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अलकायदा से जुड़े दो संदिग्ध आतंकवादी गिरफ्तार...

 गुवाहाटी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। असम पुलिस ने शनिवार को गोलपारा जिले से अल-कायदा भारतीय उपमहाद्वीप (AQIS) और अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) आतंकवादी समूहों से जुड़े दो संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आतंकियों की पहचान मोरनोई थाने के तिनकुनिया शांतिपुर मस्जिद के इमाम अब्दुस सुभान और गोलपारा के मटिया थाना अंतर्गत तिलपारा नतुन मस्जिद के इमाम जलालुद्दीन शेख के रूप में हुई है।

वी.वी. गोलपाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राकेश रेड्डी ने कहा कि उक्त दोनों व्यक्तियों से घंटों पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा, 'हमें इस साल जुलाई में गिरफ्तार अब्बास अली से इनपुट मिला है, जो जिहादी तत्वों से भी जुड़ा हुआ है। पूछताछ के दौरान, हमने पाया कि वे असम में एक्यूआईएस/एबीटी के बारपेटा और मोरीगांव मॉड्यूल से सीधे जुड़े हुए थे।'

एसपी ने बताया, 'आरोपी व्यक्तियों की घर की तलाशी के दौरान अल-कायदा, जिहादी तत्वों से संबंधित कई आपत्तिजनक सामग्री, पोस्टर, अन्य दस्तावेजों के साथ किताबें, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और आईडी कार्ड जब्त किए गए हैं।' उन्होंने आगे कहा कि आतंकियों ने बांग्लादेश से यहां आए जिहादी आतंकवादियों को भी रसद समर्थन दिया है।

पुलिस अधिकारी ने कहा, 'बांग्लादेशी नागरिक फरार है। गिरफ्तार आतंकवादियों ने गोलपारा में बांग्लादेशी आतंकवादियों को शरण दी थी। गिरफ्तार व्यक्तियों ने दिसंबर 2019 में मटिया पुलिस थाने के तहत सुंदरपुर तिलपारा मदरसा में एक धर्म सभा का आयोजन किया था, जहां एक्यूआईएस से जुड़े कई बांग्लादेशी नागरिकों को अतिथि वक्ताओं के रूप में आमंत्रित किया गया था।'

उन्होंने आगे खुलासा किया कि ये गिरफ्तार व्यक्ति रसद सहायता प्रदान करने के साथ-साथ बांग्लादेशी नागरिकों को आश्रय देने में शामिल थे, जो वर्तमान में फरार हैं।

एसपी ने कहा, 'उन्होंने एक्यूआईएस के सदस्य होने की बात कबूल की है और गोलपारा में अंसार/स्लीपर सेल की भर्ती की। उन्होंने खुलासा किया है कि सीधे धन और समर्थन फरार बांग्लादेशी आतंकवादियों से आया है।

मटिया पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) आरडब्ल्यू की धारा 120 (बी), 121, 121 (ए) और यूए (पी) अधिनियम की धारा 18, 18 (बी), 19 और 20 के तहत एक नया मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले 28 जुलाई को असम में एक्यूआईएस और एबीटी सहित वैश्विक आतंकी संगठनों के साथ कथित संबंधों के लिए एक बड़ी कार्रवाई में 11 लोगों को हिरासत में लिया गया था।

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करोड़ों की धोखाधड़ी : बैंक ने 180 लोगों के खिलाफ कराई एफआईआर...

 बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में इंडियन ओवरसीज बैंक ने 180 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराइ है। बैंक की आंतरिक जांच के बाद संबंधित लोगों की सूची कोतवाली पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के लिए किए गए आवेदन के साथ सौंपी गई है। लगभग 14 करोड़ 56 लाख की धोखाधड़ी के मामले में तत्कालीन बैंक प्रबंधक नितिन दास , कमलेश सिन्हा, जोहन सिंह वर्मा, नागेश कुमार वर्मा, टीकाराम माथुर समेत 180 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई हैं।

प्रार्थी रज्जु पाटनवार ने बताया कि आरोपी तत्कालीन बैंक प्रबंधक नितिन दास , कमलेश सिन्हा, जोहन सिंह वर्मा, नागेश कुमार वर्मा, टीकाराम माथुर समेत 180 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। स्थानीय बैंक शाखा के क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर से मिली जांच रिपोर्ट में आपराधिक षडयंत्र कर बैंक के नियमों का उल्लंघन करते हुए वित्तिय अनियमितता व अवैधानिक रूप से खातों में धन राशि अंतरण कर बैंक से 14 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है। आरोपियों के खिलाफ धारा 420,  409, 120 बी, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने के बाद नामजद पांच आरोपी फरार हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।

बैंक के आंतरिक जांच में बड़ी गडबड़ी सामने आई हैं , जिसमें मुख्य रूप से कुछ मामले में यूनिट बंद मिले, एसएचजी ऋण के मामले में पहली व दूसरी दोष में बहुत उच्च राशि स्वीकृति, ग्राहक के हस्ताक्षर बिना खातों के बीच अनाधिकृत हस्तांतरण और एसएचजी पदाधिकारियों के बिना अनधिकृत नगदी निकास, जहां हस्ताक्षर मेल नही खाते। कृषि फार्म मेकाज्जिम सावधि ऋण के मामले में डीलर के खाते में स्वीकृत ऋण राशि का हस्तांतरण किया गया, लेकिन संपत्ति उपलब्ध नहीं थी। कुछ मामलों में सप्लायर का जीएसटी नंबर फर्जी थे एवं ऋण स्वीकृति करते समय शाखा द्वारा सप्लायर का रेसिडेंसियल सत्यापित नही किया गया था।

बैंक की आंतरिक जांच में खुलासा
बैंक की बेमेतरा शाखा की आंतरिक जांच में निलबिंत शाखा प्रबंधक विनीत दास की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। जिसमें गंभीर अनियमितता जैसे अंधाधुंध ऋण देना, संपत्ति का निर्माण न करना , ग्राहक द्वारा संदिग्ध बिल व नकली चालान प्रस्तुत करना, यूनिट का न होना, सार्वजनिक धन का डाइवर्जन इत्यादि प्रक्रियाओं का घोर उल्लंघन किया गया है। सभी धोखाधड़ी की घटनाएं तत्कालीन प्रबंधक ने विभिन्न कर्जदारों एवं बिचौलिए कमलेश सिन्हा, जोहन सिंह वर्मा, नागेश कुमार वर्मा और टीकाराम माथुर के साथ आपराधिक षडयंत्र कर किया है।

मत्स्य विभाग की योजनाओं में कई गड़बड़ी
मत्स्य विभाग को झूठा सैद्धांतिक स्वीकृति पत्र जारी कर ऋण लेने वाले उपभोक्ताओं को सात-सात लाख रुपए मत्स्य सावधि ऋण स्वीकृत की बात कही गई हैं, लेकिन शाखा के केसीसी ऋणों में प्रत्येक को दस-दस लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इन स्वीकृत ऋण से संबंधित यूनिट मौजूद नहीं है। मत्स्य विभाग से ऋण स्वीकृति करने के लिए आवेदन प्राप्त हुआ, जहां पूंजी सब्सिडी उपलब्ध हैं, लेकिन शाखा ने केसीसी योजना के तहत ऋण स्वीकृत किया गया था। शाखा द्वारा सब्सिडी का दावा नहीं किया गया। मत्स्य विभाग के साथ कई सँयुक्त निरीक्षण किया गया।

आरोपी बैंक के बिचौलियों के रूप में कर रहे थे काम
आरोपी कमलेश सिन्हा, जीवन सिंह वर्मा, नागेश कुमार वर्मा और टीकाराम माथुर शाखा में बिचौलियों के रूप में काम कर रहे थे। शाखा प्रबंधक ने अपने कार्यालय में हमारे बैंक द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का बिचौलियों और तीसरे पक्षकार से मिलिभगत कर विभिन्न ऋणों की स्वीकृति ग्राहकों को दिए। ग्राहकों के खाते में कई अनधिकृत लेन-देन किए गए। यह भी पाया गया कि राशि का हस्तांतरण एक ग्राहक के खाते से अन्य ग्राहक के खाते या बिचौलियों के खाते में बिना हस्ताक्षर और खाताधारक के उचित निर्देश के बिना किया गया है।

रज्जु पाटनवार, शाखा प्रबंधक, इंडियन ओवरसीज़ बैंक-बेमेतरा का कहना है कि बैंक की आंतरिक जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई है। इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर 180 कर्जदारों के खिलाफ सिटी कोतवाली में अपराध दर्ज कराया गया है।

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फर्जी कागजात के आधार पर लिया लाखों का लोन, 2 गिरफ्तार, 8 फरार...

 बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। फर्जी कागजात के आधार पर लाखों का लोन लेने वाले 2 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मुख्य सरगना सहित 8 आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। आरोपियों ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की लिंक रोड शाखा से फर्जी दस्तावेजों से 87 लाख रुपए का लोन लिया था।

लिंक रोड स्थित ग्रामीण बैंक की शाखा प्रबंधक अंकिता दुबे ने तारबाहर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि सन् 2020-21 में 7 लोगों ने पर्सनल लोन के लिए सरकारी नौकरी, निवास स्थान और अन्य कागजात के साथ आवेदन जमा किया। इनके लिए 1 करोड़ 60 हजार रुपये का लोन स्वीकृत किया गया। लोन मिलने के बाद इन्होंने 27 लाख रुपये किश्त के जमा कराए। पर उसके बाद किश्त जमा करना बंद कर दिया गया। जब दस्तावेजों के आधार पर लोन लेने वालों की उनके निवास और सरकारी दफ्तरों में पता किया गया तो वह फर्जी निकला। इस बीच पुलिस ने दो आरोपियों पेंड्रा, तेंदू पारा निवासी अजय रजक (33 वर्ष) और  भाटापारा के समीप धनेली के रिकेश श्रीवास्तव (38 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। इन्हें लोन दिलाने में आरिफ खान सक्रिय था। उसके सहित 7 आरोपी फरार हैं। फर्जी लोन दिलाने में दो बैंक कर्मचारियों की भी संदिग्ध भूमिका थी, जिनमें से एक किरण राव की कोरोना से मृत्यु हो चुकी है तथा दूसरा कर्मचारी प्रफुल्ल कुमार अग्रिम जमानत पर है।

 
 
 
 
 
 
 

ज्ञात हो कि पिछले महीने ग्रामीण बैंक के चकरभाठा शाखा प्रबंधक ने इसी तरह 89 लाख रुपये का फर्जी लोन लेने के मामले में 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। चकरभाठा पुलिस ने इस मामले के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो फरार हैं। उनके बैंक खाते से 15 लाख रुपये बैंक को वापस लौटाए भी गए हैं।

 

 

 
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कोंटा का किराया लेकर बिठा दिया जगदलपुर की बस में, शिकायत के बाद 3 एजेंट गिरफ्तार...

 रायपुर (वीएनएस)। राजधानी के अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल में यात्रियों से धोखाधड़ी के मामले में टिकरापारा पुलिस ने 3 एजेंट को गिरफ्तार किया है। यात्रियों ने आरोप लगया कि एजेंटों ने कोंटा तक का बस किराया वसूलने के बाद उन्हें जगदलपुर की बस में बिठा दिया था।

जानकारी के मुताबिक टिकरापारा क्षेत्रांतर्गत भाठागांव स्थित बस स्टैण्ड में डाॅल्फिन बस के 3 एजेण्टों ने 4 यात्रियों से बस में रायपुर से कोन्टा तक का पूरा किराया प्राप्त कर चारों यात्रियों को जगदलपुर तक जाने वाली महेन्द्रा बस में बैठा दिया। महेन्द्रा बस के कण्डेक्टर ने चारों यात्रियों को जगदलपुर में उतार दिया। यात्रियों द्वारा कण्डेक्टर को कोन्टा तक जाने एवं पूरा किराया डाॅल्फिन बस के एजेण्टों को देने बताये जाने पर महेन्द्रा बस के कण्डेक्टर ने यात्रियों को बताया कि यह बस जगदलपुर से आगे नही जाती तथा उक्त एजेण्टो द्वारा उसे चारों यात्रियों को बस में केवल जगदलपुर तक ले जाने का किराया दिया गया था।

यात्रियों द्वारा इस बात की शिकायत थाना टिकरापारा पुलिस को फोन के माध्यम से किया गया। जिस पर थाना प्रभारी टिकरापारा के नेतृत्व में थाना टिकरापारा पुलिस की टीम द्वारा डाॅल्फिन बस के तीनो एजेण्टों के संबंध में पतासाजी करते हुए एजेण्ट वीरेन्द्र कुमार निर्मलकर उम्र 30 साल निवासी पावरहाउस थाना छावनी जिला दुर्ग, शंकर ताण्डी उम्र 31 साल निवासी सुदामा नगर नंदी चैक थाना टिकरापारा रायपुर तथा रामाकांत जगत निवासी बी.एस.यू.पी काॅलोनी सड्डू थाना विधानसभा रायपुर को गिरफ्तार कर उक्त तीनों बस एजेण्टों के विरूद्ध थाना टिकरापारा में प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्यवाही की गई।

तीनों एजेंटों का बस स्टैंड में जुलूस भी निकाला एवं अन्य बस एजेंटों को भी किसी भी यात्री के साथ इस प्रकार नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई हैl

 

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डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

 अंबिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सरगुजा पुलिस को ठगी के मामले में मिली बड़ी सफलता हासिल की है। थाना अंबिकापुर एवं साइबर सेल ने ठगी के आरोपी को किया गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से पुलिस ने 4 लर्निंग टेबलेट, 1 एप्पल लैपटॉप बरामद किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अम्बिकापुर कोतवाली में प्रार्थी हरजिन्दर सिंह छाबडा ने  रिपोर्ट दर्ज कराया कि 5 जून 2019 में नवीन डे जो कि पूर्व में X Ziox कंपनी में काम करते थे मेरे पास आये और मुझे BASIC FIRST LEARNING PVT LTD कंपनी में डिस्ट्रीब्यूटर बनने को कहा। मुझसे कंपनी के खाते में 2,54,500/- डालने के लिए कहा गया एवं मुझे बताया गया कि कंपनी मे ऑनलाईन एजुकेशन का कार्य सम्पादित होता है। एवं उक्त रकम के एवज में कंपनी के द्वारा 20 लर्निंग टेबलेट दिये जायेंगे। उक्त राशि का भुगतान करने के पश्चात भी मुझे कोई टैबलेट प्राप्त नहीं हुए एवं मेरे द्वारा ईमेल के माध्यम से कंपनी को अवगत कराया गया कि मुझे उक्त कार्य का निष्पादन नहीं करना है। तो कपनी के द्वारा कहा गया कि आपकी पूरी जमा राशि आपके खाते में वापस कर दी जायेगी। लेकिन अभी तक उनके खाते मे कोई भी राशि नहीं डाली गई है, न ही किसी प्रकार का संपर्क किया गया।  प्रार्थी कि रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।  थाना एवं सायबर सेल के द्वारा आरोपी का पता तलाश कर गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा था।  पुलिस टीम कि अथक प्रयास से आरोपी रणधीर कुमार प्रियदर्शी को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया जिसने 5 जून 2019 से 20 सितंबर 2020 के मध्य हरजिन्दर सिंह छाबड़ा से लर्निंग टेबलेट के फेचायची के नाम पर 2,54,500 रूपये लेकर धोखाधडी करना स्वीकार किया।  ठगी किये रकम से 4 नग लर्निंग टेबलेट 01 नग एप्पल लेपटॉप जब्त  किया गया,आरोपी के विरुद्ध अपराध सबूत पाये जाने पर आरोपी रणधीर कुमार प्रियदर्शी हटिया जिला रांची झारखण्ड को गिरफ्तार कर सूचना न्यायिक अभिरक्षा मे भेजा गया।

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अवैध शराब के साथ महिला गिरफ्तार

 धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अवैध शराब बिक्री करने वाली महिला को मगरलोड थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेघा टेंभुरकर साहू के मार्गदर्शन में एवं एसडीओपी कुरूद के नेतृत्व में थाना मगरलोड पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली कि एक महिला अवैध रूप से ग्राम बोरसी में अपनी बड़ी में शराब रख कर बिक्री कर रही है कि तस्दीकी व वैधानिक कार्यवाही हेतु स्टाफ रवाना किये। मुखबीर के बताये अनुसार ग्राम बोरसी में संदेही  पुष्पा देवी साहू पति चंदू लाल साहू उम्र 42 साल निवासी बोरसी थाना मगरलोड जिला धमतरी को पकड़कर विधिवत तलाशी उपरांत आरोपियां के कब्जे से एक सफेद रंग के बोरी में 25 पौवा देशी प्लेन शराब जप्त थाना मगरलोड मे अप क्र 191/22 धारा 34(1)(ब) आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही की गई। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक राजेश जगत, प्रआर कमेलश ध्रुव, आर चंद्रहास मनहरे, होमेन्द ध्रुव, आर गोविंदा घृतलहरे, आर धमेन्द्र सोरी, महिला आर सुमेश्वरी भोयर सैनिक महेश सिन्हा का विशेष योगदान रहा।

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गैंडा सींग तस्करी में लिप्त 3 तस्कर गिरफ्तार...

 गुवाहाटी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश में संरक्षित और संकटग्रस्त प्रजातियों में शामिल एक सींग वाले गैंडे के सींग की तस्करी के मामले  लगातार सामने आते रहते हैं। असम वन विभाग ने इसी आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वन अधिकारियों ने गुरुवार को गोलाघाट जिले में गैंडे के सींग के अवैध व्यापार में कथित संलिप्तता के आरोप में तीन लोगों को पकड़ा है। वन अधिकारियों के अनुसार, तीनों काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पास गैंडे के सींगों की तस्करी में शामिल रहे हैं।

जिला वन अधिकारी रमेश कुमार गोगोई ने अधिक जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि आरोपी में से एक को काजीरंगा के पास बाघमारी इलाके से पकड़ा गया था। उसके कबूलनामे के बाद, दो अन्य को भी पकड़ लिया गया। आगे की जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में असम के ओरंग नेशनल पार्क में शिकारियों द्वारा गैंडे के सींग को हटाने के लिए ट्रैंक्विलाइजर का उपयोग करने का मामला सामने आया था। तब से असम वन विभाग को राज्य में एक सींग वाले गैंडे की रक्षा करने के लिए एक नई चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिकारियों ने राष्ट्रीय उद्यान में एक वयस्क गैंडे को मारे बिना उसकी सींग को काट दिया। वन अधिकारियों को 9 मई को इस घटना के बारे में पता चला था। जंगल के अंदर मुवामारी इलाके में 10-12 साल की उम्र के एक वयस्क नर गैंडे को पाया गया था।

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एक बार फिर शिक्षक ने 14 साल के छात्र को जमकर पीटा, 2 दांत तोड़े, जांच जारी...

 उदयपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  इन दिनों राजस्थान शिक्षक और छात्रों के बीच मीरपीट की घटना को लेकर काफी चर्चा में है। पहले एक दलित छात्र को मटका चुने के नाम पर शिक्षक ने खूब पीटा फिर बाद में इलाज के दौरान दलित छात्र की मौत हो गई। आज फिर उदयपुर में एक शिक्षक ने दूसरे छात्र से पूछे सवाल का उत्तर देने के नाम पर एक छात्र की जमकर पिटाई कर दी। शिक्षक ने छात्र को बेंच पर पटककर इतना पीटा कि छात्र का दांत टूट गया। पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। 

मिली जानकारी के मुताबिक, घटना राजस्थान के उदयपुर की है। उदयपुर के एक निजी स्कूल के शिक्षक ने 14 साल के बच्चे की पिटाई की और उसके दो दांत तोड़ दिए। पुलिस के मुताबिक, उदयपुर शहर के हिरणमगरी थाना क्षेत्र स्थित एक निजी स्कूल में स्टूडेंट ने किसी और से पूछे गए सवाल का जवाब दिया तो गुस्से में आकर टीचर ने छात्र का सिर टेबल पर पटक दिया, जिससे स्टूडेंट के आगे के दो दांत टूट गए। छात्र के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। 

 
 
 

पुलिस के मुताबिक, ओमप्रकाश नंदावत ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसका बेटा सम्यक नंदावत, जो एक निजी स्कूल में पढ़ता है, गुरुवार को स्कूल के लास्ट पीरियड में पढ़ रहा था, तभी हिंदी टीचर कमलेश वैष्णव ने एक अन्य छात्र से एक सावल पूछा तो सम्यक ने उसका जवाब दे दिया, जिससे शिक्षक नाराज हो गया। 

आरोप के मुताबिक, इसके बाद टीचर ने स्टूडेंट का सिर पकड़ लिया और उसे टेबल पर मारा, जिससे छात्र के सामने के दो दांत आधे टूट गए। स्कूल प्रबंधन और टीचर ने न तो छात्र का इलाज करवाया और न ही परिवार वालों को सूचना दी। स्टूडेंट ने घर आकर परिजनों को बताया तो उसकी मां उसे एक निजी डॉक्टर के पास ले गई। 

 
 
 

बाद में परिजनों ने थाने जाकर शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दी, जिस पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।  पुलिस का कहना है कि हम पूरे मामले की तहकीकात कर रहे हैं और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। 

जालोर में बच्चे की पिटाई में हुई थी मौत

इससे पहले राजस्थान के जालोर में 9 साल के दलित छात्र की मौत पर बवाल खड़ा हो गया था। परिजनों का आरोप था कि स्कूल के एक टीचर छैल सिंह ने बच्चे की पिटाई की थी। इस पिटाई से उसके कान की नस फट गई और उसकी मौत हो गई। ये पूरा मामला जालोर के सुराणा गांव का था। घटना 20 जुलाई को हुई थी। 

मृतक इंद्र सुराणा गांव के सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में तीसरी क्लास का छात्र था। परिवार वाले आरोप लगा रहे थे कि छैल सिंह ने उनके बेटे इंद्र की पिटाई सिर्फ इसलिए कर दी थी, क्योंकि वो दलित था और उसने स्कूल में रखे मटके को छू लिया था। हालांकि, स्कूल का कहना है कि वहां कोई पानी का मटका रखा ही नहीं था और दो छात्रों के बीच हुए झगड़े को सुलझाने के लिए टीचर ने छात्र को सामान्य सजा दी थी।

 

 

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रेत के अवैध परिवहन पर दो वाहनों पर 1लाख15 हज़ार का जुर्माना

 सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सूरजपुर खनिज विभाग की रेत के अवैध परिवहन पर कार्रवाई अनवरत जारी है जिला प्रशासन रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन को लेकर कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए हैं।कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम सुबह ही नहीं रात में भी सड़कों पर गश्त कर रेत के अवैध परिवहन को रोकने सख़्ती दिखा रही है इसी तारतम्य में प्रतापपुर मार्ग पर देर शाम रेत का अवैध परिवहन कर रहे दो वाहनों को पकड़ा है और इनके ऊपर जुर्माने की कार्रवाई की गई है। विभाग ने दोनों वाहनों पर सवा लाख रुपए का जुर्माना निर्धारित किया है।

खनिज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रतापपुर मार्ग पर रेत के अवैध परिवहन को लेकर शिकायतें मिली थी जिस पर विभाग की टीम ने इस मार्ग पर गश्त में तेजीपन दिखाना प्रारंभ किया तो दो ऐसे ट्रक पकड़ में आए जो रेत का अवैध परिवहन कर रहे थे विभाग ने दोनों वाहनों को पुलिस की मदद से पकड़ कर वाहन मालिकों पर करीब एक लाख पंद्रह हजार का जुर्माना तय किया और वाहनों को चंदोरा पुलिस के हवाले कर दिया है।

खनिज अधिकारी संदीप नायक ने बताया कि विभाग रेत अवैध उत्खनन व परिवहन को लेकर बेहद गंभीर है जिला प्रशासन व पुलिस की मदद से लगातार कार्रवाई की जा रही है।बारिश के इस मौसम में रेत के उत्खनन पर पूर्णता प्रतिबंध लगा हुआ है ऐसे में सिर्फ भंडारण केंद्र से ही रेत का परिवहन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नियम विरुद्ध रेत या अन्य खनिज संपदा की उत्खनन व परिवहन पर विभाग कार्रवाई के लिए तैयार रहता है।

क्षेत्र में विभाग लगातार गस्त भी कर रही हैं और वाहनों की जांच पड़ताल की जा रही है।  इसी तारतम्य में बुधवार को प्रतापपुर मार्ग पर दो वाहन ऐसे पकड़ाए हैं। जो रेत का अवैध परिवहन कर रहे थे जिन पर जुर्माने की कार्रवाई की गई है। दोनों वाहनों पर1,14,095/- जुर्माना तय किया गया है, यह कार्रवाई देर शाम की गई है। ज्ञात हो कि हाल ही में खनिज विभाग ने इससे पूर्व भी इसी मार्ग पर आधी रात को रेत के अवैध परिवहन करते दो वाहनों पर कार्रवाई की थी।

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आबकारी विभाग ने जब्त किया 50 लीटर महुआ शराब

 कांकेर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला के निर्देशानुसार जिला आबकारी अधिकारी संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में आबकारी अमला ने गस्त के दौरान आमाबेड़ा से कांकेर मार्ग पर नवगांव भावगीर पूल के पास सवारी वाहन में मदिरा परिवहन की सूचना प्राप्त होने पर वाहन की चेकिंग की। चेकिंग में आरोपी सुखबाई जैन पति विशाल निवासी चिखली थाना आमाबेड़ा के कब्जे से 20 लीटर एवं आसाम बाई पति नावलूराम निवासी तुमसानार थाना आमाबेड़ा के कब्जे से 15 लीटर और कामिता बाई पति रामजैन निवासी तुमसानार थाना आमाबेड़ा के कब्जे से 15 लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब जप्त किया गया। इस प्रकार 50 लीटर महुआ शराब जब्त कर प्रकरण कायम किये गये। अभियुक्तो के विरूद्ध आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2), 59क के तहत प्रकरण दर्ज कर रिमांड पर जेल भेजा गया। उक्त कार्यवाही में आबकारी निरीक्षक श्रीमती प्रदुद्यम नेताम एवं आरक्षक संदीप सहारे, उत्तम नाग, कादर, शिव प्रसाद सिन्हा, रामेश्वेर मण्डावी, भरतसिंह वट्टी इत्यादि शामिल थे।

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खाना बनाने में देरी हुई तो कर दी पत्नी की हत्या, पति गिरफ्तार

 रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। लैलूंगा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तोलमा टोंगरीपारा निवासी बीरसाय लकड़ा  उम्र 38 साल ने उसकी पत्नी जोत्सना लकड़ा के डबरी तालाब में डूबकर मौत होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।उसकी पत्नी जोत्सना 13अगस्त की दोपहर नहाने डबरी तालाब में गई थी, शाम तक जब वह वापस घर नहीं आई तो पति उसे ढूंढने निकला और घर आकर मृतिका की बहन को जोत्सना के तालाब में डूबकर मृत्य होने की बात बताई थी।

मर्ग जांच दौरान मृतिका की बहन से पूछताछ में जानकारी मिली कि उसने मृतिका को तालाब में नहाते देखा था तालाब की तरफ बीरसाय भी गया था और कुछ देर बाद आकर जोत्सना के डूबकर मरने की जानकारी दिया । शव के शार्ट पीएम रिपोर्ट में मौत की वजह गला दबाने से गले की हड्डी टुटना सामने आई। बीरसाय को जब पुलिस की टीम अलग–अलग तरीकों से पूछताछ करने लगी तो उसने गांव के कुछ लोगों से  उसकी रंजिश होना और उन्हीं के द्वारा उसकी पत्नी की हत्या कर तालाब में फेंक देने की मनगंढत कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया लेकिन जन  पुलिस ने बीरसाय से तालाब में उसकी मौजूदगी के संबंध में कड़ी पूछताछ की तब उसने उसकी पत्नी की हत्या करना स्वीकार करते हुए घटना का वृत्तांत बताया ।

 

अगस्त की सुबह खेत से काम कर दोपहर करीब 02:00 बजे जब वह घर वापस आया।तब जोत्सना खाट में सोई थी जिससे खाना बनाई है की नहीं पूछने पर उसने नहीं बनाई हूं कहा  तो उनने अपनी पत्नी को एक थप्पड़ मारा जिसके बाद जोत्सना कपड़ा, बाल्टी पकड़कर डबरी तालाब नहाने चली गई। कुछ देर बाद  वह भी तालाब गया जहां जोत्सना कपड़े धो रही थी। उसी वक्त खाना बनाने में देरी की बात को लेकर उसकी हत्या कर दी और जोत्सना के पहने कपड़ों को उतारकर उसके शव और कपड़ो को तालाब में फेंक दिया और वापस गांव आकर जोत्सना के तालाब में डूब जाने की घटना बताई ।आरोपी को हत्या और साक्ष्य छिपाने के जुर्म में लैलूंगा पुलिस गिरफ्तार कर आज न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

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प्रेमी ही निकला हत्यारा, पुलिस ने सुलझाई महिला प्यून की हत्या की गुत्थी...

 खरसिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। डभरा पुलिस ने कुटुंब न्यायालय में पदस्थ महिला प्यून की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। मृतका का प्रेमी ही हत्यारा निकला, जिसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। ज्ञातव्य है कि विगत दिन महिला का शव का पलगड़ा घाटी के नीचे साजापाली रोड गांडापाली के जंगल में मिला था। जिसके बाद पुलिस ने संदिग्ध प्रेमी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और मामले का खुलासा किया।

पुलिस ने बताया कि 15 अगस्त को मृतका के पिता ने डभरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मृतका के पिता ने बताया था कि उनकी बेटी पूनम सिदार (उम्र 23 वर्ष) 14 अगस्त की सुबह 9 बजे अपने घर से बेमेतरा में दफ्तर जाने के लिए स्कूटी से निकली थी। सुबह 11 बजे से उसका मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था। थोड़ी देर बाद फिर उन्होंने कॉल किया, लेकिन फिर भी मोबाइल बंद ही था। इससे वे परेशान हो गए। इसके बाद 14 अगस्त की रात में भी जब बेटी घर वापस नहीं लौटी, तब जाकर उन्होंने अगली सुबह थाने में केस दर्ज कराया।

पिता की रिपोर्ट पर डबरा थाने में गुम इंसान का केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। इस दौरान लापता युवती के परिजनों ने ग्राम सुखदा में रहने वाले शंकर लाल केवट (24 वर्ष) पर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की बात अक्सर इस लड़के से होती थी। इसके बाद पुलिस ने साइबर सेल की मदद लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। सीसीटीवी फुटेज में रायगढ़ जिले के खरसिया के ग्राम पलगढ़ में 14 अगस्त को करीब 11 बजे लापता युवती एक लड़के के साथ जाती हुई दिखाई दी। उनकी स्कूटी पलगढ़ घाटी की ओर जाती नजर आई थी। लगभग 12 बजे स्कूटी पर युवक अकेला आता हुआ नजर आया था।

सीसीटीवी फुटेज और उनकी लोकेशन से ये साफ हो गया कि लापता युवती शंकर लाल केवट के साथ गई थी और वापस नहीं लौटी। इन सबूतों के आधार पर डभरा पुलिस ने शंकर लाल को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की। आरोपी पुलिस की कड़ाई से टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। डभरा एसडीओपी भवानी शंकर खुंटिया ने बताया कि आरोपी ने कत्ल की पूरी दास्तां बताई। उसने कहा कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। 14 अगस्त को बाढ़ के कारण कई जगह रास्ते बंद थे। ऐसे में वो बेमेतरा जाने के लिए रास्ता बताने की बात कहकर युवती को भदरी चौक फगुरम बुलाया था। इसके बाद वो अपनी बाइक से और लड़की अपनी स्कूटी से खरसिया रेलवे स्टेशन तक गए।

आरोपी शंकर लाल ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि यहां उसने अपनी बाइक रेलवे स्टेशन में ही रख दी और लड़की को उसकी स्कूटी पर बैठाकर पलगढ़ जंगल ले गया। आरोपी ने कहा कि यहां उसने युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद युवती उस पर शादी के लिए दबाव बनाने लगी, जिस पर विवाद हो गया। तब तैश में आकर उसने युवती की कलाई को ब्लेड से काट दिया और फिर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। जुर्म कबूल करने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

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धारदार हथियार के साथ आरोपी गिरफ्तार...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर की उरला थाना पुलिस ने शिकायत के बाद आदतन अपराधी को धारदार हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस को काफी दिनों से शिकायत प्राप्त हो रही थी कि पुराना बदमाश रोहित यादव आस-पास के क्षेत्र में लगातार छुट पुट घटना सहित चाकू दिखाकर लोगो को आतंकित करता है। गुरुवार को मुखबीर से सूचना मिली कि आरोपी रोहित यादव, हनुमान मंदिर के पीछे बुधवारी बाजार बीरगांव में चाकू लेकर लोगों को डरा धमका रहा है। सूचना पर तत्काल उरला पुलिस द्वारा शीघ्र घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके विरूद्ध आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही की जा रही है। थाना उरला में अपराध क्र. 390/22 धारा 25,27 आर्म्स एक्ट के तहत पंजीबद्ध कर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा जा रहा है। आरोपी पुराना बदमाश है,जिसके विरुद्ध पूर्व में भी मारपीट चाकूबाजी चोरी आदि कई मामले है थाने में दर्ज है। आरोपी को निगरानी की श्रेणी में लाने के लिए प्रतिवेदन भेजा गया है।

गिरफ्तार आरोपी :
रोहित यादव पिता शांता राम यादव (25 साल) साकिन बुधवारी बाजार विवेक मेडिकल के पीछे लोहारपारा बीरगांव थाना उरला जिला रायपुर छ.ग।

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रायगढ़ में लावारिस नाव से एके-47 समेत भारी मात्रा में कारतूस बरामद...

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में एक संदिग्ध नाव मिलने के बाद हड़कंप मच गया। इस नाव में भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं। सूत्रों के अनुसार दो संदिग्ध नाव लावारिस मिली हैं। इनमें से एक में ये हथियार मिले हैं। इन नावों में कौन सवार होकर आया और ये कहां से आई, इन बातों की पड़ताल में सुरक्षा एजेंसियां जुटी हैं। रायगढ़ व आसपास के इलाकों में हाईअलर्ट जारी किया गया है। नाव में एके-47 राइफल और भारी संख्या में कारतूस मिलने की खबर है।

स्थानीय पुलिस के मुताबिक, एक नाव हरिहरेश्वर बीच पर मिली है। उसके अलावा भरदखोल में एक लाइफ बोट मिली है। हालांकि, इन पर कोई मौजूद नहीं था। कोस्ट गार्ड और महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड को तुरंत जानकारी दे दी गई है। पुलिस सभी जरूरी कदम उठा रही है। पुलिस ने नाव को अपने कब्जे में ले लिया है। यह नाव समुद्र के किनारे मिली है। पुलिस स्थानीय लोगों से भी पूछताछ कर रही है। जहां पर ये नाव मिली है, वह जगह मुंबई से 200 किमी और पुणे से 170 किमी दूर है।

रायगढ़ के एसपी अशोक धुधे ने हरिहरेश्वर तट पर नाव में AK-47 मिलने की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने अभी तक और कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि अभी जांच जारी है। हालांकि, सूत्रों ने बताया है कि नाव ऑस्ट्रेलियन है। इस पर कुछ लोग सवार थे। हालांकि, इन लोगों ने कोस्ट गार्ड को हरिहरेश्वर तट पर आने की भी सूचना नहीं दी।

 

 

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8 लाख की ईनामी महिला नक्सली गिरफ्तार, कई वारदातों में थी शामिल...

 नारायणपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नारायणपुर पुलिस ने 8 लाख की ईनामी महिला नक्सली को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। उक्त महिला नक्सली कई वारदातों में शामिल थी। आरोपी को पुलिस की एरिया डोमिनेशन पार्टी ने 16 अगस्त को ग्राम कावानार के जंगल में पकड़ा।


प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस द्वारा चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के क्रम में 15 अगस्त की रात्रि में थाना ओरछा से जिला बल एवं डीआरजी की संयुक्त पुलिस पार्टी एरिया डॉमिनेशन पर ग्राम कोडोली आदेरबेड़ा, मुसनार, कावानार की ओर निकली थी। 16 अगस्त को गश्त सर्चिंग के दौरान ग्राम कावानार के जंगल में कुछ संदिग्ध महिला-पुरूष पुलिस पार्टी को देखकर लुक-छिप कर भाग रहे थे। इनको पकड़ने पुलिस पार्टी ने घेराबंदी कर सर्चिंग शुरू की। इस दौरान एक संदिग्ध लड़की को पकड़ा गया, अन्य संदिग्ध लोग जंगल पहाड़ी का आड़ लेकर भाग निकले। संदिग्ध लड़की से पूछताछ करने पर अपना नाम सुखमति कुमेटी उर्फ रीमा पिता मंगतु कुमेटी जाति माड़िया निवासी छोटेटोण्डाबेड़ा थाना ओरछा बतायी तथा वर्ष 2018 में टोण्डेबेड़ा मिलिशिया कमाण्डर मनोज द्वारा मिलिशिया में भर्ती किया गया, नक्सली संगठन द्वारा प्रशिक्षण उपरांत पूर्व बस्तर डिविजन के कंपनी नम्बर 6 की सदस्य के रूप में सक्रिय रूप से कार्य कर रही थी।

उक्त नक्सली सदस्या निम्न घटनाओं में शामिल रही-

4 मार्च 2020 को सप्ताहिक बाजार ओरछा में प्रधान आरक्षक रामप्रसाद भगत को टंगिया से वार कर घायल करने एवं एक इंसास रायफल लूटरकर ले जाने की घटना।
11 नवंबर 2020 को ग्राम कड़ेनार, चिकपाल के पास आईईडी लगाकर विस्फोट करने की घटना जिसमें आईटीबीपी का 01 जवान घायल हुआ था।
21 मई 2021 को अमदईघाटी में सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने आईईडी लगाने की घटना।
28 मई 2021 को चिकपाल पुलिया के पास आईईडी लगाने की घटना।
20 जुलाई 2021 को अमदईघाटी में मुठभेड़ की घटना जिसमें आईटीबीपी का 01 जवान शहीद एवं 01 जवान घायल हुआ था।

नक्सली कंपनी नम्बर 06 की सदस्य सुखमती कुमेटी उर्फ रीमा के ऊपर राज्य शासन द्वारा पद के अनुसार 8 लाख रूपये का ईनाम घोषित है। उक्त आरोपिया द्वारा घटना में शामिल होना स्वीकार करने पर थाना ओरछा एवं छोटेडोंगर के अपराध में 16 अगस्त की शाम को गिरफ्तार कर 17 अगस्त को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

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जंगल में मिला युवती का शव, हत्या कर फेंके जाने की आशंका...

 खरसिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विगत 14 अगस्त से लापता खैरमुडा पो. टुण्ड्री थाना डभरा की युवती, जो बेमेतरा सत्र न्यायालय में प्यून पद पर कार्यरत थी, का शव पलगड़ा घाटी के नीचे साजापाली रोड गांडापाली के जंगल में मिला है। आशंका है कि उसका मर्डर कर फेंक दिया गया है। मिली जानकारी अनुसार पूनम सिदार उम्र 23 वर्ष का डभरा थाना मे गुमशुदा रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उक्त घटना में हत्या कर शव को जंगल मे फेंक दिए जाने की बात सामने आ रही है। फिलहाल डभरा पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।

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शोपियां में कश्मीरी पंडित की आतंकियों ने की गोली मारकर हत्या, एक अन्य घायल

 जम्मू कश्मीर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शोपियां में एक सेब के बाग में मंगलवार को नागरिकों पर आतंकवादियों की गोलीबारी की है। इस हमले में एक कश्मीरी पंडित की मौत हो गई है वहीं एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया है। मृतक और घायल दोनों ही अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित हैं।

घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इलाके की घेराबंदी कर ली गई है। कश्मीर जोन पुलिस ने इस घटना की जानकारी दी है। मृतक व्यक्ति के बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है। इसके साथ ही इलाके को घेरकर हमलावरों की तलाश शुरु कर दी गई है।

 

इससे पहले 12 अगस्त शुक्रवार को भी आतंकियों ने टारगेट किलिंग को अंजाम दिया था। दहशतगर्दों ने बांदीपोरा के सोदनारा सुंबल में गैर-कश्मीरी मजदूर पर फायरिंग की थी। गोली लगने से घायल मजदूर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। घाटी में पिछले चार महीनों में लक्षित कर कई लोगों को निशाना बनाया है। 

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महिला आयोग की पहल पर बालोद पुलिस ने शिक्षक को हिरासत में लिया

 बालिकाओं के साथ छेड़छाड़ के मामले में आयोग ने लिया था स्वतः संज्ञान

बालोद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक एवं सदस्य डाॅ. अनिता रावटे, अधिवक्ता शमीम रहमान ने मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में महिलाओं से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई की। इस दौरान बालोद जिले के कुल 21 प्रकरण रखे गए। जिसमें से 13 प्रकरणों को नस्तीबद्ध किया गया। 3 प्रकरण को रायपुर जिले की सुनवाई में रखा गया।

राज्य महिला आयोग द्वारा 1 प्रकरण को स्वतः संज्ञान में लेते हुए एफआईआर दर्ज कर अपराधी को हिरासत में रखा गया है। बालोद जिले के एक स्कूल का था जिसमे आरोपी शिक्षक ने लड़कियों से छेड़छाड़ का मामला था जो एक अखबार में इसे दिया गया था जिसे आयोग की अध्यक्ष ने तत्काल इस मामले को स्वतः संज्ञान में लिया था जिसके बाद आरोपी को बालोद पुलिस ने गिरफ्तार कर हिरासत में ले लिया है।


सुनवाई के दौरान एक प्रकरण नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी को अध्यक्ष पद में हार का सामना करना पड़ा था जो इस प्रकरण में अनावेदक है और उनके द्वारा अपनी पार्टी कार्यालय में एक लिखित शिकायत किया गया था जिसमें आवेदिका का नाम एवं दो अन्य संदेही के उपर उन्हें क्रास वोटिंग का संदेह था। जिस पर पार्टी बैठक में अनावेदकगणों ने यह निर्णय लिया किया इस आवेदन को प्रदेश भाजपा कार्यालय भेजा गया और अनावेदकगणों अनुशंसा के लगभग 02 वर्ष बाद आवेदिका को भारतीय जनता पार्टी से निष्काषित कर दिया गया। आयोग द्वारा उभय पक्ष को सुना गया चुंकि यह प्रकरण नगर पालिका परिषद चुनाव में क्रास वोटिंग के दुष्परिणाम के कारण समाचार पत्रों में छपी खबर से आवेदिका को अपनी मानहानी कारक लगी है  आयोग द्वारा पुछे जाने पर आवेदिका ने कहा कि इन अनावेदक के संबंध में पुलिस अधीक्षक कार्यालय बालोद में भी शिकायत दी गई है जिसमें किसी प्रकार की कार्रवाई नही हुई है। आवेदिका के द्वारा प्रस्तुत प्रकरण उनकी व्यक्तिगत मानहानी और अनावेदकों के द्वारा चुनाव में क्रास वोटिंग के विषय से जुड़ा है। जिस पर निर्णय केवल न्यायलयीन प्रकरणों के द्वारा ही किया जाना संभव है। जिसका क्षेत्राधिकार केवल दीवानी न्यायालय एवं अपराधिक न्यायालय को है। आयोग ने दोनो पक्षों को समझाईश दिया कि वे चाहे तो एक दुसरे के विरुद्ध मानहानी का दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। इस समझाईश के साथ प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया।  इसी तरह एक अन्य प्रकरण में आवेदक पति ने अपनी पत्नी के गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में वर्ष 2017 में दर्ज कराया है। जिस पर अभी तक आवेदक के पत्नी का पता नहीं चल पाया है। आयोग द्वारा दुर्ग आईजी को पत्र प्रेषित किया जाएगा। जिसकी रिपोर्ट जल्द से जल्द मंगाया जाएगा जिससे इस प्रकरण का निराकरण किया जा सकेगा।


इसी प्रकार एक अन्य प्रकरण में आवेदिका को अनावेदक क्रमांक 01 से किसी भी प्रकार से शिकायत नही है आवेदिका ने बताया कि शेष अनावेदक का कॉन्ट्रेक्ट समाप्त कर दिया था क्योंकि आवेदिका की शिकायत सही पायी गई थी। परंतु इस शिकायत के आयोग में लंबित होने के कारण आवेदिका के संविदा का नवीनीकरण नही किया गया है इस स्तर पर अनावेदक ने कहा की आवेदिका का नवीनीकरण नही हुआ है अनावेदक ने आयोग से निवेदन किया कि आवेदिका के सम्बंधित उच्चाधिकारियों को पत्र जारी कर आवेदिका का संविदा वृद्वि करा दिया जाए एवं अनुभव प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया जाए। चूंकि आवेदिका के पास शेष अनावेदकों का पता नही है इस कारण प्रकरण को जारी रखने का संभव नही है। इस प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया।


एक अन्य प्रकरण में आवेदिका की बहन की फांसी लगाने से हुई मृत्यु को लेकर अनावेदकगणों के उपर शंका है और घटना रायपुर जिले के देवेन्द्र नगर थाने के क्षेत्र में होने के कारण आवेदिका को अब तक पीएम रिपोर्ट की जानकारी नही होने से संदेह और बढ़ गया है और यह प्रकरण समाप्त हो चुका है। परंतु हम लोगों को अब तक परेशान किया जा रहा है। इस प्रकरण को रायपुर जिले की सुनवाई में रखा गया है इस प्रकरण की संपूर्ण जांच के बाद निराकृत किया जाएगा। इसी प्रकार एक अन्य प्रकरण में आवेदिका द्वारा धर्मांतरण के आशंका पर अनावेदको द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था। जिस पर आयोग की अध्यक्ष डॉ नायक ने तत्काल संज्ञान में लेते हुए इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए पुलिस अधिक्षक बालोद को पत्र प्रेषित किया जाएगा। पुलिस प्रतिवेदन आने के बाद इस प्रकरण का निराकरण किया जाएगा।

 

 

 

 

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