती उतनी ही कम होगी और उनके धन इकठ्ठा करने के स्‍त्रोत भी समाप्‍त हो जायेंगे। केन्‍द्रीय गृह मंत्री ने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्‍यों से अनुरोध करते हुए इस समस्‍या से निपटने के लिए और अधिक ध्‍यान केन्द्रित करने को कहा ताकि इस समस्‍या को जड़ से समाप्‍त किया जा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि हर राज्य में फ़ोरेंसिक साइंस लॉ कॉलेज खोलने चाहिएं और छोटे क़स्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय भाषाओं में विभिन्न माध्यमों से साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए।

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लुकआउट सर्कुलर के बाद भड़के केजरीवाल, कहा : सुबह उठकर CBI-ED का खेल शुरू कर देते हैं...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आबकारी नीति घोटाला मामले में दिल्ली में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई और लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने केंद्र को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर बेरोजगारी और महंगाई से लड़ना की बजाय केंद्र रोज सुबह उठकर CBI ED का खेल शुरू कर देते हैं। ऐसे देश कैसे तरक्की करेगा?

 

दिल्ली में आबकारी नीति पर सियासत गरमाई हुई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि ऐसे समय जब आम इंसान महंगाई से जूझ रहा है, करोड़ों की संख्या में युवा बेरोजगार हैं, केंद्र सरकार को सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर बेरोजगारी और महंगाई से लड़ना चाहिए। उसकी बजाय ये पूरे देश से लड़ रहे हैं। रोज सुबह उठकर CBI ED का खेल शुरू कर देते हैं। ऐसे देश कैसे तरक्की करेगा?

ज्ञातव्य है कि केंद्र ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाले के मामले में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के देश छोड़ने पर रोक लगा दी गई है। सीबीआई ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर नोटिस जारी किया है। सीबीआई ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में नामजद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी आरोपियों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया। इन सभी के देश छोड़ने पर रोक लगा दी गई है। वहीं उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने नोटिस पर ट्वीट करते हुए कहा कि आपकी सारी रेड फैल हो गई, कुछ नहीं मिला, एक पैसे की हेरा फेरी नहीं मिली, अब आपने लुक आउट नोटिस जारी किया है कि मनीष सिसोदिया मिल नहीं रहा। ये क्या नौटंकी है मोदी जी?, मैं खुलेआम दिल्ली में घूम रहा हूं, बताइए कहां आना है? आपको मैं मिल नहीं रहा?
 
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पीएम सोचते रहते हैं कि आज किसके खिलाफ सीबीआई का 'लुक आउट सर्कुलर' जारी किया जाए। आज देश को ऐसे नेता की तलाश है जो महंगाई, बेरोजगारी का समाधान दे सके। जनता उन्हें 2024 में 'लुक आउट नोटिस' देगी।

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विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की लैटिन अमरीकी देशों की यात्रा शुरू

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विदेश मंत्री डॉक्टर एस. जयशंकर ने लैटिन अमरीकी देशों की यात्रा की शुरूआत आज ब्राजील में साओ पाउलो में भारतीय समुदाय के साथ मुलाकात से की। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में उनके साथ देश की प्रगति और आकांक्षायें साझा कीं।

डॉक्टर एस. जयशंकर ने कहा कि भारत और ब्राजील के संबंध सद्भावना और बढ़ते सहयोग पर आधारित हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच सेतु के रूप में काम करने के लिए भारतवंशियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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जाति व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म करने की नीति जरूरी : मीरा कुमार

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजस्थान में कथित रूप से पानी का मटका छूने को लेकर एक शिक्षक की पिटाई के बाद एक दलित छात्र की मौत को लेकर जारी आक्रोश के बीच कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीरा कुमार ने रविवार को जाति प्रथा को एक बीमारी करार दिया। उन्होंने जाति प्रथा को पूरी तरह से खत्म करने और पूर्वाग्रह के खिलाफ ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने’ की नीति अपनाने पर जोर दिया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि जाति आधारित अत्याचार की घटनाओं को लेकर इस बात में नहीं उलझना चाहिए कि यह किसके शासन में हुई या कौन-सा राजनीतिक दल इसके लिए जिम्मेदार है, क्योंकि इससे मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकता है कि जाति व्यवस्था समाप्त की जानी चाहिए। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जाति प्रथा न तो कमजोर हुई है और न ही समाप्त हुई है।

मीरा कुमार की यह टिप्पणी 20 जुलाई को राजस्थान के जालौर जिले के एक स्कूल में कथित रूप से पानी का मटके छूने को लेकर एक शिक्षक द्वारा दलित छात्र इंद्र कुमार (9) की पिटाई किए जाने के कुछ दिनों बाद आई है। अगस्त की शुरुआत में अहमदाबाद के एक अस्पताल में इलाज के दौरान छात्र की मौत हो गई थी। आरोपी शिक्षक छैल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है।

राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस दलित छात्र की मौत को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही है। यह पूछे जाने पर कि क्या दलितों पर अत्याचार रोकने के मामले में कांग्रेस सरकार की तरफ से कोई कमी है, मीरा कुमार ने कहा, मुझसे हर कोई इस बारे में पूछता है। ऐसा नहीं है कि मैं किसी का बचाव कर रही हूं या किसी पर आरोप लगा रही हूं। मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि हां, राजनीतिक वर्ग कुछ हद तक जिम्मेदार है, लेकिन यह मुद्दा सामाजिक है और राजनीति समाज का प्रतिबिंब है।

उन्होंने कहा, यह कहना कि शासन विशेष या पार्टी विशेष इसके लिए जिम्मेदार है और यह इस राज्य में हुआ है, ये आंकड़े हैं, अन्य राज्यों में आंकड़े अलग हैं, क्योंकि वहां अलग पार्टी की हुकूमत है, हमें वास्तव में इस सब में नहीं पड़ना चाहिए, क्योंकि इससे मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकता है।

 

 

 

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कल्‍याण सिंह ने सुशासन की जो पुख्ता नींव डाली, वह समग्र विकास का आधार बनी: योगी आदित्‍यनाथ

 लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत कल्याण सिंह को रविवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने सुशासन की जो पुख्ता नींव रखी थी, वह आज उत्तर प्रदेश के समग्र विकास का आधार बन गई है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री सिंह की पहली पुण्यतिथि पर यहां कल्‍याण सिंह सुपर स्पेशलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट सीजी सिटी में उनकी प्रतिमा का अनावरण और ऑपरेशन थियेटर ब्लॉक का लोकार्पण करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा, सुशासन की बात आती है तो आजादी के बाद की पहली ऐसी सरकार जो हम सबकी स्मृतियों में है और जिसने जो कहा, सो करके दिखाया, वह श्रद्धेय बाबूजी कल्याण सिंह की ही सरकार है। उनकी सरकार ने 1991 में प्रदेश में समाज के प्रत्येक तबके के हितों की रक्षा करने के साथ अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिए कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कल्याण सिंह की सरकार के दौर का जिक्र करते हुए कहा, यह वह कालखंड था, जब उत्तर प्रदेश बदलाव के दौर से गुजर रहा था। पूर्ववर्ती सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश में जगह-जगह दंगे हो रहे थे और प्रदेश में आतंकवाद की सुगबुगाहट हो रही थी, उस समय कल्‍याण सिंह ने प्रदेश की बागडोर संभाली थी।

 

योगी ने कहा कि उनका (कल्याण सिंह) कार्यकाल सीमित था, लेकिन उतने समय में ही उन्‍होंने सुशासन की जो पुख्ता नींव रखी थी, आज वह प्रदेश के समग्र विकास का आधार बन गई है। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है और लोगों को यह मानना है कि सुशासन की नींव को आधार देने में 1991 में बाबूजी के नेतृत्व की सरकार की जो कार्यपद्धति थी, वह कहीं न कहीं निर्णायक साबित हुई है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा, यह हमारी सरकार का सौभाग्य है कि कैंसर संस्थान का नामकरण बाबूजी के नाम पर किया गया और यह प्रदेश का पहला कैंसर संस्थान है। इसमें इस समय 734 बिस्तर हैं और इन्हें बढ़ाकर 1,200 बिस्तर का किया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि अत्याधुनिक सुविधायुक्त उत्तर प्रदेश का यह संस्थान बाबूजी के नाम के अनुरूप प्रदेश का कल्याण करेगा।

उन्होंने कहा कि यहां कैंसर के उपचार की सुविधा प्रारंभ हो चुकी है और टाटा कैंसर इंस्टीट्यूट से बातचीत को आगे बढ़ाया गया है, ताकि उसी की तर्ज पर इस कैंसर संस्थान को विकसित किया जा सके। योगी ने कहा कि बुलंदशहर मेडिकल कॉलेज का नाम बाबूजी के नाम पर रखने की कार्रवाई प्रारंभ की गई है और वहां भी एक भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

 

इस समारोह में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष एवं जल शक्ति मंत्री स्‍वतंत्र देव सिंह, स्‍वास्‍थ्‍य राज्‍य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर एवं बी एल वर्मा समेत कई प्रमुख नेताओं ने भी कल्‍याण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।

उल्लेखनीय है कि 1991 और 1997 में उत्तर प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री बने और राजस्थान के राज्यपाल रह चुके कल्‍याण सिंह का 21 अगस्त, 2021 को निधन हो गया था। कल्‍याण सिंह के पुत्र और सांसद राजवीर सिंह ने जय श्री राम के नारों के उद्घोष के साथ कहा कि बाबूजी की आज प्रथम पुण्यतिथि है और मुख्यमंत्री ने बाबूजी की प्रतिमा का अनावरण कर प्रदेश को बड़ा तोहफा दिया है।

 

भाजपा नेता ने कहा, यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मैं कल्‍याण सिंह का बेटा हूं, जिन्होंने इस देश, प्रदेश के लिए संघर्ष किया और राम जन्मभूमि की जितनी जिम्मेदारियां हैं, अपने ऊपर ओढ़ लीं, मैं ऐसे पिता का बेटा हूं। उन्‍होंने कहा, बाबूजी ने कहा था कि राम मंदिर के लिए सौ-सौ सरकारें कुर्बान करने को तैयार हूं, लेकिन (राम भक्तों पर) गोली नहीं चलवाऊंगा, नहीं चलवाऊंगा।

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लोगों का न्यायपालिका पर से भरोसा उठा तो लोकतंत्र को खतरा : रमणा

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधान न्यायाधीश एनवी रमणा ने कहा कि अगर लोगों का न्यायापालिका पर से विश्वास उठ गया तो लोकतंत्र का अस्तित्व ही दांव पर लग जाएगा। इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि लोगों का न्यायपालिका पर भरोसा बना रहे, उनका भरोसा टूटे नहीं। जस्टिस रमणा अगले हफ्ते प्रधान न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि अगर लोगों को न्यायापालिका से भरोसा टूट जाता है और न्यायपालिका ध्वस्त हो जाती है तो लोकतंत्र का बना रहना भी मुश्किल हो जाएगा।

जस्टिस रमणा विजयवाड़ा कोर्ट परिसर का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी, आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्र और हाई कोर्ट एवं अन्य अदालतों के जज उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि सीजेआइ के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने जजों की नियुक्ति पर ध्यान दिया। उनके कार्यकाल में हाई कोर्ट में 250 से अधिक न्यायाधीशों की नियुक्ति हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट में 12 और विभिन्न हाई कोर्ट में 15 मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए।

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बिम्सटेक के महासचिव अगले सप्ताह भारत आएंगे

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सात देशों के समूह बिम्सटेक के महासचिव तेनजिन लेकफेल बिम्सटेक के सहकारी एजेंडे को आगे ले जाने के रास्ते तलाशने के लिए सोमवार से भारत की चार दिवसीय यात्रा करेंगे। भारत क्षेत्रीय सहयोग के लिए बिम्सटेक को एक जीवंत मंच बनाने के समन्वित प्रयास कर रहा है, क्योंकि दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ (दक्षेस) के तहत उठाए गए कदम विभिन्न कारणों से आगे नहीं बढ़ रहे हैं।

भारत के अलावा बिम्सटेक (बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल) में श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमा, थाइलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं। श्रीलंका में 30 मार्च को हुए पांचवें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेताओं ने समूह को क्षेत्रीय सहयोग के लिए जीवंत मंच बनाने के वास्ते एक चार्टर और संपर्क की रूपरेखा अपनाई थी। इस चार्टर का मकसद बिम्सटेक को व्यापक क्षेत्रीय संगठन में बदलना है।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, तेनजिन लेकफेल भारत के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे कि बिम्सटेक संगठन और सदस्यों देशों के बीच सहयोग को उसके नेताओं के आदेश के अनुसार आगे कैसे ले जाया जाए। मंत्रालय ने कहा, भारत बिम्सटेक मंच पर सुरक्षा सहयोग स्तंभ का नेतृत्व करता है, जिसमें आपदा प्रबंधन, समुद्री सहयोग और ऊर्जा सहयोग भी शामिल है। ये सभी क्षेत्र में एसडीजी (सतत विकास लक्ष्य) हासिल करने के लिए अहम हैं।

 
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इंडियन नेशनल आर्मी के योद्धा मेजर ईश्वर लाल सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित स्मृति सभा में इंडियन नेशनल आर्मी के योद्धा मेजर ईश्वर लाल सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षामंत्री ने उनके अस्थि कलश पर फूल चढ़ाये। श्री राजनाथ सिंह ने लगभग तीन वर्ष पहले मेजर ईश्वरलाल सिंह के साथ सिंगापुर में हुई मुलाकात का स्मरण किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि इंडियन नेशलन आर्मी के सैनिकों और उनका नेतृत्व करने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा।

श्री सिंह ने कहा कि नेताजी मूल्यों और आदर्शों के प्रतिमान थे और उन्होंने स्वतंत्रता के मूल्य पर कभी समझौता नहीं किया। रक्षा मंत्री ने महात्मा गांधी के प्रति नेताजी की अगाध श्रद्धा का भी उल्लेख किया। सिंगापुर निवासी मेजर ईश्वर लाल सिंह ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में इंडियन नेशनल आर्मी में अपनी सेवाएं दी थीं। 92 वर्षीय मेजर सिंह का पांच अगस्त को निधन हो गया था। 

 

 

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सशस्‍त्र बल न्‍यायाधिकरण अदालतों में बढ रहे मुकदमों के निपटारे की प्रक्रिया तेज करेगा: राजनाथ सिंह

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि सशस्‍त्र बल न्‍यायाधिकरण अदालतों में निरंतर बढ रहे मुकदमों के निपटारे की प्रक्रिया तेज करेगा। आज नई दिल्‍ली में आत्‍मनिरीक्षण: सशस्‍त्र बल न्‍यायाधिकरण  पर राष्‍ट्रीय सेमिनार में श्री सिंह ने कहा कि मुकदमों के निपटारे में काफी समय लगता है। इस सेमिनार का आयोजन सशस्‍त्र बल न्‍यायाधिकरण बार एसोसिएशन की प्रधान शाखा ने किया है।

श्री सिंह ने इस बात की सराहना की कि सशस्‍त्र बल न्‍यायाधिकरण आजादी का अम़ृत महोत्‍सव के दौरान महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर आत्‍मनिरीक्षण कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि क्षेत्र विशेष के लिए न्‍यायाधिकरण बनाने की कल्‍पना की जा रही है और ये विशिष्‍ट न्‍यायाधिकरण मुकदमों का निपटारा तेजी से करेंगे।

 
 
 

श्री सिंह ने कहा कि न्‍यायपालिका लोकतंत्र का सशक्‍त स्‍तंभ है लेकिन इस न्‍यायपालिका की आधारशिला पर कम चर्चा की जाती है। उन्‍होंने कहा कि न्‍यायपालिका की आधारशिला वकील समुदाय है जिस पर जीवन के सभी क्षेत्रों के लोग विश्‍वास करते हैं। इस अवसर पर कानून मंत्री किरेन रिजिजू भी उपस्थित थे।

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राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दी कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, 'सभी देशवासियों को जन्माष्टमी के पावन-पुनीत अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। भक्ति और उल्लास का यह उत्सव हर किसी के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य लेकर आए। जय श्रीकृष्ण!'

सभी देशवासियों को जन्माष्टमी के पावन-पुनीत अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। भक्ति और उल्लास का यह उत्सव हर किसी के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य लेकर आए। जय श्रीकृष्ण!

देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देश वासियों को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'जन्‍माष्‍टमी के शुभ अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान कृष्‍ण की जीवन लीला से लोक-कल्‍याण हेतु निष्काम कर्म करने की शिक्षा मिलती है। मेरी कामना है कि यह पावन पर्व हम सभी को मन, वचन और कर्म से सबके हित को प्राथमिकता देने की प्रेरणा प्रदान करे।'

जन्‍माष्‍टमी के शुभ अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान कृष्‍ण की जीवन लीला से लोक-कल्‍याण हेतु निष्काम कर्म करने की शिक्षा मिलती है। मेरी कामना है कि यह पावन पर्व हम सभी को मन, वचन और कर्म से सबके हित को प्राथमिकता देने की प्रेरणा प्रदान करे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'श्रीकृष्ण जन्माष्टमी' की सभी प्रदेश वासियों एवं श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।

धर्म स्थापना, लोक-संरक्षण, शांति व सामूहिकता के प्रति अखिल विश्व-चेतना का पथ-प्रदर्शित करने वाले, यशोदानंदन, भुवन मोहन कन्हैया चराचर जगत का कल्याण करें, यही कामना है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी' की सभी प्रदेश वासियों एवं श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। धर्म स्थापना, लोक-संरक्षण, शांति व सामूहिकता के प्रति अखिल विश्व-चेतना का पथ-प्रदर्शित करने वाले, यशोदानंदन, भुवन मोहन कन्हैया चराचर जगत का कल्याण करें, यही कामना है।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी कृष्ण जन्माष्टमी के पर्व पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट कर लिखा,
देवकीसुतं गोविन्दम् वासुदेव जगत्पते।
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गत:।।
कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं। नंदगोपाल की कृपादृष्टि आप सभी पर बनी रहे।

रात दो बजे तक अष्टमी उसके बाद नवमी तिथि
बता दें कि 19 अगस्त की रात्रि दो बजे तक अष्टमी एवं उसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी। इसीलिए जन्माष्टमी के भव्य आयोजन की तैयारी शुक्रवार को की गई है।

गुरुवार को बाजारों में राधा-कृष्ण की झांकी और पंडाल सजाने के काम आने वाले सजावटी सामानों एवं खिलौनों की खूब बिक्री हुई। वहीं, कई स्थानों पर मूर्तिकारों ने राधा-कृष्ण की मूर्तियों को आकर्षक रूप दे दिया है। मूर्तियों को सिर्फ पंडालों में स्थापित किया जाना बाकी है।
देश भर में जन्माष्टमी की धूम

भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव आज पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। मथुरा और वृंदावन के मंदिरों की छटा देखते ही बन रही है। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई दी है। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ आज मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के समारोह में शामिल होंगे।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीर नारियों को किया सम्मानित

 बागडोगरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन 19 वीर नारियों को सम्मानित किया, जो मणिपुर के तुपुल में हाल में हुए भूस्खलन में जान गंवाने वाले सशस्त्र बलों के जवानों की मां और पत्नियां हैं। एक रक्षा विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। त्रिशक्ति कोर ने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के बेंगदुबी सैन्य स्टेशन में यह सम्मान समारोह आयोजित किया।

विज्ञप्ति के मुताबिक, रक्षा मंत्री ने 107 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना), 11 गोरखा राइफल्स के जवानों की बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान की सराहना की।सिंह ने प्रत्येक वीर नारी को सात लाख रुपये का चेक प्रदान किया। इस त्रासदी में घायल हुए 13 जवानों को भी सम्मानित किया गया।

 

वीर नारियों और सैनिकों के साथ बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्‍ट्र हमेशा इन जवानों के बलिदान का ऋणी रहेगा। उन्होंने रक्षा मंत्रालय की तरफ से हरसंभव सहायता का आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार बहादुर सैनिकों के परिवारों और आश्रितों को वित्तीय स्थिरता प्रदान करना सुनिश्चित करेगा।

इस अवसर पर थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे और भारतीय सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि 107 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना), 11 गोरखा राइफल्स के 30 कर्मी - एक अधिकारी, तीन जूनियर कमीशंड अधिकारी और 26 अन्य रैंक के जवान- जून में तुपुल में हाल में हुए भूस्खलन में जान गंवाने वाले 61 व्‍यक्तियों में शामिल थे।

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राजस्थान में स्थायी है मेरा जादू : अशोक गहलोत

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह स्थायी जादूगर हैं और प्रदेश में उनका जादू स्थायी है। उन्होंने प्रदेश की जनता से यह अपील भी की कि अगले विधानसभा चुनाव में उनकी सरकार को फिर से मौका दे।

गहलोत ने प्रधानमंत्री की कांग्रेस के संदर्भ में की गई काला जादू वाली टिप्पणी को लेकर यह बयान दिया। उनका यह बयान राजस्थान में कांग्रेस के भीतर की रस्साकस्सी के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, हम तो बचपन से जादू-टोने के खिलाफ रहे हैं। जादू (मैजिक) अलग चीज है जिस पर मेरा विश्वास है।

गहलोत ने कहा, मेरा जादू स्थायी है प्रदेश के अंदर। मैं स्थायी जादूगर हूं। मेरा जादू अलग तरह का है...इतनी बार जनता ने मौका दिया...मेरी जिंदगी का मकसद गरीबों के आंसू पोछना है।

उन्होंने कहा, मैं चाहता हूं कि जनता इस बार जिताए। जनता के बीच हमारी कोई न कोई योजना पहुंच गई है...जनता से अपील करता हूं कि इस बार कृपा करो हम पर।

गहलोत ने राजस्थान में एक दलित बच्चे की कथित हत्या से जुड़े विषय को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा।उन्होंने कहा, भाजपा-आरएसएस हिंदुओं को एक करने और हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं। दलित वर्ग भी हिंदू, पिछड़े भी हिंदू हैं, सवर्ण भी हिंदू हैं। पहले इन तीनों को तो एक कर दो। इन्हें समानता का अधिकार तो दिला दो...आज भी जाति आधारित भेदभाव होता है।

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2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ मजबूत विकल्‍प तैयार होगा : अखिलेश यादव

 लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने बिहार में हुए राजनीतिक बदलाव को एक सकारात्‍मक संकेत करार देते हुए उम्‍मीद जतायी है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ एक मजबूत विकल्‍प तैयार होगा। उन्‍होंने यह भी दावा किया कि उत्‍तर प्रदेश में भाजपा के सहयोगी दल उससे खुश नहीं हैं और भविष्‍य में वे इस सत्तारूढ पार्टी से नाता तोड़ लेंगे।

यादव ने कहा कि बिहार में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के भाजपा-नीत राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से नाता तोड़कर राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस तथा कई अन्‍य दलों के साथ मिलकर महागठबंधन की सरकार बनाना एक 'सकारात्‍मक संकेत' है। उन्होंने उम्‍मीद जताई कि अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ एक मजबूत विकल्‍प तैयार होगा।

उन्‍होंने उत्‍तर प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव और रामपुर तथा आजमगढ़ लोकसभा सीट के उपचुनाव में सपा की पराजय के लिए चुनाव आयोग की बेईमानी को जिम्‍मेदार करार दिया और कहा कि अगर आयोग ने ईमानदारी से काम किया होता तो नतीजे कुछ और ही होते। सपा अध्‍यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ने राज्‍य का पिछला विधानसभा चुनाव लोकतंत्र बचाने की अपील के साथ लड़ा था, मगर नतीजा सबके सामने है। उन्होंने कहा, देश में अब कोई भी निष्‍पक्ष संस्‍थान बाकी नहीं रह गया है। सरकार दबाव डालकर इन संस्‍थानों से मनमाफिक काम कराती है।

 
 
 

यादव ने आरोप लगाया, चुनाव आयोग ने बहुत बेईमानी की। बड़ी संख्‍या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काट दिये गये। रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा कार्यकर्ताओं को वोट नहीं डालने दिया गया, जबकि आजमगढ़ में सपा कार्यकर्ताओं को रेड कार्ड जारी किये गये। क्‍या चुनाव आयोग सो रहा था? उसने हमारी शिकायतों पर ध्‍यान ही नहीं दिया।

पार्टी संगठन को मजबूत करने के सवाल पर सपा अध्‍यक्ष ने कहा कि उनका पूरा ध्‍यान पार्टी को मजबूत करने पर है और इसी साल दल का राष्‍ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी का सदस्‍यता अभियान चल रहा है और उसे अच्‍छी प्रतिक्रिया मिल रही है। सपा अध्यक्ष ने बताया कि इस बार यह अभियान मोबाइल ऐप्‍लीकेशन के जरिये चलाया जा रहा है।

 
 
 

पूर्व मुख्‍यमंत्री ने दावा किया, उत्‍तर प्रदेश में भाजपा के सहयोगी दल उससे खुश नहीं हैं। देखिये, उन्‍हें (सहयोगी दलों को) आखिर क्‍या मिल रहा है। एक दिन वे सभी उसका (भाजपा का) साथ छोड़ जाएंगे। गौरतलब है कि उत्‍तर प्रदेश में अपना दल (सोनेलाल) और निषाद पार्टी भाजपा के सहयोगी दल हैं।

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का विकल्‍प तैयार करने में सपा की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा, तेलंगाना के मुख्‍यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी और राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार विकल्‍प तैयार करने पर काम कर रहे हैं। इस वक्‍त हमारा ध्‍यान उत्‍तर प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने पर है।

वर्ष 2019 में सपा, बहुजन समाज पार्टी और राष्‍ट्रीय लोकदल ने उत्‍तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव साथ मिलकर लड़ा था। बसपा को 10 और सपा को पांच सीटें मिली थी, जबकि रालोद का खाता नहीं खुल सका था। गत जून में रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव हारने के बाद सपा की सीटों की संख्‍या घटकर तीन रह गयी है। इस साल के अंत में होने वाले नगरीय निकाय चुनावों के बारे में सपा अध्‍यक्ष ने कहा कि इसकी तैयारियां की जा रही हैं और इसके लिए प्रभारियों की नियुक्ति की गयी है।

 
 
 

 

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कोविड-रोधी टीके की दूसरी डोज से जुड़े आंकड़े फर्जी हैं। उन्होंने कहा, अस्‍पतालों में दवाएं और डॉक्‍टर नहीं हैं। लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। राज्‍य के चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय में दलाल घूम रहे हैं, मंत्री और अधिकारी मनमानी कर रहे हैं, जबकि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ समीक्षा बैठकों में व्‍यस्‍त हैं।

 
 
 
 
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मनीष सिसोदिया के पक्ष में खड़े सीएम ने जारी किया मोबाइल नंबर...

 नई दिल्ली (वीएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी नेता और उपमुख्यमंत्री के घर छापेमारी के बाद मुख्यमंत्री ने मनीष सिसोदिया का बचाव किया है। सिसोदिया के पक्ष में खड़े सीएम अरविन्द केजरीवाल ने एक मोबाइल नंबर जारी किया है, उन्होंने मोबाइल मंबर पर मिस्ड कॉल कर मिशन से जुड़ने की अपील जनता से किआ है। 

उल्लेखनीय है कि आबकारी घोटाला मामले में सीबीआई ने शुक्रवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर समेत दिल्ली-एनसीआर की 21 जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सामने आए और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मनीष सिसोदिया का बचाव किया। 

अरविंद केजरीवाल ने मनीष सिसोदिया की तारीफ करते हुए दुनिया का सबसे अच्छा शिक्षा मंत्री बताया है। अरविंद केजरीवाल मिस्ड कॉल नंबर 9510001000, जो लोग इस मिशन में शामिल होना चाहते हैं, जो भारत को दुनिया में नंबर 1 राष्ट्र के रूप में देखना चाहते हैं। उन्हें सबसे शक्तिशाली राष्ट्र और सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने की इस मिशन में शामिल होना चाहिए।'

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रेलवे ने शुरू की 10 नई एसी ट्रेन, जानें रुट और किराया...

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आज पूरा देश में कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार उल्लास से मना रहा है। इस  खुशी को रेलवे की सौगात ने दुगुनी भी कर दी। दरअसल, भारतीय रेलवे अब एसी लोकल ट्रेन चला रहा है। इसके साथ ही रेलवे ने एसी लोकल के क‍िराये में कमी भी की है। इसका सीधा असर यात्रियों की संख्या पर पड़ा है। भारतीय रेलवे के सेंट्रल रेलवे जोन ने 19 अगस्‍त से 10 एसी लोकल ट्रेनें शुरू की हैं। इसके साथ ही मुंबई में एसी लोकल की संख्‍या बढ़कर 66 हो गई है। नई लोकल ट्रेनों को मौजूदा नॉन-एसी लोकल को बदलकर चलाया जाएगा। 

ये एसी लोकल ट्रेन को रव‍िवार और अवकाश के द‍िन नहीं चलाया जाएगा। बाकी नॉन-एसी ट्रेन पहले की तरह चलती रहेंगी। अगस्‍त की शुरुआत में पश्चिम रेलवे जोन ने यात्रियों की तरफ से बढ़ती ड‍िमांड को देखते हुए मुंबई उपनगर में एसी लोकल की संख्या बढ़ाने का फैसला किया था। रेलवे के एक अध‍िकारी ने बताया क‍ि एसी लोकल के क‍िराये में कमी आने के बाद एसी लोकल से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है। 

 
 
 

ये ट्रेनें मुंबई डिविजन के सेंट्रल रेलवे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, ठाणे बदलापुर और कल्याण के बीच चलेंगी। रेलवे की तरफ ये य‍ह न‍िर्णय यात्र‍ियों की एसी लोकल में बढ़ती संख्‍या को देखकर ल‍िया गया। आने वाले द‍िनों में रेलवे की तरफ से एसी लोकल की संख्‍या में और इजाफा क‍िया जाएगा। 

10 एसी लोकल ट्रेन में से चार सेवाएं ठाणे-सीएसएमटी-ठाणे (2 अप, 2 डाउन), चार बदलापुर-सीएसएमटी-बदलापुर (2 अप, 2 डाउन) और दो कल्याण-सीएसएमटी-कल्याण (1अप, 1 डाउन) पर चलाई जाएंगी। 

 

गौरतलब है क‍ि फ‍िलहाल मध्य रेलवे की तरफ से कुल 56 एसी ट्रेन संचालित की जाती हैं। मध्य रेलवे मुंबई उपनगरीय नेटवर्क पर 1810 लोकल ट्रेन संचाल‍ित करता है। इनमें 40 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं।

 

 
 
 
 
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भारतीयता मनुष्‍य बनाने की है प्रक्रिया : प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल

भारतीय ज्ञानपरंपरा और विचारक पर पुस्तक-वार्ता का आयोजन

 वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीयता मनुष्‍य बनाने की प्रक्रिया है। भारतीयता पश्‍चाताप जैसी अवधारणा को स्‍वीकार नहीं करती है। भारतीय परंपराएं प्रायश्चित की बात करती है। हमें भावी पीढ़ी को जीने लायक धरती देनी है तो वर्तमान पीढ़ी को इस विकास की अंधी दौड़ से अलग होकर आवश्‍यक प्रायश्चित करने पड़ेंगे। 

उक्‍त विचार कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने व्‍यक्‍त किये। वे महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में प्रकाशन एकक द्वारा विश्‍वविद्यालय के रजत जयंती वर्ष में ‘पुस्तक-वार्ता श्रृंखला’ के अंतर्गत 18 अगस्त को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ द्वारा ‘हजारी प्रसाद द्विवेदी पुरस्कार’ से सम्मानित कृति ‘भारतीय ज्ञानपरंपरा और विचारक’ पर आयोजित पुस्तक-वार्ता कार्यक्रम के दौरान अध्‍यक्षीय वक्‍तव्‍य देते हुए बोल रहे थे।

‘भारतीय ज्ञानपरंपरा और विचारक’ के लेखक प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने आगे कहा कि भारत की अनादि संस्‍कृति निरंतर बढ़ती रही है, श्रेष्‍ठता समकाल में कैसे आ सकती है, उसका आधान करती है। गांधी हिंद स्‍वराज में कहते हैं कि पश्चिम से जो पागलपन की बयार आ रही है उन सबको यथा : न्‍यायालय, रेल, शिक्षा आदि को चला जाना चाहिए। इसके अधीन होकर जो समाज चल रहा है, वह यांत्रिक समाज है। हमें यांत्रिकता की आंधी से बचकर मानवता के लिए सह-अस्तित्‍व के साथ जीना है। प्रो. शुक्‍ल ने कहा कि पिछले दो दशकों में पूरे विश्‍व की सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक संरचना में व्‍यापक बदलाव आया है। इस पूरे परिदृश्‍य में भारत एक बार फिर से विश्‍वगुरु बनेगा। यहां की जनता भारत को अपनी विशिष्‍ट पहचान बनाए हुए है। भारतीय मन और भारतीय दृष्टि मनुष्‍य को एक संपोष्‍य जीवन प्रणालीदे सकती है। भारतीय ज्ञानपरंपरा के सनातन प्रवाह की विविध धाराओं के रूप में समझने की कोशिश की गई है।  

आधुनिकता को संदर्भित करते हुए प्रो. शुक्‍ल ने कहा कि डिजिटाइजेशन ने पढ़ने की संस्‍कृति को बाधित किया है। सूचना और ज्ञान में अंतर करना चाहिए। विवेकानंद कहते हैं जब अज्ञानी बोधहीन होते है तो पाप के भागी होते है। ज्ञानसम्‍मत कर्म कर रहे हैं तो सर्वथा श्रेष्‍ठ होता है। जानने का मतलब है- स्‍वयं से उत्तर तलाशते हुए समाज के साथ सातत्‍य रखना। भारत होना यानी प्रकाश में रत होना है, जब कुछ दिखता है तो प्रकाश में दिखता है। भारतीय ज्ञानपरंपरा इसका उपबृंहण है। आज के संदर्भों में जिन विचारकों ने ज्ञान परंपरा को प्रतिपादित करने में सर्वथा योगदान दिया है उन महान विचारकों को पुस्‍तक में शामिल किया गया है। यह पुस्‍तक चर्चा नए ज्ञान के वातायन खोले, पुस्‍तक की पठन संस्‍कृति के प्रति पाठकों की रुचि पैदा करेगी। यह पुस्‍तक समाज जीवन में काम करते हुए एक शिक्षक के रूप में विद्यार्थियों से भारत, भारतीयता, भारत की लोकतांत्रिक व्‍यवस्‍था, भारत की सांस्‍कृतिक परंपराएं, शिक्षा आदि विषयों पर हुए संवाद का प्रतिफल है।

विश्‍वविद्यालय के आवासीय लेखक प्रो. रामजी तिवारी ने प्रास्‍ताविकी देते हुए कहा कि इस पुस्‍तक को हजारी प्रसाद द्विवेदी सम्‍मान प्राप्‍त होना सम्‍मान व गौरव की बात है। कार्यक्रम में दर्शन एवं संस्‍कृति विभाग के अध्‍यक्ष डॉ. जयंत उपाध्‍याय, अतिथि अध्‍यापक डॉ. वागीश राज शुक्‍ल, दूर शिक्षा निदेशालय की एसोशिएट प्रोफेसर डॉ. प्रियंका मिश्र, स्‍त्री अध्‍ययन विभाग की अध्‍यक्ष डॉ. सुप्रिया पाठक, गांधी एवं शांति अध्‍ययन विभाग के एसोशिएट प्रोफेसर, डॉ. राकेश कुमार मिश्र,  शिक्षा विद्यापीठ के अधिष्‍ठाता प्रो. गोपाल कृष्‍ण ठाकुर, साहित्‍य विद्यापीठ के अधिष्‍ठाता प्रो. अवधेश कुमार, जनसंचार विभाग के अध्‍यक्ष प्रो. कृपाशंकर चौबे, अनुवाद एवं निवर्चन विद्यापीठ के अधिष्‍ठाता प्रो. कृष्‍ण कुमार सिंह, वर्धा समाज कार्य संस्‍थान के निदेशक प्रो. मनोज कुमार, उज्‍बेकिस्‍तान के डॉ. सिरोजिद्दीन नरमातोव, प्रतिकुलपति प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्‍ल और प्रो. चंद्रकांत रागीट ने पुस्‍तक पर विचार व्‍यक्‍त किये।

कार्यक्रम का प्रारंभ कुलगीत से तथा समापन राष्‍ट्रगान से हुआ। प्रकाशन प्रभारी डॉ. रामानुज अस्‍थाना ने स्‍वागत वक्‍तव्‍य दिया तथा सह-प्रकाशन प्रभारी डॉ. मनोज कुमार राय ने आभार व्‍यक्‍त किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. बीर पाल सिंह यादव ने संचालन किया।  इस अवसर पर विश्‍वविद्यालय के अधिष्‍ठातागण, विभागाध्‍यक्ष, अध्‍यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्‍या में उपस्थित थे तथा विश्‍वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र प्रयागराज एवं कोलकाता के अध्‍यापक एवं विद्यार्थी ऑनलाइन माध्‍यम से जुड़े थे।

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ट्रेन में यात्रा करने वाले बच्चों के लिए टिकट बुकिंग संबंधी नियम में कोई बदलाव नहीं

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हाल ही में समाचार माध्यम के एक हिस्से में ऐसी रिपोर्ट आई हैं, जिनमें दावा किया गया है कि भारतीय रेलवे ने ट्रेन में यात्रा करने वाले बच्चों के लिए टिकट बुकिंग के संबंध में नियम बदल दिया है। इन रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अब एक से चार साल की उम्र के बच्चों को ट्रेन में सफर करने के लिए टिकट लेना होगा।

ये समाचार सामग्री और मीडिया रिपोर्ट भ्रामक हैं। यह सूचित किया जाता है कि भारतीय रेलवे ने ट्रेन में यात्रा करने वाले बच्चों के लिए टिकटों की बुकिंग के संबंध में कोई बदलाव नहीं किया है। यात्रियों की मांग पर उन्हें टिकट खरीदने और अपने 5 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए बर्थ बुक करने का विकल्प दिया गया है। और अगर वे अलग बर्थ नहीं चाहते हैं, तो यह सुविधा निशुल्क है, जैसे पहले हुआ करती थी।

रेल मंत्रालय के दिनांक 06.03.2020 के एक परिपत्र में कहा गया है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों को मुफ्त में ले जाया जाएगा। हालांकि, अलग बर्थ या सीट (कुर्सी कार में) नहीं दी जाएगी। इसलिए किसी भी टिकट की खरीद की आवश्यकता नहीं है, बशर्ते अलग बर्थ की मांग नहीं की जाए। तथापि, यदि 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए स्वैच्छिक आधार पर बर्थ/सीट की मांग की जाती है तो पूर्ण वयस्क किराया वसूल किया जाएगा।

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