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छत्तीसगढ़ की आकर्षि ने कॉमनवेल्थ गेम्स में दिखाया कमाल, बैडमिंटन में श्रीलंका को हराया

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ की आकर्षि कश्यप ने बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में शनिवार को एकतरफा प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका की विदारा सुहासनी को एकतरफा मात दी। आकर्षि ने मिक्स्ड टीम इवेंट में ग्रुप प्ले स्टेज ग्रुप के मैच में 21-3, 21-9 से श्रीलंका की विदारा सुहासनी को मात दी। कॉमनवेल्थ में आकर्षि का यह पहला मैच था।

कॉमनवेल्थ गेम्स में आकर्षि कश्यप ने पहले ही मैच में आक्रामक रणनीति अपनाते हुए श्रीलंका की विदारा सुहासनी पर शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। दोनों ही सेट में आकर्षि ने अपनी प्रतिद्वंद्वी श्रीलंकन खिलाड़ी को उबरने नहीं दिया। आकर्षि ने पहले सेट में ही 21-3 से निर्णायक बढ़त ले ली। इसके बाद दूसरे सेट में बिना कोई चूक किए 21-9 से सुहासनी को पीछे छोड़ दिया। इस तरह अपने पहले ही मैच में जबर्दस्त छाप छोड़ी है।

 

इससे पहले सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और माचिमांडा पोनप्पा ने श्रीलंका के सचिन डायस और थिलिनी हेंडाहेवा की जोड़ी को 21-14 और 21-9 से हराया। इसके अलावा लक्ष्य सेन ने निलुका करुनारत्ने को मात दी।

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जेरेमी ने देश को दिलाया 5वां पदक, भारोत्तोलन में जीता स्वर्ण

 बर्मिंघम/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को पांचवां पदक मिल चुका है। 19 साल के जेरेमी ने कुल 300 किग्रा वजन उठाकर देश को दूसरा स्वर्ण दिलाया है। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को सभी पांच पदक वेटलिफ्टिंग में मिले हैं। भारत अब तक दो स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीत चुका है। जेरेमी इस राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बन गए हैं। उनसे पहले मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में ही देश को सोना दिलाया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेरेमी को बधाई देते हुए अपने ट्वीट में लिखा, ''हमारी युवा शक्ति इतिहास रच रही है! जेरेमी लालरिनुंगा को बधाई, जिन्होंने अपने पहले ही राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता है और साथ ही एक अभूतपूर्व राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड भी बनाया है। छोटी सी उम्र में उन्होंने अपार गौरव और यश हासिल किया है। उन्हें उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।''


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जेरेमी को शुभकामनाएं देते हुए लिखा "कॉमनवेल्थ गेम्स में भारोत्तोलन में स्वर्ण जीतने पर जेरेमी लालरिनुंगा को बधाई। मुकाबले के दौरान चोट लगने के बावजूद आपके आत्मविश्वास ने आपको इतिहास रचने और लाखों लोगों को प्रेरित करने में सक्षम बनाया। आपके पोडियम फिनिश ने भारतीयों को गर्व से भर दिया है। आपको ऐसे और गौरव के क्षणों की कामना।"

खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने लिखा " जेरेमी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों के 67 किग्रा भारोत्तोलन में स्वर्ण जीता, खेलो इंडिया से टॉप कोर ग्रुप तक एक एथलीट के आगे बढ़ने का एक आदर्श उदाहरण है। आपने खेलों का रिकॉर्ड भी तोड़ा। भारत को आप पर गर्व है।"

जेरेमी का प्रदर्शन
स्नैच राउंड: जेरेमी ने पहले प्रयास में 136 किलो वजन उठाया। दूसरे प्रयास में जेरेमी ने 140 किलो भार उठाया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 143 किलो उठाने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रहे। इस तरह स्नैच राउंड में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 140 किलो रहा।

क्लीन एंड जर्क राउंड: जेरेमी ने पहले प्रयास में 154 किग्रा भार उठाया। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने अपने प्रदर्शन को सुधारा और 160 किग्रा भार उठा लिया। वह तीसरे प्रयास में 165 किग्रा भार उठाना चाह रहे थे, लेकिन नाकाम रहे। इस दौरान वह चोटिल भी हो गए।

युवा ओलंपिक में भी स्वर्ण जीत चुके हैं जेरेमी
जेरेमी लालरिनुंगा ने राष्ट्रमंडल चैम्पियनशिप में पुरूषों के 67 किग्रा वर्ग में 305 किग्रा वजन उठाया था और स्वर्ण पदक जीता था। वो युवा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय हैं। उन्होंने 2018 युवा ओलंपिक में पुरूषों की 62 किग्रा स्पर्धा में 274 किग्रा (124 किग्रा + 150 किग्रा) वजन उठाया था और स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उस समय उनकी उम्र महज 15 साल थी। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 306 किग्रा (140 किग्रा + 166 किग्रा) है।

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CWG 2022: मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में गोल्ड मेडल जीतकर रचा इतिहास

 बर्मिंघम (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कॉमनवेल्थ गेम्स में आज भारत के लिए कमाल का दिन है। पहले वेटलिफ्टिंग में संकेत सरगर ने सिल्वर जीतकर देश को पहला मेडल दिलाया, इसके बाद वेटलिफ्टिंग में ही गुरुराजा पुजारी ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर खुशी को दोगुना कर दिया। अब मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) ने देश को पहला गोल्ड जीता दिया है। दरअसल, मीराबाई चानू ने कमाल कर दिया है।स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने 49 KG वेट कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीत लिया है।

49 किलो भारवर्ग में जीता गोल्ड 
मीराबाई चानू ने भारत को पहला गोल्ड दिलाया। उन्होंने महिला वेटलिफ्टिंग के 49 किलो भारवर्ग में भारत के लिए यह मेडल हासिल किया। मीराबाई चानू ने स्नैच में 88 किलो का वजन उठाया। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 113 किलो का प्रयास किया। यानी चानू ने कुल 201 किलो क वजन उठाया, जो कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड भी है।
PM मोदी ने भी किया ट्वीट 
मीराबाई चानू के गोल्ड जीतने के बाद प्रधानमंत्री ने भी उनके लिए ट्वीट किया और उनको गोल्ड जीतने की बधाई दी। नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ''असाधारण... मीराबाई चानू ने भारत को एक बार फिर गौरवान्वित किया! हर भारतीय इस बात से खुश है कि उन्होंने बर्मिंघम खेलों में एक स्वर्ण पदक जीता और एक नया राष्ट्रमंडल रिकॉर्ड बनाया। उनकी सफलता कई भारतीयों को प्रेरित करती है, विशेषकर नए एथलीटों को।''
 
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संस्कार के खिलाड़ी ने जीता साउथ एशियन गोल्ड


नेपाल में हुई लाठी चैम्पियनशिप, जिले में खुशी की लहर

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था संस्कार पब्लिक स्कूल के युवा खिलाड़ी दिव्यांश देवांगन ने नेपाल में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय लाठी चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर शहर का नाम रोशन कर दिया है। संस्था की प्राचार्या श्रीमती रश्मि शर्मा ने बताया कि संस्कार स्कूल के विद्यार्थियों ने शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास एवं खेलकूद में भी अपनी पहचान बनाई है। पिछले दिनों राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में दिव्यांश देवांगन ने गोल्ड जीतकर अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता हेतु स्थान बनाया था। जिसमें दिव्यांश ने कई देशों के खिलाडिय़ों को हराते हुए गोल्ड जीता। रश्मि शर्मा ने बताया कि दिव्यांश की मेहनत, राज्य लाठी संस्था की अधिकारी एवं संस्कार पब्लिक स्कूल की खेलकूद प्रशिक्षिका कांति मानिकपुरी की अथक मेहनत, मार्गदर्शक रामचन्द्र शर्मा का निर्देशन एवं स्कूल का पढ़ाई एवं खेलकूद के लिए शानदार माहौल से यह गोल्ड हासिल हुआ है। इस गोल्ड के हासिल होने से संस्था की प्राचार्या श्रीमती रश्मि शर्मा एवं समस्त शिक्षकों तथा रायगढ़ के खेल प्रेमियों ने शानदार प्रदर्शन की सराहना कर बधाईयां प्रेषित की है।

माता-पिता हैं शिक्षक
मार्गदर्शक रामचन्द्र शर्मा ने बताया कि दिव्यांश देवांगन संस्कार पब्लिक स्कूल के ही एक्टिंग डायरेक्टर सी.पी. देवांगन के सुपुत्र है। सी.पी. देवांगन गणित के शानदार शिक्षक है। माता विजय लक्ष्मी शासकीय शिक्षिका है। बातचीत में सी.पी. देवांगन ने बताया कि वे संस्कार स्कूल के कृतज्ञ है। जिनके कारण उनके बच्चे दिव्यांश को इतना शानदार मौका मिला। उन्होंने स्कूल की प्राचार्या रश्मि शर्मा एवं खेल प्रशिक्षक कांति मानिकपुरी को भी धन्यवाद ज्ञापित किया है।

पांच देशों के खिलाड़ी हुए शामिल
नेपाल में उपस्थित खेलकूद प्रशिक्षिका कांति मानिकपुरी ने बताया कि इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पांच देशों के खिलाड़ी शामिल हुए थे जिसमें पाकिस्तान, नेपाल, बांगलादेश, श्रीलंका सहित भारत के खिलाड़ी शामिल हुए। दिव्यांश ने लगातार तीन मैच जीतकर गोल्ड के लिए अपने दावेदारी साबित की। बहुत कर समय में तैयारी करके दिव्यांश ने शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए संस्कार पब्लिक स्कूल, अपना जिला रायगढ़, राज्य छत्तीसगढ़ और देश का नाम रोशन किया।

मार्गदर्शक रामचन्द्र शर्मा संस्कार पब्लिक स्कूल
संस्था संस्कार पब्लिक स्कूल में शिक्षा का उच्च स्तर बनाये रखते हुए विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास हेतु खेलकूद, वाद-विवाद, तात्कालिक भाषण आदि पर भी ध्यान दिया जाता है। इसी का परिणाम है कि दिव्यांश को उच्च स्तरीय सफलता मिली है। मैं सभी को बधाई देता हूं। हम लगातार ऐसा प्रयास भविष्य में भी करते रहेंगे।

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IPL में अब आरसीबी को मिलेगा श्रीराम का साथ, ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजी कोच का पद छोड़ने का किया ऐलान

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर श्रीधरन श्रीराम ने ऑस्ट्रेलियाई टीम के कोच का पद छोड़ने का फैसला किया है। श्रीधरन श्रीराम ऑस्ट्रेलियाई टीम के सहायक स्पिन गेंदबाजी कोच थे। वो 2015 से ऑस्ट्रेलिया टीम के साथ जुड़े हुए थे, लेकिन अब उन्होंने यह जिम्मेदारी छोड़ने का फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक, श्रीधरन श्रीराम अब आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के साथ जुड़ने वाले हैं। आरसीबी के साथ भी वो वहीं जिम्मेदारी निभाएंगे, जो ऑस्ट्रेलिया टीम के लिए निभा रहे थे।


पद छोड़ने का यह सही समय था- श्रीधरन

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीधरन ने कहा है कि उन्हें इस वक्त यह पद छोड़ना एकदम सही समय लग रहा था। उन्होंने कहा है कि मुझे लगता है कि टीम को ध्यान में रखते हुए यह पद छोड़ने का उपयुक्त समय है। इससे उन्हें दो विश्व कप और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। श्रीधरन ने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के लिए सभी फॉर्मेट, वर्ल्ड कप और एशेज में काम करने का अनुभव बहुत ही अच्छा था। 

श्रीराम ने इन गेंदबाजों को निखारा

आपको बता दें कि भारत के लिए साल 2000 से लेकर 2004 तक 8 वनडे मैच खेलने वाले श्रीराम 2015 से ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजी कोच थे। उनकी निगरानी में ही ऑस्ट्रेलियाई टीम को नाथन लियोन, एडम जैंपा और स्टीव ओकीफ जैसे स्पिन गेंदबाज मिले हैं और उन्होंने शानदार प्रदर्शन भी किया है। इसके अलावा मार्नस लाबुशेन और ट्रेविस हेड जैसे खिलाड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है।
 
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भारत ने वेस्टइंडीज को दिया 191 रनों का लक्ष्य, रोहित की फिफ्टी के बाद कार्तिक ने की चौके-छक्कों की बरसात

 त्रिनिदाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम ने मेजबान वेस्टइंडीज को 191 रनों का लक्ष्य दिया है। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 190 रन स्कोरबोर्ड पर लगा दिए। वनडे सीरीज से ब्रेक के बाद वापसी कर रहे कप्तान रोहित शर्मा ने सबसे अधिक 64 रन की पारी खेली तो वहीं दिनेश कार्तिक ने डेथ ओवर्स में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 19 गेंदों में 41 रन ठोक दि

रोहित के साथ ओपन करने आए थे सूर्यकुमार

 

आपको बता दें कि इस मैच में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने ऋषभ पंत नहीं बल्कि सूर्यकुमार यादव आए थे। टीम इंडिया का यह एक्सपेरिमेंट ज्यादा सफल तो नहीं हुआ। सूर्यकुमार यादव 16 गेंदों में 24 रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने अपनी पारी में 3 चौके और 1 छक्का लगाया। सूर्यकुमार का विकेट गिरने के बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए श्रेयस अय्यर भी फ्लॉप रहे और बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। ऋषभ पंत ने 12 गेंदों में 14 रन बनाए। इस तरह टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर पूरी तरह फ्लॉप रहा।

कार्तिक और जडेजा ने मिलकर संभाला

टॉप ऑर्डर के फ्लॉप होने के बाद मिडिल ऑर्डर में भी ऋषभ पंत और हार्दिक पांड्या ने अपने प्रदर्शन से निराश किया। ऋषभ पंत ने 12 गेंदों में 14 रन की पारी खेली तो वहीं हार्दिक पांड्या सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। पंत और हार्दिक के बाद जडेजा और दिनेश कार्तिक ने पारी को संभाला। दिनेश कार्तिक ने तो डेथ ओवर्स में चौके छक्कों की बारिश ही कर दी। कार्तिक ने 215 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 19 गेंदों में 41 रन ठोक दिए, जिसमें उन्होंने 4 चौके और 2 छक्के जड़े।

भारतीय टीम में सीनियर प्लेयरों की हुई वापसी

आपको बता दें कि वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में भारतीय टीम के नियमित कप्तान रोहित शर्मा की वापसी हुई है। इसके अलावा वनडे सीरीज में चोट की वजह से बाहर हुए रवींद्र जडेजा की भी टी20 सीरीज में वापसी हो गई है। वहीं 2021 वर्ल्ड कप के बाद पहली बार आर अश्विन भी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा हैं। हालांकि ईशान किशन को प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया है।

 
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कॉमनवेल्थ गेम्स में एक समय में एक मैच लेगी टीम इंडिया- हरमनप्रीत कौर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर का कहना है कि वे एक समय में एक ही खेल पर फोकस करेंगे। टीम इंडिया पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला क्रिकेट में शिरकत करने जा रही है। इस बार ट्रॉफी के लिए नहीं बल्कि पदक के लिए रेस होगी और यह महिलाओं की क्रिकेट में एक बड़ा कदम भी कहा जा सकता है।

T20 फॉर्मेट के आने से एक क्रिकेट की पहुंच दुनिया के कई कोनों में पहुंची हैं और कॉमनवेल्थ गेम्स में भी क्रिकेट इसी फॉर्मेट में खेला जाएगा। इससे पहले यह 50 ओवर के फॉर्मेट में पुरुषों के लिए भी हो चुका है। भारतीय टीम को आस्ट्रेलिया पाकिस्तान और बारबाडोस के साथ ग्रुप ए में रखा गया है।

भारत का पहला मैच ताकतवर ऑस्ट्रेलिया के साथ होगा जो 29 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। मैच से पहले बात करते हुए भारतीय कप्तान पहले मैच पर ही फोकस है और एक समय में एक ही मुकाबले को देखा जाएगा।

33 साल की खिलाड़ी ने यह भी कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स प्रतियोगिता में सभी मैच जीतना काफी महत्वपूर्ण होता है और और टूर्नामेंट का पहला मैच ही पूरे अभियान की टोन सेट कर देगा। हरमनप्रीत कौर ने प्रैक्टिस सेशन के बारे में भी बात की जहां पर वे पिच का इस्तेमाल नहीं कर पाए और नेट प्रैक्टिस करते हुए दिखाई दिए। कौर ने बताया कि हमने अभी नेट पर ही प्रेक्टिस की है पिच का इस्तेमाल नहीं हो पाया है। लेकिन ये अच्छे बल्लेबाज ट्रैक दिखाई दे रहे हैं जो गेंदबाजों के लिए भी कुछ मदद रखते हैं। भारतीय कप्तान ने कहा कि टीम की स्क्वायड काफी संतुलित है और हर कोई खिलाड़ी अच्छी लय व संतुलन में दिखाई दे रहा है।

कौर अंत में कहती हैं कि हम एक संतुलित टीम है और हमारे पास गेंदबाजी बल्लेबाजी का बढ़िया संयोजन मौजूद है। चीजें अच्छी दिखाई दे रही हैं, मैच से पहले हमारे पास तीन प्रैक्टिस सेशन है। हर कोई अच्छी फॉर्म में दिखाई दे रहा है और मैच की प्रतीक्षा कर रहा है। हर कोई अच्छी फिटनेस में भी है।
 
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IND vs WI: वनडे फतेह के बाद 5 मैचों की टी20 सीरीज शुरू, कब और कहां देखें मैच

 त्रिनिदाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। तीन मैचों की वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप हासिल करने के बाद भारतीय टीम का वेस्टइंडीज में अगला पड़ाव टी20 सीरीज के तौर पर होने जा रहा है जो कहीं अधिक रोमांचक होगी। टी20 फॉर्मेट आने वाले विश्व कप के कारण कहीं अधिक गंभीर हो चुका है और वेस्टइंडीज की टीम इसमें एक ताकत रही है। अपनी धरती पर विंडीज भारत को कड़ी टक्कर देगा और टीम इंडिया भी रोहित शर्मा की वापसी से उत्साहित होगी।

दिग्गजों की भी वापसी हो रही है 
रोहित के अलावा हार्दिक पांड्या और ऋषभ पंत जैसे दिग्गजों की भी वापसी हो रही है जबकि विराट कोहली इस श्रंखला से भी बाहर ही रहेंगे। वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में भी बहुत अच्छा किया था। वे शुरुआती दो मैच जबरदस्त टक्कर के बाद हारे थे। जबकि भारत ने तीसरे मैच में उनको कुचल दिया था।

पिच थोड़ी धीमी बताई जा रही है 
पहला टी20 मुकाबला ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी त्रिनिदाद में खेला जाएगा। यह पिच थोड़ी धीमी बताई जा रही है जिसके चलते बल्लेबाजों को शॉट खेलने में दिक्कत होगी। वेस्टइंडीज द्वारा जहां अपनी टीम की घोषणा करना अभी बाकी है तो वहीं भारतीय टीम में दिनेश कार्तिक भी जुड़ रहे हैं।

कब और कहां देखें मैच 
भारत की संभावित इलेवन इस प्रकार हो सकती है- रोहित शर्मा (कप्तान), ऋषभ पंत, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या, दिनेश कार्तिक, रवींद्र जडेजा/अक्षर पटेल, हर्षल पटेल, भुवनेश्वर कुमार, कुलदीप यादव, अवेश खान/अर्शदीप सिंह यह मैच भारतीय समयानुसार शाम में 8 बजे खेला जाएगा और इसको टीवी पर डीडी स्पोर्ट्स पर देखा जा सकता है जबकि लाइव स्ट्रीमिंग के लिए आप फैनकोड पर देख सकते हैं।

इन खिलाड़ियों पर खास नजरें होंगी 
मैच में सूर्यकुमार यादव पर खास नजरें होंगी जो तीन मैचों की वनडे सीरीज में पूरी तरह विफल रहे थे। यह दिनेश कार्तिक के लिए भी बेहतर प्रदर्शन करने का मौका होगा जो इंग्लैंड के खिलाफ खास नहीं लगे थे। अर्शदीप सिंह को देखना उत्सुकता जगाने वाला होगा क्योंकि उनको लेकर काफी चर्चाएं हैं। देखना होगा कि वनडे में पहला शतक लगा चुके पंत टी20 फॉर्मेट में भी खुद को साबित कर पाते हैं या नहीं।
 
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आधिकारिक तौर पर श्रीलंका से UAE शिफ्ट हुआ एशिया कप, सामने आई टूर्नामेंट की तारीख

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। संयुक्त अरब अमीरात में होने वाले एशिया कप के लिए तारीखों की घोषणा हो चुकी है। बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन यूएई में 27 अगस्त से 11 सितंबर के बीच होगा। इसका फॉर्मेट टी20 होगा और आपको भारत व पाकिस्तान का मुकाबला भी देखने को मिलेगा।

इसके साथ ही यह प्रतियोगिता आधिकारिक तौर पर श्रीलंका की जगह यूएई में ट्रांसफर हो चुकी है। हालांकि मेजबानी के अधिकार श्रीलंका के पास ही रहेंगे। यूएई में केवल जगह ट्रांसफर हुई है। एशिया कप काउंसिल ने इस बात की पुष्टी 27 जुलाई को की है। ये ठीक ऐसे ही जैसे भारत ने कोविड के चलते टी20 वर्ल्ड कप को यूएई में कराया था।

विश्व कप से पहले छह देशों की यह प्रतियोगिता टी20 फॉर्मेट में उच्च दबाव का माहौल पैदा करेगी जो आने वाले महीनों में वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए अहम होगा।

यूएई ने एशिया कप का पिछला संस्करण भी होस्ट किया था जो 2018 में हुआ था। यह तब वनडे क्रिकेट फॉर्मेट में हुआ था। भारत गत चैंपियन के रूप में एशिया कप 2022 में प्रवेश करेगा, जिसने 2016 और 2018 में पिछले दो संस्करण जीते हैं। मेन इन ब्लू से फिर जीतने की उम्मीद की जाएगी।

हालांकि कप्तान रोहित शर्मा और महान बल्लेबाज विराट कोहली की फॉर्म निश्चित रूप से चिंता का विषय होगी और उपकप्तान केएल राहुल की चोट की चिंता टॉप ऑर्डर के लिए अतिरिक्त बोझ हो सकती है। इन सभी चिंताओं के बावजूद, चयनकर्ता एशिया कप 2022 के लिए एक मजबूत टीम बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
 
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Commonwealth Games: भारत की ध्वजवाहक के रूप में चुने जाने को पीवी सिंधु ने बताया बड़ा सम्मान

 बर्मिंघम (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने राष्ट्रमंडल खेलों 2022 के उद्घाटन समारोह के लिए भारत की ध्वजवाहक के रूप में चुने जाने के बाद अपनी खुशी व्यक्त की और साथ ही अपने हमवतन लोगों को शुभकामनाएं दीं।

कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) 28 जुलाई से 8 अगस्त तक बर्मिंघम में होंगे। सिंधु इससे पहले गोल्ड कोस्ट में 2018 राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन समारोह में भारत की ध्वजवाहक थीं। उन्होंने पिछले संस्करण के दौरान महिला सिंगल बैडमिंटन इवेंट में रजत पदक जीता था।

उन्होंने कहा, "झंडा थामने की जिम्मेदारी से सम्मानित होना एक बड़ा सम्मान है। मैं बेहद खुश हूं और मैं अपने सभी साथी दल को खेलों के लिए शुभकामनाएं देती हूं। मैं आईओए को धन्यवाद देना चाहती हूं।"

सिंधु को भारत का ध्वजवाहक तब नामित किया गया था, जब टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा को विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में चोट लगने के कारण कॉमनवेल्थ से बाहर होना पड़ा।

आईओए के बयान में कहा गया है, "भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को दो बार की ओलंपिक पदक विजेता शटलर पीवी सिंधु को उद्घाटन समारोह में टीम इंडिया का ध्वजवाहक घोषित करते हुए खुशी हो रही है।"
 
सिंधु ने भी टोक्यो ओलंपिक के दौरान कांस्य पदक जीता था। उन्होंने हाल ही में इस आयोजन में अपने तीसरे फाइनल में सिंगापुर ओपन जीता था। सिंधु अपने राष्ट्रमंडल खेल 2022 अभियान की शुरुआत 3 अगस्त से करेंगी। इस बीच, नीरज ने राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन समारोह में भारत का नेतृत्व करने का अवसर गंवाने पर निराशा व्यक्त की थी।
 
ये खेल 28 जुलाई से 8 अगस्त तक चलेंगे। भारत ने 215 खिलाड़ियों का दल भेजा है। इस बार 72 देश के करीब 5000 हजार खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। मजेदार बात यह है कि पहली बार महिला क्रिकेट कॉमनवेल्थ गेम्स का हिस्सा होगा। एक बार पुरुष टीम भी इन खेलों में भागेदारी कर चुकी है लेकिन महिला क्रिकेट पहली दफा जाएगा।
 
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कॉमनवेल्थ से बाहर हुए नीरज चोपड़ा, सामने आई ये बड़ी वजह...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 की शुरुआत से कुछ दिन पहले ही भारत को एक बड़ा झटका लगा है। दरअसल, टोक्यो ओलम्पिक में गोल्ड जीतकर भारत का नाम गर्व से ऊंचा करने वाले नीरज चोपड़ा कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 से बाहर हो गए हैं। नीरज चोपड़ा को हाल ही में चोट लग गई थी। इसी वजह से उन्हें गेम से बाहर किया गया है।

बता दें अक्सर भारत कॉमनवेल्थ गेम्स में बेहतरीन प्रदर्शन करता है। इतना ही नहीं भारत टॉप-3 में अपनी जगह भी कन्फर्म करता है। इस बार हर इसी को गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा से उम्मीद ही। आशा थी कि नीरज चोपड़ा की वजह से जैवलिन थ्रो में भारत का गोल्ड मेडल पक्का हो सकता है। ऐसे में नीरज का कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ना ले पाना किसी बड़े झटके से कम नई होगा। नीरज चोपड़ा ने खुद कन्फर्म किया है कि वह चोट की वजह से इन खेलों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।

बता दें कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज चोपड़ा का मैच 5 अगस्त को होना था, उसी दिन जैवलिन थ्रो का इवेंट था। नीरज चोपड़ा के बाद अब इस फील्ड में भारत की उम्मीदें डीपी मनु और रोहित यादव से हैं। जैवलिन थ्रो में अब यह दोनों ही भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

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बिशेश्वर नंदी राष्ट्रमंडल खेलों के लिए महिला जिम्नास्ट टीम के कोच नियुक्त

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रियो ओलंपिक 2016 में दीपा कर्माकर को ऐतिहासिक चौथे स्थान पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले जिम्नास्टिक कोच बिशेश्वर नंदी को विवादास्पद रोहित जायसवाल के स्थान पर बर्मिंघम में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारतीय महिला टीम का कोच नियुक्त किया गया है। जायसवाल को पहले महिला टीम का कोच नियुक्त किया गया था लेकिन जिम्नास्ट अरुणा बुद्धा रेड्डी ने उन पर उनकी अनुमति के बिना वीडियोग्राफी करने का आरोप लगाया था जिसके बाद उन्हें राष्ट्रमंडल खेलों की टीम से हटा दिया गया था।

नंदी ने नयी दिल्ली में राष्ट्रीय शिविर से कहा, मैंने एक दिन पहले वीजा संबंधी औपचारिकताएं पूरी की और मुझे कल तक वीजा मिलने की उम्मीद है। मैं 29 जुलाई तक टीम से जुड़ जाऊंगा। जायसवाल को हटाए जाने से उनकी शिष्या और भारत की तरफ से पदक की दावेदार प्रणति नायक की संभावनाओं को झटका लगा है लेकिन नंदी ने कहा कि वह टीम के प्रत्येक सदस्य का ध्यान रखेंगे। नंदी ने कहा, यह कोई मसला नहीं होगा क्योंकि मैं उन्हें कई वर्षों से जानता हूं। इसके अलावा मेरी शिष्या प्रोतिस्ता सामंत भी है जिन्हें मैंने कई वर्षों तक प्रशिक्षण दिया है। इस साल के शुरू में मिस्र और अजरबैजान में अच्छे प्रदर्शन के बाद वह भी पदक की दावेदार है।

भारतीय जिम्नास्टिक टीम 

पुरुष: सत्यजीत मंडल, योगेश्वर सिंह और सैफ तंबोली।

महिला: प्रणति नायक, रुथुजा नटराज, प्रोतिस्ता सामंत, बावलीन कौर।

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अगले साल स्वर्ण जीतने की कोशिश करूंगा : नीरज चोपड़ा

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतकर इतिहास रचने वाले ओलंपिक चैम्पियन नीरज चोपड़ा ने कहा कि प्रतिस्पर्धा कठिन थी और उन्हें रजत मिलने की खुशी है लेकिन अगले साल वह स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करेंगे ।

पदक के प्रबल दावेदार के रूप में उतरे भालाफेंक स्टार चोपड़ा ने 88 . 13 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता । वह गत चैम्पियन ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स से पीछे रह गए जिन्होंने 90 . 54 मीटर के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया ।

भारत के लिये विश्व चैम्पियनशिप में एकमात्र पदक 2003 में पेरिस में अंजू बॉबी जॉर्ज ने लंबी कूद में कांस्य जीता था । चोपड़ा ने विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में भारत का 19 साल का इंतजार खत्म करते हुए इतिहास पुस्तिका में अपना नाम दर्ज कराया ।

प्रतिस्पर्धा के बाद चोपड़ा ने वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में कहा , काफी अच्छा लग रहा है आज । देश के लिये रजत जीता है । अगले साल फिर विश्व चैम्पियनशिप है और कोशिश करेंगे कि उसमें स्वर्ण जीतें । अगली विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप हंगरी के बुडापेस्ट में 18 से 27 अगस्त तक खेली जायेगी ।

उन्होंने कहा , यहां काफी कठिन प्रतिस्पर्धा थी । सामने से हवा आ रही थी । एंडरसन पीटर्स ने तीन थ्रो 90 प्लस लगाये जो बहुत अच्छा प्रदर्शन था । यहां पहले दो थ्रो अच्छे नहीं रहे लेकिन मुझे यकीन था कि एक अच्छा थ्रो निकलेगा । नतीजे से खुश हूं कि 19 साल बाद विश्व चैम्पियनशिप में देश को पदक दिलाया । 

चोपड़ा ने कहा कि उनके लिये असली चुनौती ओलंपिक वाले स्तर पर लौटने की थी और उन्हें खुशी है कि मेहनत रंग लाई । उन्होंने कहा ,ट्रेनिंग का समय कम था और सबसे बडी चुनौती थी कि खुद को उस स्तर तक लेकर आये , बहुत मेहनत की । ओलंपिक के बाद से असली खेल का पता लगा कि कितनी मेहनत करनी पड़ती है प्रदर्शन का स्तर बरकरार रखने के लिये । खुशी है कि मैं अच्छा प्रदर्शन कर पा रहा हूं । दो बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है ।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 जुलाई को 44वें शतरंज ओलिम्पियाड का उद्घाटन करेंगे

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। तमिलनाडु में, चेन्नई में 44वें शतरंज ओलिम्पियाड की तैयारियां जोरों पर हैं। यह ओलिम्पियाड 28 जुलाई से ममल्लापुरम में शुरू हो रहा है। 188 देशों के बीस हजार से अधिक खिलाड़ी इसमें भाग ले रहे हैं। शतरंज ओलिम्पियाड से पहले आज सवेरे नेपियर ब्रिज से एक मैराथन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्रिज को शतरंज बोर्ड की तरह रंगा गया था। प्रतियोगिता के शुभंकर थम्बी को शहर तथा जिलों में जगह-जगह लगाया गया है। मेडगास्कर के शतरंज खिलाड़ी पहले ही चेन्नई पहुंच चुके हैं।

उज्बेकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, उरुग्वे, नाइजीरिया, टोगो, इंग्लैंड, हांगकांग, सर्बिया, वियतनाम और संयुक्त अरब अमारात के शतरंज खिलाड़ियों के आज चेन्नई पहुंचने की संभावना है। सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है। प्रतियोगिता स्थल पर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 जुलाई को इस प्रतिष्ठित  प्रतियोगिता का उद्घाटन करेंगे।

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धक-धक कर रहा था दिल, पर अंदर था यकीन', दो धाकड़ों को सिराज ने अंतिम ओवर में कैसे जीतने से रोका

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के लिए एक मिला जुला दिन था क्योंकि वे शानदार बॉलिंग करते हुए नाजुक मौके पर लेग स्टंप पर गेंद फेंक रहे थे और रोमारियो शेफर्ड ने उसका भरपूर फायदा भी उठाया। यह भी मोहम्मद सिराज ही थे जिन्होंने अंतिम ओवर फेंकने के बाद 15 रनों का बचाव किया। हालांकि यहां भी 11 रन आ गए थे। लेकिन कहते हैं कि अंत भला तो सब भला। सिराज मुकाबले में 10 ओवर में 57 रन देकर दो विकेट लेने में सफल हुए।

अंत भला तो सब भला
टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने कहा कि उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे के अंतिम ओवर में 15 रन का बचाव करने का पूरा भरोसा था। शुक्रवार, 22 जुलाई को पोर्ट ऑफ स्पेन, त्रिनिदाद में क्वींस पार्क ओवल में, भारत किसी तरह तीन रन से जीत हासिल करने और तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त लेने में सफल रहा।

सिराज ने आखिरी ओवर में खतरनाक रोमारियो शेफर्ड और अकील होसेन को गेंदबाजी करते हुए केवल 11 रन दिए। उन्होंने ब्लॉक-होल पर सटीकता के साथ मारा और जमे हुए बल्लेबाजों को विफल करने में कामयाब रहे।

अपनी यॉर्कर पर भरोसा कर रहा था 
सिराज ने मैच के बाद श्रेयस अय्यर के साथ एक इंटरव्यू के दौरान कहा, "मैं आखिरी ओवर में अच्छा आने के लिए अपनी यॉर्कर पर भरोसा कर रहा था।" मेजबान टीम को दो गेंदों पर आठ रन चाहिए थे, सिराज ने ऑफ साइड पर वाइड फेंकी। सिराज ने कहा कि उनको काफी घबराहट हो रही थी, लेकिन उन्होंने दबाव को अपनी नसों पर हावी नहीं होने दिया।

दिल धक-धक कर रहा था 
सिराज ने कहा, "मेरा दिल धक-धक कर रहा था, लेकिन मुझे विश्वास था कि मैं टीम के लिए खेल जीत सकता हूं।" सिराज ने 10-0-57-2 के आंकड़े में सलामी बल्लेबाज शाई होप और वेस्टइंडीज के सीमित ओवरों के कप्तान निकोलस पूरन के महत्वपूर्ण विकेट लिए। खराब गेंदों के अलावा सिराज ने जो काम बेहतरीन किया वह थी उनके द्वारा फेंकी गई 31 डॉट गेंदें। दूसरा वनडे रविवार 24 जुलाई को इसी मैदान पर होना है और सिराज पहले मैच की तुलना में कहीं अधिक विश्वास के साथ उतरने जा रहे हैं।
 

 

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फिट इंडिया क्विज के राज्य स्तरीय विजेताओं को किया गया सम्मानित

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। फिट इंडिया क्विज 2021 का नेशनल राउंड शुरू हो चुका है। 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य स्तरीय विजेता अब ये शीर्ष सम्मान और बड़े नकद पुरस्कार जीतने के लिए मुकाबला कर रहे हैं। फिट इंडिया क्विज प्रतियोगिता के अंतिम चरण में हिस्सा लेने के लिए 72 प्रतियोगी छात्र अब अपने शिक्षकों के साथ मुंबई पहुंचे हुए हैं। इस क्विज के नेशनल राउंड्स का प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स और राष्ट्रीय टेलीविजन पर किया जाएगा।

इसे भारतीय खेल प्राधिकरण और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के सोशल मीडिया चैनलों पर भी वेबकास्ट किया जाएगा। पीजी गरोडिया स्कूल (आईसीएसई), मुंबई के तनय गौतम शेठ और आकाश विश्वनाथ महाराष्ट्र से इस नेशनल राउंड में मुकाबला करेंगे। फिट इंडिया क्विज 2021 के नेशनल राउंड में जीतने वाले स्कूल को पुरस्कार में 25 लाख रुपये की बड़ी राशि मिलेगी और छात्रों की विजेता टीम को 2.5 लाख रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाएगा।

प्रथम उपविजेता को 15 लाख (स्कूल के लिए) और 1.5 लाख (प्रत्येक छात्र को 75,000 रुपये), और द्वितीय उपविजेता को 10 लाख (स्कूल के लिए) और 1 लाख (प्रत्येक छात्र को 50,000 रुपये) प्राप्त होंगे। नेशनल राउंड में निम्नानुसार क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल होंगे। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मुंबई में 36 स्कूलों के उन 72 छात्रों को सम्मानित किया, जिन्होंने स्टेट राउंड में जीत हासिल की थी।

इन राज्य स्तरीय विजेताओं को 99 लाख रुपये जितनी राशि पुरस्कार में दी गई। 360 स्कूलों ने इन स्टेट राउंड्स में हिस्सा लिया था जो फरवरी और मार्च, 2022 के महीनों के दौरान आयोजित हुए थे। स्टेट राउंड में से 36 टीमों (प्रत्येक टीम में दो छात्र) और उनके स्कूल प्रतिनिधियों को पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। प्रत्येक स्कूल को 2,50,000 रुपये और दो छात्रों में प्रत्येक को 12,500 रुपये दिए गए।

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निशानेबाजी विश्व कप में स्कीट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाडी बने मेराज अहमद खान

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत के मेराज अहमद खान ने दक्षिण कोरिया के चांगवान में आई.एस.एस.एफ. निशानेबाजी विश्‍व कप में स्‍कीट स्‍पर्धा का स्‍वर्ण पदक अपने नाम किया। मेराज विश्व कप के स्कीट इवेंट में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष निशानेबाज है। मेराज ने फाइनल में 40 में से 37 सटीक निशाने लगाकर स्‍वर्ण पदक जीता।


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निशानेबाजी विश्व कप में भारत के अनीश भानवाला, विजयवीर सिद्धू और समीर ने जीता रजत पदक

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आईएसएसएफ निशानेबाजी विश्व कप 2022 के आखिरी दिन भारत के अनीश भानवाला , विजयवीर सिद्धू और समीर ने 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। भारत पांच स्वर्ण, छह रजत और चार कांस्य पदक लेकर शीर्ष पर रहा।

दक्षिण कोरिया ने अंतिम दिन सिर्फ एक कांस्य पदक जीता और चार स्वर्ण, पांच रजत और तीन कांस्य पदक अपने नाम किये। इस वर्ष यह दूसरी बार है जब भारतीय निशानेबाजों ने आईएसएसएफ विश्व कप पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

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