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सभी स्कूलों में शुरू होंगी स्काउट्स-गाईड्स की गतिविधियां

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय, अशासकीय, एकलव्य विद्यालय और स्वामी आत्मानंद स्कूलों में स्काउट गाइड की गतिविधियों संचालित की जाएंगी। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सभी संभागीय संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा और जिला शिक्षा अधिकारियों को जिले के सभी स्कूलों में स्काउट-गाइड, रोवर रेंजर दल का पंजीयन एवं दल संचालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

 संचालक लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा संबंधितों को जारी पत्र में कहा गया है कि भारत स्काउट्स एवं गाईड्स छत्तीसगढ़ द्वारा राज्य के सभी जिलों में स्काउटिंग-गाइडिंग का कार्य सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। इस संबंध में प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय, एकलव्य विद्यालय और स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम स्कूलों में नई शिक्षा नीति के तहत नियमानुसार दल का पंजीयन एवं दल संचालन कराना सुनिश्चित करें, ताकि छात्र-छात्राएं स्काउटिंग-गाइडिंग गतिविधियों में भाग ले सकें।

 

 

उल्लेखनीय है कि इसी माह 8 अगस्त को भारत स्काउट एंड गाइड के राज्य परिषद की बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री एवं राज्य अध्यक्ष स्काउट गाइड डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम द्वारा सभी स्कूलों में स्काउट एवं गाइड की गतिविधियां शुरू करने की घोषणा की गई थी। मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा था कि राज्य के समस्त जिलों के बच्चों में आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण, स्वस्थ आदतों एवं जीवन कौशल विकास के लिए उन्हें श्रम की महत्ता को समझाते हुए कुशलता से सेवाभावना विकसित किए जाने के उद्देश्य से स्काउट एवं गाइड परियोजना को प्रदेश के सभी स्कूलों में लागू किया जाना आवश्यक है।

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स्वामी आत्मानंद स्कूल में अव्यवस्था देख नाराज हुए कलेक्टर, प्राचार्य को थमाया नोटिस

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नगपुरा में स्वामी आत्मानंद स्कूल में लैब सामग्री आ चुकी है लेकिन इसे अभी तक व्यवस्थित नहीं किया जा सका है। इसके साथ ही स्कूल में नवाचार किये जाने के प्रति उदासीनता को लेकर कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा नाराज हुए। उन्होंने संस्थान की प्राचार्य श्रीमती जान को नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि जिले के शेष स्वामी आत्मानंद स्कूलों में बहुत अच्छा काम हो रहा है। प्राचार्य नवाचार कर रहे हैं, अपनी संस्था को सुंदर और गुणवत्तायुक्त बनाने के प्रयास कर रहे हैं लेकिन नगपुरा में ऐसा नहीं दिख रहा। कलेक्टर ने यहां की दिक्कतों के बारे में शिक्षकों से पूछा। शिक्षकों ने बताया कि अज्ञात तत्वों द्वारा ब्वायज टायलेट को तोड़ दिया गया है। मच्छर काफी हैं। इस पर कलेक्टर ने आरईएस अधिकारियों से इसके मरम्मत के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने निकासी को बेहतर बनाने एवं जलभराव वाले गड्ढों में कैरोसीन डलाने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने स्कूल कैंपस का निरीक्षण भी किया। यहां काफी गंदगी थी। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने शिक्षा अधिकारियों से स्कूल की व्यवस्था को ठीक करने कहा। यहां स्टाफ के अतिरिक्त अन्य तरह की संसाधनों की जरूरत के संबंध में भी प्रस्ताव देने उन्होंने कहा। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन, एसडीएम मुकेश रावटे, सीईओ लवकेश ध्रुव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बोरई के आंगनबाड़ी केंद्र में सांप आते हैं, भवन का ड्रेनेज सुधारने के एवं अन्य उपाय करने के दिये निर्देश- कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बोरई के आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यकर्ता से दिक्कतों के बारे में पूछा। कार्यकर्ता ने बताया कि यहां सांप निकलते हैं। केंद्र को खोलने से पहले चेक करते हैं। इस पर कलेक्टर ने आरईएस अधिकारियों को इसे ठीक करने उपाय करने कहा। इसके लिए भवन का ड्रेनेज सुधारने के साथ ही इसकी ऊंचाई बढ़ाने भी निर्देश दिये। कलेक्टर ने रसमड़ा के पांच नंबर आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण भी किया। यहां बच्चे नहीं दिखे। कार्यकर्ता ने बताया कि पांच बच्चे आये थे। वे चले गये हैं। इस पर कलेक्टर ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में पूरे समय बच्चों को रखकर खाना खिलाने के बाद एक्टिविटी करानी है ताकि उनका शारीरिक के साथ ही मानसिक विकास भी हो। केवल भोजन कराना ही जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने इसके लिए कार्यकर्ता और सुपरवाइजर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिये।

टीकाकरण की प्रगति देखी, अस्पताल का भी किया निरीक्षण- कलेक्टर ने रसमड़ा और बोरई में टीकाकरण कार्य की प्रगति देखी। उन्होंने स्थानीय अमले को कहा कि हर घर जाएं और लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित करें। बूस्टर डोज का पूरा लक्ष्य हासिल करना है ताकि कोरोना से बचाव के लिए ठोस प्रतिरोधक क्षमता लोगों में बनी रहे। कलेक्टर ने रसमड़ा में पीएचसी के नये भवन का निर्माण भी देखा और गुणवत्तापूर्वक कार्य करने के लिए निर्देश दिये।

गनियारी में बनेगी माडल बाड़ी- दमोदा और बोरई में कलेक्टर ने गौठान भी देखे। उन्होंने छह आजीविकामूलक गतिविधियों को अनिवार्यतः सभी गौठानों में आरंभ करने निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने गनियारी में बाड़ी भी देखी। यहां जिमीकंद की फसल लगाई गई है। कलेक्टर ने इसे सात एकड़ तक विस्तारित करने के निर्देश दिये। साथ ही यहां पर पपीता और केले लगाने के लिए कहा। सीईओ देवांगन ने कहा कि डबरियों में हार्ड मछली डालें ताकि उनकी उत्तरजीविता की संभावना अधिक रहे।

हथकरघा केंद्र के लिए बनेगा अतिरिक्त हाल, क्षमता भी बढ़ेगी- कलेक्टर ने नगपुरा में हथकरघा केंद्र भी देखा। यहां उन्होंने ताना बाना कर रही महिलाओं से विस्तार में बातचीत की। महिलाओं ने बताया कि वे हर महीने छह हजार रुपए की आय अर्जित कर लेती हैं। यहां विस्तार की गुंजाइश को देखते हुए कलेक्टर ने यहां अतिरिक्त हाल बनाने प्रस्ताव देने और क्षमता विस्तार के निर्देश भी दिये।

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स्वामी आत्मानंद विद्यालय की लिखित परीक्षा शहर के 7 केंद्रों में, तैयारियां पूरी...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय, योजना अंतर्गत रायपुर जिला संविदा भर्ती विज्ञापन 13 जुलाई के अनुक्रम में विभिन्न शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक पदो के लिए 27 जुलाई तक आवेदन पत्र आमंत्रित किए गये थे। 

प्राप्त सभी आवेदनों का विज्ञापन में अंकित नियम एवं शर्तो के अनुसार परीक्षण किया गया, तथा पात्र / अपात्र अभ्यार्थी की सूची तैयार की गई हैं। जिसे जिले की वेबसाईड https://raipur.gov.in देखा जा सकता हैं। इस संबंध में दावा आपत्ति 12 अगस्त को अपरांह 4 बजे तक कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला - रायपुर में आवेदक स्वयं उपस्थित होकर अथवा ई-मेल आई.डी. sagesraipur@gmail.com में दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। इस अवधि पश्चात दावा आपत्तिपर विचार नही किया जावेगा। दावा आपत्ति के निराकरण उपरांत विज्ञापन के शर्तो एवं नियम के अधीन पात्र पाये गए अभ्यार्थीयो को लिखित परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति होगी।

संविदा भर्ती की लिखित परीक्षा 16 अगस्त को प्रातः 11:00 से 11:30 बजे की मध्य रायपुर शहर के 07 परीक्षा केन्द्रो आयोजित की जावेगी। जिसकी विषयवार/पदवार सूची वेबसाईड https://raipur.gov.in देखा जा सकता है। परीक्षार्थी को परीक्षा केन्द्र पर 30 मिनट पूर्व उपस्थिति होना अनिवार्य हैं।

 

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5-6 आयु वर्ग के बच्चों को उनकी अपनी भाषा में सिखने-सिखाने की व्यवस्था है बालवाड़ी

 गरियाबंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नौनिहालों का भविष्य सुधारने के लिए शासन स्तर पर विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित है। इसी कड़ी शिक्षा विभाग की ओर से इस बार चयनित स्कुलो में बालवाड़ी योजना संचालित की है। जिसका क्रियान्वयन संकुल केंद्र अतरमरा के चयनित स्कुलो में बेहतर तरीके से किया जा रहा है। संकुल केन्द्र अतरमरा विकासखंड छुरा जिला गरियाबंद में बालवाड़ी शा.प्रा. शाला खट्टी व कुम्हरमरा में कुशल शिक्षिकाओं की ओर से प्रारंभ किया गया। जहां बच्चों को समुचित शिक्षा प्रदान किया जा रहा है।

जिला शिक्षा अधिकारी करमन खटकर व जिला मिशन समन्वयक श्याम चन्द्राकर के निर्देशानुसार बालवाड़ी का संचालन संकुल प्रभारी प्राचार्य बी देवांगन व संकुल समन्वयक विनोद सिन्हा के कुशल मार्गदर्शन में किया जा रहा है। बालवाड़ी खोलने का प्रमुख उद्देश्य छोटे आयु वर्ग के बच्चों को उनके आयु अनुरूप लर्निंग आउटकम हासिल करने की दिशा में प्रयास करना है।सीखने के शुरुआती दौर में जब मस्तिष्क का विकास बहुत तेजी से हो रहा हो उस समय उन्हें सीखने के लिए पर्याप्त अवसर देने की आवश्यकता होती है। ऐसा करने से आगे की कक्षाओं में भी सीखना बहुत ही आसान हो जाता है। संकुल समन्वयक विनोद सिन्हा के मार्गदर्शन में बालवाड़ी प्रा.शाला खट्टी व प्रा शाला कुम्हरमरा में 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के समस्त बच्चों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। 

शिक्षिका मीना ध्रुव व शिक्षिका पुष्पलता चक्रधारी के द्वारा उपरोक्त बालवाड़ी का कुशल संचालन किया जा रहा है। समय-समय पर निकट के प्राथमिक स्कूलों में ट्विनिंग आफ स्कूल कार्यक्रम के अन्तर्गत अनुभव लेने का अवसर दिया जाता है। शाला प्रबंधन, विकास समिति और पालकों की बैठक लेकर उन्हें 5 से 6 आयु- वर्ग के बच्चों के नियमित बालवाड़ी भेजने हेतु प्रेरित किया जाता है। छोटे बच्चों को उनकी अपनी भाषा में सिखने-सीखाने की व्यवस्था किया गया है। जिले में प्रचलित स्थानीय भाषा में सामग्री का निर्माण कर बच्चों को सीखने में सहयोग किया जाता है।

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शिक्षा सत्र 2022-23 से 40 प्रतिशत से अधिक 21 प्रकार के दिव्यांगता वाले विद्यार्थियों के लिए प्रावधान व छूट

 राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शासन के निर्णयानुसार शिक्षा सत्र 2022-23 से 40 प्रतिशत से अधिक 21 प्रकार के दिव्यांगता वाले विद्यार्थियों के लिए प्रावधान व छूट प्रदान किए जाने की अधिसूचना जारी की गई है। जिसके अनुसार दृष्टिबाधित, मूकबाधित, मानसिक रूप से दिव्यांग को 21 प्रकार के दिव्यांगजन- पूर्ण दृष्टिहीन, अल्प दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, मूकबाधित, मानसिक रूप से दिव्यांग (सेरेब्रल पील्सी), स्वलीनता, बौद्धिक, नि:शक्तता, मानसिक बीमारी, अस्थिबाधित, बहु-विकलांगता, कुष्ठरोग, मल्टीपल स्केलोरोसिस, हीमोफिलिया, थैलेसिमिया, पाकर््िसन्स रोग, मांसपेशी दुर्विकास, बौनापान, सिकलसेल, क्रोनिक न्यूरोलॉजिकल, अधिगम नि:शक्तता, तेजाब हमला पीडि़त। कक्षा 10वीं व 12वीं के नियमित एवं स्वाध्यायी परीक्षार्थियों को परीक्षा आवेदन शुल्क को छोड़कर शेष संपूर्ण शुल्क पर छूट दी जाएगी।

दृष्टिबाधित व मानसिक रूप से दिव्यांग को पूर्ण दृष्टिहीन, अल्प दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, मूक बाधित, मानसिक रूप से दिव्यांग (सेरेब्रल पॉल्सी), स्वलीनता, बौद्धिक नि:शक्तता, मानसिक बीमारी, बहु-विकलांगता, मल्टीपल स्केलोरोसिस, मांसपेशी दुर्विकास व अस्थिबाधित जो हाथ से दिव्यांग हो अथवा हाथ की हड्डी टूट जाने या हाथ की खराबी के कारण लिखने में सक्षम न हो उन्हें 1.30 घंटे का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इसी तरह दृष्टिबाधित दिव्यांग के लिए लेखक की व्यवस्था की जाएगी, जो एक कक्षा कम अध्ययनरत हो।

अन्य 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले व हाथ की हड्डी टूट जाने अथवा हाथ की खराबी के कारण लिखने में सक्षम न हो को हाईस्कूल, हायरसेकेण्डरी, फिजिकल एजुकेशन, डिप्लोमा इन एजुकेशन, परीक्षा के लिए लेखक अधिकतम कक्षा 9वीं में अध्ययनरत हो। नेत्रहीन, मूकबाधित व मानसिक रूप से दिव्यांग को पूर्ण दृष्टिहीन, अल्प दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, मूकबाधित, मानसिक रूप से दिव्यांग (सेरेब्रल पॉल्सी), स्वलीनता, बौद्धिक, नि:शक्तता, मानसिक बीमारी, अस्थिबाधित, बहु-दिव्यांगता, मल्टीपल स्केलोरोसिस, मांसपेशी दुर्विकास - ऐसे दिव्यांगजनों को हाईस्कूल में 3 भाषा के स्थान पर 2 भाषा व हायर सेकेण्डरी में 2 भाषा के स्थान पर 1 भाषा देने की सुविधा दी जाएगी।

नेत्रहीन, मूकबाधित, मूकबाधित विद्यार्थी दिव्यांगता के पूर्ण दृष्टिहीन, अल्प दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, मूकबाधित, मानसिक रूप से दिव्यांग (सेरेब्रल पॉल्सी), स्वलीनता, बौद्धिक नि:शक्तता, मानसिक बीमारी, बहु-विकलांगता, मल्टीपल स्केलोरोसिस, मांसपेशी दुर्विकास- ऐसे दिव्यांगजन गणित अथवा विज्ञान के स्थान पर आवश्यकता अनुसार संगीत अथवा चित्रकला ले सकेंगे। दृष्टिबाधित व मूकबाधित दिव्यांग को दृष्टिबाधित व मूकबाधित के लिए केवल हाईस्कूल परीक्षा में गणित विषय का प्रश्रपत्र अलग से तैयार किय जाएगा।

 

 

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जेईई मेन्स में आकांक्षा विद्यालय के छात्रों का उत्कृष्ट प्रदर्शन

 जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला प्रशासन की ओर से इस जिले के मेधावी छात्र/छात्राओं को मेडिकल व इजीनियरिंग की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे आईआईटी/जेईई मेन्स/नीट की तैयारी कराने के लिए आकांक्षा कार्यक्रम संचालित की जा रही है। शिक्षा सत्र वर्ष 2021-22 में जून/जुलाई 2022 में आयोजित आईआईटी-जेईई परीक्षा में आकांक्षा आवासीय विद्यालय से 33 छात्र/छात्राओं में से 06 छात्र/छात्रायें आईआईटी-जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई हुए है।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अनुसार पूरे भारत में इस वर्ष 10,26,799 विद्यार्थी शामिल हुए थे। इस वर्ष जून तथा जुलाई माह में आईआईटी-जेईई परीक्षा का आयोजन एनटीए की ओर से किया गया है। दोनों माह की परीक्षाओं में से क्वालिफाई (अच्छा स्कोर करने पर) होने पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में बी.टेक/बी.ई. करने का अवसर प्राप्त होता है, साथ ही आईआईटी-जेईई एडवांस की परीक्षा देने का भी अवसर प्राप्त होता है। इसी प्रकार आईआईटी-जेईई एडवांस क्वालिफाई होने पर भारतीय प्रौद्यौगिकी संस्थान (आईआईटी) में बी.टेक/बी.ई./बी.एस.सी./बी.एस. तथा ढ्ढढ्ढस्श्वक्र संस्थानों से बी.एस.सी. व एम.एस.सी. ड्यूल डिग्री कोर्स करने का अवसर प्राप्त होता है।

इस वर्ष एनटीए की ओर से घोषित परीक्षा परिणाम में आकांक्षा आवासीय विद्यालय से अमन बरेठ ने 94.00 (एनटीए स्कोर) प्राप्त किया। इसी प्रकार अन्य छात्र/छात्राओं जैसे विनय कश्यप, रितेश कैवत्र्य, आरिफ खान, तुलसी गोड़ ने भी आईआईटी-जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई किया है।

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स्कूल शिक्षा विभाग ने दिए ‘अंगना म शिक्षा’ मेलों के आयोजन के निर्देश

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में बच्चों की शिक्षा को रूचिपूर्ण बनाने और उन्हें खेल-खेल में ही विभिन्न विषयों की पढ़ाई कराने के लिए अंगना म शिक्षा कार्यक्रम चलाया जा रहा है। यह कार्यक्रम प्रत्येक स्कूल में शनिवार को आयोजित होगा। गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा हर शनिवार को बस्ताविहीन स्कूल के आयोजन के साथ ही अंगना म शिक्षा के तहत मेले के आयोजन के निर्देश दिए गए हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में छोटे बच्चों की माताओं को अपने बच्चों को घर पर रहकर स्कूल के लिए तैयार करने के उद्देश्य से महिला शिक्षिकाओं के नेतृत्व में ‘अंगना म शिक्षा’ कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। शीघ्र ही इसका अगला वर्शन ‘अंगना म शिक्षा 3.0’’ लागू किया जाएगा।

सभी जिला मिशन समन्वयक से कहा गया है कि जिन-जिन स्कूलों में अंगना म शिक्षा का एंडलाइन मेलों का जहां अंगना म शिक्षा मेलों का आयोजन नहीं किया जा सका था, वहां मेले का आयोजन किया जाए। विशेषकर मुंगेली और राजनांदगांव जिलों के जिला मुख्यालय एवं विकासखण्ड की महिला शिक्षिकाओं को तैयार कर इन मेलों को समस्त शालाओं में उनके बेहतर स्वरूप में आयोजित किए जाए। बच्चों को घर पर रहकर सीखने और माताओं को स्कूल से जोड़ने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाए।

इस वर्ष नवप्रवेश लिए हुए छोटे बच्चों की माताओें को भी स्मार्ट माताओं के माध्यम से इस कार्यक्रम से सक्रिय रूप से जोड़ें। इन्हें प्रशिक्षण के बदले अपने आस-पास के आंगनबाड़ी एवं प्राथमिक शालाओं में माह में कम से कम दो बार कक्षाओं में जाकर शिक्षकों द्वारा किए जा रहे अध्यापन का अवलोकन किया जाए। घर पर बच्चों को सीखाने के लिए आवश्यक तैयारी भी कर ली जाए। इस कार्य में स्मार्ट माताओं का भी सहयोग लिया जाए।

जिला, विकासखण्ड एवं संकुल स्तर पर अंगना म शिक्षा कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए प्राथमिक शालाओं में कार्यरत महिला शिक्षिकाओं के दल का पुनर्गठन कर एक ऊर्जावान टीम तैयार की जाए। पूर्व में इस कार्यक्रम से जुड़े बहुत सी महिला शिक्षकाओं का प्रमोशन होने की वजह से वे उच्च प्राथमिक कक्षाओं में चली गई हैं। इस कार्य के लिए पूर्व से सक्रिय जिले की टीम से सहयोग लेकर उन्हें नेतृत्व प्रदान किया जाए।

शिक्षकों द्वारा पालकों के मोबाइल नम्बर लेते हुए उनके गु्रप बनाकर नियमित कहानियां और अन्य सामग्री भेजे जाने की व्यवस्था की जाए। बच्चों को शाला में शिक्षकों द्वारा इस बात पर जिद करने की सलाह दी जाए कि मोबाइल में भेजी जा रही सामग्री को घर पर सभी एक साथ बैठकर सुनकर आनंद लें। ऐसी जिद करने से पालक बच्चों को घर पर मोबाइल का उपयोग कर कहानी सुनने के लिए अवसर दे सकेंगे।

आंगनबाड़ी एवं प्राथमिक शालाओं में सभी शाला योग्य जाने वाले बच्चों को अनिवार्यतः प्रवेश दिलवाएं। नवीन खुल रहे बालवाड़ियों में बच्चों की दर्ज संख्या को बढ़ाने के लिए अभियान चलाकर इन केन्द्रों में प्रवेश योग्य सभी बच्चों का प्रवेश तत्काल सुनिश्चित करवाएं। सभी बच्चों को उनकी आयु अनुरूप वर्ण पढ़ पाना, शब्द, वाक्य एवं कहानी आदि पढ़ पाना, अंक पढ़ना, गिनती, सरल जोड़-घटना, गुणा-भाग के सवाल हर कर पाना अभ्यास कराया जाए, ताकि मूलभूत साक्षरता एवं गणितीय कौशल विकास की दिशा में कार्य किया जा सके।

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शिक्षकों ने छात्रों के हितार्थ अतिरिक्त कक्षाएं किए शुरू

शाम 4 बजे से 5 बजे तक ले रहे अतिरिक्त कक्षाएं

सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विगत दिनों शिक्षकों की हड़ताल अवधि 25 से 29 जुलाई तक आकाश में रहने के कारण अध्यापन कार्य की क्षतिहुई है व बच्चों के हितार्थ क्षतिपूर्ति के लिए जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय ने जिले के सभी संस्था प्रमुखों, शिक्षकों से अपील गई थी। अतिरिक्त समय व अवकाश के दिनों में भी कक्षाएं संचालित कर अध्ययन अध्यापन की क्षतिपूर्ति के लिए शिक्षकों की ओर से 4 बजे से 5 बजे तक अध्यापन कार्य कर अधूरे कोर्स को पूर्ण कराया जा रहा है।

जिला शिक्षा अधिकारी वी.के. रॉय ने बताया कि केतका, तिवरागुड़ी, डीडरी, श्याम नगर, कल्याणपुर, दंडकरवां सहित अन्य स्कूलों में छात्रों के हितार्थ शिक्षकों की ओर से अतिरिक्त कक्षा लगाकर कोर्स पूर्ण किया जा रहा है।

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यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों के लिए चिंतित सिंहदेव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र, किया यह आग्रह...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखकर यूक्रेन से वापस आए मेडिकल छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पूरी कराने के लिए शीघ्र नीतिगत निर्णय लेने का अनुरोध किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने विगत मार्च में भी उन्हें पत्र लिखकर इस संबंध में जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया था। रुस-यूक्रेन युद्ध के कारण प्रदेश के 207 मेडिकल विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़कर देश लौटना पड़ा है।


स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने अपने पत्र में कहा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध से उत्पन्न हुई गंभीर परिस्थितियों के कारण यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भारतीय मूल के सभी छात्र-छात्राओं को भारत सरकार द्वारा सकुशल वापस लाया गया है। बड़ी संख्या में देश वापस आए छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों के मेडिकल छात्र-छात्राओं के भविष्य एवं आगे की शिक्षा को लेकर मैंने आप से पहले भी पत्र के माध्यम से तत्काल समुचित पहल का आग्रह किया है।

मंत्री सिंहदेव ने छत्तीसगढ़ यूक्रेन मेडिकल पैरेन्ट्स एंड स्टूडेन्ट एसोशिएशन, रायपुर का पत्र भी संलग्न कर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को भेजा है जिसमें यूक्रेन से लौटे 207 छात्र-छात्राओं एवं उनके पालकों ने भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। मंत्री सिंहदेव ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार भी छात्र-छात्राओं के भविष्य को लेकर समुचित कार्ययोजना के अंतिम चरण में होगी‌। उन्होंने इस संवेदनशील विषय पर शीघ्र नीतिगत निर्णय लेने का आग्रह किया है।

स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने मांडविया से अनुरोध किया है कि प्रभावित सभी छात्रों के अध्ययनरत् समयावधि को आधार मानकर देश के मेडिकल कॉलेजों में अतिरिक्त सीटें आबंटित कर उन्हें समायोजित किया जाए जिससे प्रभावित छात्र-छात्राओं का भविष्य सुरक्षित एवं सुनिश्चित हो सके‌। इससे देश में डॉक्टरों की कमी भी दूर होगी एवं चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ जनमानस को प्राप्त हो सकेगा।

 

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डी.ए.व्ही. स्कूलों में शासन कोटा की आरक्षित सीटों के लिए चयन सूची जारी

 

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के अंतर्गत संचालित डी.ए.व्ही. मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल गोढ़ी, गोबरीपाट, देवरीखुर्द व परसावेद में शासन कोटा के 8 प्रतिशत सीट पर जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन उपरांत चयन सूची जारी कर दी गई है। सूची सभी डी.ए.व्ही. मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूलों में चस्पा कर दिया गया है। चयनित छात्र-छात्रा समय सीमा में आवश्यक दस्तावेजों के साथ संस्था में प्रवेश प्राप्त कर सकते है। पालक आवश्यक दस्तावेजों सहित अपने बच्चों का प्रवेश कराने संस्था से सम्पर्क कर सकते है।  डी.ए.व्ही. मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल गोढ़ी में 8, गोबरीपाट में 11, देवरीखुर्द में 7 व परसावेद के 6 छात्रों को मिलाकर कुल 32 छात्रों का चयन किया गया है। 

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बीएएसएलपी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन 20 तक

 12वीं जीव विज्ञान अथवा गणित विषय से उत्तीर्ण विद्यार्थी कर सकते हैं आवेदन

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर के नाक, कान, गला रोग विभाग (ईएनटी) के अंतर्गत संचालित बैचलर ऑफ ऑडियोलॉजी एंड स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजी (बी. ए. एस. एल. पी.) पाठ्यक्रम 2022 में प्रवेश लेने के लिए आवेदन पत्र वेबसाईट रायपुर बीएसएलपी डॉट ओ आर जी/https://raipurbaslp.org/ में उपलब्ध है। प्रवेश संबंधित नियम, आवेदन प्रारूप एवं अन्य जानकारी हेतु इच्छुक छात्र-छात्रायें उल्लेखित वेबसाइट का अवलोकन कर सकते हैं। वेबसाइट में उपलब्ध फार्म को डाउनलोड करके एवं भरकर डिमांड ड्राफ्ट के साथ ईएनटी डिपार्टमेंट, कक्ष क्रमांक 244, सेकंड फ्लोर, डाॅ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर, छत्तीसगढ़ के पते पर भेजा जा सकता है। पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र को स्पीड पोस्ट/रजिस्टर्ड पोस्ट/ सामान्य डाक द्वारा जमा करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त 2022 है। आवेदकगण लेट फीस के साथ 22 अगस्त तक फार्म जमा कर सकते हैं। मेरिट लिस्ट जारी करने की तिथि 27 अगस्त है। मेरिट लिस्ट के प्रकाशन पश्चात् 03 सितंबर तक दावा आपत्ति किये जा सकते हैं। प्रवेश हेतु काउंसलिंग की प्रक्रिया सोमवार 7 सितंबर को प्रारंभ होगी। भर्ती से संबंधित अधिक जानकारी के लिए दूरभाष क्रमांक 07712890137 पर कार्यालयीन समय में सम्पर्क किया जा सकता है।

यह चार वर्ष का पैरामेडिकल कोर्स है। इस पाठ्यक्रम को भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) से मान्यता प्राप्त है। यह एक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम है जिसमें बारहवीं जीव विज्ञान अथवा गणित विषय से उत्तीर्ण होने के बाद प्रवेश लिया जा सकता है।  बैचलर ऑफ ऑडियोलॉजी एंड स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजी  की पढ़ाई करने के बाद शासकीय, गैर शासकीय अथवा निजी अस्पतालों, बाल विकास केन्द्रों, पुनर्वास केन्द्रों पर आवश्यकतानुसार सेवा एवं रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं।
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स्कूल शिक्षा प्रमुख सचिव ने किया बसना स्वामी आत्मानंद स्कूल का निरिक्षण, की तारीफ़

 महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला शनिवार को महासमुंद ज़िले के एक दिवसीय दौरे पर आए। अपने दौरे के अंत में बसना के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूल पहुँचे। विधार्थियो और शिक्षकों से बात की। उनके साथ कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर, सीईओ ज़िला पंचायत एस.आलोक, एसडीएम श्रीमती नम्रता जैन, डीईओ श्रीमती एस. चन्द्रसेन सहित अन्य विभागों के अधिकारी साथ थे।

प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने विद्यालय को देख कर अद्भुत कहा। उन्होंने प्राचार्य और शिक्षकों के पढ़ाने स्कूल की व्यवस्था विशिष्ट प्रयोगशालाएं, अच्छा पुस्तकालय, उत्कृष्ट सीखने का माहौल आदि की प्रशंसा और तारीफ़ की। जाने के बाद उन्होंने कलेक्टेर को अंग्रेज़ी में मेसेज किया कि जिसका सार है कि प्राचार्य और शिक्षक असाधारण हैं। छात्र बहुत अच्छे हैं। विशिष्ट प्रयोगशालाएं, अच्छा पुस्तकालय, उत्कृष्ट सीखने का माहौल, अंग्रेजी और हिंदी माध्यम के बीच अच्छा समन्वय है। उन्होंने इसके लिए कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर, एसडीएम सरायपाली श्रीमती नम्रता जैन सहित डीईओ को बधाई दी। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ तस्वीर खिंचवाई।

प्रमुख सचिव शुक्ला सबसे पहले महासमुंद विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पटेवा का आकस्मिक निरीक्षण कर शिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया। उसके बाद पिथौरा के बागरपाली गोठान का अवलोकन कर महिला समूह की महिलाओं से बातचीत की और गतिविधियाँ देखी।

 

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स्वामी आत्मानन्द स्कूलों में बढ़ेगी सुविधाएं, प्राचार्यों की मांग पर कलेक्टर ने जताई सहमति

 जांजगीर-चाम्पा (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  जिले के स्वामी आत्मानन्द शासकीय उत्कृष्ट विद्यालयों के प्राचार्यों ने स्कूल में अधोसंरचना से संबंधित अनेक कार्यों की मांग रखी है। स्कूल में अतिरिक्त भवन, शौचालय, कीचन, लैब भवन सहित बाऊण्ड्रीवॉल आदि के लिए मांग आने पर कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने निर्माण एजेंसियों को संबंधित स्कूलों में जाकर स्टीमेट बनाने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्कूल के प्राचार्यों की बैठक लेकर कलेक्टर ने वहां की समस्याओं की जानकारी ली और कहा कि स्वामी आत्मानन्द शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय योजना के रूप में शासन की जो मंशा है, वह धरातल पर नजऱ आनी चाहिए। विद्यालय में गरीब वर्ग के विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। उन्हें गुण्वत्तापूर्ण शिक्षा मिले और सुविधाएं भी पर्याप्त हो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। आप लोग वर्तमान में जो कमियां है, उसे दूर करने ईमानदारीपूर्वक कार्य करे और जिले में प्रदेश का सबसे बढिय़ा स्वामी आत्मानन्द विद्यालय बनाए। 

कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कुमुदनी बाघ द्विवेदी को निर्देशित किया कि प्राचार्यों से समन्वय बनाकर विद्यालय में अधोसंरचना के कार्यों को गति दें। कलेक्टर ने स्कूल भवन निर्माण एजेंसियों पीडब्ल्यूडी, आरईएस, हाऊसिंग बोर्ड के अधिकारियों से पूर्व में किये गये कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्कूल को बेहतर से बेहतर बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। स्कूल बेहतर होंगे और अच्छी शिक्षा मिलेगी तो यहाँ से निकलने वाले विद्यार्थी बेहतर भविष्य बना पायेंगे। देश का नाम रौशन करेंगे। स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट शासकीय विद्यालय योजना एक बहुत ही महत्वपूर्ण और महत्वकांक्षी योजना है। इससे सभी को मन से जुड़कर कार्य करने की आवश्यकता है। कलेक्टर सिन्हा ने स्कूलों के आवश्यकताओं को ध्यान रखकर स्टीमेट बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने उत्कृष्ट लैब, आधुनिक स्तर का शौचालय, कमरे सहित अन्य जरुरतों पर ध्यान फोकस करने के निर्देश देते हुए कहा कि दिए गए राशि का सदुपयोग ईमानदारी के साथ किया जाना चाहिए। 

कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों की कक्षाओं में प्राकृतिक हवाएं, रोशनी आ सकें, वेन्टीलेशन और एक्जास्ट हो, ताकि पढ़ाई करते समय किसी को बैचेनी महसूस न हो। उन्होंने मच्छरों को रोकने खिड़कियों में जाली लगाने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने कुछ स्वामी आत्मानन्द शासकीय उत्कृष्ट विद्यालयों में अतिरिक्त फर्नीचरों को अन्य स्कूलों में पहुचाने के भी निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त कलेक्टर ज्योति पटेल, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती कुमुदनी बाघ द्विवेदी और प्राचार्य उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत काउंसिंलिंग में शामिल हुए 25 युवक

 धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनान्तर्गत जिला कौशल विकास प्राधिकरण के समन्वय से युवाओं को नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने व आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शनिवार सुबह पॉलीटेक्निक कॉलेज रूद्री में इलेक्ट्रिशियन कोर्स में की काउंसिलिंग की गई। इसमें 25 युवा उपस्थित हुए जिनका नि:शुल्क प्रशिक्षण हेतु  काउंसलर द्वारा युवाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण हेतु विस्तृत जानकारी देते हुए युवा कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर से अवगत कराया गया। साथ ही काउंसलिंग के उपरांत युवाओं को विद्युत कार्यशाला व वीटीपी सेंटर का भ्रमण कराया गया। सहायक संचालक कौशल विकास ने अपील की है कि जिले के इच्छुक युवा जो इलेक्ट्रिशियन कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते हैं, वे जिला कौशल विकास प्राधिकरण कार्यालय प्रथम तल कक्ष 10 में उपस्थित होकर अपना आवेदन जमा कर सकते है। उक्त काउंसलिंग कार्यक्रम में लोकेन्द्र सिंह, (प्राचार्य) शास. पॉलीटेक्निक कॉलेज रूद्री भी उपस्थित थे। 

 

 

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11 से 17 अगस्त तक जिले में उत्साह पूर्वक मनाया जाएगा स्वतंत्रता सप्ताह

 जशपुरनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आजादी की 75वीं वर्षगांठ के पावन अवसर पर पूरे देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। आगामी स्वतंत्रता दिवस को खास बनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आह्वान पर प्रदेश में 11 अगस्त से 17 अगस्त तक स्वतंत्रता सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत 13 से 15 अगस्त तक आमजनों में देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए प्रत्येक घर, शासकीय, अर्धशासकीय और निजी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, व्यवसायिक-वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, गैर सरकारी संगठनों के कार्यालयों में भी सम्मान के साथ राष्ट्रध्वज फहराया जाएगा साथ ही विविध कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।

कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन में जिले में हर घर तिरंगा अभियान की उत्साहपूर्वक तैयारी की जा रही है। जिले में महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से झण्डा संहिता द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार ध्वज तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। समूह की महिलाएं ध्वज की  सिलाई  कार्य में सतत  लगी हुई हैं। कलेक्टर कार्यालय में  समूह की महिलाओं की ओर से निर्मित तिरंगा का स्टॉल के माध्यम से विक्रय के लिए उपलब्ध कराया गया है। साथ ही सभी जनपदों में कार्यक्रम की सफलता के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। इसी कड़ी में आज नगर पंचायत बगीचा में टीम जय हो, नेहरू युवा केन्द्र, राजीव युवा मितान क्लब व रानी दुर्गावती महिला मंडल बगीचा के द्वारा लोगों को अभियान के प्रति जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार कुनकुरी नगर पंचायत में जनजागरूकता के लिए कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कलेक्टर अग्रवाल ने हर नागरिक के मन में राष्ट्र और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को और बढ़ाने, मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता और राष्ट्रीयता की भावना संवर्धित करने हेतु सभी जिलेवासियों से हर घर तिरंगा अभियान में अपनी सहभागिता निभाने व अभियान को सफल बनाने की अपील की है।

 
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मेडिकल शिक्षा इसी सत्र में चालू करने सांसद पहुंची स्वास्थ्य मंत्रालय

 मान्यता के लिए लगातार प्रयासरत ज्योत्सना महंत ने फिर लिखा पत्र

रायपुर (छ.ग. दर्पण) छत्तीसगढ़ राज्य के कोरबा लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत कोरबा में भारत सरकार के केंद्रीय प्रवर्तित योजना के अंतर्गत मेडिकल कॉलेज की स्थापना दो वर्ष पूर्व हो चुकी है। इन दो वर्षों में भी यहां चिकित्सा महाविद्यालय के लिए शैक्षणिक सत्र प्रारंभ करने की स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। कोरबा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत के द्वारा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा की पढ़ाई प्रारंभ कराने के लिए लगातार प्रयास और पत्र व्यवहार किया जा रहा है। इस कड़ी में सांसद के द्वारा पुन: एक पत्र केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्री मनसुख मांडविया को लिखा गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को सांसद ने अपने पत्र में मेडिकल कॉलेज में शिक्षा प्रारंभ करने की स्वीकृति प्रदान करने की मांग दोहराई है। सांसद ने उन्हें अवगत कराया है कि 8 जून 2022 को एनएमसी की टीम द्वारा चिकित्सा महाविद्यालय, कोरबा का वर्चुअल वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निरीक्षण किया गया था, जिसमें महाविद्यालय के लिए तैयारियों के संबंध में भवन निर्माण, भूमि, चिकित्सा शिक्षकों, लाइब्रेरी, लैब आदि का निरीक्षण उपरांत तैयारियों पर संतुष्टि प्रकट की गई थी। उनके द्वारा सीटी स्केन मशीन की जानकारी चाही गई जिसकी पूर्ति के लिए निविदा जारी की जा चुकी है। इस बीच छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के लिए चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 100 सीटों के लिए अनुमति दी जा चुकी है किन्तु कोरबा के लिए स्वीकृति जारी नहीं हुई है।

 

सांसद ने कहा है कि कोरबा आदिवासी एवं कोयलांचल क्षेत्र है। यहां के निवासियों की स्वास्थ्य सुविधा एवं उनकी भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए एवं छोटी-छोटी कमियों पर ध्यान न देते हुए कोरबा मेडिकल कॉलेज में शिक्षा प्रारंभ करने के लिए स्वीकृति प्रदान करने समुचित निर्देश जारी किया जाए।

उल्लेखनीय है कि कोरबा सांसद मेडिकल कॉलेज स्थापना से लेकर यहां की सुविधाओं में बेहतरी के लिए लगातार प्रयासरत रहीं हैं। उन्होंने फिर एक बार इस ओर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान आकर्षण कराया है ताकि जल्द से जल्द मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक कार्य प्रारंभ किया जा सके।

 

 

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नहीं-नहीं, यह ऐसा है, फिर कलेक्टर ने छात्र को सुनाया संस्कृत का यह श्लोक...


34 साल बाद, कलेक्टर को था यह श्लोक याद, छात्र के नहीं बोल पाने पर सुना कर बताया

 जांजगीर-चाम्पा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग विकासखंडों और अलग-अलग स्कूलों में लगातार दौरा कर रहे कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा न सिर्फ विद्यालयों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने की कोशिश कर रहे हैं, वे अनुपस्थिति या विलंब से आने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश भी दे रहे हैं। इसके साथ ही कलेक्टर सिन्हा शिक्षकों को उनका कर्तव्य और विद्यार्थियों को शिक्षा का महत्व भी बता रहे हैं। 

कलेक्टर सिन्हा कई स्कूलों में शिक्षक की भूमिका में आकर बहुत आत्मीयता के साथ जिले के विद्यार्थियों को पढऩे-लिखने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। उनकी इस प्रेरणा का असर कलेक्टर के स्कूल में आते ही दिखने भी लगा है। ऐसे ही बलौदा ब्लाक के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जावलपुर में जब कलेक्टर वहां शिक्षकों की उपस्थिति की जांच के बाद क्लास में पहुंचे तो कई विद्यार्थियों को शायद कलेक्टर के सवाल का इंतजार था। इस बीच कलेक्टर ने भी कुछ विद्यार्थियों को कठिन सा लगने वाले विषय संस्कृत का कोई श्लोक सुनाने कहा। कुछ सेकण्ड तक विद्यार्थी इधर-उधर देखने लगे, कलेक्टर ने प्रोत्साहित करते हुए कहा डरिये नहीं सुनाइये। मैं आपकों कुछ इनाम भी दूंगा। इतने में सामने ही बैठा एक छात्र देवेंद्र खड़ा हुआ और श्लोक पढ़कर सुनाने लगा। छात्र की ओर से सुनाए जा रहे श्लोक में कुछ शब्द छूट गए जो कलेक्टर ने तुरंत ही उन्हें रोकते हुए कहा नहीं-नहीं। यह श्लोक ऐसा है। फिर कलेक्टर ने क्लास में सभी विद्यार्थियों के बीच संस्कृत का यह श्लोक' शैले शैले न माणिक्यं मौक्तिकं न गजे गजे। साधवो न हि सर्वत्र चन्दनं न वने वने' पढ़कर सुनाया और हिन्दी में भावार्थ भी बताया (हिन्दी में-सभी पहाड़ों पर मणि नहीं प्राप्त होती, सभी हाथियों में गजामुक्ता नामक मोती नहीं पाये जाते। 

सज्जन लोग सभी जगह नहीं पाये जाते और चन्दन का वृक्ष सभी वनों में नही पाया जाता। अर्थात ये सब मणि, मोती, साधु, चन्दन का वृक्ष बड़े ही दुर्लभ होते हैं) कलेक्टर सिन्हा ने विद्यार्थियों को बताया कि 34 साल पहले जब वह कक्षा नवमीं में पढ़ाई करते थे, तब संस्कृत विषय के अनेक श्लोकों को अच्छे से याद किया करते थे। इसलिए उन्हें आज भी यह श्लोक भलीभांति याद है। कलेक्टर ने मैं स्कूल जाता हूं का संस्कृत में अनुवाद पूछा तो पीछे की ओर बैठी छात्रा दीपाक्षी ने इसका सही जवाब देते हुए श्लोक सुनाने की इच्छा जताई। कलेक्टर की सहमति के पश्चात दीपाक्षी ने सुनाया कि अलसस्य कुतो विद्या, अविद्यस्य कुतो धनं। अधनस्य कुतो मित्रं, अमित्रस्य कुत: सुखं (हिन्दी में-जो आलस करते हैं, उन्हें विद्या नहीं मिलती, जिनके पास विद्या नहीं होती, वो धन नहीं कमा सकता, जो निर्धन हैं उनके मित्र नहीं होते और मित्र के बिना सुख की प्राप्ति नहीं होती) कलेक्टर ने दीपाक्षी और देवेन्द्र के लिए सभी विद्यार्थियों से ताली बजवाने के साथ उन्हें बधाई के साथ पुरस्कार भी दिया और सभी को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कहा कि आप लोग भी अच्छे से पढ़ाई करिये। आपकी पढ़ाई ही आपकों एक दिन सफलता के शिखर पर पहुचाएगी। आपको अच्छी नौकरी मिलेगी। उन्होंने शिक्षकों से भी कहा कि विद्यार्थियों को अच्छे से पढ़ाइये। समय पर स्कूल आइये। शिक्षा व ज्ञान देने में किसी तरह की कोई कमी मत करिए।

 
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कलेक्टर ने लिया आंगनबाड़ी, स्कूल, छात्रावास में बच्चों को मिलने वाली सुविधा का जायजा

 शासकीय प्राथमिक शाला रहमानकापा के प्रधानपाठक को कारण बताओ नोटिस

कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर जनमेजय महोबे ने बुधवार को पंडरिया विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्रों  का भ्रमण कर वहां के आंगनबाड़ी, स्कूल, छात्रावास में बच्चों को मिलने वाली सुविधा और वहां की व्यवस्था तथा संसाधनों का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने ग्राम रहमानकापा के आंगनबाड़ी केंद्र, शासकीय प्राथमिक शाला तथा ग्राम पटौहा के आंगनबाड़ी केन्द्र, ग्राम कुई के आदिवासी बालक छात्रावास और आदिवासी कन्या छात्रावास का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां बच्चों से बात करके नाश्ता, भोजन सहित अन्य व्यवस्था की जानकारी ली।

कलेक्टर महोबे ने शासकीय प्राथमिक शाला रहमानकापा के प्रधानपाठक के अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस तथा ग्राम कुई के आदिवासी कन्या छात्रावास की आधीक्षिका के अनुपस्थित रहने पर जांच रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी, छात्रावास की व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्था सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रतिदिन भोजन मीनू के अनुसार मिलना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सीडीपीओ, बीएमओ, सुरवाइजर सहित अन्य अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भवन मरम्मत योग्य है उन्हे जल्द ही मरम्मत कराए। जो भवन अति जर्जर स्थिति में है उसमे कोई भी कक्षा संचालित नही करे। उन्होंने ग्राम कुई के आदिवासी बालक छात्रावास के निरीक्षण के दौरान कहा कि वहा बच्चों के लिए पढ़ाई के लिए तथा उसके रहने के लिए रूम में बिस्तर की पूरी व्यवस्था रहे।
 
कलेक्टर महोबे ने आंगनबाड़ी, स्कूल, छात्रावास के किचन में भोजन की गुणवत्ता को परखा। उन्होंने कहा कि बच्चो को पौष्टिक भोजन मिलना चाहिए। सभी जगह भोजन मीनू के अनुसार भोजन खिलाया जाए। बच्चों को समय में नाश्ता और भोजन मिलना चाहिए। उन्होंने छात्रावास ने खाद्य स्टोर रूम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी और स्कूल में बच्चों के उपस्तिथि पंजी की भी जांच की। उन्होंने शौचालय को साफ सुथरा रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, पंडरिया एसडीएम , जनपद पंचायत पंडरिया के सीईओ, उपस्थित थे।
 
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी में बच्चों को खिलौना दिया तो झूम उठे बच्चे
आलू के चालू बेटा कहा गए थे सब्जी के टोकरी में सो रहे थे......कलेक्टर जब आंगनबाड़ी केन्द्र रहमानकापा पहुंचे तब बच्चे इस कविता को लय में दोहरा रहे थे। आंगनबाड़ी के बच्चां को इस कविता को गाते देखकर वे प्रसन्न हुए और बच्चों के पास बैठकर उनसे बाते करने लगे। बच्चों के ज्ञान को परखने के लिए उसके नाम के सामने लटके थैले को नाम पुकार कर लाने के लिए कहा। बच्चों की उत्सुकता देखकर उन्होंने बच्चों के खेलने के लिए खिलौना निकाला तो बच्चे खुशी से झूम उठे। बच्चे के इस प्रतिक्रिया को देखकर कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से कहा कि बच्चे को सिखाने के लिए उसे हमेशा खुश रखे। खेले-खेल के माध्यम से ही बच्चों को ज्ञान की बाते सिखाई जाए। जिसे बच्चे जल्दी ग्रहण करते है।
 
कलेक्टर ने ब्लैक बोर्ड में दिए गणित के सवाल, बच्चों ने किया तत्काल हल
ग्राम रहमानकापा के शासकीय प्राथमिक शाला के बच्चों की अनोखी प्रतिभा उस समय पता चला जब कलेक्टर स्कूल में निरीक्षण करने पहुंचे। कलेक्टर स्कूल के निरीक्षण के दौरान जब कक्षा में पहुंचे तब विद्यार्थियों से उनके पढ़ाई के बारे में जानकारी ली । इस दौरान उन्होंने बच्चों से पहाड़ा पूछा। कक्षा चौथी के विद्यार्थी भूपेश ने जब 29 और 33 का पहाड़ा और कक्षा पांचवी की छात्रा भूमिका ने 25 का पहाड़ा सुनाया तो कलेक्टर उनके प्रतिभा से प्रभावित हुए। उन्होंने उन बच्चों को आगे अधिक पढ़ने के लिए प्रेरित किया और हर संभव सहयोग करने की बात कही। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने बच्चे को अपना पेन देकर पुरस्कृत भी किया। कलेक्टर ने शिक्षकों द्वारा दिए जा रहे पढ़ाई की गुणवत्ता को परखने गणित के सवाल हल करने के लिए दिए। बच्चों ने सवाल को हल करके दिखाया।
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