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कांग्रेस के मंत्री खुद ही भांग खा कर बम थे : नारायण चंदेल

 अंबिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। तीन दिवसीय दौरा पर अंबिकापुर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने संकल्प भवन भाजपा कार्यालय में प्रेस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा दुनिया की ऐसी पार्टी है जो कार्यकर्ताओं की पार्टी है। संगठन ने मुझ पर विश्वास जताया है और नेता प्रतिपक्ष के रूप में मुझ जैसे छोटे कार्यकर्ता को जिम्मेदारी सौंपी है। आगे उन्होंने कहा कि हमारा मिशन 2023 छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाना है, पौने 4 साल बीत गए लेकिन अभी तक छ.ग. कांग्रेसी सरकार का विजन समझ में नहीं आया है, इस सरकार की दशा दिशा दोनों खराब हो चुके हैं, 36 बिंदु की जंग घोषणा से लेकर अन्य कई वादों को अभी तक पूरा नहीं किया है, झूठ के पुलिंदों पर टिकी इस कांग्रेसी सरकार में संवैधानिक संकट उत्पन्न हो गया है, एक तरफ भूपेश सरकार के मंत्री अपनी असफलता को छुपाने के लिए पंचायत विभाग से स्तीफ दे रहे हैं और अपने ही सरकार पर जनता को छलने को लेकर सील मोहर लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर रेत माफिया से लेकर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

अंबिकापुर क्षेत्र पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यहां विकास कार्य के नाम पर कुछ नहीं दिखाई दे रहा है, भाजपा के समय में 106 करोड़ रुपए की अमृत जल मिशन अंतर्गत पाइप लाइन बिछाने थे 24 घंटा पानी की सप्लाई देनी थी परंतु यह कांग्रेस सरकार इस योजना का सही कार्यान्वयन तक नही कर सकी, शहर के कई जगहों पर अभी भी लोग गंदे पानी पीने को मजबूर हैं, इस मद के सारे पैसे खर्च हो गए लेकिन काम धरातल से नदारद है। भाजपा सरकार समय के अधिकांश जनहित योजनाओं को बंद कर दिया गया यहां तक कि हमारे अभिभावक बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्रा योजना को भी बंद कर दिया गया,  भूपेश सरकार कंगाली के कगार पर खड़ी है, कर्जा का ब्याज पटाने के लिए कर्जा ले रही है।

 
 



नशा मुक्ति केंद्र के कार्यक्रम में शामिल हुए कांग्रेस के मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम द्वारा किए गए कथन पर उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र में मंत्री खुद ही भांग खा कर गए थे, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अपने मंत्रियों के लिए यह दिशा निर्देश जारी करना चाहिए कि सार्वजनिक जगहों पर जाकर ऐसे स्तरहीन कथन न करें।

 
 



भाजपा के कार्यक्रमों पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि 9 सितंबर को राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आएंगे और समूचे प्रदेश से शामिल हुए बूथ के कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करेंगे।

 
 



इस अवसर पर पूर्व राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम, भाजपा जिला अध्यक्ष ललन प्रताप सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल सिंह मेजर, ओबीसी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सोनी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भारत सिंह सिसोदिया, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष प्रबोध मिंज, मण्डल अध्यक्ष मधुसूदन शुक्ला, जिला संवाद प्रमुख संतोष दास , जिला सह संवाद प्रमुख रूपेश दुबे सहित पार्टी के अन्य लोग मौजूद रहे।

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शिक्षा को एक मिशन के रूप में लेकर बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल करें : कलेक्टर

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शिक्षक सम्मान समिति सरगुजा के तत्वावधान में रविवार को शिक्षक दिवस के पूर्व संध्या पर शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बिकापुर में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि कलेक्टर कुन्दन कुमार के हाथों उत्कृष्ट कार्य करने वाले 50 शिक्षकों को शाल व श्रीफल देकर सम्मनित किया गया। समारोह का शुभारंभ भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति व शिक्षाविद डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के फोटो के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि शिक्षा ही एक मात्र ऐसा धन है जो जितना बांटने से उतना बढ़ता है। शिक्षक ज्ञान बांटकर देश की भविष्य उज्जवल करने के महत्वपूर्ण कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक शिक्षा को एक मिशन या आंदोलन के रूप में ले और बच्चो को इस तरह से पढ़ाएं कि कक्षा में सभी बच्चे उच्च अंको से पास हों। यह काम शिक्षकों के लिए कोई कठिन काम नहीं है। यदि वे ठान लेंगे तो इसे जरूर कर दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चे शिक्षकों के एक्शन और रिएक्शन को फॉलो करते है। इसलिए शिक्षकों को अपना व्यवहार बच्चां के अनुसरण वाला बनाना चाहिये। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षक उन बच्चों पर ज्यादा ध्यान दें जो समाज के अंतिम छोर में खड़े परिवारों से आते है।

इस अवसर पर निगम के एमआईसी के सदस्य द्वितेंद्र मिश्रा, शिक्षक सम्मान समिति के अध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव, शक़्कर कारखाने का अध्यक्ष विद्यासागर, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्रीमती शमा परवीन सहित अन्य शिक्षक और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने शिक्षक दिवस पर दी शिक्षकों को बधाई

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने शिक्षक दिवस पर प्रदेश के सभी शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि आज हमारे देश के शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राष्ट्रपति बनने के पहले एक महान शिक्षक थे, इसलिए उनका जन्मदिन पूरे देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। शिक्षक दिवस के दिन हमारे देश के शिक्षकों के प्रति सम्मान करने के लिए शिक्षक दिवस मनाया जाना गौरव की बात है। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. टेकाम ने आगे कहा कि छात्रों के व्यक्तित्व को आकार देने और भविष्य को उज्जवल बनाने में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें देश का एक आदर्श नागरिक बनाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षक हमारे जीवन में ज्ञान का प्रकाश करने के साथ जीवन को नई दिशा भी देते हैं। शिक्षक ज्ञान का स्रोत होते हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि दुनिया का सबसे कठिन काम है शिक्षण, क्योंकि एक शिक्षक के ऊपर कई छात्रों का भविष्य निर्भर करता है। शिक्षकों की जिम्मेदारी होती है कि प्रत्येक छात्र के भविष्य का निर्माण करें। छात्रों की अलग-अलग क्षमता एवं प्रतिभा होती है। उनके सोचने का तरीका भी अलग-अलग होता है, ऐसे में शिक्षक को प्रत्येक छात्र की क्षमता के अनुसार उनके कैरियर को बनाने के लिए योजना पर काम करना पड़ता है। इसलिए शिक्षा का काम आसान नहीं है, जितना लोगों को दिखाई पड़ता है। माता-पिता के बाद बच्चों का दूसरा अभिभावक शिक्षक ही होता है।



स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ढाई लाख शिक्षकों ने कोरोना महामारी के समय विपरीत परिस्थितियों में बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को बनाए रखने के लिए शिक्षा देने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सीखने के रचनात्मक और नवाचारी तरीके अपनाने में हमारे प्रदेश के शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी रही है। उन्होंने शिक्षकों से आव्हान किया कि शिक्षकीय पद की गरिमा को बनाए रखने के लिए शिक्षक निरंतर प्रयास करते रहें और शिक्षक की गुणवत्ता को बनाए रखें। उन्होंने 5 सितंबर को राष्ट्रीय स्तर,  राज्य स्तर तथा विभिन्न स्तर पर सम्मानित होने वाले समस्त शिक्षकों को विशेष रूप से बधाई दी है।

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मूणत को ईडी-सीबीआई ने प्रवक्ता कब बनाया : सुशील

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा प्रवक्ता पूर्व मंत्री राजेश मुणत द्वारा ईडी सीबीआई की पैरोकारी कांग्रेस ने भाजपा की तिलमिलाहट बताया है। कांग्रेस के मीडिया प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ईडी सीबीआई की वर्तमान में कार्यप्रणाली  पर सवाल खड़ा  किया है ।किस प्रकार वर्तमान मोदी सरकार विरोधी दल की सरकारों और नेताओ को परेशान करने की नीयत से दुर्भावना पूर्वक कार्यवाही कर रही किसी से छुपा नहीं है ।मोदी सरकार केंद्रीय एजेंसियों को भाजपा का गुंडा तंत्र बना कर रखी है ।जिस पर मर्जी आये उसे दबाने प्रताड़ित करने भेज दिया जाता है ।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा कांग्रेस सरकार पर पिछले 4 साल में भ्र्ष्टाचार के 4 रु का भी प्रमाणिक दस्तावेजी आरोप नहीं लगा पाई है । 36000 करोड़ के नान घोटाले ,अगस्ता हेलीकाप्टर से ले कर डीकेएस घोटाले के आरोपो से घिरे रमन सिंह के सहयोगी रहे राजेश मूणत  भ्रस्टाचार पर बात करने से पहले नान घोटाले डीकेएस घोटाले अगस्ता घोटाले पनामा पेपर मामले की भी इडी सीबीआई से जांच करवाने की मांग का साहस दिखाएंगे ?

राजेश मूणत को इडी की कार्यप्रणाली  और निष्पक्षता पर इतना ही भरोसा है तो रमन सिंह सहित उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों के पन्द्रह सालों में बढ़ी अकूत सम्पत्ति की भी जांच की मांग कर ले ।

कांग्रेस संचार प्रमुख ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता को पन्द्रह सालों के कुशासन के  बाद एक जनोन्मुखी सरकार और छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री मिला है जो उनके हितों केलिए सरकार चला रहा तथा किसानों ,आदिवासियों गरीबो मजदूरों महिलाओं के लिए योजना बना रहा उन योजनाओं का  प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा ।भाजपा के कमीशन खोरी वाली सरकार से बेहतर छत्तीसगढ़ियों की गोबर खरीदी वाली सरकार है जिसकी प्राथमिकता में कमीशनखोर के बजाय गरीब गोबर बीनने वाले और गो पालक है। छत्तीसगढ़ के भाजपाई खीझ में भूपेश सरकार की आलोचना कर रहे देश भर में भाजपा की सरकारें छग की नकल कर रहे।

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रेलवे ने फिर रद्द की गाड़ियां, कुछ चलेंगीं परिवर्तित मार्ग से, देखें लिस्ट...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल के लखोली- रायपुर आरवी ब्लॉक हट रेल खंड के बीच दुहारीकरण का कार्य, मंदिर हसौद रेलवे स्टेशन का यार्ड आधुनिकरण, लखोली - मंदिर हसौद के बीच नया रायपुर स्टेशन का कमीशनिंग, रायपुर -लखोली के बीच विद्युतीकरण का कार्य सहित अनेक कार्यो, नॉन इंटरलोकिंग का कार्य किया जाएगा।  इस कार्यों के फलस्वरूप कुछ गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। जिसकी जानकारी इस प्रकार है


इस दौरान रद्द होने वाली गाड़ियां :
1.  07 सितम्बर को गांधीधाम से चलने वाली 22973 गांधीधाम - पूरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
2. 10 सितम्बर को पूरी से चलने वाली 22974 पूरी - गांधीधाम एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

 
 


3.  11 सितम्बर को विशाखापटनम से चलने वाली 18518 विशाखापटनम - कोरबा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

 


4.  12 सितम्बर को कोरबा से चलने वाली 18517 कोरबा - विशाखापटनम  एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
5.  06 एवं 16 सितम्बर को रायपुर से चलने वाली 08275 रायपुर - जुनागढ़ रोड स्पेशल रद्द रहेगी।

 


6. 07 एवं 17 सितम्बर को जूनागढ़ रोड से चलने वाली 08276 जुनागढ़ रोड- रायपुर स्पेशल रद्द रहेगी।
7.  06 एवं 12 सितम्बर को विशाखापटनम  से चलने वाली 18530 विशाखापटनम - दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
8.  07 एवं 13 सितम्बर को दुर्ग से चलने वाली 18529 दुर्ग - विशाखापटनम एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
9.  06 एवं 12 सितम्बर को टिटलागढ़  से चलने वाली 08277 टिटलागढ़ -रायपुर स्पेशल रद्द रहेगी।

 


10.  07 एवं 13 सितम्बर को रायपुर से चलने वाली 08278 रायपुर - टिटलागढ़  स्पेशल रद्द रहेगी।

बीच में समाप्त होने वाली गाड़ियां :-
1.  06 से 15 सितम्बर तक पूरी से चलने वाली 18425 पूरी - दुर्ग एक्सप्रेस को महासमुंद स्टेशन ही समाप्त होगी यह गाड़ी महासमुंद एवं दुर्ग के रद्द रहेगी।
2. 07 से 16 सितम्बर तक दुर्ग से चलने वाली 18426 दुर्ग - पूरी एक्सप्रेस को महासमुंद स्टेशन से ही पूरी के लिए रवाना होगी, गाड़ी दुर्ग एवं महासमुंद के रद्द रहेगी।

 


3.  06 से 12 सितम्बर तक विशाखापटनम से चलने वाली 08528 विशाखापटनम - रायपुर स्पेशल को महासमुंद स्टेशन ही समाप्त होगी यह गाड़ी महासमुंद एवं रायपुर के रद्द रहेगी।
4. 07 से 13 सितम्बर तक रायपुर से चलने वाली 08527 रायपुर - विशाखापटनम  स्पेशल को महासमुंद स्टेशन ही समाप्त होगी यह गाड़ी रायपुर एवं महासमुंद के रद्द रहेगी।

 

परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ियां :-
1.  08 एवं 11 सितम्बर को तिरुपति से चलने वाली 17482 तिरुपति -बिलासपुर  एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग टिटलागढ़ - संबलपुर - झारसुगुड़ा -बिलासपुर होकर चलेगी।  
2.  10 एवं 13 सितम्बर को बिलासपुर से चलने वाली 17481 बिलासपुर - तिरुपति  एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग टिटलागढ़ - संबलपुर - झारसुगुड़ा -बिलासपुर होकर चलेगी।  
3.  06, 08, 09, 10, 13 एवं 15 सितम्बर को पूरी से चलने वाली 12843 पूरी - अहमदाबाद एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग टिटलागढ़ - संबलपुर - झारसुगुड़ा -बिलासपुर होकर चलेगी।  
4.  08, 10, 11, 12 एवं 15 सितम्बर को अहमदाबाद से चलने वाली 12844 अहमदाबाद- पूरी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग टिटलागढ़ - संबलपुर - झारसुगुड़ा -बिलासपुर होकर चलेगी।  
5.  07 एवं 14 सितम्बर को पूरी से चलने वाली 20861 पूरी - अहमदाबाद एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग टिटलागढ़ - संबलपुर - झारसुगुड़ा -बिलासपुर होकर चलेगी।  
6.  06 सितम्बर को अहमदाबाद से चलने वाली 20862 अहमदाबाद - पूरी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग टिटलागढ़ - संबलपुर - झारसुगुड़ा -बिलासपुर होकर चलेगी।  
7. 11 सितम्बर को पूरी से चलने वाली 22827 पूरी - सूरत एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग टिटलागढ़ - संबलपुर - झारसुगुड़ा -बिलासपुर होकर चलेगी।  
देरी से रवाना होने वाली गाड़ियां:
1.  12 सितम्बर को विशाखापटनम से चलने वाली 18518  विशाखापटनम - कोरबा एक्सप्रेस 05 घंटे देरी से रवाना होगी।
2.  08 एवं 15 सितम्बर को विशाखापटनम से चलने वाली 12807 विशाखापटनम - निजामुद्दीन एक्सप्रेस 02 घंटे देरी से रवाना होगी।
3. 12 सितम्बर को निजामुद्दीन से चलने वाली 12808 निजामुद्दीन -  विशाखापटनम एक्सप्रेस 05 घंटे देरी से रवाना होगी।
4.  09 सितम्बर को पूरी से चलने वाली 20857 पूरी - साईसीडी एक्सप्रेस 05 घंटे देरी से रवाना होगी।
5.  15 सितम्बर को तिरुपति से चलने वाली 17482 तिरुपति -बिलासपुर एक्सप्रेस 04 घंटे देरी से रवाना होगी।
6.  06 एवं 13 सितम्बर को पूरी से चलने वाली 12146 पूरी - कुर्ला एक्सप्रेस 05 घंटे देरी से रवाना होगी।
7. 08, 12 एवं 15  सितम्बर को पूरी से चलने वाली 20823 पूरी - अजमेर एक्सप्रेस 05 घंटे देरी से रवाना होगी।
8.  08 एवं 15 सितम्बर को  विशाखापटनम से चलने वाली 18573 विशाखापटनम - भगत की कोठी एक्सप्रेस 05 घंटे देरी से रवाना होगी।
9. 12 सितम्बर को  पूरी से चलने वाली 12994 पूरी - गाधीधाम एक्सप्रेस 05 घंटे देरी से रवाना होगी।

महासमुंद-रायपुर के बीच पैसेंजर बनकर चलने वाली गाड़ियां:-
1.  06, 07, 08, 09, 10, 12 सितम्बर को विशाखापटनम से चलने वाली 18518 विशाखापटनम - कोरबा एक्सप्रेस।
2.  07, 08, 09, 10, 11,  13 सितम्बर को कोरबा से चलने वाली 18517 कोरबा - विशाखापटनम एक्सप्रेस।
3.  06, 08, 09, 10 एवं 12 सितम्बर तक निजामुद्दीन से चलने वाली 12808 निजामुद्दीन - विशाखापटनम एक्सप्रेस।
4.  07, 08, 10, 11 एवं 13 सितम्बर को विशाखापटनम से चलने वाली 12807 विशाखापटनम - निजामुद्दीन एक्सप्रेस।

 

 

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जिला बनने पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में नवगठित तीन जिलों के शुभारंभ के साथ अब 31 जिले हो गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 2 सितम्बर को 29वें जिले मोहला-मानपुर-चौकी और 3 सितम्बर को दो और नये जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के शुभारंभ करने के साथ तीन नए जिले अस्तित्व में आ गए। इसके साथ ही सारंगढ़-बिलाईगढ़ राज्य का 30 वां और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई 31वां जिला बन गया। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि दो दिनों के अंतराल में तीन नये जिलों की सौगात जनता को मिली है। नवगठित जिलों के शुभारंभ अवसर पर वहां के क्षेत्रवासियों के चेहरे पर अपनी बरसों पुरानी मांग के पूरा होने का उत्साह और हर्ष स्वाभाविक रूप से दिखाई दिया। इन नये जिलों के बन जाने से शासन-प्रशासन की लोगों तक पहुंच और मजबूत होगी, जिससे इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को तीव्र गति मिलेगी।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 15 अगस्त 2021 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रशासनिक कार्यों में कसावट लाने एवं आम जनता को सहूलियत पहुंचाने के उद्देश्य से नए जिलों के गठन की घोषणा की थी। अब जिलों के शुभारंभ के साथ ही मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ बनने के बाद से इन क्षेत्रों के निवासियों की बरसों पुरानी मांग और सपने को साकार कर दिया है।

नवगठित जिलों के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री के पहुंचते ही लोगों का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। बड़ी संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री का पुष्प वर्षा कर भव्य और आत्मीय अभिनंदन किया और जिला निर्माण के लिए आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री के स्वागत में युवाओं ने बाइक रैली निकाली और स्कूली बच्चों ने लोकनृत्य किया। मुख्यमंत्री के रोड शो के दौरान उनके स्वागत में सड़क के दोनों ओर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिली। विभिन्न संगठनों द्वारा मुख्यमंत्री को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनो और फलों से भी तौला गया। मुख्यमंत्री ने नये जिलों के शुभारंभ पर जिलावासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि नये जिले के गठन के निर्णय से अभूतपूर्व खुशी मुझे दिखी। रोड शो में जो भीड़ दिखी, उससे स्पष्ट है कि लोगों के लाभ के लिए कितना बड़ा फैसला लिया गया। उन्होंने आगे कहा कि ‘छत्तीसगढ़ महतारी के कोरा में नवा जिला जुड़ गे हे’। लोगों की मुश्किल कम हो गई। पुरखों के देखे सपने सच हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मोहला, सारंगढ़ और खैरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नवगठित जिलों के शुभारंभ के साथ क्षेत्रवासियों को 1037.37 करोड़ रूपए के कई विकास कार्याें की सौगात दी। मुख्यमंत्री बघेल ने मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में 106 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया वहीं सारंगढ़ और खैरागढ़ में विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए 931 करोड़ 37 लाख रूपए की सौगात दी। उन्होंने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के शुभारंभ अवसर पर 512.29 करोड़ के विकास कार्याे का भूमिपूजन एवं 54.52 करोड़ के विकास कार्याे का लोकार्पण किया, जबकि खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के शुभारंभ कार्यक्रम में 364 करोड़ 56 लाख रूपए के विकास कार्याे की सौगात के साथ ही 213 हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 37 लाख 48 हजार रूपए की सामग्री एवं अनुदान सहायता राशि प्रदान की।

नवगठित जिले
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला राजनांदगांव जिले से अलग होकर एक नये प्रशासनिक इकाई के रूप में पहचान बनाने जा रहा है। इस जिले की भौगोलिक सीमाएं उत्तर में जिला राजनांदगांव के तहसील छुरिया, दक्षिण में तहसील दुर्गकोंदल, पखांजुर जिला कांकेर, पूर्व में तहसील डौंडी, डौंडी लोहारा जिला बालोद एवं पश्चित में महाराष्ट्र की सीमा से लगी हुई है। नवीन जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी दुर्ग संभाग के अंतर्गत होगा। नवीन गठित इस जिले में तहसीलों की संख्या 3 है जिसमें अम्बागढ़ चौकी, मोहला एवं मानपुर है। विकासखण्ड एवं जनपद पंचायत - अम्बागढ़ चौकी, मोहला एवं मानपुर है।

नवीन जिले में कुल ग्रामों की संख्या 499 है। भौगोलिक क्षेत्रफल 2 लाख 14 हजार 667 हेक्टयर है। यहां कि कुल जनसंख्या 2 लाख 83 हजार 947 है जिसमें अनुसुचित जनजाति की कुल जनसंख्या 1 लाख 79 हजार 662 जो जिले कि कुल जनसंख्या का 63.27 प्रतिशत है। जिले में राजस्व निरीक्षक मंडल की संख्या 13 है, कुल पटवारी हल्का नम्बर 89 है, ग्राम पंचायत की संख्या 185 है। जिला मोहला-मानुपर-चौकी में थानों की कुल संख्या 9 है। विधानसभा क्षेत्र 2 तथा कुल मतदान केन्द्र संख्या 497 है। राजनांदगांव जिले से अम्बागढ़ चौकी की दूरी 50 किलो मीटर, मोहला की दूरी 75 किलो मीटर, मानपुर की दूरी 100 किलो मीटर है। यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहा है। नया जिला बन जाने से शासन-प्रशासन इन क्षेत्रों में और निकट तक पहुंचेगा और विकास कार्यों की गति बढ़ेगी। यह क्षेत्र प्राकृतिक वन संपदा से परिपूर्ण है। यहां के सघन वनों में लघुवनोपज प्रचुर मात्रा में है। मोहला-मानपुर क्षेत्र जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है।

 
 
 
 



नवगठित जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ का जिला मुख्यालय सारंगढ़, रायगढ़ से रायपुर राष्ट्रीय राज्य मार्ग क्रमांक 200 पर स्थित है। यहां रियासत कालीन समय से हवाई पट्टी स्थित है। जिला मुख्यालय सारंगढ़ छत्तीसगढ़ गठन के पूर्व से तहसील मुख्यालय एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मुख्यालय है। ज्ञात हो कि बिलासपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले जिला रायगढ़ के उप खण्ड सारंगढ़, तहसील सारंगढ़ एवं बरमकेला तथा रायपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के उप खण्ड-बिलाईगढ़ तथा तहसील बिलाईगढ़ को शामिल करते हुए नये जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ का गठन किया गया है, जिसमें तीन तहसील सारंगढ़, बरमकेला एवं बिलाईगढ़ एवं उप तहसील कोसीर तथा भटगांव शामिल होंगे। नवगठित जिले में तीन जनपद पंचायत सारंगढ़, बरमकेला व बिलाईगढ़ शामिल हैं। इस नवगठित जिलेे की सीमाएं उत्तर में रायगढ़, दक्षिण में महासमुंद जिले तथा पूर्व में उड़ीसा के बरगढ़ और पश्चिम में बलौदा बाजार तथा उत्तर-पश्चिम में जांजगीर-चाम्पा जिले से लगी हुई है। नवगठित जिले में रामनामी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में निवास करते हैं। महानदी सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की मुख्य नदी है। वहीं जिले के सारंगढ़- तहसील में स्थित गोमर्डा अभ्यारण्य सैलानियों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। सारंगढ़ का दशहरा-उत्सव बस्तर-दशहरा की भांति बहुत प्रसिद्व है।

 
 
 
 



वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की कुल जनसंख्या 6 लाख 17 हजार 252 है। 759 ग्राम, 349 ग्राम पंचायत, 5 नगरीय निकाय है। जिसके अंतर्गत 20 राजस्व निरीक्षक मंडल शामिल है जिनमें सारंगढ़, हरदी, सालर, कोसीर, छिंद, गोड़म, उलखर, बरमकेला, गोबरसिंघा, देवगांव, डोंगरीपाली, सरिया, बिलाईगढ़, पवनी, गोविंदवन, जमगहन, भटगांव, गिरसा, बिलासपुर एवं सरसीवा शामिल है। जिसका कुल राजस्व क्षेत्रफल 01 लाख 65 हजार 14 है एवं 2518 राजस्व प्रकरण की संख्या है। वर्तमान में नवीन जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1406 स्कूल, 7 कालेज, 33 बैंक, 3 परियोजना, 141 स्वास्थ्य केन्द्र, 10 थाना एवं 2 चौकी स्थापित है।

नवगठित खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई दुर्ग संभाग के अंतर्गत इसकी जनसंख्या 3 लाख 68 हजार 444 है। कुल ग्रामों की संख्या 494 तथा 3 नगरीय निकाय हैं। दो उप खण्ड खैरागढ़ एवं गण्डई-छुईखदान होंगे। तीन तहसील गण्डई, छुईखदान, खैरागढ़ होंगे, वहीं 2 विकासखण्ड छुईखदान एवं खैरागढ़, 16 राजस्व निरीक्षक मंडल होंगे। इस नवीन जिले में 107 पटवारी हल्का, 221 ग्राम पंचायतें है। इस नवीन जिले के उत्तर में कबीरधाम जिला, दक्षिण में तहसील डोंगरगढ़, तहसील राजनांदगांव, पूर्व में तहसील साजा एवं धमधा और पश्चिम में तहसील लांजी जिला- बालाघाट (मध्यप्रदेश) की सीमाएं लगी है। खनिज और संसाधनों से समृद्धि होने से जिला बनने से यहां औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

 
 
 
 



नया जिला बन जाने से नागरिकों को काफी राहत मिलेगी और कई महत्वपूर्ण कार्य आसानी से होंगे। प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण होने का फायदा आम जनता को मिलेगा। बुनियादी सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, खाद्यान्न लोगों तक आसानी से उपलब्ध होगी और सुविधाओं का विस्तार होगा। वहीं शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन दूरस्थ अंचलों तक आसानी होगा। रोड कनेक्टिविटी, पुल-पुलिया के निर्माण से सुदूर वनांचल के क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बढ़ेगी। नया जिला गढ़ने से आने वाले वर्षों में इसके सुखद परिणाम मिलेंगे।

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भाजपा 2500 में धान खरीदी को रेवड़ी मानती है या राजीव गांधी किसान न्याय योजना को : सुशील

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर द्वारा गरीबों के मुद्दे के लिये चलाई जा रही योजनाओं को एक बार फिर से रेवड़ी कल्चर बताया जाना भाजपा के गरीब और वंचित को विरोधी चरित्र को दर्शाता है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा के इस बयान से भाजपा का अवसरवादी चरित्र भी सामने आते है। चुनावो के पहले भाजपा मतदाताओं से खुद बढ़ चढ़कर वायदा करती रही है और चुनाव जीतने के बाद उन वायदो को पहले जुमला बताया गया और बाद में उन्हीं वायदों को रेवड़ी कल्चर बताकर गरीबों से किये वायदों से पल्ला झाड़ने की भाजपाई कोशिश हैं। भाजपा बताये उसने देश की जनता जो 15 ालख देने का वायदा किया था, या किसानों की आय 2022 तक दुगुना करने का वायदा किया था, या हर साल दो करोड़ रोजगार देने का उसने जो वायदा किया था वे सारे वायदे चुनावी रेवड़िया थी। उसने इसीलिये इनको पूरा नहीं किया क्योंकि बाद में मोदी जी रेवड़ी कल्चर के विरोधी हो गये। शायद इस रेवड़ी कल्चर के कारण ही भाजपा के 2003 में छत्तीसगढ़ में आदिवासियों को गया देने और हर आदिवासी परिवार से एक को नौकरी और बेरोजगारो को 500 रू. बेरोजगारी भत्ता देने का वायदा पूरा नहीं किया।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा बतायें कि केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा चलाई जाने वाली कौन सी योजना को वे रेवड़ी मानते है? क्या किसानों से समर्थन मूल्य में उपज की खरीदी को भाजपा और रेवड़ी मानते है? या तेंदुपत्ता का प्रतिमानक बोरा 4000 में खरीदी रेवड़ी है या राजीव गांधी किसान न्याय योजना रेवड़ी है या राजीव गांधी कृषि मजदूर न्याय योजना रेवड़ी है या गरीबो की आत्मानंद स्कूल में मुफ्त अंग्रेजी की शिक्षा रेवड़ी है भाजपा को जवाब देना चाहिये। क्या किसानों को सस्ते दर में उर्वरक उपलब्ध करवाने को भाजपा रेवड़ी मानते है? देश में 12 करोड़ बच्चों को मिड-डे-मील मिलने को मोदी रेवड़ी मानते है? कोरोना आपदा के दौरान राइट टू फूड सिक्यूरिटी बिल के तहत अनाज उपलब्ध करवाने को रेवड़ी मानते है? गरीब बच्चों के लिये शिक्षा के अधिकार आर.टी.ई. के तहत मुफ्त शिक्षा योजना को भाजपा रेवड़ी मानते है? मनरेगा में गरीबों को 100 दिन काम की गारंटी को मोदी रेवड़ी मानते है? गरीबों को मकान में सब्सिडी देने को रेवड़ी मानते है? निराश्रित विधवा पेंशन को मोदी रेवड़ी मानते है? देश की जनता जानना चाहती है कौन सी योजना भाजपा की निगाह में रेवड़ी है, जिसे बंद करने के पक्षधर मोदी है। गरीबों को मुफ्त इलाज देना भी रेवड़ी ही मानते है?

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष ने कहा कि देश भर के उद्योगपतियों, पूंजीपतियों के साल लाख सताईस हजार करोड़ के कर्ज को बट्टे खाते में डालने को भी भाजपाई रेवड़ी मानते है या नहीं? 2019 देश में कार्पोरेट टैक्स में कटौती के कारण केंद्र के खाते में एक लाख पैतालिस हजार करोड़ का नुकसान हुआ क्या मोदी इस छूट को भी रेवड़ी मानते है अथवा नहीं? चंद पूंजीपतियों के हितों में योजनायें बनाकर हजारों करोड़ का फायदा पहुंचाने को रेवड़ी माना जाये अथवा देश में रोटी, कपड़ा, मकान, स्वास्थ्य सुविधा के लिये सरकार के द्वारा बनायी जानी वाली योजना कैसे रेवड़ी हो गयी? भाजपा मोदी की निगाह में सरकारी संसाधनों पर क्या सिर्फ पूंजीपतियों और सत्ताधीशों का अधिकार है? यदि जनहित की योजनायें प्रधानमंत्री की निगाह में रेवड़ी और घाटे का सौदा है तो प्रधानमंत्री सरकार नहीं व्यापार करना चाहते है। आखिर उन्होंने खुद माना था उनके खून में व्यापार है। भाजपा इसका जवाब दें।

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मोदी सरकार के कुप्रबंधन के कारण देश में महंगाई चरम पर : मरकाम

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश में बेतहाशा बढ़ी हुई महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली का आयोजन किया है। प्रेदश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार के कुप्रबंधन और गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश में महंगाई चरम पर है। आम आदमी का जीना दूभर हो गया है, रोजमर्रा के सामान और आवश्यक वस्तुओं के दामो में पिछले 8 सालों में 148 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो गयी है। पेट्रोल-डीजल के दाम इतिहास के उच्चतम स्तर पर इसलिये हो गये है क्योंकि केन्द्र सरकार उस पर आजादी के बाद अब तक का सबसे ज्यादा एक्साइज टैक्स मोदी सरकार वसूल रही है। कांग्रेस महंगाई के खिलाफ लगातार आंदोलनरत है। कांग्रेस आमजनता की पीड़ा और दुख की अभिव्यक्ति के लिये रामलीला मैदान में विरोध करेगी देश भर में कांग्रेस के लोग इक्टठ् होकर विरोध करने दिल्ली पहुंचे है।

मोहन मरकाम ने कहा कि यदि यूपीए शासन काल से तुलना करें तो आज हर चीज की कीमत बेहिसाब बढ़ी हुई है। कुछ चीजों के दाम दोगुने से भी अधिक हो गए हैं। एलपीजी सिलेंडर वर्ष 2014 में 410 रू. प्रति सिलेंडर थी जो वर्ष 2022 में 1100 प्रति सिलेंडर कीमत में 166 प्रतिशत की वृद्धि, पेट्रोल 2014 में 71 रू. प्रति लीटर थी जो वर्ष 2022 में 100 रू. प्रति लीटर, कीमत में 40 प्रतिशत की वृद्धि, डीजल वर्ष 2014 में 57 रू. प्रति लीटर थी जो वर्ष 2022 में 95 रू. प्रति लीटर कीमत में 75 प्रतिशत की वृद्धि, सरसों तेल वर्ष 2014 में 90 रू. प्रति किलो थी, जो वर्ष 2022 में 200 रू. प्रति किलो कीमत में 122 प्रतिशत की वृद्धि, आटा वर्ष 2014 में 22 रू. प्रति किलो थी जो वर्ष 2022 में 35-40 रू. प्रति किलो कीमत में 81 प्रतिशत की वृद्धि, दूध वर्ष 2014 में 35 रू. प्रति लीटर थी जो 2022 में 60 रू. प्रति लीटर कीमत में 71 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी तरह सब्जियों की कीमतों में 35 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। नमक 41 प्रतिशत महंगा हुआ है। दालें 60-65 प्रतिशत तक महंगी हो गई है।

पीसीसी चीफ ने कहा कि मोदी सरकार महंगाई को तो नियंत्रित कर नहीं पा रही है उल्टा पहले से ही परेशान जनता पर टैक्स का बोझ डाल कर अपना खजाना भरने में लगी है। भाजपा के सत्ता में आने से पहले 2014 में पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 9.48 रू. प्रति लीटर था और डीजल पर 3.56 रू. प्रति लीटर। मोदी सरकार ने इसे बढ़ाकर पेट्रोल पर 32.98 रू. प्रति लीटर और डीजल पर 31.83 रू. प्रति लीटर कर दिया। ये सरकार यूपीए की तुलना में पेट्रोल-डीजल पर 186 प्रतिशत ज्यादा टैक्स वसूल रही है। 2021-22 में देश का कुल कर संग्रह भी 34 फीसदी बढ़कर 27.07 लाख करोड़ हो गया, जो बजट में लगाए गए 22.17 लाख करोड़ के अनुमान से 5 लाख करोड़ ज्यादा है। इसमें एक बड़ा हिस्सा जीएसटी का है। सरकार पहले ही जीएसटी से इतना पैसा कमा रही है फिर भी इसकी भूख शांत नहीं हो रही। अब आटा, दही, पनीर, जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी दी गई है। 

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आरएसएस को देश में बढ़ती महंगाई पर चिंतन व मंथन करने का साहस दिखाना चाहिये : धनंजय

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आरएसएस के तीन दिवसीय बैठक पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरएसएस से सवाल पूछा क्या आरएसएस अपने तीन दिवसीय बैठक में मोदी सरकार की नाकामी, वादाखिलाफी, गिरती अर्थव्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी महंगाई,दिवालिया होते बैंक और बिकती सरकारी कंपनियां, चीन का देश की जमीन पर अतिक्रमण, बिगड़ते सामाजिक समरसता पर जैसे गंभीर विषय पर मंथन करेगी? या हमेशा की तरह ही आरएसएस, अपने अनुशांगिक संगठनों के साथ मिलकर भाजपा के लिए कैसे वोट इकट्ठा किया जाये और इसके लिए सीधे साधे भोले भाले आमलोगों को कैसे भरमाया जाये इसकी रणनीति बनाएगी?

धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव हो या 2019 का लोकसभा चुनाव आरएसएस और उनके अनुशांगिक संगठन मोदी भाजपा को केंद्र की सत्ता दिलाने के लिए भाजपा के साथ मिलकर देश की जनता से वादा किया था कि केंद्र में उनकी सरकार बनने पर दो करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष मिलेंगे 100 दिनों में महंगाई कम होगा भ्रष्टाचार समाप्त होगा सभी के खाते में 15- 15लाख रुपए आएंगे। 35 रूपये लीटर डीजल और पेट्रोल मिलेंगे। किसानों को स्वामीनाथन कमेटी के सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य दिया जाएगा 2022 में किसानों की आमदनी दुगनी हो जाएगी सस्ते दरों पर रासायनिक खाद एवं कृषि यंत्र मिलेंगे। महिलाएं सुरक्षित रहेगी और देश को एक नई ऊंचाई मिलेगा। यह वादा 8 साल में मोदी सरकार पूरा करने में असफल और नकारा साबित हुई है देश की जनता आरएसएस और उनके अनुवांशिक संगठनों के भरोसा में आकर भाजपा को अपना बहुमूल्य वोट दिया और देश की जनता के साथ वादाखिलाफी हुआ है बीते 8 साल में देश की जनता महंगाई से पीड़ित है पेट्रोल-डीजल पर मनमाना एक्साइज ड्यूटी किया जा रहा है रसोई गैस के दाम जो कांग्रेस शासनकाल में 410रु था आज 1200रु के करीब जनता खरीदने मजबूर है 16 करोड़ हाथों को रोजगार मिलना दूर की बात 23 करोड़ हाथों से रोजगार छीना गया है जिसमे 1 करोड़ 45 लाख मातृ शक्ति है। 27 करोड़ लोग मोदी सरकार के गलत आर्थिक नितियों के चलते मध्यम वर्ग से गरीबी रेखा से नीचे आ गये। भूखमरी इंडेक्स मेंं 55 वे से खिसकर 116 देशो में 105 वे नंबर पर आ गये।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि आरएसएस अपने तीन दिन के बैठक में देश के 133 करोड़ जनता की तकलीफों पर कभी भी मंथन नहीं करेगी। बल्कि केंद्र में बैठी आरएसएस भाजपा सरकार के मुखिया नरेंद्र मोदी की नाकामी को ढकने की कुटरचना करेगी।

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मुख्यमंत्री 5 को करेंगे गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 5 करोड़ का भुगतान

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने 5 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 5 करोड़ 9 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी करेंगे, जिसमें 15 अगस्त से 31 अगस्त तक राज्य के गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय किए गए 1.34 लाख क्विंटल गोबर के एवज में 2.69 करोड़ रूपए भुगतान, गौठान समितियों को 1.48 करोड़ और महिला समूहों को 93 लाख रूपए की लाभांश राशि शामिल हैं। गोधन न्याय योजना के तहत राज्य में अब तक हितग्राहियों को 335 करोड़ 24 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है, जिसमें 18 करोड़ रूपए की बोनस राशि भी शामिल है। 5 सितंबर को 5.09 करोड़ के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 340 करोड़ 35 लाख रूपए हो जाएगा।

गोधन न्याय योजना देश-दुनिया की इकलौती ऐसी योजना है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ राज्य के गौठानों में 2 रूपए किलो की दर से गोबर तथा 4 रूपए लीटर की दर से गौमूत्र की खरीदी की जा रही है। गौठानों में 15 अगस्त तक खरीदे गए 79.12 लाख क्विंटल गोबर के एवज में ग्रामीणों को 158.24 करोड़ रूपए का भुगतान भी किया जा चुका है। 5 सितंबर को गोबर विक्रेताओं को 2.69 करोड़ रूपए का भुगतान होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 160.94 करोड़ रूपए हो जाएगा। गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को अब तक 154.02 करोड़ रूपए राशि की भुगतान किया जा चुका है। गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूह को 5 सितंबर को 2.40 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 156.42 करोड़ रूपए हो जाएगा।

गौठानों में महिला समूहों द्वारा गोधन न्याय योजना के अंतर्गत क्रय गोबर से बड़े पैमाने पर वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट प्लस एवं अन्य उत्पाद तैयार किया जा रहा है। महिला समूहों द्वारा 17.57 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तथा 5.28 लाख क्विंटल से अधिक सुपर कम्पोस्ट एवं 18,924 क्विंटल सुपर कम्पोस्ट प्लस खाद का निर्माण किया जा चुका है, जिसे सोसायटियों के माध्यम से क्रमशः 10 रूपए, 6 रूपए तथा 6.50 रूपए प्रतिकिलो की दर पर विक्रय किया जा रहा है। महिला समूह गोबर से खाद के अलावा गो-कास्ट, दीया, अगरबत्ती, मूर्तियां एवं अन्य सामग्री का निर्माण एवं विक्रय कर लाभ अर्जित कर रही हैं। गौठानों में महिला समूहों द्वारा इसके अलावा सब्जी एवं मशरूम का उत्पादन, मुर्गी, बकरी, मछली पालन एवं पशुपालन के साथ-साथ अन्य आय मूलक विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है, जिससे महिला समूहों को अब तक 80.30 करोड़ रूपए की आय हो चुकी हैं। राज्य में गौठानों से 11,187 महिला स्व-सहायता समूह सीधे जुड़े हैं, जिनकी सदस्य संख्या 83,874 है। गौठानों में क्रय गोबर से विद्युत उत्पादन की शुरुआत की जा चुकी है।

उल्लेखनीय है कि गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने की शुरूआत भी रायपुर के हीरापुर-जरवाय गौठान में हो चुकी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप गौठानों को रूरल इण्डस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आयमूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए तेजी से कृषि एवं वनोपज आधारित प्रसंस्करण इकाईयां, गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण के लिए यूनिटें स्थापित की जा रही हैं। 227 गौठानों में तेल मिल तथा 292 गौठानों में दाल मिल सहित मिनी राईस मिल एवं अन्य प्रकार यूनिटे स्थापित किए जाने का काम तेजी से जारी है।

राज्य में गोधन के संरक्षण और सर्वधन के लिए गांवों में गौठानों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। गौठानों में पशुधन देख-रेख, उपचार एवं चारे-पानी का निःशुल्क बेहतर प्रबंध है। राज्य में अब तक 10,624 गांवों में गौठानों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 8408 गौठान निर्मित एवं 1758 गौठान निर्माणाधीन है। स्वावलंबी गौठानों ने अब तक स्वयं की राशि से 18.24 करोड़ रूपए का गोबर क्रय किया है। गोधन न्याय योजना से 2 लाख 52 हजार से अधिक ग्रामीण, पशुपालक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। गोबर बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने वालों में 45.90 प्रतिशत संख्या महिलाओं की है। इस योजना से एक लाख 48 हजार से अधिक भूमिहीन परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।

फिलहाल राज्य के 72 गौठानों में स्व-सहायता समूहों द्वारा गौमूत्र की खरीदी पुशपालकों से की जा रही है। अब तक 21,492 लीटर गौमूत्र की खरीदी की जा चुकी है, जिससे महिला समूहों ने 5160 लीटर ब्रम्हास्त्र कीटनाशक एवं 6582 लीटर जीवामृत तैयार किया है। किसान इसे खेती में उपयोग के लिए क्रय कर रहे हैं। महिला समूहों द्वारा अब तक लगभग ढाई लाख रूपए के गौमूत्र की कीटनाशक ब्रम्हास्त्र व जीवामृत की बिक्री की जा चुकी है।

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सरकार ने हर वर्ग के लोगों का जीवन स्तर ऊपर ऊठाने का कार्य किया : भूपेश बघेल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने शनिवार को राजा फतेह सिंह खेल मैदान खैरागढ़ में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला का शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक पल में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई की जनता ने मुख्यमंत्री का अभूतपूर्व स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला के शुभारंभ कार्यक्रम खैरागढ़ में 364 करोड़ 56 लाख रूपए के 95 कार्य का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया।

सरकार ने हर वर्ग के लोगों का जीवन स्तर ऊपर ऊठाने का कार्य किया : भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी को नए जिले की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है और आज दीपावली त्यौहार जैसा माहौल है। यहाँ की जनता ने आत्मीय स्वागत किया है। सबके चेहरे में प्रसन्नता और खुशहाली है। इस खुशी में इंद्र देव भी पानी बरसा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि नवा जिला बने म कइसन लगत हे, जनता ने उत्साह से आवाज लगाई, बहुत बढ़िया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जो कहते हैं, वह कर दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि खैरागढ़ को नया जिला बनाने की घोषणा की थी और आज अपना वादा पूरा किया। पौने चार साल में हमारी सरकार ने मजदूर, किसान, वनवासी, व्यापारी,  युवा वर्ग, महिला वर्ग सहित हर वर्ग के लोगों का जीवन स्तर ऊपर ऊठाने का कार्य किया है। हमारी सरकार श्रम और मेहनत का सम्मान कर रही है। रोजगार के अवसर प्रदान कर रहे हैं। 65 लाख  गरीब परिवार को एक रुपए किलो में चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। हाफ बिल योजना लागू की गई है। 4 वर्ष में 6 जिले 85 तहसीलें बनाये हैं ताकि जनता और प्रशासन के बीच दूरी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगीत नगरी यहाँ के इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की शाखा के रूप में बस्तर एवं सरगुजा में महाविद्यालय खोलेंगे। शासन प्रदेश के जनसामान्य की आय में वृद्धि की दिशा में कार्य कर रही है। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी उत्कृष्ट माध्यम विद्यालय के माध्यम से बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल रही है। वन अधिकार पट्टा, सामुदायिक वन अधिकार पट्टा देश भर में प्रदेश में सर्वाधिक दिया गया है। उन्होंने विश्वास दिलाते हुए कहा कि खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के विकास में कोई कमी नहीं आने देंगे और जनता को धन्यवाद दिया।
 
कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ किसानों का प्रदेश है। मुख्यमंत्री किसान पुत्र हैं। वे किसानों की समस्या को समझते हैं। किसानों एवं  गरीब, जरूरतमंद के हित को समझते हुए विभिन्न योजनाओं से लाभन्वित कर जीवन स्तर को ऊपर उठाने का काम कर रहे हैं। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि राज्य सरकार आम जनता के हित और जीवन स्तर को ऊपर उठाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित कर रही है। जिससे आमजन राहत और सकून महसूस कर रहे हैं। डोंगरगढ़ विधायक भुनेश्वर बघेल, खैरागढ़ विधायक श्रीमती यशोदा नीलांबर वर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

नवगठित जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं जिले के प्रभारी मंत्री प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत ने की। इस अवसर पर डोंगरगांव  विधायक एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण दलेश्वर साहू, डोंगरगढ़ विधायक एवं अध्यक्ष अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण भुनेश्वर बघेल, खैरागढ़ विधायक श्रीमती यशोदा वर्मा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम धनेश पाटिला, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड गिरीश देवांगन, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग श्रीमती तेजकुंवर नेताम, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग जितेन्द्र मुदलियार, प्रशासक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित नवाज खान, महापौर राजनांदगांव श्रीमती हेमा देशमुख, अध्यक्ष श्रीमती रानी सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा न्यास विवेक वासनिक,मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रभारी सचिव डॉ  एस भारतीदासन, संभागायुक्त महादेव कांवरे, आईजी बद्रीनारायण मीणा, कलेक्टर डोमन सिंह, पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव प्रफुल्ल ठाकुर, कलेक्टर खैरागढ़ छुईखदान गंडई जगदीश सोनकर, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, एसडीएम खैरागढ़ सहित अन्य अधिकारी व बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित थे।

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कांग्रेसजनों के साथ दिल्ली रवाना हुए पर्यटन मंडल अध्यक्ष और महापौर

 बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 4 सितम्बर को आयोजित महंगाई के खिलाफ महारैली में भाग लेने बिलासपुर से छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल अध्यक्ष रामशरण यादव, जिला पंचायत अरूण सिंह चौहान, सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रमोद नायक, मंडी अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला, प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय, प्रदेश सचिव महेश दुबे, एआईसीसी सदस्य विष्णु यादव, ब्लाक अध्यक्ष विनोद साहू, महिला कांग्रेस की शिल्पी तिवारी, बिलासा दाई एयरपोर्ट चकरभाटा बिलासपुर से दिल्ली रवाना हुए। सभी 4 सितम्बर को महारैली में भाग लेकर 5 सितम्बर को वापस होंगे। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के 3000 कार्यकर्ताओं को ट्रेन से रवाना किया।

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जिला चिकित्साल्य में आयोजित शिविर में 25 बच्चों का बना दिव्यांगता प्रमाण पत्र

 गौरेला पेंड्रा मरवाही (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी निर्देशन में शनिवार को जिले के दिव्यांग बच्चो की जांच एवं  दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूनिक आईडी कार्ड बनाने के लिए जिला चिकित्सालय में शिविर आयोजित की गई। शिविर में  40 छात्र-छात्राएं उपस्थित हुए। इनमे 25 बच्चों का मेडिकल प्रमाण पत्र बना। 14 बच्चों को सिम्स बिलासपुर एवम रायपुर के मेकाहारा मे रिफर किया गया तथा एक बच्चे का मोतियाबिंद सर्जरी किया गया। चिकित्सकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति में शिविर का आयोजन हुआ।

 

 

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हमारी सरकार ने किसान-संग्राहकों की जेब में पैसा डालने का काम किया, इसे रेवड़ी कहना अपमान : भूपेश बघेल

 पहली बार मिला छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का अनावरण करने का मौका

मोहला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में 29वें जिले के रूप में मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने कहा, आज 106 करोड़ रुपए का भूमिपूजन लोकार्पण किया हूं। विशेष बात यह है कि पहली बार छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का अनावरण करने का मौका मिला। 

हमारी सरकार बनने पर वित्त विभाग ने बड़े आंकड़े पेश किए थे, हमने सभी किसानों का कर्ज माफ किया। छत्तीसगढ़ में विकास की अवधारणा में व्यक्ति को केंद्र में रखा। हमारी सरकार में हम किसान और संग्राहकों की जेब में पैसे डालने का काम कर रहे हैं। हमने बिजली बिल आधा किया है और कुछ लोग इसे रेवड़ी कहते हैं ये किसानों, संग्राहकों और आम जनता का अपमान है। आज राज्य में हर कोई खुशहाल है, हर किसी को सुविधा और सम्मान के साथ सर ऊंचा करके जीने का अधिकार मिलना चाहिए। 

किसानों के बच्चे भी अंग्रेजी स्कूल में पढ़ रहे हैं। हमारी सरकार में हम 279 स्कूल खोल चुके हैं, अगले साल तक 427 स्कूल खुल जाएंगे। हम छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बढ़ाने का काम कर रहे हैं, स्थानीय पर्व में भी छुट्टी दी गई है। प्रशासन जितना नजदीक रहेगा, लोगों को उतना ही ज्यादा लाभ मिलेगा।

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हाई वेल्यू मिनरल्स हब के रूप में उभरेगा छत्तीसगढ़, खनिज विभाग द्वारा आयोजित स्टेक होल्डर्स कॉन्फ्रेस में जुटे देश भर के निवेशक

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजधानी रायपुर के सर्किट हाउस में आज खनिज विभाग के अधिकारियों सहित देश भर से आए खनन से जुड़े सार्वजनिक उद्यम एवं निजी कंपनियों के प्रतिनिधि जुटे, जिसमें छत्तीसगढ़ में खनिज संसाधनों तथा उनके संभावनाओं पर मंथन किया गया। यह मौका था खनिज संसाधन विभाग एवं संचालनालय भौमिकी तथा खनिजकर्म द्वारा आयोजित स्टेक होल्डर्स कॉन्फ्रेंस का।

कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में रेयर अर्थ एलिमेंट्स, लीथियम और गोल्ड जैसे हाई वेल्यू मिनरल्स प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, जिनके खनन एवं दोहन से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा साथ ही राजस्व की प्राप्ति होगी। खनिज संसाधन विभाग एवं संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म के निदेशक जे.पी. मौर्य ने बताया  कि खनिज विभाग में जल्द ही एक सेल का गठन किया जाएगा। जिसके द्वारा निवेशकों को छत्तीसगढ़ में खनिज संसाधन, संभावनाएं और खनन प्रक्रियाओं के संबंध में जानकारी दी जाएगी।

 
 
 

कॉन्फ्रेंस में खनिज ब्लॉकों की नीलामी तथा राज्य में उपलब्ध हाई वेल्यू मिनरल के अन्वेषण के संबंध में रणनीति पर विचार किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में देश के विभिन्न भागों से आए निवेशकों को छत्तीसगढ़ मेें खनन क्षेत्र में निवेश करने का आग्रह किया गया और यह आश्वस्त किया गया कि उन्हें छत्तीसगढ़ में आधारभूत संरचना सहित आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जायेंगी। 

 
 
 

स्टेक होल्डर्स कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ खनिज संसाधन विभाग एवं संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म के निदेशक जे.पी. मौर्य ने किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है जहां पर प्रचुर मात्रा में खनिज संसाधन हैं। देश की अर्थव्यवस्था में हमारे प्रदेश का प्रमुख योगदान है। उन्होंने बताया कि सतत विकास की अवधारणा को फलीभूत किया जाना इस बात पर निर्भर करता है कि हम खनिज संसाधनों का उपयोग इस प्रकार से करें कि उनका दोहन उपयुक्त तरीके से हो। हमारा आयात न्यूनतम हो तथा निर्यात की पर्याप्त संभावना हो। साथ ही खनन प्रक्रिया पर्यावरण अनुकूलता तथा खनिज संरक्षण को ध्यान में रखकर किया जाए। 

 
 
 

श्री मौर्य ने कहा कि खनिज की मांग के लिए भविष्य में औद्योगिक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए ग्रीन टेक्नालॉजी की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ राज्य, विजन 2047 में अग्रणी राज्य की भूमिका निभाने के लिए तैयार है जिसमें प्रमुख क्षेत्रों में खनिज क्षमता को विकसित करने की दशा में हम बढ़ रहे हैं। हाई वेल्यू मिनरल जैसे लीथियम, टीन, गोल्ड, कॉपर, निकल एवं हीरा को आधुनिकतम तकनीकी का उपयोग करते हुए उसकी उपलब्धता एवं मात्रा के आंकलन का कार्य किया जाना ही हमारी प्राथमिकता है।

श्री मौर्य ने बताया कि छत्तीसगढ़ में देश में पहली बार खनिजों के अन्वेषण हेतु 6 निजी ऐजेन्सियों को अधिमान्यता देकर खनिजों के ब्लॉक आबंटित किए गये हैं। पूर्व में छत्तीसगढ़ राज्य में विभिन्न शासकीय एजेन्सियों द्वारा किए गए अन्वेषण के आधार पर 100 से अधिक संभावित खनिज ब्लॉक चिन्हित किए गए हैं, जिनका आकलन नीलामी के मापदण्डों के अनुसार तीव्र गति से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक हम विभिन्न खनिजों जैसे गोल्ड, आयरन ओर, चूनापत्थर एवं बॉक्साइट के 40 खनिज ब्लॉकों की टेण्डर आमंत्रण सूचना जारी कर चुके है एवं 15 ब्लॉक का सफलतापूर्वक नीलामी कर चुके है। 

 
 
 

खनिज विभाग के संयुक्त संचालक अनुराग दीवान ने बताया कि अधोसंरचना में लाइम स्टोन, लोहा तथा ऊर्जा उत्पादन में कोयला एवं उर्जा के प्रवाह में कॉपर एल्यूमिनियम का प्रयोग होता है। उन्होंनेे विभागीय क्रियाकलापों में दक्षता और पारदर्शिता लाने के लिए शुरू की गई खनिज ऑनलाईन योजना, ई-ट्राजिस्ट पास व्यवस्था, खनिज संसाधनों की उपलब्धता, जिलों में डीएमएफ द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक अमरनाथ प्रसाद, जिओलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के उप संचालक पार्थो दत्ता, वित्त विभाग की विशेष सचिव शीतल शाश्वत वर्मा, खनिज विभाग के उप संचालक महिलपाल सिंह, यू.के. कुरेशी, हरिश ध्रुव, संजय खरे, अंजू सिंग, सीमा चौबे, उप संचालक प्राची अवस्थी तथा सार्वजनिक उपक्रम सहित निजी खनन कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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नक्सल पीडि़त परिवारों के बेरोजगार युवाओं को दिया जाएगा कौशल उन्नयन प्रशिक्षण

 कांकेर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के नक्सल पीडि़त परिवारों के बेरोजगार युवक-युवतियों को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा प्रशिक्षण पश्चात् उन्हें प्राइवेट कंपनियों में नौकरी भी दिया जाएगा। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला व पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा ने आज नक्सल पीडि़त परिवारों की बैठक लेकर उनकी समस्या सुनी तथा उनके निराकरण के लिए भरोसा दिलाया। 

नक्सल पीडि़त परिवारों से चर्चा करते हुए कलेक्टर, एसपी ने कहा कि 18 वर्ष से अधिक व कक्षा 8वीं उत्तीर्ण बेरोजगार युवक-युवतियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए पीडि़त परिवारों से जानकारी ले लेवें तथा युवक-युवतियों का नाम, उनकी शैक्षणिक योग्यता इत्यादि का उल्लेख करते हुए सूची जिला कार्यालय को उपलब्ध करायें। इन युवाओं को लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जाएगा, तत्पश्चात उन्हें नौकरी भी दी जाएगी। नक्सल पीडि़त परिवारों के अध्यक्ष जी.आर. विश्वकर्मा ने जिला प्रशासन की ओर से किये जा रहे इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उनके परिवार के बेरोजागर युवाओं को रोजगार मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

 
 

मिली जानकारी के अनुसार जिले में 302 परिवारों को नक्सल पीडि़त परिवार का प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है। जिले के सभी एसडीएम वं एसडीओपी को आपस में समन्वय कर इन परिवारों की सूची का मिलान करने के निर्देश भी दिये गये हैं। उल्लेखनीय है कि जिले के नक्सल पीडि़त परिवारों को शासन की गाईडलाईन के अनुसार राशन कार्ड सहित अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई है।

कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के लिए 1081 युवाओं का चयन : 

कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला के निर्देशानुसार जिले के बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोडऩे के लिए विभिन्न ट्रेड में कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए काउंसिलिंग का आयोजन किया गया था, जिसमें 1081 युवाओं को काउंसिलिंग पश्चात चयनित किया गया है। इन युवाओं को उनके चयनित ट्रेड में प्रशिक्षण प्रदान कर कंपनियों में नौकरी दी जायेगी। लाईवलीहुड कॉलेज कांकेर के प्राचार्य सुनील नेताम से मिली जानकारी के अनुसार प्रथम चरण में 93 युवाओं को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, हास्पिटालिटी में 34 युवा, इलेक्ट्रीकल में 29, फॉलसिलिंग में 11, सेक्युरिटी गार्ड में 13, वेल्डिंग में 04 और प्लबिंग में 02 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, तत्पश्चात उन्हें निजी फर्मों में नौकरी भी उपलब्ध कराई जाएगी। उक्त बैच के प्रशिक्षण पश्चात अन्य चयनित युवाओं को भी प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।

 
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पत्थरदिल भूपेश-टीएस : भाजपा मरीज से ही करा देगी अस्पताल का उद्घाटन

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने कहा है किमुख्यमंत्री भूपेश बघेल की निर्दयता का रोग छत्तीसगढ़ सरकार को लग गया है। भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार नहीं सर्कस चल रहा है। कोई मंत्री शराब की शान में कसीदे पढ़ रहा है, कोई मंत्री अपने ठिकाने पर शराब दुकान खुलवाए है तो कोई मंत्री जोकर बना हुआ है। पूरी सरकार ही निकम्मी है।

जैसे मुख्यमंत्री वैसे ही उनके मंत्री हैं। किसी को असहाय जनता की तकलीफ से कोई मतलब नहीं है। मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ में काम करने की बजाय कांग्रेस आलाकमान की चाकरी कर रहे हैं। उनका एक सूत्रीय कार्यक्रम है कि जैसे भी हो, अपनी कुर्सी बचाओ। इधर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी अपने बॉस भूपेश बघेल की तरह पत्थर दिल हो गए हैं।

 
 
 

जनता के प्रति निष्ठा दिखाने की बजाय हद दर्जे की संवेदनहीनता का परिचय दे रहे हैं। यह भूपेश बघेल की अधीनस्थता का असर है या बड़ी कुर्सी न मिल पाने की निराशा कि उनके अपने सरगुजा जिले की सलका पंचायत में 50 लाख रुपये की लागत से अस्पताल की बिल्डिंग बनकर 4 माह से तैयार है लेकिन मंत्री के हाथ से फीता न कट पाने की वजह से फर्श पर मरीजों का इलाज हो रहा है। क्या मंत्री के हाथों फीता कटना इतना जरूरी है कि मरीजों की जरूरत की अनदेखी कर दी जाए। आखिर अस्पताल मरीजों के बेहतर इलाज और सुविधा के लिए बनते हैं या मंत्री के फीता प्रेम की पूर्ति के लिए?

 
 
 

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने कहा कि यदि स्वास्थ्य मंत्री से अस्पताल बिल्डिंग का फीता कटवाना इतना ही जरूरी है तो चार माह से स्वास्थ्य मंत्री क्या कर रहे हैं? जिस मंत्री को विधानसभा का मानसून सत्र  महत्व नहीं रखता, जिस मंत्री को आदिवासी अंचल में डेंगू के प्रकोप से कोई लेना देना नहीं, जो मंत्री कोरोना काल में छत्तीसगढ़ से पलायन कर मुंबई में जाकर बैठ जाये, जो मंत्री मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल करने के लिए छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को प्राणहीन बनाने पर तुला हो, छत्तीसगढ़ से ज्यादा दिल्ली में डेरा डाले रहता हो, उस मंत्री के इंतजार में अस्पताल की बिल्डिंग बनकर भी किसी काम की नहीं है।

 
 
 

अंधेरगर्दी तो यह है कि चिकित्सा अधिकारी ही बता रहे हैं कि कांग्रेस के नेता अस्पताल में शिफ्टिंग रोक रहे हैं। शासन की स्वास्थ्य व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग चला रहा है या कांग्रेस के नेता विभाग के फैसले ले रहे हैं। यदि 48 घंटे में बिल्डिंग में मरीजों का इलाज शुरू नहीं किया गया तो भाजपा किसी मरीज से अस्पताल का उद्घाटन करा देगी।

 

 

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मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना से दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीण हो रहे लाभान्वित

 सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना का जिले संचालन किया जा रहा है। कलेक्टर इफ्फत आरा के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. एस. सिंह के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना में अधिक से अधिक मरीजों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जा रहा है।

जिले के दूरस्थ क्षेत्र के बाजारों में आवश्यकता है और जरूरत बढ़ रही है। जिसके तहत इस योजना अन्तर्गत जिले में अब तक कुल 279394 (दो लाख उनासी हजार तीन सौ चौरानवे) लोगों का जांच व उपचार किया गया है। इस योजना की शुरुवात में जहां प्रति हाट बाजार 15 से 20 मरीजों का लाभ मिल रहा था, वहीं इसके प्रचार-प्रसार व हाट बाजार क्लीनिक के निरंतर संचालन से अब यह 50 से 60 मरीजों तक पहुच चूका है। जिले में इसकी आवश्यकता व जरूरत के कारण जिन हाट बाजार में संचालन नहीं हो रहा था, वहां से भी क्लीनिक के संचालन की मांग की गई। आम लोगों की मांग पर वहां भी हाट बाजार क्लीनिक योजना संचालित किया जा रहा है। सूरजपुर, प्रतापपुर, भैयाथान, रामानुजनगर, ओढग़ी और प्रेमनगर विकासखंड में सप्ताहिक बाजार लगते हैं हाट बाजार क्लीनिक योजना का संचालन किया जा रहा है।  

 
 

1 अप्रैल 2022 से 31 अगस्त 2022 तक कुल उपचारित मरीजों की संख्या 113184 है। दवाई प्राप्त करने वाले तथा विभिन्न टेस्ट कराने वालों की संख्या 105680 है। सीएमएचओ डॉ. आर एस सिंह ने बताया कि कुल चिन्हांकित हाट बाजारों की संख्या 105, कुल वाहनों की संख्या 18, माह में कुल 400 बाजार लगता है तथा विभिन्न बाजारों में 2196 एमएमयू गये। उन्होंने बताया कि प्रति हाट बाजार में उपचारित मरीजों की औसत संख्या 52 तथा जिला अस्पताल में रेफर किये गये मरीजों की संख्या 225 है।

 
 

गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी के कारण बीमार लोगों को ईलाज के लिए कई बार आधारभूत स्वास्थ्य सेवायें भी समय पर नहीं मिल पाने के कारण बीमारी का पता नहीं चल पाता है तथा जटिलता की स्थिति में उच्च अस्पतालों को रिफर करना पड़ता है। ग्रामीण तथा शहरी स्लम क्षेत्रों में पैथोलॉजी प्रयोगशाला नहीं होने के कारण मरीजों को जांच के लिए भी शहरी क्षेत्रों तक आना पड़ता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से आदिवासी अंचलों में ग्रामीणों के बीच हाट बाजार के महत्व को देखते हुये मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना की शुरुआत किया गया। इस योजना के अन्तर्गत प्रतिदिन हाट बाजार क्लीनिक में जांच और इलाज की सुविधा से ऐसे मरीजों को त्वरित रूप से आधारभूत स्वास्थ्य सेवायें मिल रही है। सूरजपुर जिले के भी हाट बाजारों में भी इस योजना अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाकर संक्रामक वं गैर संक्रामक रोगों का नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है। हाट बाजार क्लीनिक में ही रक्तचाप, मधुमेह, सिकलसेल एनीमिया, हीमोग्लोबिन, मलेरिया, टाइफाइड जैसी बीमारियों के लिए खून की जांच नि:शुल्क की जा रही है वं मरीजों को नि:शुल्क दवाईयां दी जा रही है, साथ ही आवश्यक चिकित्सा परामर्श दिया जा रहा है। लोगों की बीमारी का त्वरित इलाज हो रहा है।

 
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