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जी-20 की भारत की अध्यक्षता समावेशी, निर्णायक और कार्य उन्मुखी होगी : मोदी

 बाली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंडोनेशिया में बाली की यात्रा सम्पन्न कर स्वदेश लौट आये हैं। वे जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बाली की तीन दिन की यात्रा पर थे। श्री मोदी ने गर्मजोशी से की गई मेज़बानी के लिए इंडोनेशिया की जनता, सरकार और राष्ट्रपति जोको विडोडो का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्व नेताओं के साथ वार्ता की और प्रमुख मुद्दों पर भारत की स्थिति स्पष्ट की। जी-20 शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में भारत को समूह की अध्यक्षता सौंपी गयी। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने प्रतीकात्मक रूप से प्रधानमंत्री मोदी को जी-20 की अध्यक्षता सौंपी। भारत पहली दिसम्बर से आधिकारिक रूप से जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण करेगा।

शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को जी-20 अध्यक्षता मिलना प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि भारत ऐसे समय में जी-20 की अध्यक्षता करने जा रहा है, जब पूरा विश्व भू-राजनैतिक तनाव, आर्थिक मंदी, खाद्य और ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और कोरोना महामारी के दीर्घकालिक असर से जूझ रहा है। उन्होंने विश्व के नेताओं को आश्वासन दिया कि जी-20 की भारत की अध्यक्षता समावेशी, महत्वकांक्षी, निर्णायक और कार्योन्मुखी होगी। उन्होंने कहा कि भारत यह सुनिश्चित करेगा कि जी-20 विश्व में नये विचारों को आगे बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाए और अगले एक वर्ष के दौरान सामूहिक कार्रवाई में तेजी लाये।

 

हमारे संवाददाता ने बताया है कि जी-20 के सदस्य देशों ने बाली घोषणा पत्र स्वीकार किया और मौजूदा संकट तथा तनाव के कारण वैश्विक खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। सदस्य देशों ने जीवन बचाने, भुखमरी और कुपोषण से निपटने के लिए तुरंत कार्रवाई की प्रतिबद्धता व्यक्त की। जी-20 शिखर सम्मेलन से अलग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडोनेशिया, सिंगापुर, जर्मनी, इटली, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।

 

 

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65वां ग्रैमी : हॉलीवुड सिंगर बेयॉन्से नौ नामांकन के साथ सबसे आगे

 लॉस एंजिलिस (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 65वें वार्षिक ग्रैमी अवार्डस के लिए नामांकन की घोषणा हो गई है। इसके लिए कई सारे नाम सामने आए हैं परंतु हॉलीवुड सिंगर बेयॉन्से नौ नामांकन के साथ सबसे आगे हैं। इनके अलावा केंड्रिक लैमर के आठ और एडेल और ब्रांडी कार्लिले के सात नामांकन हैं। वैराइटी की रिपोर्ट के अनुसार, चार दावेदार छह नामांकनों के साथ दौड़ में शामिल हुए : फ्यूचर, हैरी स्टाइल्स, मैरी जे. ब्लिज, डीजे खालिद और रैंडी मेरिल।
 

वैरायटी के अनुसार, नामांकन आम तौर पर बड़े पैमाने पर अनुमानित थे, बेयॉन्से, एडेल, स्टाइल्स, लैमर और लिजो पांच दावेदार थे, जो शीर्ष तीन सभी-शैली श्रेणियों में नामांकित थे, जो कि एल्बम, गीत या फिर रिकॉर्ड के लिए है। उन शीर्ष श्रेणियों में भविष्यवाणी से बेहतर प्रदर्शन करने वाले कलाकारों में मैरी जे. ब्लिज और एबीबीए हैं, जिन्हें वर्ष के रिकॉर्ड और वर्ष के एल्बम के लिए रखा गया था, लेकिन गीत के लिए नहीं। ब्लीज के लिए, 16 साल हो गए हैं जब वह आखिरी बार रिकॉर्ड और एल्बम के लिए उतरी थी।

वैरायटी की मानें तो, नामांकन में देशी संगीत के लिए यह एक ऐतिहासिक वर्ष नहीं है। एक भी देशी कलाकार ने शीर्ष चार सामान्य श्रेणियों में जगह नहीं बनाई। शीर्ष तीन श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करने वाले अन्य कलाकार हैं टेलर स्विफ्ट, 'ऑल टू वेल, दोजा कैट, कोल्डप्ले, डीजे खालिद, गेल और, 90 के दशक की ग्रैमी क्वीन, बोनी रायट ने आश्चर्यजनक वापसी की।

 

 

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मोदी ने G-20 में शामिल राष्ट्राध्यक्षों को गुजराती-हिमाचली गिफ्ट दिए

 बाली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जी-20 की बैठक में इंडोनेशिया के बाली पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें शामिल तमाम देशों के प्रधानमंत्रियों को गिफ्ट दिए हैं। खास बात ये है कि सभी गिफ्ट्स गुजरात और हिमाचल के कारीगरों ने अपने हाथों से बनाए हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक को देवी मां की पेंटिंग दी तो अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन को राधा-कृष्ण भगवान का श्रंगार रस वाला चित्र दिया।

मोदी ने इटली और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्रियों को भी गुजराती कलाकारों द्वारा बनाए गए गिफ्ट दिए। प्रधानमंत्री मोदी ने इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। मोदी ने मुलाकात के बाद उन्हें गुजरात के पाटन की परम्परा के प्रतीक 'पाटन पटोला दुपट्टा' (स्कार्फ) गिफ्ट किया। यह स्कार्फ उत्तरी गुजरात के पाटन क्षेत्र में साल्वी परिवार द्वारा बुना गया। इस हैंडमेड स्कॉर्फ का पाटन पटोला कपड़ा इतनी अच्छी तरह से तैयार किया गया है कि यह रंगों का त्योहार बन जाता है। इसमें आगे और पीछे का हिस्सा एक जैसा दिखता है। इसे अलग-अलग पहचानना मुश्किल है।

 
 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई PM एंथोनी अल्बनीज को गिफ्ट किया जनजातीय लोक कला का चित्र फिथोरा गिफ्ट किया। गुजरात के छोटा उदयपुर के राठवा कारीगरों ने इसे बना है। ये चित्र ऑस्ट्रेलिया के समुदायों की एबोरिजिनल डॉट पेंटिंग की तरह ही है। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के PM ऋषि सुनक को माता नी पछेड़ी गिफ्ट की। यह गुजरात का एक हस्तनिर्मित कपड़ा है। इसमें देवी मां का चित्र बना हुआ है। नवरात्रि के समय और अन्य पूजन के दौरान इसे देवी मंदिर में चढ़ाया जाता है। यह नाम गुजराती शब्द है। इसमें 'माता' यानी 'देवी मां', 'नी' का अर्थ है 'से संबंधित' और 'पछेड़ी' का अर्थ है 'पृष्ठभूमि'।

 
 

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन को प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा की पेंटिंग गिफ्ट की। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के चित्रकारों ने इसे बनाया है। इसमें श्रृंगार रस और प्राकृतिक प्रेम का चित्रण किया जाता है। इसकी खासियत ये है कि कांगड़ा के कलाकर इसे बनाने में सिर्फ प्राकृतिक रंगों का ही उपयोग करते हैं। G-20 समिट के आयोजक देश इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो को प्रधामंत्री मोदी ने दो गिफ्ट दिए।

 
 

मोदी ने विडोडो को सूरत के कारीगरों द्वारा बनाया गया डिजाइनर चांदी का कटोरा और हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के कारीगरों द्वारा हाथ से बना किन्नौरी शॉल दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज को मंडी और कुल्लू का कनाल ब्रास सेट (वाध्ययंत्र) गिफ्ट किया। यह हिमाचल के आयोजनों में बजाए जाने वाला प्रमुख बाजा है, लेकिन इसका उपयोग अब सजावट के सामान के तौर पर किया जाने लगा है। इसे मंडी और कुल्लू के कलाकारों ने हाथ से ही बनाया है। 

20 देशों का समूह है G-20

G20 समूह फोरम में 20 देश हैं। इसमें दुनिया के डेवलप्ड और डेवलपिंग इकोनॉमी वाले देश हैं। 19 देशों में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, साउथ कोरिया, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपियन यूनियन (EU) शामिल हैं।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डायबिटीज को लेकर दिए चौंकाने वाले आंकड़े, जानें क्या कहा ...

 विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वैश्विक स्तर पर लगभग 422 मिलियन लोगों को मधुमेह (डायबिटीज) है, और हर साल 1.5 मिलियन लोगों की डायबिटीज के कारण मौत होती है. WHO के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में 96 मिलियन से अधिक लोगों को डायबिटीज होने का अनुमान है और अन्य करीब 96 मिलियन लोग ही Diabetes से ठीक हो चुके हैं, यहां डायबिटीज से सालाना कम से कम 6,00,000 मौतें होती हैं. दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए डॉ पूनम खेत्रपाल सिंह डब्ल्यूएचओ क्षेत्रीय निदेशक ने कहा- 2045 तक, अगर ऐसा ही चलता रहा तो इस क्षेत्र में डायबिटीज के प्रसार में 68 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है. . 

मधुमेह कितने प्रकार के होते हैं?

आयुर्वेद के अनुसार यदि मूल में तीन प्रकार और दो प्रकार को जोड़ दिया जाए तो कुल मिलाकर मधुमेह मुख्य रूप से 5 प्रकार के होते हैं।

आयुर्वेद में हर रोग के तीन कारण माने गए हैं, वात-पित्त-कफ। इन तीन दोषों के असंतुलन के कारण भी शुगर होता है। अगर कफ के कारण शुगर हो रहा है तो आयुर्वेदिक उपचार से आप इसे पूरी तरह से ठीक कर सकते हैं।


अगर आपको बढ़े हुए पित्त की वजह से मधुमेह है, तो आप इसे आयुर्वेदिक उपचार के माध्यम से इस हद तक ठीक कर सकते हैं कि आपको यह महसूस नहीं होगा या आपको परेशान नहीं करेगा।

वहीं अगर शरीर में हवा के असंतुलन के कारण आपको मधुमेह है तो आपको अधिक मेहनत करनी होगी और दवाओं और जीवनशैली के प्रति पूरी तरह जागरूक रहना होगा। क्योंकि वात के कारण होने वाला मधुमेह पूरी तरह से ठीक नहीं होता है लेकिन आप इसे नियंत्रित कर सकते हैं।


उत्पत्ति की बात करें तो लोगों को शुगर की समस्या दो कारणों से होती है, पहला कारण आनुवंशिकता है। यानी परिवार में किसी को पहले से ही शुगर है और इस वजह से आपको यह जेनेटिकली हो गई है। इस प्रकार की शुगर को टाइप-1 डायबिटीज कहा जाता है।

जहां कुछ लोग अपनी डाइट और लाइफस्टाइल को लेकर इस हद तक गलतियां कर बैठते हैं कि उन्हें शुगर की बीमारी हो जाती है, वहीं खराब लाइफस्टाइल के कारण जब डायबिटीज होती है तो इस तरह की शुगर को डायबिटीज टाइप-2 कहा जाता है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाली में अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की

 बाली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया के बाली में 17वें जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की। बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने क्वाड और आई टू यू टू- I2U2 सहित सभी समूहों में भारत-अमरीका रणनीतिक साझेदारी और घनिष्ठ सहयोग के लगातार बढ़ने की भी सराहना की। वे भारत की अध्यक्षता के दौरान जी-20 में घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने पर भी सहमत हुए।

श्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो से भी मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने भारत की जी-20 अध्यक्षता के लिए इंडोनेशिया के समर्थन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जी-20 में भारत की प्राथमिकताओं को भी उजागर किया।

 

 

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जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान डब्ल्यूएचओ प्रमुख और आईएमएफ प्रमुख से मिले मोदी

 बाली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बाली में जी20 शिखर सम्मेलन से इतर डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ट्रेडोस एडनॉम घेब्येयियस से मुलाकात की और कहा कि भारत स्वस्थ विश्व सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने अपने निजी ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, बाली में आपसे मिलकर खुशी हुई, ट्रेडोस एडनॉम घेब्येयियस! भारत एक स्वस्थ विश्व के निर्माण के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने अपनी ओर से ट्वीट किया, वैश्विक पारंपरिक स्वास्थ्य केंद्र की मेजबानी और निर्माण पर डब्ल्यूएचओ के साथ आपके सहयोग के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद। हेल्ड फॉर ऑल के लिए एक साथ! जी20। प्रधानमंत्री ने आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉजीर्वा और उप प्रबंध निदेशक गीता गोपीनाथ से भी मुलाकात की। पीएमओ ने ट्वीट किया, इससे पहले आज, पीएम नरेंद्र मोदी ने क्रिस्टालिना जॉजीर्वा और गीता गोपीनाथ से बाली में जी 20 समिट में मुलाकात की।


जॉजीर्वा ने अपनी ओर से बातचीत के लिए मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने ट्वीट किया, जी 20 के मौके पर समय निकालने के लिए नरेंद्र मोदी को धन्यवाद! आपके साथ बहुत अच्छी बात हुई।
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नेपाल में फिर लगे भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.2 मापी गई तीव्रता

 

अछाम (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नेपाल में भूकंप (Nepal Erthquake) आने का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है। यह चौथी बार है जब भूकंप ने देश के कई हिस्सों को हिलाकर रख दिया है। क्या यह किसी बड़े प्राकृतिक आपदा के संकेत तो नहीं हैं। नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार देश में अछाम जिले के बबाला के आसपास आज शाम करीब 6:18 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए।

नेपाल में भूकंप के झटके
आज फिर नेपाल में 4.2 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। हालांकि, अब तक किसी के मरने या घायल होने या फिर किसी भी इमारत के ढहने की कोई खबर नहीं मिली है। इससे पहले पिछले मंगलवार को देर रात आए 6.3 मैग्नीट्यूड के भूकंप के बाद अब गुरुवार सुबह नेपाल में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप गुरुवार सुबह 5.13 बजे आया था। भूकंप के कारण किसी के जानमाल के नुकसान या संपत्ति के नुकसान की तत्काल कोई रिपोर्ट नहीं आई।

नेपाल में भूकंप का भारत में भी दिखता है असर
ऐसा अक्सर होता रहा है कि, नेपाल में भूकंप आता है तो भारत की धरती भी कांपती है। वजह पड़ोस में मौजूद हिमालयी देश है और एशियन टेक्टोनिक प्लेट में हुई हलचल। बता दें कि, 8 नवंबर की देर रात करीब 1:57 बजे आए भूकंप की तीव्रता 6.3 थी। इसकी गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे बताई गई थी। इसका केंद्र उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से 90 किलोमीटर दूर पूर्व-दक्षिण-पूर्व की तरफ नेपाल में था।

नेपाल में भूकंप
बता दें कि, 8 नवंबर को देर रात करीब 1:57 बजे पूरा उत्तर भारत कांप गया था। उस समय 6.3 तीव्रता का भूकंप नेपाल में आया था। यह इस साल के अब तक का सबसे खतरनाक भूकंप के झटकों में से एक था। इससे पहले नेपाल में 12 अप्रैल 2015 और 12 मई 2015 को 7.8 और 7.3 तीव्रता के भयानक भूकंप आए थे। जिसकी वजह से 9 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। 25 हजार से ज्यादा लोग जख्मी हो गए थे।
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डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के लिए तीसरा अभियान शुरू करने की तैयारी में

 वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को व्हाइट हाउस के लिए अपना तीसरा अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं, जो निराशाजनक मध्यावधि हार से आगे बढ़ने और इतिहास को खारिज करने की कोशिश कहा जा सकता है। ट्रंप ने पिछले सप्ताह के चुनावों से उम्मीद लगाई थी कि वह इसके नतीजों का इस्तेमाल अपनी पार्टी के नामांकन के लिए एक स्प्रिंगबोर्ड के रूप में कर सकते हैं। इसके बजाय, अब उन पर आरोप लग रहा है कि उनके समर्थन करने के कारण कई रिपब्लिकन उम्मीदवार चुनाव हार गए । ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया नेटवर्क पर लिखा कि उम्मीद है, कल का दिन हमारे देश के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक होगा! पाम बीच में उनके क्लब से मंगलवार रात 9 बजे एक घोषणा किए जाने की उम्मीद है।

एक और अभियान किसी भी पूर्व राष्ट्रपति के लिए एक उल्लेखनीय मोड़ है और वह भी ऐसे व्यक्ति के लिए जिसके खिलाफ बतौर राष्ट्रपति दो बार महाभियोग चल चुका हो और जिसका कार्यकाल उसके समर्थकों के जनवरी में सत्ता के शांतिपूर्ण परिवर्तन को रोकने के लिए घातक हमले को लेकर बदनाम रहा हो ।अमेरिकी इतिहास में सिर्फ एक राष्ट्रपति ग्रोवर क्लीवलैंड के नाम यह रिकॉर्ड दर्ज है कि वह पद से हटने के बाद दुबारा राष्ट्रपति चुने गए। उन्हें 1884 और 1892 में इस पद के लिये चुना गया था।

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सीनेट में सत्‍तारूढ डेमोक्रेटिक पार्टी अपना बहुमत बरकरार रखने में कामयाब रही

 वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमरीका के नेवादा राज्‍य में महत्‍वपूर्ण बढत हासिल करने के साथ ही सीनेट में सत्‍तारूढ डेमोक्रेटिक पार्टी अपना बहुमत बरकरार रखने में कामयाब रही है। सीनेट चुनाव के परिणाम सत्‍तारूढ पार्टी के लिए पिछले 20 वर्षों में सबसे बेहतर रहे हैं। अमरीका के राष्‍ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी को अपनी असलियत समझ जानी चाहिए। सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शुमर ने कहा कि चुनाव के नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि अमरीका की जनता ने रिपब्लिकन पार्टी को नकार दिया है।

सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के पास अब 50 सीटें हो गई हैं जबकि रिपब्लिकन पार्टी के पास 49 सीटें हैं। जॉर्जिया सीट का चुनाव दिसम्‍बर में होगा। इसके बाद अगर सीनेट में दोनों दलों को बराबर सीटें हासिल होती हैं तो ऐसे में उप-राष्‍ट्रपति कमला हैरिस का वोट काफी महत्‍वपूर्ण साबित हो सकता है। दूसरी ओर, प्रतिनिधि सभा में इस समय रिपब्लिकन पार्टी के पास 211 सीटें हैं जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 204 सीटें हैं।

 

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तुर्की के इस्तांबुल में आतंकी बम विस्‍फोट में छह लोगों की मौत और 81 घायल

 इस्ताम्बुल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। तुर्की में मध्य इस्ताम्बुल के व्यस्त इलाके में बम विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई और 81 घायल हो गए। यह विस्फोट कल दोपहर तक्सीम चौक इलाके में हुआ। तुर्की के उपराष्ट्रपति फुएत ओक्टे ने बताया कि विस्फोट आतंकवादी हमला हो सकता है, जिसे एक महिला ने अंजाम दिया। अब तक किसी ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। 2016 में भी आत्मघाती हमलावर ने इस इलाके को निशाना बनाया था। 

 

 

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अमेरिका की करेंसी मानिटरिंग सूची से बाहर हुआ भारत

 वाशिंगटन/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारत को अपनी मुद्रा निगरानी सूची से बाहर निकाल दिया है। विभाग ने अन्य जिन देशों को इस सूची से बाहर निकाला है, उनमें इटली, मैक्सिको, वियतनाम और थाईलैंड शामिल हैं। ट्रेजरी विभाग ने कांग्रेस को अपनी द्विवार्षिक रिपोर्ट में कहा कि चीन, जापान, कोरिया, जर्मनी, मलेशिया, सिंगापुर और ताइवान अभी भी वर्तमान निगरानी सूची का हिस्सा हैं।

बता दें कि ट्रेजरी ने प्रमुख व्यापारिक भागीदारों की एक निगरानी सूची स्थापित की है, जो उनकी मुद्रा प्रथाओं और व्यापक आर्थिक नीतियों पर ध्यान देने योग्य हैं। अमेरिका ने ये कदम तब उठाया है, जब ट्रेजरी के सचिव जेनेट येलेन ने भारत का दौरा किया और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बातचीत की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2015 के अधिनियम में तीन मानदंडों में से दो को पूरा करने वाली अर्थव्यवस्था को निगरानी सूची में रखा गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है, "एक बार निगरानी सूची में एक अर्थव्यवस्था कम से कम दो लगातार रिपोर्टों के लिए बनी रहेगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रदर्शन बनाम मानदंड में कोई भी सुधार टिकाऊ है और अस्थायी कारकों के कारण नहीं है।' ट्रेजरी निगरानी सूची में किसी भी प्रमुख अमेरिकी व्यापारिक भागीदार को जोड़ेगी और बनाए रखेगी, जो कुल अमेरिकी व्यापार घाटे के एक बड़े और अनुपातहीन हिस्से के लिए जिम्मेदार है, भले ही वह अर्थव्यवस्था 2015 के अधिनियम के तीन मानदंडों में से दो को पूरा नहीं करती है।

अमेरिकी ट्रेजरी ने कहा, 'निगरानी सूची में चीन, जापान, कोरिया, जर्मनी, मलेशिया, सिंगापुर और ताइवान शामिल हैं। इटली, भारत, मैक्सिको, थाईलैंड और वियतनाम को इस रिपोर्ट में निगरानी सूची से हटा दिया गया है।' उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप को प्रकाशित करने में चीन की विफलता और इसकी विनिमय दर तंत्र की प्रमुख विशेषताओं के आसपास पारदर्शिता की व्यापक कमी इसे प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक बाहरी बनाती है और ट्रेजरी की करीबी निगरानी की गारंटी देती है।

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गांधी शांति तीर्थयात्री पुरस्कार से सम्मानित हुए श्रीश्री रविशंकर

 वाशिंगटन/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय आध्यात्मिक नेता श्रीश्री रविशंकर को अटलांटा में गांधी शांति तीर्थयात्रा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार उन्हें महात्मा गांधी और डॉ मार्टिन लूथर किंग जूनियर द्वारा समर्थित शांति और अहिंसा के संदेशों को फैलाने के उनके प्रयासों के सम्मान में दिया गया।


श्रीश्री रविशंकर को अमेरिकी गांधी फाउंडेशन द्वारा पुरस्कार प्रदान किया गया। डॉ मार्टिन लूथर किंग जूनियर के भतीजे और अटलांटा में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ स्वाति कुलकर्णी की उपस्थिति में श्री श्री रविशंकर को पुरस्कार प्रदान किया गया।

आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक को उनकी सेवा और मानवता के लिए दुनिया में बदलाव लाने के योगदान के लिए ये पुरस्कार प्रदान किया गया है। श्री श्री रविशंकर ने अपने स्वीकृति भाषण में कहा, "कुछ संदेश टाइमलेस होते हैं। इस श्रेणी में मार्टिन लूथर किंग और महात्मा गांधी के संदेश बहुत प्रासंगिक हैं। वे हर युग में हर पीढ़ी के लिए हमेशा ताजा रहेंगे। कभी-कभी यह और भी प्रासंगिक हो जाता है। आज की दुनिया में जहां हम तनाव का सामना कर रहे हैं, शांति का संदेश जोर से और स्पष्ट रूप से सुना जाना चाहिए"।

आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर का जन्म 1956 में दक्षिण भारत में हुआ था। महज चार वर्ष की उम्र में ही बाल रविशंकर भगवद गीता पढ़ने लगे थे। उनकी बचपन से ही रूचि ध्यान करने में थी। वैदिक साहित्य और भौतिक विज्ञान के विषयों में भी रविशंकर ने शिक्षा ग्रहण की है। वर्ष 1982 में कर्नाटक के शिमोगा में रविशंकर ने 10 दिन का मौन धारण किया था। बता दें कि आर्ट ऑफ लिविंग की सबसे लोकप्रिय विद्या सुदर्शन क्रिया है। रविशंकर ने आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से कई लोगों की मानसिक अशांति को दूर किया है।

श्री श्री हर साल करीब 40 देशों की यात्रा करते हैं। देश-विदेश का दौरा करने वाले रविशंकर को 7 भाषाओं का ज्ञान हैं। बता दें कि 7 जुलाई को अमेरिकी और कैनेडियन शहरों की लीग में डेट्रॉइट के मेयर श्री श्री रविशंकर दिवस मनाते है। हर साल इन जगहों पर ये दिवस श्री श्री रविशंकर के दिवस के रूप में मनाया जाता है।

 

 

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भारत और जर्मनी के बीच झगड़ा बढ़ा, बहुत जल्द गंभीर असर दिखने की आशंका

बर्लिन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। India Germany LNG Gas Conflict: भारत और जर्मनी के बीच नेचुरल एलएनजी गैस को लेकर बढ़ा झगड़ा अब दोनों देशों के बीच के डिप्लोमेटिक तनाव में बदल गया है और जल्द ही इसका गंभीर असर दिखने की आशंका जताई जा रही है। पहले से ही भारी ऊर्जा संकट से जूझ रहे यूरोप की वजह से पूरी दुनिया के विकास पर भी असर पड़ रहा है। दोनों देशों के बीच चल रहे इस झगड़े से परिचित अधिकारियों के मुताबिक, इस तनाव का आगाज उस वक्त हुआ, जब जर्मनी ने नेचुरल लिक्विड गैस की आपूर्ति भारत को कम कर दी और फिर भारत की तरफ से सख्त उत्तर दिया गया।


डिप्लोमेसी के स्तर तक बढ़ा झगड़ा
मामले से परिचित अधिकारियों के मुताबिक, जर्मनी सरकार द्वारा समर्थिक गैस कंपनी ने भारत को नेचुरल गैस की आपूर्ति कम कर दी है, जिसके बाद पनपे विवाद के बीच दोनों देशों के डिप्लोमेट्स के बीच बातचीत के जरिए विवाद का हल करने की अपील की गई है। मामले से परिचित अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि, अब भारत ने आपूर्ति में कटौती का गैप भरने के लिए रूस के साथ बातचीत शुरू कर दी है, वहीं अभी तक ये मामला प्राइवेट रखा गया है।

मामला असल में है क्या?
जर्मनी की सिक्योरिंग एनर्जी फॉर यूरोप GmbH भारतीय कंपनी गेल इंडिया लिमिटेड को गैस की आपूर्ति करता है, लेकिन इस साल मई महीने के बाद से ही गैस की आपूर्ति में कमी आने लगी। जर्मनी का कहना है, कि रूस पर लगाए गये प्रतिबंधों की वजह से जर्मनी की गैस कंपनी के लिए रूस से गैस कार्गो प्राप्त करना असंभव हो गया है। वहीं, इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक सूत्र ने बताया कि, इस व्यवघान के बीच भारत सुझाव दे रहा है, कि जर्मन कंपनी को भारतीय कंपनी के साथ किए गये कॉन्ट्रैक्ट को पूरा करने के लिए अपने पोर्टफोलियो से वैकल्पिक आपूर्ति करनी चाहिए, लेकिन जर्मनी इसके लिए तैयार नहीं हो रहा है।

क्यों उत्पन्न हुआ है ये संकट?
यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद से ही पूरी दुनिया में प्राकृतिक गैस की कीमतों में उछाल ने विकसित देशों की भी हालत खस्ता कर दी है, खासकर जर्मनी काफी प्रभावित हुआ है। लिहाजा, जर्मनी इस सर्दी में गैस संकट कम करने के लिए भारत को गैस की आपूर्ति में कटौती कर दी है, जबकि जर्मनी से गैस लेने के लिए भारत रिकॉर्ड राशि का भुगतान करता रहा है और भारत गैस आपूर्ति के लिए अभी भी मुंहमांगी कीमत देने के लिए तैयार है। वहीं, कीमतों में इजाफा होने के बाद दक्षिण एशिया के कुछ आपूर्तिकर्ताओं ने जिस देश से ज्यादा पैसा मिल रहा है, उस देश में सप्लाई शुरू कर दी है और उन्होंने लंबे समय से निर्धारित डिलीवरी को रद्द कर दिया है, जिसका असर भी भारत पर पड़ा है।

जर्मनी की कंपनी का डबल गेम
जर्मन सरकार की गैस कंपनी SEFE की सिंगापुर इकाई ने सितंबर महीने में कहा था, कि वह GAIL के साथ अपने दीर्घकालिक LNG कॉन्ट्रैक्ट को पूरा नहीं कर सकती है। आपको बता दें कि, जर्मन कंपनी SEFE, रूसी गैस-तेल कंपनी Gazprom का एक पूर्व PJSC व्यवसाय है, जो अब जर्मन सरकार के नियंत्रण में है और ये कंपनी कॉन्ट्रैक्ट शर्तों के मुताबिक, शिपमेंट के मूल्य का 20% का एक छोटा सा पेनल्टी चुका रही है, जो यूरोप में वर्तमान स्पॉट गैस की कीमतों के मूल्य का एक अंश है, लेकिन ये गेल के लिए एक बड़ा अंतर साबित हो रहा है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जर्मन कंपनी SEFE के एक प्रवक्ता ने कहा कि, "SEFE और इसकी सहायक कंपनियों, SM&T और SM&T सिंगापुर रूस के खिलाफ लगे प्रतिबंधों की वजह से काफी प्रभावित हुआ है, लिहाजा SEFE समूह और GAIL दोनों की आपूर्ति प्रभावित हैं।" "एसईएफई और गेल अपने अनुबंध समझौतों के तहत इस मुद्दे को एक साथ संबोधित कर रहे हैं।"

कूटनीतिक समधान खोजने की कोशिश?
इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, गेल के प्रवक्ता, जर्मनी की अर्थव्यवस्था और विदेश मंत्रालय और भारत के विदेश मंत्रालय, सभी ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, मामले से जुड़े लोगों ने कहा कि कूटनीतिक समाधान खोजना उद्देश्य है, लेकिन SEFE और GAIL के बीच पूर्व-मध्यस्थता वार्ता भी हो रही है। हालांकि, इस बीच भारत ने भी रूस से जर्मन गैस को रिप्लेस करने के लिए बातचीत शुरू कर दी है। मामले से परिचित लोगों के अनुसार, भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने इस सप्ताह की शुरुआत में मास्को का दौरा किया था। वहीं, गेल ने अपने ग्राहकों को गैस आपूर्ति में कटौती कर दी है और कमी के कारण अपने पेट्रोकेमिकल संयंत्र में उत्पादन भी कम कर दिया है। गेल के निदेशक राजेश कुमार जैन ने कहा कि, SEFE ने मई के बाद से भारत को भेजे जाने वाले 17 कार्गो को रद्द कर दिया है। आपको बता दें कि, GIIGNL के आंकड़ों के मुताबिक, LNG गैस खरीदने के लिए गेल और जर्मन कंपनी के बीचत साल 2041 तक के लिए कॉन्ट्रैक्ट है, जिसके तहत जर्मन कंपनी को हर साल 2.5 मिलियन टन गैस की आपूर्ति भारत को करनी है।
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नीलाम होने जा रही है स्टीव जॉब्स की सैंडल, कीमत जानकर हो जायेंगे हैरान...

 न्यूयॉर्क/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स को आज भी कई लोग अपना आदर्श मानते है। उनके प्रति लोगों की दीवानगी आज भी कायम है और उनसे जुड़ी हुई चीजें महंगे दामों पर नीलाम होती है। उनके निधन के बाद उनसे जुड़ी हुई कई चीजों की अब तक नीलामी की जा चुकी है। चाहे वह उनकी नौकरी के लिए दिया हुआ आवेदन पत्र हो या इस्तेमाल किया गया कंप्यूटर।

नीलामकर्ता जूलियन्स ऑक्शंस को उम्मीद है कि एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स के पहने जाने वाले भूरे चमड़े के बिरकेनस्टॉक एरिज़ोना सैंडल की जोड़ी $ 60,000 से $ 80,000 (48,32,889-64,43,852 रुपये) तक मिल सकती है।



सैंडल के साथ, नीलामी में सैंडल की एक एनएफटी तस्वीर भी शामिल है, साथ ही फोटोग्राफर जीन पिगोज़ी की एक किताब भी शामिल है। पुस्तक का शीर्षक 'द 213 मोस्ट इम्पोर्टेन्ट मेन इन माई लाइफ' है और इसमें मिस्टर जॉब्स को एक महत्वपूर्ण शख्सियत के रूप में दिखाया गया है।

नीलामी 11 नवंबर को लाइव रहेगी और इसके 13 नवंबर को समाप्त होने की उम्मीद है। एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की पूर्व पत्नी, क्रिसन ब्रेनन ने वोग के साथ एक साक्षात्कार में स्टीव जॉब्स के अलमारी के बारे में चर्चा की। तब उन्होंने बताया कि स्टीव जॉब्स की सैंडल उनके साधारण पक्ष का हिस्सा थे। वे सैंडल को भी अपने वर्दी का एक अंग मानते थे।

 

 

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US मिड टर्म इलेक्शन में भारतवंशी नबीला सैयद संसद में सबसे कम उम्र की मेंबर बनीं

 वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका में मिड टर्म इलेक्शन हो रहे हैं। इससे संसद के दोनों सदनों हाउस ऑफ रिप्रेजेन्टेटिव (लोअर हाउस), सीनेट (अपर हाउस) के मेंबर्स और राज्यों में गवर्नर को चुना जाता है। अब इलेक्शन के रिजल्ट सामने आने लगे। अमेरिकी इतिहास में पहली बार 23 साल की सैयद सबसे कम उम्र की संसद (कांग्रेस) मेंबर चुनी गई हैं।

हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के चुनाव में नबीला को 52.3% वोट मिले हैं। उन्होंने इलिनोइस सीट पर जीत हालिस करते हुए रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी क्रिस बोस को हरा दिया। उन्होंने कहा- जब मैंने चुनाव लड़ने की घोषणा की, तो मेरा एक ही मिशन था लोगों से बातचीत करना। असल और जमीनी मुद्दे जानना। मैं चाहती थी कि लोग भी लोकतंत्र में शामिल हो। इसमें उनका बराबरी का हिस्सा हो।

 

 

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भारतीय-अमरीकी नागरिक अरुणा मिलर मैरीलैंड के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद के चुनाव में विजयी

 मैरीलैंड (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय-अमरीकी नागरिक अरुणा मिलर मैरीलैंड के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद के चुनाव में विजयी घोषित हुई हैं। इस ऐतिहासिक सफलता के साथ ही अरूणा मिलर इस पद पर चुनी जाने वाली पहली भारतीय-अमरीकी राजनेता और प्रथम दक्षिण एशियाई महिला भी बन गई हैं।  मिलर ने मैरीलैंड के लोगों को उनके फैसले के लिए धन्यवाद दिया है। 

सुश्री मिलर इंडियन अमरीकन इम्‍पैक्‍ट की पूर्व कार्यकारी निदेशक हैं। सरकार के हर स्तर पर भारतीय-अमरीकी प्रतिनिधित्व का समर्थन करने वाले इस संगठन ने उनका समर्थन किया था और साथ ही उन्हें महत्वपूर्ण भारतीय-अमरीकी संगठनों और लोगों का समर्थन भी मिला।

 

 

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मिस्र की आखिरी रानी क्लियोपेट्रा की कब्र से उठेगा पर्दा? 4800 फीट लंबी 2000 साल पुरानी सुरंग मिली

 

काहिरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 2000 year old tunnel found in Egypt: दुनिया का एक मिस्र ऐसा देश है, जिसकी धरती प्राचीन रहस्यों और इतिहास से भरी पड़ी है। मिस्र अपने अंदर हजारों-सैकड़ों साल पुरानी इतिहास को पाले हुए हैं। ऐसे में अब मिस्र में प्राचीन मंदिर के नीचे 2000 साल पुरानी सुरंग मिली है, जिसकी तस्वीरें जारी की गई है। मिस्र के पर्यटन और पुरावशेष मंत्रालय ने इससी जुड़ा बयान भी जारी किया है। इसी के साथ इस सुरंग को लेकर दावा किया जा रहा है कि मिस्र के अंतिम फिरौन क्लियोपेट्रा और उसके प्रेमी मार्क एंटनी की कब्र से जुड़े राज से पर्दा उठने वाला है।

मिस्र के प्राचीन शहर में मिली 2000 साल पुरानी सुरंग
मानव सभ्यताओं और पिरामिडों के देश के नाम से दुनिया भर में मशहूर मिस्र (Egypt) पर पुरातात्विक वैज्ञानिकों की खोज हमेशा जारी रहती है। हाल ही में एक प्राचीन सूर्य मंदिर की खोज की गई थी, जो लगभग 4500 साल पुराना बताया जा रहा था। इस मंदिर को लेकर संकेत दिए गए थे कि ये पांचवें राजवंश के खोए हुए चार सूर्य मंदिरों में से एक का हो सकता है। वहीं अब मिस्र के प्राचीन शहर तापोसिरिस मैगना (Taposiris Magna) के एक प्राचीन मंदिर (ओसिरिस के महान मकबरे) के नीचे खुदाई का काम कर रहे पुरातत्वविदों ने 1300 मीटर लंबी सुरंग की खोज की है, जो संभवत: 2000 साल पुरानी बताई जा रही है।
मशहूर रानी क्लियोपेट्रा को लेकर किया ये दावा
यूनिवर्सिटी ऑफ सैन डोमिंगो के पुरातत्वविद कैथलीन मार्टिनेज ने बताया कि सुरंग के सर्वे और खुदाई के दौरान इसका एक हिस्सा भूमध्य सागर के पानी में डूबा हुआ मिला। पुरातत्वविदों की मानें तो प्राचीन शहर के नीचे जो 4800 फुट लंबी सुरंग मिली है, वो मशहूर रानी क्लियोपेट्रा (Egypt last pharaoh Cleopatra) के लंबे समय से खोए हुए मकबरे तक ले जा सकती है।

पत्थरों को काटकर बनाई गई सुरंग
तापोसिरिस मैगना के नीचे 2000 साल से अधिक पुरानी ग्रीको-रोमन सुरंग की खोज की गई थी। मिस्र के उत्तरी तट पर स्थित 4281 फीट तक फैली पत्थरों को काटकर बनाई रंग मिस्र के डोमिनिकन पुरातत्व मिशन द्वारा पाई गई है। बता दें कि तापोसिरिस मैगना, जो कि 280 और 270 ईसा पूर्व के बीच फिरौन टॉलेमी द्वितीय फिलाडेल्फ़स द्वारा स्थापित एक शहर है, मिस्र में आजकल अलेक्जेंड्रिया में स्थित है। 332 ईसा पूर्व में सिकंदर महान (Alexander the Great) द्वारा मिस्र पर विजय प्राप्त करने और अलेक्जेंड्रिया की स्थापना के बाद अतीत में यह एक महान सांस्कृतिक और धार्मिक केंद्र का प्रतिनिधित्व करता था।

दावा- 21वीं सदी की सबसे बड़ी खोज होगी
पुरातत्वविद् कैथलीन मार्टिनेज का मानना ​​​​है कि 1 प्रतिशत संभावना है कि क्लियोपेट्रा और उसके प्रेमी मार्क एंटनी को वहां दफनाया जा सकता है, जिस तरह से सुरंग आगे बढ़ रही है। इसी के साथ उन्होंने कि यह भी कहा कि अगर मिस्र के आखिरी शासक रानी क्लियोपेट्रा की कब्र के अवशेष मिलते हैं तो यह 21वीं सदी की सबसे बड़ी खोज होगी। मार्टिनेज का मानना ​​​​है कि मार्क एंटनी की आत्महत्या के बाद क्लियोपेट्रा ने दोनों को वहीं दफनाने की योजना बनाई थी।

खुदाई में मिले दो मूर्तियों के सिर
मिस्र के पर्यटन और पुरावशेष मंत्रालय ने एक बयान में खुलासा किया कि नई खोजी गई सुरंग 6.5 फीट ऊंची थी और 43 फीट भूमिगत है। सुरंग के अलावा पिछले 14 वर्षों से मार्टिनेज के नेतृत्व वाली टीम को मंदिर के पास टॉलेमिक-युग की अलबास्टर की दो मूर्तियों के सिर मिले। खुदाई में मिट्टी और रेत के तलछट के नीचे छिपे चूना पत्थर के एक आयताकार ब्लॉक के साथ-साथ कई सिरेमिक जार और बर्तन भी मिले।
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Twitter में कर्मचारियों के बुरे दिन शुरू!, 20 घंटे तक कर रहे काम, बुलाए गए कर्मचारियों को सता रहा ये डर

 

Elon Musk Twitter News (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जब से दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार एलन मस्क ने ट्विटर (Twitter) को खरीदा है, तब से रोजाना माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर को लेकर नई-नई खबरें सामने आ रही है। इस हफ्ते मस्क ने आधे से ज्यादा कर्मचारियों को कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। जिसके बाद कुछ लोगों को वापस बुलाने के लिए भी ट्विटर की तरफ से लेटर जारी किया गया था। कंपनी ने अपने लेटर में उन्हें गलती से निकालने का बात कही थी। वहीं अब ताजा रिपोर्ट के मुताबिक कई बर्खास्त ट्विटर कर्मचारियों को फिर से शामिल होने में कोई दिलचस्पी नहीं है। इतना ही नहीं ट्विटर की टीमें अब 20 घंटे तक काम करने को मजबूर हो रही है। 

एलन मस्क ने हाल ही में ट्विटर के आधे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था, लेकिन छंटनी के कुछ घंटों बाद यह बताया गया कि कंपनी ने कुछ अहम कर्मचारियों को गलती से निकाल दिया और अब उन्हें बनाए रखेगी। लेकिन अब एक नई रिपोर्ट बताती है कि बहुत से लोग जो फिर से जुड़ने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

Platformer की रिपोर्ट के मुताबिक बर्खास्त कर्मचारियों में से कुछ को फिर से शामिल होने के लिए टॉप मैनेजमेंट को ना कहने का डर है। कर्मचारियों का मानना ​​​​है कि ट्विटर औपचारिक रूप से छंटनी की सूचना को रद्द कर सकता है यदि वे स्वेच्छा से फिर से शामिल नहीं होते हैं। बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को अगले 60 दिनों के लिए वेतन और एक महीने का विभाजन निधि (severance) का वादा किया गया है। इसलिए अब उन्हें डर है कि अगर वे फिर से शामिल नहीं होते हैं, तो कंपनी उन्हें नौकरी पर नहीं लौटने के लिए निकाल सकती है। इस तरह कर्मचारियों को कथित तौर पर तीन महीने के वेतन का नुकसान होगा जो उन्हें बिना काम किए मिलने वाला था।

इस बीच ट्विटर पर कुछ मैनेजर्स को अधिक कार्यभार दिया जाता है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तकनीकी प्रबंधकों (technical managers) को कम से कम 20 व्यक्तिगत कंट्रीब्यूट को कोड लिखने में अधिकांश समय बिताने के लिए कहा गया है।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि दूसरों को डायरेक्ट रिपोर्ट की संख्या बहुत ज्यादा दी गई है। इसके अलावा ट्विटर पर काम करने वाले एक कर्मचारी ने प्लेटफॉर्मर को बताया कि कुछ मौजूदा टीमें, जो मस्क के प्रोजक्ट पर काम कर रही हैं, दिन में 20 घंटे काम कर रही हैं। इतना ही नहीं कर्मचारियों को यह भी नहीं पता कि मौजूदा वक्त में किया जा ओवरटाइम का पैसा मिलेगा या नहीं।
 
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