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FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर हुआ पाकिस्तान, 2018 में सूची में आया था नाम, जानिए इससे क्या फायदा होगा?

 

इस्लामाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। Pakistan Grey List: आखिरकार चार सालों के इंतजार के बाद पाकिस्तान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानी FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर हो गया है। पाकिस्तान 4 वर्षों से भी अधिक समय से इस सूची से बाहर निकलने का इंतजार कर रहा था। इस फैसले के बाद पाकिस्तान को अपनी आर्थिक हालत सुधारने में मदद मिलेगी। पाकिस्तान अब विदेशों से धन हासिल कर सकेगा। पाकिस्तान ग्रे लिस्ट से बाहर निकले इसके लिए सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग को रोकने के लिए सख्त कानून बनाए। इसके अलावा दुनिया भर में चर्चित आतंकी हाफिज सईद जैसे आतंकियों को जेल में डाला था। एफएटीएफ के मौजूदा अध्यक्ष सिंगापुर के टी. राजा कुमार ने रात करीब साढ़े आठ बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर किए जाने का एलान किया। FATF के बयान के मुताबिक, पाकिस्तान अब FATF की बढ़ी हुई निगरानी प्रक्रिया के अधीन नहीं है। वह धन शोधन विरोधी और आतंकवाद विरोधी वित्तपोषण प्रणाली (AML/CFT) को और बेहतर बनाने के लिए एशिया/पैसिफिक ग्रुप (APG) ऑन मनी लॉन्ड्रिंग के साथ काम करना जारी रखेगा। FATF अध्यक्ष टी राजा कुमार ने कहा कि पाकिस्तान को ग्रे सूची से हटा दिया गया है, हालांकि, उनकी (पाकिस्तान) ओर से अभी भी काम किया जाना बाकी है। उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान को आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने के लिए कदम उठाने के लिए एशिया-प्रशांत समूह के साथ काम करना जारी रखने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

बिलावल भुट्टो ने की घोषणा
FATF की एक अहम मीटिंग पेरिस में चल रही है। पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हुई थीं कि क्या पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट से निकलने में कामयाब हो पाएगा? और आखिरकार पाकिस्तान के सालों के इंतजार का उसे फल मिला। विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी ने FATF की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले देश को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए यह घोषणा की।

2018 में ग्रे लिस्ट में शामिल हुआ था पाकिस्तान
पाकिस्तान को जून 2018 में ग्रे लिस्ट में शामिल किया गया था। उस पर मनी लॉन्ड्रिंग, टेरर फंडिंग और कमजोर कानून बनाने के आरोप हैं। एफएटीएफ ने उस वक्‍त आतंकवादियों को की जाने वाली फंडिंग, मनी लाड्रिंग, आतंकवादियों के लिए कमजोर कानून बनाने को लेकर को पाकिस्तान को ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम के लिए बड़ा खतरा माना था। FATF ने पाकिस्‍तान को 27 बिंदुओं पर काम करने को कहा था। इसके बाद इन बिंदुओं को बढ़ा कर 34 और फिर 40 तक कर दिया गया था। इसके बाद पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने जून में ही 38 शर्तों को पूरा कर दिया था।

पाकिस्तान को क्या फायदा होगा?
पाकिस्तान के ग्रे लिस्ट से हटने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि देश की प्रतिष्ठा में बढोतरी होगी। पाक को पहले से अंतरराष्‍ट्रीय मुद्राकोष (IMF), वर्ल्‍ड बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक और यूरोपियन यूनियन से आर्थिक मदद हासिल करने में मुश्किलों का सामना कर रहा है अब इस लिस्ट से निकलने से उसकी आर्थिक स्थिति कुछ बेहतर हो सकती है। पाक को आतंकवादी वित्तपोषण पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की ओर से भी क्लीन चिट मिलने की संभावना है। हाल ही में मूडीज द्वारा देश की सावरेन क्रेडिट रेटिंग डाउनग्रेड किया गया है। FATF पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से निकलने पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण, भावना में भी सुधार होगा।

3 बार ग्रे लिस्ट में आ चुका है पाकिस्तान
पाकिस्तान अब तक 3 बार ग्रे लिस्ट में आ चुका है। पहली बार वह 2008 में इस लिस्ट में आया था। उसके बाद वह 2012 और आखिरी बार 2018 में इस लिस्ट में आ चुका है। बता दें कि दो साल के लिए FATF की प्रेसिडेंसी सिंगापुर के पास है। 206 मेंबर्स की लिस्ट में IMF, UN, वर्ल्ड बैंक, इंटरपोल और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट भी शामिल हैं। गुरुवार को शुरू हुई दो दिनों तक चलने वाली इस मीटिंग में यह भी जांच की जाएगी कि किन देशों की वजह से इंटरनेशनल फाइनेंशियल सिस्टम को खतरा है। मीटिंग में सबसे अधिक नजर ट्रांसपेरेंसी पर होगा।
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हजारों मील ऊपर आसमान में जाकर हवा में शख्‍स ने प्रेमिका को किया प्रपोज, फोटो देख बोले लोग खूब प्‍यार करना

 

Man Proposed to his Girlfriend in Flight: प्रेमी अपनी प्रेमिका को खुश करने के लिए तरह-तरह से सरप्राइज करके उसे स्‍पेशल फील करवाता है। वहीं जब बात प्रपोज करने की आती है तो वो कुछ युनीक स्‍टाइल ही चुनता है। ऐसा ही एक खूबसूरत जोड़े की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लड़के ने अपनी प्रेमिका को जिस तरह से सरप्राइज किया उस तरीके ने सभी का दिल जीत लिया।

आसमान में शख्‍स ने किया प्रपोज
दरसअल, हजारों फीट आसमान में जाकर हवा में इस शख्‍स ने अपनी प्रेमिका को प्रपोज कर सरप्राइज किया। अपनी प्रेमिका को प्रपोज करने के एि जो तरीका अपनाया उसने लोगों के दिलों को छू लिया।

एयरलाइन्‍स ने फोटो शेयर करते हुए लिखी ये प्‍यारी पोस्‍ट
एयरलाइन्‍स ने अपने अधिकारिक फेस बुक अकाउंट पर फ्लाइट में इस अनोखी लव स्‍टोरी के प्रपोज करते वाली फोटो शेयर की है। जिसके बाद ये फोटो लोगों को खूब पसंद आ रही है। एयरलाइंस ने फोटो पोस्‍ट करते हुए लिखा- कृपया इस इनफ्लाइट लव स्‍टोरी को देखें। जब ब्रायन ने हवा में प्रेमिका को प्रपोज कर उसे सरप्राइज करने के लिए रिकवेस्‍ट की तो हम तैयार हो गए। इसके बाद फ्लाइट में ब्रायन ने स्टेफ़नी से अपने प्‍यार का इजहार किया और प्रेमिका ने हां कर दिया। फिर वे खुशी-खुशी... और अपनी कनेक्टिंग फ्लाइट की ओर चले ग्‍ए।

यूजर बोला इसे खूब प्‍यार करना
ये फोटो 17 अक्टूबर को शेयर की गई, इस पोस्ट को लगभग 5,400 रिएक्‍शन और लाइक्‍स मिल चुके हैं और गिनती मिली है। तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं लोग दे रहे हैं। कई लोगों ने इस जोड़े को उनके जीवन के इस नए सफर पर बधाई दी। एक व्यक्ति ने लिखा, "इसे खूब प्यार करना ! शानदार स्‍टोरी।"वहीं दूसरे ने लिखा "प्यार निश्चित रूप से हवा में था।

लोगों ने एयरलाइंस की तारीफ की तो दिया ये प्‍यारा सा जवाब
एयरलाइन्‍स के द्वारा शेयर की गई फोटो को देखकर एक यूजर ने लिखा इतनी सुंदर स्‍टोरी! यूनाइटेड फ्लाइट क्रू सबसे बेहतरीन हैं !! वहीं एक और यूजर ने लिखा आप कह सकते हैं कि आपने उनके प्यार को एकजुट किया?" जिस पर, एयरलाइन ने जवाब दिया, "हम सारा श्रेय नहीं ले सकते, हम उनके प्यार को नई ऊंचाइयों पर ले गए!"
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का इस्तीफा : 45 दिन पहले ही लिज ट्रस ने सम्हाला था पद, अगले हफ्ते होगा नए पीएम का चुनाव

 नईदिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. पद संभालने के महज 45 दिनों बाद ही लिज ट्रस ने इस्तीफा दिया है. इस्तीफे के ऐलान के बाद उन्होंने कहा कि मैंने संकट के समय में कमान संभाली, लेकिन मैं जनादेश पर अमल नहीं कर सकी. उन्होंने कहा कि नया प्रधानमंत्री बनने तक मैं पद पर बनी रहूंगी. मालूम हो कि एक दिन पहले ही भारतवंशी सुएला ब्रेवरमैन ने ब्रिटेन की गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में अब नये प्रधानंत्री पद का चुनाव अगले हफ्ते होगा.

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रूस ने मान लिया PoK और अक्साई चीन को भारत का हिस्सा, चीन-पाकिस्तान को लगा करारा झटका

 

मास्को (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रूस (Russia) और भारत (India) के बीच की दोस्ती दशकों पुरानी है। हालिया वक्त में अमेरिका संग बढ़ती नजदीकियों के बीच भी भारत ने रूस का साथ नहीं छोड़ा है। ऐसे वक्त में जब पाकिस्तान (Pakistan) लगभग हर बड़े मंच पर कश्मीर का मुद्दा उठा रहा है रूस ने ऐसा काम किया है जिसकी पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। रूसी स्वामित्व वाली समाचार एजेंसी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों का नक्शा जारी किया है। इसमें जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir), लद्धाख (Ladakh)और अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) को भारत का हिस्सा बताया गया है।

समाचार एजेंसी स्पुतनिक ने इंफोग्राफ किया जारी
समाचार एजेंसी स्पुतनिक ने शंघाई सहयोग संगठन पर एक इन्फोग्राफिक जारी किया है। इस इन्फोग्राफिक में SCO के विस्तार के बारे में पूरा विवरण दिया गया है। इसके साथ ही नक्शे में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन के साथ-साथ समस्त अरुणाचल प्रदेश को भारत के हिस्से के रूप में दिखाया है। इन दोनों क्षेत्रों को एक साथ भारत के हिस्से के रूप में दिखाना राजनीतिक रूप से स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक अभूतपूर्व घटना बताया जा रहा है।

चीन और पाकिस्तान दोनों हैं SCO के सदस्य
सबसे अहम बात ये है कि पाकिस्तान और चीन भी SCO के सदस्य देश हैं, लेकिन उनकी परवाह किए बगैर रूसी एजेंसी ने यह कदम उठाया है। पाकिस्तान आजादी के बाद से ही PoK हासिल करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए है। लेकिन रूस द्वारा PoK को भारतीय क्षेत्र के रूप में स्वीकार करने के बाद से पाकिस्तान की समस्याएं और बढ़ गई हैं।

मानचित्र जारी किए जाने के बाद भारत का दावा मजबूत
इससे पहले चीन ने SCO का नक्शा जारी किया था और उसने नक्शे में में भारत के कुछ इलाकों को अपना हिस्सा दिखाया था। लेकिन रूसी एजेंसी ने सही नक्शे का चित्रण कर चीन और पाकिस्तान के मुंह पर करारा तमाचा मारा है। भारत के सरकारी सूत्रों के मुताबिक SCO के संस्थापक सदस्यों में होने के नाते रूस ने नक्शे का सही ढंग से चित्रण कर एक तरह का रिकॉर्ड स्थापित किया है। रूसी एजेंसी द्वारा जारी किए गए इस मानचित्र से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और SCO के भीतर जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत की स्थिति और भी मजबूत हो गई है।

आजादी के बाद से ही भारत का समर्थक रहा है रूस
आपको याद दिला दें कि हाल ही में पाकिस्तान में मौजूद अमेरिकी राजदूत डोनाल्ड ब्लोम ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की यात्रा की थी। यात्रा के बाद उन्होंने ट्विटर पर इस इलाके को 'आजाद कश्मीर' बताया था। इसके कुछ दिन बाद जर्मनी ने भी पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते हुए कश्मीर विवाद को सुलझाने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका का सुझाव दिया था। गौरतलब है कि सोवियत संघ और उसके बाद रूस ने 1947 से कश्मीर पर भारत का समर्थन किया है और भारत विरोधी प्रस्तावों को अवरुद्ध करने के लिए यूएनएससी में वीटो का इस्तेमाल किया है।
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'ड्रैगन' की अकड़ ढीली करेगा US! ताइवान और अमेरिका 'घातक' हथियार बनाएंगे, चीन के लिए 'खतरा'

 

ताइपे सिटी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ताइवान (Taiwan) के खिलाफ चीनी (Chinese) आक्रमकता को रोकने के लिए अमेरिका (US) ताइपे के साथ मिलकर हथियारों का उत्पादन करने की योजना पर विचार कर रहा है। इस विषय पर एक व्यापारिक लॉबी ने बताया कि, चीन के खिलाफ ताइवान की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए हथियारों के हस्तांतरण में तेजी लाने के उद्देश्य से इस योजना को आगे बढ़ाने पर विचार हो रहा है।

चीन के लिए बुरी खबर
ताइवान पर चीन की बुरी नजर है। यह दुनिया जानती है। ताइवान भी चीन को चेता चुका है कि वह किसी भी हालत में उसे जीत नहीं सकता है। अगर वह ऐसा करता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका चीन को सपोर्ट करने के वादा कर चुका है। वह कह चुका है कि, किसी भी परिस्थिति में वह ताइवान का साथ नहीं छोड़ेगा। अमेरिका के इस बयान से चीन पहले से ही वाशिंगटन पर गरमाया हुआ है।

ताइवान को हथियारों से लैस करेगा अमेरिका
बता दें कि, 2017 से अमेरिकी प्रशासन ने ताइवान को हथियारों की बिक्री में अब तक 20 बिलियन डॉलर से अधिक की मंजूरी दे चुका है। अमेरिका को मालूम है के चीन ने लोकतांत्रिक रूप से शासित द्वीप पर सैन्य दबाव बढ़ाता जा रहा है। अगर ताइवान को दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश मदद करता है तो चीन के लिए आगे की राह मुश्किल हो जाएगी। ताइवान को कब्जा करने के चीन के मंसूबों पर पानी फिरने की आशंका और अधिक प्रबल हो जाएगी।

चीन के खिलाफ मजबूत होगा ताइवान
चीन की बढ़ती आक्रमकता को देखते हुए अमेरिका ताइवान को अत्याधुनिक हथियारों से लैस करना चाहता है। हालांकि, रूस और यूक्रेन युद्ध के कारण हथियारों की डिलीवरी में देरी होने की आशंका जताई जा रही है। क्योंकि, यूक्रेन जंग के कारण कुछ सैन्य प्रणालियों की बढ़ती मांग के कारण बैकलॉग होने से सैन्य सामान की आपूर्ति में देरी हो सकती है। वहीं, यूएस-ताइवान बिजनेस काउंसिल के अध्यक्ष रूपर्ट हैमंड-चेम्बर्स ने इस योजना को सही ठहराया है।

कौन सा हथियार मिलेगा ताइवान को?
हालांकि, हैमंड-चेम्बर्स ने यह भी कहा कि अभी तक यह निर्धारित नहीं किया गया है कि किन हथियारों को ताइवान को मजूबती प्रदान करने के लिए दिया जाएगा। हालांकि, ताइवान को अधिक युद्ध सामग्री और लंबे समय के लिए स्थापित किए जाने वाले मिसाइल तकीनक प्रदान करने की दिशा में अमेरिका अपना ध्यान केंद्रित करेगा। उन्होंने आगाह किया कि इस तरह के किसी भी कदम के लिए हथियार निर्माताओं को राज्य और रक्षा विभागों से सह-उत्पादन लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता होगी।

इस प्रक्रिया में क्या-क्या हो सकता है?
हैमंड-चेम्बर्स ने कहा कि एक विदेशी देश के लिए महत्वपूर्ण प्रोद्योगिकी को मंजूरी देने को लेकर अमेरिकी सरकार के भीतर सह-उत्पादन लाइसेंस जारी करने का विरोध हो सकता है। हैमंड-चेम्बर्स ने रायटर को बताया कि यह पहली का एक हिस्सा है, गेम चेंजर नहीं। उन्होंने बताया कि जापान के निक्केई अखबार ने पहली बार तीन अज्ञात स्रोतों का हवाला देते हुए योजना पर अपनी रिपोर्ट दी थी।

ताइवान ने अभी तक कुछ भी नहीं कहा है
हालांकि, ताइवान के विदेश मंत्रालय ने इस पूरे विष्य पर कुछ भी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया है। हालांकि, मंत्रालय ने ताइवान-अमेरिका संबंध को करीबी और मैत्रीपूर्ण बताया है। निक्केई की रिपोर्ट में संभावना जताते हुए कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ताइवान में हथियार बनाने के लिए प्रौद्योगिकी प्रदान कर सकता है, या फिर संयुक्त राज्य अमेरिका में ताइवान के हिस्सों का उपयोग करके हथियारों का उत्पादन कर सकता है।
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देश की गृहमंत्री ने दिया इस्तीफा, इनको मिला पदभार...

 लंदन/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ब्रिटेन में भारतीय मूल की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन (42) ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने निजी इमेल से सरकारी तंत्र को संदेश भेज दिया था। नियमों के अनुसार यह गंभीर गलती थी। इसी के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। सुएला ने कहा, मैं ने एक गलती की, उसे मैं स्वीकार करती हूं और गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे रही हूं। कंजरवेटिव पार्टी के नेता ग्रांट शैप्स ब्रिटेन के नए गृह मंत्री होंगे। शैप्स ने पार्टी में हुए प्रधानमंत्री पद के चुनाव में ऋषि सुनक का खुलकर समर्थन किया था। उन्हें प्रधानमंत्री लिज ट्रस का आलोचक माना जाता है।


ट्रस सरकार से वित्त मंत्री क्वासी क्वार्टेंग की बर्खास्तगी के महज पांच दिन बाद वरिष्ठ मंत्री सुएला के इस्तीफे ने ब्रिटिश सरकार को और ज्यादा अस्थिर कर दिया है। बुधवार को संसद में प्रधानमंत्री ट्रस से भी इस्तीफे की मांग की गई। उससे पहले सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों के ही सांसद ट्रस से इस्तीफा मांग चुके हैं। विदित हो कि प्रधानमंत्री बोरिस जानसन के इस्तीफे के बाद सितंबर में ट्रस की सरकार बनी थी। इसके बाद सरकार का मिनी बजट आने के बाद देश में आर्थिक अस्थिरता का दौर शुरू हो गया और चंद रोज बाद सरकार पर सवाल उठने लगे।

 
 
 

सुएला ने कहा, उन्होंने एक सरकारी दस्तावेज अपने निजी ईमेल से एक विश्वस्त संसदीय सहयोगी को भेजा था। यह दस्तावेज सरकार की आव्रजन नीति से संबंधित मंत्री का बयान था। जैसे ही मुझे अपनी गलती का पता चला, वैसे ही इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। कैबिनेट सचिव को उसके बारे में बताया। इस्तीफा देने से पहले सुएला ने प्रधानमंत्री ट्रस से मुलाकात की और उनके साथ कुछ देर बात की। प्रधानमंत्री ने कहा, मंत्री पद से जुड़े आचरण और गोपनीयता का सम्मान होना चाहिए। ट्रस ने सुएला की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के मौके से जुड़ी व्यापक व्यवस्थाओं को कुशलता से संभालने के लिए प्रशंसा की है।

 

सुएला गोवा में जन्मे पिता और तमिल मूल की मां की संतान हैं। उन्होंने ब्रिटेन की गृह मंत्री के रूप में केवल 43 दिन कार्य किया। इस दौरान भारतीय वीजा को लेकर उनका बयान खासा विवाद में आया। लेकिन उन्होंने भारत के साथ मुक्त व्यापार संधि किए जाने के लिए ब्रेसब्री जताकर उस बयान से हुए नुकसान की भरपाई की कोशिश भी की। जबकि नए गृह मंत्री शैप्स वही नेता हैं जिन्होंने चार अक्टूबर को कहा था कि ट्रस केवल दस दिन तक ही प्रधानमंत्री बनी रह सकती हैं।

 

 

 
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Lufthansa: तुर्की में 40 घंटे से फंसा है जर्मनी से भारत आ रहा विमान, ग्रैमी विजेता रिकी केज ने लगाया बड़ा आरोप

 

इस्तांबुल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जर्मनी से भारत आ रही एक फ्लाइट तुर्की के इस्तांबुल में फंस गई है। लुफ्थांसा एयरलाइंस की यह फ्लाइट 18 अक्टूबर को जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से बेंगलुरू जा रही थी। लेकिन एक मेडिकल इमरजेंसी के कारण विमान को डायवर्ट कर तुर्की ले जाया गया था। विमान के यात्री 40 घंटे से भी अधिक समय से इस्तांबुल हवाई अड्डे पर फंसे हुए हैं। यात्री और उनके परिजन सोशल मीडिया पर एयलाइंस कंपनी पर हालात से निपटने में विफल रहने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं कंपनी का कहना है वह अपने यात्रियों की असुविधाओं को कम करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है।

कुशीनगर में शराब माफिया ने पाठशाला को बनाया मधुशाला, बिहार में करते थे सप्लाई
लुफ्थांसा की LH754 फ्लाइट में ग्रैमी विजेता रिकी केज भी सवार हैं। उन्होंने ट्विटर पर एयरलाइंस से जुड़ी असुविधाओं के बारे में ट्विटर पर लिखा है। रिकी केज ने लिखा, "विश्वास नहीं हो रहा कि कैसे लुफ्थांसा भारतीय यात्रियों को हल्के में लेता है।" बुधवार को ट्विटर पर उन्होंने कहा, "मेरी फ्रेंकफर्ट-बेंगलुरु फ्लाइट कल शाम 7 बजे इस्तांबुल में मेडिकल इमरजेंसी के लिए उतरी। 17 घंटे बाद - कोई होटल नहीं, कोई कर्मचारी नहीं, कोई स्पष्टीकरण नहीं, 300 यात्री फंसे हैं और कोई जानकारी नहीं है।"

फ्लाइट में सवार थे 380 यात्री

रिकी केज ने गुरुवार को किए गए एक अन्य ट्वीट में लिखा, "27 घंटे - अभी भी इस्तांबुल हवाई अड्डे पर फंसा हुआ हूं।" इसके आगे लुफ्थांसा को टैग करते हुए रिकी ने लिखा, "लुफ्थांसा एयरलाइन स्पष्ट रूप से अस्तित्व के संकट से पीड़ित है। इसे नस्लवादी, आत्मसंतुष्ट, असमर्थ, उदासीन, दुष्ट बुलाया जाना चाहिए। इस विमान के 380 यात्री हैं जो कि अधिकांश भारतीय हैं। ये एक तरह से बेघर हो चुके हैं। इनके लिए कोई होटल नहीं, कोई लाउंज नहीं, सामान की कोई सुविधा नहीं है। उन्होंने लुफ्थांसा पर आरोप लगाया कि उनके साथ ऐसा व्यवहार इसलिए किया जा रहा है कि वे सभी भारतीय हैं।

अन्य यात्रियों ने भी शिकायत

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अन्य यात्रियों ने भी ट्विटर पर लुफ्थांसा एयरलाइंस पर अपना गुस्सा निकाला है और इसे विफलताओं का स्मारक बताया है। यात्रियों ने 19 और 20 अक्टूबर की रात सोशल मीडिया पर कई पोस्ट किए। एक यात्री ने लिखा, "32 घंटे से अधिक, अभी भी इस्तांबुल में फंसा हुआ हूं। पहले से ही 4 बार ईएसटी बदल चुका है, अब कोई ऊर्जा नहीं बची है, परिवार यहां हैं और घर पर सब चिंतित हैं, निराश हैं।" ट्वीट्स के जवाब में, लुफ्थांसा एयरलाइंस ने कहा, "फ्रैंकफर्ट से बैंगलोर के लिए लुफ्थांसा की उड़ान LH754 को 18 अक्टूबर को एक मेडिकल इमरजेंसी के लिए इस्तांबुल के लिए डायवर्ट करना पड़ा। सुरक्षा कारणों से उड़ान से पहले मेडिकल इमरजेंसी के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर को रिप्लेस किया जाना है।"
 
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'निअंडरथल ही हमारे पूर्वज, 54, 000 साल पहले थे जीवित', रहस्यमयी हड्डी और दांतों के DNA विश्लेषण में मिले तथ्य

 

साइबेरिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। Neandertal community in Siberia: हजारों लाखों वर्ष पहले हमारे पूर्वज कौन थे और उनका ठिकाना कहां था? इसको लेकर मानव जीवन उत्पत्ति से जुड़े अध्ययन किए गए। लेकिन हाल ही में आदिमानव की एक प्रजाति निअंडरथल के डीएनए को लेकर जो दावा किया जा रहा है वो वाकई चौंकाने वाला है। साइंटिस्ट्स की मानें तो आज से करीब 40 हजार साल पहले वो जीवित थे। यहीं नहीं उनमें समाजिक रुप से रहने की समझ भी आ चुकी है। आइए जानते हैं कि साइबेरिया में अल्ताई पहाड़ों की तलहटी में नदी के किनारे मिले 13 सदस्यों वाले निअंडरथल परिवार का जीवन उस वक्त कैसा था और उनसे हमारा जीवन कैसे जुड़ा है?

साइंटिस्ट्स को मिले निअंडरथल परिवार के अवशेष
अब तक ये माना जाता था आदिमानव में पारिवारिक या फिर सामाजिक समझ नहीं थी। लेकिन साइबेरिया में मिले निएंडरथल समुदाय के अवशेषों के लेकर शोधकर्ताओं ने पहली बार चौंकाने वाला दावा किया है। साइबेरिया के पहाड़ों की बीच निचले भाग में 13 कंकाल ऐसे मिले हैं जो किसी ना किसी तरीके से हमारे जीवन से भी संबंधित हैं। दावा किया जा रहा है कि ये सभी अवशेष निअंडरथल प्रजाति के हैं।

20 निअंडरथल में 13 सदस्यों को एक परिवार
साइबेरिया की तलहटी में जो अवशेष मिले हैं, उनको लेकर वैज्ञानिकों अजीब दावा किया किया है। माना जा रहा है ये सभी एक परिवार या समुदाय से जुड़े हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि ये कम से कम दस से बीस सदस्यों वाले परिवार या फिर रिश्तेदारों का एक छोटा समूह था। जिसमें एक पिता और उसकी किशोर बेटी, एक युवा पुरुष जो उनके भतीजे या चचेरे भाई हो सकते हैं। इसमें एक वयस्क महिला भी थी जो शायद एक चाची या दादी थी।

54,000 साल पहले थे जीवित
शोधकर्ताओं के अनुसार, लगभग 54,000 साल पहले साइबेरिया की अल्ताई पहाड़ों की तलहटी में नदी के किनारे शिकार शिविर था। जिसमें 20 लोग रहते थे। साइबेरिया में निअंडरथल करीब 4,00,000 साल से 40,000 वर्ष तक जीवित थे। जिस 13 सदस्यीय परिवार का डीएनए विश्लेषण (First genetic analysis of Neanderthal family) किया गया है वो आज से करीब 54,000 साल पहले जीवित था। डीएनए विश्लेषण से पता चला है कि उस परिवार में सात मेल और छह फीमेल निएंडरथल थे। इससे जुड़ी हाल ही में की गई स्टडी के प्रमुख लेखक लॉरिट्स स्कोव ने कहा, "तथ्य यह है कि निअंडरथल एक ही साथ थे, यह बहुत ही रोमांचक है। इसका मतलब है कि वे संभवतः एक ही सामाजिक समुदाय से आए थे। ये पहली बार था जब हम निएंडरथल समुदाय के सामाजिक संगठन के विषय में पता चला"।

क्या निअंडरथल ही थे हमारे पूर्वज?
निएंडरथल परिवार का पहला आनुवंशिक विश्लेषण (First genetic analysis of Neanderthal family) को बेहद अहम माना जा रहा है। यह परिवार एक ऐसे समुदाय की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो वर्तमान मानव समाज के अनुरूप है। निअंडरथल के इस परिवार को लेकर कहा जा रहा कि इसमें एक साथ बाप, बेटी और चाची या फिर दादी रहते थीं और उनके साथ अन्य भी रिश्तेदार रहते थे। यानी उस वक्त इस मानव की इस प्राचीन प्रजाति (आदिमानव) में परिवार या फिर सामाज के बीच रहने की सभ्यता आ चुकी थी। शोधकर्ताओं को निअंडरथल के मिले अवशेषों के डीएनए विश्लेषण के आधार पर ये दावा पहली बार किया जा रहा है। उनके पारिवारिक ढांचे और एक साथ रहने की तरीके को लेकर ये अनुमान लगाया जा सकता है कि निअंडरथल काफी विकसित आदिमानवों की प्रजाति थी, जिसके बाद आधुनिक मानव समाज का उदय शुरू हुआ।

यूरोप, दक्षिण-पश्चिम और मध्य एशिया था ठिकाना
निएंडरथल परिवार लगभग 54,000 साल पहले दक्षिण-पश्चिम और मध्य एशिया में गुफाओं में रहता था। उनके कई अवशेष पिछले 14 वर्षों में मिले हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि निएंडरथल्स ने आइबेक्स, घोड़ों, बाइसन और अन्य जानवरों का शिकार किया जो नदी की घाटियों से होकर गुजरते थे। साइंटिस्टस्ट का दावा है कि निएंडरथल ही हमारे पूर्वज हैं, जिनसे आधुनिक मानव का विकास हुआ। वे लगभग 4,00,000 से 40,000 साल पहले पूरे यूरोप और दक्षिण-पश्चिम और मध्य एशिया में रहते थे। ताजा स्टडी का नेतृत्व साइंटिस्ट स्वंते पाबो ने किया है, जिन्होंने निएंडरथल डीएनए के रहस्यों को उजागर कर चिकित्सा के क्षेत्र में वर्ष 2022 का नोबेल पुरस्कार जीता।
 

 

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नौमंजिला इमारत पर जा गिरा एसयू-34, भीषण आग से 6 की मौत

 मास्को (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अभ्यास पर निकला रूसी बमवर्षक विमान सोमवार को अजोव सागर के तटीय शहर के ऊपर दुर्घटना का शिकार हो गया। इंजन फेल होने के कारण विमान हवा में अनियंत्रित हो गया और उसमें आग लग गई, इसके बाद वह रिहायशी इलाके में जा गिरा। इससे एक नौमंजिला भवन में आग लग गई। अग्निकांड में 6 लोगों के मारे जाने, छह लोगों के लापता होने के साथ एक दर्जन से अधिक लोगों के झुलसने की खबर है। मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। विमान के दोनों पायलट सुरक्षित हैं। रूसी बमवर्षक विमान एसयू-34 जब बंदरगाह शहर येयस्क के ऊपर था तभी उसके एक इंजन में आग लग गई। स्थिति अनियंत्रित होती देख विमान के दोनों पायलट पैराशूट के जरिये विमान से कूद गए। लेकिन विमान नजदीक के आवासीय क्षेत्र में जा गिरा।



विमान में भरे हजारों लीटर ईंधन से एक नौमंजिला भवन में भीषण आग लग गई। बताया गया है कि यह भवन जलकर खाक हो गया है। आसपास के 17 अन्य बहुमंजिला भवनों को दुर्घटना से नुकसान हुआ है। रीजनल गवर्नर वेन्यामिन कोंड्रात्येव ने कहा है कि आग को बुझाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्वास्थ्य और आपात मामलों के मंत्रियों को तत्काल घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया है। 90 हजार की आबादी वाले येयस्क शहर में रूसी वायुसेना का बड़ा अड्डा है। एसयू-34 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें फिट मिसाइलों को लेकर चिंता फैल गई है, क्योंकि इस अत्याधुनिक रूसी विमान में अति संवेदनशील हथियारों की तैनाती होती है।

रूसी बमवर्षक विमान एसयू-34 दो इंजनों वाला सुपरसोनिक बमवर्षक विमान है। इस विमान से परमाणु हथियार का हमला भी किया जा सकता है। यह तेज गति से लंबी दूरी तय कर हमला करने में सक्षम है। इसीलिए इस विमान में सामान्य लड़ाकू विमानों से काफी ज्यादा ईंधन भरा जाता है। इसे रूसी वायुसेना के सर्वोत्कृष्ट विमानों में से एक माना जाता है। यूक्रेन युद्ध के दौरान युद्ध मैदान से दूर रूसी लड़ाकू विमानों की दुर्घटना की यह दसवीं घटना है।

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ब्रिटेन के नए वित्त मंत्री ने आयकर में योजनाबद्ध कटौती सहित अधिकांश आर्थिक पैकेज को पलटा

 ब्रिटेन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ब्रिटेन के नए वित्त मंत्री जेरेमी हंट ने कुछ सप्ताह पहले घोषित आयकर में योजनाबद्ध कटौती सहित अधिकांश आर्थिक पैकेज को पलट दिया है। टेलीविज़न संबोधन में श्री हंट ने कहा कि वह प्रमुख ऊर्जा नीति और सार्वजनिक व्यय में कटौती नहीं करने के वादे के साथ नई प्रधानमंत्री लिज़ ट्रस द्वारा शुरू की गई कर कटौतियों को निरस्त कर रहे हैं।

शुक्रवार को प्रधानमंत्री ट्रस ने छह सप्ताह से भी कम समय तक वित्त मंत्री रहे क्वासी क्वार्टेंग को बर्खास्त कर दिया था और इस पद पर पूर्व विदेश और स्वास्थ्य मंत्री जेरेमी हंट को नियुक्त किया था। घरों और व्यवसाय के लिए दो वर्ष के ऊर्जा सहयोग योजना पर सौ अरब पॉउंड से अधिक खर्च की यह योजना अब अगले साल अप्रैल में समाप्त कर दी जायेगी। इसके स्थान पर दूसरी योजना लायी जायेगी।

 
 
 
 
 
 

23 सितंबर को घोषित कर कटौती योजना से ब्रिटेन की मुद्रा पाउंड में रिकॉर्ड गिरावट आई थी। इससे बैंक ऑफ इंग्लैंड को आपात कार्रवाई के लिए बाध्य होना पड़ा था। श्री हंट ने इस संकट को लेकर सुश्री ट्रस के साथ इस सप्ताहांत बातचीत की। उन्होंने बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बैले और सरकार के ऋण प्रबंधन कार्यालय प्रमुख के साथ भी बैठक की।

श्री हंट का यह कदम मजबूत राजकोषीय नीति के लिये सरकार की विश्वसनीयता बहाल करने पर केन्द्रित है। वित्त मंत्री ने हाऊस ऑफ कॉमन्स को संबोधित किया और आर्थिक मुद्दों पर सांसदों के प्रश्नों को सुना।

 

 

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स्वीडन के नए प्रधानमंत्री बने उल्फ क्रिस्टर्सन, पहली बार बनी देश में दक्षिणपंथी पार्टी की सरकार

 

स्वीडन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वीडन की संसद ने सोमवार को कंजर्वेटिव मॉडरेट पार्टी के 59 वर्षीय नेता उल्फ क्रिस्टर्सन (Ulf Kristersson) को नया प्रधानमंत्री चुना है। उल्फ क्रिस्टर्सन चार दलों के दक्षिणपंथी गुट के नेता हैं। क्रिस्टर्सन 173 के मुकाबले 176 मतों से निर्वाचित हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंगलवार को क्रिस्टर्सन की सरकार कार्यभार ग्रहण करेगी। हालांकि क्रिस्टर्सन को बहुमत हासिल नहीं हुआ है, लेकिन फिर भी वे प्रधानमंत्री बने रहेंगे। स्वीडन में प्रधानमंत्री पद से हटाने के लिए बहुमत साबित करना होता है।

मैग्लेना एंडरस की हुई थी हार
बीते महीने स्वीडन में हुए चुनाव में सोशल डेमोक्रेट नेता मैग्लेना एंडरसन की हार हुई थी। उनके लेफ्ट-सेंटर गठबंधन को बहुमत नहीं मिल पाया था। सबसे बड़ी पार्टी और करीब 30 फीसदी मत हासिल करने के बाद भी सोशल डेमोक्रेट की पार्टी सरकार नहीं बना पाई। मेग्लेना एंडरसन की पार्टी सोशल डेमोक्रेट को 107 सीटें हासिल हुईं। वहीं उनकी विपक्षी पार्टी स्वीडन डेमोक्रेट्स को 73 सीटें मिली। तीसरे नंबर पर मॉडरेट पार्टी है जिसे 68 सीटें आईं हैं। स्वीडन के नवनिर्वाचित पीएम इसी पार्टी के नेता हैं।

तीसरी सबसे बड़ी पार्टी को मिली सत्ता
स्वीडन में सबसे बड़ी दक्षिणपंथी पार्टी स्वीडन डेमोक्रेट्स है। मॉडरेट पार्टी को इससे 5 सीटें कम हासिल हुई हैं, लेकिन इस स्वीडन डेमोक्रेट्स के नेता जिमी एक्सन को बाकी अन्य दक्षिणपंथी सहयोगी दलों का समर्थन नहीं मिल पाया। ऐसे में तीसरे नंबर की पार्टी के नेता उल्फ किर्स्टन को सरकार बनाने की जिम्मेदारी मिली है। स्वीडन डेमोक्रेट्स ने नयी सरकार को बाहर से समर्थन देने का फैसला किया है।

स्वीडन डेमोक्रेट्स देगी बाहर से समर्थन
स्वीडन में सबसे बड़ी दक्षिणपंथी पार्टी स्वीडन डेमोक्रेट्स है। मॉडरेट पार्टी को इससे 5 सीटें कम हासिल हुई हैं, लेकिन इस स्वीडन डेमोक्रेट्स के नेता जिमी एक्सन को बाकी अन्य दक्षिणपंथी सहयोगी दलों का समर्थन नहीं मिल पाया। ऐसे में तीसरे नंबर की पार्टी के नेता उल्फ किर्स्टन को सरकार बनाने की जिम्मेदारी मिली है। स्वीडन डेमोक्रेट्स ने नयी सरकार को बाहर से समर्थन देने का फैसला किया है।

स्वीडन चौथा यूरोपीय देश जहां दक्षिणपंथी पार्टी का शासन
इन चारों पार्टियों ने 62 पृष्ठों का एक रोडमैप तैयार किया है, जिसके सहारे ये सत्ता चलाने वाले हैं। इसमें बिजली की कीमतें कम करना, अपराध और आव्रजन पर कड़ी कार्रवाई करना आदि मुद्दे शामिल हैं। बतादें कि हंगरी, पोलैंड और इटली के बाद स्वीडन ऐसा चौथा यूरोपीय देश है जहां दक्षिणपंथी पार्टी की सरकार बनी है।

स्वीडन में हलचल हुई तेज
बता दें कि स्वीडन में दक्षिणपंथी सरकार बनने से देश में हलचल तेज हो गयी है। दक्षिपंथी पार्टी मुस्लिम विरोधी मानी जाती हैं और उनका लक्ष्य गैर-यूरोपीय देशों से अप्रवासन को रोकना है। बीते चुनाव में यह पार्टी की राजनीति का एक केंद्रीय मुद्दा रहा था और इस गठबंधन के जीतने की वजह भी इसी नीति को बताया जा रहा है।
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श्रीलंका को हराकर 7वीं बार एशिया कप चैंपियन बनी भारतीय महिला क्रिकेट टीम

 ढाका/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हरमनप्रीत कौर की अगुआई में भारतीय महिला टीम ने रिकॉर्ड 7वीं बार एशिया कप कप का खिताब जीत लिया है। यह टूर्नामेंट का 8वां सीजन है। टीम सिर्फ 2018 में खिताब नहीं जीत सकी थी। तब उसे टी20 टूर्नामेंट के फाइनल में बांग्लादेश से हार मिली थी। शनिवार को खेले गए टी20 एशिया कप के फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 8 विकेट से हराया। श्रीलंका की टीम फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर सिर्फ 65 रन ही बना सकी थी। जवाब में भारतीय महिला टीम ने लक्ष्य को 8।3 ओवर में 2 विकेट पर हासिल कर लिया। तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ने 5 रन देकर 3 विकेट झटके। वहीं स्मृति मंधाना ने नाबाद 51 रन बनाए। उन्होंने छक्का लगाकर जीत दिलाई। इसी के साथ हरमनप्रीत कौर ने खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वे पूर्व महिला कप्तान मिताली राज के बराबर पहुंच गई हैं और एमएस धोनी को पीछे छोड़ दिया है।

महिला एशिया कप की बात करें, तो भारत ने कुल 7 बार खिताब जीता है। इसमें 4 वनडे के खिताब शामिल हैं जबकि 3 टी20 के। टीम ने पहली बार 2004 में खिताब जीता था। तब फाइनल नहीं हुआ था और सिर्फ 2 ही टीमें टूर्नामेंट में उतरी थीं। भारत ने श्रीलंका को 5 मैच में 5-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया। तब कप्तान ममता माबेन थीं। फिर 2005 में हुए वनडे टूर्नामेंट के फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 97 रन से हराया था। कप्तान मिताली राज थीं।

मिताली ने 2 और खिताब दिलाया
2006 के वनडे एशिया कप के फाइनल में महिला टीम ने एक बार फिर मिताली राज की कप्तानी में श्रीलंका को हराकर खिताब अपने नाम किया। 2008 के फाइनल में बतौर कप्तान मिताली राज ने श्रीलंका को हराकर खिताबी हैट्रिक पूरी की। इसके बाद हरमनप्रीत कौर का समय आया। उन्होंने बतौर कप्तान 2012 में पहली बार हुए टी20 एशिया कप खिताब भारत को दिलाया।

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पूर्व मुख्य न्यायाधीश की गोली मारकर हत्या, हमले में दो अन्य लोग गंभीर

 कराची/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाकिस्तान में बलूचिस्तान हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम मस्जिद से वापस आते वक्त उनपर हमला कर गोली मारी गई है। यह हादसा पाक के अशांत इलाके बलूचिस्तान प्रांत के खारान में हुआ है।

हादसे के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक पूर्व न्यायाधीश हमले में बुरी तरह से घायल हो गए थे। उनके शरीर पर कई गोलियों के घाव मिले हैं। साथ ही बताया जा रहा है कि गोलीबारी की इस वारदात में दो अन्य लोग भी गंभीर तौर पर घायल हुए हैं। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

न्यायाधीश को टारगेट कर किए गए इस हमले के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।खारन को बलूचिस्तान प्रांत के सबसे खतरनाक इलाकों में से एक माना जाता है। यह इलाका सरकार के खिलाफ काम कर रहे विद्रोहियों और उग्रवादियों द्वारा चल रहे आतंकी अभियान की चपेट में है।

यहां पिछले एक साल में सुरक्षा अधिकारियों, प्रतिष्ठानों, विदेशी नागरिकों और अन्य प्रांतों के स्थानीय लोगों पर घातक हमलों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले दिन में, मस्तुंग में एक रिमोट नियंत्रित बम विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए, जिसका लक्ष्य स्पष्ट रूप से एक हाई प्रोफाइल आदिवासी नेता और राजनेता था, जो बाल-बाल बच गए थे।

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ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने वित्‍तमंत्री क्‍वासी क्‍वार्तेंग को बर्खास्‍त किया

 वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने आर्थिक उथल-पुथल के बीच वित्‍तमंत्री क्‍वासी क्‍वार्तेंग को बर्खास्‍त कर दिया है। उनकी जगह जेरेमी हंट को नया वित्‍तमंत्री बनाया गया है।

इसका उद्देश्य पिछले महीने क्‍वार्तेंग के मिनी-बजट से  आई आर्थिक उथल-पुथल को रोकना है। बाजारों में उथल-पुथल के बाद ट्रस अपनी आर्थिक योजनाओं को वापस ले सकती हैं।  क्‍वार्तेंग ने ट्विटर पर पद से हटाए जाने की पुष्टि की है। 

संसद में क्‍वार्तेंग के कर कटौती पर फैसला वापस लेने के परिणामस्वरूप डॉलर के मुकाबले पाउंड में गिरावट आई थी। अनुमानित 45 बिलियन पाउंड की कर कटौती को बिना किसी विस्तृत वित्त पोषण योजना के समर्थन के लिए ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी कदम के रूप में देखा गया था।

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राष्‍ट्रपति पुतिन की धमकियों से नहीं डरेगा अमरीका : जो बाइडन

 वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमरीकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि यूक्रेन के चार इलाकों को रूस में मिलाने के बाद राष्‍ट्रपति ब्‍लादिमिर पुतिन की धमकियों से अमरीका  नहीं डरेगा। श्री बाइडन ने कहा कि अमरीका अपने नाटो सहयोगियों के साथ नाटो के सदस्‍य देश के एक-एक इंच की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

इस बीच, अमरीका के उच्‍च सुरक्षा अधिकारी ने कहा है कि रूस परमाणु हथियारों का उपयोग कर सकता है हालांकि इससे तत्‍काल किसी खतरे की संभावना नहीं है।

 

 

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एक बार फिर हुई देश के मंत्री की फजीहत, वाशिंगटन एयरपोर्ट में लगे 'चोर-चोर' के नारे...

 इस्लामाबाद/नई दिल्‍ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाकिस्तान के मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक को अपने विदेशों दौरों में बेहद बुरे हालतों से गुजरना पड़ता है। इस बार देश के वित्तमंत्री की फजीहत हो गई। दरअसल आईएमएफ से ऋण के सिलसिले में अधिकारियों से बैठक के लिए पाकिस्‍तान के वित्‍तमंत्री इशाक डार वाशिंगटन पहुंचे। एयरपोर्ट पर उन्‍हें लेने के लिए पाकिस्‍तान के अमेरिका में तैनात राजदूत मसूद खान समेत अन्‍य अधिकारी वहां पर मौजूद थे। जैसे ही डार गलियारे में आए और अधिकारियों ने उनका स्‍वागत किया, तभी पीछे से उनके खिलाफ नारेबाजी होने लगी। उनके खिलाफ एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों ने चोर-चोर के नारे लगाने शुरू कर दिए।

इस दौरान डार को एयरपोर्ट पर लेने आए पीएमएल-एन के वर्जीनिया चैप्‍टर के अध्‍यक्ष मनी बट की नारेबाजी कर रहे लोगों से काफी तीखी नौकझोंक भी हुई। इस दौरान बट ने अभद्र भाषा का इस्‍तेमाल किया। डार का ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में इस दौरान एक व्‍यक्ति को डार को संबोधित करते हुए सुना जा सकता है कि आप झूठे हैं, आप चोर हैं। इसके जवाब में डार ने भी उस व्‍यक्ति को झूठा कहा और अधिकारी उन्‍हें बचाते हुए अलग ले गए।

ये पहली बार नहीं है कि पाकिस्‍तान के किसी मंत्री को इस तरह की परिस्थिति का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले लंदन में पीएम शहबाज शरीफ के साथ पहुंची केंद्रीय मंत्री मरियम औरंगजेब को भी इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा था। मरियम उस वक्‍त एक काफी शॉप में थीं, तभी वहां पर कुछ पाकिस्‍तानियों ने जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, ने चोर-चोर के नारे लगाए थे।

मरियम का ये वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। उस वक्‍त कुछ महिलाओं ने मरियम औरंगजेब की ये कहते हुए आलोचना की थी कि पाकिस्‍तान में हिजाब और इस्‍लाम को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करने वाली औरंगजेब लंदन में सिर पर दुपट्टा तक डालना पसंद नहीं करती है। पाकिस्‍तान मीडिया ने इन दोनों ही घटनाओं में नारेबाजी करने वालों को पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी पीटीआई का समर्थक बताया था। इससे भी पहले योजना मंत्री अहसान इकबाल को भी लंदन में एक रेस्‍तरां में इसी तरह के हालातों से जूझना पड़ा था। उस वक्‍त पीटीआई समर्थकों ने उन्‍हें घेर लिया था और उनके खिलाफ नारेबाजी की थी।

पीएम शहबाज को भी झेलनी पड़ी थी शर्मिंदगी
अप्रैल में पीएम शहबाज शरीफ जब सत्‍ता संभालने के बाद सऊदी अरब की पवित्र मस्जिद मदीना की मस्जिद ए नवाबी पहुंचे थे तब भी इसी तरह की नारेबाजी उनके खिलाफ हुई थी। हालांकि उस वक्‍त मस्जिद में इस तरह की नारेबाजी को हर किसी ने गलत करार दिया था। पीएमएल-एन ने इसके लिए सीधेतौर पर इमरान खान की पार्टी पीटीआई को जिम्‍मेदार ठहराया था। अपने एक इंटरव्‍यू में पीटीआई अध्‍यक्ष इमरान खान ने भी कहा था कि सरकार के मंत्रियों की आज एक ऐसी छवि है जिसमें वो जहां जाते हैं उनके खिलाफ नारेबाजी की जाती है और उन्‍हें चोर बताया जाता है।

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धमाके से उड़ी यात्री बस : 11 की मौत, दर्जनों घायल...

 बामको/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पश्चिमी अफ्रीका के माली में एक बड़ा हादसा हुआ है।  एक बस में विस्फोट होने से कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। विस्फोट गुरुवार दोपहर मोप्ती क्षेत्र के बांदियागरा और गौंडका के बीच सड़क पर हुआ। घटना में दर्जनों घायल बताए जा रहे हैं। बता दें कि यह इलाका जिहादी हिंसा के गढ़ के रूप में जाना जाता है।

इससे पहले, पुलिस और स्थानीय सूत्रों ने 10 मृतकों और कई गंभीर रूप से घायलों की सूचना दी थी। स्थानीय बांदियागरा यूथ एसोसिएशन के मौसा हाउससेनी ने कहा कि हमने अभी नौ शवों को क्लिनिक में स्थानांतरित किया है। और यह अभी खत्म नहीं हुआ है। वे सभी नागरिक थे। माली लंबे समय से एक चरमपंथी विद्रोह से जूझ रहा है जिसने हजारों लोगों की जान ले ली है और सैकड़ों हजारों को अपने घरों से बेदखल कर दिया है। लैंड माइन और आईईडी चरमपंथियों के पसंदीदा हथियारों में से हैं। वे संपर्क में आने पर विस्फोट कर सकते हैं या दूर से विस्फोट कर सकते हैं।

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अन्‍तर्राष्‍ट्रीय मुद्रा कोष ने नरेन्‍द्र मोदी सरकार की प्रत्‍यक्ष लाभ अन्‍तरण योजना की सराहना की

 वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अन्‍तर्राष्‍ट्रीय मुद्रा कोष ने नरेन्‍द्र मोदी सरकार की प्रत्‍यक्ष लाभ अन्‍तरण योजना की सराहना की है और देश के विशाल आकार को देखते हुए इसे चमत्‍कार बताया है। मुद्राकोष के वित्‍त मामलों के विभाग के उपनिदेशक पावलो मॉरो ने कहा है कि दुनियाभर में अनेक देशों से सीखने के लिए बहुत कुछ है और भारत की प्रत्‍यक्ष लाभ अंतरण योजना बेहद प्रभावशाली है। उन्‍होंने कहा कि कम आमदनी वाले लोगों की मदद के लिए यह योजना जिस तरह से लाखों लोगों तक पहुंची है वह एक चमत्‍कार ही है।

मुद्राकोष के प्रमुख अर्थशास्‍त्री पिएरे-ओलिवियर गॉरिन्‍चास ने कहा कि जब विश्‍व आसन्‍न मंदी की आशंका से जूझ रहा है, भारत आशा की नई किरण बनकर उभरा है। उन्‍होंने कहा कि दस खरब डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनने के महत्‍वकांक्षी लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए भारत को कुछ आवश्‍यक संगठनात्‍मक सुधार करने होंगे।

 

श्री गॉरिन्‍चास ने डिजिटीकरण के भारत के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इसने पूरे आर्थिक परिदृश्‍य को बदल दिया है। उन्‍होंने कहा कि वित्‍तीय समावेशन को बढावा देने सहित डिजिटीकरण अनेक तरीकों से लोगों की मदद कर रहा है।

 

 

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