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जब शादी की बात पर मुस्कुरा दिए राहुल, जयराम रमेश ने शेयर की तस्वीरें...

 कन्याकुमारी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हैं। इस दौरान वे कई लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। इसी दौरान सोशल मीडिया पर उनकी एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमे वे मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर के पीछे का किस्सा बड़ा ही दिलचस्प और मजेदार है। कांग्रेस संसद जयराम रमेश ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए इसके पीछे की वजह बताई है। दरअसल यात्रा के दौरान कन्याकुमारी के मुलाकात के दौरान मार्तंडम में महिला मनरेगा कार्यकर्ताओं ने उनसे शादी की बात छेड़ दी। शादी की चर्चा हुई तो राहुल मुस्कुराने लगे।


जयराम रमेश ने आगे लिखा कि बातचीत के दौरान एक महिला ने कहा कि वे राहुल गांधी के तमिलनाडु के प्रति प्रेम के बारे में जानती हैं और वह 'उनकी शादी एक तमिल लड़की से कराने' के लिए तैयार हैं। राहुल गांधी के साथ 3,570 किलोमीटर के सफर पर मौजूद जयराम रमेश ने ट्वीट किया कि इस दौरान राहुल गांधी सबसे ज्यादा खुश नजर आए।

कहां  पहुंची कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा
कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा आज सुबह केरल के परासला पहुंच चुकी है। केपीसीसी अध्यक्ष सुधाकरन ने बताया कि यात्रा के स्वागत के लिए पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। यह राज्य के सात जिलों से गुजरेगी और अन्य जिलों के पार्टी कार्यकर्ता इस यात्रा में शामिल होंगे।’ उन्होंने यहां मीडिया से कहा, यात्रा हर दिन सुबह सात बजे शुरू होगी और 11 बजे तक चलेगी। यह फिर से शाम चार बजे शुरू होगी और शाम सात बजे तक चलेगी। इस बीच गांधी सभी तबकों के लोगों से मिलेंगे और चर्चा करेंगे।
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महारानी एलिजाबेथ के सम्मान में झुका राष्ट्रीय ध्वज, देशभर में राजकीय शोक

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद रविवार को देश में राजकीय शोक मनाया जा रहा है। राजकीय शोक के दौरान लाल किले और राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका दिया गया है। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का निधन गुरुवार को हुआ था। इसके बाद सरकार ने एक दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की थी। ब्रिटेन में महारानी के निधन के बाद 10 दिन का राष्ट्रीय शोक का एलान किया गया है।

इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा था कि ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का गुरुवार को निधन हो गया। उनके सम्मान में देश भर में 11 सितंबर को एक दिवसीय राजकीय शोक मनाया जाएगा। महारानी के निधन के बाद पूरी दुनिया में शोक मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महारानी के निधन के बाद उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। उन्होंने कहा कि महारानी के निधन से आहत हूं। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और ब्रिटेन के लोगों के साथ हैं।

पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री मोदी ने उनके साथ हुई मुलाकात को याद करते हुए कहा, '2015 और 2018 में ब्रिटेन की अपनी यात्राओं के दौरान मेरी महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के साथ यादगार मुलाकातें हुईं। मैं उनकी गर्मजोशी और दयालुता को कभी नहीं भूलूंगा। एक बैठक के दौरान उन्होंने मुझे वह रूमाल दिखाया जो महात्मा गांधी ने उन्हें उनकी शादी में उपहार में दिया था। मैं उन यादों को हमेशा संजो कर रखूंगा।'

बता दें कि महारानी एलिजाबेथ ने ब्रिटेन पर 70 वर्षों तक शासन किया। अपने शासनकाल में वह कई बार भारत आ चुकी हैं। उनके निधन के बाद ब्रिटेन के शाही परिवार की कमान प्रिंस चार्ल्स तृतीय ने संभाली।

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खुशखबरी : देश में जल्द मिलेगी हफ्ते में 3 दिन की छुट्टी...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देशभर में सरकार जल्द ही नया लेबर कोड लागू कर सकती है। सरकार लंबे समय से इसकी तैयारियां कर रही है।नौकरीपेशा लोगों की वर्किंग लाइफ में जल्द ही बड़े बदलाव हो सकते हैं। अगर आप भी नौकरी करते हैं तो आपको बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। इसमें काम करने के घंटे से लेकर छुट्टियों तक सबकुछ बदल जाएगा। हालांकि, सरकार देश में कब तक नया लेबर कोड लागू करेगी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। 

देशभर में एकसाथ लागू होगी व्यवस्था

केंद्र सरकार पूरे देश में एकसाथ इस व्यवस्था को लागू करना चाहती है। सभी राज्य इस व्यवस्था में एकसाथ एंट्री करेंगे। इससे लोगों की पर्सनल लाइफ और काम को एकसाथ बेहतर बनाने के लिए काम किया जा रहा है। 

होंगे 4 नए कोड

आपको बता दें इसमें 4 नए कोड होंगे जो कि लेबर कोड वेज (Wage), सोशल सिक्योरिटी (Social Security), इंडस्ट्रियल रिलेशंस (Industrial Relations) और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी (Occupational Safety) से जुड़े हैं। 

3 दिन की होगी छुट्टी

इस कोड में 3 दिन की छुट्टी पर भी चर्चा की जाएगी यानी कि नौकरी करने वालों की हफ्ते में 3 दिन की छुट्टी हुआ करेगी। नए कोड में 3 दिन की छुट्टी होगी और 4 दिन काम करना होगा। बता दें काम करने के घंटों में इजाफा होगा। यानी अभी अगर आप 9 घंटे काम करते हैं तो नई व्यवस्था में आपको 12 घंटे काम करना होगा। कुल मिलाकर आपको एक हफ्ते में 48 घंटे काम करना होगा। 

6 महीने बाद मिल सकती है लंबी छुट्टी

नए लेबर कोड के तहत आपको लंबी छुट्टी लेने के लिए किसी भी कंपनी में 180 दिन काम करना जरूरी होगा। वहीं, अभी इसके लिए आपको 240 दिन काम करना जरूरी होता है। अगर आप किसी कंपनी में 6 महीने काम कर चुके हैं तो आप वहां पर लंबी छुट्टी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। 

सैलरी में भी होगा बदलाव

इसके अलावा सैलरी के नियमों में भी बदलाव की बात चल रही है। कर्मचारियों की इन हैंड सैलरी में भी बदलाव होगा। इस कोड के बाद में पीएफ कंट्रीब्यूशन बढ़ जाएगा, जिससे उन्हें रिटारमेंट पर ज्यादा फायदा मिलेगा।

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शंकराचार्य स्‍वामी स्‍वरूपानंद सरस्‍वती का निधन, मुख्यमंत्री-पूर्व मुख्यमंत्री ने जताया शोक

 नरसिंहपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शंकराचार्य स्‍वामी स्‍वरूपानंद सरस्‍वती का रविवार को निधन हो गया। स्‍वामी स्‍वामी स्‍वरूपानंद सरस्‍वती दो पीठों (ज्‍योति‍र्मठ और द्वारका पीठ) के शंकराचार्य थे। वह सनातन धर्म की रक्षा के लिए आजीवन प्रयासरत रहे। स्‍वामी स्‍वरूपानंद सरस्‍वती लंबे समय से बीमार थे। उन्‍होंने मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले की झोतेश्‍वर पीठ के परमहंसी गंगा आश्रम में अंतिम सांस ली। स्‍वामी स्‍वामी स्‍वरूपानंद सरस्‍वती अपनी बेबाक बयानी के लिए भी चर्चित थे। उनके निधन से संत समाज में शोक है।

99 वर्षीय स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने राम मंदिर निर्माण के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका बेंगलुरु में इलाज चल रहा था। कुछ ही दिन पहले ज्योर्तिमठ बद्रीनाथ और शारदा पीठ द्वारका के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के झोतेश्वर स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में लौटे थे। उन्‍होंने इसी आश्रम में दोपहर साढ़े 3 बजे अंतिम सांस ली। स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने आजादी की लड़ाई में हिस्‍सा लिया था और जेल भी गए थे।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर लिखा, भगवान शंकराचार्य द्वारा स्थापित पश्चिम आम्नाय श्रीशारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के प्राणांत की सूचना अत्यंत दुःखद है। स्वामीजी सनातन धर्म के शलाका पुरुष एवं सन्यास परम्परा के सूर्य थे। भारतीय ज्ञान परम्परा में आपके अतुलनीय योगदान को अखिल विश्व अनंत वर्षों तक स्मरण रखेगा। पूज्य शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी के चरणों में अनंत श्रद्धा के सुमन अर्पित करता हूं।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर स्वामी के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, परम पूज्य ज्योतिष पीठाधीश्वर एवं द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी शंकराचार्य सरस्वती के देवलोक गमन का समाचार बेहद दुखद व पीड़ादायक है। अभी कुछ दिन पूर्व ही उनके 99वें प्राकट्योत्सव एवं शताब्दी प्रवेश वर्ष महोत्सव में शामिल होकर उनके श्रीचरणो में नमन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला था। गुरुजी का आशीर्वाद व स्नेह हम सभी पर सदैव रहा है। गुरु जी ने जीवन पर्यन्त धर्म, जनसेवा, समाज कल्याण, परोपकार, मानवता के कई उल्लेखनीय कार्य किये है। उनका जाना धर्म के क्षेत्र की एक ऐसी क्षति है जो अपूरणीय है। उनके श्रीचरणो में नमन।

कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा, जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के महाप्रयाण का समाचार सुनकर मन को भारी दुख पहुंचा। स्वामीजी ने धर्म, अध्यात्म व परमार्थ के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। साल 2021 में प्रयागराज में गंगा स्नान के बाद उनका आशीर्वाद प्राप्त कर देश व धर्म की उदारता व सद्भावना पर उनके साथ चर्चा करने का मौका मिला। स्वामी जी ने मेरे पिता के रहते हुए 1990 में हमारी गृहप्रवेश की पूजा कराई थी। ये पूरे समाज के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि इस कठिन समय में स्वामी जी के अनुयायियों को कष्ट सहने का साहस दें। ॐ शांति!

शंकराचार्य स्‍वामी स्‍वरूपानंद सरस्‍वती का जन्‍म 2 सितंबर 1924 को हुआ था। स्‍वामीजी ने महज नौ साल की उम्र में अपना घर छोड़ दिया था। 1980 में उन्‍हें शंकराचार्य की उपाधि मिली थी। वह धर्म के साथ राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते थे। पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्विजय सिंह समेत अनेक वरिष्‍ठ नेता उनके अनुयायी रहे हैं। वह ज्‍योति‍र्मठ और द्वारका पीठ के शंकराचार्य थे।  

शंकराचार्य के शिष्य ब्रह्म विद्यानंद की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को सोमवार को शाम 5 बजे परमहंसी गंगा आश्रम में समाधि दी जाएगी। महज 19 साल की उम्र में स्‍वतंत्रता सेनानी के तौर पर उनकी ख्‍याति देशभर में फैल चुकी थी और वह क्रांतिकारी साधु के रूप में चर्चित हो गए थे। यह 1942 का दौर था जब देश अंग्रेजों से आजादी की लड़ाई लड़ रहा था।

सिवनी जिले के दिघोरी गांव में एक ब्राह्मण परिवार में जन्‍मे स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के बचपन का नाम पोथीराम उपाध्याय था। शंकराचार्य स्वामी स्परूपानंद सरस्वती ने राम जन्मभूमि विवाद मामले में एक तल्‍ख बयान में भाजपा और विश्‍व हिंदू परिषद पर निशाना साधा था। उनका कहना था कि कुछ संगठन अयोध्या में मंदिर के नाम पर अपना कार्यालय बनाना चाहते हैं जो हमें कतई मंजूर नहीं है। उन्‍होंने इस मुद्दे पर हो रही राजनीति की आलोचना की थी। साल 1950 में उन्‍हें दंडी संन्यासी और 1981 में शंकराचार्य की उपाधि मिली।

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डूबते को रोबोट का सहारा : समंदर किनारे होगी लाइफबॉय रोबोट की तैनाती...

 अमरावती (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आपने कहावत तो सुनी ही होगी : 'डूबते को तिनका का सहारा', लेकिन अब इस कहावत में तिनके की जगह रोबोट ले रहा है। कल्पना कीजिए कि कोई पानी में डूब रहा हो और गोताखोर की जगह रोबोट आकर उसे बचा ले? सोचने में यह कल्पना ही लगेगी, लेकिन ऐसा होने वाला है। दरअसल, आंध्र प्रदेश के समुद्रीतटों पर ऐसे ही रोबोटों को तैनात करने की तैयारी चल रही है, जो डूबते लोगों को बचा सकें।


ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम के आयुक्त जी लक्ष्मीशा ने बताया, हम जल्द ही यहां के सभी बीचों पर ऐसे ही लाइफबॉय रोबोट तैनात करने की तैयारी कर रहे हैं, जो लोगों को पानी में डूबने से बचा सकें। उन्होंने कहा, हमने आरके बीच पर ऐसे ही एक रोबाट का डेमो भी किया है, यह लोगों को बचाने में काफी मददगार हैं।

 

 

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उपराष्ट्रपति ने दारा शिकोह को सामाजिक सौहार्द्रता का प्रतिनिधि बताया

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि भारत में दूसरों के विचारों के लिए ना केवल सहिष्णुता की शानदार विरासत है, बल्कि यहां सभी तरह के विचारों के साथ व्यवहार की अनोखी परंपरा रही है- यहां बहुलतावाद और समन्वयता की संस्कृति रही है। उन्होंने आगे कहा कि आपसी सम्मान की भावना का भारतीय राजाओं ने भी प्रदर्शन किया है- इसमें महान अशोक से लेकर राजकुमार दारा शिकोह तक शामिल रहे हैं।

नई दिल्ली में  मज्म उल-बहरैन के अरबी संस्करण को जारी करने के बाद उपराष्ट्रपति ने कहा कि मज्म उल-बहरैन (जिसका मतलह है दो सागरों का मिलन) धर्मों के बीच की समानताओं पर मूल्यवान प्रकाश डालती है और भारत के लोगों में एकता की भावना को मजबूत करने में मदद करती है। यह ना केवल भारत, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रासंगिक बनी रहेगी।

दारा शिकोह को एक विलक्षण बुद्धि का व्यक्ति, एक कुशल कवि और संस्कृति अध्येता बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि वे सामाजिक सौहार्द्रता और धार्मिक एकता के पथप्रदर्शक थे। इस किताब में दारा शिकोह ने हिंदू धर्म (वेदांत) और इस्लाम (सूफीवाद) में समानताओं को रेखांकित किया है और आखिर में नतीजा निकाला है कि इस्लाम और हिंदू धर्म में केवल शाब्दिक अंतर ही है।

श्री धनखड़ ने कहा कि दारा शिकोह अलग-अलग धर्मों के बीच विमर्श को बढ़ावा देने के हिमायती थे, उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज के दौर में उनकी विरासत और उनके अध्यात्मिक विचारों को फिर से याद करने की जरूरत है, ताकि सामाजिक एकजुटता को और मजबूत किया जा सके। उपराष्ट्रपति ने किताब के अनुवादक अमर हसन, प्रकाशक और आईसीसीआर की इस किताब को लाने के लिए प्रशंसा की, जो मुगल शहजादे दारा शिकोह के ख्यात काम को अरबी भाषा बोलने वाले पाठकों के सामने पेश करता है।

इस मौके पर आजादी का अमृत महोत्सव का स्मरण करने वाले गाने अतुल्य भारत देश हमारा को भी जारी किया गया। इस गाने को कृष्णा अधिकारी ने लिखा और उत्पादित किया है, जबकि नेपाल के मशहूर गजल गायक आनंद कारकी ने इसे गाया है। इस कार्यक्रम में आईसीसीआऱ के अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे, सांसद भुवनेश्वर कालिता, आईसीसीआर के डीजी कुमार तुहिन, किताब के अनुवादक अमर हसन, प्रोफेसर अजार्मी दुखत सफावी, नाबिल म्रोक, प्रकाशक और दूसरे गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया।

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विदेशी टी-शर्ट पहनकर भारत जोड़ने निकले हैं राहुल बाबा : अमित शाह

 जोधपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में बूथ अध्यक्ष संकल्प महासम्मेलन में शिरकत की। इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि गहलोत साहब मैं आपको आपके वादे याद दिलाने आया हूं। 2018 में राहुल बाबा के साथ अंट-संट वादे किए थे। पांच साल होने को आए, भाजपा आपका हिसाब मांगती है।

अमित शाह ने कहा कि अभी राहुल बाबा विदेशी टी-शर्ट पहनकर भारत जोड़ने निकले हैं। मैं उनको और कांग्रेसियों को उनके संसद के भाषण का एक वाक्य याद कराता हूं कि भारत राष्ट्र है ही नहीं। अरे राहुल बाबा किस किताब में पढ़े हो। अमित शाह शुक्रवार की शाम जैसलमेर पहुंचे थे। अमित शाह ने राजस्थान में कई कार्यक्रमों में शिरकत की।

जोधपुर में अमित शाह ने कहा कि गहलोत सरकार को उखाड़ फेंकना है। विकास की दौड़ में राजस्थान पिछड़ रहा है। 2023 में भगवा झंडा फहराने का काम कार्यकर्ता करेंगे। यहा भाजपा सरकार बनने जा रही है। शाह ने कहा कि कार्यकर्ता ही चुनाव जिताता है। गहलोत के राज में बेरोजगारी दर बढ़ी है। उनके मुताबिक, देश मे सबसे महंगा तेल राजस्थान में और सबसे महंगी बिजली राजस्थान में है। अमित शाह ने उदयपुर में कन्हैया की हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने सुनियोजित दंगों के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताया।  

गहलोत सरकार को उखाड़ फेंकना हैः वसुंधरा राजे
इस मौके पर वसुंधरा राजे ने कहा कि बिना पैसे के इस राज में कोई काम नही होता। किसानों के साथ धोखा किया गहलोत सरकार ने। सरकार किसानों को मुआवजा दे। जिन लोगों ने योजनाओं का नाम बदल दिया, अब इन लोगो को बदलने का समय। दुश्मन को कमजोर नहीं समझना चाहिए। जनता के बीच जाकर जनता से मिलना होगा। रावण रूपी गहलोत सरकार को उखाड़ फेंकना है।

2023 में इतिहास बदलने की तैयारीः सतीश पुनिया
जोधपुर में सतीश पुनिया ने कहा अपराधों की राजधानी बन गया है राजस्थान। उन्होंने अशोक गहलोत से मोदी से सीख लेने की बात कही। रीट परीक्षा की चीट पर बेरोजगार माफ नहीं करेगा। बूथ पर पराक्रम दिखाने का समय।

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ईडी की छापेमारी में अब तक 7 करोड़ कैश बरामद, गिनती जारी...

 कोलकाता (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शिक्षक घोटाला, पशु तस्करी और कोयला घोटाला मामले में सीबीआई के अलावा ईडी और सीआईडी पिछले कुछ दिनों से पश्चिम बंगाल में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। इसी कड़ी में शनिवार (10 सितंबर) सुबह ईडी की टीम ने कोलकाता में चार जगह छापेमारी की। माना जा रहा है कि यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर की गई।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कोलकाता के पार्क स्ट्रीट, मैकलियॉड स्ट्रीट, गार्डेनरीच और मोमिनपुर में ईडी की अलग-अलग टीमें सुबह से ही छापेमारी कर रही हैं। भारी मात्रा में केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों के साथ ये टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं। उल्लेखनीय है कि बंगाल में पिछले दिनों से शिक्षक घोटाला, पशु तस्करी, कोयला तस्करी के साथ ही चिटफंड मामले में केंद्रीय एजेंसियां लगातार छापेमारी कर रही हैं।

जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम ने शनिवार सुबह सबसे पहले पार्क स्ट्रीट से सटे मैकलियॉड स्ट्रीट पर दो आवासों की तलाशी ली। इसके बाद ईडी के अधिकारी 36/1 मैकलियॉड स्ट्रीट गए। बताया जा रहा है कि ईडी की टीम किसी वाहिद रहमान नामक शख्स की तलाश कर रही है। इसके बाद टीम 34/ए मैकलियॉड स्ट्रीट स्थित आवास पर भी गई।

बताया जा रहा है कि इस दौरान टीम ने घर पर मौजूद लोगों से बातचीत की। साथ ही, आसपास के लोगों से भी जानकारी लेने की कोशिश की। ईडी के अधिकारियों ने पेशे से वकील पिता-पुत्र के आवास की भी तलाशी ली। जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीमों ने कुल छह ठिकानों पर छापेमारी की और काफी रुपये बरामद किए, जिनमें सात करोड़ रुपये की गिनती हो चुकी है। वहीं, बाकी रकम गिनी जा रही है।

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आरएसएस कार्यकर्ता के घर के पास विस्फोट, जांच में जुटी पुलिस...

 कन्नूर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केरल के कन्नूर जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यकर्ता के घर के पास एक बम विस्फोट हुआ है। मट्टनूर पुलिस के मुताबिक, आरएसएस कार्यकर्ता सुधीश के घर से करीब 50 मीटर की दूरी पर यह धमाका हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम और डाग स्क्वायड ने भी मोर्चा संभाल लिया है।

इसके अलावा जिला पुलिस प्रमुख ने भी घटनास्थल का दौरा किया। पुलिस ने बताया कि सुधीश कई मामलों में आरोपी भी था। आगे की जांच की जा रही है। दरअसल, पिछले महीने एक बम विस्फोट के बाद इलाके में आरएसएस और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई थी। झड़प के दौरान कई घरों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।

एक अन्य घटना में शुक्रवार को कन्नवम में एसडीपीआई के पूर्व कार्यकर्ता सलाहुद्दीन के घर के पास बम धमाका हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच की जा रही है।

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हिंदी को नई चाल में ढालने की जरूरत : प्रो. रजनीश शुक्‍ल

 वर्धा (वीएनएस)। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय, वर्धा के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने शुक्रवार को कहा है कि भारतेंदु और उनके समकालीन रचनाकारों ने स्‍वदेशी, स्‍वभाषा के द्वारा हिंदी को गौरवान्वित किया। हिंदी में आधुनिकता के प्रथम पंक्ति के रचनाकार भारतेंदु ने जन-जागरण के लिए हिंदी को एक अभियान के रूप में लेकर सन् 1873 में ‘हिंदी नई चाल में ढली’ को स्‍थापित किया। हिंदी को तकनीक की भाषा, ज्ञान-विज्ञान की भाषा, नये कौशल की भाषा के रूप में किस प्रकार से विकसित किया जाय, यह चुनौती हम सभी के समक्ष है। आज डेढ सौवें वर्ष में फिर से हिंदी को नई चाल में ढालने की जरूरत है। कुलपति प्रो. शुक्‍ल भारतेंदु हरिश्‍चंद्र जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय, वर्धा में हिंदी साहित्‍य विभाग द्वारा ‘हिंदी नई चाल में ढली’ विषय पर आयोजित राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी में अध्‍यक्षीय वक्‍तव्‍य देते हुए बोल रहे थे।

बतौर वक्‍ता प्रतिकुलपति प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्‍ल ने कहा कि भारतेंदु बाबू एक देशवत्‍सल युगनायक थे। भारतेंदु में तुलसीदास के जैसा भाषागत आदर्श है। हिंदी नई चाल में ढली, से भारतेंदु का स्‍पष्‍ट मत है कि हिंदी नई चुनौतियों को स्‍वीकार करने के लिए तैयार है। अनुवाद एवं निर्वचन विद्यापीठ के अधिष्‍ठाता प्रो. कृष्‍ण कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय नवजागरण के अग्रदूत भारतेंदु हरिश्‍चंद्र खड़ी बोली में बेहतरीन गद्य लेखन कर रहे थे। भारतेंदु ने ‘कविवचनसुधा’, ‘हरिश्‍चंद्र मैग्‍जीन’, ‘बाला बोधिनी’ आदि पत्रिकाओं की शुरुआत की। भारतेंदु ने कालचक्र (1884) में सृष्टि के आरंभ से ही काल गणना का विवरण दिया है, उसमें ‘हिंदी नई चाल में ढली - 1873’ का उल्‍लेख किया है।

भारतेंदु का जिंदादिल काव्‍य और हँसमुख गद्य का उल्‍लेख करते हुए साहित्‍य विद्यापीठ के अधिष्‍ठाता प्रो. अवधेश कुमार ने कहा कि भारतेंदु एक व्‍यक्ति नहीं, संस्‍था थे। उनकी रचनाओं में राष्‍ट्रीयता का स्‍वभाव प्रबल है। सामाजिक विकृतियों पर उनकी पैनी दृष्टि थी। विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र, प्रयागराज के अकादमिक निदेशक प्रो. अखिलेश कुमार दुबे ने आभासी माध्‍यम से वक्‍तव्‍य देते हुए कहा कि भारतेंदु ने यह बात समझ ली थी कि हिंदी ही भारत के भाव को जोड़ेगी। उन्‍होंने हिंदी भाषा के माध्‍यम से औपनिवेशिक ताकतों को चुनौती दी।

हिंदी साहित्‍य के राजमार्ग भारतेंदु ही थे, का उल्‍लेख करते हुए दूर शिक्षा निदेशालय की एसोशिएट प्रोफेसर डॉ. प्रियंका मिश्र ने कहा कि भारतेंदु हरिश्‍चंद्र हिंदी गद्य के जनक थे। हिंदी साहित्‍य विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. बीर पाल सिंह यादव ने कहा कि भारतेंदु बाबू ने कालजयी नाटक 'अंधेर नगरी' को एक ही दिन में लिखा, उसी दिन मंचन हुआ और उसमें उन्‍होंने स्‍वयं भी भागीदारी की। स्‍वागत वक्‍तव्‍य एवं प्रस्‍तावना प्रस्‍तुत करते हुए हिंदी साहित्‍य विभाग की अध्‍यक्ष एवं संगोष्‍ठी संयोजक प्रो. प्र‍ीति सागर ने कहा कि भारतेंदु युग प्रवर्त्तक साहित्‍यकार हैं। उन्‍होंने साहित्‍य को नई दिशाएं दीं। उन्‍हें गद्य निर्माता के रूप में स्‍वीकार किया जाता है।

संगोष्‍ठी में हिंदी साहित्‍य विभाग के शोधार्थियों - अमित कुमार, सारिका जगताप, पंचदेव प्रसाद, प्रवीण कुमार, अभिषेक कुमार उपाध्‍याय, अभिषेक कुमार पांडेय ने भारतेंदु हरिश्‍चंद्र के व्‍यक्तित्‍व एवं कृतित्‍व के विविध आयामों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार ने तथा सहायक प्रोफेसर डॉ. रूपेश कुमार सिंह ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप दीपन, भारतेंदु के चित्र पर माल्‍यार्पण, कुलगीत एवं छात्रा रेखा जोशी द्वारा प्रस्‍तुत मंगलाचरण से किया गया। कार्यक्रम में ऑनलाइन तथा ऑफलाइन माध्‍यम से बड़ी संख्‍या में अध्‍यापक, कर्मी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे 

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LIC के इन पदों के लिए 10 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन...

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय जीवन बीमा निगम ने मुख्य टेक्निकल ऑफिसर (CTO), मुख्य डिजिटल ऑफिसर (CDO) और मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO) के पद के लिए भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। जरूरी योग्यता और अनुभव रखने वाले उम्मीदवार एलआईसी भर्ती 2022 के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्हें ध्यान देना चाहिए कि आवेदन लिंक 10 अक्टूबर के बाद licindia.in पर डिएक्टिवेट हो जाएगा। 

इन पदों पर होनी है भर्ती

चीफ टेक्निकल ऑफिसर/सेंट्रल ऑफिस मुंबई
चीफ डिजिटल अधिकारी/सेंट्रल ऑफिस मुंबई
चीफ इंफोर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर 

Educational Qualification

चीफ टेक्निकल ऑफिसर: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से इंजीनियरिंग ग्रेजुएट या एमसीए या समकक्ष योग्यता और 15 सा का अनुभव। 

चीफ डिजिटल ऑफिसर: ग्रेजुएट / मास्टर डिग्री  बिजनेस / टेक्नोलॉजी / कंप्यूटर साइंस / डिजिटल मार्केटिंग या संबंधित क्षेत्रों का संयोजन और 15 साल का अनुभव ।

चीफ इंफोर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर: एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट, सूचना सुरक्षा में विश्वसनीय प्रमाणपत्र या एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से एक इंजीनियर और 15 साल का अनुभव । 

आवेदन फीस

आवेदन फीस की बात करें तो इन पदों पर आवेदन के लिए SC/ST/PwBD कैंडिडेट्स को 100 रुपये की आवेदन फीस देनी है। वहीं बाकी सभी कैटेगरी के कैंडिडेट्स को 1000 रुपये की आवेदन फीस देनी है। उम्मीदवारों को उनकी योग्यता, अनुभव और समग्र उपयुक्तता के आधार पर व्यक्तिगत इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। 

How to Apply for LIC Recruitment 2022?

आवेदन करने के लिए कैंडिडेट्स https://licindia.in/Bottom-Links/careers पर जाएं और "SpecializedpositionsinIT" चुनें। "APPLY ONLINE" पर क्लिक करें। अब आपके सामने नया पेज खुल जाएगा। अब रजिस्टर करें और अपना डिटेल भरें। 

फोटो और साइन को स्कैन करने और अपलोड करने के लिए दिशानिर्देशों में दिए गए विनिर्देशों के अनुसार फोटो और साइन अपलोड करें।

साथ ही अन्य विवरण भरें। COMPLETE REGISTRATION से पहले पूरे प्रीव्यू और वेरिफिकेशन करने के लिए प्रीव्यू टैब पर क्लिक करें। यदि आवश्यक हो तो डिटेल एडिट करें, और वेरिफाई करें और यह सुनिश्चित करने के बाद ही 'COMPLETE REGISTRATION' पर क्लिक करें कि अपलोड किया गया फोटो, साइन, डिटेल और आपके द्वारा भरे गए अन्य विवरण सही हैं. पेमेंट टैब पर क्लिक करें और भुगतान के लिए आगे बढ़ें।

 

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ईडी की छापेमारी में अब तक 7 करोड़ कैश बरामद, गिनती जारी...

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शिक्षक घोटाला, पशु तस्करी और कोयला घोटाला मामले में सीबीआई के अलावा ईडी और सीआईडी पिछले कुछ दिनों से पश्चिम बंगाल में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। इसी कड़ी में शनिवार (10 सितंबर) सुबह ईडी की टीम ने कोलकाता में चार जगह छापेमारी की। माना जा रहा है कि यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर की गई।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कोलकाता के पार्क स्ट्रीट, मैकलियॉड स्ट्रीट, गार्डेनरीच और मोमिनपुर में ईडी की अलग-अलग टीमें सुबह से ही छापेमारी कर रही हैं। भारी मात्रा में केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों के साथ ये टीमें तलाशी अभियान चला रही हैं। उल्लेखनीय है कि बंगाल में पिछले दिनों से शिक्षक घोटाला, पशु तस्करी, कोयला तस्करी के साथ ही चिटफंड मामले में केंद्रीय एजेंसियां लगातार छापेमारी कर रही हैं।

जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम ने शनिवार सुबह सबसे पहले पार्क स्ट्रीट से सटे मैकलियॉड स्ट्रीट पर दो आवासों की तलाशी ली। इसके बाद ईडी के अधिकारी 36/1 मैकलियॉड स्ट्रीट गए। बताया जा रहा है कि ईडी की टीम किसी वाहिद रहमान नामक शख्स की तलाश कर रही है। इसके बाद टीम 34/ए मैकलियॉड स्ट्रीट स्थित आवास पर भी गई।

बताया जा रहा है कि इस दौरान टीम ने घर पर मौजूद लोगों से बातचीत की। साथ ही, आसपास के लोगों से भी जानकारी लेने की कोशिश की। ईडी के अधिकारियों ने पेशे से वकील पिता-पुत्र के आवास की भी तलाशी ली। जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीमों ने कुल छह ठिकानों पर छापेमारी की और काफी रुपये बरामद किए, जिनमें सात करोड़ रुपये की गिनती हो चुकी है। वहीं, बाकी रकम गिनी जा रही है।

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दिल्ली-राजस्थान समेत देशभर में 100 जगहों पर आयकर विभाग ने मारा छापा...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आयकर विभाग की टीम बुधवार सुबह देश के कई जगहों पर छापेमारी कर रही है। गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के खिलाफ यह छापेमारी की जा रही है। आईटी डिपार्टमेंट की यह छापेमारी दिल्ली, राजस्थान समेत देश के कई राज्यों में चल रही है। इन गैर मान्यता प्राप्त राजनीतित दलों (RUPP )के खिलाफ कर चोरी का मामला है। इसके चलते आयकर विभाग की टीम छापेमारी कर रही है।

सूत्रों ने बताया कि गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा समेत देश के कुछ अन्य राज्यों में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आयकर विभाग द्वारा गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल व उनसे जुड़ी संस्थाओं, ऑपरेटरों और अन्य के खिलाफ एक समन्वित कार्रवाई शुरू की गई है। चुनाव आयोग ने कई राजनीतिक दलों के 87 संस्थाओं को RUPP से था हटाया

ऐसा माना जाता है कि चुनाव आयोग (EC) की सिफारिश पर आयकर विभाग द्वारा यह कार्रवाई की गई है। चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में हुए सत्यापन के दौरान कई राजनीतिक दलों के 87 संस्थाओं को आरयूपीपी की सूची से हटा दिया गया था।

चुनाव आयोग ने राजनीतिक पार्टियों के रजिस्ट्रेशन में पाई थी धांधली
चुनाव आयोग ने घोषणा की थी कि वह 2100 से अधिक पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। जो नियमों और चुनावी कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने इन राजनीतिक पार्टियों और संस्थाओं पर मौद्रिक योगदान दाखिल करने से संबंधित और उनके पते और पदाधिकारियों के नाम को अपडेट करने में विफल रहने का आरोप तय किया था। साथ ही चुनाव आयोग ने कहा था कि इनमें से कुछ पार्टियां गंभीर वित्तीय अनियमितता में शामिल थीं।

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छत्तीसगढ़ समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें अपने राज्य का हाल...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई राज्यों एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग ने 18 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ की स्थिति बनीं हुई है। IMD के मुताबिक बुधवार को छत्तीसगढ़, केरल, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश के आसार है।

मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी और उड़ीसा में एक निम्न दाब का क्षेत्र तैयार हो रहा है। जिसके कारण मध्य भारत और उत्तर पूर्व भारत में भारी बारिश का दौर देखा जाएगा जबकि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में बारिश का आरेंज येलो अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली व आसपास के इलाकों की बात करें तो आज आसमान में बादल छाए रहेंगे। हालांकि बारिश की संभावना से पूरी तरह से इंकार कर दिया गया है।

इन राज्यों में होगी भारी बारिश
मौसम विभाग ने कई राज्य में बारिश बारिश की चेतावनी जताई है। केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, तेलंगना में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया। केरल और कर्नाटक में भारी बारिश के मद्देनजर स्कूल-कालेज आज बंद रहेंगे। मध्य प्रदेश की बात करें तो आज राजधानी भोपाल में बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा उत्तराखंड के देहरादून में आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जबकि हिमाचल प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी रहेगा।

दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ जगह पर बूंदाबादी देखने को मिल सकती है हालांकि बारिश की संभावना से इनकार किया गया है। न्यूनतम तापमान 26 डिग्री जबकि अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना जताई गई है।

यूपी के कुछ जिलों में बूंदाबादी की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक ट्रफ सामान्य अवस्था में उत्तर पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। जिसके कारण उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना से इनकार किया गया है।  मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना से पूरी तरह से इनकार कर दिया है। जबकि पश्चिमी यूपी के 10 जिलों में बूंदाबादी का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार में भारी बारिश का अलर्ट

बिहार में बुधवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। दरअसल कई इलाकों में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है। वही बिहार के 30 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम विभाग की माने तो बिहार की राजधानी पटना समेत 30 जिलों में बुधवार को मौसम के करवट लेने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही वज्रपात को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी समेत प्रदेश के सुपौल, अररिया, किशनगंज ,मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, अरवल, गया, नालंदा ,शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर एवं खगड़िया जिले को लेकर मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से अलर्ट जारी किया गया है।

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राजधानी में नहीं बिकेंगे पटाखे, पर्यावरण मंत्री ने लगाई रोक...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश के कई राज्यों में लगातार बढ़ते प्रदुषण स्तर के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने पटाखों की ज़्बिक्री पर रोक लगा दी है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि, पटाखों की ऑनलाइन बिक्री और डिलीवरी पर रोक लगा दी है।

यह रोक 1 जनवरी 2023 तक जारी रहेगा। उन्होंने ट्वीट में लिखा है, 'दिल्ली में लोगों को प्रदूषण के खतरे से बचाने के लिए पिछले साल की तरह ही इस बार भी सभी तरह के पटाखों के प्रोडक्शन, स्टोरेज, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह बैन लगाया जा रहा है, ताकि लोगों की जिंदगी बचाई जा सके।'

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भारत जोड़ो यात्रा : 5 महीने तक कंटेनर में सोएंगे राहुल, टेंट में बैठकर खाएंगे खाना...

12 राज्यों से गुजरते हुए 3,570 किलोमीटर की यात्रा करेंगे

 कन्याकुमारी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। तमिलनाडु के कन्याकुमारी से बुधवार को 'भारत जोड़ो यात्रा' शुरू करने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी का सफर मुश्किल भरा रहने वाला है। इस दौरान राहुल 12 राज्यों से गुजरकर  3,570 किलोमीटर लंबी दूरी तय करने वाले हैं। यह यात्रा पांच महीनों तक चलेगी। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी आर्थिक विषमताओं, सामाजिक ध्रुवीकरण, राजनीतिक केंद्रीकरण की समस्याओं और  विचारधाराओं की लड़ाई के रूप में यह रैली कर रहे हैं। पदयात्रा दो बैचों में चलेगी, एक सुबह 7-10:30 बजे से और दूसरी दोपहर 3:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक। जहां सुबह के सत्र में कम संख्या में प्रतिभागी शामिल होंगे, वहीं शाम के सत्र में सामूहिक लामबंदी होगी। औसतन रोजाना लगभग 22-23 किमी चलने की योजना है।

राहुल गांधी अगले 150 दिनों तक कंटेनर में सोने वाले हैं। कुछ कंटेनरों में स्लीपिंग बेड, शौचालय और एयर-कंडीशनर भी लगाए गए हैं। यात्रा के दौरान कई क्षेत्रों में तापमान और वातावरण में अंतर होगा। स्थान परिवर्तन के साथ भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए व्यवस्था की गई है। लगभग 60 ऐसे कंटेनर तैयार किए गए हैं जहां एक गांव स्थापित किया गया है। रात्रि विश्राम के लिए कंटेनर को गांव के आकार में प्रतिदिन नई जगह पर खड़ा किया जाएगा। राहुल गांधी के साथ रहने वाले पूर्णकालिक यात्री एक साथ भोजन करेंगे। सूत्रों ने आगे कहा कि राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा यात्रा को आम लोगों से जुड़ने का जरिया मानते हैं। इसलिए वह इस पूरी यात्रा को चकाचौंध और ग्लैमर से दूर एक सरल तरीके से पूरा करना चाहते हैं। राहुल गांधी इसे एक यात्रा कहते हैं लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे 2024 की तैयारी मानते हैं।

राहुल गांधी किसी होटल में नहीं रुकेंगे। टेंट में पार्टी नेताओं के साथ खाना खाएंगे और यह खाना सभी नेता मिलकर ही बनाएंगे। हालांकि कुछ जगहों पर राज्य कांग्रेस की इकाइयां भी यात्रा में शामिल कांग्रेस नेताओं के लिए खाने-पीने का इंतजाम करेंगी।

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राजपथ अब जाना जाएगा 'कर्तव्यपथ' के नाम से, एनडीएमसी ने पारित किया प्रस्ताव

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक राजपथ नाम से मशहूर सड़क का नाम अब कर्तव्यपथ होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने राजपथ के साथ ही नवनिर्मित सेंट्रल विस्टा लान का नाम बदलने का भी निर्णय लिया है। बुधवार को नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) की बैठक में राजपथ का नाम बदलकर 'कार्तव्य पथ' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। लोकसभा सांसद और एनडीएमसी सदस्य मीनाक्षी लेखी ने कहा कि एनडीएमसी परिषद की विशेष बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

मीनाक्षी लेखी ने यह भी कहा कि हमने आज विशेष परिषद की बैठक में राजपथ का नाम कार्तव्य पथ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बता दें कि प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से पांच प्रण की घोषणा की थी।

इनमें एक प्रण गुलामी के प्रतीकों को खत्म करने का भी था। माना जा रहा है कि इसी क्रम में राजपथ व सेंट्रल विस्टा लान का नाम कर्तव्यपथ रखा जाएगा। इंडिया गेट के पास नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा से लेकर राष्ट्रपति भवन तक की सड़क कर्तव्यपथ के नाम से जानी जाएगी।

इससे पूर्व पीएम आवास तक जाने वाली सड़क का नाम रेसकोर्स रोड से बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया गया था। बता दें, बिटिश काल में राजपथ किंग्सवे के नाम से जाना जाता था।

आजादी के बाद वर्ष 1955 में केंद्र सरकार ने इसका नाम किंग्सवे से बदलकर राजपथ कर दिया था और इसके नजदीक से जो सड़क होकर गुजरती है, उसका नाम जनपथ है।

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बिना कागज़ के होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, जस्टिस ने वकीलों को दिया ये आदेश...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्र और दिल्ली सरकार की शक्तियों के दायरे के विवादास्पद मुद्दे पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ 27 सितंबर को समय सीमा तय करेगी। संविधान पीठ हार्ड कॉपी के बजाय याचिकाओं और दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी का उपयोग करके मामले को सूचीबद्ध करेगी।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई ग्रीन बेंच की तरह होगी। कोई भी फाइलों या पेपर की हार्ड कॉपी न लाएं। इस संबंध में वकीलों को रजिस्ट्री दो दिन की ट्रेनिंग भी देगी। बता दें कि अदालतों की कार्यप्रणाली को पेपरलेस बनाने की दिशा में इस कदम को पर्यावरण सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इतना ही नहीं इस प्रक्रिया से पूर्ण पारदर्शिता भी बनी रहेगी। इसके अलावा प्राकृतिक संसाधनों की भारी बचत भी होगी।

अक्टूबर के मध्य तक दिल्ली मामले पर हो सकती है सुनवाई: पीठ
पीठ में जस्टिस चंद्रचूड़ के अलावा एमआर शाह, कृष्ण मुरारी, हेमा कोहली और पीएस नरसिम्हा भी शामिल हैं। पीठ ने कहा कि वह अक्टूबर के मध्य तक केंद्र और दिल्ली सरकार की विधायी और कार्यकारी शक्तियों के दायरे से संबंधित मामले की सुनवाई अस्थायी रूप से शुरू करेगी।

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