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सैनिक स्कूल अम्बिकापुर में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित

अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए सैनिक स्कूल अम्बिकापुर में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा 08 जनवरी 2023 (रविवार) को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जायेगी। जिसमें जिले के इच्छुक छात्र-छात्राओं द्वारा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की आधिकारिक वेबसाईट https://aissee.nta.nic.ac.in पर जाकर 30 नवम्बर 2022 शाम 05 बजे तक आवेदन कर सकते है।

 

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शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल चैतमा में चलाया निजात अभियान

 कोरबा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पुलिस अधीक्षक कोरबा संतोष सिंह द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे निजात अभियान के तहत शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल चैतमा थाना पाली में निजात अभियान के अंतर्गत बालक /बालिकाओ को अवैध नशे के दुष्प्रभाव के साथ सायबर अपराध एवं बचाव के उपाय, हमर बेटी हमर मान, नशा के खिलाफ  जागरूकता अभियान, साईबर क्राइम, अभिव्यक्ति ऐप, गुड़ टच बेड टच के बारे में एवं नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने न देने यातायात के नियमों की  विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया  गया।शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल चैतमा के विद्यार्थियों एवं स्कूल स्टाफ भी उपस्थिति थे। कोरबा पुलिस द्वारा चलाया जा रहा अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।

 

 

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मंत्री अकबर ने छात्राओं को वितरित की साइकिल

 कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केबिनेट मंत्री व कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर ने बुधवार को अपने एक दिवसीय कबीरधाम प्रवास के दौरान शासकीय हाई स्कूल राम्हेपुर कला के 37 पात्र बालिकाओ को सरस्वती सायकल योजना के तहत निःशुल्क सायकल वितरण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से बात की उनके शिक्षा से संबंधित विषयों पर जानकारी ली। साइकिल पाकर छात्राओं के चहरे खिल उठे। निःशुल्क सरस्वती साइकिल मिलने से अपनी खुशी का जाहिर करते हुए बालिकाओं ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं वन मंत्री अकबर एवं शासन-प्रशासन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिए हैं।


मंत्री अकबर ने कहा कि सरस्वती सायकल योजना से मिलने वाली साइकिल से छात्राओं को काफी फायदा हुआ। अब बेटियां साइकिल चलाकर स्कूल पहुंचती हैं। पहले भी कई बेटियां स्कूल दूर होने के कारण पढ़ाई छोड़ देती थी, लेकिन इस योजना से ऐसी बेटियां फिर से स्कूल की तरफ आने लगी हैं। ये समाज व बेटियों की शिक्षा में एक महत्वपूर्ण योगदान देने वाली योजना है।

 



शासकीय हाई स्कूल राम्हेपुर कला छात्रा अनामिका, भारती कुर्रे, हीना, खुशबु, पायल, पूनम, रेशमा, गीतू, श्वेता ने कहा कि साइकिल मिलने से वे बहुत खुश हैं। अब उनके समय की बचत होगी साथ ही स्कूल जाने में और सुविधा मिलेगी। बालिकाओं ने बताया कि पहले वे कई किलोमीटर दूरी तय करने से थक जाती थी व इसका असर पढ़ाई पर भी पड़ता था, साइकिल मिल जाने से बहुत कुछ अच्छा होगा। साइकिल से जाने से थकावट नहीं लगेगी। समय की बचत के साथ ही घर के अन्य काम और स्कूल के पढ़ाई लिखाई के लिए भी ज्यादा समय मिलेगा।

 



उल्लेखनीय है कि मिडिल स्कूल में अध्ययन के पश्चात् हाईस्कूल पढ़ने के लिए लालायित छात्राओ के लिए सरस्वती सायकल योजना काफी मददगार साबित हुआ है। जिन छात्राओ को पारिवारिक परिस्थितिवश सायकल खरीदने में कठिनाईयां महसूस होती थी। उन छात्राओ के लिए यह योजना सफल सिद्ध हुई है। अब छात्राएं भी सायकल चलाकर स्कूल तक आसानी से पहुंच रही है। इस अवसर पीतांबर वर्मा राज्य कृषक कल्याण बोर्ड के सदस्य भगवान सिंह पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि होरी साहू, जिला कृषि उपज मंडी अध्यक्ष नीलकंठ साहू, उपाध्यक्ष चोवाराम साहू, जनपद अध्यक्ष श्रीमती लीला धनुक वर्मा, उपाध्यक्ष श्रीमती मंजू शरद बांगली, अगम दास अनंत, श्रीमती गंगोत्री योगी, गणेश योगी, विजय पांडेय, पार्षद अशोक सिंह, राजीव युवा मितान क्लब के सदस्य उपस्थित थे।

 

 

 
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया है। यह पाठ्यक्रम शैक्षि‍क वर्ष 2023-24 से सभी उच्चतर शैक्षणिक संस्थानों में लागू हो जाएगा। इन पाठ्यक्रमों के नियम अगले सप्ताह सभी विश्वविद्यालयों के साथ साझा किए जाएंगे। चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम सभी 45 केंद्रीय विश्‍वविद्यालयों और अधिकांश राज्‍यों और प्राइवेट विश्वविद्यालयों में लागू किया जाएगा।

 

 

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स्कूलों में जारी किए जा रहे जाति प्रमाणपत्र

 कोरिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर ने मंगलवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में स्कूलों में जाति प्रमाणपत्र तैयार करने के कार्य की समीक्षा की। स्कूलों में शिविर के माध्यम से स्थाई जाति प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने शासन के निर्देशानुसार समय सीमा के भीतर निर्धारित लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी और समस्त एसडीएम को दिए। इसी तरह उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निराकरण की भी समीक्षा की।

उन्होंने  जिले में बकरीपालन को और फायदेमंद बनाने पर डीडी वेटनरी से चर्चा की और एक सप्ताह के भीतर कृत्रिम गर्भाधान की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने कहा। इसी क्रम में उन्होंने गांवों में कार्यरत कृषि सखी और पशु सखी दीदियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए जिससे वे इसके संबंध लोगों को जागरूक कर सकें। कलेक्टर ने डीडी वेटनरी को पशु चिकित्सा शिविर आयोजित कराने के भी निर्देश दिए।

 
 
 

बैठक में गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी, वर्मी खाद निर्माण और वर्मी खाद विक्रय के सुचारू संचालन पर संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी गौठानों में निरंतर भ्रमण करें और वर्मी खाद निर्माण में संलग्न महिला समूहों को पुनः प्रशिक्षण दिलाएं। उन्होंने नोडल अधिकारियों को भी निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

 
 
 

इसी तरह कलेक्टर ने बैठक में अवैध उत्खनन और परिवहन पर कड़ी नजर रखने खनि अधिकारी को निर्देशित किया। मुख्य नगरपालिका बैकुंठपुर को शहरी व्यवस्था को बेहतर बनाने के कड़े निर्देश दिए।

प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जिला प्रवास पर की गई घोषणाओं और निर्देश के पालन की समीक्षा की और शेष पर शीघ्र कार्यवाही कर पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत नम्रता जैन, संयुक्त कलेक्टर अनिल सिदार, समस्त एसडीएम और  जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 
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शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों के प्रशिक्षण की समय-सारणी जारी...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य में प्रारंभिक स्तर के विद्यालयों में गठित शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों के प्रशिक्षण के लिए समय-सारणी जारी की गई है। निर्धारित समय-सारणी अनुसार संकुल स्तरीय स्त्रोत दल का दो दिवसीय प्रशिक्षण 22 एवं 23 नवंबर को और विद्यालय स्तरीय प्रशिक्षण 29 एवं 30 नवंबर को दिया जाएगा। प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा ने सभी जिला मिशन समन्वयक, जिला परियोजना कार्यालय को निर्धारित तिथि अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न कराने के निर्देश दिए है।


संकुल स्तरीय स्त्रोत दल का दो दिवसीय प्रशिक्षण प्रत्येक विद्यालय से दो-दो व्यक्तियों, जिसमें एक प्रधान पाठक अथवा प्रशिक्षण देने में कुशल शिक्षक अथवा शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) का सदस्य जो प्रशिक्षण देने के इच्छुक हो को संकुल मुख्यालय में मास्टर ट्रेनर्स के रूप में 21 से 23 नवंबर तक दो दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण जिला स्तरीय स्त्रोत दल द्वारा दिया जाएगा। प्रशिक्षण में राज्य साक्षरता मिशल की सहभागिता रहेगी। इसी प्रकार विद्यालय स्तर पर एसएमसी सदस्यों को दो दिवसीय प्रशिक्षण विद्यालय में गठित शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सभी सदस्यों को संकुल स्तर पर प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर्स द्वारा 29 और 30 नवंबर को दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय और जिला स्तर स्त्रोत दल का दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

 

 

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10वीं से स्नातक उत्तीर्ण आवेदकों के लिए प्लेसमेंट कैम्प 23 को

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने 23 नवंबर को प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। यह कैम्प जिला रोजगार कार्यालय, पुराना पुलिस मुख्यालय परिसर, रायपुर में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होगा।


इस प्लेसमेंट कैम्प के माध्यम से जेनिक्स नौकरी एंड कन्स्लटेन्सी, रायपुर द्वारा टैली कॉलर, ऑफिस स्टाफ, एकाउंटेंट, टैली ऑपरेटर, ग्राफिक्स डिजाइनर, विडियो एडिटर, ऑफिस ब्वाय, सेल्स पर्सन, सी. आर. ई. एवं काउंसलर के 130 से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए 10वीं से स्नातक, कम्प्यूटर एवं टैली उत्तीर्ण आवेदकों की भर्ती 10 हजार रूपये से 25 हजार रूपये प्रतिमाह की दर पर की जाएगी। इस प्लेसमेंट कैम्प में सम्मिलित होने योग्य एवं इच्छुक आवेदक निर्धारित तिथि एवं स्थल पर उपस्थित हो सकते है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार कार्यालय रायपुर में भी संपर्क कर सकते है।

 

 

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सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाईन आवेदन 30 तक

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अखिल भारतीय सैनिक स्कूलों के शैक्षणिक सत्र 2023-24 में कक्षा 6 और 9 में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा रविवार, 8 जनवरी 2023 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा किया जाएगा। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट एनटीए डॉट एसी डॉट इन अथवा एआईएसएसईई डॉट एनटीए डॉट एनआईसी डॉट एसी डॉट इन पर आनलाईन आवेदन 30 नवम्बर को शाम 5 बजे तक भरे जाएंगे।


सैनिक स्कूल अम्बिकापुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार कक्षा 6 और 9 में दाखिला के लिए देश के 33 सैनिक स्कूलों में प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। सैनिक स्कूल में सीबीएसई पाठ्यक्रम पर आधारित आवासीय शिक्षा अंग्रेजी माध्यम में होगी। कैडेटों को सैनिक स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, भारतीय तटरक्षक अकादमी और अन्य प्रशिक्षण अकादमिक के अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। रक्षा मंत्रालय द्वारा एमओडी के माध्यम से प्रमाणित एनजीओ, निजी और राज्य सरकार द्वारा संचालित स्कूलों में 18 नये सैनिक स्कूलों को खोला जाएगा, जिसमें पार्टनरशिप के तहत शिक्षा दी जाएगी। इन स्कूलों को सैनिक स्कूल सोसायटी द्वारा संचालित किया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2023-24 अंतर्गत नये सैनिक स्कूलों में प्रवेश परीक्षा द्वारा चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 6 में दाखिला दिया जाएगा।

 

उल्लेखनीय है कि प्रवेश परीक्षा आगामी 08 जनवरी 2023 (रविवार) को आयोजित की जाएगी, जिसमें परीक्षा का मोड ओएमआर शीट पर आधारित होगा। परीक्षा प्रणाली बहुविकल्पीय प्रश्न होगा। परीक्षा केन्द्र सूचना बुलेटिन अनुसार देश के 180 शहरों में आयोजित की जाएगी। कक्षा 6 में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी की उम्र 31 मार्च 2023 की स्थिति में 10 से 12 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। सभी सैनिक स्कूलों में बालिका अभ्यर्थियों को कक्षा 6 में प्रवेश दिया जाएगा। चयनित नये सैनिक स्कूलों में योग्यता के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा 9 में दाखिला के लिए अभ्यर्थी की उम्र 31 मार्च 2023 की स्थिति में 13 से 15 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। अभ्यर्थी को प्रवेश के समय मान्यता प्राप्त स्कूल से कक्षा आठवीं उत्तीर्ण होना चाहिए। सामान्य, ओबीसी (नॉन-क्रीमेलियर), रक्षा, पूर्व सैनिक वर्ग के लिए परीक्षा फीस 650 रूपये, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए परीक्षा फीस 500 रूपये निर्धारित है। प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाईन फार्म जमा करने की अंतिम तारीख 30 नवम्बर 2022 को शाम 5 बजे तक किया जाएगा। ऑनलाईन फार्म का भुगतान 30 नवम्बर 2022 को रात्रि 11.50 बजे तक डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटनेट बैंकिंग, यूपीआई आदि के माध्यम से किया जाएगा। स्कीम, परीक्षा माध्यम, परीक्षा का पाठ्यक्रम, चयन के लिए मापदंड, सैनिक स्कूलों और नये सैनिक स्कूलों की सूची, सीट आरक्षण, परीक्षा शहर, महत्वपूर्ण तारीख, परीक्षा के संबंध में नवीन सूचना आदि  की जानकारी वेबसाईट एआईएसएसईई डॉट एनटीए डॉट एनआईसी डॉट एसी डॉट इन में दी जाएगी।

 

 

 
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प्राथमिक शाला करौंदी में छात्रों के बाल अधिकारों की हो रही अनदेखी...

 उदयपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एक और जहां पूरा विश्व बाल अधिकार सप्ताह पूरे धूमधाम से मना रहा है वहीं सरगुजा जिले के विकासखंड उदयपुर अंतर्गत आने वाले प्राथमिक शाला खुटरापारा करौंदी के छात्र-छात्रा प्रशासनिक लापरवाही से तंगहाली में भेड़ बकरियों की तरह एक ही कमरे में शिक्षा ग्रहण कर अपना भविष्य संवारने की कोशिश कर रहे हैं। उक्त विद्यालय के छात्र छात्राओं का बाल अधिकार कहां गया  यह बड़ा सवाल है साथ ही इसके जिम्मेदार कौन है यह भी पता नहीं।

पूरा मामला विकासखंड उदयपुर के ग्राम पंचायत करौंदी के प्राथमिक शाला खुंटरापारा का है। प्राथमिक शाला का भवन जर्जर होने से 2 साल पूर्व से माध्यमिक शाला करौंदी के एक ही कमरे में प्राथमिक शाला की पढ़ाई कराई जा रही है।  ग्रामीणों के लगातार विरोध के बाद प्राथमिक शाला के जर्जर भवन की मरम्मत वर्ष 2022 में करवाई जा चुकी है। परंतु वहां शौचालय, किचन शेड और पानी की व्यवस्था नहीं होने से अभी भी प्राथमिक शाला की पढ़ाई माध्यमिक शाला करौंदी में ही कराई जा रही है।

वर्तमान शिक्षण सत्र में प्राथमिक शाला खूंटरा पारा करौंदी में कक्षा पहली में 9, दूसरी में 8, तीसरी में 02, चौथी में 7 और पांचवी में 12 इस तरह से कुल 38 बच्चे यहां अध्ययनरत हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए 2 शिक्षकों की ड्यूटी शासन द्वारा लगाई गई है। प्राथमिक विद्यालय का माध्यमिक विद्यालय में संचालन किए जाने से यहां के छात्र छात्राओं की परेशानी भी बढ़ी है क्योंकि माध्यमिक विद्यालय में कुल 58 विद्यार्थी है और 3 कमरे तथा 3 शिक्षक हैं।

इस बारे में स्थानीय ग्रामीण सोमारु राम ने बताया की प्राथमिक शाला के विद्यार्थियों का पढ़ाई मिडिल स्कूल में नहीं हो पा रहा है जर्जर भवन के मरम्मत के बाद भी प्राथमिक शाला के अपने भवन में पढ़ाई नहीं कराया जा रहा है जिससे काफी समस्या है।

प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक सुरेश कुमार सिंह ने कहा हम लोगों का विद्यालय माध्यमिक शाला में 2 साल से लग रहा हैं। जर्जर भवन होने के कारण विद्यालय यहां लगाया जा रहा है संकुल की बैठक में भी इस समस्या को बताया गया है। पंचायत के प्रतिनिधि भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं जिससे काफी परेशानी हो रही है। एक ही कमरे में बैठा कर छात्र छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है।

माध्यमिक शाला करौंदी में पहले से ही है समस्याओं का अंबार इसे इस तरह समझ सकते हैं-
-माध्यमिक शाला करौंदी में केवल बालिका शौचालय का उपयोग किया जा रहा है बालक शौचालय जर्जर स्थिति में है और इसे उपयोग के लिए बंद कर दिया गया है ।

-रनिंग वाटर की व्यवस्था भी उक्त विद्यालय में अभी तक नहीं की गई है बोरिंग से पानी पीने के लिए उपयोग किया जा रहा है वह भी आयरन युक्त पानी है जिससे बच्चों को काफी परेशानी होती है।

-शौचालय के लिए बालिकाओं को बाल्टी में पानी लेकर जाना पड़ता है।

-पक्का बाउंड्री वाल भी उक्त विद्यालयों के परिसर में नहीं है घेराव के रूप में कुछ दूरी पर तार जाली का उपयोग किया गया है परंतु सुरक्षा की दृष्टि से यह नाकाफी है ।

-यहां के बालक बालिका स्कूल के बगल में बहने वाली नहर में अपने खाए हुए बर्तन को साफ करते हुए नजर आते हैं तथा यहां के बालक शौच के लिए बाहर जंगल की ओर जाने को मजबूर हैं।

यहां समस्याओं का अंबार तो है परंतु इसका समाधान लोगों को दिखाई नहीं दे रहा है क्योंकि सरपंच एवं उसके प्रतिनिधियों की कार्यशैली के प्रति लोगों में काफी आक्रोश है उक्त विद्यालय की स्थिति देखकर यही कहा जा सकता है कि यहां छात्र छात्राओं के बाल अधिकारों का हनन हो रहा है और जानकारी होने के बाद भी शासन प्रशासन के लोग कुछ नहीं कर रहे।

 

 

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प्रतिभावान छात्रों को निखारने एकलव्य खेल अकादमी का संचालन

 जशपुरनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला प्रशासन द्वारा जिले के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों व वनांचलों के प्रतिभावान छात्रों के प्रतिभा को निखारने एवं उन्हें पढ़ाई के साथ साथ खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए तीरंदाजी केन्द्र एवं एकलव्य खेल अकादमी का संचालन किया जा रहा है। जहाँ चयनित बच्चों को निःशुल्क अध्ययन, प्रशिक्षण एवं आवास की पूर्ण व्यवस्था प्रदान की गई है।

 शिक्षा विभाग द्वारा विगत 1 अप्रैल 2022 को संस्थान प्रारंभ किया गया है। संस्थान संचालन के केवल 7 माह के अंतर्गत ही अध्ययनरत छात्रों ने बड़ी स्पर्धाओं में अपना बेहतर खेल प्रतिभा का प्रदर्शन से पदक हासिल करने में कामयाबी पाई है।

इसी कड़ी में संस्थान में तीरंदाजी विधा के विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा वर्ग के कक्षा 7वीं में अध्ययनरत 14 वर्षीय दो छात्रों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर जिले को गौरवांवित किया है। 

 विगत माह कबीरधाम जिले में आयोजित 22वें राज्यस्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में  मनोरा विकासखण्ड के ग्राम महरंगपाठ का छात्र अनिल राम एवं कोंडागांव जिले में आयोजित राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में दुलदुला ब्लॉक के ग्राम मकरीबंधा के रहने वाले छात्र  मनोज राम ने फिल्ड आर्चरी (तीरंदाजी) प्रतियोगिता के कम्पाउण्ड राउण्ड में प्रथम स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। साथ ही दोनों छात्र छत्तीसगढ़ फिल्ड आर्चरी टीम में अपना स्थान बनाने में कामयाब हुए है। अब ये खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।

अनिल राम व मनोज दोनों ही स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय जशपुर में कक्षा 7वीं में अध्ययन करते है। रणजीता स्टेडियम परिसर में स्थित छात्रावास में रहकर वे पढ़ाई के साथ ही तीरंदाजी का प्रशिक्षण ले रहे है। यहां छात्रों को कुशल प्रशिक्षकों द्वारा भविष्य की प्रतियोगिता के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्हें तीरंदाजी विधा की छोटी-छोटी बारीकियों के बारे में विस्तृत जानकारी देने के साथ ही लक्ष्य साधने के लिए एकाग्रता बनाए रखने की महत्ता पर बल देते हुए प्रशिक्षित किया जा रहा है। 

संस्था में बच्चें भी पूरे मन से अपनी विधाओं की तैयारी कर रहे है। बच्चों ने बताया कि यहां उन्हें पढ़ाई के साथ साथ रहने एवं प्रशिक्षण की पूर्ण सुविधा प्रदान की गई है। यहां उन्हें प्रशिक्षण लेने में आनंद आता है। प्रशिक्षकों द्वारा उनका उत्साहवर्धन के साथ ही अच्छे प्रदर्शन के लिए मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। जिससे वे प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने में सफल हुए है।

 उन्होंने बताया कि यहां छात्रों में खेल के प्रति रुचि जागृत की जाती है एवं उनके रुचि अनुसार विधाओं में सम्मिलित कर प्रशिक्षण दिया जाता है। जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने छात्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। संस्थान के नियमित संचालन हेतु  जिला खनिज न्यास निधि द्वारा राशि प्रदान किया गया है। साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अकादमी का संचालन किया जा रहा है।

संस्थान में  तीरंदाजी, ताइक्वांडो एवं तैराकी विधा शामिल है। जिसके अंतर्गत कुल 30 छात्रों का चयन हुआ है। छात्रों की शैक्षणिक व्यवस्था स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय में एवं आवास हेतु रणजीता स्टेडियम में छात्रावास सुविधा प्रदान की  गई है। जहां छात्रों को तीनों विधाओं के निपुण प्रशिक्षकों द्वारा ट्रेनिंग दी जाती है। संस्थान के छात्रों द्वारा सत्र 2022-23 में 22वें राज्यस्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में तीरंदाजी, तैराकी एवं ताईक्वांडो विधा में जिले का नेतृत्व करते हुए उत्कृष्ट खेल दिखाते हुए राज्य स्तर पर कुल 7 पदक हासिल किए है। जिसमें तीरंदाजी विधा में 2 स्वर्ण, तैराकी में 4 रजत पदक एवं ताइक्वांडो में 1 कांस्य पदक अर्जित किया है। साथ ही अब ये खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।

 

 

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बच्चों को सोगड़ा के इको लैब का कराया गया भ्रमण

 इको लैब के बारे में बच्चों को दी गई विस्तार से जानकारी

जशपुरनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। साऊथ प्वाइंट इंग्लिश मीडियम स्कूल जशपुर के कक्षा 5 वीं से 8 वीं तक के 50 छात्र छात्राओं को आज वाइल्ड नेचर से रूबरू कराने के लिए स्कूल प्रबंधन की ओर से इको लैब सोगड़ा वानिकी प्रयोगशाला का भ्रमण कराया गया। जशपुर वाइल्डलाइफ वेल्फेयर फाउंडेशन द्वारा इको लैब के बारे में जानकारी बच्चों को दी गई। बच्चों को दूरबीन की सहायता से पक्षियों के व्यवहार के बारे में विस्तार से बताते हुए उनके जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। साथ ही वाइल्ड लाइफ के साइन के बारे में भी बताया गया।

  उप वनमंडलाधिकारी द्वारा वनों के संरक्षण के महत्व के बारे में उन्हें बताते हुए वृक्षों, औषधियों, लघुवनोपजो के पहचान, उपयोग एवं आर्थिक महत्व के बारे में बताया गया। इको लैब में स्थापित म्यूजियम का अवलोकन करा कर जशपुर के सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया गया। कम्प्यूटर में संग्रहित जिले में पाये जाने वाले वन्यप्राणियों के व्यवहार से सम्बन्धित जानकारी का प्रत्यक्ष अवलोकन करा कर जानकारी दी गई। स्कूली बच्चों एवं स्कूल के संचालिका द्वारा इको लैब को प्रकृति को निकट से अनुभव करने एवं सिखने का बहुत अच्छा स्थान बताते हुए इसे विकसित करने के लिए धन्यवाद दिया। वन मंडलाधिकारी जशपुर द्वारा शिक्षण संस्थाओं एवं आमजन से आग्रह किया है कि अधिक से अधिक लोग इको लैब आकर नेचर का प्रत्यक्ष अनुभव कर भावी पीढ़ी को वन एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जागरूक एवं प्रोत्साहित करें।

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सफलता के लिए सरल प्रश्नों को पहले एवं कठिन बाद में हल करेंःगुलशन

 जांजगीर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सूर्यांश प्रांगण में 19 एवं 20 नवंबर को आयोजित विशेष साप्ताहिक कक्षाओं में विद्यार्थियों को मार्गदर्शित करते हुए गुलशन कुमार ने कहा सफलता के लिए सरल प्रश्नों को पहले एवं कठिन बाद में हल क। छत्तीसगढ़ राज्य सेवा परीक्षा में तीन बार मुख्य परीक्षा एवं एक बार साक्षात्कार में सम्मिलित गुलशन कुमार ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि सरल प्रश्नों को हल करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और प्रश्नों की प्रवृत्ति के अनुसार उन्हें हल करने में मदद मिलता है। ऋणात्मक मूल्यांकन से बचने के लिए उन्हीं प्रश्नों को हल करना बेहतर होता है जिनके सही जवाब के प्रति आप निश्चित एवं आश्वस्त हों। इस सप्ताह विशेष व्याख्यान में विशेषज्ञ शिक्षकों के रूप में लेखा अधिकारी सुश्री दीपा भावे एवं अंग्रेजी के व्याख्याता उत्तम गढ़ेवाल द्वारा विभिन्न विषयों में मार्गदर्शन दिया गया। 

इस सप्ताह के विशेष कक्षाओं में दीपा भावे द्वारा छत्तीसगढ़ एवं भारतीय अर्थव्यवस्था के साथ भारतीय संविधान में विशेष मार्गदर्शन, उत्तम गढ़ेवाल द्वारा अंग्रेजी की कक्षाएं एवं गुलशन कुमार द्वारा करेंट अफेयर्स के साथ भारतीय संविधान पर विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रशिक्षण शिविर में दूर-दूराज से आने वालें विद्यार्थियों के लिए आवासीय व्यवस्था भी उपलब्ध है जिससे वे विशेष साप्ताहिक कक्षाओं का लाभ ले सकें।

उक्ताशय की जानकारी देते हुए प्रो. गोवर्धन सूर्यवंशी ने बताया कि सूर्यांश विद्यापीठ गौरव ग्राम सिवनी (नैला) में एक पुस्तकालय एवं वाचनालय का स्थापना किया गया है जिसमें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें एवं पाठ्य सामग्रियां उपलब्ध है। प्रतिभागी इन पुस्तकों का उपयोग विभिन्न परीक्षा की तैयारियों में कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सूर्यांश प्रांगण आगमन पर उन्हें इन्हीं पुस्तकों से तुलादान कर सम्मानित किया गया था।

पुस्तकालय में विज्ञान, तर्क शक्ति, गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी, नीट, जे ई ई, सेट, नेट सहित सभी आवश्यक विषयों से सम्बंधित महत्वपूर्ण पाठ्य सामाग्रियों के साथ समसामयिक घटना चक्र, जनरल स्टडी, एप्टीट्यूड टेस्ट की पुस्तकों की उपलब्धता है जिनसे यू.पी.एस.सी., पी.एस.सी., सब इंस्पेक्टर, शिक्षक भर्ती के साथ एस.एस.सी., रेलवे, बैंकिंग, रक्षा सेवा सहित विभिन्न परीक्षाओं की तैयारियों में सहायता मिलती है।

 

 

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स्कूल निरिक्षण करने पहुंचे कलेक्टर ने ली बच्चों की क्लास...

 मनेंद्रगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शालाओं में अध्ययन-अध्यापन, शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति का जायजा लेने 18 नवम्बर शुक्रवार को आकस्मिक दौरे पर निकले मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के कलेक्टर पी.एस. ध्रुव ने मनेन्द्रगढ़ तहसील के ग्राम सिरोली की प्राथमिक शाला की कक्षा चौथी क्लास के बच्चों से किराना सामानों की खरीदी और राशि भुगतान के संबंध में सवाल पूछकर उनके गणितीय ज्ञान को परखा। सिरोली गांव के माध्यमिक शाला में आत्म रक्षा के लिए कराटे का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं से मिले और उनका हौसला बढ़ाया। हायर सेकेण्डरी स्कूल कोथारी में कक्षा 11वीं के बच्चों की क्लास लेकर उन्हें विज्ञान के चमत्कार का पाठ भी पढ़ाया।


कलेक्टर ध्रुव प्राथमिक शाला सिरोली में कक्षा चौथी के बच्चों के गणितीय ज्ञान का आंकलन के लिए तेल, चावल, धनिया, मसाला और टमाटर की अलग-अलग मात्रा और मूल्य बताते हुए क्रय  उपरांत राशि के लेन-देन के बारे में उत्तर देने को कहा, जिसे बच्चों ने कुछ समय में अपनी कॉपी में हल कर उन्हें दिखाया। इसके पश्चात कक्षा पांचवीं के बच्चों का भाषा ज्ञान परखने के लिए ‘मेहनत का फल मीठा होता है‘ का निहतार्थ पूछा। माध्यमिक शाला सिरोली के निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षक द्वारा स्कूली बच्चियों को आत्म रक्षा के लिए दी जा कराटे ट्रेनिंग का मुआयना किया। कलेक्टर ने सभी बच्चियों की हौसला अफजाई की और कहा कि इससे उनमें साहस और आत्मविश्वास पैदा होगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा स्कूली बालिकाओं को आत्म रक्षा के लिए जिले के चुनिंदा स्कूलों में दुर्गावती पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से कराटे की ट्रेनिंग दी जा रही है।  



कलेक्टर ध्रुव ने इसके पश्चात उप स्वास्थ्य केन्द्र हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर सिरोली का मुआयना कर वहां मरीजों को मिल रहे उपचार एवं दवाओं की उपलब्धता की भी जानकारी ली। कलेक्टर ने सेंटर में आने वाले सभी मरीजों का डाटा संधारित करने के साथ ही हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर में साफ-सफाई का विशेष रूप में ध्यान रखे जाने के निर्देश दिए। हायर सेकेण्डरी स्कूल कोथारी में उन्होंने बच्चों को विज्ञान के चमत्कार का पाठ पढ़ाते हुए प्राचीन काल से आज तक की स्थिति में विभिन्न क्षेत्रों विज्ञान के माध्यम से तरक्की और इसके  लाभ के बारे में रोचक ढंग से जानकारी दी। कलेक्टर ने इस मौके पर शिक्षकों की उपस्थिति पंजी चेक की और प्रयोगशाला का भी मुआयना किया। हायर सेकेण्डरी स्कूल परिसर के साफ-सुथरा कराने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने प्राथमिक शाला कोथारी के निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता परखी और बच्चों से मीनू के आधार पर मध्यान्ह भोजन मिलने के बारे में पूछताछ की। कलेक्टर ने रसोईयां को मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखने के निर्देश दिए। ग्रामीणों द्वारा  कोथारी स्कूल में शिक्षक की मांग के मद्देनजर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा को दर्ज संख्या के आधार पर स्कूल में शिक्षक की पदस्थापना के निर्देश दिए। माध्यमिक शाला कोथारी का भी कलेक्टर ने मुआयना किया और लकवा पीड़ित प्रधान पाठक के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

 

 

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मंत्री अकबर ने किया नवनिर्मित नवीन प्राथमिक शाला भवन का लोकार्पण

 कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केबिनेट मंत्री व कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर शुक्रवार को अपने एक दिवसीय कबीरधाम प्रवास के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। मंत्री अकबर प्रवास के दौरान ग्राम सारंगपुर में नवनिर्मित नवीन प्राथमिक शाला भवन का विधिवत पूजा-अर्चना कर लोकार्पण किया। मंत्री अकबर ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को नए भवन की बधाई एवं शुभाकामनाएं दी। इस दौरान उन्होंने बच्चों से बात की और उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। मंत्री अकबर ने हाईस्कूल सारंगपुरकला के छात्राओं को साइकिल वितरण किया। साइकिल पाकर छात्राओं के चहरे खिल उठे। इस अवसर पर नीलू चंद्रवंशी, सरपंच श्रीमती राधा चंद्रवंशी, नारद चंद्रवंशी, पीताम्बर वर्मा, होरीलाल साहू, मणिकांत त्रिपाठी, नीलकंठ साहू, चोवा साहू, गोरेलाल चंद्रवंशी सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।



मंत्री अकबर ने कहा कि शासन शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध नवीन स्कूल भवनों का निर्माण और जीर्णोद्वार किया जा रहा है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी सुविधा मुहैया कराई जा रही है। शिक्षा के अधिक के तहत निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। अंग्रेजी में शिक्षा उपलब्ध कराने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ किए गए हैं। जहां बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है। लैब, लाइब्रेरी सहित सभी जरूरतों को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान छात्रों को आगे बढ़ाने के लिए योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति प्रदान किया जा रहा है। जिससे अब वनांचल क्षेत्र में रहने वाले बच्चे राष्ट्रीय स्तर के परीक्षा ने चयनित होकर इंजिनीयारिंग और डॉक्टर की पढ़ाई कर रहे हैं वही प्रतियोगी परीक्षाओं में भी चयनित होकर सेवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के लिए शासन लगातार कार्य कर रही है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभ पहुंचाया जा रहा है। वही कुपोषण मुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। जिसका सकारात्मक परिणाम भी सामने आए है।

 

 

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केंद्रीय राज्य मंत्री ने किया एकलव्य विद्यालय भवन का शिलान्यास

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री तथा सरगुजा सांसद श्रीमती रेणुका सिंह ने शनिवार को उदयपुर जनपद के ग्राम पंचायत रिखी में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भवन निर्माण का शिलान्यास विधिवत पूजा अर्चना कर किया। इस विद्यालय भवन का निर्माण करीब 38 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा। भारत सरकार की ओर से जनजाति गौरव दिवस समारोह सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भवन का शिलान्यास किया गया जो जवाहर नवोदय विद्यालय के तर्ज पर संचालित होगा। इस अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा और एकलव्य की प्रतिमा पर दीपमाला प्रज्ज्वलित कर पुष्पमाला अर्पित किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं की ओर से विभीन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई।

ज्ञातव्य है कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का संचालन आदिवासी वर्ग के छात्र तथा छात्राओं के अध्ययन व्यवस्था के लिए किया जाता है। भारत सरकार जनजातीय कार्य विभाग की ओर से 50 प्रतिशत से अधिक आदिवासी जनसंख्या वाले विकासखंडों में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की स्वीकृति दी जाती है। विद्यालय में कक्षा 6वीं से 12वीं तक पढ़ाई होती है। प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से कक्षा 6वीं में प्रवेश दिया जाता है व कक्षा 12वीं तक विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। बजट की व्यवस्था पूर्णत: भारत सरकार से की जाती है। विद्यार्थियों के लिए रहने, खाने और पढऩे की नि:शुल्क व्यवस्था होती है। प्रत्येक छात्र को प्रतिमाह 1500 रुपए के मान से शिष्यवृत्ति दी जाती है, जिससे मेस का संचालन होता है।

 

इस अवसर पर पूर्व सांसद कमलभान सिंह, जिला सीईओ विश्वदीप, एसडीएम शिवानी जायसवाल, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जेआर नागवंशी, जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के मुख्य अभियंता वाप्कोस आदर्श कालिया, सहायक आयुक्त जनजाति कार्य मंत्रालय गौरव शर्मा, जनपद उपाध्यक्ष नीरज मिश्रा, अखिलेश सोनी, अनिल सिंह मेजर, सरपंच सुशीला पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

 

 

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बच्चों में कौशल विकसित करने पर उत्कृष्ट विद्यालयों को मिलेगा प्रमाण पत्र और पुरस्कार

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश के सभी शासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में पढ़ने वालों बच्चों में उनकी प्रतिभा के अनुरूप कौशल विकसित करने के लिए सुघ्घर पढ़वईया योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बाल दिवस के अवसर पर इस योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत बच्चों में उत्कृष्ट अकादमिक कौशल विकसित करने के लिए स्कूलों को पुरस्कार भी मिलेगा। प्लेटिनम पाने वाले स्कूलों को एक लाख रूपए, गोल्ड पाने वाले स्कूलों को 50 हजार रूपए और सिल्वर पाने वाले स्कूलों को 25 हजार रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा।

इस योजना का उद्देश्य स्वप्रेरणा से अच्छे कार्य एवं बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करना है। उन्हें देखकर और भी शिक्षक अच्छे से कार्य करने के लिए प्रेरित हो सकेंगे। अधिक से अधिक शिक्षक सकारात्मक कार्य करने के लिए टीम बनाकर बेहतर माहौल बनाने में सफल होंगे। विभागीय अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक स्कूलों को बेहतर स्कूलों के रूप में विकसित करने की जवाबदेही लेने से सरकारी स्कूलों की छवि में अप्रत्याशित सुधार दिखाई देगा और प्रदेश के सरकारी स्कूल असरकारी प्रभाव दिखाने में सफल हो सकेंगे।

 

यह योजना राज्य के सभी शासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों के लिए है। स्कूल के शिक्षक आपस में राय करके कभी भी योजना में शामिल हो सकते हैं। योजना में शामिल होने के लिए स्कूल को वेब-पोर्टल पर आवेदन करना होगा। स्कूलों की प्रतिस्पर्धा एक दूसरे से नहीं बल्कि स्वयं से ही है। स्कूलों के सभी शिक्षकों को साथ मिलकर स्कूल के सभी विद्यार्थियों में अकादमिक कौशल विकसित करना है। प्रमाण पत्र के लिए पात्रता तभी होगी जब पूरा स्कूल प्रमाण पत्र का पात्र होगा। किसी एक शिक्षक, एक विद्यार्थी या एक कक्षा के लिए प्रमाण पत्र नहीं होगा। जो स्कूल योजना में शामिल होंगे उन्हें लक्ष्य प्राप्ति के लिए अनुरोध करने पर ऑन डिमॉड प्रशिक्षण तथा अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। जिन स्कूलों को प्रमाण पत्र मिलेगा, उस स्कूल में पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों को भी प्रमाण पत्र मिलेगा। प्रमाणीकरण की घोषणा थर्ड-पार्टी आंकलन के तत्काल बाद वेब-पोर्टल पर की जाएगी। प्रमाण पत्र स्वतंत्रता दिवस तथा गणतंत्र दिवस के अवसर पर समारोहपूर्वक प्रदान किया जाएगा।

 

स्कूल के सभी विद्यार्थियों का आंकलन योजना के लिए स्वीकार किए गए समस्त अकादमिक कौशलों के लिए किया जाएगा और कम से कम 95 प्रतिशत विद्यार्थियों में कक्षा अनुरूप अकादमिक कौशल होने पर ही उस कक्षा के लिए और उस अकादमिक कौशल के लिए स्कूल को 01 अंक मिलेगा। 95 प्रतिशत से कम विद्यार्थियों में कक्षा अनुरूप न्यूनतम अकादमिक कौशल मिलने पर उस कक्षा और अकादमिक कौशल के लिए शून्य अंक दिया जाएगा।

 

जिन संकुलों के 90 प्रतिशत से अधिक स्कूल ‘सुघ्घर पढ़वईया’ प्लेटिनम, गोल्ड या सिल्वर किसी भी स्तर का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लेंगे उन्हें सुघ्घर पढ़वईया संकुल का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसी प्रकार जिस विकासखण्ड के 90 प्रतिशत से अधिक स्कूल सुघ्घर पढ़वईया प्लेटिनम, गोल्ड या सिल्वर किसी भी स्तर का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लेंगे उन्हें सुघ्घर पढ़वईया विकासखण्ड का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक पर प्लेटिनम, 85 प्रतिशत या उससे अधिक परंतु 90 प्रतिशत से कम अंक मिलने पर गोल्ड और 80 प्रतिशत या उससे अधिक परंतु 85 प्रतिशत से कम अंक मिलने पर सिल्वर प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

 

यदि कोई स्कूल इस योजना में सिल्वर या गोल्ड प्रमाण पत्र प्राप्त कर लेता है तो वह स्कूल आगे और प्रयास करके सुघ्घर पढ़वईया गोल्ड या सुघ्घर पढ़वईया प्लेटिनम प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर सकता है। इस योजना में निरंतर प्रगति का प्रयास किया जा सकता है। योजना में सभी स्कूल प्रयास करके सुघ्घर पढ़वईया प्लेटिनम प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

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व्यक्तित्व विकास की प्रतियोगिता में विजेताओं को मिले पुरस्कार

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पढ़ाई तुहर दुआर 3.0 के अंतर्गत बच्चों के व्यक्तित्व विकास की राज्यस्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन आज राजधानी के साइंस कॉलेज परिसर स्थित पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में किया गया। प्रतियोगिता में शामिल पांच संभागों के विजेताओं को पुरस्कार दिया गया। व्यक्तित्व विकास की इस प्रतियोगिता में निबंध, तात्कालिक भाषण, चित्रकला, विज्ञान प्रोजेक्ट मॉडल, भाषा एवं गणित या स्पीड गणित, स्पीड रीडिंग एवं सामान्य ज्ञान की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके पूर्व यह प्रतियोगिता स्कूल से संभाग स्तर तक 5 चरणों में आयोजित की गई। प्रतियोगिता प्राथमिक, मिडिल, हाई एवं हायर सेकण्डरी स्तर पर आयोजित की गई। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में लगभग 200 विद्यार्थियों ने प्रतिनिधित्व किया।

समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक श्री नरेंद्र कुमार दुग्गा ने राज्य स्तरीय व्यक्तित्व विकास प्रतियोगिता के समापन अवसर पर कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में चुनौतियां बढ़ी हैं, इन चुनौतियों को अवसर मानते हुए बालक, पालक और शिक्षक मिलकर सतत् शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 47 हजार से अधिक शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत 43 लाख बच्चों में से चयनित होकर प्रतियोगिता में शामिल हुए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता को गति प्रदान करने के लिए बाल दिवस के अवसर पर ‘सुघ्घर पढ़वईया’ कार्यक्रम प्रारंभ किया है। उन्होंने इसमें अधिक से अधिक स्कूलों को शामिल होने की अपील की।

 

विज्ञान प्रोजेक्ट मॉडल प्रतियोगिता में पूर्व माध्यमिक स्तर पर प्रथम बिलासपुर जिले के प्रथमा केवट, द्वितीय जगदलपुर जिले के मयंक बालसहरिया, हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्तर पर प्रथम दुर्ग जिले के अक्षत वैष्णव और द्वितीय स्थान पर दुर्ग जिले के ही नेमीचंद को पुरस्कृत किया गया। निबंध प्रतियोगिता में प्राथमिक स्तर पर प्रथम बिलासपुर जिले की कुमारी यामिनी पाण्डेय, द्वितीय धमतरी जिले की कुमार भाविका सोनकर, मिडिल स्कूल स्तर पर प्रथम दुर्ग जिले की कुमारी प्रिया लारेन्द्र, द्वितीय जगदलपुर जिले के राकेश मरकाम, हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्तर पर प्रथम जगदलपुर जिले की कुमारी दीक्षा मांझाी, द्वितीय दुर्ग जिले की कुुमारी शिवानी चौबे को पुरस्कृत किया गया। तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता में पूर्व माध्यमिक स्तर पर प्रथम बेमेतरा जिले की कुमारी ज्योति साहू, हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्तर पर प्रथम जगदलपुर जिले की कुमारी आकांक्षा और द्वितीय स्थान दुर्ग जिले की कुमारी रागिनी सपहा ने प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में प्राथमिक स्तर पर प्रथम जगदलपुर जिले के अनन्य, द्वितीय बिलासपुर जिले की कुमारी कंचन विश्वकर्मा, मिडिल स्कूल स्तर पर प्रथम दुर्ग जिले की कुमारी अंकिता ओझा, द्वितीय बिलासपुर जिले की कुमारी नुपुर माली, हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्तर पर प्रथम कांकेर जिले की कुमारी पूजा जैन और द्वितीय रायपुर जिले के कमलेश्वर साहू को पुरस्कृत किया गया।

 

इसी प्रकार स्पीड रीडिंग प्रतियोगिता में प्राथमिक स्तर पर प्रथम रायपुर जिले के मोहम्मद नुमान, द्वितीय दुर्ग जिले की कुमारी प्रिया साहू, मिडिल स्कूल स्तर पर प्रथम बलरामपुर जिले की कुमारी माधुरी पटेल और द्वितीय बिलासपुर जिले की कुमार सुष्मिता गोंड को पुरस्कृत किया गया। मौखिक गणित, स्पीड गणित प्रतियोगता में प्राथमिक स्तर पर प्रथम सूरजपुर जिले के गौतम यादव, द्वितीय दुर्ग जिले के सत्यम साहू, मिडिल स्कूल स्तर पर प्रथम अम्बिकापुर जिले की कुमारी माही गुप्ता और द्वितीय स्थान बिलासपुर जिले के मुल्कराज साहू ने प्राप्त किया। सामान्य ज्ञान क्विज प्रतियोगिता में हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्तर पर प्रथम दुर्ग जिले के पवन कुमार और द्वितीय बिलासपुर जिले के देवेन्द्र कुमार को पुरस्कार प्रदान किया गया।

 

 

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गणित की प्रतियोगिता में तीन ट्राई ब्रेकर के बाद हुआ फैसला

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। खेलों में हमें अक्सर ट्राई ब्रेकर के मौके पर देखने को मिलते है, लेकिन पढ़ाई-लिखाई की प्रतियोगिता में यह मौका विरले ही देखने को मिलता है। कुछ ऐसा ही वाक्या आज राज्य स्तरीय व्यक्तित्व विकास प्रतियोगिता के तहत स्पीड रीडिंग एवं मेंटल मैथ्स प्रतिस्पर्धा’ में देखने को मिला। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आज रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में चल रही स्पीड रीडिंग एवं मेंटल मैथ्स प्रतिस्पर्धा’ में सूरजपुर जिले के पढ़ने वाले विद्यार्थी गौतम यादव ने कड़ी स्पर्धा के दौरान तीन ट्राई ब्रेकर के बाद गणित की प्रतियोगिता जीत ली। यह उनके मजबूत मानसिक स्तर को दर्शाता है।

कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण स्पीड गणित प्राथमिक श्रेणी का टाईब्रेकर रहा, जहां सूरजपुर के गौतम यादव ने बाजी मारी। ग्रुप लेवल के मेंटल गणित प्रतिस्पर्धा में सूरजपुर के गौतम यादव एवं दुर्ग जिले के सत्यम साहू सामान अंक पर रहे। ऐसी स्थिति में टाईब्रेकर का आयोजन किया गया, जहां सत्यम साहू ने उन्हें कड़ी चुनौती दी एवं पुनः दोनों प्रतिभागी समान स्थान पर रहें। इस दौरान सभागार में उपस्थित सभी अन्य प्रतिभागियों में एक विजयी प्रतिभागी को देखने की उत्सुकता बढ़ गई। जिसके पश्चात पुनः एक और टाईब्रेकर का आयोजन हुआ, जिसका परिणाम भी समान रहा।

 

तब आयोजकों द्वारा अतिरिक्त मिशन संचालक श्री के.सी. काबरा को एक रैपिड फायर प्रश्न पूछने के लिए अनुरोध किया गया। उन्होंने प्रश्न किया कि “एक से सत्तर के बीच में कुल कितने विषम संख्या होते हैं ?” दोनों बच्चे ने बहुत ही शांत स्वभाव से प्रश्न को समझे एवं बिना हिच-किचाहट के सटीक उत्तर तलाशने के लिए पर्याप्त समय लिया। इसी बीच सूरजपुर के गौतम यादव एकाएक बोल पड़े- ‘35‘ ! पूरे सभागार में उल्लास की लहर दौड़ गई, क्योंकि जवाब सही था और मेंटल गणित-प्राथमिक स्तर का विजेता मिल गया था।

 

बाद में जब गौतम यादव से कार्यक्रम संचालक ने पूछा की इस प्रश्न का हल उन्होंने कैसे किया? तो उन्होंने बड़ी सरलता से जवाब दिया कि, “मैंने सोचा कि यदि 10 में 5 विषम संख्या होते हैं, तो सत्तर में कितने होंगे? और मुझे सही जवाब पता चल गया। ”यह अवसर विशेष इसलिए रहा क्योंकि प्राथमिक श्रेणी के मेंटल गणित जैसी विधा में तीन टाई-ब्रेकरराउंड के बाद विजेता का चयन हो पाया।

 

प्रतियोगिता में प्रदेश के पांचों सम्भागों के विजेताओं ने हिस्सा लिया, जिसमें राज्य स्तरीय विजेता एवं उप विजेता का चुनाव अलग-अलग प्रतिस्पर्धाओं के आधार पर किया गया। प्रदेश के विद्यालयों में चल रहे मूलभूत भाषा एवं गणित (एफ.एल.एन.) के प्रगति का आंकलन करते हुए स्पीड रीडिंग, स्पीड गणित एवं सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

 

 

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