हिंदुस्तान - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

हिंदुस्तान

पंजाब की जेलों से ड्रग्स कारोबार और आपराधिक गतिविधियों का संचालन चिंता का विषय : अनुराग ठाकुर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय सूचना और प्रसारण तथा खेल और युवा कार्यक्रम मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पंजाब की जेलों से ड्रग्स कारोबार, गैंगवार और आपराधिक गतिविधियों का संचालन चिंता का विषय है। उन्‍होंने कहा कि पंजाब पुलिस को इससे सख्ती से निपटना चाहिए। श्री ठाकुर गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के 52वें वार्षिक खेल सम्मान समारोह की अध्यक्षता के बाद अमृतसर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। श्री ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में असुरक्षा की भावना पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है।

पंजाब विधानसभा में आम आदमी पार्टी द्वारा विश्वास प्रस्ताव पर विशेष सत्र बुलाये जाने पर श्री ठाकुर ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकारें शराब घोटाले जैसे वास्तविक मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं।

एक प्रश्‍न का उत्‍तर देते हुए उन्होंने कहा कि केजरीवाल कहते हैं कि वह पक्के ईमानदार हैं लेकिन उन्हें झूठ बोलने की आदत है और वह कट्टर भ्रष्ट हैं। श्री ठाकुर ने कहा कि खनन के मुद्दे पर भी आप पार्टी पंजाब में झूठी साबित हुई है। पंजाब में खनन माफिया देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। सरकार बनाने के सवाल पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी, गोवा, हरियाणा और अन्य राज्यों में बहुमत से सरकार बना सकती है, तो ये पंजाब में भी संभव है। 

 

 

और भी

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठा आरक्षण पर उप-समिति के गठन को मंजूरी दी

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठा आरक्षण पर उप-समिति के गठन को मंजूरी दी है। राज्‍य के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल छह सदस्यों वाली उप-समिति के अध्यक्ष होंगे।

उप-समिति के सदस्यों में राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल, ग्रामीण विकास मंत्री गिरीश महाजन, बंदरगाह मंत्री दादा भूसे, आबकारी मंत्री शंभूराज देसाई और उद्योग मंत्री उदय सामंत शामिल होंगे।

समुदाय की सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक स्थिति पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग से प्राप्त रिपोर्ट पर यह समिति गौर करेगी।

 

 

और भी

विश्वास को निरंतर बनाए रखना हमारा दायित्व: मोदी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि हमारे देश के नागरिकों ने लंबे समय से शहरों के विकास को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जो अपना विश्वास बनाए रखा है। उसे निरंतर बनाए रखना उसे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है।

श्री मोदी ने गांधीनगर में आयोजित भाजपा के राष्ट्रीय महापौर सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि अपने आप में सामान्य नागरिक का संबंध अगर सरकार नाम की किसी व्यवस्था से सबसे पहले आता है तो पंचायत से आता है नगर पंचायत से आता है नगरपालिका से आता है महानगरपालिका से आता है। सामान्य मानवी का जीवन का रोजमर्रा का संबंध आपही के लोगों के जिम्मे है। इसलिए इस प्रकार के विचार-विमर्श का महत्व बहुत बढ़ जाता है। हमारे देश के नागरिकों ने शहरों के विकास को लेकर लंबे समय से भाजपा पर जो अपना विश्वास बनाए रखा है। उसे निरंतर बनाए रखना उसे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है।

प्रधानमंत्री ने जनसंघ के जमाने की बातें करते हुए कहा कि कर्नाटक में उडुपी नगर पालिका जनसंघ के लोगों को वहां के लोग हमेशा काम करने का अवसर देते थे। जब स्पर्धाएं होती थीं उडुपी हमेशा देश में अव्वल नंबर पर रहता था। मैं यह जनसंघ के कालखंड की बात कर रहा हूं। तब से लेकर अबतक सामान्य मानवी के मन में एक विश्वास पैदा हुआ है कि अगर ये व्यवस्थाएं भाजपा के कार्यकर्ताओं के हाथ आती हैं तो वो जी जान से जो भी संसाधन हो उसको ले करके लोगों के जीवन में कठिनाइयां दूर हों सुविधाएं उपलब्ध हों और विकास से जीवन आसान बने।

उन्होंने कहा कि अहमदाबाद शहर की बहुत बड़ी प्रासंगिकता है। सरदार बल्लभभाई पटेल कभी अहमदाबाद म्युनिसिपालिटी में चुने हुए सदस्य हुआ करते थे उन्होंने मेयर के रूप में भी नेतृत्व किया था। यहीं से उनकी जो शुरुआत हुई वह देश के उप प्रधानमंत्री के पद पर पहुंचे। सरदार साहब ने दशकों पहले म्युनिसिपालिटी में जो काम किया उसे आज भी बहुत सम्मान से याद किया जाता है।

श्री मोदी ने कहा आपको भी अपने शहरों को उस स्तर पर ले जाना है कि आने वाली पीढ़ियां आपको याद करके कहें कि हां हमारे शहर में एक मेयर हुआ करते थे। तब यह काम हुआ था। हमारे शहर में भाजपा का बोर्ड चुन करके आया तब यह काम आया था। भाजपा के लोग जब सत्ता में आए थे तब इतना बड़ा परिवर्तन आया था। ये लोकमानस में स्थिर होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका साथ सबका विश्वास और सबसे महत्वपूर्ण बात है सबका प्रयास ये जो वैचारिक परिपाटी भाजपा ने अपनायी है शहरी विकास में वो झलकती है। ये ही हमारे गवर्नेंस मॉडल को दूसरों से अलग करता है। जब विकास मानव केंद्रित होता है। जब जीवन को आसान बनाना ईज ऑफ लिविंग सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है तो सार्थक परिणाम जरूर मिलते हैं।

 
और भी

उपराष्ट्रपति का कृषि क्षेत्र में विकास को उत्प्रेरित करने में उद्योग जगत की जिम्मेदारी पर जोर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने व्यापार और उद्योग जगत के अग्रणी उद्योगपतियों से आत्मनिर्भर बनने के भारत के मिशन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। भारतीय उद्योग जगत की क्षमता और दक्षता पर विश्वास व्यक्त करते हुए श्री धनखड़ ने कहा, भारत नए उद्यम, नए रोजगार, नए निर्यात और विकास संबंधी समस्याओं के नए समाधान तलाशकर आर्थिक विकास को गति देने के लिए अपने उद्यमियों पर भरोसा कर रहा है।

नई दिल्ली में अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (एआईएमए) के 49वें राष्ट्रीय प्रबंधन सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि कृषि क्षेत्र के गुणात्मक उत्थान को भी उत्प्रेरित करना भी उद्योग जगत की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, यदि भारतीय किसान प्रगति करता है, तो भारत भी प्रगति करता है।

 
 
 

भारत के उद्यमों और कार्यबल को विश्व स्तरीय बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न  कदमों को रेखांकित करते हुए उपराष्ट्रपति ने उद्योग से कार्यबल को प्रोत्साहन देने और नवीनतम कौशलों से संपन्न बनाने का दायित्व ग्रहण करने का आह्वान किया।

भारत के स्टार्ट-अप क्षेत्र की सराहना करते हुए उसको दुनिया के श्रेष्ठतम में से एक करार देते हुए श्री धनखड़ ने कहा, कैसे छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल उद्यमी दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के समृद्ध उद्यमियों की वैश्विक स्तर पर पहचान है, और विश्व स्तर पर भारत के लाभ को अधिकतम करने के लिए उनका और अधिक उपयोग किए जाने की आवश्यकता है।

 
 
 

उपराष्ट्रपति ने कहा कि दशक के अंत तक भारत तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की दिशा में अग्रसर है और पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा किए गए सिलसिलेवार प्रणालीगत सुधारों ने कारोबार करने की सुगमता को और बेहतर किया है। उन्होंने कहा कि जब शासन प्रणाली के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता और जवाबदेही परिलक्षित होती है, तो लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था फलते-फूलते हैं। भारत के गौरवशाली अतीत को फिर से हासिल करने के लिए उन्होंने प्रणाली में कुशलता तथा प्रतिस्पर्धा के स्तर में और सुधार लाने का आह्वान किया।

 
 
 

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने भारतीय वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष विजय केलकर, रमन के गर्ग, आईआरएस और हर्ष पति सिंघानिया, पूर्व अध्यक्ष, एआईएमए को एआईएमए की फैलोशिप प्रदान की। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान सम्मेलन की एक स्मारिका का भी विमोचन किया। उन्होंने व्यापारिक समुदाय को एक साथ लाने और विकास के लिए भारत के लाभों पर ध्यान केंद्रित करने में एआईएमए के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर सी के रंगनाथन, अध्यक्ष, एआईएमए, श्रीमती रेखा सेठी महानिदेशक, एआईएमए, निखिल साहनी, उपाध्यक्ष, एआईएमए और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

और भी

उच्च खाद्यान्न उत्पादन बनाए रखने के लिए उत्पादकता बढ़ाना जरूरी : तोमर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि भारत में, खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर होने के साथ ही दुनिया के बड़े हिस्से की खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता भी है। भविष्य की जरूरतों व चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक योजनाओं के साथ देश आगे बढ़ रहा है।

उच्च खाद्यान्न उत्पादन बनाए रखने के लिए उत्पादकता बढ़ाना जरूरी है, इसके लिए भी देश सचेत है। उन्होंने कहा कि खेती में तकनीक का समावेश करते हुए किसानों तक पहुंच बढ़ाने व सिंचाई व्यवस्था से कृषि की लागत कम की जा सकेगी और उत्पादन और उत्पादकता को भी हम बढ़ा सकेंगे। साथ ही, किसानों की आय बढ़ती रहे और देश-दुनिया की खाद्य सुरक्षा में हमारा योगदान बना रहे, इसे भी सुनिश्चित कर सकेंगे।

 
 
 

इस दिशा में पूर्ण सफलता के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने यह बात भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) द्वारा आयोजित लीड्स-2022 कांफ्रेंस में कही। फूड फॉर ऑल: फार्म टू फोर्क, विषयक सत्र में श्री तोमर ने कहा कि कोरोना महामारी के बावजूद, भारत के कृषि क्षेत्र ने 3.9% की विकास दर की महत्वपूर्ण उपलब्धि देखी है।

साथ ही, हमारे कृषि निर्यात ने 4 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया, जिसे हमें बढ़ाते जाना है। श्री तोमर ने कहा कि वर्ष 2050 तक विश्व की जनसंख्या 900 करोड़ से ज्यादा होने के अनुमान के साथ, आहार की मांग में तेजी से वृद्धि होगी, जिससे कृषि उद्देश्यों, पशुओं के लिए चराई भूमि और उर्वरक तथा आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलों के लिए भूमि की अधिक आवश्यकता होगी।

 
 
 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, कृषि को प्राथमिकता दिए जाने के साथ देश में हाल के वर्षों में कृषि का काफी विस्तार हुआ है और हम दुनिया के दूसरे सबसे बड़े खाद्य उत्पादक देश के रूप में उभरे हैं। भारत का भूगोल, जलवायु व मिट्टी बहुत विविध हैं, इसलिए यह स्वाभाविक रूप से कृषि वस्तुओं की एक विस्तृत श्रृंखला का उत्पादन करने में उत्कृष्ट हैं।

 
 
 

श्री तोमर ने कहा कि हम किसी भी अन्य राष्ट्र की तुलना में अधिक फसलें उगाते हैं। विश्व में सर्वाधिक फसल सघनता भारत में है। चौथे अग्रिम अनुमान के अनुसार, भारत का वर्ष 2021-22 में 315.72 मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन है।

और भी

सबसे गरीब उपभोक्ता भी सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले उत्पादों के हकदार : पीयूष गोयल

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण और वस्त्र मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि देश का सबसे गरीब नागरिक भी सबसे अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादों का हकदार है और गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं करने की संस्कृति को देश में अपनाना होगा। श्री गोयल ने नई दिल्ली में फिक्की लीड्स 2022 के विशेष पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही।

पीयूष गोयल ने उद्योग से विनिर्माण सेक्टर में 5 प्रमुख क्षेत्रों- मानक या गुणवत्ता, टिकाऊपन, डिजाइन, मूल्य और स्थिरता पर विशेष ध्यान देने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हमें आईओटी, एआई और मशीन लर्निंग जैसी नई तकनीकों को अवश्य अपनाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि हमें उद्योग 4.0 की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने कार्यबल को फिर से प्रशिक्षित करने और उनके अतिरिक्त कौशल पर ध्यान देना चाहिए।

 
 
 
 

वैश्विक कारोबार के महत्व पर बोलते हुए, श्री गोयल ने कहा कि हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि प्रगति के लिए हमें दुनिया के साथ जुड़ने की जरूरत है। हमें व्यापार का वैश्वीकरण करने और दुनिया से सर्वश्रेष्ठ हासिल करने के साथ-साथ विश्व को सर्वश्रेष्ठ देने की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें हरित ऊर्जा, उत्सर्जन को कम करने, स्वच्छता को लेकर जागरूकता और हमारे बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अन्य एसडीजी लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इसके साथ ही एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए पीएलआई का उपयोग किया जाना चाहिए।

 

और भी

देश में मजबूत खेल संस्कृति की आधारशिला रखते हैं विश्वविद्यालय: अनुराग सिंह ठाकुर

 अमृतसर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने अमृतसर में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों (खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स, ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप और खेलो इंडिया यूथ गेम्स के स्थान प्राप्त करने वाले खिलाडियों समेत 25 अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी,) को सम्मानित किया। अमृतसर स्थित विश्वविद्यालय कैंपस में आयोजित 52वें वार्षिक खेल पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान अंतर्राष्ट्रीय, खेलो इंडिया और अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय स्तरों पर विभिन्न खेल स्पर्धाओं में विश्वविद्यालय का नाम रौशन करने वाले तथा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कॉलेजों को 2.00 करोड़ रुपये से अधिक के नकद पुरस्कार और ट्राफियां वितरित की गयीं।

अनुराग सिंह ठाकुर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए  उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा, स्वयं विश्वविद्यालय से भी पहले है और यह देश के प्रमुख खेल विश्वविद्यालयों में से एक है। जब हम एक खेल संस्कृति विकसित करने की बात करते हैं, तो यह उन विश्वविद्यालयों में है, जो ऐसा करने के लिए आधार तैयार करते हैं।

गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा स्वयं बोलती है, क्योंकि इसने रिकॉर्ड 23 बार प्रतिष्ठित मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (एमएकेए) ट्रॉफी जीती है। केवल अबुल कलाम आज़ाद ट्राफियां ही नहीं, बल्कि 34 अर्जुन, 2 द्रोणाचार्य और 6 पद्म श्री पुरस्कार विजेता भी इस विश्वविद्यालय के हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महिला एथलीटों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय नौ स्पर्धाओं - हॉकी, तीरंदाजी, भारोत्तोलन, साइकिलिंग, मुक्केबाजी, तैराकी, कुश्ती, वॉलीबॉल और जूडो में खेलो इंडिया महिला लीग का आयोजन कर रहा है। इन प्रतियोगिताओं में 23,000 से अधिक महिला एथलीट हिस्सा लेंगी।

 

और भी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति को मंजूरी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति में लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिये विषयगत, विभिन्न सेक्टरों, विभिन्न क्षेत्राधिकार वाले तथा व्यापक नीतिगत प्रारूप को चाक-चौबंद बनाने के उपाय किये गये हैं। यह नीति पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की पूरक है। पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का लक्ष्य समेकित अवसंरचना का विकास करना है, वहीं राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति के तहत लॉजिस्टक्स सेवाओं में कुशलता लाना, कौशल विकास, उच्च शिक्षा में लॉजिस्टिक्स को दुरुस्त करना तथा समुचित प्रौद्योगिकियों को अपनाना शामिल है।

इसकी परिकल्पना में तेज और समावेशी वृद्धि के लिये प्रौद्योगिकी आधारित क्षमता एकीकृत, सस्ते, हर स्थिति में उपयोगी, सतत तथा विश्वसनीय लॉजिस्टिक्स इको-सिस्टम का विकास करना शामिल है।

इस नीति के तहत लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं और इसमें उन लक्ष्यों को हासिल करने की विस्तृत कार्य योजना को शामिल किया है। लक्ष्य इस प्रकार हैं:


(i) वर्ष 2030 तक विश्व मानकों की तुलना मे भारत में लॉजिस्टिक्स की लागत में कटौती करना,

(ii) वर्ष 2030 तक 25 शीर्ष देशों में लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन सूचकांक रैंकिंग में सुधार लाना, और

 
 



(iii) प्रभावी लॉजिस्टिक्स इको-सिस्टम के लिये डाटा आधारित निर्णय समर्थन की संरचना करना।

राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति को परामर्श प्रक्रिया के जरिये विकसित किया गया है। इस सम्बन्ध में विभिन्न मंत्रालयों/सरकारी विभागों, उद्योग से जुड़े हितधारकों और अकादमिक जगत के साथ परामर्श के कई दौर हुये तथा विश्व में प्रचलित उत्कृष्ट व्यवहारों पर गौर किया गया।

 
 



नीति की निगरानी करने और हितधारकों के बीच एकीकृत प्रयासों के लिये नीति मौजूदा संस्थागत प्रारूप का उपयोग करेगी, यानी पीएम गतिशक्ति एनएमपी के तहत गठित अधिकारप्राप्त सचिवों के समूह का उपयोग करेगी। प्रक्रियाओं से जुड़े मानदंडों की निगरानी तथा एनपीजी के टीओआर के दायरे में न आने वाले लॉजिस्टिक्स सेक्टर में डिजिटल सुधार के लिये अधिकारप्राप्त सचिवों का समूह “सेवा सुधार समूह” (एसआईजी) का गठन करेगा।

 
 



यह नीति देश में लॉजिस्टिक्स की लागत को कम करने का मार्ग प्रशस्त करती है। इसके तहत गोदामों के सम्बन्ध में उचित विकास का रास्ता खोलने पर ध्यान दिया जायेगा, जिसमें अधिकतम स्थान की योजना, मानकों को प्रोत्साहन, लॉजिस्टिक्स मूल्य श्रृंखला का डिजिटलीकरण व स्वचालन तथा बेहतर ट्रैकिंग और ट्रेसिंग प्रणाली शामिल है।

विभिन्न हितधारकों और त्वरित समस्या निदान, एक्सिम प्रक्रियाओं को दुरुस्त करना, रोजगार देने योग्य कुशल श्रमशक्ति का समूह (पूल) तैयार करने सहित निर्बाध सहयोग के लिये नीति में प्रावधान किया गया है।

इस नीति में स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है कि विभिन्न पहलों के जमीनी स्तर पर तुरंत क्रियान्वयन के लिये कार्य-एजेंडा तैयार किया जायेगा। दरअसल, इस नीति के लाभों के लिये यह सुनिश्चित किया गया है कि इसकी ज्यादा से ज्यादा पहुंच हो, एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूएलआईपी) सहित नीतिगत महत्वपूर्ण पहल की जायें, लॉजिस्टिक्स सेवा प्लेटफॉर्म सुगम हो, गोदामों पर ई-पुस्तिका तैयार की जाये, पीएम गतिशक्ति पर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, ई-गॉट प्लेटफॉर्म पर लॉजिस्टिक्स को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति के साथ शुरू किया गया। इस तरह, जमीनी स्तर पर इसकी तैयारी के संकेत मिलते हैं।

इसके अलावा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पूरी तरह अवगत करा दिया गया है। चौदह राज्यों ने अपनी-अपनी राज्य लॉजिस्टिक्स नीतियां बना ली हैं, जो राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति के अनुरूप हैं। वहीं, 13 राज्यों में इसका मसौदा तैयार हो रहा है। केंद्र और राज्य स्तर पर पीएम गतिशक्ति के तहत संस्थागत प्रारूप पूरी तरह चलने लगा है, जो नीति के क्रियान्वयन की भी निगरानी करेगा। इससे सभी हितधारकों द्वारा नीति को जल्द और कुशलतापूर्वक अपनाना सुनिश्चित हो जायेगा।

यह नीति सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के बीच प्रतिस्पर्धा, कृषि और सम्बन्धित सेक्टरों, द्रुतगामी उपभोक्ता माल और इलेक्ट्रॉनिक्स को समर्थन देती है। इसके बारे में पूर्वानुमान लगाना बहुत आसान होगा, इसकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी, आपूर्ति श्रृंखला में बर्बादी तथा बड़ी मात्रा में स्टॉक की जरूरत में कमी आयेगी।

वैश्विक मूल्य श्रृंखला के साथ बड़े स्तर पर एकीकरण तथा वैश्विक व्यापार में अधिक साझेदारी के अलावा इस नीति से देश में आर्थिक विकास में तेजी आयेगी। यह इस नीति का एक और परिणाम होगा।

आशा की जाती है कि लॉजिस्टिक्स की कम लागत से वैश्विक मानक प्राप्त होंगे तथा लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन सूचकांक में देश की रैंकिंग में सुधार आयेगा तथा इसकी वैश्विक स्थिति दुरुस्त होगी। नीति में भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बदलने, लॉजिस्टिक्स कुशलता को सुधारने, लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने तथा वैश्विक प्रदर्शन को सुधारने की स्पष्ट दिशा नजर आती है।

और भी

भारत और सऊदी अरब ने रुपये-रियाल में व्यापार करने पर की चर्चा

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत और सऊदी अरब ने रुपये और रियाल में व्यापार को संस्थागत रूप देने की व्यवहार्यता पर बातचीत की। इसके साथ ही यूनिफाइंड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) और रूपे कार्ड पेश किए जाने पर चर्चा की गई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

वाणिज्य मंत्रालय के बयान के मुताबिक वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के 18-19 सितंबर को दो दिवसीय रियाद यात्रा के दौरान यूपीआई और रूपे कार्ड पेश करने के साथ अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। वाणिज्य मंत्री गोयल भारत-सऊदी अरब रणनीतिक भागीदारी परिषद की मंत्रिस्तरीय बैठक में शामिल हुए।

इस बैठक में पीयूष गोयल और सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री शहजादा अब्दुलअजीज बिन सलमान अल-सऊद ने परिषद के तहत अर्थव्यवस्था और निवेश पर समिति की मंत्रिस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस बैठक में व्यापार और वाणिज्य का दायरा बढ़ाने, व्यापार बाधाओं को दूर करने, सऊदी अरब में भारतीय औषधि उत्पादों के स्वत: पंजीकरण और विपणन मंजूरी, रुपये-रियाल व्यापार को संस्थागत बनाने की व्यवहार्यता, सऊदी अरब में यूपीआई और रूपे कार्ड की शुरुआत जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

और भी

इतिहास पर श्रद्धा जरूरी, यही दिखाएगी विश्व को सही राह : मोहन भागवत

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि विदेशी विद्वानों ने अपने स्वार्थ में भारत के इतिहास का गलत चित्रण किया और हमने अपने इतिहास पर श्रद्धा के अभाव में इसे स्वीकार कर लिया। इसी कारण से आज हमें अपने इतिहास को सही ढंग से प्रस्तुत करने की जरूरत पड़ रही है।

डॉ. भागवत ने  द्रौपदी ड्रीम ट्रस्ट द्वारा कनेक्टिंग विथ द महाभारत: हिस्ट्री, जियोग्राफी, कल्चर, आर्टी पुस्तक का इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में विमोचन किया। नीरा मिश्रा एवं राजेश लाल द्वारा लिखित इस पुस्तक का प्रकाशन गरुड़ प्रकाशन ने किया है।

इस दौरान डॉ. भागवत ने कहा कि यह विज्ञान का युग है और विश्व सहित भारत भी कई समस्याओं से जूझ रहा है। इसका प्रमुख कारण है कि हम अपने इतिहास, महापुरुषों और ज्ञान से विमुख हो गए हैं। यह ज्ञान हमें धर्मानुसार आचरण सिखाता है। डॉ. भागवत ने कहा कि अपने इतिहास पर श्रद्धा जरूरी है। यही विश्व को सही राह दिखा सकती है। उन्होंने कहा कि हम अगर महाभारत पढ़ते रहते तो इन समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि धर्म का अर्थ वर्तमान के समय में संतुलन, संयम और मध्यम मार्ग है।

सरसंघचालक डॉ. भागवत ने कहा कि आज की आवश्यकता के चलते हम चीन, अमेरिका और रूस जैसे देशों की राह पर चल पड़े हैं, लेकिन हमें प्रकृति की ओर लौटना होगा। यह एकदम से संभव नहीं है इसके लिए हमें दीर्घकालीन लक्ष्य तय करने होंगे।

और भी

पादप आनुवंशिक संसाधनों का संरक्षण मानवता की साझा जिम्मेदारी : तोमर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि पादप आनुवंशिक उपाय प्रजनन चुनौतियों के समाधान का स्रोत हैं। प्राकृतिक वास नष्‍ट होने और जलवायु परिवर्तन के कारण पादप आनुवंशिक उपाय भी असुरक्षित हैं। इनका संरक्षण " मानवता की साझा जिम्‍मेदारी है"। हमें इन्‍हें बचाकर रखने और इनका स्‍थायी उपयोग करने के लिए सभी आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने और स्थायी रूप से उपयोग करने के लिए उपयोग करना चाहिए।

श्री तोमर ने नई दिल्ली में खाद्य और कृषि के लिए पादप आनुवंशिक उपायों पर अंतर्राष्ट्रीय संधि (आईटीपीजीआरएफए) के प्रबंध समूह के नौवें सत्र का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। आईटीपीजीआरएफए संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन के 31वें सत्र के दौरान नवम्‍बर, 2001 में रोम में हस्ताक्षरित कानूनी रूप से बाध्यकारी एक व्यापक समझौता है।

समझौता 29 जून 2004 को प्रभावी हुआ और वर्तमान में भारत सहित 149 अनुबंधित पक्ष हैं। यह संधि, जैविक विविधता पर समझौते के अनुरूप, खाद्य और कृषि के लिए विश्व पादप आनुवंशिक उपायों (पीजीआरएफए) के संरक्षण के माध्‍यम से, विनिमय और स्‍थायी उपयोग, इसके उपयोग से होने वाले लाभ के समान बंटवारे के साथ-साथ किसानों के अधिकारों की मान्यता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर खाद्य सुरक्षा हासिल करना चाहती है।

पीजीआरएफए खाद्य और पोषण सुरक्षा के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के निरन्‍तर दोहन के लिए स्केल-फ्री समाधान प्रदान करता है। पीजीआरएफए के लिए देश परस्पर एक-दूसरे पर आश्रित हैं, जिससे पहुंच और लाभ साझा करने की सुविधा के लिए एक वैश्विक प्रणाली की आवश्यकता होती है। जीबी9 का आयोजन सेलिब्रेटिंग द गार्जियंस ऑफ क्रॉप डायवर्सिटी: टूवर्ड्स ऐन इनक्लूसिव पोस्ट-2020 ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क विषय के तहत किया जा रहा है।

इस विषय का उद्देश्य पीजीआरएफए के प्रभावी प्रबंधन की दिशा में दुनिया के छोटे किसानों के योगदान को उजागर करना और इस बारे में विचार करने का अवसर प्रदान करना है कि कैसे संधि और उसका समूह नई वैश्विक जैव विविधता निर्माण में योगदान दे सकता है।

 

और भी

भारत और सऊदी अरब के बीच सहयोग के लिए 40 से ज्यादा अवसरों की हुई पहचान

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी परिषद की मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए 18 से 19 सितंबर 2022 तक सऊदी अरब का दौरा किया। श्री गोयल, सऊदी के ऊर्जा मंत्री और महामहिम प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान अल-सऊद ने भारत-सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी परिषद की अर्थव्यवस्था और निवेश समिति की मंत्रिस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता की।

इस यात्रा के दौरान माननीय मंत्री ने सऊदी अरब के प्रमुख कारोबारियों के साथ एक सीईओ राउंडटेबल बैठक में भी भाग लिया। इसमें भारत से बढ़ते निर्यात को प्रोत्साहित करने, भारत में आने वाले निवेश को सुविधाजनक बनाने, द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को गहरा और व्यापक बनाने के नवीन तरीकों तथा साधनों पर ध्यान केंद्रित किया गया।

यहां हुई वार्ता के बारे में उन्होंने ट्वीट किया, सऊदी अरब में विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों के सीईओ के साथ समृद्ध बातचीत हुई। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करने के प्रति उनके उत्साह को देखकर प्रसन्नता हुई। भारत और सऊदी अरब के बीच सहयोग के लिए 40 से ज्यादा अवसरों की  पहचान की गई। 

 

 

और भी

आईआईटी वैज्ञानिक सोच विकसित करने का उज्‍ज्‍वल भविष्य सुनिश्चित करने वाले मंदिर : धर्मेंद्र प्रधान

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आईआईटी मद्रास की रणनीतिक योजना 2021-27 जारी की, जिसमें इस संस्थान के लिए एक महत्वाकांक्षी विकास चरण का प्रस्ताव किया गया है और इसके साथ ही उन्‍होंने क्वांटम विज्ञान के लिए एम्फैसिस सेंटर को राष्‍ट्र को समर्पित किया।

उन्होंने ऊर्जा खपत कम करने में एमएसएमई की मदद करने के लिए कोटक-आईआईटी (एम) ऊर्जा बचाओ मिशन का भी शुभारंभ किया जिसके लिए कोटक से सीएसआर फंडिंग सहायता प्राप्‍त हो रही है। उन्होंने क्वांटम सूचना, संचार और कम्प्यूटिंग केंद्र (सीक्यूआईसीसी) के विकास में सहयोग करने के लिए एम्फैसिस टीम का अभिनंदन किया। उन्होंने डेटा साइंस में बीएससी पाठ्यक्रम के चुनिंदा विद्यार्थि‍यों को डिप्लोमा सर्टिफिकेट भी प्रदान किए।

इस अवसर पर श्री प्रधान ने अकादमिक उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में इन पहलों के उद्घाटन और शुभारंभ पर सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आईआईटी सिर्फ शैक्षणिक संस्थान ही नहीं हैं, बल्कि वे वैज्ञानिक सोच विकसित करने और मानवता का उज्‍ज्‍वल भविष्य सुनिश्चित करने वाले मंदिर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे समाज को समस्‍त आईआईटी से काफी उम्मीदें हैं।

आईआईटी में शिक्षा प्राप्‍त करने वाले हमारे विद्यार्थि‍यों को प्रगति और विकास का पथ प्रदर्शक बनना होगा। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब पूरी दुनिया ब्रेन रिसर्च सेंटर से लाभान्वित होने के लिए आईआईटी मद्रास आएगी। थ्रीडी-प्रिंटिंग तकनीक जैसे नायाब आइडिया निर्माण क्षेत्र में क्रांति ला सकते हैं, विस्थापन के मुद्दों को हल करने में काफी मदद कर सकते हैं और गरीबों को सम्मानजनक जीवन दे सकते हैं।

और भी

हरदीप पुरी ने स्वच्छता स्टार्टअप चुनौती के चुने हुए स्टार्टअप्स के साथ बातचीत की

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आवासन और शहरी कार्य तथा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री, हरदीप पुरी ने स्वछता को बढ़ावा देने की दिशा में समाधान खोजने में शामिल स्टार्ट-अप को सभी सहायता और सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है। उन्होंने स्वच्छता स्टार्ट-अप चुनौती के अंतर्गत चुने गए स्टार्टअप्स के साथ बातचीत करते हुए यह बात कही।

मंत्री ने कुछ प्रमुख स्वच्छता चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए मशीनीकृत समाधान, ठोस और तरल कचरे का वैज्ञानिक प्रसंस्करण आदि स्टार्टअप्स को नवाचार और उद्यम विकास के लिए बड़े अवसर प्रदान करते हैं।

स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (एसबीएम-यू), आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय-एमओएचयूए ने एएफ़डी (एजेंसी फ़्रेंकाइसे डि डिवलमपमेंट) और उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सहयोग से 27 जनवरी, 2022 को स्वच्छता स्टार्टअप चैलेंज शुरू किया है ताकि अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में विकास स्टार्टअप और उद्यमियों के लिए एक समर्थन करने वाले वातावरण को बढ़ावा दिया जा सके।

और भी

30 स्टार्टअप्स को सम्मानित करेगा आवास और शहरी कार्य मंत्रालय

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में भारत की स्थिति को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए स्टार्टअप्स को धनराशि देने और प्रारंभिक समग्र सहयोग (इन्क्यूबेशन) देने की तैयारी कर रहा है।

एमओएचयूए 20 सितंबर, 2022 को नई दिल्ली स्थित अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित होने वाले सम्मलेन में 30 स्टार्टअप्स को सम्मानित करेगा। दिन भर चलने वाला यह सम्मलेन स्टार्टअप्स के लिए अनुभव व ज्ञान प्राप्त करने और सीखने का एक मंच भी होगा, जो उन्हें इस क्षेत्र में अपने रास्ते की तलाश करने और अपने समाधानों को सफलतापूर्वक बड़े पैमाने पर ले जाने में मदद करेगा।

विचार-विमर्श के हिस्से के रूप में, कुछ शहरी स्थानीय निकाय जमीनी स्तर की विशिष्ट चुनौतियों को उजागर करने के लिए 'रिवर्स पिच' में शामिल होंगे, ताकि चुनौतियों के अभिनव समाधान खोजने के लिए स्टार्टअप को प्रेरित किया जा सके। सरकार के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, कुछ शहरी स्थानीय निकायों ने चुनिंदा स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी करने में रुचि दिखाई है तथा शहरी स्थानीय निकाय, स्टार्टअप्स को सुविधाओं की स्थापना, बाजार खरीदारों के जुड़ाव आदि के लिए स्थान के रूप में समर्थन प्रदान करने के लिए तैयार हैं, ताकि वे अपने समाधानों को अंतिम रूप दे सकें।

दिन भर चलने वाले इस कार्यक्रम में सीखने की और नेटवर्किंग गतिविधियां, 30 स्टार्टअप द्वारा उनके समाधान को प्रदर्शित करने वाली प्रस्तुतियां, कचरा मुक्त शहरों के लिए स्टार्टअप को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नीतिगत पहलों पर चर्चा और यूनिकॉर्न के उद्यमियों तथा संस्थापकों द्वारा सफलता की कहानियों को साझा करना आदि शामिल होंगे।

और भी

बाउंड्री वॉल गिरने से दबे 13 कामगार, 4 की मौत, मुख्यमंत्री ने जताया शोक...

 नोएडा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नोएडा के सेक्टर-21 स्थित जलवायु विहार में मंगलवार सुबह नाले की निर्माणाधीन दीवार गिरने से 13 कामगार दीवार के नीचे दब गए। सूचना पर पहुंची सेक्टर-20 कोतवाली पुलिस, फायर ब्रिगेड की टीम ने पांच जेसीबी मदद से मलबे को हटाकर दीवार के नीचे दबे कामगार को बाहर निकाला।

हादसे में गंभीर रूप से चार कामगारों को इलाज के लिए अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि नौ कामगारों को सुरक्षित मलबे से बाहर निकाला गया है। जिनकी हालत स्थिर है।

नोएडा प्राधिकरण की ओर से सेक्टर-21 स्थित जलवायु विहार सोसायटी के पास नाले की पुरानी दीवार को तोड़कर नई चार दीवार बनाने का काम किया जा रहा है। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे निर्माणाधीन नाले की छह फीट की ऊंची और दस फीट लंबी में गिरने 13 कामगार मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद घटना स्थल के आसपास चीख पुकार मच गई। कंट्रोल रूम पर हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने करीब एक घंटे के रेस्क्यू आपरेशन के बाद मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला।

हादसे में घायल दो कामगार को सेक्टर-27 स्थित कैलाश अस्पताल और दो कामगरों को सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डाक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। पुलिस मृतकों की शिनाख्त का प्रयास कराने में जुटी है। मामूली रूप से घायलों की मरहम पट्टी कराई गई है। घायलों और मृतकों के स्वजन को सूचना दे दी गई है। जिला अस्पताल और कैलाश अस्पताल में घायलों के हाल चाल लेने के लिए स्वजन पहुंच रहे हैं। हादसे की जांच के लिए टीम गठित की गई है।

हादसे की सूचना पर संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) लव कुमार, डीसीपी हरीश चंदर, सीएफओ अरुण कुमार सिंह, एसीपी नोएडा रजनीश वर्मा मौके पर मौजूद हैं। हादसे के बाद जमा को भीड़ को हटाने का काम किया जा जारी है।

मामले का जिला प्रशासन की ओर से भी संज्ञान लिया गया है। जिलाधिकारी सुहास एलवाई मौके पर पहुंचे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र कुमार सिंह को जांच के आदेश दिए हैं।

श्रम विभाग की ओर से मामले का संज्ञान लिया गया है। हादसे की जांच के लिए एक टीम को मौके पर भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषी लोगों को पर कार्रवाई की जाएगी।

सीएम योगी ने जताया शोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में दीवार गिरने की दुर्घटना से हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर जाकर राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर संचालित करने और घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। सीएम ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

और भी

शहरों के विकास को लेकर लोगों को भाजपा पर भरोसा है : नरेंद्र मोदी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात की राजधानी गांधीनगर में हो रहे दो दिवसीय 'राष्ट्रीय महापौर सम्मेलन' में हिस्सा लिया। पीएम मोदी इस कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से जुड़े। इस सम्मेलन में देशभर से भाजपा शासित शहरी स्थानीय निकायों के महापौर और उपमहापौर शामिल हुए हैं। पीएम मोदी ने भाजपा के मेयरों के इस कार्यक्रम को संबोधित किया। पीएम मोदी ने राष्ट्रीय महापौर सम्मेलन में सभी का स्वागत करते हुए कहा कि आजादी के अमृत काल में अगले 25 साल के लिए भारत के शहरी विकास का एक रोड मैप बनाने में इस सम्मेलन की बड़ी भूमिका है। पीएम मोदी ने कहा कि शहरों के विकास को लेकर लोगों को भाजपा पर पूरा भरोसा है।

राष्ट्रीय महापौर सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि साथियों 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास'। ये जो वैचारिक परिपार्टी भाजपा ने अपनायी है। यही हमारा मॉडल दूसरों से अलग करता है।

कार्यक्रम में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सामान्य नागरिक का संबंध अगर सरकार नाम की किसी व्यवस्था से आता है तो पंचायत से आता है, नगर पंचायत से आता है, नगरपालिका से आता है, महानगर पालिका से आता है। इसलिए इस प्रकार के विचार-विमर्श का महत्व बढ़ जाता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे देश के नागरिकों ने बहुत लंबे अरसे से शहरों के विकास को लेकर भाजपा पर विश्वास रखा है। उसे निरंतर बनाए रखना, उसे बढ़ाना हम सभी का प्रमुख दायित्व है।

वहीं, इस कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान भाजपा अध्यक्ष जेपी ने नड्डा ने कहा कि हम राजनीति में आए हैं तो सिर्फ गद्दी पर बैठने नहीं आए हैं, सत्ता में बैठने नहीं आए हैं। सत्ता हमारे लिए माध्यम है, लक्ष्य सेवा है। सुशासन के जरिए किस प्रकार हम जनता की सेवा कर सकते हैं, इसके लिए हम काम करते हैं।

उप मुख्यमंत्री फडणवीस और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी कार्यक्रम में हैं शामिल
इस कार्यक्रम की अधिक जानकारी देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि देशभर के 121 महापौर और उपमहापौर इस दो दिवसीय कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। यह महापौर सम्मेलन पार्टी के सुशासन प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित किया जा रहा है। पीएम मोदी शहरी विकास के मुद्दे पर महापौर और उपमहापौर का मार्गदर्शन कर रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए हैं। दो दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में भाग लेने वाले अन्य लोगों में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी शामिल हैं।

इस पूरे सम्मेलन में इन मुद्दों पर होनी है चर्चा
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सिन्हा ने बताया कि फडणवीस शहरी विकास के लिए अपने दृष्टिकोण को साझा करेंगे और पुरी देशभर के मेयरों को शहरी स्थानीय निकायों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे। कुल मिलाकर 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के महापौर, उप महापौर और अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि इस सम्मेलन में भाग लेंगे और अपने विचार साझा करेंगे। इस दौरान अपशिष्ट प्रबंधन, यातायात प्रबंधन, जल-भराव एवं शहरों में होने वाली समस्यायों पर चर्चा की जाएगी।

सिन्हा ने कहा कि सूरत, इंदौर, कानपुर और पणजी के मेयर कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई और राजस्व बढ़ाने के लिए अपने द्वारा किए गए कार्यों के बारे में दर्शकों को जानकारी देंगे।

और भी

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह दो दिन की मिस्र यात्रा के बीच दुबई पहुंचे

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह दो दिन की मिस्र यात्रा के बीच आज दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। श्री सिंह मिस्र के रक्षा और रक्षा उत्पादन मंत्री जनरल मोहम्मद जाकी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों मंत्री इस दौरान परस्‍पर सैन्य संबंधों को बढ़ाने की संभावना तलाशेंगे और रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग की समीक्षा करेंगे।

इस दौरान भारत और मिस्र के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने के एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर होंगे। श्री सिंह मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सीसी से मुलाकात भी करेंगे।

और भी