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कक्षा 6वीं की प्रवेश चयन परीक्षा 29 को

सुकमा (छत्तीसगढ़ दर्पण) जवाहर नवोदय विद्यालय कुम्हाररास सुकमा-2 में कक्षा 6वीं के लिए प्रवेश चयन परीक्षा का आयोजन 29 अप्रैल 2023 को 9 परीक्षा केन्द्रों में प्रातः 10ः30 बजे से आयोजित होगी।

जिनमें सुकमा विकासखण्ड के 3 और छिन्दगढ़ विकासखण्ड के 6 परीक्षा केन्द्र शामिल है।

विद्यालय की वेबसाइट www.navodaya.gov.in पर प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के अलावा जवाहर नवोदय विद्यालय कुम्हाररास सुकमा, खण्ड शिक्षा अधिकारी सुकमा, कोण्टा, छिन्दगढ़ से भी प्राप्त कर सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9401151935, 9977120278, 8103771549 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

 

 

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पीएससी, व्यापम की नि:शुल्क कोचिंग के लिए हुआ मॉकटेस्ट

मॉडल आंसर हुआ जारी, 23 अप्रैल को भी होगा मॉक टेस्ट

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण) कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा के निर्देशन एवं सीईओ जिला पंचायत अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा जिले के मेधावी प्रतियोगी छात्र-छात्राओं के लिए नटवर स्कूल, रायगढ़ में नि:शुल्क कोचिंग के लिए मॉक टेस्ट का आयोजन किया गया।जिसमें सीजी पीएससी एवं व्यापम परीक्षा के सिलेबस से प्रश्न पूछे गये थे। माक टेस्ट का मॉडल आंसर जिले की वेबसाईट www.raigarh.gov.in में अपलोड की गई है। इस संबंध में किसी भी परीक्षार्थी द्वारा दावा-आपत्ति जिला परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा, कलेक्टर कार्यालय परिसर, रायगढ़ में आज कार्यालयीन समय में प्रस्तुत किया जा सकता है।अगले सप्ताह रविवार दिनांक 23 अप्रैल 2023 को भी मॉक टेस्ट का आयोजन किया जाएगा। ज्ञात हो कि कल हुए मॉक टेस्ट में कुल 170 विद्यार्थी शामिल हुए। 100 नंबर का पेपर था, जिसमें कुल 50 प्रश्न पूछे गये थे। टेस्ट एक घंटे तक चला।मॉक टेस्ट में प्राप्त उच्चतम प्राप्ताकों के आधार पर 100 प्रतियोगी बच्चों का चयन कर उन्हें नि:शुल्क कोचिंग दिया जाएगा। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर अक्षा गुप्ता, डीएमसी  नरेन्द्र चौधरी, एपीसी  भुनेश्वर पटेल एवं  भूपेन्द्र पटेल, संस्था प्राचार्य रूबी वर्गीस एवं स्टॉफ उपस्थित रहे।

 

 

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अंगना म शिक्षा 3.0 : प्रतिवर्ष 25 अप्रैल को किया जाएगा पढ़ई तिहार का आयोजन

 सभी बसाहटों में एक्टिव मदर कम्युनिटी का होगा गठन

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ में माताओं को जोड़कर बच्चों को घर पर पढ़ाई सीखने में सहयोग देने के लिए ‘अंगना म शिक्षा‘ कार्यक्रम को काफी अच्छी सफलता मिली है। इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर स्कॉच आवार्ड से भी नवाजा गया है। राज्य में अभी तक पिछले दो वर्षों में इस कार्यक्रम से तीन लाख से अधिक माताएं सक्रिय रूप से जुड़ चुकी हैं और बच्चों की शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। आगामी शिक्षा सत्र से अधिक से अधिक स्कूलों में बच्चे सुघ्घर पढ़वैय्या कार्यक्रम में निर्धारित अपेक्षित स्तर तक पहुंच सके, इसके लिए ‘अंगना म शिक्षा’- 3.0 का आयोजन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राज्य में 14 नवम्बर 2022 को बच्चों की शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिए सुघ्घर पढ़वैय्या कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की थी।


स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य और समग्र शिक्षा के जिला मिशन समन्वयकों को निर्देशित किया है कि जिले के सभी अधिकारी, सभी विकासखंड स्तरीय अधिकारी, संकुल समन्वयक और जिले के सभी स्व-प्रेरित महिला शिक्षिकाओं को सक्रिय रूप से शामिल करते हुए इन कार्यक्रमों को भव्य रूप से आयोजित करें। इन कार्यक्रमों में बच्चों की उपलब्धि में सुधार के लिए माताओं का योगदान लिया जाना सुनिश्चित किया जाए।

‘एक्टिव मदर कम्युनिटी’ का गठन किया जाएगा
राज्य की सभी बसाहटों में माताओं को इस कार्यक्रम से जुड़ते हुए ‘एक्टिव मदर कम्युनिटी’ का गठन किया जाएगा। इस कार्य को निकट के स्कूलों की महिला शिक्षिकाओं की देख-रेख में सभी स्थानीय महिलाएं जिनके बच्चे प्राथमिक स्कूलों में पढ़ते हों, अपने अनिवार्यतः शामिल किया जाएगा। इसमें सहयोग के लिए पूर्व में चयनित स्मार्ट माताओं और बड़ी कक्षा में अध्ययन करने बच्चों को अपनी टीम में शामिल किया जाएगा। ‘एक्टिव मदर कम्युनिटी’ में प्राथमिक कक्षाओं में  अध्ययन कर रहें बच्चों की माताओं के साथ-साथ शाला प्रबंधन समिति में शामिल माताएं, शिक्षा में रूचि लेने वाली महिलाएं, स्व-सहायता समूह में शामिल महिलाओं को शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। आउट ऑफ स्कूल, ड्राप आउट बच्चों को जोड़कर उनसे इस कार्यक्रम में सहयोग लिया जाएगा।

‘एक्टिव मदर कम्युनिटी’ के माध्यम से टीम की बैठक लेकर सहमति बनाकर जो कार्य किए जाएंगे। उनमें टीम में शामिल सभी महिलाओं को शामिल कर उन्हें बच्चों के पढ़ाई के लिए सक्रिय रखने। ग्रीष्म कालीन अवकाश में बच्चों को घर पर सीखने-सिखाने के लिए सहमति से योजना बनाई जाएगी। गांव के बड़े बच्चों, युवाओं, सेवानिवृत्त व्यक्तियों को भी बच्चों की पढ़ाई में योगदान देने और माताओं के नियमित क्षमता विकास कर उन्हें अपने बच्चों को घर पर सिखाने के लिए सक्षम बनाया जाएगा। गांव में स्थानीय स्तर पर ‘अंगना म शिक्षा’ मेलों का आयोजन कर ‘पढ़ई तिहार’ का आयोजन करने के लिए सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने की कार्यवाही की जाएगी।

प्रतिवर्ष किया जाएगा पढ़ई तिहार का आयोजन
माताओं को बच्चों की शिक्षा से जोड़ने को एक नियमित प्रक्रिया के रूप में लाने के लिए इस वर्ष से प्रतिवर्ष 25 अप्रैल को ‘अंगना म शिक्षा’ मेला अर्थात पढ़ई तिहार का आयोजन किया जाएगा। प्रतिवर्ष इसी तिथि में यह त्यौहार आयोजित कर स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के पहले माताएं एवं बच्चे ग्रीष्मकालीन अवकाश में सीखना-सिखाना जारी रख सकें, इसके लिए इस तिथि का चयन किया गया है। ग्रीष्मकालीन अवकाश के एक सप्ताह पहले से ही स्कूल में शिक्षकों से बच्चों को कैसे और क्या-क्या सिखाना है, आदि तय कर, पढ़ाने का तरीका समझ कर, स्कूल के माध्यम से आवश्यक पठन सामग्री, पुस्तकालय से पुस्तकों की व्यवस्था से लेकर अन्य उपयोगी शिक्षण सामग्री स्कूल से लेकर सीखने-सिखाने का कार्य जारी रखा जाएगा। पूर्व वर्षों की भांति इस बार भी 9 काउन्टर बनाकर बच्चों का आंकलन किया जाएगा। मेले में ही माताओं को अपने बच्चों को सीखने-सिखाने के तरीकांे पर समझाइश के साथ उन्हें आवश्यक सामग्री भी सुलभ करवाई जाएगी। इस मेले में शामिल होने वाले लक्ष्य समूह में कुछ बदलाव करते हुए बालवाड़ी से लेेकर कक्षा पहली में प्रवेश लेने वाले एवं कक्षा तीन तक दर्ज बच्चों को मेले में आमंत्रित किया जाएगा। इन बच्चों के नाम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं प्राथमिक शालाओं के शिक्षकों से प्राप्त कर उनकी शत्प्रतिशत उपस्थिति उनके माताओं के साथ तय की जाएगी।
 
माताओं को स्कूल बंद होने से पहले स्कूल में सीखने के लिए उपलब्ध विभिन्न संसाधन, मुस्कान पुस्तकालय की पुस्तकें, ‘अंगना म शिक्षा’ से संबधित मुद्रित सामग्री, स्लेट पेंसिल, सर्पोट कार्ड जिसमें बच्चों की प्रगति की प्रविष्टि करते हुए माताएं अपने हस्ताक्षर से बच्चों की रिपोर्ट स्कूल के प्रधानाध्यापक को स्कूल खुलने पर सुपुर्द करेंगे। इसे स्मार्ट माताओं के माध्यम से वितरित किया जाएगा। माताएं आपस में मिलकर समुदाय से भी उपयुक्त योग्य व्यक्ति का चयन कर उन्हें मौसम को ध्यान में रखकर उचित समय एवं सुरक्षित स्थान में सीखने की आवश्यक व्यवस्था करेगी।

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केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश की अंतिम तिथि 17 अप्रैल

सारंगढ़ बिलाईगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण) भारत सरकार के अधीन संचालित केंद्रीय विद्यालय छत्तीसगढ़ के कई जिलों और शहरों में संचालित है। सत्र 2023-2024 में केंद्रीय विद्यालय के कक्षा पहली में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन अंतिम तिथि 17 अप्रैल को शाम 7 बजे तक जमा कर सकते है। कक्षा पहली के लिए बच्चे की आयु 31 मार्च की स्थिति में 6 से 8 वर्ष तक की आयु होनी चाहिए।


केंद्रीय विद्यालय में ऑनलाइन आवेदन करने के लिए वेबसाइट https://kvsonlineadmission.kvs.gov.in में किया जा सकता है। लॉटरी सिस्टम से प्रथम चयन सूची 20 अप्रैल जारी की जाएगी। 21अप्रैल से प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होगी। सीट रिक्त होने पर द्वितीय सूची 28 अप्रैल को जारी की जाएगी। इसके बाद भी सीट रिक्त होने पर तृतीय सूची 4 मई 2023 को जारी की जाएगी।

 

 

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वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा से गढ़ रहे हैं बच्चों का भविष्य: मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह

विद्यालय के खुलने से आसपास के बच्चों को मिलेगी अच्छी शिक्षा

 

मोहला (छत्तीसगढ़ दर्पण) स्कूल शिक्षा एवं आदिम जाति कल्याण विभाग तथा सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने शुक्रवार को  अंबागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम करमतरा में 68 लाख 64 हजार रूपए की लागत से नवनिर्मित नवीन हाई स्कूल भवन तथा मोहला विकासखंड के ग्राम आलकन्हार में 1 करोड़ 11 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित नवीन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन का लोकार्पण किया

इस अवसर पर उन्होंने ग्राम करमतरा में हायर सेकेण्डरी स्कूल उन्नयन और कन्या छात्रावास की घोषणा की। स्कूल शिक्षा डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने नये स्कूल भवन बनने पर सभी को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र में स्कूल खोलना सौभाग्य की बात होती है, लेकिन स्कूल भवन बनना परम सौभाग्य की बात होती है। आप सभी वनांचल क्षेत्रों में यहां के बच्चों का भविष्य गढ़ रहे हैं वह सराहनीय कार्य है। यहां के बच्चे ने प्रयास, एकलव्य, नवोदय, नीट जैसे परीक्षाओं में सफलता पाई है। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय के खुलने से आसपास के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी। कोरोना काल में सबसे ज्यादा नुकसान पढ़ाई में हुआ। उन्होंने कहा कि हमारे शिक्षकों के प्रयास से ऑनलाइन पढ़ाई और पढ़ई तुँहर द्वार से शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार होता रहा। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत अच्छा कार्य किया है। प्रदेश में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत स्कूल, आश्रम, छात्रावास भवन की मरम्मत के लिए प्राक्कलन मांगा गया है। इसे बच्चों को स्कूल में सुविधा होगी।

स्कूल शिक्षा डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि स्कूल एवं शिक्षा के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है। प्रदेश में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल संचालित किया गया है। प्रदेश में लगभग 280 में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल संचालित है। जिससे हर वर्ग के बच्चों को समान शिक्षा मिल रही है। प्रत्येक विकासखण्ड में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोला गया है।

जो अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम से पढ़ाई हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 101 नए आत्मानंद खुलेंगे। शिक्षा आज के समय में सबसे बड़ा हथियार है। जो समाज एवं परिवार में जाएगा तभी परिवार आगे बढ़ेगा। उन्होंने अभिभावक से बच्चों को स्कूल जरूर भेजने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पहला ऐसा राज्य जहां 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा के मान से तेन्दूपत्ता खरीदा जा रहा हैं। राज्य सरकार ने लघु वनोपज बढ़ावा देते हुए महुआ को 17 रूपए से बढ़ाकर 30 रूपए प्रति किलो ग्राम खरीदने का निर्णय लिया। जिससे वनवासियों को आर्थिक लाभ हुआ। इस मौके पर मंत्री टेकाम ने नवोदय, प्रयास, एकलव्य एवं नीट की परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को सम्मान पत्र दिया। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्राचार्य, प्रधानपाठक एवं शिक्षकों को सम्मानित किया।

संसदीय सचिव एवं मोहला-मानपुर विधायक  इंद्रशाह मंडावी ने कहा कि कुछ समय पहले नये जिला की सौगात मिली है और आज हाई स्कूल की सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हमारे क्षेत्र का विकास हो रहा है। आज राज्य उन्नति के शिखर में पहुंचा है वह काबिले तारीफ है। इस मौके पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग  तेज कुंवर नेताम, सदस्य जीव जंतु कल्याण बोर्ड  संजय जैन, जिला पंचायत सदस्य  बिरेन्द्र मसिया, अध्यक्ष जनपद पंचायत  कुमारी जुरेशिया, एसडीएम  हेमेन्द्र भुआर्य, जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव राजेश सिंह, सहायक जिला परियोजना समन्वयक  सतीश ब्यौहारे, सरपंच  सुमन लाल गांवरे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, स्कूल बच्चे एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी  केके बंजारे ने स्वागत भाषण दिया। हायर सकेण्डरी स्कूल आलकन्हार के प्राचार्य और हाई स्कूल कमरतरा के प्राचार्य ने स्कूल का प्रतिवेदन पढ़ा।

 

 

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केन्‍द्रीय विद्यालयों में 17 हजार 425 शिक्षक और गैर शिक्षक स्‍टाफ के रिक्‍त पद भरने की प्रक्रिया जारी

नई दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केन्‍द्र सरकार ने कहा है कि देश के केन्‍द्रीय विद्यालयों में 17 हजार 425 शिक्षक और गैर शिक्षक स्‍टाफ के रिक्‍त पद भरने की प्रक्रिया जारी है। राज्‍यसभा में एक प्रश्‍न के लिखित उत्‍तर में शिक्षा राज्‍य मंत्री अन्‍नपूर्णा देवी ने बताया कि जिला स्‍तरीय भर्ती प्रक्रिया के माध्‍यम से 12 हजार 99 शिक्षकों और एक हजार 312 गैर शिक्षक पदों पर सीधी भर्ती की जा रही है। उन्‍होंने बताया कि तीन हजार 985 शिक्षक और 29 गैर शिक्षक श्रेणी के पद सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के माध्‍यम से भरे जाएंगे।

उन्‍होंने यह भी बताया कि देश में पिछले महीने की 31 तारीख तक एक हजार 249 केन्‍द्रीय विद्यालय कार्यरत हैं। एक अन्‍य प्रश्‍न के उत्‍तर में उन्‍होंने बताया कि फिलहाल 248 केन्‍द्रीय विद्यालय अस्‍थायी भवनों में कार्यरत हैं।

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जनदर्शन में प्राथमिक स्कूल केंदवाहीबार के छात्रों ने कलेक्टर से मुलाकात की

सारंगढ़-बिलाईगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण) कलेक्टर डाॅ फरिहा आलम सिद्दीकी ने सोमवार को जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। जनदर्शन के दौरान प्राथमिक स्कूल केंदवाहीबार के छात्रों ने भी कलेक्टर से मुलाकात की।

जनदर्शन में बड़ी संख्या में आवेदनकर्ताओं ने राशन कार्ड संबंधी आवेदन किया जिस पर कलेक्टर ने खाद्य विभाग के अधिकारी को तत्काल कार्यवाही के लिए निर्देशित किया। खाद्य विभाग ने 4 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया, जिनमें ग्राम बिलासपुर बिलाईगढ़ विकासखण्ड निवासी बाबूलाल मानिकपुरी, ग्राम पंचायत ठाकुरदिया निवासी जनक बाई, ग्राम उलखर निवासी उर्मिला चंद्रा एवं ग्राम छातादेही निवासी बिलास साहू के आवेदन पर निराकरण हुआ। ग्राम पंचायत बेंगची, बरमकेला के ग्रामवासियों ने वन अधिकार पत्र के लिए आवेदन किया था जिस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को अवगत कराया और जांच करने के निर्देश दिए।

ग्राम उलखर के निवासियों ने किसान सम्मान निधि प्राप्त होने में आ रही समस्या को लेकर अवगत कराया, जिस पर कलेक्टर ने कृषि विभाग को सूचित कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। सारंगढ़ निवासी काजोल साहनी ने अपनी 5 वर्षीय पुत्री अदिती साहनी जो जन्म से दिव्यांग हैं, उन्हें निराश्रित पेंशन दिलाने हेतु आवेदन किया जिस पर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ग्राम रामटेक निवासी खीकबाई साहू ने अपने दिवंगत पति जिनकी मृत्यु असामयिक सर्प दंश से हुई थी, उसके आरबीसी 6 -4 के तहत आर्थिक सहायता हेतु आवेदन किया, कलेक्टर ने तहसीलदार बिलाईगढ़ को जाँच करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में कुल 28 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, भूमि विवाद, किसान सम्मान निधि, पेंशन, शौचालय निर्माण, गोबर खरीदी, आधार कार्ड संबंधित समस्या, मछली पालन एवं अवैध कब्जा संबंधी आवेदन थे‌।

जनदर्शन में आज बरमकेला स्थित प्राथमिक स्कूल केंदवाहीबार के दूसरी चौंथी एवं पांचवी कक्षा के होनहार छात्रों ने कलेक्टर डाॅ सिद्दीकी से मुलाकात की एवं उन्हें किताब से अंग्रेजी के चैप्टर को पढ़कर सुनाया साथ ही अंग्रेजी में अपना परिचय भी दिया। छात्रों ने अपने भाषाई पाठ एवं सामान्य ज्ञान संबंधी जानकारी का प्रदर्शन कर अपनी योग्यता दिखाई, कलेक्टर डाॅ सिद्दीकी ने प्रशंसा की एवं छात्रों को बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। छात्रों ने सहायक अधीक्षक के. के. स्वर्णकार के मार्गदर्शन में कार्यालय के सभाकक्ष, कलेक्टर कक्ष, कलेक्टर न्यायालय एवं अपर कलेक्टर न्यायालय एवं स्टेनो कक्ष का अवलोकन कर कलेक्टोरेट कार्यालय की कार्यशैली समझी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी एवं स्कूल के प्राचार्य सुरेंद्र मिश्रा उपस्थित थे।

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माइंडस्पार्क से बच्चों की दक्षता व शिक्षा स्तर में हो रहा सुधार

 महासमुंद  (छत्तीसगढ़ दर्पण) आज हम सीखने की प्रभावशाली विधियां के बारे में पढ़ेंगे। वैसे तो अधिगम का मतलब होता है सीखना। जिसे अंग्रेजी में लर्निंग कहा जाता है। हर मनुष्य हर क्षण कुछ न कुछ सीखते ही रहता है। चाहे वह खेलते वक्त हो, चाहे वह कहीं जा रहा हो या किसी से बात कर रहा हो। सीखने के पांच आयाम हैं। सकारात्मक दृष्टिकोण और धारणाएं, ज्ञान प्राप्त करना और एकीकृत करना, ज्ञान का विस्तार और परिष्कृत करना, ज्ञान का सार्थक उपयोग करना और उत्पादक है ।

महत्वपूर्ण टूल है माइंडस्पार्क एप
आकांक्षी जिला प्रोग्राम के तहत नीति आयोग की सहयोगी संस्था पीरामल फाउंडेशन व शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में जिले के महासमुंद एवं बागबाहरा ब्लाक के 24 शासकीय स्कूलों के कक्षा 6 वीं से 9 वीं के नामांकित छात्र-छात्राओं को प्रौद्योगिकी के माध्यम से सिखाने एवं स्टूडेंट लर्निंग आउटकम में सुधार हेतु हिन्दी, अंग्रेजी एवं गणित में अपनी दक्षता एवं शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए माइंडस्पार्क एप को स्कूल एवं घर पर महत्वपूर्ण टूल के रूप में दिया गया है। साथ ही स्कूल में भी प्रत्येक शनिवार (बेगलेस डे) को संस्था की टीम द्वारा स्कूलों में बच्चों को आईसीटी लेब के माध्यम से माइंडस्पार्क ऐप वेब ब्राउजर के द्वारा पढ़ने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। बच्चें अपनी सुविधानुसार समय पर इसका उपयोग कर पढ़ रहे है। वे अपनी बुनियादी शिक्षा और बौद्धिक क्षमता भी बढ़ा रहे है।

माइंडस्पार्क से बच्चों को लगातार पढ़ाई सुनिश्चित करने गांव में शिक्षित युवाओं को बच्चों की बुनियादी शिक्षा और बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने के लिए सेवा भाव से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। पीरामल टीम द्वारा स्कूलों में समर छुट्टियों के दौरान बच्चों को ऐप के द्वारा उनकी निरंतर पढ़ाई को सुनिश्चित कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कोविड- 19 में बच्चों की बुनियादी शिक्षा का स्तर कम हो गया है। उसके सुधार के लिए बच्चों को माइंडस्पार्क ऐप को स्कूल एवं घर पर महत्वपूर्ण टूल के रूप में उपयोग हेतु प्रेरित किया जा रहा है।

माइंडस्पार्क एप की निरंतर उपयोग पढ़ाई से बच्चों की पढ़ाई और समझने की शक्ति में इजाफ़ा हुआ है। याद करने की शक्ति में भी दिख रही है। माइंडस्पार्क एक एआई. संचालित व्यक्तिगत अनुकूली ऑनलाइन मैथ्स लर्निंग प्लेटफॉर्म है जो प्रभावी रूप से छात्रों को आगे बढ़ने गति दे रहा है ।

 



जिले के महासमुंद एवं बागबाहरा ब्लाक के 24 शासकीय स्कूलों के कक्षा 6 वीं से 9 वीं के लगभग 1030 नांमाकित विद्यार्थी इस ऐप का उपयोग कर रहे है। शिक्षा विभाग एवं सकुल समन्वयको, शिक्षको एवं पीरामल फाउंडेशन की टीम के सामुहिक प्रयास से बच्चों को माइंडस्पार्क ऐप को उपयोग करना सुनिश्चित किया जा रहा है। ऐप में बच्चों को आने वाली दिक़्क़त और समस्याओं का समाधान टीम द्वारा तत्काल किया जा रहा है। बच्चों के शिक्षा स्तर में पहले से और बेहतर परिवर्तन देखने मिल रहा है। समय-समय पर कलेक्टर निलेश कुमार क्षीरसागर एवं सीईओ जिला पंचायत एस. आलोक पीरामल फाउंडेशन की टीम के साथ बैठक कर जानकारी लेते है और ज़रूरी निर्देश भी दिए जाते है।

 

 

 

 

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स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 23 मार्च को आयोजित परीक्षाएं यथावत रहेंगी

नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों के स्कूलों में जहां परीक्षा आयोजित नहीं हो रही वहां चेट्रीचण्ड्र महोत्सव का अवकाश

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में 23 मार्च को पूर्व में निर्धारित परीक्षाएं यथावत रूप से आयोजित की जाएंगी।

राज्य के समस्त नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों के स्कूलों (जहां परीक्षाएं आयोजित हैं को छोड़कर) में 23 मार्च 2023 को चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) महोत्सव का अवकाश रहेगा।

 

गौरतलब है कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 23 मार्च को चेट्रीचण्ड्र महोत्सव के लिए राज्य के समस्त नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों में सामान्य अवकाश घोषित किया गया है।

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पीपरछेड़ी में नवीन स्कूल भवन स्वीकृत, बच्चों ने कहा : 'थैंक्यू भूपेश काका'...

 बालोद  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बालोद जिले के ग्राम पीपरछेड़ी के स्कूली बच्चों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को नवीन स्कूल भवन की स्वीकृति के लिए उत्साह के साथ धन्यवाद दिया है। स्कूल की छात्रा खिलेश्वरी, साक्षी और चित्रलेखा ने नवीन भवन की स्वीकृति मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि स्कूली बच्चों की मांग को मुख्यमंत्री ने पूरा किया है, अब उन्हें अपना नया स्कूल भवन मिल जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को नवीन स्कूल भवन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद कहा है। छात्रा रेशमा और सुहाना ने कहा कि नया स्कूल भवन बनने से अब स्कूल की सुविधाएं भी बढे़गी। क्लासरूम, प्रयोगशाला के साथ ही अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में काफी मदद मिलेगी।

स्कूल के प्राचार्य ने बताया कि यह स्कूल 1984 से निर्मित है जिसे लगभग 40 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। वर्तमान भवन की स्थिति काफी कमजोर है, नया स्कूल भवन बनने से अब सभी के लिए सुविधा होगी।

 


उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बघेल विगत माह फरवरी में एक कार्यक्रम में शामिल होने जिले के बालोद विकासखंड के ग्राम पीपरछेड़ी पहुँचे थे। जहां कार्यक्रम से वापस लौटने के दौरान स्कूली बच्चों ने मुख्यमंत्री के साथ फोटो लेने की ईच्छा जाहिर की। जिस पर मुख्यमंत्री बघेल ने बच्चों के पास पहुंचकर बड़े ही उत्साह भरे माहौल में बच्चों के साथ फोटो खिंचवाया। इस दौरान बच्चों ने मुख्यमंत्री से अपने स्कूल के लिए नए भवन बनाने की मांग की। जिस पर मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों को नया भवन निर्माण कराने का भरोसा दिलाया था। मुख्यमंत्री द्वारा बच्चों को दिए गए इस भरोसे को त्वरित अमल में लाने जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही की गई। जिसके फलस्वरूप शासन द्वारा ग्राम पीपरछेड़ी में हायर सेकेंडरी स्कूल के नवीन भवन निर्माण हेतु 01 करोड़ 21 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति उपरांत अब स्कूल भवन निर्माण हेतु कार्य प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा बच्चों को दिए गए नवीन स्कूल भवन निर्माण के भरोसे को अब अमल में लाया जाएगा और स्कूली बच्चों को नवीन भवन की सौगात प्रदान की जाएगी।

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स्कूली शिक्षा में बदलाव : स्कूल में व्यावसायिक शिक्षा के लिए बत्तख पालन की शुरुआत

महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में विगत वर्षों में स्कूली शिक्षा में व्यापक बदलाव आने लगा है। वहीं सरकारी स्कूलों की छवि को और बेहतर तथा इसे असरकारी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अभिभावकों के इच्छानुसार सरकारी स्कूलों में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने की सुविधा उपलब्ध करायी गई है। इसके साथ ही चालू शिक्षा सत्र से बस्ता विहीन स्कूल का प्रयोग भी शुरू हुआ है। इस दिन बिना स्कूल बैग के स्कूल पहुंचे बच्चों को स्थानीय कारीगरों, मजदूरों, व्यवसायियों के काम दिखाने की व्यवस्था है। विभाग द्वारा बच्चों की उपस्थिति पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सुघ्घर पढ़वईया योजना अंतर्गत महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखण्ड के शहरी पांच विद्यालयों प्राथमिक शाला झिलमिला, लक्ष्मीपुर, बोडेसरा, लमकेनी और कसडोल स्कूल का चयन हुआ है। बीआरसी सतीश स्वरूप पटेल ने बताया कि हाल ही में थर्ड पार्टी के रूप में डाईट महासमुंद द्वारा विद्यालयों का निरीक्षण किया था। टीम द्वारा विद्यालयों के बच्चों के स्तर का आंकलन के साथ राज्य स्तरीय प्रश्न पत्र के आधार पर डिजिटल माध्यम से भी विद्यार्थियों का आंकलन किया गया।

 

सुघ्घर पढ़वईया योजनांतर्गत चयनित प्राथमिक शाला झिलमिला स्कूल में अभिनव पहल की गई है। इस स्कूल में व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा को बढ़ावा देते हुए बत्तख पालन प्रारम्भ किया गया है। प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक प्रताप नारायण दास ने बताया कि बत्तख पालन बिना किसी आर्थिक सहयोग से शुरू किया गया है। आगे बत्तख पालन की जानकारी पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को दी जाएगी। ताकि उन्हें शिक्षा ज्ञान के साथ-साथ बच्चों को व्यवसाय से जुड़ने का ज्ञान हो। ताकि विद्यार्थी आत्मनिर्भर बन सके।

 

 

स्कूल में बत्तख पालन के लिए हैंड वॉश की पानी को स्टोर करने के लिए बनायी टंकी में बत्तख सुबह 10 बजे से 4 बजे तक रहेंगे एवं मध्यान्ह भोजन में बचे एवं गिरे हुए खाने को इकट्ठा कर बत्तखों को खिलाया जाएगा। यह कार्य मध्यान्ह भोजन चलाने वाली महालक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह की देख-रेख में होगा। बत्तखों को शाम तथा सरकारी छुट्टी में ये समूह बत्तखों की घर में देखभाल करेंगी। इस स्कूल में डिजिटल क्लासरूम, मुस्कान पुस्कालय, रनिंग वाटर युक्त शौचालय के साथ कई सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

 

 

स्कूल शिक्षा विभाग के नई शिक्षा नीति के अनुसार बच्चों की सीखने और समझने की क्षमता में विकास के लिए छत्तीसगढ़ बालवाड़ी योजना शुरू की गई है। यह योजना आंगनबाड़ियों के पांच से छः वर्षों के बच्चों के लिए है। जिससे बच्चों की सीखने और समझने की क्षमता का विकास खेल-खेल में करवाया जाता है। अब महासमुंद के स्कूलों में खेल गढ़िया कार्यक्रम अंतर्गत छत्तीसगढ़िया खेल के साथ विभिन्न खेल भी खेलाएं जा रहे हैं। इसके अलावा शाला के बाहर के बच्चों या गांव के आसपास के बच्चों को भी जो स्कूल नहीं जा रहे हैं, उन्हें शाला में लाने हेतु भी प्रयास किए जाते हैं। स्कूलों को पहले से और आकर्षक बनाया गया है। उन्हें सुंदर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ताकि बच्चों को अच्छा वातावरण मिले। बालिकाओं को सुरक्षा की दृष्टि से आत्मरक्षा संबंधित प्रशिक्षण भी स्कूलों में दिए जा रहे हैं।   

 

 

 

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निजी स्कूलों के पास न अपना भवन न खेल मैदान, फिर भी शिक्षा विभाग मेहरबान....

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने मापदंडों काे पूरा नहीं करने वालों निजी स्कूलों को रेवड़ियों की तरह मान्यता बांटी रही है। हालात ऐसे हैं कि स्कूलों के पास न तो खुद का भवन है और न ही खेल का मैदान। इसके बावजूद इन्हें शिक्षा विभाग द्वारा धड़ल्ले से मान्यता दी जा रही है। इतना ही नहीं, मान्यता देने के बाद इनका नवीनीकरण भी किया जा रहा है। जबकि नियमानुसार निजी स्कूलों को अस्थायी तौर पर तीन वर्ष के लिए मान्यता दी जाती है।
साथ ही उक्त अवधि के भीतर ही अधूरे मापदंडों को पूरा करना निजी स्कूलाें की जिम्मेदारी होती है लेकिन इसके बावजूद राजधानी में ही कई ऐसे स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनके पास खुद का भवन तक नहीं है। वे किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं और उनके पास खेल के लिए मैदान तक नहीं है। फिर भी उन स्कूलों काे हर तीन वर्ष में मान्यता नवीनीकरण कर के जारी की जा रही है।

 

इसकी वजह से बच्चों काे स्कूलों में पर्याप्त सुविधाएं व संसाधन नहीं मिल रहे हैं।जांच भी कागजों तक ही रह जाती है सीमितस्कूलों द्वारा मान्यता के लिए आवेदन के दौरान सारी जानकारियां आनलाइन भरना होता है, इसके बाद उन्हें सशर्त मान्यता जारी की जाती है। वहीं, इसके बाद नवीनीकरण के लिए आवेदन करने के बाद जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा उनकी जांच तक नहीं की जाती है और बिना निरीक्षण व मापदंड पूरा किए ही मान्यता रिन्यू कर दी जाती है।

 

शासकीय स्कूलों में भी हालात बदतरनिजी स्कूलों के अलावा शासकीय स्कूलों में भी हालात बदतर हैं। लगभग 30 प्रतिशत से ज्यादा स्कूलों में खेल का मैदान तक नहीं है। वहीं, जिसमें बढ़ईपारा, खोखाे पारा सहित कई स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा कई स्कूलों में तो स्कूल के मैदानों पर ही अतिक्रमण कर लिया जा रहा है। जिसकी वजह से बच्चों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।जिले में 855 से ज्यादा निजी स्कूलजिले में 855 निजी स्कूलों का संचालन किया जा रहा है।

 

जिनमें से आधे स्कूलों के पास खुद का भवन ही नहीं है। वहीं, शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत बनाए गए मापदंडों का पालन भी नहीं किया जा रहा है। ऐसे में नियमों के उल्लंघन से सीधे तौर पर छात्रों का ही नुकसान हो रहा है।स्कूलों में खेल का पीरियड ही नहींस्कूलों में अध्यापन कार्य करवाने के साथ ही खेल के लिए भी अलग से पीरियड लगाना अनिवार्य किया गया है।

 

इसके लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी निर्देशित किया गया है, लेकिन फिर भी ज्यादातर स्कूलों में खेल के लिए अलग से पीरियड तक नहीं लगाया जाता है। फिर वो चाहे सरकारी स्कूल हों या फिर निजी। सभी जगह यही हाल है।
रायपुर डीईओ आरएल ठाकुर के मुताबिक मान्यता देने से पहले जांच की जाती है। मापदंड पूरे नहीं होने पर अगली बार इसे पूरा करने का मौका दिया जाता है। कितने स्कूलों में खेल मैदान नहीं है, इसकी सूची मंगवाई जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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महिला आयोग की कार्यशाला में विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षणार्थियों को मिलेगा प्रशिक्षण


12 मार्च को राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला

रायपुर(छत्तीसगढ़ दर्पण)छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के अपने कार्यकाल में वर्ष 2020 जुलाई से अब तक राज्य महिला आयोग के द्वारा पीड़ित महिलाओं को उत्पीडन से न्याय दिलाने की दशा में सर्वाधिक कार्य हुई और वर्ष 2022-23 मे मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ के माध्यम से अब तक अम्बिकापुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायपुर संभागों में रथ के माध्यम से जन जागरूकता का विशेष अभियान चलाया गया है। यह अभियान बस्तर संभाग में चलाया जाना शेष है।बस्तर, अम्बिकापुर, दुर्ग, बिलासपुर संभाग में राज्य स्तरीय सम्मेलन के माध्यम से लगभग 1500 मास्टर ट्रेनर तैयार किये गये है। जिनके माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों को जागरूक किया जा सकेगा तथा रायपुर संभाग के सम्मेलन को राज्य स्तरीय सम्मेलन के माध्यम से 12 मार्च को राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया है। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास मंत्री छत्तीसगढ़ शासन अनिला भेंड़िया करेंगी।

इस कार्यशाला में 1500-2000 प्रशिक्षणार्थियों का प्रशिक्षण विभिन्न विषयों पर किया जायेगा। इसमें पुलिस विभाग के आई.जी. सजीव शुक्ला के द्वारा मानव तस्करी विषय पर, फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ सुनंदा ढेंगे के द्वारा अपराधों के दौरान साक्ष्य एकत्र करने और सबूत बचाये रखने के विषय में, परिवार न्यायालय और आंतरिक परिवाद समिति विषय पर अधिवक्ता शमीम रहमान तथा साइबर क्राइम पर मोनाली गुहा के द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस प्रशिक्षण से महिलाओं और बालिकाओं को विशेष जानकारियां एक ही प्लेटफार्म पर मिलेगी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में सुबह 10:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक यह कार्यक्रम चलेगा। कार्यशाला में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री, अध्यक्षता के रूप में महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया शामिल होंगी एवं प्रशिक्षणार्थियों के लिये विशेष उपहार योजना भी लागू रहेगी।
 

 

 

 
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विज्ञान विषय के लिए परीक्षार्थियों ने हेल्पलाइन पर पूछे सवाल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बोर्ड परीक्षा के दौरान छात्रों की समस्याओं का समाधान करने माध्यमिक शिक्षा मंडल हेल्पलाइन नंबर का संचालन कर रहा है। हेल्पलाइन के टोलफ्री नंबर 18002334363 पर प्रातः 10.30 से 5.30 बजे तक छात्र, पालक और शिक्षक अपनी समस्याएं साझा कर रहे हैं। मंडल की और से विशेषज्ञों की टीम इन समस्याओं का समाधान कर रही है।


हेल्पलाईन में शनिवार को कक्षा 10वीं विज्ञान विषय के लिए अर्पणा तिवारी, कु सरिता देवांगन, श्रीमती सोमाबनिक विषय विषेषज्ञों ने विषय संबंधी सवालो के जवाब देते हुए समस्या समाधान किया। साथ ही मण्डल के उपसचिव जे. के. अग्रवाल के मार्गदर्शन  में नोडल अधिकारी डॉ प्रदीप कुमार साहू के नेतृत्व में सहायक प्राध्यापक राजेन्द्र दुबे, श्रीमती अनिता सौंधी के सहयोग से विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान किया गया।

 

 

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कुलपति विश्वविद्यालयों में बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करें: राज्यपाल

राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन से विभिन्न शासकीय व निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने की सौजन्य भेंट रायपुर

 (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन नेे राज्य के विभिन्न शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से प्रदेश के विश्वविद्यालयों की गतिविधियों, समस्याओं आदि की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विश्वविद्यालयों की नैक (एन.ए.ए.सीं.) ग्रेडिंग, विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की संख्या, दर्ज विद्यार्थियों की संख्या आदि की जानकारी ली। 

 

उन्होंने कुलपतियों को विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के हरसंभव उपाय करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो को विभिन्न विश्वविद्यालयों के लम्बित दीक्षांत समारोहों की जानकारी लेकर विश्वविद्यालयों में शीघ्र ही समारोह का आयोजन करने के निर्देश भी दिए। 

 

उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह, विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इसका प्रभाव विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ता है। दीक्षांत समारोह समय पर आयोजित किए जाएं ताकि उनके शिक्षा एवं कैरियर में किसी प्रकार की हानि न हो।

राज्यपाल हरिचंदन ने कहा कि विश्वविद्यालयों की समस्याओं आदि के संबंध में उन्हें राजभवन सचिवालय के माध्यम से प्रतिवेदन प्रेषित किए जाएं ताकि राज्य शासन से समन्वय के जरिए इन समस्याओं का निराकरण किया जा सके। उन्होंनेे आगामी दीक्षांत समारोहों के संबंध में कार्ययोजना बनाकर राजभवन सचिवालय को प्रेषित करने को कहा।

 

इस अवसर पर 12 शासकीय विश्वविद्यालयो पं. रविशंकर विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़, स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई, पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर, शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, जगदलपुर, संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय सरगुजा, दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा, डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी अंतर्राष्ट्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग महात्मागांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, पाटन, शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ के  कुलपति एवं 05 निजी विश्वविद्यालय सी.वी.रमन विश्वविद्यालय,बिलासपुर, आई.सी.एफ.ए.आई. दुर्ग. एमिटी विश्वविद्यालय,रायपुर, ओ.पी.जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़, के.के.मोदी विश्वविद्यालय,दुर्ग के कुलपति और निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. उमेश मिश्रा एवं सदस्यों ने मुलाकात की एवं राज्यपाल श्री हरिचंदन को होली की शुभकामनाएं दीं।

 

 

मुलाकात के दौरान पं. रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलपति ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी और बताया कि इसी माह दीक्षांत समारोह प्रस्तावित है।

 

तत्पश्चात् राज्यपाल हरिचंदन ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति को कृषि अनुसंधान का लाभ किसानों तक पहुंचाने की दिशा में विशेष प्रयास करने को कहा । साथ ही उन्होंने कृषि शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों का रूझान बढ़ाने की दिशा में उपाय करने को भी कहा।

 

 

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12वीं अंग्रेजी की परीक्षा में 226 विद्यार्थी रहे अनुपस्थित

 बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा शुक्रवार को 12वीं अंग्रेजी की परीक्षा आयोजित की गई। हायर सेकेण्डरी परीक्षा का आयोजन 73 केंद्रों में हुआ। कक्षा 12वीं में कुल 11403 विद्यार्थी पंजीकृत है, जिसमें 226 अनुपस्थित रहें। जिला प्रशासन बेमेतरा द्वारा गठित निरीक्षण दल ने परीक्षा केन्द्र का सघन निरीक्षण किया गया। श्रम अधिकारी बेमेतरा द्वारा परीक्षा केन्द्र भिंभौरी, आनन्दगांव, गुधेली व खनिज अधिकारी बेमेतरा ने परीक्षा केन्द्र गोढीकला, मुरता, टेमरी, नांदघाट, मारो, सम्बलपुर का निरीक्षण किया।

एसडीओपी एचई द्वारा परीक्षा केन्द्र, बावामोहतरा, बालसमुन्द, चंदनु, मोहरेंगा, भनसुली, बदनारा व कार्यपालन अधिकारी जिला अंत्यावसायी द्वारा परीक्षा केंद्र जेवरा, जेवरी, कठिया रांका, तिलईकुडा का निरीक्षण किया गया। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा परीक्षा केन्द्र बालक नवागढ़, कन्या शाला नवागढ़, अंधियारखोर, झाल का निरीक्षण किया। भावेश सिंह द्वारा परीक्षा केन्द्र कन्या शाला साजा, बालक स्कूल साजा, चिल्फी, ठेलका, सेजेस थानखम्हरिया, कन्या थानखम्हरिया, सं.शि.म. थानखम्हरिया, हाटरांका का निरीक्षण किया गया।

 

नायब तहसीलदार बेमेतरा द्वारा परीक्षा केन्द्र जेवरी, कुसमी, भनसुली का निरीक्षण किया। नायब तहसीलदार द्वारा परीक्षा केन्द्र अछोली, कठिया रांका केन्द्रों का निरीक्षण किया। तहसीलदार द्वारा बेमेतरा, बेरला, साजा, नवागढ, थानखम्हरिया एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के दलों ने परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया। केन्द्राध्यक्षों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नकल प्रकरण निरंक रहा।  

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बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए 69 शिक्षकों को दिया प्रशिक्षण

क्रियात्मक अनुसंधान एवं दीक्षा एप कार्यशाला विषय पर दिया प्रशिक्षण

नारायणपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  प्राचार्य जिला एवं प्रशिक्षण संस्थान, नारायणपुर ने बताया कि विगत दिनों संस्थान में तीन दिवसीय क्रियात्मक अनुसंधान एवं दीक्षा एप प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के दोनों विकासखण्डों के विभिन्न विद्यालयों के कुल 69 शिक्षकों ने सहभागिता दी। प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में डाइट प्राचार्य अकादमिक सदस्य एवं प्रशिक्षु शिक्षकों की उपस्थिति में कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

प्रशिक्षण सत्र में अकादमिक सदस्यों द्वारा अनुसंधान एवं क्रियात्मक अनुसंधान के अर्थ परिभाषा, उद्देश्य, सोपान, लाभ समस्या का चयन एवं प्रविधि की विस्तृत जानकारी प्रशिक्षु शिक्षकों को प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि द्वितीय दिवस में समस्त प्रशिक्षु शिक्षकों को अलग-अलग 7 समूह में बांटकर प्रयोग के लिए एक-एक समस्या का चयन कर क्रियात्मक अनुसंधान की प्रक्रिया पूर्ण कर प्रस्तुतिकरण के लिए निर्देशित किया गया। जिसमें प्रशिक्षु शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया एवं अपनी प्रस्तुति दी।

 

प्रशिक्षण के अंतिम दिवस में डिजिटल शिक्षा के अंतर्गत सुघ्घर पढ़वइया एवं एनआईसीएलईआर एप की विस्तृत जानकारी एवं दीक्षा एप की जानकारी प्रशिक्षु शिक्षकों को प्रदान की गई। इस प्रशिक्षण सत्र का समापन प्राचार्य जी.आर. मण्डावी एवं अकादमिक सदस्य मनोज कुमार रनघाटी, गिरीश कुमार भास्कर संजीव मण्डल, निधी दीपक एनपी साहू, दिनेश सिंह चौहान एवं प्रशिक्षु शिक्षकों की उपस्थिति में किया गया।

 

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अच्छे परिणाम के लिए प्लानिंग , प्रिपरेशन व परिश्रम जरूरी-विजय चोपड़ा

रायपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जैन संवेदना ट्रस्ट द्वारा बच्चों से बच्चों की बात द्वितीय कार्यशाला का आयोजन आदिश्वर जैन माध्यमिक शाला में किया गया । ट्रस्ट के अध्यक्ष महेन्द्र कोचर ने बताया कि बच्चों के मन में वार्षिक परीक्षा के डर को दूर करने व परीक्षा में सफलता के लक्ष्य निर्धारण हेतु मोटिवेशनल कार्यशाला आयोजित की जा रही है । शुक्रवार  की कार्यशाला में प्रसिद्ध शिक्षाविद विजय चोपड़ा ने मेरी परीक्षा मेरा लक्ष्य विषय पर बच्चों को मोटिवेशनल स्पीच देते हुए कहा कि परीक्षा में अच्छे परिणाम के लिए सही प्लानिंग , व्यवस्थित प्रिपरेशन व कड़ा परिश्रम बहुत जरूरी है ।

चोपड़ा ने अच्छे परिणाम के लिये प्लानिंग , प्रिपरेशन व परिश्रम को विस्तारित करते हुए कहा कि प्रिपरेशन के पूर्व अच्छी प्लानिंग करें । कुल विषयों को परीक्षा के बचे दिन से भाग देकर प्रत्येक विषय के लिये दिन निर्धारित करें । प्रत्येक विषय को तीन श्रेणी में बांट लें । वस्तुनिष्ठ प्रश्न , मन पसंद सरल प्रश्न व कठिन प्रश्न । तैयारी करते समय सरल प्रश्न से आरम्भ कर आगे बढ़ेंगे तो आत्मविश्वास भी बढ़ेगा । कठिन प्रश्नों की तैयारी के लिए प्रातः काल का समय बेहतर होगा । इस तरह के प्रयास अच्छे परिणाम देंगे । परीक्षा की तैयारी को स्वयं की इच्छा बनाएं फिर सफलता सौ प्रतिशत तय है । परीक्षा को बोझ या हव्वा न मानें बल्कि परीक्षा पर हावी होकर तैयारी में जुट जाएं । लगन , मेहनत , अनुशासन व आत्मविश्वास से ही पूर्ण सफलता प्राप्त होती है । 

इसे मूलमंत्र बनाएं , पूर्ण मनोभावों से किये परिश्रम से ही अच्छे परिणाम सामने आते हैं । अभी परीक्षा में एक माह का समय शेष है , एक बात तय है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नही होता सो विषयों के अनुसार टाईम टेबल सेट करें , ऊँचा लक्ष्य निर्धारित करें अपनी क्षमता पर विश्वास करें व प्लानिंग से तैयारी आरम्भ कर देवें । 

 

मोटिवेशनल स्पीकर चोपड़ा ने छात्राओं की हौसलाअफजाई करते हुए बताया कि परीक्षा की तैयारी के बीच बीच में ब्रेक भी जरूरी है , प्रतिदिन की संतुलित निद्रा व आहार भी सफलता के आधार हैं । चोपड़ा ने छात्राओं को परीक्षा की समयबद्ध तैयारी के मध्य की अड़चन को इंगित करते हुए मोबाईल के उपयोग व दुरुपयोग पर विस्तृत चर्चा की , एक सिक्के के दो पहलू होते हैं । मोबाईल पर समय के दुरुपयोग से दूर रहकर उसके सही उपयोग को क्रियान्वित करें । कठिन प्रश्नों के उत्तर अपनी आवाज  में रिकॉर्ड करें उसे बार बार सुनकर मस्तिष्क पटल पर बैठाएं , इस प्रकार हमारे जीवन में रचे बसे मोबाईल का परीक्षा के लिए सदुपयोग का संकल्प छात्राओं ने लिया । अंत में अनेक छात्राओं ने अपने डाऊट बताए जिसका विजय चोपड़ा ने विस्तार पूर्वक समाधान देकर बच्चों  का उत्साहवर्धन किया ।

 

 

प्राचार्या हेमलता शर्मा ने मोटिवेशनल कार्यशाला के लिए आभार प्रकट किया । कार्यक्रम में महेन्द्र कोचर , कमल भंसाली ,  गुलाब दस्सानी , प्राचार्या हेमलता शर्मा , प्रधान अध्यापिका आभा शर्मा , शिक्षका योगिता शर्मा , प्रीति प्रिया , सरोज भोई , मोनिका बड़बाइक , तरुणा बिसेन , सोनल डोडवानी उपस्थित रहे।

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