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चीन के हेनान प्रांत में संयंत्र में आग लगने से 36 लोगों की मौत

 बीजिंग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मध्य चीन में एक कंपनी के संयंत्र में सोमवार रात भीषण आग लगने से 36 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। शहर के सूचना विभाग के अनुसार, हेनान प्रांत के आन्यांग शहर के वेनफेंग जिले में एक वाणिज्य एवं व्यापार कंपनी के संयंत्र में सोमवार को लगी आग को बुझाने में दमकलकर्मियों को चार घंटे से अधिक समय लगा। आग पर रात करीब 11 बजे काबू पाया गया।

 

 

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सोलोमन द्वीप और ग्रीस में भी कांपी धरती, सुनामी की आशंका...

होनियारा/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सोमवार-मंगलवार को विश्व के अलग-अलग देशों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। सोलोमन द्वीप पर मंगलवार को जोरदार भूकंप के जोरदार झटके लगे हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई है। जानकारी के मुताबिक भूकंप मंगलवार सुबह 7 बजकर 33 मिनट पर आया था। अधिक जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल किसी तरह के जानमाल की हानि की खबर नहीं है।

भूकंप मंगलवार सुबह 7 बजकर 33 मिनट पर आया। भूकंप के झटकों के बाद सोलोमन द्वीर पर सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से बताया गया कि लोगों को ऊंची जगहों पर जाने की सलाह भी दी गई है।

 
 
 
 
इससे पहले सोमवार को इंडोनेशिया में जोरदार भूकंप आया था। 5.6 तीव्रता के भूकंप में अब तक 162 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा 700 लोग घायल भी हुए हैं। भूकंप पश्चिम जावा प्रांत के सियानजुर क्षेत्र में 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर केंद्रित था। भूकंप के जोरदार झटकों से कई इमारतें क्षतिग्रस्त भी हुई हैं।
 
 
 

वहीं ग्रीस द्वीप क्रीत में सोमवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जिसके बाद लोग अपने-अपने घरों से बाहर दौड़ पड़े। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तिव्रता 5.5 रही। जानकारी के मुताबिक, भूकंप सुबह 4 बजकर 54 मिनट ((भारतीय समयानुसार) पर आया। इसकी गहराई 80 किमी (49.71 मील) थी। नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है। एथेंस जियोडायनामिक संस्थान ने कहा, भूकंप के झटके काहिरा और मिस्र तक महसूस किया गया था। इससे पहले, यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC)ने भूकंप की तीव्रता को संशोधित कर 6 से 5.4 कर दिया था। क्रीत में आए भूकंप के बाद सुनामी की आशंका जताई जा रही है। इस बीच तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश जारी किया गया है। लोगों से कहा गया है कि वे समुद्र के किनारे से ऊंचाई वाली जगहों पर चले जाए जिससे वे सुरक्षित रहेंगे।
 

 

 


 

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जावा प्रांत में भूकंप से अब तक 162 की मौत, सैकड़ों घायल...

 जकार्ता/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इंडोनेशिया के पश्चिमी जावा प्रांत में सोमवार को आए 5.6 तीव्रता के भूकंप में अब तक 162 लोगों की मौत हो गई, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हो गए। जियोलाजिकल सर्वे ने कहा कि 5.6 तीव्रता का भूकंप पश्चिम जावा प्रांत के सियानजुर क्षेत्र में 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर केंद्रित था।

सोमवार को एक शक्तिशाली भूकंप ने इंडोनेशिया के जावा के मुख्य द्वीप को दहला दिया है, जिसमें अब तक 162 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं। बचाव दल भूकंप के झटकों की श्रृंखला के बीच मलबे के नीचे फंसे बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं। 5.6 तीव्रता के भूकंप का केंद्र राजधानी जकार्ता से लगभग 75 किमी (45 मील) दक्षिण-पूर्व में पहाड़ी पश्चिम जावा में सियांजुर शहर के पास था। इस क्षेत्र में 25 लाख से अधिक लोग रहते हैं। सियांजुर के प्रशासन के प्रमुख हरमन सुहरमन ने बताया था कि कम से कम 700 लोगों का इलाज चल रहा है। ज्यादातर को इमारतों में फंसने के कारण फ्रैक्चर हुआ है। 

पश्चिम जावा के गवर्नर रिदवान कामिल ने कहा कि मृतकों में से कई पब्लिक-स्कूल के छात्र थे, जिन्होंने दिन में अपनी कक्षाएं समाप्त कर ली थीं और कई इस्लामिक स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षा ले रहे थे। मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है। सियांजुर के निवासी ज्यादातर एक और दो मंजिला इमारतों वाले शहरों में और आसपास के ग्रामीण इलाकों में छोटे घरों में रहते हैं। कामिल ने कहा कि जिन 13,000 से अधिक लोगों के घरों को भारी नुकसान पहुंचा है उन्हें निकासी केंद्रों में ले जाया गया है।  

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श्रीलंका सरकार ने कई मंत्रियों को किया निलंबित, लगाया यह आरोप...

 कोलंबो/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। श्रीलंका सरकार ने अपने दो फ्रंट-लाइन मंत्रियों को निलंबित कर दिया है। पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने के लिए श्रीलंका फ्रीडम पार्टी (एसएलएफपी) द्वारा दोनों मंत्रियों को निलंबित किया गया है। इस मामले में पार्टी सचिव दयासचिव जयशेखर ने मीडिया से कहा कि "जब तक दोनों मंत्री अपना स्पष्टीकरण नहीं दे देते, तब तक दोनों अस्थायी रूप से निलंबित रहेंगे"।

एसएलएफपी की केंद्रीय समिति ने 21 नवंबर को बैठक की थी जिसमें उड्डयन मंत्री निमल सिरीपाला डी सिल्वा और कृषि मंत्री महिंदा अमरवीरा के साथ राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे की सरकार में तीन अन्य कनिष्ठ मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया गया था। इन सभी मंत्रियों पर पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। हालांकि, पार्टी के निलंबन का मतलब ये नहीं कि मंत्रियों को विक्रमसिंघे के मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया है।

 
 
 

वित्त मंत्री विक्रमसिंघे ने देश के मौजूदा आर्थिक संकट को दूर करने के लिए सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए कर सुधारों का एक प्रस्ताव जारी किया है। बता दें कि श्रीलंका में आर्थिक संकट के कारण देश भर में व्यापक पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इस विरोध प्रदर्शन की वजह से ही तत्कालीन राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

 

आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका को दोबारा से पटरी पर लाने का वित्त मंत्री विक्रमसिंघे ने वादा किया था। वहीं आर्थिक सुधारों के लिए जारी किया गया ये प्रस्ताव सांसदों को पंसद नहीं आ रहा है। विक्रमसिंघे के सांसदों में नाराजगी पैदा हो गई है। सांसदों ने आरोप लगया है कि विक्रमसिंघे ने श्रीलंका टेलीकॉम को भी निशाना बनाया था।

 

बता दें कि श्रीलंका इस साल विदेशी मुद्रा भंडार में रिकार्ड कमी के चलते गहरे वित्तीय संकट की चपेट में है। जिसके कारण ही यहां पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस समेत खाने-पीने की चीजें और दवा भी कई गुना महंगी हो गई हैं। श्रीलंका को इंपोर्ट किए जाने वाले सामान के बदले भुगतान करने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है और 22 मिलियन लोगों ने द्वीप को छोड़ दिया है।

 

 

 
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जनरल मुशर्रफ की हत्या की कोशिश करने वाले शख्स को सुप्रीम कोर्ट ने रिहा करने का दिया आदेश, 20 साल से है कैद

 

इस्लामाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जनरल परवेज मुशर्रफ की हत्या की कोशिश करने वाले शख्स को रिहा करने का आदेश दिया है। इस व्यक्ति का नाम राणा तनवीर है। राणा तनवीर ने 2003 में तत्कालीन सैन्य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ की हत्या की कोशिश की थी। राणा तनवीर को इसके बाद अदालत ने उसे 14 साल की सजा सुनाई थी, जबकि उसने जेल में 20 साल काट लिए हैं।

20 साल से जेल में है कैद
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक राणा तनवीर को 2003 के रावलपिंडी पंप हमले के मामले में एक सैन्य अदालत ने 2005 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। तनवीर को 31 दिसंबर, 2003 को मुशर्रफ पर हत्या के प्रयास के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। जनरल परवेज मुशर्रफ रावलपिंडी के गैरीसन शहर में अपने काफिले में थे तभी उन पर एक के बाद एक दो बम और बंदूक से हमला किया गया था जिसमें वे बाल-बाल बचे थे।

तारिक मसूद की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिया आदेश
जियो टीवी की खबर के मुताबिक, सजा पूरी होने के बावजूद दोषी को अब तक रिहा नहीं किया गया था। इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सरदार तारिक मसूद की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने राणा तनवीर की रिहाई का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान राणा तनवीर के वकील हशमत हबीब ने कहा कि सजा पूरी होने के बाद भी उनके मुवक्किल को रिहा नहीं किया जा रहा है।

14 साल की मिली थी सजा
हबीब ने कहा कि आजीवन कारावास की अवधि 14 साल है और मेरा मुवक्किल करीब 20 साल से जेल में है। शीर्ष अदालत ने तनवीर की रिहाई के खिलाफ संघीय और पंजाब सरकार की याचिकाओं को भी खारिज कर दिया और जेल अधिकारियों को उसे रिहा करने का आदेश दिया। हबीब ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट के सोमवार के आदेश के तहत तनवीर को रिहा कर दिया जाएगा।

परवेज मुशर्रफ को मिली है फांसी की सजा
परवेज मुशर्रफ 1998 में पाकिस्तान के आर्मी चीफ बने थे। साल 1999 में मुशर्रफ ने पाकिस्तान में नवाज शरीफ सरकार का तख्ता पलट कर दिया और पाकिस्तान के राष्ट्रपति बन गए। साल 2008 में परवेज मुशर्रफ ने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया। परवेज मुशर्रफ को पाकिस्तान की विशेष अदालत ने 2019 में देशद्रोह के आरोप में फांसी की सजा सुनाई थी। देश में आपातकाल लगाने के लिए अदालत ने मुशर्रफ के खिलाफ इस सजा का एलान किया। मुशर्रफ 2016 से दुबई में निर्वासन में रह रहे हैं। उन्होंने इलाज कराने के बहाने से पाकिस्तान छोड़ दिया था।

 

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भूकंप ने ली 46 लोगों की जान, 700 घायल... इतनी रही तीव्रता...

 जकार्ता/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इंडोनेशिया के पश्चिमी जावा प्रांत में सोमवार को आए 5.6 तीव्रता के भूकंप में 46 लोगों की मौत हो गई, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हो गए। जियोलाजिकल सर्वे ने कहा कि 5.6 तीव्रता का भूकंप पश्चिम जावा प्रांत के सियानजुर क्षेत्र में 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर केंद्रित था।


पश्चिम जावा के शहर सियानजुर के एक सरकारी अधिकारी हरमन सुहरमन, जहां भूकंप का केंद्र था, ने बताया कि क्षेत्र के एक अस्पताल में 46 लोगों की मौत हो गई है और 700 से ज्यादा लोग घायल हो गए। भूकंप से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। लोगों को सुरक्षा के लिए सड़कों पर चले जाने को कहा गया है।

 
 
 
 
 
 
 

राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण एजेंसी ने कहा कि एक इस्लामिक बोर्डिंग स्कूल, एक अस्पताल और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं सहित दर्जनों इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। एक बयान में कहा गया है कि हताहतों की संख्या और क्षति के बारे में अभी भी जानकारी एकत्र की जा रही है।

ग्रेटर जकार्ता इलाके में महसूस किए भूकंप के झटके
भूकंप के झटके ग्रेटर जकार्ता इलाके में महसूस किए गए। राजधानी में ऊंचे ऊंचे स्थान बह गए और कुछ को खाली करा लिया गया। दक्षिण जकार्ता में  एक कर्मचारी विदी प्राइमाधानिया ने कहा, 'भूकंप इतना तेज महसूस हुआ। मेरे सहयोगियों और मैंने आपातकालीन सीढ़ियों का उपयोग करके नौवीं मंजिल पर अपने कार्यालय से बाहर निकलने का फैसला किया।'

जकार्ता में भूकंप का आना असामान्य
इंडोनेशिया में अक्सर भूकंप आते रहते हैं, लेकिन जकार्ता में उन्हें महसूस किया जाना असामान्य है। 270 मिलियन से अधिक लोगों का देश अक्सर भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और सूनामी से प्रभावित होता है। फरवरी में, पश्चिम सुमात्रा प्रांत में 6.2 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 25 लोग मारे गए और 460 से अधिक घायल हो गए।

 

 

 
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कमला हैरिस ने एपेक शिखर सम्‍मेलन में चीन के राष्‍ट्रपति चिनफिंग से मुलाकात की

 वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमरीका की उपराष्‍ट्रपति कमला हैरिस ने थाईलैंड में एपेक शिखर सम्‍मेलन में चीन के राष्‍ट्रपति षी चिनफिंग से मुलाकात की। व्‍हाइट हाउस के एक बयान में कहा गया है कि कमला हैरिस ने दोनों देशों के बीच जिम्‍मेदारी के साथ संचार का आह्वान किया।

श्री चिनफिंग ने कहा कि इंडोनेशिया के बाली में अमरीकी राष्‍ट्रपति जो बाइडेन के साथ उनकी मुलाकात महत्‍वपूर्ण और रचनात्‍मक थी। खबरों में कहा गया है कि चीन और अमरीका के संबंधों को आगे ले जाने के लिए इस बैठक का विशेष महत्‍व है।  

 

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समलैंगिक नाइट क्लब में गोलीबारी : 5 की मौत, 18 घायल

 कोलोराडो/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका के कोलोराडो में एक समलैंगिक नाइट क्लब में शनिवार रात हुई गोलीबारी में पांच लोगों की मौत हो गई और 18 घायल हो गए। इस घटना के बारे में कोलोराडो स्प्रिंग्स लेफ्टिनेंट पामेला कास्त्रो ने बताया कि एक संदिग्ध हिरासत में है और क्लब क्यू में हुए हमले के बाद घायलों का इलाज किया जा रहा है। कास्त्रो ने कहा कि पुलिस को शूटिंग के बारे में आधी रात से पहले शुरुआती फोन कॉल मिला था। अधिकारियों ने क्लब के अंदर एक व्यक्ति का पता लगाया जिसे संदिग्ध माना जा रहा था। उसने हमले के मकसद के बारे में कोई जानकारी नहीं दी और यह कहने से इनकार कर दिया कि शूटिंग में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया था।

Google लिस्टिंग में क्लब क्यू खुद को "वयस्क-उन्मुख समलैंगिक और समलैंगिक नाइटक्लब होस्टिंग थीम नाइट्स जैसे कराओके, ड्रैग शो और डीजे" के रूप में वर्णित करता है। क्लब ने अपने फेसबुक पेज पर एक बयान में कहा कि यह "हमारे समुदाय पर मूर्खतापूर्ण हमला था। हम ग्राहकों की त्वरित प्रतिक्रियाओं का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने बंदूकधारी को वश में कर लिया और इस हमले को रोक दिया।"

बता दें सुबह 4 बजे पुलिस ने क्लब के आसपास के क्षेत्र घेर लिया। इससे पहले 2016 में एक बंदूकधारी ने फ्लोरिडा के ऑरलैंडो में समलैंगिक नाइट क्लब में 49 लोगों की हत्या कर दी थी। उस समय यह अमेरिकी इतिहास में सबसे खराब सामूहिक गोलीबारी थी। शूटर ने इस्लामिक स्टेट के एक नेता के प्रति निष्ठा का दावा किया था। पुलिस के साथ मुठभेड़ में वह मारा गया था।

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यूक्रेन से 'असली' जंग हार चुके हैं पुतिन! टूट चुके हैं रूसी सैनिक, रिपोर्ट में खुलासा

 

खेरसॉन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पिछले 9 महीने से यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) की आग में जल रहा है। जंग से निकलने वाली आग की लपटों ने दुनिया की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है। दुनिया में ऊर्जा संकट बढ़ता जा रहा है। शक्तिशाली देशों की इकॉनोमी स्लो डाउन से गुजर रही है। वहीं, कुछ दिनों से यूक्रेन में रूस के लिए कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा है। रूस जैसे शक्तिशाली देश के लिए खेरसॉन से बाहर निकलने का निर्णय किसी बड़ी पराजय से कम नहीं है। वहीं, व्लादिमीर पुतिन के करीबी जानते हैं कि वह 'असली युद्ध हार चुके हैं।
रूस जंग में अब अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है
दरअसल, रूस यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में नया मोड़ आ गया है। खेरसॉन से रूसी सैनिकों की वापसी के ऐलान के बाद दुनिया की निगाहें युद्ध पर टिकी हैं। एक रिपोर्ट में खेरसॉन से रूस के पीछे हटने के क्या मायने हो सकते हैं, इसकी जानकारी दी गई है। रूसी स्वतंत्र समाचार आउटलेट मेडुजा ने यूक्रेन में रूस के खिलाफ हाल की घटनाओं को बहुत दर्दनाक बताया। रिपोर्ट बताती है कि, खेरसॉन के साथ रूस वास्तविक युद्ध हार चुका है।

खेरसॉन में हार से बौखलाया रूस
रिपोर्ट में कहा गया है कि, खेरसॉन में चारो खाने चित्त होने के बाद भी व्लादिमीर पुतिन जंग को लेकर आशावादी बने हुए हैं। उन्हें लगता है कि,राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अपने पद से इस्तीफा दे देंगे और इससे रूस के लिए जीत का एक नया द्वार खुल जाएगा। हालांकि, इन उम्मीदों के पीछे कोई तर्क नहीं था।
रूसी सैनिक अब टूट चुके हैं
अंडरस्टैंडिंग अर्बन वारफेयर के लेखक जॉन स्पेंसर ने न्यूजवीक को बताया कि रूस की सेना अब टूट चुकी है, थक चुकी है। सिर्फ सेना में नई भर्ती करने से कुछ नहीं होने वाला है। युद्ध के मैदान में सैनिकों को लड़ने के लिए अत्याधुनिक हथियार और अन्य सैन्य साजो-सामान के साथ-साथ एक लंबे समय तक प्रभावी नेतृत्व की आवश्यकता है। जॉन स्पेन्सर ने आगे कहा कि, 24 फरवरी से जारी जंग ने रूस की युद्धक क्षमता को गंभीर रूप से कमजोर बना दिया है। जंग में यूक्रेन को यूरोप और अमेरिका से सैन्य और आर्थिक सहायता प्राप्त हो रहा है। जेलेंस्की के सैनिक अमेरिका के अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर रूसी सैनिकों पर भारी पड़ रहे हैं। इससे पुतिन की सेना हताश हो चली है।
जंग में अपराधी, एचआईवी मरीजों को भेजा जा रहा है
जंग में अपराधी, एचआईवी मरीजों को भेजा जा रहा है
वहीं, रूस जंग जीतने के लिए अब खूंखार अपराधियों और एचआईवी जैसे भयंकर रोग से ग्रसित मरीजों को जंग के मैदान में भेज रहा है। इससे मॉस्को के सैनिकों को गहरा आघात लगा होगा। बिना किसी प्रशिक्षण के अपराधियों, मरीजों को जंग के मैदान में भेजने से समस्या का समाधान नहीं निकलने वाला है। रूस ऐसे कैसे जंग जीत पाएगा। इन सबके बीच पुतिन परमाणु हमले की धमकी भी दे रहे हैं।

इस जंग का अंत नहीं?
पिछले 9 महीने से यूक्रेन युद्ध की आग में जल रहा है। इससे दुनिया प्रभावित हो रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। रूस-यूक्रेन के जारी युद्ध में भीषण तबाही हुई। यूक्रेन पर रूसी सैनिकों ने ताबड़तोड़ हमले किए। कई शहरों पर रिहायशी इलाकों में भी मिसाइल अटैक हुए और भारी तबाही हुई। यूक्रेन में हमले के बाद हजारों की संख्या में लोगों की मौत हुई।

जेलेंस्की नाटो की सदस्यता लेना चाहते हैं
जेलेंस्की की जिद्द थी कि यूक्रेन को NATO में शामिल करेंगे। जबकि पुतिन का कहना था कि यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो जाएगा। पुतिन और जेलेंस्की ने कसम खा रखी है कि, वे जीत कर दम लेंगे। वहीं, अमेरिका यू्क्रेन को भारी सैन्य सहायता भेजी,जिससे यूक्रेन जंग में रूस के हौसले पस्त हो गए। अब मास्को की स्थिति हार से कम नहीं है। जंग के लंबा खिंचने के कारण रूस की बची-खुची सेना हताश हो चुकी है। हालांकि, जंग का अंत अब भी नहीं दिख रहा है।
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जंग के बीच राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिले PM ऋषि सुनक, जंग जीतने तक यूक्रेन को समर्थन देने की कसम खाई

 

लंदन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक (Rishi Sunak) ने यूक्रेन की अपनी पहली यात्रा की। यहां उन्होंने राजधानी कीव में राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (Ukrainian President Volodymyr Zelensky) से मुलाकात की। बता दें कि, रूस से जारी युद्ध के बीच यूक्रेन को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिलना जारी है। अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्ष यूक्रेन की राजधानी कीव का दौरा कर चुके हैं। अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी कीव का दौरा किया है। उनका यह दौरा पीएम पद ग्रहण करने के 24 दिन बाद ही आया है। सुनक ने जंग जीतने तक कीव के पक्ष में खड़ा रहने की कसम खाई।

ऋषि सुनक कीव पहुंचे
पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन और लिज ट्रस ने भी यूक्रेन को अपना समर्थन जारी रखा था। इससे पहले युद्ध के बीच पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जानसन ने कीव का दौरा किया था। इस दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की। यूक्रेनी राष्ट्रपति के प्रेस कार्यालय ने दोनों की मुलाकात का फोटो जारी कि‍या।

जेलेंस्की से ऋषि की मुलाकात
जेलेंस्की ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, युद्ध के पहले दिनों से, यूक्रेन और ब्रिटेन सबसे मजबूत सहयोगी रहे हैं। आज की बैठक के दौरान, हमने अपने देशों और वैश्विक सुरक्षा दोनों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।बता दें कि, रूस-यूक्रेन युद्ध को करीब नौ महीने हो चुके हैं। रूस अपनी मिसाइलों से लगातार यूक्रेन के शहरों पर हमला बोल रहा है। इस बीच ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कीव की अपनी पहली यात्रा की और यूक्रेन को दृढ़ समर्थन जारी रखने का संकल्प लिया।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
रूस-यूक्रेन युद्ध से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। रूस-यूक्रेन के जारी युद्ध में भीषण तबाही हुई। यूक्रेन पर रूसी सैनिकों ने ताबड़तोड़ हमले किए। कई शहरों पर रिहायशी इलाकों में भी मिसाइल अटैक हुए और भारी तबाही हुई। यूक्रेन में हमले के बाद हजारों की संख्या में लोगों की मौत हुई। यूक्रेन जंग ने ब्रिटेन में ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल लाया है।

नाटो में शामिल होना चाहता है यूक्रेन
जेलेंस्की की जिद्द थी कि यूक्रेन को NATO में शामिल करेंगे। जबकि पुतिन का कहना था कि यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो जाएगा। पुतिन और जेलेंस्की ने कसम खा रखी है कि, वे जीत कर दम लेंगे। वहीं, अमेरिका यू्क्रेन को भारी सैन्य सहायता भेजी,जिससे यूक्रेन जंग में रूस के हौसले पस्त हो गए। अब मास्को की स्थिति हार से कम नहीं है। जंग के लंबा खिंचने के कारण रूस की बची-खुची सेना हताश हो चुकी है। हालांकि, जंग का अंत अब भी नहीं दिख रहा है।
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चन्द्रमा की ओर उड़ चला आर्टिमिस-1 : कितने दिनों का रहेगा मिशन, जानें सबकुछ....

 फ्लोरिडा/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। लगभग डेढ़ दशक बाद अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा फिर से चन्द्रमा में मानव भेजने की तैयारी कर रहा है। इस पूरे अभियान को 3 भागों में बांटा गया है आर्टेमिस-1, आर्टेमिस,-2 और आर्टेमिस-3। आर्टेमिस-1 की सफलता के बाद 3 साल बाद चांद की धरती पर फिर से मानव के कदम पड़ेंगे। इसी अभियान के पहले चरण के तहत फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से 16 नवंबर को 1:47 am EST (भारतीय समय अनुसार दोपहर 12.17 बजे) आर्टिमिस-1 ने उड़ान भरी।

नासा के आर्टेमिस-1 मून मिशन की लॉन्चिंग को 10 मिनट के लिए रोकना पड़ा। लॉन्चिंग से ठीक पहले फिर से कुछ तकनीकी खामियां आ गईथीं, जिसे वैज्ञानिकों दूर कर दिया। आर्टिमिस अपने साथ ओरियन स्पेसशिप ले जा रहा है। ओरियन स्पेसशिप दुनिया के सबसे ने ताकतवर और बड़े रॉकेट के ऊपरी हिस्से में रहेगा। यह स्पेसक्राफ्ट इंसानों की स्पेस यात्रा के लिए बनाया गया है। यह वह दूरी तय कर सकता है, जो आज तक किसी स्पेसशिप ने नहीं की है। ओरियन स्पेसशिप सबसे पहले धरती से चंद्रमा तक 4.50 लाख KM की यात्रा करेगा। उसके बाद चंद्रमा के अंधेरे वाले हिस्से की तरफ 64 हजार KM दूर जाएगा। ओरियन स्पेसशिप बिना इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से जुड़े इतनी लंबी यात्रा करने वाला पहला अंतरिक्ष यान होगा।

 



अर्टेमिस-1 मिशन के दौरान ओरियन और SLS रॉकेट चंद्रमा तक जाकर धरती पर वापस आएगा। इस दौरान दोनों ही अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। यह भविष्य में होने वाले मून मिशन से पहले का लिटमस टेस्ट है। अगर यह सफल होता है तो साल 2025 तक अर्टेमिस मिशन की तरह पहली बार चंद्रमा पर एस्ट्रोनॉट को भेजा जाएगा। अर्टेमिस-1 मिशन के बाद ही नासा वैज्ञानिक चंद्रमा तक जाने के लिए अन्य जरूरी तकनीकों को डेवलप करेंगे। ताकि चंद्रमा से आगे मंगल तक की यात्रा भी हो सके।

 

NASA के केनेडी स्पेस स्टेशन पर SLS रॉकेट और ओरियन को लॉन्च पैड 39बी से छोड़ा जाएगा। यह लॉन्च पैड अत्याधुनिक है। इस रॉकेट को पांच सेगमेंट वाले बूस्टर्स से लॉन्च किया जाएगा, जिनमें से चार में RS-25 इंजन लगे हैं। ये इंजन बेहद आधुनिक और ताकतवर हैं। ये 90 सेकेंड में वायुमंडल के ऊपर पहुंच जाएंगे। सॉलिड बूस्टर्स दो मिनट से पहले ही अलग हो जाएंगे। इसके बाद RS-25 इंजन करीब 8 मिनट बाद अलग होगा। फिर सर्विस मॉड्यूल और स्पेसशिप को उसके बूस्टर्स अंतरिक्ष में आगे की यात्रा के लिए एक जरूरी गति देकर छोड़ देंगे।

मिशन का समय: 42 दिन, 3 घंटे और 20 मिनट।
गंतव्य: चंद्रमा के बाहर की रेट्रोग्रेड कक्षा।
कितने किलोमीटर यात्रा: 21 लाख किलोमीटर।
वापस लैंडिंग की जगहः सैन डिएगो के आसपास प्रशांत महासागर में।
लौटते समय ओरियन की गति: 40 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा।

चंद्रमा पर कैसे यात्रा करेगा ओरियन
ओरियन चंद्रमा के सबसे नजदीक 97 KM और सबसे दूर 64 हजार KM की यात्रा करेगा। चंद्रमा पर यह अंडाकार ऑर्बिट में चक्कर लगाएगा। पहली बार इंसानों द्वारा इंसानों के लिए बनाया गया कोई स्पेसशिप अंतरिक्ष में इतनी दूर जाएगा। ओरियन चंद्रमा का दूसरा चक्कर लगाने के बाद अपने इंजन को ऑन करेगा। उसकी ग्रैविटी से बाहर निकल कर धरती की तरफ यात्रा करेगा।

ओरियन के धरती पर लौटते ही मिशन खत्म हो जाएगा। धरती पर लौटने से पहले उसकी गति 40 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। वायुमंडल में आते ही गति 480 किलोमीटर प्रतिघंटा हो जाएगी। उस समय इसे करीब 2800 डिग्री सेल्सियस का तापमान बर्दाश्त करना होगा। यहां पर उसके हीटशील्ड की जांच होगी। समुद्र से 25 हजार फीट ऊपर स्पेसक्राफ्ट के दो पैराशूट खुलेंगे। तब इसकी स्पीड कम होकर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा हो जाएगी। इसके थोड़ी देर बाद इसके मुख्य तीन पैराशूट खुल जाएंगे। फिर इसकी गति 32 किलोमीटर प्रतिघंटा हो जाएगी। तब यह सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में लैंड करेगा।

लैंडिंग के बाद कैसे होगी रिकवरी
NASA के एक्सप्लोरेशन ग्राउंड सिस्टम की लैंडिंग और रिकवरी टीम प्रशांत महासागर में पहले से तैनात रहेगी. वह ओरियन की लैंडिंग के बाद उसे उठाकर नौसेना के एंफिबियस पोत पर रखेगी। नौसेना के गोताखोर और अन्य इंजीनियर स्पेसक्राफ्ट को बांधकर पोत पर रखेंगे। उसे वापस लेकर केनेडी स्पेस स्टेशन तक जाएंगे। फिर स्पेसशिप की कायदे से जांच-पड़ताल होगी।

 
 
 
 
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जलवायु परिवर्तन पर भारत घरेलू और बहुस्तरीय सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध : भूपेंद्र यादव

 शर्म-अल-शेख (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने मिस्र के शर्म-अल-शेख में चल रहे कॉप-27 में आयोजित लघु द्वीपीय विकासशील राष्ट्रों में मजबूत बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहन-एसआईडीएस सत्र में भाग लिया। श्री यादव ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन पर भारत घरेलू और बहुस्तरीय स्तर पर सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि पूरी मानवता के आवास इस पृथ्वी के संरक्षण के लिए भारत सभी वैश्विक पर्यावरणीय सरोकारो से जुड़ाव जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के इस समय में भारत सरकार एसआईडीएस के हितो की सुरक्षा के लिए मजबूती से साथ है। उन्होंने कहा कि तुलनात्मक रूप से भारत में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक औसत का एक तिहाई है।

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जी-20 की भारत की अध्यक्षता समावेशी, निर्णायक और कार्य उन्मुखी होगी : मोदी

 बाली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंडोनेशिया में बाली की यात्रा सम्पन्न कर स्वदेश लौट आये हैं। वे जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बाली की तीन दिन की यात्रा पर थे। श्री मोदी ने गर्मजोशी से की गई मेज़बानी के लिए इंडोनेशिया की जनता, सरकार और राष्ट्रपति जोको विडोडो का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्व नेताओं के साथ वार्ता की और प्रमुख मुद्दों पर भारत की स्थिति स्पष्ट की। जी-20 शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में भारत को समूह की अध्यक्षता सौंपी गयी। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने प्रतीकात्मक रूप से प्रधानमंत्री मोदी को जी-20 की अध्यक्षता सौंपी। भारत पहली दिसम्बर से आधिकारिक रूप से जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण करेगा।

शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को जी-20 अध्यक्षता मिलना प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि भारत ऐसे समय में जी-20 की अध्यक्षता करने जा रहा है, जब पूरा विश्व भू-राजनैतिक तनाव, आर्थिक मंदी, खाद्य और ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और कोरोना महामारी के दीर्घकालिक असर से जूझ रहा है। उन्होंने विश्व के नेताओं को आश्वासन दिया कि जी-20 की भारत की अध्यक्षता समावेशी, महत्वकांक्षी, निर्णायक और कार्योन्मुखी होगी। उन्होंने कहा कि भारत यह सुनिश्चित करेगा कि जी-20 विश्व में नये विचारों को आगे बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाए और अगले एक वर्ष के दौरान सामूहिक कार्रवाई में तेजी लाये।

 

हमारे संवाददाता ने बताया है कि जी-20 के सदस्य देशों ने बाली घोषणा पत्र स्वीकार किया और मौजूदा संकट तथा तनाव के कारण वैश्विक खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। सदस्य देशों ने जीवन बचाने, भुखमरी और कुपोषण से निपटने के लिए तुरंत कार्रवाई की प्रतिबद्धता व्यक्त की। जी-20 शिखर सम्मेलन से अलग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडोनेशिया, सिंगापुर, जर्मनी, इटली, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।

 

 

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65वां ग्रैमी : हॉलीवुड सिंगर बेयॉन्से नौ नामांकन के साथ सबसे आगे

 लॉस एंजिलिस (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 65वें वार्षिक ग्रैमी अवार्डस के लिए नामांकन की घोषणा हो गई है। इसके लिए कई सारे नाम सामने आए हैं परंतु हॉलीवुड सिंगर बेयॉन्से नौ नामांकन के साथ सबसे आगे हैं। इनके अलावा केंड्रिक लैमर के आठ और एडेल और ब्रांडी कार्लिले के सात नामांकन हैं। वैराइटी की रिपोर्ट के अनुसार, चार दावेदार छह नामांकनों के साथ दौड़ में शामिल हुए : फ्यूचर, हैरी स्टाइल्स, मैरी जे. ब्लिज, डीजे खालिद और रैंडी मेरिल।
 

वैरायटी के अनुसार, नामांकन आम तौर पर बड़े पैमाने पर अनुमानित थे, बेयॉन्से, एडेल, स्टाइल्स, लैमर और लिजो पांच दावेदार थे, जो शीर्ष तीन सभी-शैली श्रेणियों में नामांकित थे, जो कि एल्बम, गीत या फिर रिकॉर्ड के लिए है। उन शीर्ष श्रेणियों में भविष्यवाणी से बेहतर प्रदर्शन करने वाले कलाकारों में मैरी जे. ब्लिज और एबीबीए हैं, जिन्हें वर्ष के रिकॉर्ड और वर्ष के एल्बम के लिए रखा गया था, लेकिन गीत के लिए नहीं। ब्लीज के लिए, 16 साल हो गए हैं जब वह आखिरी बार रिकॉर्ड और एल्बम के लिए उतरी थी।

वैरायटी की मानें तो, नामांकन में देशी संगीत के लिए यह एक ऐतिहासिक वर्ष नहीं है। एक भी देशी कलाकार ने शीर्ष चार सामान्य श्रेणियों में जगह नहीं बनाई। शीर्ष तीन श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करने वाले अन्य कलाकार हैं टेलर स्विफ्ट, 'ऑल टू वेल, दोजा कैट, कोल्डप्ले, डीजे खालिद, गेल और, 90 के दशक की ग्रैमी क्वीन, बोनी रायट ने आश्चर्यजनक वापसी की।

 

 

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मोदी ने G-20 में शामिल राष्ट्राध्यक्षों को गुजराती-हिमाचली गिफ्ट दिए

 बाली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जी-20 की बैठक में इंडोनेशिया के बाली पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें शामिल तमाम देशों के प्रधानमंत्रियों को गिफ्ट दिए हैं। खास बात ये है कि सभी गिफ्ट्स गुजरात और हिमाचल के कारीगरों ने अपने हाथों से बनाए हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक को देवी मां की पेंटिंग दी तो अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन को राधा-कृष्ण भगवान का श्रंगार रस वाला चित्र दिया।

मोदी ने इटली और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्रियों को भी गुजराती कलाकारों द्वारा बनाए गए गिफ्ट दिए। प्रधानमंत्री मोदी ने इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। मोदी ने मुलाकात के बाद उन्हें गुजरात के पाटन की परम्परा के प्रतीक 'पाटन पटोला दुपट्टा' (स्कार्फ) गिफ्ट किया। यह स्कार्फ उत्तरी गुजरात के पाटन क्षेत्र में साल्वी परिवार द्वारा बुना गया। इस हैंडमेड स्कॉर्फ का पाटन पटोला कपड़ा इतनी अच्छी तरह से तैयार किया गया है कि यह रंगों का त्योहार बन जाता है। इसमें आगे और पीछे का हिस्सा एक जैसा दिखता है। इसे अलग-अलग पहचानना मुश्किल है।

 
 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई PM एंथोनी अल्बनीज को गिफ्ट किया जनजातीय लोक कला का चित्र फिथोरा गिफ्ट किया। गुजरात के छोटा उदयपुर के राठवा कारीगरों ने इसे बना है। ये चित्र ऑस्ट्रेलिया के समुदायों की एबोरिजिनल डॉट पेंटिंग की तरह ही है। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के PM ऋषि सुनक को माता नी पछेड़ी गिफ्ट की। यह गुजरात का एक हस्तनिर्मित कपड़ा है। इसमें देवी मां का चित्र बना हुआ है। नवरात्रि के समय और अन्य पूजन के दौरान इसे देवी मंदिर में चढ़ाया जाता है। यह नाम गुजराती शब्द है। इसमें 'माता' यानी 'देवी मां', 'नी' का अर्थ है 'से संबंधित' और 'पछेड़ी' का अर्थ है 'पृष्ठभूमि'।

 
 

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन को प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा की पेंटिंग गिफ्ट की। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के चित्रकारों ने इसे बनाया है। इसमें श्रृंगार रस और प्राकृतिक प्रेम का चित्रण किया जाता है। इसकी खासियत ये है कि कांगड़ा के कलाकर इसे बनाने में सिर्फ प्राकृतिक रंगों का ही उपयोग करते हैं। G-20 समिट के आयोजक देश इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो को प्रधामंत्री मोदी ने दो गिफ्ट दिए।

 
 

मोदी ने विडोडो को सूरत के कारीगरों द्वारा बनाया गया डिजाइनर चांदी का कटोरा और हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के कारीगरों द्वारा हाथ से बना किन्नौरी शॉल दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज को मंडी और कुल्लू का कनाल ब्रास सेट (वाध्ययंत्र) गिफ्ट किया। यह हिमाचल के आयोजनों में बजाए जाने वाला प्रमुख बाजा है, लेकिन इसका उपयोग अब सजावट के सामान के तौर पर किया जाने लगा है। इसे मंडी और कुल्लू के कलाकारों ने हाथ से ही बनाया है। 

20 देशों का समूह है G-20

G20 समूह फोरम में 20 देश हैं। इसमें दुनिया के डेवलप्ड और डेवलपिंग इकोनॉमी वाले देश हैं। 19 देशों में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, साउथ कोरिया, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपियन यूनियन (EU) शामिल हैं।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डायबिटीज को लेकर दिए चौंकाने वाले आंकड़े, जानें क्या कहा ...

 विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वैश्विक स्तर पर लगभग 422 मिलियन लोगों को मधुमेह (डायबिटीज) है, और हर साल 1.5 मिलियन लोगों की डायबिटीज के कारण मौत होती है. WHO के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में 96 मिलियन से अधिक लोगों को डायबिटीज होने का अनुमान है और अन्य करीब 96 मिलियन लोग ही Diabetes से ठीक हो चुके हैं, यहां डायबिटीज से सालाना कम से कम 6,00,000 मौतें होती हैं. दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह डब्ल्यूएचओ क्षेत्रीय निदेशक ने कहा- 2045 तक, अगर ऐसा ही चलता रहा तो इस क्षेत्र में डायबिटीज के प्रसार में 68 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है. . 

मधुमेह कितने प्रकार के होते हैं?

आयुर्वेद के अनुसार यदि मूल में तीन प्रकार और दो प्रकार को जोड़ दिया जाए तो कुल मिलाकर मधुमेह मुख्य रूप से 5 प्रकार के होते हैं।

आयुर्वेद में हर रोग के तीन कारण माने गए हैं, वात-पित्त-कफ। इन तीन दोषों के असंतुलन के कारण भी शुगर होता है। अगर कफ के कारण शुगर हो रहा है तो आयुर्वेदिक उपचार से आप इसे पूरी तरह से ठीक कर सकते हैं।


अगर आपको बढ़े हुए पित्त की वजह से मधुमेह है, तो आप इसे आयुर्वेदिक उपचार के माध्यम से इस हद तक ठीक कर सकते हैं कि आपको यह महसूस नहीं होगा या आपको परेशान नहीं करेगा।

वहीं अगर शरीर में हवा के असंतुलन के कारण आपको मधुमेह है तो आपको अधिक मेहनत करनी होगी और दवाओं और जीवनशैली के प्रति पूरी तरह जागरूक रहना होगा। क्योंकि वात के कारण होने वाला मधुमेह पूरी तरह से ठीक नहीं होता है लेकिन आप इसे नियंत्रित कर सकते हैं।


उत्पत्ति की बात करें तो लोगों को शुगर की समस्या दो कारणों से होती है, पहला कारण आनुवंशिकता है। यानी परिवार में किसी को पहले से ही शुगर है और इस वजह से आपको यह जेनेटिकली हो गई है। इस प्रकार की शुगर को टाइप-1 डायबिटीज कहा जाता है।

जहां कुछ लोग अपनी डाइट और लाइफस्टाइल को लेकर इस हद तक गलतियां कर बैठते हैं कि उन्हें शुगर की बीमारी हो जाती है, वहीं खराब लाइफस्टाइल के कारण जब डायबिटीज होती है तो इस तरह की शुगर को डायबिटीज टाइप-2 कहा जाता है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाली में अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की

 बाली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया के बाली में 17वें जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की। बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने क्वाड और आई टू यू टू- I2U2 सहित सभी समूहों में भारत-अमरीका रणनीतिक साझेदारी और घनिष्ठ सहयोग के लगातार बढ़ने की भी सराहना की। वे भारत की अध्यक्षता के दौरान जी-20 में घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने पर भी सहमत हुए।

श्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो से भी मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने भारत की जी-20 अध्यक्षता के लिए इंडोनेशिया के समर्थन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जी-20 में भारत की प्राथमिकताओं को भी उजागर किया।

 

 

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जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान डब्ल्यूएचओ प्रमुख और आईएमएफ प्रमुख से मिले मोदी

 बाली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बाली में जी20 शिखर सम्मेलन से इतर डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ट्रेडोस एडनॉम घेब्येयियस से मुलाकात की और कहा कि भारत स्वस्थ विश्व सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने अपने निजी ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, बाली में आपसे मिलकर खुशी हुई, ट्रेडोस एडनॉम घेब्येयियस! भारत एक स्वस्थ विश्व के निर्माण के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने अपनी ओर से ट्वीट किया, वैश्विक पारंपरिक स्वास्थ्य केंद्र की मेजबानी और निर्माण पर डब्ल्यूएचओ के साथ आपके सहयोग के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद। हेल्ड फॉर ऑल के लिए एक साथ! जी20। प्रधानमंत्री ने आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉजीर्वा और उप प्रबंध निदेशक गीता गोपीनाथ से भी मुलाकात की। पीएमओ ने ट्वीट किया, इससे पहले आज, पीएम नरेंद्र मोदी ने क्रिस्टालिना जॉजीर्वा और गीता गोपीनाथ से बाली में जी 20 समिट में मुलाकात की।


जॉजीर्वा ने अपनी ओर से बातचीत के लिए मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने ट्वीट किया, जी 20 के मौके पर समय निकालने के लिए नरेंद्र मोदी को धन्यवाद! आपके साथ बहुत अच्छी बात हुई।
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