दुनिया में मंडरा रहा बड़ा संकट, यूएन चीफ ने किया आगाह, दुनिया 'परमाणु विध्वंस' से महज एक कदम दूर
कीव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। यूक्रेन में जंग (Russia-Ukraine War) के खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। जंग ने 'यूरोप की रोटी की टोकरी'कहे जाने वाले यूक्रेन जंग में तबाह और बर्बाद हो चुका है। जंग के बीच खबर मिली है कि, यूक्रेन में रूसी हमले के दौरान अनाज के बड़े व्यवसायी ओलेक्सी वडातुर्स्की और उनकी पत्नी की मौत हो गई है। बता दें कि, वडातुर्स्की यूक्रेन की सबसे बड़ी अनाज उत्पादक और निर्यात कंपनियों में से एक मायकोलाइव शहर में निबुलोन के संस्थापक थे। बता दें कि, यूक्रेन में रूस के हमले बढ़ गए हैं। 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था। इस महायुद्ध ने दुनियाभर में खाद्य सुरक्षा पर गहरा असर डाला है। बता दें कि दुनिया भर में उत्पन्न खाद्य संकट से निपटने को लेकर पिछले दिनों यूक्रेन से अनाज निर्यात पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी थी। जिसके बाद यूक्रेन से अनाज निर्यात की तैयारियां भी शुरू हो गईं हैं, लेकिन इसी बीच रूस ने यूक्रेन के दक्षिणी शहर माइकोलाइव पर भारी बमबारी की खबर मिली, जिसमें देश के बड़े अनाज निर्यातक की मौत हो गई।
तस्वीर- प्रतीकात्मक (पीटीआई)
किंशासा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों ने रविवार सुबह कांगो और युगांडा की सीमा पर गोलीबारी की और दो लोगों की हत्या कर दी। इस घटना में कम से कम 15 लोग घायल भी हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस पर निराशा व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता ने ट्वीट कर कहा, 'एंटोनियो गुटेरेस कांगो और युगांडा की सीमा पर कासिंडी में रविवार सुबह हुई एक गंभीर घटना से नाराज हैं, जिसमें मोनुस्को के सैन्य कर्मियों ने अपने गृह देश में छुट्टी से कांगो लौटते समय गोलियां चलाईं।'
गोपनीय रखा गया ताइवान जाना
वाशिंगटन/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका के House of Representative की स्पीकर नैंसी पेलोसी का आज से एशिया का दौरा शुरू हो रहा है। उनका ये दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब चीन ने इसको लेकर अमेरिका को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। अपने इस पहले एशिया दौरे पर नैंसी सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, जापान और मलेशिया जाएंगी। हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि नैंसी इस दौरे में ताइवान जाएंगी या नहीं। माना जा रहा है कि उनका ताइवान के दौरे को सुरक्षा के लिहाज से बेहद गोपनीय रखा गया है। इसकी वजह चीन की धमकी है। चीन ने एक दिन पहले ही कहा था कि यदि नैंसी का विमान अमेरिकी फाइटर जेट के साथ ताइवान में प्रवेश करता है तो वो उन्हें मार गिराएगा।
चीन की धमकी के मद्देनजर दौरे का फुलप्रूफ प्लान
हालांकि, चीन की इस तरह की धमकी की अपेक्षा अमेरिका को पहले से ही थी। यही वजह थी कि अमेरिका इसके लिए पहले से ही फुलप्रूफ प्लान बना रहा था। यदि नैंसी अपने इस दौरे में ताइवान जाती हैं तो ये अमेरिका और चीन के लिए भविष्य में तनाव को और बढ़ाने में काफी अहम साबित होगा। इस तनाव को कम करना दोनों ही देशों के लिए लगभग नामुमकिन होगा।
सिंगापुर से शुरू होगा नैंसी का एशिया का दौरा
एशिया के दौरे पर सबसे पहले नैंसी सिंगापुर जाएंगी। वहां पर उनकी मुलाकात सिंगापुर के पीएम और राष्ट्रपति से होगी। इसके बाद वो मलेशिया, दक्षिण कोरिया और जापान जाएंगी। उनके साथ जाने वाले अन्य सदस्यों में विदेश मामलों की कमेटी के अध्यक्ष ग्रिगरी मिक्स और परमानेंट सिलेक्ट कमेटी आन इंटेलिजेंस और आर्म्ड सर्विस कमेटी के सदस्य भी हैं। आपको बता दें कि नैंसी पेलोसी अमेरिका की तीसरे नंबर की ताकतवर नेता हैं। 1997 में आखिरी बार अमेरिकी सीनेट का स्पीकर इस तरह से एशिया दौरे पर आया था।
अमेरिका के विदेश मंत्री का बयान
चीन के खतरे और उसकी धमकी को देखते हुए अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने दो दिन पहले ही कहा था कि ताइवान को लेकर उनके और चीन के बीच में 40 वर्षों से अधिक समय से तनाव है। इसके बाद दोनों ही देश विवादों को भुलाकर शांति और स्थिरता के लिए आगे आए हैं।
चीन को बर्दाश्त नहीं ताइवान के मामले में दखल
बता दें कि अमेरिका चीन की वन चाइना पालिसी को मानता है। वन चाइना पालिसी के तहत ताइवान को इस तरह की तवज्जो देना चीन कभी बर्दाश्त नहीं कर सकता है। चीन ताइवान को अपना ही हिस्सा मानता है। यही वजह है कि ताइवान के साथ किसी भी देश के आधिकारिक तौर पर कूटनीतिक संबंध नहीं हैं। न ही संयुक्त राष्ट्र से ताइवान को एक आजाद राष्ट्र के रूप में मान्यता मिली हुई है। ओलंपिक गेम्स में भी उसके खिलाड़ी चीन के उम्मीदवार के तौर पर शामिल होते हैं।
नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पृथ्वी ने अपनी रफ्तार बढ़ा दी है। 29 जुलाई को इसने 24 घंटे की साइकिल को भी पूरा नहीं किया और अपनी धुरी पर उससे पहले ही पूरी घूम गई। वैज्ञानिकों के लिए यह शोध का विषय है कि आखिर पृथ्वी की गति बढ़ने की वजह क्या है। इसके साथ वैज्ञानिक इसके होने वाले प्रभावों पर भी माथापच्ची करना शुरू कर चुके हैं। सुनने में यह जरूर रोचक घटना लग रही है, लेकिन, यह कई तरह की चिंताओं की वजह भी बन सकता है और वैज्ञानिक उसका समाधान निकालने में भी जुट गए हैं।
मनीला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। फिलीपींस के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल वाल्डेज रामोस का रविवार रविवार को निधन हो गया। वह 94 वर्ष के थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह कोरोना संक्रमित हो गए थे जिसके बाद उनका इलाज मकाती मेडिकल सेंटर में चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। फिदेल रामोस के परिवार में पत्नी अमेलिता मिंग रामोस और चार बच्चे हैं।
इस्लामाबाद/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाकिस्तान के कई राज्य इन दिनों बाढ़ की समस्या से जूझ रहे हैं। पाकिस्तान में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर बलूचिस्तान और सिंध प्रांत में देखने को मिला है। यहां हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति भी भयावह बनती जा रही है। मौसम विभाग की मानें तो बलूचिस्तान में इस साल अप्रत्याशित रूप से भारी बारिश हुई है। एक स्थानीय मीडिया ने पाकिस्तान के आपदा प्रबंधन अधिकारियों के हवाले से बताया कि पिछले 24 घंटों में एक परिवार के नौ लोग बाढ़ में बह गए। डान की खबर के मुताबिक मृतकों में सात बच्चे और एक महिला शामिल हैं।
खैबर पख्तूनख्वा में बाढ़ ने ली कई लोगों की जान
इसके अलावा पीडीएमए द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा में बाढ़ व एक मकान की छत गिरने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और 17 घायल हो गए हैं। साथ ही पिछले 36 घंटों में बाढ़ में लगभग 100 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, पाकिस्तान की सरकार ने भारी बारिश को देखते हुए बलूचिस्तान प्रांत में धारा 144 लागू कर दी है।
बलूचिस्तान प्रांत में धारा 144 लागू
बलूचिस्तान के मुख्य सचिव अब्दुल अजीज उकाली ने कहा, 'प्रांत में धारा 144 लागू कर दी गई है और नागरिकों को 10 दिनों तक अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है'। उन्होंने कहा कि एक जून से अब तक बारिश ने 124 लोगों की जान ले ली है और सूबे में 10,000 घरों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ से लगभग 565 किमी सड़कें और 197,930 एकड़ कृषि भूमि क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि 712 पशुधन भी मारे गए हैं।
बाढ़ की चपेट में आने से डूबे सिंध प्रांत के 50 गांव
बलूचिस्तान से अचानक आई बाढ़ के बाद पाकिस्तान के सिंध प्रांत में भी बाढ़ का कहर जारी है। जानकारी के अनुसार, सिंध प्रांत में 50 से अधिक गांव जलमग्न हो गए। सूत्रों के अनुसार, बलूचिस्तान में मूसलाधार बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण पानी की दूसरी धारा निकटवर्ती कंबार-शाहदादकोट जिले और दादू जिले के कछो के पहाड़ी क्षेत्र में प्रवेश कर गया है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में अधिक नुकसान हुआ।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र छोड़ने को मजबूर हुए लोग
स्थानीय सूत्रों ने कहा कि प्रभावित इलाकों के लोग अपनी जान बचाने के लिए पहाड़ियों और सुरक्षात्मक बांधों में शरण लेने को मजबूर हैं। साथ ही बाढ़ प्रभावित गांव में 70 साल की एक बुजुर्ग महिला की चिकित्सा सहायता न मिलने पर स्वास्थ्य की स्थिति के कारण मृत्यु हो गई है। पाकिस्तान के आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि भारी बारिश और बाढ़ में 19 और लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों अन्य बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में फंसे हुए हैं। पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) ने अगले 24 घंटों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में और बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की भविष्यवाणी जारी की है।
नई दिल्ली/तेल अवीव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बात सन 1971 की है, एक तरफ भारत-पाकिस्तान के बीच जंग छिड़ा हुआ था। वहीं, भारत से हजारों किलोमीटर दूर इजरायल में कोई इस युद्ध पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए था। हम बात कर रहे हैं, इजरायल की प्रथम महिला प्रधानमंत्री गोल्डा मेयर ( Israel, the country's first female Prime Minister Golda Meyer) के बारे में। 1971 की जंग की बात हो और इजरायल का जिक्र ना हो ऐसा हो ही नहीं सकता है। वैसे भी आज 'अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडशिप डे' है (International Friendship Day)।
नाइजीरिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। करोड़ों-अरबों रुपये का मालिक होने का ख्वाब तो न जाने कितने लोग देखते हैं, लेकिन आज के दौर में कम लोग ही ऐसे होते हैं, जिनके पास अरबों रुपये की संपत्ति हो। संक्षेप में कहें तो धनकुबेर हो। इन्हीं कुछ चुनिंदा लोगों में एक हैं मोम्फा। महज 6 साल की एज में मोम्फा प्राइवेट जेट, मैंशन और लैम्बॉर्गिनी जैसी लग्जरी कारों के मालिक हैं। दावा किया जा रहा है कि ये दुनिया का सबसे छोटा धनकुबेर है। इतनी कम उम्र में करोड़ों-अरबों रुपये का मालिक बने मोम्फा की कहानी किसी परीकथा से कम नहीं। पढ़ें-
नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने विश्व ने अपने जुलाई अपडेट में वर्ल्ड इकोनॉमिक ऑउटलुक में चालू वित्त वर्ष में भारत के विकास दर का अनुमान 80 बेसिक प्वाइंट घटाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया है। आईएमएफ का अपटेडेट विकास दर का अनुमान काफी हद तक आधिकारिक अनुमानों के करीब और वास्तविक मालूम होता है। वहीं, आईएमएफ ने अगले साल के लिए भारत की अर्थव्यवस्था के 6.1 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान जताया है। आईएमएफ के मुताबिक, भारत के विकास दर पर विदेशी घटनाओं और वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों का पड़ा है। हालांकि, इसके बाद भी आईएमएफ का अनुमान भारत सरकार के लिए काफी राहत देने वाली है।
कोलंबो (छत्तीसगढ़ दर्पण)। श्रीलंका में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच खबर है कि चीन अपने जासूसी जहाज यूआन वांग 5 के साथ हंबनटोटा बंदरगाह पर दस्तक देने जा रहा है। चीन के इस ऐलान के बाद भारत पूरी तरह से सतर्क हो गया है। हालांकि, श्रीलंका ने इसे अफवाह करार दिया है।
कोलंबो (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विश्व बैंक ने श्रीलंका की स्थिति को चिंताजनक मानते हुए भी लोन देने से साफ इनकार कर दिया है। गुरुवार को विश्व बैंक ने अपर्याप्त मैक्रोइकॉनॉमिक पॉलिसी फ्रेमवर्क का हवाला देते हुए कहा कि, मौजूदा आर्थिक संकट के बीच श्रीलंका को कोई नई वित्तीय मदद देने की उसकी कोई योजना नहीं है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान ने कहा कि, वह श्रीलंका के लोगों पर गंभीर संकट के प्रभाव के बारे में 'गहराई से चिंतित' है।

पेरिस (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान फ्रांस की आधिकारिक यात्रा पर हैं। खबर के मुताबिक इस दौरान उन्होंने दुनिया के सबसे महंगे घर में 'नाइट स्टे' किया। इसके बाद से दुनिया भर में लौवेसिएन्स में मौजूद शेटॉ लुई XIV हवेली के चर्चे हो रहे हैं। बता दें कि, शैटॉ लुई XIV हवेली का संबंध सऊदी प्रिंस के कट्टर आलोचक रहे पत्रकार जमाल खशोगी के परिवार से है। जमाल खशोगी की इस्तांबुल में सऊदी दूतावास के अंदर हत्या कर दी गई थी। तब अमेरिका समेत कई देशों ने दावा किया था कि खशोगी की हत्या का आदेश सीधे मोहम्मद बिन सलमान ने दिया था।
वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस को अलविदा कहने के बाद बाद पहली बार मंगलवार को वाशिंगटन लौटे और एक बार फिर अपने झूठे चुनावी दावों को दोहराया, जो अमेरिकी संसद भवन (कैपिटल हिल) में छह जनवरी को विद्रोह का कारण बने थे।
ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि उनके 2020 का चुनाव जीतने के सभी सबूत मौजूद थे। उन्होंने कहा वह चुनाव हमारे देश के लिए एक कलंक है। पूर्व राष्ट्रपति ने 2024 के चुनाव में अपनी उम्मीदवारी पेश करने का एक बार फिर संकेत दिया। उन्होंने कहा, हमें शायद एक बार फिर करके दिखाना होगा।
व्हाइट हाउस के पूर्व अधिकारियों और कैबिनेट सदस्यों के एक समूह द्वारा आयोजित एक बैठक में लोगों की तालियों के बीच ट्रंप ने यह बयान दिया। ऐसा माना जा रहा है कि बैठक का मकसद ट्रंप के दोबारा चुनाव लड़ने के लिए एक एजेंडा तैयार करना था।
जो बाइडन के 20 जनवरी 2021 को अमेरिका के राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने और खुद के व्हाइट हाउस को अलविदा कहने के बाद पहली बाद पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप वाशिंगटन पहुंचे। पूर्व उप राष्ट्रपति माइक पेंस के भाषण के कुछ घंटे बाद ट्रंप ने अपनी बात रखी। पेंस को 2024 चुनाव में ट्रंप का संभावित प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा है।
लंदन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने मंगलवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को ‘सर विन्सटन चर्चिल लीडरशिप अवार्ड’ से सम्मानित किया तथा संकट के समय में दोनों नेताओं की तुलना की। जेलेंस्की ने जॉनसन के लंदन कार्यालय में एक समारोह के दौरान वीडियो लिंक के जरिए पुरस्कार स्वीकार किया। इस कार्यक्रम में चर्चिल के परिवार के सदस्य, यूक्रेन के राजदूत वैदिम प्रिस्तेको और वे यूक्रेनी भी शामिल हुए, जिन्होंने ब्रिटिश सैनिकों से प्रशिक्षण लिया है।
जॉनसन ने यह याद किया कि जेलेंस्की ने कैसे 24 फरवरी को पुष्टि की थी कि रूस ने आक्रमण कर दिया है। उन्होंने कहा, सबसे बड़े संकट की घड़ी में आपने अपने तरीके से नेतृत्व की परीक्षा का सामना किया जैसे कि चर्चिल ने 1940 में किया था। जेलेंस्की ने जॉनसन और ब्रिटेन का उनके सहयोग के लिए आभार जताया।
उत्तर पूर्वी देश यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद जॉनसन पहले पश्चिमी नेता थे जो कीव गए थे। इस माह के शुरू में जॉनसन द्वारा कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पद से इस्तीफा देने के बाद जेलेंस्की ने कहा था कि वह इस घटनाक्रम से दुखी हैं।
नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ब्रिटेन में बोरिस जॉनसन के पद से इस्तीफा देने के बाद नए प्रधानमंत्री पद का चुनाव अपने अंतिम दौर में है। कंजर्वेटिव पार्टी के नेतृत्व के लिए बचे दो प्रत्याशी एक दूसरे के विरूद्ध जोर आजमाइश कर रहे हैं। ऋषि सुनक और लिज ट्रस दोनों ने ही इस बार के चुनाव में चीन के खिलाफ आक्रमक रूख अपनाया है। इसे लेकर चीन के सरकारी अखबार ने हैरानी जताई है। चीन के मुखपत्र कहे जाने वाले ग्लोबल टाइम्स ने दोनों ही दावेदारों पर इसे लेकर कड़ी टिप्पणी की है।





नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छठे महीने में पहुंच चुका है। अब तक इस जंग में हजारों लोग मारे जा चुके हैं। लाखों लोगों को पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा है। अब तक पूरी दुनिया में यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की के अपने देश के लोगों के संग खड़े होने को लेकर, अपने सैनिकों का हौसला बढ़ाने को लेकर तारीफ होती रही है। लेकिन इस बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति के एक फोटोशूट को लेकर उनकी आलोचना होने लगी है।
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