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बिलासपुर में चालक की लापरवाही से पलटी बस,16 पर्यटक घायल

 बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे  सड़क हादसे हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर शहर से सटे राष्ट्रीय मार्ग पर होटल सागर व्यू के पास मनाली से जालंधर की तरफ जा रही एक प्राइवेट बस नंबर PB01 C 9972 पलट गई। हादसे में 16 यात्री घायल हो गए, जिनमें से 11 घायल यात्री जिला अस्पताल बिलासपुर में उपचाराधीन हैं और चार गंभीर रूप से घायल यात्रियों को पीजीआई रेफर किया है।

जानकारी के अनुसार, हादसे में सभी घायल मुंबई, जालंधर, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, उड़ीसा के है। बिलासपुर प्रशासन द्वारा गंभीर रूप से घायलों को 5000 रूपये प्रति व्यक्ति और आंशिक रूप से घायलों को 2000 रूपये प्रति व्यक्ति आर्थिक सहायता दी गई है। डीएसपी मुख्यालय राजकुमार ने बताया की इस मामले में थाना सदर बिलासपुर में बस चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

 

 

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जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर मंथन कराएगी फिल्म हाउ टू ब्लो अप ए पाइपलाइन

 पणजी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कोई जादुई गोली या तत्काल उपाय नहीं है। सही दिशा में सटीक चर्चा और पहल ही इसका समाधान है। फिल्म के निर्देशक डैनियल गोल्डहेबर ने कहा कि 'हाउ टू ब्लो अप ए पाइपलाइन' के जरिए हम इस ज्वलंत मुद्दे पर सार्थक चर्चा शुरू करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। गोवा में चल रहे 53वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान आयोजित 'टेबल टॉक' सत्र में मीडिया और महोत्सव के प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान डैनियल गोल्डहेबर ने जोर देकर कहा कि इस फिल्म का मकसद न तो पर्यावरण संबंधी अतिवाद के समर्थन का है न ही उसकी तलाश का।

उन्होंने आगे कहा, हम यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्यों कुछ लोगों को पर्यावरणीय अतिवाद में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह इस तरह के अतिवादी कृत्यों के नतीजों के बारे में भी स्पष्ट नजरिया रखने की कोशिश करती है। 53वें इफ्फी में फिल्म का एशियाई प्रीमियर हुआ। इस बात को दृढ़ता के साथ रखते हुए कि जलवायु परिवर्तन और इसका सामना करने की रणनीति पर बातचीत बहुत सीमित है। 

 

डैनियल ने कहा, इस तरह की बातचीत मुख्य रूप से उन कॉरपोरेशन और देश के नेतृत्व में होती है जो जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से मुनाफा कमाते हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु का मसला एक महासागर की तरह है जिसकी हमने सच में पड़ताल नहीं है। डैनियल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के परिणाम उन देशों को फौरन महूसस नहीं होते हैं जो इसके लिए जिम्मेदार हैं, बल्कि ग्रह के किसी दूसरे स्थान पर पता चलते हैं। उन्होंने कहा, इससे निपटने की हम पर एक बड़ी जिम्मेदारी है।

 

 

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मुख्यमंत्री बघेल ने केंद्र से एनपीएस की 17,240 करोड़ राशि लौटने की मांग की

 दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को केंद्रीय वित्त मंत्री से एनपीएस की 17,240 करोड़ की राशि लौटने की मांग की है। बघेल ने कहा कि राज्य का अंश पृथक पेंशन निधि में किया जमा जाएगा। 

उल्लेखनीय है कि बजट पूर्व बैठक में शामिल होने मुख्यमंत्री बघेल आज दिल्ली के मानेक शॉ सेन्टर पहुंचे हुए है। जहाँ बजट 2023 को लेकर वित्त मंत्री से अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। 

 

 

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परिवारवाद, भाई-भतीजावाद नहीं बल्कि देश सबसे बड़ा होना चाहिए : मोदी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहोम जनरल लाचित बरफूकन की 400वीं जयंती के अवसर पर उनपर लिखी किताब का विमोचन किया। उन्होंने कहा , हमें वीर लाचित की 400वीं जन्म जयंती मनाने का सौभाग्य उस कालखंड में मिला है जब देश अपनी आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। यह ऐतिहासिक महोत्सव असम के इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय है। आज देश गुलामी की मानसिकता को छोड़ अपनी विरासत पर गर्व करने के भाव से भरा हुआ है।

आज भारत न सिर्फ अपनी सांस्कृतिक विविधता को मना रहा है बल्कि अपनी संस्कृति के ऐतिहासिक नायक-नायिकाओं को गर्व से याद भी कर रहा है। लाचित बारफूकन भी ऐसे वीर थे। उन्होंने दिखाया कि कट्टरता और आतंक के हर आग का अंत हो जाता है, लेकिन भारत की जीवन ज्योती अमर बनी रहती है। जब कोई मुश्किल दौर, चुनौती खड़ी हुई तो उसका मुकाबला करने के लिए कोई न कोई विभूति अवतरित हुई। हमारी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान बचाने के लिए संत और मनीषी आए।

 

भारत को तलवार की जोर से कुचलने का मंसूबा पाले, आक्रमणकारियों का मां भारती की कोख से जन्मे वीरों ने सामना किया। भारत का इतिहास सिर्फ गुलामी का इतिहास नहीं है। भारत का इतिहास योद्धाओं, विजय का इतिहास है। भारत का इतिहास अत्याचारियों के विरुद्ध अभूतपूर्व शौर्य और पराक्रम दिखाने का इतिहास है। भारत का इतिहास जय का है।

भारत का इतिहास जंग का है, त्याग, तप का है। वीर लाचित बारफूकन का जीवन हमें प्रेरणा देता है कि हम व्यक्तिगत स्वार्थों को नहीं, देश हित को प्राथमिकता दें। उनका जीवन हमें प्रेरणा देता है कि हमारे लिए परिवारवाद, भाई-भतीजावाद नहीं बल्कि देश सबसे बड़ा होना चाहिए... कह सकते हैं कि कोई भी व्यक्ति, रिश्ता देश से बड़ा नहीं होता। 

 

 

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युवाओं के लिए खुशखबरी : प्रदेश में 1772 वनरक्षक के पदों होगी भर्ती

 भोपाल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश में युवाओं के लिए खुशखबरी प्रदेश में एक लाख कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है। इसी कड़ी में वन विभाग में 1772 वनरक्षक, 37 स्टेनो टाइपिस्ट, 30 मानचित्रकार और 87 सहायक ग्रेड-तीन (लिपिकों) की भर्ती की जा रही है। शासन ने इन पदों को मंजूरी दे दी है। अब इस भर्ती के लिए डिमांड लेटर भेजे गए हैं। ये भर्ती प्रदेश के 37 जिलों में की जाएगी। संविदा, स्थाईकर्मी और कम्प्यूटर आपरेटरों ने विरोध दर्ज करा दिया है।

कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त मौका दिए बगैर सीधी भर्ती से पद भरे जा रहे हैं। मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच ने इसे लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने का फैसला किया है। बता दें कि बैतूल जिले में सबसे अधिक 191, सागर में 150 और बालाघाट में 147 वनरक्षकों की भर्ती की जा रही है। वहीं अधिकतर जिलों में लिपिकों के भी पदों पर भर्ती होगी।

 
 
 

इसे लेकर कर्मचारी इसलिए नाराज हैं क्योंकि 10 साल की सेवा के बाद भी उन्हें भर्ती में प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। प्रदेश के विभिन्न विभागों में स्थाईकर्मी, संविदा, अंशकालीन कर्मचारी और कम्प्यूटर आपरेटर कार्यरत हैं। इनमें से अधिकांश कर्मचारी 10 साल से अधिक से सेवाएं दे रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने उमा देवी बनाम कर्नाटक सरकार के प्रकरण में 10 अप्रैल 2006 को फैसला दिया था कि सरकारी विभागों में कलेक्टर दर पर कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को 10 साल सेवा पूर्ण करने पर रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति दी जाए। ऐसे में कर्मचारियों का आरोप है कि राज्य सरकार न्यायालय के इस आदेश की अवहेलना कर रही है। विभागों में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए रिक्त पदों पर सीधी भर्ती कर रही है। पद नहीं होंगे, तो उक्त संवर्ग के संविदा-स्थाई कर्मचारियों को नियमितीकरण का अधिकार नहीं मिलेगा।

 

 

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बजट पूर्व बैठक में सीएम बघेल ने दोहराई एनपीएस की राशि, जीएसटी क्षतिपूर्ति की मांग

कहा- राज्य का अंश ‘पृथक पेंशन निधि’ में किया जाएगा जमा, प्रतिभूतियों में होगा निवेश

 रायपुर/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बजट पूर्व बैठक में एक बार फिर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एनपीएस की राशि की वापसी, जीएसटी क्षतिपूर्ति की भरपाई, कोल रॉयल्टी की राशि की मांग सहित राज्यहित के विभिन्न मुद्दे केंद्रीय वित्त मंत्री के सामने रखे। दिल्ली के मानेक शॉ सेन्टर में आयोजित बजट पूर्व बैठक में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के साथ ही अन्य राज्यों के वित्तमंत्री भी उपस्थित रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आम बजट 2023-24 को लेकर कई प्रस्ताव एवं सुझाव दिये।


मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राज्य शासन के कर्मचारियों एवं उनके परिवार के  सुरक्षित भविष्य के लिए हमने पुरानी पेंशन योजना लागू की है। एनएसडीएल के पास 31 मार्च तक जमा 17240 करोड़ की राशि वापस की जाये ताकि कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि में डाली जा सके। बघेल ने बताया कि राज्य शासन का अंश पृथक पेंशन निधि में जमा रखा जाएगा, जिसका उपयोग भविष्य में पेंशनरी दायित्वों को पूरा करने के लिए किया जायेगा। इसके साथ ही इसका निवेश भारत सरकार व राज्य सरकार की प्रतिभूतियों में किया जाएगा।

 
 



बैठक में जीएसटी क्षतिपूर्ति की 1875 करोड़ की राशि की मांग करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा हमने जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान की व्यवस्था को जून 2022 के बाद आगामी पाँच वर्षों के लिए जारी रखने का अनुरोध किया था, लेकिन इसमें वृद्धि नहीं की गयी। इसके साथ ही उन्होंने कोल रॉयल्टी की 4140 करोड़ की राशि राज्य को जल्द ट्रांसफर करने का आग्रह किया। वहीं, उन्होने केंद्रीय सुरक्षा बलों पर व्यय 1288 करोड़ की राशि तथा राज्य में तैनात 4 विशेष एवं भारत रक्षित वाहिनियों पर राज्य सरकार द्वारा किए व्यय 313 करोड़ जल्द देने का आग्रह किया।  

 



बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोदो, कुटकी एवं रागी (मिलेट्स) की खेती प्रमुखता से की जाती है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा भी वर्ष 2023 को ‘इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट’ घोषित किया गया है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि मिलेट्स फसलों को बढ़ावा देने के लिए कोदो एवं कुटकी फसल की न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया जाये। इसके साथ ही बैठक में मुख्यमंत्री ने सी-मार्ट की तर्ज पर विपणन केन्द्रों की स्थापना की मांग की ताकि कृषि, हस्तशिल्प, लघु वनोपज उत्पादों को बढ़ावा मिल सके।

 



मुख्यमंत्री ने इसके अलावा मुख्य खनिजों की रॉयल्टी दरों में संशोधन, बेहतर वित्तीय प्रबंधन वाले राज्यों को प्रोत्साहन अनुदान, विशेष सहायता योजना को जारी रखने सहित रायपुर में इंटरनेशनल कार्गो टर्मिनल शुरू करने, केंद्रीय योजनाओं में केंद्रांश बढ़ाने संबंधी सुझाव भी बैठक में दिये।

धान, बारदाने की आवश्यकता पर भी हुई चर्चा  
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022-23 में केंद्रीय पूल में 57 लाख मीट्रिक टन अरवा व 4 लाख मीट्रिक टन उसना चावल का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से 14 लाख मीट्रिक टन उसना चावल का लक्ष्य निर्धारित करने का अनुरोध किया। इसके साथ उन्होंने नए जूट बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग भी की।

 

 

 

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ऑस्ट्रेलिया में युवती की हत्या का आरोपी दिल्ली में गिरफ्तार...

सरकार ने घोषित किया था 1 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का इनाम

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ऑस्ट्रेलिया में एक युवती की हत्या के आरोपी राजविंदर सिंह को दिल्ली की स्पेशल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने करीब 1 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का इनाम रखा था। मूल रूप से पंजाब के बुट्टर कलान के रहने वाले 38 वर्षीय राजविंदर सिंह पर 2018 में 24 वर्षीय युवती तोया कार्डिंग्ले की हत्या का आरोप है। हत्या के बाद आरोपी भारत भाग आया था और दिल्ली में वेश बदलकर रह रहा था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार राजविंदर सिंह ऑस्ट्रेलिया के क्वीन्सलैंड में अपने परिवार के साथ रहता था। अक्टूबर 2018 में क्वींसलैंड बीच पर तोया नाम की युवती का शव मिला था। क्वींसलैंड पुलिस के मुताबिक, तोया कार्डिंग्ले एक फार्मेसी वर्कर थी, जो क्वींसलैंड के वांगेटी बीच पर अपने कुत्ते को टहला रही थी। इसी दौरान उसकी हत्या कर दी गई। राजविंदर सिंह पर युवती की हत्या का आरोप है।

ऑस्ट्रेलिया में राजविंदर पर 5 करोड़ का इनाम
तोया के मर्डर के 2 दिन बाद राजविंदर भारत भाग आया और तब से यहीं दिल्ली में वेश बदलकर रह रहा था। ऑस्ट्रेलिया की पुलिस को उसकी लंबे वक्त से तलाश थी। राजविंदर सिंह के बारे में सूचना देने पर ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन ने एक मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी करीब 5 करोड़ रुपए इनाम की घोषणा की थी। ऑस्ट्रेलिया की ओर से पिछले साल मार्च में प्रत्यर्पण की अपील की गई थी। भारत सरकार ने इसे पिछले महीने स्वीकार कर लिया था।

बताया जाता है f तोया की हत्या के बाद राजविंदर सिंह 23 अक्टूबर, 2018 को अपनी पत्नी, तीन बच्चों और नौकरी को ऑस्ट्रेलिया में छोड़कर भारत भाग आया था। पुलिस ने उसकी खोज के लिए सार्वजनिक तौर पर तस्वीरें जारी की थी। उसके भाई ने पहले बताया था कि राजविंदर अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरा था और काम को लेकर मानसिक तौर पर परेशान था। हालांकि, उसके बाद से उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी थी।

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राहुल की भारत जोड़ो यात्रा में लगे ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे, भाजपा ने घेरा...

 भोपाल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा मध्यप्रदेश के खागोन से गुजर रही है। इस दौरान इस यात्रा को लेकर सियासी बवाल मच गया है। भाजपा का आरोप है कि यहां पाकिस्‍तान जिंदाबाद के नारे लगाये गए हैं। मध्‍य प्रदेश भाजपा के अध्‍यक्ष वीडी शर्मा ने एक वीडियो ट्वीट कर ऐसा आरोप लगाया है।

भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि इस यात्रा के दौरान पाकिस्‍तान जिंदाबाद नारे लगाये गए हैं। मध्‍य प्रदेश भाजपा के अध्‍यक्ष वीडी शर्मा ने एक वीडियो ट्वीट कर ऐसा आरोप लगाया है। ट्वीट में लिखा है कि ‘राहुल गांधी की खरगोन पहुंची भारत जोड़ो यात्रा के दौरान पाकिस्‍तान जिंदाबाद के नारे लगाना कांग्रेस की देश तोड़ने की मानसिकता को उजागर कर रहा है, इसके लिए राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए।’ नीचे वीडियो का लिंक भी शेयर किया गया है।

 

मध्‍य प्रदेश भाजपा मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पराशर ने भी ये वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है कि, खरगोन में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान पाकिस्‍तान जिंदाबाद के नारे लगाये गए हैं। कांग्रेस के ऑफिशियल हैंडल के जरिये इसे ट्वीट किया गया था और बाद में हटा दिया गया, लेकिन सच तो सामने आ ही चुका है कि कांग्रेस के दिल में क्‍या है।

कांग्रेस ने दी सफाई
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने ट्वीट किया, 'भाजपा के डर्टी ट्रिक्स द्वारा संपादित एक वीडियो बेहद सफल भारत जोड़ो यात्रा को बदनाम करने के लिए प्रसारित किया जा रहा है। हम तत्काल इस पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने भाजपा के आरोपों का खंडन करते हुए कहा, ''हमने यात्रा के दौरान ऐसा कोई नारा नहीं सुना। '' हजारों लोगों को राहुल गांधी के समर्थन में सामने आते देख भाजपा हैरान है। इसके उलट केके मिश्रा ने आरोप लगाया कि इस साजिश के लिए संघ और भाजपा की विचारधारा वाले किसी शख्स को रैली में भेजा गया होगा।

केके मिश्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'भारत तोड़ो के जनक कुत्सित भाजपा की विचारधारा राहुल गांधी के दौरे से घबरा गयी है। लोकेंद्र पाराशर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की घटिया रणनीति हमारे अटल उद्देश्यों को हिला नहीं पाएगी।
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आबकारी नीति घोटाला : सीबीआई की चार्ज शीट में नहीं है सिसोदिया का नाम...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने शुक्रवार को दिल्ली आबकारी नीति 2021 में गड़बड़ी को लेकर राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को आरोपित नहीं बनाया गया है, क्योंकि उनके खिलाफ फिलहाल जांच जारी है। वहीं, आबकारी नीति में भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी के संचार प्रभारी विजय नायर और अभिषेक बोइनपल्ली समेत सात लोगों के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने आरोप पत्र दायर किया है।


शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल के समक्ष जांच एजेंसी ने दिल्ली शराब नीति मामले में विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली एवं अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चार्ज शीट में विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, समीर महेंद्रू, मुत्तथा गौतम, अरुण आर पिल्लई सहित सीबीआई ने एक्साइज के दो पूर्व अधिकारियों को आरोपित बनाया है।

 
 



मिली जानकारी के मुताबिक, एक कंपनी से जुड़े अमित अरोड़ा और दिनेश अरोड़ा के अलावा, अर्जुन पांडे को भी आरोपित बनाया गया है। माना जा रहा है कि जांच में तेजी आने के साथ कई अन्य लोगों को भी आरोपित बनाया बनाया जा सकता है।

 



गौरतलब है कि दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने केंद्रीय जांच एजेंसी से दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में जांच की सिफारिश की थी। इसके बाद इसमें प्रवर्तन निदेशालय की भी एंट्री हो गई। इसी में मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर और अन्य ठिकानों पर छापेमारी भी हो चुकी है।

 



गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी सरकार ने 17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति लागू की थी। नई नीति में शराब बेचने का काम पूरी तरह नीजि कंपनियों के हाथ में आ गया था। इसको लेकर कांग्रेस और आदमी पार्टी दोनों ने सवाल उठाए थे। वहीं, शिकायतों के बाद दिल्ली के एली के अनुरोध पर सीबीआइ ने जांच शुरू की और फिर इसमें ईडी की एंट्री हुई थी।

 

 

 
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ऋण पुस्तिका बनाने मांगे 5 हजार, पटवारी गिरफ्तार...

 जबलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। लोकायुक्त दल जबलपुर ने शुक्रवार को सिवनी तहसील परिसर में एक पटवारी को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। भोंगाखेड़ा मिडिल स्कूल में पदस्थ शिक्षक संजय तिवारी ने नामांतरण आदेश जारी होने के बावजूद पटवारी द्वारा खसरा रिकार्ड में नाम दर्ज करवाने व ऋण पुस्तिका बनाने के बदले 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। बाद में दोनों के बीच 3 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। इसकी शिकायत प्रार्थी शिक्षक ने लोकायुक्त दल जबलपुर में दर्ज कराई थी।

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शिकायत का परीक्षण करने के बाद 25 नवंबर को लोकायुक्त दल ने आरोपित पटवारी विपुल बरमैया को रिश्वत के 3 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। सिवनी शहर के भैरोगंज में पटवारी हल्का सिवनी रैयत अंतर्गत मां के नाम पर एक प्लाट दर्ज था। यह प्लाट मां ने उन्हें रजिस्टर्ड दान पत्र से मेरे नाम रजिस्ट्री की थी। 14 नवंबर को न्यायालय तहसीलदार सिवनी ने प्लाट का नामांतरण आदेश पारित किया गया था।

 

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इसके बाद जब वह खसरा पर अपना नाम चढ़ाने व ऋण पुस्तिका बनाने सिवनी रैयत में पदस्थ पटवारी विपुल बरमैया से मिले तो उन्होंने नाम चढ़ाने व ऋण पुस्तिका बनाने के एवज में 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में पटवारी 3 हजार रुपये में ऋण पुस्तिका बनाने और खसरा में नाम दर्ज कराने तैयार हो गया।
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इसकी लिखित शिकायत प्रार्थी ने लोकायुक्त जबलपुर में दर्ज कराते हुए कार्रवाई करने की मांग की थी।परीक्षण में शिकायत सही पाये जाने पर लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने शुक्रवार जाल बिछाकर रिश्वत के रुपये लेकर प्रार्थी को भेजा, जहां तहसील परिसर में मौजूद पटवारी ने रिश्वत के रूपये अपने पास रख लिए। पीछे से तैयार लोकायुक्त दल ने आरोपित पटवारी को रंगे हाथ दबोच लिया।


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सिवनी तहसील परिसर में लोकायुक्त की कार्रवाई से कुछ देर के लिए कर्मचारियों में हडकंप मच गया।बाद में तहसील कार्यालय के एक कमरे में लोकायुक्त दल ने दस्तावेजी कार्रवाई पूरी की। पटवारी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर मुचलके पर छोड़ दिया गया है। लोकायुक्त दल ने निरीक्षक कमल सिंह उइके, निरीक्षक नरेश कुमार बेहरा, निरीक्षक रंजीत सिंह व अन्य सदस्य शामिल रहे।

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रिहा नहीं होगा कालिया... ताउम्र रहेगा बंद... महिला-बच्चे कांपते थे उसके नाम से...

 5 साल पहले था मिर्जापुर में आतंक का पर्याय बन गया था कालिया

मिर्जापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मिर्जापुर में आतंक का पर्याय बन चुका कालिया अब ताउम्र बंद रहेगा। महिलाएं और बच्चे उसके नाम से दहशत खाते थे। कालिया ने लगभग 250 महिलाओं और बच्चों को अपना निशाना बनाया था। उन्हें गंभीर रूप से घायल किया था। करीब 5 साल पहले उसे पकड़ा गया था, लेकिन उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं होने के कारण उसे आजीवन कारावास की सजा सजा हुई है।


ये कालिया कोई इंसान नहीं, बल्कि एक बंदर है, जिसने मिर्जापुर में आतंक मचा रखा था। मिर्जापुर में 5 साल पहले कालिया नाम के बंदर ने जमकर आतंक मचा रखा था। वह महिलाओं और बच्चों को देखते ही उन्हें काटने को दौड़ पड़ता था। वह सिर्फ महिला और बच्चों को ही अपना शिकार बनाता था. उसने लगभग 250 लोगों को अपना निशाना बनाया था। इसके बाद कालिया को कानपुर प्राणि उद्यान के पशु चिकित्सक डॉक्टर मोहम्मद नासिर ने मिर्जापुर से पकड़ा था, तभी से कालिया कानपुर चिड़ियाघर में एक पिंजरे में बंद है।

 
 

कालिया को कानपुर प्राणी उद्यान में पिंजरे में बंद 5 साल हो गए हैं, लेकिन उसके व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। इस वजह से उसे रिहा नहीं किया जाएगा। उसकी 'उम्रकैद' की सजा बरकरार रहेगी। कानपुर चिड़ियाघर में कई शैतान बंदर बंद हैं, जिनको अब रिहा करने की तैयारी की जा रही है, लेकिन कालिया को रिहा नहीं किया जाएगा। वह ताउम्र कैद रहेगा, क्योंकि उसके स्वभाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। वह अभी भी अटैक करने को दौड़ता है।

 

 

 
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दुनिया में ज्ञान का दीप प्रज्ज्वलित कर रहा एनआईओएस : डॉ. सुभाष

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष सरकार ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान-एनआईओएस के 33वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। समारोह में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, शैक्षणिक संस्थानों के अध्यक्षों, विभागों के प्रमुखों, एनआईओएस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रो. नवल किशोर अम्बष्ट, पूर्व अध्यक्ष, एनआईओएस और हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की प्रो-वाइस चांसलर प्रो. सुषमा यादव भी इस अवसर पर उपस्थित थे। डॉ. सुभाष सरकार ने अपने संबोधन में एनआईओएस के विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं की सराहना की।

श्री सरकार ने कहा कि एनआईओएस पूरी दुनिया में ज्ञान का दीप प्रज्ज्वलित कर रहा है। आजादी का अमृत महोत्सव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने के समय पर वर्तमान समय के बच्चे 30-40 वर्ष के युवा होंगे और देश के निर्माण का दायित्व उन के कंधों पर होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय ने एनआईओएस को कई दायित्व सौंपे हैं।

 

इनमें समावेशी शिक्षा संसाधन विकसित करना, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में मुक्त और दूरस्थ शिक्षा प्रणाली का विस्तार करना, सभी पाठ्यक्रमों को आवश्यकतानुसार और भाषाओं में अनुवाद करना, भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित पाठ्यक्रमों का निर्माण करना और प्रमुख विदेशी भाषाओं में अनुवाद करके भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना शामिल हैं। उन्होंने एनआईओएस के 'बुनियादी साक्षरता आकलन'' के अंतर्गत 10 करोड़ वयस्कों को नामांकित करने, सेवारत शिक्षकों का प्रशिक्षण, लैंगिक हरित परियोजना और योग में प्रशिक्षण के कार्यक्रमों की भी प्रशंसा की।

डॉ. सुभाष सरकार ने कहा कि माध्यमिक स्तर पर विषय के रूप में भारतीय सांकेतिक भाषा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्वीकार किया गया है। उन्होंने एनआईओएस द्वारा 'दीप' नामक ई-पुस्तकालय के शुभारंभ को एक बड़ा कदम बताया

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अनुभव साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा पेंशनभोगी कल्याण विभाग

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के सरकार के साथ काम करने के दौरान हुए अनुभव साझा करने के लिए मार्च 2015 में 'अनुभव' नामक एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू किया है। विभाग के अनुभव पोर्टल से कुल 92 संगठन जुड़े हैं एवं पोर्टल पर 8778 अनुभव राइट-अप प्रकाशित किए जा चुके हैं। विभाग ने 2016 से 50 अनुभव पुरस्कार प्रदान किए हैं।

अब पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने राष्ट्रव्यापी मासिक वेबिनार श्रृंखला के माध्यम से अनुभव पुरस्कार विजेताओं को देश के साथ अपने अनुभव साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुसार उनका अनुभव उनके संगठन तथा अन्य सरकारी कर्मचारियों के क्षमता निर्माण में मदद करेगा। यह अन्य सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को भी विभाग के अनुभव पोर्टल में सरकारी सेवा के अपने अनुभव साझा करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

 

तदनुसार इस विभाग ने अनुभव पुरस्कार विजेताओं द्वारा राष्ट्र को कार्य अनुभव साझा करने के लिए अनुभव वेबिनार श्रृंखला शुरू की। सचिव (पीएंडपीडब्लू) की अध्यक्षता में 22.11.2022 को आयोजित "अनुभव अवार्डीज़ स्पीक" पर राष्ट्रव्यापी वेबिनार में प्रमुख वक्ताओं डॉ. हेलेन बासिल, सेवानिवृत्त वरिष्ठ अभियंता/वैज्ञानिक, विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी), इसरो एवं श्री के. संतेप्पा, सेवानिवृत्त वैज्ञानिक-एच डीआरडीओ ने अपने अनुभव साझा किए।

वेबिनार के प्रतिभागी अगले एक वर्ष में सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारी, मंत्रालय/विभाग/संगठनों के अधिकारी, पेंशनर्स एसोसिएशन, अनुभव पुरस्कार विजेता आदि थे।

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डिजिटल मीडिया विनियमन के लिए जल्‍द कानून लाएगी सरकार : अनुराग ठाकुर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा है कि डिजिटल मीडिया के विनियमन के लिए सरकार जल्‍द ही एक कानून लाएगी।  श्री ठाकुर ने कहा कि अब डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों को भी मान्‍यता मिलेगी। उन्‍होंने कहा कि पहले समाचार प्रसार एक पक्षीय था लेकिन अब इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया के विकास के साथ यह बहुआयामी हो गया है।

श्री ठाकुर ने मीडिया से अपना काम पूरी जिम्‍मेदारी से करने तथा भय और भ्रम का माहौल बनाने से बचने का आग्रह किया। उन्‍होंने कहा कि केन्‍द्र सरकार व्यापार सुगमता तथा दैनिक जीवन को सुविधा संपन्‍न बनाने के लिए प्रयासरत है और कंपनियों की पंजीकरण की प्रक्रिया में बदलाव इसी दिशा में एक कदम है। इस अवसर पर राजस्‍थान के राज्‍यपाल कलराज मिश्रा ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का सबसे बड़ा संदेशवाहक है और पत्रकारिता का उद्देश्‍य संवैधानिक मूल्‍यों और लोकतंत्र में आस्‍था को मजबूत करना है।

 

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कोविड महामारी के कारण खसरा वैश्विक खतरा बना

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने विश्‍व के विभिन्‍न भागों में खसरा फैलने की चेतावनी जारी की है। कोविड-19 के दौर में खसरे के टीकाकरण और इसके प्रसार पर निगरानी में कमी के कारण यह खतरा बढ़ा है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन तथा अमरीका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केन्‍द्र से कल जारी संयुक्‍त रिपोर्ट के अनुसार कोविड महामारी के चलते पिछले साल चार करोड़ से अधिक बच्‍चों को खसरे का टीका नहीं लग पाया। डब्‍ल्‍यू एच ओ में खसरे की रोकथाम से जुड़े प्रमुख अधिकारी पैट्रिक ओ' कॉनर ने कहा कि यह रोकथाम के उपाय करने का समय है। श्री कॉनर ने कहा कि अगले 12 से 24 महीने काफी चुनौतीपूर्ण हैं।

 

उन्‍होंने कहा कि इस वर्ष की शुरूआत से ही खसरे का फैलाव बढ़ा है और वे अफ्रीका के उपसहारा क्षेत्र को लेकर विशेष चिंतित हैं। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के अनुसार 2021 में 22 देशों में खसरे से 90 लाख लोगों के ग्रस्त होने और एक लाख 28 हजार की मौत होने का अनुमान है। टीकाकरण से खसरे की पूरी तरह रोकथाम संभव है। इसका फैलाव रोकने के लिए 95 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण जरूरी है।

 

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जलवायु अनुकूल जीवनशैली अपनाये जाने की जरूरत : गुतेरस

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतेरस ने जलवायु परिवर्तन की रोकथाम में भारत के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया है। श्री गुतेरस ने एक लेख में लिखा है कि प्रकृति के साथ  तालमेल बढ़ाने, कार्बन उत्सर्जन कम करने और जलवायु अनुकूल जीवनशैली अपनाये जाने की जरूरत है। श्री गुतेरस इस वर्ष अक्तूबर में पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली की वैश्विक पहल मिशन लाइफ के शुभारंभ के लिए भारत आए थे। उन्होंने आलेख में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यह पहल पूरे विश्व के लोगों को इस दिशा में प्रयास के लिए प्रोत्साहित करेगी।

श्री गुतेरस ने कहा कि इस समय उपभोग की मात्रा धरती की उत्पादन क्षमता से अधिक है। उन्होंने कहा कि आचरण और भोजन की आदतों में बदलाव तथा पुनःचक्रण और कचरा कम करने के उपायों के बारे में सोचने की जरूरत है। भारत यात्रा के दौरान श्री गुतेरस गुजरात के मोढेरा में भारत का पहला सौरग्राम देखने गए थे। उन्होंने कहा कि 2030 तक पांच सौ गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन लक्ष्य की यह सौर परियोजना जलवायु कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने लिखा कि यह सौर परियोजना संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य 2030 एजेंडे के अनुरूप है। इस एजेंडे का लक्ष्य गरीबी हटाना और हर एक की जीवन स्थितियों में सुधार लाना है।

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शहरी के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्र में होती हैं अधिक दुर्घटनाएं...

 एनसीआरबी ने जारी की रिपोर्ट

नई दिल्‍ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बीते कुछ वर्षों से देश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़क नेटवर्क बढ़ रहा है, लेकिन इसी के साथ चिंता की बात यह भी है कि देश में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं ग्रामीण क्षेत्र में ही हो रही हैं। एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार एक और तथ्य यह है कि चाहे ग्रामीण हो या शहरी क्षेत्र, अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं रिहायशी इलाकों के आसपास ही हो रही हैं।


    59.7% सड़क दुर्घटनाएं वर्ष 2021 में देश के ग्रामीण क्षेत्रों में दर्ज की गई
    30% रोड एक्सीडेंट ग्रामीण क्षेत्रों में रिहायशी इलाकों के निकट हुए। इनकी संख्या 72,330 रही
    7.7% सड़क दुर्घटनाएं शहरी क्षेत्रों में पैदल पार पथ पर हुईं। इनकी संख्या 12,528 रही
    1,62,169 सड़क दुर्घटनाएं देश के शहरी क्षेत्रों में हुईं जो कुल दुर्घटनाओं का 40.3 प्रतिशत ह
    2,40,747 सड़क दुर्घटनाएं देश के ग्रामीण क्षेत्र में बीते वर्ष हुईं। इस अवधि में कुल रोड एक्सीडेंट की संख्या 4,02,116 रही
    48,270 सड़क दुर्घटनाएं शहरी क्षेत्रों में वहां हुईं जहां आसपास लोगों की रिहाइश थी। यह शहरी क्षेत्रों में हुई कुल दुर्घटनाओं का करीब 30 प्रतिशत रहा
    28,873 रोड एक्सीडेंट देश में बीते वर्ष स्कूल, कालेज या अन्य शिक्षण संस्थानों के पास हुए। देश में हुई कुल सड़क दुर्घटनाओं का यह आठ प्रतिशत है


स्कूल, कालेज और शिक्षण संस्थानों के पास खतरा अधिक
एनसीआरबी की वर्ष 2022 की रिपोर्ट कहती है कि देश में स्कूल, कालेज और अन्य शिक्षण संस्थानों के पास सड़क दुर्घटनाओं की संख्या चिंतित करने वाली है। तमाम संकेतकों व उपायों के बावजूद शिक्षा संस्थानों के निकट दुर्घटनाएं व उनसे होने वाली मानव क्षति को रोकने में अपेक्षित सफलता नहीं मिल रही है।

    24.4% सड़क दुर्घटनाएं उत्तर प्रदेश में बीते वर्ष शहरी क्षेत्र में स्कूल, कालेज या शिक्षण संस्थानों के निकट हुईं जो देश में सबसे अधिक है
    9.4% सड़क दुर्घटनाएं तमिलनाडु में वर्ष 2021 में शहरी क्षेत्र के स्कूल, कालेज या शिक्षण संस्थानों के निकट हुई
    18% मौतें उत्तर प्रदेश में बीते वर्ष शहरी क्षेत्र में रिहायशी इलाके के निकट हुईं सड़क दुर्घटनाओं में दर्ज की गईं। यह देश में सबसे अधिक संख्या है।


 

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मंत्री गडकरी ने दी भिवानी-हांसी सड़क सेक्‍शन को 4-लेन का बनाने की मंजूरी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट् कर बताया कि हरियाणा के भिवानी और हिसार जिलों में भारतमाला परियोजना के अंतर्गत एनएच-148बी के भिवानी-हांसी सड़क सेक्‍शन को 1322.13 करोड़ रुपये के बजट के साथ एचएएम पर चार लेन करने की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना तेज आवाजाही और बेहतर अंतर-जिला कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

नितिन गडकरी ने कहा कि इस सेक्‍शन के विकास से लंबे मार्ग की यातायात और माल ढुलाई की समग्र दक्षता में भी सुधार होगा, जिससे सुचारू और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होने के साथ ही यातायात के समय में पर्याप्त कमी और वाहन परिचालन लागत (वीओसी) में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से हरियाणा में आधारभूत अवसंरचना को बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

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