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आदिवासी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का कार्य कर रही छत्तीसगढ़ सरकार: भूपेश बघेल

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल रविवार को जशपुर के सरना एथेनिक रिसोर्ट में आयोजित आदिवासी समाज के सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने सम्मलेन को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार आदिवासी समाज की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का कार्य कर रही है। रायपुर में तीन दिवसीय आदिवासी सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश के कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक कला की झलक दिखाई गई। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि भेंट-मुलाकात के दौरान आदिवासी समाज को संरक्षित करने के लिए देव स्थल, देवगुड़ी निर्माण कार्य की स्वीकृति दी जा रही है। सम्मेलन में आदिवासी समाज द्वारा मुख्यमंत्री को पारम्परिक शॉल और तलवार-ढाल भेंटकर स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों को जाति प्रमाण पत्र बनाने में आ रही समस्या को दूर करने के लिए अनुसूचित जनजाति विभाग को अध्ययन कर इसकी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल में दाखिले को लेकर पालकों और बच्चों की मांग को देखते हुए इन स्कूलों की संख्या बढ़ाई जा रही है। इस साल 76 और नए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं। राज्य में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूलों की संख्या बढ़कर 247 हो गई है। ज्यादा से ज्यादा बच्चों को इन स्कूलों में दाखिला मिले इसको लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे है। प्रत्येक कक्षा में सीटों की संख्या 40 से बढ़ाकर अब 50 कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोनाकाल में लोगों को राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करायी गई। हमारी सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में बेहतर कार्य कर रही और उसका लाभ लोगों को मिल रहा है।
 
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत इनपुट सब्सिडी दी जा रही है। इस योजना में खरीफ की सभी फसलों एवं उद्यानिकी फसलों को शामिल किया गया है। किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी तत्काल भुगतान की व्यवस्था की गई है। कोदो-कुटकी, रागी की खरीदी भी समर्थन मूल्य पर की जा रही है। दलहन की भी खरीदी राज्य में समर्थन मूल्य पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि जशपुर जिले का मौसम खेती-किसानी के लिए अनुकूल है। यहां मिर्च, टाऊ, काजू, चाय, लीची और नाशपाती की अच्छी खेती होती है। गांव को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए गौठान को औद्योगिक पार्क के रुप में विकसित किया जा रहा है। गौठान में समूह की महिलाएं विभिन्न आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक लाभ उठा रही हैं।

 
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महिला कांग्रेस ने किया जिलाधीश जितेंद्र शुक्ला का सम्मान

जांजगीर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवम जिला कांग्रेस संगठन प्रभारी अर्जुन तिवारी के नेतृत्व में आयोग निगम मंडल के प्रतिनिधि, त्रिस्तरीय व नगरीय निकाय के निर्वाचित पदाधिकारी एवम महिला कांग्रेस के प्रदेश व जिला पदाधिकारियों द्वारा पिहरीद के लाल राहुल साहू के 105 घंटे के सफल रेस्क्यू पर कुशल रणनीति और प्रबंधन के लिए जिलाधीश जितेंद्र शुक्ला का शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। सम्मान कार्यक्रम में विशेष रूप से जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष गीता देवांगन, प्रदेश सचिव पुष्पा पाटले, प्रदेश अध्यक्ष महिला अनुसूचित जाति विभाग शेशराज हरबंश, लोकसभा प्रभारी अलका जायसवाल विशेष उपस्थित में सम्मान किया गया। सम्मान के पश्चात शुक्ला ने अनुभव साझा करते हुए तत्कालीन चुनौतियों और त्वरित निर्णयों के बारे में भी बताया गया। सम्मान कार्यक्रम में नगर पालिका सक्ती अध्यक्ष श्रीमती सुषमा जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य माधुरी चंद्रा, नीता थवाईत, तान्या पाण्डेय, अंजनी तिवारी, ललिता पाटले, रेशमा सूर्यवंशी, माधुरी आदित्य, नम्रता नामदेव, ज्योति नोर्गे, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अंजनी तिवारी, ललिता पाटले, रेशमा सूर्यवंशी, रुखसाना बेगम, हाजरा बेगम, सुकमत डेंसल, तुलसी देवी साहू, शशि अजय जगत, कविता डहरिया, सुनीता लहरे, सरिता साहू, रूपा यादव, कलेशरी यादव, शशि पटेल, कौशिल्या बघेल, सुनीता महंत, नीरा सिदार, विजय कुंवर मरकाम, रीना तिवारी, सुमित्रा साहू, आरती विश्वकर्मा, सतरूपा बनर्जी, पार्षद भगवंतीन यादव, सभापति सीमा शर्मा, विजया जायसवाल, ज्योति यादव, माधुरी आदित्य, रीता शर्मा, रूपन मिरझा, शिवदेवी पटेल, सावित्री वस्त्रकार, शशि साहू, उर्मिला साहू सहित कांग्रेस जन मौजूद रहे।

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कलेक्टर ने किया बेहराभाठा गौठान का निरीक्षण

गरियाबंद (छत्तीसगढ़ दर्पण) कलेक्टर प्रभात मलिक ने विगत 24 जून शुक्रवार को जिले के विकासखण्ड छुरा के ग्राम बेहराभाठा में शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा घुरवा, बाड़ी के तहत निर्मित गौठान का निरीक्षण किया। उन्होंने गौठान से जुड़ी रामजानकी स्व-सहायता समूह की दीदीयों से रूबरू चर्चा कर उनके गतिविधियों की जानकारी ली। उक्त समूह के दीदीयों ने कलेक्टर को अवगत कराया कि समूह के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट प्लस, मछली पालन, सब्जी उत्पादन, मुर्गी पालन, सुअर पालन, बकरी पालन से संबंधित आजीविका किया जा रहा है। गतिविधि में लगने वाले शुरूवाती लागत एवं अर्जित आय के संबंध में जानकारी देते हुए समूह की दीदीयों ने समूह को वर्मी कम्पोस्ट से शुद्ध आय 45 हजार रूपये, सब्जी बाड़ी से शुद्ध आय 55 हजार रूपये, मछली पालन से शुद्ध आय 20 हजार रूपये होने की जानकारी दिये। कलेक्टर ने समूह की दीदीयों का उत्साहवर्धन करते हुए गौठान में निर्मित मुर्गी शेड में मशरूम उत्पादन करने की समझाईश दी। स्व सहयाता समूह के दीदीयों ने समूह के लिए भवन व सब्जियों के सिंचाई के लिए ड्रीप सिस्टम की ओर कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट किया। कलेक्टर मलिक ने समूह की गतिविधियों की सराहना करते हुए उन्हें शासन की अन्य योजनाओं से भी लाभ दिलाने का भरोसा दिलाया। निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी (रा.) अविनाश भोई, मुख्य कार्यपालन अधिकारी आर. के. ध्रुव, मत्स्य निरीक्षक, उद्यानिकी विभाग के अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा, बी.पी.एम. एन.आर.एल.एम. सरपंच, पंच सहित विभिन्न स्व-सहायता समूह के दीदीयां उपस्थित थी।

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मेंहदी स्पर्धा की विजेता रही प्रिया, परिणीति उपविजेता

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) अग्रसेन महाविद्यालय में चल रही ग्रीष्मकालीन कक्षाओं के साथ साथ हर हफ्ते विभिन्न स्पर्धाओं का आयोजन भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को मेहंदी स्पर्धा का आयोजन किया गया। इस स्पर्धा में सभी ने अपने हाथों में मेंहंदी रचा अपनी कला का प्रदर्शन किया। निर्णायकगण डॉ. शोभा अग्रवाल तथा प्रो. रिदवाना हसन ने प्रिया देवांगन को विजेता और परिणीति पद्मावत को उपविजेता घोषित किया। विजेताओं को आगामी समारोह में पुरस्कार भी दिए जायेंगे। आज की स्पर्धा का संयोजन कार्यक्रम प्रभारी प्रो. भावना गरेवाल ने किया।
 
इस आयोजन के सम्बन्ध में महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. वी.के. अग्रवाल ने कहा कि अग्रसेन महाविद्यालय विद्यार्थियों की प्रतिभा को तराशने के उद्देश्य से इस प्रकार के आयोजन करता रहा है। प्राचार्य डॉ. युलेंद्र कुमार राजपूत ने कहा कि महाविद्यालय ने हमेशा ही रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाता है। महाविद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर प्रो. अमित अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से युवाओं को छुट्टी के समय का सदुपयोग करने का अवसर मिलता है।
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धनवंतरी मेडिकल स्टोर से हर वर्ग के लोगों को मिल रहा लाभ

जिले में अब तक 9 हजार उपभोक्ताओं को दी गई 19 लाख से अधिक की दवाइयां

जशपुरनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण) आम नागरिकों को बाजार में मिलने वाली महंगी दवाईयों से राहत दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा धन्वंतरी जेनरिक मेडिकल स्टोर प्रारंभ किया है जहां सस्ती दर पर मिल रही गुणवत्ता पूर्ण दवाओं का सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है। जेनेरिक मेडिकल स्टोर में दवाईयां निजी मेडिकल स्टोर एवं बाजार में मिलने वाली दवाओं की कीमत की तुलना में 50 प्रतिशत से भी कम मूल्य पर मिलती है। जिससे उपभोक्ताओं के दवाई में होने वाले खर्च में कमी आ रही है।

जिले के 5 नगरीय निकायों में धन्वन्तरि मेडिकल स्टोर खुलने से लोगों को सस्ते दाम पर दवाइयां उपलब्ध हो रही है। जिले में संचालित मेडिकल स्टोर में योजना प्रारंभ से अब तक 9465 उपभोक्ताओं को 19 लाख 2 हजार 718 रुपए से अधिक की जेनेरिक दवाइयों का विक्रय किया गया है जिसकी वास्तविक मूल्य लगभग 47 लाख 93 हजार 430 रूपए से अधिक है। धन्वन्तरि मेडिकल स्टोर खुलने से लोगों को सस्ते दाम पर दवाइयां उपलब्ध हो रही है। संचालित मेडिकल स्टोर में सर्दी, खांसी, बुखार, ब्लड प्रेशर जैसी आम बीमारियों के साथ-साथ गंभीर बीमारियों की जेनेरिक दवाएं, एंटीबायोटिक, सर्जिकल आइटम, वन विभाग के संजीवनी के उत्पाद, सौंदर्य प्रसाधन उत्पाद और शिशु आहार भी उपलब्ध है। मेडिकल स्टोर में दवाई खरीदने आए उपभोक्ताओं का कहना है कि बाजार में 300 रूपए कीमत की मिलने वाली दवा इस स्टोर में मात्र 126 रुपए में मिल जाती है। इसी तरह सर्दी बुखार सहित अन्य बीमारियों की भी दवाइयां अन्य मेडिकल स्टोर की तुलना में आधे से कम दाम पर मिल रही है। उपभोक्ताओं ने सस्ती दर पर दवाइयां उपलब्ध कराकर प्रत्यक्ष लाभ आम जन को दिलाने के लिए प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन को सहृदय धन्यवाद दिया है।

 

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‘दक्ष’ प्रणाली : हाईटेक यातायात प्रबंधन के साथ लोक सुरक्षा के लिए बनी मददगार

रायपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजधानी में एकीकृत यातायात प्रबंधन ’दक्ष’ प्रणाली यातायात प्रबंधन के साथ लोक सुरक्षा व सेवा विस्तार की महत्वपूर्ण विश्व स्तरीय एकीकृत प्रणाली है।

इस प्रणाली के तहत 50 स्थलों में हाईटेक सिग्नल लगाए गए है। ट्रैफिक सिग्नल के उपर स्मार्ट चार्जर स्थापित है, जो दिन में इन सिग्नलों को ऑपरेट कर बिजली की बचत में सहायक है। शहर में स्थापित 20 स्मार्ट पोल से आपातकालीन स्थितियों में पुलिस सहायता प्राप्त होती है। फ्री वाई-फाई सुविधा के अलावा वेरिएबल मैसेज डिस्प्ले एवं पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए नागरिकों को अद्यतन सूचना संप्रेषण की सुविधा इसमें उपलब्ध है।
 
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा फरवरी-2019 में लोकार्पित इस प्रणाली से कोरोना की विषम परिस्थितियों में जन सूचना व जन चेतना विषयक जानकारी सुलभ कराने के साथ-साथ वॉर रूम के रूप में भी इस प्रणाली की विशिष्ट भूमिका रही है। हाईटेक यातायात प्रबंधन, अपराध नियंत्रण एवं सतत निगरानी की इस अति-आधुनिक प्रणाली से अनेक आपराधिक प्रकरणों में पुलिस विभाग को काफी सहायता मिली है।

 

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जगदलपुर जिले के 300 स्थानों में टीकाकरण 25-26 को

बीते कोविड लहर से बचाव में टीका रहा है महत्वपूर्ण कारक : सीएमएचओ डॉ. चतुर्वेदी

जगदलपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बस्तर जिले के 12 से 14 वर्ष और 15 से 17 वर्ष के किशोरों को पहले और दूसरे डोज, 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को दूसरे डोज तथा हेल्थ केयर वर्कर, फ्रंट लाइन वर्कर व 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को दूसरे डोज के साथ ही प्रिकॉशन डोज के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कोविड-19 टीकाकरण का विशेष अभियान चलाया जाएगा।

इस सम्बन्ध में सीएमएचओ आर.के.चतुर्वेदी ने बताया: “अभी कोविड पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। बीते कोविड लहर से बचाव में टीका महत्वपूर्ण कारक रहा है। ऐसे में जिन पात्र लोगों ने अभी तक टीकाकरण और प्रिकॉशन डोज नहीं लगवाया है उनको जल्द से जल्द अपना टीकाकरण कराना चाहिए। वर्तमान में कोरोना के मिल रहे शुरुआती लक्षण को गम्भीरता से लें और कोविड नियमों का कड़ाई से पालन करें। सीमावर्ती राज्यों में कोविड के केस बढ़ने से राज्य स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को कोविड से अगले 15 दिनों तक अलर्ट रहने के दिशा-निर्देश दिए हैं।”

300 केन्द्रों पर होगा टीकाकरण
25 और 26 जून को जिले के 300 केंद्रों में टीकाकरण किया जाएगा। इसके तहत बस्तर और बकावण्ड विकासखण्ड में 60-60, बास्तानार, दरभा व लोहण्डीगुड़ा विकासखण्ड में 28-28, जगदलपुर शहरी क्षेत्र में 21 जगदलपुर ग्रामीण क्षेत्र में 40 और तोकापाल विकासखण्ड में 35 स्थानों पर कोविड-19 टीके लगाए जाएंगे। इस अभियान में प्रतिदिन 10 हजार हितग्राहियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
 
क्यों जरूरी है कोविड-19 का टीकाकरण
टीकाकरण हमारे शरीर में कोविड-19 के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करने में मदद करता है। टीकाकरण हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा देता है और शरीर में एंटीबॉडी विकसित करता है। विशेषज्ञों का मानना है टीकाकरण कोरोना वायरस के सभी वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी हैं।

 

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ज्योति ने राशन कार्ड के लिए लगाई फरियाद, कलेक्टर ने तत्काल दिलाया नया राशन कार्ड

सरकार तुंहर द्वार शिविर में ज्योति और उसके परिवार की दूर हुई राशन की चिंता

कोरबा  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर साहू की तत्परता से विकासखंड करतला के ग्राम पंचायत पिडिया निवासी ज्योति बाई और उसके परिवार की राशन की चिंता दूर हो गई। आज नोनबिर्रा में आयोजित सरकार तुंहर द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत वृहद समाधान शिविर में ज्योति ने नया राशन कार्ड बनाने के लिए कलेक्टर के समक्ष फरियाद की। उन्होने राशन कार्ड नही होने से शासकीय राशन दुकान से राशन नही प्राप्त होने की जानकारी कलेक्टर को दी। साथ ही राशन नहीं मिलने से परिवार को हो रही कठिनाईयों से भी अवगत कराया।

कलेक्टर साहू ने ज्योति की बातो को ध्यान से सुनकर तत्परता दिखाते हुए तत्काल जिला खाद्य अधिकारी को ज्योति और उनके परिवार के नाम से नया राशन कार्ड जारी करने के निर्देश शिविर स्थल में ही दिये। कलेक्टर के निर्देश उपरांत ज्योति के आवेदन पर तत्काल कायर्वाही करते हुए खाद्य विभाग की ओर से कुछ घंटो के भीतर ही नया राशन कार्ड जारी कर दिया गया। ज्योति को नया राशन कार्ड उनके घर पहुंचकर पंचायत सचिव की ओर से प्रदान किया गया। ज्योति का शिविर स्थल में ही राशन कार्ड बन जाने से खुशी जाहिर करते हुए कलेक्टर साहू के प्रति आभार जताया। नया राशन कार्ड से ज्योति और उनके परिवार को शासकीय राशन दुकान से रियायत दर पर चांवल, शक्कर, चना एवं नमक आदि खाद्य सामग्री आसानी से प्राप्त होगी। ज्योति को अब बाहर से खाद्य सामग्री लेने के लिए होने वाले खर्च की बचत होगी। जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ कम होगा। ज्योति का प्राथमिकता श्रेणी में राशन कार्ड जारी किया गया है। उनके राशन कार्ड में उनके पति सहित दो बच्चों का भी नाम अंकित है। नया राशन कार्ड बन जाने से ज्योति और उनके परिवार को शासकीय योजनाओं का भी अधिक लाभ मिल पाएगा। शासन की ओर से लागू डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत राशन कार्ड के माध्यम से नि:शुल्क ईलाज कराने की भी सुविधा प्राप्त होगी।

 

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सरकार तुंहर द्वार कार्यक्रम में 213 किसानों का बना किसान क्रेडिट कार्ड

कोरबा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले मे आयोजित किये जा रहे सरकार तुंहर द्वार कार्यक्रम से जिलेवासी लाभान्वित हो रहे है। शिविर के माध्यम से सभी वर्गो को राशन, पेंशन आदि सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। शिविर के माध्यम से किसानों को भी खेती करने के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही है। साथ ही किसानों को शासकीय योजनाओं का भी लाभ प्रदान किया जा रहा है। नोनबिर्रा में आयोजित सरकार तुंहर द्वार शिविर में 213 किसानों का नया किसान क्रेडिट कार्ड बनाया गया।

शिविर के पहले सर्वे करके किसानों से आवेदन लिए गये थे। शिविर स्थल में किसानों को केसीसी कार्ड का वितरण कलेक्टर रानू साहू ने जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में किया। नये केसीसी कार्ड बन जाने से किसानों की खेती की चिंता दूर हो गयी है। केसीसी कार्ड के माध्यम से अब उन्हें खेती करने के लिए बिना ब्याज के रूपये सहकारी समितियों से मिल सकेंगी। साथ ही रियायत दर पर खाद-बीज भी प्राप्त होगी।

सरकार तुंहर द्वार शिविर में नया केसीसी कार्ड बन जाने पर ग्राम नोनबिर्रा के किसान अनिल कुमार कंवर ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उनके पास लगभग सात एकड जमीन है। पहले खेती करने के लिए आवश्यक खाद-बीज बाजार से खरीदना पडता था। जिसमें अधिक रुपए खर्च होते थे। साथ ही खेती करने के लिए जरूरी पैसे भी अधिक ब्याज पर बाहर से लेना पड़ता था। उन्होंने बताया कि सहकारी समिति के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड बन जाने से उनको 1 लाख 14 हजार रुपए की क्रेडिट लिमिट मिल गयी है। जिसमें से 68 हजार 700 रुपए नगद के रूप में और 45 हजार 800 रुपए के खाद-बीज प्राप्त करने की सुविधा प्राप्त हो गयी है। केसीसी कार्ड प्राप्त करने शिविर में आये ग्राम जुनवानी के किसान बुधवार सिंह ने बताया कि केसीसी कार्ड के माध्यम से खेती-किसानी में आसानी होगी तथा अधिक फसल उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
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ट्रेफिक कम पावर ब्लॉक कार्य के चलते रद्द रहेगीं कुछ ट्रेनें, कुछ चलेंगीं परिवर्तित मार्ग से…

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उत्तर मध्य रेलवे, झाँसी रेल मण्डल के पामा-रसूलपुर गोगूमऊ -भीमसेन जंक्शन सेक्शन मे दोहरीकरण का कार्य किया जा रहा है इस कार्य के लिए ट्रेफिक कम पावर ब्लॉक लिया जाएगा । यह कार्य 7 से 16 जुलाई तक ट्रेफिक सह पावर ब्लाक लिया गया है । इसके फलस्वरूप कुछ गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा।
इस दौरान 11 एवं 14 जुलाई को लखनऊ से चलने वाली 12535 लखनऊ-रायपुर गरीबरथ तथा 12 एवं 15 जुलाई को रायपुर से चलने वाली 12536 रायपुर-लखनऊ गरीबरथ रद्द रहेगी।

वहीं 4, 06, 11 एवं 13 जुलाई, 2022 को कानपुर से चलने वाली 18204 कानपुर-दुर्ग एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग प्रयागराज-मानिकपुर जंक्शन होकर चलेगी। 3, 05, 10 एवं 12 जुलाई को दुर्ग से चलने वाली 18203 दुर्ग-कानपुर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग मानिकपुर जंक्शन-प्रयागराज होकर चलेगी।

इसके अलावा ईस्ट कोस्ट रेलवे, सम्बलपुर रेल मण्डल के टिटलागढ़-थेरूबाली सेक्शन मे ट्रेफिक कम पावर ब्लॉक का कार्य किया जाएगा । इस कार्य के लिए 28 जून को ट्रेफिक सह पावर ब्लाक लिया गया है । इसके फलस्वरूप कुछ गाडियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इस दौरान 28 जून को बिलासपुर से चलने वाली 17481बिलासपुर-त्रिरुपति एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
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भूपेश सरकार को उखाड़ फेकने का संकल्प ले भाजयुमो : बृजमोहन

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने भाजयुमो सिविल लाइन मंडल कार्य समिति की बैठक में कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि युवा प्रदेश में बड़े बदलाव के लिए तैयार रहें। प्रदेश के युवाओं को नशा में डूबाने वाले, बेरोजगारो से छल कपट करने वाले कांग्रेस की भूपेश बघेल की सरकार को हमको उखाड़ फेंकना है। भाजयुमो के टीम को और मजबूत करना पड़ेगा, आपको घर-घर जाना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि भाजयुमो भाजपा का अग्रिम संगठन है। आप सब हमारे सैनिक है, हम आपके दम पर ही चुनाव लड़ते है। भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार ने 10 लाख लोगों को नौकरियां देने की बात कही थी। बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही थी। क्या हुआ किसी को मिला रोजगार, किसी को मिल रहा है बेरोजगारी भत्ता? इसी बात को लेकर हमे युवाओं के बीच जाना है।
 
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भाजपा का 15 साल का कार्यकाल शहर में व्यापक बदलाव का रहा है। चहुओर विकास की गंगा बही आज विकास का कार्य ढप्प है। छत्तीसगढ़ की जनता शासकीय योजनाओं में व्यापक भ्रष्टाचार से परेशान है।

उन्होंने कहा कि केंद्र की योजनाओं से हितग्राहियों को सीधा पैसा मिल रहा है। उज्जवला गैस, प्रधानमंत्री आवास योजना, गांव-गांव घर-घर नल से शुद्ध पेयजल, गांव गांव बिजली, धारा 370 की समाप्ति, राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक ऐसे विषय हैं जिस पर कोई सोचता नहीं था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन विषयों को लेकर जो कार्यवाही की है उससे देश एक नई दिशा की ओर अग्रसर हैं और इन सब विषयों को लेकर युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को घर-घर जाना चाहिए।

विधायक अग्रवाल ने कहा कि नारे से वोट नहीं मिलेंगे। आप सब को काम करना पड़ेगा। जनता के बीच जाना पड़ेगा। जब तक जानता आपको नहीं जानेगी आप को वोट क्यों देगी। जनता को अपने साथ जोड़ना होगा। लोगों के छोटे-छोटे समस्याओं के लिए उन्हें सहयोग करना होगा। राशन कार्ड, निराश्रित पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली कनेक्शन, नल कनेक्शन, राशन कार्ड, जमीनों के पट्टे, जैसे जनता के छोटे-छोटे मामले को लेकर लोगों के पास जाना पड़ेगा उनका काम कराना होगा युवा मोर्चा को सड़क प उतरना पड़ेगा।
 
कार्यसमिति को संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता सुभाष तिवारी ने भाजयुमो कार्यकर्ता से कहा कि हम सब भाजपा के प्रथम पंक्ति के सैनिक है। हम सबको प्रदेश की भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकने लड़ाई का शंखनाद करना पड़ेगा हमें घर-घर हर युवा के पास जाना है और युवाओं को अपने साथ जोड़ कर सरकार के खिलाफ आंदोलन के माध्यम से जनता के बीच जाना है।

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू ने कहा कि 2023 में प्रदेश में सरकार बनाने में युवा मोर्चा की अहम भूमिका होगी। कार्यकर्ता पार्टी के नीतियों को लेकर जनता के बीच जावे।

बैठक में प्रमुख रूप से सुभाष तिवारी, अमित साहू, संजू नारायण सिंह, मुकेश पंजवानी, मनोज सिंह ठाकुर, बाबी खनूजा, अर्पित सूर्यवंशी राहुल राव, अनिल शर्मा, बसंत विश्वकर्मा, मनीष साहू, सिद्धान्त शर्मा, गणेश गुप्ता, कौस्तुभ पेंडसे, नागेश तिवारी, हर सिमरन सिंघ, खूबचंद साहू, रवि जग्गी, राहुल साहू, गौरव कुमार, नारायण कुर्रे, अजय लहेजा, परेश तांडी, श्रवण तांडी, सहित भाजयुमो के प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सिद्धांत शर्मा आभार प्रदर्शन गणेश गुप्ता ने किया।

 
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महिला आयोग के कार्यों को संचालित करने कलेक्टोरेट में एक कमरा आरक्षित

अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य श्रीमती नीता विश्वकर्मा ने गुरुवार को अंबिकापुर कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जनसुनवाई की। जनसुनवाई के लिए सरगुजा जिले के 20 विभिन्न मामलों के प्रकरण रखे गए जिसमे से 11 प्रकरणों को निपटाकर नस्तीबद्ध किया गया। आयोग की मांग पर कलेक्टर संजीव कुमार झा ने तत्काल महिला आयोग के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय में एक कमरा आरक्षित करने के निर्देश दिए। सुनवाई में जिला सीईओ विनय कुमार लंगेह, एसपी श्रीमती भावना गुप्ता, शमीम रहमान अधिवक्ता, जिला पंचायत की सदस्य श्रीमती मधु सिंह, जिला प्रभारी एमएल यादव, महिला बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी बसंत मिंज तथा अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

एक प्रकरण में आवेदिका को शासन से पुर्नवास में पट्टा जमीन प्राप्त है, जिस पर अनावेदक द्वारा ताला बंद कर दिया गया है जिसे अनावेदक ने मात्र 20 हजार रू. देकर आवेदिका के पट्टे की जमीन को हड़पने की मंशा रखते थे। अनावेदक ने बताया की जमीन की बिक्रीनामा में लिए जो कार्यालय कलेक्टर में आवेदन लंबित है । सुनवाई के दौरान कलेक्टर महोदय ने जानकारी दिया की बिना अनुमति जमीन बेचना अमान्य होता है । आयोग की सदस्य श्रीमती नीता विश्वकर्मा इस प्रकरण की निगरानी करेंगी ।

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया की मेरे पति की मृत्यु हो गई है जिससे एक पुत्री भी है मेरे देवर ने मुझे शादी का आश्वासन देकर दैहिक शोषण करता था और मेरे साथ रहता था जिससे दो बच्चे भी हो गये अब वह मुझे साथ रखने से इन्कार कर रहे हैं। अनावेदकगण ने बताया की तीनो बच्चो की परवरिश हम लोग कर रहे है और आवेदिका को रहने के लिए मकान भी दिये हैं। दोनो पक्षों के मध्य ग्राम समाज में आपसी राजीनामा का पंचनामा तैयार किया गया है जिसके दस्तावेज आयोग की सुनवाई में प्रस्तुत किये हैं। दस्तावेज के अनुसार दोनो पक्ष अपने जीवन यापन करने के लिए स्वतंत्र है यह निर्णय समाज में हुआ है। आयोग ने अनावेदकगणो को जिम्मेदारी दिया है कि तीनो बच्चों का पालन-पोषण करेेगे तथा आवेदिका के जीवन में किसी प्रकार में दखलंदाजी नहीं करें और आवेदिका भी अनावेदकगण के विरूद्ध भी दखलंदाजी नही करेंगे। इस प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया।

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका की पुत्री जो कि 12वी कक्षा में अध्यनरत है अनावेदक पटवारी है जिसका लगभग 42 हजार प्रतिमाह है। साथ ही अनावेदक दो-तीन बार संस्पेड हुआ है जिसके कारण उसे प्रतिमाह 35 हजार रूपये वेतन मिल रहा है। अनावेदक अपनी पुत्री को पढ़ाई लिखाई के लिए कोई भी राशि नहीं देता है। इस स्तर पर अनावेदक के वेतन से पुत्री के पढ़ाई लिखाई के लिए अनावेदक के वेतन से 5 हजार रुपये प्रतिमाह काट कर आवेदिका के खाते में दिए जाने के निर्देश आयोग ने दिये। आवेदिका के भरण-पोषण का प्रकरण न्यायालय में भी विचाराधीन है। आवेदिका के भरण -पोषण का निराकरण न्यायालय से होेगा। सुनवाई के दौरान आयोग के द्वारा यह पाया गया कि अनावेदक शासकीय सेवा में कार्यरत है और अपनी पहली पत्नी से तलाक लिए बिना दुसरी शादी किया गया है। इस विवाह से इससे दो संतान है जिसके पालन -पोषण की जिम्मेदारी आवेदिका पर ही है। अनावेदक के शासकीय अभिलेख में आवेदिका पत्नी और पुत्री का नाम दर्ज किया जावे अनावेदक ने स्वीकार किया कि दोनो बच्चो का नाम शासकीय अभिलेख मे दर्ज है। जबकि आवेदिका का कहना है कि कोई नाम दर्ज नही है इस प्रकरण की जॉच के लिए अनावेदक की पुत्री को कलेक्टर से शिकायत करने का अधिकार दिया गया है। आयोग ने आवेदिका की पुत्री को कहा की आदेश की प्रतिलिपि के साथ कलेक्टर सरगुजा को लिखित शिकायत देकर अनावेदक द्वारा बिना तलाक लिए दूसरा विवाह कर शासकीय नियमों का उलंघन किया है जिससे अनावेदक की सेवा समाप्ति भी हो सकती है। इस प्रकार प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया ।

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि उनका मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा किसी भी प्रकार से व्यवस्था नही किये थे उन्होने अपशब्दों का प्रयोग किया जिससे मेरे मान सम्मान को ठेस पहुॅची जिसके कारण मै आयोग में शिकायत दर्ज की हूँ। आयोग की सुनवाई में दोनो पक्षों को विस्तार से सुना गया दोनो पक्षो के मध्य इस प्रकरण के निराकरण के लिए परियोजना अधिकारी महिला बाल विकास विभाग को दोनो पक्षो को मंदिर में जाकर दर्शन कराकर एक दूसरे के मध्य सामंजस्य बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी मंदिर में दोनो पक्षों ने एक दूसरे से क्षमा मांगी आयोग की सुनवाई में ही इस प्रकरण का निराकरण किया गया
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छत्तीसगढ़ के 12 लाख संग्राहकों ने संग्रहित किया 630 करोड़ का तेन्दूपत्ता

वनमंत्री अकबर के मार्गदर्शन में संग्राहकों को सतत् भुगतान

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में चालू वर्ष 2022 के दौरान 15 लाख 78 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हुआ है, जो लक्ष्य का 94 प्रतिशत से अधिक है। यह संग्रहण गत वर्ष की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है। इनमें 12 लाख से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहकों को कुल 630 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान होना है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य में तेन्दूपत्ता संग्रहाकों को उनके भुगतान योग्य राशि का भुगतान तेजी से जारी है। राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण से आदिवासी-वनवासी संग्राहकों को रोजगार के साथ-साथ आय का भरपूर लाभ मिलने लगा है। गौरतलब है कि राज्य में वर्ष 2020 में 9 लाख 73 हजार मानक बोरा और वर्ष 2021 में 13 लाख 6 हजार मानक तेन्दूपत्ता का संग्रहण हुआ था, जो गत वर्ष की तुलना में वर्ष 2022 के दौरान तेन्दूपत्ता संग्रहण में लगभग 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
 
राज्य लघु वनोपज संघ से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक जगदलपुर वनवृत्त के अंतर्गत वनमंडल बीजापुर में 52 हजार संग्राहकों द्वारा 32 करोड़ रूपए के 80 हजार 324 मानक बोरा, सुकमा में 44 हजार संग्राहकों द्वारा 40 करोड़ रूपए के एक लाख मानक बोरा, दंतेवाड़ा में 20 हजार 323 संग्राहकों द्वारा 8 करोड़ रूपए के 19 हजार 408 मानक बोरा तथा जगदलपुर में 43 हजार 178 संग्राहकों द्वारा 6.56 करोड़ रूपए के 16 हजार 396 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है।
 
इसी तरह कांकेर वनवृत्त के अंतर्गत वनमंडल दक्षिण कोण्डागांव में 33 हजार 843 संग्राहकों द्वारा 6.93 करोड़ रूपए के 17 हजार 332 मानक बोरा, केशकाल में 35 हजार संग्राहकों द्वारा 10.45 करोड़ रूपए के 26 हजार 118 मानक बोरा, नारायणपुर में 16 हजार 738 संग्राहकों द्वारा 9.61 करोड़ रूपए के 24 हजार मानक बोरा, पूर्व भानुप्रतापपुर में 32 हजार संग्राहकों द्वारा 38.48 करोड़ रूपए के 96 हजार 195 मानक बोरा, पश्चिम भानुप्रतापपुर में 33 हजार संग्राहकों द्वारा 31.62 करोड़ रूपए के 79 हजार 058 मानक बोरा तथा कांकेर में 33 हजार 928 संग्राहकों द्वारा 14.82 करोड़ रूपए के 37 हजार 047 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है।

दुर्ग वनवृत्त के अंतर्गत वनमंडल राजनांदगांव में 49 हजार 402 संग्राहकों द्वारा 29.25 करोड़ रूपए के 73 हजार 133 मानक बोरा, खैरागढ़ में 27 हजार 552 संग्राहकों द्वारा 14.82 करोड़ रूपए के 37 हजार 053 मानक बोरा, बालोद में 22 हजार 315 संग्राहकों द्वारा 9.09 करोड़ रूपए के 22 हजार 719 मानक बोरा तथा कवर्धा में 31 हजार संग्राहकों द्वारा 16.67 करोड़ रूपए के 41 हजार 666 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हुआ है। रायपुर वनवृत्त के अंतर्गत वनमंडल धमतरी में 27 हजार 568 संग्राहकों द्वारा 10.26 करोड़ रूपए के 25 हजार 666 मानक बोरा, गरियाबंद में 64 हजार 503 संग्राहकों द्वारा 33.10 करोड़ रूपए के 82 हजार 759 मानक बोरा, महासमुंद में 35 हजार 712 संग्राहकों द्वारा 33.42 करोड़ रूपए के 83 हजार 559 मानक बोरा तथा बलौदाबाजार में 20 हजार 792 संग्राहकों द्वारा 7.32 करोड़ रूपए के 22 हजार 320 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है।
 
बिलासपुर वनवृत्त के अंतर्गत अब तक वनमंडल बिलासपुर में 29 हजार 779 संग्राहकों द्वारा 12.06 करोड़ रूपए के 30 हजार 159 मानक बोरा, मरवाही में 30 हजार 458 संग्राहकों द्वारा 8.80 करोड़ रूपए के 22 हजार 700 मानक बोरा, जांजगीर-चांपा में 10 हजार 106 संग्राहकों द्वारा 3.23 करोड़ रूपए के 8 हजार 098 मानक बोरा, रायगढ़ में 39 हजार 422 संग्राहकों द्वारा 22.09 करोड़ रूपए के 55 हजार 230 मानक बोरा, धरमजयगढ़ में 46 हजार 063 संग्राहकों द्वारा 32.94 करोड़ रूपए के 82 हजार 351 मानक बोरा, कोरबा में 35 हजार 445 संग्राहकों द्वारा 21.03 करोड़ रूपए के 52 हजार 597 मानक बोरा तथा कटघोरा में 66 हजार संग्राहकों द्वारा 29.57 करोड़ रूपए के 73 हजार 929 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है।

इसी तरह सरगुजा वनवृत्त के अंतर्गत वनमंडल जशपुर में 36 हजार 187 संग्राहकों द्वारा 13.06 करोड़ रूपए के 32 हजार 664 मानक बोरा, मनेन्द्रगढ़ में 30 हजार 504 संग्राहकों द्वारा 17.96 करोड़ रूपए के 44 हजार 912 मानक बोरा, कोरिया में 25 हजार 305 संग्राहकों द्वारा 13.42 करोड़ रूपए के 33 हजार 553 मानक बोरा, सरगुजा में 40 हजार 771 संग्राहकों द्वारा 14.05 करोड़ रूपए के 35 हजार 145 मानक बोरा, बलरामपुर में 98 हजार 560 संग्राहकों द्वारा 56.71 करोड़ रूपए के एक लाख 41 हजार 767 तथा सूरजपुर में 54 हजार 355 संग्राहकों द्वारा 29.68 करोड़ रूपए के 74 हजार 212 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है।
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मोदी ने महिलाओं में आत्मबल जाग्रत किया : बृजमोहन

 विधायक अग्रवाल ने किया उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शनों का वितरण

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा के पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी योजना “उज्ज्वला योजना” के तहत तत्पर में पात्र हितग्राहियों को निशुल्क गैस टंकी चूल्हा व रेगुलेटर का वितरण किया। विधायक अग्रवाल ने इस अवसर पर उपस्थित महिलाओ को संबोधित करते हुए कहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की है उन्हीं में से प्रमुख योजना उज्जवला योजना है हमारे मां बहनों को धुंआ से मुक्ति दिलाने व सहूलियत देने का जो अभियान चलाया है उसमें हमारी माताओ को आत्मसम्मान मिल रहा है । मोदी जी की योजनाएं सबका साथ-सबका विकास के लिए है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा गरीबों के लिए चालू की गई बहुत सारी योजनाएं छत्तीसगढ़ में दम तोड़ दिया है।छत्तीसगढ़ सरकार आर्थिक कंगाली व बदहाली के कारण जनता के जनहित के काम भी नहीं कर रही है। प्रधानमंत्री आवास का निर्माण बंद है, उज्जवला योजना की गति धीमी कर दी गई है। केंद्र सरकार की योजनाओं में प्राप्त पैसों का छत्तीसगढ़ में सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार किया जा रहा है। प्रदेश में सारे विकास कार्य ढप्प है। आपके शहर में कानून व्यवस्था की स्थिति ढप्प हो गई है। चाकूबाजी, हत्या, लूट, डकैती आम बात हो गई। गली-गली नशा का व्यापार हो रहा है।

विधायक अग्रवाल ने उज्जवला योजना के हितग्राहियों को गैस सिलेंडर चूल्हा व रेगुलेटर का वितरण किया और कहा कि आप सब भी अपने आसपास के लोगों को जिन्हें प्रधानमंत्री की योजना का लाभ नहीं मिला है उन्हें अधिकाधिक संख्या में लाभ दिलाएं।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सुभाष तिवारी, विजय अग्रवाल, सालिक सिंह ठाकुर, चूडामणी निर्मलकर, सरिता वर्मा, संजू नारायण ठाकुर,महादेव नायक, मनोज चक्रधारी, राजेश अग्रवाल, प्रदीप सिंह, सुनील पंड्या, राकेश सिंग, अम्बर अग्रवाल, मिलिंद चिलमवर, गौरी यदु, राज गायकवाड़, मन्नू धनकर, तरल सोलंकी, संजय सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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बृजमोहन के प्रयासों से सुंदरनगर वार्ड में 4 की लागत से सड़क डामरीकरण का कार्य स्वीकृत



रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुंदरनगर, लाखे नगर, अश्वनीनगर, भीमनगर, हनुमाननगर, ओम सोसायटी सहित सुंदरनगर वार्ड की 12.90 किमी सड़क डामरीकरण हेतु रायपुर दक्षिण विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के प्रस्ताव पर वर्ष 2021-22 के लोक निर्माण विभाग के बजट में शामिल सुंदर नगर-लाखेनगर-अश्वनी नगर, चतुर्दिशा आंतरिक डामरीकरण के तहत 12.90 किलोमीटर लागत 456.99 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति आदेश जारी हो गया है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि सुंदर नगर वार्ड के विभिन्न बस्तियों में पिछले 4 सालों से सड़क की खुदाई के कारण पूरी तरह समाप्त हो गई है, पूरा वार्ड की सड़कें गड्डो से पटा पड़ा है। वार्ड के निवासी लगातार सड़क बनाने की मांग कर रहे थे वार्ड के निवासियों के मांग पर उनके प्रस्ताव पर लोक निर्माण विभाग ने 2021-22 के बजट में शामिल किया था। जिसके स्वीकृति के बाद विभाग ने वित्त विभाग के सहमति के बाद प्रशासनिक स्वीकृति के आदेश जारी गया।

श्री अग्रवाल ने कहा है कि सुन्दरनगर, भीमनगर, अश्वनी नगर, चंद्रशेखर नगर, लाखे नगर, हनुमान नगर, साई मंदिर, अम्बे मंदिर, ओम सोसायटी, मैत्री नगर, एसबीआई कालोनी, सहित वार्ड के अनेक सड़को का डामरीकरण किया जाएगा।
 
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सुब्रत साहू की अध्यक्षता में सात सदस्यीय ‘नरवा मिशन’ का गठन

नरवा मिशन विभिन्न विभागों द्वारा कराए जा रहे नरवा उपचार के कार्यों में करेगा समन्वय


रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर प्रदेश में नरवा कार्यक्रम के सुचारू संचालन, अनुश्रवण एवं नरवा विकास के कार्यों को गति प्रदान करने तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा नरवा विकास के किए जा रहे कार्यों में समन्वय स्थापित करने के लिए वन एवं जलावायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू की अध्यक्षता में सात सदस्यीय ‘नरवा मिशन’ का गठन किया गया है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव आर. प्रसन्ना, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी कैम्पा व्ही. श्रीनिवास राव, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (संयुक्त वन प्रबंधन) अरूण कुमार पाण्डेय, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार मिशन के आयुक्त मोहम्मद अब्दुल कैसर हक, नरवा-गरवा-घुरवा-बाड़ी एवं छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी डॉ. तंबोली अय्याज फकीर भाई और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार मिशन के मुख्य अभियंता नारायण निमजे नरवा मिशन के सदस्य होंगे।
 
गौरतलब है कि प्रदेश में ‘नरवा कार्यक्रम’ मुख्यतः पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा संचालित किया जा रहा है। ‘नरवा कार्यक्रम’ में छोटे-छोटे भूमिगत डाइक जैसे संरचनाओं की मदद से नालों को निरंतर बहने वाला सदानीरा नाला बनाते हुए नालों के जल द्वारा भूमिगत जल को रिचार्ज करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस कार्यक्रम से छत्तीसगढ़ में सिंचित क्षेत्र बढ़ेगा और अधिकांश जगह कृषि के लिए जल उपलब्ध होगा। निस्तार के लिए भी पानी की कमी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी। साथ ही जैव विविधता (बायो डायवर्सिटी) का संवर्धन होगा।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा अपने विभागाध्यक्ष कार्यालय के माध्यम से संचालित ‘नरवा कार्यक्रम’ की अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मॉनिटरिंग-समीक्षा करेंगे तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से किए जा रहे नरवा विकास के कार्यों की समीक्षा एवं कार्यक्रम का क्रियान्वयन पूर्ववत प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख द्वारा ही किया जाएगा।
 
नरवा विकास कार्यक्रम के तहत प्रदेश के लगभग 30 हजार नालों को रिचार्ज करने के लिए चयनित किया गया है। प्रथम चरण में 9541 नरवा के उपचार की स्वीकृति दी गई है। नालों का उपचार करने के लिए नरवा विकास कार्यक्रम के तहत नालों में वर्षा के जल को रोकने हेतु लूज बोल्डर चेक, चेकडेम, गली प्लग, कंटूर ट्रेंच, स्टाप डेम सहित अन्य संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। उपचारित नालोें में अब गर्मी के दिनों में भी पानी रहता है। इससे निस्तार, पेयजल और सिंचाई के लिए जल की उपलब्धता बढ़ी है और क्षेत्र में भू-जल स्तर में भी बढ़ोत्तरी हो रही है।
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पड़त भूमि के विकास तथा लोगों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण : वन मंत्री अकबर

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा संचालित ‘‘हरियाली प्रसार’’ योजना के अंतर्गत तीन वर्षों वर्षा ऋतु 2019, 2020 तथा 2021 में 83 लाख 31 हजार पौधों का रोपण किया गया है। इससे 07 हजार 400 हेक्टेयर रकबा हरियाली से आच्छादित हुआ है। इसमें हितग्राहियों तथा कृषकों की ओर से पौधों की बढ़ती मांग को देखते हुए वृद्धि कर वर्ष 2022-23 में इस योजना के अंतर्गत वनेत्तर क्षेत्रों में कृषकों की भूमि पर रोपण के लिए बजट में 17 करोड़ 58 लाख रूपए की राशि का प्रावधान किया गया है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि ‘‘हरियाली प्रसार’’ योजना पर्यावरण सुधार सहित पड़त भूमि के विकास तथा लोगों की आय में वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। हरियाली प्रसार योजना में कृषकों की स्वयं की भूमि पर कृषि वानिकी को प्रोत्साहित करने और हरियाली को बढ़ाए जाने के लिए विभाग द्वारा प्रति हितग्राही 50 से 5 हजार तक न केवल पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं, बल्कि उसके देखरेख के लिए अनुदान के रूप में आंशिक राशि भी उपलबध कराई जाती है। इससे कृषकों को लगभग 30 हजार रूपए प्रति एकड़ प्रति वर्ष का लाभ अर्जित हो सकेगा।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि हरियाली प्रसार योजना के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 30 लाख 95 हजार पौधों का रोपण किया गया है। इससे 13 हजार 651 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। इनमें वन वृत्त रायपुर अंतर्गत 1500 हितग्राहियों द्वारा 25 हजार 730 पौधों तथा कांकेर अंतर्गत 3 हजार 089 हितग्राहियों द्वारा 6 लाख 30 हजार पौधों का रोपण किया गया है। इसी तरह वन वृत्त सरगुजा अंतर्गत 419 हितग्राहियों द्वारा 99 हजार 250, जगदलपुर अंतर्गत 2 हजार 391 हितग्राहियों द्वारा 3 लाख 80 हजार, दुर्ग अंतर्गत 3 हजार 632 हितग्राहियों द्वारा 3 लाख 59 हजार पौधों तथा बिलासपुर अंतर्गत 2 हजार 620 हितग्राहियों द्वारा 16 लाख पौधों का रोपण किया गया है। इनका रोपण 2 हजार 800 हेक्टेयर रकबा में हुआ है

हरियाली प्रसार योजना के तहत वर्ष 2019-20 में एक हजार 600 हेक्टेयर रकबा में 18 लाख 56 हजार तथा वर्ष 2020-21 में 3 हजार हेक्टेयर रकबा में 33 लाख 80 हजार पौधों का रोपण हुआ है। इनमें वर्ष 2019-20 में 10 हजार 497 तथा वर्ष 2020-21 में 20 हजार 16 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। योजना के अंतर्गत सागौन, बांस, खम्हार, आंवला, शीशम, चंदन, मीलिया डुबिया, क्लोनल नीलगिरी, टिशू कल्चर बांस, टिशू कल्चर सागौन, आम, कटहल, मुनगा, सीताफल एवं अन्य प्रजातियों के पौधों का रोपण शामिल हैं।
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शिल्पकार दिलहरण ने कलेक्टर को भेंट किया राजगीत लिखा काष्ठ बोर्ड

महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। काष्ठ शिल्पकार दिलहरण सिन्हा ने बुधवार को कलेक्टर जनदर्शन के दौरान कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर को छत्तीसगढ़ राजगीत लिखा खम्हार लकड़ी का बोर्ड भेंट किया। कलेक्टर ने उनका शुक्रिया अदा किया और उनके कला की तारीफ की। दिलहरण के साथ उनकी पत्नी श्रीमती कलिंदरी साथ थी। वे राजधानी रायपुर से आए थे।

कलेक्टर के पूछने पर उन्होंने बताया कि पहले वो राज्य के विभिन्न शहरों में सड़क किनारें लकड़ी द्वारा निर्मित चाबी की रिंग बेचा करते थे। बाद में प्रशिक्षण लेकर विभिन्न रचनाकारों, साहित्यकारों के साथ ही छत्तीसगढ़ राजगीत, राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत सहित अन्य लकड़ी को काटकर अक्षर बनाकर पिरोते हैं। उन्होंने अब तक विधानसभा अध्यक्ष से लेकर अलग-अलग जिलों में ऐसे ही लकड़ी बोर्ड भेंट किए हैं। कलेक्टर ने उनके काम की तारीफ की और अधिकारियों को भी जरूरत के मुताबिक इस तरह की काष्ठ बोर्ड बनवाने की बात कही।
 
उन्होेंने कहा कि राज्य सरकार भी लोक कला, लोक संस्कृति एवं लोक गायन के कलाकारों के विकास की उन्नति के लिए सतत् प्रयास कर रही है। ऐसे हुनरमंदों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की गई है। ताकि ऐसे हुनरमंद कलाकार शिल्पकारों की कला को व्यवसाय मिल सके।
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