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एजुकेशन कॉन्क्लेव का हुआ आयोजन

जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण) कलेक्टर  की अध्यक्षता में स्कूली शिक्षण को बेहतर बनाने और जांजगीर-चांपा जिले को शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानक तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभागार में एजुकेशन कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया । इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा की एक शिक्षक अपने जीवन का काफी लंबा समय स्कूल में देता है, इसलिए जरूरी है कि वह रुचि के साथ बच्चो को पढ़ाए। 

जिला के वार्षिक अकादमिक योजना निर्माण के संदर्भ में किए गए एजुकेशन कॉन्क्लेव में प्रत्येक विकासखंड ने अपनी वार्षिक अकादमिक योजना के प्रस्तुति के साथ ही साथ सत्र 2022-23 में क्रियान्वित कुछ प्रभावी कामों का भी प्रदर्शन किया । इस एजुकेशन कॉन्क्लेव में कलेक्टर ऋचा प्रकाश ने कहा कि प्रत्येक बच्चों को कक्षा के लिए निर्धारित दक्षताओं को हासिल करवाने के लिए शिक्षकों को अपने सिखाने के तरीकों में अपेक्षित बदलाव लाना होगा । स्वयं अध्यन में आईसीटी (इनफार्मेशन कम्यूनिकेशन टेक्नॉलजी) का बहुत बड़ा भूमिका हो सकता है। ग्रामीण परिवेश के बच्चों के संदर्भ में और अवधारणों को पुख्ता करने के लिए शिक्षकों द्वारा अपनाए गए शिक्षण प्रक्रिया में अपेक्षित बदलाव लाना बहुत जरूरी है ।उ न्होंने कहा की रुचि के साथ अगर किसी काम को किया जाता है तो वह हमेशा बेहतर परिणाम लेकर आता है । उन्होंने कहा की अधिकांश शिक्षक पुरानी शिक्षण पद्धति के तहत सीधे अक्षरों को सिखाते हुए भाषा शिक्षण की शुरुआत करते हैं और बहुत कम ही शिक्षक बच्चों के अनुभवों को जोड़ते हुए भाषा, गणित एवं पर्यावरण सीखते सिखाते हैं, जिसकी संख्या अभी भी बहुत सीमित है । समझ आधारित शिक्षण सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक शिक्षक को एससीईआरटी द्वारा निर्मित एवं समग्र शिक्षा की तरफ से वितरित पाठ्य पुस्तकों का विश्लेषण करने के साथ-साथ पाठ्य पुस्तकों में सुझाए गए प्रक्रियाओं को बच्चों की संदर्भ से जोड़ते हुए कार्य करना होगा । उन्होंने प्राथमिक कक्षाओं में छोटे-छोटे समूह में गोल आकृति में बैठा कर एक दूसरे से सीखने का अवसर जरूर प्रदान करने कहा । उन्होंने कहा की स्कूल के बेहतर संचालन एवं बच्चों के नियमित उपस्थिती सुनिश्चित करने के लिए एसएमसी की मदद से सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनको शिक्षण प्रक्रिया में भी शामिल करना होगा ।  

इस कॉन्क्लेव में विकासखंड द्वारा बनाए गए प्रत्येक कार्यक्रम की योजना को प्लान गैलरी के रूप में भी प्रदर्शित किया गया । प्रत्येक स्टॉल में शिक्षक एवं बच्चों द्वारा बनाए गए शिक्षण अधिगम सामाग्री के अलावा विभाग द्वारा वितरित संसाधनों का भी प्रदर्शनी किया गया जिसका इस्तेमाल योजाना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सार्थक हो सकता है । इस प्रदर्शनी में समर कैंप, 100 दिन 100 कहानियां, राष्ट्रीय शिक्षा नीति(2020) के साथ-साथ भारतीय शिक्षा नीति का इतिहास, कबाड़ से जुगाड़, आंगनबाड़ी, खंड विकास की योजना, एफएलन, लर्निंग लॉस की भरपाई, अंगना म शिक्षा आदि को शामिल किया गया था । तदुपरांत जिला शिक्षा अधिकारी एच आर सोम ने कार्यक्रम का संदर्भ और विकासखंड वार्षिक योजना निर्माण के महत्व पर बात करते हुए, जांजगीर की वर्तमान शैक्षणिक स्थिति और असर रिपोर्ट के विश्लेषण को सबसे साझा किया । इसके साथ ही उन्होंने बुनियादी शिक्षा को मजबूत किए जाने के लिए शिक्षकों को विशेष ध्यान देने , समर कैंप में बच्चों के प्रदर्शन और स्वतंत्र लेखन के मद्देनजर उसे और निखारने की बात रखी। इसके बाद जिला मिशन समन्वयक आर के तिवारी ने असर रिपोर्ट को पुनः रेखांकित करते हुए शिक्षा के मूल उद्देश्यों और शिक्षकों, अधिकारियों के दायित्वों के विषय में चर्चा किए । साथ ही पूरे दिन के कार्यक्रम की रूपरेखा रखी। 

इसके बाद जिले के विभिन्न विकासखंड द्वारा बनाए गए योजनाओं को प्रस्तुत किया गया। जिसमें पामगढ़ ब्लॉक के बीईओ बीआरसी ने 100 दिन 100 कहानी, नवागढ़ से बीईओ विजय कुमार लहरे सहित अन्य ने संकुल बैठक, बम्हनीडीह बीआरसी हिरेन्द्र कुमार बेहार सहित अन्य ने मेरी स्कूल डायरी और शाला प्रबंधन समिति का सुदृढ़ीकरण, बलौदा से बीआरसी अर्जुन सिंह क्षत्रिय सहित अन्य ने विकासखंड योजना निर्माण की प्रक्रिया और एफेलेन, अकलतरा ब्लॉक से बीआरसी शैलेंद्र बैस सहित अन्य ने विकासखंड की वार्षिक अकादमिक योजना पर अपनी जानकारी प्रस्तुत किया । सबसे अंत में एपीसी पेडागोजी हरीराम जैसवाल ने प्रथम तिमाही में किए जाने वाले मुख्य कार्यक्रमों पर अपनी बात राखी ।

जांजगीर-चांपा जिले में अगले तीन महीने का विशेष ध्यान शाल प्रवेश उत्सव, एससीईआरटी के निर्देशानुसार 100% शिक्षकों को एफ़एलएन एवं लर्निंग रिकवरी को ध्यान में रखते हुए वार्षिक शिक्षण योजना बनाने हेतु तीन दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला, वार्षिक शिक्षण योजना के अनुसार मासिक पाठ्य योजना बनाने हेतु जरूरत आधारित विषयवार मासिक संकुल बैठक के बारे में चर्चा की गई । इन तमाम प्रयासों की मानीटरिंग हेतु संकुल समन्वयक एवं संकुल प्राचार्य का मासिक समीक्षा बैठक भी नियमित रूप से किया जाने के निर्देश दिए गए ।

इस अवसर पर नवागढ़ से बीईओ विजय कुमार लहरे, बीआरसी ऋषिकांता राठौर पीएलसी सदस्य शालिनी शर्मा, शारदा राठौर, पामगढ़ से बीईओ जगदीश कुमार शास्त्री, बीआरसी दुष्यंत भर्तुहरी, अकलतरा से बीईओ सी के धृतलहरे, बीआरसी शैलेन्द्र सिंह बैस, बलोदा से बीईओ श्याम रतन सिंह खांडे, बीआरसी अर्जुन सिंह क्षत्री, बम्हनीडीह से बीईओ मेहन्द्रधर दीवान, बीआरसी, हिरेन्द्र बेहार, शिक्षक गुलजार बारेठ, शरद चतुर्वेदी, धर्मदत्त मणिकपुरी प्रत्येक विकासखंड से आमंत्रित एक-एक एबीईओ, जिले में चल रहे विभिन्न योजनाओं के नोडल अधिकारी, जिले के कुछ शिक्षक और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित थे ।

 
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शाला छोड़ चुके विद्यार्थी शिक्षा के मुख्यधारा से जुड़कर प्रथम श्रेणी में हुए उत्तीर्ण

छह किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल आती थी ऋतु कोर्राम, 84 प्रतिशत अंकों से हुई कक्षा 10वीं उत्तीर्ण

कांकेर (छत्तीसगढ़ दर्पण) शिक्षक यदि ठान ले तो असंभव को संभव कर सकता है। गुरू-शिष्य के संबंधों का मिसाल पेश करते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तारांदुल के शिक्षकों ने शाला छोड़ चुके विद्यार्थी को पुन: शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर विद्यार्थी को स्कूल आने के लिए प्रेरित किया और उसे कड़ी मेहनत कर पढ़ाई करने की सीख देकर प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण भी करवाया। इस सफलता से विद्यार्थी भी अचंभित लेकिन प्रफुल्लित हैं।

भानुप्रतापपुर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तारांदुल में कक्षा 12वीं में अध्ययनरत छात्र सन्तलाल पिता कमलसिंह पारिवारिक कारणों से स्कूल आना छोड़ दिया था, विद्यालय के शिक्षक कई बार उनके घर जाकर उन्हें पढ़ाई करने के लिए समझाने का प्रयास किया। समझाने के लिए अपने घर आये हुए शिक्षकों को देखकर वह घर से भाग जाता था। शिक्षकों के बार-बार घर आने पर उनसे बचने के लिए वह घर से भागकर भानुप्रतापपुर के होटलों में प्लेट धोने का काम करने लगा। छात्र की प्रतिभा और घर की परिस्थिति को देखकर विद्यालय का हर शिक्षक चाहता था, कि यह बालक किसी भी तरह शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ जाएं और पढ़ाई कर अच्छे नंबरों से परीक्षा उत्तीर्ण हो। इसी दौरान विद्यालय के एक शिक्षक को इसकी जानकारी प्राप्त हुई, कि छात्र संतलाल भानुप्रतापपुर के होटलों में काम कर रहा है, उन्हांने उसे ढूढ़ा और उसे बहुत समझाया व आश्वासन दिया कि जितने रुपए तुम इस होटल में काम करके कमाते हो, उतने रूपये मैं तुम्हे दूंगा, दो महीना परीक्षा बाकी है, तुम लगन से पढ़ाई करो और परीक्षा में पास हो जाओ। 

शिक्षक की बात मानकर छात्र संतलाल अपने गांव वापस लौट आया और पुन: पढ़ाई शुरू की, लेकिन फिर उसका ध्यान भटक गया और वहां नेटवर्क बिजनेस करने कवर्धा चला गया। परन्तु शिक्षकों ने हार नहीं मानी और उन्हें समझाया कि नेटवर्क बिजनेस से तुम जितने रुपए कमाते हो उतनी राशि हम तुम्हे देंगे, तुम पढ़ाई करो और अच्छे नंबरों से परीक्षा उत्तीर्ण हो। उसके बाद यदि तुम चाहो तो हमारे रुपए हमें वापस कर देना। शिक्षकों की इस शर्त पर संतलाल पुन: स्कूल आया और मन लगाकर पढ़ाई करने लगा। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार सभी छात्र-छात्राओं के साथ उसे भी पिछले वर्षों के बोर्ड पेपर, प्री बोर्ड, मासिक परीक्षा इत्यादि के माध्यम से लगातार अभ्यास कराया गया। जिसके परिणाम स्वरूप संतलाल विज्ञान संकाय में कक्षा 12वीं की परीक्षा में 66.02 प्रतिशत से उत्तीर्ण हुआ है। छात्र संतलाल की सफलता विद्यालय के शिक्षकों के लिए एक बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है, जो छात्र पढ़ाई से अपने को दूर कर चुका था, वह पुन: शिक्षा से जुड़कर प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण हुआ है।

शासकीय उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय तरांदुल में अध्ययनरत बालिका कुमारी ऋतु कोर्राम पिता बिरजू राम ने भी उपलब्धि हासिल की है। वह अपने गांव धनेली पटेलपारा से प्रतिदिन 6 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल आती थी। सरकार की ओर से उन्हें सरस्वती सायकिल योजनांतर्गत नि:शुल्क सायकिल प्रदाय किया गया है, लेकिन उसके बिगडऩे के कारण उन्हें पैदल ही स्कूल आना पड़ता था। इस वर्ष उन्होंने कक्षा 10 वीं बोर्ड की परीक्षा 84.06 प्रतिशत अंकों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण कर कक्षा में प्रथम स्थान बनाया है। घर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब होने बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत, लगन और शिक्षकों के मार्गदर्शन से यह स्थान बनाया है। भानुप्रतापपुर के खण्ड शिक्षा अधिकारी सदेसिंह कोमरे और हायर सेकेण्डरी स्कूल तरांदुल के प्राचार्य चन्द्रकांत साहू ने उनकी सफलता पर अपनी बधाई व उज्जवल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दी।

उल्लेखनीय है कि कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला के निर्देशानुसार जिले में शिक्षा की गुणवत्ता के लिए हमर लक्ष्य अभियान चलाया गया तथा विद्यालय छोड़ चुके छात्र-छात्राओं को स्कूल से जोडऩे के लिए अनुरोध कार्यक्रम भी चलाया गया, जिसके परिणाम स्वरूप संतलाल जैसे विद्यार्थी स्कूल से पुन: जुड़कर उपलब्धि हासिल की है।

 
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बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक : कलेक्टर

स्वामी आत्मानंद विद्यालयों के प्रयोगशाला सहायकों को दिया गया प्रशिक्षण

जगदलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) कलेक्टर ने बेहतर प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक बताया। कलेक्टर विजय ने 24 मई को जगदलपुर स्थित जगतु माहरा शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के प्रयोगशाला सहायकों को प्रयोगशालाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रदान किए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में कहा कि विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए सैद्धांतिक शिक्षा के साथ ही साथ प्रायोगिक शिक्षा भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

विजय ने कहा कि वैज्ञानिक चेतना एवं जिज्ञासा तभी जागृत होगी, जब विद्यार्थी स्वयं प्रयोगों को निरंतर करेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियांे को एक दिन सैद्धांतिक पाठ पढ़ाने के दूसरे ही दिन उसका प्रयोग करके दिखाएं। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा उत्कृष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए स्वामी आत्मानंद स्कूलों की स्थापना की गई है तथा इसके उद्देश्य की प्राप्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी। उन्होंने भौतिकी, रसायन और जीवविज्ञान विषय के लिए अलग-अलग प्रयोगशाला सहायकों को जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने कक्षा नवमीं से लेकर बारहवीं तक सभी प्रयोगों का प्रदर्शन के साथ ही विद्यार्थियांे से अभ्यास कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा के लिए निरंतर प्रयोगशाला से जुड़ा रहना आवश्यक है तथा प्रयोगशाला प्रबंधन का कार्य प्रयोगशाला सहायकों की जिम्मेदारी है। सभी प्रयोगशाला सहायक यहां दिए जा रहे प्रशिक्षण का लाभ लें तथा किसी प्रयोग को ठीक ढंग से नहीं समझ पाने की स्थिति में पुनः प्रशिक्षण प्राप्त करें। उन्होंने सभी प्रयोगशालाओं में आवश्यकता अनुसार उपकरण एवं सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जरूरत भी बताई। कलेक्टर ने कहा कि सभी प्रयोगशाला सहायक एक दूसरे से संवाद कर दूसरे विद्यालयों में किए जा रहे प्रयोगों के संबंध में भी जानकारी प्राप्त करें तथा एक दूसरे से सीखने का प्रयास भी करें। उन्होंने कहा कि सभी प्रयोगशाला सहायक यहां बेहतर प्रशिक्षण लेकर स्वयं को प्रशिक्षक के तौर पर तैयार करें, ताकि वे अधिक से अधिक विद्यार्थियों के बेहतर प्रायोगिक प्रशिक्षण में सहयोग किया जा सके। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान, संस्थान के प्राचार्य बीएस रामकुमार सहित प्रयोगशाला प्रशिक्षकगण एवं प्रशिक्षु प्रयोगशाला सहायक उपस्थित थे।

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ओपन स्कूल 10-12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित, यहां करें चेक...

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा के नतीजे आज घोषित किए गए। छात्र अपने परीक्षा परिणाम वेबसाईट http://www.sos.cg.nic.in और http://www.result.cg.nic.in में प्राप्त कर सकते हैं एवं अनुत्तीर्ण छात्र आगामी परीक्षा के आवेदन फार्म अपने अध्ययन केन्द्र में जमा कर परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं।


हाई स्कूल का परीक्षाफल प्रतिशत 54.09 तथा हायर सेकेण्डरी परीक्षा का परीक्षाफल प्रतिशत 65.46 रहा। हाई स्कूल परीक्षा में कुल 37 हजार 471 छात्रों का पंजीयन हुआ था। इस 34 हजार 161 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए थे। 34 हजार 132 परीक्षार्थियों का परीक्षा परिणाम जारी किया गया। कुल उत्तीर्ण परीक्षार्थी 18 हजार 465 रहे। 29 परीक्षार्थियों का परीक्षाफल विभिन्न कारणों से रोका गया है। हाई स्कूल परीक्षाओं में प्रथम श्रेणी में 4 हजार 13 परीक्षार्थी, द्वितीय श्रेणी में 7 हजार 320 विद्यार्थी तथा तृतीय श्रेणी 6 हजार 923 विद्यार्थी से उत्तीर्ण हुए। कुल 18 हजार 465 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए।

इसी प्रकार हायर सेकेण्डरी परीक्षा में 65 हजार 557 विद्यार्थियों का पंजीयन हुआ था। इसमें 62 हजार 51 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। इनमें से 57 हजार 105 परीक्षार्थियों को परीक्षा परिणाम जारी किया गया। इनमें 9 हजार 653 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी, 15 हजार 180 परीक्षार्थी द्वितीय श्रेणी से तथा 11 हजार 801 परीक्षार्थी तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। कुल 37 हजार 383 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। परीक्षा में 4 हजार 883 विद्यार्थी आरटीडी योजनांतर्गत अवसर परीक्षा में सम्मिलित हुए थे। 63 परीक्षार्थियों का परीक्षाफल विभिन्न कारणों से रोका गया है।

 

 

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बोर्ड परीक्षा में छात्रावास के विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन

सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) जिले के आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावास में निवासरत कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं के विद्यार्थियों का बोर्ड परीक्षा में परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा। जिले में कुल 55 प्री मैट्रिक छात्रावासों से 533 विद्यार्थी 10वीं एवं 14 पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों से 197 विद्यार्थी 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए। कक्षा 10 वीं में 94 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए जिसमे 41 प्रतिशत विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त किया है। इसी प्रकार कक्षा 12 वीं में 93 प्रतिशत विद्यार्थी परीक्षा में उत्तीर्ण हुए जिसमे 25 प्रतिशत विद्यार्थी प्रथम श्रेणी प्राप्त किये।

छात्रावासी विद्यार्थियों में कक्षा 10 वीं में मान सिंह प्री मैट्रिक बालक छात्रावास पंछीडाँड़ विकासखण्ड प्रतापपुर ने 90.16 प्रतिशत प्राप्त कर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है तथा कक्षा 12वीं में पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास बिश्रामपुर की नातिशा सिंदरी ने 82 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विभाग का नाम रोशन किया है। सभी छात्रावासों में सहायक आयुक्त के. विश्वनाथ रेड्डी के निर्देशन में बोर्ड परीक्षा की तैयारी हेतु कोचिंग के साथ साप्ताहिक मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन अधीक्षकों की निगरानी के नियमित रूप से किया जाता था। जिसका लाभ विद्याथियों के परीक्षा परिणाम में मिला है। कलेक्टर संजय कुमार अग्रवाल एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत लीना कोसम ने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी है।

 

 

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पी.ई.टी., पी.पी.एच.टी. की प्रवेश परीक्षा 25 जून को

ऑनलाईन आवेदन 17 मई से

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा शैक्षणिक सत्र 2023-24 में राज्य के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों पी.ई.टी. और पी.पी.एच.टी. में प्रवेश परीक्षाओं के लिए परीक्षा कार्यक्रम निर्धारित किया है।पी.ई.टी. और पी.पी.एच.टी. में प्रवेश हेतु परीक्षा 25 जून को होगी।ऑनलाईन आवेदन 17 मई से 8 जून तक लिए जाएंगे। त्रुटि सुधार की तिथि 9 जून से 11 जून तक निर्धारित की गई है। प्रवेश पत्र 19 जून को जारी किए जाएंगे।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुसार इन दोनों प्रवेश परीक्षाओं में छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासियों प्रतिभागियों से किसी भी प्रकार का परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।

 

 

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संस्कार स्कूल का शानदार रिजल्ट, 10वीं में सभी छात्र पास, 12वीं में 95 प्रतिशत

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण) जिले की शैक्षणिक संस्था संस्कार पब्लिक स्कूल ने सीबीएसई के परीक्षा परिणाम में शानदार सफलता अर्जित की है। संस्था के मार्गदर्शक रामचन्द्र शर्मा ने बताया कि कक्षा 10वीं में कोई भी छात्र असफल नहीं हुआ। जबकि कक्षा 12वीं में 95 प्रतिशत परीक्षा परिणाम आया है। 12वीं कक्षा में संस्था के छात्र अक्षत शर्मा ने 94.4 प्रतिशत लाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जबकि हितेन्द्र देवांगन, गरीमा शर्मा, प्रांजलि बेहरा व अनूप चौधरी ने साईंस में उच्च स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह कामर्स विषय में वर्णिका जायसवाल ने 93.4 प्रतिशत लाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

इसके अलावा रानी पटेल, निधी शर्मा, हनी अग्रवाल एवं यास्मीन पटेल ने 12वीं कामर्स में उच्च स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह कक्षा 10वीं में उच्च स्थान पर सुबोध नायक, तीर्थराज सिंह, खिलेश्वर देवांगन, पल्लवी चौधरी, समीर तिर्की, वागिशा स्वर्णकार, हर्षवर्धन पटेल, सुमीत गिडवानी, भूपेन्द्र साहू व आकाश साहू ने प्रथम से लेकर 10वें पोजिशन तक स्थान बनाया है। संस्था की प्राचार्या रश्मि शर्मा और एक्टिंग डायरेक्टर चंद्रप्रकाश देवांगन ने सभी सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की है।

 

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CG Result : टॉप 48 में से 10 छात्र स्वामी आत्मानंद स्कूल के

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)  छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने आज 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे जारी किए। परीक्षा में सफल होने वाले छात्रों को सीएम भूपेश बघेल ने बढ़ाए दी। उन्होंने ट्वीट कर बताया, कक्षा 10वीं में टॉप 10 में 48 छात्रों में से 10 छात्र स्वामी आत्मानंद स्कूल से हैं, रैंक 1 और रैंक 2 पर आने वाले छात्र भी स्वामी आत्मानंद स्कूल से हैं। साथ ही कक्षा बारहवीं में टॉप 10 में 30 छात्रों में से 5 छात्र स्वामी आत्मानंद स्कूल से हैं।

 

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हाईस्कूल में 75 प्रतिशत और हायर सेकेंडरी में 79.96 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए

 माशिमं ने जारी किए परिणाम, मुख्यमंत्री-शिक्षा मंत्री ने उत्तीर्ण छात्रों को दी बधाई

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा घोषित किए गए कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा के परिणाम में सफल विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस परीक्षा में जो विद्यार्थी सफल नहीं हो पाए हैं, वे निराश न हों यह देखें कि कहां कमी रह गई है, लगन और मेहनत से पढ़ाई कर फिर से प्रयास करें, उन्हें सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि बोर्ड परीक्षा की मेरिट लिस्ट के टॉप टेन में आने वाले विद्यार्थियों को इस वर्ष भी हेलीकॉप्टर राइड कराई जाएगी।


मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद स्कूल के विद्यार्थियों के शानदार प्रदर्शन पर भी प्रसन्नता जताई। कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के मेरिट लिस्ट के टॉप टेन स्थान में स्वामी आत्मानंद स्कूल के 5 विद्यार्थी शामिल हैं, इसी प्रकार 10वीं बोर्ड परीक्षा की मेरिट लिस्ट के टॉप टेन स्थान पर स्वामी आत्मानंद स्कूल के 10 विद्यार्थी शामिल हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट मुख्य परीक्षा 2023 के परिणाम घोषित करते हुए सफल छात्रों को बधाई और शुभकामनाएं दी और जो विद्यार्थी परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाए हैं, वे हौसला बनाए रखें और मेहनत के साथ पढ़ाई करें। इस अवसर पर संसदीय सचिव द्वारिकाधीश यादव, माध्यमिक शिक्षा मण्डल के अध्यक्ष डॉ. आलोक शुक्ला, सचिव प्रोफेसर व्ही.के.गोयल सहित मण्डल के सदस्यगण, अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।  

कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा के टॉप टेन में कुल 48 विद्यार्थी और 12वीं बोर्ड परीक्षा के मेरिट लिस्ट के टॉप टेन में 30 विद्यार्थी हैं। 10वीं बोर्ड परीक्षा की मेरिट लिस्ट में स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी मीडियम स्कूल जशपुर के राहुल यादव ने 98.83 प्रतिशत अंक के साथ प्रथम स्थान, स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल जशपुर के सिकंदर यादव ने 98.67 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। 10वीं की मेरिट लिस्ट में ट्राईबल क्षेत्र के 19 विद्यार्थियों में जशपुर के 12, कांकेर के 4, सरगुजा के 2, सूरजपुर के एक विद्यार्थी शामिल है। मेरिट लिस्ट में 28 छात्राएं, 20 छात्र शामिल हैं, इनमें शासकीय स्कूल के 23 और निजी स्कूल के 25 विद्यार्थियों ने मेरिट में स्थान बनाया है।

12वीं की बोर्ड परीक्षा की मेरिट लिस्ट में अभिनव व्ही.एम. हायर सेकेण्डरी स्कूल पुसौर रायगढ़ की विधि भोसले ने 98.20 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम स्थान, अनुनय कॉन्वेंट हायर सेकेण्डरी स्कूल सक्ती जांजगीर-चांपा के विवेक अग्रवाल ने 97.40 अंकों के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। 12 की मेरिट लिस्ट में 18 छात्राओं और 12 छात्रों ने स्थान प्राप्त किया है। टाईबल क्षेत्र के 2 विद्यार्थियों में एक कांकेर और एक जशपुर का विद्यार्थी शामिल हैं। मेरिट में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों में 11 शासकीय तथा 19 निजी विद्यालयों के छात्र शामिल हैं।

शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित 10वीं-12वीं बोर्ड की मुख्य परीक्षा के परिणाम गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष बेहतर आए हैं। 10वीं बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष 75.05 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जो कि गत वर्ष की तुलना में 0.82 प्रतिशत ज्यादा है। इसी तरह 12वीं बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष 79.96 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जो कि गत वर्ष की तुलना में 0.66 प्रतिशत ज्यादा हैं। हाई स्कूल में 70.26 प्रतिशत बालक एवं 79.16 प्रतिशत बालिका उत्तीर्ण हुई हैं, जबकि हायर सेकेण्डरी में 75.36 प्रतिशत बालक एवं 83.64 प्रतिशत बालिका उत्तीर्ण हुई हैं।

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हाईस्कूल सर्टिफिकेट मुख्य परीक्षा वर्ष 2023 में कुल 3,37,559 परीक्षार्थी पंजीकृत हुये। इनमें से 3,30,681 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुये, जिनमें से 1,52,891 बालक तथा 1,77,790 बालिकायें सम्मिलित हुई, जिनमें से 3,30,055 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित किये गये घोषित परीक्षा परिणाम में से उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की कुल संख्या 2,47,721 है अर्थात् कुल 75.05 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुये उत्तीर्ण बालिकाओं का प्रतिशत 79.16 तथा बालकों का प्रतिशत 70.26 है। सम्मिलित परीक्षार्थियों में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 1,09,903 (33.30 प्रतिशत) है, द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 1.19,901 (36.32 प्रतिशत) है तथा तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 17,914 (5.43 प्रतिशत) है। 03 परीक्षार्थी पास श्रेणी में उत्तीर्ण हुये हैं। 17,923 परीक्षार्थियों को पूरक की पात्रता है। कुल 626 परीक्षार्थियों के परिणाम विभिन्न कारणों से रोके गये हैं, जिनमें 16 परीक्षार्थियों के परिणाम नकल प्रकरण के कारण रोके गये हैं तथा 281 परीक्षार्थी का पात्रता के अभाव में परीक्षा आवेदन निरस्त किये गये हैं तथा 324 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम जांच की श्रेणी में रोका गया है। इसके अतिरिक्त 05 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम बाद में घोषित किये जायेंगे।

वर्ष 2022 हाईस्कूल सर्टिफिकेट मुख्य परीक्षा में कुल 3,63,301 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुये थे, जिनमें से 1,71,539 बालक तथा 191,762 बालिकायें सम्मिलित हुई थीं सम्मिलित परीक्षार्थियों के उत्तीर्ण का प्रतिशत 74.23 था इस प्रकार गतवर्ष से इस वर्ष परीक्षा परिणाम में लगभग 0.82 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

हायर सेकण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट मुख्य परीक्षा वर्ष 2023 में कुल 3,28,121 परीक्षार्थी पंजीकृत हुये। इनमें से 3,23,625 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुये, जिनमें से 1,43,919 बालक तथा 179,706 बालिकायें सम्मिलित हुई, जिनमें से 3,23,266 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित किये गये। घोषित परीक्षा परिणाम में से उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की कुल संख्या 2,58,500 है अर्थात् कुल 79.96 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुये उत्तीर्ण बालिकाओं का प्रतिशत 83.84 तथा बालकों का प्रतिशत 75.36 है। सम्मिलित परीक्षार्थियों में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 87,140 (26.96 प्रतिशत) है, द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 1,45,965 (45.15 प्रतिशत) है तथा तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या 25.377 (7.85 प्रतिशत) है 18 परीक्षार्थी पास श्रेणी में उत्तीर्ण हुये हैं। 22.751 परीक्षार्थियों को पूरक की पात्रता है।

कुल 359 परीक्षार्थियों के परिणाम विभिन्न कारणों से रोके गये, जिसमें 30 परीक्षार्थियों के परिणाम नकल प्रकरण के कारण, 279 परीक्षार्थी पात्रता के अभाव में परीक्षा आवेदन निरस्त किये गये हैं तथा 43 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम जांच की श्रेणी में रोका गया है। इसके अतिरिक्त 07 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम बाद में घोषित किये जायेंगे।

वर्ष 2022 हायर सेकण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट मुख्य परीक्षा में कुल 2,87,673 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुये थे, जिनमें से 129,213 बालक तथा 1,58,460 बालिकायें सम्मिलित हुई थीं। सम्मिलित परीक्षार्थियों के उत्तीर्ण का प्रतिशत 79.30 था। इस प्रकार गतवर्ष से इस वर्ष परीक्षा परिणाम में लगभग 0.88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में 2,418 एवं हायर सेकण्डरी में 2,308 परीक्षा केन्द्र तथा 29 समन्वय केन्द्र बनाये गये थे।

छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशानुसार शैक्षणेत्तर गतिविधियों में हाईस्कूल परीक्षा में 1,286 एवं हायर सेकण्डरी में 1,913 कुल 3,199 छात्रों को बोनस अंक प्रदान किये गये हैं। वर्ष 2022 में हाईस्कूल परीक्षा में 1571 तथा हायर सेकण्डरी परीक्षा में 1643 कुल 3,214 छात्रों को बोनस अंक प्रदान किया गया था। मण्डल द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार प्रावीण्य सूची में शैक्षणेत्तर गतिविधियों के अंक नहीं जोड़े जाने का निर्णय लिया गया है अतः इस वर्ष बोनस अंक को छोड़कर अस्थाई प्रावीण्य सूची तैयार की गई है। परीक्षा परिणाम माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट https://www.results.cg.nic.in  तथा वेबसाइट https://www.cgbse.nic.in  पर उपलब्ध है।

 

 

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12वीं में रायगढ़ की विधि ने किया टॉप, मिले सबसे ज्यादा अंक

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण) पुसौर स्थित अभिनव विद्या मंदिर की छात्रा विधि भोसले ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में सर्वाधिक अंक हासिल किए हैं। मेरिट लिस्ट में विधि ने 98.20 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया है। विधि की इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता और जिले वासी हर्षित हैं।


विधि भोसले को बधाई देते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने कहा रायगढ़ की बेटी ने अपनी इस उपलब्धि से रायगढ़ का मान पूरे प्रदेश में बढ़ाया है। पुसौर क्षेत्र सदैव रायगढ़ जिले के नाम रोशन करता रहा और यह रिकॉर्ड बेटी विधि ने भी जारी रखा। इस गौरवशाली उपलब्धि के लिए जिला भाजपा की ओर से बधाई देते हुए माता पिता शिक्षको के प्रति भी आभार जताया जिनकी मार्गदर्शन व प्रेरणा से विधि ने इस मुकाम तक पहुंचने में सफलता पाई है।

 

 

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10-12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट बुधवार को जारी होगा, यहां करें चेक...

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) प्रदेश में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणामों का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने परीक्षा परिणाम तारीख की घोषणा कर दी है।

माशिमं ने बताया कि 10 मई को दोपहर 12 बजे रिजल्ट जारी किया जाएगा। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के सभागृह की ओर से रिजल्ट जारी किया जाएगा। छात्र अपना रिजल्ट माशिमं की वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।

 
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बेहतर शिक्षा देकर बच्चों को उज्जवल भविष्य के लिए करें तैयार : कलेक्टर

(छत्तीसगढ़ दर्पण) स्वामी आत्मानन्द विद्यालयों के शिक्षकों की बैठक में दिए निर्देश

कोरिया (वीएनएस)। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने  सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले के स्वामी आत्मानन्द विद्यालयों के शिक्षकों की बैठक ली। बैठक में कलेक्टर लंगेह ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करना हमारा उद्देश्य है। स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट विद्यालय  शासन की महत्वपूर्ण योजना है, सभी शिक्षक बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर उज्ज्वल भविष्य हेतु तैयार करें।

उन्होंने विद्यालयवार चर्चा करते हुए प्राचार्यों तथा शिक्षकों से संवाद कर बच्चों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, गतिविधियों में भागिता के सम्बंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक नियमित रुप से विद्यालय आएं, अकारण बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने गत वर्ष के परीक्षा परिणाम का अवलोकन करते हुए कहा कि आगामी सत्र में बेहतर परिणाम हेतु अभी से तैयारियां शुरू करें, किसी  विषय मे कमजोर बच्चों का चिन्हांकन कर  सम्बन्धित विषय के शिक्षक अतिरिक्त कक्षा लेकर उन्हें शिक्षित करें। बच्चों की रुचि के अनुसार रोचनात्मक कक्षा का आयोजन कर नई-नई तकनीकों के माध्यम से उन्हें सिखाएं। उन्होंने बच्चों के शैक्षणिक के साथ-साथ मानसिक, शारिरिक, नैतिक विकास पर भी ध्यान देने की बात कही।

कलेक्टर ने बैठक में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा, इस हेतु अभिभावकों से संपर्क कर कारण पता कर उन्हें विद्यालय भेजने प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्राचार्य यह ध्यान रखें कि नियमित रुप से विद्यालय में अभिभावक शिक्षक बैठक आयोजित हो। उन्होंने बताया कि सभी विद्यालयों की मॉनिटरिंग हेतु जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जा रहें हैं, इनके द्वारा नियमित रूप विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी अनिल जायसवाल, सर्व विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, स्वामी आत्मानन्द विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षक तथा जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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हिंदी विश्‍वविद्यालय में सर्जनशीलता संवर्धन शिविर 15 से

 बच्‍चों को दिया जाएगा क्‍ले आर्ट, पेंटिंग, नृत्‍य, आत्‍मरक्षा का प्रशिक्षण

वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण) महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय में 15 से 30 मई के दौरान सर्जनशीलता संवर्धन शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत पांच से बारह वर्ष तक की आयु के बच्‍चों को क्‍ले आर्ट, पेंटिंग, नृत्‍य और आत्‍मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन गतिविधियों के अलावा छत्रपति शिवाजी महाराज पर नाटक भी तैयार किया जाएगा। शिविर में सहभागिता करने नलाइन पंजीकरण https://tinyurl.com/3cmwnmsu  इस लिंक के माध्‍यम से 5 से 10 मई तक किया जा सकेगा। विश्‍वविद्यालय के अभिनवगुप्‍त संकुल सभागार, प्रदर्शनकारी कला विभाग में शिविर की गतिविधियां सायं 5 से रात्रि 8 बजे के दौरान संचालित की जाएगी। शिविर में पहले आओ पहले पाओ के अंतर्गत केवल 50 बच्‍चों को प्रवेश दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए मो. नं. 9403719542 पर संपर्क किया जा सकता है।

 

 

 

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स्वामी आत्मानंद स्कूलों में एडमिशन शुरू,आवेदन 5 मई तक

नारायणपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सिंगोडीतरई, छोटेडोंगर, बखरूपारा तथा जिले में सत्र 2023-24 में प्रारंभ किये जाने वाले स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी हिन्दी माध्यम विद्यालय बेनूर एवं ओरछा के विद्यालयों में कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्र छात्राओं का एडमिशन लिया जाना है। 

इसके लिए सेजेस पोर्टल का 10 अपै्रल से प्रारंभ किया जा रहा है। इच्छुक अभ्यर्थी स्वामी आत्मानंद विद्यालय के पोर्टल  https://cgschool.in/saems/ मे जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में प्रवेश हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 5 मई तक तथा अधिक आवेदन की स्थिति मे 5 मई से 10 मई तक निर्धारित किया गया है। 

आवेदक ऑनलाईन तथा ऑफलाईन दोनो माध्यम से एडमिशन हेतु पंजीयन करवा सकते है। एडमिशन से संबंधित विस्तृत जानकारी स्वामी आत्मानंद उत्कृश्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सिंगोड़ीतराई के संस्था प्रमुख कल्याण कुमार मिस्त्री (प्राचार्य, 7723848645), स्वामी आत्मानंद उत्कृश्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय बखरूपारा के संस्था प्रमुख एस.पी.रामटेके (प्राचार्य, 9424287191), स्वामी आत्मानंद उत्कृश्ट अंग्रेजी, हिन्दी माध्यम विद्यालय छोटेडोंगर के संस्था प्रमुख लवन कुमार बंजारा (प्राचार्य, 9406151055), स्वामी आत्मानंद उत्कृश्ट अंग्रेजी, हिन्दी माध्यम विद्यालय बेनूर के संस्था प्रमुख दीनदयाल शोरी (प्राचार्य, 7999644121) और स्वामी आत्मानंद उत्कृश्ट अंग्रेजी, हिन्दी माध्यम विद्यालय ओरछा के संस्था प्रमुख सामसाय नाग (प्राचार्य, 9406256691) से संपर्क कर प्राप्त कर सकते है।

 

 

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आगामी शिक्षा सत्र से नये रंग-रोगन व कलेवर में दिखें सभी आश्रम व छात्रावास : कलेक्टर

 छात्रावासी बच्चों के नीट-जेईई की तैयारी के लिए शुरू होंगी ऑनलाईन क्लासेस

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण) कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा ने यहां कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने आगामी शिक्षण सत्र से नये कलेवर एवं रंग-रोगन के साथ जिले के सभी छात्रावासों की शुरूआत करने के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर ने छात्रावास अधीक्षक-अधीक्षिकाओं से कहा कि छात्रावासों की स्थिति अच्छी हो छात्र-छात्राओं को अच्छा वातावरण मिले, गुणवत्ता युक्त भोजन मिले यह सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि छात्रावास का हर बच्चा आपके संरक्षण में है, आप उनके अभिभावक है। आप छात्रावास के बच्चों को अपना बच्चा मानिए।

कलेक्टर सिन्हा ने छात्रावास में किए जा रहे मरम्मत के कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता में कहीं भी कमी पायी जाती है तो संबंधित के ऊपर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

यह सुनिश्चित करें कि आगामी डेढ़ माह के भीतर सभी निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाए। आश्रम व छात्रावास में शौचालय हवादार हो इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने दूरस्थ अंचल के छात्रावासों पर विशेष रूप से फोकस करने के निर्देश दिए।

साथ ही वहां बिजली की समुचित आपूर्ति के लिए सोलर का काम कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन छात्रावास में बहुत कम बच्चे हैं, उनके युक्ति युक्तकरण करने हेतु प्रक्रियानुसार कार्यवाही करें।

 

 

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NCERT ने चार्ल्स डार्विन की एवोल्यूशन थ्योरी हटाई

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)  एनसीईआरटी ने कक्षा 10 की पाठ्यपुस्तक व विज्ञान के सिलेबस से चार्ल्स डार्विन की 'एवोल्यूशन थ्योरी' का अध्याय हटाने का फैसला किया है। देशभर के 18 सौ से अधिक वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों ने इस पर अपना विरोध जताया है। इस थ्योरी में छात्रों को पढ़ाया जाता था कि कैसे मनुष्य वानरों की कुछ प्रजातियों से विकसित हुए हैं।

चार्ल्स डार्विन समर्थकों का कहना है कि डार्विन द्वारा दिए गए इस सिद्धांत का आधार तर्कसंगत सोच है। पुस्तकों से इस सिद्धांत को हटा देने पर भारतीय छात्र विज्ञान की इस मौलिक खोज से वंचित रह रह जाएंगे। गौरतलब है कि चार्ल्स डार्विन मानव विकास के क्षेत्र में काम करने वाले दुनिया के सबसे प्रसिद्ध वैज्ञानिकों में से एक हैं।

हालांकि एनसीईआरटी की पुस्तकों से उनकी 'एवोल्यूशन थ्योरी' पूरी तरह वाईफाई तौर पर हटाने का निर्णय लिया जा चुका है। बड़ी संख्या में देशभर के शिक्षाविदों एवं वैज्ञानिकों ने इसका विरोध किया है। पूरे भारत से 1,800 से भी अधिक वैज्ञानिकों, शिक्षकों और विज्ञान से जुड़े लोगों ने पाठ्य पुस्तकों से डार्विन के सिद्धांतों को हटाने की निंदा करते हुए एनसीईआरटी को इस संबंध में एक पत्र लिखा है। पत्र में डार्विन की थ्योरी को फिर से पाठ्य पुस्तकों में शामिल करने की मांग रखी गई है।

ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी के अंतर्गत देशभर के 18 सौ से अधिक वैज्ञानिकों व शिक्षकों ने कक्षा 9 और 10 की पाठ्यपुस्तकों से डार्विन के विकास के सिद्धांत को हटाने के लिए एनसीईआरटी की निंदा की है और एक खुले पत्र पर हस्ताक्षर करके उसे ही एनसीईआरटी को भेजा है।

 

 

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यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी, मैट्रिक में प्रियांशी तो इंटर में शुभ बने टॉपर

लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण) उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) हाईस्कूल (10वीं)  और 12वीं इंटरमीडियट (12वीं) का रिजल्ट जारी कर दिया है। 10वीं की परीक्षा में कुल 89.78 प्रत‍िशत छात्र और छात्राएं पास हुए हैं।  परीक्षा में लड़कों का पास प्रत‍िशत 86.64 % और  93.34% लड़कियां पास हुई हैं।  सीतापुर की छात्रा प्रियांशी सोनी य हाईस्कूल 10वीं में टॉपर बनीं है। 

प्रियांशी ने 10वीं की परीक्षा में 600 में से 590 अंक लाकर प्रदेश में नंबर वन बनी है।  वहीं, 12 वीं की परीक्षा में कुल बच्चों का पास प्रत‍िशत 75.52 है, 12वीं बोर्ड एग्जाम में शुभ छप्रा ने टॉप किया है।  शुभ छप्रा ने 500 में से 489 नंबर हासिल किए हैं।  बता दें कि इस साल 29 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने दसवीं की परीक्षा दी थी। 

 

 

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छत्तीसगढ़ में स्कूलों का समय बदला, सभी डीईओ को आदेश जारी

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी पड़ी रही है। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय/अशासकीय स्कूलों, शैक्षणिक संस्थाओं के संचालन समय में परिर्वतन कर दिया गया है। इसका डीपीआई ने सभी संयुक्त संचालक और डीईओ को आदेश जारी कर दिया है।

जारी आदेश के मुताबिक, एक पाली में संचालित समस्त प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक शालाएं/हाई-हायर सेकेण्डरी शालाएं सोमवार से शनिवार तक सुबह 7 बजे से 11 बजे तक संचालित होगी।

वहीं ऐसी शालाए जहां कक्षाएं दो पालियों में संचालित होती है, वहां प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शालाएं 7 बजे से 11  बजे तक और हाई-हायर सेकेण्डरी शालाएं 11  बजे से 3 बजे तक चलेगी। 

यह आदेश 20 अप्रैल से 30 अप्रैल 2023 तक प्रभावशील रहेगा।

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