नेपाल में फिर लगे भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.2 मापी गई तीव्रता
वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को व्हाइट हाउस के लिए अपना तीसरा अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं, जो निराशाजनक मध्यावधि हार से आगे बढ़ने और इतिहास को खारिज करने की कोशिश कहा जा सकता है। ट्रंप ने पिछले सप्ताह के चुनावों से उम्मीद लगाई थी कि वह इसके नतीजों का इस्तेमाल अपनी पार्टी के नामांकन के लिए एक स्प्रिंगबोर्ड के रूप में कर सकते हैं। इसके बजाय, अब उन पर आरोप लग रहा है कि उनके समर्थन करने के कारण कई रिपब्लिकन उम्मीदवार चुनाव हार गए । ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया नेटवर्क पर लिखा कि उम्मीद है, कल का दिन हमारे देश के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक होगा! पाम बीच में उनके क्लब से मंगलवार रात 9 बजे एक घोषणा किए जाने की उम्मीद है।
एक और अभियान किसी भी पूर्व राष्ट्रपति के लिए एक उल्लेखनीय मोड़ है और वह भी ऐसे व्यक्ति के लिए जिसके खिलाफ बतौर राष्ट्रपति दो बार महाभियोग चल चुका हो और जिसका कार्यकाल उसके समर्थकों के जनवरी में सत्ता के शांतिपूर्ण परिवर्तन को रोकने के लिए घातक हमले को लेकर बदनाम रहा हो ।अमेरिकी इतिहास में सिर्फ एक राष्ट्रपति ग्रोवर क्लीवलैंड के नाम यह रिकॉर्ड दर्ज है कि वह पद से हटने के बाद दुबारा राष्ट्रपति चुने गए। उन्हें 1884 और 1892 में इस पद के लिये चुना गया था।
सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के पास अब 50 सीटें हो गई हैं जबकि रिपब्लिकन पार्टी के पास 49 सीटें हैं। जॉर्जिया सीट का चुनाव दिसम्बर में होगा। इसके बाद अगर सीनेट में दोनों दलों को बराबर सीटें हासिल होती हैं तो ऐसे में उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस का वोट काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। दूसरी ओर, प्रतिनिधि सभा में इस समय रिपब्लिकन पार्टी के पास 211 सीटें हैं जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 204 सीटें हैं।
इस्ताम्बुल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। तुर्की में मध्य इस्ताम्बुल के व्यस्त इलाके में बम विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई और 81 घायल हो गए। यह विस्फोट कल दोपहर तक्सीम चौक इलाके में हुआ। तुर्की के उपराष्ट्रपति फुएत ओक्टे ने बताया कि विस्फोट आतंकवादी हमला हो सकता है, जिसे एक महिला ने अंजाम दिया। अब तक किसी ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। 2016 में भी आत्मघाती हमलावर ने इस इलाके को निशाना बनाया था।
वाशिंगटन/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारत को अपनी मुद्रा निगरानी सूची से बाहर निकाल दिया है। विभाग ने अन्य जिन देशों को इस सूची से बाहर निकाला है, उनमें इटली, मैक्सिको, वियतनाम और थाईलैंड शामिल हैं। ट्रेजरी विभाग ने कांग्रेस को अपनी द्विवार्षिक रिपोर्ट में कहा कि चीन, जापान, कोरिया, जर्मनी, मलेशिया, सिंगापुर और ताइवान अभी भी वर्तमान निगरानी सूची का हिस्सा हैं।
बता दें कि ट्रेजरी ने प्रमुख व्यापारिक भागीदारों की एक निगरानी सूची स्थापित की है, जो उनकी मुद्रा प्रथाओं और व्यापक आर्थिक नीतियों पर ध्यान देने योग्य हैं। अमेरिका ने ये कदम तब उठाया है, जब ट्रेजरी के सचिव जेनेट येलेन ने भारत का दौरा किया और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बातचीत की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2015 के अधिनियम में तीन मानदंडों में से दो को पूरा करने वाली अर्थव्यवस्था को निगरानी सूची में रखा गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है, "एक बार निगरानी सूची में एक अर्थव्यवस्था कम से कम दो लगातार रिपोर्टों के लिए बनी रहेगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रदर्शन बनाम मानदंड में कोई भी सुधार टिकाऊ है और अस्थायी कारकों के कारण नहीं है।' ट्रेजरी निगरानी सूची में किसी भी प्रमुख अमेरिकी व्यापारिक भागीदार को जोड़ेगी और बनाए रखेगी, जो कुल अमेरिकी व्यापार घाटे के एक बड़े और अनुपातहीन हिस्से के लिए जिम्मेदार है, भले ही वह अर्थव्यवस्था 2015 के अधिनियम के तीन मानदंडों में से दो को पूरा नहीं करती है।
अमेरिकी ट्रेजरी ने कहा, 'निगरानी सूची में चीन, जापान, कोरिया, जर्मनी, मलेशिया, सिंगापुर और ताइवान शामिल हैं। इटली, भारत, मैक्सिको, थाईलैंड और वियतनाम को इस रिपोर्ट में निगरानी सूची से हटा दिया गया है।' उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप को प्रकाशित करने में चीन की विफलता और इसकी विनिमय दर तंत्र की प्रमुख विशेषताओं के आसपास पारदर्शिता की व्यापक कमी इसे प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक बाहरी बनाती है और ट्रेजरी की करीबी निगरानी की गारंटी देती है।
वाशिंगटन/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय आध्यात्मिक नेता श्रीश्री रविशंकर को अटलांटा में गांधी शांति तीर्थयात्रा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार उन्हें महात्मा गांधी और डॉ मार्टिन लूथर किंग जूनियर द्वारा समर्थित शांति और अहिंसा के संदेशों को फैलाने के उनके प्रयासों के सम्मान में दिया गया।
श्रीश्री रविशंकर को अमेरिकी गांधी फाउंडेशन द्वारा पुरस्कार प्रदान किया गया। डॉ मार्टिन लूथर किंग जूनियर के भतीजे और अटलांटा में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ स्वाति कुलकर्णी की उपस्थिति में श्री श्री रविशंकर को पुरस्कार प्रदान किया गया।
आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक को उनकी सेवा और मानवता के लिए दुनिया में बदलाव लाने के योगदान के लिए ये पुरस्कार प्रदान किया गया है। श्री श्री रविशंकर ने अपने स्वीकृति भाषण में कहा, "कुछ संदेश टाइमलेस होते हैं। इस श्रेणी में मार्टिन लूथर किंग और महात्मा गांधी के संदेश बहुत प्रासंगिक हैं। वे हर युग में हर पीढ़ी के लिए हमेशा ताजा रहेंगे। कभी-कभी यह और भी प्रासंगिक हो जाता है। आज की दुनिया में जहां हम तनाव का सामना कर रहे हैं, शांति का संदेश जोर से और स्पष्ट रूप से सुना जाना चाहिए"।
आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर का जन्म 1956 में दक्षिण भारत में हुआ था। महज चार वर्ष की उम्र में ही बाल रविशंकर भगवद गीता पढ़ने लगे थे। उनकी बचपन से ही रूचि ध्यान करने में थी। वैदिक साहित्य और भौतिक विज्ञान के विषयों में भी रविशंकर ने शिक्षा ग्रहण की है। वर्ष 1982 में कर्नाटक के शिमोगा में रविशंकर ने 10 दिन का मौन धारण किया था। बता दें कि आर्ट ऑफ लिविंग की सबसे लोकप्रिय विद्या सुदर्शन क्रिया है। रविशंकर ने आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से कई लोगों की मानसिक अशांति को दूर किया है।
श्री श्री हर साल करीब 40 देशों की यात्रा करते हैं। देश-विदेश का दौरा करने वाले रविशंकर को 7 भाषाओं का ज्ञान हैं। बता दें कि 7 जुलाई को अमेरिकी और कैनेडियन शहरों की लीग में डेट्रॉइट के मेयर श्री श्री रविशंकर दिवस मनाते है। हर साल इन जगहों पर ये दिवस श्री श्री रविशंकर के दिवस के रूप में मनाया जाता है।
बर्लिन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। India Germany LNG Gas Conflict: भारत और जर्मनी के बीच नेचुरल एलएनजी गैस को लेकर बढ़ा झगड़ा अब दोनों देशों के बीच के डिप्लोमेटिक तनाव में बदल गया है और जल्द ही इसका गंभीर असर दिखने की आशंका जताई जा रही है। पहले से ही भारी ऊर्जा संकट से जूझ रहे यूरोप की वजह से पूरी दुनिया के विकास पर भी असर पड़ रहा है। दोनों देशों के बीच चल रहे इस झगड़े से परिचित अधिकारियों के मुताबिक, इस तनाव का आगाज उस वक्त हुआ, जब जर्मनी ने नेचुरल लिक्विड गैस की आपूर्ति भारत को कम कर दी और फिर भारत की तरफ से सख्त उत्तर दिया गया।
न्यूयॉर्क/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स को आज भी कई लोग अपना आदर्श मानते है। उनके प्रति लोगों की दीवानगी आज भी कायम है और उनसे जुड़ी हुई चीजें महंगे दामों पर नीलाम होती है। उनके निधन के बाद उनसे जुड़ी हुई कई चीजों की अब तक नीलामी की जा चुकी है। चाहे वह उनकी नौकरी के लिए दिया हुआ आवेदन पत्र हो या इस्तेमाल किया गया कंप्यूटर।
नीलामकर्ता जूलियन्स ऑक्शंस को उम्मीद है कि एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स के पहने जाने वाले भूरे चमड़े के बिरकेनस्टॉक एरिज़ोना सैंडल की जोड़ी $ 60,000 से $ 80,000 (48,32,889-64,43,852 रुपये) तक मिल सकती है।
सैंडल के साथ, नीलामी में सैंडल की एक एनएफटी तस्वीर भी शामिल है, साथ ही फोटोग्राफर जीन पिगोज़ी की एक किताब भी शामिल है। पुस्तक का शीर्षक 'द 213 मोस्ट इम्पोर्टेन्ट मेन इन माई लाइफ' है और इसमें मिस्टर जॉब्स को एक महत्वपूर्ण शख्सियत के रूप में दिखाया गया है।
नीलामी 11 नवंबर को लाइव रहेगी और इसके 13 नवंबर को समाप्त होने की उम्मीद है। एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की पूर्व पत्नी, क्रिसन ब्रेनन ने वोग के साथ एक साक्षात्कार में स्टीव जॉब्स के अलमारी के बारे में चर्चा की। तब उन्होंने बताया कि स्टीव जॉब्स की सैंडल उनके साधारण पक्ष का हिस्सा थे। वे सैंडल को भी अपने वर्दी का एक अंग मानते थे।
वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका में मिड टर्म इलेक्शन हो रहे हैं। इससे संसद के दोनों सदनों हाउस ऑफ रिप्रेजेन्टेटिव (लोअर हाउस), सीनेट (अपर हाउस) के मेंबर्स और राज्यों में गवर्नर को चुना जाता है। अब इलेक्शन के रिजल्ट सामने आने लगे। अमेरिकी इतिहास में पहली बार 23 साल की सैयद सबसे कम उम्र की संसद (कांग्रेस) मेंबर चुनी गई हैं।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के चुनाव में नबीला को 52.3% वोट मिले हैं। उन्होंने इलिनोइस सीट पर जीत हालिस करते हुए रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी क्रिस बोस को हरा दिया। उन्होंने कहा- जब मैंने चुनाव लड़ने की घोषणा की, तो मेरा एक ही मिशन था लोगों से बातचीत करना। असल और जमीनी मुद्दे जानना। मैं चाहती थी कि लोग भी लोकतंत्र में शामिल हो। इसमें उनका बराबरी का हिस्सा हो।
मैरीलैंड (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय-अमरीकी नागरिक अरुणा मिलर मैरीलैंड के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद के चुनाव में विजयी घोषित हुई हैं। इस ऐतिहासिक सफलता के साथ ही अरूणा मिलर इस पद पर चुनी जाने वाली पहली भारतीय-अमरीकी राजनेता और प्रथम दक्षिण एशियाई महिला भी बन गई हैं। मिलर ने मैरीलैंड के लोगों को उनके फैसले के लिए धन्यवाद दिया है।
सुश्री मिलर इंडियन अमरीकन इम्पैक्ट की पूर्व कार्यकारी निदेशक हैं। सरकार के हर स्तर पर भारतीय-अमरीकी प्रतिनिधित्व का समर्थन करने वाले इस संगठन ने उनका समर्थन किया था और साथ ही उन्हें महत्वपूर्ण भारतीय-अमरीकी संगठनों और लोगों का समर्थन भी मिला।
काठमांडू (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नेपाल में शक्तिशाली भूकंप के बाद दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कई सेकंड तक तेज झटके महसूस किए गये। तड़के एक बजकर 57 मिनट पर आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर छह दशमलव तीन मापी गई। भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से 90 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व नेपाल के दैलेख में स्थित था। इससे नेपाल के धोती जिले में छह लोगों के मारे जाने की खबर है।
बुक़ोबा/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। तंजानिया में रविवार को एक यात्री विमान हादसे का शिकार हो गया। बुक़ोबा शहर में लैंडिंग के दौरान यात्री प्लेन विक्टोरिया झील में डूब गया। इस विमान में 49 यात्री सवार थे। अब तक इसमें से 23 यात्रियों का रेस्क्यू किया जा चुका है। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मवांजा से बुकोबा जा रहे प्रेसिजन एयर के विमान में 49 यात्री सवार थे और अब तक 23 को बचा लिया गया है। तंजानिया की पुलिस ने बताया कि एक यात्री विमान खराब मौसम की वजह से रविवार तड़के विक्टोरिया झील में गिर गया। प्लेन को उत्तर पश्चिमी शहर बुकोबा में लैंड करना था, उसी दौरान ये हादसा हुआ है। इसके साथ ही पुलिस ने बताया कि यात्रियों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
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