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कांग्रेस के पूर्व मंत्री का विवादित बयान, 'पीएम मोदी की हत्या के लिए तत्पर रहें', अब कहा- फ्लो में निकल गया

 भोपाल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस के पूर्व मंत्री राजा पटेरिया का विवादित वीडियो सामने आया है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर 'पीएम मोदी की हत्या' की बात कह रहे हैं। अब बवाल मचने के बाद पटैरिया अपने बयान से पलट गए। उन्होंने न्यूज़ चैनल में बातचीत में कहा कि उनका मतलब था कि अगले चुनाव में मोदी को हराओ था। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि ये फ्लो में हो जाता है। बीजेपी नेताओं ने वीडियो शेयर कर कांग्रेस पर निशाना साधा है।

कांग्रेस के पूर्व मंत्री राजा पटेरिया के बयान पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पटेरिया जी के बयानों को मैंने सुना, उससे स्पष्ट होता है कि यह महात्मा गांधी की कांग्रेस नहीं है। उन्होंने कहा कि इटली की कांग्रेस है और इटली की मानसिकता मुसोलिनी की है। राहुल गांधी की यात्रा में स्वरा भास्कर, कन्हैया कुमार, सुशांत चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने एसपी को इस मामले में तत्काल एफआईआर के निर्देश दिए हैं।

 
 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पीएम मोदी जनता के दिलों में बसते हैं। ये लोग मैदान में मुकाबला नहीं कर पाते। ये अब हत्या की बात कर रहे हैं। ऐसे लोगों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून अपना काम करेगा। 

वहीं कांग्रेस मीडिया कमेटी प्रमुख केके मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हिंसा में विश्वास नहीं करती। प्रधानमंत्री के लिए हत्या का शब्द कहना अशोभनीय है। राजा पटेलिया का ये बयान निजी है। इसका कांग्रेस से कोई लेना देना नहीं है।  

चुनाव हराने से था मतलब- राजा

राजा पटेरिया ने वीडियो वायरल होने के बाद राजा पटेलिया ने मीडिया से कहा कि उनका मतलब अगले चुनाव में बीजेपी को हराने से था। उन्होंने कहा, यह फ्लो में हुआ। लेकिन जिस व्यक्ति ने ये वीडियो रिकॉर्ड किया, उसने बस यही हिस्सा उठाया। राजा ने कहा कि ये वीडियो एडिट किया गया है। मेरा वो मतलब नहीं था। मेरे बयान को तोड़कर पेश किया गया। 

 

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भूपेंद्र पटेल ने दूसरी बार ली गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ...

 अहमदाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गुजरात विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के बाद गुजरात में नई सरकार का गठन हुआ। भूपेंद्र पटेल ने लगातार दूसरी बार राज्य के सीएम पद की शपथ ली है। भूपेंद्र पटेल के साथ कई विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। शपथग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा भाजपा के कई नेता मौजूद रहे।


ये विधायक भी बने मंत्री
कुबेरभाई डिंडोर, राघवजी पटेल, भानुबेन बाबरिया, कुंवरजी बावलिया, हर्ष संघवी और जगदीश विश्वकर्मा को भी राज्यपाल ने मंत्री पद की शपथ दिलाई।

बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा ने रिकॉर्ड 156 सीटें जीती हैं। कांग्रेस के खाते में सिर्फ 17 सीटें ही आई, जबकि आम आदमी पार्टी ने 5 सीटों पर जीत हासिल की।

 

 

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शिकायतों के बाद औचक निरीक्षण के लिए एयरपोर्ट पहुंचे केंद्रीय मंत्री सिंधिया, मचा हड़कंप...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजधनी के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे में लगातार बढ़ रही भीड़ के चलते वहां अव्यवस्था बढ़ती जा रही है। परेशान यात्रियों ने भीड़भाड़ की शिकायतों के साथ सोशल मीडिया पर बाढ़ ला दी, जिससे शिकायतकर्ताओं को अपनी उड़ानें मिस करनी पड़ीं। शिकायतें बढ़ने के बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को दिल्ली हवाई अड्डे के टर्मिनल तीन औचक निरीक्षण किया। यह सरप्राइज विजिट लोगों की शिकायतों के बाद ली गयी है।



मंत्री सिंधिया के कार्यालय द्वारा जारी एक वीडियो में कहा गया है, 'यह मंत्री का हवाईअड्डे का औचक दौरा था और उन्होंने सभी संदिग्ध भीड़भाड़ वाले इलाकों का निरीक्षण किया और भीड़भाड़ से बचने के लिए अधिकतम सुनिश्चित करने के लिए हवाईअड्डे के कर्मचारियों से बातचीत की।'

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मौके पर कहा, हमने प्रवेश द्वारों की संख्या बढ़ाकर 16 कर दी है। हवाईअड्डे के अंदर अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी जहां हमने निर्णय लिया है कि प्रवेश से पहले प्रतीक्षा समय प्रदर्शित करने के लिए प्रत्येक प्रवेश द्वार पर एक बोर्ड लगाया जाना चाहिए।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि 'निरीक्षण के बाद मंत्री ने डीआईएएल कार्यालय में सभी हितधारकों के साथ एक बैठक की, जहां प्रमुख निर्देश जारी किए गए थे और हमें कल से अगले 6-7 दिनों में बदलाव को प्रभावी होते काम करना है।'



केंद्रीय मंत्री का दौरा दिल्ली इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर भीड़भाड़ के कारण हो रहे भारी विरोध का जवाब है। इसके अलावा, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने और भीड़भाड़ को कम करने के लिए सरकार द्वारा चार सूत्री कार्य योजना तैयार की गई थी।

अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) के बीच चर्चा के बाद कार्य योजना तैयार की गई है और इस पर तत्काल उपचारात्मक उपाय के रूप में काम किया जा रहा है।

 

 

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सभी नागरिक मतभेद छोड़कर राष्ट्र के लिए काम करें : मोहन भागवत

 गुवाहाटी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत के हर एक गांव में संघ की शाखा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी नागरिक मतभेद छोड़कर राष्ट्र के लिए काम करें। हमें राष्ट्र के लिए सब कुछ करने के लिए तैयार रहना होगा। सभी मतभेदों को छोड़कर सभी नागरिकों को राष्ट्र के कल्याण के लिए अथक प्रयास करना होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत रविवार को असम दौरे पर पहुंचे। उन्होंने असम इकाई के एक कार्यकर्ता शिविर के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के हर गांव में आरएसएस की एक शाखा होनी चाहिए और इसके प्रत्येक सदस्य को देश की प्रगति के लिए प्रयास करते रहना चाहिए।

भारत के हर गांव में एक संघ की शाखा होनी चाहिए क्योंकि पूरे समाज ने उन्हें उनके लिए काम करने का अवसर दिया है और इसलिए स्वयंसेवकों को आगे बढ़कर समाज का नेतृत्व करना चाहिए। शिविर बाहरी लोगों के लिए आयोजित नहीं किया गया था, केवल आरएसएस कार्यकर्ताओं के लिए अनुमति थी। उन्होंने कहा कि भारत के गौरव और विरासत के प्रति पूर्ण विश्वास के साथ, स्वयंसेवकों को देश की प्रगति के लिए काम करना चाहिए और राष्ट्र सभी के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए और सभी मतभेदों को छोड़कर सभी नागरिकों को राष्ट्र के कल्याण के लिए अथक प्रयास करना होगा।

संघ के संस्थापक डा. केशव बलीराम हेडगेवार को याद करते हुए उन्होंने कहा कि हमें राष्ट्र के लिए सब कुछ करने के लिए तैयार रहना होगा। हेडगेवार ने 1925 में मानव संसाधन विकसित करने के उद्देश्य से आरएसएस की स्थापना की थी। हमारे विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हमारे दिमाग में नहीं। उन्होंने कहा कि कमजोर समाज राजनीतिक स्वतंत्रता का आनंद नहीं ले सकता। हालांकि, यह नहीं बताया कि उनके भाषण में ''राजनीतिक स्वतंत्रता'' से उनका क्या मतलब था।

 

 

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अनुवाद के लिए समाज, संस्‍कृति, समय का परिचय आवश्‍यक : प्रो. रजनीश शुक्‍ल

 वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने कहा कि अनुवाद के लिए समाज, संस्‍कृति और समय का परिचय आवश्‍यक है। भारत के लोगों को भारत से परिचित कराने के लिए भारतीय भाषाओं में अधिक से अधिक अनुवाद की जरूरत है।  प्रो. शुक्‍ल भारतीय अनुवाद संघ द्वारा विश्‍वविद्यालय के तुलसी भवन स्थित महादेवी सभागार  में 12 दिसंबर को ‘भारतीय भाषाओं में परस्‍पर अनुवाद’ विषय पर सम्मिश्र पद्धति से आयोजित वेबसंगोष्ठी में बतौर अध्‍यक्ष के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्‍दावली आयोग, नई दिल्‍ली के अध्‍यक्ष प्रो. गिरीश नाथ झा तथा मुंबई विश्‍वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व आचार्य एवं अध्‍यक्ष डॉ. रामजी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।


कुलपति प्रो. शुक्‍ल ने कहा कि भारत में सृजित भाषाओं में अनुवाद की कमी है। पूर्वोत्‍तर का साहित्‍य हो या तमिल भाषाओं का, उनका अनुवाद नहीं होने के कारण उसका परिचय अन्‍य भाषा-भाषी लोगों को नहीं हो सका है। आज़ाद भारत को श्रेष्‍ठ भारत बनाने की दृष्टि से अनुवाद एक अच्‍छा उपकरण साबित‍ हो सकता है। हमें भाषिक स्‍वराज्‍य के लिए सभी भारतीय भाषाओं के परस्‍पर अनुवाद की अत्‍यंत आवश्यकता है। उन्‍होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण, नारायण गुरु और डॉ. अंबेडकर आदि के द्वारा किये गये सामाजिक एवं सांस्‍कृतिक जागरण का परिचय समस्‍त भारतीय नागरिकों को  कराने की दृष्टि से उनके कार्यों तथा साहित्‍य का अनुवाद करना जरूरी है। यदि हम विपुल ज्ञान सामग्री को एकत्र करेंगे तो भारत ज्ञान का केंद्र बन सकता है। हमें भारत को एक ताकतवर राष्‍ट्र बनाना है तो इसके लिए अनुवाद ही एक रास्‍ता है।  कुलपति  प्रो. शुक्‍ल ने अनुवाद की चुनौतियां और रोज़गार के लिए अनुवाद की आवश्‍यकता की चर्चा करते हुए सुब्रमण्‍यम भारती, अभिनव गुप्‍त, माखनलाल चतुर्वेदी और बंकिम चंद्र चटर्जी के साहित्‍य को अनुवादित करने पर बल दिया। उन्‍होंने कहा कि राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत भारतीय भाषाओं के विकास पर अधिक ध्‍यान दिया गया है। यही कारण है कि 11 भारतीय भाषाओं में इंजीनियरिंग की पढ़ाई प्रारंभ भी हुई है। अनुवाद में मशीन अनुवाद के फायदे तो हुए हैं लेकिन अनुवाद के लिए विवेक की जरूरत होती है।  हमें जुझारू होकर अनुवाद की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

 
 

प्रो. गिरीश नाथ झा ने शिक्षा, तकनीकी और अनुवाद विषय पर अपना सारगर्भित वक्‍तव्‍य पीपीटी के माध्‍यम से प्रस्‍तुत किया।  डॉ. रामजी तिवारी ने अनुवाद के कारण हम दुनिया के ज्ञान से परिचित हो सकते हैं। स्रोत भाषा और लक्ष्‍य भाषा का अच्‍छा ज्ञान होना अनुवाद की पहली शर्त होती है। अच्‍छा और प्रभावी अनुवाद तभी हो सकता है जब विभिन्‍न भाषा-भाषी संस्‍कृति का ज्ञान हो। उन्‍होंने संस्‍कृत को केंद्र में रखकर किये गये अनुवाद का जिक्र करते हुए कहा कि अनुवाद एक विज्ञान और कला भी है। दोनों के सामंजस्‍य तथा भाषिक विशेषताओं की जानकारी से अच्‍छा अनुवाद हो सकता है। उनका कहना था कि राष्‍ट्रीय स्‍तर पर अनुवाद की संभावना सबसे अधिक हिंदी भाषा में है। यह रोज़गार सृजन और स्‍वावलंबी बनने का भी अच्‍छा साधन बन रहा है। अनुवादक के लिए दो भाषाओं पर अच्‍छा अधिकार होना चाहिए।

 

भारतीय अनुवाद संघ के संयोजक, प्रतिकुलपति प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्‍ल ने कार्यक्रम की प्रस्‍तावना में कहा कि राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आने के आने के सा‍थ ही भारतीय अनुवाद संघ प्रासंगिक हुआ है। अनुवाद के कारण भारतीय भाषाओं में उच्‍च शिक्षा प्रदान करने की दिशा में हम आगे बढ़े हैं और विश्‍वविद्यालय में विधि की शिक्षा हिंदी में प्रारंभ हुई है। अन्‍य पांच भारतीय भाषाओं में विधि शिक्षा आरंभ होगी। भारतीय भाषाओं के बीच अनुवाद की अपार संभावनाओं की चर्चा करते हुए उन्‍होंने कहा कि संस्‍कृत का भारतीय भाषाओं के साथ गहरा संबंध है, इसे सेतु भाषा के रूप में देखा जा सकता है।

 

स्‍वागत वक्‍तव्‍य अनुवाद एवं निर्वचन विद्यापीठ के अधिष्‍ठाता प्रो. कृष्‍ण कुमार सिंह ने दिया। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप-दीपन, सरस्‍वती के छायाचित्र पर पुष्‍पां‍जलि अर्पण कर तथा कुलगीत से किया गया। चंदन कुमार मिश्र ने भारत वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रीनिकेत मिश्र ने किया तथा कुलसचिव काद़र नव़ाज ख़ान ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम में  प्रो.अनिल कुमार राय, प्रो. चतुर्भुज नाथ तिवारी, प्रो. कृपाशंकर चौबे, डॉ. रामानुज अस्‍थाना, डॉ. हरीश हुनगुंद, डॉ. अशोक नाथ त्रिपाठी, डॉ. अनवर अहमद सिद्दीकी, डॉ. रामप्रकाश यादव, डॉ. मुन्‍ना लाल गुप्ता, डॉ. सुनील कुमार,  डॉ. धनजी प्रसाद, डॉ. मीरा निचळे आदि सहित अध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में आभासी माध्यम से तथा प्रत्यक्ष: उपस्थित रहे।

 

 

 

 

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नागपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे भारत एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी

 नागपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने रविवार को नागपुर रेलवे स्‍टेशन पर वंदे भारत एक्‍सप्रेस रेलगाड़ी को रवाना किया। नागपुर-बिलासपुर वंदे भारत रेलगाड़ी दोनों ओर से शनिवार को छोड़कर शेष 6 दिनों में चलेगी। यह रेलगाड़ी रायपुर, दुर्ग, राजनंदगांव और गोंदिया में रूकेगी। महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्‍यमंत्री देवेन्‍द्र फड़नवीस भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

श्री मोदी ने नागपुर मेट्रो चरण- दो की आधारशिला रखी। इस पर आठ हजार 650 करोड़ रूपये से अधिक लागत आयी है। नागपुर मेट्रो में प्रधानमंत्री ने स्‍टार्टअप क्षेत्र के विद्यार्थियों और समाज के विभिन्‍न नागरिकों के साथ विचार विमर्श किया।

 

 

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निर्भया कोष की सहायता से देश में एक हजार से अधिक फास्ट ट्रैक अदालतें बनी : स्मृति ईरानी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केन्द्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि सरकार ने निर्भया कोष की सहायता से देश में एक हजार से अधिक फास्ट ट्रैक अदालतें बनाई हैं। नई दिल्ली में बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने संबंधी  पॉस्को कानून से जुडे हितधारकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कुल फास्ट ट्रैक अदालतों में से तीन सौ से अधिक अदालते बच्चों से जुडे मामलों और पॉस्को कानून के लिए समर्पित है।

पॉस्को कानून के अन्तर्गत मामलों को निपटाने में लगने वाले समय का उल्लेख करते हुए  उन्होंने कहा कि पॉस्को मामलों को निपटाने में औसतन पांच सौ नौ दिन लगते हैं और बहुत से मामलों में आरोपी बरी हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि पॉस्को कानून में अपराधियों की सजा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी बदलाव करने होंगे। श्रीमती ईरानी ने कहा कि सरकार यौन अपराधों से पीडित बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर खास ध्यान दे रही है। 

इस अवसर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चन्द्रचूड ने 2012 में पॉस्को कानून के लागू होने को देश में बालाधिकारों के इतिहास की महत्वपूर्ण घटना बताया। उन्होंने कहा कि पीडित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में पॉस्को कानून पहला कदम है लेकिन लोग अब भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने में संकोच करते हैं।

 

 

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देश के 55 शहरों में होंगी जी-20 की बैठकें : जयशंकर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने कहा है कि भारत को जी-20 की अध्यक्षता मिलना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि जी-20 की बैठकें देश के 55 शहरों में होंगी और वाराणसी उनमें से एक है। डॉक्टर जयशंकर ने वाराणसी में काशी तमिल संगमम के दौरान अलग से संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि मंत्रालय काशी में विकास मंत्रियों की बैठक की योजना बना रहा है। विदेश मंत्री ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के परिसर में काशी तमिल संगमम की विषय वस्तु पर आधारित सूचना और प्रसारण मंत्रालय में केन्द्रीय संचार ब्यूरो की एक प्रदर्शनी भी देखी।

 

 

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आदेश गुप्ता ने दिल्ली BJP अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में पिछले 15 साल से काबिज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का पत्ता साफ हो गया है। बीते सात दिसंबर को आए एमसीडी चुनाव के नतीजों में आम आदमी पार्टी (आप) ने बहुमत हासिल कर लिया। एमसीडी में हार को लेकर दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गुप्ता ने इस्तीफा देकर एमसीडी चुनाव में मिली हार की जिम्मेदारी ली है। जानकारी के अनुसार आदेश गुप्ता ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को अपना इस्तीफा दे दिया है। नड्डा ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

 

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सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली

 शिमला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हिमाचल में रविवार दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। इस दौरान राहुल, प्रियंका और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और छत्तीसगढ़ भी मौजूद रहे। प्रियंका ने मुख्यमंत्री की दावेदार रहीं प्रतिभा सिंह को अपने बगल में बैठाया। सुक्खू ने सभी कांग्रेस विधायकों के साथ मंच से समर्थकों का अभिवादन किया।

रिज मैदान में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ ने सुक्खू के साथ-साथ डिप्टी CM मुकेश अग्निहोत्री को भी शपथ दिलाई। सुबह- सुबह सुक्खू खुद प्रतिभा सिंह को शपथ समारोह का न्योता देने पहुंचे। सुक्खू ने कहा- पार्टी पहले है, मुख्यमंत्री बाद में। प्रतिभा सिंह मेरी आदर्श हैं।

हिमाचल के नए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की मां संसार देवी भी शपथ ग्रहण समारोह में पहुंची थी। राहुल गांधी को जब पता चला कि वह मंच के सामने बैठी हैं तो उन्होंने उन्हें मंच पर बुलाया और उनसे मिले। प्रियंका गांधी ने सुक्खू की मां को गले लगाया और मंच पर अपने पास बैठाया।

 

 

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गोवा में पीएम मोदी करेंगे मोपा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन

 पणजी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश में हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के लिए रविवार को प्रधानमंत्री मोदी गोवा में मोपा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। इंडिगो और गोफर्स्ट जैसी एयरलाइंस पहले ही जनवरी से नए हवाई अड्डे से 200 से ज्यादा उड़ानें शुरू करने की योजना की घोषणा कर चुकी हैं। इस हवाई अड्डे की आधारशिला नवंबर 2016 में पीएम मोदी ने ही रखी थी।

लगभग 2,870 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह हवाईअड्डा टिकाऊ बुनियादी ढांचे को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। बता दें कि नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा गोवा के उत्तरी भाग में स्थित है जो गोवा की राजधानी पणजी से लगभग 35 किमी दूर है। मोपा गांव में एक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा स्थापित करने के लिए गोवा सरकार को प्रमुख स्वीकृति केंद्र द्वारा मार्च 2000 में प्रदान की गई थी।



हवाई अड्डे के चालू हो जाने से राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और पर्यटन उद्योग की जरूरतों को पूरा करने की उम्मीद है। इसमें कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को सीधे जोड़ने वाले प्रमुख लॉजिस्टिक हब के रूप में सेवा देने की क्षमता है।

इस हवाई अड्डे के लिए मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी की भी योजना है। विश्वस्तरीय हवाईअड्डा होने के नाते, यह लोगों को गोवा घूमने का भी मौका प्रदान करेगा। गोवा में इस नए एयरपोर्ट के साथ ही गोवा के पुराने एयरपोर्ट के बंद होने की अफवाहें भी उड़ी थीं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने हालांकि साफ कर दिया है कि नए (MOPA) एयरपोर्ट की वजह से गोवा के पुराने एयरपोर्ट को बंद नहीं किया जाएगा।

गोवा में मौजूदा हवाई अड्डा एक सिविल एन्क्लेव और भारतीय नौसेना से संबंधित एक रक्षा हवाई अड्डा है, जिसके लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा एक टर्मिनल भवन का रखरखाव किया जाता है। बता दें कि सिविल एंक्लेव एक ऐसा हवाई अड्डा है जिसका उपयोग सैन्य उड्डयन और नागरिक उड्डयन दोनों के लिए किया जाता है।

 

 

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प्रधानमंत्री मोदी ने किया मोपा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन

 पणजी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा में रविवार को मोपा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधारशिला नवंबर 2016 में उनके ही द्वारा रखी गई थी। मालूम हो कि डाबोलिम के बाद यह गोवा का दूसरा हवाई अड्डा है। इंडिगो और गोफर्स्ट जैसी कई एयरलाइंस पहले ही जनवरी से नए हवाई अड्डे से 200 से ज्यादा उड़ानें शुरू करने की योजना की घोषणा कर चुकी हैं। पीएम मोदी के साथ इस दौरान गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मौजूद रहे।

लगभग 2,870 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह हवाईअड्डा टिकाऊ बुनियादी ढांचे को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। बता दें कि नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा गोवा के उत्तरी भाग में स्थित है जो गोवा की राजधानी पणजी से लगभग 35 किमी दूर है। मोपा गांव में एक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा स्थापित करने के लिए गोवा सरकार को प्रमुख स्वीकृति केंद्र द्वारा मार्च 2000 में प्रदान की गई थी।

हवाई अड्डे के चालू हो जाने से राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और पर्यटन उद्योग की जरूरतों को पूरा करने की उम्मीद है। इसमें कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को सीधे जोड़ने वाले प्रमुख लॉजिस्टिक हब के रूप में सेवा देने की क्षमता है।

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जब लुटेरों पर भारी पड़ी नारी... पकड़ ली कॉलर... बाइक से गिराया...

 मेरठ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नारी को अबला समझना भारी पड़ जाता है, ऐसा ही उन लुटेरों के साथ हुआ, जिन्होंने दादी-पोती को अबला समझ उसे लूटने की कोशिश की। पोती ने न सिर्फ अपना बचाव करने की कोशिश की, बल्कि उसने एक लुटेरे को कॉलर पकड़ कर बाइक से गिरा दिया, और घसीटने लगी। हालांकि दोनों लुटरे  युवती की दादी के कुंडल लूटकर भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

दरअसल उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक युवती कुंडल लूटकर भाग रहे बदमाशों से भिड़ गई। युवतीने बदमाशों का कॉलर पकड़कर उन्हें बाइक से गिरा दिया। हालांकि इसके बाद बदमाश कुंडल लेकर फरार हो गए। इस दौरान बुजुर्ग महिला और उसकी पोती दोनों ने शोर मचाकर मदद मांगी, लेकिन कोई आगे नहीं आया। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई । घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।



जानकारी के अनुसार, यह मामला मेरठ के लालकुर्ती इलाके का है। 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला अपनी पोती के साथ बाजार जा रही थीं। उसी दौरान बाइक सवार दो बदमाशों ने महिला के कान से कुंडल खींच लिया। पोती ने फुर्ती दिखाते हुए कॉलर पकड़कर बदमाशों को बाइक से गिरा दिया। इस दौरान बुजुर्ग महिला और उसकी पोती दोनों ने शोर मचाकर मदद मांगी, लेकिन कोई आगे नहीं आया। इसके बाद बदमाश बाइक उठाकर भाग गए। हालाकि घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।

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शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर करती है मानव संसाधन की गुणवत्ता : राष्ट्रपति

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया और उसे संबोधित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति उसके मानव संसाधन गुणवत्ता पर निर्भर होती है और मानव संसाधन की गुणवत्ता शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। उन्होंने दून विश्वविद्यालय से 'आज का युवा कल का भविष्य है' के आदर्श वाक्य पर चलते हुए गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में काम करने का अनुरोध किया।

राष्ट्रपति ने इसका उल्लेख किया कि दून विश्वविद्यालय राज्य का एकमात्र ऐसा संस्थान है, जहां छात्रों को पांच विदेशी भाषाएं- चाइनीज, स्पेनिश, जर्मन, जापानी और फ्रेंच पढ़ाई जाती हैं। इसके अलावा छात्र यहां तीन स्थानीय भाषाओं- गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी का भी अध्ययन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय भाषाओं की पढ़ाई को प्रोत्साहित करना, हमारी लोक संस्कृति की संरक्षण का सराहनीय प्रयास है। हमारी लोक भाषाएं हमारी संस्कृति की अमूर्त धरोहर है। विश्वविद्यालय को इस पहल को आगे बढ़ाना चाहिए।

राष्ट्रपति ने इसका उल्लेख किया कि एनटीपीसी के सहयोग से दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी चेयर की स्थापना की गई है, जो राज्य के विकास के लिए नीति-निर्माण और क्षमता विकास के लिए समर्पित है। इसके अलावा राज्य के भौगोलिक, इकलोजिकल, आर्थिक और सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों में शोध व अध्ययन के लिए डॉ. नित्यानंद हिमालयी शोध और अध्ययन केंद्र भी स्थापित किया गया है। उन्होंने इन पहलों के लिए विश्वविद्यालय की सराहना कीं।

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में अनुसंधार व नवाचार को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, जिससे छात्र तकनीकी कौशल से अधिक संपन्न हों और स्वयं रोजगार की तलाश करने के बजाए दूसरों को रोजगार उपलब्ध करवाएं।

 

 

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गोपनीयता, क्षमता और अनुशासित आचरण लोकसेवकों के आभूषण : राष्ट्रपति मुर्मु

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु  मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) के 97वें फाउंडेशन पाठ्यक्रम के विदाई समारोह में सम्मिलित हुईं। प्रशिक्षु अधिकारियों को सम्बोधित करते हुये राष्ट्रपति ने कहा कि इस समय जब वे उन सभी को सम्बोधित कर रही हैं, तो सरदार वल्लभ भाई पटेल के शब्द उन्हें याद आ रहे हैं। अप्रैल 1947 में सरदार पटेल भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों से मिल रहे थे। उस समय उन्होंने कहा था, प्रत्येक जनसेवक, चाहे वह किसी भी दायित्व का निर्वहन कर रहा हो, हमें उससे सर्वश्रेष्ठ की उम्मीद करनी चाहिये और यह उम्मीद रखना हमारा अधिकार है। राष्ट्रपति ने कहा कि आज हम गर्व से कह सकते हैं कि जनसेवक इन उम्मीदों पर खरे उतरे हैं।

राष्ट्रपति ने गौर किया कि फाउंडेशन पाठ्यक्रम का मूलमंत्र वी, नॉट आई (हम, न कि मैं) है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस पाठ्यक्रम के प्रशिक्षु अधिकारियों को सामूहिक भावना के साथ देश को आगे ले जाने की जिम्मेदारी उठानी चाहिये। उन्होंने कहा कि उनमें से कई अगले 10-15 वर्षों के लिये देश के एक बड़े भू-भाग में प्रशासनिक कामकाज करेंगे तथा जनमानस से उनका सीधा संपर्क रहेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि वे अपने सपने के भारत को एक ठोस आकार दे सकते हैं।

 

अकादमी के ध्येय-वाक्य शीलं परम् भूषणम् का उल्लेख करते हुये राष्ट्रपति ने कहा कि एलबीएसएनएए में प्रशिक्षण पद्धति कर्मयोग के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें शील को अत्यंत महत्त्व दिया जाता है। राष्ट्रपति ने प्रशिक्षु अधिकारियों को परामर्श दिया कि वे समाज के वंचित वर्ग के प्रति संवेदनशील बनें। उन्होंने कहा कि 'गोपनीयता', 'क्षमता' और 'अनुशासित आचरण' सिविल अधिकारियों के आभूषण हैं। यही गुण प्रशिक्षु अधिकारियों को उनके पूरे सेवाकाल में आत्मबल देंगे।

 

 

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पंद्रह अगस्‍त तक देशभर में खोले जाएंगे एक हजार खेलो इंडिया केन्‍द्र : अनुराग

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। युवा मामले और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि देशभर में अगले साल 15 अगस्त तक खेलो इंडिया के एक हजार केंद्र खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि इनमें से 733 केन्द्रों को पहले ही मंज़ूरी दी जा चुकी है। श्री ठाकुर खेलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता और इस संबंध में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर आज लोकसभा में चर्चा का जवाब दे रहे थे।

श्री ठाकुर ने कहा कि तोक्यो ओलंपिक, तोक्यो पैरालंपिक में भारतीय खिलाडि़यों ने पहले की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने डैफ ओलंपिक में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। खेलो इंडिया के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने खेलों के प्रति लोगों का दृष्टिकोण बदलने का काम किया है।

श्री ठाकुर ने कहा कि खेल के बुनियादी ढांचे में सुधार पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने विश्‍वास दिलाया कि सरकार ने पैरा-एथलीटों के प्रति कोई भेदभाव नहीं दिखाया है। चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि भारत खेलों में अन्य देशों की तुलना में पिछड़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि खेल मंत्रालय के लिए बजटीय आवंटन बढ़ाया जाना चाहिए।

बहुजन समाज पार्टी के रितेश पांडे ने कहा कि भारत सिर्फ क्रिकेट में ही अच्छा प्रदर्शन करता है, लेकिन हॉकी और फुटबॉल में पिछड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसका कारण कोच की कमी और धन का उचित उपयोग नहीं होना है।

 

 

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हमारी संस्कृति में कर्म धर्म है, अनुबंध नहीं : मोहन भागवत

 नागपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कर्म को धर्म के बराबर माना जाता है और इसे लेन-देन के अनुबंध के रूप में नहीं देखा जाता है। वे यहां माधव नेत्रालय आई सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, प्रचलित रवैया यह है कि यदि अनुबंध का एक पक्ष सौदे के अपने हिस्से को पूरा नहीं करता है, तो दूसरा पक्ष अपना हिस्सा करने से मना कर देगा। उन्होंने कहा, लेकिन यह दृष्टिकोण अब बदल रहा है और हमने अपने दम पर सोचना शुरू कर दिया है।

भागवत ने आगे कहा कि आज ब्रांड का युग है, लेकिन उनके अनुभव में जब कोई चीज ब्रांड में बदल जाती है तो उसकी गुणवत्ता में गिरावट आती है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा बिना यह सोचे करनी चाहिए कि समाज के अन्य सदस्य मदद करेंगे या नहीं, और अगर ईमानदारी और नेक नीयत से यह की जाए तो लोग मदद के लिए उठ खड़े होंगे।

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कलबुर्गी में किया गया मल्लिकार्जुन खड़गे का स्वागत

 कलबुर्गी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का पदभार ग्रहण करने के बाद उनके गृह नगर कलबुर्गी में शनिवार को पहली बार जोरदार स्वागत किया गया। शनिवार को खड़गे के कलबुर्गी पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत करने के लिए कांग्रेस और दलित संगठनों ने व्यापक तैयारियां की हैं। भव्य-पुरानी पार्टी 'कल्याण क्रांति' नाम से एक सम्मेलन आयोजित कर रही है, जिसमें सात जिलों और 41 विधानसभा क्षेत्रों के लोग भाग लेंगे। नई दिल्ली से विशेष विमान से कलबुर्गी पहुंचने के बाद खड़गे चार किलोमीटर तक जुलूस में शामिल होंगे।

इसके बाद पार्टी प्रमुख एनवी कॉलेज के मैदान में आयोजित होने वाले सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। पार्टी के राज्य प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, विपक्ष के नेता सिद्धारमैया, विधान परिषद में विपक्ष के नेता बी.के. हरिप्रसाद और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार सम्मेलन में मौजूद रहेंगे। राजनीतिक विशेषज्ञ इस विशाल सम्मेलन को उत्तरी कर्नाटक में कांग्रेस की राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन बता रहे हैं। खड़गे को पिछले संसदीय चुनाव में भाजपा उम्मीदवार उमेश जाधव के खिलाफ शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। बाद में, उन्हें राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में नामित किया गया और एआईसीसी अध्यक्ष चुनाव जीतने के लिए आगे बढ़े। 

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