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शिक्षक दिवस में महापुरुषों की वेशभूषा धारण कर बच्चों ने लोगों का किया ध्यान आकर्षित

बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बेमेतरा जिले में शिक्षक दिवस के अवसर पर 37वें शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन कृषि उपज मंडी बेमेतरा में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के गृह, जेल, लोक निर्माण, धार्मिक न्यास व धर्मस्व व पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू ने किया। 

मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस के मौके पर सेल्फी जोन बनाया गया था, जिसमें ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल बेमेतरा के विद्यार्थियों ने महापुरुषों की वेशभूषा धारण कर लोगों को प्रेरणा दी। इनमें डॉ. सर्वपल्ली राधाकृषणन की भूमिका के रुप में समरथ सिंह खनूजा, स्वामी विवेकानंद-समरत सिंह चावला, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम-काश्वी साहू, सावित्री बाई फूले-काव्या साहू, आचार्य चाणक्य-हिमांचल पुरी गोस्वामी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों की इस शानदार प्रस्तुति के लिए उन्हे अपनी बधाई व शुभकामनाएं दी : 

इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, संसदीय सचिव व विधायक नवागढ़ गुरूदयाल सिंह बंजारे, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरूणा पल्टा, छ.ग. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष  थानेश्वर साहू, पूर्व विधायक प्रदीप चौबे, लक्ष्मण चंद्राकर, विधायक बेमेतरा आशीष कुमार छाबड़ा, संभागायुक्त दुर्ग महादेव कावरे, कलेक्टर जितेन्द्र कुमार शुक्ला, पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह छवई, अपर कलेक्टर डॉ. अनिल बाजपेयी सहित अन्य अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 
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शिक्षक के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार की विद्यार्थी उन्हें याद करें : राजेश राणा

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् में 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस का आयोजन किया गया। संचालक राजेश सिंह राणा, अतिरिक्त संचालक डॉ. योगेश शिवहरे, संयुक्त संचालक डॉ. श्रीमती निशी भाम्बरी सहित परिषद् के समस्त अकादमिक सदस्यों ने सर्वप्रथम डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

संचालक राजेश सिंह राणा ने अपने संबोधन में सभी को शिक्षक दिवस की बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि राज्य में 60 शिक्षकों को उनके अच्छे कार्यों के लिए  पुरस्कृत किया गया। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक के लिए बड़ा पुरस्कार यह है कि उनके विद्यार्थी उन्हें याद करें, अपनी कामयाबी में भी और अपनी विफलताओं में भी क्योंकि शिक्षक विद्यार्थियों की विफलताओं को सफलता में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। विद्यार्थियों द्वारा शिक्षक को याद रखा जाना शिक्षकों की सबसे बड़ी पूंजी है। आप जहाँ भी रहे अपने दायित्वों का निर्वाह पूरी आस्था के साथ करें। हमारे समाज में शिक्षक दिवस और गुरु पूर्णिमा दोनों मनाएँ जाते हैं। हमें शिक्षक के साथ-साथ गुरु भी बनना है। शिक्षक विद्यार्थियों को ज्ञान प्राप्त करने में सहायता कर उन्हें सार्थक जीवन जीने योग्य बनाता है। गुरू विद्यार्थी को अध्यात्मिक ज्ञान से जोड़कर उसका अध्यात्मिक विकास भी करता है। प्रत्येक गुरू एक शिक्षक होता है। प्रत्येक शिक्षक यह प्रयास करें कि वह सच्चे अर्थों में गुरू बने। बच्चों का समेकित विकास करते हुए उनकी समस्याओं का निदान करे।

राणा ने कहा कि परिषद् शिक्षा से जुड़े सभी पहलूओं पर कार्य करती है। इसका एक बेहतर उदाहरण (कोविड-19) के समय पढ़ई तुहर दुआर के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई करवाना है। इसके माध्यम से बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता बनी रही। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में परिषद् व परिषद् से संबंधित संस्थाओं और उनके सदस्यों को उनके अच्छे कार्यों के लिए पुरस्कृत किया जावेगा। यह सभी के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा।

एससीईआरटी के अतिरिक्त संचालक डॉ. योगेश शिवहरे ने कहा कि माता-पिता के अलावा शिक्षक ही ऐसे होते हैं, जो बच्चों को अपने से ज्यादा सफल होते देखकर गर्व की अनुभूति करते हैं। हम सभी को अपने कार्यों के महत्व को पहचानना चाहिए। परिषद में जो भी कार्य होते हैं. उनका सार्थक प्रभाव सम्पूर्ण शिक्षा जगत पर पड़ता है। हम अपने विविध कार्यों के महत्व को जाने उनका संपादन इस तरह से करें कि एक चरित्रवान पीढ़ी उभरकर सामने आये। हमें हमेशा यह सोचना चाहिए कि हम अपने कार्यों को किस तरह बेहतर तरीके से अंजाम दें कि उसके सार्थक परिणाम हमें और शिक्षा जगत को प्राप्त हो। उन्होंने सभी सदस्यों को अपने कार्यों के महत्व का एहसास दिलाया। कार्यक्रम को उप संचालक श्रीमती पुष्पा किस्पोट्टा, डॉ विद्यावती चन्द्राकर और परिषद् के ललित साहू ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर डी. दर्शन ने शिक्षकों को समर्पित एक गीत प्रस्तुत किया। आभार प्रदर्शन डॉ निशी भाम्बरी ने किया। कार्यक्रम का संचालन ज्ञान प्रकाश द्विवेदी ने किया।

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अंचल के विद्यार्थियों के लिए निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करें : कलेक्टर

 जगदलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर ने आश्रम छात्रावासों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कर अंचल के विद्यार्थियों को इसका लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए। मंगलवार को जिला कार्यालय के प्रेरणा कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कहा कि शासन की ओर से अंचल के आदिवासी विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा के साथ शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए अधोसंरचनाओं के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिसका लाभ विद्यार्थियों को प्राप्त होना चाहिए। उन्होंने कार्य पूर्ण होने पर तत्काल अधिग्रहण की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित तौर पर तकनीकी अधिकारियों की ओर से निरीक्षण पर जोर देते हुए निर्माण कार्य का मूल्यांकन करते हुए किए गए कार्य के एवज में 85 प्रतिशत राशि का भुगतान तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

कलेक्टर ने कार्य में रुचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों के फर्म को ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे ठेकेदारों के फर्म के साथ ही उन फर्मों को भी ब्लैक लिस्टेड करने की कार्यवाही की जाएं, जिसमें उनकी सहभागिता है।

 
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नवा रायपुर में खुलेगा विश्व स्तरीय सुविधाओं से युक्त उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने राज्य में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने 5 सितंबर को अपने निवास कार्यालय से राजधानी में विश्व स्तरीय सुविधाओं से युक्त बनने वाले उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान का वर्चुअल शिलान्यास किया है। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग को नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा 20 एकड़ भूमि नवा रायपुर के सेक्टर-32 में निःशुल्क आवंटित की गई है। विश्व स्तरीय स्तरीय शिक्षण संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ उत्कृष्ट विद्यालय सोसायटी के संचालन में किया जाएगा। उत्कृष्ट विद्यालय सोसायटी के अध्यक्ष मुख्यमंत्री तथा स्कूल शिक्षा मंत्री इसके उपाध्यक्ष होंगे। सोसायटी में सदस्य सचिव एवं अन्य सात सदस्य नियुक्त किये गये हैं।


विश्व स्तरीय आवासीय शिक्षण संस्थान को कक्षा 6वीं से 12वीं तक कुल 700 छात्र-छात्राओं हेतु विकसित किया जाएगा। परिसर का निर्माण विकास दो चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण में कुल 200 छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षणिक आवासीय परिसर में  एकेडमिक बिल्डिंग एवं लेबोरेट्री,  एडमिन बिल्डिंग , डाइनिंग हॉल,  हॉस्टल, इन डोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, स्वीमिंग पुल , हॉर्स रायडिंग , प्लेग्राउंड, प्रिंसिपल  एवं वाईस प्रिंसिपल बंगला का विकास  विकास किया जाएगा। दूसरे चरण में ऑडिटोरियम, स्कूल की पूर्ण क्षमता अनुसार छात्र एवं छात्राओं हेतु हॉस्टल तथा स्टॉफ क्वार्टर्स का विकास किया जाएगा। उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान परिसर परियोजना के प्रथम चरण निर्माण हेतु सोसायटी द्वारा 49.52 करोड़ रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान के निर्माण कार्य की अवधि 12 माह रखी गई है।

छत्तीसगढ़ उत्कृष्ट विद्यालय सोसायटी के द्वारा नवा रायपुर में स्थापित किए जा रहे महत्वकांक्षी परियोजना उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान से छत्तीसगढ़ के छात्र छात्राओं को विश्व स्तरीय शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी  । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ में शिक्षा को नया स्वरूप प्रदान करने एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में अलग पहचान स्थापित करे इसके लिए भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

 

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम,  कृषि, जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविंद्र चौबे , मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा , प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा  डॉ आलोक शुक्ला, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह,सचिव स्कूल शिक्षा डॉ एस भारती दासन, विशेष सचिव कृषि डॉ.अयाज़ तंबोली, समग्र शिक्षा प्रबंध संचालक नरेन्द्र दुग्गा, एनआरडीए की सीईओ श्रीमती किरण कौशल एवम् अन्य वरिष्ठ अधिकारी  उपस्थित थे।

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विद्यार्थियों को चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करें शिक्षक: राज्यपाल उइके

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया और शिक्षक दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। सम्मान समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती और डॉ. सर्वपल्ली राधा कृष्णन के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर 4 शिक्षकों को स्मृति पुरस्कार और 56 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया।

राज्यपाल उइके ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए सम्मानित शिक्षकों सहित प्रदेश के शिक्षकों व विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने राज्य शासन द्वारा स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के खुलने से शहरों से लेकर दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों के अंग्रेजी में पढ़ने का सपना पूरा हो रहा है। नक्सली क्षेत्रों में बंद स्कूलों को प्रारंभ करवाने तथा बालवाड़ी का प्रारंभ शिक्षा की दिशा और दशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राज्यपाल ने कहा कि कोविड काल के दौरान मृत शिक्षकों के परिजनों को शीघ्र अनुकंपा नियुक्ति देकर मानवीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पहल की है। साथ ही विद्यालयों के रंगरोगन और जीर्णोद्धार के लिए 500 करोड़ की राशि आबंटित करने की भी सराहना की।

राज्यपाल ने कहा कि बच्चे हमारे देश के कर्णधार हैं, उनकी मौलिकता, कल्पनाशीलता देश की अनमोल संपदा है और उनके जीवन को गढ़ने का महत्वपूर्ण दायित्व शिक्षकों का है। शिक्षकों का यह कर्तव्य है कि वे विद्यार्थियों में उच्च आदर्शों एवं नैतिक मूल्यों को रोपित करने के साथ ही उनमेें देशभक्ति एवं एकता की भावना बढ़ाएं। हमें उन्हें योग्य, प्रशिक्षित एवं कुशल नागरिक बनाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से अनुरोध है कि वे अपने विद्यार्थियों के मन में भारतीय सांस्कृतिक विरासतों के समृद्ध तत्वों का संचार करें तथा भारतीय संविधान, लोकतंत्र, सर्वधर्म समभाव, राष्ट्रीय एकता तथा अखण्डता के प्रति दृढ़ आस्था एवं विश्वास बढ़ायें। वे ऐसे प्रयास करें जिससे बच्चों में न केवल अनुशासन बढ़े, बल्कि उन्हें खुद को जानने और समझने में मदद मिले और वे भावी चुनौतियों का सामना करने में खुद को सक्षम और समर्थ बना सके।

राज्यपाल उइके ने कहा कि मानव संसाधन का विकास हमारी सबसे पहली जरूरत है और यह विकास, शिक्षा से ही संभव है। मानव संसाधन के विकास से अन्य संसाधनों का विकास आसानी से किया जा सकता है। इसके अभाव में बहुमूल्य संसाधन अनुपयोगी होकर नष्ट हो जायेंगे।

उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान कई ऐसी घटनाएं हुईं जिसके कारण अनेकों विद्यार्थियों को स्कूल तक छोड़ना पड़ा और भी कई विपरीत परिस्थितियां निर्मित हुई। बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक क्षति भी हुई, जिसे दूर करने के लिए हमें और प्रभावी कदम उठाने होंगे। राज्यपाल ने कहा कि हमारे देश में गुरूओं को पूजने की यशस्वी परंपरा रही है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह परम्परा और अधिक सशक्त होती जाएगी।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सम्मानित सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने समाज के प्रति अपना दायित्व निभाते हुए कोविड के चुनौती भरे समय में भी विद्यार्थियों को शिक्षा से वंचित नहीं होने दिया। अनेकों नवाचारों के माध्यम से शिक्षा अनवरत जारी रही और प्रधानमंत्री जी ने भी जशपुर के शिक्षक का मन की बात कार्यक्रम में उल्लेख किया और उनकी प्रशंसा भी की। इसी प्रकार छत्तीसगढ़  के शिक्षा में नवाचार को नीति आयोग ने भी सराहा। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता तथा उसके विस्तार के लिए शासन ने हर वो पहल की है, जिसकी जरूरत महसूस की जा रही थी। सुकमा से लेकर बलरामपुर तक स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम के और स्कूलों को खोलने की मांग की जा रही है। हमने 279 अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले हैं तथा और स्कूल खोले जाएंगे। शिक्षा उन्नयन के प्रयासों में स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए 500 करोड़ की राशि स्वीकृत की है तथा बच्चों के लिए बालवाड़ी भी खोले जा रहे हैं। साथ ही छत्तीसगढ़ी सहित प्रदेश की विभिन्न स्थानीय बोलियों में एक दिन कार्य का संचालन भी किया जायेगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो, सचिव स्कूल शिक्षा एस. भारतीदासन, राज्यपाल के विधिक सलाहकार राजेश श्रीवास्तव, संचालक स्कूल शिक्षा सुनील कुमार जैन, राज्यपाल के उप सचिव दीपक कुमार अग्रवाल सहित राजभवन व शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित शिक्षकगण उपस्थित थे।

 

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सिंहदेव ने ली आयुर्वेदिक कॉलेज की स्वशासी कार्यकारिणी समिति की बैठक

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री टी.एस. सिंहदेव की अध्यक्षता में 5 सितंबर को शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, बिलासपुर की स्वशासी कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न हुई। पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में आयोजित बैठक में समिति की पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन के साथ ही 31 मार्च तक महाविद्यालय द्वारा किए गए व्यय का अनुमोदन किया गया। स्वशासी कार्यकारिणी समिति की बैठक में महाविद्यालय के सेमीनार कक्ष एवं डिजिटल लाइब्रेरी के लिए ए.सी. खरीदने के लिए मंजूरी प्रदान की गई। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव प्रसन्ना आर., संचालक आयुष पी. दयानंद और बिलासपुर शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रक्षपाल गुप्ता सहित स्वशासी कार्यकारिणी समिति के अन्य सदस्य भी बैठक में मौजूद थे।

 

 

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जिले में शुरू हुई 186 बालवाड़ियां

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से किया योजना का शुभारंभ

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नई शिक्षा नीति के अनुसार खेल-खेल में बच्चों के सीखने और समझने की क्षमता को विकसित करने के लिए आज अपने निवास कार्यालय से शिक्षक दिवस पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश में बालवाड़ी योजना का शुभारंभ किया। योजना की थीम ‘‘जाबो बालवाड़ी बढ़ाबो शिक्षा की गाड़ी’’ पर आधारित है। बिलासपुर जिले में भी 186 बालवाड़ियां आज से शुरू हुई है।

बालवाड़ी योजना के माध्यम सेे नन्हें बच्चे खेल-खेल में स्कूली माहौल के अनुरूप तैयार होंगे। जिले में नई शिक्षा नीति के अनुरूप 5 से 6 वर्ष तक के 1 हजार 674 बच्चों को इस योजना से फायदा मिल रहा है। बालवाड़ी योजना का उद्देश्य बच्चों का मानसिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक विकास करना है ताकि बच्चे पहलीं कक्षा में जाये तो वह उसके लिए पूरी तरह से तैयार हो चुके हो। उल्लेखनीय है कि बिल्हा विकासखण्ड में 39 बालवाड़ी, कोटा विकासखण्ड में 57, मस्तूरी विकासखण्ड में 31 और तखतपुर विकासखण्ड मेें 53 बालवाड़ियां संचालित की जा रही है।

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डी. ए.वी. एम.पी.एस. में हुआ अलंकरण समारोह

 कोरबा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कोरबा के डी.ए.वी. एम.पी.एस जेंजरा में 'अलंकरण समारोह'  का आयोजन किया गया, जिसमें 'हेड बॉय' के रूप में सार्थक अग्रवाल और 'हेड गर्ल 'के रूप में ऐश्लिशा पोर्टे का चयन किया गया। साथ ही कल्चरल हेड वरुण नायडू और दृष्टि जायसवाल, स्पोर्ट्स हेड विवेक सोनी एवं तृप्ति सिंग, डिसीप्लिन इंचार्ज रौनक अग्रवाल, नेहा दुबे,   स्पोकन इंग्लिश इंचार्ज अनुराग  यादव, अदिति प्रभाकर का चयन किया।

वहीँ वाइस कैप्टन के रूप आयुष साहू, ईशा कंवर,  वाइस कल्चरल पीयूष जायसवाल, दीक्षा साहू, वाइस स्पोर्ट्स सूर्या प्रताप, नाजीश मिर्ज़ा,  वाइस डिसीप्लीन  रेहान  अलि सुपर्णा केला, वाइस स्पोकेन इंग्लिश किशन साहू एव नौसिन मेमन नियुक्त किये गए।  साथ ही साथ  हाउस कैप्टन का भी चयन दयानंद से ऋतुराज, अनुष्का दुबे, श्रद्धनंद से रुद्रपाल सिंह, आकांक्षा डिक्सना, हंसराज से हिमांशु, निसि सोनी और विरजानंद से करणदीप सिंह एंजल कर्कट का  भी चयन किया गया ।इस अवसर पर सभी सदस्यों को प्राचार्या राज रेखा शुक्ला के द्वारा' बैजेस 'पहनाकर अलंकृत किया गया। नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई गई। प्राचार्या ने छात्रों का मनोबल बढ़ते हुए उन्हें अपने दायित्वों का  निर्वाह करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

 

 

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मुख्यमंत्री ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का स्मरण कर शिक्षक दिवस की दी शुभकामनाएं

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का स्मरण करते हुए शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों और प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने अपने बधाई संदेश में उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक विद्वान, चिंतक और प्राध्यापक भी रहे हैं। उनके जन्मदिन 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाकर हम सभी गौरवान्वित महसूस करते हैं। डॉ. राधाकृष्णन ने उच्च नैतिक मूल्यों को अपने जीवन उतारा और अपने छात्रों को भी प्रेरित किया। वे कठिन विषय को भी अपनी शैली से सरल, रोचक और प्रिय बना देते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और समाज के लिए अच्छा नागरिक तैयार करने में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अपने गुणों से वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश-प्रदेश का उज्जवल भविष्य गढ़ने की दिशा में सभी शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

 

 

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नैतिक मूल्यों का समावेश किए बिना वर्तमान शिक्षा अधूरी : डॉ. मुकेश वर्मा

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के शिक्षाविद सेवा प्रभाग द्वारा शान्ति सरोवर में शिक्षक दिवस पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। समारोह में स्वामी विवेकानन्द तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के कुलपति डॉ. एम.के. वर्मा, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी. भिलाई) के डायरेक्टर रजत मूना, ट्रीपल आई.टी. के रजिस्ट्रार लेफ्टिनेन्ट कर्नल राजेश कुमार मिश्रा, क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी और ब्रह्माकुमारी दीक्षा दीदी ने भाग लिया।

अपने सम्बोधन में स्वामी विवेकानन्द तकनीकी वि.वि. के कुलपति डॉ. मुकेश कुमार वर्मा ने कहा कि नैतिक शिक्षा को शामिल किए बिना आज की शिक्षा अधूरी है। वर्तमान शिक्षा सिर्फ तकनीकी विशेषज्ञता हासिल करने तक ही सीमित है। ऐसे समय पर मूल्य आधारित शिक्षा की बहुत अधिक आवश्यकता है। शिक्षा में समग्रता का अभाव है। भौतिकता के दौर में हम आध्यात्मिकता से दूर होते जा रहे हैं। जिसके फलस्वरूप अपने मूल स्वरूप यानि आत्मा और परमात्मा को भूल गए हैं।



उन्होंने दुनिया में सबसे अच्छी शिक्षक माँ को बतलाते हुए कहा कि हमारे समाज की मूल इकाई परिवार है। जिसे हम माताओं के द्वारा शिक्षित कर सकते हैं। माताओं में पुरूषों की अपेक्षा आध्यात्मिकता और धार्मिकता बहुत ज्यादा होती है। सीखने की भी एक उम्र होती है। इसलिए नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों की शिक्षा बचपन से ही दिया जाना चाहिए।



भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी. भिलाई) के डायरेक्टर रजत मूना ने कहा कि जिस किसी से हमें जीवन में कुछ सीखने को मिलता है वह सभी हमारे लिए शिक्षक हैं। मनुष्य को अपनी क्षमता और शक्ति पर किसी तरह का अहंकार नहीं होना चाहिए। क्रोध से भी कोई फायदा नहीं है इसलिए इनसे बचना चाहिए। यह दोनों ही बुराइयाँ हमें नुकसान पहुचाती हैं। प्रकृति हमें सर्दी, गर्मी और बाढ़ के माध्यम से यह सबक सिखाती है कि उसके आगे मनुष्य तुच्छ है।


 
ट्रीपल आई. टी. के रजिस्ट्रार लेफ्टिनेन्ट कर्नल राजेश कुमार मिश्रा ने कहा कि शिक्षा में मूल्यों का बहुत ज्यादा महत्व है। हमको सेना में देशभक्ति के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की भी शिक्षा दी जाती है। बचपन से जो संस्कार हमें घर पर मिलते हैं वह बड़े होने पर बहुत काम आते हैं। तकनीकी ज्ञान के साथ ही जीवन मूल्यों का ज्ञान भी जरूरी है। अगर हमारे अन्दर मानवता के कल्याण की भावना नहीं है तो हमारी शिक्षा अधूरी है।

क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी कमला दीदी ने कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली ने बहुत तरक्की की है। वर्तमान शिक्षा अच्छे डॉक्टर, इन्जीनियर तो बना रही है किन्तु आध्यात्मिक शिक्षा के अभाव में समाज में अच्छे इन्सानों की कमी हो गई है। उच्च शिक्षित होने के बावजूद लोगों का मनोबल बहुत कमजोर है। इसीलिए लोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। ऐसे समय पर जीवन में भौतिकता और आध्यात्मिकता का सन्तुलन रखने की जरूरत है।



राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी दीक्षा दीदी ने कहा कि शिक्षक वह शिल्पकार है जो अनेक चैतन्य मूर्तियों को गढऩे का काम करता है। नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों की शिक्षा से हमारी सोच सकारात्मक बनती है।

परिचर्चा का संचालन वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने किया।

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शिक्षा मंत्री ने इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के साथ शिक्षा और कौशल में सहयोग को मजबूत करने का आह्वान किया

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के साथ शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने का आह्वान किया है। श्री प्रधान ने बाली में इंडोनेशिया के शिक्षा मंत्री नदीम अनवर मकरीम के साथ बैठक की। दोनों नेताओं ने शैक्षिक और कौशल विकास साझेदारी के विस्तार पर सार्थक चर्चा की। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की पूर्ण क्षमता का लाभ उठाने का भी आह्वान किया। दोनों नेताओं ने शिक्षा और कौशल विशेष रूप से पाठ्यक्रम डिजाइन, एक दूसरे के विद्यार्थियों का परस्‍पर संपर्क और अनुसंधान के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी बल दिया।

श्री प्रधान ने ऑस्ट्रेलिया की शिशु शिक्षा और युवा कार्य मंत्री डॉक्टर एनी अली के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने शिशु और स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग प्रगाढ़ करने पर सार्थक चर्चा की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच उच्च शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में मजबूत सहयोग है।

 

 

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Sarkari Naukri in Railway : 4 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रेलवे भर्ती सेल (आरआरसी), पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूआर) अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अलग-अलग स्पोर्ट्स कोटा पदों की भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। लिंक 5 सितंबर 2022 को एक्टिव होगा। आवश्यक पात्रता मानदंड रखने वाले उम्मीदवार 04 अक्टूबर 2022 को या उससे पहले ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 

कुश्ती, पावरलिफ्टिंग, निशानेबाजी, कबड्डी, जिम्नास्टिक, क्रिकेट, बॉल बैडमिंटन और हॉकी के लिए खाली पद उपलब्ध हैं। उम्मीदवार जो किसी भी विषय में ग्रेजुएट हैं या 12 वीं पास दोनों रेलवे भर्ती 2022 के लिए आवेदन करने के लिए पात्र हैं। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि ऐसे उम्मीदवारों के पास उक्त क्षेत्र में खेल उपलब्धियां होनी चाहिए। आयु सीमा की बात करें तो इन पदों पर भर्ती के लिए कैंडिडेट की आयु कम से कम 18 साल होनी चाहिए वहीं अधिकतम आयु सीमा 25 साल है। 

उम्मीदवार आरआरसी की आधिकारिक वेबसाइट : डब्ल्यूआर वेबसाइट- https://www.rrcwr.com पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के समय उम्मीदवारों के पास आधार कार्ड होना चाहिए। उम्मीदवारों को 12 डिजिट का आधार नंबर भरना होगा। जिन उम्मीदवारों के पास आधार संख्या नहीं है और जिन्होंने आधार के लिए नामांकन किया है, लेकिन आधार कार्ड नहीं बना है, वे आधार नामांकन पर्ची पर दी गई आधार नामांकन आईडी दर्ज कर सकते हैं। 

आवेदन फीस की बात करें तो एससी / एसटी / भूतपूर्व सैनिक / महिला, अल्पसंख्यक और आर्थिक पिछड़ा वर्ग  के कैंडिडेट्स को 250 रुपये की आवेदन फीस देनी है। वहीं अन्य किसी भी कैटेगरी के कैंडिडेट्स को 500 रुपये आवेदन फीस देनी होगी। 

रेलवे में भर्ती खेल उपलब्धियों, शैक्षिक योग्यता के टेस्ट और मूल्यांकन पर आधारित होगी. ट्रायल में फिट पाए जाने वाले उम्मीदवारों पर ही अगले राउंट के लिए विचार किया जाएगा। पात्र उम्मीदवारों को ट्रायल से पहले डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा. नोटिफिकेशन चेक करने का डायरेक्ट लिंक https://www.rrc-wr.com/rrwc/Files/195.pdf है। 

 

 

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युवाओं को रोजगार से जोडऩे की पहल, रोजगारउन्मुखी कौशल प्रशिक्षण पश्चात मिलेगी नौकरी


नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांकेर (वीएनएस)। जिले के बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोडऩे के लिए जिला प्रशासन की ओर से अभिनव पहल की जा रही है। बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह बहुत बड़ा जरिया बन सकता है। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला के मार्गदर्शन में कांकेर जिले में निवासरत न्यूनतम कक्षा 8वीं उत्तीर्ण व 18 वर्ष से अधिक आयु के बेरोजगार युवाओं को नि:शुल्क रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाकर विभिन्न कंपनियों में नौकरी उपलब्ध कराया जायेगा। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से कार्यवाही भी शुरू हो चुकी है तथा युवाओं का चयन कर कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण भी प्रारंभ किया जा चुका है।

जिले के बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण प्रदान किया जाकर विभिन्न फर्मों में नौकरी प्रदान की जायेगी। इच्छुक युवाओं के चयन के लिए जिले के सभी विकासखंड मुख्यालयों में 05 से 30 अगस्त तक चरणबद्ध तरीके से काउंसलिंग शिविर का आयोजन किया गया। चयनित युवाओं को उनकी रूचि के अनुसार ट्रेड में कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है तथा उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करने जिला मुख्यालय से बाहर भेजा जा रहा है। प्रशिक्षण के लिए युवाओं के चयन के लिए अंतागढ़ व पखांजूर में 5 अगस्त को आयोजित काउंसलिंग शिविर में 139 युवाओं का चयन किया गया। इसी प्रकार 8 अगस्त को भानुप्रतापपुर व दुर्गूकोंदल में आयोजित काउंसलिंग शिविर में 184 युवाओं का चयन तथा 10 अगस्त को चारामा व नरहरपुर में आयोजित काउंसलिंग में 277 युवा और 17 अगस्त को जिला मुख्यालय कांकेर में आयोजित काउंसलिंग शिविर में 146 युवाओं का चयन कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के लिए किया गया है, जिन्हे विभिन्न ट्रेड जैसे- ऑटोमेटिव रिपेयर (टू-व्हीलर व फोर व्हीलर), हॉस्पिटैलिटी, वेल्डिंग ड्राईवॉल, फॉलसिलिंग, इलेक्ट्रीकल, प्लंबिंग, हेल्थ केयर, ब्यूटी इत्यादि ट्रेड में प्रषिक्षण प्रदान जायेगा।


सिक्यूरिटी गार्ड में भी प्रषिक्षण उपरांत नौकरी उपलब्ध कराने के लिए न्यूनतम कक्षा 10वीं उत्र्तीण 113 बेरोजगार युवाओं का चयन किया गया है, इसके लिए भी सभी विकासखंड मुख्यालय में काउंसलिंग का आयोजन किया गया था। विकासखंड मुख्यालय नरहरपुर में 23 अगस्त को आयोजित काउंसलिंग में 28 युवाओं का चयन किया गया। जनपद पंचायत चारामा में 24 अगस्त को आयोजित काउंसलिंग में 18 युवा, जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर में 25 अगस्त को आयोजित काउंसलिंग में 13 युवा, जनपद पंचायत अंतागढ़ में 26 अगस्त को आयोजित काउंसलिंग में 13 युवा और जनपद पंचायत पंचायत दुर्गूकोंदल में 27 अगस्त को आयोजित काउंसलिंग में 12 युवा तथा जनपद पंचायत पखांजूर में 29 अगस्त को आयोजित काउंसलिग में 06 युवा और जनपद पंचायत कांकेर में 30 अगस्त को आयोजित काउंसलिंग में 23 युवाओं का चयन सिक्यूरिटी गार्ड प्रषिक्षण के लिए किया गया है, जिन्हे यथाषीघ्र प्रषिक्षण के लिए भेजा जावेगा। इसके अलावा सेंट्रल इस्टीट्यूट ऑफ  पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी रायपुर में मषीन ऑपरेटर असिस्टेन्ट (इंजेक्षन मोल्डिंग) में नि:शुल्क प्रशिक्षण के लिए 93 युवाओं का चयन किया गया। 


इलेक्ट्रीकल एण्ड होम अप्लायंस, रेफ्रिजेरेटर एण्ड एसी रिपेयर, सेंट्रल एयर कंडीषिनिंग रिपेयर, सेलिंग स्कील्स, ऑफिस एडमिनिस्ट्रेशन में प्रशिक्षण के लिए 129 युवाओं का चयन किया गया है। इसके लिए भी सभी विकासखंड मुख्यालयों में काउंसलिंग शिविर आयोजित की गई थी। चारामा व नरहरपुर में 24 अगस्त को आयोजित काउंसलिंग में 54 युवा तथा भानुप्रतापपुर व अंतागढ़ में 25 अगस्त को आयोजित काउंसलिंग षिविर में 58 युवा और दुर्गूकांदल व पखांजूर में 27 अगस्त को आयोजित काउंसलिंग शिविर में 17 युवाओं का चयन किया गया। चयनित सभी युवओं को आईसीआईसीआई जैसे उत्कृष्ट कौशल उन्नयन प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण प्रदान किया जाकर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। चयनित युवाओं को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण प्रदान करने का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है, प्रथम चरण में जिले के 93 युवाओं को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लाइवलीहुड कॉलेज कांकेर के प्राचार्य सुनील नेताम से मिली जानकारी के अनुसार हास्पिटैलिटी में 34 युवा, इलेक्ट्रीकल में 29, फॉलसिलिंग में 11, सेक्युरिटी गार्ड में 13, वेल्डिंग में 04 और प्लबिंग में 02 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, तत्पश्चात उन्हें निजी फर्मों में नौकरी भी उपलब्ध कराई जाएगी। उक्त बैच के प्रशिक्षण पश्चात अन्य चयनित युवाओं को भी प्रशिक्षण के लिए भेजा जायेगा।
 
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जिले के सेजेस स्कूलो मे ’चेस इन स्कूल’ कार्यक्रम का मिल रहा बेहतर प्रतिसाद

 कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर जनमेजय महोबे के निर्देशानुसार कबीरधाम जिले के सभी विकासखंडों कवर्धा, बोडला, सहसपुर लोहारा व पण्डरिया के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय मे विशेष सत्र का आयोजन कर “चेस इन स्कूल“ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। बौद्धिक एवं मनोरंजक खेल चेस मे विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षक भी विशेष रूचि लेकर खेल की बारिकियों को सिख व सीखा रहे हैं। सेजेस स्कूल्स का चेस की नर्सरी के रूप मे तैयार हो रहा है। निकट भविष्य मे स्कूलों की अंतर विद्यालयीन प्रतियोगिताओं पृथक आयु वर्ग के बालक और बालिका वर्ग में शतरंज मैच आयोजित होंगे जिसमे नवोदित प्रतिभा अपना दम-खम दिखाएंगे।

चेस इन स्कूल के साथ ही जिले के सेजेस स्कूल मे अभियान के तौर पर विद्यालयीन पुस्तकालय का प्रतिदिवस नियमित कालखंण्ड निर्धारित कर विद्यार्थियों को पुस्तकालय के समुचित उपयोग के लिए प्रेरित व प्रोत्साहित करने का बखूबी किया जा रहा है। आने वाले समय मे जिले के समस्त सेकेण्डरी व हायर सेकेण्डरी विद्यालयों मे लाईब्रेरी का समुचित अनुप्रयोग व “चेस इन स्कूल“ कार्यक्रम संचालित किया जाना प्रस्तावित है ।

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कृषि महाविद्यालय के छात्रों ने किया सेवफल जैम बनाने का प्रदर्शन

 बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कुमारी देवी चौबे शासकीय कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र साजा में अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओें द्वारा ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम पंचायत मौहाभाठा के किसानों एवं महिलाओं (स्व-सहायता समूह के सदस्यों) को सेवफल से ‘‘जैम‘‘ बनाना सिखाया। जिसमें गांव के समृद्ध किसान रोहित सोनकर, टुकेश्वर साहू एवं अन्य ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छात्र-छात्राओं ने बताया कि सेवफल से जैम तैयार करना, खाद्य प्रसंस्करण की एक विधि है। सामान्यतः सेवफल लगफल 3-5 दिनों में खराब हो जाते है। यदि सेवफल से जैम तैयार कर लिया जाए, तो लंबे समय तक (3-5 महीने) उसका सेवन किया जा सकता है। साथ ही खाद्य-प्रसंस्करण के द्वारा उत्पादों के मूल्य में भी वृद्धि होती है। जैम जैयार करने के लिए 1 किलो सेवफल, तीन चौथाई भाग शक्कर (750 ग्राम), 2-3 ग्राम सिट्रिक एसिड एवं खाद्य रंग की आवश्यकता होती है। जैम बनाने के लिए सर्वप्रथम ताजे एवं अच्छे फलों का चयन आवश्यक है। फलों को अच्छी तरह धोने के पश्चात् उसके ऊपर का छिलका एवं बीज हटा दिए जाते है। फलों को छोटे टुकड़ों में कॉटकर तब तक पकाया जाता है, कि मसलने पर उसका पेस्ट बन जाए। इसके बाद फलों की मात्रा के तीन चौथाई भाग के बराबर शक्कर को धीरे-धीरे मिलाया जाता है। इस दौरान लगातार चम्मच घुमाते रहना आवश्यक है। पेस्ट को तब तक पकाया जाता है जब तक वह गाढ़ा न हो जाए। इसके पश्चात्् लगभग 2-3 ग्राम/किलोग्राम फलों के हिसाब से सिट्रिक एसिड डाला जाता है एवं अंत में रंग प्रदान करने के लिए खाद्य रंग मिलाया जाता है। इस प्रकार जैम तैयार होता है। कार्यक्रम का संचालन अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय एवं रावे प्रभारी के दिशा निर्देश में किया गया। ज्ञात हो कि मोहगांव स्थित कृषि महाविद्यालय के छात्र विगत दो माह से कृषि कार्य अनुभव के तहत किसानों को खेती में नवाचार एवं आधुनिक खेती के गुर सिखा रहे है। साथ ही साथ पाठ्यक्रम के दौरान ली गई शिक्षा को किसानो के अनुभव से साझा करते हुए किसानों द्वारा अपनाई जा रही पारंपरिक विधियों को भी सीख रहे है। कार्यक्रम में छात्र प्रतिनिधि परवीन निशा एवं श्वेता वर्मा के द्वारा किसानों को तरल यूरिया एवं तरल डी.ए.पी. के उपयोग की जानकरी भी दी गई। इसी तारतम्य में कृषि महाविद्यालय के छात्र राम साहू, श्याम कुमार, नेमशरण साहू एवं अन्य छात्र-छात्राओं परस्पर रावे गतिविधियों का संचालन कर रहे है।

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पूरक परीक्षा जल्द करवाने की मांग को लेकर कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन

 अंबिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आजाद सेवा संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश सचिव रचित मिश्रा के नेतृत्व में एवं छात्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष प्रतीक गुप्ता ने संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलसचिव को ज्ञापन सौंपकर मांग किया की विश्वविद्यालय के द्वारा सभी कक्षाओं के अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट के परिणाम घोषित कर चुके हैं और बहुत सारे छात्र सप्लीमेंट्री आए हुए हैं जिन की परीक्षाएं जल्द से जल्द लिया जाए। इससे छात्रों को प्रवेश लेने में या कहीं नौकरी के आवेदन डालने में दिक्कत नहीं होगी। वहीं कुछ छात्र ऐसे हैं जिनका परिणाम घोषित किया गया जिनके परिणाम एक्सेंट हर अंक नहीं चढ़े हैं ऐसे छात्रों की परिणाम को जल्दी से जल्दी सुधार आ जाए।

ज्ञापन सौंपने वाले में रचित मिश्रा रणवीर सिंह प्रतीक गुप्ता आनंद पटेल अभिनव चतुर्वेदी रवि गुप्ता सुमित्रा, किरण यादव, श्रेया, कुमकुम आदि शामिल थे।

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प्री इंजीनियरिंग व प्री मेडिकल की प्रवेश परीक्षा तैयारी, आवेदन 5 सितम्बर तक

 गरियाबंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की ओर से जिले के अनुसूचित जनजाति व अनुसूचित जाति वर्ग के कक्षा 12वीं उत्तीर्ण 100 अभ्यर्थियों जिसमें 64 अनुसूचित जनजाति व 36 अनुसूचित जाति को जो ड्राप लेकर वर्ष 2022-23 में प्री इंजीनियरिंग व प्री मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं, उनसे 5 सितम्बर शाम 4 बजे तक आवेदन आमंत्रित है। आवेदन कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कक्ष क्रमांक 56 में जमा किया जा सकता है। योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट ट्राइबल डॉट सीजी डॉट जीओवी डॉट इन में देख सकते हैं।

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सीडीएस और एनडीए की परीक्षा 4 को

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। संघ लोक सेवा आयोग नई दिल्ली द्वारा आयोजित कम्बाईण्ड डिफेन्स सर्विस (ll) और (l) 2022 की परीक्षा 4 सितम्बर को तीन पालियों में आयोजित की जाएगी।  प्रथम पाली सुबह 9 बजे से 11 बजे तक, द्वितीय पाली दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक एवं तृतीय पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित (05) परीक्षा केन्द्रों में संचालित की जाएगी।

इसी तरह नेशनल डिफेन्स एकाडमी एण्ड नेवल एकाडमी परीक्षा (ll) 2022 परीक्षा 4 सितम्बर को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक एवं द्वितीय पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4.30 बजे तक निर्धारित (12) परीक्षा केन्द्रों में संचालित की जाएगी। उक्त परीक्षा के संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर रायपुर रूचि शर्मा को सहायक को-ऑर्डिनेटिंग सुपरवाइजर नियुक्त किया गया।

 

 

परीक्षा के दौरान सभी परीक्षार्थियों एवं अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कोविड-19 के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाईजेशन, मास्क पहनना एवं अन्य सभी दिशा निर्देशो का पालन करना अनिवार्य होगा।

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