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अग्रसेन महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने एकता दौड़ में बढ़ च़ड़ कर हिस्सा लिया

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अग्रसेन महाविद्यालय पुरानी बस्ती में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) से आज देश के पहले गृह मंत्री लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर एकता दौड़ का आयोजन किया गया। इसमें एन.एस.एस. स्वयंसेवकों के अलावा महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी बढ़ चढ़कर भाग लिया। यह आयोजन केन्द्रीय खेल और युवा कल्याण मंत्रालय और एन.एस.एस. के भोपाल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के निर्देश के अंतर्गत किया गया।     

राष्ट्रिय एकता दिवस  पर आयोजित यह एकता दौड़ महाविद्यालय परिसर से प्रारंभ होकर लिली चौक पुरानी बस्ती तथा लोहार चौक के प्रमुख मार्गों से होती हुई वापस महाविद्यालय परिसर में संपन्न हुई। इस दौरान प्रतिभागियों ने  राष्ट्त्रीय एकता अमर रहे  के नारे भी लगाए और आम लोगों को देश कि अखंडता के लिए जागरूक किया।  

 

रैली में शामिल विद्यार्थियों को महाविद्यालय परिसर में संबोधित करते हुए डायरेक्टर डॉ वी.के. अग्रवाल ने कहा कि सरदार पटेल ने ही छह सौ से अधिक रियासतों को मिलाकर अखंड भारत की स्थापना की थी. प्राचार्य डॉ युलेंद्र कुमार राजपूत ने भी आजादी के तत्काल बाद देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में सरदार पटेल के योगदान का स्मरण किया। एडमिनिस्ट्रेटर प्रो. अमित अग्रवाल ने भी इस दिन को युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। कार्यक्रम का संयोजन एनएसएस की समन्वयक प्रो. दीपिका अवधिया ने किया। इसमें महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों की सक्रिय भागीदारी रही।

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प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित

 नारायणपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। युवा कैरियर निर्माण योजना अनुसार प्री. मेडिकल एवं प्री इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी हेतु अभ्यर्थियों के चयन के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है, जिसके तहत् जिला स्तर पर अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र प्राप्त हुआ है।

जिला स्तर पर आवेदन पत्रों के परीक्षण उपरांत पात्र पाये गये अभ्यर्थियों का प्राक्चयन परीक्षा 6 नवंबर दिन दोपहर 12 से 2 बजे तक परीक्षा केन्द्र प्रयास बालक आवासीय विद्यालय, सड्डू उरकुरा मार्ग, रायपुर में आयोजन किया गया हैं। जिला नारायणपुर के अंतर्गत प्री मेडिकल एवं प्री इंजीनियरिंग के प्राक्वयन परीक्षा हेतु जिन अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया गया हैं। पात्र अभ्यर्थी अपना रोल नम्बर विभागीय वेबसाईट का अवलोकन करें एवं कार्यालयीन समय पर उपस्थित होकर अपना प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकते है।

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पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन 31 अक्टूबर तक

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जेआर नागवंशी ने बताया है कि आदिम जाति व अनुसूचित जाति विकास के माध्यम से वर्ष 2022-23 की पोस्ट मैट्रिक व मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति के लिए नवीन व नवीनीकरण पोर्टल प्रारंभ कर दी गई है। पोर्टल के द्वारा आवेदन करने की अंतिम तिथि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति तथा मेरिट कम मीन्स के लिए 31 अक्टूबर तक है।

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हेरिटेज नेटवर्क में आईआईटी भिलाई ने शिरकत की

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आईआईटी भिलाई अब हेरिटेज नेटवर्क का सदस्य है। हाल ही में हेरिटेज नेटवर्क जनरल असेंबली की मेजबानी आईआईटी मद्रास ने 20 से 22 अक्टूबर तक की। अंतर्राष्ट्रीय मामलों के संकाय प्रभारी डॉ. रुक्मंकेश ने इस तीन दिवसीय आयोजन में आईआईटी भिलाई का प्रतिनिधित्व किया।

आईआईटी भिलाई भी संगठन के दृष्टिकोण में योगदान करने के लिए तैयार है, जिसमें कहा गया है, हेरिटेज नेटवर्क का उद्देश्य अभियांत्रिकी, विज्ञान के क्षेत्र में यूरोप और भारत के मध्य उच्च शिक्षा सहयोग (अनुसंधान और प्रशिक्षण) को मजबूत करना है। कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थान इस नेटवर्क के सदस्य हैं, जिनमें वारसॉ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी- पोलैंड, इकोले सेंट्रल डी नैनटेस- फ्रांस, यूनिवर्सिटी ऑफ जेनोआ- इटली, केटीएच रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी- स्वीडन, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी रोपड़ व अन्य शामिल हैं।

 
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छात्रावास के नवप्रवेशी छात्रों का सम्मान

 राजनांदगाॅव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शासकीय पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास महेश नगर राजनांदगाॅव के भूतपूर्व विद्यार्थी एवं बालोद जिले के जनसम्पर्क अधिकारी चन्द्रेश ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण कालखण्ड है। उन्होंने विद्यार्थियों को इस महत्वपूर्ण समय का सदुपयोग करने को कहा। ठाकुर गत दिनों शासकीय पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास महेश नगर राजनांदगाॅव में छात्रावास के नवप्रवेशित छात्रों के सम्मान में आयोजित स्वागत समारोह के अवसर पर अपन उद्गार व्यक्त कर रहे थे।

वे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थी को जो बुनियाद, संस्कार एवं तालीम विद्यार्थी जीवन में प्रदान की जाती है। उसी के आधार पर व्यक्ति की जीवन की भावी इमारत खड़ी की जाती है। उन्होंने कहा कि छात्रावास संस्कारभूमि है, जहाॅ पर विद्यार्थी को जीवन की बुनियादी तहजीब सिखलाई जाती है। ठाकुर ने छात्रावास को समाज के वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संरक्षण स्थली भी बताया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को खूब मेहनत कर अपने माता-पिता, इस छात्रावास तथा देश व समाज का नाम रौशन करने तथा नशापान एवं बूरे संगति से दूर रहने की भी अपील की।

इस अवसर पर छात्रावास के नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत, अभिनंदन भी किया गया। कार्यक्रम को आदिवासी युवा संगठन के  तनवीर ठाकुर, छात्रावास के भूतपूर्व छात्र सर्व  सुरेन्द्र कोर्राम, अविनाश तुलावी, रायसिंह कोटपरिया, मनोज चन्द्रवंशी ने भी संबोधित करते हुए विद्यार्थियों को रोचक एवं प्रेरणास्पद जानकारियाॅ दी। इस अवसर पर छात्रावास के अध्यक्ष रूपेश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष  बिट्टू कोमरे सहित पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति छात्रावास राजनांदगाॅव एवं अम्बागढ़ चैकी छात्रावास के छात्र प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

 

 

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मुख्यमंत्री की थी घोषणा, ग्रामीण क्षेत्रों में हिन्दी माध्यम के 18 स्वामी आत्मानंद स्कूल चयनित

इन स्कूलों में विकास के लिए 28.87 करोड़ की राशि स्वीकृत

 बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की शासी परिषद की बैठक आज यहां मंथन सभाकक्ष में हुई। बैठक का एकमात्र एजेण्डा जिले में शिक्षा सुविधाओं के विकास को लेकर था। बैठक में जिले की ग्रामीण क्षेत्रों में 14 हिन्दी माध्यम की नयी स्वामी आत्मानंद स्कूल सहित 18 स्कूलों में उन्नयन कार्य, सामग्री व उपकरण सुविधाओं के लिए 28 करोड़ 87 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, मस्तूरी विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, बेलतरा विधायक रजनीश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सिंह चौहान सहित शासी परिषद के सदस्य व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्य में नये शिक्षा सत्र से 422 हिन्दी माध्यम के नये स्वामी आत्मानंद स्कूल खोलने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप बिलासपुर जिले में 18 हिन्दी माध्यम के आत्मानंद स्कूल चयनित किये गये हैं। इनमें से प्रथम चरण में 14 स्कूलों की उन्नयन कार्य के लिए 12 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति आज बैठक में दी गई। इन 14 स्वामी आत्मानंद स्कूलों में कोटा विकासखण्ड के तीन स्कूल-शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला रतनपुर, शासकीय बालक उमा शाला बेलगहना शामिल हैं। इसी प्रकार मस्तूरी विकासखंड के अंतर्गत शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक स्कूल सीपत, शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक शाला पचपेड़ी व शासकीय उमावि पंधी शामिल हैं। तखतपुर विकासखंड के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला घुटकू, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बेलपान व शासकीय उमावि रानीडेरा तथा बिल्हा विकासखंड के अंतर्गत शासकीय कन्या उमावि चकरभांठा, शासकीय उमाशा बरतोरी, शासकीय बालक उमावि कोनी, शासकीय कन्या उमावि बिल्हा व शासकीय उमावि सेंदरी शामिल हैं। हिन्दी माध्यम की उक्त 14 स्कूलों में उन्नयन कार्यों के साथ ही आवश्यक उपकरण व सामग्री खरीदने के लिए प्रत्येक स्कूल को 75-75 लाख रूपये की स्वीकृति प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया।

शासी परिषद की बैठक में इसके साथ ही नगर निगम क्षेत्र की 4 स्कूलों में आवश्यक सामग्री व उपकरण खरीदी के लिए 620 करोड़ रुपए की प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है। नगर निगम स्थित हाई स्कूल चिंगराजपारा के लिए 1.73 करोड़, शासकीय कन्या उमावि सरकण्डा के लिए 158 करोड़, शासकीय बालक उमावि सरकण्डा के लिए 117 करोड़ व शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उमावि बिलासपुर के लिए 173 करोड़ रूपये शामिल हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप अन्य शासकीय स्कूलों का मरम्मत कार्य भी किया जा रहा है। डीएमएफ  मद से भी सर्वोच्च प्राथमिकता के इस काम में प्रथम चरण में 230 स्कूलों के लिए लगभग 7 करोड़ की राशि जारी की गई है।

 

 

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परीक्षा में बरती लापरवाही, प्राचार्य पैकरा निलंबित...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय गुरूघासीदास उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कसडोल के प्राचार्य भोकसिंह पैकरा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शासन द्वारा निलंबन की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड की पूरक परीक्षा में कर्त्तव्य के प्रति घोर लापरवाही बरतने के कारण की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा रायपुर नियत किया गया है।

 

 

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छात्रावास के नवप्रवेशी छात्रों का सम्मान

 राजनांदगाॅव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शासकीय पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास महेश नगर राजनांदगाॅव के भूतपूर्व विद्यार्थी एवं बालोद जिले के जनसम्पर्क अधिकारी चन्द्रेश ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण कालखण्ड है। उन्होंने विद्यार्थियों को इस महत्वपूर्ण समय का सदुपयोग करने को कहा।  ठाकुर गत दिनों शासकीय पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास महेश नगर राजनांदगाॅव में छात्रावास के नवप्रवेशित छात्रों के सम्मान में आयोजित स्वागत समारोह के अवसर पर अपन उद्गार व्यक्त कर रहे थे। वे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थी को जो बुनियाद, संस्कार एवं तालीम विद्यार्थी जीवन में प्रदान की जाती है। उसी के आधार पर व्यक्ति की जीवन की भावी इमारत खड़ी की जाती है। उन्होंने कहा कि छात्रावास संस्कारभूमि है, जहाॅ पर विद्यार्थी को जीवन की बुनियादी तहजीब सिखलाई जाती है।  ठाकुर ने छात्रावास को समाज के वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संरक्षण स्थली भी बताया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को खूब मेहनत कर अपने माता-पिता, इस छात्रावास तथा देश व समाज का नाम रौशन करने तथा नशापान एवं बूरे संगति से दूर रहने की भी अपील की।

कार्यक्रम को छात्रावास के भूतपूर्व छात्र सर्व  सुरेन्द्र कोर्राम, अविनाश तुलावी, रायसिंह कोटपरिया, मनोज चन्द्रवंशी ने भी संबोधित करते हुए विद्यार्थियों को रोचक एवं प्रेरणास्पद जानकारियाॅ दी। इस अवसर पर  छात्रावास के अध्यक्ष  रूपेश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष बिट्टू कोमरे सहित पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति छात्रावास राजनांदगाॅव एवं अम्बागढ़ चैकी छात्रावास के छात्र प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना के पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर

 नारायणपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कार्यालय आदिवासी विकास शाखा द्वारा प्राप्त विज्ञप्ति के अनुसार भारत सरकार, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा अल्पसंख्यक प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक एवं मेरिट कम मीन्स राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना के लाभ हेतु विद्यार्थियों के आवेदन पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित किया गया है।

इस संबंध में राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना (एनएसपी) पोर्टल के अवलोकन करने पर पाया गया कि अल्पसंख्यक प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक एवं मेरिट कम मीन्स राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना में विद्यार्थियों के आवेदन पंजीयन की प्रगति बहुत ही निराशाजनक है। उक्त समय सीमा में समस्त प्राचार्य सभी पात्र अल्पसंख्यक विद्यार्थियों का आवेदन कराना सुनिश्चित करें।

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शिक्षक ने की छात्राओं के साथ गंदी बात, कलेक्टर ने किया शिक्षक को


ग्वालियर (छत्तीसगढ़ दर्पण) ग्वालियर में एक बुजुर्ग शिक्षक अपने ही स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के साथ छेड़खानी करता था। बुजुर्ग शिक्षक 6 साल से 8 साल तक की छात्राओं के साथ गंदी बात करता था। छात्राओं ने जब इस बात की जानकारी अपने परिजनों को दी तो शिक्षक के खिलाफ थाने में मामला दर्ज किया गया। इसके साथ ही कलेक्टर ने शिक्षक को नौकरी से बर्खास्त भी कर दिया।


पिंटू पार्क इलाके का रहने वाला है आरोपी शिक्षक
पिंटू पार्क इलाके में रहने वाला मुंशीलाल माहौर उटीला में शासकीय प्राथमिक स्कूल में 2 दिन पहले तक शिक्षक था लेकिन मुंशीलाल की हरकतों की वजह से उसकी नौकरी चली गई। उटीला के प्राथमिक स्कूल में 58 साल के शिक्षक मुंशीलाल ने अपने ही स्कूल की छोटी-छोटी बच्चियों के साथ छेड़खानी की।

कभी कक्षा के दौरान तो कभी दूसरे कमरे में ले जाकर की छेड़खानी
शिक्षक मुंशीलाल माहौर पर आरोप है कि शिक्षक ने कभी चलती कक्षा के दौरान छात्राओं के साथ छेड़खानी की तो कभी दूसरे कमरे में ले जाकर छात्राओं के साथ छेड़खानी की। बताया जा रहा है कि तकरीबन चार से पांच छात्राओं के साथ शिक्षक मुंशी लाल छेड़खानी करता था। बच्चियां इतनी छोटी थीं कि वह विरोध भी नहीं कर पाती थीं और मुंशीलाल उन्हें डरा धमका देता था।

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गुमसुम रहने लगी बच्चियां तो परिजनों ने की बच्चियों से बात
जिन बच्चियों के साथ शिक्षक मुंशीलाल माहौर छेड़खानी कर रहा था। वह गुमसुम रहने लगीं। घरवाले अपनी बेटियों को गुमसुम देख कर परेशान हो गए। बच्चियां स्कूल आने से भी घबराने लगीं तो घरवालों को शंका हुई। उन्होंने अपनी बच्चियों से डर की वजह पूछी तो बच्चियों ने अपने परिजनों को सब कुछ बता दिया। जिसके बाद परिजनों ने उटीला थाने पहुंचकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई।

मामला दर्ज हुआ और नौकरी भी चली गई
मुंशीलाल पर उटीला थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई इसके साथ ही पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक मुंशीलाल माहौल को भी गिरफ्तार कर लिया। मुंशीलाल माहौर की हरकत की जानकारी जब ग्वालियर कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह को मिली तो उन्होंने तत्काल प्रभाव से मुंशीलाल माहौर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया।
 
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आश्रम व छात्रावास अधीक्षकों को बाल अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक

 सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आदिम जाति कल्याण विभाग के जिले के समस्त आश्रम, छात्रावास अधीक्षकों का एक दिवसीय बाल संरक्षण के मुद्दो पर कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत सभा कक्ष में आयोजित किया गया। जिसमें कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिला कार्यक्रम अधिकारी  चन्द्रबेस सिंह सिसोदिया ने भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर किया।

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सभी अधीक्षकों को संबोधित करते हुए बताया कि पॉक्सो अधिनियम के तहत् बच्चों को जागरुक करना अतिआवश्यक है। बाल यौन शोषण के प्रकरण जिलें में बढ़ते जा रहे हैं। प्रेम प्रसंग और पॉक्सो के प्रकरण जिले में अत्यधिक हो रहे है। जे.जे.बी. हो या सी.डब्लू.सी. पॉक्सो के प्रकरण ज्यादा प्रकाश में आ रहे हैं। सभी बच्चों को जागरूक करने की आवश्यकता है।  सिंह ने एक युद्ध-नशे के विरूद्ध के बाद तीसरा जिला सूरजपुर है। जिसमें यह कार्यक्रम आयोजित है। यह अति महत्वपूर्ण है।

 
 
 

हमें बच्चों एवं उनके अभिभावकों को नशा के दुःप्रभाव की जानकारी देनी है और उन्हें नशे से मुक्त कराना है। कोटपा एक्ट के विषय में बताते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि इस अधिनियम के अन्तर्गत कोई भी शैक्षणिक संस्था के 100 मीटर के दायरे में कोई भी मादक पदार्थ बेचने का दुकान नहीं होना चाहिए। इन संस्थाओं में तम्बाखू पदार्थ का उपयोग नहीं होना चाहिए। साथ ही सभी मेडिकल दूकानों में मादक पदार्थ या कफ सिरफ या प्रतिबंधित दवाईयां नहीं बेचनी है। अपने जिले को बाल भिक्षावृत्ति मुक्त बनाना है, और यदि कोई भिक्षाटन करते मिले तो उसकी सूचना जिला बाल संरक्षण इकाई को देनी है।

 
 
 

जिला बाल संरक्षण अधिकारी  मनोज जायसवाल ने आश्रम अधीक्षकों को लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि यह कानून बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण प्रदान करता है। बच्चों को घूर कर देखना, पिछा करना, रास्ता रोकना, गलत इशारे करना, गलत फिल्म भेजना, गलत कमेंट्स करना पॉक्सो एक्ट के अन्तर्गत अपराध है। 2012 के पूर्व बच्चों के लैंगिक अपराध के लिए कोई कानून नहीं बना था 2012 में यह कानून प्रकाश में आया इसमें लड़का और लड़की दोनों को संरक्षित किया गया है।

 
 
 

इस अधिनियम में मिडिया को भी प्रतिबंधित किया गया है। पॉक्सो पीड़ित की पहचान को गुप्त रखना अनिवार्य है। पीड़िता के कथन लेते समय उसके साथ एक सहयोगी व्यक्ति रहेगा और उसका चिकित्सीय परीक्षण में भी उसका कोई अभिभावक साथ रहेगा। अधिनियम में यह सबसे बड़ी बात है कि पॉक्सो के अन्तर्गत आने वाले अपराध में अपराधी को खुद सिद्ध करना है कि वह अपराध नहीं किया है।

आश्रम एवं छात्रावासो में गुड-टच एवं बेड टच को बताना अति आवश्यक है। बच्चों को समझ होनी चाहिए अच्छा स्पर्श क्या है और बुरा स्पर्श क्या है। तभी यह अपराध रुक सकता है। बच्चों को स्पर्श की जानकारी होना आवश्यक है। इस प्रकार की घटनाएं सुनसान जगह पर होती है, तो पहले तो बच्चें को इसका विरोध करना चाहिए और सुरक्षित स्थान में जाना चाहिए और जिस पर सबसे ज्यादा विश्वास हो उसे बताना भी चाहिए और ऐसे अपराधी पर कार्यवाही करना चाहिए।

 
 
 

मनोज जायसवाल ने बाल विवाह एवं बालश्रम पर भी सभी से चर्चा की बाल विवाह की घटनाएं गांव में बढ़ी है, उसे रोकने के लिए प्रयास प्रारम्भ से अर्थात छात्रावास एवं आश्रम में निवासरत बच्चीयों को जागरुक कर पहले शिक्षा फिर विवाह को जोर देना चाहिए और जागरुक करने से बाल विवाह में अंकुश लगाया जा सकता है। बाल श्रम में बच्चें यदि काम करते दिखे तो उसकी सूचना 1098 व 112 टोल फ्रि नम्बर पर देनी चाहिए छ.ग. बाल अधिकार संरक्षण आयोग का टोल फ्री नम्बर 1800-2330-055 जिला बाल संरक्षण इकाई सूरजपुर का नं. 7489692746 नम्बर पर वाट्सएप और फोन कर बता सकते हैं।

पुलिस विभाग के अधिकारियों ने अभिव्यक्ति एप डाउनलोड करने का आग्रह सभी से किया जिसमें अपनी शिकायत महिला एवं बच्चें अपने मोबाइल से कर सके और उसकी कार्यवाही निश्चित होना है। कार्यक्रम में सभी को बेड-टच एवं लैंगिक अपराध से संबंधित फिल्म कोमल का प्रदर्शन किया गया।

 
 
 

कार्यक्रम का सम्पन्न सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग  विश्वनाथ रेड्डी ने किया उन्होंने सभी आश्रम एवं छात्रावास अधीक्षकों को बताया कि अपनी अधीक्षीय कार्य के अलावा इस कार्य को प्राथमिकता देना है। अधीक्षकों को कानून की जानकारी आवश्यक है। इसलिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा किया गया है। कार्यक्रम में सभी जिले के 104 छात्रावास, आश्रम अधीक्षक उपस्थित थे। कार्यक्रम में महिला संरक्षक अधिकारी श्रीमती इंदिर तिवारी, सखी की काउन्सलर श्रीमती चन्दा प्रजापति, साबरीन फातिमा जिला बाल संरक्षण इकाई की  प्रियंका सिंह, वरुण प्रकाश, जावेद खान, पवन धीवर उपस्थित थे।

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सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से लाखों बेटियों को फायदा


रांची(छत्तीसगढ़ दर्पण)। झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार की ओर से किशोरियों को शिक्षा में सहायता देने के लिए सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना चलाई जा रही है, जिससे लाखों बच्चियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इस योजना के तहत किशोरियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कुल 40,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि उन्हें दी जाने वाली किसी भी तरह की छात्रवृत्ति के अतिरिक्त है। इस योजना के तहत आठवीं में पढ़ने वाली किशोरियों से लेकर 18 साल से ज्यादा उम्र की लड़कियों को भी शामिल किया जा रहा है। इस योजना के तहत छात्राओं को कैश सहायता उपलब्ध करवाए जाने का प्रावधान है।

आठवीं की छात्रा से सहायता राशि देने की शुरुआत
झारखंड सरकार की सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत अलग-अलग कक्षा की बच्चियों के लिए अलग-अलग सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है। इसके तहत 8वीं में पढ़ने वाली छात्रा को 2500 रुपए, 9वीं की छात्रा को भी 2500 रुपए, 10वीं और 12वीं की छात्रा को 5000-5000 रुपए की सहायता राशि दिए जाने की व्यवस्था है। जबकि, 18 साल से ऊपर की लड़कियों को शिक्षा के लिए एकमुश्त 20,000 रुपए का अनुदान दिया जाता है।

ड्रॉपआउट छात्राओं के लिए भी विशेष पहल
सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना में झारखंड की उन सभी किशोरियों को शामिल किया जाता है, जो किसी सरकारी, सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त या राइट टू एजुकेशन ऐक्ट के तहत चलने वाले किसी निजी स्कूल में पढ़ती हैं। इस योजना के तहत ड्रॉपआउट किशोरियों को स्कूल-कॉलेजों से जोड़ने की भी विशेष पहल की जा रही है।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस योजना के बारे में कहा है,
आज हम पूरे गौरव के साथ कहते हैं कि झारखंड की बेटियां किसी से कम नहीं हैं। यहां की बच्चियां विभिन्न क्षेत्रों में चाहे, वह शिक्षा के क्षेत्र में हो, चाहे खेल के क्षेत्र में हो और चाहे स्वरोजगार के क्षेत्र में हो....उन लोगों को ध्यान में रखकर हमलोग सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना लाए। सावित्री बाई फुले पहली महिला शिक्षिका थीं और वो भी दलित महिला। पूरे देश में सावित्री बाई फुले का नाम सम्मान से लिया जाता है। आज उन्हीं के नाम पर इस योजना की शुरआत हमने की है

लाभार्थियों के लिए पात्रता की शर्तें

मां की पहली दो बेटियों को ही इसका लाभ मिलेगा।
माता-पिता आयकर दाता नहीं होने चाहिए।
माता-पिता केंद्र सरकार/राज्य सरकार/दोनों में किसी के सार्वजनिक क्षेत्र के स्थायी कर्मचारी या पेंशनभोगी नहीं होंगे।
18 वर्ष की उम्र होने पर लाभार्थी का नाम झारखंड राज्य की मतदादाता सूची में शामिल करना अनिवार्य होगा।
बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र देगा होगा।
बच्ची और उनके माता-पिता का आधार प्रमाण पत्र।
बच्ची का बैंक या पोस्ट ऑफिस में खाता होना चाहिए।
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राज्यपाल ने 9 विश्वविद्यालय के कुलपतियों को दिया इस्तीफा देने का निर्देश...

 तिरुवनंतपुरम (छत्तीसगढ़ दर्पण)।सु्प्रीम कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राज्य के 9 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को इस्तीफा देने का निर्देश दिया है। केरल राजभवन ने रविवार को यह जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक इन सभी कुलपतियों को 24 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे तक अपना इस्तीफा देने का निर्देश पत्र जारी किया गया है। इसके लिए सभी संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और रजिस्ट्रारों को पत्र भेजा गया है।


केरल राजभवन ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने केरल में 9 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को इस्तीफा देने का निर्देश दिया है।' उन्होंने कहा कि केरल के 9 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को 24 अक्टूबर तो सुबह 11:30 बजे तक अपना इस्तीफा देने का निर्देश पत्र जारी किया गया है। साथ ही संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और रजिस्ट्रारों को भी पत्र ईमेल किया गया है।

 

 

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कलेक्टर ने आश्रम छात्रावास व डीएवी स्कूल का किया आकस्मिक निरीक्षण

 दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर नंदनवार ने शुक्रवार को कटेकल्याण मुख्यालय स्थित ग्राम परचेली के बालक छात्रावास व डीएवी स्कूल का आकस्मिक निरीक्षण किया। बालक छात्रावास परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। छात्रावास भवन के प्रत्येक कमरों का निरीक्षण किया। 

निरीक्षण के दौरान बीमार हुए बच्चों का हाल पूछते हुए डॉ. द्वारा दिये गए दवाइयों की भी जानकारी ली। और संबंधितों को समय पर आवश्यक रूप से डॉक्टर को दिखाने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्य बच्चों से भी आश्रम छात्रवास में दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। भोजन व्यवस्था के बारे में भी पूछा। कलेक्टर ने बच्चों से पूछा कि आपको किसी प्रकार की समस्या तो नहीं है। इस पर बच्चों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया। निरीक्षण पश्चात कलेक्टर ने आश्रम भवन के मरम्मत के साथ ही छात्रावास के रंग रोगन के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त रखने की बात कही।

तत्पश्चात् परचेली स्थित डीएवी स्कूल का जायजा लिया। कलेक्टर ने स्कूल की अध्यापन कार्यों की व्यवस्थाएं देखी। सभी कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से चर्चा की। 12वीं कक्षा के बच्चों से पाठ्यक्रम से संबंधित विषयों से जुड़े सवाल भी किए। साथ ही स्कूल में रंगोली प्रतियोगिता में भाग लिए हुए बच्चों की बनाई गई रंगोली की प्रशंसा भी की। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ ललित आदित्य नीलम, अपर कलेक्टर संजय कन्नौजे, एसडीएम कुमार बिश्वरंजन, स्कूल के प्रिंसिपल, संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।

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व्यापम ने जारी किए शिक्षक पात्रता परीक्षा के रिजल्ट...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षार्थी अपना परिणाम व्यापम की वेबसाइट vyapam.cgstate.gov.in पर देख सकते हैं। परीक्षा परिणाम में पात्र एवं अपात्र दर्शाया गया है। परीक्षार्थी अपना रोल नंबर डालकर वेबसाइट से परीक्षा परिणाम देख सकते हैं।


छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल नियंत्रक ने बताया, छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल ने टीईटी की परीक्षा आयोजित की थी। 18 सितंबर को दो पालियों में यह परीक्षा आयोजित की गई थी। इसका परिणाम जारी कर दिया गया है।

 

 

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एकलव्य आदर्श विद्यालय पथर्रीडीह के 11 विद्यार्थियों का चयन

 धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पथर्रीडीह जिला धमतरी के विद्यार्थियों ने मध्य क्षेत्र संभाग स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता-2022 गौरेला पेंड्रा मरवाही में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विभिन्न खेलों में राज्य स्पर्धा के लिए स्थान बनाया। संस्था से 11 विद्यार्थी चयनित हुए। राज्य स्तर के लिये चयनित होने पर सहायक आयुक्त व पदेन सचिव आदिवासी विकास विभाग जिला धमतरी, संस्था के प्राचार्य व स्टाफ ने बधाई तथा शुभकामनाएं दी है।

 
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डीएलएड पूरक-अवसर परीक्षा की समय-सारणी जारी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा पूरक एवं अवसर परीक्षा डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष की समय-सारणी वर्ष 2022 जारी कर दी गई है। परीक्षावधि 5 दिसम्बर से 22 दिसम्बर तक और परीक्षा का समय सुबह 8 बजे से 11.30 बजे तक रहेगा। विस्तृत समय-सारणी मण्डल की वेबसाईट पर उपलब्ध है।

डीएलएड प्रथम वर्ष की परीक्षा में 5 दिसम्बर को पहला प्रश्न पत्र बाल विकास और सीखना, दूसरा प्रश्न पत्र 8 दिसम्बर को ज्ञान पाठ्चर्या व शिक्षण शास्त्र, तीसरा प्रश्न पत्र 12 दिसम्बर को शैक्षिक तकनीकी, चौथ प्रश्न पत्र 14 दिसम्बर को हिन्दी भाषा शिक्षण स्तर-एक का होगा। पांचवा प्रश्न पत्र अंग्र्रेजी भाषा प्रोफिसिऐंसी का 16 दिसम्बर को, छठवां प्रश्न पत्र गणित व गणित शिक्षण का 19 दिसम्बर को, सातवां पर्यावरण व पर्यावरण शिक्षण 21 दिसम्बर को और आठवां प्रश्न पत्र शालेय संस्कृति, प्रबंधन एवं विकास का 22 दिसम्बर को होगा।

इसी प्रकार डीएलएड द्वितीय वर्ष में नौवां प्रश्न पत्र आधुनिक विश्व के संदर्भ में भारतीय शिक्षा का 6 दिसम्बर को, दसवां प्रश्न पत्र सामाजिक, सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में संज्ञान एवं अधिगम का 9 दिसम्बर को, ग्यारहवां प्रश्न पत्र विविधता, समावेशी शिक्षा और जेंडर का 13 दिसम्बर को, बारहवां प्रश्न पत्र हिन्दी भाषा शिक्षण का 15 दिसम्बर को होगा। प्रश्न पत्र  तेरहवां भाग-1 अंग्रेजी भाषा प्रोफिसिऐंसी शिक्षण प्रथम ढेड घंटे और तेरहवां भाग-2 संस्कृत शिक्षण का 17 दिसम्बर को द्वितीय ढेड घंटे का होगा। चौदहवां प्रश्न पत्र 20 दिसम्बर को गणित व गणित शिक्षण अथवा विज्ञान शिक्षण अथवा सामाजिक विज्ञान शिक्षण का होगा।

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अग्रसेन महाविद्यालय में छात्र संघ के पदाधिकारियों ने ली शपथ

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अग्रसेन महाविद्यालय, पुरानी बस्ती में शुक्रवार  छात्रसंघ के मनोनीत पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ । इस अवसर पर  मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष सुशील सन्नी अग्रवाल ने कहा कि राज्य शासन द्वारा श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं । इनका अधिकतम लाभ उठाकर सामान्य तथा साधनविहीन श्रमिक परिवारों के बच्चे अपनी उच्च शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की कोचिंग के लिए आर्थिक मदद प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने मेधावी छात्र योजना, नोनी सशक्तीकरण योजना,  विशेष शिक्षा सहायता योजना, उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन त्तथा दिव्यांग सहायता योजना सहित अन्य योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि शासन की मंशा सभी के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने की है । उन्होंने नवगठित छात्रसंघ के पदाधिकारियों से कहा कि वे अपने आस-पास के श्रमिक परिवारों की मदद के लिए उन्हें इन सभी योजनाओं की जानकारी दें, ताकि साधनविहीन मजदूरों के बच्चों की शिक्षा भी सामान्य रूप से पूरी हो सके । कार्रयक्रम में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल  समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष तथा महाराजाधिराज अग्रसेन शिक्षण समिति के कोषाध्यक्ष अजय दानी. समाज के वरिष्ठ सदस्य सुनील अग्रवाल तथा समाजसेवी सचिन शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित थे ।       

इस मौके पर श्रम विभाग के कल्याण अधिकारी आशीष मिश्र ने केंद्र और राज्य सरकार की  विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि अब विभाग की सभी योजनाएं “श्रमेवजयते” मोबाइल एप पर भी उपलब्ध हैं, और कोई भी पात्र व्यक्ति इनका लाभ ले सकता है. इस अवसर पर महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. वी.के. अग्रवाल ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि छात्रसंघ गठन का उद्देश्य यही है कि वे अपने सहपाठी छात्रों की जरूरतों और समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक रूप से प्रयास कर सकें. साथ ही देश की लोकतान्त्रिक प्रक्रिया से परिचित हो सकें।

आभार प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य डॉ युलेन्द्र कुमार राजपूत ने कहा कि छात्रसंघ के गठन से महाविद्यालय की गतिविधियों में विद्यार्थियों को सहभागिता का अवसर मिलता है. यह उनके अनुशासन के लिए भी एक रचनात्मक मंच का कार्य करता है. कार्यक्रम में उपस्थित महाविद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर प्रो. अमित अग्रवाल ने सभी मनोनीत पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. कार्यक्रम का संचालन छात्रसंघ प्रभारी प्रो. विकास शर्मा ने किया. इसमें महाविद्यालय के विभिन्न संकायों के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने पूरी सक्रियता से अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।

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