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पाकिस्तान में आतंकी हमला, पुलिस प्रमुख कार्यालय को बनाया निशाना, 9 की मौत

  (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  पाकिस्तान के सबसे घनी आबादी वाले शहर कराची में शुक्रवार को हथियारबंद आतंकवादियों ने पुलिस प्रमुख कार्यालय पर हमला कर दिया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों और हमलावरों के बीच शुरू हुई भीषण गोलीबारी में तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के पांच आतंकवादी और चार अन्य लोग मारे गए। 

देशभर में आतंकवादी हमलों में वृद्धि के बीच सुरक्षा बलों पर हुआ यह ताजा हमला है।  हमला स्थानीय समयानुसार शाम लगभग 7 बजकर 10 मिनट पर हुआ और रात के लगभग 10.50 बजे कार्रवाई खत्म हुई। 

कराची पुलिस के एक प्रवक्ता ने एक बयान में पुष्टि की कि कराची पुलिस प्रमुख के मुख्यालय पर हमला हुआ है।  कराची के पुलिस प्रमुख जावेद ओदहो ने भी एक ट्वीट कर पुष्टि की कि उनके कार्यालय पर हमला हुआ है।  उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।  कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने करीब चार घंटे के अभियान के बाद शहर के पुलिस प्रमुख के पांच मंजिला कार्यालय को खाली करा लिया।

सिंध सरकार के प्रवक्ता मुर्तजा वहाब ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया कि इमारत को खाली करा लिया गया है। उन्होंने कहा, ‘पांच आतंकवादियों को मार गिराया गया है।’ ट्विटर पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा कि दो पुलिस अधिकारियों समेत चार लोगों की भी मौत हो गई. हमले में सुरक्षाकर्मियों समेत 14 लोग घायल हो गए। 

पुलिस सूत्रों ने पहले कहा था कि इमारत में आठ आतंकवादी थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डीआईजी (दक्षिण) इरफान बलूच ने कहा, ‘कुछ आतंकवादी इमारत के पिछले हिस्से से दाखिल हुए, जबकि दो पुलिस की वर्दी पहनकर मुख्य द्वार से घुसे।’ उन्होंने कहा, ‘हमें दो कार भी मिलीं जिनके दरवाजे खुले हुए थे, एक इमारत के पिछले प्रवेश द्वार पर और दूसरी सामने खड़ी थी, जिसमें आज 7 बजकर 10 मिनट के आसपास आतंकवादी आए थे।’

खूंखार आतंकी समूह पाकिस्तान तालिबान ने हमले की जिम्मेदारी ली है। आतंकवादियों ने पहले कराची पुलिस प्रमुख कार्यालय की इमारत के मुख्य परिसर में छह हथगोले फेंके और फिर परिसर में घुस गए। कराची पुलिस प्रमुख का कार्यालय शहर की मुख्य सड़क के पास स्थित है जो हवाई अड्डे तक जाती है।  पाकिस्तान में नवंबर के बाद से आतंकवादी हमलों में वृद्धि देखी गई है, जब पाकिस्तान तालिबान ने सरकार के साथ एक महीने का संघर्ष विराम समाप्त कर दिया था। 

गौरतलब है कि पिछले महीने, तालिबान के एक आत्मघाती हमलावर ने उत्तर-पश्चिमी पेशावर शहर में उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में एक मस्जिद में खुद को बम से उड़ा लिया था, जिसमें 100 से अधिक लोग मारे गए थे। मरने वालों में ज्यादातर पुलिसकर्मी थे। 

 

 

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चीन को पछाड़ने अमेरिका-यूरोप को भारत जैसे देशों की जरूरत : चक शूमर

 लंदन (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  अमेरिका के शीर्ष सीनेटर चक शूमर ने कहा कि चीन को टक्कर देने के लिए अमेरिका और यूरोप को भारत जैसे देशों की जरूरत है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सामने लोकतांत्रिक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करने की जरूरत है। शुक्रवार को वार्षिक म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में यूरोपीय लोगों और अंतर्राष्ट्रीय नेताओं को चक शूमर ने बताया कि वह अगले सप्ताह भारत में सीनेटरों के एक शक्तिशाली द्विदलीय समूह का नेतृत्व कर रहे हैं।

शूमर ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा, 'हमें यह सुनिश्चित करने के लिए एक साथ काम करना चाहिए कि एक तेजी से आक्रामक चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सामने लोकतांत्रिक अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था विघटित न हो। यह काम केवल अमेरिका और यूरोप का नहीं है। हमें भारत जैसे देशों की आवश्यकता है, जो दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। भारत के अंदर वह क्षमता है कि वह एशिया में रहते हुए चीन को मजबूती से टक्कर दे सकता है।'

शूमर ने आगे कहा, 'मैं भारत की यात्रा करूंगा और उन्हें वही संदेश दूंगा जो हम इस उभरते खतरे का मुकाबला करने के लिए चाहते हैं। मैं यूरोप से भी ऐसा करने का आग्रह करता हूं। भारत, अपनी लोकतांत्रिक परंपराओं के साथ, चीन को मात देने में एक बहुत मजबूत भागीदार हो सकता है और भारत के शामिल होने से पश्चिमी साझेदारी लोकतंत्र को आगे बढ़ाने के उद्देश्य को पूरा कर सकती है।'

शूमर ने कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के उदय का सामना करने के लिए लोकतांत्रिक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूत होना चाहिए। उन्होंने लिखा, यह काम अकेले अमेरिका और यूरोप का नहीं है। हमें भारत जैसे देशों की जरूरत है, जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और एशिया के अन्य लोकतंत्र हैं, ताकि वे चीन और उसके आक्रमणों को मात देने के लिए हमारे साथ काम कर सकें। उन्होंन कहा कि इस हफ्ते, मैं आठ अन्य सीनेटरों के साथ भारत की यात्रा करूंगा और अपने दोस्तों को भी यही संदेश दूंगा कि हम इस उभरते खतरे का मुकाबला करना चाहते हैं।

चीन पर खूब बरसे सीनेटर
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में शूमर चीन पर खूब बरसे। उन्होंने अमेरिका के आसमान में छोड़े गए चीन के जासूसी गुब्बारे का मुद्दा भी उठाया। कहा कि अमेरिकी सेना ने अपनी सीमाओं के भीतर चीनी निगरानी गुब्बारों को मार गिराया। यह अमेरिकी संप्रभुता का खुला उल्लंघन था। यह इस बात का उदाहरण है कि कैसे चीन ने पश्चिम के खिलाफ अपनी आक्रामकता को लगातार बढ़ाया है।

शूमर ने कहा, चीनी निगरानी गुब्बारों ने दुनिया भर के 40 से अधिक देशों को निशाना बनाया है। लेकिन अमेरिका इकलौता ऐसा देश है, जिसने इसे मार गिराया। यह सिर्फ चीनी जासूसी नहीं है जिससे पश्चिम को खतरा है। चीन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और इस शताब्दी को आकार देने वाली उन्नत तकनीकों पर हावी होने के लिए सैकड़ों अरबों को समर्पित किया है।

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में ऋषि सुनक ने पूरे किए 100 दिन

लंदन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पहले गैर-श्वेत ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने बृहस्पतिवार को अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे किये। इसको लेकर सोशल मीडिया में एक नया वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें बढ़ती महंगाई समेत कई अन्य चुनौतियों के बीच उन्हें परिवर्तन लाने का संकल्प लेते हुए दिखाया गया है।

भारतीय मूल के पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने पिछले साल दिवाली के एक दिन बाद 25 अक्टूबर को 10 डाउनिंग स्ट्रीट (प्रधानमंत्री का आधिकारिक कार्यालय) का कार्यभार संभाला था। पूर्ववर्ती प्रधानमंत्रियों की अनौपचारिक विदाई के बाद उपजी गंभीर राजनीतिक उथल-पथल के बीच सुनक ने पदभार ग्रहण किया गया था।‘पार्टीगेट स्कैंडल’ ने बोरिस जॉनसन और देश की सबसे कम समय तक प्रधानमंत्री रहीं लिज ट्रस को झटका दिया था।

 

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यूक्रेन को एफ-16 लड़ाकू विमान भेजने की मंजूरी नहीं देंगे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन

वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोमवार को कहा कि अमेरिका यूक्रेन को एफ16 लड़ाकू विमान नहीं भेजेगा। यूक्रेन को एफ-16 लड़ाकू विमान भेजेंगे या नहीं, इस सवाल पर एक रिपोर्टर के जवाब में बाइडन ने कहा, 'नहीं'। दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका ने तोपों और टैंकों के रूप में यूक्रेन को सैन्य सहायता बढ़ा दी थी। यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस के खिलाफ अपने युद्ध के प्रयासों को बनाए रखने में मदद के लिए लड़ाकू जेट की मांग की है। बाइडन ने लगातार कहा है कि विमान नहीं मिल सकते, भले ही उन्होंने अन्य क्षेत्रों में सहायता दी है।

पिछले हफ्ते बाइडन ने घोषणा की कि वह यूक्रेन को 31 एम1 अब्राम्स टैंक भेजेगा, इसके बावजूद शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि पहले भारी कीमत वाले वाहन देश की सेना के लिए सही नहीं हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस साउथ लॉन में बोलते हुए बाइडन ने यह भी कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि वह यूक्रेन में युद्ध की शुरुआत की एक साल की सालगिरह के लिए अगले महीने यूरोप का दौरा करेंगे या नहीं।

एक अलग सवाल के जवाब में बाइडन ने कहा कि वह पोलैंड जाने की योजना बना रहे हैं, लेकिन यह निश्चित नहीं है कि कब जाएंगे। इससे पहले बाइडन ने यूक्रेन को 2.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का रक्षा पैकेज दिया था, क्योंकि यूक्रेन रूस के साथ चल रहे संघर्ष में एक नए चरण की तैयारी कर रहा है। जेलेंस्की ने अमेरिकी पक्ष से अटूट नेतृत्व के लिए आभार व्यक्त किया।

 

 

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इजराइली प्रधानमंत्री ने पूर्वी यरुशलम में गोलीबारी के बाद शांति का लिया संकल्प

 यरूशलम (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पूर्वी यरुशलम में एक यहूदी बस्ती में हुई गोलीबारी में कम से कम सात लोगों की मौत और तीन अन्य के घायल होने के बाद कार्रवाई करने का संकल्प लिया है।

हमले के तुरंत बाद घटनास्थल पर पहुंचे नेतन्याहू ने कहा कि, अधिकारियों ने कुछ तत्काल उपायों पर निर्णय लिया और उन्होंने आगे के उपायों पर चर्चा करने के लिए एक विशेष सुरक्षा कैबिनेट बैठक बुलाई। रिपोर्ट के अनुसार इजरायली पुलिस ने कहा कि, पूर्वी यरुशलम के रहने वाले 21 वर्षीय हमलावर की एक पुलिस अधिकारी ने गोली मारकर हत्या कर दी।

यह हमला वेस्ट बैंक में एक इजरायली सैन्य हमले के एक दिन बाद हुआ, जिसके परिणामस्वरूप नौ फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। छापे के बाद फिलिस्तीनी आतंकवादी संगठनों ने बदला लेने की कसम खाई। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, जो इस सप्ताह के अंत में वेस्ट बैंक और इजराइल की यात्रा करने वाले हैं, ने अपने ट्विटर अकाउंट पर हमले की निंदा की।

व्हाइट हाउस के एक बयान के मुताबिक हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने नेतन्याहू से बात की। बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने आने वाले दिनों में सरकार और इजराइल के लोगों को समर्थन के सभी उचित साधनों की पेशकश की।

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पेशावर में पुलिस लाइंस इलाके में मस्जिद में आत्मघाती हमला, 17 की मौत

इस्लामाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाकिस्तान के पेशावर में पुलिस लाइंस इलाके में स्थित एक मस्जिद में भीषण ब्लास्ट की खबर है। बताया गया है कि इस धमाके में 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालांकि, अभी तक किसी की जान जाने की खबर नहीं आई है। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, एक आत्मघाती हमलावर ने मस्जिद में नमाज के ठीक बाद खुद को उड़ा लिया।

इससे नमाज के लिए आगे खड़े लोग बुरी तरह घायल हो गए। घायलों को पेशावर के ही लेडी रीडिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 17 लोगों की मौत हो गई है और 13 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।

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देश में बढ़ी पेट्रोल-डीजल की कीमत... पंप में मारामारी...

 पाकिस्तान (छत्तीसगढ़ दर्पण) आर्थिक संकट झेल रहे पाकिस्तान में आटे के बाद अब पेट्रोल के लिए मारामारी की स्थिति पैदा हो गई है। लोग पेट्रोल के लिए कई किमी दूर जाते दिख रहे हैं। दरअसल, पाकिस्तान सरकार ने रविवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 35 रुपये (पीकेआर) प्रति लीटर की वृद्धि की घोषणा की है, जिसके कारण पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गई हैं।

पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि के बारे में घोषणा की है। यह कीमते आज सुबह 11 बजे से लागू हो गई है। इस खबर से पहले ही इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर लीक हो गई थी, जिसको सुनते ही लोग इंधन के लिए पंपों पर टूट पड़े।

250 रुपए पहुंची पेट्रोल की कीमत
इशाक डार ने रविवार को टेलीविजन पर एक संबोधन में ईंधन के दामों में इजाफे की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मिट्टी के तेल और हल्के डीजल के तेल के दाम में 18 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। पाकिस्तान में पेट्रोल की नई कीमत अब 249.80 रुपये (PKR) प्रति लीटर और डीजल की नई कीमत 262.80 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

अन्य क्षेत्रों में भी पेट्रोल के लिए मारामारी की स्थिति बनी हुई है। गुजरांवाला में केवल 20 प्रतिशत पंपों पर पेट्रोल उपलब्ध है, जबकि रहीम यार खान, बहावलपुर, सियालकोट और फैसलाबाद में भी भारी कमी की सूचना मिली है। सूत्रों की माने तो अगले दो हफ्तों के लिए मूल्य संशोधन को लेकर कोई भी फैसला अभी तक नहीं किया गया है।

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यूक्रेन की प्रथम महिला बोलीं : अंतर्राष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर बहाल करें

 यूक्रेन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। यूक्रेन की प्रथम महिला ओलेना जेलेंस्का ने मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की बहाली का आह्वान किया। स्विट्जरलैंड के दावोस में 53वीं विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के उद्घाटन समारोह में उन्होंने दुनिया के नेताओं से कहा कि हम मानते हैं कि ऐसी कोई वैश्विक समस्या नहीं है, जिसे मानव जाति हल नहीं कर सकती है। जेलेंस्का ने सभा से पूछा, क्या होगा यदि हमारा प्रभाव रूसी आक्रमण को पछाड़ नहीं पाता है? उन्होंने आगे कहा, हमारा संयुक्त प्रभाव हमारी संयुक्त समस्याओं के भार से बड़ा है। इसलिए अभी इस प्रभाव का उपयोग करना और भी महत्वपूर्ण है जब रूस के आक्रमण से दुनिया के बड़े पैमाने पर पतन का खतरा है, जैसा कि हम जानते हैं यह।

उन्होंने प्रतिभागियों से यह कल्पना करने के लिए कहा कि क्या हो सकता है यदि टैंकों को परमाणु ऊर्जा केंद्रों पर हमला करने की अनुमति दी जाए, मुद्रास्फीति या जीवन यापन की लागत का क्या हो सकता है, अगर दसियों लाख यूक्रेनियन प्रवासी बनने के लिए मजबूर हों, जलवायु तटस्थता के लिए जब दुनिया रूस को यूक्रेन के पूरे शहरों को जलाने से नहीं रोक सकती।

जेलेंस्का ने विश्व नेताओं से अपने पति और यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेंस्की के युद्ध को समाप्त करने के 10 सूत्री प्रस्ताव का समर्थन करने का आह्वान किया। इसमें शत्रुता का अंत, रूस के साथ यूक्रेन की सीमाओं की बहाली, सभी कैदियों और निर्वासितों की रिहाई, साथ ही भोजन और ऊर्जा सुरक्षा और न्याय का आश्वासन शामिल है।

वल्र्ड इकोनॉमिक फोरम के संस्थापक और कार्यकारी अध्यक्ष क्लॉस श्वाब ने वार्षिक बैठक में प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए अधिक सामंजस्यपूर्ण समाज बनाने के लिए सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा : हम मानते हैं कि हम यह कर सकते हैं - नवाचार, मानव सद्भावना और सरलता के माध्यम से हमारे पास चुनौतियों को अवसरों में बदलने की क्षमता है।

स्विस परिसंघ के अध्यक्ष एलेन बेर्सेट ने भी जलवायु परिवर्तन, महामारी, युद्ध और परमाणु प्रसार की अंतर्राष्ट्रीय, सभ्यतागत चुनौतियों पर नए सिरे से वैश्विक साझेदारी की आवश्यकता को रेखांकित किया।

 

 

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कर चोरी के आरोपों से मुक्त हुईं नोबेल पुरस्कार विजेता मारिया रसा

 (छत्तीसगढ़ दर्पण)। साल 2021 में शांति का नोबेल पुरस्कार विजेता मारिया रसा को अदालत से बड़ी राहत मिली है। दरअसल, अदालत ने उन्हें कर चोरी के आरोप से मुक्त कर दिया है। वहीं फैसले के आने बाद मारिया रसा ने खुशी जताई और इसे न्याय की जीत बताया। बता दें कि मारिया रसा फिलीपींस की रहने वाली हैं और उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए उनके संघर्ष को लेकर 2021 का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था।

बता दें कि मारिया रेसा की समाचार वेबसाइट  रैपर पर कर चोरी के गंभीर आरोप लगे थे। कर चोरी का आरोप राज्य की राजस्व एजेंसी ने लगाया था। राजस्व एजेंसी के मुताबित मारिया रेसा की समाचार वेबसाइट रैपर ने विदेशी निवेशकों को 2015 की डिपॉजिटरी रसीदों की बिक्री की आय को अपने कर रिटर्न से हटा दिया था, जो बाद में इसके लाइसेंस को रद्द करने के लिए प्रतिभूति नियामक का आधार बन गया। नोबेल विजेता मारिया रेसा ने फैसले के बाद इसे न्याय और सच्चाई की जीत बताते हुए कहा कि मेरा बरी होना सिर्फ रैपर के लिए नहीं है, यह हर फिलीपींस वासियों के लिए है, जिस पर कभी भी अन्यायपूर्ण आरोप लगाया गया है। 

 

 

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संयुक्‍त राष्‍ट्र ने अब्‍दुल्‍ल रहमान मक्‍की को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया

संयुक्‍त राष्‍ट्र  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद ने पाकिस्‍तानी आतंकवादी अब्‍दुल रहमान मक्‍की को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया है। मक्‍की लश्‍कर-ए-तैयबा प्रमुख और 26-11 आतंकी हमले के मुख्‍य साजिशकर्ता हाफिज़ सईद का बहनोई है। पिछले साल प्रतिबंध समिति के तहत मक्‍की को आतंकी की सूची में शामिल किए जाने के प्रस्‍ताव का चीन ने विरोध किया, जिसके बाद भारत द्वारा निंदा किये जाने के बाद यह फैसला आया है।

भारत, विशेषकर जम्‍मू-कश्‍मीर में हमले की योजना बनाने के लिए युवाओं की भर्ती करने और धन जुटाने में मक्‍की संलग्‍न रहा है। मक्‍की को भारत और अमरीका पहले ही आंतकी की सूची में डाल चुके हैं। मक्‍की आतंकी संगठन में विभ‍िन्‍न साजिशों को अंजाम देता है।

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आत्मघाती हमले से दहली राजधानी : 1 पुलिसकर्मी की मौत, 6 घायल...

 इस्लामाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद शुक्रवार को आत्मघाती बम हमले से दहल गई। इस हमले में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई है, जबकि 6 घायल हो गए। घायलों में 4 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। धमाके के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस्लामाबाद के आई-10/4 सेक्टर में शुक्रवार को एक कार में आत्मघाती धमाका हुआ है। इस्लामाबाद पुलिस ने एक ट्वीट में कहा कि पुलिस अधिकारी वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान एक संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया। कार रुकते ही उसमें बैठे शख्स ने खुद को धमाके में उड़ा लिया। तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान ने आत्मघाती बम धमाके की जिम्मेदारी ली है।

जानकारी के मुताबिक, बम धमाके में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई है। घायलों में चार पुलिसकर्मी और दो नागरिक शामिल हैं। डीजीपी सोहैल जफर ने बताया कि पुलिस ने इलाके में शुक्रवार सुबह सवा 10 बजे एक संदिग्ध वाहन को देखा था। वाहन में एक पुरुष और एक महिला सवार थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने कार रोकी तो कार सवार दोनों बाहर निकल गए। अधिकारी जब कार की तलाशी ले रहे थे तो शख्स गाड़ी के अंदर गया और खुद को बम से उड़ा लिया।

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विश्वयुद्ध के बाद पहली बार जापान करेगा सेना का निर्माण, चीन का है डर, जानें क्या होगा स्ट्रक्चर?


टोक्यो (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सात दशकों के बाद पहली बार ऐसा मौका आया है, जब जापान अपनी नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटजी का गठन करने वाला है और दो विश्वयुद्ध लड़ने वाला जापान अब अपनी मिलिट्री का गठन करने जा रहा है। चीन की आक्रामकता से डरकर जापान ने अपनी आर्मी गठन करने का फैसला किया है। माना जा रहा है, कि इस शुक्रवार जापान अपनी नई राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का अनावरण करेगा।

जापान करेगा सेना का निर्माण
जापान के खिलाफ उसके दोनों पड़ोसी चीन और उत्तर कोरिया आक्रामक रूख अपना रहे हैं, जिसने जापान को अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीरता से सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। माना जा रहा है, कि अपनी नई सेना के निर्माण के साथ जापान भारी संख्या में मिसाइलों और साइबर युद्ध की क्षमता बढ़ाने पर खर्च करने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, जापान में होने वाला ये परिवर्तन तीन डॉक्यूमेंट्स (1) द नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटजी, (2) द नेशनल डिफेंस प्रोग्राम गाइडलाइंस और (3) द मिड टर्म डिफेंस प्रोग्राम के आधार पर होगा। इसके आधार पर जापान की सरकार ये भी तय करेगी, देश में सेना के निर्माण पर सरकार अगले पांच सालों में कितने रुपये खर्च करेगी।

काउंटर स्ट्राइक की क्षमता में करेगा इजाफा
रिपोर्ट को मुताबिक, जो जानकारियां मिल रही हैं, उसमें जापान अपनी काउंटर स्ट्राइक की क्षमता के विकास पर सबसे ज्यादा ध्यान देने वाला है। जापान के संविधान में शांति के रास्ते पर चलना लिखा हुआ है, लिहाजा जापान के पास अभी जो मिसाइलें हैं, उसकी क्षमता ज्यादा से ज्यादा कुछ सौ किलोमीटर तक की ही है। लिहाजा, इस बात की संभावना जताई जा रही है, कि जापान अपनी मिसाइल क्षमता में जबरदस्त इजाफा करेगा और जमीन, समुद्र और हवा से लान्च की जाने मिसाइलों की क्षमता में इजाफा करेगा।

-टोक्यो का मानना है कि, अगर जापान काउंटर स्ट्राइक की क्षमता में इजाफा करता है, तो युद्ध की स्थिति में वो अपने ऊपर होने वाले हमलों को रोक सकता है। जापान पिछले दो सालों से अपनी इस क्षमता को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। अपने सबसे हालिया बजट अनुरोध में, जापानी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि, वह 2026 तक अपनी जमीन से लॉन्च की जाने वाली टाइप-12 एंटी-शिप मिसाइलों की क्षमता का विस्तार करेगा और हाइपरसोनिक हथियारों सहित अन्य मिसाइलों को विकसित करने की उसकी योजना है।

अमेरिका से हथियार खरीदने की योजना

-योजना की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा है कि, जापान जहाज से लॉन्च की जाने वाली, यूएस-निर्मित टॉमहॉक मिसाइलें भी खरीद सकता है। योमिउरी अखबार ने बताया कि, टोक्यो 500 से ज्यादा क्रूज मिसाइल खरीदना चाहता है, जो 1,250 किमी तक उड़ सकती हैं।

-रक्षा मंत्रालय पांच वर्षों में अपनी सेना पर 300 अरब डॉलर से अधिक खर्च करेगा, जापानी अधिकारियों ने अपने रक्षा बजट को सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 2% दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

-इसमें से लगभग 22 अरब डॉलर साइबर युद्ध संचालन और 14 अरब डॉलर अंतरिक्ष क्षमताओं में इजाफा करने में खर्च किए जाएंगे। योमिउरी अखबार ने दावा किया है, कि उसने सरकार का मसौदा देखा है।

अमेरिकी सेना के साथ ज्वाइंट कमांड
- अपनी वायु, समुद्र और थल सेना के बेहतर समन्वय के लिए जापान अपना पहला संयुक्त कमांड सेंटर स्थापित करेगा। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री किशिदा की सत्तारूढ़ पार्टी ज्वाइंट यूएस-जापान कमांड बनाने पर भी चर्चा कर रही है।

-योमिउरी अखबार ने कहा कि, जापान सरकार पांच साल के भीतर लगभग 70 युद्ध सामग्री डिपो और 2035 तक 130 डिपो बनाने की भी योजना बना रही है। सैन्य योजनाकारों को चिंता है कि, जापान के पास एक लंबे संघर्ष के लिए बहुत कम गोला-बारूद है, लिहाजा अगर जापान में भी यूक्रेन जैसे हालात बनते हैं, तो फिर जापान के लिए खुद को बचाना मुश्किल होगा। जापान के पास काफी कम हथियार होने के साथ साथ स्पेयर पार्ट्स का स्टॉक भी काफी कम है।

- निक्केई की एक रिपोर्ट के अनुसार, जापान के उत्तर में होक्काइडो द्वीप पर सेना के लगभग 70% हथियार संग्रहीत हैं और ये हथियार शीतयुद्ध काल के हैं, जब जापान का सैन्य विरोधी सोवियत संघ हुआ करता था।

- जापान अब अपने दक्षिण-पश्चिमी द्वीप श्रृंखला के साथ चीन को अपना मुख्य खतरा मानता है, जिसका हेनकाकू द्वीप के साथ विवाद चल रहा है।
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पाकिस्तान में गिर सकती है शहबाज शरीफ की सरकार, दो सहयोगी पार्टियां नाराज, समर्थन ले सकती हैं वापस

 

इस्लामाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाकिस्तान में पिछले एक साल से राजनीतिक उठापटक के बीच शहबाज शरीफ की सरकार बनने के बाद कुछ राजनीतिक स्थिरता दिखाई देने लगी थी, लेकिन अब शहबाज शरीफ की सरकार भी खतरे में दिखाई दे रही है। शहबाज सरकार को समर्थन देने वाली दो सहयोगी पार्टियों ने कैबिनेट की बैठक का बहिष्कार कर दिया है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार को शहबाज शरीफ की कैबिनेट की बैठक थी, जिसमें दो सहयोगी पार्टियों ने हिस्सा लेने से इनकार कर दिया और सरकार से समर्थन वापस लेने की चेतावनी दी है।

शहबाज सरकार पर भी संकट
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पहली बार सत्तारूढ़ गठबंधन में दरारें दिखाई दे रही हैं और दो सहयोगी दलों ने बलूचिस्तान में 'रेको दीक' बिल के खिलाफ कैबिनेट की बैठक में हिस्सा नहीं लिया। बलूचिस्तान से तांबा और सोने की खदान परियोजना को लेकर शहबाज शरीफ ये बिल लेकर आई थी, जिसका भारी विरोध गठबंधन में शामिल दो पार्टियों ने किया है और दोनों पार्टियों ने कैबिनेट की बैठक में हिस्सा नहीं लिया। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक से जुड़े सूत्रों ने डॉन को बताया कि, दो सहयोगी पार्टियां, जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई-एफ) और बलूचिस्तान नेशनल पार्टी-मेंगल (बीएनपी-मेंगल) ने बैठक का बहिष्कार किया है। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि, बाद में वो बैठक में शामिल हो गये।

आश्वासन से बनेगी बात?
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ही पार्टियों का रूख इस बिल को लेकर काफी सख्त है और वो शहबाज शरीफ से आश्वासन मिलने के बाद कैबिनेट की बैठक में आखिर में जाकर शामिल हुए। वहीं, स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पीएम शहबाज शरीफ ने JUI-F और BNP-M की शिकायतों को दूर करने के लिए एक कैबिनेट समिति का गठन किया और आश्वासन दिया, कि दोनों सहयोगियों से परामर्श के बाद जल्द ही संसद में एक संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। नाराज पार्टियों का कहना है, कि सरकार जो बिल लेकर आई है, वो बलूचिस्तान की जनता के खिलाफ है और दोनों ही पार्टियों को इस बिल को बनाने से पहले कोई चर्चा नहीं की गई। इस बिल के तहत बलूचिस्तान में खनन कार्य में विदेशी निवेश की सुरक्षा की गारंटी दी गई है और माना जा रहा है, कि चीनी मजदूरों को सुरक्षा देने के लिए इस बिल को लाया गया है, जिससे बलूचिस्तान के लोगों के ही कई अधिकार खत्म हो जाएंगे।

सरकार से वापस ले सकते हैं समर्थन
डॉन के मुताबिक, कैबिनेट की बैठक के बाद, जेयूआई-एफ और बीएनपी-एम दोनों ने अपनी- अपनी पार्टी में अलग-अलग बैठकें कीं, जिसमें उन्होंने अपनी मांगें पूरी नहीं होने पर गठबंधन छोड़ने के विकल्प पर चर्चा की है। हालांकि, सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब ने कैबिनेट बैठक के बाद के बयान में कहा कि, कैबिनेट ने नाराज दलों की शिकायतों को हल करने के लिए एक समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा कि, कैबिनेट ने रेको दीक प्रोजेक्ट फंडिंग योजना और दो अंतरराष्ट्रीय फर्मों के साथ परियोजना के अंतिम सौदे को मंजूरी दे दी है, जिस पर गुरुवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे। वहीं, दोनों नाराज पार्टियों ने कहा कि, अगर हस्ताक्षर से पहले उनकी मांगों के नहीं माना गया, तो वो गठबंधन छोड़ देंगे और ऐसी स्थिति में शहबाज शरीफ की सरकार खतरे में आ जाएगी।
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ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में गोलीबारी, 2 पुलिस अधिकारी समेत 6 की मौत

 सिडनी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ऑस्ट्रेलिया के ग्रामीण इलाके में दो पुलिस अधिकारी समेत 6 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि पुलिस अधिकारी एक व्यक्ति के लापता होने की शिकायत की जांच के लिए मौके पर पहुंचे थे। तभी ये हमला हुआ। पुलिस के मुताबिक, 12 दिसंबर की शाम को 4.45 के करीब ये घटना हुई है। चार पुलिस अधिकारी क्वींसलैंड राज्य में एक दूरस्थ संपत्ति पर पहुंचे थे और तभी दो हमलावरों ने वाईंबिला में ग्रामीण इलाके में अधिकारियों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाना शुरू कर दी।

पुलिस के मुताबिक, अधिकारियों के जवाबी कार्रवाई के दौरान दो अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उमकी मौत हो गई। मौके पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति को भी गोली लगने से मौत हो गई। क्वींसलैंड की पुलिस आयुक्त कैटरीना कैरोल ने मीडिया को बताया कि इस गोलीबारी में एक अधिकारी ने अपनी जान बचाई और वहां से निकलने में कामयाब रहा। विशेष पुलिस अधिकारियों और हवाई बल की सहायता से घटनास्थल की घेराबंदी कर दी गई है।

 

 

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यूक्रेन जैसे संघर्षों के कारण तेजी से विभाजित होते विश्व में सेतु की भूमिका निभा सकता है भारत : जयशंकर

 दुबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विदेश मंत्री डॉक्‍टर सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर ने कहा है कि भारत यूक्रेन जैसे संघर्षों के कारण विभाजित हो रहे विश्‍व को जोड़ने में सेतु की भूमिका निभा सकता है। दुबई में भारत वैश्विक मंच (आईजीएफ)- संयुक्‍त अरब अमीरात शिखर सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए डॉक्‍टर जयशंकर ने विश्‍व में रूस-यूक्रेन संघर्ष के व्‍यापक असर के कारण हुए दो बड़े विभाजनों का उल्‍लेख किया।

इनमे से एक पूर्व और पश्चिम का विभाजन है, जो यूक्रेन के इर्द-गिर्द केंद्रित है और दूसरा विकास पर केंद्रित उत्‍तर और दक्षिण का विभाजन है। भारत और संयुक्‍त अरब अमीरात जैसे देशों की भूमिका का विश्‍लेषण करते हुए डॉक्‍टर जयशंकर ने कहा कि संघर्ष समाप्‍त करने के लिए राजनीतिक प्रक्रिया सुनिश्चित करना हमारे हित में है। भारत ने बार-बार रूस और यूक्रेन से राजनयिक बातचीत से अपने संघर्ष को समाप्‍त करने का आग्रह किया है। डॉक्‍टर जयशंकर ने भारत और संयुक्‍त अरब अमीरात के बीच व्‍यापारिक संबंधों का भी उल्‍लेख किया और कहा कि संयुक्‍त अरब अमीरात अभी भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्‍यापारिक सहयोगी है और यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात बाजार भी है।

 

इस बीच, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्‍य मंत्री राजीव चंद्रशेखर आज भारतीय वैश्विक मंच में भारतीय प्रौद्योगिकी और नवाचार प्रतिभा पर मंत्रियों की गोलमेज बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक में भारत, संयुक्‍त अरब अमीरात और ब्रिटेन के मंत्री, मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी और अन्‍य हितधारकों सहित प्रौद्योगिकी क्षेत्र के 50 से अधिक दिग्‍गज शामिल होंगे। इस दौरान उद्योग जगत के दिग्‍गजों, उद्यमियों, स्‍टार्ट अप और नवाचार से जुड़े लोगों से भी उनकी बातचीत होगी। 

 

 

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यूरोपीय संघ संसद की उपाध्‍यक्षा ईवा कैली दलाली मामले में निलंबित

 कतर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। यूरोपीय संघ संसद की एक उपाध्‍यक्षा 44 वर्षीय ईवा कैली को कतर से संबंधित अधिकारियों के‍ लिए कथित रूप से दलाली करने में लिप्‍त पाए जाने पर निलंबित कर उन्‍हें उनके दायित्‍व से वंचित कर दिया गया है। जांच पड़ताल के दौरान इस बात का पता चला और यह कार्रवाई की गई। ग्रीक की नागरिक ईवा कैली को उनकी पार्टी और यूरोपीस संघ एसेंबली के समाजवादी लोकतांत्रिक गुट ने भी उन्‍हें निलंबित कर दिया था।

संसद में भ्रष्‍टाचार और धनशोधन के कई आरोपों में लिप्‍त होने के बारे में जांच पड़ताल के दौरान इस बात का पता चला। लेकिन कतर के किसी अधिकारी के इस मामले में लिप्‍त होने के संदिग्‍ध का अभी तक पता नहीं चला है।

 

 

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जापान, ब्रिटेन और इटली संयुक्त रूप से अगली पीढी के युद्धक जेट विमान विकसित करेगा

 मास्को (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जापान ने घोषणा की है कि वह ब्रिटेन और इटली के साथ संयुक्त रूप से अगली पीढी के युद्धक जेट विमान विकसित करेगा। अपने परम्परागत सहयोगी अमरीका के साथ साथ  अन्य देशों से रक्षा सहयोग बढाने के क्रम में यह फैसला किया गया है। नये जेट विमान मित्सुबिशी एफ एक्स पुराने हो चुके एफ-टू श्रृखंला के विमानों की जगह लेंगे।

चीन की बढती दंबग का मुकाबला करने के लिए जापान ने ब्रिटेन और इटली के साथ रक्षा सहयोग का निर्णय लिया है।

 

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पेरू की राष्ट्रपति दीना बोलुआर्टे ने अपने मंत्रिमंडल को शपथ दिलाई

 लीमा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पेरू की नयी राष्ट्रपति डीना बोलुआर्टे ने देश की पहली महिला प्रमुख बनने के मात्र तीन दिन बाद नए कैबिनेट को शपथ दिलाई और अपने हर मंत्री से भ्रष्टाचार नहीं करने का संकल्प लेने को कहा।

पेड्रो कैस्टिलो को बुधवार को देश के राष्ट्रपति पद से हटाया गया था। इसके बाद उपराष्ट्रपति के रूप में सेवाएं दे रहीं बोलुआर्टे को राष्ट्रपति बनाया गया। उन्होंने कैबिनेट के लिए 16 मंत्रियों का चयन किया, जो राजनीतिक संकट का सामना कर रहे दक्षिण अमेरिकी देश में स्थिति को और बिगाड़ने या संभालने में अहम भूमिका निभाएंगे। पेड्रो कैस्टिलो को बुधवार को देश के राष्ट्रपति पद से हटाया गया था।

इसके बाद उपराष्ट्रपति के रूप में सेवाएं दे रहीं बोलुआर्टे को राष्ट्रपति बनाया गया। उन्होंने कैबिनेट के लिए 16 मंत्रियों का चयन किया, जो राजनीतिक संकट का सामना कर रहे दक्षिण अमेरिकी देश में स्थिति को और बिगाड़ने या संभालने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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