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हिमाचल CM : सुखविंदर सुक्खू के नाम पर लगी मुहर, कुछ ही देर में होगी घोषणा...

 शिमला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हिमाचल प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चल रहे घमासान पर विराम लग गया है। आलाकमान ने सुखविंदर सिंह सुक्खू के नाम पर मुहर लगा दी है। इसकी आधिकारिक घोषणा विधायक दल की बैठक के बाद की जाएगी।


इस बारे में कांग्रेस नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, 'मुझे कोई जानकारी नहीं है। अभी कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। आलाकमान ने क्या तय किया है मुझे उसकी जानकारी नहीं है।' वहीं, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा वीरभद्र सिंह, कांग्रेस नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू और अन्य पार्टी नेताओं ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले एक-दूसरे से बातचीत की। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस ने राजभवन से 5 बजे मिलने का समय मांगा है।

 
 

बता दें कि हिमाचल में सीएम पद को लेकर शुक्रवार रात को नवनिर्वाचित विधायकों द्वारा सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पास किया गया, जिसमें सीएम चुनने के लिए कांग्रेस आलाकमान को अधिकृत किया गया। हालांकि, इसके बाद शनिवार को भी मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान जारी रही, लेकिन अब सुखविंदर सिंह सुक्खू का नाम तय हो गया है।

होटल में विधायकों का जमावड़ा
शनिवार सुबह से ही कांग्रेस विधायक शिमला के सेसिल होटल पहुंचने लगे। सेसिल होटल में ही पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक ठहरे हुए हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा शामिल हैं। हिमाचल में कांग्रेस को स्पष्ट जनादेश मिला है। हिमाचल में कांग्रेस को 40 सीटों पर जीत मिली है।

 

 

 

 

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मैंडूस ने मचाई तबाही : अब तक 4 लोगों की मौत, केंद्रीय सहायता मांग सकती है सरकार...

 चेन्नई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। चक्रवाती तूफान मैंडूस ने तमिलनाडु में भारी तबाही मचाई है। चेन्नई के मामल्लपुरम तट से गुजरने के बाद चक्रवाती तूफान ने शहर और आसपास के इलाकों को प्रभावित किया और यहां तक की सैकड़ों पेड़ जड़ से उखड़ गये। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बताया कि 9 और 10 दिसंबर की दरम्यानी रात 70 किमी प्रति घंटे की हवा के साथ तूफान तट से टकराया।

सीएम ने बताया कि तूफान के चलते चार लोगों की मौत भी हो गई। मरीना बीच के पास भी जलभराव देखने को मिला और खाने-पीने के स्टॉल क्षतिग्रस्त हो गए। स्टालिन ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि सरकार ने स्थिति का अनुमान लगा लिया है और सभी निवारक उपाय किए जा रहे हैं ताकि बड़े नुकसान को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि वृहद चेन्नई निगम समेत विभिन्न निकाय एजेंसी गिरे हुए पेड़ों को हटाने में लगी रहीं, ताकि जनजीवन सामान्य हो सके। स्टालिन ने कहा कि उन्नत योजना के साथ, इस सरकार ने साबित कर दिया कि किसी भी आपदा का प्रबंधन किया जा सकता है।

तेज हवा चलने के चलते लगभग 400 पेड़ गिर गए हैं। कई पेड़ बिजली के खंभों पर गिर जाने के चलते बिजली सप्लाई भी प्रभावित हुई है। चक्रवात के कारण बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों को नुकसान पहुंचा है और 600 जगहों पर बिजली बंद कर दी गई है। सरकार के अनुसार सफाई का काम तेजी से चल रहा है और लगभग 25,000 लोग आपदा प्रबंधन कार्यों में लगे हैं। हालांकि, आईएमडी चेन्नई ने एक ट्वीट में कहा कि चक्रवाती तूफान मैंडूस उत्तरी तमिलनाडु तट पर टकराने के बाद अब कमजोर हो गया है।

केंद्रीय सहायता मांग सकती है सरकार
मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर केंद्रीय सहायता मांगी जा सकती है। इससे पहले, राज्य के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री के के एस एस आर रामचंद्रन ने कहा कि 205 राहत केंद्रों में 9,000 से अधिक लोगों को रखा गया है। शुक्रवार सुबह 6 बजे से आज सुबह 6 बजे के बीच, 30 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को भी संचालन प्रभावित होने के कारण रद्द कर दिया गया था।

मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवाती तूफान मैंडूस (जिसका मतलब खजाने की पेटी है) उत्तरी तमिलनाडु तट पर गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील होकर कमजोर हो गया। यह 10 दिसंबर को दोपहर तक पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ा और धीरे-धीरे कमजोर होकर दबाव के क्षेत्र में बदल गया। चक्रवात से हुए प्रभाव की समीक्षा करने काशीमेडु क्षेत्र में पहुंचे सीएम स्टालिन ने बताया कि सरकार ने चक्रवात को देखते हुए कई एहतियाती कदम उठाए थे।

तमिलनाडु में चक्रवात से हुए पूरे नुकसान का अनुमान अभी तक नहीं लगाया जा सका है, लेकिन इस दौरान 9,000 लोगों ने 205 राहत शिविरों में शरण ली। शुक्रवार सुबह छह बजे से शनिवार सुबह छह बजे तक 30 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ाने रद हुईं। वहीं, सुबह कुछ समय के लिए एयरपोर्ट को बंद भी करना पड़ा।
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सुखविंदर बने हिमाचल ने नए सीएम, मुकेश अग्निहोत्री डिप्टी सीएम...

 शिमला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल प्रदेश के नए मुख्यमंत्री होंगे और मुकेश अग्निहोत्री को डिप्टी सीएम की जिम्मदारी मिली है। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह रविवार सुबह 11 बजे होगा। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सुखविंदर सिंह सुक्खू को सीएम बनाने का निर्णय लिया गया। बता दें कि राज्य में पहली  बार डिप्टी सीएम बनाया जाएगा। भूपेश बघेल ने बताया कि अभी हम राजभवन जा रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाए जाने पर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, 'मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और प्रदेश की जनता का शुक्रगुजार हूं। हमने हिमाचल प्रदेश की जनता से जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करना मेरी जिम्मेदारी है। राज्य के विकास के लिए हमें काम करना है।' उन्होंने कहा, 'डिप्टी सीएम के रूप में चुने गए मुकेश अग्निहोत्री और मैं एक टीम के रूप में काम करेंगे। मैंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 17 साल की उम्र में की थी। कांग्रेस पार्टी ने मेरे लिए जो किया है उसे मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा।'

भूपेश बघेल ने बताया कि हाईकमान ने आज सुखविंदर सिंह सुक्खू को कांग्रेस विधायक दल के नेता यानी मुख्यमंत्री के रूप में चयन किया है और उपमुख्यमंत्री के रूप में मुकेश अग्निहोत्री को चुना है। कांग्रेस के हिमाचल प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला ने कहा कि सर्वसम्मति से सारे विधायकों ने सुखविंदर सिंह सुक्खू को विधायक दल का नेता चुना है। कल उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। उपमुख्यमंत्री के रूप में मुकेश अग्निहोत्री को चुना गया है। ये आलाकमान का निर्णय है।

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह ने कहा कि हम कांग्रेस आलाकमान द्वारा लिए गए निर्णय को स्वीकार करते हैं। कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कल सुखविंदर सिंह सुक्खू शपथ लेंगे और सूचारू रूप से सरकार चलाएंगे। कल शपथ समारोह में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे आएंगे। सभी विधायकों को भी निमंत्रित किया गया है।

आलाकमान पर छोड़ा गया था फैसला
बता दें कि हिमाचल में सीएम पद को लेकर शुक्रवार रात को नवनिर्वाचित विधायकों द्वारा सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पास किया गया, जिसमें सीएम चुनने के लिए कांग्रेस आलाकमान को अधिकृत किया गया।

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बोरवेल में गिरे 8 साल के तन्मय की मौत, सीएम ने जताया शोक, किया मुआवजे का ऐलान...

 बैतूल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मध्य प्रदेश के बैतूल में बोरवेल में गिरे आठ साल के तन्मय को बचाया नहीं जा सका, शनिवार सुबह 6 बजे उन्हें बोरवेल से बाहर निकाला गया, लेकिन मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। 

जानकारी के मुताबिक, पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चेस्ट कन्जेकशन और रिब्स  ब्रेक होना मौत की वजह पाया गया। वहीं परिजनों ने बैतूल जिला अस्पताल से शव को लेकर मांडवी गांव के लिए रवाना हुए। 

 

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि 'दुःख की इस घड़ी में तन्मय का परिवार स्वयं को अकेला न समझे, मैं और संपूर्ण मध्य प्रदेश परिवार के साथ है। राज्य सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को 4 लाख की आर्थिक सहायता दी जायेगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। विनम्र श्रद्धांजलि!

55 फीट में फंसा था तन्मय

मध्य प्रदेश के बैतूल में 8 साल का तन्मय 6 दिसंबर मंगलवार शाम से ही बोरवेल में फंसा हुआ था। 55 फीट की गहराई पर फंसे तन्मय को बचाने के लिए 62 घंटे से राहत कार्य जारी था, लेकिन पानी और पत्थरों की वजह से प्रशासन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था और मासूम के रेस्क्यू में देर होती जा रही थी। जानकारी के मुताबिक, प्रशासन तन्मय की पहुंच से काफी दूर थे। बच्चे को डायरेक्ट बोरवेल से निकालना मुश्किल था, इसलिए टीम ने बगल में एक गड्ढा खोदकर सुरंग के जरिए तन्मय तक पहुंचने का प्लान बनाया था। कल तक 8 फीट तक सुरंग खोदी जा चुकी थी, लेकिन 2 फीट बाकी थी। बचाव दल शनिवार सुबह सुरंग तक पहुंचे, लेकिन तब तक तन्मय की सांसें थम चुकी थी।

 

 

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करारी हार के बाद गुजरात कांग्रेस प्रभारी ने दिया इस्तीफा

 गुजरात (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  विधानसभा चुनाव के परिणाम आए हैं। गुजरात में भाजपा ने प्रचंड जीत हासिल करते हुए 155 के आंकड़े तक पहुंच गयी है वही कांग्रेस को  काफी नुकसान का सामना करना पड़ा हैं। कांग्रेस  महज 18 सीट पर ही सिमट गयी करारी हार के बाद कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रघु शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है।

उन्होंने  कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खरगे को अपना इस्तीफा पत्र सौंपते हुए कहा कि वो गुजरात में कांग्रेस की हार कि संपूर्ण जिम्मेदारी लेते हैं इसके अलावा उन्होंने अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा स्वीकार करने के लिए आग्रह किया है।

 

 

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कांग्रेस विधायक दल की बैठक में होगा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का फैसला

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद मुख्यमंत्री पर फैसला करने के लिए कांग्रेस विधायक शुक्रवार को शिमला में बैठक करेंगे। 

हिमाचल कांग्रेस विधायक दल की बैठक शुक्रवार दोपहर 3 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में होगी। बैठक में हिमाचल प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला, पर्यवेक्षक भूपेश बघेल और भूपेंद्र हुड्डा भी मौजूद रहेंगे। 

कांग्रेस के लिए प्रतिभा सिंह सहित विभिन्न उम्मीदवारों के बीच अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार चुनना एक बड़ा काम है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस प्रमुख सुखविंदर सिंह सुक्खू और सीएलपी नेता मुकेश अग्निहोत्री को इस पद के अन्य दावेदारों के रूप में देखा जा रहा है।

इससे पहले गुरुवार को शुक्ला ने कहा था कि पार्टी प्रमुख तय करेंगे कि हिमाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन होगा।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को घोषित परिणामों में हिमाचल प्रदेश में पांच साल बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई है। 68 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस ने सत्ता विरोधी लहर पर सवार होकर 40 सीटें जीतीं।

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने जहां 40 सीटें जीतीं, वहीं बीजेपी ने 25 सीटों पर जीत हासिल की। निर्दलीयों ने तीन सीटें जीतीं और आप राज्य में अपना खाता खोलने में विफल रही।

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जैव-ईंधन उत्पादन से देश का ईंधन आयात बोझ कम होगा : गिरिराज सिंह

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने नई दिल्ली में कैक्टस रोपण और इसके आर्थिक उपयोग विषय पर एक परामर्श बैठक आयोजित की। चिली के राजदूत जुआन अंगुलो एम; मोरक्को दूतावास के मिशन उप प्रमुख एराचिद अलौई मरानी; ब्राजील दूतावास के ऊर्जा प्रभाग की प्रमुख श्रीमती कैरोलिना सैटो; ब्राजील दूतावास के कृषि सहायक एंजेलो मौरिसियो भी बैठक में शामिल हुए।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इन देशों के भारतीय राजदूतों ने भी बैठक में भाग लिया। बैठक में चिली, मैक्सिको, ब्राजील, मोरक्को, ट्यूनीशिया, इटली, दक्षिण अफ्रीका और भारत जैसे विभिन्न देशों के चौदह विशेषज्ञों ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भाग लिया। भूमि संसाधन विभाग (डीओएलआर), विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव, और खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और शुष्क क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र (आईसीएआरडीए) के प्रतिनिधि और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

भारत के भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा निम्न स्तर के भूमि की श्रेणी में है। डीओएलआर को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के वाटरशेड विकास घटक (डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई) के माध्यम से कम उर्वर भूमि में सुधार करने के लिए अधिकृत किया गया है। विभिन्न प्रकार के वृक्षारोपण उन गतिविधियों में से एक है जो कम उर्वर भूमि को सुधार करने में सहायता करते हैं। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि देश के व्यापक लाभ के लिए जैव-ईंधन, भोजन, चारा और जैव-उर्वरक उत्पादन के लिए कैक्टस के उपयोग के लाभों को साकार करने के लिए कम उर्वर भूमि पर कैक्टस के रोपण के लिए विभिन्न विकल्पों का पता लगाया जाना चाहिए।

 

मंत्री ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जैव-ईंधन उत्पादन से इन क्षेत्रों के गरीब किसानों के लिए रोजगार और आय सृजन में योगदान के अलावा देश का ईंधन आयात का बोझ भी कम होगा।

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कॉलेजियम बैठक का ब्योरा मांगने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुप्रीम कोर्ट ने आरटीआई के तहत एक कॉलेजियम बैठक के विवरण का खुलासा करने की मांग वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।  याचिका में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत 12 दिसंबर, 2018 को हुई सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक का विवरण मांगा गया था। याचिका खारिज करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि कॉलेजियम बैठक की चर्चा को जनता के सामने लाया नहीं किया जा सकता है, सिर्फ कॉलेजियम के अंतिम निर्णय को वेबसाइट पर अपलोड करने की आवश्यकता है। अदालत ने कहा कि केवल अंतिम प्रस्ताव को ही निर्णय माना जा सकता है और जिस पर भी चर्चा की जाती है, वह खासकर आरटीआई अधिनियम के तहत सार्वजनिक डोमेन में नहीं होना चाहिए।

आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती देते हुए यह याचिका दायर की थी। भारद्वाज ने दिसंबर 2018 में हुई कॉलेजियम बैठक में उच्च न्यायालय के दो मुख्य न्यायाधीशों को पदोन्नति की सिफारिश करने के निर्णय को सार्वजनिक किए जाने की मांग की थी। भारद्वाज के अनुरोध को खारिज करते हुए, न्यायमूर्ति एमआर शाह की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि अनुवर्ती संकल्प 10 जनवरी, 2019 को पारित किया गया था, इससे पता चलता है कि 12 दिसंबर, 2018 की बैठक के दौरान कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया था।

 

 

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सरकार बनाने का दावा पेश करने राजभवन पहुंचे सीएम भूपेश समेत वरिष्ठ नेता...

 शिमला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हिमाचल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली जीत के बाद अब नए मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन शुरू हो गया है। बैठकों का दौर जारी है।  कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक भी बुलाई है। इसी बीच कांग्रेस नेता सरकार बनाने का दावा पेश करने राजभवन पहुंच चुके हैं। कांग्रेस नेताओं में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और हिमाचल प्रभारी राजीव शुक्ल सहित अन्य शामिल हैं, जो राजभवन पहुंचे हैं।

वहीं राज्य कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह ने कहा कि हम बैठक में मुख्यमंत्री का नाम तय करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर कोई गुटबाजी नहीं है और सभी विधायक हमारे साथ हैं। बता दें कि विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों से मुख्यमंत्री को लेकर राय जानी जाएगी। सभी की राय जानने के बाद पर्यवेक्षक अपनी रिपोर्ट हाई कमान को सौंपेंगे।

इससे पहले सूत्रों के अनुसार, खबर आई थी कि कांग्रेस पार्टी प्रचार समिति के अध्यक्ष व नादौन से विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू बीते रोजी चंडीगढ़ पहुंच गए थे। उनके साथ कुछ विधायक भी मौजूद थे। कुछ समर्थक उनके सुबह विधानसभा स्थित विधायक सदन में ही थे। बताया जा रहा है कि विधायकों के साथ है और बैठक कर शाम को होने वाली विधायक दल की बैठक के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं।

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रेलवे के निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं : अश्विनी वैष्णव

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सरकार ने स्पष्ट किया है कि रेलवे के निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि हाल के वर्षों में रेलवे भर्ती बोर्ड के माध्यम से नियुक्‍त कर्मचारियों की संख्या घट रही है और अनुबंधित कर्मचारियों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है।

एक अन्‍य प्रश्‍न के उत्‍तर में रेल मंत्री ने स्‍पष्‍ट किया कि नियमित यात्री रेलगाडि़यों को निजी और सार्वजनिक भागीदारी से चलाने की भी कोई योजना नहीं है। भारत गौरव रेलगाड़ी के बारे में उन्‍होंने कहा कि इसके लिए 15 सेवा प्रदाताओं ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। इनमें से अभी चार को यह रेलगाड़ी चलाने की अनुमति दी गयी है।

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निवेश के लिए आदर्श राज्य है मध्यप्रदेश : शिवराज चौहान

 भोपाल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश भारत का सबसे तेजी से बढ़ता प्रदेश है। हम देश का दिल हैं। देश के मध्य में स्थित मध्यप्रदेश में वन, पर्याप्त जल तथा विद्युत आपूर्ति, लेण्डबैंक, खनिज संसाधन उपलब्ध हैं। कृषि उत्पादन में हम अग्रणी हैं, यहाँ निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। राज्य सरकार मध्यप्रदेश को निवेश के लिए आदर्श राज्य के रूप में प्रस्तुत करने के लिए निरंतर सक्रिय है। मैं स्वयं प्रत्येक सोमवार को उद्योगपतियों से भेंट करता हूँ और यह मानता हूँ कि मैं मुख्यमंत्री के साथ-साथ मध्यप्रदेश का सी.ई.ओ. भी हूँ। मुख्यमंत्री श्री चौहान निवास कार्यालय से यू.एस.ए. के उद्योगपतियों और फ्रेंड्स ऑफ एमपी से मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर वर्चुअली संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उन्हें इंदौर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट तथा प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया।

प्रदेश में राज्य और निवेशक दोनों की प्रगति के लिए सकारात्मक स्थितियाँ विद्यमान

 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश शांति का टापू है। यहाँ कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर है। मेन डेज़ लॉस की स्थिति नहीं है। निरंतर विकसित हो रही अधोसंरचना से देश की राजधानी दिल्ली और प्रमुख बंदरगाहों तक कम समय में पहुँचा जा सकता है। प्रदेश में विभिन्न उद्योगों के लिए प्रगतिशील नीतियाँ लागू हैं, शासकीय मशीनरी का व्यवहार मित्रवत है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस, सिंगल विण्डो सिस्टम तथा उद्योग लगाने से संबंधित सभी शासकीय प्रक्रियाओं के सरलीकरण से सिंगल टेबल पर अनुमोदन और समस्याओं के समाधान की व्यवस्था है। यहाँ राज्य और निवेशक दोनों की प्रगति के लिए सकारात्मक स्थितियाँ विद्यमान हैं। प्रदेश में दक्ष मानव संसाधन, आई.आई.टी., आई.आई.एम., इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेज, फॉर्मेसी, आई.टी.आई. जैसी संस्थाएँ तथा उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण की सुविधा, उद्योग स्थापना और उनके संचालन को सुगम बनाती हैं। प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, खाद्य प्र-संस्करण, फार्मा, गारमेंट्स एवं टेक्सटाईल, इलेक्ट्रिकल व्हीकल, सूचना प्रौद्योगिकी, सायबर सिक्योरिटी में निवेश की अपार संभावनाएँ हैं तथा स्पेशल निवेश प्रोत्साहन पैकेज का क्रियान्वयन भी जारी है।

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जन-समुदाय का सहयोग टी.बी. मुक्त भारत अभियान की सफलता का आधार : मंगुभाई पटेल

 भोपाल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि तंत्र के प्रयासों में जन का सहयोग सफलता का आधार होता है। किसी भी अभियान के साथ जन-समुदाय का व्यक्तिगत और सामूहिक जुड़ाव उसकी सफलता की संभावना को बहुत बढ़ा देता है। प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान के साथ प्रदेश के जन और तंत्र की सहभागिता, अभियान की सफलता का संदेश हैं। उन्होंने कहा कि तम्बाकू के खेत में बागुड़ नहीं लगाई जाती क्योंकि उसे पशु नहीं खाते हैं। मानव द्वारा उसका सेवन कर अपनी सेहत को खराब करना चिंता और चिंतन का विषय है। इसलिए जरूरी है कि टी.बी. होने के कारण, बचाव और उपचार के लिए नियमित दवा, पोषक आहार के सेवन के साथ ही आहार-विहार की सावधानियों के संबंध में जागरूकता का व्यापक स्तर पर प्रसार किया जाए।

राज्यपाल श्री पटेल कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में टी.बी. मुक्त भारत अभियान म.प्र. के "नि-क्षय मित्र" समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सोच और कार्य-प्रणाली दुनिया में देश को आगे रखने की है। वैश्विक महामारी कोविड का सामना करने में भारत ने एक मिसाल पेश की है। नए भारत की रीति-नीति और आत्म-विश्वास के साथ टी.बी. उन्मूलन के लिए प्रदेश में हो रहे प्रयास सराहनीय है। उन्होंने कहा कि टी.बी. उन्मूलन अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए यह बताना जरूरी है कि बीमारी की रोकथाम बहुत सरल है। सुलभ और कारगर नि:शुल्क इलाज  उपलब्ध है। बीमारी से जुड़ी हीन भावनाओं और भ्रम को दूर करने के प्रयास भी जरूरी हैं। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पोषक खाद्य सामग्री को आहार में शामिल करने के संबंध में व्यापक जन- जागरूकता के कार्य किए जाना चाहिए।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि सामान्यत: देखा गया है कि बीमारी के इलाज के लिए लोग दवा खाते हैं, लेकिन आहार में सही बदलाव नहीं करते हैं। उन्होंने नि-क्षय मित्रों से अपील की कि पोषण आहार में सहयोग के साथ ही टी.बी. रोग उपचार के लिए आवश्यक आहार-विहार की सावधानियों के पालन में क्षय रोगियों और उनके परिजन का मार्गदर्शन करें।

 

 

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उच्‍चतम न्‍यायालय से राष्‍ट्रीय न्‍यायिक नियुक्ति आयोग का निरस्‍त होना संसदीय सम्‍प्रभुता का गम्‍भीर उल्‍लंघन : धनखड

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्‍यसभा के सभापति जगदीप धनखड ने कहा है कि वर्ष 2015 में उच्‍चतम न्‍यायालय से राष्‍ट्रीय न्‍यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम का निरस्‍त होना संसदीय सम्‍प्रभुता के साथ एक गंभीर समझौता और जनादेश का अपमान था। श्री धनखड ने कहा कि कार्यपालिका, न्‍यायपालिका और विधायिका का अपने दायरे में ही रह कर कार्य करना लोकतंत्र के हित में है। उन्‍होंने कहा कि जब ये तीनों अंग अपने दायरे में रहकर अपना काम करते हैं, तभी लोकतंत्र फलता-फूलता है। श्री धनखड ने कहा कि इन तीनों में से काई भी अंग अगर अपनी सीमा से इतर जाकर दूसरे के कार्यक्षेत्र में प्रवेश करता है तो इससे शासन में अव्‍यवस्‍था पैदा होती है। श्री धनखड़ कल से शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र में राज्यसभा के सभापति का पद ग्रहण करने के बाद राज्यसभा को संबोधित कर रहे थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया है कि राज्‍यसभा के नए सभापति जगदीप धनखड के नेतृत्‍व में सदन नए कीर्तिमान स्‍थापित करेगा। राज्‍यसभा में शीतकालीन सत्र के पहले दिन उनका स्‍वागत करते हुए प्रधानमंत्री ने सभापति का आसन संभालने पर श्री धनखड को बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री धनखड का जीवन सभी के लिए प्रेरक है। उन्‍होंने कहा कि उप-राष्‍ट्रपति का संबंध किसान परिवार से है और उन्‍होंने एक सैनिक स्‍कूल से शिक्षा ली है।  उन्‍होंने कहा कि श्री धनखड में किसान और जवान दोनों के ही गुण हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्‍यसभा भारत की सबसे बडी शक्ति है क्‍योंकि देश के अनेक प्रधानमंत्री इसके सदस्‍य रहे हैं। उन्‍होंने उप-राष्‍ट्रपति को किसान-पुत्र बताते हुए कहा कि उन्‍हें कानूनी मामलों की भी काफी जानकारी है। श्री मोदी ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही विश्व ने भारत को जी-20 समूह की मेजबानी की जिम्मेदारी सौंपी है और यह अमृत काल का आरंभ भी है। उन्होंने कहा कि अमृत काल नये विकसित भारत के निर्माण का काल ही नहीं होगा बल्कि भारत इस अवधि में विश्व की भावी दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

 

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फ़ोर्ब्स की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की लिस्ट में सीतारमण

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने फोर्ब्स की शक्तिशाली महिलाओं की 19वीं वार्षिक लिस्ट में जगह बनाई है। फोर्ब्स ने साल 2022 में दुनिया की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की लिस्ट मंगलवार को जारी की है। जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 36 वें स्थान पर हैं। जबकि हैरिस तीसरे स्थान पर हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह लगातार चौथा वर्ष है जब निर्मला सीतारमण ने सूची में जगह बनाई है। पिछले साल वह 37, 2020 में 41 और 2019 में 34वें स्थान पर थीं।

साल 2021 में कमला हैरिस अमेरिका की उपराष्ट्रपति बनने वाली पहली महिला अश्वेत और पहली दक्षिण एशियाई-अमेरिकी बनीं। कैलिफोर्निया की मूल निवासी कमला हैरिस का जन्म ओकलैंड में हुआ था। उनकी मां भारतीय और पिता जमैका से थे। रिपोर्ट के अनुसार, कमला हैरिस के अलावा ग्लोबल टीवी की प्रमुख बेला बजारिया सूची में एक अन्य भारतीय-अमेरिकी हैं जो 71वें स्थान पर हैं। लंदन में जन्मी बजरिया को 2022 में टाइम की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में नामित किया गया था। वहीं मई 2019 में सीतारमण को भारत की पहली महिला वित्त मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था।

 

 

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भारत ने वर्ष 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली की दिशा में कदम बढ़ाया

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।केंद्रीय विद्युत और नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने वर्ष 2030 तक 500 गीगा वॉट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के एकीकरण के लिए पारेषण प्रणाली योजना की शुरुआत की। ऊर्जा राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री भगवंत खुबा, विद्युत सचिव आलोक कुमार और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा सचिव भूपिंदर सिंह भल्ला, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद, और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय में संयुक्त सचिव अजय यादव उपस्थित थे।

केंद्रीय ऊर्जा और नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने नई दिल्ली में वर्ष 2030 तक 500 गीगा वॉट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के एकीकरण के लिए पारेषण प्रणाली योजना की शुरुआत की। भारत दुनिया में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमताओं के विकास की सबसे तेज वृद्धि दर के साथ ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया के नेतृत्व करने वालों में से एक के रूप में उभरा है। भारत की ऊर्जा परिवर्तन में बड़ी महत्वाकांक्षाएं हैं और वर्ष 2030 तक 500 गीगा वॉट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली क्षमता स्थापित करने की योजना है, ताकि स्वच्छ ईंधन में वर्ष 2030 तक स्थापित क्षमता का 50 प्रतिशत हिस्सा शामिल हो।

देश में वर्तमान में स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 409 गीगा वॉट है जिसमें गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 173 गीगा वॉट क्षमता शामिल है, जो कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का लगभग 42 प्रतिशत है। वर्ष 2030 तक नियोजित नवीकरणीय क्षमता से बिजली उत्पादन के लिए, एक मजबूत पारेषण प्रणाली को पहले से स्थापित करने की आवश्यकता है क्योंकि पवन और सौर ऊर्जा आधारित उत्पादन परियोजनाओं की निर्माण अवधि संबद्ध पारेषण प्रणाली की तुलना में बहुत कम है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए एक व्यापक योजना को अंतिम रूप दिया गया है।

 

 

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राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम ने वॉलमार्ट के साथ किया एमओयू

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वॉलमार्ट ग्लोबल सोर्सिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड- एनएसआईसी के बीच 6 दिसंबर, 2022 को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री  नारायण राणे की गरिमामयी उपस्थिति में एनएसआईसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गौरांग दीक्षित और वॉलमार्ट की निदेशक व हब प्रमुख सुश्री प्रमिला मल्लैया द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

एनएसआईसी इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से उन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम की कई योजनाओं तथा अन्य सेवाओं का विस्तारित लाभ प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा, जो विभिन्न वृद्धि कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को एनएसआईसी द्वारा प्रस्तावित विभिन्न अवसरों के तहत कार्यशील पूंजी प्राप्त करने, थोक खरीद सहायता आदि के विभिन्न लाभों का उपयोग करने का मौका मिलेगा। जो सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम वास्तव में एनएसआईसी के इकोसिस्टम का हिस्सा हैं, उन्हें प्रासंगिक समूहों में वृद्धि कार्यक्रम से भी जोड़ा जाएगा और इस कार्यक्रम के तहत "मुफ्त" में मौजूदा व्यावसायिक प्रशिक्षण सामग्री, सलाहकार सहयोग, उपकरण और ज्ञान तक उनकी पहुंच सुलभ होगी। यह समझौता वर्ष 2030 तक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम को 2 ट्रिलियन डॉलर मूल्य के निर्यात लक्ष्य तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


कार्यक्रम के दौरान श्री नारायण राणे ने अपने संबोधन में कहा, “मुझे यह देखकर खुशी हुई कि वॉलमार्ट के वृद्धि कार्यक्रम ने बड़ी संख्या में भारतीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम को विस्तार देने, उनके उत्पादन को बढ़ावा देने और विकास का धारक बनने में सक्षम बनाया है। वॉलमार्ट विशेष रूप से महामारी के दौरान प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण के साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम को कार्यशील बनाने में सहायक रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारतीय एमएसएमई क्षेत्र में 6.3 करोड़ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम शामिल हैं, जो 11 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर देते हैं। हम आशा करते हैं कि वॉलमार्ट देश में बढ़ते एमएसएमई क्षेत्र को निरंतर अपना सहयोग देता रहेगा। 


श्री राणे के संबोधन पर राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गौरांग दीक्षित ने कहा कि राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम भारत में एक मजबूत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र के विकास तथा कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। हम इस कार्यक्रम के अंतर्गत एमएसएमई को हमारी योजनाओं तक पहुंच बनाने और राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र को इसके विकास के संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करने के उद्देश्य से वॉलमार्ट की वृद्धि योजना के साथ काम करने के लिए तत्पर हैं। इस साझेदारी के माध्यम से, देश भर के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम को राष्ट्रीय स्तर पर और दुनिया भर में अपने व्यवसायों का अधिक विस्तार करने के लिए आवश्यक सहयोग मिल सकता है।
 
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गुजरात में बीजेपी की रिकार्ड जीत, कांग्रेस और आप पस्त, 12 दिसंबर को होगा शपथग्रहण समारोह

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गुजरात में बीजेपी ने रिकार्ड जीत दर्ज की है। अभी बीजेपी 158 सीटों पर आगे चल रही है। इस बार कांग्रेस ने पिछले साल के मुकाबले खराब प्रदर्शन किया है। आम आदमी पार्टी ने भी दावों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया है। रूझानों के अनुसार, भाजपा 158, कांग्रेस 16, आम आदमी पार्टी 4 और अन्य 4 सीटों पर आगे चल रहे हैं।

रिकार्ड बहुमत के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने बताया कि गुजरात में शपथग्रहण समारोह 12 दिसंबर को होगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह भी शामिल होंगे।

 गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने कहा कि जनता ने देशविरोधी ताकतों को नकार दिया है। गुजरात की जनता को सिर्फ विकास चाहिए और उसने केवल विकास के नाम पर वोट दिया है। हमारा संकल्प जनकल्याण है।

बता दें कि बीजेपी ने राज्य में 27 साल के शासन के बाद चुनाव लड़े और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पार्टी के 'तुरुप का इक्का' थे और सत्तारूढ़ दल ने सत्ता विरोधी लहर के मुकाबले के लिये 'ब्रांड मोदी' पर भरोसा किया। इस बार मतदान प्रतिशत 2017 की तुलना में लगभग 4 प्रतिशत कम हुआ। राज्य में 2017 में 68.39 प्रतिशत के मुकाबले इस बार सिर्फ 64.33 प्रतिशत मतदान हुआ था ।

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मैनपुरी में डिंपल यादव की ऐतिहासिक जीत, मुलायम परिवार हुआ एकजुट, चाचा शिवपाल ने दिया बड़ा बयान

 लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव ने भारी मतों से जीत दर्ज की है। हालांकि चुनाव आयोग ने अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की है। लेकिन डिंपल यादव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के रघुराज सिंह शाक्य पर ढाई लाख से अधिक मतों की निर्णायक बढ़त बना ली है।


खतौली विधानसभा उपचुनाव में सपा के सहयोगी रालोद प्रत्याशी मदन भैया ने मतगणना के ताजा आंकड़ों में भाजपा उम्मीदवार राजकुमारी सैनी पर 13 हजार 471 मतों से बढ़त बना ली है।

रामपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के शुरुआती बढ़त के बाद सपा के आसिम राजा भाजपा के आकाश सक्सेना से 11803 मतों से पीछे हो गये हैं।

समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक और पार्टी मुखिया अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव ने मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में सपा प्रत्याशी डिंपल यादव को बेहद मजबूत बढ़त मिलने के बाद सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की समाधि पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि परिवार एकजुट होकर लड़ा इसलिए पार्टी को 'बड़ी जीत' मिली है।


संवाददाताओं से बातचीत में शिवपाल ने कहा नेताजी (मुलायम सिंह यादव) और समाजवादी सरकार ने मैनपुरी में जो विकास किया है उसकी वजह से बड़ी जीत हुई है। यहां आज भी नेता जी का जलवा कायम है।

मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में डिंपल यादव के पक्ष में प्रचार करने वाले शिवपाल ने कहा परिवार में सभी लोग एक साथ रहेंगे। अब जो भी चुनाव होगा, हमारा पूरा परिवार एक होकर ही लड़ेगा। हमारी बहू (डिंपल) की जीत की वजह परिवार का एक होकर लड़ना है।
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