स्वीडनः ग्रेटा थनबर्ग ने अपने ही देश के खिलाफ ठोक दिया केस, जानें क्या है मामला
मलेशिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मलेशिया में विपक्ष के नेता अनवर इब्राहिम ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। शाह अल-सुल्तान अब्दुल्ला ने उन्हें प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त किया। देश में हाल में सम्पन्न संसदीय चुनाव में श्री अनवर और उनके प्रतिद्वंदी पूर्व प्रधानमंत्री मुहीदीन यासिन में से किसी को भी सरकार बनाने के लिए बहुमत नहीं मिला। कई संविधान विशेषज्ञों से विचार विमर्श के बाद शाह अब्दुल्ला ने 75 वर्षीय अनवर इब्राहिम अब्दुल्ला को देश के 10वें प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया।
इस्लामाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाकिस्तान में नए आर्मी चीफ के नाम का एलान हो गया है। ले. जनरल सैयद आसिम मुनीर पाकिस्तान के नए आर्मी चीफ होंगे। आसिम मुनीर जनरल कमर जावेद बाजवा की जगह लेंगे। पाक पीएम शहबाज शरीफ ने आसिम मुनीर के नाम की घोषणा की है। पाकिस्तान की सूचना एवं प्रसारण मंत्री मरियम औरंगजेब ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि पीएम शहबाज शरीफ ने लेफ्टिनेंट जनरल साहिर शमशाद मिर्जा को ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ और लेफ्टिनेंट जनरल सैयद आसिम मुनीर को थल सेनाध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला किया है। सूचना मंत्री ने ट्विटर पर लिखा कि मुनीर को देश की शक्तिशाली सेना का नया प्रमुख बनाया गया है। उन्होंने बताया कि मुनीर निवर्तमान जनरल कमर जावेद बाजवा से पदभार ग्रहण करेंगे।
बीजिंग/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। चीन में एक बार फिर कोरोना का मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है, जिसके चलते कई स्थानों में लॉकडाउन की स्थिति निर्मित हो गई है। इस दौरान यहां स्थित दुनिया की सबसे बड़ी आईफोन फैक्ट्री में कर्मचारियों द्वारा उग्र प्रदर्शन की खबर आ रही है। सूत्रों के अनुसार फैक्ट्री में कोरोना तालाबंदी और वेतन विवाद को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश है। इसे लेकर कई वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं। सुरक्षाबलों के साथ संघर्ष में कई श्रमिकों के घायल होने की बात कही जा रही है।
चीन में एप्पल आईफोन की असेंबलिंग वाले झेंगझोऊ फैक्ट्री में बुधवार को फिर से उपद्रव शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कर्मचारियों और प्रशासन के बीच होने वाली झड़पों को देखा जा सकता है। एप्पल आईफोन फैक्ट्री के कई कर्मचारियों को कोरोना वायरस प्रतिबंधों के बीच शुरू हुए अनुबंध विवादों के कारण पीटा गया और बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
सैकड़ों कर्मचारियों का फैक्ट्री के सुरक्षा कर्मियों के साथ संघर्ष हुआ। कोरोना के चलते करीब एक माह से फैक्ट्री में कठोर पाबंदियों व वेतन को लेकर विवाद के कारण श्रमिकों के भड़क उठने की खबर है। एपल संयंत्र में अक्तूबर से तनाव देखा जा रहा था। कोरोना पाबंदियों के चलते तालाबंदी शुरू होने से श्रमिकों में असंतोष बढ़ता जा रहा था। आईफोन सिटी में 2,00,000 से अधिक श्रमिकों में से कई को आइसोलेट किया जा चुका था। उन्हें भोजन व दवाओं की मुश्किल हो रही थी।
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार फॉक्सकॉन प्लांट के कर्मचारी फैक्ट्री से बाहर निकल आए। इसके बाद उनकी सुरक्षा कर्मियों से झड़प हुई। एक अन्य वीडियो में गार्ड जमीन पर लेटे एक श्रमिक को लाठियों से पीटते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान लड़ो, लड़ो के नारे गूंजते हैं। श्रमिकों की भीड़ बैरिकेड्स लांघते हुए प्रदर्शन करते नजर आए। पुलिस के साथ भी श्रमिकों की तकरार हुई। एक वीडियो में उग्र श्रमिक एक प्रबंधक को घेरे हुए नजर आए। एक श्रमिक ने कहा कि सभी श्रमिकों के कोविड पॉजिटिव होने का खतरा है। एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि आप हमें मौत के मुंह में भेज रहे हैं।
सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट में कहा गया है कि एप्पल के ये कर्मचारी अनुबंध तोड़ने का विरोध कर रहे थे। चीन में इन दिनों कोरोना के मामले फिर से बढ़ रहे हैं। इसको देखते हुए फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के सामने संकट गहरा गया है। उन्हें फैक्टरी से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। उन्हें खाने-पीने के सामान और दवाईयों मिलने में दिक्कत हो रही है।
एप्पल आईफोन असेम्ब्लिंग फैक्ट्री की संचालक फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप ने पहले कहा था कि वो 'क्लोज्ड-लूप मैनेजमेंट' सिस्टम का उपयोग कर रही है। इसके तहत कार्यस्थल पर रहने वाले कर्मचारियों को कड़ी सुरक्षा घेरे में बिना किसी बाहरी संपर्क रखा जाता है। पिछले महीने हजारों कर्मचारियों ने अपर्याप्त सुरक्षा और बीमार पड़ने वाले सहकर्मियों को उचित मेडिकल हेल्प न मिलने की शिकायतों पर वाक-आउट किया था।
एप्पल दे चुका है चेतावनी
एप्पल इंक ने पहले चेतावनी दी थी कि झेंगझोऊ कारखाने पर लगाए गए रोग नियंत्रण प्रतिबंधों के कारण उसके नए आईफोन 14 मॉडल की डिलीवरी में देरी होगी। बता दें कि सरकार ने कारखाने के चारों ओर औद्योगिक क्षेत्र तक आवागमन को रोक दिया है। फॉक्सकॉन ने कहा है कि इस कारखाने में लगभग 200,000 लोग कार्यरत हैं।
फॉक्सकॉन ने फिलहाल इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। मीडिया रिपोर्टों में पहले कहा गया था कि सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से फॉक्सकॉन के उन कर्मचारियों को वापस बुलाने के लिए कहा था, जो कंपनी छोड़कर चले गए थे।
आपको बता दें कि Zhengzhou की iPhone फैक्ट्री में दीवार फांदकर भाग रहे कर्मचारियों का वीडियो पहले भी वायरल हो चुका है। चीन में Covid Lockdown की दहशत के कारण पहले भी एप्पल आईफोन बनाने वाली फॉक्सकॉन फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारी फैक्ट्री छोड़कर भागने की कोशिश कर चुके हैं। तब वर्कर्स ने आरोप लगाया था कि उन्हें खाने-पीने की दिक्कत हो रही है।
बीजिंग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मध्य चीन में एक कंपनी के संयंत्र में सोमवार रात भीषण आग लगने से 36 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। शहर के सूचना विभाग के अनुसार, हेनान प्रांत के आन्यांग शहर के वेनफेंग जिले में एक वाणिज्य एवं व्यापार कंपनी के संयंत्र में सोमवार को लगी आग को बुझाने में दमकलकर्मियों को चार घंटे से अधिक समय लगा। आग पर रात करीब 11 बजे काबू पाया गया।
होनियारा/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सोमवार-मंगलवार को विश्व के अलग-अलग देशों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। सोलोमन द्वीप पर मंगलवार को जोरदार भूकंप के जोरदार झटके लगे हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई है। जानकारी के मुताबिक भूकंप मंगलवार सुबह 7 बजकर 33 मिनट पर आया था। अधिक जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल किसी तरह के जानमाल की हानि की खबर नहीं है।
भूकंप मंगलवार सुबह 7 बजकर 33 मिनट पर आया। भूकंप के झटकों के बाद सोलोमन द्वीर पर सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से बताया गया कि लोगों को ऊंची जगहों पर जाने की सलाह भी दी गई है।
जकार्ता/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इंडोनेशिया के पश्चिमी जावा प्रांत में सोमवार को आए 5.6 तीव्रता के भूकंप में अब तक 162 लोगों की मौत हो गई, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हो गए। जियोलाजिकल सर्वे ने कहा कि 5.6 तीव्रता का भूकंप पश्चिम जावा प्रांत के सियानजुर क्षेत्र में 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर केंद्रित था।
सोमवार को एक शक्तिशाली भूकंप ने इंडोनेशिया के जावा के मुख्य द्वीप को दहला दिया है, जिसमें अब तक 162 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं। बचाव दल भूकंप के झटकों की श्रृंखला के बीच मलबे के नीचे फंसे बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं। 5.6 तीव्रता के भूकंप का केंद्र राजधानी जकार्ता से लगभग 75 किमी (45 मील) दक्षिण-पूर्व में पहाड़ी पश्चिम जावा में सियांजुर शहर के पास था। इस क्षेत्र में 25 लाख से अधिक लोग रहते हैं। सियांजुर के प्रशासन के प्रमुख हरमन सुहरमन ने बताया था कि कम से कम 700 लोगों का इलाज चल रहा है। ज्यादातर को इमारतों में फंसने के कारण फ्रैक्चर हुआ है।
पश्चिम जावा के गवर्नर रिदवान कामिल ने कहा कि मृतकों में से कई पब्लिक-स्कूल के छात्र थे, जिन्होंने दिन में अपनी कक्षाएं समाप्त कर ली थीं और कई इस्लामिक स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षा ले रहे थे। मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है। सियांजुर के निवासी ज्यादातर एक और दो मंजिला इमारतों वाले शहरों में और आसपास के ग्रामीण इलाकों में छोटे घरों में रहते हैं। कामिल ने कहा कि जिन 13,000 से अधिक लोगों के घरों को भारी नुकसान पहुंचा है उन्हें निकासी केंद्रों में ले जाया गया है।
कोलंबो/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। श्रीलंका सरकार ने अपने दो फ्रंट-लाइन मंत्रियों को निलंबित कर दिया है। पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने के लिए श्रीलंका फ्रीडम पार्टी (एसएलएफपी) द्वारा दोनों मंत्रियों को निलंबित किया गया है। इस मामले में पार्टी सचिव दयासचिव जयशेखर ने मीडिया से कहा कि "जब तक दोनों मंत्री अपना स्पष्टीकरण नहीं दे देते, तब तक दोनों अस्थायी रूप से निलंबित रहेंगे"।
एसएलएफपी की केंद्रीय समिति ने 21 नवंबर को बैठक की थी जिसमें उड्डयन मंत्री निमल सिरीपाला डी सिल्वा और कृषि मंत्री महिंदा अमरवीरा के साथ राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे की सरकार में तीन अन्य कनिष्ठ मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया गया था। इन सभी मंत्रियों पर पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। हालांकि, पार्टी के निलंबन का मतलब ये नहीं कि मंत्रियों को विक्रमसिंघे के मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया है।
वित्त मंत्री विक्रमसिंघे ने देश के मौजूदा आर्थिक संकट को दूर करने के लिए सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए कर सुधारों का एक प्रस्ताव जारी किया है। बता दें कि श्रीलंका में आर्थिक संकट के कारण देश भर में व्यापक पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इस विरोध प्रदर्शन की वजह से ही तत्कालीन राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका को दोबारा से पटरी पर लाने का वित्त मंत्री विक्रमसिंघे ने वादा किया था। वहीं आर्थिक सुधारों के लिए जारी किया गया ये प्रस्ताव सांसदों को पंसद नहीं आ रहा है। विक्रमसिंघे के सांसदों में नाराजगी पैदा हो गई है। सांसदों ने आरोप लगया है कि विक्रमसिंघे ने श्रीलंका टेलीकॉम को भी निशाना बनाया था।
बता दें कि श्रीलंका इस साल विदेशी मुद्रा भंडार में रिकार्ड कमी के चलते गहरे वित्तीय संकट की चपेट में है। जिसके कारण ही यहां पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस समेत खाने-पीने की चीजें और दवा भी कई गुना महंगी हो गई हैं। श्रीलंका को इंपोर्ट किए जाने वाले सामान के बदले भुगतान करने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है और 22 मिलियन लोगों ने द्वीप को छोड़ दिया है।
जकार्ता/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इंडोनेशिया के पश्चिमी जावा प्रांत में सोमवार को आए 5.6 तीव्रता के भूकंप में 46 लोगों की मौत हो गई, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हो गए। जियोलाजिकल सर्वे ने कहा कि 5.6 तीव्रता का भूकंप पश्चिम जावा प्रांत के सियानजुर क्षेत्र में 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर केंद्रित था।
पश्चिम जावा के शहर सियानजुर के एक सरकारी अधिकारी हरमन सुहरमन, जहां भूकंप का केंद्र था, ने बताया कि क्षेत्र के एक अस्पताल में 46 लोगों की मौत हो गई है और 700 से ज्यादा लोग घायल हो गए। भूकंप से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। लोगों को सुरक्षा के लिए सड़कों पर चले जाने को कहा गया है।
राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण एजेंसी ने कहा कि एक इस्लामिक बोर्डिंग स्कूल, एक अस्पताल और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं सहित दर्जनों इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। एक बयान में कहा गया है कि हताहतों की संख्या और क्षति के बारे में अभी भी जानकारी एकत्र की जा रही है।
ग्रेटर जकार्ता इलाके में महसूस किए भूकंप के झटके
भूकंप के झटके ग्रेटर जकार्ता इलाके में महसूस किए गए। राजधानी में ऊंचे ऊंचे स्थान बह गए और कुछ को खाली करा लिया गया। दक्षिण जकार्ता में एक कर्मचारी विदी प्राइमाधानिया ने कहा, 'भूकंप इतना तेज महसूस हुआ। मेरे सहयोगियों और मैंने आपातकालीन सीढ़ियों का उपयोग करके नौवीं मंजिल पर अपने कार्यालय से बाहर निकलने का फैसला किया।'
जकार्ता में भूकंप का आना असामान्य
इंडोनेशिया में अक्सर भूकंप आते रहते हैं, लेकिन जकार्ता में उन्हें महसूस किया जाना असामान्य है। 270 मिलियन से अधिक लोगों का देश अक्सर भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और सूनामी से प्रभावित होता है। फरवरी में, पश्चिम सुमात्रा प्रांत में 6.2 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 25 लोग मारे गए और 460 से अधिक घायल हो गए।
वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमरीका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने थाईलैंड में एपेक शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति षी चिनफिंग से मुलाकात की। व्हाइट हाउस के एक बयान में कहा गया है कि कमला हैरिस ने दोनों देशों के बीच जिम्मेदारी के साथ संचार का आह्वान किया।
श्री चिनफिंग ने कहा कि इंडोनेशिया के बाली में अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ उनकी मुलाकात महत्वपूर्ण और रचनात्मक थी। खबरों में कहा गया है कि चीन और अमरीका के संबंधों को आगे ले जाने के लिए इस बैठक का विशेष महत्व है।
कोलोराडो/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका के कोलोराडो में एक समलैंगिक नाइट क्लब में शनिवार रात हुई गोलीबारी में पांच लोगों की मौत हो गई और 18 घायल हो गए। इस घटना के बारे में कोलोराडो स्प्रिंग्स लेफ्टिनेंट पामेला कास्त्रो ने बताया कि एक संदिग्ध हिरासत में है और क्लब क्यू में हुए हमले के बाद घायलों का इलाज किया जा रहा है। कास्त्रो ने कहा कि पुलिस को शूटिंग के बारे में आधी रात से पहले शुरुआती फोन कॉल मिला था। अधिकारियों ने क्लब के अंदर एक व्यक्ति का पता लगाया जिसे संदिग्ध माना जा रहा था। उसने हमले के मकसद के बारे में कोई जानकारी नहीं दी और यह कहने से इनकार कर दिया कि शूटिंग में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया था।
Google लिस्टिंग में क्लब क्यू खुद को "वयस्क-उन्मुख समलैंगिक और समलैंगिक नाइटक्लब होस्टिंग थीम नाइट्स जैसे कराओके, ड्रैग शो और डीजे" के रूप में वर्णित करता है। क्लब ने अपने फेसबुक पेज पर एक बयान में कहा कि यह "हमारे समुदाय पर मूर्खतापूर्ण हमला था। हम ग्राहकों की त्वरित प्रतिक्रियाओं का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने बंदूकधारी को वश में कर लिया और इस हमले को रोक दिया।"
बता दें सुबह 4 बजे पुलिस ने क्लब के आसपास के क्षेत्र घेर लिया। इससे पहले 2016 में एक बंदूकधारी ने फ्लोरिडा के ऑरलैंडो में समलैंगिक नाइट क्लब में 49 लोगों की हत्या कर दी थी। उस समय यह अमेरिकी इतिहास में सबसे खराब सामूहिक गोलीबारी थी। शूटर ने इस्लामिक स्टेट के एक नेता के प्रति निष्ठा का दावा किया था। पुलिस के साथ मुठभेड़ में वह मारा गया था।

फ्लोरिडा/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। लगभग डेढ़ दशक बाद अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा फिर से चन्द्रमा में मानव भेजने की तैयारी कर रहा है। इस पूरे अभियान को 3 भागों में बांटा गया है आर्टेमिस-1, आर्टेमिस,-2 और आर्टेमिस-3। आर्टेमिस-1 की सफलता के बाद 3 साल बाद चांद की धरती पर फिर से मानव के कदम पड़ेंगे। इसी अभियान के पहले चरण के तहत फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से 16 नवंबर को 1:47 am EST (भारतीय समय अनुसार दोपहर 12.17 बजे) आर्टिमिस-1 ने उड़ान भरी।
नासा के आर्टेमिस-1 मून मिशन की लॉन्चिंग को 10 मिनट के लिए रोकना पड़ा। लॉन्चिंग से ठीक पहले फिर से कुछ तकनीकी खामियां आ गईथीं, जिसे वैज्ञानिकों दूर कर दिया। आर्टिमिस अपने साथ ओरियन स्पेसशिप ले जा रहा है। ओरियन स्पेसशिप दुनिया के सबसे ने ताकतवर और बड़े रॉकेट के ऊपरी हिस्से में रहेगा। यह स्पेसक्राफ्ट इंसानों की स्पेस यात्रा के लिए बनाया गया है। यह वह दूरी तय कर सकता है, जो आज तक किसी स्पेसशिप ने नहीं की है। ओरियन स्पेसशिप सबसे पहले धरती से चंद्रमा तक 4.50 लाख KM की यात्रा करेगा। उसके बाद चंद्रमा के अंधेरे वाले हिस्से की तरफ 64 हजार KM दूर जाएगा। ओरियन स्पेसशिप बिना इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से जुड़े इतनी लंबी यात्रा करने वाला पहला अंतरिक्ष यान होगा।
अर्टेमिस-1 मिशन के दौरान ओरियन और SLS रॉकेट चंद्रमा तक जाकर धरती पर वापस आएगा। इस दौरान दोनों ही अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। यह भविष्य में होने वाले मून मिशन से पहले का लिटमस टेस्ट है। अगर यह सफल होता है तो साल 2025 तक अर्टेमिस मिशन की तरह पहली बार चंद्रमा पर एस्ट्रोनॉट को भेजा जाएगा। अर्टेमिस-1 मिशन के बाद ही नासा वैज्ञानिक चंद्रमा तक जाने के लिए अन्य जरूरी तकनीकों को डेवलप करेंगे। ताकि चंद्रमा से आगे मंगल तक की यात्रा भी हो सके।
NASA के केनेडी स्पेस स्टेशन पर SLS रॉकेट और ओरियन को लॉन्च पैड 39बी से छोड़ा जाएगा। यह लॉन्च पैड अत्याधुनिक है। इस रॉकेट को पांच सेगमेंट वाले बूस्टर्स से लॉन्च किया जाएगा, जिनमें से चार में RS-25 इंजन लगे हैं। ये इंजन बेहद आधुनिक और ताकतवर हैं। ये 90 सेकेंड में वायुमंडल के ऊपर पहुंच जाएंगे। सॉलिड बूस्टर्स दो मिनट से पहले ही अलग हो जाएंगे। इसके बाद RS-25 इंजन करीब 8 मिनट बाद अलग होगा। फिर सर्विस मॉड्यूल और स्पेसशिप को उसके बूस्टर्स अंतरिक्ष में आगे की यात्रा के लिए एक जरूरी गति देकर छोड़ देंगे।
मिशन का समय: 42 दिन, 3 घंटे और 20 मिनट।
गंतव्य: चंद्रमा के बाहर की रेट्रोग्रेड कक्षा।
कितने किलोमीटर यात्रा: 21 लाख किलोमीटर।
वापस लैंडिंग की जगहः सैन डिएगो के आसपास प्रशांत महासागर में।
लौटते समय ओरियन की गति: 40 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा।
चंद्रमा पर कैसे यात्रा करेगा ओरियन
ओरियन चंद्रमा के सबसे नजदीक 97 KM और सबसे दूर 64 हजार KM की यात्रा करेगा। चंद्रमा पर यह अंडाकार ऑर्बिट में चक्कर लगाएगा। पहली बार इंसानों द्वारा इंसानों के लिए बनाया गया कोई स्पेसशिप अंतरिक्ष में इतनी दूर जाएगा। ओरियन चंद्रमा का दूसरा चक्कर लगाने के बाद अपने इंजन को ऑन करेगा। उसकी ग्रैविटी से बाहर निकल कर धरती की तरफ यात्रा करेगा।
ओरियन के धरती पर लौटते ही मिशन खत्म हो जाएगा। धरती पर लौटने से पहले उसकी गति 40 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। वायुमंडल में आते ही गति 480 किलोमीटर प्रतिघंटा हो जाएगी। उस समय इसे करीब 2800 डिग्री सेल्सियस का तापमान बर्दाश्त करना होगा। यहां पर उसके हीटशील्ड की जांच होगी। समुद्र से 25 हजार फीट ऊपर स्पेसक्राफ्ट के दो पैराशूट खुलेंगे। तब इसकी स्पीड कम होकर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा हो जाएगी। इसके थोड़ी देर बाद इसके मुख्य तीन पैराशूट खुल जाएंगे। फिर इसकी गति 32 किलोमीटर प्रतिघंटा हो जाएगी। तब यह सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में लैंड करेगा।
लैंडिंग के बाद कैसे होगी रिकवरी
NASA के एक्सप्लोरेशन ग्राउंड सिस्टम की लैंडिंग और रिकवरी टीम प्रशांत महासागर में पहले से तैनात रहेगी. वह ओरियन की लैंडिंग के बाद उसे उठाकर नौसेना के एंफिबियस पोत पर रखेगी। नौसेना के गोताखोर और अन्य इंजीनियर स्पेसक्राफ्ट को बांधकर पोत पर रखेंगे। उसे वापस लेकर केनेडी स्पेस स्टेशन तक जाएंगे। फिर स्पेसशिप की कायदे से जांच-पड़ताल होगी।
शर्म-अल-शेख (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने मिस्र के शर्म-अल-शेख में चल रहे कॉप-27 में आयोजित लघु द्वीपीय विकासशील राष्ट्रों में मजबूत बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहन-एसआईडीएस सत्र में भाग लिया। श्री यादव ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन पर भारत घरेलू और बहुस्तरीय स्तर पर सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि पूरी मानवता के आवास इस पृथ्वी के संरक्षण के लिए भारत सभी वैश्विक पर्यावरणीय सरोकारो से जुड़ाव जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के इस समय में भारत सरकार एसआईडीएस के हितो की सुरक्षा के लिए मजबूती से साथ है। उन्होंने कहा कि तुलनात्मक रूप से भारत में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक औसत का एक तिहाई है।
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