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गोवा में पीएम मोदी करेंगे मोपा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन

 पणजी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश में हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के लिए रविवार को प्रधानमंत्री मोदी गोवा में मोपा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। इंडिगो और गोफर्स्ट जैसी एयरलाइंस पहले ही जनवरी से नए हवाई अड्डे से 200 से ज्यादा उड़ानें शुरू करने की योजना की घोषणा कर चुकी हैं। इस हवाई अड्डे की आधारशिला नवंबर 2016 में पीएम मोदी ने ही रखी थी।

लगभग 2,870 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह हवाईअड्डा टिकाऊ बुनियादी ढांचे को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। बता दें कि नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा गोवा के उत्तरी भाग में स्थित है जो गोवा की राजधानी पणजी से लगभग 35 किमी दूर है। मोपा गांव में एक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा स्थापित करने के लिए गोवा सरकार को प्रमुख स्वीकृति केंद्र द्वारा मार्च 2000 में प्रदान की गई थी।



हवाई अड्डे के चालू हो जाने से राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और पर्यटन उद्योग की जरूरतों को पूरा करने की उम्मीद है। इसमें कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को सीधे जोड़ने वाले प्रमुख लॉजिस्टिक हब के रूप में सेवा देने की क्षमता है।

इस हवाई अड्डे के लिए मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी की भी योजना है। विश्वस्तरीय हवाईअड्डा होने के नाते, यह लोगों को गोवा घूमने का भी मौका प्रदान करेगा। गोवा में इस नए एयरपोर्ट के साथ ही गोवा के पुराने एयरपोर्ट के बंद होने की अफवाहें भी उड़ी थीं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने हालांकि साफ कर दिया है कि नए (MOPA) एयरपोर्ट की वजह से गोवा के पुराने एयरपोर्ट को बंद नहीं किया जाएगा।

गोवा में मौजूदा हवाई अड्डा एक सिविल एन्क्लेव और भारतीय नौसेना से संबंधित एक रक्षा हवाई अड्डा है, जिसके लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा एक टर्मिनल भवन का रखरखाव किया जाता है। बता दें कि सिविल एंक्लेव एक ऐसा हवाई अड्डा है जिसका उपयोग सैन्य उड्डयन और नागरिक उड्डयन दोनों के लिए किया जाता है।

 

 

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प्रधानमंत्री मोदी ने किया मोपा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन

 पणजी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा में रविवार को मोपा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधारशिला नवंबर 2016 में उनके ही द्वारा रखी गई थी। मालूम हो कि डाबोलिम के बाद यह गोवा का दूसरा हवाई अड्डा है। इंडिगो और गोफर्स्ट जैसी कई एयरलाइंस पहले ही जनवरी से नए हवाई अड्डे से 200 से ज्यादा उड़ानें शुरू करने की योजना की घोषणा कर चुकी हैं। पीएम मोदी के साथ इस दौरान गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद रहे।

लगभग 2,870 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह हवाईअड्डा टिकाऊ बुनियादी ढांचे को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। बता दें कि नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा गोवा के उत्तरी भाग में स्थित है जो गोवा की राजधानी पणजी से लगभग 35 किमी दूर है। मोपा गांव में एक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा स्थापित करने के लिए गोवा सरकार को प्रमुख स्वीकृति केंद्र द्वारा मार्च 2000 में प्रदान की गई थी।

हवाई अड्डे के चालू हो जाने से राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और पर्यटन उद्योग की जरूरतों को पूरा करने की उम्मीद है। इसमें कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को सीधे जोड़ने वाले प्रमुख लॉजिस्टिक हब के रूप में सेवा देने की क्षमता है।

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जब लुटेरों पर भारी पड़ी नारी... पकड़ ली कॉलर... बाइक से गिराया...

 मेरठ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नारी को अबला समझना भारी पड़ जाता है, ऐसा ही उन लुटेरों के साथ हुआ, जिन्होंने दादी-पोती को अबला समझ उसे लूटने की कोशिश की। पोती ने न सिर्फ अपना बचाव करने की कोशिश की, बल्कि उसने एक लुटेरे को कॉलर पकड़ कर बाइक से गिरा दिया, और घसीटने लगी। हालांकि दोनों लुटरे  युवती की दादी के कुंडल लूटकर भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

दरअसल उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक युवती कुंडल लूटकर भाग रहे बदमाशों से भिड़ गई। युवतीने बदमाशों का कॉलर पकड़कर उन्हें बाइक से गिरा दिया। हालांकि इसके बाद बदमाश कुंडल लेकर फरार हो गए। इस दौरान बुजुर्ग महिला और उसकी पोती दोनों ने शोर मचाकर मदद मांगी, लेकिन कोई आगे नहीं आया। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई । घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।



जानकारी के अनुसार, यह मामला मेरठ के लालकुर्ती इलाके का है। 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला अपनी पोती के साथ बाजार जा रही थीं। उसी दौरान बाइक सवार दो बदमाशों ने महिला के कान से कुंडल खींच लिया। पोती ने फुर्ती दिखाते हुए कॉलर पकड़कर बदमाशों को बाइक से गिरा दिया। इस दौरान बुजुर्ग महिला और उसकी पोती दोनों ने शोर मचाकर मदद मांगी, लेकिन कोई आगे नहीं आया। इसके बाद बदमाश बाइक उठाकर भाग गए। हालाकि घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।

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शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर करती है मानव संसाधन की गुणवत्ता : राष्ट्रपति

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया और उसे संबोधित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति उसके मानव संसाधन गुणवत्ता पर निर्भर होती है और मानव संसाधन की गुणवत्ता शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। उन्होंने दून विश्वविद्यालय से 'आज का युवा कल का भविष्य है' के आदर्श वाक्य पर चलते हुए गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में काम करने का अनुरोध किया।

राष्ट्रपति ने इसका उल्लेख किया कि दून विश्वविद्यालय राज्य का एकमात्र ऐसा संस्थान है, जहां छात्रों को पांच विदेशी भाषाएं- चाइनीज, स्पेनिश, जर्मन, जापानी और फ्रेंच पढ़ाई जाती हैं। इसके अलावा छात्र यहां तीन स्थानीय भाषाओं- गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी का भी अध्ययन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय भाषाओं की पढ़ाई को प्रोत्साहित करना, हमारी लोक संस्कृति की संरक्षण का सराहनीय प्रयास है। हमारी लोक भाषाएं हमारी संस्कृति की अमूर्त धरोहर है। विश्वविद्यालय को इस पहल को आगे बढ़ाना चाहिए।

राष्ट्रपति ने इसका उल्लेख किया कि एनटीपीसी के सहयोग से दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी चेयर की स्थापना की गई है, जो राज्य के विकास के लिए नीति-निर्माण और क्षमता विकास के लिए समर्पित है। इसके अलावा राज्य के भौगोलिक, इकलोजिकल, आर्थिक और सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों में शोध व अध्ययन के लिए डॉ. नित्यानंद हिमालयी शोध और अध्ययन केंद्र भी स्थापित किया गया है। उन्होंने इन पहलों के लिए विश्वविद्यालय की सराहना कीं।

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में अनुसंधार व नवाचार को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, जिससे छात्र तकनीकी कौशल से अधिक संपन्न हों और स्वयं रोजगार की तलाश करने के बजाए दूसरों को रोजगार उपलब्ध करवाएं।

 

 

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गोपनीयता, क्षमता और अनुशासित आचरण लोकसेवकों के आभूषण : राष्ट्रपति मुर्मु

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु  मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) के 97वें फाउंडेशन पाठ्यक्रम के विदाई समारोह में सम्मिलित हुईं। प्रशिक्षु अधिकारियों को सम्बोधित करते हुये राष्ट्रपति ने कहा कि इस समय जब वे उन सभी को सम्बोधित कर रही हैं, तो सरदार वल्लभ भाई पटेल के शब्द उन्हें याद आ रहे हैं। अप्रैल 1947 में सरदार पटेल भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों से मिल रहे थे। उस समय उन्होंने कहा था, प्रत्येक जनसेवक, चाहे वह किसी भी दायित्व का निर्वहन कर रहा हो, हमें उससे सर्वश्रेष्ठ की उम्मीद करनी चाहिये और यह उम्मीद रखना हमारा अधिकार है। राष्ट्रपति ने कहा कि आज हम गर्व से कह सकते हैं कि जनसेवक इन उम्मीदों पर खरे उतरे हैं।

राष्ट्रपति ने गौर किया कि फाउंडेशन पाठ्यक्रम का मूलमंत्र वी, नॉट आई (हम, न कि मैं) है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस पाठ्यक्रम के प्रशिक्षु अधिकारियों को सामूहिक भावना के साथ देश को आगे ले जाने की जिम्मेदारी उठानी चाहिये। उन्होंने कहा कि उनमें से कई अगले 10-15 वर्षों के लिये देश के एक बड़े भू-भाग में प्रशासनिक कामकाज करेंगे तथा जनमानस से उनका सीधा संपर्क रहेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि वे अपने सपने के भारत को एक ठोस आकार दे सकते हैं।

 

अकादमी के ध्येय-वाक्य शीलं परम् भूषणम् का उल्लेख करते हुये राष्ट्रपति ने कहा कि एलबीएसएनएए में प्रशिक्षण पद्धति कर्मयोग के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें शील को अत्यंत महत्त्व दिया जाता है। राष्ट्रपति ने प्रशिक्षु अधिकारियों को परामर्श दिया कि वे समाज के वंचित वर्ग के प्रति संवेदनशील बनें। उन्होंने कहा कि 'गोपनीयता', 'क्षमता' और 'अनुशासित आचरण' सिविल अधिकारियों के आभूषण हैं। यही गुण प्रशिक्षु अधिकारियों को उनके पूरे सेवाकाल में आत्मबल देंगे।

 

 

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पंद्रह अगस्‍त तक देशभर में खोले जाएंगे एक हजार खेलो इंडिया केन्‍द्र : अनुराग

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। युवा मामले और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि देशभर में अगले साल 15 अगस्त तक खेलो इंडिया के एक हजार केंद्र खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि इनमें से 733 केन्द्रों को पहले ही मंज़ूरी दी जा चुकी है। श्री ठाकुर खेलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता और इस संबंध में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर आज लोकसभा में चर्चा का जवाब दे रहे थे।

श्री ठाकुर ने कहा कि तोक्यो ओलंपिक, तोक्यो पैरालंपिक में भारतीय खिलाडि़यों ने पहले की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने डैफ ओलंपिक में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। खेलो इंडिया के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने खेलों के प्रति लोगों का दृष्टिकोण बदलने का काम किया है।

श्री ठाकुर ने कहा कि खेल के बुनियादी ढांचे में सुधार पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने विश्‍वास दिलाया कि सरकार ने पैरा-एथलीटों के प्रति कोई भेदभाव नहीं दिखाया है। चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि भारत खेलों में अन्य देशों की तुलना में पिछड़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि खेल मंत्रालय के लिए बजटीय आवंटन बढ़ाया जाना चाहिए।

बहुजन समाज पार्टी के रितेश पांडे ने कहा कि भारत सिर्फ क्रिकेट में ही अच्छा प्रदर्शन करता है, लेकिन हॉकी और फुटबॉल में पिछड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसका कारण कोच की कमी और धन का उचित उपयोग नहीं होना है।

 

 

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हमारी संस्कृति में कर्म धर्म है, अनुबंध नहीं : मोहन भागवत

 नागपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कर्म को धर्म के बराबर माना जाता है और इसे लेन-देन के अनुबंध के रूप में नहीं देखा जाता है। वे यहां माधव नेत्रालय आई सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, प्रचलित रवैया यह है कि यदि अनुबंध का एक पक्ष सौदे के अपने हिस्से को पूरा नहीं करता है, तो दूसरा पक्ष अपना हिस्सा करने से मना कर देगा। उन्होंने कहा, लेकिन यह दृष्टिकोण अब बदल रहा है और हमने अपने दम पर सोचना शुरू कर दिया है।

भागवत ने आगे कहा कि आज ब्रांड का युग है, लेकिन उनके अनुभव में जब कोई चीज ब्रांड में बदल जाती है तो उसकी गुणवत्ता में गिरावट आती है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा बिना यह सोचे करनी चाहिए कि समाज के अन्य सदस्य मदद करेंगे या नहीं, और अगर ईमानदारी और नेक नीयत से यह की जाए तो लोग मदद के लिए उठ खड़े होंगे।

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कलबुर्गी में किया गया मल्लिकार्जुन खड़गे का स्वागत

 कलबुर्गी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का पदभार ग्रहण करने के बाद उनके गृह नगर कलबुर्गी में शनिवार को पहली बार जोरदार स्वागत किया गया। शनिवार को खड़गे के कलबुर्गी पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत करने के लिए कांग्रेस और दलित संगठनों ने व्यापक तैयारियां की हैं। भव्य-पुरानी पार्टी 'कल्याण क्रांति' नाम से एक सम्मेलन आयोजित कर रही है, जिसमें सात जिलों और 41 विधानसभा क्षेत्रों के लोग भाग लेंगे। नई दिल्ली से विशेष विमान से कलबुर्गी पहुंचने के बाद खड़गे चार किलोमीटर तक जुलूस में शामिल होंगे।

इसके बाद पार्टी प्रमुख एनवी कॉलेज के मैदान में आयोजित होने वाले सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। पार्टी के राज्य प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, विपक्ष के नेता सिद्धारमैया, विधान परिषद में विपक्ष के नेता बी.के. हरिप्रसाद और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार सम्मेलन में मौजूद रहेंगे। राजनीतिक विशेषज्ञ इस विशाल सम्मेलन को उत्तरी कर्नाटक में कांग्रेस की राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन बता रहे हैं। खड़गे को पिछले संसदीय चुनाव में भाजपा उम्मीदवार उमेश जाधव के खिलाफ शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। बाद में, उन्हें राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में नामित किया गया और एआईसीसी अध्यक्ष चुनाव जीतने के लिए आगे बढ़े। 

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हिमाचल CM : सुखविंदर सुक्खू के नाम पर लगी मुहर, कुछ ही देर में होगी घोषणा...

 शिमला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हिमाचल प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चल रहे घमासान पर विराम लग गया है। आलाकमान ने सुखविंदर सिंह सुक्खू के नाम पर मुहर लगा दी है। इसकी आधिकारिक घोषणा विधायक दल की बैठक के बाद की जाएगी।


इस बारे में कांग्रेस नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, 'मुझे कोई जानकारी नहीं है। अभी कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। आलाकमान ने क्या तय किया है मुझे उसकी जानकारी नहीं है।' वहीं, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा वीरभद्र सिंह, कांग्रेस नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू और अन्य पार्टी नेताओं ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले एक-दूसरे से बातचीत की। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस ने राजभवन से 5 बजे मिलने का समय मांगा है।

 
 

बता दें कि हिमाचल में सीएम पद को लेकर शुक्रवार रात को नवनिर्वाचित विधायकों द्वारा सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पास किया गया, जिसमें सीएम चुनने के लिए कांग्रेस आलाकमान को अधिकृत किया गया। हालांकि, इसके बाद शनिवार को भी मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान जारी रही, लेकिन अब सुखविंदर सिंह सुक्खू का नाम तय हो गया है।

होटल में विधायकों का जमावड़ा
शनिवार सुबह से ही कांग्रेस विधायक शिमला के सेसिल होटल पहुंचने लगे। सेसिल होटल में ही पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक ठहरे हुए हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा शामिल हैं। हिमाचल में कांग्रेस को स्पष्ट जनादेश मिला है। हिमाचल में कांग्रेस को 40 सीटों पर जीत मिली है।

 

 

 

 

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मैंडूस ने मचाई तबाही : अब तक 4 लोगों की मौत, केंद्रीय सहायता मांग सकती है सरकार...

 चेन्नई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। चक्रवाती तूफान मैंडूस ने तमिलनाडु में भारी तबाही मचाई है। चेन्नई के मामल्लपुरम तट से गुजरने के बाद चक्रवाती तूफान ने शहर और आसपास के इलाकों को प्रभावित किया और यहां तक की सैकड़ों पेड़ जड़ से उखड़ गये। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बताया कि 9 और 10 दिसंबर की दरम्यानी रात 70 किमी प्रति घंटे की हवा के साथ तूफान तट से टकराया।

सीएम ने बताया कि तूफान के चलते चार लोगों की मौत भी हो गई। मरीना बीच के पास भी जलभराव देखने को मिला और खाने-पीने के स्टॉल क्षतिग्रस्त हो गए। स्टालिन ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि सरकार ने स्थिति का अनुमान लगा लिया है और सभी निवारक उपाय किए जा रहे हैं ताकि बड़े नुकसान को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि वृहद चेन्नई निगम समेत विभिन्न निकाय एजेंसी गिरे हुए पेड़ों को हटाने में लगी रहीं, ताकि जनजीवन सामान्य हो सके। स्टालिन ने कहा कि उन्नत योजना के साथ, इस सरकार ने साबित कर दिया कि किसी भी आपदा का प्रबंधन किया जा सकता है।

तेज हवा चलने के चलते लगभग 400 पेड़ गिर गए हैं। कई पेड़ बिजली के खंभों पर गिर जाने के चलते बिजली सप्लाई भी प्रभावित हुई है। चक्रवात के कारण बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों को नुकसान पहुंचा है और 600 जगहों पर बिजली बंद कर दी गई है। सरकार के अनुसार सफाई का काम तेजी से चल रहा है और लगभग 25,000 लोग आपदा प्रबंधन कार्यों में लगे हैं। हालांकि, आईएमडी चेन्नई ने एक ट्वीट में कहा कि चक्रवाती तूफान मैंडूस उत्तरी तमिलनाडु तट पर टकराने के बाद अब कमजोर हो गया है।

केंद्रीय सहायता मांग सकती है सरकार
मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर केंद्रीय सहायता मांगी जा सकती है। इससे पहले, राज्य के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री के के एस एस आर रामचंद्रन ने कहा कि 205 राहत केंद्रों में 9,000 से अधिक लोगों को रखा गया है। शुक्रवार सुबह 6 बजे से आज सुबह 6 बजे के बीच, 30 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को भी संचालन प्रभावित होने के कारण रद्द कर दिया गया था।

मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवाती तूफान मैंडूस (जिसका मतलब खजाने की पेटी है) उत्तरी तमिलनाडु तट पर गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील होकर कमजोर हो गया। यह 10 दिसंबर को दोपहर तक पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ा और धीरे-धीरे कमजोर होकर दबाव के क्षेत्र में बदल गया। चक्रवात से हुए प्रभाव की समीक्षा करने काशीमेडु क्षेत्र में पहुंचे सीएम स्टालिन ने बताया कि सरकार ने चक्रवात को देखते हुए कई एहतियाती कदम उठाए थे।

तमिलनाडु में चक्रवात से हुए पूरे नुकसान का अनुमान अभी तक नहीं लगाया जा सका है, लेकिन इस दौरान 9,000 लोगों ने 205 राहत शिविरों में शरण ली। शुक्रवार सुबह छह बजे से शनिवार सुबह छह बजे तक 30 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ाने रद हुईं। वहीं, सुबह कुछ समय के लिए एयरपोर्ट को बंद भी करना पड़ा।
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सुखविंदर बने हिमाचल ने नए सीएम, मुकेश अग्निहोत्री डिप्टी सीएम...

 शिमला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल प्रदेश के नए मुख्यमंत्री होंगे और मुकेश अग्निहोत्री को डिप्टी सीएम की जिम्मदारी मिली है। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह रविवार सुबह 11 बजे होगा। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सुखविंदर सिंह सुक्खू को सीएम बनाने का निर्णय लिया गया। बता दें कि राज्य में पहली  बार डिप्टी सीएम बनाया जाएगा। भूपेश बघेल ने बताया कि अभी हम राजभवन जा रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाए जाने पर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, 'मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और प्रदेश की जनता का शुक्रगुजार हूं। हमने हिमाचल प्रदेश की जनता से जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करना मेरी जिम्मेदारी है। राज्य के विकास के लिए हमें काम करना है।' उन्होंने कहा, 'डिप्टी सीएम के रूप में चुने गए मुकेश अग्निहोत्री और मैं एक टीम के रूप में काम करेंगे। मैंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 17 साल की उम्र में की थी। कांग्रेस पार्टी ने मेरे लिए जो किया है उसे मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा।'

भूपेश बघेल ने बताया कि हाईकमान ने आज सुखविंदर सिंह सुक्खू को कांग्रेस विधायक दल के नेता यानी मुख्यमंत्री के रूप में चयन किया है और उपमुख्यमंत्री के रूप में मुकेश अग्निहोत्री को चुना है। कांग्रेस के हिमाचल प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला ने कहा कि सर्वसम्मति से सारे विधायकों ने सुखविंदर सिंह सुक्खू को विधायक दल का नेता चुना है। कल उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। उपमुख्यमंत्री के रूप में मुकेश अग्निहोत्री को चुना गया है। ये आलाकमान का निर्णय है।

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह ने कहा कि हम कांग्रेस आलाकमान द्वारा लिए गए निर्णय को स्वीकार करते हैं। कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कल सुखविंदर सिंह सुक्खू शपथ लेंगे और सूचारू रूप से सरकार चलाएंगे। कल शपथ समारोह में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे आएंगे। सभी विधायकों को भी निमंत्रित किया गया है।

आलाकमान पर छोड़ा गया था फैसला
बता दें कि हिमाचल में सीएम पद को लेकर शुक्रवार रात को नवनिर्वाचित विधायकों द्वारा सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पास किया गया, जिसमें सीएम चुनने के लिए कांग्रेस आलाकमान को अधिकृत किया गया।

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बोरवेल में गिरे 8 साल के तन्मय की मौत, सीएम ने जताया शोक, किया मुआवजे का ऐलान...

 बैतूल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मध्य प्रदेश के बैतूल में बोरवेल में गिरे आठ साल के तन्मय को बचाया नहीं जा सका, शनिवार सुबह 6 बजे उन्हें बोरवेल से बाहर निकाला गया, लेकिन मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। 

जानकारी के मुताबिक, पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चेस्ट कन्जेकशन और रिब्स  ब्रेक होना मौत की वजह पाया गया। वहीं परिजनों ने बैतूल जिला अस्पताल से शव को लेकर मांडवी गांव के लिए रवाना हुए। 

 

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि 'दुःख की इस घड़ी में तन्मय का परिवार स्वयं को अकेला न समझे, मैं और संपूर्ण मध्य प्रदेश परिवार के साथ है। राज्य सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को 4 लाख की आर्थिक सहायता दी जायेगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। विनम्र श्रद्धांजलि!

55 फीट में फंसा था तन्मय

मध्य प्रदेश के बैतूल में 8 साल का तन्मय 6 दिसंबर मंगलवार शाम से ही बोरवेल में फंसा हुआ था। 55 फीट की गहराई पर फंसे तन्मय को बचाने के लिए 62 घंटे से राहत कार्य जारी था, लेकिन पानी और पत्थरों की वजह से प्रशासन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था और मासूम के रेस्क्यू में देर होती जा रही थी। जानकारी के मुताबिक, प्रशासन तन्मय की पहुंच से काफी दूर थे। बच्चे को डायरेक्ट बोरवेल से निकालना मुश्किल था, इसलिए टीम ने बगल में एक गड्ढा खोदकर सुरंग के जरिए तन्मय तक पहुंचने का प्लान बनाया था। कल तक 8 फीट तक सुरंग खोदी जा चुकी थी, लेकिन 2 फीट बाकी थी। बचाव दल शनिवार सुबह सुरंग तक पहुंचे, लेकिन तब तक तन्मय की सांसें थम चुकी थी।

 

 

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करारी हार के बाद गुजरात कांग्रेस प्रभारी ने दिया इस्तीफा

 गुजरात (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  विधानसभा चुनाव के परिणाम आए हैं। गुजरात में भाजपा ने प्रचंड जीत हासिल करते हुए 155 के आंकड़े तक पहुंच गयी है वही कांग्रेस को  काफी नुकसान का सामना करना पड़ा हैं। कांग्रेस  महज 18 सीट पर ही सिमट गयी करारी हार के बाद कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रघु शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है।

उन्होंने  कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खरगे को अपना इस्तीफा पत्र सौंपते हुए कहा कि वो गुजरात में कांग्रेस की हार कि संपूर्ण जिम्मेदारी लेते हैं इसके अलावा उन्होंने अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा स्वीकार करने के लिए आग्रह किया है।

 

 

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कांग्रेस विधायक दल की बैठक में होगा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का फैसला

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद मुख्यमंत्री पर फैसला करने के लिए कांग्रेस विधायक शुक्रवार को शिमला में बैठक करेंगे। 

हिमाचल कांग्रेस विधायक दल की बैठक शुक्रवार दोपहर 3 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में होगी। बैठक में हिमाचल प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला, पर्यवेक्षक भूपेश बघेल और भूपेंद्र हुड्डा भी मौजूद रहेंगे। 

कांग्रेस के लिए प्रतिभा सिंह सहित विभिन्न उम्मीदवारों के बीच अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार चुनना एक बड़ा काम है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस प्रमुख सुखविंदर सिंह सुक्खू और सीएलपी नेता मुकेश अग्निहोत्री को इस पद के अन्य दावेदारों के रूप में देखा जा रहा है।

इससे पहले गुरुवार को शुक्ला ने कहा था कि पार्टी प्रमुख तय करेंगे कि हिमाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन होगा।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को घोषित परिणामों में हिमाचल प्रदेश में पांच साल बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई है। 68 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस ने सत्ता विरोधी लहर पर सवार होकर 40 सीटें जीतीं।

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने जहां 40 सीटें जीतीं, वहीं बीजेपी ने 25 सीटों पर जीत हासिल की। निर्दलीयों ने तीन सीटें जीतीं और आप राज्य में अपना खाता खोलने में विफल रही।

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जैव-ईंधन उत्पादन से देश का ईंधन आयात बोझ कम होगा : गिरिराज सिंह

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने नई दिल्ली में कैक्टस रोपण और इसके आर्थिक उपयोग विषय पर एक परामर्श बैठक आयोजित की। चिली के राजदूत जुआन अंगुलो एम; मोरक्को दूतावास के मिशन उप प्रमुख एराचिद अलौई मरानी; ब्राजील दूतावास के ऊर्जा प्रभाग की प्रमुख श्रीमती कैरोलिना सैटो; ब्राजील दूतावास के कृषि सहायक एंजेलो मौरिसियो भी बैठक में शामिल हुए।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इन देशों के भारतीय राजदूतों ने भी बैठक में भाग लिया। बैठक में चिली, मैक्सिको, ब्राजील, मोरक्को, ट्यूनीशिया, इटली, दक्षिण अफ्रीका और भारत जैसे विभिन्न देशों के चौदह विशेषज्ञों ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भाग लिया। भूमि संसाधन विभाग (डीओएलआर), विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव, और खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और शुष्क क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र (आईसीएआरडीए) के प्रतिनिधि और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

भारत के भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा निम्न स्तर के भूमि की श्रेणी में है। डीओएलआर को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के वाटरशेड विकास घटक (डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई) के माध्यम से कम उर्वर भूमि में सुधार करने के लिए अधिकृत किया गया है। विभिन्न प्रकार के वृक्षारोपण उन गतिविधियों में से एक है जो कम उर्वर भूमि को सुधार करने में सहायता करते हैं। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि देश के व्यापक लाभ के लिए जैव-ईंधन, भोजन, चारा और जैव-उर्वरक उत्पादन के लिए कैक्टस के उपयोग के लाभों को साकार करने के लिए कम उर्वर भूमि पर कैक्टस के रोपण के लिए विभिन्न विकल्पों का पता लगाया जाना चाहिए।

 

मंत्री ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जैव-ईंधन उत्पादन से इन क्षेत्रों के गरीब किसानों के लिए रोजगार और आय सृजन में योगदान के अलावा देश का ईंधन आयात का बोझ भी कम होगा।

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कॉलेजियम बैठक का ब्योरा मांगने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुप्रीम कोर्ट ने आरटीआई के तहत एक कॉलेजियम बैठक के विवरण का खुलासा करने की मांग वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।  याचिका में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत 12 दिसंबर, 2018 को हुई सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक का विवरण मांगा गया था। याचिका खारिज करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि कॉलेजियम बैठक की चर्चा को जनता के सामने लाया नहीं किया जा सकता है, सिर्फ कॉलेजियम के अंतिम निर्णय को वेबसाइट पर अपलोड करने की आवश्यकता है। अदालत ने कहा कि केवल अंतिम प्रस्ताव को ही निर्णय माना जा सकता है और जिस पर भी चर्चा की जाती है, वह खासकर आरटीआई अधिनियम के तहत सार्वजनिक डोमेन में नहीं होना चाहिए।

आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती देते हुए यह याचिका दायर की थी। भारद्वाज ने दिसंबर 2018 में हुई कॉलेजियम बैठक में उच्च न्यायालय के दो मुख्य न्यायाधीशों को पदोन्नति की सिफारिश करने के निर्णय को सार्वजनिक किए जाने की मांग की थी। भारद्वाज के अनुरोध को खारिज करते हुए, न्यायमूर्ति एमआर शाह की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि अनुवर्ती संकल्प 10 जनवरी, 2019 को पारित किया गया था, इससे पता चलता है कि 12 दिसंबर, 2018 की बैठक के दौरान कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया था।

 

 

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सरकार बनाने का दावा पेश करने राजभवन पहुंचे सीएम भूपेश समेत वरिष्ठ नेता...

 शिमला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हिमाचल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली जीत के बाद अब नए मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन शुरू हो गया है। बैठकों का दौर जारी है।  कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक भी बुलाई है। इसी बीच कांग्रेस नेता सरकार बनाने का दावा पेश करने राजभवन पहुंच चुके हैं। कांग्रेस नेताओं में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और हिमाचल प्रभारी राजीव शुक्ल सहित अन्य शामिल हैं, जो राजभवन पहुंचे हैं।

वहीं राज्य कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह ने कहा कि हम बैठक में मुख्यमंत्री का नाम तय करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर कोई गुटबाजी नहीं है और सभी विधायक हमारे साथ हैं। बता दें कि विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों से मुख्यमंत्री को लेकर राय जानी जाएगी। सभी की राय जानने के बाद पर्यवेक्षक अपनी रिपोर्ट हाई कमान को सौंपेंगे।

इससे पहले सूत्रों के अनुसार, खबर आई थी कि कांग्रेस पार्टी प्रचार समिति के अध्यक्ष व नादौन से विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू बीते रोजी चंडीगढ़ पहुंच गए थे। उनके साथ कुछ विधायक भी मौजूद थे। कुछ समर्थक उनके सुबह विधानसभा स्थित विधायक सदन में ही थे। बताया जा रहा है कि विधायकों के साथ है और बैठक कर शाम को होने वाली विधायक दल की बैठक के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं।

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रेलवे के निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं : अश्विनी वैष्णव

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सरकार ने स्पष्ट किया है कि रेलवे के निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि हाल के वर्षों में रेलवे भर्ती बोर्ड के माध्यम से नियुक्‍त कर्मचारियों की संख्या घट रही है और अनुबंधित कर्मचारियों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है।

एक अन्‍य प्रश्‍न के उत्‍तर में रेल मंत्री ने स्‍पष्‍ट किया कि नियमित यात्री रेलगाडि़यों को निजी और सार्वजनिक भागीदारी से चलाने की भी कोई योजना नहीं है। भारत गौरव रेलगाड़ी के बारे में उन्‍होंने कहा कि इसके लिए 15 सेवा प्रदाताओं ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। इनमें से अभी चार को यह रेलगाड़ी चलाने की अनुमति दी गयी है।

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