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घरेलू विवाद में पत्नी की हत्या, शराबी पति चढ़ा पुलिस के हत्थे

रायगढ़  (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  घरेलू कलह में शराब के नशे में धुत्त एक मियां ने अपनी बीवी का सिर फोड़ते हुए उसे सजा-ए-मौत दे दी। यह वारदात घरघोड़ा थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने फरार आरोपी को धरदबोचा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में रातभर सघन उपचार के बावजूद घरघोड़ा थानांतर्गत ग्राम कोगनारा में रहने वाली चमेली चौहान पति घासीराम 32 वर्ष ने मंगलवार तडक़े तकरीबन 6 बजे दम तोड़ दिया।

चूंकि मृतिका पर कातिलाना हमला हुआ था, इसलिए पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए चौहान परिवार को सौंपते हुए उनका बयान भी कलमबंद किया।

 

परिजनों ने बताया कि दो लडक़ी और एक लडक़े की मां चमेली रोजी मजदूरी कर घर चलाने में अपने पति का हाथ बंटाती थी। सोमवार दिनभर मजदूरी करने वाली चमेली शाम को घर गई तो वहां शराब पीकर पहुंचे घासीराम के साथ घरेलू बातों को लेकर कहासुनी हो गई। बच्चों के सामने विवाद होते देख चमेली घर से बाहर निकली तो घासीराम बौखला उठा।

 

फिर क्या, गुस्से से तमतमाया घासीराम भी बाहर निकला, तो दोनों में जमकर तकरार हुई। इस बीच घासीराम ने आव देखा न ताव और वहां पड़े किसी सख्त चीज को अपनी बीवी के सिर के पीछे भाग में दे मारा। इसके बाद  सामने हिस्से में भी प्राणघातक हमला कर दिया। नतीजतन, सिर फूटते ही खून बहने पर महिला बेहोश हो गई। ऐसे में रक्तरंजित महिला को बदहवास परिजन समीपस्थ घरघोड़ा के अस्पताल लेकर गए तो प्राथमिक इलाज कर चिकित्सकों ने उसे रायगढ़ रेफर कर दिया।

 

जिंदगी और मौत के बीच संघर्षरत 3 बच्चों की अधमरी मां को देर रात लगभग साढ़े 10 बजे मेकाहारा भी लाया गया, मगर डॉक्टर्स भी उसे बचा नहीं सके और अंतत: वह चल बसी। बताया जाता है कि चमेली की मौत की खबर पाते ही हरकत में आई घरघोड़ा पुलिस ने फरार हो रहे घासीराम चौहान को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ भादंवि की धारा 302 के तहत मुकदमा पंजीबद्ध किया है।

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बेरहमी से किया क़त्ल, फिर पुलिस को किया चैलेंज-एक और क़त्ल करूँगा रोक सको तो रोक लो

 बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में हुए अंधे कत्ल ने पुलिस की नींद उड़ा दी है वहीं अज्ञात आरोपी ने  ने पुलिस को खुला चैलेंज देते हुए 18 दिसंबर को खुलेआम हत्या करने की चुनौती दी है। 

बता दे की बेमेतरा जिले के नवागढ़ थाना अंतर्गत ग्राम खैरी में हुए अंधे कत्ल ने पुलिस की परेशानी में डाल दिया है जहाँ अज्ञात आरोपी ने पुलिस को खुला चैलेंज करते हुए एक पत्र लिखकर 18 तारीख को एक और हत्या करने की चुनौती दी है।

घटना की सूचना पुलिस मौके पर पहुंच गई है और उच्च अधिकारी भी मौके पर पहुचकर जांच कर रहे हैं।  

आरोपी ने मृतक के गले को धारदार हथियार से रेत कर चेहरे को पत्थर से कुचल दिया है और पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। 

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दोस्त की हत्या कर हाईवे के किनारे फेंक दी लाश, आरोपी गिरफ्तार

 रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ओडिशा हाईवे किनारे मिली युवक की लाश के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। दरअसल युवक ने व उसके दोस्त ने पहले छककर शराब पी। इस बीच उपजे विवाद में दोस्त ने ही दोस्त की हत्या कर दी थी।

जानकारी के अनुसार मृतक वेदराम सिदार 32 वर्ष निवासी अमलीभौना का शव 25 अक्टूबर को उड़ीसा हाईवे पर खेत में पड़ा मिला। पीएम रिपोर्ट पर डॉक्टर द्वारा मृतक के सिर में आई अंदरूनी चोट के कारण मौत होना उल्लेखित किया गया। ऐसे में पुलिस ने मृतक के घर वालों एवं दोस्तों से नए सिरे से पूछताछ की।

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार 23 अक्टूबर की शाम तक वेदराम को अंतिम बार देखा गया था। मृतक के पूरे दिन का ब्यौरा लेने पर अंतिम बार में मृतक उसके दोस्त लखेश्वर खेरवार के साथ देखा गया था। पहले पूछताछ में दोस्त ने शराब पीना तो बताया, परंतु उसकी हत्या से इनकार किया, परंतु पुलिस की सख्ती से संदेही टूट गया और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

आरोपी लखेश्वर ने बताया कि उसका साथी वेदराम सिदार अपने अपने ससुराल खरसिया में रहता था। गांव आने पर दोनों ने 23 अक्टूबर की शाम हाईवे के किनारे रोड पर जम की शराब पी। शराब पीने के दौरान बेदराम ने बाइक में खरसिया छोड़कर आने को कहा, तब दूसरे दिन छोड़ आऊंगा ऐसा लखेश्वर ने कहा। तब वेदराम आज ही छोड़कर आने के लिए झगड़ा करने लगा। दोनों में विवाद हुआ और इसी विवाद के बीच खेत में पड़े एक डंडे से लखेश्वर ने सिर में जोरदार प्रहार किया, जिससे बेदराम की मौत हो गई।

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टोनही के शक में महिला की हत्या, चंद घंटों में गिरफ्तार हुआ हत्यारा...

 अंबिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। टोनही के शक में महिला की हत्या करने वाले आरोपी को थाना बतौली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। प्रार्थी रामसाय पैंकरा सा० चिरंगा खालपारा बतौली ने थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि घटना दिनांक को प्रार्थी और उसकी पत्नी रजमनिया घर के परछी में अलग अलग सो रहे थे। सुबह इसका लड़का राजकुमार बताया कि उसकी मां रजमनिया नहीं उठ रही है। तब प्रार्थी द्वारा मौक़े पर जाकर देखा गया तो इसकी पत्नी रजमनिया मृत अवस्था मे पड़ी हुई थी। कनपटी व चेहरे में चोट के निशान व खून दिखाई दे रहे थे। प्रार्थी की पत्नी राजमनिया को किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा मारकर हत्या कर दिया हैं, प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना बतौली मे सदर धारा 302 भा.द.वि. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।

मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला के नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (सीतापुर) ध्रुवेश जायसवाल, एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (ग्रामीण) अखिलेश कौशिक, थाना प्रभारी बतौली प्रमोद पांडे द्वारा संपूर्ण घटना की बारीकी से विवेचना करने पर मृतिका का पूर्व मे रंजिश होने की जानकारी पुलिस टीम को प्राप्त हुई थी।

दौरान विवेचना मृतिका के ऊपर टोनही होने का शंका कर पूर्व में विवाद किये जाने का जानकारी मिलने पर ग्राम चिरंगा का सीमन राम उर्फ सीमा से घटना के संबंध में पुछताछ करने पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। पुलिस टीम ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपी ने राजमनिया की हत्या करना स्वीकार किया। घटना में प्रयुक्त एक लोहे का टांगा तथा सेंधवार लकड़ी का टुकड़ा आरोपी के निशानदेही पर बरामद किया गया। आरोपी सीमन उर्फ सीमा द्वारा घटना कारित करना स्वीकार किया जाने पर अपराध सबूत पाए जाने से तत्काल गिर कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।

संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी बतौली उपनिरीक्षक  प्रमोद कुमार पाण्डेय, महिला आरक्षक अंजेला मिंज, आरक्षक राजेश खलखो, पंकज लकड़ा, अशोक भगत, विजय सोनवानी, राजू कुजूर, मुरलीधर यादव, शामिल रहे।

 

 

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दिनदहाड़े कांग्रेस नेता की गोली मारकर हत्या

 बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिलासपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। दिनदहाड़े फिल्मी स्टाइल में एक कांग्रेस नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। बदमाश वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया है। घटना बिलासपुर के सकरी बायपास की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

जानकारी के अनुसार, बदमाशों ने हाईवे में कांग्रेस नेता संजू त्रिपाठी की कार रोकी, फिर गोली मार दी गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। वहीं बिलासपुर पुलिस मौके पर पहुंची है। घटना सकरी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। घटना की सूचना पर आईजी-एसपी घटना स्थल पर पहुंचे।

जानकारी के अनुसार, बिलासपुर के सकरी बायपास के पास दिनदहाड़े गोली चली है। कार चालक को रोकर अंधाधुंध फायरिंग की गई है। फिल्मी स्टाइल में कार रोककर हुई फायरिंग के बाद इलाके में हड़कंप है। वहीं अज्ञात आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए हैं।

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करोड़ो की ठगी करने वाला फर्जी वकील गिरफ्तार

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ समेत दुसरे राज्यों के करीब 150 लोगों को टेंडर दिलाने के नाम पर 10 करोड़ रुपयों से ज्यादा की ठगी करने वाले आरोपित फर्जी वकील को पुलिस ने देर रात गिरफ्तार किया है। रायपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपित फर्जी वकील देवनारायण सिन्हा ने साथी सूरज विश्वकर्मा के साथ मिलकर दिल्ली, महाराष्ट्र, उडीसा के लोगों से बड़े टेंडर दिलवाने का लोभ दिया था।आरोपित इनसे करोड़ों रुपये ठगकर फरार था।

आरोपित फर्जी वकील देवनारायण सिन्हा के खिलाफ मनीष मिश्रा और शांतनु मिश्रा समेत कई लोगों ने गंज थाने में अपहरण और अवैध वसुली की शिकायत दर्ज करवाई थी।

पुलिस ने जानकारी दी है कि भिलाई के इंजीनियर अनिल बंछोर ने टिकरापारा थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि दिल्ली में 20 करोड़ का टेंडर दिलवाने के नाम पर अभी तक 18 लाख रुपये ले चुका है, लेकिन कोई काम नही दिलवाया। जांच में शिकायत सही मिलने पर आरोपित को बीती देर रात रायपुर से ही गिरफ्तार कर लिया गया ।उसके साथी सूरज विश्नकर्मा की तलाश जारी है।

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मेडिकल कॉलेज में दाखिला के नाम पर 35 लाख की ठगी

 रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। साइबर सेल की टीम गत दिनों चौकी जूटमिल क्षेत्र के युवक को MBBS के लिए मेडिकल कॉलेज में दाखिला के नाम पर ₹35 लाख की ठगी करने वाले दो आरोपी पिता-पुत्र को मध्यप्रदेश के अनूपपुर से गिरफ्तार कर रायगढ़ लाया गया, जिनसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जब्ती कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पीड़ित गगन बिहारी पटेल (उम्र 30 साल) निवासी डूमरसिंघा थाना सरिया हाल मुकाम कालिंदी कुंज कबीर चौक रायगढ़ 7 दिसंबर 2022 को पुलिस चौकी जूटमिल में उससे धोखाधड़ी किए जाने का एक लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराया गया था।

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पीड़ित बताया कि वर्ष 2020 में बालाजी अस्पताल रायपुर में काम कर रहा था उस समय इसकी जान पहचान जितेंद्र कुमार साहू जो स्वयं को दल्लीराजहरा का मूल निवासी और रायपुर मेडिकल कॉलेज का कोआर्डिनेटर होना बताया। जितेन्द्र कई मंत्रियों और बहुत से मेडिकल कॉलेज के डीन से अच्छी जान पहचान होना बताया और डॉक्टर बनने एमबीबीएस की पढाई के लिये बगैर नीट की परीक्षा दिए किसी भी मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराने में सक्षम होना बताया। जितेन्द्र यह भी बताया कि उसके पिताजी बोधराम साहू एसईसीएल के कर्मचारी हैं, जिनका भी बड़े-बड़े नेता मंत्री के साथ उठना बैठना है।

दोनों मिलकर कई लोगों को दक्षिण भारत के मेडिकल कॉलेज में दाखिला करा चुके हैं। उनकी लुभावनी बातों में आकर गगन बिहारी उनसे 35,00,000 रुपए में मेडिकल मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराने का आपसी सौदा किया। पीड़ित बताया कि उसने चेक और मोबाइल ट्रांजैक्शन (पेटीएम) के माध्यम से पिछले 1 साल में पिता-पुत्र को 32,70,000 रुपए दे चुका है। वे लोग एडमिशन नहीं करा पाए और रुपए भी वापस नहीं कर रहे थे, दबाव बनाने पर जितेंद्र साहू और उसके पिता ₹50 के स्टांप पेपर में नोटरी कर लिख कर दिए कि रुपए जल्द वापस कर देंगे और 3 चेक दिए थे, किंतु उनके खाते में पैसे नहीं होने से निराशा हाथ लगी है। दोनों पिता-पुत्र द्वारा विश्वासघात करके धोखाधड़ी किया गया है पुलिस चौकी जूटमिल में दोनों आरोपियों पर धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया। 

जूटमिल को सायबर सेल और जूटमिल स्टाफ की संयुक्त टीम बनाकर आरोपियों की पतासाजी, गिरफ्तारी के लिए टीम अनूपपुर मध्य प्रदेश रवाना हुई। जहां दोनों पिता पुत्रों की पतासाजी कर टीम आरोपियों के सकुनत पर दबिश दिया गया। आरोपी जितेंद्र साहू स्वयं को जिला न्यायालय अनूपपुर में वकालत का प्रैक्टिस करना बताया और गिरफ्तारी से बचने कई कानूनी दांव पर लगाने लगा। पुलिस टीम वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त कर विधि अनुरूप कार्यवाही कर दोनों पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर रायगढ़ लाया गया।

दोनों से हिम्मत अमली से पूछताछ करने पर रायगढ़ निवासी गगन बिहारी पटेल से धोखाधड़ी कर कुल 13 लाख 90 हजार रुपए प्राप्त करना बताये। आरोपी जितेंद्र कुमार साहू बताया कि वर्ष 2020 में गगन बिहारी पटेल से बालाजी अस्पताल रायपुर में जान परिचय हुआ था। तब गगन पटेल को पढ़े-लिखे हो एमबीबीएस कर डॉक्टर बन जाओ बोला।

गगन नीट की परीक्षा दिये बगैर मेडिकल कॉलेज में कैसे दाखिला होगा बोला, जिसे झांसे में लेने के लिये रायपुर मेडिकल कॉलेज का कोऑर्डिनेटर, नेता, मंत्री से जान पहचान तथा पिताजी का मंत्रियों के साथ उठना-बैठना है, बताकर उसे धोखे में रखकर मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराने का आश्वासन दिया। गगन बिहारी पटेल तैयार हो गया और गगन बिहारी से 35,00,000 रुपए में सौदा हुआ जिसके बाद गगन से लगातार संपर्क में रहे और जुलाई 2021 में रायगढ़ आया था। जहां गगन बिहारी से नगद ₹90,000 प्राप्त किया।

दोनों के बीच धीरे-धीरे रुपए देने की बात तय हुआ था। उसके बाद अक्टूबर 2021 में अपने पिता बोधराम साहू के साथ रायगढ़ आकर गगन बिहारी से ₹4,25,000 के दो चेक लिए थे। इसी प्रकार चेक और पेटीएम के माध्यम से गगन बिहारी से कुल ₹13,90,000 प्राप्त कर लिए । पिताजी 2020 में स्वेच्छा से सेवा निवृत्त लिये हैं, जिन्हें गगन से प्राप्त रूपयों में से 4 लाख रूपये घर के खर्च के लिये दिया।


100000  का बैंक फाइनेंस कर ट्रैक्टर लिया था, जिसका EMI नहीं पटाने पर बैंक ट्रैक्टर को खींच ले गया। कई लोगों का उधारी रकम देना था, जिन्हें चेक से उधारी रकम दे दिया कुछ पैसे घूमने खाने-पीने में खर्च हो गए। गगन बार-बार 32,70,000 रुपए लिए होकर कर तगादा करता था जिसे विश्वास दिलाने के लिए 15-15 लाख रुपए के दो चेक और एक ₹2.70 लाख का चेक दिया था पर दोनों ही खाते में रुपए नहीं था।


आरोपियों के कबूलनामे के बाद पुलिस टीम आरोपियों के बीच लेनदेन के डिटेल्स बैंक अकाउंट आदि की जानकारी लेकर महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जप्ती की गई है। धोखाधड़ी के अपराध में आरोपी जितेंद्र कुमार साहू उम्र 36 साल एवं आरोपी बोधराम साहू उम्र 58 साल निवासी छुलकारी थाना सिटी कोतवाली अनूपपुर, जिला अनूपपुर (मध्य प्रदेश) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
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महादेव ऑन लाइन सट्टा की कार्रवाई में हो रहे हैं कई बड़े खुलासे

 भिलाई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दुर्ग पुलिस ने पूरी तरह ठान लिया है कि महादेव ऑन लाइन सट्टा को पूरी तरह बंद करवा कर रहेंगे। इसलिए दुर्ग पुलिस इस मामलें में अपनी कार्यवाही तेज कर दी है और जैसे जैसे कार्रवाई तेज हो रही है वैसे-वैसे इसमें कई बड़े खुलासे भी हो रहे थे। और बडे बडे लोगों का नाम भी सामने आ रहा है। इसी कार्यवाही में दुर्ग पुलिस को एक ऐसा आरोपी हाथ लगा है जिसका सीधा संबंध दुबई में बैठे महादे एप के संचालक सौरभ चंद्राकर से हैं। वह आरोपी कोई और नहीं बल्कि खुद सौरभ चंद्राकर का चाचा और भिलाई नगर निगम का पंप ऑपरेटर दिलीप चंद्राकर है। इसका खुलासा पकड़े गए महादेव सट्टा खाईवाल आम्रपाली रेसीडेन्सी जामुल निवासी और मेडिकल स्टोर संचालक नसीमुद्दीन उर्फ नसीम ने किया।

दुर्ग पुलिस ने नसीम को गिरफ्तार कर कई छुपे राज से पर्दा उठाया

पुलिस ने नसीम के पास से 22 बैंक खाते जब्त किया है। इसमें से उन्हें 6 करोड़ से अधिक के लेन-देन का पता चला है। इसके साथ ही उसके पास से 1 लैपटॉप, 2 मोबाईल, 5 चेकबुक, 1 पासबुक और 2 एटीएम कार्ड बरामद किया है। नसीम ने पुलिस को बताया है कि निगम का पंप ऑपरेटर दिलीप चंद्राकर ने उसे महादेव एप के संचालक सौरभ चंद्राकर का नंबर दिया था। उसने ही सौरभ से बात करवाकर उसे महादेव की आईडी दिलवाई थी। इसके बाद से नसीम ऑनलाइन सट्टा खाईवाली के दलदल में पूरी तरह से कूद गया।

उसने न सिर्फ अपने पास 5 महादेव की आईडी अलग-अलग शहरों में पैनल चलाने के लिए रखीं, बल्कि 10-15 लोगों को आईडी दिलवाई भी। उसके पास कार्पोरेट अकाउंट भी मिला है, जिसमें कई करोड़ के ट्रांजेक्शन का हवाला मिला है। पुलिस ने नसीम के फोन से कई आडियो क्लिप बरामद की है, जिसमें उसने न सिर्फ महादेव की आईडी चलाने की बात सौरभ से की है, बल्कि जिन लोगों ने सौरभ चंद्राकर का पैसा नहीं दिया उनसे वसूली करके देने का भी वादा किया है। उसमें उसने यह भी उसने पुलिस के बड़े अधिकारियों से लेकर पत्रकारों तक को सेट किया है। छत्तीसगढ़ में महादेव आईडी चलाने में अब कोई दिक्कत नहीं आएगी।

क्रिमनल के साथ मिलकर वसूली गैंग बनाने की थी तैयारी

भिलाई के चर्चित महादेव हत्याकांड में संलिप्त तपन सरकार के सहयोगी राजू खंजर के साथ मिलकर नसीम एक वसूली गैंग बनाने जा रहा था। जिसने भी अब तक महादेव पैनल चलाया और सौरभ चंद्राकर का पैसा नहीं लौटाया या गद्दारी करके दबा लिया उससे वो लोग रुपए की वसूली करके वह पैसा सौरभ चंद्राकर को भेजते।

उक्त जानकारी आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने दी। एसपी डॉ. पल्लव ने आगे बताया कि यदि ये गैँग बन जाती तो जिले में लॉ एंड आर्डर की स्थिति निर्मित हो जाती।

दूसरी बार पकड़ाया है नसीम, बड़ी धारा के तहत कार्रवाई

नसीम इससे पहले भी महादेव पैनल चलाने के आरोप में कोहका से गिरफ्तार हुआ था। पुलिस ने उसके खिलाफ जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। इससे वो जमानत से बाहर आ गया। इसके बाद उसने फिर से वहीं काम शुरू कर दिया। दूसरी बार पैनल चलाते हुए पकड़े जाने के बाद भी दुर्ग पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी जैसी गंभीर धारा के तहत कार्रवाई की है। एसपी दुर्ग का कहना है कि अब वो जितने भी मामले पकड़ेंगे उनके खिलाफ गैर जमानती धाराओं के तहत कार्रवाई करेंगे।

बताया पैनल बिकवाने में सहयोग करने वालों के नाम

नसीम ने बताया कि सौरभ चंद्राकर का चाचा दिलीप चंद्राकर मध्यस्थता करके महादेव की आईडी दिलवाता था। इसके साथ ही भिलाई के अपूर्व, मनोज और पारस पैनल बिकवाने के लिए ग्राहक की तलाश करते थे। इस काम में राजू खंजर का नाम आ जाने से इसमें मर्डर होने तक की आशंका जताई जा रही थी।

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लाखों की ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

 भिलाई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दुर्ग के एकेबी इंजीनियरिंग के प्रोपराईटर से 58.50 लाख रुपए का ठगी करने वाला आरोपी सी.पी.डी.एल सर्विसेज प्रा.लिमिटेड फर्म के निदेशक देव सिन्हा उर्फ वकील को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसमे संलिप्त आरोपी सूरज विश्वकर्मा अभी फरार है, उसकी भी गिरफ्तारी करने के लिए पतासाजी पुलिस कर रही है।

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अनिल कुमार बंछोर ने थाना टिकरापारा में रिपोर्ट दर्ज करया कि उसका भिलाई दुर्ग में ए के बी इंजीनीयरिंग नाम से रजिस्टर्ड फर्म है तथा वह पेशे से इंजीनियर है। प्रार्थी का टिकरापारा क्षेत्र के रियो कॉम्प्लेक्स स्थित सी.डी.पी.एल सर्विसेज प्रा. लिमिटेड के निदेशकों सूरज विश्वकर्मा एवं देव सिन्हा से जिला-कोरिया छत्तीसगढ़ में ऑप्टिकल फाईबर केबल बिछाने (1000 किमी. 225 रूपये प्रति मीटर) की दर से 22 करोड़ 50 लाख रूपये का अनुबंध दिनांक 21.10.2020 को हुआ था जिसके अनुसार प्रार्थी द्वारा 18,00,000/- रूपये सिक्युरिटी डिपोजिट किया गया था।

प्रार्थी द्वारा उक्त अनुबंध अनुसार लगभग 40,50,000/- का कार्य करने के पश्चात् किये गये कार्य के भुगतान करने की बात कही गई। जिस पर उक्त फर्म सी.डी.पी.एल सर्विसेज प्रा. लिमिटेड के निदेशकों द्वारा किये गये कार्य का भुगतान न करते हुए प्रार्थी को गोलमोल जवाब देने के साथ-साथ प्रार्थी के द्वारा फोन करने पर फोन रिसीव नही किया जाने लगा। इस प्रकार उक्त फर्म के निदेशक सूरज विश्वकर्मा एवं देव सिन्हा द्वारा प्रार्थी के साथ कुल 58,50,000/- रूपयों का ठगी किया गया।

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जिस पर आरोपियों कि विरूद्ध थाना टिकरापारा में अपराध क्रमांक 755/22 धारा 420, 34 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया। घटना की जानकाीर मिलते ही इस घटना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल द्वारा अतिरित पुलिस अधीक्षक पश्चिम देव चरण पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक पुरानी बस्ती राजेश चौधरी तथा थाना प्रभारी टिकरापारा निरीक्षक अमित बेरिया को आरोपियों की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया।

जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन व थाना प्रभारी टिकरापारा के नेतृत्व में थाना टिकरापारा पुलिस की टीम द्वारा प्रार्थी से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ करते हुए प्रकरण में संलिप्त आरोपी देव सिन्हा उर्फ वकील निवासी रायपुर को गिरफ्तार कर पूछताछ करने पर आरोपी देव सिन्हा उर्फ वकील द्वारा सूरज विश्वकर्मा निवासी रायपुर के साथ मिलकर उक्त ठगी की घटना को कारित करना स्वीकार किया गया है। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा आरोपी देव सिन्हा उर्फ वकील को गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध कार्यवाही की गई।

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दो अंतरराज्यीय गिरोह पुलिस ने दबोचा

 आरोपियों के पास से ढाई लाख रूपये के जेवरात बरामद 

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  दुर्ग पुलिस को आज एक और सफलता मिली है और उसने अंतरराज्यीय चोर गिरोह के दो लोगों को गिरफ्तार की है और उनके पास से बड़ी मात्रा में सोने चांदी के जेवरात जब्त किया है।


पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव से प्राप्त जानकारी के अनुसार एसीसीयू युनिट के नेतृत्व में कार्रवाई के दौरान उन्हें दो लोग संदिग्ध रूप से घूमते हुए मिले। पुलिस की टीम मुखबीर सूचना पर ग्रीन चौक दुर्ग पहुंची। दोनों संदिग्धों को घेराबंदी कर पकड़ा। तलाशी लेने पर उनके पास से सोने चांदी के जेवरात बरामद किया गया।
 
संदिग्धों ने पूछताछ में अपना नाम सुरेश पटेल उर्फ पटलू (32 साल) निवासी पटेल पारा तोरवा बिलासपुर और पंकज पाण्डेय (32 साल) निवासी नीमचइनी लखमीपुरखीरी उत्तर प्रदेश बताया। उन्होंने बताया कि उन्होंने ओम नगर, थाना मोहन नगर दुर्ग के एक सूने मकान में चोरी की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 457,380 के तहत मामला दर्ज किया है।

ढाई लाख से अधिक के जेवरात जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से सोना जडि़त कंगन, सोने का लाकेट, सोने की चेन, सोने की दो अंगूठी, 4 जोड़ी चांदी की पायल, 2 जोड़ी बिछिया, चांदी का कड़ा, टाइटन घड़ी और नगदी 300 रुपए सहित ढाई लाख रुपए का चोरी का सामान जब्त किया है।
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एसएसपी के जाली हस्ताक्षर कर पुलिसकर्मियों के फंड पर डाका... महिला ASI गिरफ्तार...

 बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एएसपी के फर्जी हस्ताक्षर कर पुलिसकर्मियों के फंड में लाखों का घपला करने वाली महिला एएसआई को ओडिशा से  गिरफ्तार किया गया है। महिला एएसआई फंड शाखा प्रभारी के पद पर थी, जिसका फायदा उठा कर पुलिसकर्मियों के भविष्य निधि का गबन उसने एक हवलदार के साथ मिलकर कर लिया था। महिला एएसआई ने एसएसपी के जाली हस्ताक्षर का भी इस्तेमाल किया था। मामले में सितंबर में एफआईआर दर्ज होने के बाद हवलदार संजय श्रीवास्तव को तो गिरफ्तार कर लिया गया पर महिला एएसआई तीन माह से फरार थी।

मशुशीला सुरजाल एएसआई (एम) के पद पर एसपी ऑफिस में पदस्थ थी। अपने पति की जगह उसे अनुकम्पा नियुक्ति मिली हुई थी। वह यहां फंड शाखा का प्रभार देखती थी। एसएसपी पारुल माथुर को एक दिन फंड शाखा के फाइलों के अवलोकन के दौरान उसमें कई कांट- झांट व गड़बड़िया मिली। प्रथम दृष्टया मामला संदेहास्पद प्रतीत होने पर उन्होंने डीएसपी हेडक्वार्टर राजेश श्रीवास्तव को मामले की जांच कर रिपोर्ट सौपने के निर्देश दिए। डीएसपी की जांच में इस बात की जानकारी मिली कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय के फण्ड शाखा प्रभारी सउनि (अ) मधुशीला सुरजाल अपने पदस्थापना के दौरान विभागीय भविष्य निधि के खाता धारको के खाते में उपलब्ध धनराशि से अधिक धनराशि का आहरण एवं भुगतान गलत होना जानते हुए भी उनके द्वारा फण्ड शाखा में न्यस्त होकर वित्तीय अनियमितता कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाया गया है। तथा उनके द्वारा प्रधान आरक्षक संजय श्रीवास्तव के बिना आवेदन किये नोट शीट तैयार कर उसके जी.पी.एफ खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के बावजूद 15,75,000 रूपये की धनराशि स्वीकृत कर आहरण किया गया है तथा अन्य कर्मचारियों के भविष्य निधि के खाते से भी पर्याप्त धनराशि नहीं होने के बावजूद अधिक धनराशि का आहरण कर 59,75,000 का वित्तीय अनियमितता कर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है। उक्त अनियमितता के संज्ञान में आने पर सउनि (अ) मंधुशीला सुरजाल द्वारा आहरित धनराशि को भारतीय स्टेट बैंक कलेक्ट्रेट शाखा बिलासपुर में जमा कराये जाने के संबंध में जांच किया गया व उनसे लिखित जवाब मांगा गया जिस पर भारतीय स्टेट बैंक द्वारा चालान एवं बैंक की सील जाली होना लिखित में दिया गया। तथा यह भी पता चला कि जांच प्रतिवेदन में फण्ड शाखा के रजिस्टर में आहरण संधारित न होना एवं नोट शीट में स्वीकृत राशि के अंक का लेखन एवं हस्ताक्षर भिन्न है।



डीएसपी की जांच प्रतिवेदन मिलने पर सहायक उपनिरीक्षक (एम) मधु शीला सुरजाल एवं प्रधान आरक्षक संजय श्रीवास्तव के विरुद्ध पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर द्वारा एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी के निर्देश दिये गए। आरोपी सउनि (एम) मधुशीला सुरजाल एवं प्रधान आरक्षक 88 संजय श्रीवास्तव द्वारा मिलकर षडयंत्र पूर्वक भविष्य निधि के खाते से उपलब्ध धनराशि से अधिक आहरण करना तथा नोट शीट में पुलिस अधीक्षक का कूट रचित एवं मिथ्या हस्ताक्षर करना एवं मिथ्या बैंक चालान व बैक सील तैयार कर उपयोग करना पाये जाने से आरोपीयो के विरूद्ध धारा409, 420, 467, 468, 471, 477(क), 120(बी) भादवि का अपराध पंजीबंद्ध कर विवेचना में लिया गया था। विवेचना के दौरान प्रकरण के आरोपी प्रधान आरक्षक संजय श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।



एफआईआर के बाद से ही एएसआई मधुशीला सुरजाल फरार थी। जिसकी गिरफ़्तारी का प्रयास सिविल लाइन पुलिस कर रही थी। फिर मुखबिर से सूचना मिली कि मधुशीला सुरजाल उड़ीसा के पदमपुर में अपने रिश्तेदार के घर छुप कर रह रही है। जिसे सिविल लाइन थाना की पुलिस टीम व उसमे शामिल महिला पुलिस कर्मियों ने उड़ीसा के पदमपुर में छापा मार कर गिरफ्तार कर लिया है। मामले की खास बात यह कि गिरफ्तारी के बाद भी आरोपिया मधुशीला सुरजाल अपने कृत्यों से मुकर रही है।

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थाने के अंदर प्रधान आरक्षक ने सरपंच प्रतिनिधि को पीटा, निलंबित...

 बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के पचपेड़ी थाना में प्रधान आरक्षक ने नशे की हालत में भिलौनी सरपंच प्रतिनिधि को पीट दिया। मामले की शिकायत के बाद प्रधान आरक्षक को  निलंबित कर दिया गया है।


जानकारी के अनुसार जमीन संबंधित मामले में अपने चाचा को पचपेड़ी थाना से छुड़ाने भिलौनी सरपंच प्रतिनिधि हीरालाल कैवर्त पहुंचे। थाने में तैनात प्रधान आरक्षक तेज कुमार हीरालाल कैवर्त के चाचा राजकुमार को छोड़ने के एवज में रूपये की मांग की। रूपये देने के बाद राजकुमार को अपने साथ ले जाने की बात कही। इस पर हीरालाल ने पैसा देने में असमर्थता जाहिर की। हीरालाल ने अपना परिचय गांव के सरपंच प्रतिनिधि होने के रूप में दिया। जिस पर प्रधान आरक्षक तेज कुमार भड़क गया और थाने में आकर नेतागिरी करने की बात कहते हुए उसे पीटने लगा। मामले की शिकायत के बाद प्रधान आरक्षक को  निलंबित कर लाईन भेज दिया है। इसके आलावा जांच प्रतिवेदन भेज दिया गया है।

 

 

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शर्मनाक शादी का प्रलोभन देकर युवती का शारीरिक शोषण

 युवती की रिपोर्ट पर चक्रधरनगर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा रिमांड पर

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। चक्रधरनगर पुलिस द्वारा युवती से दुष्कर्म की शिकायत पर आरोपी के फरार होने के पूर्व हिरासत में लेकर थाने लाया गया, जिसके बाद आरोपी को ज्युडिसियल रिमांड पर भेजा गया।

युवती की रिपोर्ट पर चक्रधरनगर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा रिमांड पर

 

मिली जानकारी के अनुसार युवती थाना चक्रधर नगर आकर लक्ष्मण प्रसाद यादव के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई कि पिछले 3 साल से लक्ष्मण उसे शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक शोषण कर रहा है। पहले लक्ष्मण यादव शादी की बात करने पर टालमटोल कर देता था, किंतु पिछली बार शादी से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद वो  मिन्नतों के बाद भी नहीं माना, तब घर परिवार में सलाह मशवरा कर रिपोर्ट दर्ज कराई। हालांकि इस  मामले में पुलिस ने तत्काल आरोपी पर दुष्कर्म का अपराध दर्ज कर आरोपी की पतासाजी  हिरासत में लिया गया जिसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

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दिल्ली से मानव तस्करी के दो आरोपी गिरफ्तार, काम दिलाने के बहाने कर रहे थे शोषण

 रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पुलिस मानव तस्करी के अपराध की इन्वेस्टिगेशन को आगे बढ़ाते हुए मानव तस्करी के सरगना का पता लगाकर  दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों से 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर रायगढ़ लाया गया। जिन्हें रायगढ़ कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ किया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक 26 नवम्बर को दोपहर रेलवे स्टेशन रायगढ़ में रेलवे सुरक्षा बल के स्टाफ पेट्रोलिंग व चेकिंग दौरान स्टेशन पर एक नाबालिग बालिका को डरे सहमे हालत में दिखाई दी। सुरक्षाकर्मी संदेह के आधार पर बालिका से पूछताछ किए, लड़की कुछ भी बता नहीं रही थी। उसी समय राजू सिंह नाम का व्यक्ति आया और बताया कि वह लड़की को दिल्ली लेकर जा रहा है। आरपीएफ स्टाफ को व्यक्ति पर संदेह हुआ जिसे रेलवे सुरक्षा बल के उपनिरीक्षक अखिल सिंह द्वारा थाना कोतवाली रायगढ़ को सूचना दी गई।

थाना कोतवाली में मानव तस्करी का अपराध (धारा 370 आईपीसी) दर्ज कर राजू सिंह से कड़ी पूछताछ किया गया। आरोपी राजू सिंह बताया कि बालिका को ग्राम लाखा निवासी सुशील वर्मा उर्फ करोड़पति के साथ मिलकर नाबालिक के परिजनों को बिना बताए बालिका को बहला-फुसलाकर बिक्री करने के उद्देश्य से दिल्ली लेकर जा रहा था। तत्काल थाना के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपी सुशील वर्मा उर्फ करोड़पति के ठिकानों पर दबिश दिये। जिसे पूंजीपथरा क्षेत्र से हिरासत में लेकर थाना कोतवाली लाया गया। आरोपी राजू सिंह एवं आरोपी सुशील वर्मा उर्फ करोड़पति द्वारा बालिका को प्रलोभन तथा दबाव पूर्वक दुर्व्यापार के उद्देश्य से उसके पालकों के वैध संरक्षण से ले जाना पाए जाने से आरोपियों को धारा 370 आईपीसी, मानव तस्करी के अपराध में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

वहीं विवेचना के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनसे जप्त किए मोबाइल सीडीआर का विश्लेषण कर जांच के दायरे को आगे बढ़ाया गया। जिस पर पाया गया कि थाना कापू क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पारेमेर निवासी अमृत तिग्गा दिल्ली में रहकर अवैध प्लेसमेंट एजेंसी चलाता है। उसके एजेंट/सहयोगी झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, असम क्षेत्र के गरीब भोले भाले युवक-युवतियों विशेषकर नाबालिक बालक-बालिकाओं तथा उनके परिजनों को महानगरों में अच्छे काम दिलाने का प्रलोभन देकर नई दिल्ली ले जाकर कई ऐसे कठिन काम में लगा कर उनका शोषण कर रहे हैं। एसपी द्वारा तत्काल कोतवाली पुलिस की टीम को दिल्ली जाकर सरगना के ठिकानों पर दबिश देकर आरोपी को धर दबोच कर लाने निर्देशित किया गया। थाना कोतवाली से सहायक उप निरीक्षक दिलीप बेहरा के हमराह पुलिस टीम दिल्ली रवाना हुई, जो आरोपी अमृत तिग्गा के लोकेशन तथा मिलने के संभावित ठिकाने पर एक-एक कर दबिश दिया गया। आरोपी अमृत तिग्गा दिल्ली के शुकुरपुर ईलाके में किराये मकान लेकर एक अवैध प्लेसमेंट एजेंसी चला रहा था, जहां उसके साथ और भी कई लोग इस काम में लगे थे। आरोपी रायगढ़ पुलिस टीम की दबिश की जानकारी पर एजेंसी को बंद कर सभी लोग अन्यत्र फरार हो गये थे। पुलिस टीम दिल्ली में कैंप कर आरोपी के संबंध में जानकारियां जुटाई जा रही थी। इसी बीच टीम को सूचना मिली कि प्लेंसमेंट एजेंसी से फाईलों की गठरी को ऑटो में रखकर कहीं और शिफ्ट कराया जा रहा है तथा आरोपी अमृत तिग्गा अपने सहयोगी प्रभाकर सुनानी मलकानगिरी उड़ीसा हाल मुकाम शुकुरपुर दिल्ली तथा आशु मल्होत्रा आंगलोंग (असम) हाल मुकाम मुकुंद विहार नई दिल्ली के साथ में है। पुलिस टीम तत्काल मौके पर जाकर ऑटो से फाईलों की गठरी इत्यादि को जप्त कर आरोपी के दोनों सहयोगियों को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में घेराबंदी कर हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर बताये कि वे दोनों भी अमृत तिग्गा को लड़के-लड़कियां विभिन्न राज्यों से उपलब्ध कराते थे। दोनों आरोपियों से मोबाइल तथा एजेंसी की फाईलें जप्त किया गया। जिसमें कई राज्यों से लायी और काम में लगाई गये युवक-युवतियां का ब्यौरा लिखा है। आरोपी अमृत तिग्गा के जशपुर जिले के थाना बागबहार के मानव तस्करी के अपराध में चालान होने की जानकारी मिली है। दिल्ली में रायगढ़ टीम के पास आकर कुछ युवतियां बताई कि प्रभाकर सुनानी शुकुरपुर में सेलून चलाता है, उसकी के किराये मकान पर रहते थे, वह अमृत तिग्गा से मिलाकर मेट के काम पर लगाया था। उन्हें समय पर तनख्वाह नहीं मिलता।  गिरफ्तार आरोपी प्रभाकर सुनानी और आशु मल्होत्रा के उक्त अपराध में संलिप्तता पाए जाने पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रायगढ़ न्यायिक में पेश 01 दिन का पुलिस रिमांड लिया विस्तृत पूछताछ के लिये लिया गया है।

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वन विभाग की बड़ी कार्रवाई : पैंगोलिन तस्करी में संलिप्त 5 आरोपी गिरफ्तार

 लगभग 12 लाख रूपए कीमत के एक पैंगोलिन सहित वाहन जब्त

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  वन-जलवायु मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा राज्य में वन अपराधों की रोक थाम के लिए सतत् रूप से अभियान जारी है। इसके तहत गत दिवस 10 दिसम्बर को भानुप्रतापपुर वनमंडल अंतर्गत लगभग 12 लाख रूपए की कीमत के 12.5 किलोग्राम वजनी एक जीवित पैंगोलिन (सालखपरी) को वाहन सहित जब्त कर संलिप्त 5 आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक कांकेर श्री राजू अगसिमनी के मार्गदर्शन में वन मंडलाधिकारी पूर्व भानुप्रतापपूर श्री कृष्ण जाधव के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा तत्परता से की गई। वन विभाग द्वारा आरोपियो के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई जारी है।


गौरतलब है कि 10 दिसम्बर को मुखबीर के माध्यम से वन विभाग को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि भानुप्रतापपुर खण्डी नदी के पास पैंगोलिन (सालखपरी) का सौदा होने वाला है। सूचना के आधार पर वन कर्मचारियों ने इसे तत्काल संज्ञान में लेते हुए आरोपियों की घेराबंदी करते हुए समय लगभग 2ः45 बजेे खण्डीनदी पहुंचे। जहां मौके पर पाया कि एक वाहन जिसका क्रमांक ए.पी 39 एच बी 6634 खड़ा था। उक्त वाहन के पास 2 व्यक्ति खड़े हुए थे, जिनका नाम देवानंद गोलदार स्व. कालीपद उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम पावारास जिला सुकमा एवं धनवीर पिता दिलीप - 28 वर्ष निवासी जेलबाड़ी सुकमा है। कर्मचारियों द्वारा वाहन का जांच कार्य उक्त व्यक्तियों के समक्ष किया गया।

जांच के दौरान वाहन के पीछे डिक्की में जीवित अवस्था मे एक पैंगोलिन पाया गया। पूछताछ के दौरान उपरोक्त व्यक्तियों ने अन्य लोगो का नाम बताया जो उनके सहयोगी के रूप में वाहन क्रमांक ए पी 39 एच बी 6634 उनके साथ ग्राम कुरुसबोड़ी से भानुप्रतापपुर आये थे तथा यह भी बताया कि बाकी लोगो को लगभग 1 कि.मी. दूर पर छोड़ा गया है। उनके बताये अनुसार वन कर्मचारियों द्वारा तत्काल अन्य व्यक्तियों को घेरकर पकड़ा गया, जिन्होने अपना नाम राजेन्द्र पिता अमरसिंह जाति राजपुत ठाकुर ग्राम सुकमा तथा साधुराम पिता सुनहेर जाति गोड ग्राम कुरूसबोड़ी और दसरी बाई पति सहदुराम जाति गोड़ ग्राम कुरुसबोड़ी बताया तथा उन्होने स्वीकार किया कि वे उपरोक्त वाहन से सभी पांचों मिलकर भानुप्रतापपुर वन्यप्राणी सालखपरी (पैंगोलिन) जो जीवित अवस्था में है, उसे विक्रय करने के उद्देश्य से लाया गया है तथा उनके द्वारा भानुप्रतापपुर- अंतागढ़ मार्ग पर खण्डीनदी के पास खरीददार का इंतजार कर रहे थे।

 

 

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श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। साकेत कोर्ट ने शुक्रवार को मुंबई की श्रद्धा वालकर हत्याकांड के आरोपी आफताब की न्यायिक हिरासत को 14 दिन के लिए और बढ़ा दिया है।  

पुलिस ने कोर्ट में बताया गया कि श्रद्धा मर्डर मामले में दिल्ली पुलिस की जांच चल रही है और आरोपी की न्यायिक हिरासत को 14 दिन के लिए बढ़ा दिया जाए. इसके बाद साकेत कोर्ट ने आरोपी आफताब की न्यायिक हिरासत को 14 दिन के लिए बढ़ा दी है।

 
 

इससे पहले आफताब 13 दिन से तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में था, जहां से उसे पॉलीग्राफ और नारको टेस्ट के लिए ले जाया गया था. इस केस में अभी भी दिल्ली पुलिस डीएनए और एफएसएल रिपोर्ट की सभी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

 
 

श्रद्धा वॉल्कर हत्याकांड में आफताब कई बार पुलिस की घंटों चलने वाली पूछताछ का सामना कर चुका है। उसका पॉलीग्राफ फिर नार्को टेस्ट हुआ… हर बार उसने बहुत शातिर तरीके से सधे हुए जवाब दिए। पुलिस अब तक की जांच में उससे कुछ भी नया पता नहीं लगा पाई है। पूछताछ के दौरान वह हर समय शांत दिखा. उसके चेहरे पर शिकन तक नहीं आई।

 

 

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नशीले मॉर्फिन के साथ महिला सहित दो आरोपी गिरफ्तार

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर में इंदौर से आई एनसीबी की टीम ने नशीले मॉर्फिन पाउडर के साथ 2 नशे के सौदागरों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से  4 ग्राम मॉर्फिन पाउडर जब्त किया गया है। 

पुलिस के अनुसार, एनसीबी ने रायपुर एयरपोर्ट से दीप्ति रानी भारद्वाज और संदीप चंद्राकर को गिरफ्तार किया है।  दोनों आरोपियों को एनसीबी की टीम इंदौर से ही ट्रैक कर रही थी।

 

 

ये आरोपी मॉर्फिन पाउडर को कूरियर के जरिये गोवा भेज रहे थे। एनसीबी की टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर रायपुर पुलिस के हवाले किया है।

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बुजुर्ग ने 6 साल की मासूम बच्ची से किया रेप...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शहर ने पंडरी थाना इलाके में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है जहाँ एक 76 साल के एक बुजुर्ग ने 6 साल की मासूम बच्ची से रेप किया है। 

जानकारी के अनुसार, पड़ोसियों की सूचना पर घरवालों ने इस पर संज्ञान लिया जिसके बाद मेडिकल जांच कराई गई तो इस आरोप की पुष्टि हुई। इस मामले में चौंकाने वाली बात है कि आरोपी की पहचान होने के 3 दिन बाद भी पुलिस उसे अरेस्ट नहीं कर पाई है। 

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