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मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी गणत्रंत दिवस पर होंगे मुख्य अतिथि

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत में अगले साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी देश के मुख्य अतिथि होंगे। विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। जानकारी के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से अब्देल फतह को निमंत्रण भेजा गया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।

ये पहले मौका होगा जब मिस्र के राष्ट्रपति भारत में गणतंत्र दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि आएंगे। बताया जा रहा है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अक्टूबर 2022 में अपने मिस्त्र दौरे में राष्ट्रपति अब्देल फतह से मुलाकात की थी। तब अब्देल को प्रधानमंत्री की तरफ से राजकीय मेहमान बनने का आमंत्रण दिया था।

 

 

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सरकार देगी एक लाख रूपए, जाने- इस लखटकिया प्लान के बारे में

 पटना  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया है और इस लखटकिया प्लान के तहत सरकार अब शराब बेचने का काम छोड़ने वाले को एक लाख रुपये देगी। इस योजना का लाभ केवल शराब बेचने वाले ही नहीं बल्कि ताड़ी बेचने वालो को पूरा लाभ मिलेगा। ये एलान बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने किया है।  

उन्होंने ने कहा कि प्रदेश में शराबबंदी के बावजूद ऐसे मामले में कई लोग पकड़ाते हैं जिनमे ज्यादातर बेचने वाले होते  हैं। नितीश कुमार कहा कि ऐसे लोगो के लिए हम नई योजना बना रहे हैं। जो थोड़ा-बहुत शराब बेचते हैं, ताड़ी बेचते हैं, उनके लिए सरकार नई स्कीम ला रही है। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग शराब बेचना या ताड़ी बेचना बंद कर देंगे, उन्हें राज्य सरकार मदद करेगी। रोजगार करने के लिए एक लाख रुपये देगी, ताकि वे नया रोजगार कर सकें।

इसी के तहत शराबबंदी से पहले जो लोग शराब का कारोबार करते थे और दारूबंदी के बाद बेरोजगार हो गए, उन्हें राज्य सरकार नया रोजगार करने के लिए 60 हजार रुपये दी। इसी योजना के तहत अब तक 40 हजार से अधिक परिवारों को लाभ दिया गया। राज्य सरकार अब 60 हजार को बढ़ा कर एक लाख करने जा रही है। शराब और ताड़ी बेचने वाले अगर ये धंधा छोड़ते हैं तो सरकार उन्हें ये रकम देगी।

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पुद्दुचेरी के चार कलाकार संगीत नाटक अकादमी पुरस्कारों के लिए चुने गये

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रशासित प्रदेश पुद्दुचेरी के चार कलाकारों को वर्ष 2019-20 और 2020-21 के संगीत नाटक अकादमी पुरस्कारों के लिए चुना गया है। ग्रामीण कलाकार शेखर को युवा पुरस्कार और सुरेश को ग्राम कला पुरस्कार के लिए चुना गया है। आजादी का अमृत महोत्‍सव के अवसर पर कराईकल के सुब्बैया को अमृता पुरस्कार के लिए चुना गया है।

यह विशेष पुरस्‍कार राज्‍य के 75 वर्ष से अधिक उम्र के सर्वोत्‍तम वरिष्‍ठ कलाकार को प्रदान किया जाता है। कराईकल के ही वीरासामी श्रीनिवासन को कठपुतली कला के लिए चुना गया है। पुरस्‍कार स्‍वरूप इन कलाकारों को एक लाख रुपए की राशि और ताम्रपत्र से सम्‍मानित किया जाएगा।

 

 

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छत्तीसगढ़ की ट्रांसजेंडर को मिला कमला भसीन अवार्ड

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ की ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता विद्या राजपूत को लैंगिक समानता की ओर ले जाने के उत्कृष्ट के लिए कमला भसीन (दक्षिण एशिया) पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।  पूरे देशभर में केवल राजपूत को ही ये पुरस्कार मिला है वहीँ उनके अलावा ये पुरस्कार नेपाल के नतीसारा राय को भी प्रदान किया गया। ये सामान कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित किया गया था।    

पुरस्कार विजेता विद्या राजपूत ने कहा, यह पुरस्कार एक प्रोत्साहन है, यह न केवल मुझे बल्कि मेरे जैसे सभी लोगों को साहस देगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि आज तक हम (ट्रांसजेंडर लोग) केवल अपने परिवार और समाज से अस्वीकृति रहे हैं, यह सम्मान मिलने से हमारे समुदाय में आत्मविश्वास आएगा और यह भविष्य में कई सकारात्मक बदलाव लाएगा।

 

उल्लेखनीय है कि विद्या राजपूत, बस्तर, छत्तीसगढ़ की एक ट्रांसवुमन है, जिन्होंने 2009 में मितवा संगठन की सह-स्थापना की, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को एकत्रित करने, पैरवी करने और उनके अधिकारों के लिए जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान केन्द्रित किया, जिसमें पहचान का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, आवास, रोजगार और स्वास्थ्य सेवा सम्मिलित है।  मितवा के साथ विद्या का काम उनके संघर्ष, कठिनाई और भेदभाव से जुडी हुई है।  वर्षों से, वकालत और प्रशिक्षण के माध्यम से विद्या लोगों के जीवन में बदलाव लाने और राज्य की नीति को प्रभावित करने हेतु कार्य कर रही है।

 

इस पुरस्कार का नाम फेमिनिस्ट आइकन, कवि, लेखक, शिक्षाविद् और दक्षिण एशिया में महिला अधिकार आंदोलन की अग्रणी कमला भसीन के नाम पर रखा गया है।  वह दुनिया भर में कई संगठनों और आंदोलनों से जुड़ी हुई थीं।  विश्व  “ओने बिलियन राइसिंग” आंदोलन का एक अभिन्न अंग के साथ साथ वह 2005 में '1000 वूमेन फॉर नोबल प्राइज़' पहल के समन्वयकों में से एक भी रही।

 

इस पुरस्कार में दक्षिण एशिया शामिल थी, जिसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं।  पुरस्कारों के लिए सभी आठ देशों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गईं और कुल 64 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं।

अनु आगा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जूरी ने सावधानीपूर्वक और कठोर प्रक्रिया के बाद विजेताओं का चयन किया।  जूरी के अन्य सदस्यों में खुशी कबीर (बांग्लादेश), बिंदा पांडे (नेपाल) सलिल शेट्टी (भारत) और नमिता भंडारे (भारत) शामिल थी।

 

विजेताओं के नाम की घोषणा करते हुए अनु आगा ने कहा, कमला भसीन पुरस्कार के लिए जूरी की अध्यक्षता करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। आवेदनों की उच्च गुणवत्ता ने जूरी के काम को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया और मुझे खुशी है कि हम दो स्पष्ट विजेताओं को चुन पाए जिनके जीवन और कार्य में वह भावना झलकती है जिसके लिए कमला खाड़ी थी। 

वही आजाद फाउंडेशन की संस्थापक, मीनू वडेरा ने कहा, यह पुरस्कार कमला के जीवन की अनेक उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है। यह ट्रांसजेंडर पुरुषों और महिलाओं द्वारा किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहित करने के लिए भी है। यह पितृसत्ता से लड़ने के लिए ट्रांसजेंडर पुरुषों और महिलाओं द्वारा किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहित करने और एक लिंग-न्यायपूर्ण समाज की दिशा में काम करने के लिए है, जहां महिलाएं गरिमा के साथ आजीविका प्राप्त कर सकती हैं और अपने जीवन और शरीर पर नियंत्रण हासिल कर सकती हैं।

 

 

 

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OMG : चॉकलेट ने ले ली 8 साल के बच्चे की जान, गले में फंसने से घुटा दम

 नईदिल्ली/हैदराबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। क्या कोई यकीन कर सकता हैं कि चॉकलेट भी बच्चों की जान ले सकता है? कोई माने या न माने, इसका जवाब हाँ हैं। यह अनहोनी घटना सामने आई है तेलंगाना के वारंगल में, जहाँ चॉकलेट खाने से 8 साल के लड़के की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक वारंगल के रहने वाले कंघन सिंह विदेश से बेटे के लिए चॉकलेट लाए थे। 8 साल के संदीप ने चॉकलेट खाई, तो वह उसके गले में फंस गई। उसे हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान चली गई।

पुलिस के मुताबिक दूसरी क्लास में पढ़ने वाला संदीप शनिवार को घर से कुछ चॉकलेट्स लेकर स्कूल गया। चॉकलेट खाने के बाद वह हांफने लगा और उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी। टीचर ने स्कूल अथॉरिटी को इस बात की जानकारी दी। इसके बाद उसे हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच पाई। डॉक्टरों ने दम घुटने को मौत की वजह बताया है।

 
 
 

संदीप के पिता कंघन सिंह वारंगल में इलेक्ट्रिक शॉप चलाते हैं। वे 20 साल पहले राजस्थान से यहां आए थे। उनके चार बच्चे हैं। वह पिछले दिनों ऑस्ट्रेलिया ट्रिप पर गए थे, जहां से वह अपने बच्चों के लिए चॉकलेट्स लेकर आए थे। संदीप इनमें से कुछ चॉकलेट स्कूल ले गया था, जिन्हें खाने के बाद उसकी मौत हो गई।

 

 

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एकाएक टूटा फुट ओवरब्रिज का हिस्सा, 60 फ़ीट ऊपर से रेलवे ट्रैक पर गिरे लोग...

 चंद्रपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महाराष्ट्र में चंद्रपुर जिले के बल्लारशाह रेलवे स्टेशन में बड़ा हादसा हो गया है। रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज का एक हिस्सा धराशाई हो गया। ब्रिज की ऊंचाई करीब 60 फीट बताई जा रही है। हादसे के समय इस पर कई लोग मौजूद थे। हादसे के वक्त लोग 60 फीट की ऊंचाई से रेलवे पटरियों पर जा गिरे। राहत और बचाव कार्य जारी है।



इस हादसे में करीब 20 यात्री बुरी तरह घायल हुए हैं। जिनमें से 8 की हालत नाजुक बताई जा रही है। गौरतलब है कि काजीपेट पुणे एक्सप्रेस पकड़ने के लिए कई यात्री 1 नंबर प्लेटफार्म से 4 नंबर प्लेटफार्म पर जा रहे थे। तभी अचानक इस पुल का एक हिस्सा ढह गया। घायल यात्रियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है। यह तो गनीमत रही कि इस दौरान कोई ट्रेन नहीं गुजारी, अन्यथा बहुत बड़ा अनर्थ हो जाता।

 

 

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दुरंतो एक्सप्रेस में लगी आग... यात्रियों में मची चीख-पुकार...

 चित्तूर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बेंगलुरु-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस के यात्रियों में उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब ट्रेन की एक बोगी में आग लग गई। जानकारी के मुताबिक हावड़ा एक्सप्रेस के एस9 एसी कोच में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ब्रेक में खराबी के कारण एक बोगी से धुआं निकलता देखा गया। ट्रेन बेंगलुरु में सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल से चली थी और पश्चिम बंगाल में कोलकाता के रास्ते में थी।


ट्रेन में आग लगने के बाद आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के कुप्पम स्टेशन पर ट्रेन को रोक दिया गया। एक लोको पायलट ने आग देखी और अलर्ट जारी किया, जिसके बाद यात्री ट्रेन से उतर गए। मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आग बुझाई।

राहत की बात है कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। आग लगने की वजह का पता भी नहीं चल सका है। हादसे से जुड़ी और जानकारी जुटाई जा रही है। आग क्यों लगी, इसका भी पता किया जा रहा है।

 

 

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गुजरात विधानसभा: क्रिकेटर रवींद्र जडेजा ने पत्नी के पक्ष में की चुनावी रैली, विरोध में बहन ने संभाली कमान

 जामनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गुजरात विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। सभी दलों ने प्रचार में जोर लगा दिया है। यहां पीएम मोदी से लेकर गृहमंत्री तक ने अपनी ताकत झोंक दी है।  

इसी बीच जामनगर की उत्तर सीट पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस सीट पर भाजपा ने स्टार क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा को प्रत्याशी बनाया है, इसलिए क्रिकेटर जडेजा रिवाबा के प्रचार में व्यस्त हैं। वहीं दूसरी ओर जडेजा बहन नैना कांग्रेस के लिए प्रचार में जुटी हुई हैं। राजनीति के मैदान में दोनों एक-दूसरे के खिलाफ जमकर शब्द बाण चला रहे हैं। रविवार को भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। 

रविवार को जामनगर शहर के बाजार में क्रिकेटर रवींद्र जडेजा ने अपनी पत्नी रिवाबा के लिए एक खुली एसयूवी से शानदार रोड़ शो किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से रिवाबा को वोट देने की अपील की। इससे कुछ घंटे पहले ही उनकी बहन नैना जडेजा भाजपा सरकार में बढ़ती महंगाई की याद दिलाती दिखीं। उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा के अधूरे रोजगार के वादे की याद दिलाई और कांग्रेस के उम्मीदवार बिपेंद्रसिंह जडेजा के लिए वोट मांगे। 

कांग्रेस ने इन्हें बनाया है उम्मीदवार

बता दें कि जामनगर उत्तर सीट से कांग्रेस के टिकट के लिए नैना ने दावेदार के तौर पर पेश किया था। लेकिन कांग्रेस ने इस सीट से बीपेंद्र सिंह जडेजा को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं  स्टार क्रिकेटर की बड़ी बहन नैना अपनी पार्टी के लिए एक प्रमुख प्रचारक के रूप में उभर कर सामने आई हैं। वे खुलकर भाजपा से उम्मीदवार अपनी भाभी रिवाबा का विरोध कर रही हैं। 


भाई-बहन का यह राजनीतिक विरोध लोगों के बीच बहस का मुद्दा बन गया है। नैना ने इस मुद्दे पर पहले ही अपना रूख स्पष्ट कर दिया था। उन्होंने कहा था कि मेरी अपनी विचारधारा है और मैं उस पार्टी के साथ हूंजिसकी मैं प्रशंसा करती हूं।  

 

 

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बेर तोड़ने निकले 4 बच्चे आए ट्रेन की चपेट में... 3 की मौत...

 कीरतपुर साहिब (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पंजाब कीरतपुर साहिब में ट्रेन की चपेट में आने से 3  बच्चों की मौत हो गई, वहीं चौथ बच्चा बाल-बाल बचा। यह हादस तब हुआ जब ये बच्चे बेर तोड़ने गए थे और पुल पार कर रहे थे। इस दौरान वे सामने से आ रही ट्रेन की चपेट में आ गए।


बताया जा रहा है कि बच्चे रेलवे ट्रैक के पास खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक ट्रेन आ गई और वह उसकी चपेट में आ गए। आसपास के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस दो बच्चों को अस्पताल लेकर गई, लेकिन एक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सभी बच्चे बाहरी राज्यों के हैं।

मृतकों में महिंदर (7 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय राम दुलार, रोहित (11) पुत्र अर्जुन महातो, विक्की (8) पुत्र अर्जुन शामिल हैं, चौथा बच्चा पवन (10) पुत्र बहारन घायल हो गया। यह सभी दाना मंडी श्री कीरतपुर साहिब के नजदीक प्रवासी मजदूरों की झुग्गियों में अपने माता-पिता समेत रहते थे। आज यह सभी रेलवे लाइन से पार गांव कल्याणपुर में कुरियां (बेर) तोड़ कर खाने के लिए गए थे।

बच्चे जब बेर तोड़ कर वापस लोहंड रेलवे पुल के साथ से रेलवे लाइन पार करने लगे तो उसी वक्त करीब सुबह 11.20 बजे का होगा तो भरतगढ़ साइड से श्री कीरतपुर साहिब रेलवे स्टेशन की तरफ आ रही सहारनपुर से ऊना सवारी रेलगाड़ी नंबर 04501 की चपेट में आ गए। इस दौरान दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, एक बच्चा पवन रेलवे पुल की साइड पर पटरी के साथ लटक गया, उसका बचाव हो गया व वह मौके से अपने घर भाग गया।

घटना के बारे में उसने अपने परिवार को जाकर बताया। जिसके बाद बच्चों के पारिवारिक सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे। तीसरा मृतक बच्चा विक्की जो मौके पर जख्मी हालत में था, को रेलगाड़ी का गार्ड व ड्राइवर उठाकर रेलगाड़ी में डाल कर रेलवे स्टेशन श्री कीरतपुर साहिब लेकर गए जहां उसको 108 एंबुलेंस द्वारा इलाज के लिए सिविल अस्पताल श्री आनंदपुर साहिब भेजा गया, जहां डाक्टरों ने उसको मृत करार दे दिया।

 

 

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बेटियों को सरकार देने जा रही डेढ़ लाख रुपए, जानें कैसे करना होगा अप्लाई

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पिछले कई वर्षों से सरकार बेटियों के हित में कई ऐसे बड़े कदम उठा रही है जिससे बेटियों से सिर्फ घर के काम कराए जाते थे तो वहीँ वे अब बड़े बड़े पदों पर पहुंच रही हैं। सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में लड़कियों के लिए पढ़ाई से लेकर शादी तक कई योजनाएं लायी हैं। इसी तरह अब सरकार ने बालिकाओं के लिए एक ऐसी योजना बनाई है, जिसमें आपकी बेटी को5 किश्तों में 1 लाख रुपए मिलेंगे । 

वैसे तो यह योजना काफी पुरानी है, लेकिन बहुत से लोगों को इस योजना के बारे में जानकारी नहीं है। इसलिए अगर आपके यहां बेटी है तो आपको इस योजना के बारे में जरूर पता होना चाहिए क्योंकि इस योजना में बहुत ही कम दस्तावेज मांगे जाते हैं। जिससे ज्यादातर लोगों को इस योजना का लाभ मिलता है तो आइए जानते हैं इस योजना के बारे में। 

आपको यह आवेदन कहां करना है?

इस योजना के तहत सरकार 6-6 हजार रुपये एक कोष में बालिका के नाम पर जमा करती है, यानी कुल 30,000 रुपये बालिका के नाम पर जमा किए जाते हैं। इसके बाद बालिका को कक्षा 6 वीं में प्रवेश लेने पर 2000 रुपये, कक्षा 9वीं में प्रवेश लेने पर 4000 रुपये, कक्षा 11वीं में प्रवेश लेने पर 6000 रुपये और कक्षा 12वीं में प्रवेश लेने पर 6000 रुपये दिए जाते हैं। 

और जब बालिका 21 वर्ष की हो जाती है, तो उसे 1 लाख रुपये का अंतिम भुगतान मिलता है। हालांकि अब सरकार ने इस योजना में राशि बढ़ा दी है तो आखिरी किस्त भी बढ़ जाएगी। कोई भी व्यक्ति अपनी बच्ची के सभी दस्तावेज लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से संपर्क करे। इसके अलावा आप परियोजना कार्यालय, लोक सेवा केंद्र या किसी इंटरनेट कैफे से भी आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद आपका आवेदन अनुमोदन के लिए परियोजना कार्यालय में जाएगा, जहां आपका आवेदन स्वीकार या अस्वीकार किया जा सकता है। 

 

आवेदन स्वीकृत होने के बाद सरकार आपकी बेटी के नाम पर 1 लाख 43 हजार रुपये का प्रमाण पत्र देगी। आपको बता दें कि पहले एक लाख 18 हजार रुपये का प्रमाण पत्र दिया जाता था, लेकिन अब इस योजना में राशि बढ़ा दी गई है। इस योजना का लाभ राज्य की उन बेटियों को दिया जाता है, जिनके माता-पिता मध्य प्रदेश के मूल निवासी हैं और वे आयकर नहीं देते हैं। इस योजना का नाम लाड़ली लक्ष्मी योजना है।

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सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किये गए 8 नैनो उपग्रह

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन - इसरो ने शनिवार को पी एस एल वी-सी 54 का प्रक्षेपण किया। इसके माध्‍यम से भू-निरीक्षण उपग्रह ओशन सैट और आठ नैनो सेटेलाइट दो अलग-अलग कक्षाओं में स्‍थापित किये गए। इसरो अं‍तरिक्ष केन्‍द्र के पहले प्रक्षेपण पैड से ठीक 11 बजकर 56 मिनट पर पी एस एल वी का अब तक सफल रहा एक्‍स एल संस्‍करण प्रक्षेपित कर दिया गया।

दो घंटे बीस मिनट की अवधि में उपग्रहों को सूर्य की समकालिक ध्रुवीय कक्षाओं में स्थापित किया जाएगा। एक हजार 117 किलोग्राम के पेलोड में ओशन मॉनिटर, समुद्री सतह मॉनिटर, कू बैंड स्कैटरोमीटर और आर्गोस नामक एक फ्रेंच पेलोड शामिल हैं। ARGOS मौसम की निगरानी पर काम कर रहे इंडो फ्रेंच उपग्रहों के पहले से ही कक्षा में मौजूद बेड़े को और मजबूत करेगा। इस प्रकार यह पेरिस समझौते के लक्ष्‍यों को पूरा करने में मदद करेगा।

 

आनंद नैनो उपग्रह  पृथ्वी की निम्‍न कक्षा में एक माइक्रोसेटेलाइट का उपयोग करते हुए पृथ्वी के अवलोकन के लिए लघु पृथ्वी अवलोकन कैमरे के व्यावसायिक इस्‍तेमाल की प्रौद्योगिकी का प्रदर्शक है। थायबोल्ट में एक संचार पेलोड है। ये कई उपयोगकर्ताओं के लिए तेजी से प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और समूह विकास को सक्षम बनाता है।

 

 

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देश पूरी सामर्थ्य से अपनी सभी विविधताओं पर गर्व करते हुए आगे बढ़ रहा : मोदी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुप्रीम कोर्ट में संविधान दिवस समारोह में हिस्सा लिया और इस दौरान ई-कोर्ट परियोजना के तहत विभिन्न नई पहलों और वेबसाइट का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 1949 में यह आज का ही दिन था जब स्वतंत्र भारत ने अपने लिए एक नई भविष्य की नीव डाली थी। इस बार का संविधान दिवस इसलिए भी विशेष है क्योंकि भारत ने अपने आज़ादी के 75 वर्ष पूरे किए हैं। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा , आज 26/11 मुंबई आतंकी हमले का दिन भी है। 14 वर्ष पहले जब भारत अपना संविधान दिवस मना रहा था तब उसी दिन मानवता के दुश्मनों ने सबसे बड़ा हमला किया। मुंबई आतंकी हमले में जिनकी मृत्यु हुई मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा , हमारे संविधान निर्माताओं ने हमें एक ऐसा संविधान दिया है, जो ओपेन व फ्यूचरिस्टिक है और अपने आधुनिक विजन के लिए जाना जाता है।

 

इसलिए स्वाभाविक तौर पर हमारे संविधान की स्पिरिट यूथ सेंट्रिक है। दुनिया भारत को बहुत उम्मीदों से देख रही है, एक ऐसा देश जिसके बारे में आशंका जताई जाती थी कि वे (भारत) अपनी आज़ादी बरकरार नहीं रख पाएगा। आज वही देश पूरी सामर्थ्य से अपनी सभी विविधताओं पर गर्व करते हुए यह देश आगे बढ़ रहा है। 

 

 

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शशि थरूर ने साझा की फोटो, पूछा-मेसी बढ़िया है या मौसी?

 दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। फीफा वर्ल्ड कप 2022 की खुमारी कांग्रेस नेता शशि थरूर भी नहीं बच पाए और सोशल मीडिया में हमेशा एक्टिव रहने वाले थरूर में भी एक मजेदार पोस्ट किया है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से फुटबॉल को लेकर ट्वीट किया है जो चर्चा का केंद्र बना हुआ है। 

थरूर ने अपने ट्वीट में में एक तस्वीर साझा की है जिसमे एक तरफ अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी है और दूसरी तरफ एक भारतीय महिला है। इस तस्वीर में मेसी ने अपने सिर पर फुटबॉल रखा है वहीं भारतीय महिला ने अपने सिर पर हांडी रखा है। इस तसव्वर के साथ थरूर ने लिखा है कि निडर भारतीय महिला को सलाम।

 

इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने ट्विटर यूजर्स से पूछा है कि मेसी बढ़िया है या मौसी? जिस पर लोग खूब वाहवाही कर रहे हैं। इस ट्वीट में अबतक 18.9 हज़ार लाइक्स 1485 रेट्वीटस और ३५० से ज्यादा कमैंट्स देखे जा सकते है। 


 

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आतंकी साजिश नाकाम : सुरक्षाबलों ने बरामद कर निष्क्रिय किया आईईडी...

 श्रीनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुरक्षाबलों को निशाना बनाने लगाए गए आईईडी को बरामद कर आतंकियों के मंसूबों को नाकाम कर दिया गया है। जिला रामबन में एक मिनी बस से इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आइईडी) बरामद करने के बाद पुलिस व सेना ने आज शनिवार तड़के शोपियां के इमामसाहिब इलाके से आईईडी बरामद कर उसे सुरक्षित ढंग से निष्क्रय कर एक बहुत बड़े हादसे को समय रहते टाल दिया। आतंकवादियों ने ये आइईडी एक कुकर में लगा रखी थी। शोपियां पुलिस और सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल के जवानों ने समय रहते इस आइईडी का पता लगाया और बम निष्क्रिय दस्ते की मदद से इसे निष्क्रिय बना दिया।


पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह आइईडी शोपियां इमामसाहिब इलाके में हाईवे पर लगाई गई थी। कुकर में लगाई गई ये आइईडी सड़क किनारे रखी गई पाइपों के बीच रखी गई थी ताकि सुबह सेना की कानवाई गुजरने पर उसे निशाना बनाया जा सके। पुलिस को समय रहते आइईडी लगाए जाने की सूचना मिल गई। सूचना मिलते ही शोपियां पुलिस के जवान सेना की 44 आरआर बटालियन व सीआरपीएफ के जवानों के संयुक्त दल के साथ तड़के इमामसाहिब इलाके में पहुंच गए। रात के अंधेरे में जवानों ने टार्च की मदद से आइईडी का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

इसी बीच कुछ जवानों ने सड़क किनारे पड़ी ड्रेनएज की पाइपों को देखा। उन्होंने जब वहां जांच की तो पाइपों के बीचों-बीच एक कुकर रखा देखा। कुकर को देखते ही उन्हें यह स्पष्ट हो गया कि आतंकवादियों ने आइईडी इसी कुकर में लगाई है।

जवानों ने तुरंत हाईवे पर वाहनों की आवाजाही को रोक दिया और बम निष्क्रिय दस्ते को सूचित किया। मौके पर पहुंची बम निष्क्रिय दस्ते ने बड़े ही सुरक्षित ढंग से आइईडी को बाहर निकाला और फिर एक सुरक्षित जगह पर ले जाकर उसे निष्क्रिय बना दिया।

आपको बता दें कि गत शुक्रवार दोपहर बाद जिला रामबन में नाशरी नाका के पास एक मिनी बस को रोके जाने और उसकी तलाशी लेने के बाद उसमें एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आइईडी) मिला था। पुलिस, सीआरपीएफ और सेना के बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर आईईडी को निष्क्रिय कर दिया। मिनी बस में रखी गई इस आइईडी के बारे में भी पुलिस को पहले से सूचना मिल गई थी, जिसके बाद ही नाशरी से पहले विशेष नाका स्थापित किया गया था।

पुलिस ने बताया कि चेकिंग के दौरान जेके06-0858 नंबर वाली एक मिनी बस को जब रोककर उसकी तलाशी ली गई तो गाड़ी से एक संदिग्ध बैग बरामद किया गया जिसमें आइईडी रखी गई थी। आइईडी की इन घटनाओं के बाद पुलिस ने मिनी बस, यात्री वाहन चालकों, ट्रक चालकों को सतर्क रहने और हमेशा अपने वाहनों जांच करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी हमले के लिए स्टीकी बम का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

 

 

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गूगल मैप के चक्कर में 'आसमान से गिरे और सरिया में लटके'...

 उन्नाव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आसमान से गिरे और खजूर में लटके... कहावत यूपी के उन्नाव में उस समय चरितार्थ हुई जब एक तेज रफ़्तार कार निर्माणाधीन पुल के नीचे गिर गई और सरिये के जाल में फंस गई। हादसे में कार तो क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन चालक बाल-बाल बच गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उन्नाव जिले में पुरवा-अचलगंज मार्ग पर शुक्रवार रात आ रही तेज रफ्तार कार चपरी पुल के पास निर्माणाधीन शारदा नहर पुल के नीचे गिर गई। कार सरियों के लगे जाल में जा घुसी और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, कार चला रहा युवक बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने हाइड्रा की मदद से कार बाहर निकलवाई। हाथरस निवासी कन्हैया पुत्र रणधीर सिंह कार से बनारस गए थे। शुक्रवार रात वह घर लौट थे। रास्ते की जानकारी के लिए उन्होंने गूगल मैप का सहारा लिया। पहले रायबरेली से पुरवा पहुंचे।

वहां से कानपुर की ओर जाने के लिए गूगल ने पुरवा-अचलगंज का मार्ग दिखा दिया। रात करीब 4:30 बजे वह इसी मार्ग से जा रहे थे। रास्ते की जानकारी न होने और रफ्तार तेज होने से कार अनियंत्रित होकर पुल निर्माण के लिए लगी सरियों के बंधे जाल के बीच में चली गई।

 

 

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FSSAI के नए नियमों के तहत अब 'अनहेल्दी' हो जाएंगीं नमकीन और मिठाइयां, विरोध शुरू...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नए नियमों के तहत अब देसी मिठाइयों और नमकीन के पैकटों में 'अन्हेल्दी' का लेबल लगने वाला है। दरअसल पैक्ड फूड के लिए FSSAI ने नए नियम बनाए हैं। इसके तहत शुगर और सॉल्ट्स यानी शकर और नमक का अधिक इस्तेमाल होने पर खाद्य पदार्थों को अनहेल्दी लेबल लगाया जाएगा। इसका सीधा असर स्थानीय स्तर पर मिठाई और नमकीन बनाने वालों के कारोबार पर पड़ेगा। इनके पदार्थों को अनहेल्दी का टैग मिलेगा। इस नए नियम का इंदौर के मिठाई और नमकीन कारोबारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। यह विरोध अन्य शहरों में भी तेजी से बढ़ रहा है।

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने पैकेज्ड फूड पर हरे और नीले रंग के निशान लगवाए हैं। यह बताते हैं कि फूड वेज है या नॉनवेज। इसी तरह नए नियमों में खाद्य पदार्थों में अगर नमक और शकर का इस्तेमाल अधिक है तो इस पर अनहेल्दी का लेबल लगेगा। यदि ऐसा हुआ तो देशभर में बनने वाली देसी मिठाइयों, नमकीन के कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा। देशभर में नमकीन उद्योग का कारोबार सात सौ अरब रुपये से ज्यादा का है, जबकि मिठाई उद्योग साढ़े पांच सौ अरब रुपये का है।

मिठाई और नमकीन कारोबारियों का कहना है कि लड्डू, गजक देसी मिठाइयां हैं। हमारे देश में कोई उसे खाकर पेट नहीं भरता है। ऐसे में ज्यादा उपयोग शरीर के लिए हानिकारक जैसी चेतावनी का डिब्बों पर उल्लेख सही नहीं है। FSSAI बड़ी कंपनियों के दबाव में नियम बदल रही है। इसका सीधा असर छोटे कारोबारियों पर होगा, जो दुकानें खोलकर मिठाइयां और नमकीन बनाकर बेच रहे हैं। इससे देश के पारंपरिक व्यंजनों से जुड़े व्यापार में बड़ी कंपनियों का दबदबा बढ़ेगा और स्थानीय व्यापारी बाहर हो जाएंगे। विदेेशी कंपनियां यही तो चाहती है। मध्य प्रदेश मिठाई-नमकीन निर्माता एसोसिएशन ने FSSAI के सीईओ एस गोपाल कृष्णन को पत्र लिखकर नए नियमों का विरोध किया है। 

क्या है नया नियम
पैक्ड फूड 100 ग्राम या 100 मिलीमीटर मात्रा में हाईफैट्स होने पर शुगर और सॉल्ट की मात्रा के आधार पर रैंकिंग होनी है। अगर सॉल्ट और शुगर अधिक रहेगा तो पैकिंग पर अनहेल्दी का टैग लगेगा। इसी बात का डर स्थानीय मिठाई दुकानों और नमकीन वालों को है। उनका कहना है कि कोई भी पेट भरने के लिए मिठाई या नमकीन नहीं खाता। अगर हेल्दी और अनहेल्दी जैसे टैग्स लगेंगे तो यह लोगों में स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों के प्रति अरुचि पैदा करेगा। यह कारोबार प्रभावित करेगा। 

विदेशों के नियम की नकल
मध्यप्रदेश मिठाई व नमकीन निर्माता एसोसिएशन के सचिव अनुराग बोथरा का कहना है कि विदेशों के नियमों की नकल कर भारत में ऐसे नियम लागू किए जा रहे हैं। यह पारंपरिक मिठाई, नमकीन की साख पर भारी पड़ रहे हैं। विदेशों की तुलना में हमारे देश का खानपान अलग है। देश में मिठाई, अचार, नमकीन खाया जाता है, जिसमें नमक और शकर अधिक होती है। इससे कोई पेट नहीं भरता, बल्कि थोड़ा ही खाया जाता है। इस वजह से उनका ज्यादा मात्रा में सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने जैसी चेतावनी की जरूरत ही नहीं है।

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राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री सहित दिग्गज नेताओं ने 26/11 के शहीदों को किया याद

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले की शनिवार को 14वीं बरसी है। इस आतंकी हमले में आतंकियों ने 160 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी। इस बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुंबई हमलों के पीड़ितों को याद किया। उन्होंने कहा कि 26/11 की बरसी पर देश उन सभी को कृतज्ञता के साथ याद कर रहा है, जिन्हें हमने खोया। हम उनके प्रियजनों और परिवारों के दर्द को साझा करते हैं। राष्ट्र उन सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि देता है, जिन्होंने कर्तव्य के पालन में बहादुरी से लड़ाई लड़ी और सर्वोच्च बलिदान दिया।


विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी हमले में जान गंवाने वाले लोगों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से मानवता को खतरा है। भारत समेत पूरी दुनिया 26/11 हमलों में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दे रही है। पूरी दुनिया पीड़ितों के परिवार के साथ खड़ी है। जिन लोगों ने इस हमले की योजना बनाई उन्हें न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए। हम दुनिया भर में आतंकवाद के हर पीड़ित के प्रति संवेदनाएं हैं।

महाराष्ट्र: राज्यपाल, सीएम-डिप्टी सीएम ने दी श्रद्धांजलि
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने हमले के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी।

गृहमंत्री शाह ने दी श्रद्धांजलि
गृहमंत्री अमित शाह ने 26/11 के मुंबई हमलों में अपनी जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, मैं अपने  बहादुर सुरक्षा कर्मियों को याद करता हूं और उन्हें सलाम करता हूं, जिन्होंने आतंकवादियों से लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। आज का दिन पूरी दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संदेश देता है।

इस्राइल भारत के साथ खड़ा : इस्राइली राजदूत
भारत में इस्राइली राजदूत नाओर गिलोन ने कहा, मुंबई में हुए आतंकी हमले के 14 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस्राइल भारत के साथ खड़ा है। दोनों ही देश आतंक का शिकार हैं और हम इसके खिलाफ एकजुट हैं। उन्होंने कहा, आतंकवाद के वित्तपोषद के खिलाफ आयोजित दो अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की हम सराहना करते हैं। इस बीच इस्राइली महावाणिज्यदूत कोब्बी शोशानी ने भी नरीमन हाउस और लियोपोल्ड कैफे में श्रद्धांजलि दी।

जेनेवा में दी गई श्रद्धांजलि
जेनेवा में प्रसिद्ध ब्रोकन चेयर पर एक पोस्टर के माध्यम से 26/11 मुंबई आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। इस पोस्टर में पाकिस्तान और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) को भी जिम्मेदार ठहराया गया।


हमले में शहीद की बेटी ने कही यह बात
मुंबई 26/11 आतंकी हमले में वीर गति को प्राप्त विजय सालस्कर की बेटी दिव्या सालस्कर ने कहा कि मैं इसको याद नहीं करना चाहती, लेकिन यह हर जगह है इसलिए ऐसा नहीं हो पाता। शहर के लोगों ने करुणा दिखाई है जिसकी वजह से मेरी मां और मुझ को जीने की शक्ति मिली।

26/11 आतंकी हमले में वीरगति को प्राप्त जयवंत पाटिल की भतीजी अदिति वारखाडे ने कहा कि उस समय मैं बहुत छोटी थी लेकिन मेरे मां-पापा पूरी रात जागे थे। इतने साल हो गए लेकिन फिर भी वह(याद) भुलाई नहीं जाती। उस समय उनके बेटे-बेटी भी बहुत छोटे थे। हमारी सरकार ने इतनी बातें याद रखी जो अच्छी बात है।

शहीद की मां ने कही यह बात
मुंबई 26/11 आतंकी हमले में वीर गति को प्राप्त विजय खांडेकर की मां निर्मला खांडेकर ने कहा कि अब इस बात को 14 साल हो गए हैं। अब भी आप लोग उन्हें याद रख रहे हैं, उनके लिए यहां आ रहे हैं, सरकार उन्हें याद रख रही है, यह हमारे लिए बड़ी बात है। इससे ज़्यादा मैं क्या कहूं।

राहुल गांधी बोले- भारत हिंसा के खिलाफ निडर होकर खड़ा रहेगा
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को 26/11 मुंबई आतंकी हमले में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भारत निडर होकर हिंसा के खिलाफ खड़ा रहेगा। राहुल गांधी ने हिंदी में एक ट्वीट में कहा कि भारत की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सैनिक देश का गौरव हैं। मुंबई 26/11 के आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों और आम नागरिकों को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। हिंदुस्तान हमेशा डर और हिंसा के खिलाफ निडर खड़ा रहा है, और आगे भी रहेगा।

 

 

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संविधान का प्राणतत्‍व है उद्देशिका : प्रो. रजनीश शुक्‍ल

 वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय में संविधान दिवस (26 नवंबर) के अवसर पर संविधान की उद्देशिका का वाचन किया गया। इस अवसर पर उपस्थितों को संबोधित करते हुए विश्‍वविद्यालय  के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने कहा कि संविधान की उद्देशिका संविधान की आत्‍मा और प्राणतत्‍व है। इसे बार-बार पढ़ना अपने  में पर्याप्‍त है। ये उद्देशिका उन विशिष्‍ट लक्ष्‍यों का विधान है जिसको लेकर आजाद भारत एक संविधान के अंतर्गत आगे चलने वाला था। इसे पढेंगे तो हमें ध्‍यान में आयेगा कि हम उस लक्ष्‍य की पूर्ति में अपना योगदान कहां तक कर सके हैं जिसे हमने आत्‍मार्पण और आत्‍मसात किया था और इसके द्वारा भारत को चलाने का संकल्‍प लिया था। उन्‍होंने कहा कि संविधान में सभी का सम्‍यक विचार कर सबकी समता, स्‍वतंत्रता और अस्मिता का संरक्षण किस प्रकार से स्‍वतंत्र भारत की लोकतांत्रिक व्‍यवस्‍था में होगा, इसकी व्‍यवस्‍था बनी थी। उन्‍होंने संविधान निर्माताओं को याद करते हुए बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, अय्यंगर, राजगोपालाचारी और सच्चिदानंद सिन्‍हा के योगदान को रेखांकित किया। 



विश्‍वविद्यालय के वाचस्‍पति भवन के दीक्षांत प्रांगण में संविधान की उद्देशिका का सामूहिक वाचन किया गया। इसके पूर्व विश्‍वविद्यालय में स्‍थापित बोधिसत्‍व बाबासाहेब डॉ.  भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर कुलपति प्रो. शुक्‍ल ने माल्‍यार्पण कर अभिवादन किया। इस दौरान विश्‍वविद्यालय के अधिष्‍ठातागण, कुलसचिव, वित्‍ताधिकारी, विभागाध्‍यक्ष, केंद्र निदेशक, अध्‍यापक, अधिकारी, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्‍या में उपस्थित रहे।

 

 

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