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स्निफर डॉग ने 11 साल के मासूम के कातिल को पकड़ा...

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पुलिस ने स्निफर डॉग रूबी के सामने कुछ संदिग्धों को खड़ा कर हत्या के मामले की जांच को आगे बढ़ाया। दो लोगों के पास से गुजरने के बाद स्निफर डॉग रूबी ने मृतक प्रीतम चौहान की चचेरी बहन ऊषा पर झपटा मारा। तुरंत ही ऊषा को हिरासत में लिया और सख्ती से पूछताछ की, तो उसने जुर्म कबूल कर लिया।

रायगढ़ जिले में नाबालिग की हत्या के मामले का खुलासा स्निफर डॉग ने झपट्टा मारकर कर दिया। उसने 11 साल के मासूम की कातिल चचेरी बहन को एक झटके में पकड़ लिया।

मृतक प्रीतम और उसका परिवार ऊषा को चोरनी-चोरनी कह कर चिढ़ाते थे। इससे गुस्साई चचेरी बहन ऊषा ने मौका देखकर प्रीतम के सिर पर लोहे की रॉड से वार कर दिया। अपने 11 साल के चचेरे भाई की हत्या करके उसने लाश को स्कूल के अंदर फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी लडक़ी को गिरफ्तार कर लिया है। हैरान कर देने वाली बात यह रही कि इस वारदात में लडक़ी को पकडऩे में पुलिस के स्निफर डॉग रूबी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रूबी ने मौके पर मिले सबूतों को सूंघकर सबसे पहले चचेरी बहन ऊषा चौहान पर झपट्टा मारा था। इसके बाद पुलिस ने उषा को गिरफ्त में लेकर सख्ती से पूछताछ की। तब हत्या का सारा राज खुलकर सामने आ गया। जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर चिरईपानी गांव में रहने वाले 11 साल के मासूम छात्र प्रीतम की लाश गुरुवार सुबह सरकारी स्कूल के नए कमरे के अंदर पड़ी मिली थी। प्रीतम अपने दोस्तों के साथ बुधवार की शाम चार बजे खेलते-खेलते अचानक गायब हो गया था। बुधवार देर रात तक वापस नहीं आने पर गुरुवार की सुबह फिर से परिजनों ने उसकी तलाश की। कुछ ही दूरी पर स्थित सरकारी स्कूल के खुले हुए कमरे में प्रीतम की लाश पड़ी मिली थी। 

चोरनी का आरोप लगने से ऊषा हो गई थी परेशान

आरोपी ऊषा पर मृतक प्रीतम और उसकी मां के अलावा प्रीतम की दोनों बहनें चोरी करने का ताना देती थीं। लगातार इस तरह के ताने से वह कई बार झगड़ती भी थी। 24 मई की शाम जब प्रीतम घर के पास खेल रहा था, उसी दौरान ऊषा ने योजना बनाकर अपने चचेरे भाई को स्कूल के पास ले गई। वहां रॉड से वार करते हुए उसकी हत्या कर दी और वहीं उसकी लाश को फेंककर बड़े आराम से घर आकर सो गई थी।

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एसईसीएल कर्मचारी की हत्या की पत्नी ने दी थी सुपारी, महिला समेत 2 गिरफ्तार

कोरबा (छत्तीसगढ़ दर्पण)छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में हुई एसईसीएल कर्मचारी की हत्या के मामले में हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है। हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी ने ही शादी की सालगिरह के दिन करवाई थी। महिला ने एक बदमाश को इसके लिए 50 हजार रुपए में सुपारी दी थी।


इसके बाद बदमाश मौके पर पहुंचा और कुल्हाड़ी से कई बार हमला करके युवक की जान ले ली। पुलिस ने इस मामले में महिला समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला दीपका थाना क्षेत्र का है।

गेवरा स्थित एसईसीएल की विभागीय कॉलोनी उर्जानगर में जगजीवन राम रात्रे(32) की बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात 2 बजे के आस-पास हत्या कर दी गई थी। गुरुवार के दिन जगजीवन की शादी की सालगिरह थी।

उसकी पत्नी धनेश्वरी(30) ने अपने भाई को इस बात की जानकारी देते हुए बोली था कि, कोई रात में आया और तेरे जीजा का मार दिया है। मैं डर के मारे अपने दोनों बच्चों को लेकर कमरे के अंदर घुस गई थी।

उधर, मामले की सूचना पुलिस को भी दी गई थी। जिसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। फिर शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। पुलिस ने उसकी पत्नी से भी पूछताछ की थी। मगर वह बार बार कहती रही कि सर मैं क्या करती, मैं डर गई थी।

पुलिस को महिला के बयान पर संदेह हो रहा था। इसलिए पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। तब उसने बताया कि मेरा पति रोज शराब पीकर घर आता था। बहुत पीटता था। बेइज्जती करता था। इसलिए मैं परेशान हो गई थी।

इसी वजह से मैंने कृष्णा नगर निवासी तुषार(21) उर्फ गोपी को पति को मारने की सुपारी दी थी। मैंने उसे 6 हजार एडवांस दे दिए थे। बाद में कुल 44 हजार और देने थे।

पुलिस ने महिला की निशानदेही पर आरोपी तुषार को भी अरेस्ट कर लिया था। आरोपी युवक ने बताया कि मैंने दरवाजा खटखटाकर पहले जगजीवन से पानी मांगा था। फिर उससे कहा, तुम्हारी पत्नी के संबंध में कुछ बात करनी है।

ये कहकर घर के अंदर आ गया। फिर जैसे ही वो पानी लेकर आया। तब मैंने उसकी हत्या कर दी। घटना के वक्त जगजीवन की पत्नी वहीं खड़े होकर सब कुछ देख रही थी। पुलिस ने दोनों के कबूलनामे के बाद गिरफ्तार कर लिया है।

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एनएसयूआई प्रदेश सचिव को मारी कैंची, पुलिस ने आरोपियों का निकाला जुलुस...

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर में एनएसयूआई के प्रदेश सचिव के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उनका जुलुस निकाला। पकड़े गए आरोपियों में ओम दुबे पुलिस की गुंडा-बदमाश की लिस्ट में शामिल हैं, और 15 दिन पहले ही जेल से छूटा था। मामला डीडी नगर थाना क्षेत्र का है।


पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 23 मई को ओम चौक के पास एनएसयूआई के प्रदेश सचिव मेहताभ हुसैन और उसके साथ रात्रि 8 बजे के आस पास खड़े थे। तभी वहां पुराना बदमाश ओम दुबे और उसका एक साथी रवि पहुंचे। पुराने बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और ओम दुबे ने पास की दुकान वाले से कैची नुमा चीज लेकर मेहताब पर वार कर दिया, जो उसकी जघें में लगा। घटना के बाद ओम दुबे और उसके साथी वहां से फरार हो गए। मेहताब ने पुलिस थाना डीडी नगर में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी की खोज शुरू की। देर रात तक डीडी नगर पुलिस ने ओम दुबे और उसके साथी रवि को पकड़ लिया।


ओम दुबे आदतन अपराधी है, उसके थाने में मारपीट के दस से अधिक मामले है। अगस्त 2022 में 307 के मामले में डीडी नगर पुलिस ने ही उसे जेल भेजा था। और वह 9 महीने बाद 15 दिन पहले जेल से छूटा है। आरोपी ओम दुबे डीडी नगर थाने के गुंडा बदमाश लिस्ट में है।
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बोरे में बंद मिला व्यापारी का शव, हत्यारा गिरफ्तार

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण) वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  के निर्देशन पर जिले के सभी लंबित गंभीर प्रकरण जिनमें गिरफ्तारियां नहीं हुई है, उनकी समीक्षा कर लगातार आरोपियों की पतासाजी हेतु अभियान चलाया जा रहा है । इसी क्रम में थाना पूंजीपथरा के 6 माह पुराने ब्लाइंड मर्डर के मामले में पूंजीपथरा पुलिस ने एक आरोपी मुकेश मिश्रा को उत्तर प्रदेश के भदोही से धर पकड़ कर गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

5 नवंबर 2022 को थाना पूंजीपथरा अंतर्गत चिराईपानी मेन रोड किनारे दोना पत्तल व्यवसायी सुजीत कुमार मिश्रा (उम्र 49 वर्ष) का शव बोरे में बंद मिला था । मामले में पूंजीपथरा पुलिस अज्ञात आरोपी के विरुद्ध हत्या का अपराध दर्ज कर जांच विवेचना में जुटी हुई थी, जांच विवेचना में व्यवसायी के साथ रुपए के लेन-देन को लेकर लाखा के धीरज चौबे के साथ पूर्व में झगड़ा विवाद और धीरज चौबे के रंजिश होने की जानकारी मिली । घटना के बाद से ही धीरज चौबे और उसका साथी मुकेश मिश्रा फरार थे ।

मामले के दोनों आरोपी घटना कारित करने के बाद से ही लगातार पुलिस की इन्वेस्टिगेशन और इस मामले से जुड़ी खबरों पर नजर बनाए हुए थे, साथ ही साथ पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने लोकेशन बदल रहे थे । पहले भी कई बार पूंजीपथरा पुलिस द्वारा आरोपियों के निवास पर जाकर दबिश देकर गिरफ्तारी का प्रयास किया गया था, भदोही में जाकर जब पूंजीपथरा पुलिस की टीम द्वारा मुखबिरी तैयार की गई तब कहीं जाकर आरोपी पुलिस के हाथ लगा जिसे कल हत्या के अपराध में गिरफ्तार कर आज न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।

मृतक सुजीत कुमार मिश्रा पिता बासुनंदन मिश्रा उम्र 49 वर्ष के पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में मृतक की मृत्यु गला दबाकर हत्या करने तथा मृत्यु “हत्यात्मक प्रवृत्ति”का होना पाये जाने पर दिनांक 06.11.2022 को अज्ञात आरोपी हत्या (धारा 302 आईपीसी) का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार के दिशा निर्देशन एवं एडिशनल एसपी संजय महादेवा के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक जितेंद्र एसैया द्वारा सभी पहलुओं पर जांच विवेचना की जा रही थी।

जांच दौरान मृतक सुजीत कुमार मिश्रा के वारिसानों ने बताया कि सुजीत कुमार दोना पत्तल का काम करते थे । काम के सिलसिले में उनका गेरवानी, लाखा, पूंजीपथरा की ओर आना-जाना था । इसी दौरान बीएस प्लांट तराईमाल में काम करने वाले मुकेश मिश्रा से सुजीत की जान पहचान हुई। मुकेश मिश्रा के माध्यम से सुजीत की मुकेश के दोस्त धीरज चौबे से परिचय हुआ । धीरज कुमार चौबे का लाखा में ढाबा था , धीरज कुमार के कहने पर 15,000 प्रति माह के हिसाब से सुजीत मिश्रा ढाबा में 3 महीने काम किया था, 3 महीने बाद धीरज कुमार अपना ढाबा बंद कर दिया । सुजीत मिश्रा को धीरज चौबे से उसके काम के रूपये लेने थे।

घर से निकले सुजीत का मोबाइल बंद हो जाने पर उसके परिवारजन परेशान हो गए और खोजते हुए चिराईपानी पहुंचे , जहां रोड किनारे बोरे में बंद उसका शव मिला था । पुलिस की जांच विवेचना में दोनों संदेही मुकेश मिश्रा और धीरज चौबे घटना के बाद से ही अपना मोबाइल बंद कर फरार हो गए थे जिसकी पता तलाश में पुलिस लगी हुई थी । पता तलाश दौरान मुकेश मिश्रा के उसके गांव ग्राम भीखीपुर थाना कोइरौना जिला भदोही उत्तर प्रदेश में देखे जाने की सूचना पर तत्काल एसएसपी सदानंद कुमार के निर्देशन पर थाना प्रभारी पूंजीपथरा के नेतृत्व में पुलिस टीम उत्तर प्रदेश रवाना हुई और आरोपी को उसके गांव में घेरा बंदी कर धर दबोचा गया जिसे हिरासत में लेकर रायगढ़ लाये। संदेही मुकेश मिश्रा से पूछताछ करने पर उसने अपना अपराध कबूल किया है।

आरोपी मुकेश कुमार मिश्रा ने अपने इकबालिया बयान में बताया है कि धीरज चौबे और सुजीत कुमार के बीच पैसे का लेनदेन का विवाद था । धीरज चौबे के कहने पर सुजीत कुमार मिश्रा का मोटरसाइकिल को अपने पास रख लिया और धीरज के कहने पर ही 04 नवंबर की सुबह सुजीत कुमार को फोन कर बुलाया । सुजीत मिश्रा तराईमाल मिलने आया जिसे मोटरसाइकिल लाखा में दूंगा कहकर धीरज चौबे के क्वाटर में ले गया । क्वाटर में धीरज चौबे ने सुजीत को ₹1,00,000 कब दोगे बोला । इस पर दोनों में विवाद हुआ धीरज चौबे टांगी के बेट से सुजीत को कई बार मारपीट किया और इसने भी (मुकेश मिश्रा) सुजीत को हाथ मुक्का से मारपीट किया और दोनों मिलकर एक गमछा को सुजीत के गला में फंसा कर गला घोट कर उसकी हत्या कर दिए और हत्या के बाद मुकेश बीएस प्लांट तराईमाल चला गया, रात करीब 10:00 बजे धीरज चौबे अपने मोटरसाइकिल से बीएस प्लांट आकर मुकेश मिश्रा को वापस लाखा ले गया । दोनों मिलकर सुजीत कुमार के शव को एक बोरी में भरकर चिराईपानी रोड किनारे फेंक कर फरार हो गए थे । आरोपी मुकेश मिश्रा के मेमोरेंडम पर घटना में प्रयुक्त लोहे का टांगी, एक गमछा जिससे गला घोटा गया था जब्त किया गया है । पूंजीपथरा पुलिस द्वारा आरोपी मुकेश मिश्रा उर्फ हरिशचंद्र मिश्रा पिता उमाशंकर मिश्रा उम्र 45 वर्ष निवासी भीखीपुर थाना कोईरौना जिला भदोही (उत्तर प्रदेश) को हत्या के अपराध में कल शाम गिरफ्तार कर आज न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है । आरोपी धीरज कुमार चौबे फरार है, जिसकी पतासाजी के लिए टीम लगी हुई है।

 

 

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मां ने की बेटे की हत्या, गिरफ्तार, ये है वजह

धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। धमतरी के रूद्री थाना इलाके के बाजार पारा गंगरेल में हुए 40 वर्षीय युवक के हत्या मामले में पुलिस ने आरोपी को सप्ताह भर बाद गिरफ्तार कर लिया है।

बता दे कि बाजारपारा गंगरेल में बीते 15 मई को युवक गणेश पटेल की घर के बिस्तर पर लहूलुहान हालत में लाश मिला था।

जिसके बाद रूद्री पुलिस सहित फारेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरु कर अज्ञात आरोपी की तलाश की जा रही थी।

बता दे की की मौके से पुलिस ने चाकू और हंसियां सहित सुसाईड नोट भी बरामद किया था। जिसके बाद पुलिस संदेहीयों से पुछताछ कर रही थी।

वहीं इस मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि मृतक के पत्नी और माँ के बीच आये दिन विवाद होता था।वहीं बेटा का मानसिक स्थिति ठीक नहीं था जिसका इलाज भी चल रहा था।

जिसका खर्च भी मृतक के माँ को उठाना पड़ रहा था।वहीं सप्ताह भर पूर्व युवक गणेश पटेल ने अपनी माँ से कहा था कि उसके पास घर नहीं पैसा नहीं है।

वह पत्नी के साथ वापस पुराना घर में आकर रहना चाहता है।इधर मृतक की माँफुलेश्वरी पटेल अपनी बहू को रखना नहीं चाहती थी।उसी दौरान मृतक की पत्नी कांकेर बरदेभाठा अपने मायके शादी चली गयी।

उसी दौरान बेटे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने से आये दिन होने वाले विवाद एवं उनके इलाज और दवाई पर होने वाले खर्च और बहुत के झगड़े से तंग आकर बीते 15 मई को सुबह 3 बजे किचन में रखे हसियाँ से पेट में हमला कर उसकी हत्या कर दी।

जिसके बाद आरोपी माँ ने हत्या में उपयोग किये गये सामान को छिपाने का प्रयास किया जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। इधर पुलिस आरोपी फुलेश्वरी पटेल उम्र 65 वर्ष के खिलाफ धारा 302 भादवि.कायम कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजी रही है।

 

 

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गोंदवारा में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव, जांच में जुटी पुलिस

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजधानी के रिंगरोड-2 स्थित गोंदवारा बस्ती में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी मच गई। शव की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। मामला खमतराई थाना का है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह गोंदवारा बिजली ऑफिस के पास 1 अज्ञात पुरुष का शव मिला। शव की जांच में पाया की उक्त अज्ञात पुरुष के सर व चेहरे में चोट के निशान है, और खून बहा है। शव व घटना स्थल के निरीक्षण पर यह मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। शव का परिक्षण करने पर हाथ में गणेश नाम गुदा हुआ है। तो पुलिस अंदाजा लगा रही है की मृतक का नाम गणेश होगा। फिहाल थाना खमतराई में अपराध पंजीबद्ध कर मृतक की पहचान व आरोपियों की पतासाजी की जा रही है।
 

 

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बेरोजगार, नशेड़ी युवक ने की मां-बाप और दादी की हत्या...

महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में ग्राम पुटका में बेरोजगार और नशेड़ी युवक ने ही अपने माता-पिता और दादी की हत्या दी। एसपी धर्मेंद्र सिंह ने प्रेसवार्ता लेकर मामले का राजफाश किया।

पुलिस ने घटना में प्रयुक्त हाकी स्टीक, सैनिटाइजर, लाइटर को जब्त कर हत्या व साक्ष्य छिपाने की धारा के तहत गिरफ्तार कर लिया है।

एसपी ने बताया कि आरोपित उदित भोई ने अपनी विलासिता पूर्ण जीवन शैली, नशाखोरी के लिए निर्ममता से अपने माता-पिता व दादी की हत्या कर दी। इतना ही नहीं शव को दो दिन रखने के बाद सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते हुए लकड़ी से शवों को जलाया।

जब शव जल गया तब बची अस्थियों को गड्ढा खोदकर घर आंगन में ही गाड़ दिया। इसके बाद साक्ष्य छुपाने और लोगों गुमराह करने के लिए गुमशुदगी की फर्जी रिपोर्ट लिखाई।

पिता के मोबाइल से सकुशल होने का स्वजनों को मैसेज किया। पिता के आनलाइन फोन पेमेंट एप से चार दिन में ही एसी, पलंग, आलमारी, मोबाइल की खरीदी की।

उसके इस बर्ताव से वह पुलिस के घेरे में आ गया और ट्रिपल मर्डर मामले का पर्दाफाश हो गया। प्रभात भोई पैकिन स्कूल में प्रभारी प्राचार्य थे।

12 मई को सुबह 10 बजे उदित ने सिंघोड़ा थाना आकर सूचना दी कि उनके पिता प्रभात भोई (53) आठ मई को सुबह उपचार कराने के लिए रायपुर जाने की बात कहकर माता झरना भोई (47) एवं दादी सुलोचना भोई (75) के साथ घर से निकले हैं, जो आज तक घर वापस नहीं आए हैं। सूचना पर थाना सिंघोड़ा ने ढूंढना प्रारंभ किया।

थाना सिंघोड़ा की टीम गुम इंसानों की पता तलाश कर रही थी कि प्रभात कुमार का छोटा बेटा अमित कुमार भोई पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कालेज रायपुर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है अपने घर ग्राम पुटका आया तो उनके चाचा पंचानन ने उसे बताया कि तुम्हारे पिता, मां और दादी सुलोचना आठ मई से घर पर नहीं है।

जिसकी सूचना थाना सिंघोड़ा में देकर तुम्हारा बड़ा भाई उदित गुम इंसान रिपोर्ट दर्ज कराया है।

अमित कुमार भोई अगले दिन सुबह चाचा पंचानन के साथ अपने घर ग्राम पुटका गया तो घर पर बड़ा भाई उदित भोई नहीं था, घर के बाड़ी तरफ गया तो बाड़ी में कुछ जलाने का निशान देखा।

जला हुआ राख को हटाया तो उसमें मानव हड्डी के टुकड़े पड़े मिले। अमित कुमार पूरे घर को चेक किया तो हाल के दीवार पर खून के ठींटे तथा बाड़ी में स्थित बाथरूम में खून जैसा धब्बा, बाड़ी में जलाने का निशान, बगल में एक छोटे से गड्ढे में राख का ढेर था।

यह सब देखकर अमित कुमार को कुछ अनहोनी होने का संदेश हुआ और अविलंब थाना सिंघोड़ा आकर इसकी सूचना दी।

पुलिस टीम अलग-अलग दिशा में कार्य कर उनकी परिवारिक दिनचर्या के बारे में जानकारी प्राप्त किया तो पता चला कि पुत्र उदित के साथ ही उसके पिता, माता और दादी रहते थे।

पुलिस ने बताया कि आरोपित उदित भोई नशे का आदी है। अनुकंपा नियुक्ति और पैसे की बात को लेकर आए दिन माता-पिता एवं दादी से वाद-विवाद करते रहता था।

उदित भोई को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो वह पुलिस को गुमराह करने लगा और गोलमोल जवाब देने लगा। पुलिस ने तथ्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ की तो वह अंततः टूट गया व अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

आरोपित ने बताया कि घटना सात-आठ मई के पूर्व में हुए रुपयों को लेकर पिता प्रभात भोई के बीच झगड़ा विवाद होने के कारण माता-पिता से नाराज होकर अपने कमरे में सो गया था।

रात्रि दो से तीन बजे के मध्य जब उठकर देखा तो इनके माता-पिता एवं दादी कमरे में सो रहे थे।

जिसका फायदा उठाकर जान से मारने की नीयत से अपने पास रखे हाकी स्टीक से पिता, माता और दादी सुलोचना के सिर पर प्राणघातक हमला कर हत्या कर दी।

 

 

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8 किलो गांजा के साथ अंतर्राज्यीय तस्कर सुमित गिरफ्तार

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) रायपुर की एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट और टिकरापारा थाना पुलिस ने नशे की खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 8 किलो गांजा बरामद हुआ है। गांजा की कीमत लगभग 1 लाख रूपए है। आरोपी मूलतः उत्तरप्रदेश का निवासी है और जगदलपुर से गांजा तस्करी कर ले जा रहा था। आरोपी के खिलाफ टिकरापारा थाना में धारा 20बी नारकोटिक्स एक्ट का अपराध दर्ज किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 मई को एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की टीम को सूचना प्राप्त हुई कि थाना टिकरापारा क्षेत्रांतर्गत पचपेड़ी नाका चौक पास एक व्यक्ति अपने पास बैग में गांजा रखा है तथा कहीं जाने की फिराक में है। सूचना पर एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना टिकरापारा पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और मुखबीर के बताये हुलिये के व्यक्ति को चिन्हांकित कर पकड़ा। पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम सुमित वर्मा निवासी उत्तरप्रदेश बताया। उसके पास रखें बैग की तलाशी लेने पर बैग में गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने बताया की वह जगदलपुर से गांजा लेकर उत्तरप्रदेश जा रहा था। आरोपी सुमित वर्मा को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से कुल 8 किलोग्राम गांजा कीमती लगभग 1,00,000/- रूपये जब्त कर आरोपी के विरूद्ध थाना टिकरापारा में धारा 20बी नारकोटिक्स एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई।

गिरफ्तार आरोपी
सुमित वर्मा पिता जीत लाल वर्मा उम्र 20 साल निवासी बालापुर जिला प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश।

कार्यवाही में निरीक्षक अमित बेरिया थाना प्रभारी टिकरापारा, एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट निरीक्षक रोहित मालेकर, सउनि मोह. जमील, मंगलेश्वर सिंह परिहार, प्र.आर. आशीष त्रिवेदी, आर. अनिल राजपूत, तुकेश निषाद, राकेश सोनी की महत्वपूर्ण भूमिंका रही।

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शाइस्ता परवीन, गुड्डू मुस्लिम के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी

प्रयागराज (छत्तीसगढ़ दर्पण) उत्तर प्रदेश पुलिस ने उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी गुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता परवीन के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। शाइस्ता परवीन और गुड्डू मुस्लिम पर यूपी पुलिस पहले ही 5-5 लाख रुपये का इनाम रख चुकी है।

प्रयागराज में हुई उमेश पाल की हत्या के बाद मारे गए गैंगस्टर अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन और शूटर गुड्डू मुस्लिम की पुलिस पिछले 78 दिनों से तलाश कर रही है। दोनों आरोपी अब तक पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहे हैं।

लुकआउट नोटिस आरोपी को विदेश यात्रा करने से रोकेगा। आरोपी के विवरण और तस्वीरें सभी हवाई अड्डों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर भेजी जा चुकी हैं।

 

 

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पत्‍नी की हत्‍या करने वाला पति गिरफ्तार

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हत्‍या की एक सनसनीखेज वारदात की खबर आ रही है। यहां शख्‍स ने अपनी पत्‍नी की हत्‍या कर दी। इसके बाद हत्‍यारा पति पत्‍नी की लाश को बिस्तर के नीचे छिपाकर कर रखा था। वहीं सोता था।

पुलिस ने बताया कि हत्‍यारे पति ने दो दिन पहले वारदात को अंजाम दिया था। दो दिन बाद जब बदबू आने के बाद आसपास के लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।

पुलिस ने मौके का मुआयना किया तो महिला की हत्‍या का पता चला। पुलिस आरोपी को गिरपतार कर पूछताछ कर रही है। इस खौफनाक घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

पुरानी बस्‍ती थाना के सीएसपी राजेश चौधरी ने बताया कि टिकरापारा थाने में एक महिला की हत्‍या का मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि इस महिला की हत्‍या उसके पति ने की है। हत्‍या की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही है।

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क्राईम मीटिंग लेकर एसपी ने की लंबित मामलों की समीक्षा

अपराध रोकने व असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के दिए निर्देश

धमतरी  पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर ने क्राइम मीटिंग लेकर लंबित अपराधों एवं शिकायत की समीक्षा की। उन्होंने मामलों का त्वरित निराकरण करने व पेंडेंसी कम करने के सभी सुपरविजन अधिकारी व थाना-चौकी प्रभारियों से अनसुलझे व लंबित मामलों पर चर्चा कर निकालने के निर्देश दिये। साथ ही सभी थानाप्रभारियों को यह भी निर्देश दिया गया की वो अपने थाना क्षेत्रों के के गावों में चलित थाना लगाये एवं सायबर संबंधी जागरूकता अभियान चलायें।उन्होंने सभी राजपत्रित अधिकारियों को महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराध तथा लंबित गंभीर मामलों के साथ-साथ चिटफंड कंपनी से संबंधित शिकायतों एवं आईटी एक्ट प्रकरणों की अपने स्तर पर समीक्षा कर आवश्यकतानुसार पुलिस टीम बनाकर दीगर प्रांत भेजने हेतु निर्देशित किया। जमीन संबंधी विवादों में दोनों पक्षों पर अनिवार्यतः प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करने के दिये गए निर्देश।मीटिंग के दौरान पुलिस अधीक्षक  द्वारा गुम इंसान,गुम बालक बालिका के पतासाजी व दस्तयाब करने एवं प्राप्त साक्ष्य के आधार पर वैधानिक कार्यवाही करने निर्देशित किया गया है।साथ ही पतासाजी के संबंध में टीम गठित कर दुसरे प्रांत भेजकर दस्तयाब करने के भी निर्देश दिये।महिला बालिका संबंधी अपराधों में पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी किए गए निर्देशों तथा महिला संबंधी रिपोर्ट एवं शिकायत पत्रों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के कड़े निर्देश दिये। क्षतिपूर्ति एवं राहत प्रकरणों के त्वरित निराकरण के भी निर्देश दिए गए। थानावार लंबित अपराध, शिकायत, समंस/वारंट, मर्ग, गुम इंसान, चिटफंड कंपनियों के विरुद्ध पंजीबद्ध अपराध की समीक्षा उपरांत लंबित मामले का निराकरण करने कहा गया है। साथ ही सभी प्रभारी को अपने-अपने थाना क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने हेतु सूचना तंत्र मजबूत कर संपत्ति संबंधी अपराध जैसे लूट,चोरी, धोखाधड़ी आदि को रोकने के लिए अधिक से अधिक लघु व प्रतिबंधात्मक अधिनियम के तहत कार्यवाही करने तथा रात्रि गस्त एवं पेट्रोलिंग को सुदृढ़ करने हिदायत दी।थाना क्षेत्र के बदमाशों पर सतत निगाह रखते हुए उनकी सक्रियता पाए जाने पर विधिवत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करने एवं असामाजिक गतिविधियों जैसे अवैध शराब व मादक पदार्थों की बिक्री,अवैध आर्म्स,जुआ-सट्टा में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध अभियान चलाकर वैधानिक कार्यवाही कर उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने सख्त निर्देश दिये। व्हीव्हीआईपी,व्हीआईपी मूव्हमेंट के पहले थाना, चौकी प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था में विशेष सावधानी बरतने कहा गया।  वही पुलिस अधीक्षक प्रशान्त ठाकुर  ने क्राईम मीटिंग के दौरान थानों में लंबित चालानों का समय सीमा में प्रस्तुत करने एवं लंबित जप्ती माल के आवश्यक निराकरण करने के निर्देश दिये गए।साथ ही न्यायालय द्वारा जारी समंस-वारंटो की तामीली एवं न्यायालयीन कार्यों को पूर्ण जवाबदेही के साथ समयावधि में निराकृत करने के निर्देश दिए। समयावधि पर तामिली नही किये जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों के उपर दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी।  अपने अपने थाना क्षेत्र के सामाजिक संस्थानों, व्यापारियों एवं नागरिकों से संपर्क कर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने हेतु निर्देशित किए।उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों को बेहतर बेसिक व विजिबल पुलिसिंग हेतु आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए सामुदायिक पुलिसिंग अभियान के तहत जनता से संपर्क कर ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर क्राइम, एटीएम फ्रॉड व यातायात नियमों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर चलाए जाने निर्देशित किए।थाना प्रभारियों को अपने अधिनस्थों पर नियंत्रण रखने एवं आगंतुकों से शालीनता पूर्वक व्यवहार करने एवं महिलाओं बच्चों व बुजुर्गो से संबंधित मामलों का त्वरित निराकरण करने दिए निर्देश।साथ ही सभी पुलिस अधिकारी कर्मचारियों को अपने निर्धारित वेश भूषा में रहने एवं साफ सुथरी वर्दी धारण करने के भी निर्देश दिया गया है। सभी थाना चौकी प्रभारी को अपने अपने थाना/चौकी क्षेत्रों में सघन एवं सुनसान क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग,एवं रात्रि गश्त करने एवं  लगातार पैदल करने के निर्देश दिया गया। उल्लेखनीय है की पुलिस अधीक्षक  द्वारा सभी थाना-चौकी में जाकर आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है एवं थाने में ही विवेचना अधिकारियों की मीटिंग लेकर उनके कार्यों की  समीक्षा किया जा रहा है।उक्त क्राईम मिटिंग में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेघा टेंभुरकर साहू,उप पुलिस अधीक्षक के.के.वाजपेयी, भावेश साव, सारिका वैद्य, नेहा राव पवार,उप पुलिस अधीक्षक यातायात  मणिशंकर चंद्रा, एसडीओपी. कुरुद  कृष्ण कुमार पटेल, एसडीओपी. नगरी  मयंक रणसिंह,परि.उप पुलिस अधीक्षक विंदेश्वरी पिंदे,रक्षित निरीक्षक के.देव राजू,थाना/चौकी प्रभारी, यातायात प्रभारी सहित,समस्त शाखा प्रभारी,सूबेदार,स्टेनो,रीडर सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

 

 

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अवैध कोयला भट्टा के संचालन पर वन विभाग ने की कार्रवाई

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य में वन विभाग द्वारा वन अपराधों की रोकथाम के लिए अभियान निरंतर जारी है।

इस तारतम्य में  वनमंडलाधिकारी दुर्ग शशिकुमार के निर्देशानुसार गठित टीम द्वारा पाटन तहसील अंतर्गत ग्राम घुघुवा, गबराखार में अवैध कोयला भट्टा संचालन पर त्वरित कार्रवाई की गई।

वन विभाग के दल द्वारा इसकी सूचना मिलते ही मौका निरीक्षण किया गया, जहां टीम को अवैध आरा मशीन फ्रेम तथा दो नग आरा पट्टी सहित गिरी नामक व्यक्ति के जमीन पर अवैध रूप से पांच कोयला भट्टों का संचालन होना पाया गया।

वहां मौके पर लगभग दो टन कोयला का भण्डारण होना भी पाया गया। इसमें वन अपराध के प्रकरण दर्ज कर विधिवत् रूप से कार्रवाई जारी है।

 

 

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मुख्तार अंसारी का सहयोगी जुगनू वालिया मोहाली से गिरफ्तार

चंडीगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने शनिवार को एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के सहयोगी हरविंदर सिंह उर्फ जुगनू वालिया को मोहाली से गिरफ्तार किया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने यह जानकारी दी।

डीजीपी ने कहा कि वालिया एक हिस्ट्रीशीटर है। वह हत्या, हत्या के प्रयास और जबरन वसूली से संबंधित कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है। वालिया उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कई आपराधिक मामलों में मोस्ट वांटेड था और उसकी गिरफ्तारी पर 1 लाख रुपये का इनाम था।

डीजीपी ने कहा कि पुलिस ने उसके कब्जे से एक पिस्तौल के साथ 6 कारतूस, लाखों रुपये की विदेशी मुद्रा, एक स्कोडा कार और दो वॉकी-टॉकी सेट भी बरामद किए हैं। गुप्त सूचना के आधार पर एडीजीपी प्रमोद बान के नेतृत्व में और एआईजी संदीप गोयल के सहयोग से पुलिस टीमों ने एक विशेष अभियान चलाया और वालिया को गिरफ्तार कर लिया।

बान ने कहा कि पुलिस टीमों ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद आगे की जांच शुरू कर दी है।

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पुलिस और माओवादियों में मुठभेड़, आठ लाख के दो इनामी नक्‍सली ढेर

सुकमा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के नक्‍सल प्रभावित सुकमा जिले के भेज्जी थाना क्षेत्र के दंतेशपुरम में सोमवार की सुबह नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बल ने आठ लाख के इनामी गोलापल्ली एलओएस कमांडर मुडकम एर्रा व एलओएस सदस्य भेमी को मार गिराया है।

पुलिस के अनुसार गोलापल्ली एलओएस कमांडर एर्रा व अन्य नक्सलियों के दंतेशपुरम के जंगलों में उपस्थिति की सूचना पर सुकमा से संयुक्त सुरक्षा बल, जिसमें डीआरजी, कोबरा 202 बटालियन, सीआरपीएफ 219 बटालियन व अन्य बल के साथ अलग-अलग स्थानों से दंतेशपुरम की ओर रवाना हुई थी।

सर्चिंग आपरेशन के बाद बल वापस लौट रहा था। सुबह करीब 5:30 बजे नक्सलियों ने दंतेशपुरम के पास डीआरजी पर घात लगाकर हमला कर दिया, जिस पर डीआरजी ने जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद नक्सली वहां से भाग खड़े हुए।

घटनास्थल की सर्चिंग पर दो नक्सलियों के शव मिले हैं, जिनकी पहचान एलओएस कमांडर मड़कम एर्रा व एलओएस सदस्य पोडियम भीमे (महिला) के रूप में की गई है। घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार व नक्सल सामग्री बरामद हुई है। इलाके में गहन सर्चिंग जारी है। सुरक्षा बल के वापसी के बाद विस्तृत रिपोर्ट मिल सकेगी।

शनिवार को भी छत्‍तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर पुलिस और नक्‍सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। यह मुठभेड़ तेलंगाना के चरला थाना क्षेत्र के पुट्टापडू वन क्षेत्र में हुई। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने दो नक्‍सलियों को मार गिराया था। नक्‍सली के पास से एक एसएलआर हथियार भी बरामद किया गया।

 

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राजधानी में चाकूबाजी, एक घायल

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  गंज इलाके के प्रभात टॉकीज के पास आधी रात बाद हत्या का कोशिश की गई। शहर के कई थानों का गुंडा बदमाश अफसर कादर ने चाकूबाजी की।

उसने पुरानी रंजिश के चलते विक्की सिंह को मारा चाकू।और आरोपी मौके से फरार हो गया ।गंज पुलिस पड़ताल कर रही है। घायल विक्की की हालत खतरे से बाहर है।

बता दें कि छग की राजधानी रायपुर में लगातार अपराध की घटनाएं सामने आ रही है. रोजाना कहीं ना कहीं चोरी, लूट, चाकूबाजी की वारदात हो रही है।

अपराधी बेखोफ हो गए है. पुलिस भी लगातार कार्रवाई कर रही है. देर रात पैदल पेट्रोलिंग भी की जा रही है। इसके बावजूद अपराध कम नहीं होने से रायपुर के लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे है।

 

 

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बिलासपुर पुलिस का कारनामा, सट्‌टा किंग को पैसे लेकर छोड़ा...

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिलासपुर पुलिस की एंटी साइबर एंड क्राइम यूनिट (एसीसीयू) का नया कारनामा सामने आया है। टीम के सदस्यों ने मध्यप्रदेश के ऑनलाइन सट्‌टा चलाने वाले माफिया को पकड़कर छोड़ दिया।

हैरानी की बात है कि इसकी जानकारी पुलिस अफसरों को भी नहीं दी गई और ब्रांच स्तर पर ही मामले को रफादफा कर दिया गया। सेटिंग में एक पार्षद ने मीडिएटर की भूमिका निभाई और हवाला के जरिए पैसों का लेनदेन किया गया।

बताया जा रहा है कि सट्‌टा किंग मनोज पंजवानी का बिलासपुर में ससुराल है और वह शादी में शामिल होने आया था। वह मध्यप्रदेश के कटनी का रहने वाला है और दुबई से संचालित एप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा खिलाता है।

वह बीते बुधवार की रात बिलासपुर आया था और तोरवा के धान मंडी के सामने ईश्वरी विष्णु कृपा के पास ठहरा हुआ है।

इसकी जानकारी मिलते ही एसीसीयू की टीम वहां पहुंच गई। टीम ने मनोज पंजवानी को पकड़ भी लिया। इसकी भनक लगते ही तोरवा क्षेत्र का पार्षद भी पहुंच गया। सट्‌टेबाज से सेटिंग करने में पार्षद ने मीडिएटर की भूमिका निभाई और लेनदेन तय कर उसे छोड़ दिया गया।

इस पूरे खेल में जिस तरह से काम हुआ, जिसकी भनक पुलिस अफसरों को नहीं लगी। न ही एसीसीयू प्रभारी ने इसकी जानकारी दी। सुनियोजित तरीके से हुए इस लेनदेन की पुख्ता शिकायत पुलिस के आला अधिकारियों से की गई है, जिसमें बताया गया है कि सट्‌टेबाज ने हवाला के जरिए पैसे ट्रांसफर किया है।

हालांकि, पुलिस अफसर अगर गंभीरता से जांच कराएंगे तो सेटिंग करने वाले खुद ब खुद सामने आ जाएंगे। क्योंकि, हवाला का पैसा तारबाहर क्षेत्र के मैग्नेटो माल के पास रहने वाले युवक के पास आया है और उसके माध्यम से ट्रांक्जेक्शन किया गया है। बैंक अकाउंट की जानकारी जुटाने पर दोषियों का सामने आना तय है।

ऑनलाइन सट्‌टा एप संचालक का शहर में ससुराल है। बताया जा रहा है कि वह सट्‌टे की काली कमाई को यही इन्वेस्ट कर रहा है। इसमें उसके 30-40 करोड़ की बेनामी संपत्ति होने का दावा किया जा रहा है।

वह अपने रिश्तेदारों के जरिए रकम इन्वेस्ट करता है। बिलासपुर में कई जगह दुकानें हैं। इलेक्ट्रिकल्स व्यापारी के जरिए कुछ कई जगह बड़ी जमीन खरीदी है ।राजकिशोर नगर में स्मृति वन के पास अपार्टमेंट बनवा रहा है।

एसीसीयू प्रभारी धर्मेद्र वैष्णव का कहना है कि सट्‌टा संचालक के बारे में मुझे तो नाम तक पता नहीं है और न ही मुझे आने की जानकारी है। टीम से कौन गया था यह भी जानकारी नहीं है।

इस संबंध में टीम के सदस्यों से पूछताछ की जाएगी। ऐसा हुआ है तो अफसरों को जानकारी देकर उनके खिलाफ कार्रवाई भी जाएगी।

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जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, फायरिंग में 6 की मौत

मुरैना (छत्तीसगढ़ दर्पण)मुरैना के सिहौंनिया थाना क्षेत्र के तहत लेपा गांव में जमीन के विवाद में दो गुटों में खूनी संघर्ष हो गया। संघर्ष के दौरान दोनों गुटों के लोगों ने लाठियों से हमला किया और बंदूकों से फायरिंग की।

फाइरिंग में छह लोगाें की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सिंहौनिया सहित आसपास के थानों से भी पुलिस बल लेपा गांव भेजा गया है। घटना के बाद से गांव में तनाव की स्थति बनी हुई है।

गांव से मृतकों के शवों को मुरैना अस्पताल में पीएम के लिए लाया गया है। साथ ही घायलों को भी इलाज के लिए मुरैना अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

फायरिंग में लेस कुमारी पत्नी वीरेंद सिंह, बबली पत्नी नरेंद्र सिंह तोमर, मधु कुमारी पत्नी सुनील तोमर, गजेंद्र सिंह पुत्र बदलू सिंह, सत्यप्रकाश पुत्र गजेंद्र सिंह व संजू पुत्र गजेंद्र सिंह है। घायलाें में विनोद सिंह पु. सुरेश सिंह तोमर, वीरेंद्र पुत्र गजेंद्र सिंह है।

लेपा गांव के रंजीत तोमर व राधे तोमर के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 2014 में दोनों पक्षाें के बीच में विवाद हुआ और रंजीत तोमर के पक्ष ने राधे तोमर के परिवार के दो तीन लोगों की हत्या कर दी थी। इसके बाद से रंजीत तोमर का परिवार गांव छोड़कर चला गया था। कुछ दिन पहले ही वह गांव में लौटा तो बदला लेने की नीयत से हमला किया।

फायरिंग कर हत्या करने के बाद आरोपित परिवार सहित फरार हो गए। साथ ही गांव में इस घटना के बाद से सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव का कोई भी व्यक्ति कुछ कहने के लिए तैयार नहीं है। पुलिस मौके पर पहुंच गई है। साथ ही आरोपितों की तलाश कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि अभी आरोपित खेतों व बीहड़ों में छिपे हो सकते हैं।

लेपा गांव के पास ही भिड़ोसा गांव है। भिड़ोसा गांव के ही डकैत पान सिंह तोमर थे। जिनके ऊपर फिल्म भी बन चुकी है। पान सिंह तोमर का विवाद भी जमीन को लेकर गांव के लोगों के साथ हुआ था और वह डकैत बने थे। खासबात यह है कि दोनों ही गांवों को जोड़कर यानि लेपा-भिड़ोसा के नाम से जाना जाता है।

दिमनी के विधायक रविंद्र तोमर का गांव भी लेपा गांव के पास भिड़ोसा है। इसी गांव के डकैत पान सिंह तोमर थे। इसलिए भी ये गांव जिले में अपनी पहचान रखता है।

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टिकट बुकिंग के नाम पर लाखों रूपए की धोखाधड़ी, जुर्म दर्ज

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) शहर में टिकट बुकिंग के नाम पर लाखों रूपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ये घटना आज़ाद चौक थाने की है।  

पुलिस ने बताया कि 1-11-2022 से 25-03-2023 के बीच आरोपियों फागुलाल पटेल और पुरूषोत्तम निर्मलकर जो शहर स्थित च्वाईस हालीडेज में टिकट बुकिंग का काम करते थे उन्होंने टिकट बुकिंग का राशि 12.71 लाख रूपए की टिकट बुकिंग की थी  राशि को गबन कर लिया।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भादवि की धारा 408, 34 के तहत अपराध कायम किया है और आरोपियों की तलाश कर रही है।

 

 

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