शिक्षा - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

शिक्षा

भाषा सर्वे के परिणामों के आधार पर तैयार हो ठोस कार्ययोजना : मंत्री डॉ.टेकाम

 शिक्षकों को ऑन डिमांड दिया जाए भाषायी प्रशिक्षण


छत्तीसगढ़ भाषा सर्वेक्षण एवं बहुभाषा शिक्षा योजना विमर्श पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा है कि राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में अध्ययन कर रहे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को बेहतर गुणवत्तायुक्त शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराने और बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए सर्वे के परिणामों के आधार पर एक ठोस कार्ययोजना तैयार करें। शिक्षकों को भी भाषायी शिक्षा शिक्षण के लिए आवश्यकता अनुसार ऑन डिमांड प्रशिक्षण दिया जाए। मंत्री डॉ.टेकाम आज यहां नवीन विश्राम गृह में छत्तीसगढ़ भाषा सर्वेक्षण एवं बहुभाषा शिक्षा योजना विमर्श पर आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। यह कार्यशाला समग्र शिक्षा और यूनिसेफ के सहयोग से 7 एवं 8 जुलाई को आयोजित की गई।

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.टेकाम ने राज्य में आयोजित भाषा सर्वे के सफलतापूर्वक आयोजन और उससे संबंधित रिपोर्ट तैयार करने वाली टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जिसने पूरे राज्य में इस प्रकार की भाषाई सर्वे करने का निर्णय लिया और समय पर इसे कर दिखाया। सर्वे में राज्य के लगभग 95 प्रतिशत प्राथमिक शालाओं ने भाग लेकर अपनी स्थिति से अवगत कराया। मंत्री डॉ.टेकाम ने कहा कि भारत में अब तक जारी विभिन्न शिक्षा नीतियों एवं कमीशन ने बच्चों को स्थानीय भाषा में सीखाने के लिए लगातार महत्व दिया है। शिक्षा के अधिकार कानून में भी बच्चों को यथा संभव उनकी अपनी भाषा में सीखने के अवसर दिए जाने के लिए राज्यों को आवश्यक व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री डॉ.टेकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल राज्य है। राज्य में लगभग 32 प्रतिशत आदिवासी निवास करते हैं। राज्य में निवासरत बच्चों की शिक्षा सुविधा के लिए बहुत कुछ करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा बच्चों को स्थानीय भाषा में शिक्षा देने के लिए आवश्यक व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में बच्चों की शिक्षा के लिए चार भाषा और 18 बोलियों में शिक्षण सामग्री तैयार कर उपलब्ध करवाई है। कक्षा पहली और दूसरी में द्विभाषायी पुस्तके, वर्णमाला चार्ट, वार्तालाप पुस्तिका, अभ्यास पुस्तिका, स्थानीय गीत-कहानियों आदि का संकलन कर स्कूलों को उपलब्ध करवाया गया है। शिक्षकों को बहुभाषा शिक्षण की परिस्थितियों में अध्यापन के लिए कुशल बनाने प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन भी किया गया है।

मंत्री डॉ.टेकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस वर्ष के शाला प्रवेश उत्सव के दौरान दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। पहला लगभग 15 वर्षो से बंद पड़े 260 स्कूलों को पुनः खोलने की घोषणा करते हुए उनका संचालन प्रारंभ किया गया है। इन स्कूलों में स्थानीय युवाओं को अध्यापन कार्य में सहयोग देने के लिए चिन्हांकित कर जिम्मेदारी दी गई है, जो कि निश्चित रूप में बच्चों की भाषा और संस्कृति को ध्यान में रखकर कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि छोटी आयु में बच्चों के सीखने की क्षमता और मस्तिष्क के विकास को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक शालाओं के पहले बालवाड़ी खोलते हुए बच्चों को पांच वर्ष की आयु से ही सीखाए जाने की व्यवस्था की गई है। प्रथम चरण में 5173 बालवाड़ी खोलकर उनमें बच्चों को शिक्षा देने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही है। इन केन्द्रों में स्थानीय भाषा में सीखने के लिए सामग्री साझा की जा रही हैं। डॉ.टेकाम ने कहा कि अंग्रेजीे वैश्विक भाषा है, उसकी जानकारी भी बच्चों को होनी चाहिए।

स्कूल शिक्षा सचिव डॉ.एस.भारतीदासन ने कहा कि कोई भी समस्या को हल करने के लिए उसका कारण ढूंढना होगा। छत्तीसगढ़ में भाषा सर्वेक्षण का कार्य यूनिसेफ द्वारा किया गया है। उससे पता चलता है कि राज्य की स्थिति क्या है और हमें क्या करना चाहिए। डॉ.भारतीदासन ने कहा कि बच्चों को दिल के नजदीक वाली भाषा में पढ़ाएंगे तो वह बेहतर सीख पाएंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी चीज कठिन नही होती, करना चाहे तो समस्या दूर होती है। बच्चों को अंग्रेजी का ज्ञान भी होना चाहिए। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश में स्वामी आत्मानंद स्कूल खोले गए हैं। जरूरी है कि बच्चों को उनकी मात्रभाषा में शिक्षा मिले और वे अन्य भाषा भी सीख सकें। स्कूल शिक्षा सचिव ने कहा कि छत्तीसगढ़ भी मिनी इंडिया है, यहां सरगुजा से लेकर बस्तर तक बहुत सी भाषा बोली जाती है। शिक्षकों के लिए जरूरी है कि वे बच्चों की भाषा को समझे। इसके लिए वे बहुभाषा सीखें। कार्यशाला को यूनिसेफ चीफ नई दिल्ली श्री टेरी डूरियन, लर्निंग लेंग्वेज फाउंडेशन के डॉ. धीर झींगरन ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर यूनिसेफ राज्य प्रमुख श्री जॉब जकारिया, प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा श्री नरेन्द्र दुग्गा सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षक उपस्थित थे।
और भी

शासकीय कन्या उमा विद्यालय में मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव

लखनपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। लखनपुर नगर के वार्ड क्रमांक 7 स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 7 जुलाई को सुबह लगभग 11:30 बजे शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में शिक्षा स्थाई समिति अध्यक्ष व जनपद उपाध्यक्ष अमित सिंह देव बतौर मुख्य अतिथि विशिष्ट अतिथि पार्षद अशफाक खान पूर्व पार्षद सुरैया देवी मकसूद हुसैन शामिल हुए जहां विद्यालय की छात्राओं के द्वारा स्कूल परिसर के मेन गेट में अतिथियों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत गीत प्रस्तुत किया। साथ ही मुख्य अतिथि जनपद उपाध्यक्ष व शिक्षा स्थाई समिति अध्यक्ष अमित सिंह देव वाह विशिष्ट अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर शिक्षकों व छात्राओं के द्वारा स्वागत किया गया।

मुख्य अतिथि अमित सिंह देव ने मां सरस्वती के छाया चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छात्राओं के द्वारा राजकीय गीत अरपा पैरी के धार से कार्यक्रम की शुरुआत की गई। शासकीय कन्या उत्तर माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य आरके विश्वकर्मा के द्वारा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संदेश का वाचन किया । 2022 -23 परीक्षा में 12वीं में 92.5% दसवीं में 82.5% परीक्षा परिणाम रहा। मुख्य अतिथि के समक्ष प्रभारी प्रचार आरके विश्वकर्मा के द्वारा शिक्षकों की कमी होने की बात कहीं जिस पर शिक्षा स्थाई समिति अध्यक्ष अमित सिंह देव ने जनभागीदारी समिति से 15 जुलाई तक शासकीय कन्या उत्तर माध्यमिक विद्यालय में 2 शिक्षकों की पूर्ति करने आश्वासन दिया गया। साथ ही छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना की। विद्यालय की छात्राएं बेहतर पढ़ाई कर माता पिता स्कूल ब्लॉक जिला राज्य का नाम रोशन करें। मुख्य अतिथि द्वारा नवमी और ग्यारहवीं की छात्राओं को तिलक लगा मुंह मीठा करा पुस्तक वितरण कर साला प्रवेश कराया। इस दौरान विद्यालय प्रभारी प्रचार्य आरके विश्वकर्मा, व्याख्याता शशिधर पांडे ,रेवती रमण सिंह, श्रीमती रंजना श्रीवास्तव ,श्रीमती रंजना सिंह, श्रीमती रश्मि गुप्ता, श्रीमती नीलम खेस, श्रीमती सविता वर्मा, वंदना सिन्हा, अनुराधा बखला, व्यापम शिक्षक अतुल तिर्की सहायक शिक्षक आदित्य कुमार बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहे। मंच का संचालन व्याख्याता शशिधर पांडे, रंजना श्रीवास्तव के द्वारा किया गया।
और भी

आईटीआई कोनी में अप्रेंटिशिप मेला 11 जुलाई को

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आईटीआई कोनी बिलासपुर के सीओई भवन में 11 जुलाई को सुबह 9 बजे से अप्रेंटिसशीप मेला का आयोजन किया जाएगा। जिसमें जिले के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं से विद्युतकार, फिटर, डीजल मैकेनिक, मैकेनिक मोटर व्हीकल, मैकेनिक ट्रेक्टर, वायरमैन, वेल्डर, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिक रेफ्रिजरेशन एण्ड एयर कडीशनर, उपकरण यांत्रिकी, टर्नर, मशीनिष्ट, कोपा व्यवसाय के उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी अपने समस्त दस्तावेजों के साथ सम्मिलित हो सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आईटीआई कोनी बिलासपुर में कार्यालयीन समय पर संपर्क कर सकते हैं।


 
और भी

आरटीई के गाईड लाइन अनुसार बच्चों का हो स्कूलों में प्रवेश : कलेक्टर

अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने गुरुवार को जिले के निजी स्कूल संचालकों की बैठक लेकर शासन के नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत पात्र बच्चों को अनिवार्य रूप से प्रवेश देने तथा दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने कहा।

कलेक्टर ने कहा कि निजी स्कूलों के निरीक्षण में शिक्षा का अधिकार के तहत प्रवेशित बच्चां के बारे में पूछताछ पर ज्यादा जोर रहेगा। उन्होंने स्कूल संचालकों से कहा कि जिले के प्रतिभावान बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थान शुरू करे जिसके लिए प्रशासन पूरा सहयोग करेगा। इसके लिए पहले बच्चों का चयन हो फिर विशेष रूप से छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी कराएं।
 
राज्य शासन द्वारा शुरू किए गए स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट (अंग्रेजी) विद्यालय भी अब निजी स्कूलों के समक्ष खड़े हो गए हैं। प्रशासन इन स्कूलों को बेहतर से बेहतर बनाने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि जिले में शिक्षा की गुणवत्ता व प्रतियोगिता का माहौल बनाने के लिए निजी स्कूलों से जो भी सुझाव मिलेंगे उस पर विचार किया जाएगा।

बैठक में ओरिएंटल पब्लिक स्कूल, कार्मेल स्कूल, होलीक्रॉस, संत हरकेवल विद्यापीठ, सरस्वती शिशु मंदिर, सेंट पाल, न्यू डेल्ही पब्लिक स्कूल, अम्बिका मिशन, प्रभात हायर सेकेण्डरी स्कूल, मॉडर्न कॉन्वेंट स्कूल सहित करीब 16 निजी स्कूल संचालकों ने स्कूल की स्थापना वर्ष एवं वर्तमान में छात्र संख्या की जानकारी दी।
और भी

कलेक्टर के संज्ञान के बाद अब बदलेगी सांगरपुर खुर्द की स्कूल की तस्वीर

कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के नवपदस्थ कलेक्टर के संज्ञान के बाद कवर्धा विकासखण्ड के प्राथमिक स्कूल सांरगपुर खुर्द की तस्वीर अब जल्द ही बदलेगी। कलेक्टर ने बच्चों के बेहतर शिक्षा के लिए संसाधन उपलब्ध कराने की दृष्टि से जिला मिशन समन्वय को स्कूल में एक अतिरिक्त कक्ष निर्माण और मंच के पास एक शेड निर्माण की स्वीकृति करने के निर्देश दिए है।

कलेक्टर के निर्देश पर नया भवन का प्रस्ताव संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय को भेजा गया है। साथ ही जिला शिक्षा मद से 40 हजार रूपए एवं जनप्रतिनिधि व अधिकारियों की मदद से 20 हजार एकत्र कर स्कूल में अन्य आवश्यक मरम्मद कार्य कराने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि सांरगपुर खुर्द स्कूल परिसर के मंच में तिरपाल से लगाकर बच्चों की पढ़ाई करने वाली खबर सामने आई थी। कलेक्टर ने इस खबर को शीघ्रता से संज्ञान में लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। तत्कालीन व्यवस्था करने के लिए ग्रामवासी एवं पालकों द्वारा अपनी खुशी जाहिर करते हुए कलेक्टर के प्रति धन्यवाद ज्ञापित भी किया है।
 
कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे के निर्देश पर कवर्धा विकासखण्ड संकुल केन्द्र कोठार के शासकीय प्राथमिक शाला सारंगपुर खुर्द का जिला शिक्षा अधिकारी राकेश पाण्डेय, सहायक संचालक महेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला मिशन समन्वयक विनोद श्रीवास्तव, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एम.आर. पटेला, एवं खण्ड स्त्रोत समन्वयक जलेश चंद्रवंशी द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण करने पर विद्यालय मरम्मत योग्य पाया गया। जिसके लिए शिक्षा मद की राशि 40 हजार रूपए, जिला पंचायत के माध्यम से तथा उपस्थित अधिकारी कर्मचारी व ग्रामवासियों के सहयोग से 20 हजार इस तरह कुल 60 हजार रूपए राशि एकत्रित कर मरम्मत कार्य कराने का निर्णय लिया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर तब तक विद्यालय के किचन कक्ष, प्रधानपाठक कक्ष व बरामदे में विद्यालय के 51 बच्चो को पढ़ाई सुचारू रूप से करने के लिए कहा गया।
 
कलेक्टर के निर्देशन में जिला मिशन समन्वयक को 01 अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत करने का निर्देश दिया गया साथ ही मंच के पास 01 शेड बनाने के लिए कहा गया है। विद्यालय का अतिरिक्त कक्ष जो अत्यन्त जीर्ण-शीर्ण है उसे वर्तमान में ताला लगाकर रखने तथा डिस्मेंटल की कार्यवाही करने निर्देशित किया गया। बच्चां को विद्यालय परिसर में बने मंच में पढाया जा रहा था तथा धूप से बचने के लिए ग्रामवासियों द्वारा पालीथीन की व्यवस्था की गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि समाचार पत्र में छपी हुई खबर पूर्णतः गलत है कि विद्यालय तिरपाल लगाकर संचालित की जा रही है। ग्रामवासी विद्यालय के मरम्मत कार्य में स्वस्फूर्त श्रमदान के लिए स्वयं राजी हुए है। उक्त बैठक में सरपंच, पंच, ग्राम पटेल, शाला विकास समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य तथा अधिक संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे। नया भवन का प्रस्ताव संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय को भेजा गया है। समस्त ग्रामवासियों के द्वारा तत्कालीन व्यवस्था करने के लिए अपनी खुशी जाहिर की है।
और भी

कलेक्टर ने पंप हाउस स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल का किया निरीक्षण

कोरबा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर झा ने कोरबा शहर के पंप हाउस स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मिडियम स्कूल का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में स्थित डिजिटल क्लास रूम, भौतिकी, रसायन लैब, जीव विज्ञान लैब व पुस्तकालय का भी अवलोकन किया। उन्होंने लैब में जाकर प्रेक्टिकल के लिए उपलब्ध सामग्रियों तथा आवश्यक उपकरणों को भी देखा।

कलेक्टर झा ने बच्चों को दिये जाने वाले मध्यान्ह भोजन के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने बच्चों के बैठकर भोजन करने के लिए किचन शेड निर्माण के निर्देश दिये। साथ ही साइकिल पार्किंग के लिए सायकल स्टैण्ड निर्माण के भी निर्देश मौके पर मौजूद जिला शिक्षा अधिकारी जी.पी. भारद्वाज को दिये। कलेक्टर ने स्कूल में दो चपरासियों की पदस्थापना करने के भी निर्देश डीईओ को दिये। उन्होंने स्कूल में शिक्षा गुणवत्ता, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था आदि के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने स्कूल में पानी सप्लाई के लिए अमृत मिशन के तहत कनेक्शन देने के भी निर्देश दिये। कलेक्टर झा ने कक्षाओं में जाकर विद्याथिर्यों से पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्कूल में अध्ययनरत विद्याथिर्यों को मन लगाकर पढ़ाई करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने लायब्रेरी में जाकर विद्याथिर्यों के पढ़ने के लिए रखे गये पुस्तकों का भी अवलोकन किया। उन्होंने लायब्रेरी में सभी प्रकार के ज्ञानवर्धक पुस्तकों को रखने का भी सुझाव दिया।
 
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ नूतन कंवर, जिला शिक्षा अधिकारी गोवर्धन प्रसाद भारद्वाज, जिला मिशन समन्वयक एस.के. अम्बस्ट, स्कूल के प्राचार्य विवेक लांडे सहित शिक्षकगण और अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
और भी

अथिति शिक्षको ने मांगा इच्छा मृत्यु…

धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में 5 सालो से अध्यापन कार्य कर रहे 14 अतिथि शिक्षकों को हटा दिया गया है। वहीं रिक्त पदो पर नियुक्ति देने हाईकोर्ट और डीपीआई के आदेश के बाद अतिथि शिक्षक फिर से पदस्थापना करने की मांग शिक्षा विभाग से कर रहे है, लेकिन आदेश के साल भर बाद भी पदस्थापना नहीं होने से अतिथि शिक्षक अब परेशान होकर इच्छा मृत्य की अनुमति देने की मांग प्रशासन से कर रहे है।

दरअसल वर्ष 2017 में जिलेभर में 34 शिक्षित बेरोजगारों को विद्या मितान बनाया था। बाद में इसमें से 5 विद्या मितान का रेगुलर भर्ती हो गई, वहीं 14 अतिथि शिक्षक प्रभावित हैं, जिन्हें हाईकोर्ट और डीपीआई के लिखित आदेश के बावजूद शिक्षा विभाग नियुक्ति नहीं दे रही है। अतिथि शिक्षकों ने बताया कि दो साल पहले शिक्षा विभाग ने उन्हें भर्ती के लिए कोई लिखित आदेश नहीं होने की बात कहकर हटा दिया। इसके बाद हाईकोर्ट के शरण में जाकर न्याय मांगा। कोर्ट ने पूर्व में दिए गए सेवा तथा उनकी दशा को देखते हुए रिक्त स्कूलों में सीधी भर्ती देने का आदेश दिया…. यही आदेश खुद शिक्षा संचालनालय ने भी दिया है। बहरहाल जिला प्रशासन अतिथि शिक्षको की नियुक्ति को लेकर बजट नही होने की बात कह रहे है।
और भी

स्कूलों में राइट-टू-एजुकेशन की हो रही है अवमानना

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्टर जनदर्शन में पहुंच रहे हैं और प्रशासनिक अमला भी उनके आवेदनों के निराकरण के लिए सतत् प्रयासरत हैं। राइट-टू-एजुकेशन में चयनित हुई छात्रा को स्कूल प्रबंधन प्रवेश नहीं दे रहा है इसे लेकर आवेदक ने मंगलवार को कलेक्टर के समक्ष् जनदर्शन में आवेदन लगाया है। अपने आवेदन में उसने उल्लेखित किया है कि उसकी बेटी का चयन राइट-टू-एजुकेशन के तहत् डी.पी.एस. भिलाई में हुआ था। स्कूल प्रबंधन के द्वारा वांछित मूल्य दस्तावेजों का सत्यापन भी किया जा चुका है परंतु आवेदक को सूचित किया गया कि प्रवेश के लिए उन्हें अलग से जानकारी मुहैया कराई जाएगी। काफी दिनों पश्चात् जब आवेदक द्वारा प्रवेश के संबंध में जानकारी मांगी गई तो आवेदक को पुनः फोन पर सूचना दी जाएगी ऐसा कहा गया। कोई सूचना न मिलने पर आवेदक 1 जुलाई को स्कूल गया तब उसे शाला प्रबंधक द्वारा बताया गया कि प्रवेश की अंतिम तिथि 30 जून थी क्योंकि आप एडमिशन के लिए नहीं आए इसलिए आपका स्थान निरस्त कर दिया गया। आवेदक का कथन था कि डी.पी.एस. स्कूल भिलाई के द्वारा गुमराह कर उसकी पुत्री को प्रवेश से वंचित किया गया है। क्योंकि यह आवेदक की बेटी के भविष्य से जुड़ा है इसलिए आवेदक का कलेक्टर से निवेदन है कि डी.पी.एस. भिलाई में प्रवेश दिलाकर उसके बच्ची का भविष्य सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारी को प्रकरण प्रेषित किया।

आज जनदर्शन में विधवा पेंशन को लेकर भी एक आवेदिका कलेक्टर के समक्ष् पहुंची थी जिसमें उसने बताया कि वर्ष 2017 में उसके पति की मृत्यु हुई है। परंतु उसे शासन द्वारा विधवा पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए उसने पूर्व में भी आवेदन प्रस्तुत किया था जो कि अभी तक लंबित है। उसके द्वारा अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र और पूर्व में दिए गए आवेदन की छायप्रति प्रस्तुत की। कलेक्टर ने आवेदन पर संज्ञान लेते हुए आवेदन संबंधित अधिकारी को प्रेषित किया।
 
जुनवानी खम्हरिया से आवेदक ने वार्ड क्रं. 01 भिलाई नगर निगम में क्षेत्रफल आधारित जनसंख्या के दृष्टिकोण से क्षेत्र में सामुदायिक भवन की आवश्यकता बतायी। अपने आवेदन में उसने बताया है कि अनुपातिक रूप से जनसंख्या घनत्व को देखते हुए वार्ड वासियों को शादी व अन्य समारोह में कार्यक्रम आयोजित कराने के लिए सामुदायिक भवन की आवश्यकता है। वार्ड में 02 सामुदायिक भवन है परंतु उसमें शासकीय उचित मूल्य की दुकान का संचालन होता है और लंबे समय अंतराल में नागरिकों के आवश्यकता अनुरूप किसी नए भवन का निर्माण भी नहीं हुआ है। आवेदक चाहता है कि सामुदायिक भवन से उचित मूल्य की दुकान को स्थानांतरित किया जाए ताकि वार्डवासी सामुदायिक भवन का उपयोग समारोह या अन्य कार्यक्रमों के लिए कर सके। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को आवेदन प्रेषित किया। कलेक्टर जनदर्शन में 28 आवेदन प्राप्त हुए।
और भी

आरटीई प्रवेशित बच्चों को निःशुल्क कॉपी-पुस्तकें, यूनिफार्म उपलब्ध कराना अनिवार्य

 संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी निर्देशों का कड़ाई से पालन कराएं

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश के निजी विद्यालयों में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आर.टी.ई.) अंतर्गत विद्यार्थियों को उच्च न्यायालय के पारित निर्णय के अनुक्रम में शासन द्वारा आदेश जारी किया गया है। जिसके अनुसार निःशुल्क शिक्षा के साथ-साथ हितग्राही विद्यार्थियों को विद्यालयों के द्वारा निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश एवं लेखन सामग्री भी उपलब्ध कराना अनिवार्य है। परन्तु विभिन्न माध्यमों से यह संज्ञान में आया है कि, कुछ निजी विद्यालयों द्वारा हितग्राही विद्यार्थियों को यह सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं, जो उच्च न्यायालय एवं शासन के आदेशों का उल्लंघन हैं।

संचालक लोक शिक्षण ने सभी संभागीय संयुक्त संचालक को अपने अधीनस्थ जिलों में और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिलों में संचालित निजी विद्यालयों में, जहां आर.टी.ई. अंतर्गत छात्र अध्ययनरत हैं, उन विद्यालयों की मॉनिटरिंग करने और शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाना सुनिश्चित करें। उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा अधिनियम के अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारी को उनके कार्य क्षेत्र के भीतर सक्षम अधिकारी घोषित किया गया है। संचालक लोक शिक्षण द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि यदि कोई निजी विद्यालय नियमों का पालन नहीं करता है, या उल्लंघन करता है, तो अधिनियम में प्रावधान अनुसार संबंधित विद्यालय के विरूद्ध कार्रवाई करें।
और भी

संकुल समन्वयक स्कूलों में अनिवार्य रूप से लेंगे कक्षाएं : सीईओ

धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्कूल शिक्षा विभाग की साप्ताहिक समीक्षा बैठक हुई, जिसमें जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रियंका महोबिया ने विभिन्न बिंदुओं पर विकासखंडवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि संकुल समन्वयक अपने अधीनस्थ स्कूलों में प्रतिदिन कक्षा में जाकर कम से कम एक पीरियड लेंगे। इसका अलग से पंजी संधारित किया जाएं, जिसमें संबंधित संस्था प्रमुख की ओर से इसका उल्लेख किया जाएं। साथ ही संकुल समन्वयकों को दैनंदिनी तैयार करने के भी निर्देश बैठक में दिए गए।

कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज सुबह 9.30 बजे से आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में सी.ई.ओ. ने स्कूलों में मूलभूत आवश्यकताओं व सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने शाला परिसर में पेयजल व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था, अधोसंरचनाओं की उपलब्धता व मरम्मत योग्य भवन, शौचालय की उपलब्धता आदि की समीक्षा विकासखंडवार की। उन्होंने भवन मरम्मत से संबंधित सभी कार्य अगले 2-3 माह के भीतर पूरा करने के लिए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी आरएन मिश्रा को निर्देशित किया। बैठक में बताया गया कि जिले के 129 स्कूलों में पेयजल की समस्या है। सी.ई.ओ. ने कहा कि अनेक स्कूलों में एक ही परिसर में प्रायमरी के साथ-साथ मिडिल स्कूल संचालित हैं, वहां पृथक से पेयजल स्रोत की आवश्यकता नहीं होगी। विद्याथिर्यों में लर्निंग आउटकम विकसित करने पर जोर देते हुए महोबिया ने कहा कि बच्चों में कक्षावार व आयुवार क्षमता बढ़ाने फोकस किया जाएं, ताकि उन्हें अगली कक्षाओं में जाने पर उन्हें परेशानी न हो। साथ ही जिले के 177 सी ग्रेड वाले स्कूलों की सतत मॉनीटरिंग करने के भी निर्देश उन्होंने दिए।
 
बैठक में स्कूलों में जाति प्रमाण-पत्र तैयार किए जाने के संबंध में कतिपय पटवारियों की ओर से सहयोग नहीं किए जाने की शिकायत पर सभी एसडीएम को तत्संबंध में आवश्यक कारर्वाई करने के लिए जिला पंचायत की सी.ई.ओ. ने निर्देशित किया। इसके अलावा विभिन्न एजेण्डों पर बैठक में चर्चा कर आवश्यक निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। इस अवसर पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, स्त्रोत समन्वयक सहित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
और भी

आरटीई के तहत द्वितीय चरण के छात्र पंजीयन, लॉटरी, प्रवेश प्रक्रिया 14 अगस्त तक

 प्रथम चरण में 43 हजार विद्यार्थियों को मिला प्रवेश

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 (आरटीई) अंतर्गत अलाभान्वित समूह के विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों में वर्ष 2022-23 में प्रवेश के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इसके लिए तिथिवार समय-सारिणी जारी की थी, जिसमें प्रथम चरण की लॉटरी एवं प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। प्रथम चरण की लॉटरी के बाद निजी विद्यालयों में 43 हजार 224 विद्यार्थियों को प्रवेश दिलाया गया है। द्वितीय चरण के छात्र पंजीयन एवं लॉटरी, प्रवेश की प्रक्रिया 01 जुलाई से 14 अगस्त 2022 तक पूर्ण की जानी है, जिसके लिए आरटीई पोर्टल को खोला गया है। आरटीई अधिनियम के तहत पालकों से निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए द्वितीय चरण की आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। साथ ही पूर्व में जिन पालकों के बच्चों का प्रवेश निजी विद्यालयों में नहीं हो पाया है वे भी द्वितीय चरण के लिए अपने आवेदनों में संशोधन कर सकते हैं।

और भी

चिकित्सा आचार संहिता का अक्षरशः पालन करें विद्यार्थी : राज्यपाल उइके

 पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने ली चरक शपथ

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्यपाल अनुसुईया उइके 4 जुलाई को पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर की व्हाईट कोट सेरेमनी और चरक शपथ समारोह में शामिल हुईं। राज्यपाल व अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत की गई। इस मौके पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. विष्णु दत्त ने नये विद्यार्थियों को चिकित्सा नैतिकता के पालन के लिए चरक शपथ दिलवाई।

राज्यपाल उइके ने व्हाईट कोट सेरेमनी को संबोधित करते हुए सर्वप्रथम विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आप सभी को अथक परिश्रम के उपरांत यह सफलता मिली है और आज उसे साकार होने के हम सभी साक्षी हैं। आपने जिस पेशे का चुनाव किया है, उसे मानवता की सबसे बड़ी सेवा मानी जाती है। आज हर कोई चाहता है कि उसे निरोगी और स्वस्थ शरीर मिले, आगे चलकर इसे पूरा करने में आप सभी का बड़ा योगदान होगा।
 
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि आप जानते हैं कि छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बाहुल्य प्रदेश है, जिसमें कई सुदूरवर्ती इलाके ऐसे हैं, जहां स्वास्थ्य सुविधाओं की सुगम पहुंच नहीं है। ऐसे में आप सभी विद्यार्थियों से मेरा आग्रह है कि आप सुदूर जिलों में अपनी सेवाएं दें ताकि इन इलाकों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग की पहल पर एम.बी.बी.एस. के प्रथम वर्ष में प्रवेशरत विद्यार्थियों को दिलाये जाने वाले ‘हिप्पोक्रेटिक ओथ’ को ‘चरक शपथ’ से बदलने का निर्णय सराहनीय है। इस पहल से विद्यार्थी भारतीय परम्परागत चिकित्सा और इसके गौरवपूर्ण इतिहास से परिचित होंगे। साथ ही यह शपथ चिकित्सा के क्षेत्र में भारत के योगदान का भी सम्मान है।
 
राज्यपाल उइके ने कहा कि आज जिन छात्रों ने ‘चरक शपथ’ ली है, यह शपथ विद्यार्थियों को अपने कार्य के प्रति और अधिक समर्पित और जिम्मेदार बनाएगा। चरक शपथ डॉक्टरों को खुद से पहले मरीज के बारे में सोचने और कार्य करने के लिए सदैव प्रेरित करेगा।
उन्होंने कहा कि व्हाईट कोट सेरेमनी के माध्यम से नवआगंतुक विद्यार्थियों को महाविद्यालय के बारे में जानकारी मिली होगी, जो उनके शैक्षणिक अनुभव को और बेहतर बनाने में सहायक होगा। राज्यपाल ने कहा कि आप सभी जब पढ़ाई पूरी कर बतौर चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे, तब आप सीधे तौर पर लोगों से जुड़कर उनकी समस्याओं को दूर कर पाएंगे। यही वह समय होगा जब आप अपने काम से संतुष्ट होंगे और लोगों की खुशी आपमें नई ऊर्जा का संचार करेगी, तभी आपको इस पेशे का वास्तविक उद्देश्य और व्हाईट कोट का महत्व भी पता चलेगा। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय की स्थापना 1963 को हुई थी। मुझे पूरा विश्वास है कि महाविद्यालय के सेवा के इतने वर्षों के गौरवशाली इतिहास को आप सभी निरंतर जारी रखेंगे। यहां प्रतिवर्ष देश भर के 180 एम.बी.बी.एस. स्नातक पाठ्यक्रम और 145 स्नातकोत्तर (एम.डी./एम.एस.) तथा 10 सुपर स्पेश्यालिटी पाठ्यक्रम में विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं। इन पाठ्यक्रमों के बेहतर अध्ययन/अध्यापन के साथ ही महाविद्यालय ने निरंतर शोध कार्य से जुड़े नये कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जो छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। राज्यपाल उइके ने कहा कि कोविड-19 के विपरीत व चुनौतीपूर्ण समय में इस पेशे से जुड़े लोगों की जिजीविषा ने लाखों लोगों की जिंदगियां बचाई। अपने जीवन की चिंता किये बिना जनसेवा की जो मिसाल इन्होंने पेश की है, उसका कोई सानी नहीं है।

 
राज्यपाल उइके ने चरक शपथ ग्रहण के गौरवपूर्ण व भव्य आयोजन के लिए महाविद्यालय प्रबंधन को शुभकामनाएं दी और कहा कि चिकित्सा आचार संहिता की जो शपथ आज विद्यार्थियों ने ली है, उसे वे अपने दैनिक चिकित्सकीय कार्यों में अक्षरशः पालन करेंगे। इस अवसर पर चिकित्सा महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. तृप्ति नागरिया ने महाविद्यालय की स्थापना व उपलब्धियों से संबंधित जानकारी साझा की। वहीं डॉ. अरविन्द नेरल ने चिकित्सा नैतिकता से जुड़े आचार संहिता की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान महाविद्यालय में प्रथम वर्ष में प्रवेश प्राप्त कर रहे छात्र निखिल गुप्ता ने राज्यपाल उइके को अपने हाथों से बनाई गई उनकी स्केच भेंट की।
 
समारोह में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक चंद्राकर सहित मेडिकल कॉलेज के प्राध्यापक और विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
और भी

चयनित विद्याथिर्यों का विद्यालय आवंटन सूची जारी

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जेआर नागवंशी ने बताया है कि वर्ष 2022-23 में प्रयास आवासीय विद्यालयों के कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए चयनित विद्याथिर्यों का वगर्वार विद्यालय आवंटन की सूची जारी कर दी गई है। तथा विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। चयनित विद्याथिर्यों को आवंटित प्रयास विद्यालयों में 9 जुलाई 2022 तक समस्त वांछित अभिलेख के साथ उपस्थित होना होगा।

और भी

मुख्यमंत्री के छत्तीसगढ़ी में सवाल और छात्रा के अंग्रेजी में जवाब

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बैकुण्ठपुर विधानसभा के पोंड़ी में आयोजित भेंट मुलाकात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्कूली छात्रों से संवाद कर रहे थे। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल महलपारा बैकुण्ठपुर की छात्रा सताक्षी वर्मा से मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या तुम्हें छत्तीसगढ़ी आती है?  छात्रा ने हां कहा तो मुख्यमंत्री ने कहा कि वो छत्तीसगढ़ी में पूछेंगे तो  अंग्रेजी में जवाब देना।  सताक्षी ने मुख्यमंत्री के हर छत्तीसगढ़ी सवाल का अंग्रेजी में जवाब दिया।

सताक्षी के विश्वास और ज्ञान को देखकर मुख्यमंत्री ने उसकी तारीफ की।  मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कूल खोलने के पीछे सरकार का उद्देश्य यही है कि छत्तीसगढ़ का हर बच्चा ऐसे ही बेहतर शिक्षा ग्रहण करे और फर्राटेदार अंग्रेजी बोले।  मुख्यमंत्री ने सताक्षी से पूछा कि क्या यहां भी स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल खोलने से फायदा होगा। सताक्षी के हां में जवाब देने के बाद मुख्यमंत्री ने पोंड़ी में भी स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल  खोलने की घोषणा कर दी।

इस दौरान आत्मानंद स्कूल की छात्राएं एक बैनर लेके बैठी रहीं जिस पर लिखा था थैंक्स काका, आई फील प्राउड टू बी अ क्रिएटिव मेंबर आफ स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल। इसके जरिए छात्रों ने ये संदेश दिया कि वो स्कूल में शिक्षा के साथ ही तकनीक भी सीख रहे हैं और इससे उनके सीखने की क्षमता बढ़ रही है।
और भी

राजिम के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्रवेश प्रारंभ

गरियाबंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गरियाबंद जिले के राजिम स्थित पंडित रामविशाल पाण्डेय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के लिए 01 जुलाई से प्रवेश प्रारंभ हो गई है। विगत दिवस समाचार पत्र में प्रकाशित राजिम आत्मानंद स्कूल में प्रवेश प्रारंभ करने उठी मांग को जिला प्रशासन की ओर से गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक पहल करने के निर्देश दिये गये।

जिला शिक्षा अधिकारी करमन खटकर ने बताया कि राजिम में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय प्रारंभ करने की स्वीकृति 24 जून 2022 को शासन से प्राप्त हुई। उक्त विद्यालय में प्रवेश के लिए पोर्टल व लिंक 01 जुलाई 2022 को जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। उक्त विद्यालय में प्रवेश आॅनलाईन होगा। कक्षा पहली से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थी इसमें प्रवेश ले सकेंगे। प्रत्येक क्लास के लिए 50 सीट है। ज्यादा आवेदन होने पर लॉटरी पद्धति से विद्याथिर्यों का चयन किया जाएगा।
और भी

अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की एक समान व्यवस्था लागू हो जिला में

महत्वपर्ण स्कूलों को बरबाद किया जा रहा है

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अंग्रेजी माध्यम हिंदी माध्यम दोनों को एक साथ अलग-अलग सेटअप के साथ पढ़ाने का जो नया आदेश हुआ है वह निश्चित ही प्रशंसनीय जिसका कारण रायगढ़ जिला में हुए आंदोलन को जाता है जिसके कारण अब जो नए उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले जा रहे हैं उनसे उन स्कूलों के हिंदी माध्यम के शिक्षकों को नहीं हटाया जाएगा, यही मांग तो स्कूल बचाओ संघर्ष मोर्चा लगातार कर रहा था अब रायगढ़ जिला में जो दो नए स्कूल खुल रहे हैं कोतरा एवं कोड़ातराई दोनों में पुराने शिक्षकों को एवं छात्रों को नहीं हटाया जाएगा जो निश्चित ही अच्छा कदम है। रायगढ़ जिला में अंग्रेजी माध्यम के दो तरह की व्यवस्था लागू की जा रही है नटवर हायर सेकेंडरी स्कूल ने अंग्रेजी माध्यम के टीचर हिंदी माध्यम को भी अध्यापन करा रहे हैं उन शिक्षकों के ऊपर अत्यधिक भार पढ़ रहा है जो शिक्षा संहिता के अनुसार अनुचित है एक शिक्षक दो माध्यमों को अध्यापन करा रहा है, जब नहीं स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम के लिए अलग से प्रतिनियुक्ति की जा रही है एवं पूर्व से पदस्थ शिक्षकों को यथावत रखा जा रहा है तब नटवर स्कूल के पूर्व में पदस्थ शिक्षकों को छात्र के हित में पुनः वापस किया जाए क्योंकि इतने बड़े स्कूल में दोनों माध्यमों को कितने कम शिक्षकों से उच्च स्तर की शिक्षा नहीं दी जा सकती ना ही दोनों माध्यमों पर प्राचार्य का पूर्ण नियंत्रण रहेगा पूर्व की भांति या व्यवस्था पुनः लागू की जाए एवं शिक्षकों को जो मानसिक प्रताड़ना उसकी तो भरपाई करना मुश्किल है परंतु 1 जिले में कितने प्रकार की व्यवस्था चलाई जा रही हैं यह विचारणीय है।
 
पुरानी व्यवस्था जो वर्तमान आदेश में की गई है के तहत पुनः स्कूलों से अंग्रेजी माध्यम के कारण हटाए गए शिक्षकों को वापस बुलाया जाए एवं कोतरा एवं कोड़ा तराई की तरह सभी स्कूलों को व्यवस्थित किया जाए,रायगढ़ जिले में शुरू से ही अंग्रेजी माध्यम में कई प्रकार की विसंगतियां रही हैं जैसे तमनार खरसिया में किसी शिक्षक को नहीं हटाएगा तो क्या राजनीतिक प्रभाव एवं शिक्षा अधिकारियों की मनमानी भी इसके पीछे है क्या।
 
जशपुर जिला सरगुजा एवं बहुत से जिलों से अंग्रेजी माध्यम स्कूलों से शिक्षकों को विस्थापित नहीं किया गया सिर्फ रायगढ़ में इस तरह की व्यवस्था क्यों लागू की गई इसके पीछे कौन अधिकारी है जो रायगढ़ जिले की शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर रहा है।
 
जिले की नई कलेक्टर महोदय से आवेदन के माध्यम से इन बिंदुओं को अवगत कराया जाएगा, प्रदेश के मुख्यमंत्री के आगमन पर भी इन बिंदुओं पर आवेदन देकर पुनः स्कूलों को व्यवस्थित करने का प्रयास किया जाएगा, उसके पश्चात भी अगर पुरानी व्यवस्था नहीं बनी तो मजबूर होकर स्कूल बचाओ संघर्ष मोर्चा न्यायालय की शरण में जाएगा एवं धरना प्रदर्शन को बाध्य होगा।
और भी

अग्रसेन महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर ग्रीष्मकालीन स्पर्धाओं के विजेता और रासेयो के श्रेष्ठ केडेटों का हुआ सम्मान

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अग्रसेन महाविद्यालय पुरानी बस्ती में बीसवां स्थापना दिवस मनाया गया।  इस मौके पर महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय की विकास यात्रा पर केंद्रित डॉकुमेन्ट्री सफरनामा का प्रदर्शन किया गया।  इसमें पत्रकारिता विभाग के प्राध्यापक प्रो. राहुल तिवारी, प्रो कनिष्क दुबे और प्रो सुरभि अग्रवाल द्वारा किये गए सामग्री संकलन तथा संपादन कार्य की सभी अतिथियों ने भरपूर सराहना की। साथ ही राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को बी और सी सर्टिफिकेट के साथ ही एक्टिव कैडेट सम्मान भी दिया गया।  वही विभिन्न विधाओं पर केंद्रित ग्रीष्मकालीन कक्षाओं में सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी को पुरस्कार तथा अन्य सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिये गए।  इसके अलावा ग्रीष्मकालीन प्रतियोगिताओं के सभी विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किये गए।  इस अवसर पर पत्रकारिता के छात्र अर्चित अग्रवाल ने बांसुरी वादन प्रस्तुत किया, जिसे सभी ने बेहद पसंद किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित वरिष्ठ समाजसेवी अजय तिवारी ने कहा कि एक छोटी सी शुरुआत करते हुए अग्रसेन महाविद्यालय ने बीस वर्षों में लगातार प्रगति की है।  कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जैतू साव मठ के सचिव महेंद्र अग्रवाल ने कहा कि इस महाविद्यालय ने संस्कार और शिक्षा को साथ लेकर समाज के लिए एक मिसाल पेश की है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष एवं अग्रसेन शिक्षण समिति के कोषाध्यक्ष अजय दानी, समिति के उपाध्यक्ष चंद्र कुमार अग्रवाल, समाजसेवी डॉ रविंद्र अग्रवाल,  उषाबाई अग्रवाल, रमेश अग्रवाल, श्याम अग्रवाल तथा महाविद्यालय के डायरेक्टर डा वी.के. अग्रवाल उपस्थित रहे।

महाविद्यालय के डायरेक्टर डा वी.के. अग्रवाल ने कहा कि यहाँ आने वाले दिनों में कुछ रोजगार-उन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रयास किये जाएंगे।  उन्होंने महाविद्यालय में आगामी दिनों में उपलब्ध होने वाली नवीनतम सुविधाओं की भी चर्चा की।  उन्होंने कहा कि अग्रसेन महाविद्यालय ने विगत दो दशकों से वंचित समुदाय के युवाओं को न्यूनतम शुल्क पर शिक्षा-दान देने का जो संकल्प लिया है, वह आज भी जारी है।

प्राचार्य डा. युलेंद्र कुमार राजपूत ने कहा कि अग्रसेन महाविद्यालय ने वर्ष 2002 में केवल कुछ छात्रों और शिक्षकों से शुरुआत करते हुए आज एक बड़े शिक्षण संस्थान के रूप में पहचान बनाई है।  उन्होंने कहा कि अग्रसेन महाविद्यालय ने अपनी स्थापना से लेकर आज अक निरंतर प्रगति की है और यहाँ के विद्यार्थी पढाई के साथ-साथ अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते हैं।  महाविद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर प्रो. अमित अग्रवाल ने कहा कि इस महाविद्यालय की प्रगति का मूल-मन्त्र यही है कि हर वर्ष कोई न कोई नवाचार अवश्य किया जाये।  उन्होंने महाविद्यालय की अन्य उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला. कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न संकायों के समस्त प्राध्यापक भी शामिल हुए।
और भी

10वीं- 12वीं पूरक परीक्षा का प्रवेश पत्र जारी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं- 12वीं की पूरक परीक्षा का प्रवेश पत्र जरी कर दिया है। मंडल ने प्रवेश पत्र आवेदन करने वाले छात्रों की सुविधा के लिए ऑनलाइन भी जरी की है।

और भी