दुनिया-जगत - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

दुनिया-जगत

सामने आई अंतरिक्ष के शुरुआत की झलक, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने दी जानकारी

 वाशिंगटन  (छत्तीसगढ दर्पण)। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप से मिली पहली तस्वीर जारी की है। यह सबसे हाई रिजॉल्यूशन वाली ब्रह्मांड की पहली रंगीन तस्वीर है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में इस बारे में जानकारी दी। बाइडेन ने कहा- आज एक ऐतिहासिक दिन है। यह अमेरिका और पूरी मानवता के लिए ऐतिहासिक है। यह तस्वीरें बताती हैं अमेरिका कितने बड़े कारनामे कर सकता है।

नासा के हेड बिल नेल्सन ने इस कामयाबी पर कहा- हम 13 अरब साल पीछे मुड़कर देख रहे हैं। इन छोटे कणों में से एक पर आप जो प्रकाश देख रहे हैं, वह 13 अरब साल से यात्रा कर रहा है। अमेरिका की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा- यह हम सभी के लिए बेहद रोमांचक क्षण है। आज ब्रह्मांड के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है।

और भी

जापान के फुमिओ किशिदा वर्ष 2025 तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे

 तोक्यो  (छत्तीसगढ दर्पण)। सप्ताहांत के दौरान हुए चुनावों में मिले नए जनादेश से उत्साहित जापान के प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा ने सोमवार को अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात की, जिन्होंने प्रभावशाली दिवंगत नेता शिंजो आबे की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया और एक मजबूत द्विपक्षीय गठबंधन का आश्वासन दिया।

किशिदा की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और उसकी सहयोगी कोमैतो को 248 सदस्यीय सदन में 146 सीटों पर जीत हासिल हुई जो बहुमत के आंकड़े से काफी अधिक हैं। इस जीत से स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा वर्ष 2025 तक पद पर बने रहेंगे और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा दीर्घकालिक नीतियों पर काम जारी रखेंगे।

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को गोली लगने के समय 20 विदेश मंत्रियों के समूह की बैठक जी-20 में भाग लेने के लिए इंडोनेशिया में थे। उन्होंने किशिदा को राष्ट्रपति जो बाइडन का एक पत्र आबे के परिवार के लिये सौंपा।

ब्लिंकन ने किशिदा से कहा, हम बस उन्हें यह बताना चाहते हैं कि हम व्यक्तिगत स्तर पर भी इस नुकसान की गहराई को महसूस करते हैं। उन्होंने कहा दरअसल मैं यहां इसलिए हूं क्योंकि अमेरिका और जापान सहयोगी से कहीं अधिक हैं- हम दोस्त हैं। ब्लिंकन ने कहा, आबे ने अमेरिका और जापान के बीच संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बहुत काम किया। 

और भी

श्रीलंका में 20 जुलाई 2022 को नए राष्‍ट्रपति का चुनाव होगा

 कोलम्बो (छत्तीसगढ दर्पण)। श्रीलंका में संसद इस महीने की 15 तारीख को फिर से गठित की जाएगी और बीस जुलाई को नए राष्‍ट्रपति का चुनाव होगा। संसद अध्‍यक्ष महिन्‍दा यप्‍पा अबेवर्देना ने यह जानकारी दी।
इस बीच, संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरस ने सभी पक्षों से अनुरोध किया है कि सरकार बदलने की प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए वार्ता करें। उन्‍होंने श्रीलंका में हिंसक गतिविधियों की निंदा की और दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। श्री गुतेरस के प्रवक्‍ता ने कहा कि संयुक्‍त राष्‍ट्र, श्रीलंका और उसकी जनता को सहयोग देने के लिए तैयार है।

 

प्रवक्‍ता ने कहा कि संयुक्‍त राष्‍ट्र महासचिव श्रीलंका के घटनाक्रम पर निरन्‍तर नजर रखे हुए हैं और उन्‍होंने सभी संबंधित पक्षों को सुचारू सत्‍ता परिवर्तन के लिए वार्ता शुरू करने और आर्थिक संकट का समाधान ढूंढने का आह्वान किया है।

और भी

यूक्रेन ने भारत समेत पांच देशों में तैनात अपने राजदूतों को किया बर्खास्त

कीव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने भारत समेत पांच देशों से अपने राजदूतों को पद से हटा दिया है।राष्ट्रपति की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यूक्रेन ने जर्मनी, भारत, चेक रिपब्लिक, नॉर्वे और हंगरी में तैनात अपने राजदूतों को उनके पदों से बर्खास्त कर दिया है।इसके पीछे के कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है और न ही यह साफ हुआ है कि इन अधिकारियों को कोई दूसरी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी या नहीं।

रूस के खिलाफ कई महीनों से युद्ध लड़ रहे यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने राजनयिकों से देश के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन और सैन्य मदद जुटाने की मांग की है। गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी से युद्ध जारी है।
 
जर्मनी में तैनात यूक्रेनी राजदूत एंड्री मेलनिक की बर्खास्तगी की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।उन्हें जेलेंस्की की पूर्ववर्ती सरकार ने 2014 में जर्मनी में नियुक्त किया था और मेलनिक को जर्मन नेताओं और अधिकारियों के बीच काफी पसंद किया जाता है।कयास लगाए जा रहे हैं कि युद्ध के दौरान यूक्रेन के लिए पर्याप्त सैन्य सहायता और समर्थन न जुटा पाने के कारण इन पांचों राजदूतों की विदाई हुई है।
और भी

दक्षिण अफ्रीका में बंदूकधारियों ने बार में घुसकर बरसाई गोलियां, 15 लोगों की मौत

ओरलैंडो ईस्ट (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दक्षिण अफ्रीका के सवेटो शहर के एक बार में हुई गोलीबारी में 15 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हो गए।पुलिस के अनुसार, कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने बार में घुसकर गोलीबारी करना शुरू कर दिया और फिर एक सफेद मिनी बस में बैठकर फरार हो गए।अभी तक हमले के पीछे की मंशा का पता नहीं लग पाया है और पुलिस जांच में जुटी हुई है। 

घटना जोहानसबर्ग के सवेटे शहर के ओरलैंडो ईस्ट इलाके स्थित एक बार में हुई। रविवार सुबह अंधेरे में कुछ बंदूकधारी बार में घुस आए और मौके पर मौजूद लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलाने लगे।15 लोगों को मारने और कई को गंभीर रूप से घायल करने के बाद वे मौके से भाग गए।पुलिस के अनुसार, बंदूकधारियों पर राइफल और 9 mm की पिस्तौल थीं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक उनकी पहचान नहीं हो पाई है।
और भी

अब इस देश के प्रधानमंत्री को मिली जान से मारने की धमकी, आरोपी गिरफ्तार..

सिंगापुर/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की बीते दिन एक हमलावर ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद दुनियाभर में शोक की लहर है। इस बीच सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग को एक व्यक्ति ने जान से मारने की धमकी दी है। सिंगापुर के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री ली सीन लूंग के खिलाफ फेसबुक पर एक टिप्पणी पोस्ट कर हिंसा भड़काने के आरोप में एक 45 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

फेसबुक पेज पर दी धमकी
जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या के संबंध में एक पोस्ट पर वेब पोर्टल चैनल के फेसबुक पेज के कमेंट सेक्शन में यह धमकी दी गई थी। सूत्रों ने बताया कि पुलिस को प्रधानमंत्री ली के खिलाफ हिंसा भड़काने की धमकी के संबंध में शुक्रवार दोपहर 3.10 बजे एक रिपोर्ट मिली थी। पुलिस ने बताया कि जांच के बाद, पुलिस फेसबुक उपयोगकर्ता का पता लगाने में सफल रही और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के पास से एक लैपटाप, एक टैबलेट और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
 
आरोपी को हो सकती है पांच साल की जेल
सूत्रों के मुताबिक पुलिस जांच जारी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंसा के लिए उकसाने वाले को दोषी पाए जाने पर पांच साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकता है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ली ने शुक्रवार को आबे के निधन पर शोक व्यक्त किया था और हत्या को “हिंसा का मूर्खतापूर्ण कार्य” बताया।
 
ली ने फेसबुक से आबे के निधन पर जताया था शोक
ली ने फेसबुक पर लिखा, आबे सिंगापुर के अच्छे दोस्त थे। मैंने मई में अपनी टोक्यो यात्रा पर उनके साथ खाना खाया था। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। बता दें कि 67 वर्षीय आबे की शुक्रवार को पश्चिमी जापान के नारा शहर में एक बंदूकधारी ने हत्या कर दी थी। हमलावर ने आबे के भाषण देते समय उन पर पीछे से गोलियां चला दी थीं।
और भी

श्रीलंका में घर छोड़कर भागे राष्ट्रपति राजपक्षे, प्रदर्शनकारियों ने घेरा आवास

कोलम्बो (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आर्थिक संकट से घिरे श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे अपना आवास छोड़कर भाग गए हैं। रक्षा सूत्रों और स्थानीय मीडिया के हवाले से यह खबर आ रही है।दरअसल, प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को उनके आवास को घेर लिया और अंदर घुस आए। इस दौरान हुई हिंसक झड़प में दो पुलिसकर्मियों समेत कुल सात लोग घायल हो गए हैं।बताया जा रहा है कि शनिवार की रैली को देखते हुए राजपक्षे को शुक्रवार को ही आवास से निकाल लिया गया था।

श्रीलंका के पास विदेशी मुद्रा खत्म हो चुकी है और वह जरूरी चीजों का आयात नहीं कर पा रहा है।देश में ईंधन खत्म हो गया है, जिससे वाहनों का चक्का ठप हो गया और कई दूसरी सेवाओं पर भी असर पड़ा है।पर्याप्त उत्पादन न होने के चलते बिजली संकट भी गहरा रहा है। इसके चलते यहां पिछले कुछ महीनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी है और हालात बेहद खराब हो चुके हैं।
और भी

भीड़ ने किया राष्ट्रपति भवन पर कब्ज़ा, परिवार संग भागे राजपक्षे…

कोलंबो/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आर्थिक परेशानी से श्रीलंका में जूझ रहे प्रदर्शनकारियों ने अंतत: आज सारी सीमाए लांघ दी और खुद ही निर्णय ले लिया। शनिवार को हिंसक भीड़ ने राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के आवास पर कब्जा कर लिया। इसके बाद राष्ट्रपति राजपक्षे अपने आवास को छोड़कर भाग निकले। इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने सांसद रजिता सेनारत्ने के घर पर भी हमला किया है। बता दें कि इससे पहले 11 मई को तत्कालीन प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे पूरी परिवार के साथ भाग गए थे। उग्र भीड़ ने कोलंबो में राजपक्षे के सरकारी आवास को घेर लिया था।

बताया जा रहा है कि कोलंबो स्थित राष्ट्रपति आवास को प्रदर्शनकारियों ने दोपहर में घेर लिया था। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने राजपक्षे के आधिकारिक आवास पर जमकर तोड़फोड़ भी की और आवास पर कब्जा कर लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राष्टपति भवन में तोड़फोड़ की। बेड और सोफा सेट पर लेटकर सेल्फी ली। कई बेड पर आराम फरमाते देखे गए। वहीं स्वीमिंग पूल में घूसकर नहाने लगे।
 
बता दें कि श्रीलंका में बिगड़ते आर्थिक संकट के बीच राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग को लेकर आज सरकार विरोध रैली चल रही है। उधर, श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने स्थिति पर चर्चा करने और त्वरित समाधान के लिए पार्टी नेताओं की आपात बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने स्पीकर से संसद सत्र बुलाने की अपील की है। श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के 16 सांसदों ने एक पत्र में राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे से तत्काल इस्तीफा देने का अनुरोध किया है। उधर, रैली के दौरान श्रीलंका की पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। हिंसक झड़पों में 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है। घायलों को राष्ट्रीय अस्पताल कोलंबो ले जाया गया है।
 
शुक्रवार को श्रीलंका में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया था। सेना को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस प्रमुख चंदना विक्रमरत्ने ने कहा कि राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार रात नौ बजे से कर्फ्यू लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि हजारों सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को सत्ता से हटाने के लिए शुक्रवार को कोलंबो में प्रवेश किया था जिसके बाद कर्फ्यू का फैसला लिया गया।
और भी

जयशंकर ने इंडोनेशिया, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों के समकक्षों से द्विपक्षीय वार्ता की

मैक्सिको  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इंडोनेशिया में जी20 शिखर सम्मेलन से इतर बृहस्पतिवार को इंडोनेशिया, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका, मैक्सिको, सेनेगल के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत की जिनमें आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। विदेश मंत्री जयशंकर ने फिजी के प्रधानमंत्री फैंक बैनीमरामा से भी भेंट की और इस दौरान उन्होंने फिजी में भारत की विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की तथा दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने के रास्तों पर चर्चा की।

जयशंकर ने इंडोनेशिया की विदेश मंत्री रेटनो मार्सुदी के साथ बैठक के बाद कहा कि भारत जी20 समूह की इंडोनेशिया की अध्यक्षता का समर्थन करता है। गौरतलब है कि बाली में जी20 समूह के विदेश मंत्रियों की शिखर वार्ता की मेजबानी इस समूह के अध्यक्ष के नाते इंडोनेशिया कर रहा है। जयशंकर ने ट्वीट किया,  विदेश मंत्री रेटनो मार्सुदी के साथ फिर मुलाकात कर प्रसन्न हूं। बाली में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक की शानदार व्यवस्था की सराहना करता हूं।
 
उन्होंने कहा कि भारत जी20 समूह की इंडोनेशिया की अध्यक्षता का समर्थन करता है और इसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिये पूरा प्रयास करेगा। जयशंकर ने मैक्सिको के अपने समकक्ष मार्सेलो इबरार्ड कसाउबॉन के साथ अपनी बैठक को ‘गर्मजोशी’ भरा बताया। उन्होंने ट्वीट किया, मैक्सिको के विदेश मंत्री मार्सेलो इबरार्ड कसाउबॉन के साथ गर्मजोशी भरी बैठक। अंतरिक्ष, कृषि, औषधि और नवाचार क्षेत्र में हमारे बढ़ते सहयोग पर विचार किया। हमने बढ़ते कारोबार का स्वागत किया।
 
उन्होंने कहा कि जी20 सहित बहुस्तरीय मंचों पर भारत और मैक्सिको के बीच मजबूत समन्वय है। अर्जेंटीना के विदेश मंत्री सेंटियागो केफियारो के साथ बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि दिल्ली और म्यूनिख की हाल की बैठकों के बाद यह आगे की कड़ी है। सेनेगल की विदेश मंत्री आएसाता टॉल सॉल के साथ बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि इस दौरान कृषि, स्वास्थ्य, उर्वरक उत्पादन, रेलवे और बिजली ट्रांसमिशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई गई। उन्होंने टीका मैत्री और भारतीय विकास परियोजनाओं को लेकर सेनेगल की विदेश मंत्री की भावनाओं की सराहना की।

 

 

और भी

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को नारा शहर में गोली मारी गई

नारा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को नारा शहर में गोली मारी गई है। रिपोर्ट के अनुसार जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे पर शुक्रवार को नारा की एक सड़क पर भाषण देने के दौरान पीछे से एक शख्स ने हमला किया। पुलिस ने शिंजो आबे पर हमला करने वाले व्यक्ति को पकड़ लिया है।

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे कार्डियोपल्मोनरी अरेस्ट का सामना कर रहे हैं। उन्हें मेडवैक द्वारा काशीहारा शहर के नारा मेडिकल यूनिवर्सिटी अस्पताल में स्थानांतरित किया जाना है। पुलिस के अनुसार ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आबे को पीछे से एक बन्दूक से गोली मारी गई।
और भी

भारत या पाकिस्तान! किस देश से होगा ब्रिटेन का नया प्रधानमंत्री?

लंदन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ब्रिटेन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने आखिरकार इस्तीफा देने का एलान कर ही दिया। ब्रिटेन की राजनिति में सियासी उथल-पुथल के बीच उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया। हह फैसला कंजर्वेटिव पार्टी में लगातार बढ़ रहे विरोध और साथी मंत्रियों के इस्तीफे के बाद लिया। बीते दो दिनों में ही उनके मंत्रिमंडल से 50 से अधिक मंत्रियों का इस्तीफा हो चुका था। साथ ही जॉनसन के करीबी नेताओं ने भी उन्हें पद छोड़ने का संदेश पहुंचा दिया था। इसके बाद गुरुवार को उन्होंने पीएम पद छोड़ने पर सहमति जता दी।

कौन बनेगा प्रधानमंत्री ? 
जॉनसन के इस्तीफे के बाद कंजर्वेटिव पार्टी में कई नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं लेकिन भारतीय-पाकिस्तानी मूल के जिन नेताओं को उनके उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है, उनमें ऋषि सुनक, साजिद जाविद और सुएला ब्रेवरमैन का नाम सामने आ रहा है। इनमें ऋषि सुनक और सुएला ब्रेवरमैन भारतीय मूल के हैं तो वहीं, साजिद जाविद का संबंध पाकिस्तानी से है।
 
और भी

सियासी संकट के बीच ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने छोड़ा पद, 48 घंटे में 45 मंत्रियों ने छोड़ा सरकार का साथ

लंदन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सियासी संकट के बीच ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने पद छोड़ दिया है। इस इस्तीफे की सबसे बड़ी वजह 30 जून को डिप्टी चीफ व्हिप की पोस्ट पर क्रिस पिंचर का अपॉइंटमेंट है। पिंचर सेक्स स्कैंडल में फंसे थे। इसके बाद ही ब्रिटिश कैबिनेट से इस्तीफे का सिलसिला जारी हो गया।

पिंचर की नियुक्ति और जॉनसन के काम करने के तरीके से नाराज 50 मंत्री और सांसद इस्तीफा दे चुके हैं। इन लोगों का कहना है कि ब्रिटिश पीएम सब जानते थे, इसके बावजूद अपॉइंटमेंट किया। सरकार के खिलाफ अविश्वास इस कदर बढ़ता जा रहा है कि 36 घंटे पहले ही मंत्री बनाए गए मिशेल डोनेलन ने भी इस्तीफा दे दिया।
और भी

कुर्सी छोड़ सकते हैं बोरिस जॉनसन, प्रधानमंत्री के लिए ये है सबसे प्रचलित नाम

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इन दिनों ब्रिटेन की सरकार संकट के दौर से गुजर रही है। बीती रात ही वहां के वित्त मंत्री ऋषि सुनक और स्वास्थ्य सचिव साजिद जाविद ने इस्तीफा दिया था। इस्तीफा देने से पहले ही सरकार के बीच में अंदरूनी संकट की खबरें सामने आती रही हैं। कल रात इस्तीफा देने वाले दोनों मंत्रियों ने भी जॉनसन की काबिलियत और सरकार के काम करने के तरीकों पर सवालिया निशान खड़े किए।

लगातार हो रहे इन इस्तीफों के बाद प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) पर भी कुर्सी छोड़ने का दबाव बढ़ गया है। बता दें कि कोरोना के दौर में पार्टी करने के आरोपों के बीच जॉनसन सरकार ने पिछले महीने ही अविश्वास प्रस्ताव का सामना किया. ऐसे में सवाल अब भी कई है। माना यह भी जा रहा है कि जॉनसन को खुद भी इस्तीफा देना पड़ सकता है।
 
गौरतलब है कि सुनक ही नहीं पिछले 24 घंटों में करीब 6 लोग इस्तीफा दे चुके हैं। बाल विकास मंत्री विल क्विंस, शिक्षा मंत्री रॉबिन वॉकर, गृह कार्यालय मंत्री विक्की एटकिंस और ट्रेजरी मंत्री जॉन ग्लेन भी इस लिस्ट में शामिल हैं।

हालांकि इस बीच यह सवाल भी बहुत जरूरी है कि अगर जॉनसन खुद कुर्सी छोड़ते हैं तो उनकी कंजर्वेटिव पार्टी की ओर से अगला प्रधानमंत्री कौन होगा। इस बीच 6 नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है. यहां खास बात ये है कि भारतीय मूल के ऋषि सुनक इस दौड़ में सबसे आगे हैं।
 
भारतीय मूल के ऋषि सुनक पीएम जॉनसन के करीबी माने जाते थे। चुनाव प्रचार के समय भी ऋषि सुनक ने अहम भूमिका निभाई। अक्सर वह सरकार की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए नजर आते थे।

बता दें कि सुनक का भारत से रिश्ता है। उनकी पत्नी इंफोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता हैं। साल 2015 में वो पहली बार सांसद बने। ब्रेक्जिट का पुरजोर समर्थन कर अपनी पार्टी में ताकतवर बने। यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर होने की बोरिस जॉनसन की पॉलिसी का समर्थन किया।
 
अगला पीएम बनने की इस लिस्ट में दूसरा नाम है 46 वर्षीय एलिजाबेथ मैरी ट्रस का. वो साउथ वेस्ट नॉर्थफोक की सांसद हैं। उन्हें लिज ट्रस के नाम से भी जाना जाता है। वो 2 साल इंटरनेशनल ट्रेड सेक्रेटरी भी रह चुकी हैं। पिछले साल उन्होंने EU से बातचीत का मुख्य काम संभाला था। वर्तमान में वो फॉरेन कॉमन वेल्थ एंड डेवलपमेंट अफेयर्स सेक्रेटरी हैं और काफी चर्चित हैं।

साल 2019 के चुनावों के दौरान बोरिस के बाद अगर कोई दूसरा सबसे ज्यादा चर्चित नेता था तो वो थे, 55 वर्षीय जेरेमी हंट। उनकी बेदाग छवि के चलते पार्टी के लोगों को विश्वास है कि जेरेमी बिना किसी कॉन्ट्रोवर्सी पैदा किए गंभीरता के साथ सरकार चलाएंगे।
 
सुनक के इस्तीफे के बाद जॉनसन सरकार में नादिम जाहवी वित्त मंत्री का काम संभाल रहे हैं। वो भी पीएम पद के अहम दावेदार हैं। दरअसल, नदीम बचपन में ईराक से बतौर शरणार्थी ब्रिटेन आए थे।

पूर्व डिफेंस मिनिस्टर पेनी को पिछले चुनावों में हंट का समर्थन करने के लिए जॉनसन ने सरकार से हटा दिया था, लेकिन अब वो इस दौड़ में अपना नाम कायम रखे हुए हैं। जब ब्रिटेन में यूरोप यूनियन छोड़ने का मुद्दा गर्माया हुआ था, तो पेनी ने एक ईवनिंग टीवी शो में भाग लिया था। इससे उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरीं थीं।

रूस-यूक्रेन जंग में ब्रिटेन के रुख को लेकर चर्चा में आए बेन वॉलेस डिफेंस मिनिस्टर हैं। ब्रिटिश रॉयल आर्मी में रह चुके हैं। यूक्रेन को सैन्य मदद पहुंचाने में उनका अहम रोल है। साल 1999 में उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ। अफगानिस्तान से ब्रिटिश नागरिकों को बाहर निकालने में उनका अहम योगदान था।
और भी

लेफ्टिनेंट जनरल मोहन सुब्रमण्यम को मिला दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र के सैन्य कमांडर का जिम्मा

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत के लेफ्टिनेंट जनरल मोहन सुब्रमण्यम को दक्षिण सूडान में यूएन मिशन (UNMISS) का नया सैन्य कमांडर नियुक्त किया गया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंटोनियो गुतेरस ने ले. जनरल सुब्रमण्यम की नियुक्ति का आदेश जारी किया। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमण्यम ने भारतीय सेना से भी लेफ्टिनेंट जनरल शैलेश तिनेकर की जगह ली।

तिनेकर को मई 2019 में दक्षिण सूडान मिशन का फोर्स कमांडर बनाया गया था। सुब्रमण्यम का 36 वर्षों से अधिक समय तक भारतीय सेना में विशिष्ट सैन्य कैरियर है। हाल ही में उन्होंने मध्य भारत में जनरल ऑफिसर कमांडिंग, मिलिट्री रीजन (ऑपरेशनल एंड लॉजिस्टिक रेडीनेस जोन) के रूप में कार्य किया था। इससे पहले, उन्होंने रक्षा मंत्रालय (सेना) (2019-2021) के एकीकृत मुख्यालय में खरीद और उपकरण प्रबंधन के लिए अतिरिक्त महानिदेशक, स्ट्राइक इन्फैंट्री डिवीजन (2018-2019) के डिप्टी जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में कार्य किया। उन्होंने वियतनाम, लाओस और कंबोडिया (2008-2012) में भारत के रक्षा अधिकारी के रूप में और 2000 में सिएरा लियोन में संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ अधिकारी के रूप में कार्य किया था।
 
बता दें, भारत संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के सबसे बड़े सहयोगियों में से एक है। जुलाई 2011 में बने दक्षिण सूडान में वह दूसरा सबसे बड़ा सैन्य-सहयोगी है। वहां नवंबर 2021 तक 17,892 शांति सैनिक तैनात थे। इनमें 2,385 भारतीय शांति सैनिक हैं। रवांडा के बाद यहां दूसरे सबसे ज्यादा शांति सैनिक हैं। सूडान में भारत के 30 पुलिसकर्मी भी तैनात हैं।
 
और भी

संकट में जॉनसन सरकार, ऋषि सुनक और साजिद जाविद ने दिया मंत्री पद से इस्तीफा

ब्रिटेन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हाल ही में अविश्वात प्रस्ताव की बाधा पार करने वाले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की सरकार पर एक बार फिर से संकट के बादल छा गए हैं।जॉनसन की खिलाफत करते हुए सरकार के दो बड़े कैबिनेट मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इन मंत्रियों में वित्त मंत्री ऋषि सुनक और स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद शामिल हैं।दोनों ने कहा है कि उन्हें अब जॉनसन के नेतृत्व पर भरोसा नहीं रहा है।

ऋषि सुनक ने मंगलवार रात को ट्वीट करते हुए अपने इस्तीफे की जानकारी दी।अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘लोग सरकार से उम्मीद करते हैं कि वह गंभीरता, सक्षमता और ठीक से काम करेगी। मैं मानता हूं कि ये मेरा आखिरी मंत्री पद हो सकता है, लेकिन मेरा विश्वास है कि ये स्टैंडर्ड लड़ने लायक हैं और इसलिए मैं इस्तीफा दे रहा हूं।’अपने इस्तीफे में उन्होंने अर्थव्यवस्था पर प्रधानमंत्री जॉनसन से अलग दृष्टिकोण को इस्तीफे का कारण बताया है।
 
साजिद जाविद ने भी ट्वीट कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी। अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा कि कंजर्वेटिव पार्टी को मजबूत मूल्यों पर चलने वाली और कठोर निर्णय लेने वाली पार्टी के तौर पर देखा जाता है और पार्टी हमेशा राष्ट्र हित में काम करती रही है।उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थिति में जनता को लगता है कि पार्टी इन दोनों में से कुछ नहीं है और पार्टी के उनके कुछ साथियों को भी ऐसा ही लगता है।
और भी

शिकागो में स्वतंत्रता दिवस की परेड पर अंधाधुंध फायरिंग; छह की मौत, 24 घायल

शिकागो (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका के शिकागो में सोमवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर निकाली जा रही एक परेड पर एक बंदूकधारी ने गोलीबारी की। घटना में छह लोगों की मौत हो गई है, वहीं कम से कम 24 लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है।गोलीबारी के आरोप में 22 साल के एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके पास से हाई पॉवर की एक राइफल बरामद हुई है।

घटना शिकागो के पास स्थित हाइलैंड पार्क में हुई। सोमवार सुबह यहां स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाते हुए एक परिवार केंद्रित परेड निकाली जा रही थी।ये परेड अपना तीन-चौथाई रास्ता पूरा कर चुकी थी, तभी 10:14 बजे के आसपास पास की ही छत से हमलावर ने गोलियां बरसाना शुरू कर दिया।गोलीबारी शुरू होते ही परेड में शामिल लोग और दर्शक अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। 

पुलिस के अनुसार, गोलीबारी में मारे गए छह में पांच लोगों की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि एक ने अस्पताल आकर दम तोड़ा। वहीं अस्पताल में भर्ती कराए गए 24 घायलों में से कुछ की स्थिति नाजुक बनी हुई है। 16 घायलों को छुट्टी दी जा चुकी है।घायलों में आठ साल के बच्चों से लेकर 85 साल तक के बुजुर्ग शामिल हैं। इनमें कुल चार से पांच बच्चे बताए जा रहे हैं।
और भी

अमेरिका में पहली अश्वेत महिला कनेक्टिकट की शीर्ष लोक अभियोजक नियुक्त

हार्टफोर्ड (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका में किसी अश्वेत महिला को पहली बार कनेक्टिकट का मुख्य लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है।ताशुन बोडेन-लुइस ने आधिकारिक तौर पर अपना काम शुरू किया। उन्होंने कहा कि वह राज्य की आपराधिक न्याय प्रणाली में अल्पसंख्यक मुवक्किलों में और अधिक भरोसे की भावना पैदा करने की उम्मीद करती हैं।

उन्होंने द हार्टफोर्ड कोरेंट को बताया, मैं चाहती हूं कि हमारे ग्राहक और हमारे परिवार यह समझें कि हम मुश्किल वक्त में उनके साथ हैं। हम उनका समर्थन करते हैं। बोडेन-लुइस को मई के अंत में लोक रक्षक सेवा आयोग द्वारा नियुक्त किया गया था। यह प्रभाग आपराधिक, बाल संरक्षण, अपराध रक्षा और परिवार सहायता के सालाना 1,00,000 से अधिक मामलों में मुवक्किलों का प्रतिनिधित्व करता है।
 
बोडेन-लुइस ने कहा कि वह इस पद को संभालने वाली पहली अश्वेत महिला होने के महत्व को समझती हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधित्व मायने रखता है। बोडेन-लुइस नॉरवॉक में पली-बढ़ी हैं और उन्होंने क्विनिपियाक यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री हासिल की। लोक अभियोजक सेवा के कनेक्टिकट प्रभाग में शामिल होने से पहले उन्होंने न्यू हेवन में एक अस्थायी सहायक विधि लिपिक के रूप में अपना करियर शुरू किया था।
और भी

कोपेनहेगन के बड़े शॉपिंग मॉल में हथियारबंद हमलावर ने 3 लोगों की गोली मारकर हत्‍या की

कोपेनहेगन(छत्तीसगढ़ दर्पण)। डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन के सबसे बड़े शॉपिंग मॉल में से एक में हथियारबंद हमलावर ने तीन लोगों की गोली मारकर हत्‍या कर दी। इस घटना में कई लोग घायल हो गए जिनमें से तीन की स्थिति गंभीर है। पुलिस ने 22 वर्ष के एक व्‍यक्ति को गिरफ्तार किया है।

उस पर लोगों पर हमला करने का आरोप है जिसके कारण दक्षिणी कोपेनहेगन के मॉल में खरीदारी कर रहे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। पुलिस प्रमुख सोएरेन थोमासेन ने कहा कि हमले के पीछे क्‍या उद्देश्‍य था यह स्‍पष्‍ट नहीं है। हालांकि उन्‍होंने इस घटना के पीछे आतंकवादी षडयंत्र के शक को खारिज नहीं किया है।
 
डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट फ्रेडरिक्‍सन ने कहा कि यह बर्बर हमला है। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि वे लोगों को एकजुट रहने और कठिन समय में एक-दूसरे का समर्थन करने के लिए प्रोत्‍साहित कर रही हैं।
और भी