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सिरसी व बड़सरा मैं मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव

भैयाथान (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिरसी हाई स्कूल व शासकीय प्राथमिक शाला बड़सरापारा में शाला प्रवेश उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में अधिकारी, शिक्षक, जनप्रनिधिगण व अभिभावकों ने नव प्रवेशी बच्चों को तिलक लगाते हुए मिठाई खिलाकर स्वागत किया। बच्चों को पुस्तक व गणवेश भी वितरण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहायक विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह ने बच्चों के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें नियमित स्कूल आने को कहा साथ ही पालकों से भी आग्रह किया कि आप सभी बच्चों को नियमित रूप से बच्चों को स्कूल भेंजे व स्कूल से दिए गए होमवर्क का अवलोकन व पढ़ने में बच्चों का यथासंभव मदद करें तभी बच्चा शत प्रतिशत अपने स्तर के ज्ञान को अर्जन कर सकेगा। सभी पालक स्कूल आकर शिक्षक व बच्चों की उपस्थिति, अध्ययन अध्यापन, शैक्षिक गतिविधियों का अवलोकन समय- समय में करते रहें जिससे स्कूल की शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त हो सके।वही दूसरी ओर हाई स्कूल सिरसी में शाला प्रवेशोत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं को तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर व माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर छात्र-छात्राओं को पुस्तक-कापी वितरित किए गए। शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में सिरसी सरपंच शिव कुमारी,वली मोहमद,प्रचार्य निर्मल राम,आंनद सिंह,रामशंकर साहू,संदीप कुशवाहा, ईश्वर लाल,सुनील सोनी, स्मृति कुशवाहा, निभा वर्मा सहित स्कूल के सभी शिक्षक उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन सिरसी में विनय चौबे व बड़सरा में कुलदीप सिंह ने किया।

संविलियन दिवस पर शिक्षकों ने किया वृक्षारोपण
शिक्षकों का संविलियन दिवस के अवसर पर विद्यालय परिसर में सहायक विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी, शिक्षक,अभिभावकों ने विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया।

कार्यक्रम में संकुल केंद्र बड़सरा 01 व 02 के विभिन्न स्कूलों के संस्था प्रमुख शिवनाथ सिंह प्राथमिक शाला घुई पारा,सुग्रीव प्रसाद कुशवाहा,संधारी राम देवांगन, राज कुमार कुशवाहा प्राथमिक शाला नागमुड़ा, प्रदीप सिंह प्राथमिक शाला डाला बहरा, दुर्गा शंकर पैकरा प्राथमिक शाला पण्डो पारा, ईश्वर सिंह प्राथमिक शाला बड़सरा , स्कूल स्टॉप पुरन सिंह, रामकुमार, महेंद्र, मानमती,विमला, राम प्रकाश पंच, अभिभावक व बच्चे शामिल रहे।
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राज्य में शिक्षक कर रहे नवाचार, स्मार्ट टीवी के माध्यम से करवा रहे पढ़ाई

गणित सिखाने के लिए उपकरणों का कर रहे प्रयोग
रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वर्तमान परिवेश में स्लेट का अस्तित्व लगभग समाप्त होने की ओर है, ऐसी स्थिति में बेमेतरा जिले की शिक्षिका श्रीमती हेम कल्याणी सिन्हा ने स्कूल में बच्चों को स्लेट के माध्यम से पढ़ाने के लिए प्रेरित करने और उत्कृष्ट कार्य करने का प्रयास किया है। जिसके फलस्वरूप उनके स्कूल के बच्चे स्लेट के माध्यम से लगातार प्रयास करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में अपना कौशल दिखा रहे हैं। यह जानकारी विद्यालय प्रवेश एवं शिक्षा में गुणवत्ता के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित वेबीनार में दी गई। वेबीनार में अन्य शिक्षकों ने भी अपने-अपने जिलों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के अनुभवों को साझा किया।

सरगुजा जिले की शिक्षिका श्रीमती प्रमिला कुशवाहा पॉकेट बोर्ड और प्लेस कार्ड के उपयोग से बच्चों को शिक्षा देने का प्रयास किया है। वे अपने स्कूल में बच्चों को उनका निरंतर उपयोग करने के बारे में बताती हैं। बालोद जिले की शिक्षिका श्रीमती चित्रमाला राठी ने अपने स्कूल की सभी कक्षाओं को प्रिंटर इंच के अनुसार तैयार किया है। जिससे विद्यार्थी शाला में आकर प्रिंटर इंच के माध्यम से स्वयं पढ़ाई कर सकें। श्रीमती राठी के इस कार्य से शिक्षण गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
 
कवर्धा जिले के शिक्षक कैलाश मण्डावी ने बताया कि वे अपने स्कूल में गणित से भयभीत रहने वाले बच्चों को विभिन्न मॉडलों और प्रायोगिक उपकरणों की सहायता से सरल तरीके से जोड़, गुणा, भाग, भिन्न, स्थानीय मान को समझाते हैं। इससे बच्चों में इन विषयों के प्रति रूचि बढ़ी है। बिलासपुर जिले की श्रीमती दीप्ति दीक्षित खिलौना निर्माण कर बच्चों को खेल-खेल में पढ़ा रही हैं। उनके इस सराहनीय प्रयास के कारण बच्चों के शिक्षण कौशल में वृद्धि हुई है। दुर्ग जिले की श्रीमती निधि जैन आधारभूत साक्षरता और गणितीय कौशल के लिए उत्कृष्ट कार्य किया है। इसी प्रकार बिलासपुर जिले की श्रीमती स्वाति कश्यप ने भी स्कूल में आधारभूत साक्षरता और गणितीय कौशल कार्नर का निर्माण कर बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार का प्रयास किया है।
 
जांजगीर जिले में आउट ऑफ स्कूल के लिए धर्मदास मानिकपुरी के प्रयास में बहुत हद तक पलायन करने वाले बच्चों को रोकने का प्रयास किया है। प्रथम बार राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बालवाड़ी के द्वारा बच्चों को शिक्षा प्रदान करनेे के उद्देश्य से बालवाड़ी का गठन किया गया। इस बालवाड़ी में बच्चों की शिक्षा के लिए जशपुर जिले की श्रीमती संतोषी डड़सेना विस्तार से चर्चा की। गरियाबंद जिले में चित्रसेन पटेल ने स्कूल प्रबंधन कमेटी में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उत्कृष्ट प्रयास किए हैं। उन्होंने स्कूल प्रबंधन के माध्यम से बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया है।
 
इसी प्रकार बलौदाबाजार जिले में स्मार्ट माता के लिए श्रीमती रानू भट्ट ने आंगन में आसपास के बच्चों को शिक्षा देकर उत्कृष्ट कार्य किया है। राजनांदगांव जिले के मोहला ब्लॉक नवीन तकनीक का उपयोग करते हुए राजेन्द्र कुमार देवांगन के साथ शिक्षक राजकुमार यादव ने प्रयास कर विकासखण्ड के सभी स्कूलों में स्मार्ट टीवी के माध्यम से बच्चों को शिक्षा देने का प्रयास किया है। उन्होंने स्मार्ट टीवी के लिए किसी भी प्रकार का शासकीय अनुदान न लेकर जनभागीदारी से स्मार्ट टीवी स्कूलों में लगवाया है। रायगढ़ जिले में बच्चों की रिडिंग स्पीड बढ़ाने के लिए रविशंकर सारथी ने बहुत अच्छा प्रयास किया है। श्रीमती वंदिता शर्मा ने मुंगेली जिले में और भूपेन्द्र कुमार श्रीवास ने दंतेवाड़ा जिले में उपचारात्मक एवं सरल उपचारात्मक कार्यक्रम का उत्कृष्ट कार्य किया है। किचन से विज्ञान के विभिन्न प्रयोगों के लिए बस्तर जिले में विष्णु मोहन मिश्रा ने अपने किचन में जाकर विज्ञान के विभिन्न प्रयोगों को दिखाकर बच्चों को प्रयोग करने की शिक्षा दी है।
 
वेबीनार में नेशनल एचीवमेंट सर्वे में राज्य में उच्च स्थान प्राप्त करने वाले महासमुंद जिले के स्वरूप पटेल, असर के लिए राज्य में उच्च स्थान रखने वाले धमतरी जिले के सूर्यकांत बैरागी ने अपने विचार व्यक्त किए। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका चर्चा पत्र का के अनुसार बस्तर जिले में इसका क्रियान्वयन का उत्कृष्ट कार्य श्रीनिवास एटला ने जिले के सभी संकुल और स्कूलों में करवाया है।
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विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह के बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें : शम्मी आबिदी

 सरगुजा संभाग में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की समीक्षा

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आदिम जाति विभाग की आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी ने एकलव्य विद्यालयों के बेहतर संचालन के संबंध में शुक्रवार को सरगुजा संभाग में संचालित 22 एकलव्य आदर्श विद्यालयों के प्राचायों एवं छात्रावास अधीक्षकों की बैठक लेकर समीक्षा की। उन्होंने कहा कि एकलव्य विद्यालयों में अध्ययनरत विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह के बच्चों पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। यह बच्चे बहुत ही विषम परिस्थितयों से आते हैं, जिसके कारण इनमें शिक्षा का स्तर अन्य बच्चों की तुलना में अपेक्षाकृत कम होता है। श्रीमती आबिदी ने कहा कि इनमें शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना एवं इनमें साक्षरता की दर को बढ़ाना प्राचायों एवं छात्रावास अधीक्षकों का मुख्य उददेश्य होना चाहिए। समीक्षा बैठक आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) के सभाकक्ष में आयोजित की गई।

समीक्षा बैठक में पीपीटी के माध्यम से विद्यालयवार ली गई जानकारी में सूरजपुर जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की बेहतर व्यवस्था पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। अन्य विद्यालयों के संचालन में आ रही समस्याओं को दूर करने हेतु मार्गदर्शन दिया गया। प्राचार्याे एवं छात्रावास अधीक्षकों से विद्यालय व्यवस्था में सुधार के संबंध में सुझाव भी लिए गए। विद्यालय में सौर ऊर्जा की व्यवस्था कराने, आरओ वाटर प्यूरिफायर की ओर अधिक मशीन लगाने, हैडपंप, बोर, पानी टंकी, तड़ित चालक, इन्वरटर आदि की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। आयुक्त श्रीमती आबिदी द्वारा इस संबंध में शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

श्रीमती शम्मी आबिदी द्वारा निर्देश दिए गए कि विद्यालयों में सभी बच्चों को कॉपी-किताबें, गणवेश, जूता-मौजा, स्कूल बैग आदि समय पर मिल जाने चाहिए। विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम का शिक्षक उपलब्ध ना होने पर शीघ्र आउटसोर्सिंग से अंग्रेजी शिक्षक की व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए। विद्यालयों में अच्छी लाइबेरी, कम्प्यूटर लैब आदि की भी व्यवस्था करने कहा गया। विद्यालय भवन, कक्षारूम, आवासीय व्यवस्था, किचन एवं शौचालय को साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिए गए। विद्यालय में उपयोग हेतु क्रय की गई प्रत्येक सामग्री का स्टॉक पंजी में संधारण किए जाने पर बल दिया। इसके अलावा अन्य पंजियों का भी संधारण किए जाने कहा गया।

उल्लेखनीय है कि एकलव्य विद्यालयों की बेहतर संचालन के उद्देश्य से संभागवार तीन चरणों में प्राचार्यों और छात्रावास अधीक्षकों की समीक्षा बैठक (TRTI) में आयोजित की गई है। प्रथम चरण में 30 जून को बस्तर संभाग की बैठक आयोजित की गई। द्वितीय चरण में आज सरगुजा संभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। द्वितीय चरण में 4 जून को रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग की बैठक आयोजित की गई है।
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मंत्री लखमा ने किया लेखा प्रशिक्षण शाला का शुभारंभ

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वाणिज्य एवं उद्योग तथा बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने शुक्रवार को जगदलपुर के संयुक्त जिला कार्यालय भवन में लेखा प्रशिक्षण शाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि आजादी के 75वें वर्षगांठ के अवसर पर बस्तर अंचलवासियों को एक बड़ी सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए कार्य कर रही है। इसी कड़ी में बस्तर संभाग के लिपिकीय कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए यह शाला प्रारंभ की गई है। लखमा ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पुरानी पेंशन लागू करने के ऐतिहासिक निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ शासन की कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि पूर्व में कर्मचारियों को चार माह के इस प्रशिक्षण के लिए रायपुर और बिलासपुर जाना पड़ता था, जो कर्मचारियों के लिए काफी तकलीफदायक था। प्रशिक्षण मिलने से कार्य की गुणवत्ता बढ़ने के साथ ही गति भी बढ़ेगी।

कोष, लेखा एवं पेंशन के संचालक नीलकंठ टीकाम ने कहा कि बस्तर संभाग में लगभग डेढ़ लाख कर्मचारी पदस्थ हैं, जबकि पूरे प्रदेश में कर्मचारियों की संख्या लगभग साढ़े चार लाख है। उन्होंने बताया कि बिना लेखा प्रशिक्षण के एकाउंटेंट का कार्य नहीं कर सकता। लेखा प्रशिक्षण के पश्चात एक वेतन वृद्धि मिलने की बात भी उन्होंने कही। उन्होंने कहा कि यहां शासकीय के साथ ही अर्द्ध शासकीय कार्यालयों के लिपिकों को शासन के नियमानुसार कार्य करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समस्त लेनदेन ऑनलाइन माध्यम से किए जाने के संबंध में भी उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि इससे सहूलियत बढ़ी है।
 
इस अवसर पर महापौर श्रीमती सफीरा साहू, नगर निगम सभापति श्रीमती कविता साहू, कोष, लेखा एवं पेंशन के संचालक नीलकंठ टीकाम, बस्तर कलेक्टर रजत बंसल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित व्यास उपस्थित थे।
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शासकीय ईवीपीजी कॉलेज के जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष नियुक्त किए गए दिनेश सोनी

 प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर 2 साल के लिए हुए नियुक्त

कोरबा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शासकीय इंजी. विश्वैश्वरैया स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोरबा के जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष पद पर नगर पालिक निगम, कोरबा के वार्ड क्र.-11 नई बस्ती के पार्षद दिनेश सोनी को नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ राज्य सरकार में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग व अल्प संख्यक विकास, स्कूल शिक्षा तथा सहकारिता व कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम की अनुशंसा पर 29 जून 2022 को कोरबा कलेक्टर की ओर से जारी आदेश के तहत की गई है। दिनेश सोनी का अध्यक्षीय कायर्काल पदभार ग्रहण करने के दिनांक से 2 वर्ष के लिए होगा।
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हिंदी विश्‍वविद्यालय में पंचगव्य आधारित उत्‍पादों पर कौशल विकास प्रशिक्षण से कर्मचारी, विद्यार्थी बनेंगे आत्मनिर्भर : प्रो. चंद्रकांत रागीट

वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय एवं महात्‍मा गांधी ग्रामीण औद्योगीकरण संस्‍थान, वर्धा (एमगिरी) के संयुक्‍त तत्‍वावधान में पंचगव्‍य आधारित उत्‍पादों पर कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत दो दिवसीय (1 एवं 2 जुलाई) प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन प्रतिकुलपति प्रो. चंद्रकांत रागीट की अध्‍यक्षता में शुक्रवार, 01 जुलाई को विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में किया गया। आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से सप्ताह मनाया जा रहा है, इसके तहत यह आयोजन किया गया। इस अवसर पर एमगिरी के वरिष्‍ठ तकनीकी सहायक डॉ. जयकिशोर छांगाणी ने पंचगव्‍य आधारित उत्‍पादों को तैयार करने की प्रक्रिया बताते हुए आत्‍मनिर्भर बनाने की दिशा में एमगिरी द्वारा निर्मित उत्‍पादों की जानकारी दी।

अध्‍यक्षीय उद्बोधन में प्रतिकुलपति प्रो. चंद्रकांत रागीट ने कहा कि प्रथम चरण में विश्‍वविद्यालय के कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आगामी दिनों में विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम की प्रस्‍तावना में महात्‍मा गांधी फ्यूजी गुरुजी सामाजिक कार्य अध्‍ययन केंद्र के निदेशक प्रो. मनोज कुमार ने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की बात महात्‍मा गांधी ने की थी। गांधी के विचारों को केंद्र में रखकर विश्‍वविद्यालय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। पंचगव्‍य आधारित उत्‍पादों का लाभ परिसर के लोगों को भी मिल पाएगा। उद्घाटन के बाद गौशाला में पंचगव्‍य आधारित उत्‍पादों को तैयार करने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिव सिंह बघेल ने किया तथा आभार डॉ. मिथिलेश कुमार तिवारी ने ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. के बालराजु, डॉ. प्रियंका मिश्र, विनोद वैद्य सहित कार्यशाला में स‍हभागिता कर रहे कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थि‍त थे।
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स्कूली बच्चो ने शिक्षक की मांगो को लेकर किया चक्काजाम

धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के कुरूद ब्लाक के ग्राम भेलवाकूदा माध्यमिक शाला के विद्यार्थियों ने स्कूल में शिक्षक की कमी दूर करने सहित अन्य मांगो को लेकर चक्काजाम कर दिया और अपनी मांगो को लेकर जमकर नारेबाजी की। वहीं चक्कजाम की सुचना मिलने पर भखारा तहसीलदार और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे।

विद्यार्थियों ने बताया कि स्कूल में दो शिक्षको की कमी है, ऐसे में शिक्षक नहीं होने के कारण से पढ़ाई नही हो पा रही है, इसके साथ ही बताया कि कक्षा 7वीं और 8वीं में कुल 55 विद्यार्थी अध्यनरत है, लेकिन कक्ष नही होने के कारण दोनों कक्षा के बच्चो को एक साथ बैठकर पढाई करना पड़ता है। स्कूल में पीने की पानी का व्यवस्था नही है। जिसके कारण से उन्हे पानी के लिए भटकना पड़ता है। जिससे नाराज विद्यार्थियों ने आज गांव में मुख्य मार्ग में चक्काजाम कर दिया और जमकर नारेबाजी की। वही भखारा तहसीलदार,थाना प्रभारी भखारा व्दारा स्कूल की समस्याओ को दूर करने का आश्वासन देने के बाद विद्यार्थी माने।
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उपराष्ट्रपति ने विद्यालयों में शिक्षा के माध्यम के रूप में मातृभाषा का समर्थन किया

नई दिल्ली(छत्तीसगढ़ दर्पण)। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु ने देश के विद्यालयों से छात्रों में जिज्ञासा, नवाचार और उत्कृष्टता की भावना को बढ़ावा देने का अनुरोध किया, जिससे वे तकनीक संचालित 21वीं सदी के विश्व की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। श्री नायडु ने रटने वाली पढ़ाई को छोड़ते हुए शिक्षा के लिए भविष्यवादी दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, सबसे अच्छा कौशल, जो विद्यालय आज छात्रों को प्रदान कर सकते हैं, वह अनुकूलन क्षमता है। उपराष्ट्रपति ने विद्यालयों से छात्रों को आत्मचिंतन करने और अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करके नवाचार करने को लेकर प्रशिक्षित करने के लिए कहा।


उपराष्ट्रपति ने चेन्नई के पास स्थित वीआईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की एक पहल-वेल्लोर इंटरनेशनल स्कूल का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में श्री नायडु ने एक बच्चे के शुरुआती वर्षों के दौरान स्कूली शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस पर अपनी चिंता व्यक्त की कि छात्र पारंपरिक शिक्षा प्रणाली के तहत कक्षा की चारदीवारी में अधिकांश समय बिता रहे हैं। उन्होंने छात्रों को बाहर के संसार का अनुभव करने – प्रकृति की गोद में समय बिताने, समाज के सभी वर्गों के साथ बातचीत करने और विभिन्न शिल्प व व्यापार को समझने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।

श्री नायडु कक्षा की पढ़ाई को क्षेत्रीय गतिविधियों, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सेवा पहलों के साथ पूरक बनाए जाने की अपनी इच्छा व्यक्त की। उन्होंने आगे कहा कि कम उम्र से ही छात्रों में सेवा और देशभक्ति की भावना पैदा करने की सख्त जरूरत है।

उपराष्ट्रपति ने इस बात को याद किया कि भारत की प्राचीन गुरुकुल प्रणाली शिक्षक के बच्चों के बीच समय बिताने के साथ एक व्यक्ति के समग्र विकास पर केंद्रित थी। इसमें छात्रों के चरित्र निर्माण और सही मूल्यांकन पर जोर दिया गया था। उपराष्ट्रपति ने विद्यालयों से ‘गुरु शिष्य परंपरा’ के सकारात्मक पहलुओं को अपनाने पर जोर दिया। इसके अलावा श्री नायडु ने पाठ्यक्रम व पाठ्येतर गतिविधियों के बीच कृत्रिम अलगाव को दूर करने और शिक्षा में बहु-विषयकता को प्रोत्साहित करने का भी आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि उनकी इच्छा है कि विद्यालय एक मूल्य-आधारित समग्र शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करें, जो “हर एक छात्र में महान क्षमता और उच्चतम गुणों” का विकास करे। उन्होंने उल्लेख किया कि “मूल्यों के बिना शिक्षा, शिक्षा न मिलने के समान है।”

उपराष्ट्रपति ने विद्यालयों में शिक्षा के माध्यम के रूप में मातृभाषा के महत्व को रेखांकित किया। श्री नायडु ने कहा, “हमें छात्रों को अपने सामाजिक परिवेश में अपनी मातृभाषा में स्वतंत्र रूप से बोलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। जब हम स्वतंत्र रूप से और गर्व के साथ अपनी मातृभाषा में बात कर सकेंगे, उस समय ही हम अपनी सांस्कृतिक विरासत की सही मायने में सराहना कर सकते हैं।”

इसके अलावा उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अपनी मातृभाषा के अलावा अन्य भाषाओं में किसी की दक्षता सांस्कृतिक जुड़ाव के निर्माण में सहायता करती है और अनुभव के नए संसार के लिए खिड़कियां खोलती हैं। हालांकि, श्री नायडु ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी भाषा को थोपा नहीं जाना चाहिए और न ही इसका कोई विरोध होना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने आगे सुझाव दिया कि यथासंभव भाषाएं सीखनी चाहिए, लेकिन मातृभाषा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

श्री नायडु ने विद्यालयों से बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए छात्रों को नियमित शारीरिक गतिविधि के लिए प्रोत्साहित करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने छात्रों को स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने के लिए उत्साहपूर्वक खेल या किसी भी तरह के व्यायाम की सलाह दी।

इस कार्यक्रम में तमिलनाडू के एमएसएमई मंत्री टीएम अंबारासन, वीआईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के संस्थापक व कुलपति डॉ. जी विश्वनाथन, वीआईटी के वीआईएस व उपाध्यक्ष जीवी सेल्वम, वीआईटी के उपाध्यक्ष शंकर विश्वनाथन, वीआईटी के उपाध्यक्ष सेकर विश्वनाथन और अन्य उपस्थित थे।
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दुर्ग जिले में मॉडल बनेगा भिलाई-3 के आत्मानंद स्कूल का आडिटोरियम : चैतन्य बघेल

भिलाई-3 (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वामी आत्मानंद जनता उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल भिलाई-3 में भव्य आडिटोरियम निर्माण का काम शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुपुत्र चैतन्य बघेल ने महापौर निर्मल कोसरे की मौजूदगी में श्रीफल तोड़कर कार्य शुभारंभ किया। इस दौरान चैतन्य बघेल ने कहा कि यह आडिटोरियम दुर्ग जिले में मॉडल बनेगा। उन्होंने शाला भवन का अवलोकन कर छात्र-छात्राओं को बेहतर पढ़ाई के माध्यम से क्षेत्र का नाम रौशन करने की प्रेरणा दी।

भिलाई-चरोदा नगर निगम द्वारा भिलाई-3 के स्वामी आत्मानंद जनता उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल में 1 करोड़ 46 लाख रुपए की लागत से भव्य आडिटोरियम का निर्माण शुरू कर दिया गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री के सुपुत्र चैतन्य बघेल ने पूजा अर्चना के साथ श्रीफल तोड़कर इसका कार्य प्रारंभ कराया। इस दौरान मुख्यमंत्री के ओएसडी मनीष बंछोर, महापौर निर्मल कोसरे और निगम सभापति कृष्णा चंद्राकर सहित एमआईसी सदस्य और पार्षदगण उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत प्राचार्य मीरा अनिल कुमार ने किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि चैतन्य बघेल ने शाला भवन का अवलोकन किया और प्रत्येक कक्ष में जाकर अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बेमिसाल काम कर रही है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।

उन्होंने बच्चों को अच्छी पढ़ाई करते हुए भिलाई-चरोदा का नाम रौशन करने के लिए प्रेरित किया। महापौर निर्मल कोसरे ने बताया कि निर्माणाधीन आडिटोरियम पूरी तरह से वातानुकूलित होगा। इसमें एक साथ लगभग चार सौ लोगों की बैठक क्षमता रहेगी। आडिटोरियम के बन जाने से शैक्षणिक सेमीनार सहित अन्य आयोजनों को संपन्न कराने एक सर्वसुविधायुक्त जगह उपलब्ध हो जाएगी।

इस अवसर पर निगम आयुक्त कीर्तिमान सिंह राठौर, प्राचार्य मीरा अनिल कुमार, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज मढ़रिया, एमआईसी सदस्य मोहन साहू, एस वेंकट रमना, देव कुमारी भलावी, संतोषी निषाद, एम जॉनी, पार्षद टेनेन्द्र ठाकरे, डे साहब वर्मा, भूपेंद्र वर्मा, सुषमा चन्द्राकर, ब्लॉक कांग्रेस महामंत्री पप्पू चन्द्राकर, महिला कांग्रेस नेत्री दुलारी वर्मा, कुमुद मढ़रिया, बिटावन वर्मा, बीएन राजू, नौशाद सिद्दीकी, आशीष वर्मा, संतोष मंडपे, इंद्रजीत यादव, युवराज कश्यप, मिलिंद दानी, मधु स्वर्णकार, डॉली वर्मा, रीना वर्मा, लोकल सिन्हा, लक्ष्मी नरसिम्हा आदि उपस्थित थे।

महापौर के प्रयास से सौ बैंच उपलब्ध
महापौर निर्मल कोसरे के प्रयास से छात्र-छात्राओं की बैठक व्यवस्था हेतु सौ नग कुर्सी सहित बैंच उपलब्ध कराया गया। महापौर कोसरे ने पिछले दिनों प्रवेश के लिए लॉटरी सिस्टम आयोजित किए जाने की प्रक्रिया में भाग लेने के बाद अपने प्रयास से सौ नग कुर्सी सहित बैंच उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। उसी घोषणा को आज पूरा किया गया। इसके लिए शाला परिवार की ओर से महापौर का आभार जताया गया।

 
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आरटीई अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थियों का होगा भौतिक सत्यापन

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। संचालक लोक शिक्षण ने निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) अंतर्गत प्रदेश में संचालित निजी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के भौतिक सत्यापन करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं।

जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र में कहा गया है कि पोर्टल का अवलोकन किया गया हैं जिसमें जिलों द्वारा किए गए सत्यापन में भी विभिन्न भिन्नताएं परिलक्षित हो रही हैं, जिसे अपडेट किया जाना है। कुछ जिला शिक्षा अधिकारियों के द्वारा सत्यापन दौरान पोर्टल में आ रही विभिन्न समस्याओं से दूरभाष पर अवगत कराया गया है। जिसे एनआईसी द्वारा सुधार लिया गया है। पोर्टल में सत्यापन उपरांत अपात्र वाले कॉलम में जिला शिक्षा अधिकारी लॉगइन से अपात्र विद्यार्थियों को डिलिट करने का विकल्प दिया गया है। अर्थात् जिन विद्यार्थियों को आरटीई अंतर्गत अपात्र माना गया है ऐसे विद्यार्थियों की जानकारी को एक सप्ताह के भीतर पोर्टल से डिलिट किया जाए। किसी भी स्थिति में अपात्र विद्यार्थियों हेतु निजी विद्यालय को शुल्क की प्रतिपूर्ति की जाती है, तो यह कार्य वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में माना जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी व्यक्तिगत रूप से जिला शिक्षा अधिकारी की होगी। अतः तदनुसार कार्यवाही कर पोर्टल में जानकारी अपडेट करें, एवं डिलिट किए गए, सत्यापित किए गए तथा शाला त्यागी विद्यार्थियों की सूची विद्यालयवार संधारित कर कार्यालय में रखी जाए। इस संबंध में की गई कार्यवाही का पूर्णता प्रमाण पत्र जिला शिक्षा अधिकारी स्वयं के हस्ताक्षर से संचालक लोक शिक्षण संचालनालय कार्यालय को प्रेषित करें।
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मैक सॉलिटेयर प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताएंं आयोजित

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महाराजा अग्रसेन कॉलेज में विगत दो माह से मैक सॉलिटेयर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिसमें 28 जून को कुकिंग एवं हेयर स्टाइल कॉम्पिटिशन आयोजित किया गया। 29 जून को इसी क्रम में सोलो एवं ग्रुप डांस कॉम्पिटिशन का आयोजन किया जा रहा है।

मैक सॉलिटेयर प्रशिक्षण कार्यक्रम में आर्ट एंड क्राफ्ट, सेल्फ डिफेंस, योग प्रशिक्षण, डाइट एंड न्यूट्रीशन, पर्सनालिटी डेवलपमेंट, कुकिंग, मेकअप एंड हेयर स्टाइल, जुम्बा एंड डांस, तथा यूजेज ऑफ सोशल मीडिया आदि का आयोजन किया गया। जिसमें अनुभवी प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित प्रशिक्षकों में आर्ट एंड क्राफ्ट के लिए मिस निबेदिता पंडा, सेल्फ डिफेंस के लिए मिस लीना यादव, मि. रूपेंद्र, मिस मधुरानी, डाइट एंड न्यूट्रीशन के लिए डॉ. विवेक भारती, कुकिंग के लिए मि. लोकेश गुप्ता, जुम्बा एंड डांस के लिए मि. रवि जगत, एवं योग प्रशिक्षण के लिए मिस शुभि सारडा एवं कीर्ति साहू आदि ने विभिन्न प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देकर लाभान्वित किया।

मैक सॉलिटेयर गृहणियों एवं युवतियों में रोजगारोन्मुखी विकास से परिचित कराने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्रीष्मकालीन अवकाश में गृहणियों एवं युवतियों के व्यक्तित्व को निखारने में मैक सॉलिटेयर प्रशिक्षण कार्यक्रम अहम भूमिका निभाता है।
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शास हाई स्कूल सोरिदभाट में नशामुक्त धमतरी अभियान, बच्चों को बताए गए नशे के दुष्प्रभाव

धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर के निर्देश अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निवेदिता पॉल के मार्गदर्शन, उप पुलिस अधीक्षक अजाक रागिनी मिश्रा के नेतृत्व में नशामुक्त धमतरी अभियान हुआ। धमतरी जिले को नशा मुक्त करने की दिशा में धमतरी पुलिस का प्रयास जारी रहेगी।

डीएसपी रागिनी मिश्रा ने बुधवार को शासकीय हाई स्कूल सोरिदभाट धमतरी के छात्र छात्राओं को नशामुक्त धमतरी अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि आज से सभी अपने.अपने परिवार, रिस्तेदारों, दोस्तों के यहां अगर नशे का सेवन करते होंगे तो उनको नशे के सेवन से शरीर पर होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बतायें, ताकि नशे का सेवन करना छोड़ दे। ऐसा करके आप लोग भी जागरूक नागरिक होने का परिचय दें सकते हैं। सामुदायिक पुलिसिंग व नशा उन्मूलन कार्यक्रम नशामुक्त धमतरी के अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल सोरिदभाट धमतरी के छात्र छात्राओं को नशा उन्मूलन के तहत गुड़ाखू, गांजा, बीड़ी, सिगरेट, सिलोशन व सीरिंज से नशे लेने पर, होने वाले दुष्परिणामों के बारे में बताते हुए जागरूक किया गया। छात्र छात्राओं को ये भी बताया गया, अगर कोई व्यक्ति ज्यादा ही नशे कि लत में है तो उनका काउंसलिंग कर नशा मुक्ति केंद्र ले जाकर उनको नशे से निजात दिलाया जाएगा। नशा मुक्ति से परिवार को टूटने से बचाया जा सकता है। नशे से हो रही दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। आज के युवा पीढ़ी को नशा के गिरफ्त में जाने से रोका जा सकता है, आज के लाखों युवा ड्रग्स के शिकार हो रहे हैं। जिसके चलते हत्या लूट डकैती जैसे जनघन्य अपराध कर रहे हैं। जिसको रोकना बहुत ही जरूरी है। इस अभियान का यही मकसद है लोगों को नशा मुक्त करने के लिए जागरूक करना।

उक्त सराहनीय पहल में नशामुक्त के नोडल डीएसपी रागिनी मिश्रा व शासकीय हाई स्कूल सोरिदभाट धमतरी के प्राचार्य डॉ रचना मिश्रा, समाज सेवी जानकी गुप्ता, समाज सेवी ज्योति गुप्ता, व्याख्याता डीके देवांगन, व्याख्याता एसके महावर, ज्योति मिंज, महेश मगेद्र, जितेंद्र दुबे तथा समस्त छात्र छात्राएं अधिक संख्या में शामिल हुए।
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स्कूल के औचक निरिक्षण पर पहुंचे विधायक राय, अव्यवस्था देखकर भड़के…

बिलाईगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एक स्कूल में निरीक्षण के दौरान उपस्थिति रजिस्टर के साथ कम बच्चों की उपस्थिति सहित मध्यान्ह भोजन की मेंटेन रजिस्टर के साथ अन्य दस्तावेज सहीं नहीं मिलने से नाराज विधायक राय ने प्रधानपाठिका को निलबंन के निर्देश दे दिया।

 
दरसल हम बात कर रहें हैं बिलाईगढ़ के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की, जहां उस वक्त खलबली मच गई जब संसदीय सचिव व विधायक चंद्रदेवराय राय अचानक औचक निरीक्षण में पहुँचा और जांच की। यहां कक्षा 6वीं में एक भी छात्रों को भर्ती नहीं हुई, जबकि कक्षा 7 वी में 6 बच्चे और 8वी में 4 बच्चे और अन्य क्लास में 3 बच्चे उपस्थित थे। इस तरह कुल 13 बच्चियों की उपस्थिति मिली। वहीं पढ़ने वाले बालिकाओं से शिक्षा की गुणवत्ता सहित अन्य स्थिति का जायजा लिया और कुछ बच्चों को सवाल किया। बच्चों ने भी विधायक को बखूबी जवाब दिया। विधायक रॉय ने बालिकाओं की उपस्थिति रजिस्टर मंगाया लेकिन उन्हें मौके पर रजिस्टर बना नहीं मिला। जिसपर विधायक ने नाराजगी जाहिर की। वहीं प्रधानपाठिका से कुछ जवाब भी तलब किया गया…लेकिन प्रधान पाठिका ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। विधायक रॉय ने पाठिकान सहित मध्यान्ह भोजन के अलावा और अन्य दस्तावेज चेक किया वो भी बना नहीं मिला।
 
 
विधायक राय ने विकाखण्ड शिक्षाधिकारी को तत्काल निर्देश दिया गया कि कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का संतोषजनक जांच कर उन्हें जानकारी दी जाए और खामियां मिलने पर तत्काल प्रधानपाठिका को निलंबित किया जाए।
 
 
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एमएससी नर्सिंग प्रवेश परीक्षा 3 को

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर द्वारा आयोजित एम.एस.सी. नर्सिंग (MSCN22) एवं पोस्ट बेसिक नर्सिंग (PBN2) की प्रवेश परीक्षा 2022 की परीक्षा 3 जुलाई को आयोजित की जायेगी। प्रथम पाली में एम.एम.सी. नर्सिंग (MSCN22) की प्रवेश परीक्षा सबेरे 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक, सात परीक्षा केन्द्रों में एवं द्वितीय पाली में पोस्ट बेसिक नर्सिंग (PBN22) की प्रवेश परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 4.15 बजे तक आठ परीक्षा केन्द्रों में संचालित की जायेगी। कलेक्टर ने परीक्षा के सुचारू रूप से संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर रूचि शर्मा, को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।


अपर कलेक्टर ने बताया कि प्रथम पाली में 2422 परीक्षार्थी एवं द्वितीय पाली मे 2746 परीक्षार्थी पराक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा के दौरान सभी परीक्षार्थियों एवं अधिकारियों-कर्मचारियों को कोविड-19 महामारी के दिशानिर्देशानुसार सोशल डिस्टेसिंग, सेनेटाईजेशन, मास्क पहनना एवं अन्य सभी दिशा निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
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ओपन स्कूल 10-12वीं अवसर परीक्षा के लिए आवेदन 30 तक

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल रायपुर द्वारा आयोजित हाई स्कूल एवं हायर सेकण्डरी परीक्षा सितम्बर 2022 में सम्मिलित होने हेतु सामान्य शुल्क के साथ प्रवेश की अंतिम तिथि दिनांक 30 जून तक निर्धारित है। 1 से 15 जुलाई तक राशि 500 रूपये विलंब शुल्क के साथ परीक्षा आवेदन फार्म जमा कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के सचिव ने बताया कि सितम्बर 2022 की हाई स्कूल और हायर सेकण्डरी की अवसर परीक्षा में सम्मिलित होने वाले छात्र-छात्राओं के साथ-साथ प्रथम बार सामान्य, क्रेडिट, आर.टी.डी और अन्य बोर्ड से अनुतीर्ण छात्र सम्मिलित होना चाहते हैं, तो ऐसे छात्र भी निर्धारित तिथि में कार्यलयीन की वेबसाइड www.sos.cg.nic.in से परीक्षा आवेदन फार्म एवं अध्ययन केन्द्र की सूची डाउनलोड कर परीक्षा आवेदन फार्म जमा कर सकते हैं। बिना विलम्ब शुल्क के आवेदन करने में केवल 3 दिन शेष है। अतः छात्र हित में सूचित किया जाता है कि 500 रूपये विलम्ब शुल्क से बचने के लिये 30 जून तक परीक्षा आवेदन फार्म भरें।
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परीक्षा 30 को

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित खनिज अधिकारी और सहायक भौमिकी विद (खनिज साधन विभाग) एवं उप पुलिस अधीक्षक (रेडियो) (गृह-पुलिस विभाग ) 30 जून को सुबह 9 बजे से 10 बजे तक एवं 11 बजे 1 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 3 बजे 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा। यह परीक्षा आयोग द्वारा शहीद संजय यादव, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला संजय नगर, शासकीय हाई स्कूल, लालपुर, सरस्वती नगर निगम उच्चतर माध्यमिक कन्या शाला बिजली ऑफिस के बाजू फूल चौक नयापारा, लक्ष्मीनारायण कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला गुरुकुल परिसर, कालीबाड़ी रोड़ रायपुर में निर्धारित 4 परीक्षा केन्द्रो में आयोजित की जाएगी।

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फीस वापसी सहित जल्द परिणाम घोषित करने की मांग को लेकर कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन

अंबिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आजाद सेवा संघ के प्रदेश सचिव रचित मिश्रा के उपस्थिति में एवं आज़ाद सेवा संघ छात्र मोर्चा सरगुजा जिला अध्यक्ष प्रतीक गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलसचिव को 2 सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के द्वारा बताया गया कि मार्च के महीने में विश्वविद्यालय द्वारा नोटिस जारी कर कहा गया था कि बहुत ही जल्दी छात्रों की फीस वापसी कर दी जाएगी। आज लगभग 4 महीने होने जा रहे हैं छात्रों को सिर्फ गुमराह किया जा रहा है। छात्रों को लगभग 58,00,000 रुपए की फीस वापसी करनी है, जो विश्वविद्यालय ने अभी तक छात्रों के अकाउंट में नहीं भेजी है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने आश्वासन दिया है कि 1 महीने के अंतराल में छात्रों की फीस वापसी हो जाएगी। संघ ने कुलसचिव को यह भी बताया कि सत्र 2021-22 के छात्रों की मुख्य परीक्षा का परिणाम जल्द से जल्द घोषित किया जाए, जिससे छात्रों को परिणाम को लेकर दिक्कत न हो। कुलसचिव ने आश्वासन दिया है कि 15 जुलाई से लगभग परिणाम घोषित होना चालू हो जाएंगे।

इस दौरान आजाद सेवा संघ सरगुजा के जिला अध्यक्ष रणवीर सिंह आनंद पटेल अभिनव चतुर्वेदी अंकित सिंह रवि गुप्ता अतुल गुप्ता सौम्य पांडे आदि उपस्थित रहे।
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कलेक्टर ने प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय का किया आकस्मिक निरीक्षण

कांकेर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर ने आज कांकेर विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय माटवाड़ा मोदी व नरहरपुर विकासखंड के पूर्व माध्यमिक शाला जुनवानी का आकस्मिक निरीक्षण किया। विद्यालय में पदस्थ शिक्षक एवं बच्चों की दर्ज संख्या तथा उनके शैक्षणिक स्तर की जानकारी ली। उन्होंने स्वयं कक्षा में बच्चों को गणित व अंग्रेजी विषय पढ़ाकर बच्चों के लर्निंग-आउट-कम को जाना तथा शिक्षा स्तर सुधारने के लिए शिक्षकों को निर्देश दिये।

कलेक्टर चन्दन कुमार के निरीक्षण दौरान प्राथमिक शाला माटवाड़ा मोदी में 25 में से 24 विद्यार्थी उपस्थित पाये गये। उन्होंने विद्यालय के छात्र-छात्राओं को पाठ्य पुस्तक व गणवेश वितरण की जानकारी ली तथा कक्षा 3री, 4थीं, 5वीं के बच्चों को रोचक ढंग से पढ़ाया और शिक्षकों को निर्देशित करते हुए कहा कि बच्चों को बोल-बोलकर पढ़ायें ताकि वे आसानी से समझ सकें। कक्षा 5वीं में अध्ययनरत विशेष आवश्यकता वाले बालक दिपांशु नेताम के समक्ष बैठकर उनसे विषय से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछकर उनके शिक्षा स्तर की जानकारी ली तथा उन्हें प्रोत्साहित करते हुए अपनी पेन को दिपांशु को भेंट किया। कलेक्टर ने चन्दन कुमार ने इस बालक पर अतिरिक्त ध्यान देने के साथ ही विद्यालय के छात्र-छात्राओं के शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के लिए शिक्षकों को निर्दिशत किया।

कलेक्टर चन्दन कुमार ने नरहरपुर विकासखंड के पूर्व माध्यमिक शाला जुनवानी का भी आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में दर्ज 19 विद्यार्थीं में से 12 विद्यार्थी उपस्थित पाये गये। विद्यालय में 04 शिक्षक पदस्थ हैं, जिनमें से प्रधान अध्यापक व एक शिक्षक उपस्थित पाये गये। एक शिक्षक और भृत्य द्वारा छुट्टी के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया था। एक शिक्षिका को ग्रामसभा की बैठक में जाना बताया गया। शिक्षकों व विद्याथिर्यों की कम उपस्थिति पर उन्होंने अप्रसन्नता व्यक्त किया। कलेक्टर चन्दन कुमार ने कक्षा 6वीं व 7वीं के विद्याथिर्यों को अंग्रेजी एवं गणित विषय को पढ़ाकर विद्याथिर्यों के शिक्षा स्तर की जानकारी ली। उन्होंने विद्याथिर्यों से जोड़ना, घटाना, गुणा, भाग इत्यादि से संबंधित प्रश्न भी पूछे तथा उन्हें रोचक ढंग से समझाया। विद्याथिर्यों के शिक्षा गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने शिक्षा विभाग कांकेर के सहायक कार्यक्रम समन्वयक समग्र शिक्षा नवनीत कुमार पटेल को निर्देशित करते हुए कहा कि जिला मुख्यालय कांकेर के 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी स्कूलों में पदस्थ शिक्षक, शिक्षिकाएं तथा उन विद्यालियों में दर्ज विद्याथिर्यों की संख्या संबंधी जानकारी अविलंब प्रस्तुत किया जाएं। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर चन्दन कुमार ने विद्यालय में पकाये गये मध्यान्ह भोजन का अवलोकन किया और भोजन में सब्जियों के साथ दाल देने के निर्देश भी दिये।
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