SCO Summit: इसी हफ्ते शी जिनपिंग, शहबाज शरीफ और व्लादिमीर पुतिन से मिल सकते हैं PM मोदी
लंदन/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर एबे में 19 सितंबर को दिन में 11 बजे महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का अंतिम संस्कार होगा। इस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन समेत विश्व के बहुत से नेता दिवंगत महारानी को अंतिम विदाई देने के लिए मौजूद रहेंगे। इससे पहले रविवार को महारानी का पार्थिव शरीर स्काटलैंड की राजधानी एडिनबर्ग स्थित पैलेस आफ होलीरुड हाउस ले जाया जाएगा। स्काटलैंड में यह ब्रिटेन के शासक का आधिकारिक आवास है। यहां से 15 सितंबर को ताबूत लंदन ले जाया जाएगा, जहां महारानी का अंतिम संस्कार होगा।
लंदन में महारानी का पार्थिव शरीर चार दिन तक वेस्टमिंस्टर हाल में रखा जाएगा, जहां पर सामान्य जन उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। 19 सितंबर को प्रात: ताबूत को वेस्टमिंस्टर एबे ले जाया जाएगा जहां पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू होगी। यहां पर विश्व भर से आए नेता और गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे। प्रार्थना और श्रद्धांजलि के बाद दिवंगत महारानी का ताबूत तोपगाड़ी पर रखा जाएगा। उसके बाद शवयात्रा शुरू होगी। यह यात्रा विंडसर कैसल में सेंट जार्ज चैपल जाकर पूरी होगी। वहीं पर स्वर्गीय पति प्रिंस फिलिप के बगल में दिवंगत महारानी को दफनाया जाएगा।
दिवंगत महारानी के अंतिम संस्कार की तारीख की सूचना देकर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विश्व भर के नेताओं से अनुरोध किया गया है। किंग चार्ल्स तृतीय ने महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार के दिन को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया है। ब्रिटेन के लोगों के लिए इस वर्ष यह दूसरा अतिरिक्त अवकाश होगा। इससे पहले महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की सत्ता के 70 साल पूरे होने पर जून में लोगों को अतिरिक्त अवकाश दिया गया था। जिस वेस्टमिस्टर एबे में महारानी का अंतिम संस्कार होगा, उसी के गिरजाघर में 1947 में प्रिंसेस रहीं एलिजाबेथ की प्रिंस फिलिप के साथ शादी हुई थी। उस समय नव विवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने के लिए लाखों लोग आए थे।
पीएम ट्रस और मंत्रियों ने ली किंग के वफादार रहने की शपथ
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने शनिवार को किंग चार्ल्स तृतीय के प्रति वफादार रहने की शपथ ली। हाउस आफ कामंस में सबसे पहले स्पीकर लिडसे होयले ने किंग चार्ल्स और उनके उत्तराधिकारियों के प्रति वफादार रहने की शपथ ली। उनके बाद प्रधानमंत्री, मंत्रियों और वरिष्ठ सांसदों ने यह शपथ ली। राज सिंहासन के प्रति वफादार रहने की शपथ कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है लेकिन उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में सभी 650 सांसद वफादारी की शपथ लेने की कोशिश करेंगे। इससे पहले इस तरह की शपथ महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के प्रति वफादारी के लिए ली गई थी।
रियाद/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि यूक्रेन संकट से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद भारत कम से कम सात प्रतिशत वृद्धि दर के साथ इस साल दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन संकट की वजह से दुनियाभर में तेल की कीमतें बढ़ी हैं और परिणामस्वरूप मुद्रा स्फीति बढ़ी है लेकिन इन सबके बावजूद भारतीय आर्थिकी तेजी से बढ़ रही है। जयशंकर रियाद में प्रवासी भारतीयों को संबोधित कर रहे थे। वह शनिवार को यहां दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे। भारत के विदेश मंत्री के रूप में उनकी यह सऊदी अरब की पहली यात्रा है।
जयशंकर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को विकसित करने और उच्च आय वाला देश बनाने की दिशा में शक्तिशाली प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत उन तरीकों के बारे में सोचता है जिससे वह अपनी क्रेडिट, बैंकिंग, शिक्षा और श्रम नीति को बदल सकता है। उन्होंने कहा कि कई बड़े सुधार हुए हैं और हम उसके परिणाम दो बहुत ही दिलचस्प वाकयों से देख सकते हैं। 31 मार्च, 2021 को समाप्त हुए बीते वित्त वर्ष में हमने अब तक का सबसे अधिक निर्यात किया है। हमारा कुल निर्यात 670 अरब अमेरिकी डालर का रहा। इसमें से 400 अरब अमेरिकी डालर के माल का व्यापार किया गया। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि एक व्यापारिक शक्ति के रूप में भारत का आइडिया आज विश्वसनीय हो गया है।
यात्रा के दौरान विदेश मंत्री अपने सऊदी समकक्ष प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ भारत-सऊदी अरब सामरिक भागीदारी परिषद के ढांचे के तहत स्थापित राजनीतिक, सुरक्षा, सामाजिक और सांस्कृतिक सहयोग समिति की बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे।
वंदे भारत मिशन के तहत सात करोड़ लोग वापस लाए गए
विदेश मंत्री ने वंदे भारत मिशन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके तहत दुनियाभर से सात करोड़ लोगों को वापस भारत लाया गया। कोविड महामारी के दौरान अन्य किसी देश ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान यात्रा प्रतिबंधों के बीच विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए वंदे भारत मिशन सबसे बड़ा निकासी अभ्यास रहा। भारत क्या है, इसे दुनिया ने देखा। इससे पहले खाड़ी युद्ध के दौरान इराक और कुवैत में फंसे करीब पौने दो लाख लोगों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया था।
पोर्ट मोर्सबी/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पापुआ न्यू गिनी में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 7.7 मापी गई है। भूकंप आने के बाद आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया है। लोग आनन-फानन में घर के बाहर निकल गए। वहीं अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण से सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई है। जिस तरह से भूकंप की तीव्रता थी उससे भारी नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है। बता दें, पापुआ न्यू गिनी, इंडोनेशिया के पास प्रशांत महासागर क्षेत्र का एक देश है जो कि भूकंप के मद्देनजर बेहद संवेदनशील है। भूकंप का केंद्र राजधानी पोर्ट मार्सबे से करीब 60 किलोमीटर दूर लाई में था।
लंदन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ब्रिटेन की नव निर्वाचित प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी तुलना ऐसी चट्टान से की जिस पर आधुनिक ब्रिटेन की नींव रखी हुई है। उन्होंने बकिंघम पैलेस द्वारा महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के स्कॉटलैंड में निधन की घोषणा किए जाने के तुरंत बाद एक बयान जारी किया। ट्रस को 96 वर्षीय महारानी ने कुछ दिनों पहले ही प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त किया था।
ट्रस ब्रिटेन में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली महारानी के निधन के बाद लंदन में बृहस्पतिवार को 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर आयीं। उन्होंने महारानी को राष्ट्रमंडल का एक चैम्पियन तथा 70 साल के उनके शासन के दौरान स्थिरता एवं ताकत का स्रोत बताया। ट्रस ने कहा, वह महान ब्रिटेन की बड़ी ताकत थीं और यह ताकत हमेशा बनी रहेगी। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय एक चट्टान की तरह थीं जिस पर आधुनिक ब्रिटेन की नींव रखी हुई है। उनके शासन में हमारा देश समृद्ध हुआ और फला-फूला।
उन्होंने कहा, वह हमारी सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली महारानी रहीं। 70 वर्ष तक इतनी प्रतिष्ठा और गरिमा के साथ देश की अगुवाई करना एक असाधारण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि सेवा को समर्पित उनका व्यक्तित्व इतना विशाल है जो हमने अपने होश संभालने के बाद तो नहीं देखा। इसके बदले में ब्रिटेन तथा दुनियाभर के लोगों ने उन्हें भरपूर प्यार दिया तथा उनकी सराहना की।
महारानी को निजी प्रेरणा बताते हुए ट्रस ने कर्तव्य के प्रति उनके समर्पण को सभी के लिए एक मिसाल बताया और प्रधानमंत्री के तौर उनसे अपनी पहली तथा आखिरी मुलाकात को याद किया। विपक्ष के नेता सर कीर स्टार्मर ने भी महारानी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने हम सभी के साथ खास, निजी संबंध बनाए। ऐसे संबंध जो उनके देश की सेवा तथा समर्पण पर आधारित हैं।
इस बीच, प्रतिष्ठित प्रवासी भारतीय उद्योगपति लॉर्ड स्वराज पॉल ने महारानी के 70 वर्षों के शासन के दौरान उनकी शानदार उपलब्धियों की प्रशंसा की।महारानी के निधन पर हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए लॉर्ड पॉल ने कहा, वह हमारी सबसे लंबे समय तक राज करने वाली महारानी रहीं। सात दशकों तक इतनी प्रतिष्ठा और गरिमा के साथ ब्रिटेन जैसे देश की अगुवाई करना एक असाधारण उपलब्धि है।
इस्लामाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनिया गुतारेस ने शुक्रवार को दुनिया से पाकिस्तान की मदद करने की अपील की। दक्षिण एशियाई मुल्क विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहा है जिसमें हजारों लोगों की मौत हो गई है और सवा तीन करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। पाकिस्तान में सैलाब की भीषण स्थिति के बीच महासचिव गुतारेस एकजुटता दिखाने के लिए शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर पाकिस्तान पहुंचे।
अपनी यात्रा से दो हफ्ते से भी कम वक्त पहले उन्होंने पाकिस्तान में अप्रत्याशित बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए 16 करोड़ डॉलर के आपात कोष की अपील की थी। इस सैलाब में जून से करीब 1350 लोगों की मौत हो चुकी है तथा पाकिस्तान का करीब एक तिहाई हिस्सा पानी में डूबा हुआ है।
गुतारेस ने देश पहुंचने के बाद ट्वीट किया, मैं यहां विनाशकारी बाढ़ के बाद पाकिस्तानी लोगों के साथ अपनी गहरी एकजुटता व्यक्त करने के लिए पाकिस्तान पहुंचा हूं। उन्होंने कहा, मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बड़े पैमाने पर मदद की अपील करता हूं। गुतारेस की अगवानी उप विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने की और वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से भी मुलाकात करेंगी।
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता आसिम इफ्तिखार के मुताबिक, वह राष्ट्रीय बाढ़ प्रतिक्रिया और समन्वय केंद्र (एनएफआरसीसी) का भी दौरा करेंगे और प्रधानमंत्री शरीफ के संग संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे और विदेश मंत्री के साथ वार्ता भी करेंगे। उनके बाढ़ प्रतिक्रिया से संबंधित अन्य कार्यक्रम भी हैं।
गुतारेस बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित बलूचिस्तान और सिंध के इलाकों का दौरा करेंगे जहां वह प्रभावित लोगों से बातचीत भी करेंगे। पाकिस्तान का बड़ा इलाका पानी में डूब गया है और हज़ारों लोग बेघर हो गए हैं। सरकार का कहना है कि सैलाब से 3.3 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि बाढ़ के कारण 10 अरब डॉलर से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ है।
इफ्तिखार ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार मुल्क के सामने पुनर्निर्माण और पुनर्वास की बड़ी चुनौती के बारे में दुनिया को अवगत कराने के लिए गुतारेस की इस यात्रा का इस्तेमाल करना चाहती है।
न्यूयॉर्क (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका ने 11 सितंबर, 2001 में हुए हमलों के साजिशकर्ताओं के खिलाफ बड़ी जीत हासिल करते हुए एक मार्च, 2003 को अलकायदा के आतंकवादी खालिद शेख मोहम्मद को पाकिस्तान के रावलपिंडी से गिरफ्तार करके बड़ी सफलता हासिल की थी। अमेरिकी खुफिया एजेंट को अलकायदा के तीसरे नंबर के नेता को पकड़ने में 18 महीने खासी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन अमेरिका की उसे न्याय के दायरे में लाने की कोशिश अब भी सफल नहीं हो पाई है।
रविवार को इन आतंकवादी हमलों के 21 वर्ष पूरे हो जाएंगे। इतने लंबे समय के बाद भी मोहम्मद और इन हमलों के चार अन्य आरोपी ग्वांतानामो बे में अमेरिकी हिरासत केंद्र में हैं और एक सैन्य न्यायाधिकरण के समक्ष उनकी नियोजित सुनवाई बार-बार स्थगित हो रही है। इस संबंध में ताजा झटका उस समय लगा, जब न्यायिक सुनवाई से पहले होने वाली सुनवाई को पिछले महीने रद्द कर दिया गया। यह हमले के करीब 3,000 पीड़ितों के संबंधियों के लिए एक और निराशाजनक घटना थी, जो लंबे समय से उम्मीद कर रहे हैं कि सुनवाई से संभवत: कई अनुत्तरित प्रश्नों के उत्तर मिल सकेंगे।
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 11 सितंबर, 2001 को हुए हमले में अपनी 25 वर्षीय बेटी एंड्रिया को खोने वाले गॉर्डन हाबरमैन ने कहा, अब, मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या होने वाला है। वह व्यक्तिगत रूप से कानूनी कार्यवाही देखने के लिए विस्कॉन्सिन स्थित वेस्ट बेंड में अपने घर से ग्वांतानामो तक चार बार यात्रा कर चुके हैं, लेकिन उन्हें केवल निराशा हाथ लगी।
हाबरमैन ने कहा, मेरे लिए यह महत्वपूर्ण है कि अमेरिका को अंतत: सच्चाई पता चले कि क्या हुआ था और यह कैसे किया गया था। मैं व्यक्तिगत रूप से यह सुनवाई देखना चाहता हूं। यदि मोहम्मद को दोषी करार दिया जाता है, तो उसे मृत्युदंड मिल सकता है। न्यूयॉर्क के एक पूर्व अमेरिकी वकील डेविड केली ने हमलों में न्याय विभाग की राष्ट्रव्यापी जांच की सह-अध्यक्षता की थी। उन्होंने अभियोग शुरू करने में देरी और असफलता को पीड़ितों के परिवारों के लिए एक भयानक त्रासदी करार दिया।
अमेरिका ने अलकायदा के नेता ओसाबा बिन लादेन को 2011 में और उसके बाद आतंकवादी संगठन के नेता बने अयमान अल जवाहिरी को इस साल अगस्त में ड्रोन हमले में मार दिया था।
ब्रिटेन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ब्रिटेन नरेश चार्ल्स-तृतीय ने दिवंगत महारानी एलिजाबेथ -द्वितीय को भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की है। उन्होंने निष्ठा, आदर और प्रेम भाव के संकल्प के साथ नरेश के रूप में राष्ट्र सेवा की प्रतिबद्धता व्यक्त की। ब्रिटेन नरेश ने अपने पुत्र विलियम और पुत्रवधु केट को प्रिंस एंड प्रिंसेस ऑफ वेल्स नामित किया। हाल के वर्षों में राज परिवार में विलियम और केट की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई थी। चार्ल्स ने कल बकिंघम पैलेस में प्रधानमंत्री लिज ट्रस के साथ पहली औपचारिक भेंट की।
लंदन/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महारानी एलिजाबेथ के बाद आधिकारिक रूप से ब्रिटेन को अपना नया सम्राट मिल गया है। शनिवार को सेंट जेम्स पैलेस में परिग्रहण परिषद की बैठक में प्रिवी काउंसिल ने किंग चार्ल्स III को आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन के नए सम्राट के रूप में घोषित किया गया। इस मौके पर एक एतिहासिक समारोह आयोजित करके किंग चार्ल्स III की ताजपोशी की गई। इस मौके पर नया सम्राट बनाए जाने से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरीं की गईं। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में क्वीन कैमिला, प्रिंस ऑफ वेल्स विलियम, पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन और वर्तमान प्रधानमंत्री लिज ट्रस भी मौजूद रहीं।
ब्रिटेन के लंदन में सेंट जेम्स पैलेस में परिग्रहण परिषद और प्रधान उद्घोषणा करते हुए किंग चार्ल्स तृतीय ने कहा कि मेरी प्यारी मां और रानी के निधन की घोषणा करना मेरा दुखद कर्तव्य है। मुझे पता है कि हम सभी की अपूरणीय क्षति हुई है और आप इस क्षति में मेरे साथ कितनी गहरी सहानुभूति रखते हैं।
प्रिंस चार्ल्स का पूरा नाम चार्ल्स फिलिप आर्थर जॉर्ज है जो प्रिंस फिलिप और एलिजाबेथ द्वितीय के बड़े बेटे हैं। चार्ल्स का जन्म 14 नवंबर 1948, बकिंघम पैलेस में हुआ था। चार्ल्स ने 29 जुलाई, 1981 को लेडी डायना स्पेंसर से शादी की थी। दोनों के दो बेटे विलियम और हैरी हैं। 1996 में चार्ल्स और डायना दोनों अलग हो गए थे। 1997 में पेरिस में हुए एक कार हादसे में प्रिंसेस ऑफ वेल्स डायना की मौत हो गई। बाद में नौ अप्रैल, 2005 को चार्ल्स ने कैमिला पार्कर से शादी कर ली थी। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद चार्ल्स को राजा घोषित कर दिया गया है। चार्ल्स अभी 73 वर्ष के हैं। चार्ल्स के राजा बनने के बाद उनके बड़े बेटे ड्यूक ऑफ कैंब्रिज प्रिंस विलियम अब वेल्स के राजकुमार कहलाएंगे।
यहां से की चार्ल्स ने पढ़ाई
चार्ल्स ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा वेस्ट लंदन के हिल हाउस स्कूल में प्राप्त की। हैम्पशायर और स्कॉटलैंड में निजी स्कूली शिक्षा के बाद चार्ल्स ने 1967 में कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज में प्रवेश लिया। उन्होंने 1971 में वहां स्नातक की डिग्री ली। जहां उन्होंने मानव विज्ञान, पुरातत्व और इतिहास की पढ़ाई की, कनाडा में जन्मे प्रोफेसर जॉन कोल्स उनके अनुशिक्षक थे।
कला में स्नातक की डिग्री हासिल की
23 जून 1970 को उन्होंने कला में स्नातक की डिग्री हासिल की और विश्वविद्यालय की डिग्री प्राप्त करने वाले शाही परिवार के वे तीसरे सदस्य बने। इसके बाद 2 अगस्त 1975 को विश्वविद्यालय के परंपरा के अनुसार उन्हें कैम्ब्रिज से कला में स्नातकोत्तर की डिग्री से सम्मानित किया गया। इसके बाद चार्ल्स ने ओल्ड कॉलेज (एबेरिस्टवेथ में स्थित वेल्स विश्वविद्यालय का एक हिस्सा) में भी दाखिला लिया, जहां उन्होंने वेल्स भाषा और वेल्स इतिहास का अध्ययन किया। वे वेल्स के ऐसे पहले युवराज थे, जिनका जन्म वेल्स से बाहर होने के बावजूद उन्होंने रियासत की भाषा सीखने का प्रयास किया।
राजा को मिलीं शक्तियां
महारानी एलिजाबेथ ब्रिटेन के अलावा 14 कॉमनवेल्थ देशों की भी महारानी थीं। अब किंग चार्ल्स इन देशों के राजा हैं। अब राजा के पास देश में सरकार की नियुक्ति को लेकर शक्तियां हैं। आम चुनाव जीतने वाली पार्टी के नेता को आमतौर पर बकिंघम पैलेस बुलाया जाता है, जहां उन्हें सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया जाता है। वहीं पहले रानी दूसरे देशों के मेहमान राष्ट्राध्यक्षों की मेजबानी करती थीं। अब उनकी जगह अब किंग चार्ल्स III यानी चार्ल्स फिलिप आर्थर जॉर्ज करेंगे।
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने 25 साल की उम्र में संभाला था सिंहासन
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने 6 फरवरी 1952 को पिता किंग जॉर्ज की मौत के बाद ब्रिटेन का शासन संभाला था। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 25 साल थी। तब से 70 साल तक उन्होंने शासन किया।
सस्केचेवान/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कनाडा के सस्केचेवान प्रांत में दो समुदायों के बीच जमकर चाकू चले जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई और 15 घायल हो गए। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने कहा कि जेम्स स्मिथ क्री नेशन और सास्काटून के उत्तर-पूर्व में वेल्डन गांव में कई स्थानों पर चाकूबाजी हुई है।
आरसीएमपी सस्केचेवान के सहायक आयुक्त रोंडा ब्लैकमोर ने कहा कि कुछ लोगों पर संदिग्धों ने हमला किया है। अभी इसके पीछ कोई मकसद सामने नहीं आया है कि हमला क्यों किया गया। ब्लैकमोर ने कहा कि आज हमारे प्रांत में जो कुछ हुआ है, वह भयावह है।
उन्होंने कहा कि 13 जगह ऐसी हैं यहां लोग मृत और घायल अवस्था में पाए गए हैं। ब्लैकमोर ने कहा कि पुलिस को सुबह छह बजे से एक समुदाय पर छुरा घोंपने की रिपोर्ट मिलनी शुरू हुई। हमलों की और खबरें तेजी से आईं और दोपहर तक पुलिस ने चेतावनी जारी की।
पुलिस रेजिना निवासियों से सावधानी बरतने और आश्रय लेने पर विचार करने के लिए कह रही है। आरसीएमपी ने कहा कि निवासियों को दूसरों को अपने घरों में आने की अनुमति देने के बारे में सावधान रहना चाहिए और सुरक्षित स्थान नहीं छोड़ना चाहिए।
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