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तालिबान से भी बुरी सजा देने लगा सऊदी अरब, एक Tweet करने पर महिला को 45 साल की जेल

 
रियाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। लीड्य यूनीवर्सिटी में पढ़ने वाली सलमा को एक एक्टिविस्ट की टवीट को रिट्विट किए जाने पर 34 साल की जेल की सजा देने के ठीक दो हफ्तों बाद, सऊदी अरब के अधिकारियों ने एक और महिला को 45 साल जेल की सजा सुनाई है। इतनी लंबी सजा पाने वाली नौराह बिन सईद अल-कहतानी पर आरोप हैं कि उसने इंटरनेट का इस्तेमाल कर सऊदी अरब के सामाजिक ताने-बाने को खराब किया है। यह सऊदी अरब में किसी महिला को मिली सबसे लंबी अवधि की सजा है।

सामाजिक ताने-बाने बिगाड़ने के आरोप में मिली सजा
कथित तौर पर 'सऊदी अरब' द्वारा मारे जा चुके पत्रकार जमाल खशोगी द्वारा स्थापित मानवाधिकार समूह डेमोक्रेसी फॉर द अरब वर्ल्ड नाउ (डॉन) ने खुलासा किया है कि नूरा बिंत सईद अल-क़हतानी नाम की एक महिला को इंटरनेट पर देश के 'सामाजिक ताने-बाने' को बिगाड़ने के आरोप में 45 साल जेल की सजा सुनाई गई है। हालांकि जेल की सजा के अलावा, सईद की उम्र या उसे गिरफ्तार किए जाने के ठोस कारण के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।

एक ट्ववीट करने के लिए मिली सजा
डॉन की रिपोर्ट प्राप्त करने वाले गार्जियन के अनुसार, सईद को एक गुमनाम खाते से अपनी राय ट्वीट करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। डॉन में खाड़ी क्षेत्र के निदेशक अब्दुल्ला अलाउध, जिन्होंने सईद के मामले का खुलासा करने वाले अदालती दस्तावेजों का उपयोग किया, ने कहा कि गिरफ्तारियों की संख्या क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की पिछले महीने राष्ट्रपति बिडेन के साथ बैठक से जुड़ी हो सकती है।

ट्विटर यूजरों की जानकारी लीक कराता है सऊदी
गौरतलब है कि सऊदी अरब का सॉवरेन वेल्थ फंड, पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF) ट्विटर में एक प्रमुख हिस्सेदारी को नियंत्रित करता है। इसके अलावा इस महीने की शुरुआत में, एक अमेरिकी अदालत ने ट्विटर के एक पूर्व कर्मचारी को सऊदी अधिकारियों के लिए जासूसी करने का दोषी पाया था। अहमद अबूअम्मो पर सऊदी क्राउन प्रिंस, प्रिंस के करीबी सहित अन्य सऊदी अधिकारियों के लिए जासूसी करने का दोषी पाया गया। अहमद ने बड़ी संख्या में ट्विटर यूजर्स की जानकारी करीब 3 लाख डॉलर कैश और 20 हजार डॉलर की घड़ी के बदले सऊदी क्राउन प्रिंस के किसी करीबी को बेची थी।

सलमा को मिली थी 34 साल की सजा
गौरतलब है कि ठीक दो सप्ताह पहले सलमा अल शहाब को शुरू में एक विशेष आतंकवादी अदालत ने तीन साल जेल की सजा सुनाई थी। अदालत ने कहा कि शहाब ने सार्वजनिक अशांति पैदा करने और नागरिक राष्ट्रीय सुरक्षा को अस्थिर करने के लिए एक इंटरनेट वेबसाइट का इस्तेमाल किया। हालांकि कुछ दिन बाद ही एक अपील अदालत ने इस सजा को बढ़ाकर 34 साल कर दिया। 34 साल की सलमा 2 बच्चों की मां है।

सलमा ने एक्टिविस्ट के ट्वीट को किया था रिट्वीट
सलमा ने निर्वासन में रह रहे सऊदी एक्टिविस्टों के ट्वीट्स को रीट्वीट किया था। ट्विटर पर वह एक प्रमुख सऊदी महिला एक्टिविस्ट लौजैन अल-हथलौल के मामले का समर्थन करती दिखती हैं। इसके बाद शहाब को कैद किया गया था और महिलाओं के लिए ड्राइविंग अधिकारों का समर्थन करने के लिए प्रताड़ित किया गया। बताया जाता है कि सलमा के साथ जेल के अंदर दुर्व्यवहार किया गया है और उसे जजों को उसके साथ हुए दुर्व्यवहार के बारे में बताने की अनुमति नहीं दी गई।
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Pakistan Flood: पाकिस्तान में बाढ़ से हाहाकर, पीएम मोदी ने व्यक्त की संवेदना

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाकिस्तान में भारी बारिश और बाढ़ से भारी तबाही हुई है। बाढ़ से प्रभावित हुए परिवारों को प्रति पीएम मोदी ने संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अपने ट्विट में कहा कि पाकिस्तान में बाढ़ से हुई तबाही को देखकर दुख हुआ। हम पीड़ितों, घायलों और इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित सभी लोगों के परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं और सामान्य स्थिति की जल्द बहाली की आशा करते हैं।

 
सोमवार को पाकिस्तान में प्राकृतिक आपदा से मरने वाले की संख्या आंकड़े जारी किए हैं। देश में भारी बारिश और विनाशकारी बाढ़ के कारण मौतों की संख्या 1,136 हो गई है। देश पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है। हालांकि अब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सरकार की अपील के बाद अंतरराष्ट्रीय सहायता पहुंचने लगी है।

पाकिस्तान में ये एक बड़ी तबाही है। आंकड़ों के मुताबिक अनुमान लगाया जा है कि इस आपदा के कारण अब तक 3.3 करोड़ की आबादी वाले देश की कुल आबादी के करीब सातवें हिस्से को अपने घरों को छोड़ना पड़ा है। करीब 9,92,871 घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।

बाढ़ से पाकिस्तान को कितना नुकसान
पाकिस्तान में बाढ़ से आई तबाही से अब तक 1634 लोग घायल हुए हैं। जबकि 1136 लोगों की जान चली गई। पाकिस्तान में प्राकृतिक आपदा से निपटने वाले मुख्य राष्ट्रीय संगठन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब 9,92,871 घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। बड़ी आबादी ऐसी है जहां लोगों को भोजन और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं है। पाकिस्तान में अब तक करीब 7 लाख 35 हजार 375 लाख पशु भी बाढ़ में बह गए हैं।
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पहले बिडिंग में लगाई आग, फिर बाहर भागने वालों पर बरसाई गोलियां...

 ह्यूस्टन/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका में मास शूटिंग की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। एक बार फिर सरफिरे बंदूकधारी ने लोगों को अपना निशाना बनाया है। आरोपी ने पहले तो एक बिल्डिंग में आग लग दी, फिर अपनी राइफल ले कर इन्तजार करने लगा। जैसे ही लोग बिल्डिंग से बाहर भागने लगे, उन्हें अपने निशाना बना लिया। इस घटना में शूटर समेत 4 लोगों की मौत हो गई है, वहीं 2 लोग घायल हो गए हैं।


ह्यूस्टन शहर पुलिस प्रमुख ट्राय फिनर के अनुसार, रविवार सुबह (स्थानीय समय) एक व्यक्ति ने एक इमारत में आग लगा दी और फिर भाग रहे लोगों को गोली मार दी। इससे चार लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। पुलिस प्रमुख ने बताया कि मारे गए चार लोगों में से एक संदिग्ध था। संदिग्ध को बाद में ह्यूस्टन के एक पुलिस अधिकारी ने मार गिराया था।

फिनर के अनुसार, मारे गए स  भी लोग पुरुष थे और उनकी उम्र 40-60 के बीच थी। उन्होंने बताया कि संदिग्ध ने सबसे पहले बिल्डिंग में आग लगा दी। इसके बाद उसने लोगों के बाहर आने का इंतजार किया और फिर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी।

 



पुलिस अधिकारी के अनुसार, दमकल विभाग आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंचा, लेकिन गोलियों की आवाज सुनकर उसे पीछे हटना पड़ा। फिनर ने कहा संदिग्ध एक 40 वर्षीय अफ्रीकी अमेरिकी व्यक्ति था, जिसने काले कपड़े पहने थे।

 



पिछले हफ्ते, अमेरिकी राज्य मैरीलैंड में हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और छह अन्य घायल हो गए थे। पुलिस ने कहा कि एक पीड़ित ने दम तोड़ दिया और चिकित्सा कर्मियों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीड़ित सभी वयस्क पुरुष हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि संदिग्ध वाहन 4-दरवाजे वाली सिल्वर लेक्सस सेडान है।

 

 

 
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एलन मस्क की नाक में दम! अरबपति का प्राइवेट जेट ट्रैक करता है अमेरिकी छात्र, अब रखी 40 लाख की शर्त

 

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के निजी विमान को ट्रैक कर सुर्खियों में आए एक अमेरिकी छात्रा ने अरबपति के सामने एक अजीब शर्त रख दी है। छात्र का कहना है कि वह एक शर्त पर मस्क के जेट की ट्रैकिंग रोकने के लिए तैयार है। लेकिन इससे लिए टेस्ला सीईओ को एक मोटी रकम भरनी होगी। हालांकि अब टेस्ला सीईओ की इस अमेरिकी छात्र से बातचीत बद हो गई है।
 
एलॉन मस्क के प्राइवेट जेट पर नजर रखने के लिए इंटरनेट पर फेमस हुए अमेरिकी कॉलेज के छात्र ने कहा है कि वो एक शर्त पर मस्क के प्राइवेट जेट की ट्रैकिंग रोक देगा। लेकिन ये शर्त मस्क को पहले पूरी करनी होगी। अमेरिकी छात्र का नाम जैक स्वीनी है। 20 वर्षीय स्वीनी ऑरलैंडो में सेंट्रल फ्लोरिडा विश्वविद्यालय में आईटी छात्र हैं। वो सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं।

जैक स्वीनी ने ट्विटर पर कई मशहूर हस्तियों के निजी जेट को ट्रैक किया है, उनमें से एक टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क भी हैं। उन्होंने एक और ट्विटर अकाउंट लॉन्च किया है, जहां वह रूसी कुलीन वर्गों के लोग अलेक्जेंडर अब्रामोव, अलीशर उस्मानोव और रोमन अब्रामोविच विमानों को ट्रैक कर रहे हैं। रूस के यूक्रेन संघर्ष के बीच स्वीनी ने ये कार्य किया है। लेकिन अब स्वीनी को लेकर एक खबर आ रही है कि उन्होंने ट्विटर पर टेस्सा सीईओ एलन मस्क के विमान की ट्रैकिंग रोकने के बदले 40 लाख रुपए की मांग की है। लेकिन सच में बात कुछ और है। जैक मस्क की पसंदीदा पर्सनॉलिटी हैं।

दरअसल, स्वीनी ट्विटर पर टेस्ला के सीईओ एलोन मस्क के निजी विमान को ट्रैक करने के लिए जाने जाते हैं। कथित तौर पर जैक को ट्विटर अकाउंट को बंद करने के लिए $5,000, या लगभग 4 लाख रुपये की पेशकश की, जिसे जैक ने अस्वीकार कर दिया। मस्क ने सबसे पहले जैक को सुरक्षा जोखिम का हवाला देते हुए जैक को अकाउंट हटाने को कहा। बाद में जैक से अपडेट के सोर्स को लेकर भी पूछताछ की गई। जैक ने कहा 'एलन ने मेरा अकाउंट $5000 यानी करीब 4 लाख में खरीदने की पेशकश की।' लेकिन जैक ने इस ऑफर को ठुकरा दिया और कहा कि इतने पैसों से मेरे जीवन पर कोई असर नहीं पड़ने वाला। जैक ने कहा कि उसे अपने ट्विटर अकाउंट को बंद करने के लिए 50,000 डॉलर (करीब 40 लाख रुपये) की रकम मांगी, लेकिन बातचीत बंद हो गई।

जैक नियमित रूप से अपने विभिन्न ट्विटर हैंडल पर टॉम क्रूज, बिल गेट्स, रूसी कुलीन वर्गों और कार्दशियन जैसे व्यक्तियों से संबंधित निजी जेट विमानों की उड़ान अपडेट पोस्ट करता है। जैक के @CelebJets नाम के एक हैंडल ने काइली जेनर को ट्रैक किया जब वो 17 मिनट की उड़ान यात्रा पर निकली थी।
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अफगानिस्तान में 1 साल बाद खुलेंगे सिनेमा हॉल, 37 में से केवल एक फिल्म में मिला अभिनेत्री को काम


काबुल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। तालिबान द्वारा अफगानिस्तान की सत्ता पर दूसरी बार कब्जा किए जाने के एक साल के बाद एक बार फिर से देश में सिनेमाघर खुलने जा रहे हैं। जल्द ही राजधानी समेत देश में कई अन्य जगहों पर सिनेमाघरों में फिल्में दिखाई जाएंगी, हालांकि महिला कलाकारों की भूमिकाएं बहुत सीमित कर दी गई हैं। एक साल बंद रहने के बाद जहां कई लोग अफगान सिनेमाघरों के फिर से खुलने की खुशी मना रहे हैं, वहीं महिलाओं के अधिकारों के उल्लंघन के बारे में गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
 
37 फिल्मों में बस एक में महिला कर रही काम
खामा प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक 37 फिल्में और डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित होने के लिए लाइन में हैं, लेकिन यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि आतिफा मोहम्मदी एकमात्र महिला अभिनेत्री हैं, जिन्होंने हाल ही में बनी इन फिल्मों में से एक में भूमिका निभाई है। अफगानिस्तान में सिनेमाघरों के खुलने से फिल्मों के अभिनेता बेहद खुश नजर आ रहे हैं। हालांकि उनका मानना है कि बेहतर फिल्मों के निर्माण के लिए धन उपलब्ध कराना अधिक जरूरी है।
 
सिनेमाघर खुलने से कलाकार खुश
एक कलाकार अब्दुल साबोर खिनजी ने कहा कि एक साल बाद सिनेमा के दरवाजे फिर से खुल गए हैं। हम खुश हैं। उन्होंने कहा कि हमने अपनी पॉकेट मनी से फिल्मों पर खर्च किया है। मीडिया पोर्टल के अनुसार, एक अन्य कलाकार फैयाज इफ्तिखार ने कहा कि हम अपना काम करके खुश थे। काबुल निवासी जहरा मुर्तजावी ने एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में महिलाओं को प्रतिबंधित नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि यह महिलाओं का अधिकार है। मुझे नहीं लगता कि महिलाओं की उपस्थिति के बिना कोई फिल्म अच्छी लगती है।
 
अफगानिस्तान में महिलाओं पर प्रतिबंध
तालिबान ने अफगानिस्तान पर क़ब्ज़े के बाद महिलाओं और लड़कियों पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। तालिबानियों का आदेश है कि महिलाएं बिना शरीर ढके और बिना किसी महत्वपूर्ण काम के घर से बाहर नहीं जा सकतीं। हालांकि कई के लिए यह फरमान चौंकान वाले थे लेकिन जिन्होंने तालिबान का पहला शासन 1996 से 2001 के बीच झेला था, वे इस तरह की प्रतिबंधों के लिए तैयार थे और डर में थे।
 
अफगानिस्तान में बदतर जिंदगी जी रही महिलाएं
तालिबानियों ने महिलाओं पर बने मंत्रालय को बर्खास्त कर दिया और इस्लाम के नियमों को लागू करने के लिए एक मंत्रालय गठित कर दिया। तालिबानियों सेकेंड्री स्कूल से भी लड़कियों को बैन कर दिया और महिलाओं को जॉब से बाहर कर दिया। इतना ही नहीं महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में महिला और पुरुष डॉक्टरों के एक साथ काम करने पर रोक लगाई जा चुकी है।
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लुसाने डायमंड लीग जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने नीरज चोपड़ा...

 लुसाने/ नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत के गोल्डन जैवलिन बॉय नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के लुसाने में हुए डायमंड लीग में जीत हासिल कर इतिहास रच दिया। वह पहले भारतीय हैं जिन्होंने डायमंड लीग जीती है। नीरज ने इसके साथ ही सात और आठ सितंबर को ज्यूरिख में होने वाले डायमंड लीग के लिए भी क्वालीफाई किया।

24 वर्षीय नीरज ने पहले ही प्रयास में बढ़त हासिल कर ली और उन्होंने दूसरे प्रयास में 85.18 मीटर का थ्रो फेंका। उन्होंने तीसरे प्रयास में हिस्सा नहीं लिया और चौथा प्रयास फाउल हुआ। नीरज ने फिर पांचवां प्रयास छोड़ा, जबकि छठे और अंतिम प्रयास में उन्होंने 80.04 मीटर का थ्रो किया। शीर्ष तीन में रहने वालों को ही छठा प्रयास मिलता है। नीरज छह में से तीन प्रयास में ही स्कोर कर पाए, लेकिन अपने पहले प्रयास के दम पर शुरुआत से लेकर आखिर तक बढ़त बनाए रहे।

 

टोक्यो ओलिंपिक के रजत पदक विजेता जाकुब वादलेजक 85.88 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ दूसरे, जबकि अमेरिका के कुरतिस थांप्सन 83.72 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे। नीरज विश्व चैंपियनशिप के बाद यहां अपने पहले टूर्नामेंट में खेलने उतरे थे। उन्होंने चोटिल होने के कारण कामनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं लिया था।

 
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3 भारतीयों सहित 16 लापता नाविकों को भारतीय तटरक्षक बल ने बचाया

 कुआला लुम्पुर/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय तटरक्षक बल ने मलेशिया के विदेशी जल क्षेत्र में तीन लापता भारतीय नागरिकों सहित 16 कर्मियों को बचाया है। 26 अगस्त को एमआरसीसी मुंबई ने सिंगापुर इंडोनेशिया और मलेशिया की एसएआर को-आर्डिनेशन एजेंसियों के सहयोग से बचाव अभियान चलाया।


इंडियन कोस्ट गार्ड ने एक बयान में कहा कि 25 अगस्त की देर रात एमआरसीसी मुंबई को मलेशियाई तट से गुयाना के झंडे वाले टैंकर एमटी वोरा से तीन लापता भारतीय नागरिकों के बारे में सूचना मिली थी। स्थिति की गंभीरता और दांव पर लगी जानों को ध्यान में रखते हुए, एमआरसीसी मुंबई ने सिंगापुर, इंडोनेशिया और मलेशिया की एसएआर को-आर्डिनेशन एजेंसियों के सहयोग से बचाव अभियान चलाया।

बयान में कहा गया कि, लगातार प्रयासों के साथ, मलेशियाई अधिकारियों ने 26 अगस्त को मलेशियाई तट पर नाव का पता लगा लिया था, जो ईंधन की कमी के कारण काम नहीं कर रही थी। 3 लापता भारतीय नागरिकों सहित सभी 16 कर्मियों को बचा लिया गया है और आगे की जांच/औपचारिकताओं के लिए मलेशिया ले जाया जा रहा है।

भारतीय तटरक्षक बल की शिष्टता और उत्तोलन के परिणामस्वरूप, यह कम से कम समय में विदेशों में भारतीय खोज और बचाव क्षेत्र से दूर हमारे साथी देशवासियों की संकटपूर्ण काल का जवाब देने में सक्षम था।

 

 

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विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने अर्जेटिना के राष्‍ट्रपति के साथ बैठक की

 अर्जेटिना (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विदेश मंत्री डॉ. सुब्रमण्‍यम जयशंकर ने अर्जेटिना के राष्‍ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज के साथ बैठक की। एक ट्वीट में डॉक्‍टर जयशंकर ने कहा कि उन्‍होंने व्‍यापार को अधिक सतत और महत्‍वाकांक्षी बनाने सहित द्व‍िपक्षीय सहयोग सशक्‍त करने पर चर्चा की।

उन्‍होंने वैश्विक और द्वि‍पक्षीय संबंधों के परिपेक्ष्‍य में ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर भी विचार किया। डॉ. जयशंकर ने औषधि सहित सुलभ स्‍वास्‍थ्‍य सेवा के महत्‍व को रेखांकित किया। दोनों नेताओं के बीच रक्षा और परमाणु ऊर्जा सहयोग की संभावना पर भी विचार विमर्श हुआ

 

 

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नस्लीय हमले का शिकार हुईं भारतीय महिलाएं, यह कहकर महिला ने मारे थप्पड़...

 टेक्सास/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका में एक बार फिर से नस्लीय भेदभाव की घटना सामने आई है। ताजा मामला है टेक्सास शहर का जहां चार भारतीय-अमेरिकी महिलाओं के एक समूह के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार कर लिया है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मेक्सिकन-अमेरिकन महिला भारतीय मूल की महिलाओं को गालियां दे रही है और उन्हें भारत वापस जाने के लिए कह रही है। आरोपी महिला ने गाली देते हुए 'आई हेट यू इंडियंस, गो बैक' के नारे भी लगाए। आरोपी महिला बहस के दौरान आक्रामक होते हुए कहा कि मैं जहां भी जाऊं मेरी मर्जी, तुम भारतीय यहां क्यों आती हो? भारत की तारीफ क्यों कर रही हो? अगर भारत में जीवन इतना अच्छा था, तो तुम यहां क्यों आई? 'आई हेट यू इंडियंस, गो बैक' और इसके बाद महिला मारपीट करने लगी।

यह घटना गुरुवार रात टेक्सास के डलास की एक पार्किंग में हुई। महिला, जिसे अब गिरफ्तार कर लिया गया है, वीडियो में खुद को मैक्सिकन-अमेरिकी बता रही हैं और भारतीय अमेरिकी महिलाओं के एक समूह  के साथ हाथापाई करती नजर आ रही है। आरोपी महिला गुस्से में सभी महिलाओं को  'आई हेट यू इंडियन' तक बोल डाली। आरोपी महिला अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ये सभी भारतीय अमेरिका इसलिए आते हैं क्योंकि उन्हें एक बेहतर जिंदगी चाहिए।

इस घटना का वीडियो पोस्ट करते हुए एक शख्स ने लिखा कि यह घटना मेरी मां और उसकी तीन दोस्तों के डिनर पर जाने के बाद टेक्सास के डलास में हुई जहां एक मेक्सिकन-अमेरिकन महिला इन सभी भारतीय मूल की महिलाओं से उलझ गई और अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगी। मेरी मां को मैक्सिकन-अमेरिकी महिला द्वारा दिए गए तर्कों का विरोध करते हुए और नस्लीय गाली न देने का अनुरोध करते हुए देखा गया है। मैक्सिकन-अमेरिकी महिला आवेश में आकर हाथापाई पर उतर जाती है। 

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भारत ने यूक्रेन के संबंध में यूएनएससी में पहली बार रूस के खिलाफ मतदान किया

 वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में यूक्रेन पर एक ‘‘प्रक्रियात्मक मतदान’’ के दौरान रूस के खिलाफ बुधवार को पहली बार मतदान किया। संयुक्त राष्ट्र की 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को इस दौरान वीडियो-टेलीकॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया।

रूस की सेना ने फरवरी में यूक्रेन पर हमला कर दिया था। इसके बाद से यूक्रेन के मामले पर भारत ने पहली बार रूस के खिलाफ मतदान किया है। अभी तक नयी दिल्ली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यूक्रेन के मामले से बचता रहा है, जिससे अमेरिका समेत पश्चिम देश नाखुश हैं। यूक्रेन पर हमले के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर कड़े आर्थिक एवं अन्य प्रतिबंध लगाए हैं।

 
 
 

भारत ने यूक्रेन के खिलाफ रूस के हमले की निंदा नहीं की है। नयी दिल्ली ने रूस और यूक्रेन से कूटनीति एवं वार्ता के मार्ग पर लौटने की कई बार अपील की है और दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त करने के सभी कूटनीतिक प्रयासों में सहयोग व्यक्त किया है। भारत दो साल के लिए यूएनएससी का अस्थायी सदस्य है। उसका कार्यकाल दिसंबर में समाप्त होगा।

सुरक्षा परिषद ने यूक्रेन की स्वतंत्रता की 31वीं वर्षगांठ पर छह महीने से जारी युद्ध की समीक्षा के लिए बुधवार को एक बैठक की। जैसे ही बैठक शुरू हुई, संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वासिली ए नेबेंजिया ने वीडियो टेली-कॉन्फ्रेंस द्वारा बैठक में जेलेंस्की की भागीदारी के संबंध में एक प्रक्रियात्मक वोट कराने का अनुरोध किया। इसके बाद इसके पक्ष में 13 सदस्यों ने वोट किया, जबकि रूस से इस निमंत्रण के खिलाफ मत दिया और चीन ने वोट नहीं दिया।

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भारत-ब्राजील आपसी विकास के लिए सर्वोत्तम व्यवहार को साझा कर सकते है : जयशंकर

 ब्राजील (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत और ब्राजील केवल भागीदार नहीं हैं बल्कि अपने पारस्परिक विकास तथा प्रगति के लिए दोनों सर्वोत्तम व्यवहार को साझा कर सकते हैं। उन्होंने ब्राजील की अपनी पहली यात्रा के दौरान देश के प्रमुख कारोबारियों से बातचीत के दौरान यह बात कही।जयशंकर 22 से 27 अगस्त तक ब्राजील, पराग्वे और अर्जेंटीना की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यह दक्षिण अमेरिका की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है।

जयशंकर ने मंगलवार को ट्वीट किया, ब्राजील के उद्यमियों के संघ एलआईडीई के साथ बातचीत सार्थक रही। भारत और ब्राजील न केवल भागीदार हैं बल्कि अपने पारस्परिक विकास और प्रगति के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा कर सकते हैं।

 

 

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19 छात्रों और 2 शिक्षकों की मौत के 3 महीने बाद हुई कार्रवाई, पुलिस प्रमुख बर्खास्त...

 टेक्सास/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका के टेक्सास में उवाल्डे के एक स्कूल में मई महीने में हुई सामूहिक गोलीबारी में 19 छात्रों और दो शिक्षकों की मौत हो गई थी। अब घटना के तीन महीने बाद उवाल्डे स्कूल बोर्ड ने पुलिस प्रमुख को बर्खास्त कर दिया है। उवाल्दे कंसोलिडेटेड इंडिपेंडेंट स्कूल ड्रिस्ट्रिक्ट के बोर्ड आफ ट्रस्टीज ने पुलिस प्रमुख पीट अर्रेडोंडो  को बर्खास्त कर दिया। यह कार्रवाई अमेरिकी इतिहास में क्लास में सबसे घातक गोलीबारी के तीन महीने बाद हुई है। पीट पर राब एलीमेंट्री स्कूल में सामूहिक शूटिंग के दौरान कई गंभीर गलतियां करने का आरोप है, जिसकी वजह से 19 छात्र और दो शिक्षकों की मौत हो गई।

अर्रेडोंडो 24 मई की त्रासदी के लिए कानून प्रवर्तन प्रतिक्रिया पर बर्खास्त किए गए पहले अधिकारी हैं। केवल एक अन्य अधिकारी उवाल्दे पुलिस विभाग के लेफ्टिनेंट मारियानो परगास जो नरसंहार के दिन शहर के कार्यवाहक पुलिस प्रमुख थे, को शूटिंग के दौरान उनके कार्यों के लिए छुट्टी पर भेजा गया है।

अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्रवाई करने का आदेश नहीं देने के लिए अर्रेडोंडो की आलोचना की गई थी। टेक्सास के सार्वजनिक सुरक्षा विभाग के निदेशक कर्नल स्टीव मैकक्रा ने कहा है कि अरेडोंडो हमले के लिए कानून प्रवर्तन प्रतिक्रिया के प्रभारी थे। उवाल्डे स्कूल के अधिकारियों पर पीड़ितों के परिवारों और समुदाय के सदस्यों का बड़ा दबाव है, जिनमें से कई ने अर्रेडोंडो की समाप्ति की मांग की है। अधीक्षक हैल हरेल पहले जुलाई में अर्रेडोंडो को जलाने वाले थे, लेकिन पुलिस प्रमुख के वकील के अनुरोध पर उन्होंने अपना निर्णय स्थगित कर दिया। टेक्सास डिपार्टमेंट आफ पब्लिक सेफ्टी, जिसके पास घटनास्थल पर 90 से अधिक राज्य के सैनिक थे, ने भी राज्य पुलिस की प्रतिक्रिया की आंतरिक जांच शुरू की है।

राब एलीमेंट्री परिसर का अब नहीं किया जाएगा उपयोग
स्कूल के अधिकारियों ने कहा है कि राब एलीमेंट्री के परिसर का अब उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, उवाल्दे में कहीं और परिसर प्राथमिक विद्यालय के छात्रों के लिए अस्थायी कक्षाओं के रूप में काम करेंगे। शूटिंग के बाद कोई भी छात्र स्कूल लौटने के इच्छुक नहीं हैं।

छात्रों के लिए खोली जाएगी वर्चुअल अकादमी
स्कूल के अधिकारियों का कहना है कि छात्रों के लिए एक वर्चुअल अकादमी की पेशकश की जाएगी। जिले ने यह नहीं कहा है कि कितने छात्र वस्तुतः भाग लेंगे, लेकिन टेक्सास में पिछले साल पारित एक नया राज्य कानून महामारी के बाद दूरस्थ शिक्षा प्राप्त करने वाले पात्र छात्रों की संख्या को 'किसी दिए गए स्कूल प्रणाली के भीतर सभी नामांकित छात्रों का 10%' तक सीमित कर देता है।

उवाल्डे में स्कूल की सुरक्षा में सुधार के नए उपायों में प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालय परिसरों में '8-फुट, गैर-स्केलेबल परिधि बाड़ लगाना' शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अतिरिक्त सुरक्षा कैमरे, उन्नत ताले, जिला कर्मचारियों के लिए उन्नत प्रशिक्षण और संचार में सुधार भी किया है।

हालांकि, जिले की अपनी प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार तक आठ परिसरों में से छह परिसरों में कोई बाड़ नहीं लगाई गई थी, और केवल हाई स्कूल में कैमरे लगाए गए थे। आठ में से तीन परिसरों में ताले लगाने में कुछ प्रगति हुई है।

अमेरिका में दक्षिण टेक्सास के राब प्राथमिक विद्यालय में 25 मई 2022 को हुई गोलीबारी में 19 बच्चों की मौत हो गई थी। शूटर की उम्र 18 साल बताई गई थी। उसे पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान ढेर कर दिया गया था। टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबाट ने इस घटना को टेक्सास के इतिहास में गोलीबारी की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक बताया था।

 

 

 

 

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मैं ब्रिटेन-भारत के संबंध बदलना चाहता हूं, ताकि यह अधिक दोतरफा बन पाएं: ऋषि सुनक

 लंदन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ऋषि सुनक ने कहा कि वह ब्रिटेन और भारत के संबंधों को अधित दोतरफा बनाने के लिए उन्हें बदलना चाहते हैं, ताकि भारत में ब्रिटेन के छात्रों और कंपनियों की पहुंच सुगम हो सके। उत्तरी लंदन में प्रवासी संगठन ‘कंजर्वेटिव फ्रेंड्स ऑफ इंडिया’ (सीएफआईएन) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व चांसलर ने नमस्ते, सलाम, केम छो और किद्दा कहकर लोगों का अभिवादन किया।

इस कार्यक्रम में अधिकतर ब्रिटिश भारतीय शामिल हुए। उन्होंने हिंदी भाषा में लोगों को संबोधित करते हुए कहा, आप सब मेरा परिवार हो। सीएफआईएन की सह-अध्यक्ष रीना रेंजर के द्विपक्षीय संबंध पर किए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, हमें पता है कि ब्रिटेन और भारत के संबंध काफी मायने रखते हैं। हम दो देशों के बीच एक पुल की तरह हैं।

उन्होंने कहा, हम सभी को ब्रिटेन के लिए भारत में मौजूद चीजें बेचने और काम करने के अवसरों के बारे में पता है, लेकिन वास्तव में हमें इस रिश्ते को अलग तरह से देखने की जरूरत है क्योंकि ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो हम यहां ब्रिटेन में भारत से सीख सकते हैं। सुनक ने कहा, मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि हमारे छात्रों के लिए भारत जाना और वहां पढ़ना आसान हो, हमारी कंपनियों तथा भारतीय कंपनियों का एकसाथ काम करना आसान हो क्योंकि यह केवल एकतरफा रिश्ता नहीं है, यह दोतरफा रिश्ता है और मैं इस संबंध में इसी तरह का बदलाव लाना चाहता हूं।

सुनक ने चीन पर बात करते हुए उसकी आक्रामकता के खिलाफ ब्रिटेन के कड़ा रुख अपनाने की आवश्यकता पर एक बार फिर जोर दिया। उन्होंने कहा, चीन और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी हमारी आर्थिक तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इसका सामना यह देश लंबे समय से कर रहा है और हमें इसको लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

पूर्व मंत्री ने कहा,  इसमें कोई शक नहीं है कि बतौर प्रधानमंत्री मैं आपके परिवारों और हमारे देश को सुरक्षित रखने के लिए जो कुछ भी संभव होगा करूंगा क्योंकि एक कंजर्वेटिव प्रधानमंत्री के तौर पर यही पहला कर्तव्य है। हैरो के ‘धमेचा लोहाना सेंटर’ में ढोल की थाप और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सुनक ने कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने संक्षिप्त भाषण के बाद टोरी सदस्यों के साथ कई घंटे बिताए।

कार्यक्रम में मौजूद ‘श्री जगन्नाथ सोसायटी यूके’ की ट्रस्टी अमिता मिश्रा ने भारत से लाई गईं सोने की परत चढ़ाई देवताओं की मूर्ति सुनक को भेंट की। मिश्रा ने कहा, हम लंदन में जगन्नाथ मंदिर बनाने को लेकर काम कर रहे हैं और यह भेंट भारत की ओर से उन्हें आर्शिवाद के तौर पर दी गई है। मिश्रा के साथ एक पंडित भी मौजूद थे, जिन्होंने ‘भगवद गीता’ के एक विजय श्लोक का पाठ किया और फिर ‘गीता’ सुनक को सौंप दी।

वहीं, कंरर्वेटिव पार्टी के एक ब्रिटिश सिख सदस्य ने सुनक द्वारा एक जैक डेनियल व्हिस्की की बोतल पर हस्ताक्षर लेने के लिए कई घंटों इंतजार किया, जबकि वह और पूर्व चांसलर दोनों ही शराब नहीं पीते। उन्होंने कहा, मैं शराब नहीं पिता लेकिन यह खास तोहफा मुझे मेरे जन्मदिन पर मिला था और अब इस हस्ताक्षर ने इसे और खास बना दिया है।


 
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भारत ने चीन को आतंकवाद पर दोहरे मापदंड अपनाने को लेकर आगाह किया

 संयुक्त राष्ट्र (छत्तीसगढ़ दर्पण)। चीन पर प्रत्यक्ष तौर पर निशाना साधते हुए भारत ने आतंकवाद से लड़ने के मुद्दे पर किसी दोहरे मापदंड को लेकर आगाह किया और कहा कि यथास्थिति बदलने की कोशिश करने वाली कोई भी बलपूर्वक या एकतरफा कार्रवाई साझा सुरक्षा के सिद्धांत का उल्लंघन है। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने ‘संवाद एवं सहयोग के जरिये साझा सुरक्षा को बढ़ावा देने’ के विषय पर आयोजित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सभी देशों को एक-दूसरे की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सम्मान करना चाहिए।

यूएनएससी की यह बैठक चीन की ओर से बुलाई गई थी, जो अगस्त के लिए सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है और 15 सदस्यीय परिषद में उसके पास वीटो का अधिकार है। कंबोज ने चीन और उसके करीबी सहयोगी पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा, साझा सुरक्षा तभी संभव है, जब सभी देश आतंकवाद जैसे साझा खतरों के खिलाफ एक साथ खड़े हों और दोहरे मापदंड न अपनाएं। उन्होंने क्षेत्र में चीन के आक्रामक रुख को लेकर भी उस पर निशाना साधा।

 
 
 

कंबोज ने कहा, यथास्थिति बदलने की कोशिश करने वाली कोई भी बलपूर्वक या एकतरफा कार्रवाई साझा सुरक्षा का उल्लंघन है। साझा सुरक्षा तभी संभव है, जब देश एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करें, जैसे कि वे अपनी संप्रभुता का सम्मान किए जाने की उम्मीद करते हैं। कंबोज ने कहा, साझा सुरक्षा तभी संभव है, जब देश दूसरों के साथ किए गए द्विपक्षीय या बहुपक्षीय समझौतों का सम्मान करें और एकतरफा कदम न उठाएं।

 
 
 

इस टिप्पणी से उनका इशारा चीन द्वारा 2020 में पूर्वी लद्दाख में सैनिकों का जमावड़ा कर सीमा समझौतों का उल्लंघन करने की घटना की ओर माना जा रहा है।

 

 

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मलेशिया की शीर्ष अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में नजीब की सजा बरकरार रखी

 पुत्राजाया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मलेशिया की शीर्ष अदालत ने 1एमडीबी सरकारी निधि की लूट से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक की दोषसिद्धि तथा उन्हें सुनाई गई 12 साल की जेल की सजा बरकरार रखी। नजीब की यह आखिरी अपील रद्द होने का मतलब है कि वह तत्काल प्रभाव से अपनी सजा काटना शुरू करेंगे। इसके साथ ही वह देश के पहले पूर्व प्रधानमंत्री हैं जो जेल जाएंगे।

संघीय अदालत की पांच सदस्यीय पीठ ने कहा कि उसका सर्वसम्मति से मानना है कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने सही फैसला दिया और नजीब की अपील में दम नहीं है। अदालत ने नजीब की दोषसिद्धि और सजा की पुष्टि की।

 

 

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मशहूर गायिका बुलबुल-ए-पाकिस्तान नय्यरा नूर को दी गई आखिरी विदाई

 कराची (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  सीमा के दोनों तरफ लाखों लोगों का दिल जीतने वालीं मशहूर गायिका ‘बुलबुल-ए-पाकिस्तान’ नय्यरा नूर के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक शामिल हुए। भारत में जन्म लेने वाली नूर (71) का रविवार को दक्षिणी पाकिस्तानी शहर में कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया। उनके परिवार में उनके पति और दो बेटे हैं। रविवार को डीएचए के इमामबर्ग यासरब में नूर को जनाजे की नमाज के बाद उन्हें कब्रिस्तान में दफनाया गया।

दिग्गज़ हस्तियां, राजनेता, पत्रकार और संगीत प्रेमी बड़ी संख्या में उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए। नूर के पति शहरयार जैदी ने संवाददाताओं को बताया कि नूर पिछले डेढ़ साल से कैंसर से पीड़ित थीं। अखबार ने उनके पति के हवाले से कहा, नूर की मृत्यु पूरे देश के लिए एक क्षति है, लेकिन मेरा नुकसान अधिक है।

उन्होंने 1971 में पाकिस्तानी टेलीविजन सीरियल से पार्श्व गायन की शुरुआत की थी और उसके बाद उन्होंने घराना, तानसेन जैसी फिल्मों में अपनी आवाज दी। फिल्म घराना के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका घोषित किया गया और निगार पुरस्कार से नवाज़ा गया। उनकी प्रतिभा खुदा की इनायत थी। एक बार तराशे जाने के बाद, उन्होंने एक छात्र की तरह, अपनी कला को चमकाने के लिए लगन से काम किया।

नूर को 2006 में बुलबुल-ए-पाकिस्तान के खिताब से नवाज़ा गया था। इसी वर्ष उन्हें प्राइड ऑफ परफॉर्मेंस पुरस्कार से सम्मानित किया गया और 2012 तक, उन्होंने पेशेवर गायिकी को अलविदा कह दिया था। नूर के निधन की खबर पर कईं नेताओं, अभिनेताओं और संगीतकारों ने शोक व्यक्त किया है।


 
 
 
 
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जयशंकर ने पराग्वे में महात्मा गांधी की आवक्ष प्रतिमा का अनावरण किया

 एसनसियोन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पराग्वे में महात्मा गांधी की एक आवक्ष प्रतिमा का अनावरण किया और ऐतिहासिक कासा डी ला इंडिपेंडेंशिया की यात्रा की, जहां से दो सदी से भी अधिक समय पहले दक्षिण अमेरिकी देश की आजादी का आंदोलन शुरू हुआ था। जयशंकर दक्षिण अमेरिका के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के मकसद से अपनी छह दिवसीय यात्रा के पहले चरण पर ब्राजील पहुंचे। दक्षिण अमेरिका की पहली आधिकारिक यात्रा पर आए जयशंकर पराग्वे और अर्जेंटीना की यात्रा भी कर रहे हैं।

उन्होंने ट्वीट किया, पराग्वे के एसनसियोन में महात्मा गांधी जी की आवक्ष प्रतिमा का अनावरण करके गर्व की अनुभूति हुई। शहर के प्रमुख तट पर इसे स्थापित करने के एसनसियोन नगरपालिका के फैसले की सराहना करता हूं। यह एकता को दर्शाता है, जो कोविड महामारी के दौरान मजबूती से व्यक्त की गयी। उन्होंने कहा, ऐतिहासिक कासा डी ला इंडिपेंडेंशिया का दौरा किया, जहां से दो सदी से भी अधिक समय पहले पराग्वे की आजादी का आंदोलन शुरू हुआ था। हमारे साझा संघर्ष और बढ़ते संबंधों के लिए यह उपयुक्त प्रमाण है।

 

इससे पहले, जयशंकर ने शुक्रवार को नयी दिल्ली में लातिन अमेरिका और कैरिबियाई देशों के राजदूतों से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया था। विदेश मंत्रालय ने बताया कि जयशंकर की यात्रा का उद्देश्य महामारी के बाद सहयोग के नए क्षेत्रों को तलाशना है।

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चीन के सीमा समझौते के उल्‍लंघन से भारत के साथ सम्बंध प्रभावित : जयशंकर

 पाउलो (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा है कि भारत के साथ अपने सीमा समझौतों का चीन सम्मान नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि गलवान घाटी टकराव दोनों देशों के सम्बंधों पर छा रहा है और यह सम्बंध बहुत कठिन दौर में हैं।

डॉक्टर जयशंकर ने आज ब्राजील के साओ पाउलो में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि इसमें कोई गोपनीयता नहीं है कि भारत और चीन के सम्बंध बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। हमने चीन के साथ 1990 के दशक की स्थिति में लौटने के समझौते किए हैं, जिनमें सीमा क्षेत्रों में सैनिकों के एकत्र होने का निषेध किया गया है। उन्होंने कहा कि चीन इनका सम्मान नहीं कर रहा है। डॉक्टर जयशंकर ने कहा है कि कोई सम्बंध एक तरफा नहीं हो सकता है और स्थिति सामान्य बनाए रखने के लिए आपसी सम्मान जरूरी है। उन्होंने कहा कि चीन पड़ोसी है और हर कोई अपने पड़ोस के साथ रहना चाहता है, लेकिन इसकी तर्क संगत स्थिति होनी चाहिए।

 

यूक्रेन-रूस संघर्ष के दौरान ऑपरेशन गंगा की सफलता का उल्लेख करते हुए डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि भारत अब बड़ी चीजें करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि भारत आज़ादी के 75 साल मना रहा है। इस समय भारत आशावाद से भरा हुआ है। डॉक्टर जयशंकर अर्जेंटीना और पैराग्वे समेत  लेटिन अमरीकी देशों की तीन दिन की यात्रा के पहले चरण में ब्राजील के साओ पाउलो में भारतीय समुदाय से मुलाकात की।

 

डॉक्टर जयशंकर ने ब्राजील और भारत के बीच प्रभावी सेतु बनने के लिए भारतीय समुदाय को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भारत-ब्राजील के बीच सद्भावपूर्ण संबंध है और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ रहा है। यात्रा के दौरान विदेश मंत्री तीनों देशों के शीर्ष नेतृत्व से भी मुलाकात करेंगे।

 

 

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