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भारत भूमि सुजलाम, सुफलाम रही : मोहन भागवत

 जबलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक डां मोहन भागवत संघ की दृष्टि से महाकौशल प्रांत के जबलपुर का प्रवास काफी मायनों में अहम रहा। जहां उन्होंने संघ कार्य में लगे स्वयं सेवकों से भेंट की। संचालित संघ कार्यों को देखा। वहां संगठनात्मक गतिविधियों,  सामाजिक कार्यों, प्रकल्पों तथा नूतन प्रयोगों की जानकारी ली। साथ ही राष्ट्र और समाज सेवा में प्रतिबद्ध जनों से जन संवाद कर उनके अनुभवों का लाभ लिया। इसी क्रम में सर संघचालक डां मोहन भागवत ने शनिवार को मानव भवन, जबलपुर में प्रबुद्ध जन संगोष्ठी को संबोधित किया। जो निहायत सारगर्भित, मौलिक और समयानुकुल रही।

सर संघचालक ने अपने विचारों में कहा कि, समाज में संगठन खड़ा नहीं करना है। संपूर्ण समाज को संगठित करना है। आप एक समूह में नहीं चल सकते यह आवश्यक नहीं लेकिन भारत राष्ट्र की कल्पना पश्चिम की कल्पना से अलग है। भारत भाषा, व्यापारिक हित, सत्ता, राजनैतिक विचार आदि के आधार पर एक राष्ट्र नहीं बना। भारत भूमि सुजलाम, सुफलाम रही है। भारत विविधता में एकता और वसुधैव कुटुम्बकम के तत्व दर्शन और व्यवहार के आधार पर एक राष्ट्र बना है।

उन्होंने कहा कि भाषा पूजा पद्धति के आधार पर समाज नहीं बनता। समान उद्देश्य पर चलने वाले एक समाज का निर्माण करते हैं। भारत का दर्शन ऐसा है कि किसी ने कितना कमाया उसकी प्रतिष्ठा नहीं है। इतना बांटा उसकी प्रतिष्ठा रही है। अपने मोक्ष और जगत के कल्याण के लिए जीना यह अपने समाज का दर्शन रहा है। इसी दर्शन के आधार पर अपना राष्ट्र बना है। डां भागवत ने कहा कि विविधताओं की स्वीकार्यता है। विविधताओं का स्वागत है। लेकिन विविधता को भेद का आधार नहीं बनाना है। सब अपने हैं। भेदभाव ऊंच-नीच अपने जीवन दर्शन के विपरित है। हमारा व्यवहार, मन, कर्म, वचन से सद्भावना पूर्ण होना चाहिए। हमारे घर में काम करके अपना जीवन यापन करने वाले, श्रम करने वाले भी अपने सद्भाव के अधिकारी हैं। उनके सुख दुख की चिंता भी हमें करनी चाहिए।

आगे कहा, प्रकृति से इतना कुछ लेते हैं तो वृक्षारोपण, जल संरक्षण करना ही चाहिए। नागरिक अनुशासन का पालन करना चाहिए। अपने कर्तव्य पालन को ही धर्म कहा गया है। धर्म यानी पूजा पद्धति नहीं है। डां भागवत ने कहा कि इस तत्व  दर्शन के आधार पर जीते हुए ज्ञान, विज्ञान, शक्ति, समृद्धि की वृद्धि करने का रास्ता अपने ऋषियों ने दिखाया है। धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की बात सभी तरह के संतुलन की बात हमारी संस्कृति है। सब को अपनाने वाला दर्शन ही हिंदुत्व है। संविधान की प्रस्तावना भी हिंदू की ही मूल भावना है।

वस्तुत: डां मोहन भागवत का व्यक्तव मातृभूमि समर्पण, राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता, संगठनशीलता, जनसरोकार, सर्व धर्म समभाव, स्वाभिमान, जीवन दर्शन और हिंदुत्व एक जीवन पद्धति समेत विभिन्न पहलुओं को भारतीयता पूर्ण समेटा हुआ था। प्रासंगिक संघ, सर संघचालक के दूरदर्शी मंतव्य राष्ट्र के वैभव, बलिदानियों का ध्येय, प्रकृति संरक्षण व संवर्धन और नवाचार के निहितार्थ सार्थक रहेगा।

 

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गुजरात की जनता ने अभूतपूर्व जीत का फैसला कर लिया : प्रधानमंत्री मोदी

 अहमदाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गुजरात विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही सभी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे जोश के साथ प्रचार में जुटे हुए हैं। रविवार को उन्होंने बोटाद जिले में एक रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह चुनाव न  केवल अगले पांच वर्षों के लिए है, बल्कि यह तय करेगा कि गुजरात 25 वर्षों बाद कैसा दिखेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, हर तरफ एक ही बात सुनने को मिल रही है फिर एक बार मोदी सरकार..गुजरात की जनता ने अभूतपूर्व जीत दिलाने का फैसला कर लिया है। मोदी ने कहा, चुनाव का मुद्दा विकास है। विकास को मुद्दा बनाने का काम गुजरात करता है। उन्होंने आगे कहा, भारत की राजनीति में भाजपा ने विकास की पहल की। इसने भारत के सभी राजनीतिक दलों को चुनावों में विकास की बात करने पर मजबूर कर दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने के लिए भाजपा सरकार की सराहना की गई है। इसने मानवता की बहुत बड़ी सेवा की है।

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रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी ने दी श्रद्धांजलि

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिटिश सेना के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाली झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को उनकी जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र के लिए उनके साहस और अतुलनीय योगदान को कभी भी भूलाया नहीं जा सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'रानी लक्ष्मीबाई को उनकी जयंती पर याद कर रहा हूं। हमारे राष्ट्र के लिए उनकी प्रतिष्ठा और महत्वपूर्ण योगदान को कभी नहीं भूलाया जा सकता। वह औपनिवेशिक शासन के उनके प्रभाव के विरोध के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।'

 
 

साथ ही पीएम मोदी ने ट्विटर पर कुछ फोटो भी साझा की हैं। पिछले साल इसी दिन लक्ष्मीबाई की जयंती मनाने के दौरान वह झांसी दौरे पर थे। इन फोटो में पीएम मोदी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल दिखाई दे रहीं हैं।

 


बता दें कि लक्ष्मीबाई औपनिवेशिक शासन के खिलाफ 1857 के विद्रोह की लड़ाई में शामिल हुईं थीं। 1857 की लड़ाई भारत की स्वतंत्रता के पहले युद्ध के रूप में भी जाना जाता है। रानी लक्ष्मीबाई ने अपने राज्य पर कब्जा करने के प्रयासों का विरोध करने के लिए ब्रिटिश सेना से बहादुरी से लड़ते हुए अपने जीवन का बलिदान कर दिया था।

'झांसी की रानी' के नाम से भी है जाना जाता
रानी लक्ष्मीबाई, जिन्हें 'झांसी की रानी' के नाम से जाना जाता है। वह महिला सशक्तिकरण की प्रतीक हैं और भारत के अब तक के सबसे महान स्वतंत्रता सेनानियों में से एक हैं। झांसी की रानी को अपने साहस, सम्मान और देशभक्ति के को लेकर इतिहास के पन्नों में पढ़ा जाता है।

'खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी'। यह सुभद्रा कुमारी चौहान द्वारा लिखी गई कविता की यह महाकाव्य पंक्ति बताती है कि कैसे झांसी की रानी ने ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ साहसपूर्वक लड़ाई लड़ी और भारतीय इतिहास पर एक पथ-प्रदर्शक-प्रभाव छोड़ा।
 

 

 

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पत्नी ने पैर दबाने से किया इंकार, तो पति को आया गुस्सा, और फिर...

 जहानाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिहार के जहानाबाद में एक सनकी पति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। आरोपी ने पत्नी को पैर दबाने के लिए कहा था। पत्नी ने पैर दबाने से इंकार किया तो पति आगबबूला हो गया। उसने लकड़ी के पीढा से पीट-पीटकर हत्या कर दी।


मामला मखदुमपुर थाना क्षेत्र के छकोरी बीघा गांव का है। आरोप है कि गांव के मुन्ना शर्मा ने अपनी पत्नी को पैर दबाने के लिए कहा। पत्नी ने तबीयत खराब होने का हवाला देकर पैर दबाने से मना कर दिया। पत्नी की बात सुनकर पति ने लकड़ी के बने पीढे से उसके सिर पर प्रहार करना शुरू कर दिया। गंभीर रूप से घायल रिंकी देवी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

 
 



पड़ोसी और स्थानीय लोगों ने वारदात की जानकारी मृतका के मायके में दी। सूचना पर आननफानन में परिजन बेटी के घर आए। फिर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि परिजनों का कहना है कि मुन्ना शुरू से ही सनकी प्रवृत्ति का था। उसका इलाज भी चल रहा है।

 



दूसरी ओर मृतका रिंकी देवी के परिजन ने बताया कि पहले भी आरोपी उनकी बेटी के साथ मारपीट करता था। कई बार इसके बारे में आपसी में समझौता भी हुआ था लेकिन वह अपनी आदत से लाचार था। इसी के कारण इस घटना को अंजाम दिया है। पुलिस मुन्ना कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

 

 

 
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पिंजरे से बाहर आते ही 'ओबान' ने पहले माहौल देखा, फिर लगाई दौड़...

 कूनो (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पिंजरे से बाहर आते ही पहले 'ओबान' ने पहले तो स्थिति का जायजा लिया, इसके बाद उसने दौड़ लगा दी। नामीबिया से पहुंचे 8 चीतों में से 2 नर चीतों को पहले छोड़ा जा चुका है, इसके बाद शुक्रवार को तीसरे नर चीते 'ओबान' को रिलीज किया गया। अधिकारी उसकी गतिविधियों को मॉनीटर कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह दो नर चीते अब कूनो के माहौल में रच-बस गए हैं, यह चीता भी माहौल में ढल जाएगा।


प्रोजेक्ट चीता के तहत नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर 17 सितंबर को श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। उन्हें अलग-अलग क्वारंटाइन बाड़ों में रखा गया था। अब धीरे-धीरे उन्हें बड़े बाड़ों में छोड़ा जा रहा है। अब तक 3 नर चीतों को बड़े बाड़े में छोड़ा गया है। मध्यप्रदेश के पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) जसवीर सिंह चौहान की मौजूदगी में तीसरे चीते को बड़े बाड़े में छोड़ा गया। इस चीते का नाम 'ओबान' है। इससे पहले पांच नवंबर को फ्रेडी और एल्टन नाम के दो सगे भाइयों को भी बड़े बाड़े  में रिलीज किया गया था। दोनों ही चीते अब कूनो नेशनल पार्क के माहौल में रच-बस गए हैं। चीतल का शिकार कर रहे हैं और उछल-कूद करते देखे जा रहे हैं।

 
 
 



पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ जसवीर सिंह चौहान गुरुवार शाम को कूनो पहुंचे। उन्होंने शुक्रवार सुबह सीसीएफ उत्तम शर्मा और डीएफओ पीके वर्मा के साथ बाड़े का निरीक्षण किया। स्थितियों का आंकलन कर संतुष्टि जाहिर की। इसके बाद एक नर चीता को बड़े बाड़े में छोड़ने का निर्णय लिया गया। इसके बाद शुक्रवार को छोटे बाड़े से निकालकर तीसरे नर चीता को बड़े बाड़े में छोड़ा गया। उसकी दिनभर मॉनिटरिंग की गई, जिसमें पाया गया कि चीते ने बड़े बाड़े में दिनभर न केवल उछलकूद की, बल्कि खूब दौड़ भी लगाई।

अब पांच मादा चीता ही रह गए हैं क्वारंटाइन
प्रोजेक्ट चीता के तहत आठ चीतों को नामीबिया से भारत लाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर को आठ चीतों को क्वारंटाइन बाड़े में छोड़ा था। इन आठ चीतों में तीन नर है और पांच मादा। एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप पर किसी जानवर को बसाने की यह दुनिया की पहली योजना है। इस पर पूरी दुनिया की नजर है। कूनो में इन चीतों को बीमारियों से बचाने के लिए एक महीने तक क्वारंटाइन रखने की योजना थी। इसके बाद उन्हें बड़े बाड़े में छोड़ा जाना था। हालांकि, बाद में फैसला हुआ कि इन्हें धीरे-धीरे छोड़ा जाएगा। चीता टास्क फोर्स इन चीतों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। उसको ही क्वारंटाइन बाड़ों में रह रही मादा चीतों को बड़े बाड़े में छोड़ने का फैसला भी लेना है। माना जा रहा है कि इसी महीने यह कदम उठाया जाएगा।

दो चीते ढल चुके हैं कूनो के माहौल में
कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ प्रकाश कुमार वर्मा ने बताया कि शुक्रवार रात को तीसरे नर चीते को छोड़े बाड़े से बड़े बाड़े में छोड़ा गया है। जिन दो चीतों को पांच नवंबर को रिलीज किया गया था, वह कूनो नेशनल पार्क के वातावरण में ढल चुके हैं। उन्होंने दो-तीन चीतलों का शिकार भी मिलकर किया है। पीसीसीएफ जेएस चौहान की मौजूदगी में शुक्रवार को तीसरा नर चीता भी बीते रोज बड़े बाड़े में छोड़ दिया है।

 

 

 
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काशी और तमिल संस्‍कृति प्राचीन और गौरवपूर्ण है : नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने किया काशी-तमिल संगमम का उद्घाटन

 वाराणसी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को महामना की बगिया काशी हिंदू विश्वविद्यालय के एंफीथिएटर परिसर में माहपर्यंत चलने वाले "काशी-तमिल संगमम का शुभारंभ किया। वे तमिलनाडु से पहुंचे नौ प्रमुख धर्माचार्यों का सम्मान करेंगे। साथ ही तमिलनाडु से आए छात्रों से संवाद करेंगे। पीएम मोदी आज साउथ इंडियन ड्रेस में दिखाई दे रहे हैं। ऐसी ही ड्रेस उन्होंने चीन के राष्ट्रपति के भारत दौरे के दौरान पहनी थी।

पीएम मोदी ने हर-हर महादेव, वणक्‍कम काशी, वणक्‍कम तमिलनाडु के साथ सभी का स्‍वागत किया। कहा कि मेरी काशी में पहुंचे सभी अतिथियों का विशेष स्‍वागत हैं। हमारे देश में संगमों की बड़ा महत्‍व रहा है। नदियों, विचारों और सांस्‍कृतियों का संगम रहा है। इन्‍हीं संगमों का आयोजन काशी तमिल संगमम है। यह आयोजन विशेष और खास है।

 
 

उन्होंने कहा- काशी और तमिल संस्‍कृति प्राचीन और गौरवपूर्ण है। धार्मिक रूप में दोनों में समानता है। काशी में बाबा विश्‍वनाथ और तमिल में रामेश्‍वरम है। एक ही चेतना अलग-अलग रूपों देखने को मिलता है। संगीत, साहित्‍य में एकरुपता है। बनारसी साड़ी और कांजीवरम का विशेष महत्‍व है। काशी और तमिलनाडु में कई महान विभूतियों का जन्‍म हुआ जिन्‍होंने समाज को दिशा दी। एक देश की यही परंपरा है।

 



काशी व तमिलनाडु दोनों ही शिवमय है। शक्तिमय है। काशी व कांची, इनकी सप्तपुरियों में महत्ता है। काशी व तमिलनाडु दोनों ही संस्कृति व कला के लिए जाने जाते हैं। दोनों भारतीय आचार्यों की धरा है।

इनमें एक जैसी ऊर्जा के दर्शन कर सकते हैं। आज भी तमिल विवाह परंपरा में काशी यात्रा को जोड़ा जाता है। यह तमिल दिलों में काशी के लिए अविनाशी प्रेम।

काशी भ्रमण करेंगे तो देखेंगे हनुमान घाट पर काशीकामकोटिश्वर पंचायतन : पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कह कि काशी भ्रमण करेंगे तो देखेंगे हनुमान घाट पर काशीकामकोटिश्वर पंचायतन है। केदारघाट पर दो सौ साल पुराना कुमार स्वामी मठ है। सदियों से तमिलनाडु के लोग रहते हैं जिन्होंने काशी के निर्माण में योगदान किया। तमिलनाडु की एक और महान विभूति सुब्रह्मण्य वर्षों तक काशी में रहे। मिशन कालेज, जयनारायण कालेज में बढ़े। काशी से ऐसे जुड़े की यहां की पहचान से जुड़ गए। बीएचयू ने उनके नाम से पीठ स्थापित की काशी तमिल संगमम का आयोजन तब हो रहा है जब भारत ने अपने आजादी के अमृत काल में प्रवेश किया है। हमें आजादी के बाद हजारों वर्षों की परंपरा, विरासत को मजबूत करना है। लेकिन इसके लिए प्रयास नहीं किए गए। संगमम इस संकल्प को ऊर्जा देगा।

काशी तमिल संगमम पर आधारित लघु फिल्म और दो पुस्तकों का विमोचन
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर काशी तमिल संगमम पर आधारित लघु फिल्म के अलावा काशी तमिल को जोड़ने वाली दो पुस्तकों का विमोचन भी किया। काशी तमिल संगमम के इस आयोजन में सांस्कृतिक समूहों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

उद्घाटन समारोह में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल मुरुगन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद इलैयाराजा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री  धर्मेंद्र प्रधान, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सहित कई गणमान्य हस्तियां मौजूद थी।

इससे पूर्व यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंच पर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का स्‍वागत और अभिनंदन किया। तमिल भाषा में आए सभी अतिथियों का स्‍वागत किया गया। इस दौरान सीएम योगी ने तमिलनाडु से आए अतिथियों और अधीनम का स्‍वागत किया। मुख्यमंत्री योगी ने वणक्कम किया। कहा, विश्वेश्वर की पवित्र धरा पर रामेश्वर की पवित्र धरा से पधारे अतिथियों का स्वागत है। काशी में तमिल कार्तिक मास की अवधि में काशी तमिल संगमम का आयोजन किया जा रहा है। काशी में उत्तर दक्षिण का संगम हो रहा है। प्राचीन रिश्ता पुनर्जीवित किया जा रहा है।

काशी के साथ ही प्रयाग और अयोध्या का भ्रमण करेंगे
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तमिल और काशी के बीच संबंध बहुत पुराना है। धर्म, संस्‍कृत‍ि और शिक्षा की यह दो नगरी बहुत खास है। आजादी के अमृत काल महोत्‍सव को यह आयोजन जीवंत कर रहा है। काशी तमिल संगमम से तमिलनाडु से छात्र, शिक्षक, साहित्य, नवाचार, व्यवस्था, धर्माचार्य व संस्कृति आदि क्षेत्रों से समूह आएंगे। काशी के साथ ही प्रयाग व अयोध्या का भ्रमण करेंगे। काशी तमिल संगमम से तमिलनाडु से छात्र, शिक्षक, साहित्य, नवाचार, व्यवस्था, धर्माचार्य व संस्कृति आदि क्षेत्रों से समूह आएंगे। काशी के साथ ही प्रयाग व अयोध्या का भ्रमण करेंगे।

महादेव की नगरी में उत्तर व दक्षिण की संस्कृतियों के मिलन के साक्षी काशीवासी संग तमिलनाडु के नौ रत्नों की भांति इस कार्यक्रम में मौजूद नौ शैव धर्माचार्य (अधीनम), दक्षिणी के विभिन्न कालेज व विश्वविद्यालय के 216 स्टूडेंट, जाने माने कलाकार व विशिष्टजन शमिल।

इस कार्यक्रम में तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डा. एल मुरुगन, तमिलनाडु महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वनाथी श्रीनिवासन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई, समेत कई केंद्रीय, तमिलनाडु व उत्तर प्रदेश के मंत्री मौजूद रहे।

 

 

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छात्रसंघ चुनाव में चली गोली, पत्रकारों को भी पीटा, पुलिस ने भांजी लाठियां...

 पटना (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिहार की राजधानी पटना में शनिवार को छात्रसंघ चुनाव के दौरान गोलीबारी की घटना हुई। वहीं पत्रकारों को भी निशाना बनाया गया। हंगामा बढ़ने के बाद जब पुलिस पहुंची तो उनपर भी पथराव किया गया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज के उपद्रवियों को खदेड़ा।

पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान के दौरान फायरिंग की गई। मतदान सुबह आठ बजे से शुरू हुआ, जो दोपहर दो बजे तक चला। मतदान से थोड़ी देर पहले पटना कालेज के गेट पर पांच से छह राउंड फायरिंग होने से दहशत फैल गई। फायरिंग का आरोप पटेल छात्रावास में रहने वाले लड़कों पर लग रहा है। वारदात में कुछ छात्र घायल भी हुए हैं।

पटेल छात्रावास और जैक्‍सन छात्रावास के बीच मारपीट और संघर्ष के दौरान यह सब हुआ है। घटनाक्रम को कवर करने गए पत्रकारों पर भी हमला कर दिया गया। एक अखबार के फोटोग्राफर का कैमरा तोड़ दिया गया। हंगामा शांत करने पुलिस पर पथराव किया गया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ा गया। 

देर रात तक आ जाएंगे नतीजे
पटना विश्‍वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में कुल 24,395 छात्र-छात्राओं को मतदान का अधिकार मिला था। इनमें कितने लोगों ने मत का इस्‍तेमाल किया, यह थोड़ी देर में सामने आ जाएगा। पांच केंद्रीय पैनल और 26 काउंसलर पद के लिए चुनाव के नतीजे भी आज ही देर रात तक आ जाएंगे।

हर छात्र को कुल छह वोट डालने का मौका मिला। इनमें पांच केंद्रीय पैनल और एक काउंसलर का पद शामिल है। मतदान के लिए कालेजों और संकाय मिला कर कुल 51 मतदान केंद्र बनाए गए थे। पटना वीमेंस कालेज में 5355 मतदाता हैं। यहां सात मतदान केंद्र बनाए गए थे। मगध महिला कालेज में 3488 मतदाता हैं। यहां आठ मतदान केंद्र गए थे। कालेज आफ आर्ट एंड क्राफ्ट में 221 मतदाता हैं। यहां एक मतदान केंद्र बनाया गया था।

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महज 12 रुपए में अमेजन-फ्लिपकार्ट को चूना लगा रहा था युवक, गया जेल...

 पटना (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिहार राज्य में अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक युवक महज 12 रूपए देकर कई कंपनियों को कैशबैक की चपत लगा रहा था। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने साइबर ठगी के नए तरीके का पर्दाफाश करते हुए बेतिया के चनपटिया थाना अंतर्गत चौबेटोला से 28 वर्षीय साइबर अपराधी पिंटू कुमार को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 14 मोबाइल सेट, 19 मोबाइल सिम, एक पासबुक, दो डेबिट कार्ड और पांच चेकबुक बरामद किए गए हैं। आरोपी युवक अनजान नंबर से ऐप डाउनलोड कर अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों को कैशबैक की चपत लगा रहा था।

ऐप क्लोनर प्रो से कर रहा था खेल
ईओयू के अनुसार, पिंटू कुमार अपने मोबाइल में ऐप क्लोनर प्रो ऐप का इस्तेमाल कर अमेजन, फ्लिपकार्ट, मोबीक्विक, स्नैपडील जैसी ई-कामर्स वेबसाइट का क्लोन ऐप बनाकर डाउनलोड कर लेता था। इसके बाद आटो बाय ओटीपी वेबसाइट का इस्तेमाल कर किसी भी अनजान मोबाइल नंबर को डालकर ओटीपी प्राप्त कर लेता था।

ओटीपी के बदले उसे 12 रुपये वेबसाइट को देने पड़ते थे। यानी वह दूसरे के मोबाइल नंबर से अपने मोबाइल सेट पर ई-कामर्स वेबसाइट का ऐप डाउनलोड कर उसका इस्तेमाल करता था। इसके बाद वह अनजान नंबर से ई-कामर्स वेबसाइट से सामान का आर्डर कर या पेमेंट कर पहले आर्डर पर मिलने वाला कैशबैक हासिल कर लेता था। क्लोनिंग व ओटीपी के जरिए वह एक साथ कई लोगों के नंबर का इस्तेमाल कर यह फायदा उठा रहा था। ईओयू ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

 
 

डीजीपी एसके सिंघल के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर जाली वाट्सऐप बनाने और आम जनता के मोबाइल नंबर से फर्जी तरीके से ओटीपी प्राप्त करने के आरोपित को गिरफ्तार किया गया। आर्थिक अपराध इकाई ने बेतिया जिला के चनपटिया निवासी पिंटू कुमार को गिरफ्तार कर शुक्रवार को विशेष अदालत में पेश किया। विशेष अदालत ने आरोपित को 30 नवंबर तक के लिए जेल भेज दिया। आर्थिक अपराध इकाई ने 26 सितंबर को मामला दर्ज किया था।

 

 

 

 

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बंद हुए बद्रीनाथ के कपाट, ख़त्म हुई चारधाम यात्रा...

 बद्रीनाथ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बद्रीनाथ धाम के कपाट शनिवार को अपराहन 3 बजकर 35 मिनट पर विधि विधान से शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। इस मौके पर करीब 10000 तीर्थ यात्रियों ने अंतिम पूजा में प्रतिभाग किया।


अंतिम दिन सेना के मधुर बैंड की धुनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। कपाट बंद होने के बाद कुबेर और उद्धव जी की उत्सव मूर्ति डोली बामणी गांव के लिए रवाना हुई। इस मौके पर ज्योतिर्माठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय भी मौजूद रहे। इस वर्ष 17 लाख 60 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम के दर्शन किए, जो अब तक का रिकॉर्ड है।

 

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि माणा गांव की महिला मंगल दल की महिलाओं की ओर से तैयार किए गए घृत कंबल (घी में भिगोया ऊन का कंबल) को भगवान बदरीनाथ को ओढ़ाया गया।

 


बद्रीनाथ धाम से पहले ही केदारनाथ धाम के कपाट बंद हो चुके हैं। केदारनाथ धाम के कपाट 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर बंद हुए थे। इसी के साथ ही गंगोत्री धाम के कपाट 26 अक्टूबर दोपहर 12 बजकर 1 मिनट पर बंद हुए थे और यमुनोत्री धाम के कपाट भी 27 अक्टूबर को ही बंद हुए थे।

 


 कपाट बंद होने का माहौल अत्यंत धार्मिक मान्यताओं, परंपराओं के साथ हुआ। कपाट बंद होने के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूरे भक्ति भाव से भगवान बद्री विशाल के दर्शन किए। मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी ने बताया कि इस वर्ष 17 लाख 60 हजार, 649 श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल के दर्शनों के लिए बद्रीनाथ पहुंचे।

 

 

 
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छात्राओं ने लगाया था उत्पीड़न का आरोप... शिक्षक निलंबित, एफआईआर के भी निर्देश...

 हरिद्वार (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उत्तराखंड में हरिद्वार के पन्ना लाल भल्ला इंटर कॉलेज के शिक्षक पर एक छात्रा के साथ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करने के आरोप जांच में सही पाए गए हैं। जिसके बाद नगर आयुक्त ने आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया है। साथ ही कॉलेज के प्रधानाचार्य को आरोपी शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 अगस्त को हरिद्वार के भल्ला इंटर कॉलेज की एक छात्रा और उसकी सहेली ने शिक्षक सुनील आर्य पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। बकायदा छात्रा ने साक्ष्य सहित लिखित शिकायत प्रधानाचार्य से की थी। जिसका संज्ञान लेते हुए प्रधानाचार्य ने शिक्षक से स्पष्टीकरण भी मांगा था।

 
 
मामले के सामने आने के बाद प्रधानाचार्य ने स्कूल प्रबंधक और नगर आयुक्त को लिखित रूप से पूरे मामले से अवगत कराया। जिस पर स्कूल प्रबंधक एवं नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कमेटी गठित की। जांच कमेटी के सदस्य के रूप में सहायक नगर आयुक्त, कर एवं राजस्व निरीक्षक को नामित किया गया।

इसके बाद 2 महीने तक सभी पहलुओं पर गंभीरतापूर्वक जांच और परखने पर शिक्षक सुनील आर्य पर लगे आरोप सही पाए गए। मामले में हरिद्वार नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती ने बुधवार को आरोपी शिक्षक सुनील आर्य को निलंबित कर दिया। साथ ही भल्ला कॉलेज के प्रधानाचार्य को आरोपी शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए।

 

 

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संसद का शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से, 17 बैठकें होंगीं

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। संसद का शीतकालीन सत्र इस साल 7 दिसंबर से 29 दिसंबर तक चलेगा। आगामी शीतकालीन सत्र में कुल 17 कार्य दिवस होंगे। इसकी जानकारी केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दी।

केंद्रीय मंत्री ने एक ट्विटर पोस्ट में कहा, संसद का शीतकालीन सत्र, 7 दिसंबर से शुरू होगा और 29 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें 23 दिनों में 17 बैठकें होंगी। अमृत काल के बीच सत्र के दौरान विधायी कार्य और अन्य मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है। रचनात्मक बहस के लिए हम तैयार हैं।

 
 
 
 
 
 
 

मौजूदा सदस्यों के निधन के मद्देनजर आगामी सत्र का पहला दिन स्थगित होने की संभावना है। हाल ही में जिन मौजूदा सांसदों का निधन हुआ है उनमें समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव भी शामिल हैं।

 
 
 
 
 

सूत्रों का यह भी कहना है कि चूंकि कोविड की संख्या में काफी गिरावट आई है और लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय के अधिकांश सदस्यों और कर्मचारियों का पूरी तरह से टीकाकरण हो चुका है, इसलिए सत्र बिना किसी बड़े कोविड-प्रेरित प्रतिबंधों के आयोजित होने की संभावना है।

 
 
 
 
 

यह पहला सत्र होगा, जिसके दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, जो राज्यसभा के सभापति हैं, उच्च सदन में कार्यवाही का संचालन करेंगे। सरकार आगामी सत्र के दौरान पारित होने वाले विधेयकों की एक सूची तैयार करेगी, जबकि विपक्ष जरूरी मामलों पर चर्चा की मांग करेगा।

 
 
 
 
 

बता दें कि मानसून सत्र 18 जुलाई को शुरू हुआ था और 8 अगस्त को स्थगित हुआ था। इस सत्र में 22 दिनों की अवधि में 16 सत्र हुए थे। सत्र के दौरान लोकसभा में छह विधेयक पेश किए गए। पिछले सत्र के दौरान सात विधेयक लोकसभा और पांच विधेयक राज्यसभा द्वारा पारित किए गए। एक विधेयक वापस ले लिया गया। सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयकों की कुल संख्या 5 थी।

पिछले सत्र के दौरान, दोनों सदनों में मूल्य वृद्धि सहित 5 अल्पकालिक चर्चाएँ रखी गईं। लोकसभा की उत्पादकता लगभग 48 प्रतिशत और राज्यसभा की 44 प्रतिशत थी।

 

 

 

 

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हादसे का शिकार हुई चिकित्सा शिक्षा मंत्री की कार, ट्रक ने मारी टक्कर...

 भोपाल (वीएनएस)। गुजरात के कांकरेज में कार्यकर्ताओं की बैठक से लौटते समय भिलडी में मध्‍य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग की कार दुर्घटनाग्रस्‍त हो गई। उनकी कार को रांग साइड से आ रहे एक ट्रक ने टक्कर मार दी। गनीमत रही कि टक्‍कर ज्‍यादा जोरदार नहीं थी। इस हादसे में मंत्री सारंग बाल-बाल बच गए। टक्‍कर की वजह से कार की साइट का हिस्‍सा पिचक गया।


मंत्री सारंग गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान अपने प्रभार वाले जिले कांकरेज में कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गौरतलब है कि भाजपा संगठन ने गुजरात के बनासकांठा जिले की 4 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी उन्‍हें सौंपी है। वह पिछले कुछ दिनों से गुजरात के चुनाव प्रचार संबंधी गतिविधियों में व्‍यस्‍त हैं। यहां गलत दिशा से आ रहे ट्रक ने मंत्री सारंग की इनोवा को टक्कर मार दी। घटना में इनोवा के बाएं तरफ के दोनों दरवाजे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। बड़ी मुश्किल से दरवाजे खोलकर मंत्री विश्वास सारंग को बाहर निकाला गया।

 



दरअसल, गुजरात विधानसभा चुनाव में एमपी के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन ने उन्हें बनासकांठा जिले की चार विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी है। बीते कई दिनों से वह बीजेपी प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार करने के साथ-साथ ही बीजेपी कार्यकर्ताओं की बैठक भी ले रहे हैं। शनिवार को भी मंत्री विश्वास सारंग कांकरेज विधानसभा सीट में कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान भीलड़ी में गलत दिशा से आ रहे एक ट्रक ने मंत्री सारंग की इनोवा को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मंत्री सारंग सहित कार में मौजूद लोग उसी में फंस गए थे। बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए कार के गेट खुल नहीं रहे थे। बाद में किसी तरह से मंत्री सहित सभी को कार से सकुशल बाहर निकाला।



मामला इसलिए भी गंभीर बताया जा रहा है कि क्योंकि ट्रक से ठीक उसी जगह टक्कर मारी गई, जहां मंत्री विश्वास सारंग बैठे हुए थे। टक्कर से बाद सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी हरकत में आए और ट्रक को रुकवाया गया। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है और ट्रक ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है।



घटना के बाद मंत्री विश्वास सारंग ने सोशल मीडिया के जरिए खुद के सकुशल होने की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, ''गुजरात प्रवास पर अपनी प्रभार विधानसभा कांकरेज से पालनपुर जाते वक्त मेरी कार दुर्घटनाग्रस्त हुई है। मैं और मेरी कार में सवार सभी लोग पूरी तरह से सकुशल हैं। फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से फिक्र करने वाले सभी शुभचिंतकों का आभार। भगवान की कृपा से हम सब सुरक्षित हैं।'

 

 

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मीडिया और मनोरंजन उद्योग को अपने कंटेंट का स्‍व-नियमन करने का पीयूष गोयल ने किया आह्वान

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मीडिया और मनोरंजन उद्योग को अपने कंटेंट का स्‍व-नियमन करने का आह्वान किया है। उन्‍होंने कहा कि स्‍व-नियमन के अभाव में समाज, सरकारी हस्‍तक्षेप की मांग करेगा। भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित बिग पिक्‍चर समिट 2022 के समापन सत्र को सम्‍बोधित करते हुए श्री गोयल ने कहा कि देश में शूटिंग के लिए अनुमति देने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाना चाहिए और इसके लिए सिंगल विंडो प्रणाली स्‍थापित की जानी चाहिए।

उद्योग मंत्री ने कहा कि मीडिया और मनोरंजन उद्योग  गेमिंग जैसे नवीन मनोरंजन माध्‍यमों का कड़ा परीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि बैट्टिंग प्‍लेटफॉर्म और ऐसे अन्‍य क्षेत्रों में युवाओं को किस हद तक शामिल होने की अनुमति दी जाए। उन्‍होंने बल दिया कि इस बात का ध्‍यान रखने की जरूरत है कि यह नवीन मनोरंजन मॉडल, भारतीय संस्‍कृति पर प्रतिकूल प्रभाव न डालें।

 

श्री गोयल ने कहा कि मीडिया और मनोरंजन क्षेत्रों में विकास सुनिश्चित करने के लिए कानूनी ढांचे को आधुनिक बनाना जरूरी है। उन्‍होंने कहा कि भारत में क्षमता है और वह विश्‍व के लिए भी कंटेंट का निर्माता बन सकता है।

 

 

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जवाबदेही और पारदर्शिता लोकतांत्रिक प्रगति के लिए जरूरी : उपराष्ट्रपति

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जवाबदेही और पारदर्शिता को सहचर बताया जो हमारी लोकतांत्रिक प्रगति को बनाए रखने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवा वितरण में जवाबदेही सुशासन के लिए सर्वोत्कृष्ट है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

नई दिल्ली में कैग कार्यालय में दूसरे लेखापरीक्षा दिवस समारोह का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इन मूल्यों को सुनिश्चित करने में कैग की महत्वपूर्ण भूमिका है; अन्यथा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और अक्षमता आ जाएगी। लेखापरीक्षा को सुशासन का एक शक्तिशाली और अपरिहार्य उपकरण बताते हुए, श्री धनखड़ ने आगाह किया कि लेखापरीक्षा की अनुपस्थिति या अक्षम लेखापरीक्षा से सिस्टम में गिरावट आएगी।

 

उन्होंने सरकारी संस्थाओं द्वारा लंबे समय तक बड़े पैमाने पर सार्वजनिक धन प्रदान नहीं किए जाने वाले उपयोगिता प्रमाणपत्रों के उदाहरणों पर कैग द्वारा अधिक ध्यान केंद्रित करने का भी आह्वान किया। यह देखते हुए कि भारत का कैग वर्षों से विभिन्न संयुक्त राष्ट्र (यूएन) संगठनों का बाहरी लेखा परीक्षक रहा है, श्री धनखड़ ने वैश्विक सर्वोत्तम पहलों के साथ एक मजबूत लेखा परीक्षा संगठन के रूप में अपनी प्रतिष्ठा स्थापित करने के लिए कैग की प्रशंसा की।

 

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कैग के बढ़े हुए सक्रिय रुख के साथ, सरकारी योजनाओं की दक्षता और निगरानी और पहुंच में सुधार होना तय है। उन्होंने कहा, राजकोषीय भ्रष्टाचारों का समय पर पता लगाना और प्रभावी परिणामी सुधार तंत्र सीएजी के अनिवार्य दायित्व हैं। हमारे सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए विश्वसनीय प्रणालियों को लगातार बढ़ाने का आह्वान करते हुए, उपराष्ट्रपति ने इस बात पर प्रकाश डाला कि स्व-लेखापरीक्षा करना फलदायी होगा।

 

 
 
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ट्रेन में चढ़ रहे फौजी को टीटीई ने दिया धक्का, दोनों पैर कटे...

 बरेली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। यूपी के बरेली में ट्रेन में चढ़ रहे एक फौजी को टीटीई ने धक्का दे दिया, जिससे वह चलती ट्रेन से गिर गया और उसके दोनों पैर काट गए। बरेली जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 2 पर घटी इस घटना में गुस्साए फौजियों ने टीटीई की धुनाई कर दी। घटना के बाद जहां ट्रेन में तैनात दिल्ली का टीटीई मोबाइल स्विच कर फरार हो गया, वहीं सेना के जवानों ने जमकर हंगामा करते हुए ट्रेन को रुकवा दिया। घटना में घायल जवान को साथियों ने आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया हैं।


राजधानी एक्सप्रेस को रोके जाने व सेना के जवान को धक्का देने की खबर पाते ही जीआरपी आरपीएफ सहित रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इधर, उन्होंने हंगामा कर रहे जवानों को समझा बुझाकर शांत कराया। जिसके बाद रेलवे अधिकारियों ने करीब एक घंटे देरी से ट्रेन को गंतव्य स्थान के लिए रवाना कर दिया।



जानकारी के अनुसार डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में कोच नंबर B-8 में चढ़ रहे फौजी को टीटी ने धक्का मार दिया,जिससे प्लेटफार्म नंबर दो और ट्रेन के बीच के गैप में फंसने से फौजी का एक पैर पूरी तरह से कट गया, जबकि उसका दूसरा पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलने पर प्लेटफार्म नंबर एक पर एमसीआओ (सेना का कार्यालय) पर तैनात फौजी मौके पर पहुंचे और दूसरे टीटीई को पीट दिया। वहीं कुछ फौजियों ने घायल फौजी को सेना के अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है, वही सूचना मिलने पर सेना पुलिस के लेफ्टिनेंट कर्नल विजय तंवर, एमसीओ लेफ्टिनेंट कर्नल अजय भी मौके पर पहुंचे।

बलिया के थाना हल्दी के गांव भरसोता के जवान सोनू कुमार (30) ट्रेन में सफर कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वह लखनऊ से दिल्ली को थर्ड एसी कोच में चढ़ा। जवान बरेली जंक्शन पर पानी लेने के लिए उतरा था। कुछ ही देर के बाद ट्रेन चल दी। कोच में चढ़ते समय उनकी टीटीई से कुछ कहासुनी हो गई।

घायल सोनू का आरोप है, टीटीई ने उसे ट्रेन में चढ़ने से रोका। उनके साथ मारपीट की। चलती ट्रेन से धक्का दिया था। जिसकी वजह से वह ट्रेन से गिर गया। उसके दोनों पैर कट गए। घटना की जानकरी पर ट्रेन में सवार सेना के अन्य जवान ट्रेन से नीचे उतर आए। घटना से आक्रोशित सेना के जवानों ने ट्रेन के अन्य टीटीई को पीट दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे टीटीई को भी पीट दिया।

बरेली जंक्शन पर एमसीओ कार्यालय से सेना कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। कुछ ही देर में सेना की बटालियन बरेली जंक्शन पर पहुंच गई। कई बिग्रेडियर, लेफ्टीनेट और आर्मी के जवान पहुंच गए। प्लेटफार्म पर ही सेना के अफसरों ने घायल जवान सोनू के बयान रिकार्ड किए। इसके बाद उसे मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हालांकि सेना के जवानों ने मौके से टीटीई उप्पल बोरो को हिरासत में लिया है। एक साथी टीटीई भागने में सफल हो गया। जीआरपी में तैनात अतिरिक्त निरीक्षक अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि सबसे पहले घायल जवान सोनू कुमार को सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।

 

 

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फारूक अब्दुल्ला ने छोड़ा नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष का पद, कहा...

 श्रीनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि अब नयी पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने का समय आ गया है।

शुक्रवार को अपने इस्तीफे के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘मैं अब अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ूंगा। पद के लिए चुनाव 5 दिसंबर को होगा। अब समय आ गया है कि नयी पीढ़ी इस जिम्मेदारी को संभाले।’’ लोकसभा के सदस्य अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘पार्टी का कोई भी सदस्य इस पद के लिए चुनाव लड़ सकता है। यह एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।’’ व्यापक स्तर पर अटकलें लगाई जा रही हैं कि 85 वर्षीय अब्दुल्ला पार्टी संरक्षक की भूमिका निभाएंगे और उनके बेटे एवं नेकां के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला अब इसके नए प्रमुख बन सकते हैं।

इस दौरान उन्होंने श्रीनगर में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया और कहा कि उनका स्वास्थ्य उन्हें अब पार्टी का नेतृत्व करने की इजाजत नहीं देता है। पार्टी अब नए अध्यक्ष का चुनाव 5 दिसंबर को करेगी। बता दें कि उमर अब्दुल्ला को नए पार्टी प्रमुख के रूप में सर्वसम्मति से चुने जाने की संभावना है।

 


 
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आरक्षण मामले में हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ छत्तीसगढ़ की याचिका पर नोटिस...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले में आरक्षण बढ़ाकर 58 प्रतिशत करने के छत्तीसगढ़ सरकार के 2012 के फैसले को हाईकोर्ट द्वारा निरस्त किये जाने को चुनौती देने वाली अपील पर शुक्रवार को संबंधित पक्ष से जवाब तलब किया।


छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया गया था, जिसके बाद इसने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने उच्च न्यायालय के 19 सितंबर के आदेश के खिलाफ गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी को नोटिस जारी किया।

राज्य सरकार ने अधिवक्ता सुमीर सोढ़ी के माध्यम से दायर अपनी याचिका में दलील दी है कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने मामले के तथ्यों और दिये गये आंकड़ों की पड़ताल किये बिना आदेश पारित किया था।

उच्च न्यायालय ने सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले में आरक्षण को बढ़ाकर 58 प्रतिशत करने के राज्य सरकार के 2012 के फैसले को खारिज कर दिया था और कहा था कि 50 प्रतिशत की सीमा से अधिक आरक्षण असंवैधानिक है।

वर्ष 2012 में आरक्षण नियमों में संशोधन के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया था। वर्ष 2012 के संशोधन के अनुसार, अनुसूचित जाति (एससी) के लिए कोटा चार प्रतिशत घटाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया था, जबकि अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षण में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गयी थी और इसे 32 प्रतिशत कर दिया गया था। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण को 14 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया था।

उसी वर्ष गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी और अन्य याचिकाकर्ताओं ने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने दलील दी थी कि चूंकि आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक हो गया है, इसलिए सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 16(1) के तहत अवसर की समानता के सिद्धांतों का उल्लंघन किया है।

 

 

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वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार आवश्यक

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत ने कहा है कि वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार आवश्‍यक हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कांबोज ने सुरक्षा परिषद में समान प्रतिनिधित्व को लेकर जी4 वक्तव्य के दौरान यह बात कही। संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा में सुश्री काम्‍बोज ने कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार इसकी वैधता और प्रभावशीलता के लिए एक ऐसी पूर्व शर्त है जो अपरिहार्य है।

जी4 देशों - ब्राजील, जर्मनी, जापान और भारत का पक्ष रखते हुए, उन्‍होंने कहा कि ये चारों राष्ट्र सदस्यता की दोनों श्रेणियों में सीटों की वृद्धि और समान क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के साथ-साथ सुरक्षा परिषद के व्यापक सुधार में विश्‍वास रखते हैं। ये चारों देश अधिक पारदर्शी और समावेशी कार्य पद्धति तथा महासभा सहित संयुक्त राष्ट्र के अन्य निकायों के बीच बेहतर संबंधों के भी पक्षधर हैं।

 

भारत की स्थायी प्रतिनिधि ने जोर देकर कहा कि सुरक्षा परिषद को सभी सदस्‍यों की ओर से कार्य करने के उस दायित्व के अनुरूप बनाने का ये सही समय है जिसका उल्‍लेख संयुक्‍त राष्‍ट्र घोषणा पत्र में है। उन्‍होंने कहा कि दोनों श्रेणियों में सदस्य संख्‍या बढ़ाए बिना यह उद्देश्‍य पूरा नहीं होगा।

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